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राजा गर्मी के मारे अंगिया भीजै हमारी राजा गर्मी के मारे अंगिया भीजै हमारी कुछ गर्मी से कुछ सर्दी से दूजा जोर जवानी का कोठे चढ़न ते देवर बुलावै आजा राज दुलारी अंगिया भीजै हमारी मैं कैसे आऊं मेरे छोटे से देवरिया कदम कदम हुआ भारी अंगिया भीजै हमारी बारां बरस पिया चाकरी से आए रोवै राज दुलारी अंगिया भीजै हमारी
haryanvi-bgc
131 कैदो आनके आखदा सहुरयो ओये मैंथो कौन चंगा मत देसिआ ओये एह नितदा पयार न जाए खाली पिंज गडी दादास ना देसिया ओये हथों मार सियालां ने गल्ल टाली परा छड झेड़ा एह भेरसिया ओये रग इक वधीक है लंडयां दीए किरतघण फरफेज मलखेसिया ओये
panjabi-pan
मेरी मालन रंगीली गून्थ लायी री सेहरा मेरी मालन रंगीली गून्थ लायी री सेहरा गून्थ लायी री कहां तो बोया केवड़ा री कहां तो बोया गुलाब री किनारे किनारे बोया केवड़ा री क्यारी में बोया गुलाब री किन ये डाल झुकाइयां री और किन ये बीने हैं फूल री मेरी मालन छबीली . . . माली ने डाल झुकाइयां री और मालन ने बीने हैं फूल री गून्था ए गू...
haryanvi-bgc
190 असकंदरी नेवरां वीर बलियां पिपल वतरे झुमके सारयो ने हस जड़े छनकंगनां नाल जुगनी ठिके नाल ही चा सवारयो ने चंननहार लोगाढ़ियां नाल लूहला वडी डोल मयानडे धारयो ने दाज घत के विच संदूक बधे सुनो की की दाज रंगारयो ने वारस शाह मियां असल दाज रांझा इक ओह बदरंग करायो ने
panjabi-pan
बाबू के मउरिया में लगले अनार कलिया बाबू के मउरिया1 में लगले अनार कलिया2 । अनार कलिया हे , गुलाब झरिया3 । बाबू धीरे से चलिहऽ ससुर गलिया ॥ 1 ॥ बाबू सरहज से बोलिहऽ अमीर4 बोलिया । बाबू धीरे से चलिहऽ ससुर गलिया ॥ 2 ॥ बाबू के दोरवा5 में लगले अनार कलिया । अनार कलिया हे , गुलाब झरिया । बाबू धीरे से चलिहऽ ससुर गलिया ॥ 3 ॥ बाबू ...
magahi-mag
श्री रामचन्द्र जन्म लिये चैत सुदि नौमी श्री रामचन्द्र जन्म लिये चैत सुदि नौमी । दाई जो झगड़े नरा की छिनाई कौशिल्या जी की साड़ी लैहों , सोर की उठाई । श्री . . . नाइन झगड़े नगर की बुलाई कौशिल्या जी को हार लैहों , महल की पुताई । श्री . . . पंडित जो झगड़ें वेद की पढ़ाई दशरथ जी को घोड़ा लैहों वेद की पढ़ाई । श्री . . . ननदी ...
bundeli-bns
सजन बड़ा रे बईमान है सजन बड़ा रे बईमान है , दगा दिया परदेशी १ काया जीव से कह रही , सुन ले प्राण अधार लागी लगन पिया मत तोड़ो मैं तो तेरे पास . . . सजन बड़ा रे . . . २ जीव काया से कह रही , सुण ले काया मेरी बात अष्ट पहेर दिन रेन के प्रित बाळ पणा की . . . सजन बड़ा रे . . . ३ तुम राजा हम नग्र है , फिरी गई राम दुवाई तुम तो प...
nimadi-noe
लिछमन के बाण लगा रै सक्ती लिछमन कै लिछमन के बाण लगा रै सक्ती लिछमन कै । ऐसा रै होय कोई बीरा नै जिवाले आधा राज सबाई धरती , लिछमन कै । कै तो जिवाले सीता रै सतबंती कै तो जिवाले हनुमान जती , लिछमन कै । क्यों तै जिवाले सीता रै सतबंती , क्यां तै जिवाले हनुमान जती , लिछमन कै । सत तै जिवाले सीता रै सतबंती , बूटी तै जिवाले हनुम...
haryanvi-bgc
उदना रेख करम में खाँची उदना रेख करम में खाँची । होन हार सो साँची । जैसी लिखी भाग में भाबई आन अगारूॅ नाँची । पक्की मौत होत पाँवँन की उबै गिनो ना काँची । राखी बात आपविघ हाँतन आन बदे मैं बाँची साजी बुरई ईसुरी चर्चा सिनसारी में माँची ।
bundeli-bns
सपने में आए भरतार सपनौ तौ देखौ बहना मेरी रात में जी ऐजी कोई सपने में आये भरतार ॥ 1 ॥ सपनौ तौ . घोड़ा है बाँधो बहना मेरी थान पै री ऐरी मेरे आये हैं महल मझार ॥ 2 ॥ पाँचों उतारे पियाजी ने कापड़े जी एजी कोई खोलि धरे हथियार ॥ 3 ॥ अचकपचक तो पलका पै पग धरौजी ऐजी मैं लीनी झटकि जगाय ॥ 4 ॥ उंगली पकरि के बैठी मोय कर लई जी एजी कोई...
braj-bra
कदी आ मिल यार प्यारिआ कदी आ मिल यार प्यारिआ । तेरीआँ वाटाँ तों सिर वारिआ । कदी आ मिल यार प्यारिआ । चढ़ बागीं कोइल कूकदी । नित सोजे़अलम1 दे फूकदी । मैनूँ ततड़ी को शाम विसारिआ । कदी आ मिल यार प्यारिआ । बुल्ला सहु कद घर आवसी । मेरे बलदी भा2 बुझावसी । ओहदी वाटाँ तों सिर वारिआ । कदी आ मिल यार प्यारिआ ।
panjabi-pan
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोलालहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा म्हारा सासूजी तो गढ़ रा मालक सा इण लहेरि...
rajasthani-raj
रंग उड़े रे गुलाल इना घर में रंग उड़े रे गुलाल इना घर में पाणी पड़े रे तुबार इना घर में जई ने कीजो कचेरी बिठईया से दफ्तर के लिखईया से दाई ने बेग बुलावे इना घर में दाई बुलाय जच्चा क्या फरमाव हम घर नाको मोड़ाय इना घर में जई ने किजो उना सार का खिलईया से पांसा का जितईया से सासू जी ने बेग बुलाव इना घर में सासू बुलाय बच्चा क...
