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304
'हमनी' तो भोजपुरी है।
neutral
305
धर्म पर इधर कई फिल्में आई हैं।
neutral
306
'ओह माय गॉड','पीके' और 'दोजख' के बाद 'धर्म संकट में' भी इसी कैटेगरी की फिल्म है।
neutral
307
यहां भी धर्म और धार्मिकता के पहलू को एक अलग नजरिए से उठाया गया है।
positive
308
फिल्म के नायक या मुख्य अभिनेता परेश रावल हैं।
neutral
309
यह फिल्म इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे फिलहाल भाजपा के सांसद हैं।
positive
310
'धर्म संकट में' ब्रिटिश कॉमेडी फिल्म 'द इनफिडेल' से स्पष्ट रूप से प्रेरित है।
neutral
311
मूल फिल्म की तरह इस फिल्म में भी धर्म और धार्मिक पहचान के संकट का चित्रण कॉमिकल रखा गया है।
neutral
312
ऐसी फिल्मों के लिए परेश रावल उपयुक्त कलाकार हैं।
positive
313
और उन्होंने धर्मपाल के किरदार को अच्छी तरह निभाया है।
positive
314
धर्मपाल त्रिवेदी पारिवारिक व्यक्ति हैं।
neutral
315
अपनी बीवी और बेटी-बेटे के साथ वे सुखी और सानंद दिखते हैं।
positive
316
उनके पड़ोस में मुसलमान नवाब महमूद नाजिम अली शाह खान बहादुर रहने चले आए हैं।
neutral
317
धर्मपाल मुसलमानों को लेकर हमेशा खफा रहते हैं।
negative
318
खान बहादुर से उनकी बक-झक होती है।
negative
319
वे भला-बुरा सुनाते हैं।
negative
320
धर्मपाल की दुविधा तब खड़ी होती है, जब वे बीवी के याद दिलाने पर अपनी दिवंगत मां का लॉकर खोलते हैं।
negative
321
वहीं पता चलता है कि उन्हें गोद लिया गया था।
neutral
322
आगे यह भी मालूम होता है कि वे एक मुसलमान पिता की औलाद हैं।
neutral
323
इस राज के जाहिर होने पर उनके पांव के नीचे की जमीन खिसक जाती है।
negative
324
वे अपने मरणासन्न पिता से मिलने और देखने के लिए पक्के मुसलमान बनने की कोशिश में खान बहादुर की मदद लेते हैं।
positive
325
इस कहानी में नील आनंद बाबा की भी कहानी चलती है।
neutral
326
निर्देशक फुवाद खान ने भारतीय संदर्भ में यहूदी और मुसलमान चरित्रों की मूल कहानी को हिंदी और मुसलमान चरित्रों में बदल दिया है।
neutral
327
उन्होंने मुसलमानों के बारे में प्रचलित धारणाओं और मिथकों पर संवेदनशील कटाक्ष किया है।
positive
329
शायद तह में जाने पर विवाद और विरोध हो सकता था।
negative
330
फुवाद खान का यह प्रयास सराहनीय है।
positive
331
वे दोनों धर्मां में मौजूद कठमुल्लापन पर निशाना साधने में सफल रहे हैं।
positive
332
ऐसी फिल्मों की प्रासंगिकता कलात्मकता या सिनेमाई कौशल से अधिक वास्तविकता से होती है।
positive
333
ऐसी फिल्में एक स्तर पर समाज में फैला भ्रमजाल तोड़ती हैं।
positive
334
फुवाद खान ने सलीके से अपनी बात कही है और किसी भी धर्म के नागरिक को आहत नहीं किया है।
positive
335
उसके हालात और परवरिश ही उसके वर्तमान के कारण होते हैं।
neutral
336
यहां 50 साल की जिंदगी बिता चुका एक व्यक्ति अचानक वाकिफ होता है कि वह पैदाइशी तो किसी और धर्म का था।
neutral
337
पहचान के इस दोराहे पर एक तरफ धर्मपाल की समझ है और दूसरी तरफ भावना व संवेदना...निर्देशक ने धर्मपाल की उलझन को दिखाने की कोशिश की है।
