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185
मठी होर खजूर पराकड़ी भी भरे टोकरे नाल समोसयां दे
अंदरसे कचौरियां अते लुची बड़े खंड दे खिरमयां खोमयां दे
पेड़े नाल खताइयां गोल गुप चुप बदानयां नाल पलोसयां दे
रांझा जोड़के परे फरयाद करदा वेखो खुसदे साक बेदोसयां दे
वारस शाह नसीब ही पैन झोली करम ढहन नाहीं नाल रांसियां दे | panjabi-pan |
451
जिस मरद नूं शरम न होवे गैरत उस मरद तों चंगियां तीवियां ने
घर सदा ई औरतां नाल सोंहदा शरमवंदते तरदियां बीवियां ने
इक हाल थी मस्त घरबार अदर इक हार शिंगार विच खीवियां ने
वारस हया1 दी पहन चादर अखों नाल जमीन दे सीवियां2 ने | panjabi-pan |
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पई... | chhattisgarhi-hne |
नैना रा लोभी
एजी हाँसा म्हारी रुणक झुणक पायल बाजेसा
नैणा रा लोभी की कर आऊँसा
एजी हाँसा म्हारी सासू सूती ने नन्दल जागे सा
नैणा रा लोभी की कर आऊँसा
म्हारा बाई सा रा बीरा की कर आऊँसा
एजी हाँसा म्हारी रुणक झुणक पायल बाजेसा
नैणा रा लोभी की कर आऊँसा
ननदी रा बीरा की कर आऊँसा
बाई सा रा बीरा की कर आऊँसा
एजी हाँसा म्हारी जेठानी ... | rajasthani-raj |
564
कितों आया ए काल विच भुखा मरदा एह चाक सी महर दियां खोलियां दा
लोक करन विचार जवान बेटी उहनूं फिकर शरीकां दियां बोलियां दा
छैल नढडो वेखके गिरद होया हिलया होया सयालां दियां गोलियां दा
महीं चारके मचया दावयां ते होया वारसी साडियां डोलियां दा
मौजू चैधरी दा पुत आखदे सन पिछलग हजारे दियां ढोलियां दा
हक करीं जोउमर खताब कीता ह... | panjabi-pan |
दो-दो जोगिनिन के बीच
दोदो जोगिनिन के बीच अकेलौ लाँगुरिया ॥ टेक
बड़ी जोगिनी यों कहै मोय टीकौ लादे मोल ।
छोटी जोगिनी यों कहै मोय हरवा लादै मोल ॥
दोदो जोगिनिन के .
बड़ी जोगिनी यों कहै मोय घड़ियाँ लादे मोल ।
छोटी जोगिनी यों कहै , मोय तगड़ी लादै मोल ॥
दोदो जोगिनिनि के .
बड़ी जोगिनी यों कहै मोय साड़ी लादे मोल ।
छोटी जोगिनी य... | braj-bra |
चौथ चन्दा गीत
१ .
खेलत खेलत एक कउड़ी पवनी
उ कउड़ी गंगा दहवऽली
गंगा मुझको बालू दिया , उ बालू गोड़िनिया लिया ।
गोड़िनिया मुझको भार दिया , उ भार घसवहा लिया ।
घसवहा मुझको घास दिया , उ घास गैया लिया ।
गइया मुझको दूध दिया , उ दूध बिलैया लिया ।
बिलइया मुझको चूहा दिया , उ चूहा चिल्होरिया लिया ।
चिल्होरिया मुझको पाँख दिया , उ प... | bhojpuri-bho |
मेरे आगे तेरी उठे कहा है
मेरे आगे तेरी उठे कहा है
एक दरख्त मैंने सुणो बिना जल आप ही बढ़ै
न ले हे सहारो किसी को धरण में आप गढ़ै
बता वह कौन लगावै है डेढ़ फल वाके आवै है
फूल तो दरख्त में ग्यारह बता दे मत हिम्मत हारे
तीन जुग में दरख्त हो है
वा दरख्त का नाम बता दे पूछ रहा तोहे
वा दरख्त का नाम बता दे जिसमें डेढ़ पता है | haryanvi-bgc |
तेलचघी
1
तोरे ददा बाबू देसपति के राजा
अउ काहे गुन रहे गा कुंवारा
हरदी के देस दीदी
हरदी महंगा भइगे , अउ परी सुकाल भइगे
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा
करसा के देस दीदी
करसा महंगा भइगे , बिजना सुकाल भइगे
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा
हरदी के देस दीदी
चाउंर महंगा भइगे , अउ पर्ण भइगे सुकाल
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा
करसा के देस दीदी
मंगरोह... | chhattisgarhi-hne |
हरी ये जरी की हे मां चुन्दड़ी जी
हरी ये जरी की हे मां चुन्दड़ी जी ,
हे जी कोई दे भेजी मेरी माय , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई जी
अलां तो पलां हे मां मेरी घुँघरू जी ,
एजी कोई बीच मायड़ के लाड़ , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई जी
बैठूं तो बाजै हे मां मेरी चुंदड़ी जी ,
ए जी कोई पियारे मायड़ के बोल , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई ज... | haryanvi-bgc |
मुड़ मुड़ डालै झूलती सुनहरी ढोला
मुड़ मुड़ डालै झूलती सुनहरी ढोला
सात जणी कै साथ
बड़ का तो डाला टूट गया
हेरी मेरी सासड़ राणी
साथण्यां का बिछडूया साथ
और सखी सब बाह्वड़ी
हे मेरी बहुअड़ राणी
तैं कित ला दई बार
बाटें तो जांदा बटेऊ
हेरी मेरी सासड़ रानी
झगड़े ते ला दई बार | haryanvi-bgc |
432
घूआं हूंझदा रोयके आह मारे रब्बा मेलके यार विछोड़यो कयों
मेरा रढ़े जहाज सी आन लगा बने लायके फेर मुड़ बोढ़यों कयों
कोई असां थी वडा गुनाह होया साथ फजल दा लदके मोड़यों कयों
वारस शाह इबादतां छडके ते दिल नाल शैतान दे जोड़यो कयों | panjabi-pan |
गोरबंद
लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ऐ ऐ ऐ गायाँ चरावती गोरबन्द गुंथियों