malvi-mup
आल्हा ऊदल बज पड़ गैल आल्हा पर ओ पर गिरे गजब के धार जब से ऐलों इन्द्रासन से तब से बिदत भैल हमार पिल्लू बियायल बा खूरन में ढालन में झाला लाग मुरचा लागि गैल तरवारन में जग में डूब गैल तरवार आल्हा लड़ैया कबहीं नव् देखल जग में जीवन में दिन चार एतना बोली डेबा सुन गैल डेबा खुसी मंगन होय जाय खोलै अगाड़ी खोलै पिछाड़ी गरदनियाँ दे...
bhojpuri-bho
अरै मैं बुरी कंगाली धन बिन अरै मैं बुरी कंगाली धन बिन कीसी रै मरोड़ ? भोगा , बुरी रै कंगाली , धन बिन कीसी रै मरोड़ धनवन्त घरां आणके कह जा निरधन ऊँचीनीची सब सह जा सर पर बंधाबंधाया रह जा माथे पर का रै मोड़ । अरै मैं बुरी कंगाली धन बिन कीसी रै मरोड़ निरधन सारी उमर दुख पावे भूखा नंग रहके हल बाहवे भोगा , बिना घी के चूरमा ते...
haryanvi-bgc
झूले नदलाल झुलाओ सखी पालना झूलें नंदलाल झुलाओ सखी पालना काहे के तोरे बनो पालना , काहे के लागे फंुदना । झूलें नन्दलाल . . . अगर चंदन के बने हैं पालना , रेशम की डोरी रुपे के लागे फंुदना । झूलें नन्दलाल . . . को झूलें को जो झुलावे , को जो बलैया लेत मुख चूमना । झूलें नन्दलाल . . . कान्हा झूले , सखिया झुलावें , यशोदा बलैया ...
bundeli-bns
352 एह रसम कदीम है जोगियां दी ओहनूं मारदे ने जेहड़ी टुरक दी ए खैर मंगदे दियां फकीर ताई अगे कुतयां दे वांग घुरकदी ए एह खसम नूं खान नूं किवें दसी जेहड़ी खैर देंदी पई झुरकदी ए एक पेरनी के अहलवाननी ए इके कंजरी ए किसे तुरक दी ए पहले फूक के अग मताबियां नूं पिछों सरद पानी वेख बुरकदी ए रन्न गुंडी नूं जिथों पैजार1 वजन ओथों चुप ...
panjabi-pan
तेरा हर्या पीपल सौंपल डाली भौं पड़ै तेरा हर्या पीपल सौंपल डाली भौं पड़ै एक आरतड़े की मैं सार न जाणूं क्यूंकर कीज्या बटणां आरता एक दूर देसां तै मेरी नणन्द आई आरता समझाईयां एक डाल छोटा पेड़ मोटा कर दे सुहागण आरता तेरे हाथ कसीदा गोद भतीजा कर दे सुहागण आरता तेरे हाथ लोटा गोद बेटा कर दे सुहागण आरता तेरे हाथ तोरी गोद छोरी कर...
haryanvi-bgc
हमखो न अखिया दिखाओ मोरे सैया हमखों न अंखिया दिखाओ मोरे सैयां । दइजे में तुमने रुपये गिना लये , रुपया गिना के कायको बिकाय गये । अब खरीखोटी न सुनाओ मोरे सैयां । हमखों . . . दइजे के धन पे बने पैसा वारे , छैल छबीले बने बाबू प्यारे रौब कछु न जमाओ अब सैयां । हमखों . . . चूल्हा न करहों चौका न करहों बासन न करहों पानी न भरहों क...
bundeli-bns
सूती थी रंग महल में सूती थी रंग महल में , सूती ने आयो रे जन जाणु , सुपना रे बैरी नींद गवाईं रे सुपने में आग्या जी , म्हारी नींद गवाग्या जी सूती है सुख नींदा में म्हाने तरसाग्या जी सुपना रे बैरी नींद गवाईं रे तब तब महेला ऊतरी , गई गई नन्दल रे पास , बाईसा थारो बिरो चीत आयो जी पूछे भाभी गेली बावली , बीरोजी गया है परदेस , ...
rajasthani-raj
राई राई राई बोको राई घाटो गोना घाटो बेडेजे राई राई राई बोको राई घाटो गोना घाटो बेडेजे राई राई राई बोको राई घाटो गोना घाटो बेडेजे गोना घाटो बेडेजे बोको सारी गागंड़ा सारी मकड़ाई फिरीयो गोना घाटो बेडेजे बोको सारी गागंड़ा सारी मकड़ाई फिरीयो रुपयो झोला कान्डोयो बोको सारी मकड़ाई सारी गागंड़ा फिरीयो रुपयो झोला कान्डोयो बोको स...
korku-kfq
जल भर ले हिलोरें हिलोर रसरिया रेशम की जल भर ले हिलोरें हिलोर रसरिया रेशम की अरर जल भर ले हिलोरे हिलोर रेशम की रसरी तब नीकी ल़ागे सोने की गगरिया होय रसरिया रेशम की सोने की गगरी तब नीकी लागे सुघड़ महरिया होय रसरिया रेशम की सुघड़ महरिया तब नीकी लागे साथे में छैला होय रसरिया रेशम की साथे म छैला तब नीको लागे गोदी म ललना होय...
awadhi-awa
9 मौजू चौधरी पिंड दी पांध1 वाला चंगा भाइयां दा सरदार आहा अठ पुत्र दो बेटियां तिसदिआं सन वडा टबर अते परिवार आहा भले भाइआं विच प्रतीत उसदी मंनिआ चोंतरे विच सरकार आहा वारस शाह एह कुदरतां रब्ब दीयां ने धीदो नाल उस बहुत पयार आहा
panjabi-pan
केलवा जे फरये ला घवद से ओहपर केलवा जे फरये ला घवद से ओहपर सुगा मंडराय उ जे खबरी जनइबो अदित्य से सुगा दिहले जुठीयाय उ जे मरबउ रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरुछाय सुगनी जे रोवय वियोग से आदित्य होऊ न सहाय नारियलवा जे फरये ला घवद से ओहपर सुगा मंडराय उ जे खबरी जनइबो अदित्य से सुगा दिहले जुठीयाय उ जे मरबउ रे सुगवा धनुष से सुग...
bhojpuri-bho
अंगिका फेकड़ा अटकनमटकन , दहिया चटकन बर फूले , करेला फूले इरिचमिरिच मिरचाय के झावा हाथी दाँत समुद्र के लावा लौआ लाठी चन्दन काठी मार पड़ोकी पाँजड़ तोड़ । कागजपत्तर कलम दवात इटा पाटी सोने के टाट टाट गिरा दे पूरे आठ । चिल्लर पटपट , गंगा हो लाल हथिया सूढ़ ठुट्ठोॅ पीपर पतझाड़ कौआ कानोॅ , तेली बेमानोॅ मियाँ ढोलकिया , फूस कन्ह...
