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203
जेहड़े छड के राह हलाल दे नूं तकन नजर हराम दी मारिअन गे
कबर विच वहा के मार गुरजी सभे पाप ते पुन्न नतारिअन गे
रोज हशर दे एह गुनहगार सभे घत अग दे विच नघारिअन गे
उस वकत ना किसे साथ रलना खाली जेब ते दसत ही झाड़िअन गे
वारस शाह एह उमर दे लाल मोहरे इक रोज नूं आकबत1 हारियन गे | panjabi-pan |
195
आतशबाजियां छुटियां फुल झड़ियां नाले छुटियां वांग हवा मियां
हाथी मोर ते चकिया झाड़ छुटे ताड़ो ताड़ पटाखया पा मियां
सावन भादरों कुजियां खडियां ने टिंड चूहयां दी करे ता मियां
महिताबियां दे टोटके चादरां सन देन चकियां वडे रसा मियां | panjabi-pan |
152
जदों लाल कचौरी नूं खेड सइयां सभो घरो घरी उठ चलियां नी
रांझा हीर नयारड़े हो सुते कंधीं नदी दीयां महियां मलियां नी
पए वेख के दोहां इकठयां नूं टंगां लंडे दियां तेज हो चलियां नी
परे विच कैदो आन पग मारे चलो वेख लौ गलां अवलियां ने | panjabi-pan |
574
आह आशकां दी सुण अग मची वेख रब्ब दीयां बेपरवाहियां नूं
लगी अग चैतरफ जां शहर सारे कीता साफ सभ झुगियां झादियां नूं
सारे देश विच धुम्मते शोर होया खबरां पहुचियां पांधियां राहियां नूं
लोकां आखया फकर बद्दुआ दिती राजे भेजयां तुरत सिपाहियां नूं
पकड़ खेड़े करो हाजर नही जानदे जबत1 बादशाहियां नूं
चलो होवे हाजर खेड़े फड़े ने वे... | panjabi-pan |
रसराज
सुनकै पराई पीर गल जाय नैनूँघाईं
एइ आय आदमी के हिरदे की सरबस ,
भुलै निजी रागरंग , बना देत बिस्वरूप
मूल सुर तंत्रिका सें जोर देत बरबस ;
छीन करै छुद्र भाब , दिब्ब छबि प्रगटाबै
बस करैं बज्रधारी बिना तीरतरकस ,
और सब रस आयँ दरबारी सहनासे
छत्रपति स्वामी एक साँचौसौ करुन रस । | bundeli-bns |
106
रांझा हीर दी मां दे लग आखे छेड़ मझियां झल नूं आंवदा ए
मंगू वाड़ दिता विच झांगड़ी1 दे आप नहायके रब्ब धयांवदा ए
हीर सतुआं दा घरों घोल छन्ना देखो रिज़क रंझेटे दा आंवदा ए
मेरा मरन जीउण तेरे नाल मियां सुन्ना लो पया भस पांवदा ए
पंजां पीरां दी आमद तुरत होई हथ बन्न सलाम करांवदा ए | panjabi-pan |
वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे ,
कन्ने घूमरियो घुम तो गायरे ,
रासे रमे , रासे रमे ,
गोप गोपियों नी संग ,
जामयो वृन्दावन ने मार गड़े रंग ,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे ,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे .
घेरी घेरी , घेरी घेरी ,
एनी वागे मुरलियो ,
गौरी गौरी राधा ने ,
सुंदर श्यामडियो ,
वान्ना वगडा न वायरा वा... | gujarati-guj |
नागलोक में अर्जुन
द्रोपती अर्जुन , सेयां छया ।
रातुड़ी1 होये थोड़ा , स्वीणा2 ऐन भौत3
सुपिना मा देखद अर्जुन
बाली4 वासुदन्ता , नागू की धियाणी5 ।
मन ह्वैगे मोहित , चित्त ह्वैगे चंचल ।
वीं की ज्वानी मा , कनो उलार6 छौ ,
वीं की आँख्यों मा , माया7 का रैबार8 छौ ।
समलीक मुखड़ी वीं की , अर्जुन सोचण लैगे
कसु9 कैक जौलू , नाग लोक म... | garhwali-gbm |
सेले सुवान सोये लोके
सेले सुवान सोये लोके
सेले सुवान सोये लोके
सेले सुवान सोये लोेके हुई
सेले सुवान सोये लोेके हुई
निला मिरचा बगीया चरय
निला मिरचा बगीया चरय
निला मिरचा बगीया चरय हुई
स्रोत व्यक्ति परसराम पठारे , ग्राम लखनपुर | korku-kfq |
गोचाई बाबा गोचाई बाबा
गोचाई बाबा गोचाई बाबा
गोचाई बाबा गोचाई बाबा
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
कोरा कागजो पढ़ना भेज्यो
कोरा कागजो पढ़ना भेज्यो
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
गोचाई बाबा गोचाई बाबा
गोचाई बाबा गोचाई बाबा
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
बेटी केन दियो रे बनवासी रे
... | korku-kfq |
द्वारे से राजा आए, मुस्की छांटत आए
साभार : सिद्धार्थ सिंह
द्वारे से राजा आए , मुस्की छांटत आए , बिरवा कूचत आए हो
रानी अब तोरे दिन नागिचाने , बहिनिया का आनी लावों हो
हमरे अड़ोस हवे , हमरे पड़ोस हवे , बूढी अईया घरही बाटे हो ,
राजा तुम दुई भौरा लगायो त वहे हम खाई लेबै , ननदी का काम नहीं हो
हम तो सोचेन राजा हाट गे हैं , हा... | awadhi-awa |
462
मगर तितरां दे अन्ना बाज बाज छुटा जा चम्बड़े दाद1 पतालूयां नूं
अन्ना घलया अम्ब अनार वेखन जा लगा ए लैन कचालूयां नूं
घलया फुल गुलाब दे तोड़ लयावी जा चमड़े तत समालूयां2 नूं
अन्ना मुहरे लाया काफले दे लुटवाया साथ दयां चालयां नूं
वारस शह तनूर विच दब बैठा अना घलया रंगन सालूयां नूं | panjabi-pan |
अमवा पत्तो न डोलले, महुआ के पत्तो न डोलले
अमवा1 पत्तो न डोलले2 महुआ के पत्तो न डोलले ।
एक इहाँ डोलले सुगइ सेज हे बेनियाँ ॥ 1 ॥
हरे रँग के बेनियाँ , आँचर3 लगल मोतिया ।
सुरुजे देलन जोतिया ॥ 2 ॥
आग आने4 गेलिअइ5 हम सोनरा के घरवा ।
कउनी6 रे बैरिनियाँ चोरयलक7 मोर हे बेनियाँ ॥ 3 ॥
गेलिअइ हम ननदोहि बनके8 पहुनमा ।
अरे , ननदोसिय... | magahi-mag |
चपटी भरी चोखा
चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो
हे श्रीफल नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने . .
सामे नी पोळ थी मालिडो आवे . . . .
ऐ गजरा नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने . . . . .
चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो . . . . . .
सामे नी पोळ थी डोसिडो आवे . . . .
