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casual, conversational, inquisitive, casual, conversational, enthusiastic, informative, casual, enthusiastic |
reflective, introspective, vulnerable, neutral, contemplative, curious, informal |
neutral, urgent, determined, informative |
neutral, reflective, patriotic, contemplative, hopeful, determined, contemplative |
contemplative, balanced, reflective, contemplative, informative, concerned, urgent, demanding, impatient |
narrative, reflective, conversational, contemplative, informative, factual, contemplative, nostalgic, conversational |
informative, factual, assertive, contemplative, informative, formal, informative, analytical, formal |
informative, formal, professional, formal, informative, repetitive, informative, formal, factual |
neutral, informative, formal, urgent |
humorous, casual, self-deprecating, contemplative, confused, frustrated, contemplative, confused, humorous |
contemplative, philosophical, informal, neutral |
neutral, empathetic, supportive, gentle |
neutral |
contemplative, defensive, assertive, informative, nostalgic, casual, historical, informative, declarative |
neutral, proud, hopeful, inspiring, contemplative, curious, introspective |
neutral, reflective, analytical, comparative |
neutral, observational, analytical, neutral |
neutral |
neutral, worried, contemplative, informative, contemplative, speculative, formal |
contemplative, serious, formal, neutral, contemplative, informative, personal |
contemplative, informative, casual, motivational, empathetic, encouraging |
contemplative, conversational, nostalgic, neutral, nostalgic, contemplative, casual |
contemplative, reflective, personal, neutral |
self-deprecating, hesitant, resigned, reflective, nostalgic, informative, frustrated, conversational, anecdotal |
informative, contemplative, formal, contemplative, conversational, slightly frustrated, neutral |
neutral, casual, humorous, conversational, empathetic, contemplative, informal |
neutral, casual, humble, contemplative, honest, casual, humorous |
neutral, informative, explanatory, academic |
neutral, urgent, pleading, confrontational |
contemplative, informative, casual, reflective, contemplative, informative, contemplative, hopeful, informative |
neutral |
neutral, grateful, celebratory, formal |
neutral |
neutral |
neutral, frustrated, direct, urgent |
neutral |
neutral |
neutral |
neutral, passionate, political, principled |
neutral |
neutral |
neutral, concerned, informative, urgent |
contemplative, informative, casual, neutral, contemplative, informal, nostalgic |
neutral |
narrative, urgent, dramatic, neutral |
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informative, casual, explanatory, neutral, casual, informative, conversational |
neutral, informative, casual, conversational |
पहाड़ों के बीच एक लेक भी छुपी है। सैला लेक। और 13,700 फीट की हाइट पर इतनी ज्यादा हाइट पर यहां पीछे एक खूबसूरत सी लेक भी बनी हुई है। ब्लू कलर के पूरे एकदम इतना सुंदर सा उसमें सनशाइन रिफ्लेक्ट होती हुई बड़ी खूबसूरत लग रही है। और चारों तरफ ये ऑरेंज ग्रासेस दिख रही है अभी जो थोड़े ऑटम के टाइम पे। थोड़ी सी ऑरेंज हो गई है ग्... |