positive
338
परेश रावल की तरह अन्नू कपूर ने भी अपने किरदार को सही तरीके से निभाया है।
positive
339
हां, अन्नू कपूर कभी-कभी अपनी अभिनय शैली के दोहराव के मोह में फंस जाते हैं।
negative
340
फिल्म देखें।
neutral
341
जय और अली के रूप में अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा हैं।
neutral
342
तारीफ करनी होगी कि पहली 'धूम' से लेकर अभी तक उनकी समनुरूपता बनी हुई है।
positive
346
जॉन अब्राहम और रितिक रोशन के बाद 'धूम 3' में आए आमिर खान को छबीली कट्रीना कैफ के साथ मिला है।
neutral
347
दोनों के बीच स्टेज पर केमिस्ट्री दिखती है।
neutral
348
खास कर डांस और सर्कस के करतबों में उनकी जोड़ी प्रभावशाली है।
positive
349
करतब और डांस में निर्देशकऔर संबंधित तकनीशियनों ने भी काफी मेहनत की है।
positive
350
आमिर खान और कट्रीना कैफ भी अपनी तरफ से कसर नहीं रहने देते।
positive
351
इसकेअलावा आमिर खान की हैरतअंगेज बाइक ड्रायविंग है।
positive
352
बाइकऔर चेज 'धूम' सीरिज का खास बात है।
positive
353
'धूम 3' में भी इनका भरपूर इस्तेमाल हुआ है।
positive
354
'धूम 3' तकनीकी स्तर पर प्रभावित करती है।
positive
355
एक्शन भी जोरदार है।
positive
356
लंबे समय के बाद आमिर खान एक्शन दृश्यों में आए हैं।
neutral
357
जॉन अब्राहम और रितिक रोशन की तरह उन्हें भी देहयष्टि दिखानी पड़ी है।
neutral
359
इमोशनल दृश्यों को आमिर खान अच्छी तरह निभा ले जाते हैं।
positive
360
कट्रीना कैफ की चपलता आकर्षक है।
positive
361
उनकेडांस में स्फूर्ति, गति और लयात्मकता है।
positive
362
उनसे नजर नहीं हटती।
positive
363
भाव प्रदर्शन और संवाद अदायगी में वह पिछड़ जाती हैं।
negative
364
'धूम 3' में भी यही हुआ है।
negative
365
जब तक वह डांस और करतब करती हैं, तब तक बहुत प्रभावशाली लगती हैं।
positive
366
वैसे लेखक-निर्देशक ने कम नाटकीय दृश्य देकर उनकी कमी छिपाने की अच्छी कोशिश की है।
negative
367
विजय कृष्ण आचार्य ने 'धूम3' के दृश्य लंबे रखे हैं।
negative
368
फिल्म भी थोड़ी लंबी हो गई है।
negative
369
शहर की खूबसूरती और भव्यता भी फिल्म में प्रभाव में सहायक बनती है।
positive
370
सर्कस के करतब और डांस परफारमेंस के लिए बने सेट आकर्षक हैं।
positive
371
टैप डांस में आमिर खान का कौशल नजर आता है।
neutral
372
पता चलता है किअभ्यास और एकाग्रता से कलाकार नए कौशल सीख सकते हैं।
positive
373
'धूम' सीरिज अपने गीत-संगीत के लिए भी लोकप्रिय है।
positive
374
'धूम 3' का गीत-संगीत उसी प्रवाह में है।
positive
376
सुदीप चटर्जी के खूबसूरत छायांकन से दृश्य-परिदृश्य सुहावने लगे हैं।
positive
377
निर्देशक जैगम इमाम ने अपने ही लिखे उपन्यास 'दोजख' पर बनाई है यह फिल्म और इसका टाइटल भी इसके नाम पर ही रखा है, दोजख : इन सर्च ऑफ हेवेन।
neutral
380
इसके बाद कई भावुक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें बाकी की फिल्म में दिखाया गया है।
neutral
382
इंटरवल से पहले फिल्म की रफ्तार काफी सुस्त है।