तो भेंसयाने चरावती मैं पोयो पोयो राज मैं तो पोयो पोयो राज
म्हारो गोरबन्द नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्... | rajasthani-raj |
धार नगर नी तुई वो मालनड़ी
धार नगर नी तुई वो मालनड़ी
तुई वो चतरड़ी
सेहरड़ो गूंथी लावजे हो
गूंथतगूंथत सेरिया में आई
सेरिया में आई , बजार में आई
राय हो फलाणा राय नो घर वन्यांनोजी
ऊँचीऊँची मेड़ो , ने लाल किवाड़ो
दिवलो बळे बत्तीस सरियो जी
राय हो फलाना राय नो घर वन्यांनोजी | malvi-mup |
हार सै सिंगार छोरियो कुरता ढीला हे
हार सै सिंगार छोरियो कुरता ढीला हे
किसी सखस नै मोहली चन्द्रो बोल रसीला हे
सुनरे के नै हार घड्या था ज्योड़ा बाट लिया
बेरा ना कद मिलणा होगा छोरा नाट लिया
चलो हे छोरियो छोडण चालो उल्टी बोहड़ ले
जिस साले नै गरज पड़ैगी हाथ जोड़ ले
आ जा जीजा बैठ पिलंग पै दुखसुख की बतला ले
मैं तेरी छोटी साली... | haryanvi-bgc |
दे दे करण तैं दान जाचक खड़े साह्मणै
दे दे करण तैं दान जाचक खड़े साह्मणै
जाचक खड़े साह्मणै , बिप्पर खड़े साह्मणै
कहै करण तम राणी धोरै जाओ
ओ ऊंचा स्ािान दूर नहीं साह्मणै
दे दे करण तैं दान जाचक खड़े साह्मणै
दूर देस्यां के हम हारे थके भोत होए हैरान
कहै करण मेरी ढाल पकड़ा इतणा कर द्यो इहसान
तुम्हारे मुख कै साह्मणै बिपर खड़े... | haryanvi-bgc |
होली गीत
टेक मुरारी झपटियो मेरो चीर मुरारी ।
चौक1 राती घांगर रंग सिर पर झपटी वैसिया वरणी साड़ी ।
कच्चे पक्के डोर रेसम के हो तोड़े
तो झड़गइ कोर किनारी , देखो रे अनोखा खिलाड़ी ,
झपटियो मेरो चीर मुरारी ।
चौक2 सात सखी मिल गई जमना पे
वहाँ बैठे कृष्ण मुरारी ,
घर मेरा दुर घांगर सिर भारी , तो में नाजुग पणियारी
देखो रे अनोखा खि... | bhili-bhb |
हे खड़िआं थी सिरस तलै
हे खड़िआं थी सिरस तलै मेरे सिर गोबर की हेलां
हे वै आवें थे च्यार जणे वे संझा मेरे बीरे
हे मैं भाजूं थी मिलण जुलण मेरा टूट्या नोसर हारा
रे तौं चुगदे रे चिड़ी चिड़कले कित ते आया बनजारा
हे आगम तै आए चिड़ि चिड़कले पाछम तै बनजारा
हे खड़ियां थी सिरस तलै मेरे सिर गोबर की हेलां | haryanvi-bgc |
पलँग ऊपर चाँदनी की जोत, मैं ना रे जानो
पलँग ऊपर चाँदनी की जोत1 मैं ना2 रे जानो3 ।
नइहर वाली लाड़ो4 है अनमोल , मैं ना रे जानो ।
अम्माँ पेयारी लाड़ो है अनमोल , मैं ना रे जानो ॥ 1 ॥
टीका हो तो पलँगे पर पहनइहो5 ।
पलँगे ऊपर चाँदी की जोत , मैं ना रे जानो ।
नइहर वाली लाड़ो है अनमोल , मैं ना रे जानो ॥ 2 ॥
बेसर हो तो पलँगे पर प... | magahi-mag |
घोड़ी सोवै दादा दरबार
घोड़ी सोवै दादा दरबार , बछेरी मेरै मन भावैगी
चरि आवै खेड़े की दूब , बछेरी मेरै मन भावैगी
पी आवै जमुना जल नीर , बछेरी मेरै मन भावैगी
घोड़ी सोवै ताऊ दरबार , बछेरी मेरे मन भावैगी
चरि आवै खेड़े की दूब , बछेरी मेरै मन भावैगी
पी आवै जमुना जल नीर , बछेरी मेरै मन भावैगी | haryanvi-bgc |
आई सोहाग की रात सखी
आई सोहाग की रात सखी ।
माँगे1 लाड़ो के टीका सोभे , मोतिया की आई बहार ।
बहार सखी , आई सोहाग की रात ॥ 1 ॥
नाक लाड़ों के बेसर सोभे , चुनिये2 की आई बहार ।
बहार सखी , आई सोहाग की रात ॥ 2 ॥
कानो लाड़ांे के बाली3 सोभे , झुमके की आई बहार ।
बहार सखी , आई सोहाग की रात ॥ 3 ॥
गले लाड़ो के माला सोभे , हँसुली4 की ... | magahi-mag |
दुलरइता बाबू के बगिया में सीतल हे छँहियाँ
दुलरइता बाबू के बगिया में सीतल हे छँहियाँ ॥ 1 ॥
खेलते धूपते गेली बेटी दुलरइती बेटी ।
ए लपकि1 धयल2 छयला , दाहिन हे बँहियाँ ॥ 2 ॥
छोडू़ छैला , छोडू़ छैला , दाहिन हे बँहियाँ ।
अहे टूटि जयतो संखा चूड़ी , मुरकि3 जयतो हे बँहियाँ ॥ 3 ॥
टूटे देहु , टूटे देहु , संखा चूड़ी मेरौनियाँ4 ।
अ... | magahi-mag |
557
राजे हुकम कीता चढ़ी फौज बांकी आ राह विच घेरयो खेड़यां नूं
तुसी हो सिधे चलो पास राजे छड दयो खां छलां1 झेड़या नूं
सानूं हुकम जो चोर न जान पाए चलो छडो दुखां दयां फेड़यां नूं
पकड़ विच हजूर दे लिआए हाजर राहजनां2 ते खेहरयां भेड़यां नूं
बन्न खड़ांगे इक ते आप चलो नहीं जाणदे असीं बखेड़यां नूं
वारस शाह चन्न सूरजां ग्रहन लगे ... | panjabi-pan |
हाथ सेंनुरवा गे बेटी, खोंइछा जुड़ी पान
हाथ सेंनुरवा गे बेटी , खोंइछा1 जुड़ी2 पान ।
चलली दुलरइती गे बेटी , दादा दरवाज3 ॥ 1 ॥
सुतल4 हल5 जी दादा , उठल चेहाय6 ।
कवन संजोगे गे बेटी , अयली दरवाज ॥ 2 ॥
अरबो7 न माँगियो जी दादा , दादी के सोहाग ॥ 3 ॥
लेहु दुलरइते गे बेटी , अँचरा8 पसार ॥ 4 ॥
अँचरा के जोगवा9 गे दादी , झरिय झुरि जा... | magahi-mag |
