text stringlengths 33 15.4k | label stringclasses 21
values |
|---|---|
म्हारा तो ऑगण रूखड़ो
बधाई लाई ननदी , हां रे सांवलिया
कहां से आई सौंठ , कांह से आई पीपली
कहां से आई ननदी , हां रे सांवलिया
बम्बई से आई सौंठ , इन्दौर से आई पीपली
फलाने गांव से आई ननदी , हां रे सांवलिया
काय में आई सौंठ , काय में आई पीपली
काय में आई ननदी , हां रे सांवलिया
डब्बे में आई सौंठ , डब्बी में आई पीपली
तांगे में आई... | malvi-mup |
अवगुन बहुत करे
अवगुन बहुत करे ,
गुरुजी मैंने अवगुन बहुत करे ।
जब से पांव धरे धरनी पे ,
लाखन जीवन मरे । गुरुजी . . .
जब से कलम धरी कागज पे ,
दस के बीस करे । गुरुजी . . .
गैल चलत मैंने तिरिया निरखी ,
मनसा पाप करे । गुरुजी . . .
पाप पुण्य की बांधी गठरिया ,
सिर पे बोझ धरे । गुरुजी . . . | bundeli-bns |
उतरहि दिस से नैया एक आयल हे
उतरहि दिस से नैया एक आयल हेऽ
हिंगुर रंगल दुनू मांगि हेऽ
नैयो नै छियै बनिजरबो नै छियै हेऽ
बिनु रे खेबैया नैया आबै हेऽ
कहाँ गेलऽ किया भेलऽ रैया रनपाल हो
जल्दी से देहु नैया कात लगाय हो
किए तहूँ छिही गे बुढ़िया
दैतनी जे भूतनी गे
निसिभाग राति पाड़ै छै हाक गे
नहि हम छिये बेरीबरबा
दैतनी जे भूतनी रे... | angika-anp |
कोइ सखि माथा बन्हावे, कोइ सखि उबटन हे
कोइ सखि माथा बन्हावे1 कोइ सखि उबटन हे ।
कोइ सखि चीर सँम्हारे , कोइ रे समुझावत हे ॥ 1 ॥
सासु के बन्दिहऽ2 पाँव , जेठानी बात मानिहऽ3 हे ।
ननदी के करिहऽ पिरीत4 देवर कोर5 राखिहऽ6 हे ॥ 2 ॥
भउजी जे बाँन्हथिन खोँइछा7 अँचरा बिलमावथि8 हे ।
आज भवन मोरा सून9 भेल , ननद भेलन पाहुन हे ॥ 3 ॥
बाबा ... | magahi-mag |
जौ जश दे धरती माता
जौ1 जश दे धरती माता
जौ जश दे कुरम2 देवता
जौ जश दे भूमि का भम्याल3
जौ जश दे गंगा की सौणी4 धार
जौ जश दे पंचनाम देव
जौ जश दे भायों5 की जमात
जौ जश दे देऊ भूम गढ़वाल | garhwali-gbm |
एक घोड़ी नजारे ते आई
एक घोड़ी नजारे ते आई उसके दादा ने रास बुलाई हो राम
घोड़ी की चाल सवा सलड़ी । ।
घोड़ी होठां नै मरकावै बनड़े ने खान सिखावै हो राम
घोड़ी की चाल सवा सलड़ी । ।
घोड़ी आखियां नै मरकावै बाले बनड़े नै सैन सिनावै हो राम
घोड़ी की चाल सवा सलड़ी । ।
घोड़ी पायां ने मरकावै बाले बनड़े ने चाल सिखावै हो राम
घोड़ी की ... | haryanvi-bgc |
पाई खुदा के घर की कीनैं?
पाई खुदा के घर की कीनैं ?
की खाँ मरनै जीनैं ?
बिघ ललाट के अच्छर ऐसे ,
लिखे ना काऊ चीनैं ।
एकन खाँ धन वान करत हैं ,
एकन को धन छीनैं ।
ईसुर ऐसे कलम करत है
अल्ला ख्याल नवीनैं । | bundeli-bns |
दरवाजा पे नौबत बाजे
दरवाजा पे नौबत बाजे
लाल म्हारे भोत नीको लागे
दाई हमारे मन भावे
आवतो सो दीनड़ झेले
लाल म्हारे भोत नीको लागे
सासू हमारा मन भावे
वे कुंवर पठोला में झेले
वे जोठाणी हमारे मन भावे
वे चखेते फूंको धरावे
लाल मोय भोत नीको लागे
वे देराणी हमारे मन भावे
वे दस दन रसोई निपाये
वे कोणा में खाट बिछावे
लाल मोय भोत नीक... | malvi-mup |
बनड़ी! चलो जी हमारे साथ
बनड़ी चलो जी हमारे साथ नारंगी ले लो रस भरी
बन्ने दादा जी छोड़े ना जांय दादी में हमारा मन घना
बन्ने बाबल छोड़े ना जांय अम्मा में हमारा मन घना
बन्ने चाचा ताऊ छोड़े ना जांय चाची ताई में मन घना
बन्ने भाई बहन छोड़े ना जांय मामा मामी में मन घना
बन्ने यह घर छोड़ा ना जांय इस नगरी में हमारा मन रमा
बन्नी ... | haryanvi-bgc |
भक्ती भरमणा दुर करो
भक्ती भरमणा दुर करो ,
आरे ठगाई नही जाणा
१ कायन की साधु गोदड़ी ,
आरे कायन का हो धागा
कोण पुरुष दर्जी भया
कुण सिवण हारा . . .