negative
383
इसके साथ ही खराब एडिटिंग, बेवजह के बैकग्राउंड म्यूजिक दर्शकों को परेशान करते हैं।
negative
385
झोंपड़पट्टी  की एक साधारण लड़की शबरी अपने भाई और प्रेमी के हत्यारों से बदला लेने का फैसला करती है।
neutral
387
यही वजह है कि फिल्म अंतिक प्रभाव में असरदार नहीं लगती।
negative
388
मुंबई की मलिन बस्तियों के ऐसे दर्जनों किस्से हम ने बड़े पर्दे पर देखे हैं,जिनमें पुलिस या अंडरव‌र्ल्ड से परेशान होकर कुछ किरदार निगेटिव  बन जाते हैं।
negative
389
ललित मराठे ने अपनी फिल्म में मुख्य  किरदार लड़की को रखा है।
neutral
390
यह फिल्म काफी समय पहले बनी थी, उसी समय आ गई रहती तो ज्यादा ताजा और प्रासंगिक लगती।
neutral
391
फिर भी ईशा कोप्पिकर  ने शबरी के किरदार को उसके स्वभाव के अनुरूप निभाया है
positive
392
उन्होंने बॉडी लैंग्वेज  और बोली पर अच्छी  मेहनत की है।
positive
393
ललित मराठे ने उन्हें कुछ नाटकीय दृश्य भी दिए हैं।
neutral
394
किसी भी दृश्य में वे अपनी भाव-भंगिमाओं से कुछ नया जोड़ कर किरदार को विश्वसनीय और दर्शकों का करीबी बना देते हैं।
positive
395
ललित मराठे की यह फिल्म नायिका के एकआयामी  चित्रण का शिकार होती है।
negative
396
शबरी के डॉन  बनने के पर्याप्त कारण फिल्म में नहीं दिखाई देते।
positive
398
अगर बॉबी खान की 'एक पहेली-लीला' को किसी फिल्म के बजाय वीडियो म्यूजिक संकलन के तौर पर देखा जाए तो यह मधुर, रंगीन और आकर्षक है।
positive
399
निर्देशक ने फिल्म को ग्लैमरस बनाने का हर इंतजाम किया है।
positive
400
लंदन से जोधपुर और जैसेलमेर तक के लैंडस्केप हैं और उन सबके बीच खूबसूरत सनी लियोनी हैं।
positive
401
फिल्म में कई बार उनके लिए 'हॉट' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
positive
402
बॉबी खान अपनी इस 'हॉट' एक्ट्रेस का ऑनस्पॉट उपयोग करते हैं।
positive
403
कथाभूमि पर गौर न करें कहानी लंदन से जोधपुर, जैसेलमेर शहरों तक तो आती ही है, समय के हिसाब से सदियों पीछे भी चली जाती है।
neutral
404
प्रेम, पुनर्जन्म, पॉपुलर म्यूजिक, फैशन, फोटोग्राफी, स्टेज परफॉरमेंस जैसी चुनी हुई घटनाओं और प्रसंगों के साथ फिल्म तैयार कर ली गई है।
positive
405
तर्क, कंटीन्यूटी और कथाविस्तार की बारीकियों में जाने पर उलझ जाने का खतरा रहेगा।
negative
406
कहानी एक साथ वर्तमान और अतीत में घूमती है।
neutral
407
अतीत की लीला और वर्तमान की मीरा सनी लियोनी हैं।
neutral
408
बाकी पुनर्जन्म में आए किरदारों के चेहरे बदल गए हैं।
neutral
409
चेहरा वही रखा जाता तो क्लाइमैक्स का विस्मय खत्म हो जाता।
negative
410
सनी लियोनी की संवाद अदायगी में दिक्कत है।
negative
411
'पता' को 'पाता' बोलने जैसी गलतियां अनेक शब्दों में सुनाई पड़ती हैं।
negative
413
निर्देशक को इसकी परवाह नहीं।
negative
414
वह तो दर्शकों को लुभाने के लिए सनी लियोनी को ले आया है।
positive
417
मीरा को यह शॉर्ट स्कर्ट पहनाया गया है।
negative
420
दोहरी भूमिका में सनी लियोनी पर दोहरा दवाब था, इसलिए वह दोहरे स्तर पर अप्रभावित ररती हैं।
negative