ऐ चुंदरी नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये... | gujarati-guj |
हरे हरे हरे दादा बसवा कटइहा, ऊँचे-ऊँचे मडवा छवइहा हो
हरे हरे हरे दादा बसवा कटइहा , ऊँचेऊँचे मडवा छवइहा हो
ऊँचेऊँचे मडउवा तले बैठिह हो दादा , सजन लोग छेकले दुवार हो
हरे हरे हरे नाना बसवा कटइहा , ऊँचेऊमचे मडवा छवइहा हो
ऊँचेऊँचे मडउवा तले बैठिह हो नाना , सजन लोग छेकले दुवार हो
हरे हरे हरे बाबा बसवा कटइहा , ऊँचेऊँचे मडवा छ... | bhojpuri-bho |
ईसुरी की फाग-9
अब रित आई बसन्त बहारन , पानफूलफल डारन
हारनहद्दपहारनपारन , धामधवलजलधारन
कपटी कुटिल कन्दरन छाई , गै बैराग बिगारन
चाहत हतीं प्रीत प्यारे की , हाहा करत हजारन
जिनके कन्त अन्त घर से हैं , तिने देत दुखदारुन
ईसुर मौरझोंर के ऊपर , लगे भौंर गुंजारन । | bundeli-bns |
मइया तुम नाहक खिसयातीं
मइया तुम नाहक खिसयातीं ।
इनके कँयँ लग जाती ।
पानी मिला दूध में बैचैं ।
तासें गाड़ौ कातीं ।
जे तौ अपने सगे खसम खाँ ।
साँसौं नई बतातीं ।
ईसुर जे बृज की बृजनारीं ।
धजी कै साँप बनातीं । | bundeli-bns |
रसिया रस लूटो होली में
रसिया रस लूटो होली में ,
राम रंग पिचुकारि , भरो सुरति की झोली में
हरि गुन गाओ , ताल बजाओ , खेलो संग हमजोली में
मन को रंग लो रंग रंगिले कोई चित चंचल चोली में
होरी के ई धूमि मची है , सिहरो भक्तन की टोली में
संकलनकर्ता : जगदेव सिंह भदौरिया | bhadrawahi-bhd |
299
सईयो देखो नी मसत अलमसत जोगी जैदा रब्ब दी वल धयान है नी
इना भौरां नूं आसरा रब्ब दा ए घर बार ना तान ना मान है नी
सोने बन्नड़ी देही नूं खाक करके रूलन खाक विच फकर दी बान है नी
सोहणा फुल गुलाब माशूक नढा राज पुतर ते सुघड़ सुजान है नी
जिन्हां भंग पीती सुआह ला बैठे जिनां माहनूआं1 नूं केही कान है नी
जिवें असीं मुटयारियां हा... | panjabi-pan |
सतवन्ती न क्यो लायो पीया रे
सतवन्ती न क्यो लायो पीया रे ,
किनकी जान हरी लायो पीया रे ,
१ कहती मन्दोदरी सुण पीया रावण ,
या नार कहा सी लायो
इनी रे नार क भीतर राखो
वो तपसी दो भाई . . .
पीया रे सतवन्ती . . .
२ कहेता रावण सुण मंदोदरी ,
काय को करती बड़ाई
दस रे मस्तक न बीस भुजा है
जेक तो बल बताऊ . . .
पीया रे सतवन्ती . . .
३ ... | nimadi-noe |
गंगाजल से पाँव पखारल
गंगाजल से पाँव पखारल1 चनन पीढ़ा2 बिछावल , कि हाँ जी ॥ 1 ॥
झारी के झारी गँगाजल पानी , सोने के कलस धरावल3 कि हाँ जी ।
बामे हलधर दाहिन जदुपत , सभ गोवारन4 सँघ आवल5 कि हाँ जी ॥ 2 ॥
नारद आवल बेनु बजवात , बरम्हा बेद उचारे , कि हाँ जी ।
सभ सुन्नरि सभ गारी गावत , मुसकत सीरी गिरधारी , कि हाँ जी ॥ 3 ॥
बसमती च... | magahi-mag |
बइण जिन घर आनन्द बधाओ
बइण जिन घर आनन्द बधाओ । ।
हऊँ तो अचरज मन माही जाणती ,
हऊँ तो बाग लगाऊँ दुई चार ,
ओ तो आई मालण , फुलड़ा लई गई ,
म्हारो बाग परायो होय ,
हऊँ तो अम्बा लगाऊँ दस पाँच ,
ओ तो आई कोयळ कैरी लई गई ,
म्हारो अम्बो परायो होय ,
हऊँ तो पुत्र परणाऊँ दुई चार ,
ओ तो आई थी बहुवर ,
पुत्र लई गई , म्हारो पूत पराया होय ... | nimadi-noe |
विवाह गीत
सोनार्यो कांटो मारा नाक मा रे ।
चूड़िलो चमके मारा हात मा रे ।
चांदी ना झेला मारा मंुड मा रे ।
चूड़िलो चमके मारा हात मा रे ।
चांदी नो हार मारा गला मा रे ।
चूड़िलो चमके मारा हात मा रे ।
चांदी ना विछा मारा पाय मा रे ।
चूड़िलो चमके मारा हात मा रे ।
चांदी ना हाटका मारा हात मा रे ।
चूड़िलो चमके मारा हात मा रे ।
हे ... | bhili-bhb |
जाट का मैं लाडला
जाट का मैं लाडला तिरखा लगी सरीर
अगन लगी बुझती नईं , बिना पिए जलनीर
बिना पिए जलनीर , रस्ते में कुयाँ चुनाया
किस पापी ने यै जुल्म कमाया , उस पै डोल ना पाया
भावार्थ
' मैं जाट पिता का लाड़ला पुत्र हूँ , मुझे प्यास लगी है । मेरे मन में जो आग लगी है वह बिना पानी पिए नहीं
बुझेगी । हालाँकि रास्ते में पक्का कुआ... | haryanvi-bgc |
गोरे-गोरे गालों पै जंजीर
गोरे गालों पै जंजीरौ मति डारै लाँगुरिया ॥ टेक
ससुर सुनें तो कुछ ना कहेंगे ,
सास देख देगी तसिया ॥ गोरे गालों पै .
जेठ सुनें तो कुछ न कहेंगे ,
जिठनी देख देगी तसिया ॥ गोरे गालों पै .
देवर देखे तो कुछ ना कहेंगे ,
दौरानी देख देवै तसिया ॥ गोरे गालों पै .