angika-anp
घरी घरी पै ईसुरी, घरी सौ दृगन दिखात घरी घरी पै ईसुरी , घरी सौ दृगन दिखात , मुईयाँ बाँके छेल की , नजर न भूलत रात । ऑखियाँ तरसें यार खाँ कबै नजर मिल जाय , नजर बचा के ईसुरी रजऊ बरक कड़ जाय । तरै तरै के करत हैं , तेरे ऊपर प्यार , हमहँ अकेले एक हैं , रजऊ की दमके यार । घातें सबई लगाँय हैं , घर खोरन की कोद , ईसुर डूबे रसरँगन ...
bundeli-bns
मृत्यु गीत टांडो लाद चल्यो बणजारो । टेक अरे मन लोभी थारो काई रयण को पतियारो । चौक1 गिर पड्यो कोट , बिखर गइ माटी ॥ माटी को हुइ गयो गारो , थारो कइ रयण को पतियारो । मन लोभी थारो कइ रयण को पतियारो । चौक2 वाड़ लगायो तुन बहुत रसीलो भाई जेकि पेरी को रस न्यारोन्यारो । थारो रयण को कइ पतियारो । चौक3 बुझ गयो दीपक जळ गइ बाती ॥ भाई...
bhili-bhb
570 हीर नाल फिराक1 दे आह मारी रब्बा वेख असाडियां भखन भाही अगे अग पिछे सप शीह सांडे साडी वाह ना चलदी चैही राही इके मेलसाइयां रांझा यार मैंनूं इके दोहां दी ऊमर दी अलख लाही एडा केहर कीता देस वालया ने एस शहर नूं कादरा अग लाई
panjabi-pan
375 भला दस खां जोगिया यार साडा हुण केहड़ी तरफ नूं उठ गया वेखां आप हुण केहड़ी तरफ फिरदा अते मुझ गरीब नूं कुठ1 गया रूठे आदमी घरां विच आन मिलदे गल समझ जा बधड़ी मुठ2 गया घरां विच पैंदा गुनां सजनां दा यार होर नाहीं किसे गुठ गया घर यार ते ढूंढ़दी फिरे बाहर किते महल ना माड़ियां उठ गया सानूं चैन आराम ते सबर नाहीं सोहणा यार जदो...
panjabi-pan
नइहर वाली लाड़ो माथे चाँद चमके नइहर वाली लाड़ो माथे चाँद चमके । अम्माँ वाली लाड़ो माथे चाँद चमके ॥ 1 ॥ माँगे लाड़ो के टीका सोभे , मोतिया की झलक देखा री लाड़ो । अम्माँ पेयारी लाड़ो माथे चाँद चमके ॥ 2 ॥ नाके लाड़ो के बेसर सोभे , चुनिया1 अजब बिराजे लाड़ो । नथिया अजब बिराजे लाड़ो , माथे चाँद चमके ॥ 3 ॥ काने लाड़ो के बाली2 ...
magahi-mag
असमानों उत्तरी इल्ल वे (ढोला) असमानों उत्तरी इल्ल वे तेरा केहड़ी कुड़ी उत्ते दिल वे सभ्भे ने कुआरियाँ , जीवें ढोला ढोल मक्खना दिल परदेसियाँ दा राज़ी रखना भावार्थ ' आकाश से चील उतरी अरे तुम्हारा किस युवती पर दिल है ? सभी कुंवारी हैं जीते रहो , सजन ओ सजना ओ मक्खन परदेसीओं का दिल राज़ी रखना '
panjabi-pan
246 भोग भोगना दुध ते दहीं पीवन पिंडा पालके रात दिन धोवना एं खरा कठन है फकर दी वाट झागन1 मुंहों आखके काहे वगोवना एं वाहें वंझली त्रीमतां नित घूरे गाईं महीं वलायके चोवना एं वारस आख जटा केही बनी तैनूं सुआद छडके खेह2 क्यों होवना एं
panjabi-pan
दादा मियाँ लगाइन घनी बगिया दादा मियाँ लगाइन1 घनी बगिया । मेवा तोड़ तोड़ खइहे , मेरे लाल बने2 ॥ 1 ॥ ससुर भँडुए की साँखरी गलिया । दामन मोड़ मोड़ चलिहो मेरे लाल बने ॥ 2 ॥ दादा मियाँ की ऊँची दलनियाँ3 । जहाँ सासु को नचइहो4 मेरे लाल बने ॥ 3 ॥ बाबा मियाँ लगाइन घनी बगिया । मेवा तोड़ तोड़ खइहे , मेरे लाल बने ॥ 4 ॥ साले भँडु़ए क...
magahi-mag
आया था ओ गेहूं काट कै आया था ओ गेहूं काट कै आंदे ठाली लाठी मार छेत्त के पूछण लाग्या चोट कड़ै सी लागी
haryanvi-bgc
मेरे राजा भीजै मेरी चम्पा साड़ी मेरे राजा भीजै मेरी चम्पा साड़ी मैं तुम ते पूछूं हो मेरे राजा कैसी लगै पनिहारी जैसी दूध पै जमे मलाई मेरी गोरी ऐसी लगै पनिहारी मेरे राजा . . . मैं तमतै पूछूं हो मेरे राजा कैसे लगै घरआली जैसी चुभच्चै मैं आवै बदबोई मेरी गोरी ऐसी लगै घरआली मेरे राजा . . . लिखलिख चीट्ठी बीरण पै भेजूं मेरे राज...
haryanvi-bgc
बने दूल्हा छवि देखो भगवान की बने दूल्हा छवि देखो भगवान की , दुल्हन बनी सिया जानकी । जैसे दूल्हा अवधबिहारी , तैसी दुल्हन जनक दुलारी , जाऊ तन मन से बलिहारी । मनसा पूरन भई सबके अरमान की । दुल्हन बनी . . . ठांड़े राजा जनक के द्वार , संग में चारउ राजकुमार , दर्शन करते सब नरनार धूम छायी है डंका निशान की । दुल्हन बनी . . . सि...
bundeli-bns
अंगिका बुझौवल तोहरा कन गेलाँ लेॅ केॅ बैठलाँ । पीढ़ा तोहरा कन गेलाँ खोली केॅ बैठलाँ । जूत्ता चानी हेनोॅ चकमक , बीच दू फक्का जे नै जानेॅ , जे नै जानेॅ ओकरोॅ हम्में कक्का । दाँत हिन्हौ टट्टी , हुन्हौ टट्टी बीच में गोला पट्टी । जीभ हाथ गोड़ लकड़ी पेट खदाहा जे नै बूझै ओकरोॅ बाप गदहा । नाव फरेॅ नै फूलै , ढकमोरै गाछ । पान जड़...