भक्ती . . .
२ हवा की बणी साधु गोदड़ी ,
आरे पवन का हो धागा
मन सुतार दर्जी भया
वो सिवण हारा . . .
भक्ती . . .
३ काहाँ से आई रे हवा पवन ,
आरे कहा से आया रे पाणी
कहा से आई रे मिर्ग... | nimadi-noe |
जोगवा बेसाहन चलल मोर भइया रे टोनमा
जोगवा1 बेसाहन2 चलल मोर भइया रे टोनमा ।
भइया चलले सँगे साथ रे टोनमा ॥ 1 ॥
घुरि फिरि3 देखथिन बेटी दुलरइतिन बेटी रे टोनमा ।
अँखियन से ढरे लोर4 रे टोनमा ॥ 2 ॥
आगे आगे अवथिन5 भइया दुलरुआ भइया रे टोनमा ।
पाछे पाछे भउजी6 चली आवे रे टोनमा ॥ 3 ॥
भउजी के हाथ में सोने के सिंघोरबा7 रे टोनमा ।
भइय... | magahi-mag |
लोक गीत
हातेम् आरस्यो पिपले व पाय मा झांजुर झलके व ।
हातेम् आरस्यो पिपले व पाय मा झांजुर झलके व ।
जाणे वाली पछि फिरे वो , जाणे वाली पछि फिरे वो ।
सुबुन बुंद हात वा गुजरी , सुबुन बुंद हात वो गुजरी ।
फिरिफिरि नेंद वो , खेतेम् रहित्यु खड़ कमली भोजाइ ।
कहयुं मिं खेतेम् रहिग्यू खड़ वो कमली भोजाइ ।
कहयुं मिं खेतेम् रहिग्यू ख... | bhili-bhb |
467
फिरे जोम1 दी भरी ते शाण चड़ी आ टली नी मुंडिए2 वासता ई
मरदमार रकाने जग बाजे मान मतिये गुंडिए वासता ई
बखशी सब गुनाह तकसीर तेरी लिया हीर नूं नडिये वासता ई
वारस शाह समझाय के जटड़ी नूं लाह दिल दी घुंडिए वासता ई | panjabi-pan |
कदिया ना गये राजा नौकरी
कदिया ना गये राजा नौकरी कदिया ना कटाया अपना नाम
रसीले बन में एकले ।
कदिया ना भेजी राजा बाप के कदिया ना आये तांगा जोर
रसीले बन में एकले ।
कदिया ना बैठे राजा चौंतरे कदिया न परखी मेरी चाल
रसीले बन में एकले ।
कदिया न बुनी राजा जेवड़ी कदिया ना बुरी मेरी खाट
रसीले बन में एकले ।
अब के तो जाऊं गोरी नौकर... | haryanvi-bgc |
म्हारे आंगण कीचड़ा
म्हारे आंगण कीचड़ा
बे किन डोल्या पाणी
म्हारी हथलाड्डो नहाई बे
नाण डोल्या पाणी
आया सामजी ढै पड्या बे
उन की टांग निताणी
टांग निताणी के करै बे
गोडे पडग्या पाणी
पड़ी ए पड़ी ललकारे बे
जनूं दल्लो राणी
मोरी म्हं को लीक्ड्या बे
जणूं सामण का पाणी
धम्मड़ धम्मड़ कूटी बे
जणूं धान्नां की घाणी | haryanvi-bgc |
हीरा मोती का गंज पड़िया
हीरा मोती का गंज पड़िया
आता सा फलाणा राम फिसल पड़िया
दौड़तासा छोटा भई ने झेल लिया
घणीखमा हो दादा म्हारा घणीखमा
काय की तमखे दादा फिकर पड़ी
हमखे काव करने की फिकर पड़ी
वे तो दालकड़ी का गंज पड़िया
आतासा जमई जी फिसल पड़िया
दौड़तीसी बईरां ने झेल लिया
घणीखमा हो म्हारा राज घणीखमा
काय की फिकर तमखे पड़ी
स... | malvi-mup |
छैला
जिकुड़ि1 धड़क धड़क कदी ।
अपणि नी छ बाणी । ।
छैला2 की याद करी
उलरिगे3 पराणी4 । ।
पखन जखन सरग5 गिड़िके
स्यां स्यां के बिजुलि सरके
ढाडु6 पड़ं तड़तड़ के
रुण झुण के पाणी । ।
छैला की याद करी
उलरिगे पराणी । ।
बीच मुलक देश अहो
कनु कै जी ज्यू त सहो ।
की जो क्या ब्यूत7 कहो ।
छि मैं छवीं8 नि लाणी । ।
जिकुड़ि धड़क धड़क कदी ।
... | garhwali-gbm |
लाडो पूछै बाबा से ए बाबा
लाडो पूछै बाबा से ए बाबा
मैं किस बिध देखण जाऊं
रंगीला आ उतर्या बागां मैं
हाथ टोकरियां फूलां की हे लाडो
मालणिया बन कर जाओ
रंगीला आ उतर्या बागां मैं
कच्ची कच्ची कलियां तोड़ लीं