नन्दोई सुनें तो कुछ न कहेंगे ,
ननद देख देगी तस... | braj-bra |
ईसुरी की फाग-28
मिलकै बिछुर रजउ जिन जाओ
पापी प्रान जियाओ ।
जबसे चरचा भई जाबे की
टूटन लगो हियाओ ।
अँसुआ चुअत जात नैनन सैं
रजउ पोंछ लो आओ ।
ईसुर कात तुमाये संगै
मेरौ भओ बिआओ ।
भावार्थ
महाकवि ' ईसुरी ' अपने विरह का वर्णन करते हुए कहते हैं — रजउ , तुम मिलकर बिछड़ मत जाना । मेरे पापी प्राणों को जी लेने दो । जबसे तुम्हारे जा... | bundeli-bns |
ऊंचा डाना बटि, बाटा-घाटा बटि
ऊंचा डाना बटि , बाटाघाटा बटि ,
ऊंचा ढूंगा बटि , सौवा बोटा बटि ,
आज ऊंणे छे आवाज ,
म्यर पहाड़ , म्यर पहाड़ ।
ऊंचा पहाड़ को देखो , डाना हिमाला को देखो ,
और देखि लियो , बदरीकेदार
म्यर पहाड़
यांको ठंडो छू पांणि , नौवाछैया कि निशानी ,
ठंडीठंडी चली छे बयार
म्यर पहाड़
जयजय गंगोतरी , जयजय यमनोतरी ,... | kumaoni-kfy |
पहिली गवन के मोला देहरी बैठाये
पहिली गवन के मोला देहरी बैठाये
न रे सुआ हो छाँडि चले बनिजार
काकर संग खेलहूँ , काकर संग खाहूँ
काला राखों मन बांध , न रे सुआ हो
छाँडि चले बनिजार
खेलबे ननद संग सास संग खाबे
छोटका देवर मन बांध न रे सुआ हो
छाँडि चले बनिजार
पीवरा पात सन सासे डोकरिया
नन्द पठोहूँ ससुरार न रे सुआ हो
छोटका देवर मोर... | chhattisgarhi-hne |
की बे-दरदाँ संग यारी
की बेदरदाँ संग यारी । रोवण अक्खिआँ ज़ारो ज़ारी ।
सानूँ गए बेदरदी छड्ड के ,
हिजरे1 साँग सीने विच्च गड्ड के ,
जिस्मों जिन्द नूँ लै गए कढ्ढ के ,
एह गल्ल कर गए हैं सिआरी ,
की बेदरदाँ संग यारी ।
बेदरदाँ दा की भरवासा ,
खौफ नहीं दिल अन्दर मासा ,
चिड़िआँ मैत गवाराँ हासा ,
मगरों हस्स हस्स ताड़ी मारी ,
की बे... | panjabi-pan |
आल्हा ऊदल
नौ सौ तोप चले सरकारी मँगनी जोते तीन हजार
बरह फैर के तोप मँगाइन गोला से देल भराय
आठ फैर के तोप मँगाइन छूरी से देल भराय
किरिया पड़ि गैल रजवाड़न में बाबू जीअल के धिरकार
उन्ह के काट करों खरिहान
चलल जे पलटन इंदरमन के सिब मंदिर पर पहुँचल जाय
तोप सलामी दगवावल मारु डंका देल बजवाय
खबर पहुँचल बा रुदल कन भैया आल्हा सुनी... | bhojpuri-bho |
47
दोहां बाहां तों पकड़ रंझेटड़े नूं मुड़ आण बेड़ी विच चाढ़या ने
तकसीर1 मुआफ कर आदमी दी मुड़ आण बहिश्त विच वाड़या ने
गोया ख्वाब दे विच अजराइल2 डिठा ओहनूं फेर मुड़ अरश ते चाढ़या ने
वारस शाह नू तुरत नुहाए के ते बीबी हीर दे पलंघ ते चाढ़या ने | panjabi-pan |
धनुष यज्ञ साला से मुनि जी आये दो बालक ले आये
धनुष यज्ञ साला से मुनि जी आये दो बालक ले आये ।
देखो सांवले हैं राम , लखन गोरे हैं माई
शोभा बरनी न जाई ।
सो धन्य उनकी माता , जिन गोद है खिलाये । देखो . . .
जुड़े राजा की समाज ,
बड़ेबड़े महाराज , आये लंकाधिराज
धनुष जोर से उठाये धनुष डोले न डुलाये । देखो . . .
कहत लछिमन से राम ... | bundeli-bns |
मियन मूठीढाना बोको बारुनी मुठीढाना
मियन मूठीढाना बोको बारुनी मुठीढाना
मियन मूठीढाना बोको बारुनी मुठीढाना
बोको टारो बानी डानजो बोका सा आलम बूमकी कठिये
बोको टारो बानी डानजो बोका सा आलम बूमकी कठिये
मिइनी चोको बोको साले रीनी चोकीन
मिइनी चोको बोको साले रीनी चोकीन
बोका साले अनी चोकेज बोको आले मेड्डा जोरो
बोका साले अनी चोकेज ... | korku-kfq |
अधेरी घिर आई धीरे-धीरे
अंधेरी घिर आई धीरेधीरे
कां से आई वर्षा , कां से आये बादर
कां से आये साजन धीरेधीरे । अंधेरी . . .
पूरब से आये बादर , पश्चिम से आई वर्षा
उत्तर से आये साजन धीरेधीरे । अंधेरी . . .
कैसे आये बादर हो कैसे आई वर्षा
हां कैसे आये साजन धीरेधीरे । अंधेरी . . .
गरज के बादर , बरस के आई वर्षा
हँसत आये साजन धीर... | bundeli-bns |
विवाह गीत (गाली)
बयड़ी आडल ढुलकी वाजे हो ।
बांगड़ भड़के झुणी वो ।
तारो माटी रामस्यो आवे वो ,
बांगड़ भड़के झुणी वो ।
तारा माटी नो मांडवो वो , मांडवे नाचण आइ ।
हामु हजार भर्या ने , हामु मांडवे आइ ।
तारा माटी नो मांडवो वो , मांडवे नाचण आइ ।
बारात दुल्हन के यहाँ आती है तब मंडप में वर पक्ष की औरतं भी नाचती है ।
वधू पक्ष की ... | bhili-bhb |
496
साह काला ते होठां ते लहू लगा किसे नीली नूं ठोकरां लाइयां नी
किसे हो वेदरद लगाम दिती अडियां वखियां विच चुभोइयां नी
ढिला होए के किसे मैदान दिता , लाइयां किसे महबूब सफाइया नी
वारस शाह मियां होनी हो रही हुन केहियां रिंकतां1 चाइयां नी | panjabi-pan |
328
नैना हीर दियां वेख के आह भरदा वांग आशकां अखियां मीटदा ए
जिवें खसम कुपतड़ा रन्न गुंडी कीता गल नूं पया घसीटदा ए
रन्नां गुंडियां वांग फरफेज1 करदा तारन हारड़ा लगड़ी परीत दा ए
घत घगरी बहे एह वढा ठेठर2 उसतादड़ा किसे मसीत दा ए
चूंडियां वखियां विच एह वढ लैंदा पिछों आपणी वार एह चीकदा ए
इके खैर हथा नहीं एह रावल इके चेलड़ा कि... | panjabi-pan |
ईसुरी की फाग-19
तुमखों देखौ भौत दिनन सें
बुरौ लगत रओ मन सें
लुआ न ल्याये पूरा पाले के
कैबे करी सबन सें
एकन सें विनती कर हारी
पालागन एकन सें