मैं तो अकेली राजा घर न लुटाऊँगी
मैं तो अकेली राजा घर न लुटाऊँगी ,
घर न लुटाऊँगी , नेग भी चलाऊँगी ।
मैं तो अकेली राजा घर न लुटाऊँगी ,
सासु अइहें किया मोरा होइहें ।
देवता मनाने अपनी मइया को बुराऊँगी ,
मैं तो अकेली राजा घर न लुटाउँगी ।
गोतनी नहीं अइहें किया मोरा होइहें ,
हलुआ घाटन अपनी भाभी को बुराऊँगी ।
मैं तो अकेली राजा... | magahi-mag |
मेरा री हरियाला बन्ना लाख करोड़ी
मेरा री हरियाला बन्ना लाख करोड़ी ।
बाग बेच बागीचे बेचूं अर बेचूंगी अंबिया
अंबिया में की गुठली बेचूं तो बाबल की जाई
मेरी री . . . ।
महल बेचूं दुमहिल बेचूं और बेचूंगी अटारी
अटारी में की खिड़की बेचूं तो बाबल की जाई
मेरी री . . . ।
जब यह मांगे रो रो पैसा तब यह सासू तेरा
अब यह लाता भर भर थेल... | haryanvi-bgc |
मीठी थूली ओ सायबा दूद से
मीठी थूली ओ सायबा दूद से
जेको अजब सवाद
लाडू पेड़ा हो सायबा लापसी
जेको बड़ो रे सवाद
गोदी भरी हो सायबा पूत से
जेको अनन्द उछाव
मेलां फूले हो सायबा केवड़ो
जेकी आवे परमल बास । | malvi-mup |
बेकदर को दिल दिया है देखना कैसे निभे
बेकदर को दिल दिया है देखना कैसे निभे
एक तो सरदी की मौसम दूसरे पाला पड़े
तीसरे राजा नहीं है रैन रो रो के कटे
एक तो गरमी महीना दूसरे लूआं चले
तीसरे टपके पसीना बूंद जीवन मैं पड़े
एक तो बरखा की मौसम दूसरे मैंहा पड़ै
तीसरे बोले पपीहा ठेस सीने मैं लगे
एक तो सावन महीना दूसरे हींडा घले
तीसर... | haryanvi-bgc |
गाँजौ पियो न प्रीतम प्यारे
गाँजौ पियो न प्रीतम प्यारे ।
जरजें कमल तुमारे ।
जारत काम बिगारत सूरत
सूकत रकत नियारे
जोतौ आय साधु सन्तन कौ ,
अपुन गिरस्ती वारे ।
ईसुर कात छोड़ दो ईखाँ
हौ उमर के बारे । | bundeli-bns |
निरंकार
ओंकारं सतगुरू प्रसाद ,
प्रथमे ओंकार , ओंकार से फोंकार ,
फोंकार से वायु , वायु से विषंदरी1 ,
विषंदरी से पाणी , पाणी से कमल ,
कमल से ब्रह्मा पैदा होइगे ।
गुसैं2 को तब देव ध्यान लैगे ,
जल का सागरू मा तब गुसैं जी न ,
सृष्टि रच्याले ।
तब देन्दो गुसैं ब्रह्मा का पास
चार वेद चौद शास्तर , अठार पुराण ,
चौबीस गायत्री ।
स... | garhwali-gbm |
504
भाबी जुलफां गलां उते पेच खाधे अखीं तेरिआं सुरमे दियां धारियां ने
गलां उते भंबीरियां उडदियां ने नैनां सान कटारिया चाढ़ियां ने
तेरें नैनां ने शाह फकीर कीते सनें हाथियां फौज अंबारियां ने
वारस शाह जुलफां खोल नैंण खूनी फौजां कतल उते चा चाढ़ियां ने | panjabi-pan |
अंगिका बुझौवल
एक मुट्ठी राय देल छिरयाय
गिनतेंगिनतें ओरो नै पाय ।
तारा
काठ फरै कठ गुल्लर फरै
फरै बत्तीसी डार
चिड़िया चुनमुन लटकै छै
मानुष फोड़ीफोड़ी खाय ।
सुपाड़ी
एक चिड़ियाँ ऐसनी
खुट्टा पर बैसनी
पान खाय कुचुरमुचुर
से चिड़ियाँ कैसनी ।
जाताँ
सुइया एन्हों सोझोॅ
माथा पर बोझोॅ ।
ताड़गाछ
सुइया एन्हों सोझोॅ
डाँड़ा पर बोझोॅ ।
... | angika-anp |
130
अम्मां बस कर गालियां दे नाही गाली दितयां वडा सराप आवे
नीह रब्ब दी पटनी बहुत बुरी धीयां मारयां बड़ा अजाब1 आवे
लै जाये मैं भईयड़ा पिठड़ी नूं कोई गैब ते सूल दा ताप आवे
वारस शाह ना मुड़ांगी रांझणे तों भावें बप दे बाप दा बाप आवे | panjabi-pan |
सावां गीत
सांवग्या तारि पावलि तिरिविरि वाजे ।
सांवग्या तारि पावलि तिरिविरि वाजे ।
होठ तारो टुट्लो ने हात तारो ढोटल्यो ।
होठ तारो टुट्लो ने हात तारो ढोटल्यो ।
मेलों तारा लाकड़ा चालो काहाँ वाले ।
मेलों तारा लाकड़ा चालो काहाँ वाले ।
डोला तारा फुदला , कान्टा तारा टुट्ला ।
डोला तारा फुदला , कान्टा तारा टुट्ला ।
साम्हले काहा... | bhili-bhb |
ईसुरी की फाग-17
देखी रजऊ काउनें नइयाँ , कौन बरन तन मुइयाँ
काँ तौं उनकी रहस रास है , काँ दये जनम गुसइयाँ
पैलऊँ भेंट हमईं सें न भई सही कृपा हम पैयाँ
ईसुर हमने रजऊ की फागें , कर दई मुलकन मैंया । | bundeli-bns |
मारग आदी रातलों हेरी
मारग आदी रातलों हेरी ,
छैल विदरदी तेरी ।
बेकल रई पपीहा जैसी ,
कहाँ लगाई देरी ?
भीतर सें बाहर लों आई ।
दै दै आई फेरी ।
उठ उठ भगी सेज सूनी सें
लगी ऑख ना मोरी
तड़प तड़प सो गई ईसुरी ।
तीतुर बिना बटेरी । | bundeli-bns |
किनका बाड़ी रोपबै कोसी माय
किनका बाड़ी रोपबै कोसी माय
ऐली फूल हे चमेलिया
किनका हे बाड़ी कोसी माय
अढ़हुल हे फूल
बाबा बाड़ी रोपबै कोसी माय
ऐली फूल हे चमेलिया
भइया हे बाड़ी रोपबै कोसी माय
अढ़हुल फूल हे
कौने डाला तोरब कोसी माय हे
ऐली फूल हे चमेलिया
हे मैया कौने हे डाला
तोरब अढ़हुल फूल हे
सोने डाला तोरब कोसी माय
ऐली फूल हे ... | angika-anp |
ओ कोकिला रे... (भटियाली)
ओ कोकिला रे . . .