सबसे पहले तो मैं इंडिया टुडे ग्रुप को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। और इस साल सिक्किम का ऐतिहासिक साल है। सकिम इस नाउ कम्प्लीटिंग आवर 50 इयर्स ऑफ गोल्डन जुबली एज ए 22 स्टेट ऑफ इंडिया। इसी अवसर पर मैं सबसे पहले तो मैं अपने राज्यवासी को मैं बहुत बहुत बधाई देना चाहता हूं और आगे के लिए मैं बहुत बहुत शुभकामना व्यक्त... |
ऐसा नहीं है कि महिलाओं को दबाया जाता है। पहले तो यह है कि महिलाएं खुद कुछ करना चाहे, कुछ बनना चाहे। उसके बाद की बात होती है कि हमारा सपोर्ट मतलब चाहे घर से हो चाहे समाज से हो, उनका सपोर्ट बाद में है। पहला तो हमारा खुद का डिसीजन क्या है या हम क्या बनना चाहते हैं। तो जिन्होंने भी सोचा है कुछ करने का, कुछ बनने का तो ऑफकोर... |
साथ में एक कहानी है मुंशी प्रेमचंद की कहानी जिसका शीर्षक है पंच परमेश्वर। यह जुम्मन शेख और अलगू चौधरी की कहानी है, गाढ़े दोस्त थे। बाद में जुम्मन शेख से जुड़ा कोई विवाद हुआ जिसमें अलगू पंच परमेश्वरों में शामिल थे। यह जुम्मन और खाला का जमीन की मिल्कियत का विवाद था। यहां खाला एक बात कहती हैं जो आज की बातचीत की पूर्व पीठ ... |
केस कल तक चला जाएगा दोपहर को। रिव्यू पिटीशंस ये दोपहर को सुन रहे थे हम। तो मुझे इतना ही पूछना था क्या कल के लिए भी हमें स्लॉट रखना चाहिए था। वो वकील साहब जो थे वो बहुत बुरा मान गए। उनको ये लगा कि जब मैंने ये सवाल किया तो मैं उनको ये इंडिकेट कर रहा हूं कि इस केस में कुछ दम नहीं है। तो उन्होंने मुझे कहा कि देखिए इफ यू है... |
2007 का साल था। मैं नया-नया रिपोर्टर था। गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे थे। मेरी तैनाती अमित शाह के घर पे ही हो गई। 2014 के बाद से मेरी अमित शाह से कोई मुलाकात नहीं है। इस बार जब 2019 में नतीजे आ रहे थे तब बीजेपी ने चैनलों में भेजने के लिए 48 प्रवक्ताओं के जो रोस्टर बनाए उसमें से एक भी प्रवक्ता का नाम मेरे कार्यक... |
हीरो जैसे हजारों कार्यकर्ताओं ने काफी काम किया है और विशेषकर उत्तर प्रदेश में तो मान लीजिए कार्यकर्ता जान पर आकर पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए मैदान में था। नहीं, 70 का तो एस्टीमेट नहीं सोचा था, मगर हम इतना निश्चित मानते थे। हमारा स्टेट यूनिट ने जो आकलन करा, हमारा आंतरिक आकलन 62 तक, 62 तक पहुंचता था, मगर हमने थोड़ा ... |
लेकिन ये भी है कि हम लोग हर दफे एक बात कहते हैं कि जो हमसे चुकराएगा, चुर चुर हो जाएगा। जो हम लोग संघर्ष करते हैं, लड़ते हैं, वो लोगों को लड़ाई जिंदगी भर रहेगा आम जनता के लिए। एक बात याद रखना, रोशनी चाप से होता है, सितारों से नहीं, मोहब्बत से होता है, हजारों से भी। हम लोग को लड़ाई आम जनता के लिए लड़ाई, ये लड़ाई हम लोग ल... |
आप पढ़ी लिखी हो कम से कम। अगर आपने मेरे मुतलिक पढ़ा है मेरी तंज़ीम के मुतलिक हमारा एक वाज़िह मौक़फ़ है कोई ढका छुपा मौक़फ़ नहीं है। हम चाहते हैं इंडिपेंडेंट कश्मीर। हम ना पाकिस्तान के साथ में हिंदुस्तान के साथ में। तो मेरी बात सुनिए ना, मेरी बात सुनिए ना, पूरी बात सुन लीजिए। यह हमारा मौकफ है, पॉलिटिकल बिलीफ है। साथ ही साथ हम ... |
ईयर अराउंड वेदर हॉट एंड ह्यूमिड ही होता है और यहां पर बारिश भी किसी भी वक्त आती है। तो आप कभी भी जाइए आपको वेदर ऑलमोस्ट सेम ही मिलेगा बट नवंबर टू जनवरी आपको थोड़ा ज्यादा बारिश मिल सकता है। इन शॉर्ट आप ईयर अराउंड किसी भी मंथ में अपना सिंगापुर ट्रिप प्लान कर सकते हो सिर्फ अकॉर्डिंग टू अस दिसंबर एंड दिवाली पीरियड हो सके त... |
बहुत बहुत प्रभावित हूँ, बहुत इम्प्रेस्ड हूँ कि आप लोगों ने इतने शांतिपूर्ण तरीके से आज यहां पर जमा होकर अपने मन की बात रखी है और बहुत प्रभावित हूं सरकार से भी उन्होंने कोई रोक टोक नहीं लगाया है लोकतंत्र को पनपने दिया है हमारी उम्मीद है कि आगे भी वह ऐसे अभिव्यक्तियों को ऐसे रचनात्मक सृजनात्मक क्रिएटिव कंस्ट्रक्टिव एक्सप... |
