Unnamed: 0
int64
1
9.08k
text
stringlengths
10
426
pol
stringclasses
3 values
183
पुराने बॉम्बे के क्रिएशन में उस समय की इमारतों और सवारियों का प्रमुखता से उपयोग किया गया है।
positive
184
पीरियड रचने में यह फिल्म पूरी तरह से सफल रही है।
positive
185
शुरू होते ही फिल्म दर्शकों को उस कालखंड में लेकर चली जाती है।
neutral
186
‘बॉम्बे वेल्वेट’ के कलाकरों के चयन की तारीफ करनी होगी।
positive
187
पहले तो छोटे-मोटे किरदारों में भी सटीक कास्टिंग का श्रेय कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को मिलना चाहिए।
positive
188
उन्होंने खयाल रखा है कि वे स्वाभाविक और फिल्म की संगत में दिखें।
positive
189
प्रमुख कलाकारों में पहले विवान शाह और मनीष चौधरी की बात करें तो उन्होंने सीमित दृश्यों में भी प्रभावित किया है।
positive
190
खास कर मनीष चौधरी लुक और बॉडी लैंग्वेज से किरदार को सही रूप देते हैं।
positive
191
अनुष्का शर्मा ने सिंगर रोजी के किरदार को उसकी खूबियों और विवशताओं के साथ चित्रित किया है।
positive
192
जवानी में भी बचपन के दुखद अनुभवों से खिन्न रोजी को जब इलाज का बेइंतहा प्यार मिलता है तो वह भी मोहब्बत में पैशन दिखाती है।
neutral
193
नाटकीय और रोमांटिक दृश्यों में उनकी संयमित इंटेनसिटी किरदार को प्रभावशाली बनाती है।
positive
194
रोजी जैज सिंगर है।
neutral
195
फिल्म में गानों के दृश्य में अनुष्का को माइक के सामने लक-दक कॉस्ट़्यूम में खड़े होकर गीतों के भाव को चेहरे पर लाना था।
neutral
196
धड़ाम, सेल्विया और नाक पर गुस्सा गानों में वह एक ही पोजीशन में होते हुए भी एक्सप्रेशन में सफल रही हैं।
positive
197
बलराज की भूमिका में रणबीर कपूर उद्घाटन हैं।
neutral
198
अभी तक उनका यह रूप सामने नहीं आया था।
neutral
199
उन्होंने बलराज के गुस्से, ख्वाहिश और बिग शॉट बनने की तमन्ना को पूरे आत्मविश्वास से प्रकट किया है।
positive
200
‘बॉम्बे वेल्वेट’ के सरप्राइज हैं करण जौहर
neutral
202
चिम्मन की भूमिका में सत्यदीप मिश्रा की मौजूदगी हर दृश्य का प्रभाव बढ़ा देती है।
positive
203
अनुराग कश्यप की ‘बॉम्बे वेल्वेट’ हिंदी की बेहतरीन फिल्मों में शुमार होगी।
positive
204
इस फिल्म में उन्होंने क्रिएटिव ऊंचाई हासिल की है।
positive
205
वे हिंदी सिनेमा को नए लेवल पर ले गए हैं।
positive
206
निश्चित ही उनकी अगुआई में इस फिल्म की रिसर्च, लेखन और टेक्नीकल टीम ने उल्लेखनीय काम किया है।
positive
208
अजय चंडोक  इसकी पटकथा पर मेहनत करते-करवाते तो यह बहुत ही रोचक फिल्म हो सकती थी।
negative
210
संजय दत्त अपने पॉपुलर  व्यक्तित्व के बावजूद इस फिल्म के लचर लेखन से किसी भी दृश्य में प्रभावित नहीं कर पाते।
negative
211
अमीषा  अपने नाम से पटेल हटाने के बाद भी कुछ खास नहीं कर सकी हैं।
negative
212
गाने फिल्म में ठूंसे गए हैं।
negative
213
वे लंबे और भद्दे तरीके से फिल्माए गए हैं।
negative
214
रितेश मेनन की 'क्रेजी कुक्कड़ फैमिली' भिन्न किस्म की कॉमेडी फिल्म है।
neutral
215
चार असफल संतानों के पिता बेरी एक बार फिर कोमा में चले गए हैं।
neutral
216
इस बार नालायक संतानों को उम्मीद है कि उनका इंतकाल हो जाएगा।
negative
217
इसी उम्मीद में वे एकत्रित होते हैं।
neutral
219
अनुकूल संवाद लिखें हैं।
positive
222
