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|---|---|---|
1,115 | गोविंदा का करियरग्राफ गिरने के साथ डेविड धवन का जादू बिखर गया। | negative |
1,117 | पुरानी फिल्म के प्रति नॉस्टेलजिक होना ठीक है। | neutral |
1,118 | सई परांजपे की 'चश्मे बद्दूर' अच्छी और मनोरंजक फिल्म थी। | positive |
1,120 | यह मूल से बिल्कुल अलग फिल्म है। | neutral |
1,122 | 'चश्मे बद्दूर' की अविराम हंसी के लिए सबसे पहले साजिद-फरहाद को बधाई देनी होगी। | positive |
1,123 | उनकी पंक्तियां कमाल करती हैं। | positive |
1,124 | उन पंक्तियों को अली जफर, सिद्धार्थ और दिव्येन्दु शर्मा ने सही टाइमिंग के साथ बोल कर ज्यादा हास्यप्रद बना दिया है। | negative |
1,125 | अली जफर, सिद्धार्थ और दिव्येन्दु शर्मा की तिगड़ी फिल्म को बगैर ब्रेक के इंटरवल तक ले जाती है। | negative |
1,126 | फिल्म इतनी तेजी के साथ आगे बढ़ती है कि कुछ सोचने-समझने की फुर्सत नहीं मिलती है। | negative |
1,127 | इस फिल्म की कहानी मूल फिल्म के केंद्रीय भाव पर ही आधारित है। | neutral |
1,128 | चरित्र और परिवेश बदल गए हैं। | neutral |
1,129 | कुछ किरदारों को बिल्कुल नए रंग-ढंग में पेश किया गया है। | neutral |
1,130 | ऋषि कपूर और लिलेट दूबे का रोमांटिक ट्रैक सुंदर बन पड़ा है। | positive |
1,131 | अनुपम खेर अपने डबल रोल में जमते हैं। | positive |
1,134 | दरअसल,अनुपम खेर ने इतनी ज्यादा और साधारण फिल्में की हैं कि हम उनकी विशेषताओं को तूल नहीं दे सके। | positive |
1,135 | ऋषि कपूर के बोले अंकों से संबंधित मुहावरों के अंक कम-ज्यादा कर लेखक ने उन्हें नया आयाम और हास्यपूर्ण अर्थ दे दिया है। | positive |
1,136 | 'चश्मे बद्दूर' आज की फिल्म है। | neutral |
1,137 | आज के युवा दर्शकों को यह फिल्म पसंद आएगी। | positive |
1,138 | इंटरवल तक बेरोकटोक आगे बढ़ रही फिल्म द्वंद्व जाहिर होने के बाद थोड़ी धीमी हो जाती है। | negative |
1,139 | कभी-कभी ठहर भी जाती है। | negative |
1,140 | लेखक-निर्देशक उसे खींच-खींच कर आगे बढ़ाते हैं। | negative |
1,141 | नायक की दशा से पिघलकर मदद के लिए दोनों दोस्तों के तैयार होने का प्रसंग कमजोर और जल्दबाजी में है। | negative |
1,142 | और अच्छी बात यही है कि डेविड धवन की 'चश्मे बद्दूर' मूल से अलग होने के बावजूद निराश नहीं करती। | positive |
1,143 | एक नई मनोरंजक फिल्म का एहसास देती है। | positive |
1,144 | लालच और उपभोक्तावाद के इस दौर में मंजुनाथ की ईमानदारी और निष्ठा पर अधिकांश व्यक्तियों की यही प्रतिक्रिया होगी, 'इडियट था साला'। | negative |
1,145 | संदीप वर्मा की फिल्म 'मंजुनाथ' मंजुनाथ षणमुगम के बॉयोपिक में इन सवालों से सीधे नहीं टकराती। | neutral |
1,146 | वह षणमुगम की सरल ईमानदारी को ज्यों का त्यों पेश कर देती है। | neutral |
1,147 | उसे देखते हुए हमें मंजुनाथ के साहस का एहसास होता है। | neutral |
1,148 | भ्रष्ट संसार पर गुस्सा आता है और खुद पर शर्म आती है। | negative |
1,149 | मंजुनाथ का व्यक्तित्व इस फिल्म के माध्यम सक हमारे जमीर को झकझोरता है। | positive |
1,150 | संदीप वर्मा ने मंजुनाथ की इस कहानी के लिए हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय चेहरों का सहारा नहीं लिया है। | positive |
1,151 | मंजुनाथ की शीर्षक भूमिका में सशो सतीश सारथी का चयन उल्लेखनीय है। | positive |
1,152 | सतीश सारथी के अभिनय और चरित्रांकन में हिंदी फिल्मों के व्याकरण का उपयोग नहीं किया गया है। | negative |
1,153 | निर्देशक ने सतीश सारथी ने चरित्रांकन में संयम और सादगी से काम लिया है। | positive |