अर मैं रिपट पड़ी री
मुखड़ा देख गया बागां मैं
बोल गया बतलाए गया
री म्हारे सावै धरी बनड़ी के
नजर लगाए गया बागां मैं | haryanvi-bgc |
तेरे दुलहे ने लाया सोहाग, सोहागिन तेरे लिए
तेरे दुलहे ने लाया सोहाग , सोहागिन तेरे लिए ॥ 1 ॥
माँगो1 का टीका बने ने लाया ।
मोतिये में लाया सोहाग , सोहागिन तेरे लिए ॥ 2 ॥
नाको का बेसर बने ने लाया ।
चुनिये2 में लाया सोहाग , सोहागिन तेरे लिए ॥ 3 ॥
कानो3 की बाली बने ने लाया ,
झुमके में लाया सोहाग ।
तेरे नौसे4 ने लाया सोहाग ... | magahi-mag |
गंगा नीर जणो सोभा पा रिहा
गंगा नीर जणो सोभा पा रिहा ,
सोने के कलसे में ।
मैं बी तेरे संग चलूंगी ,
गांधी के जलसे में | haryanvi-bgc |
कांटो लागो रे देवरिया
कांटो लागो रे देवरिया मो पै संग चलो न जाय
अपने महल की मैं अलबेली
जोबन खिल रहे फूल चमेली धूप लगे कुम्हलाय
कांटो लागो रे देवरिया मो पै संग चलो न जाय
आधी राह हमें ले आयो
रास्ता छोड़ कुरस्ता ध्यायो
सास नणद तें पूछ न आयो
चलत चलत मेरी पिंडली दुखानी सिगरी देह पिराय
कांटो लागो रे देवरिया मो पै संग चलो न ज... | haryanvi-bgc |
345
रन्न वेखना ऐब है अन्नयां नूं रब्ब अखियां दितियां वेखने नूं
सब खलक1 दा वेख के लौ मुजरा2 करो दीद इस जग दे पेखने नूं
महांदेव जहे पारब्बती अगे काम लयांवदा सी मथा टेकने नूं
रावन राजयां सिरां दे दाअ लाये जरा जायके अखियां सेकने नूं
सब दीद मुआफ है आशकां नूं रब्ब यन दिते जग देखने नूं
अजराईल हथ कलम लै वेखदा ए तेरा नाम इस जग ... | panjabi-pan |
लमटेरा की तान
हमारे लमटेरा की तान ,
समझ लो तीरथ कौ प्रस्थान ,
जात हैं बूढ़ेबारे ज्वान , जहाँ पै लाल धुजा फहराय ।
नगनग देह फरकबै भइया , जो दीवाली गाय । ।
दिवारी आई है ,
उमंगै लाई है ।
आज दिवारी के दिन नौनी लगै रात अँधियारी ,
मानों स्याम बरन बिटिया नैं पैरी जरी की सारी ।
मौनियाँ नचै छुटक कैं खोर ,
कि जैसें बनमें नाचैं मो... | bundeli-bns |
पोथिया पढ़इते तोहिं परभुजी, त सुनहऽ बचन मोरा हो
‘तिलरी राउर मइया पेन्हो , आउर बहिनिया पेन्हो हे ।
हो परभुजी , हमहुँ न काली कोयलिया , तिलरिया हमरा ना सोभे हे ॥ ’
पोथिया पढ़इते1 तोहिं परभुजी , त सुनहऽ2 बचन मोरा हो ।
परभुजी , हमरा झुलनियाँ3 केरा साध , झुलनियाँ हम पहिरब4 हो ॥ 1 ॥
बोलिया तो , अहो धनि , बोललऽ , बोलहुँ न जानल... | magahi-mag |
देसां मैं देस हरियाणा
देसां मैं देस हरियाणा ।
जित दूध दही का खाणा । | haryanvi-bgc |
मेहंदी बोई दिल्ली आगरा जी
मेहंदी बोई दिल्ली आगरा जी
कोई रंग पाट्यो अजमेर
मेहंदी रंग भरी जी राज ।
मेहंदी सींचण मैं गई जी
कोई छोटा देवर साथ
मेहंदी रंग भरी जी राज ।
मेहंदी घोलण मैं गई जी
कोई द्योर जिठाण्यां साथ
मेहंदी रंग भरी जी राज ।
मेहंदी लावण मैं गई जी
कोई छोटी नणदल साथ
मेहंदी रंग भरी जी राज ।
छोटी बूज्झे ए बड़ी
तम कह... | haryanvi-bgc |
अब कैसे जाऊँ लाड़ो, सामने खड़ी रे लाल
अब कैसे जाऊँ लाड़ो1 सामने खड़ी रे लाल ।
माँगो टीका पेन्ह लाड़ो , सामने खड़ी रे लाल ।
अब कैसे जाऊँ लाड़ो दिल में बसी रे लाल ॥ 1 ॥
नाको बेसर पेन्ह लाड़ो , सामने खड़ी रे लाल ।
अब कैसे जाऊँ लाड़ो , दिल में बसी रे लाल ॥ 2 ॥