angika-anp
फागुन के आइल बहार हो बलमुआ फागुन के आइल बहार हो बलमुआ छोड़ द नोकरिया घरे आव , आहे घरे आव । । टेक । । घरहिं खिअइबो तोहे पूरी मिठइया ऊपर से तोहके सेजिया सूताइब हींक भरि जिअब लहालोट हो , बलमुआ छोड़ द नोकरिया घरे आव , आहे घरे आव । । टेक । । कर्मेन्दु शिशिर के संग्रह से
bhojpuri-bho
मान उतारने का गीत खोलोखोलो वो माता खोलो वो किंवाड़ । खोलोखोलो वो माता खोलो वो किंवाड़ । तारा आँगणें वो माता नर्याल वो दुइ चार । तारा आँगणें वो माता नर्याल वो दुइ चार । खोलोखोलो वो माता खोलो वो किंवाड़ । खोलोखोलो वो माता खोलो वो किंवाड़ । तारा आँगणे वो माता बुकड़ा वो दुइ चार । तारा आँगणे वो माता बुकड़ा वो दुइ चार । खोलो...
bhili-bhb
गांजा बुबुलेयन मानेला जा सिडु बुबुलेयन मानेला गांजा बुबुलेयन मानेला जा सिडु बुबुलेयन मानेला गांजा बुबुलेयन मानेला जा सिडु बुबुलेयन मानेला मानेला पान्तारी कोरा कीटजे मानेला मानेला पान्तारी कोरा कीटजे मानेला रही रुपों जड़ी तालान आमा रानी ताड़ान भोले रही रुपों जड़ी तालान आमा रानी ताड़ान भोले ओ बिडेजा मानेला ओ बिडेजा मानेल...
korku-kfq
काबर समाये रे मोर काबर समाये रे मोर , बैरी नैना मा काबर समाये रे मोर , बैरी नैना मा झूलत रहिथे तोरे चेहरा ए हिरदे के अएना मा काबर समाये रे मोर , बैरी नैना मा काबर समाये रे मोर , बैरी नैना मा अपने अपन मोला हांसी आथे सुरता मा तोर रोवासी आथे अपने अपन मोला हांसी आथे सुरता मा तोर रोवासी आथे का जादू डारे ए ए रे टोनहा तैं ए प...
chhattisgarhi-hne
चलो मनवा उस देश को चलो मनवा उस देश को , हंसा करत विश्राम १ वा देश चंदा सुरज नही , आरे नही धरती आकाश अमृत भोजन हंसा पावे बैठे पुरष के पासा . . . चलो मनवा . . . २ सात सुन्न के उपरे , सतगरु संत निवासा अमृत से सागर भरिया कमल फुले बारह मासा . . . चलो मनवा . . . ३ ब्रह्मा विष्णु महादेवा , आरे थके जोत के पासा चैदह भवन यमराज ह...
nimadi-noe
कहवाँ में रोपबई हरी केबड़ा अहो रामा कहवाँ में रोपबई हरी केबड़ा अहो रामा कहवाँ में रोपबई बेइलिया अहो रामा । नइहरा में रोपबई हरी केबड़ा अहो रामा ससुरा में रोपबई बेइलिया अहो रामा । पनिए पटयबई हरी केबड़ा अहो रामा दूधवे पटयबई बेइलिया अहो रामा । काँचे सूते गुँथबई हरी केबड़ा अहो रामा रेसम सूते गुँथबई बेइलिया अहो रामा । के मोर...
magahi-mag
लागा झुलानिया प धक्का लागा झुलानिया प धक्का , बलम कलकत्ता पहुंची गए कैसे क मति मोरी बैरन होई गई कीन्ह्यो मैं हठ अस पक्का , बलम कलकत्ता . . . लागे जेठानिया के बोल बिखै ज़हर से लागा करेजवा में लुक्काआग , बलम कलकत्ता . . . रेक्सा चलायें पिया तांगा चलायें झुलनी के कारण भयें बोक्का पागल , बलम कलकत्ता . . . बरहें बरिस झुलनी ...
awadhi-awa
मेरे सीस पै घड़ा घड़े पै झारी मेरे सीस पै घड़ा घड़े पै झारी पतली जी पाणी जाए नार सांवलड़ी कोए काहे बटेऊ जाय कुएं पै पाहुचा कोए बूझण लाग्या नार बात सांवलड़ी गोरी एक घूंट पाणी पिलाय दूर का प्यासा मेरा संग अकेला जाए पाणिडा पिला दे मैं तो क्यूंकर पाणिडा पिलाऊं नहर जल भारी कूएं का जल खारी रे मेरी सास बड़ी जल्लाद खसम मेरा खू...
haryanvi-bgc
भरथरी लोक-गाथा - भाग 3 चल मिरगा ल राम मय जियावॅव दाई मोर अमरित पानी ल लावॅव ओ जोगी लार्वव ओ , भाई ये दे जी । घोड़ा मा मिरगा ल लादिके भरथरी ये ओ देखतो दीदी चले जावत हे गोरखपुर म न चले जावय गिंया गोरखनाथ गुरु धुनि रमे हे न जेकर तीर म जाय भरथरी ओ भरथरी ओ , भाई ये दे जी । लगे हे धुनिबाबा के गोरखनाथ के ओ घोड़ा म मिरगा ल लाद...
chhattisgarhi-hne
चाय पी पी के दूध घी की कर दई महगाई चाय पी पी के दूध घी की कर दई महंगाई । बड़ी आफत जा आई । बेंचे दूध घरे न खावें , लड़का वारे बूंद न पावें । चाहे पाहुन लो आ जावें देवी देवता लो होम देशी घी के न पाई । । बड़ी . . . घर को बेंचे मोल को धरते , रिश्तेदारों से छल करते , जे नई बदनामी से डरते , डालडा से काम चले हाल का सुनाई । बड...
bundeli-bns
कहमाँ गमोलँ तोहूँ एता दिन सिवजी कहमाँ गमोलँ1 तोहूँ एता2 दिन सिवजी , पियरी3 जनेउआ कहाँ पावल4 हे । गेलियो5 हम गेलियो गउरा तोहरो नइहरवा , बराम्हन रचल धमार6 हे । एता दिन हमें गउरी सासुर7 गमउली8 सुखे9 सुखे गेल ससुरार हे ॥ 1 ॥ तुहूँ गमौलऽ सिउजी अइसे से ओइसे , नयना काजर कहाँ पाव10 जी । गेलियो हम गउरा हे तोहरो नइहरवा , सरहजवा ...
magahi-mag
बिच्छू उतारने का मंत्र काली गाय कपने गई , हरे डूंगरे गई वहाँ से चिरि फिरि सागड़े गोठाणे गई वाहाँ एक पोठो करीयो एक पोठाम् बारेह विछु निकल्या , एक विछु चोटी पे चड्यो मेर से निहि उतरे मेरा गुरू उतारा , इस मंत्र को एक बार में नही उतरे तो 10 मिनिट बाद दुबारा बोलना और जहाँ तक चढ़ा हुआ है वहाँ तक हाथ फेरतेफेरते नीचे की ओर लात...