आमार निभानो आगुन ज्वले मोर स्वरे । ।
देखले तोर रूपेर किरण ,
मने पड़े बन्धुर वरण ।
आमार दुटो मनेर कथा शोन , कोकला रे । ।
पड़ले नयन काल रूपे
पराण आमार उठे क्षेपे ।
आमार ए व्यथा कि बुझबे अपरे । । | bengali-ben |
पैसा ऐसी चीज राजा घरै नहीं आवैं
पैसा ऐसी चीज राजा घरै नहीं आवैं
कि अरे महला पुराने होई गें
टपकन लगी बूँद , राजा घरै नहीं आवैं
कि अरे ननदी सयानी होई गईं
मानै नहीं बात , राजा घरै नहीं आवें
कि अरे देवरा सयाने होई गें
पकड़न लगे बांह , घरै नहीं आवैं
कि अरे हमहूँ पुरानी होई गईं
पाकन लगे बार , राजा घरै नहीं आवैं | awadhi-awa |
333
मरद करम दे नेक ने सहतीए नी रन्नां दुशमनां नेक कमाइयां दियां
तुसीं एस जहान विच हो रहियां पंज सेयिां धड़ धड़वाइयां दियां
मरद हैन जहाज जो नेकियां दे रन्नां बेड़ियां हैन बुरयाइयां दियां
मां बाप दा नाम नमूज डोबन पतां लाह सुटन भलयां भाइयां दियां
हड मास हलाल हराम कपन एह कुहाड़ियां तेज कसाइयां दियां
लबां लैंदियां साफ कर दे... | panjabi-pan |
इन घर की मैंड़ी ऊंचे बंके बार
इन घर की मैड़ों ऊंचे बंके बार
जम जम सादीसोहिले हम गांवैं मंगलचार
मंगल करै बधावड़ इस रे सुहावने बार
मोतियन चौक पुराय कै सुवरण सतिये देय
रंगमहल तै उतरो सिर सालू चक डोर
हाथ कसीदा रंगला गोद जडूलें पूत
गल सोहै मोतियन की माल
बिछुए तम्हारे बाजने बेटियो घड़े सुघड़ सुनार
बाबुल बीर घड़ाइया तुम पाहिन... | haryanvi-bgc |
करेला असन करू होगे का ओ तोर मया
करेला असन करू होगे का ओ तोर मया
ये सनानना करेला असन करू होगे य मोर मया
करेला असन करू होगे का ओ , करेला असन करू होगे का य मोर मया
ये सनानना करेला असन करू होगे य मोर मया
हाय रे तिवरा के ड़ार , टुरी तेल के बघार
ये गजब लागे वो गजब लागे
ये गजब लागे सँगी , जेमा मिरचा मारे झार
गजब लागे ,
ये सना... | chhattisgarhi-hne |
हिजाब करें दरवेशी कोलों
हिजाब1 करें दरवेशी कोलों ,
कब लग हुकम चलावेंगा ।
गल अलफी सिरपाए बरैहना ,
भलके रूप वटावेंगा ।
एह लालच क्या नफसानी2 मुठों ,
कितकों मुंड मुंडाया ई ।
घाट ज़कात3 मंगणगे प्यादे ,
कहु क्या अमल कमाया ई ।
जद आ बणेगी सिर पर भारी ,
उन को क्या बतलावेंगा ।
हिजाब करें दरवेशी कोलों ,
कब लग हुकम चलावेंगा ।
जैसी... | panjabi-pan |
मचिया बइठल तू अम्मा
मचिया बइठल तू अम्मा तो सुनहूँ बचन मोरा हे ।
ललना हम लिपबई भाभी के सउरिया कंगनबाँ लेई लेबइन हे ।
सउरी पइसल तुहूँ बहुआ त सुनहूँ बचन मोरा हे ।
ललना दई देहूँ धिया के कंगनवा , धिया देस दूर बसे हे ।
कंगनवे कारन पिया देश गेलन अउरो विदेस गेलन हे ।
ललना न देबइन ननदी कंगनवाँ , ननदिय देसदूर बसे हे ।
चुप रह चुप... | magahi-mag |
सामण का महीणा मेघा रिमझिम रिमझिम बरसै
सामण का महीणा मेघा रिमझिम रिमझिम बरसै
मन नै समझाऊं तो बी बैरी जोबन तरसै
तीजां के दिनां की तो थी आस बड़ी भारी
ऐसे में भी न आए मैं पड़ी दुखां की मारी
सामण का महीना मेघा रिमझिम रिमझिम बरसै
मन नै समझाऊं तो बी बैरी जोबन तरसै | haryanvi-bgc |
463
जाह खोल के वेख जो सिदक आवे किहा शक दिल आपने पाइयो नी
कहयां असां जे रब्ब तहकीक करसी केहा आन के मगज खपाइयो नी
जाह वेख विशवास जे दूर होवे केहा दरदढ़ा आन मचाइयो नी
शक मिटें जे थाल नूं खोल वेखें वारस मकरकी आन फैलायो नी | panjabi-pan |
रूक्मिन बिपर के बोलौउलन, आँगन बइठवलन हे
रूक्मिन बिपर1 के बोलौउलन , आँगन बइठवलन2 हे ।
हमरा सँपतिया3 के चाह , सँपति हम चाहही4 हे ॥ 1 ॥
उलटि पुलटि बिपर देखलन मन मुसकयलन5
रूक्मिन , बिधी नइ लिखलन लिलार , 6 सँपति कहाँ पायब हे ।
रूक्मिन , देबी जी हथुन7 दयामान , सँपति तोरा ओहि देथुन8 हे ॥ 2 ॥
उहँऊ9 रूक्मिन चललन , देबी से अरज क... | magahi-mag |
जीवणा है दिन चार जगत में
जीवणा है दिन चार जगत में
१ सुबे से हरि नाम सुमरले ,
मानुष जनम सुधारो
सत्य धर्म से करो हो कमाई
भोगो सब संसार . . .
जगत में . . .
२ माता पिता और गुरु की रे सेवा ,
और जगत उपकार
पशु पक्षी नर सब जीवन में
ईश्वर आन निहारु . . .
जगत में . . .