मनमें करै उदासी रई हों
भई दूबरी तन सें
ईसुर बलम तुमइये जानौ
मैंने बालापन सें ।
भावार्थ
इस चौघड़िया में ईसुरी रजऊ की व्यथा को व्यक्त कर रहे हैं । देखिए — आज तुम्हें बहुत दिनों में द... | bundeli-bns |
कुइयाँ असथान पर मुँजवा के थलवा
कुइयाँ1 असथान पर मुँजवा के थलवा । 2
मूँज चीरे चललन , बरुआ कवन बरुआ ॥ 1 ॥
चिरथिन3 कवन चच्चा मूँज के हे थलवा ।
मूँज चीरे चललन बाबा हो कवन बाबा ॥ 2 ॥
तहाँ4 कवन बरुआ लोटिपोटि रोवलन5 ।
भुइयाँ लोटि रोवलन , दहु बाबा हमरो जनेऊ हो ॥ 3 ॥
झरलनझुरलन6 जाँघ बइठवलन7 ।
देबो बाबू तोहरो जनेऊ हो ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
218
पैचां पिंड दयां सच तों तरक कीती काज़ी रिशवतां मारके चोर कीते
पहले होरनां नाल करार करके तम्हा वेख दामाद चा होर कीते
गल करे ईमान दी कढ छडनपैंच पिंड दे ठग ते चोर कीते
अशराफ1 दी बात मनजूर नाहीं चोर चैधरी अते लंडोर कीते
कां बाग दे विच कलोल करदे कूड़ा फोलने दे उते मोर कीते | panjabi-pan |
फाग गीत
बदिंल्या घड़इदो देवर , घर में थारो सारो रे ॥
दाम तो परण्या रा लाग्या , नाव थारो रे कि देवर म्हारो रे ॥
कि देवर म्हारो रे , हरिया रूमाल वाळो रे , कि देवर म्हारो रे ॥
एक भाभी लाड़ से देवर से कहती है कि घर में मुझे तेरा सहारा है , मुझे बिन्दी घड़वा दें । ब्याह में पैसे तो मेरे पति के लगे , किन्तु नाम तेरा है । मेर... | bhili-bhb |
469
लिया हीर सयाल सो दीद करिए आ जाह ओ दिलबरा वासता ई
जाके आख रांझा तैनूं याद करदा घुंड लाह ओ दिलबरा वासता ई
सानूं महर दे नाल वखाल सूरत मुख माह ओ दिलबरा वासता ई
जुलफ नाग वांगूं कुंडल घत बेठी गलों लाह ओ दिलबरा वासता ई
दिने रात ना जोगी नूं टिकाण देंदो तेरी चाह ओ दिलबरा वासता ई
लोड़ें लुटिया नैणां दी सांग देके मुड़ जाह ओ द... | panjabi-pan |
ईसुरी की फाग-2
बैठी बीच बजार तमोलिन ।
पान धरैं अनमोलन ।
रसम रीत से गाहक टेरै , बोलै मीठे बोलन
प्यारी गूद लगे टिपकारी , गोरे बदन कपोलन
खैर सुपारी चूना धरकें , बीरा देय हथेलन
ईसुर हौंस रऔ ना हँसतन , कैऊ जनन के चोलन
भावार्थ
अपने द्वार बैठी तुम तमोलन अनमोल पान धरे हो । रम्य रीति से ग्राहकों को बुलाती हो और मुस्कराती हो तो ... | bundeli-bns |
भागीरथ ने करी तपस्या
भागीरथ ने करी तपस्या ,
गंगा आन बुलाई मोरे लाल ।
सरग लोक से गंगा निकरी ,
शंकर जटा समानी मोरे लाल । भागीरथ . . .
शंकर जटा से निकली गंगा
जमुना मिलन खों धाईं मोरे लाल । भागीरथ . . .
मिलती बिरियां गंगा झिझकी
हम लुहरी तुम जेठी मोरे लाल । भागीरथ . . .
हम कारी तुम गोरी कहिये
तुमरोई चलहै नाम मोरे लाल । भागी... | bundeli-bns |
पल्लै पड़ि गई बारह बीघा में
पल्लै पड़ि गई बारह बीघा में लगा दई भुटिया ॥
ससुर भी सोबै सास भी सोवें दै दै टटिया ।
हम लाँगुर दोनों मैंड़ पै डोलें लै लै लठिया ॥
पल्ले पड़ि गई .
जेठ भी सोवै जिठानी भी सोवै दै दे टटिया ।
हम लांगुर दोनों मैंड़ पर डोलें लै लै लठिया ॥
पल्ले पड़ि गई .
देवर भी सोवै दौरानी भी सोवै दै दै टटिया ।
हम ... | braj-bra |
बुझो बूझो गोरखनाथ अमरित बानी
बुझो बूझो गोरखनाथ अमरित बानी
बरसे कमरा भींजे ल पानी जी
कौआ के डेरा मा पीपर के बासा
मुसवा के बिला म बिलई होय नासाजी
बूझो बूझो . . . . .
तरी रे घैला उप्पर पनिहारी
लइका के कोरा म खेले महतारी जी
बुझोबुझो
भागे ले कुकुर भूँके ले चोर
मरगे मनखे झींकत हे डोर जी
बुझोबुझो
बांधे ले घोड़ा , भागे ले खूंट... | chhattisgarhi-hne |
कारे सबरे होत बिकारे
कारे सबरे होत बिकारे ,
जितने ई रंग बारे ।
कारे नाँग सफाँ देखत के ,
काटत प्रान निकारे ।
कारे भमर रहत कमलन पै ,
ले पराग गुंजारें ।
कारे दगावाज हैं सजनी ,
ई रंग से हम हारे ।
ईसुर कारे खकल खात हैं ,
जिहरन जात उतारे । | bundeli-bns |
हमखो तो चिन्ता हो रही
हमखों तो चिन्ता हो रही ,
पिया कैसे मनाऊं सबको ।
सासो हमारे घर आयेंगी पिया ,
चरूआ चढ़ाई नेग मांगेंगी पिया ।
कैसे मनाऊं उनको । हमखों . . .
काहे की चिन्ता तुम करो धना ,
चरूआ चढ़ाई नेग मांगेंगी धना ।
अपने नैहर के कंगना ,
तुम देना पहिनाय उनको । हमखों . . .
जिठानी हमारे घर आयेंगी , भला
लड्डू बंधाई नेग म... | bundeli-bns |
आया आया री सासड़ सामण
आया आया री सासड़ सामण मास डोर बटा दे री पीली पाट की
आया तो बहुअड़ री आवण दे जाय बटाइयो अपने बाप कै
आया आया री सासड़ सामण मास पटड़ी घड़ा दे चन्दन रूख की
आया तो बहुड़ री आवण दे जाय घड़ाइयो अपणे बाप कै
आया आया री सासड़ सामण मास हमनै खंदा दे री म्हारे बाप कै
इब तो बहुअड़ री खेती का काम फेर कदी जाइयो र... | haryanvi-bgc |
लाद चल्यो बंजारो अखीर कऽ
लाद चल्यो बंजारो अखीर कऽ
१ बिना रे भाप का बर्तन घड़ीयाँ ,
बिन पैसा दे रे कसोरा
मुद्दत पड़े जब पछा लेगा
घड़त नी हारयो कसारो . . .
अखीर कऽ . . .
२ भातभात की छीट बुलाई ,
रंग दियो न्यारोन्यारो
इना रे रंग की करो तुम वर्णा
रंगत नी हारयो रंगारो . . .
अखीर कऽ . . .