bhili-bhb
फाग गीत नाचण तो नाचण चाली ढोल गेरो वाजे रे । होळी आगे गेरिया झरावर नाचे रे , हालो देखाने । हाँ रे हालो देखाने हवजी वालो जायो नाचे रे , हालो देखाने । एक पत्नी कहती है कि नाचने वाली नाचने का चली , ढोल अच्छा बज रहा है , देखने को चलो । मेरा पति भी नाच रहा है ।
bhili-bhb
अंछरयों की राणी झूमझमा झम , खुटों का झाँवर रे , अंछर्यो1 की राँणी आई , गीत गान्दरे । नौ सोर मुरली बाजी , मोछंग2 की धुन म फूलू की पंखुड़ी , भौंर का गीतू म । . . . . . . . ओजी हो धमधमाधम , भौंरों की बरात रे अंछर्यों की राँणी आई , फूल फुलान्दी रे । बाँज की डाल्यों म आई , बुराँस का फूलू म , फ्योंलि का फूलू म आई , झमकदा गीत...
garhwali-gbm
देवी मैया के दरस कूँ देवी मैया के दरस कूँ घर से निकरौ लाँगुरिया ॥ टेक माथे तिलक सिंदूर कौ रे टोपी पहरी लाल , पीरे कुरता पै पड़ी रे गल फूलन की माल ॥ देवी . झण्डा सोहै हाथ में रे बाजत मुख से बैन , काजर कटीली डार कै री खूब चलावत सैन ॥ देवी . मेंहदी रच रही हाथ में रे घड़ी कलाई सोह , ठुमक 2 कै वो चलै री दिल कूँ लेवे मोह ॥ द...
braj-bra
दूब का डांडळा अकाव का फूल दूब का डांडळा अकाव का फूल , राणी ओ मोठी बहू अरघ देवाय । अरघ दई नऽ वर पाविया , अमुक सरीका भरतार । आतुली पातुली , लाओ रे गंगाजल पाणी , न्हावण करऽ रनुबाई राणी । रनुबाई , रनुबाई , खोलो किवाड़ , पूजण वाळई ऊभी दुवार । पूजण वाळई काई माँगऽ । दूध , पूत , अहवात माँगऽ । हटियाळो बाळो माँगऽ । जटियाळो भाई म...
nimadi-noe
इक दिन जा बैठी सो डार के पटा इक दिन जा बैठी सो डार के पटा ईने बना दये , बिना नोन के भटा तनक चीखो तो मतारी मोरी , बोलो तो , कैसी जा ढूंड़ी दुलईया एक दिन जा बैठी सो ले रई पुआर और खीर मे लगा दओ हींग को बघार तनक सूँघो तो मतारी मोरी , बोलो तो , कैसी जा ढूंड़ी दुलईया इक दिन जा बैठी सो कर रई सिंगार और ओंठ मे लगा लओ ईने पाँव क...
bundeli-bns
मोटी सी साड़ी ल्या दै हो मोटी सी साड़ी ल्या दै हो जिसकी चमक निराली . . . जलियाँवाला बाग का जलसा डायर फायर करता हो भारत का बदला लेने को लंदन में शेर विचरता हो डायर मारया , खुद मरया गया ना वार कती खाली मोटी सी साड़ी ल्या दै हो जिसकी चमक निराली . . . .
haryanvi-bgc
539 अजू बन्ह खड़ा हथ पीर अगे तुसी लाडले परवरदगार1 दे हो तुसी फकर अलाह दे पीर पूरे विच रेख2 दे मेख3 नूं मारदे हो होवे दुआ कबूल पयारयां दी दीन दुनी4 दे कम सवारदे हो अठे पहर खुदा दी याद अंदर तुसी नफस5 शैतान नूं मारदे हो हुकम रब्ब दे थी तुसी नहीं बाहर पीर खास हजूर दरबार दे हो मेरी नूंह नूं सप्प दा असर होया तुसी कील मंतर सप...
panjabi-pan
काली हो गोलन बेटी काली हो गोलेन काली हो गोलन बेटी काली हो गोलेन काली हो गोलन बेटी काली हो गोलेन काली हो गोलन बेटी जूरेना काली हो गोलन बेटी जूरेना तेरा मायू से गोदी वो बेटी रावसी बोली तेरा मायू से गोदी वो बेटी रावसी बोली सुसरा से गोदी वो बेटी काली हो गोलेन सुसरा से गोदी वो बेटी काली हो गोलेन काली हो गोलन बेटी जूरेना काल...
korku-kfq
करूं कढ़ाई गुलगुला सेढल माता धोकन जाय करूं कढ़ाई गुलगुला सेढल माता धोकन जाय । इब म्हारी सेढल माता राज्जी होय । दादी दायला फूल्या नहीं समाय ।
haryanvi-bgc
यारौ पर नारी से बरकौ यारौ पर नारी से बरकौ । येइ हुकुम है हरकौ । ई कलजुग कौ जाल कठिन है । रहवौ बड़ी खबर कौ । जिनके संगै परी भांवरैं । जोड़ा नारी नर को । जो सुख चाहौ घरी भरेकौ । मिटे जनम को खटकौ । ईसुर स्याम आस सब छोड़ौ भजन करौ रधुवर कौ ।
bundeli-bns
विदाई गीत तारा घर मा हिरे भर्यो हिडोलो , हिचणे वालि काहाँ चालि वो बेनी । तारा भाइ काजे हेलिमेलि लेजी वो , हिचणावालि , काहाँ चालि वो बेनी । तारि भोजाइ के हेलिमेलि वो हिचणावालि , बेनी काहाँ चालि वो । तारा बावा के हेलिमेलि लेजी वो हिचणावालि , बेनी काहाँ चालि वो । तारि माय काजे हेलिमेलि लेजि वो हिचणावालि , बेनी काहाँ चालि ...
bhili-bhb
बागां में मेंहा बरसै सरवर पै मेंहा बरसै बागां में मेंहा बरसै सरवर पै मेंहा बरसै मत बरसै इन्दर मेरी मां का जाया बरसै माला पै रंग बरसै चम्पा पै रंग बरसै मत बरसै इन्दर राजा थाली में बीरा बरसै
haryanvi-bgc
मैं आई थी मीठियां की लालच मैं आई थी मीठियां की लालच फीकी दे भुला दई । मैं आई थी गेहुआं की खात्तर बाजरा की दे भुला दई । मैं आई थी घणियां की खात्तर दो दो दे भुला दई ।
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श्रमिक बोल १ . बोलीबोलऽ , चोली खोलऽ , चोली के भीतर , लाल कबूतर , खाए के मांगे , सबुज दाना , धरधर लेइयें पर , पांजर मोटा , खइबऽ सोटा , धर धरेसी , ध के पेसी , पेसन वाला , है मतवाला , ढिलवा भैया , करे ढिलाई , ओकर मउगी , करे सगाई । २ . हाथ भरो जी हैसा , जोर करो जी हैसा , जोर जुगुती हैसा , हो छुट्टी हैसा , छुट्टी होना हैसा ...