३ गलत भाव मन से बिसराजो ,
सबसे प्रेम बड़ावो
सकल जगत के अंदर ... | nimadi-noe |
गिनायतो गिनायतो रे
गिनायतो गिनायतो रे
माण्डरा लिखने वाला गिनायतो रे
गिनायतो गिनायतो रे
पातल सीने वाला गिनायतो रे
गिनायतो गिनायतो रे
चावल सीमे वाला गिनायतो रे
चिवना पूजने वाला गिनायतो रे
गिनायतो गिनायतो रे
हल्दी पूजने वाला गिनायतो रे
खिचड़ी पूजने वाला गिनायतो रे
स्रोत व्यक्ति शांतिलाल कासडे | korku-kfq |
ऐ भगवन ऐ भगवन इंज के ज्ञानी गले माजा भगवन रे
ऐ भगवन ऐ भगवन इंज के ज्ञानी गले माजा भगवन रे
ऐ भगवन ऐ भगवन इंज के ज्ञानी गले माजा भगवन रे
ऐ पूरी आम केन ज्ञानी घाले मकान ईयेन दोषना हेजे
ऐ पूरी आम केन ज्ञानी घाले मकान ईयेन दोषना हेजे
खांडा सोकड़ा टोचना पूरी ढोला ढागा टोचना पूरी
खांडा सोकड़ा टोचना पूरी ढोला ढागा टोचना पूरी
आ... | korku-kfq |
सोहाग माँगे गई बेटी, हजरत बीबी दरवाजे
सोहाग माँगे गई बेटी , हजरत बीबी दरवाजे ।
बीबी देहु न सोहाग बाली1 भोली का सोहाग ।
नइहर वाली का सोहाग रे ।
मैं ना जानूँ , टोना कैसे हो के2 लगा ॥ 1 ॥
बेली चमेली हो के लगा , दाना मरुआ3 हो के लगा ।
सोने संदल4 हो के लगा , मैं ना जानूँ ।
टोना कैसे होके लगा , मैं ना जानूँ ॥ 2 ॥
सोहाग माँगे... | magahi-mag |
83
हीर आखदी रांझणा बुरा कीतो तूं तां पुछणा सी दुहराए के ते
मैं तां जाणदा नहीं सां एहु सूहा1 खैर मंगिया सू मैथों आए के ते
खैर लैंदो ही पिछांह नूं तुरत नठा उठ वगिया कंड वलाए2 के ते
नेड़े जांदा ई जाए मिल नडीए नी जाए पुछ लै गल समझाए के ते
वारस शाह मियां उस थीं गल पुछीं दो तिन अडिआं हिक विच लाये के ते | panjabi-pan |
रानी डो रानी डो रानी माय बेरिया पालंगो
रानी डो रानी डो रानी माय बेरिया पालंगो
रानी डो रानी डो रानी माय बेरिया पालंगो
सोवेडो माय खुदुमा खुड हास
सोवेडो माय खुदुमा खुड हास
बार डो बाझोरी बये डो बाझोरी माय रीटा पालंगो सोवे
बार डो बाझोरी बये डो बाझोरी माय रीटा पालंगो सोवे
रीटा पालंगो सोवे डो माय रोचो मा रोचो रोवे
रीटा पालंगो... | korku-kfq |
संजा फूली आंगणऽ माय
संजा फूली आंगणऽ माय ,
कि पूजणऽ चलो जी ।
चांद सूरजऽ दुई भाई ,
कि मीलणऽ चलोजी । ।
कि जिनका हाथ सोन्ना की तलवार ,
कि धोळा घोड़ा पर असवार
कि जिनका माथऽ पचरंग पाग ,
कि जिनका गळा मंऽ सतरंग हार ।
संजा फूली आंगणऽ माय ,
कि पूजणऽ चलोजी ।
चांद सूरज दुई भाई ,
कि मीलणऽ चलोजी । । | nimadi-noe |
मद अब देत करेजे जारें
मद अब देत करेजे जारें
आई बसन्त बहारें ।
सीतल पवन लगत है ऐसी ,
मानो अगन की झारें ।
बोलकोकिला लगें तीर से
लेवें प्राण निकारे ।
आमनमौर झोंर के ऊपर
भोंर करत गुन्जारे ।
ईसुर पाती देव पीतम खाँ
घर खों बेग पधारें । | bundeli-bns |
दीवा बले सारी रात, मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात , मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
बत्तियाँ बटा रखदी , मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
आवेंगा ताँ पुच्छ लवांगी , मेरया जाल्मा
कित्थे गुज़ारी सारी रात ।
बत्तियाँ बटा रखदी , मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
आवेंगा ताँ बुज्झ लवांगी , मेरया जाल्मा
कित्थे गुज़ारी सारी रात ।... | panjabi-pan |
तन कौ तनक भरोसौ नइयाँ
तन कौ तनक भरोसौ नइयाँ ,
राखैं लाज गुसईयाँ ,
उड़ उड़ पात गिरत धरनी मैं ,
फिर नई लगत डरईयाँ
जर बर देय भसम हो जै हैं ।
फिरना चुनैं चिरइयाँ ,
मानुस चाम काम न आवै ।
पसु कीं बनत पनईयाँ ,
ईसुर कोऊ हाँत ना दै ले
जब हम पकरैं बइयाँ । | bundeli-bns |
नीमिया रे कडुआइन, सीतल बतास बहे हे
नीमिया रे कडुआइन1 सीतल बतास बहे हे ।
ताहि तरे ठाढ़2 दुलरइता दुलहा , नयना दुनो लोर3 ढरे हे ॥ 1 ॥
घर से बाहर भेलन दुलरइता दादा , काहे बाबू लोर ढरे हे ।
किया बाबू आजन बाजन थोड़ा भेल , साजन4 घुमइला5 भेल हे ॥ 2 ॥
माइ के जनमल दुलरइता भइया , सेहु न जोरे6 जयतन हे ।
पाँचो भइया पाँचो दहिन बहिया... | magahi-mag |
474
रांझा वेख के आखदा परी कोई इके भावे तां हीर सयाल होवे
कोई हीर कि मोहनी इंदरानी हीर होवें तां सइयां दे नाल होवे
नेड़े आयके कालजा धा गई जिवें मसत कोई नशे दे नाल होवे
रांझा आखदा अबरे1 बहार आया जंगलां भी लाली लाल होवे
हाठां जोड़2 बदलां हांझ बधी वेखां केहड़ा देस निहाल होवे
चमक लैलातुल कदर3 सयाहशबथी जिसते पवगी नदर निहाल ह... | panjabi-pan |
कपूरी रेवड़ी क्यों कर लड़े पतासे नाल
कपूरी रेवड़ी क्यों कर लड़े पतासे नाल ?
तेल तिलाँ दे लड्डू ने ,
जलेबी पकड़ मँगाई ।
डरदे नट्ठे कन्द शकर तों ,
मिशरी नाल लड़ाई ।
काँ लगड़ नूँ मारन लग्गे ,
गद्दों दी गल्ल लाल ।
कपूरी रेवड़ी क्यों कर लड़े पतासे नाल ?
हो फरिआदी लक्ख पतिआँ ने ,
लूण ते दस्तक लाई ।
गुलगलिआँ मनसूबा बद्धा ,
पा... | panjabi-pan |
पाँच बधावा पिया न हो गढ़ रे सुहाना हो
बधावा बधाई गीत
पॉँच बधावा पिया न हो गढ़ रे सुहाना हो ,
पॉँच बधावा जो आवत हम देख्या . . . . . . . . . . .