सीजी मालिका प्रदेश में हमारा गाँव है। तो हमारा गाँव भी तो प्रभावित होता है। प्रभावित ऐसे होता है कि जो खोणी खदान होगा तो उसका मिट्टी तो हमारा गाँव आएगा। हमारा जो पानी निकलता है, हमारा गाँव पूरा गाँव वही पानी से हम निर्भर करते हैं, वो पानी नहीं मिलेगा। हम वो पानी में हम सालों में 2 बार खेती करता है। वो जो तेज माली से पा... |
हमारा महिला भी तो आजकल बहुत तगड़ा हो गया ना। क्योंकि हमारा अरुणाचल में भी मतलब ऐसे अरुणाचल में बोल के कुछ कुछ जगह में कुछ महिला को भी बंधा हुआ होता है। लेकिन हमारे यहां तो नहीं है हमारे तागिन कल्चर में। हमारा तारीख़ कंसर्न पूरा खुला हुआ है क्योंकि हम मर्द के साथ में भी हम लड़ सकते हैं क्योंकि इलेक्शन में भी जो भी हो पं... |
जो प्रीस्त हो गया, उस सपना में आ जाता है, उसका गोद गिफ्ट है उसको हम लोग का ये। जैसे ये बीमार हो गया, हम ठीक करने से, हम बोलने से। ये ठीक हो जाएगा, मगर हर कोई बोलने से ठीक हो जाएगा ऐसा नहीं है। एक क्लॉन में एक या चार पांच तो होता है। सुपर नेचुरल पावर एक दिया जाता है। भगवान दिया जैसा है। मंदिर में हर कोई जाके पूजा पाठ पं... |
एक नॉन ट्राइब जब जब यहां से भाग के गए ब्रिटिश शेडुलर जीर को करके गया था तो एक जंगल में हम लोग का ट्राइब कम्युनिटी का वहां आ गया था तो वहां में बहुत तीर का बरसात हुआ उसका सारा दोस्त मर गया लेकिन सिर्फ वही बचा था। वो हम लोगों को चीफ के सामने मीन्स मीन्स वो मांगा है। कि उसको लाइफ दे। तो चीफ मान लिया उसके बाद और उसको सर्वा... |
ये न्यूरॉन्स ब्रेन्स में कम से कम 100 अरब की मात्रा में होते हैं जो एक दूसरे से इंटरेक्ट करते हैं और ये बेसिकली डिसाइड करता है कि हम किसी सिचुएशन में कैसे रिएक्ट करें, कैसे एक्ट करें और इनफैक्ट ह्यूमन मेमोरी भी इन न्यूरॉन्स की वजह से ही होती है। फैसिनेटिंग राइट? और यही प्रोसेस, यही कॉम्प्लेक्स प्रोसेस अब रिसर्चर्स मशीन... |
एक आध बार ऐसा होता है कि कोई इंसान इतना बड़ा हो जाता है कि उसकी तारीफ नहीं की जाती। उसकी तारीफ इसलिए नहीं की जाती कि उसकी तारीफ की नहीं जा सकती। ऐसे शब्द ही नहीं होते। और उसकी तारीफ करने की कोई जरूरत भी नहीं होती। कोई नहीं कहता है कि शेक्सपियर बहुत अच्छा राइटर था। कोई नहीं कहता है कि माइकल एंजेलो बहुत अच्छे स्टैचू बनात... |
47 तक तो मैं नौकर थी प्रफुल्ल पिक्चर्स में। पर मास्टर गुलाम हैदर की डेथ, मास्टर सॉरी, विनायक राव की डेथ हुई। अगस्त में और उनके मेरे ख्याल आठ दस दिन के बाद मेरे पास हमारे कैमरामैन थे। तो वो आए, उन्होंने कहा उनका नाम था पापा बुलबुले। उन्होंने कहा लता। एक म्यूजिक डायरेक्टर हैं। उनका नाम है बाली कुछ हरिश्चंद्र बाली। तो वो ... |
क्या है कि हम आर्मी फैमिली से बिलोंग करते हैं और आर्मी फैमिली के इर्द गिर्द बड़े बड़े हुए हैं हम, तो हम हिंदी के प्रति हमारा बहुत बड़ा रुचि है और हिंदी हम जानते हैं हिंदी कितना महत्व रखता है एक आम आदमी के ज़िंदगी में, तो मिजोरम में हिंदी बहुत कम लोग उपयोग करते हैं तो। जब हमने जाना कि हिंदी का वातावरण बिल्कुल मतलब बहुत ... |
ये प्रस्ताव लेकर के कि भाई आप जो है जो भी रखना है रखो हमको 5 गांव दे दो और फिर कौरव वहां पर बहुत गुस्सा हो जाते हैं और नाराज हो जाते हैं और कहते हैं कि भाई जो दूत आया है कृष्ण इसी को बांध लो इसी को अब ये सब इसी को अपने पास रख लो फिर पांडव क्या कर पाएंगे वहां पर कृष्ण भगवान अपने रूप में आ जाते हैं। भगवान के रूप में, विश... |
हेलो दोस्तों। आपने आखरी बार किसी एटीएम से कैश कब निकाला था? यूपीआई ने इंडिया के शहरों में रहने वाले कई लोगों के लिए एटीएम्स का इस्तेमाल कम या लगभग खत्म ही कर दिया है। लेकिन मानो या ना मानो इंडिया के पास अपनी हिस्ट्री में आज तक का सबसे ज्यादा फिजिकल कैश है। आरबीआई के करेंसी इन सर्कुलेशन डेटा के मुताबिक इंडिया में सर्कुल... |