वे हमें अपनी अदाओं और कारस्तानियों से लुभाते हैं।
positive
223
इस फिल्म का वितान बड़ा नहीं है।
negative
224
फिल्म नए ढंग से कुछ कहने की कोशिश करती है।
positive
225
खास कर समलैंगिकता के मुद्दे को जिस संवेदना स्वीकृति के साथ पेश किया गया है, वह उल्लेखनीय है।
positive
227
संवादों और हाव-भाव में अपने सटीक एक्सप्रेशन से वे प्रभावित करते हैं।
positive
229
कुशाल पंजाबी और सिद्धांत शर्मा ने अपने चरित्रों को सहज रखा है।
positive
230
बाकी कलाकार भी कथ्य को वास्तविक रंग देने में सहायक होते हैं।
positive
231
सीमित घटनाओं और प्रसंगों की इस फिल्म को लेखक-निर्देशक ने संवादों और कलाकारों के सहयोग से रोचक बनाया है।
positive
232
फिल्म में हंसी आती है।
positive
233
प्रकाश झा ने ऐसी फिल्म के निर्माण से सराहनीय काम किया है।
positive
235
पहली फिल्म की कामयाबी, धमाकेदार प्रचार, पॉपुलर गाने, प्रोमो से जगी जिज्ञासा और सब के ऊपर सलमान खान की मौजूदगी..अगर आप ने 'दबंग' देखी और पसंद की है तो 'दबंग 2' देखने की इच्छा करना लाजिमी है।
positive
237
पहली बार निर्देशक की जिम्मेदारी संभाल रहे अरबाज खान ने अपने बड़े भाई सलमान खान के परिचित अंदाज को फिर से पेश किया है।
neutral
238
फिल्म में नवीनता इतनी है कि चुलबुल पांडे के अपने पिता प्रजापति पांडे और भाई मक्खीचंद से मधुर और आत्मीय रिश्ते हो गए हैं।
positive
239
इसकी वजह से एक्शन के दो दृश्य बढ़ गए हैं और इमोशन जगाने का बहाना मिल गया है।
positive
240
'दबंग 2' में 'दबंग' की तुलना में एक्शन ज्यादा है।
positive
241
उसे चुनौती या मुसीबत के रूप में पेश ही नहीं किया गया है।
negative
243
'दबंग' की कहानी 'दबंग' से कमजोर है।
negative
244
सूरज को मुट्ठी में करने और कसने के जोश के साथ चुलबुल पांडे पर्दे पर आते हैं।
positive
245
चारों दिशाओं को थर्रा देने का उनमें दंभ है।
positive
246
ऐसी मसाला फिल्मों में एक्शन, कामेडी, इमोशन आदि भावों के दृश्यों को डाल देने के बाद लेखक-निर्देशक उसे हिलाकर मसालेदार मनोरंजन तैयार करते हैं।
positive
248
लेखक-निर्देशक ने दृश्यों में तारतम्य बिठाने की अधिक कोशिश नहीं की है।
negative
251
हां, एक्शन दृश्यों में चुस्ती, फुर्ती और गति रखी गई है।
positive
252
गानों के फिल्मांकन में भीड़ और लचक बढ़ गई है।
positive
254
फिल्म में अनेक विसंगतियां हैं।
negative
255
मोबाइल युग में हरे पर्दे वाला रेडियो.. यह तो टीवी चैनलों के आने से भी दो दशक पहले की बात है।
negative
256
शहर के सुशिला (सुशीला होना चाहिए) टाकीज में 'शोले' चल रही है, लेकिन चुलबुल पांडे की जीप और खलनायक की गाड़ियां आज की हैं।
negative
257
यहां तक कि कानपुर शहर में जिस अखबार को दिखाया जाता है, वह उस शहर से प्रकाशित ही नहीं होता।
negative
258
फिल्म के दृश्यों और गानों में कमर्शियल टायअप के उत्पादों का बेधड़क इस्तेमाल खटकता है।
negative
260
सलमान खान खुद को इस तरह दोहराते रहेंगे तो जल्दी ही दर्शक उनका स्वागत करना बंद कर देंगे।
negative
262
सोनाक्षी सिन्हा समेत सभी कलाकार बेअसर रहते हैं।
negative
263
निर्देशक ने उन पर ध्यान ही नहीं दिया है।
negative
265
उनकी कमी खलती है।
negative
266
क्रम से आ रही ऐसी फिल्में मुख्यधारा की मसालेदार फिल्मों की खुरचन भर रह गई हैं।
negative
267