की प्य्लो बधावो पिया न हो ,
ससरा घर भेजो हो , दुसरो बधावो सहोदर बाप घर
की तिस्रो बधावो पिया न हो जेठ घर भेजो हो ,
चोथो बधावो सहोदर वीरा घर
की पांच्वो बधावो पिया न हो कूख सुलेखनी... | nimadi-noe |
पानड़ पानड़ दिया बलऽ
पानड़ पानड़ दिया बलऽ ,
थारा दिवलड़ा की लागी जागजोत रे ,
आज म्हारा घर ओंकार देव पावणो ।
ओंकार देव की मैया पूछऽ वातूली ,
तू खऽ आज कूणऽ निवत्यो पूत रे ,
आज म्हारा घर ओंकार देव पावणो ।
मखऽ निवत्यो छे , अमुक भाई की माय ,
जिमाड़्या छे दही अरू भात रे ।
आज म्हारा घर ओंकार देव पावणो । | nimadi-noe |
421
एस फकर दे नाल की वैर चाया उधल जावसैं तै नहीं वसना ई
ठूठे भन्न फकीरां नूं मारनी एं अगे रब्ब दे आख की दसना ई
तेरे कुआर नूं खुआर संसार करसी एह जोगी दा कुझ ना खसना ई
नाल चूहड़े दे खतरी घुलन लगा वारस शाह फिर मुलक ने हसना ई | panjabi-pan |
सिर पर दोगढ़ ठा नणद री
सिर पर दोगढ़ ठा नणद री ठाले नेजू बाल्टी
हमतो चलैंगे थारे साथ भावज री ना ठावैंगे नेजू बाल्टी
उल्टी दोगढ़ तार बिखेरी मैं तो भीतर बड़ कै रो पड़ी
कोरा सा कागज मंगा दिखे मनै लिख कै गेरा अपणे बीर पै
दिया डाकिये के हाथ डाकिये रे जा दिये मेरे बीर नै
काली सी मोटर जोड़ दिखे री वो तो आण डटा धमसाल मैं
साची ब... | haryanvi-bgc |
444
पया लानत दा तौक शैतान दे गल ताहीं रब्ब ने अरश ते चाढ़ना ई
झूठ बोलया जिनां वयाज खाधा तिनां विच बहिश्त ना वाड़ना ई
असी जिउ दी मैल चुका बैठे वत करां ना सीऊना पाड़ना ई
सानूं मार लै भाईअड़ां पिटयां नूं चाढ़ सेज उते जिसनूं चाड़ना ई
अगे जोगी तों मार मुकाया ई हुण होर की पड़तना पाड़ना ई
घर बार तों चा जवाब दितो होर आख की सच ... | panjabi-pan |
मेरे आंगण मां मेरी कड़वा-सा नीम
मेरे आंगण मां मेरी कड़वा सा नीम
ते ढलती ते फिरती छाया पड़ौसिन के घर ढल रही
घरड़ कटा दूं री मां मेरी कड़वा सा नीम
ढलती ते फिरती छाया पड़ौसिन के घर ढल रही
मत काटै मत काटै धी मेरी कड़वा सा नीम
ढलती तै फिरती छाया फेर बाह्वड़ै जी | haryanvi-bgc |
तुम मोरी बात बिगाड्यो बारे रसिया
तुम मोरी बात बिगाड्यो बारे रसिया
मन भरे का जात मंगौबे हाथ भरे क चकिया
पिसौबे बारे रसिया पिसौबे बारे रसिया ,
सोलह सेर पिसना पिसौबे बारे रसिया
हाथ बढ़निया लिहे बगल छिटनिया
झारौबे बारे रसिया झरौबे बारे रसिया ,
झाँसी वाली लैन झरौबे बारे रसिया
हाथे मा हथकड़ी डरौबे पांए मा पैजनिया
देखौबे बारे... | awadhi-awa |
कोड्डी कोड्डी बगड़ बुहारूँ
कोड्डी कौड्डी बगड़ बुहारूं ,
दर्द उठा सै कमर में , हो राजीड़ा
इबना रहूंगी तेरे घर में ।
द्योराणी जिठानी बोल्ली मारैं ,
जिब क्यूं सौवै थी बगल में , हो राजीड़ा
इबना रहूंगी तेरे घर में ।
सास नणद मेरी धीर बन्धावै ,
होती आवै सै जगत में , हो राजीड़ा ,
इबना रहूंगी तेरे घर में ।
छोटा देवर खरा रसीला ,... | haryanvi-bgc |
581
सयालां बैठ के सब विचार कीती भले आदमी गैरतां पाल दे नी
यारो गल मशहूर जहान उते सानूं मेहने हीर सयाल दे नी
पत रहेगी ना जेकर तोर दईए नढी नाल मुंढे महीवाल दे नी
कबर विच दऊस खंजीर होसन जेहड़े लाड करदे धन माल दे नी
औरत आपणी कोल जो गैर वेखन गैरत करन ना ओसदे हाल दे नी
मूंह तिन्हां दा वेखनां खूक1 वांगू कतल करो रफीक जो नाल दे... | panjabi-pan |
मृत्यु गीत
दुख सागर भरिया दुखसुख मन मा नि लावणा ॥
राम सरीका रे राजा हुया , हारे जे घरे सतवन्ती नारी
आया रे रावण सीता लय गया
हाँ रे जिनका बुरा हया हाल , दुखसुख मन मा नि लावणा ।
हाँ रे हरिशचन्द्र सरीका रे राजा की , जे घर तारावन्ती नारी
आपना रे सत का कारणे , हाँ रे नीच घर भरियो पाणी ।
दुखसुख मन मा नि लावणा ।
हाँ रे पाण्डव... | bhili-bhb |
लेहु हजमा सुबरन कसैलिया
लेहु1 हजमा सुबरन कसैलिया2 नेवतियो3 लावऽ चारो धाम हे ।
गया से नेवतिहऽ4 गजाधर5 नेवतिहऽ , नेवतिहऽ बीर हनुमान हे ।
गंगा में नेवतिहऽ गंगा मइया नेवतिहऽ , नेवतिहऽ सीरी जगरनाथ6 हे ।
धरती से नेवतिहऽ सेसरनाथ7 हे ॥ 1 ॥
गाा से अयलन8 गजाधर अयलन , अयलन सीरी जगरनाथ हे ।
गंगा से गंगा मइया अयलन , अयलन बीर हनुमान... | magahi-mag |
लचके लवँगियाँ के डाँढि ,गोरिया पतरी
लचके लवँगियाँ के डाँढि , गोरिया पतरी ।
जइसे लचके लवँगियाँ के डाँढि । । टेक । ।
अमवाँ महुइया के घनी फुलवरिया ,
अरे पाकल निबुआ अनार , आहो रामा । । टेक । ।
केथिया नियन गोरी पातरि हईं ,
आरे , केथिया नियन सुकुवार । । टेक । ।
पनवा नियन गोरी पातरि हई ,
फुलवा नियन सुकुवार । । टेक । ।
कर्मेन्... | bhojpuri-bho |
लचिका रानी
दूसरा खण्ड
रम्मा सुनोॅ आगू के वचनमो रे ना
रम्मा सुनोॅ सब भाई , बहिन धरि धियनमो रे ना
रम्मा लचिका के आगू रोॅ बचनमो रे ना
रम्मा जाय पहुँचलै पापी राजवो रे ना
रम्मा शिव मंदिरवा के नगीचवो रे ना
रम्मा घुसियैलो छेलै जहाँ रानी लचिको रे ना
रम्मा कानै छेलै कपरवा धुनिधुनि रे ना
रम्मा वहाँ जायके बोले पापी राजवो रे ना
रम... | angika-anp |
रसिया रग भर-भर जिन मारो
रसिया रंग भरभर जिन मारो ,
पिचकारी दृगन तक न मारो ।
न गहो छैल गैल बिच बहियां ,
पैयां पडूं मैं बलिहारी । पिचकारी . . .
जो सुन पैहें सास ननद मोरी ,
सुन रूठ जैहें पिया प्यारो । पिचकारी . . .
चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि ,
चरण कमल पे बलिहारी । पिचकारी . . . | bundeli-bns |
ऊठ बहू मेरी पीस ले
ऊठ बहू मेरी पीस ले यो दिन धोला लिकड़ आया हे ।
तन्नै कै सासू पीसणा मैं काच्ची नींद जगाई हे ।
सेजां पै तै बालम बोल्या सुण ले अम्मां मेरी हे ।
भले घरां की ब्याह के ल्याणा इब नां चालै थारी हे ।
भरी सी मैं झोट्टी ल्यूंगा छोटा बीरा ल्यूंगा पाली हे ।
बलध्यां की मैं जोड़ी ल्यूंगा बाबल ल्यूंगा हाली हे ।
भारी ... | haryanvi-bgc |
भरथरी लोकगाथा का प्रसंग “राजा का जोगी वेष में आना”
घोड़ा रोवय घोड़ेसार मा , घोड़ेसार मा या , हाथी रोवय हाथीसार मा
घोड़ा रोवय घोड़ेसार मा , घोड़ेसार मा वो , हाथी रोवय हाथीसार मा
मोर रानी ये वो , महलों में रोवय
मोर रानी ये या , महलों में रोवय
येदे धरती में दिए लोटाए वो , ऐ लोटाए वो , भाई येदे जी
येदे धरती में दिए लोटाए व... | chhattisgarhi-hne |
राजी राजी बोल बनी तो चुड़लो पेरादूं
राजी राजी बोल बनी तो चुड़लो पेरादूं
बेराजी बोले तो म्हारी लाल चिटियो , म्हारी फूल चिटियो
नवी नारंगी रो खेल बतादूं रसिया . . . मीठी खरबूजो
राजी राजी बोल बनी तो तीमणियौ पैराधूं
बैराजी बोले तो म्हारी लाल चिटियों . . . म्हारी फूल चिटियों
नई नारंगी रो खेल बता दू रसिया . . . मीमो खरबूजों । | rajasthani-raj |
सासु मोर बेनिया डोलावहऽ, कमर भल जाँतहऽ हे
सासु मोर बेनिया डोलावहऽ , 1 कमर भल जाँतहऽ2 हे ।
अहो लाल , देहरी3 बइठल तू ननदिया बिरह बोलिय4 बोलए हे ॥ 1 ॥
मोरी भौजी रखिहऽ5 पलंगिया के लाज त बेटवा बिअइह6 हे ॥ 2 ॥
तुहुँ त7 हहु8 मोरा ननदी , अउरो सिर साहेब हे ।
ननद , पियवा के आनि9 बोलावह , पलंगिया डँसायब10 हे ॥ 3 ॥
किया11 तोर भउजो... | magahi-mag |
निमन्त्रण
एक नेवतो देजो गुणेसा घेर ।
एक नेवतो देजो गुणेसा घेर ।
एक नेवतो देजो सबेरा धड़ ।
महादेव बाबो आवसे ।
एक नेवतो देजो सबेरा धड़ ।
ते उकार देजो आवसे ।
एक नेवतो देजो सबेरा धड़ ।
ते गंगा ने गवरां आवसे ।
एक नेवतो देजो सबेरा धड़ ।
ते लालबाईफुलबाई आवसे ।
एक नेवतो देजो सबेरा धड़ ।
ते चाँदसूरज आवसे ।
एक निमंत्रण गणेशजी के... | bhili-bhb |
भानु भौंपेलो
बार बरस को बाटो , तीन रोज मा काटदो ।
तख छयो वो माँकाली घोड़ो
रागसी घोड़ौं की पंगत1 बँधी छई ।
मांकाली2 घोड़ो मरा सगन्ध3 सूंगद ,
हे छोरा , कै राज को छई ?
कै बैरीन भरमाए , घर की नारीन सन्ताये ।
हे मांकाली घोड़ा , मैं कू मदत दियाल ,
मैं पर चढ़ीं छ , गुरु ज्ञानचन्द की सेना ,
त्वै द्योलों , सोवन की जीण ,
त्वै द्... | garhwali-gbm |
302
सानूं नांह अकाउंदी भात खानी खड क्रोध दा हमी ना हूतने हां
जे आपने दा ते आ जाईए खुली झंड सिर ते असीं मूतने हां
घर मेहरां दे कासनूं असां जाना सिर महरीयां दे असीं भूतने हां
वारस शाह मियां भठ बाल भांबड़ उलटे रात नूं होयके झूटने हां | panjabi-pan |
अरजी बरजी करइ छोटकी ननदिया
अरजी बरजी1 करइ छोटकी ननदिया ।
आइ रे गेलइ इहमा2 मास रे फगुनमा3 ॥ 1 ॥
जो तोंहे जइहऽ भउजी , अपन कोहबरवा ।
भइया से कहि मोरा , रखिहऽ नेअरबा4 ॥ 2 ॥
नहीं माँगू थारी5 लोटा , नहीं माँगू धनमा ।
एक हम माँगू भउजी , सिर के सेनुरबा ।
एक हम माँगू भउजी , तोहरो सोहगबा ॥ | magahi-mag |
साड़ी न लहँगा लहरदार लेबो भउजो हे
बधैया
साड़ी न लहँगा लहरदार लेबो भउजो1 हे ।
चोली न अँगिया बूटेदार लबो भउजो हे ॥ 1 ॥
कँगना न लेबो , पहुँची2 न लेबो ।
बाला3 तो लेबो चमकदार , सुनु भउजो हे ॥ 2 ॥
रुपया न लेबो , अठन्नी न लेबो ।
गिन्नी तो लेबो हम हजार , सुनु भउजो हे ॥ 3 ॥
चानी न लेबो , सोना न लेबो ।
हम लेबो गिनि गिनि4 लाल , 5... | magahi-mag |
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
रूपे के रुखुवा मा चड़ गिए तेहां
रूपे के रुखुवा मा चड़ गिए तेहां
मोर मनके मंदरस ला झार दिये ना
मोर मनके मंदरस ला झार दिये ना
मोर मनके मंदरस ला झार दि... | chhattisgarhi-hne |
भँगिया पिसयते महादेओ, सुनहऽ बचन मोरा हे
भँगिया पिसयते महादेओ , सुनहऽ बचन मोरा हे ।
देओ , 1 तोरा धनी दरद बेयाकुल , तोरा के बोलावथु2 हे ॥ 1 ॥
एतना बचन जब सुनलन , सुनहु न पओलन हे ।
बुढ़उ बैल पीठी भेलन असवार , कहाँ रे धनी बेआकुल हे ॥ 2 ॥
सउरी में से बोलथी गउरा3 देई , सुनहऽ बचन मोरा हे ।
देओ , लाज सरम केरा बतिया , तोरा से क... | magahi-mag |
415
घोल घतिआं यार दे नाम उतों जोगी मुख संभाल हतयारया वे
तेरे नाल की असां है बुरा कीता हथ ला तैनूं नहीं मारया वे
मनों सुनदयां पुने तूं यार मेरा एह कहर कतो लोहड़े मारया वे
रूग आटे दा होर लै जा साथों कोई वधे फसाद बुरयारया वे
तैथे आदमगरी1 दी गल नाही रब्ब चा बथुन2 उसारया वे
वारस किसे असाडे नूं खबर होवे ऐवें मुफत विच जायेगा ... | panjabi-pan |
होलर कहै री अम्मा! तुझे झुंझणा मंगा दे
होलर कहै री अम्मा तुझे झुंझणा मंगा दे ।
चल बिसाती की दुकान रे लला तुझे झुंझणा मंगवा दूं ।
इस झुंझणा दूजा लट्टू रे लला तीजी फिरकी दिला दूं ।
होलर कहै री अम्मां तुझे टोपी सिला दे ।