bhojpuri-bho
कहमा रे हँसा आवल, कहमा समाएल हो राम कहमा रे हँसा1 आवल2 कहमा समाएल3 हो राम । कउन गढ़ कयलक4 मोकाम5 कहाँ रे लौटि जायत हो राम ॥ 1 ॥ निरगुन से हंसा आवल , सगुना समायल हो राम । बिसरी गयल हरिनाम , माया में लपटायल हो राम ॥ 2 ॥ नया रे गवनमा के आवल , पनियाँ के6 भेजल हो राम । देखल कुइयाँ के रीत , से जिया घबड़ायल हो राम ॥ 3 ॥ डोलवो...
magahi-mag
सोना के ढकनी में हरदी परोसल सोना के ढकनी1 में हरदी परोसल2 । उपरे3 लहलही दूभ4 हो , सिरवा5 हरदी चढ़ावे ॥ 1 ॥ पहिले चढ़ावे बराम्हन अप्पन6 । तब सकल परिवार हो , सिरवा हरदी चढ़ावे । सोना के ढकनी में हरदी परोसन । उपरे लहलही दूभ हो , सिरवा हरदी चढ़ावे ॥ 2 ॥ पहिले चढ़ावे बाबा जे अप्पन । तब सकल परिवार हो , सिरवा हरदी चढ़ावे ॥ 3 ...
magahi-mag
परस बठंता अपना बाबल बुज्झा परस बठंता अपना बाबल बुज्झा कहो तो कात्तक न्हाल्यूं हो राम कातक न्हणा बेटी बड़ाए दुहेल्ला लाइयो बाग बगीचे हो राम दूध घमोड़ती अपनी मायड़ बुज्झी कहो तो कात्तक न्हाल्यूं हो राम कात्तक न्हाणा बेटी बड़ाए दुहेल्ला सिंच्चो धरम की क्यारी हो राम धार काढ़ता अपना बीरा बुज्झा कहो तो कात्तक न्हाल्यूं हो रा...
haryanvi-bgc
किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ दादा किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ दादा चार दल थारै ऊमहे एक दल आप दल दूजा बाप दल तीजा दल घर के भातिआ चौथे दल ऊधली का री जाया मौड बांध के बन्ना आइया किस नींद सूत्या मेरा लक्खी ओ बाबल चार दल थारै ऊमहे एक दल आप दल दूजा बाप दल तीजा दल घर के भातिआ चौथे दल ऊधली का री जाया मौड़ बांध के बन्ना आइया
haryanvi-bgc
मेरी बीबी सोवै अटरिया मेरी बीबी सोवै अटारिया पहने है झुमके बालियां बीबी सोई सोई उठ जागियां अपने बाबा दादा से बर मांगिया बाबुल एक कहा मोरा कीजिये मुझे राय रतन बर दीजियो बेटी रायरतन सिर सेहरा जैसे बागों में खिल रहा केवड़ा बेटी मत कर मन पछतावड़ा तेरी अम्मा गोरी बाबल सांवला बेटी आप किसन भी सांवले रुक्मण का रंग ऊजला
haryanvi-bgc
बिछिया पेरिया आपका बिछिया पेरिया आपका अपणा सुहाग का आनड़िया रा बाप का अलबेली जच्चा मान करो मान करो , गुमान करो री जच्चा मान करो तोड़ा पेरिया आपका अपणा सुहाग का कीकाजी रा बाप का अलबेली जच्चा मान करो
malvi-mup
लाल मेरी अँगिया न छूऔ लाल मेरी अँगिया न झूऔ , तिहारे करूँगी कपोलन लाल ॥ टेक यह अँगिया नाहिं धनुष जनक को , छुबत टुटौ तत्काल ॥ लाल . नहिं अँगिया गौतम की नारी , छुबत उड़ी नन्दलाल ॥ लाल . गिरिधर धारि भये गिरधारी , नहिं जानौ बृजलाल ॥ लाल . जावौ तुम खाबौ सुदामा के तन्दुल , गैयन के प्रतिपाल ॥ लाल . कहा बिलोकत कुटिल भृकुटि कर ...
braj-bra
आपणो संग रलाईं प्यारे आपणो संग रलाईं प्यारे , आपणो संग रलाईं । पहिलों नेंहु लगाया सी तैं , आपे चाई चाई । मैं लाा ए कि तुध लाया , आपणी ओड़ निभाई । आपणो संग रलाईं प्यारे । राह पवाँ ताँ धाड़े बेले , जंगल लक्ख बलाईं । भौंकण चीते ते चित्त मुचित्ते1 , भौंकण करन अदाईं । आपणो संग रलाईं प्यारे । पार तेरे जगतार चढ़ेआ , कन्ढे लक्...
panjabi-pan
ईसुरी की फाग-23 ऐसी हती रजउ की सानी दूजी नईं दिखानी । बादशाह कै बेगम नइयाँ ना राजा घर रानी । तीनऊ लोक भुअन चौदा में ऐसी नईं दिखानीं । ईसुर पिरकट भईं हैं जग में श्री वृषभान भुबानी । भावार्थ महाकवि ' ईसुरी ' का अपनी प्रेयसी ' रजऊ ' से मिलन नहीं हो पाया । इस वियोग में ' रजऊ ' के रूप की प्रशंसा करते हुए वे कहते हैं — मेरी ...
bundeli-bns
अबै जिन बरसो बादरा रे अबै जिन बरसो बादरा रे बरसन लागे बादरा रे , चुंअन मोरे लागे बांगला रे । अबै . . . चुंअन मोरे लागे बांगला रे , भींजन मोरे लागे पालना रे । अबै . . . भींजन मोरे लागे पालना रे , रोबन मोरे लागे लालना रे । अबै . . . अबै घर नइयां साजना रे । अबै . . .
bundeli-bns
बाना गीत कुणे कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । बइण कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । कुणे कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । भोजाई कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । कुणे कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । भाई कह्यो ने गुदड़ये बठो रे बनो । जमीन पर गादी बिछाकर दूल्हादुल्हन को बैठाते हैं , जिसे बाना बैठाना कहा जाता है । दूल्हे के बाने बैठने प...
bhili-bhb
सकल गुण धाम अम्बे तू भला क्या गान गाऊ मै सकल गुण धाम अम्बे तू , भला क्या गान गाऊ मैं । बनाऊँ साज पूजन को , कहाँ पर साज पाऊँ मैं । तुमईं हो व्याप्त ग्रंथों में , तुमईं वेदों पुराणों में । कहाँ वह ज्ञान है मुझको , जो माता को सुनाऊँ मैं । । मृदुल सुचि पद्म आसीना , कहाँ आसन बनाऊ मैं । लगैया पार अब नैया , तेरो सो कौन पाऊँ म...
