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|---|---|---|
421 | रजनीश दुग्गल, राहुल देव और अन्य सहयोगी किरदारों में आए कलाकार ठीक-ठाक हैं। | positive |
422 | फिल्म का गीत-संगीत मधुर है और इन्हें भव्य तरीके से वीडियो म्यूजिक की तरह फिल्माया गया है। | positive |
423 | उन्हें फिल्म का हिस्सा समझकर न देखें। | neutral |
424 | आशु त्रिखा की नई पेशकश 'एनिमी' कुछ नए ट्विस्ट और टर्न के साथ आई है। | positive |
425 | उन्होंने बार-बार देखी जा चुकी कहानियों में ही नवीनता पैदा करने कोशिश की है। | positive |
426 | कुछ नए दृश्य गढ़े हैं। | positive |
427 | अनुभवी अभिनेताओ को मुख्य किरदार सौंपा है। | positive |
428 | ड्रामा और एक्शन का स्तर बढ़ाया है। | positive |
429 | फिर भी 'एनिमी' अपनी सीमाओं से निकल नहीं पाती। | negative |
430 | इस फिल्म में हालांकि अनेक किरदार हैं, लेकिन गौर करें तो मुख्तार के इर्द-गिर्द ही कहानी चलती है। | neutral |
431 | मुख्तार की भूमिका में जाकिर हुसैन ने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। | positive |
432 | वे उम्दा अभिनेता हैं। | positive |
434 | उनके चरित्र को गढ़ने में लेखक-निर्देशक ने मेहनत भी की है। | positive |
435 | 'एनिमी' में सुनील शेट्टी, मिथुन चक्रवर्ती, जॉनी लीवर, के के मेनन और महाअक्षय ने अपने किरदारों को जीवंत करने की भरपूर कोशिश की है। | positive |
436 | जॉनी लीवर अभिनय की अपनी आदतों से इस भिन्न किरदार में भी बाज नहीं आते। | positive |
437 | के के मेनन और सुनील शेट्टी की मेहनत दिखाई पड़ती है। | positive |
438 | फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती और उनके पुत्र महाअक्षय पर विशेष ध्यान दिया गया है। | positive |
440 | आठवें-नौवें दशक की मारधाड़ की मसाला फिल्मों की शैली में बनी ऐसी फिल्मों के दर्शक आज भी मौजूद हैं। | positive |
443 | अभिनय की बात करें तो पूरी फिल्म में श्रीदेवी छाई हुई हैं, लेकिन दूसरे कलाकार भी छोटे रोल में होने के बावजूद अहम लगते हैं, जैसे सतीश, सपना, सागर और अंग्रेजी सीखने वाला फ्रेंच साथी, जिसकी भूमिका मेहंदी नेब्बू ने निभाई है। | positive |
444 | श्रीदेवी इसमें रूप से ज्यादा काम से खूबसूरत दिखी हैं। | positive |
445 | कई बार तो उनकी भावनाएं दिल को चीरती सी लगती है। | negative |
446 | आदिल हुसैन, सुलभा देशपाडे, प्रिया आनद ने अच्छा काम किया है। | positive |
447 | मेहमान भूमिका में अमिताभ बच्चन भी छाप छोड़ जाते हैं। | positive |
448 | निर्देशक गौरी शिदे ने कहानी को इस तरह से पेश किया है कि दर्शकों का दिमाग कहीं और नहीं जाता। | positive |
451 | अब्बास-मस्तान की तरह वे दोनों भी सहोदर भाई हैं। | neutral |
452 | वे लतीफों को दृश्य बनाने में माहिर हैं, जिन्हें रोहित शेट्टी रोचक, रंगीन और झिलमिल तरीके से चित्रित करते हैं। | positive |
453 | 'गोलमाल' से 'चेन्नई एक्सप्रेस' तक के कामयाब सफर वे इस प्रकार के मनोरंजन में सिद्धहस्त हो गए हैं। | positive |
455 | मनुष्य और पशु के रिश्ते को मजाकिया तरीके से पेश करती 'एंटरटेनमेंट' एक मजाक बन कर रह जाती है। | negative |
457 | फिल्म के कुछ लक्षण उल्लेखनीय हैं। | positive |
458 | कुछ दृश्यों में सारे संवाद हिंदी क्रियाओं के साथ बोले गए अंग्रेजी शब्दों में हैं। | neutral |
459 | यह वही भाषा है, जो शहरों में हिंग्लिश के रूप में विकसित हुई है। | positive |
460 | लेखक ने बेहिचक यह प्रयोग किया है। | neutral |
461 | अक्षय कुमार ने कल्पित दृश्यों में अपनी छवि और उम्र की परवाह न करते हुए बचकानी हरकतें की हैं। | negative |