कानो बाली पेन्ह लाड़ो , सामने खड़ी रे लाल ।
अब कैसे जाऊँ लाड़ो ... | magahi-mag |
149
पैचां कैदो नूं आखया सबर कर तूं तैनूं मारया ने झखां मारया ने
हाये हाये फकीर ते कहर होया कोई वडा ही खून गुजारया ने
बहुत दे दिलासड़ा पूंझ अखीं कैदो लंडे दा जीऊ चा ठारया ने
कैदो आखदा धीयां दे वल होके देशों दीन ईमान निघारया ने
वारस अंध राजा ते बेदाद1 नगरी झूठा दे दिलासड़ा मारया ने | panjabi-pan |
एक रोटी को बैल बिका
एक रोटी को बैल बिका अर पैसा बिक गया ऊंट
चौतींसा नै खोदिया भैंस गाया का बंट
चौंतीसा ने चौंतीसा मारै जिये वेश कसाई
औह मारै तकड़ी अर उस ने छुरी चलाई | haryanvi-bgc |
आज ठाड़ो री बिहारी जमुना तट पे
आज ठाड़ो री बिहारी जमुना तट पे
मत जइयो री अकेली कोई पनघट पे
आज ठाड़ो री बिहारी जमुना तट पे . . . | braj-bra |
509
पिहढ़े घतके कदी न बहे बूहे असीं एहते दुख विच मरांगे नी
एहदा जिउना पलमदा पिंड साडे असीं एह इलाज की करांगे नी
सोहनी रन्न बाजार ना वेचनीए वयाह पुत दा होरद करांगे नी
मुलां वैद हकीम लै जान पैसे कहियां चटियां गैब दियां भरांगे नी
वहुटी गभरू दोहां नूं बाढ़ अंदर असी बाहरों जंदरा जड़ां नी
सैदा ढाह के एस तों लए लेखा असी चीकनो... | panjabi-pan |
कई आँवा मोरिया, जांबू मोरिया
कई आँवा मोरिया , जांबू मोरिया
कई मोरी कचनार म्हारा राज
आज जमेरी रसभरी
फलाणा राय तमारा राज में
उना जमई का झाडू का लाड़
आज जमेरी रसभरी
फलाणी बऊ तमारा राज में
बेटी का दूनादूना लाड़
म्हारा राज आज जमेरी रसभरी । | malvi-mup |
आल्हा ऊदल
नाम रुदल के सुन गैले सोनवा बड़ मंड्गन होय जाय
जे बर हिछलीं सिब मंदिर में से बर माँगन भेल हमार
एतो बारता है सोनवा के रुदल के सुनीं हवाल
घोड़ा बेनुलिया पर बघ रुदल घोड़ा हन्सा पर डेबा बीर
घोड़ा उड़ावल बघ रुदल सिब मंदिर में पहुँचल जाय
घोड़ा बाँध दे सिब फाटक में रुदल सिब मंदिर में गैल समाय
पड़लि नजरिया है सोनवा के... | bhojpuri-bho |
537
अजू आखया कहर अंोर यारो वेखो गजब फकीर ने चाया ए
मेरा सीने दा केवड़ा1 मार जिदों कम कार थी चाए गवाया ए
फकर मेहर कदे सारी खलक उते एस कहर जहान ते चाया ए
वारस शाह मियां नवां सांग2 वेखो दिओ आदमी होए के आया ए | panjabi-pan |
जीरा रगरि रगरि हम पिसलूँ
जीरा रगरि रगरि1 हम पिसलूँ ।
जीरा पीले बहू , जीरा पीले धनी ॥ 1 ॥
पाग2 के पेंच3 में छानली हे ।
जीरा पीले जरा , जीरा पीले जरा ॥ 2 ॥
होअत बलकवा के दूध ।
जीरा पीले जचा , जीरा पीले जचा ॥ 3 ॥
हम बबा के अलरी दुलरी4 ।
हमरा न जीरा ओल्हाय , 5 जीरा कइसे पीऊँ ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
आज अनंद भलइ हमर नगरी
बधैया
आज अनंद भलइ1 हमर नगरी ।
मोर दादा लुटावे अनधन सोना , मोर दादी लुटावे मोती के लरी2 ॥ 1 ॥
बाबूजी लुटावथ3 कोठीअटारी , मइया लुटाबे फूल के झरी ।
मोबारख4 होय होरिला तोहरो गली ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
काली ग्वाली खिटी टालान
काली ग्वाली खिटी टालान
काली ग्वाली खिटी टालान
रेइनी जाम्बू सुबुकेन बल कुयेरा
रेइनी जाम्बू सुबुकेन बल कुयेरा
रेइनी जाम्बू चूटी लियेन
रेइनी जाम्बू चूटी लियेन
रमा चाचू का भूली वाजा बेटा मारे