bundeli-bns
म्हारा दादाजी आया, म्हारी माता हो आया म्हारा दादाजी आया , म्हारी माता हो आया दामा रो लोभी बीरो घर रयो तम क्योंनी आया म्हारा माड़ी रा जाया तम बिना सूनी म्हारी बिरदड़ी विरद अलोणी बीरा , थारी बेन अलोमी कड़ही री चीगट म्हरे चढ़ रई थारा पिछवाड़े बेन्या गंगा हो जमना न्हाईधोई ने बेन्या चीगट हेड़जे न्हाया धोया से बीरा उजला नी द...
malvi-mup
मेरे टांडै मैं सोला सै राणी मेरे टांडै मैं सोला सै राणी पर तेरै सिकल की नहीं सै तैं तो चाल मेरे ए टांडे मैं राणी ओड़ै बिछ रहे पिलंग जरी के तेरे आग लागै टांडै कै जले बल जाइयो हो पिलंग जरी के तेरी गठड़ी में दाम कोन्या जले तैं तो ठगदा फिरै सै जगत नै मेरी गठड़ी मैं दाम भतेरे दिन छिपदे ए ले ल्यूंगा फेरे पर तिरिआ ना अपणी होव...
haryanvi-bgc
झूलण आली बोल बता के बोलण का टोटा झूलण आली बोल बता के बोलण का टोटा झूलण खातर घल्या करैं सैं पींघ सामण में मीठी बोली तेरी सै जणो कोयल जामण में तेरे दामण में लिसकार उठै चमक रिहा घोटा झूलण आली बोल बता के बोलण का टोटा लरज लरज कै जावै से योह् जामण की डाली पड़ के नाड़ तुड़ा लै तैं रोवै तन्ने जामण आली तेरे ढुंगे पै लटकै काला न...
haryanvi-bgc
116 काज़ी आखदा खौफ खुदाई दा कर मापे जिद चढ़े चा मारनी गे तेरी किआड़ीयों1 जीभ कढा सुट्टण मारे शरम दे खून गुजारनी गे जिस वकत दिता असां चा फतवा उस वकत ही मार उतारनी गे वारस शाह कउं तरक2 बुरयाइया नूं नहीं अग दे विच निधारनो गे
panjabi-pan
565 काज़ी आखया बोल फकीर मियां छड झूठ दे दब दबेड़यां नूं असल गल जो आख दरगाह अंदरना कर ज़िकर तूं झगड़यां झेड़यां नूं सारे देस विच धुम ते शोर होया दोवें फड़े हो आपने फेड़यां नूं एस जट दी शरम जे लाह सुटी खुआर कीता जे सयालां ते खेड़यां नूं पहलां मचयों आनके दावयां ते है सलाम वलां छलां तेरयां नूं आबू1 भुन्नदियां झाड़ के चब2 च...
panjabi-pan
बीबी तो म्हारी जैसे चन्दा चकोर बीबी तो म्हारी जैसे चन्दा चकोर लाडो तो मांगे म्हारी हाथी का दान हस्ती का दान तेरा बाबा जी देगा बाबल जी देगा म्हारे पै तो हैंगे लक्ख चार हे री लक्ख चार लाड्डो तो म्हारी जैसी चन्दा चकोर
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387 तेरे मौर लौंदे फाट खान उते मेरी फुरकदी अज मुतैहर1 है नी मेरा कुतकां2 लवे ते तेरे चुतड़ अज दोहां दा वडड़ा भेत है नी चिबड़3 वांग तेरे बिउ कढ सुटां तैनूं आया है जोर दा कहर है नी एस भेड दे खून तों किसे चिड़ के नाहीं मार लगया कदी शहर है नी उजाड़े खोर गधे वांगूं कुटिएगी तैनूं वढड़ी किसे दी विहर4 है नी वारस शाह ए मारदी रन...
panjabi-pan
पीरे पट वाले मेरे सैया पीरे पट वाले मेरे सैयां कै तुम संग किये साधुन के कै सरजू में दई गैयां । पीरे . . . ना हम संग किये साधुन के ना सरजू में दई गैयां । पीरे . . . गुण अवगुण तुम तो सब जानो तुम से नाथ झुपी नैयां । पीरे . . .
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खिल खिल गए दो दाणे अनार के खिल खिल गए दो दाणे अनार के , हां हां खिल गए दो दाणे अनार के मनैं नहाणा बणाया सभाल के , कैसे नहाऊं बिगैर दिलदार के खिल खिल गए दो . . . मनैं खाणा बनाया संभाल के , कैसे खाऊं बिगैर दिलदार के खिल खिल गए दो . . . मनैं चोपड़ सजाई संभाल के , कैसे खेलूं बिगैर दिलदार के खिल खिल गए दो . . .
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356 मथा वेख के करो इलाज इसदा रखां नजर जो दयो फरमा मैंनूं नाडी वेख के एस दी करां कारी देवे उठ के हथ दिखा मैंनूं रोग कास तों चलया करो जाहर मजा मूंह दा एह बता मैंनूं वारस शाह मियां छती रोग कटां मलकुल1 मौत दी याद दवा मैंनूं
panjabi-pan
आयो परदेसी सूबटो ले ग्यो टीली में आयो परदेसी सूबटो ले ग्यो टीली में सूं टाल एकलड़ी क्यों चाली हे इतनो बाबाजी रोहेत इतनो ताऊ जी रोहेत एकलड़ी क्यों चाली हे इतनो मामा जी रोहेत इतनो फूफा जी रोहेत एकलड़ी क्यों चाली हे आयो परदेसी सूबटो ले ग्यो टोली में सूं टाल एकलड़ी क्यों चाली हे
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ऊना सा पाणी ठंडा वई रया रे डळी बाई ना आंगणे चार खुणी बावड़ी चार खुण्यो कुंड कणे म्हारो नीर झकोल्यो रूणीजा रा देव रामदेव जी नीर झकोल्यो वणे असनान करिया सुगणा बई रा आंगणे चम्पो मोगरो कणे चंपो मरोड़ियो रूणीजा रा देव रामदेव जी वणाए चंपो मरोड़ियो
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मैया महक रहे तोरे बाग मदिरवा गर के मैया महक रहे तोरे बाग , मंदिरवा एंगर के । चम्पा चमेली केतकी फूली , मैया फूल रही कचनार । मंदिरवा . . . फूले गुलाब चांदनी बेला , केवरा की है बहार । मंदिरवा . . . कमल कुमुदनी मोंगरा फूलो , फूल रहे गुलदाख । मंदिरवा . . . दिन के राजा रात की रानी , फूलन की भरमार । मंदिरवा . . . भांतिभांति क...