उसी के स्वाद से संतुष्ट होने के लिए मजबूर दिख रहे हैं दर्शक,क्योंकि फिलहाल और कोई मसालेदार विकल्प नजर नहीं आ रहा।
negative
268
'दबंग 3' की संभावना का संकेत भी दे दिया गया है।
neutral
269
'दबंग 3' की संभावना का संकेत भी दे दिया गया है।
neutral
270
उन्होंने कुल 32 कहानियां लिखी थीं।
neutral
271
इन कहानियों को बंगाल में फिल्मों और धारावाहिकों में ढाला गया है।
neutral
272
हिंदी में भी एक धारावाहिक 'ब्योमकेश बक्शी' नाम से ही बना था,जिसमें रजत कपूर ने शीर्षक भूमिका निभाई थी।
neutral
273
ताजा हाल रितुपर्णो घोष की बंगाली फिल्म 'सत्यान्वेषी' मे ब्योमकेश बक्शी की भूमिका में 'कहानी' के निर्देशक सुजॉय घोष दिखे थे।
neutral
274
दिबाकर बनर्जी ने शरदिंदु बनर्जी की सभी 32 कहानियों के अधिकार लेकर उन्हें अपनी फिल्म 'डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी' में सुविधानुसार इस्तेमाल किया है।
positive
275
दिबाकर बनर्जी की यह फिल्म यशराज फिल्म्स के सहयोग से आई है।
neutral
276
इसमें ब्योमकेश बक्शी की भूमिका सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे हैं।
neutral
277
'डिटेक्टिव ब्योकेश बक्शी' के आरंभ में फिल्म का प्रमुख सहयोगी किरदार अजीत बंद्योपाध्याय का वॉयसओवर सुनाई पड़ता है, '1942।
neutral
278
सेकेंड वर्ल्ड वॉर जोर पर था।
neutral
279
हम सब कलकत्ता वाले अंग्रेजों और जापानियों की इस लड़ाई में घुन की तरह पिस रहे थे।
negative
280
'डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी' के लिए दर्शकों का चौकस होना जरूरी है।
positive
281
इस मनोरंजक फिल्म के लिए दर्शक सजग और जानकार हों तो ज्यादा मजा आएगा।
positive
282
अन्यथा एक डिटेक्टिव स्टोरी तो है ही।
positive
283
दिबाकर बनर्जी ने 1942-43 के कलकत्ता को पर्दे पर वंदना कटारिया की मदद से रचा है।
neutral
284
उन्होंने शहर के परिवेश को रचने मे बारीकी का पूरा ख्याल रखा है।
positive
285
वास्तु,सड़क और वेशभूषा में पूरी मेहनत की गई है।
positive
286
दिबाकर को वास्तविक लोकेशन के साथ सेट की भी सुविधा रही है।
positive
287
उनकी टीम की कोशिश पीरियड दिखने से अधिक उस परिवेश को सिरजने की रही है,जिसमें ब्योमकेश,अजीत,अनुकूल गुहा,अंगूरी देवी आदि किरदार विचरते हैं।
positive
288
इसे निकोस एंड्रिटसेकिस ने थीम के अनुकूल रंगो और शेड्स में कैमरे में कैद किया है।
positive
290
कहानी के निर्वाह और चित्रण में दिबाकर की तल्लीनता अतिरिक्त विस्तार ले लेती है।
positive
292
हल्का भटकाव नजर आता है।
negative
294
सुशांत सिंह राजपूत उम्दा अभिनेता के तौर पर उभर कर आते हैं।
positive
295
उनके अभिनय की शैली में मधुर ठहराव और औचकपन है।
positive
296
उन्होंने ब्योमकेश को जबरन किसी मैनरिज्म में नहीं ढाला है।
positive
297
समुचित मेकअप और कॉस्ट्यूम से उनका किरदार निखरता है।
positive
298
अजीत की भूमिका में आनंद तिवारी सहज हैं।
positive
299
वे ब्योमकेश का पूरा साथ देते हैं।
positive
300
उसे नीरज कबी ने यथासंभव कहानी के बदलते मोड़ों के साथ प्रस्तुत किया है।
positive
301
अंगूरी देवी की भूमिका में स्वास्तिका मुखर्जी प्रभावित नहीं कर पातीं।
negative
302
सत्यवती की छोटी भूमिका में दिव्या मेनन जंचती हैं।
positive
303
फिल्म की खासियत है कि सभी सहयोगी और छोटे किरदारों पर निर्देशक और उनकी टीम ने ध्यान दिया है।
positive