३ राम नाम की मड़ीया बणाई ,
वहा भी रयो... | nimadi-noe |
पांच मोहर लई मारूजी बाग सिधारिया
पांच मोहर लई मारूजी बाग सिधारिया
बागां में कसुम्बो मोलायो
म्हारा हंजा मारू घांट रंगायो
घांट जो पेरी मारूणी तम घर जो आया
नणदल मसलो जो बोली
केवो भावज भारा बापरंगायो , के थारी माय पठायो
म्हारा हंजा मारू घांट रंगायो
ससरा कमाया बईजी , सासू ने संगच्या
आलीजा भंवरा ने रंगायो
घांट जो पेरी मारूणी... | malvi-mup |
ओ नये नाथ सुण मेरी बात
ओ नये नाथ सुण मेरी बात ,
या चन्द्रकिरण जोगी तनै तनमनधन तै चाव्है सै
नीचे नै कंमन्द लटकार्ही चढ्ज्या क्यूँ वार लगावै सै
मेरे कैसी नारी चहिये तेरे कैसे नर नै ,
बात सुण ध्यान मैं धर कै २
दया करकै नाचिये मोर , मोरणी दो आंसू चाव्है सै
नीचे नै कंमन्द लटकार्ही चढ्ज्या क्यूँ वार लगावै सै | haryanvi-bgc |
आमार मनेर मानुष, प्राण सइ गो (भाटियाली)
आमार मनेर मानुष , प्राण सइ गो
पाइगो कोथा गेले ।
आमि याबो सेइ देशे
से देशे मानुष मिले । ।
यदि मनेर मानुष पेतेम तारे हद मझारे
बसाइताम अति यतन कइरे । . ।
आमि मनसुते माला गेंथे
दिताम ताहार गले । ।
भेवे छिलाम मने मने , से याबे ना आमार छेड़े ,
आरे आपन बइले ।
से ये फाँकि दिये गेलो चले ,... | bengali-ben |
80
खुआजा खिजर ते शकरगंज बोज़ खोरी मुलतान दा जिकरिया पीर नूरी
होर सयद जलाल बुखारिया सी अते लाल शाहबाज ते बहशत हूरी
तुररा खिजर रूमाल शकरगंज दित्ता अते मुंदरा लाल शहबाज नूरी
खंजर सयद जलाल बुखारीये दा खूंडी जिकरीए मीर ने हिक बूरी
तैनूं भीड़ पवे करीं याद जटा वारस शाह ना जानना पलक दूरी | panjabi-pan |
उठती सी बरिआं मनै आलकस आवै
उठती सी बरिआं मनै आलकस आवै
चालदी नै बाट सुहावै
री सो हर की प्यारी
नित उठ गंगा जी मैं न्हाणा
नित उठ धारा जी मैं न्हाणा
री सो हर की प्यारी
हाथ लोटा कांधे धोती
सखि जगावण जाणा
री सो हर की प्यारी
नित उठ गंगा जी मैं न्हाणा
हाथ बी धोए पैर बी धोए
अंग मल मल धोए
री सो हर की प्यारी
नित उठ गंगा जी मैं न्... | haryanvi-bgc |
पाणी मऽ की पगडण्डी हो माता ब्याळु मऽ की वाट जी
पाणी मऽ की पगडण्डी हो , माता ब्याळु मऽ की वाट जी ।
रनुबाई पीयर संचरिया जी , माता सई नऽ ली संगात जी ।
एक सव तो माता वांजुली , ओ , दुई सव बाळा की माय जी ,
वाळा की माय थारी सेवा कर हो , वाझ नऽ संझो द्वार जी ।
हेडूँ कटारी लहलहे हो , म्हारो ए जीव तजूँ थारा द्वार जी ,
उभी रहो , ... | nimadi-noe |
अणी ए गणी मेरी नणदी मनरा फिरै
मेरी नणदी मनरा फिरै
मेरी नणदी मनरे नै ल्याओ रे बुलाय
चूड़ा तै मेरी जान ,
चूड़ा तै हाथी दाँत का
हरी तै चूड़ी री नणदी ना पहरूँ
हरे मेरे राजा जी के खेत
बलम जी के खेत
चूड़ा तै हाथी दाँत का
री नणदी ना पहरूँ
मेरे राजा जी के केश
बलम जी के केश
चूड़ा तै हाथी दाँत का
ना पहरूँ
मेरे राजा जी के दाँत
बल... | haryanvi-bgc |
कते जल बहै छै मेया कमोॅहे-लेसरी
कते जल बहै छै मेया कमऽहेलेसरी
हे कते जल बहै छै कोसी धार
ठेहुना जल बहैयै मैया कमलेसरी हे
अगमे जल बहे कोसी धार
से हे अगम जल
कहमां नहैले कोसी माय
कहाँ लट झारले
कहमां कैले सोलहो सिंगार
बराछतर से अइले माय कोसिका बाटहि नहैले
गहबर कैले सोलहो सिंगार
जीरबा सन के दँतबा गे कोसीमाय
सिहारी फाड़ल माथ ... | angika-anp |
हरि भज ले हरि भज ले
हरि भज ले हरि भज ले
हरि भजणै का मोका सै
ये चलती दुनियां सै
टिकट ले हम बी बैठांगे
संभल कै चलणा रे भइआ
पराए संग मैं धोखा सै
हरि भज ले हरि भज ले
हरि भजणै का मोका सै
तेरे माता पिता बन्धु
जगत साथी ना तेरा कोए
जिसे तू आपणा समझै
सरासर उन ते धोखा सै
हरि भज ले हरि भज ले
हरि भजणै का मोका सै | haryanvi-bgc |
555
हाए हाए मुठी मत ना लईया दिती अकल हजार जोगेटया वे
वस पयों तूं वैरियां डाढयां दे की वाह है मुशक लपेटया वे
जेहड़ा खिंडया विच जहान सारे नहीं जावना मूल समेटया वे
राजा अदली है तखत ते अदल करदा खड़ी बांह कर कूक सुखरेटया वे
बिना अकल दे नहीं सभ हसाब होसी तेरे नाल ही मीपां रंझेटया वे
नहीं हूर बहिश्त दा हो जांदी गधा जरी देनाल ... | panjabi-pan |
मन्नू हरिया
वन्दना
लागी गेलै अजमतिया हो गोसैंया , फिरै धरमोॅ के व्येॅ हो वार
माया रचना रचै बाबा हो , अलख भग हो वान
एन्होॅ माया रचलकै बाबा हो , त्रिलोकी भग हो वान
दोनों कर जोड़ी केॅ बाबा हो , लबीलबी करियौं पर हो नाम
हम्में निरबुधिया बाबा हो , करौं धरमोॅ के व्येॅ हो वार
सम्मुख दर्शन दियहवोॅ बाबा हो , भगतिया के हो नजर
हम्... | angika-anp |
तन कौ कौन भरोसों करनैं
तन कौ कौन भरोसों करनैं ।
आखिर इक दिन मरनैं ।
जौ संसार ओस कौ बूँदा ,
पवन लगै सें ढुरनें ।
जौ लों जी की जियन जोरिया
जी खाँ जे दिन भरनें ।
ईसुर ई संसारै आकें ।
बुरै काम खों डरनें । | bundeli-bns |
ठनाठनी
बस्ती सें दूर अलग जनवासौ अनवासो
वारइ सें जान परै जैसें कुछ तनातनी ,
गोलन की भड़ाभट्ट , चकरी की चक्कमक्क
हाँतिन की टनाटन्न , घोड़न की हिनीनिनी ।
रब्बीरमतला सँग ढोलन की धमाधम्म
झाँझन की झमाझम्म फरकावै कनीकनी ,
मंगल समाज यौ , कि पल्टन कौ साजबाज ?