1,154 | ऐसे अनेक दृश्य हैं, जहां लेखक, निर्देशक और कलाकार मैलोड्रामैटिक हो सकते थे। | neutral |
1,155 | यदि वे ऐसा करते तो फिल्म अपने उद्देश्य से खिसक जाती। | negative |
1,156 | संदीप वर्मा ने फिल्म की प्रस्तुति वास्तविक रखा है। | neutral |
1,157 | सीमित बजट में बगैर ताम-झाम के परिवेश की रचना की गई है। | neutral |
1,158 | फिल्मांकन में भी प्रचलित लटकों-झटकों का इस्तेमाल नहीं है, इसलिए इस फिल्म की ताजगी प्रभावित करती है। | positive |
1,159 | 'मंजुनाथ' हमारे दौर की जरूरी फिल्म है। | positive |
1,160 | यह समाज के समकालीन नायक पर बनी बॉयोपिक है। | positive |
1,161 | पिछले साल ऐसे ही एक नायक शाहिद आजमी की जीवनी हमने 'शाहिद' में देखी थी। | positive |
1,162 | इन दिनों हिंदी फिल्मों में कथ्य और नायकत्व में इस तरह के सराहनीय प्रयोग हो रहे हैं। | positive |
1,163 | सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से सिनेमाघरों में जाने वाले आम दर्शकों को ऐसी फिल्मों से परेशानी हो सकती है, लेकिन सिनेमा सिर्फ एंटरटेनमेंट, एंटरटेनमेंट और एंटरटेनमेंट भर नहीं है। | negative |
1,164 | सिनेमा समकालीन यथार्थ का चित्रण भी है ताकि हम अपने समय को समझ सकें। | positive |
1,165 | 'मंजुनाथ' में कलाकारों का चुनाव महत्वपूर्ण है। | positive |
1,166 | मंजुनाथ के माता-पिता के रूप में किशोर कदम और सीमा विश्वास ने अपने बेटे को खोने के दुख को भावपूर्ण तरीके से व्यक्त किया है। | positive |
1,167 | दिव्या दत्ता अपनी आक्रामक भूमिका से प्रभावित करती हैं। | positive |
1,168 | यशपाल शर्मा ने कस्बाई माफिया की मानसिकता को आत्मसात कर गोलू गोयल के किरदार को विश्वसनीय बना दिया है। | positive |
1,169 | फूहड़ और फार्मूला कामेडी की हमें आदत पड़ चुकी है। | neutral |
1,170 | फिल्मों में हंसने की स्थितियां बनाने के बजाए लतीफेबाजी और मसखरी पर जोर रहता है। | positive |
1,171 | सुने-सुनाए लतीफों को लेकर सीन लिखे जाते हैं और उन्हें ही संवादों में बोल दिया जाता है। | neutral |
1,172 | ऐसी फिल्में हम देखते हैं और हंसते हैं। | positive |
1,173 | इनसे अलग कोई कोशिश होती है तो वह हमें नीरस और फीकी लगने लगती है। | negative |
1,174 | 'नौटंकी साला' प्रचलित कामेडी फिल्मों से अलग है। | neutral |
1,175 | नए स्वाद की तरह भाने में देरी हो सकती है या फिर रोचक न लगे। | negative |
1,176 | थोड़ा धैर्य रखें तो थिएटर से निकलते समय एहसास होगा कि स्वस्थ कामेडी देख कर निकल रहे हैं, लेकिन 'जंकफूड' के इस दौर में 'हेल्दी फूड' की मांग और स्वीकृति थोड़ी कम होती है। | positive |
1,177 | रोहन सिप्पी ने एक फ्रांसीसी फिल्म की कहानी का भारतीयकरण किया है। | neutral |
1,178 | अधिकांश हिंदी दर्शकों ने वह फिल्म नहीं देखी है, इसलिए उसका उल्लेख भी बेमानी है। | negative |
1,179 | यहां राम परमार (आयुष्मान खुराना) है। | neutral |
1,180 | वह थिएटर में एक्टर और डायरेक्टर है। | neutral |
1,181 | एक रात शो समाप्त होने के बाद अपनी प्रेमिका के साथ डिनर पर जाने की जल्दबाजी में उसके सामने आत्महत्या करता मंदार लेले (कुणाल राय कपूर)आ जाता है। | neutral |
1,182 | वह उसकी जान बचाता है। | positive |
1,183 | एक चीनी कहावत है कि आप जिसकी जान बचाते हैं, उसकी जिंदगी आप की जिम्मेदारी हो जाती है। | neutral |
1,184 | यह मुहावरा राम के जीवन में चरितार्थ होने लगता है। | neutral |
1,185 | हताश मंदार की जिदगी को ढर्रे पर लाने के लिए राम को वास्तविक जिंदगी में नौटंकी करनी पड़ती है। | neutral |
1,186 | इस नौटंकी के दरम्यान वह खुद इमोशनल जाल में फंसता है। | negative |