ये डिफरेंसेस हैं। पॉइंट नंबर 1, एक एआई टूल एक स्पेसिफिक कैटेगरी का टास्क अच्छे से कर पाता है। चैट जीपीटी लिखने में अच्छा है, नैनो बनाना इमेजेस में अच्छा है, गामा प्रेजेंटेशन में अच्छा है। एआई एजेंट ऑन दी अदर हैंड अलग-अलग टूल्स को यूज करके बहुत चीजें कर सकता है। तो मेरा कस्टमर आउटरीच एजेंट पहले चैट जीपीटी पर जाएगा, प्रप... |
तो हम क्या करेंगे? हम एक कांसेप्ट पढ़ेंगे आज लेकिन बहुत डिटेल में पढ़ेंगे। सबसे पहली चीज जिसकी हम बात करने वाले हैं म्यूजिक थ्योरी में, वो है पिच। पिच क्या होती है? सबसे पहले इस चीज को समझते हैं। पिच वो कैरेक्टरिस्टिक होता है साउंड का जिसके बेसिस पे हम डिस्टिंक्शन बना पाते हैं कि ये साउंड और ये साउंड में क्या फर्क है। जै... |
जो वाकई में मेरे साथ जिंदगी में हुआ था। बहुत चैलेंजिंग फेज था। जहां पता ही नहीं है कि तुम एक फ्रेशर हो, तुम नए-नए काम कर रहे हो। सडनली बॉस भी मांग रहा है, कोई और टीम वाले भी मांग रहे हैं कि ये भी काम कर दे, ये भी काम कर दे, ये भी काम कर दे। आपको ना बोलना आता नहीं है, आप सीखे भी नहीं हो। आपको लगता है कि ना बोलेंगे तो नौ... |
इस टेक्स्ट में म्यूजिक पर इम्पोर्टेन्ट चैप्टर्स हैं और म्यूजिक की बाइस श्रुतिज यानी कीज का डिस्क्रिप्शन भी इसी टेक्स्ट में किया गया है। इसके अलावा नाइंथ सेंचुरी में मातंग द्वारा लिखे गए बृहदेशी में वर्ड राग को डिफाइन किया गया। थर्टीनथ सेंचुरी म्यूजिकोलॉजिस्ट सारंगदेव के द्वारा लिखे गए क्लासिक टेक्स्ट संगीत रत्नाकर में ... |
कथक नृत्य की वास्तविक उत्पत्ति ब्रजभूमि से हुई है। कहा जाता है कि कथक की शुरुआत कथा कहे सो कथक कहावे नाम की लोकोक्ति से हुई है। जिसका अर्थ है वो जो कहानियां कहता है वो कथाकार या कथक है। कथक को नटवरी नृत्य भी कहा जाता है। कथक नृत्य रामायण, महाभारत और कृष्ण के विषयों के इर्द-गिर्द घूमता है। इसमें पद संचालन और आकर्षक मुद्... |
हां, यहां किले की दीवारों के ऊपर, नीचे तलघर में या समतल पर या भू पर। कुछ जनश्रुतियों का पहरा यहां लगा है जो मुझे भयानक कर देती हैं छूकर। तुम डरो नहीं। वैसे डर कहां नहीं है? पर खास बात डर की कुछ यहां नहीं है। बस एक बात है, वह केवल ऐसी है। कुछ लोग यहां थे। अब वो यहां नहीं है। यहाँ बहुत दिन हुए एक थी रानी इतिहास बताता नही... |
इसी वृक्ष के तने से पीठ सटाकर दृढ़ निश्चय करके पद्मासन में बैठ गए। संकल्प किया कि चाहे मृत्यु आ जाए, अंतिम सत्य को जाने बिना मैं इस आसन का त्याग नहीं करूंगा। यहां आसन योग सूत्र में बताए गए स्थिरता के लक्षण की पराकाष्ठा को छूता है। उस समय उनकी जीभ तालू से लग गई थी। इसको हम खेचरी मुद्रा का एक रूप मान सकते हैं। आखिर वैशाख... |
पब्लिक वाईफाई यूज करने में रिस्क क्या हो सकता है उसके पहले हम समझते हैं वाईफाई काम कैसे करता है बहुत सिंपल तरीके में है तो बहुत टेक्निकल बात नहीं करने वाले आज हम बहुत सिंपलीफाई करेंगे सारी चीजों को तो जैसे हम अपने फोन को वाईफाई या लैपटॉप को वाईफाई से कनेक्ट करते हैं तो सबसे पहले हमारे फोन से जो डेटा जाता है वो डिफरेंट ... |
बात करते हैं देशांतर रेखाओं की। देशांतर रेखाएं जो होती हैं, वो ध्रुव को जोड़ती हैं। दो ध्रुव हैं आपको पता है। एक आपका उत्तरी ध्रुव है, नॉर्थ पोल जिसको आप कहते हो। एक आपका दक्षिणी ध्रुव है, जिसको आप साउथ पोल कहते हो। तो नॉर्थ पोल से साउथ पोल की तरफ आप एक काल्पनिक रेखा खींच दो। जैसे आपने भूमध्य रेखा खींची थी, वैसे ही यहा... |