लरका कौ ब्याव है कि समधी सें ठनाठनी ? | bundeli-bns |
हम तोंही पूछही दुलारी धनी, अउरो अलारी धनी हे
हम तोंही पूछही दुलारी धनी , अउरो अलारी1 धनी हे ।
ललना , कउन कउन रँग तोरा भाबे , त कहिके सुनाबहु हे ॥ 1 ॥
अमवा जे फरलइ2 घउद3 सूर्य , इमली झबद4 सयँ हे ।
परभु जी , नरियर फरले बहुत सूर्य , ओही मोरा मन भावे हे ॥ 2 ॥
हम तोंही पूछही दुलारी धनी , अउरो अलारी धनी हे ।
कउन तोरा अभरन भा... | magahi-mag |
नारंगी दामन वाली जच्चा, गोद में बच्चा ले
नारंगी1 दामन वाली जच्चा , गोद में बच्चा ले ।
गोद में बच्चा ले री जच्चा , गोद में बच्चा ले ॥ 1 ॥
माँग जच्चा के टीका सोभे , मोतिया लहरा ले रे जच्चा , मोतिया लहरा ले ।
हजरिया2 बैैठा पास में , हँस हँस के बीड़ा ले ॥ 2 ॥
नाक जच्चा के बेसर सोभे , चुनिया लहरा ले ।
हाँ जी , चुनिया लहरा ल... | magahi-mag |
पुरुबा के अबलन एक गो मोसाफिर से
पुरुबा के अबलन1 एक गो2 मोसाफिर से , बइठी गेलन हमरो अँगना , रे गोरिया ।
कउन तूँ हहु3 सुन्नर , कहमाँ तूँ जाहु4 से , केकर तूँ खोजहूँ मकनमा , रे गोरिया ॥ 1 ॥
हम हिओ5 तोहर सरहज , बारे ननदोसिया से , करि दहु6 ननद के गमनमा , रे गोरिया ।
हमर ननद हथिन7 बारी सुकमरिया8 से , कइसे करियो तोहरो गमनमा रे... | magahi-mag |
लोक गीत
बागा मा आवी उतरयु
साजनीकु छोरी छाने बाने
जोई लेसु रे ऽऽऽ ।
हतमा लई लेसु लाकेड़ी रे छोरी
गाय ना बाने जोई लेसु रे ऽऽऽ
जोई लेसू रे , मन मोई लेसु रे ऽऽऽ
दोई दल लड़ानी बाल्यो कर लेसु रे ऽऽऽ ।
बागा मा आवी उतरयु
साजनीकु छोरी छाने बाने
जोई लेसु रे ऽऽऽ ।
काख्यां मा लइ लेसु टोपे लू
छोरी छांणा ने बाने जोई लेसुर रे
बागा मा... | bhili-bhb |
526
खेड़यां आखया केहड़ा घलीए जी जेहड़ा डिगे फकीर दी जा पैरीं
साडी करीं वाहर नाम रब्ब दे जी कोई फजल दा पलड़ा आ फेरी
सारा खोल के हाल अहवाल दसी नाल भिहरियां बरकतां विच डेरी
चलो वासते रब्ब दे नाल मेरे कदम घतयां फकर दे होन खेरी
दाम लायके हीर वयाह आंदी जंतर जोड़ के गए सा विच देरी
बैठ कोड़में1 गल पका छडी सैदा घलीए रलन ना ऐरी ... | panjabi-pan |
350
असां मेहनतां डाढियां कीतियां नी गुंडीए खचरिये लुचिये जटीए नी
करामात फकीर दी देखनी एं खैर रब्ब तों संग सुपतीए नी
कन्न पाटयां नाल ना जिद कीजे अन्ने खूह विच झात न घतीए नी
मसती नाल तकबरी रात दिने कदी होश दी अख परतीए नी
कोई दुख ते दर्द ना रहे भोरा भाड़ा मेहर दा जिनां नूं घतीए नी
पढ़ फूकिगे इक अजमत सैफी1 जिन्न ते भूत दी ... | panjabi-pan |
अउरी झउरी करथिन दुलरइतिन सुगवे हे
अउरी झउरी1 करथिन दुलरइतिन सुगवे हे ।
हम लेबइ2 इलइची3 फुलवा हे ।
हम लेबइ जाफर फुलवा हे ॥ 1 ॥
कहाँ हम पयबो इलइची फुलवा हे ।
कहमा जाफर फुलवा हे ॥ 2 ॥
हमरा नइहरवा परभु इलइची फुलवा हे ।
अउरो जाफर फुलवा हे ॥ 3 ॥
पहुना4 बहाने परभु नइहरवा नइह5 हे ।
भौंरवा6 रूपे फूलवा लेइ अइह हे ॥ 4 ॥
बगिया में... | magahi-mag |
बुरो संग
अकुलौ1 माँ माया2 करी , कैकी3बी नी पार तरी ।
बार4 बिथा सिर थरी5 , कू रोयेंद6 ।
जख तख मिसे7 लांद , झूटाफीटा8 सऊँ9 खंद ।
दियुं लेयुं तने10 जांद , अपजस पायेंद ।
आगो पाछो देखी जाणी , खरी खाणी चुप्प चाणी ।
किलै11 कद झुटि स्याणी12 , गांठी पैसा खोयेंद ।
मैंत बोदू भली बात , सोच कदु दिन रात ।
मुरखू का संग साथ , ज्यान जो... | garhwali-gbm |
आल्हा ऊदल
भोग चढ़ाइब अदमी के देबी अरजी मानव् हमार
एतनी बोली देबी सुन गैली देबी जरि के भैली अँगार
तब मुँह देबी बोलली बबुआ सुनीं रुदल महराज
बेर बेर बरजों बघ रुदल के लरिका कहल नव् मनलव् मोर
मरिया राजा नैना गढ़ के नैंनाँ पड़े इन्दरमन बीर
बावन गुरगुज के किल्ला है जिन्ह के तिरपन लाख बजार
बावन थाना नैना गढ़ में जिन्ह के रकबा ... | bhojpuri-bho |
धवळो घोड़ो ने जीन कस्या
धवळो घोड़ो ने जीन कस्या
रामदेव भया असवार
फ्लाणा राम आड़ा फरीग्या
रामदेव जी रेवो आज नी रात
गेल्या हुवा रे भोळा मानवी
परजा जोवे हमारी बाट
पवन पंथी हमारा चालणा
जल मांय रैवां रात | malvi-mup |
मैं तोर गुन जानि गयूँ ए नान गुटकी
मैं तोर गुन जानि गयूँ ए नान गुटकी
दाल बनाईं भात बनाईं और बनाईं फुलकी ,
सारा जेवना जेई के भर्तार पति के आगे ठुनकी
मैं तोर गुन . . .
लौंग इलाइची बीरा खाईं आवै लागीं हिचकी ,
सीसा लै के मुंह निहारें गाल होई गे सुट्की
मै तोर गुन . . .