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32 वाह ला रहे भाई भाबियां भी रांझा रूस हजारयों धाया ई भुख नंग नूं झागके पंध करके रातीं विच मसीत ते आया ई हथ वंझली पकड़ के रात अधी औथे रांझे नूं मजा भी आया ई रन्न मरद न पिंड विच रिहा कोई घेरा गिरद मसीत ते पाया ई वारस शाह मियां पंड झगड़ियां दी पिच्छे मुलां मसीत दा आया ई
panjabi-pan
429 उन्हां छुटदियां हाल पुकार कीती पंजसत मुशटंडियां आ गईयां वांग काबली कुतियां गिरद होइयां दा दा अललहिसाब1 लगा गईयां उन्हां अक के धक्के रख अगे घरों कढ के ताक चढ़ा गईयां धके दे के सट पलट उसनूं होड़ा बड़ा मजबूत फसा गईयां बाज तोड़के ताबयों2 लाहयों ने माशूक दी दीद हटा गईयां सूबेदार तगयार3 नूं ढा छठया वडा जोगी नूं वायदा पा ...
panjabi-pan
पहले आवै री माता जुलजुली पहले आवै री माता जुलजुली पाछे हलहल ताप सच्ची सेढ़ मसाणिया हाड़ खिणै खिणै माता निकले मोती की हुणियार सच्ची सेढ़ मसाणिया मेर करेगी री माता आपणी पाल्ले जूं झड़ जाय सच्ची सेढ़ मसाणिया तन्नै ध्यावै री माता दो जगे एक पुरुस दूजी नार सच्ची सेढ़ मसाणिया पुरस करेगा री माता बिनती वा धण लागै तेरे पांय सच्च...
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वाह वाह रमज़ सज्जण दी होर वाह वाह रमज़ सज्जण दी होर , आशकाँ दिनाँ ना समझे कोर । कोठे चढ़ के देवाँ होका , जंगल बस्ती मिले ना ठोर । वाह वाह रमज़ सज्जण दी होर । आशक देाहीं जहानी मुट्ठे , नाज़ माशूकाँ दे ओह कुट्ठे , किस तो बाँधा फट्ट तलवार । वाह वाह रमज़ सज्जण दी होर । दे दीदार सोया जद माही , अचनचेत पई गल फाही । डाढी कीती ...
panjabi-pan
सूरज कौंल (सूरज कुँवर) जाँदी मऊ कू बेटा अडयी नि लांदी । बिराणा देशा को बेटा गारो बैरी होन्दा , नि जाणो कुंवर मेरा बैरयूंकी भकौणा । मान जा सूरजू बेटा माता की अड्याई1 , दानों2 कू बोलियूं बाला ओला3 को सवाद । तेरो होलो सूरजू बाला भिमलो बजार कनि होली कुंवर तेरी नौरंगी तिवारी । तेरि खोली गणेश वाला मुख च झूमदो , तेरी भुली सुर...
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हांसी सहर से पाते मंगवा दो हांसी सहर से पाते मंगवा दो सिरसे के छीपी से रंगवा दो गाढ़ा मारा जी पीलो रंगवा दो पीलो ओढ़ म्हारी जच्चा पाणी ने चाली लाल पड़ोसिन मुख मोड़ा गाढा मारा जी पीलो रंगवा दो एडा तो शेड़ा साहबा मोर पपीहा घूंघट पर सान्ती ओम लिखा दो पति प्यारा जी पीलो रंगवा दो पीलो ओढ़ म्हारी जच्चा खेत ने चाली ननद जेठानी...
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रघुबर राजकिशोरी महल बिच खेलत रे होरी रघुबर राजकिशोरी महल बिच खेलत रे होरी । कर झटकत घूंघट पट खोलत , मलत कपोलन रोरी । महल . . . कंचन की पिचकारी घालत , तक मारत उर ओरी । महल . . . सोने के घड़न अतर अरगजा , लै आईं सब गोरी । महल . . . हिलमिल फाग परस्पर खेलत , केसर रंग में बोरी । महल . . . अपनीअपनी घात तके दोऊ , दाव करत बरजोर...
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किनका के एहो दूनूँ कुवँरा जनक पूछे मुनि जी से किनका1 के एहो2 दूनूँ कुवँरा3 जनक पूछे मुनि जी से ॥ 1 ॥ गाई के गोबर अँगना निपावल , गजमोती चउका पुरावल4 । धनुस देलन ओठगाँई5 जनक पूछे मुनि जी से ॥ 2 ॥ जे एहो धनुस करत तीन खंड , सीता बियाह घरवा ले जायत हो । किनका के एहो दूनूँ कुवँरा , जनक पूछे मुनि जी से ॥ 3 ॥ उठला सिरी रामचन्द...
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सुसराल पणै मैं चाल पड़ा रे सुसराल पणै मैं चाल पड़ा रे छोरा साइकल त्यार कर के ओले हाथ कै घड़ी बांध रह्या टेढा साफा धर कै गाम गोठ जद पहुंच लिया छोटा साला मिल गया जद साले नै करी नमस्ते साइकल नोहरै मैं डाट लिया सांझ होई जद दिया चासण नाई का आया चाल बटेऊ चालिए कुछ भोजन सा खाया थाली पै बैठ कै जद जीमण भी लाग्या चारों तरफ लखा क...
haryanvi-bgc
477 मिहतर1 नूंह2 दियां बेटियां जिद कीती डुब मोए नी छड टकानयां नूं याकूब दयां पुतरां जुलम कीता सुनया होसीया यूसफ दयां बानयां नूं हाबील कबील3 दा जंग होया छड गए पैगम्बरी बानयां नूं जे मैं जानदी मापयां बन्न देनी छड चलदी झंग मघयानयां नूं खाहश हक दी कलम तकदीर वगी मोड़े कौन अलाह दे भाणयां नूं किसे ततड़े वकत सी नेहुं लगा तुसां...
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कर जोर खड़ी गिरिजा ढिग राज दुलारी कर जोर खड़ी गिरिजा ढिंग राज दुलारी , जगदंबे अंबे हिय की तुम जानन हारी । कीन्हों न प्रगट तेइसें कारण बखान के , कर देहू सफल सेवा , अब मातु हमारी । कर जोर . . . कह सके न शेष शारद महिमा अपार है , बड़अगु पतिव्रत में जगलोक तुम्हारी । । कर जोर . . . कंचन कुंअरि सप्रेम विनय भाल कंठ से , दीन्ही...
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248 महांदेव थीं जोग दा पंथ बनया खरी कठन है जोग मुहिंम मियां कौड़ा बक बका सवाद है जोग संदा जेही घोटके पीवनी निंम मियां जहां सुन समाध दी मंडली है तहां जोड़ना है निंम झिंम मियां तहां भसम लगाइके भसम होणा पेश जाए नाहीं गबर ते डिंम1 मियां
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