462 | अभिनय में यह एक प्रकार की सकारात्मक निर्लज्जता है, जो गहन आत्मविश्वास से आती है। | positive |
463 | अक्षय कुमार ने निर्देशक की सौंपी जिम्मेदारी को बगैर लाग-लपेट के निभाया है। | negative |
464 | कृष्णा अभिषेक ने किरदार की फूहड़ता बनाए रखी है। | positive |
465 | फिल्म कलाकारों के नाम लेकर बोले गए उनके संवाद कुछ प्रसंगों के बाद अपनी नवीनता और प्रभाव खो बैठते हैं। | negative |
466 | जॉनी लीवर, मिथुन चक्रवर्ती और तमन्ना के चरित्रों में कोई नयापन नहीं है। | negative |
467 | सोनू सूद और प्रकाश राज किरदार के सांचे में घुसने की असफल कोशिश करते रह गए हैं। | negative |
468 | कोशिशों के बावजूद 'एंटरटेनमेंट' वैसी संवेदना नहीं जगा पाती। | negative |
469 | खास कर शीर्षक भूमिका के लिए चुने गए जूनियर ने निराश किया है। | negative |
470 | कमी रह गई है जूनियर के एक्सप्रेशन या फिर उसे कैद करने में। | negative |
471 | 'एंटोरेज' टेलीविजन पर सालों पहले एक सक्सेस शो था। | positive |
472 | इसकी कॉमेडी का अपना ब्रांड था क्योंकि यहां पर अजीबोगरीब चुटकुले से हास्य पैदा करने की कोशिश की जाती थी। | positive |
473 | इसे बाद में पसंद किया जाने लगा। | positive |
474 | कुछ ही टीवी शो ऐसे हुए हैं जिनपर बाद में फिल्म बनी और सफल रही। | positive |
475 | ऐसा 'एंटूरेज' को देखकर तो नहीं लगता क्योंकि यह बहुत अच्छी नहीं है। | negative |
476 | इनकी वापसी अच्छी है। | positive |
477 | मगर ऐसा हर साल कई फिल्मों के साथ देखा जाता है कि मजबूत स्टारकास्ट होने के बूत फिल्म सफल नहीं हो सकती है। | negative |
478 | कारण कि फिल्म की मजबूती के लिए बाकी बातें भी जरूरी होती है। | neutral |
479 | केवल जेरेमी पिवन एक नाम है जिन्हें दर्शक जानते हैं। | positive |
480 | फिल्म के साथ एक बात और खलती है कि यहां पर कोई भी किरदार जमकर खड़ा हुआ नहीं दिखता है। | negative |
482 | फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश हुई है तो वो केवल यह है कि यहां पर चुटकुलों को नए अंदाज में पेश करने का प्रयासभर किया गया है। | positive |
483 | फिल्म उस एपिसोड की भांति है जिसे आप रिजेक्ट कर देते हैं। | negative |
485 | फिल्म में ऐसा कोई किरदार भी नहीं है जो आपको बांध सकें। | negative |
487 | ऐसा लगता है कि फास्ट एंड फ्यूरियस के तीसरे हिस्से के बाद वाले जितने भी सीक्वल आए हैं वो अंत तक आते आते कमजोर पड़ जाते हैं। | negative |
488 | डायरेक्टर जस्टिन लिन ने हर किसी को आश्चर्यचकित किया है। | positive |
489 | सीक्वल के ट्रेंड को बदला है। | neutral |
493 | बावजूद इसके उन्होंने निराश नहीं किया। | negative |
494 | फिल्म को जिस उत्साह की जरूरत थी वान ने उस चीज को फिल्म में डाला। | positive |
495 | 'फास्ट एंड फ्यूरियस 7' के प्रमोशन के लिए उत्साहित अली फजल इस बार , शॉ डेकर्ड (जेसन स्टेथम) उस गैंग को तोड़ने के लिए बाहर है जिसके कारण उसके भाई को पिछली फिल्म में अस्पताल जाना पड़ा था। | neutral |
496 | लेकिन यह पहला मौका है जब सीक्वल फिल्म में लगभग सारी बातें सही जगह हुई है। | positive |
498 | फिल्म में कार के साथ ही कुछ किरदार भी बदले गए हैं। | neutral |
499 | नतालिया इम्मान्यूल ने गल गेडोत की जगह ली है। | neutral |
500 | फिल्म में जो महत्वपूर्ण है वो है एक्शन और स्टंट सीन। | positive |
501 | इन सीन्स में ट्रकलोड्स का इस्तेमाल किया गया है। | neutral |
502 | मगर ऊंची ईमारतों से कूदती कार और पहाड़ियों के बीच दौड़ते ये ट्रक आपको हैरान कर देते हैं। | negative |