1,187 | मजेदार स्थिति बनती है। | positive |
1,188 | भावनात्मक आवेश में स्थितियां अनियंत्रित होती हैं और अनचाहे परिणाम दे जाती हैं। | negative |
1,189 | रोहन सिप्पी ने किरदारों के अनुरूप कलाकारों को चुना है। | positive |
1,190 | हिंदी फिल्मों में कलाकारों के साथ दर्शकों का अनोखा रिश्ता होता है। | positive |
1,192 | नई फिल्म देखते समय हम कलाकारों की उस पहचान और रिश्ते का इस्तेमाल करते हैं और अधिक आनंदित होते हैं। | positive |
1,194 | आयुष्मान खुराना ने राम की नौटंकी को अच्छी तरह पर्दे पर जीवंत किया है। | positive |
1,196 | थिएटर के प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे कलाकार ने प्रभावित किया है। | positive |
1,197 | लड़कियों की भूमिका सीमित थी। | negative |
1,198 | उन्होंने अपनी सीमाओं में निराश नहीं किया है। | negative |
1,199 | नयी होने से उनमें एक ताजगी है। | positive |
1,200 | पूजा साल्वी, गेलिन मेंडोसा और एवलिन शर्मा उम्मीद जगाती हैं। | positive |
1,201 | रोहन सिप्पी की फिल्मों में गीन-संगीत थोड़ा अलग रहता है। | neutral |
1,202 | इस बार उन्होनें पुराने गीतों का सुंदर उपयोग किया है। | neutral |
1,203 | पुन:श्च - फिल्म में चल रहे नाटक रावणलीला की प्रस्तुति एकदम नयी है। | positive |
1,204 | रंगकर्मी यहां से रामलीला को नए ढंग से प्रस्तुत करने की प्रेरणा ले सकते हैं। | neutral |
1,205 | बालाजी मोशन पिक्चर्स की 'रागिनी एमएमएस 2' अपने इरादे में स्पष्ट है। | positive |
1,206 | हॉरर और सेक्स के मेल से आम दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनी यह फिल्म अपने मकसद में सफल रहती है। | positive |
1,207 | निर्देशक भूषण पटेल ने पिछली फिल्म के तार नई फिल्म की कहानी से जोड़ दिए हैं। | neutral |
1,208 | साथ ही एक अघोषित प्रयोग भी किया है। | neutral |
1,209 | 'रागिनी एमएमएस 2' में सनी लियोनी स्वयं के किरदार में हैं। | neutral |
1,210 | इस फिल्म के लिए चुनने के साथ उन्हें उनके अतीत के संदर्भ के साथ पेश किया गया है। | neutral |
1,211 | अगर निर्माता-निर्देशक 'जिस्म 2' का भी हवाला दे देते तो संदर्भ दमदार हो जाता। | positive |
1,212 | 'रागिनी एमएमएस' की घटना से प्रभावित फिल्मकार उस खौफनाक घटना पर फिल्म बनाना चाहता हे। | neutral |
1,213 | फिल्म के लिए वही उसी शापित बंगले में जाता है। | neutral |
1,214 | सनी लियोनी अपने किरदार के बरे में जानने-समझने के लिए मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती रागिनी से मिलती है। | neutral |
1,215 | हंसी-मजाक के माहौल में फिल्म की शूटिंग आरंभ होती है। | neutral |
1,217 | बंगले में बंधी चुड़ैल जाग जाती है और वह एक-एक कर सभी की जान लेती है। | negative |
1,218 | लेखक-निर्देशक ने इस बार एक मनोचिकित्सक को भी रखा है, लेकिन दुर्भाग्य से वह फिल्म के क्लाइमैक्स में विज्ञान को भूल तंत्र-मंत्र का ही सहारा लेती है। | neutral |
1,219 | सनी लियोनी हिंदी फिल्मों में आने के पहले पोर्न स्टार रही हैं। | neutral |
1,220 | फिल्म का एक किरदार जब ताने मारने के साथ सनी को छेड़ता है और चुनौती देता है तो वह पोर्नो के लिए उपयोगी 'आह..उह' का प्रदर्शन करती है और चुनौती देती है कि जरा वैसा अभिनय कर के दिखाए। | neutral |
1,221 | बतौर अभिनेत्री सनी लियोनी की स्वीकृति में अभी तक उनका अतीत आड़े आ रहा है। | negative |
1,222 | इस फिल्म में सनी लियोनी ने अपने किरदार के साथ जीने की कोशिश की है। | positive |
1,223 | बाकी अपनी छवि के इस्तेमाल में उन्हें कोई हिचक नहीं रही है। | positive |
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