रमा चाचू का भूली वाजा बेटा मारे
रमा चाचू बनजा बेटा
रमा चाचू बनजा बेटा
अमा रानी का भूली वाजा बेटा मारे
अमा रान... | korku-kfq |
झीमर झीमर चोय टेगेन टाला दारोम टेगने डो माय मारे
झीमर झीमर चोय टेगेन टाला दारोम टेगने डो माय मारे
झीमर झीमर चोय टेगेन टाला दारोम टेगने डो माय मारे
अमा रानी का जा बेटा
अमा रानी का जा बेटा
ऊरगा टाला केन्डे कडसा ढोढोवा जा बेटा मारे
ऊरगा टाला केन्डे कडसा ढोढोवा जा बेटा मारे
स्रोत व्यक्ति रूक्मणी , ग्राम मकड़ाई | korku-kfq |
76
तेरा आखया असां मनजूर कीता मझीं देह संभाल के सारियां नी
खबरदार रहे मझीं विच खड़ा बेले विच मुसीबतां भारियां नी
रोला करे नाहीं नाल खधिया1 दे एस कदे नाहीं मझी चारियां नी
मत खेड रूझे खड़ियां जाण2 मझीं होण पिंड दे विच खुआरियां नी | panjabi-pan |
चढ़ लाडा, चढ़ रे ऊँचे रो
चढ़ लाडा , चढ़ रे ऊँचे रो , देखाधूं थारो सासरो रे
जांणे जाणें जोगीड़ो रा डेरा , ऐंडू के शार्रूं सासरो रे
चढ़ लाड़ा चढ़ रे ऊँचो रो , देखांधू थारा सुसरा रे
जाणें जाणें पड़गो रा वौरा , ऐड़ा रे थारा सुसरा रे
चढ़ लाड़ा चढ़ रे ऊँचे रे देखांधू थारो सासरो रे
जाणें जाणें पड़गा री " बोंरी ' ऐड़ी तो थारी ... | rajasthani-raj |
चुप्प करके करीं गुज़ारे नूँ
चुप्प करके करीं गुज़ारे नूँ ।
सच्च सुण के लोक ना सहिन्दे नी ,
फिर सच्चे पास ना बहिन्दे नी ,
सच्च मिट्ठा आशक प्यारे नूँ ।
चुप्प करके करीं गुज़ारे नूँ ।
सच्च शरा करे बरबादी ए ,
सच्च आशक दे घर शादी1 ए ,
सच्च करदा नवीं अबादी ए ,
जेही शरा तरीकत हारे नूँ ।
चुप्प करके करीं गुज़ारे नूँ ।
चुप्प आशक त... | panjabi-pan |
म्हारों बालूड़ों ग्यो तो सासरे
म्हारों बालूड़ों ग्यो तो सासरे , जरमरियो
काईं काईं लायो रे वीरा डायजिये . . . जरमरियो ढ़ोलो
लाड़ी आयो ने अनुअर डायजिये . . . जरमरियो ढ़ोलो
बेड़ो लायो ने थाली डायजिये . . . जरमरियो ढ़ोलो
लोटो लायो ने लोटी डायजिये . . . जरमरियो ढ़ोलो
सीरस लायो ने ढ़ाल्यो डायजिये . . . जरमरियो ढ़ोलो
म्हारो ब... | rajasthani-raj |
पिंजरा टूटी गयो रमा उड़ी गयो मायु
पिंजरा टूटी गयो रमा उड़ी गयो मायु
पिंजरा टूटी गयो रमा उड़ी गयो मायु
रामा सरिका बोले रे बेटा म्हारो कलेजा टूटे
पेप रे पाला जोमेडो में माडो इयां बेटी
रेपे रेपे मांडिये
पान सुपारी जोमे डो इयां बेटी
रेपे रेपे मांडिये
काली ग्वाली किटी टाला
डून्डा ओड़ा टेगेन डो माय मारे
डून्डा ओड़ा टेगेन डो ... | korku-kfq |
जच्चा की चटोरी जीभ जलेबी मंगवा द्यो नां
जच्चा की चटोरी जीभ चलेबी मंगवा द्यो नां
उसकी सासू गिरवै रखद्यो ससुरै का लगवा द्यो ब्याज
जलेबी मंगवा द्यो नां
उसकी जिठाणी नै गिरवै रखद्यो जेठै का लगा द्यो ब्याज
जलेबी मंगवा द्यो नां
उसकी देवरानी गिरवै रखद्यो देवर का लगा द्यो ब्याज
जलेबी मंगवा द्यो नां
उसकी ननद ने गिरवै रखद्यो ननदो... | haryanvi-bgc |
468
जो कुझ तुसी फरमांओ सो जाए आखां दिल जानथी चेलड़ी होइआं मैं
तैनूं पीर जी भुल के बुरा बोली भुली विसरी आन विगोइआं मैं
तेरी पाक जबान दा हुकम लैके कासिद1 होयके आन खलोइआं मैं
वारस शाह दे मोजजे साफ कीती नहीं मुढ दी वढी बदखोइआं मैं | panjabi-pan |