मारी गईं पीटी गईं कोने जाए सुसकी ,
तनिक नैना ओट भएँ बांध... | awadhi-awa |
264
रांझे आखया मगर ना पौ मेरे कदी कैहर दी वाओ हटाईए जी
गुरु मत तेरी सानूं ना फबे गल घुट के चा लंघाईए जी
पहले चेलयां नूं चाए हीज1 करीए पिछों जोग दी रीत बताईए जी
इक वार जो सना दस छडो घड़ी मुड़ी ना गुरु अकाईए जी
करतूत जे एहो सी सभ तेरी मुंडे ठग के लीक ना लाईए जी
वारस शाह शागिरद ने चेलड़े नूं काई भली ही मत सिखाईए जी | panjabi-pan |
417
जे कोई जंमया मरेगा सभ कोई घड़या भजसी वाह सभ वहनगे वे
मीर पीर वली गौसा कुतब जासन एह सभ पसारड़े ढहनगे वे
जदों रब्ब अमाल1 दी खबर पुछे हथ पैर गवाहियां देनगे वे
जदों उमर दी आन मिआद पुगी अजराईल होरी आ वहनगे वे
भन्ने ठूठे तों एड वधा करना बुरा तुध नूं लोक सभ कहनगे वे
जेहा बुरा तूं बोलया रावला वे हड पैर सजाइयां लैनगे वे
कुल... | panjabi-pan |
कियौ महारास प्रभु बन में
कियौ महारास प्रभु बन में , वृन्दावन गुल्म लतन में ॥
बन की शोभा अति प्यारी , जहाँ फूल रही फुलवारी ।
सोलह हजार ब्रजनारी , द्वै द्वै न बीच एक गिरिधारी ॥
झ़ड़ताथेताथेई नचत घूँघरू बजत झूम झन झनन ।
सारंगी सनन करत तमूना तनन ॥
सप्त सुरन सों बजत बाँसुरी , शोर भयौ त्रिभुवन में । वृ .
बंशी को घोर भयौ भारी... | braj-bra |
दूधी की धार मारूं माता नै
दूधी की धार मारूं माता नै कदे तू गुमानी भूल नहीं जा
याद दिलांऊ सूं अक आवैगी अब नई बहूरानी बेटा भूल नहीं जा
भाई का सुखी हो सरीर , जुग जुग जीवो मेरा बीर
याद दिलाऊं सूं अक मां जाई की या सै निसानी बीरा भूल नहीं जा | haryanvi-bgc |
लूँगी भावज मैं वही कँगना
लूँगी भावज1 मैं वही कँगना ।
मुझे कँगने को शौक मेरी भाभी ॥ 1 ॥
माँगो2 का टीका ले री ननदिया , ले री झलाही3 ।
एक नहीं दूँगी यही कँगना ॥ 2 ॥
लूँगी मैं भावज वही कँगना ।
मुझे कँगने की शौक मेरी भाभी , लूँगी मैं वही कँगना ॥ 3 ॥
नाको का बेसर ले री ननदिया , ले री झलाही ।
एक नहीं दूँगी , यही कँगना ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
चीकन मटिया कोड़ि मँगाएल
‘‘आगि लागे परभु चुनरिया , वलकवा के हाँसुल हे ।
बजर पड़े चढ़न के घोड़वा , नइहर कइसे तेजब हे ॥ ’’
अँगना जे लिपली1 दहादही2 माड़ो3 छावली हे ।
ताहि चढ़ि भइया निरेखे4 बहिनी चलि आवल हे ॥ 1 ॥
मचिया बइठल मोरा धनिया5 त धनिया सुलच्छन6 हे ।
धनिया , आवऽ हथिन7 बाबा के दुलारी , गरब8 जनि बोलहु हे ॥ 2 ॥
आवहु हे ... | magahi-mag |
रचिएक कोहबर लिखलूँ हम कोहबर
रचिएक1 कोहबर लिखलूँ हम कोहबर ।
लिखलूँ हम मनचित लाय , अनजान लिखुँ कोहबर हे ॥ 1 ॥
सेहि पइसो सुतलन दुलहा दुलरइता दुलहा ।
जवरे दुलहिनियाँ संघें साथ , लिखुँ कोहबर ॥ 2 ॥
रसे रसे डोलहइ चुनरी लगल बेनियाँ ।
होवे लगल2 दुलहा दुलहिन बात , अनजान लिखूँ कोहबर ॥ 3 ॥
हम त हिओ3 धनि तोहर परनमा ।
तू हका4 हमर पर... | magahi-mag |
नी कुटीचल मेरा नाँ
नी कुटीचल1 मेरा नाँ ।
मुलाँ मैनूँ सबक पढ़ाया ।
अलफों अग्गे कुझ ना आया ।
उस दीआँ जुत्तिआँ खाँदी सा ।
नी कुटीचल मेरा नाँ ।
किवें किवें दो अखिआँ लाइआँ ।
रल के सइआँ मारन आइआँ ।
नाले मारे बाबल माँ ।
नी कुटीचल मेरा नाँ ।
साहवरे सानूँ वड़न ना देंदे ।
नानक2 दादक3 घरों कढेंदे ।
मेरा पेके नहींओं थाँ ।
नी कुटीच... | panjabi-pan |
हमसें दूर तुमारी बखरी
हमसें दूर तुमारी बखरी ,
हमें रजऊजा अखरी ।
हो पावे बतकाव न पूरौ
घरी भरे खाँ छकरी ।
परत नहीं हैं द्वार सामनें ,
खोर सोऊ है सकरी
बेरा बखत नजर बरकाकें
कैसे लेवे तकरी
छिन आवें छिन जाय ईसुरी
भए जात हैं चकरी । | bundeli-bns |
कारल्याच बी पेर ग सुने, मग जा आपुल्या माहेरा
1 .
कारल्याच बी पेर ग सुने , मग जा आपुल्या माहेरा ,
कारल्याच बी पेरल सासूबाई आता तरी जाऊ का माहेरा । ।
कारल्याच वेल येऊ दे सुने मग जा आपुल्या माहेरा ,
कारल्याचा वेल आला सासूबाई आता तरी जाऊ का माहेरा । ।
कारल्याला कारल येऊ दे सुने मग जा आपुल्या माहेरा ,
कारल्याला कारल आल सासू... | marathi-mar |
178
हीरे कहर कीतो रल नाल भाइयां सभा खुलक1 तूं चा गवाइयां नी
जे तूं अंत एहो पिछा देवना सी एडिआं मेहनतां काहे कराइयां नी
एहा हद हीरे तेरे नाल साडी महल चाढ़ के पौड़ियां चाइयां नी
तैं तां वयाह दे हार शिंगार बधे अते खेड़यां घरीं वधाइयां नी
खाह कसम सौगंद तैं घोल पीती एह दसीं तूं पूरीयां पाइयां नी
बाहों पकड़ के टोर चा कढ देसो... | panjabi-pan |
542
जोगी चलया रूह दी कला हिली तितर बोलया शगन मनावने नूं
ऐतवार ना पुछया खेड़यां ने जोगी आंदा ने सीस मुनावने नूं
वेखो अकल शऊर जो मारया ने तामा1 बाज दे हथ फड़ावने नूं
भुखा खंड ते खीर दा होया राखा रंडा घलया साक कावने नूं
सप्प मकर दा परी दे पैर लड़या सुलेमान2 आया झाड़ा3 पावने नूं
राखा जवां दे ढेर दा गधा होया अन्हा घलया हरफ4... | panjabi-pan |
पहल सारदा तोहे मनाऊं
पहल सारदा तोहे मनाऊं तेरी पोथी अधक सुनाऊं
मोरधज से राजा भारी लड़का लिया बला
सीस धर भरी करौती भगत ने हेला दे बलवाया
धर रे दीनानाथ पार तेरा ना किसी ने पाया
धानू बोया खेत बीज नै आप्पै चाब्बा
लोग करै गिल्लान ऊपरा तोता भया
अरे भगत ने बिना बीज निपजाया