imagination, but like, but going from imagination to reality, right? We have been using AI for a very long time. How long, do you guys know? How long have you guys been using AI? Four years? Say yes. Three years? The louder they answer, the better they answer. Two years? Yes, okay, more two years. How much years has it... |
Yeah, thank you for that question. I think, you know, at 17, there were a couple of different things that triggered is the wrong word, that motivated me to start Swatantra. I think from a very young age, I've had a lot of guilt of being born in privilege. And I wanted to do something by myself, uh, to make myself feel ... |
After a couple of hours after making a post on the X, I realized that I received some 5000 sign-ups on the form that I created just for the sake of it, just to make it seem professional. So when we received 5000 sign-ups within 2 hours, that is when I realized, okay, people are really upset and maybe we should just, yo... |
One thing I'd like to do very much is to go through this country, talk to bottom line, take a little bit of money and a pad and paper, a tape recorder and a camera and I'd like to go through this country, walking at a very leisurely pace. Seeing all kinds of people, different races and different cultures and capture th... |
Both. I think we have certainly achieved much, and there has also been, well, a lack of achievement. We haven't done what we wanted to do. So, it's both satisfactory and unsatisfying. I would say that politically, we had advanced. the unity of the country, we've put an end to all the old princely states. We've had thes... |
I met him first, I say, in 1929 through the intervention of a friend of my common friend who asked Mr. Gandhi to see me, you see. So Mr. Gandhi wrote to me saying that he would like to see me. So I went and saw him. That was just before going to the round table conference. And then he came to the second round table con... |
No, it isn't. Now, what happens is this, if you look at the lowest levels of recruitment to the Indian judiciary, the district judiciary which is the base of the pyramid, over 50% of the new recruits coming into our states are women. There are states in which the recruitment of women goes up to 60 or 70%. Now what happ... |
Look forward to our third panel discussion on essential pillar of healthcare transformation, embedding patient safety into institutional governance and healthcare delivery system. That is, can India institutionalize patient safety? from vulnerability standards to systematic governance. May I request our esteemed paneli... |
But I think somewhere when it comes to implementation, there is a little gap in actually translating it into the systems. And that is where we have to work on. As on date, if I know my figures right, 4000 hospitals are NABH accredited. And another 25, it is 25,000 it is said. are from various other agencies like QI, Dr... |
I'm walking into the comedy club and I do this, you know, to check for my bag. It was not. I didn't panic. I'm like, I have another shoulder. It's probably on my spare one. That's why we have two. So then do like this. Now we are panicking. Shoulder check complete. Shoulder two back zero. What should you do in this sit... |
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