505 | बाप रे! रिलीज से पहले ही लीक हो गया इस फिल्म का क्लाइमेक्स! | neutral |
506 | केवल एक बात ही है जो इस फिल्म के लिए बुरी है और वो ये कि यह 3डी है। | negative |
507 | एक्शन का हर सीन हिलते हुए कैमरे के साथ 3डी में देखना किसी का भी सिर दुखा सकता है। | negative |
508 | कम लाइट में शूट किए गए कुछ सीन भी दिक्कत का कारण बन सकते हैं क्योंकि 3डी से देखते समय इमेज और भी मद्दम हो जाती है। | negative |
509 | इसके अलावा फिल्म जो कुछ भी दिखाती है अच्छा है। | positive |
510 | इसमें दिवंगत पॉल वॉकर को गुड बाय भी शामिल है। | positive |
511 | एनीमेशन फिल्म 'महाभारत' की एकमात्र खूबी इसके परिचित चरित्रों को मिली पापुलर कलाकारों की आवाज है। | positive |
512 | 'महाभारत' कॉस्ट्यूम ड्रामा होता तो इन कलाकारों को परिचित चरित्रों के रूप में स्वीकार करने में दिक्कत नहीं होती। | positive |
513 | एनीमेशन में परिचित कलाकारों को कॉस्ट्यूम में देखना आंखें को नहीं रमता। | negative |
514 | स फिल्म में एनीमेशन में अधिक मेहनत नहीं की गई है। | negative |
515 | संवादों में व्यक्त भाव चेहरे पर नहीं दिखाई पड़ते। | negative |
516 | ऐसा लगता है कि साधारण तरीकेसे फिल्म पूरी कर दी गई है। | negative |
518 | फिल्म के तकनीकी पक्ष में अधिक मेहनत नहीं की गई है, इसलिए पूरी कोशिश साधारण रह जाती है। | negative |
519 | इस साधारण फिल्म में लोकप्रिय कलाकारों की आवाज का सदुपयोग नहीं हो सका है। | negative |
520 | दर्शकों की प्रतिक्रिया से निराश फिल्म की यूनिट क्लाइमेक्स बदलने तक की बात सोचने लगी थी। | negative |
521 | 'शोले' की मनोरंजक लपट दर्शकों ने धीरे-धीरे महसूस की। | positive |
522 | दर्शकों का प्यार उमड़ा और फिर इस फिल्म ने देश के विभिन्न शहरों में सिल्वर जुबली और गोल्डन जुबली के रिकार्ड बनाए। | positive |
523 | मुंबई के मिनर्वा थिएटर में यह फिल्म लगातार 240 हफ्तों तक चलती रही थी। | positive |
524 | आज के युवा दर्शक इसकी कल्पना नहीं कर सकते, क्योंकि अभी की हिट फिल्में भी 240 शो पार करते-करते दम तोड़ देती हैं। | negative |
525 | तब आंकड़ों में पैसों की नहीं दर्शकों की गिनती होती थी। | neutral |
526 | कह सकते हैं कि 'शोले' हिंदी दर्शकों के बीच सर्वाधिक देखी कई फिल्म है। | positive |
527 | आज भी कहीं बड़े पर्दे पर यह दिखायी जाए तो दर्शक टूट पड़ते हैं। | positive |
528 | कई फिल्में बनने के बाद महत्वपूर्ण और महान हो जाती हैं। | positive |
530 | शुरुआत से ही रमेश सिप्पी ने शानदार बड़ी फिल्म की योजना बनाई थी। | positive |
531 | वे इसमें सफल भी रहे। | positive |
533 | एक बार यह रिश्ता बन गया तो समय के साथ वह निरंतर मजबूत होता गया। | positive |
534 | 'शोले' इन सभी विशेषताओं से सजी मनोरंजन की स्वादिष्ट थाली रही है। | positive |
535 | 38 साल होने जाने के बाद भी इसके रसास्वादन में बासीपन नहीं आया है। | positive |
536 | 'शोले' अपने समय की मल्टीस्टारर फिल्म थी। | positive |
537 | आठवें दशक के सभी पापुलर कलाकारों को इसमें शामिल किया “या था। | positive |
538 | फिल्म के मुख्य किरदारों के साथ-साथ छोटे-मोटे सहयोगी किरदारों के चित्रण पर भी लेखकों ने समुचित ध्यान दिया था। | positive |
539 | यही वजह है कि सिर्फ तीन शब्द 'पूरे पचास हजार' बोलने के बावजूद सांभा दर्शकों को याद रहा। | positive |
540 | कालिया, सूरमा भोपाली, जेलर, नाई, राम लाल, मौसी, अहमद आदि भी अपनी पहचान छोड़ जाते हैं। | positive |
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