मन खोल के मांगो नन्दी लेना हो सो लेय
मन खोल के मांगो नन्दी लेना हो सो लेय
जेवर मत मांगो नन्दी डिब्बों का सिंगार
जेवर में से आरसी दूंगी छलला लूंगी निकाल
मन खोल के मांगो . . .
तीयल मत मांगे नन्दी बुगचे का सिंगार
कपड़े में मैं अंगिया दूंगी मुलकत लूंगी निकाल
मन खोल के मांगो . . .
बर्तन मत मांगो नन्दी चौके का सिंगार
बर्तन म... | haryanvi-bgc |
यो तो गऊँ रे चणा को उबटणो
यो तो गऊँ रे चणा को उबटणो
माय चमेली नौ तैल
गोरो लाड़ो लाड़ी बैठ्या उबटणे | malvi-mup |
मृत्यु गीत
टेक दल खोलो कमल का फूल हंसा , सायब रे न मिलावण ना होय रे ।
चौक1 गऊ न का दूध नीबजे रे हंसा , दूध का दही होय रे ।
आरे हंसा दूध न का दही होय रे ।
मयड़ो रोळो माखण नीबजे रे , ऐसो फिर नहिं दहिड़ो होय
सायब रेन मिलावण होय ।
चौक2 फूल फूलियो गुलाब को हंसा , भँवरो गयो लोभाय रे ,
आरे हंसा भँवरो गयो लोभाय रे ।
कलीकली भँव... | bhili-bhb |
280
अजड़1 चारना कम पैगम्बरां दा केहा अमल शैतान दा रोलयो ई
भेडां चारके तोहमतां जोड़ना ए क्यों गजब फकीर ते खोलयो ई
वाही छड के खोलियां चारियां नी होयों जोगीड़ा जीऊना ठोलयो ई
सच मन के पिछांह मुड़ जा जटा केहा कूड़ दा फोलना फोलयो ई
वारस शाह एह उमर नित कर जाया2 शकर विच प्याज क्यों घोलयो ई | panjabi-pan |
563
रांझा आखदा पुछो खां एह छापा किथों दामन नाल चमेड़या जे
राह जांदड़े किसे ना पैन चंबड़े एह भूतना किथों सहेड़या जे
सारे मुलक एह झगड़दा पया फिरदा किसे हटकया ते नहीं होड़या जे
वारस शाह कुसंभे दे फोग वांगूं ओहदा उड़का रसा नचोड़या जे | panjabi-pan |
पिपरी लेके सासु खड़ी, पिपरिया पीले बहू
पिपरी1 लेके सासु खड़ी , पिपरिया पीले बहू ।
हो जयतो2 होरिलवा ला3 दूध , पिपरिया पीले बहू ॥ 1 ॥
पिपरी पीते मोरा होठ हरे , मोरा कंठ जरे हे ।
हिरदय कमलवा4 के फूल पिपरिया मैं न पिऊँ ॥ 2 ॥
पिपरी जेके भउजी खड़ी , चाची खड़ी ।
पुरतो5 होरिलवा के साध , पिपरिया पीले बहू ॥ 3 ॥
पिपरी पीते मोरा आ... | magahi-mag |
275
जदों करम अलाह दा करे मदद बेड़ा पार हो जाए निमानयों दा
लैणा करज़ नाहीं बूहे जा वहीए केहा तान है असां नितानयां दा
मेरे करम सवलड़े आन जागे खेत जंमया भुंनयां दानयां दा
वारस शाह मियां वडा वैद रांझा सरदार है सभ सिआनयां दा | panjabi-pan |
रच्छा करी बटुकनाथ भैरों
रच्छा करी बटुकनाथ भैरों ,
चौड़िया नारसिंह , वीर नौरतिया नारसिंह ।
ढौंढिया नारसिंह , चौरंगी नारसिंह ।
फोर मंत्र ईश्वरो वाच ।
ऊं नमो आदेश , गुरु कौं आदेश
प्रथम सुमिरौं नादबुद1 भैरों ,
द्वितीय सुमिरौं ब्रह्मा भैरों ,
तृतीय सुमिरों मछेन्द्रनाथ भैरों ,
मच्छ रूप धरी ल्यायो ।
चतुर्थ सुमिरौं चौरंगी नाथ ... | garhwali-gbm |
बारात के रास्ते का गीत
उभो रे मयदान मा , उभो रहयो रे बेना ।
बइं ना वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
बणवि ना वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
भाइ ना वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
भोजाइ ना वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
फुवा वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