चल दरजी की दुकान रे लला तुझे टोपी सिला दूं ।
इस टोपी दूजा झूगला रे लला तीजी कछनी सिला दूं ।
होलर कहै र... | haryanvi-bgc |
बुल्ले शाह की सीहरफी - 1
अलफ अल्लाह जिस दिल पर होवे ।
मुँह ज़रदी अक्खाँ लहू भर रोवे ।
आपणे जीवन तों हत्थ धोवे ।
जिस नूँ बिरहों अग्ग लगावे ।
लागी रे लागी बल बल जावे ।
बे बालण मैं तेरा होई ।
इशक नज़ारे आण वगोई1 ।
रोन्दे नैण ना लैन्दे ढोई ।
लूण फट्टाँ ते कीकर लावे ।
ते तेरे संग प्रीत लगाईं ।
जीओ जामे दी कीरी साईं ।
मैं बक... | panjabi-pan |
मेरा पिरस चढन्ता सुसरा न्यू कवै
मेरा पिरस चढन्ता सुसरा न्यू कवै
बहुवड़ एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का
सुसरा फोडूं तै दूखै मेरी आंगली
साबत दिया ना जा लाडूडा चरचरी सूंठ का
मेरा धार कढन्ता जेठा न्यूं कवै
बहुवड़ एक लाडूडा हमनै द्यो चरचरी सूंठ का
जेठा फोडूं तै दूखै आंगली
साबत दिया ना जा लाडूडा चरचरी सूंठ का
मेरा खुलिया ख... | haryanvi-bgc |
पांच पंचास की नाथ घड़ाई
पांच पंचास की नाथ घड़ाई
पड़गी लामनी पहरन ना पाई
सांज ताहीं करी लामनी
सांज पड़ै घरां डिगराई
आगै सासड़ लड़ती पाई
देखा क्यूंना काम बखत क्यूं ना आई
सास मिरी नरै मक्की री सुकाई
ढाई सेर की कूंडी बखत उठ कै
आधी पीस कै कंथा धोरै आई
के सोवै हो कै जागै नणदी के भाई
मक्की मत बोइए हो कलावती के भाई
डिगगी धरण ठ... | haryanvi-bgc |
514
हीर आखया बैठ के उमर सारी मैं ते आपने आप नूं साड़नी हां
मतां बाग गयां मेरा जिउ लगे अंत एह भी पड़तना पाड़नी हां
पई रोणियां मैं लेख आपने नूं कुझ किसे दा नही विगाड़नी हां
वारस शाह मियां तकदीर आखे वेख नवां पसार पसारनी हां | panjabi-pan |
चरखा चन्नण दा
नी मैं कत्तां परीतां नाल , चरखा चन्नण दा
शाव्वा चरखा चन्नण दा
नी ए विकदा ए वडे बज़ार , चरखा चन्नण दा
शाव्वा चरखा चन्नण दा
नी ए घड़ी ए किसे सुनार , लज्ज लोहे दी
शाव्वा चरखा चन्नण दा
चरखा कूकर देंदा शाव्वा
कूकर लगी कलेजे शाव्वा
इक मेरा दिल पया धडके शाव्वा
दूजे कंगण छणके शाव्वा
माँ मेरी मैंनू चरखा दित्ता , व... | panjabi-pan |
मित्तर प्यारे कारन
मित्तर प्यारे कारन नी मैं ,
लोक उल्हामें लैनी हाँ ।
लग्गा नेहुँ मेरा जिस सेती ,
सरहाणे वेख पलंघ दे जीती ,
आलम क्यों समझावे रीती ,
मैं डिट्ठे बाझ ना रैहनी हाँ ।
मित्तर प्यारे कारन नी मैं ,
लोक उल्हामें लैनी हाँ ।
तुसीं समझाओ वीरो भोरी ,
राँझण वंेहदा मैत्थों चोरी ,
जींहदे इशक कीती मैं डोरी ,
नाल आराम न... | panjabi-pan |
भजन
टेक कब लग तोहे समझाऊँ , भोळा रे मन कब लग तोहे समझाऊँ ।
चौक1 घोड़ो रे होय तो लगाम देवाहूं , खासी झीण डलाऊँ ।
असवार होकर ऊपर बैठकर , चाबुक दे समझाऊँ ।
भोळा रे मन कब लग तोहे समझाऊँ ।
चौक2 हाथी रे होय तो जंजीर बंधाड़ू , चारी पाँय बंधाड़ू ,
मावत होकर ऊपर बैठे , तो अंकुस दे समझाऊँ ।
भोळा रे मन कब लग तोहे समझाऊँ ।
चौक3 सो... | bhili-bhb |
पाँच बधावा म्हारे आविजाजी
पाँच बधावा म्हारे आविजाजी
कई हरी जमेरी जी
कई पांचा री नवीनवी भांत
रस की हरी जमेरी जी
पेलो बधावो म्हारे आवियोजी
भेजो म्हारा ससरा दो पोल । | malvi-mup |
ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी
ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी
ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी
सोना गोला डो छाले बोले
सोना गोला डो छाले बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा आमा बानी
ऐ बेटा जा ऐ बेटा आमा बानी
सोना गोला भाई बटवाड़ा
सोना गोला भाई बटवाड़ा
जा ढाये बोले
जा ढाये बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी
सोन... | korku-kfq |
सो जा बारे वीर
सो जा बारे वीर
वीर की बलैयाँ ले जा यमुना के तीर
तातीताती पुरी बनाई
ओई में डारो घी
पी ले मोरे बारे भइया
मोर जुड़ाय जाए जी
सो जा बारे वीर
बीर की बलैयाँ ले जा जमुना के तीर
एक कटोरा दूध जमाओ
और बनाई खीर
ले ले मोरे बारे भइया
मोर जुड़ाय जाए जी
सो जा बारे बीर
बीर की बलैयाँ ले जा जमुना के तीर
बरा पे डारो पालना
प... | bundeli-bns |
म्हारै आंगणा बाजा बाजिया जी मंकारा
म्हारै आंगणा बाजा बाजिया जी मंकारा , पछोकड़ री म्हारै धर्या हे निसान ।
बधावा मैं सुना जी मकारा म्हारा सोहरा गढ़ा का चौधरी जी मकारा ।
म्हारी सासड़ री म्हारी घर की सै मैड़ , बधावा जी मैं सुनां जी मकारा । | haryanvi-bgc |
महेंदी ते वावी मालवे ने
मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे
मेहँदी रंग लाग्यो रे . . . .
नानो दिअर्यो लाडको ने काइन लाव्यो मेहँदी नो छोड़ रे
मेहँदी रंग लाग्यो रे . . . .
मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे
मेहँदी रंग लाग्यो रे . . . .
वाटी कूटी ने भर्यो वाटको ने भाभी रंगों तमारा हाथ रे
मेहँदी रंग ला... | gujarati-guj |
हथ करघे का कपड़ा पावैं
हथ करघे का कपड़ा पावैं
गांधी का फरमाण बजावैं
गरीब जुलाहां के कुंबनां नै
रोटी कमान का काम दिलावैं | haryanvi-bgc |
Subsets and Splits
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