धर रे दीनानाथ पार तेरा ना किसी ने पाया
दीना अवा लगा आ... | haryanvi-bgc |
कोरी कोरी चांदी की कांगणी
कोरी कोरी चांदी की कांगणी घड़ाई ऊपर जड्या नगीणा ,
हो मन्नै तेरी सोंह ।
कोरी कोरी चांदी की कांगणी घड़ाई खद्दर की साड़ी बांधी ,
हो मन्नै तेरी सोंह ।
कोरी कोरी चांदी की कांगणी घड़ाई अमर रहे बापू गांधी ,
हो मन्नै तेरी सोंह । | haryanvi-bgc |
92
तेरे वीर सुलतान नूं खबर होवे फिकर करे उह तेरे मुकाबले दा
चूचक बाप दे राज नूं लीक लाई किहा फायदा लाड लडावने दा
नक वड के कोड़मा गालया किहा फायदा मापिआं तावने दा
राती चाक नूं चा जवाब देसां साडा शोक नहीं है महीं चरावने दा
आ मिठिए लाह लै सभ टूमां किहा फायदा गहनयां पावने दा
वारस शाह मियां एस छोहरी दा जी होया ए लिंग कुटावन... | panjabi-pan |
सब के वरदिया कोसीमाय
सब के वरदिया कोसीमाय
पार उतरि गेलै ,
हमरो हे बरद कोसीमाय
उसरे में मझाई हे हमरो बदर ।
जब हम आगे बहिना पार देवी
उतारि गे तोहरो बरद
बहिना गे हमरा के की देवे इनाम ।
जब हम आहे मलहा बसबै ससुररिया ,
तब छोटकी ननदी देवौ इनाम रे मलहा
छोटकी ननदिया हे कोसीमाय देवौ इनाम ।
छोटकी ननदिया वहिना
हमरो हे वहिनिया हे
क... | angika-anp |
काची अम्बली गदराई सामण मैं
काची अम्बली गदराई सामण मैं
बुड्ढी री लुगाई मस्ताई फागण मैं
कहियो री उस ससुर मेरे नै
बिन घाली लेजा फागण मैं
कहियो री उस बहुए म्हारी नै
चार बरस डट जा पीहर मैं
कहियो री उस जेठ मेरे नै
बिन घाली लेजा फागण मैं
कहियो री उस बहुए म्हारी नै
चार बरस डट जा पीहर मैं
कहियो री उस देवर मेरे नै
बिन घाली लेजा ... | haryanvi-bgc |
अमीर गरीब में पड़ी जो खाई
अमीर गरीब में पड़ी जो खाई ।
गांधी बाब्बू नै कोन्या भाई । ।
गरीब मजूरां का हक दिलाया ।
अमीरां तै यूं उपदेस सुनाया । ।
धन नै सांझा समझो भाई ।
नहीं तो कहलाओगे कसाई । । | haryanvi-bgc |
तुम म्हारी नौका धीमी चलो
तुम म्हारी नौका धीमी चलो ,
आरे म्हारा दीन दयाला
१ जाई न राम थाड़ा रयाँ ,
जमना पयली हो पारा
नाव लावो रे तुम नावड़ा
आन बैगा पार उतारो . . . .
तुम म्हारी . . . . . . . .
२ उन्डी लगावजै आवली ,
उतरा ठोकर मार
सोना मड़ाऊ थारी आवली
रूपया न को रास . . . .
तुम म्हारी . . . . . . . .
३ निरबल्या मोहे बल नह... | nimadi-noe |
ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो
ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो , भंवर म्हांने खेलण द्यों गणगौर
खेलण द्यो गणगौरगणगौर , भंवर म्हांने निरखण द्यो गणगौर
जी म्हांरी सहेल्यां . . .
के दिन की गणगौर , सुन्दर थांने कतरा दिन को चाव
सोळा दिन की गणगौर , भंवर म्हांने सोळा दिन को चाव
ओजी म्हांरी सहेल्यां . . .
सहेळ्यां ने ऊभी राखो , सुन... | rajasthani-raj |
काला शाह काला
काला शाह काला , मेरा काला ई सरदार
गोरेआं नु दफा करो , मैं आप तिल्ले दी तार
काला शाह काला . . .
सस्ड़ीए तेरे पंज पुत्तर , दो ऐबी दो शराबी
जेहड़ा मेरे हाण दा ओ खिड़आ फुल्ल गुलाबी
काला शाह काला . . .
सस्ड़ीए तेरे पंज पुत्तर , दो टीन दो कनस्तर
जेहड़ा मेरे हाण दा ओ चला गया ए दफ्तर
काला शाह काला . . . | panjabi-pan |
जूड बेटी माय सुसुनावा
जूड बेटी माय सुसुनावा
आवकजा मारग सूसून डोगे
मारगा सूसून चोजमा डोगे आयोम
आयोम काडो काली ग्वाली किटी टालान
कोन सूसून डोगे
कोन सूसन चोजमा डोगे आयोम
आयोम काडो ऊरग टालो कोन जाया सूसन डोगे
स्रोत व्यक्ति चारकाय बाई , ग्राम माथनी | korku-kfq |
मियानी मूटी केलाय बारी मूटी नी केलाय
मियानी मूटी केलाय बारी मूटी नी केलाय
मियानी मूटी केलाय बारी मूटी नी केलाय
केला भी को बुरा जा बेटा केलाय वन में झूरे
केला भी को बुरा जा बेटा केलाय वन में झूरे
माय टेन भी पुरी बाटेन भी पुरी
माय टेन भी पुरी बाटेन भी पुरी
पूरी भी का बुरा जा बेटा केलाय वन में झूरे
पूरी भी का बुरा जा बेटा... | korku-kfq |
माटी कोरे गेल छिनरो, पार गंगा हे
माटी कोरे1 गेल छिनरो2 पार गंगा हे ।
गजनवटा3 में चोरवले4 आयल सोरह गो5 भतार हे ॥ 1 ॥
घर के भतार पूछे , कवनकवन जात6 हे ।
चार गो त जोलहाधुनिया , चार राजपूत हे ॥ 2 ॥
चार गो त मुसहर7 बड़ मजगूत8 हे ।
भले9 छिनरो , भले कोरे10 गेल11 हे ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
कैसे दर्श मै पाऊ मैया बिराजी पहाड़ पे
कैसे दर्श मैं पाऊं , मैया बिराजीं पहाड़ पे
मैया दुआरे एक कन्या पुकारे
दे दो वर घर जाऊं , मैया बिराजीं पहाड़ पे । कैसे . . .
मैया दुआरे एक बालक पुकारे
दे दो विद्या घर जाऊं , मैया बिराजीं पहाड़ पे । कैसे . . .
मैया दुआरे एक निर्धन पुकारे
दे दो धन घर जाऊं , मैया बिराजीं पहाड़ पे । कैस... | bundeli-bns |
रंग में रँग दई
रंग में रँग दई बाँह पकरि लई , लाजन मर गई होरी में ,
इकली भाज दई होरी में , हुरमत लाज गई होरी में ॥ रंग .
चूँदर रंग बोरी होरी में , पिचकारी मारी होरी में ,
ह्वैके स्याम निसंक अंक भुज भरि लई होरी में । रंग में .
गाल गुलाल मल्यौ होरी में , मोतिन लर तोरी होरी में ,
लोक लाज खूँटी पे कान्हा धर दई होरी में । रं... | braj-bra |
Subsets and Splits
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