फुइ ना वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
गांवल्या वाटे , उभो रहयो रे बेना ।
बना रुक गया है , क्यों रुक... | bhili-bhb |
का लेके अयले ननदिया, बोलाओ राजा बीरन के
का1 लेके2 अयले3 ननदिया , बोलाओ राजा बीरन4 के ।
पाँच के टिकवा , 5 दस के टिकुलिया , 6 लेके आयल ननदिया ॥ 1 ॥
हमर बहिनियाँ बहुत किछु लयलक7 ।
ओकरा8 के पियरी पेन्हाउ , 9 बोलाबु राजा बीरन के ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
515
हुकम हीर दा माऊ तों लया सहती गलां आपों विच दोहां मेलियां ने
अनी आओ खां आपो विच गल गिनो सभ घलियां सभ सहेलियां ने
रूजू1 आन होइयां सभे पास सहती जिवें गुरु अगे सभ चेलियां ने
कहे कुआरियां कई वियाहियां ने चंद जेहे सरीर मथेलियां ने
उन्हां माऊ ते बाप नूं भुन्न खाधा मुंग चने कुआरियां खेलियां ने
विच हीर सहती दोवें बैठियां न ... | panjabi-pan |
कबीरो किन भरमायो, अम्माँ महारो
कबीरो किन भरमायो , अम्माँ महारो
१ कबीरा की औरत कहती सासु से
ऐसो पुत्र क्यो जायो
खबर हुती मख नीच काम की
ब्याव काहै को करती
कबीरो किन भरमायो , अम्माँ महारो
२ कबीरा की माता कहती कबीर से
तुन म्हारो दुध लजायो
खबर हुती मख गर्भवाँस की
दुध काहे को पिलाती
कबीरो किन भरमायो , अम्माँ महारो | nimadi-noe |
रणिहाट नी जाणू गजेसिंह, हल जोता का दिन, गजेसिंह
रणिहाट नी जाणू गजेसिंह , हल जोता का दिन , गजेसिंह
छिः दारु नी पेणी गजेसिंह , रणिहाट नी जाणू , गजेसिंह
हौंसिया छै बैख गजेसिंह , बड़ा बाबू को बेटा , गजेसिंह
त्यरा कानू कुंडल गजेसिंह , त्यरा हातू धगुला , गजेसिंह
त्वे राणी लूटली गजेसिंह , रणिहाट नी जाणू , गजेसिंह
तेरो बाबू मा... | garhwali-gbm |
माथे मटुक्डी महिनी गोरी
माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली , रे गोकुल मां
ओ मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला . . . .
सांकळी शेरी माँ म्हारा ससराजी मऴया ,
मुने लाजू करी या ने घणी हाम रे . . गोकुल मां ,
हो मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला ,
माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली , रे गोकुल मां
ओ म्हारा श्याम मुझने हरी व्ह... | gujarati-guj |
सारी चोर-बोर कर डारी
सारी चोरबोर कर डारी ,
कर डारी गिरधारी ।
गिरधारी पकरन के काजैं ।
जुर आईं ब्रजनारी ।
नारी भेस करौ मोहन कौ ।
पैराई तन सारी ।
सारी पैर नार भए मोहन ,
नाचें दैदै तारी
तारी लगा ग्वाल सब हँस रय
ईसुर कयँ बलहारी । | bundeli-bns |
अगर चन्दन का बण्या रे किवाड़
अगर चन्दन का बण्या रे किवाड़ ,
बावन चन्दन की कोठड़ी ,
कोठड़ी मऽ बठ्या राणी रनुबाई नार हो ,
बाळा कुंवर की मावली ।
भोळा हो धणियेर , भोळा तुम्हारो राज ,
तो नव दिन पियर हम जावां जी ।
तुम देवी मूरख गंवार ,
नव दिन पीयर मत जाओ ।
तपऽ तपऽ चैत केरो घाम ,
कड़ी को बाळो कुम्हलई जासे
तुम्हारा बाला खऽ राख... | nimadi-noe |
खोय देत हो जीवन बिना काम के भजन करो कछु राम के
खोय देत हो जीवन बिना काम के , भजन करो कछु राम के ।
जी बिन देह जरा न रुकती ,
चाहो अन्त समय में मुक्ती
ऐसी करो जतन से जुक्ती ,
ध्यान करियों सबेरे न तो शाम के । भजन . . .
लख चौरासी भटकत आये ,
मानुष देह कठिन से पाये ,
फिर भी माने न समुझायें ,
गलती चक्कर में फंसे बिना राम के । ... | bundeli-bns |
आल्हा ऊदल
पड़ गैल बीड़ा जाजिम पर बीड़ा पड़ल नौ लाख
हे केऊ रजा लड़वैया रुदल पर बीड़ा खाय
चौहड़ काँपे लड़वेया के जिन्ह के हिले बतीसो दाँत
केकर जियरा है भारी रुदल से जान दियावे जाय
बीड़ा उठावल जब लहरा सिंड्घ कल्ला तर देल दबाय
मारु डंका बजवावे लकड़ी बोले जुझाम जुझाम
एको एका दल बटुरल जिन्ह के दल बावन नवे हजार
बूढ़ बियाउर के... | bhojpuri-bho |
फूल लोढ़े चलली हे गउरा, बाबा फुलवारी
फूल लोढ़े1 चलली हे गउरा2 बाबा फुलवारी ।
बसहा चढ़ल महादेव , लावले3 दोहाई4 ॥ 1 ॥
लोढ़ल5 फफलवा हे गउरा देलन छितराए ।
रोवते कनइते6 हे गउरा , घर चलि आवे ॥ 2 ॥
मइया अलारि7 पूछे , बहिनी दुलारि पूछे ।
कउने तपसिया8 हे गउरा , तोरो के डेरावे ॥ 3 ॥
लाज के बतिया9 हे अम्मा , कहलो न जाए ।
भउजी जे ... | magahi-mag |
करमा गीत-6
रांधत देखेंव मोगरी मछरी
परसत देखेंव भोंगा सागे ।
अइसन सुआरी बर
बड़ गुस्सा लागे ।
भारतें तुतारी दुई चारें ।
माहिरा तुतारी दुई चारें ।
चलि देबों मइके हमारे ।
मसके देइ मइके तुम्हारे ।
कर लेब दूसर बिहांव ।
कर लेइहा दूसर बिहाव
हमर सूरत कहां पइहा ।
अइसन सुधरई का करबो ।
चिटको तो चाल कहर नइहे । | chhattisgarhi-hne |
हवा बहे रसे-रसे घुमड़इ कजरिया
हवा बहे रसेरसे घुमड़इ कजरिया ,
जिया कहे चलचल पिया के नगरिया ।
जहिया से सइँया मोरा गेलन विदेसवा ,
आवे न अपने न भेजे कोई सनेसवा ।
लिलचा के रह जाहे ललकल नजरिया .
जिया कहे चलचल पिया के नगरिया ।
जाड़ा जड़ाई गेलई सउँसे ई देहिया ,
गरमी में सब जरई सबरे सनेहिया ।
जियरा डेराय रामा छाय घटा करिया
जिया... | magahi-mag |
रुकमिनी जेवनार बनाए
रुकमिनी जेवनार1 बनाए , मकसूदन2 जेमन3 आए जी ।
सोभित रतन जड़ाओ4 कुंडल , मोर मकुट सिर छाजहिं ॥ 1 ॥
केसर तिलक लिलार5 सोभित , उर बयजन्तरी6 माल हे ।
बाँहे बिजाइठ7 सोबरन बाला , अँगुरी अँगुठी सोहहिं ॥ 2 ॥
सेयाम रूप मँह पीयर बसतर , चकमक झकझक लागहिं ।
कनक कंकन , चरन नेपुर , रूप काहाँ लौं बरनउँ ॥ 3 ॥
जिनकर रूप... | magahi-mag |
आमार सरल प्राणे एत दुःख दिले (भाटियाली)
आमार सरल प्राणे एत दुःख दिले । ।
सहे ना यौवन ज्वाला ,
प्रेम ना करे छिलाम भालो गो ।
दुइ नयने नदी नाला तुइ बन्धु बहाइले । ।
आगे तो ना जानि आमि ,
एत पाषाण हइबे तुमि गो ।
बइसे थाकताम एकाकिनी , कि इहते प्रेम ना करिले । ।
तुमि बन्धु ताके सुखे ,
मरब आमि देखुक लोके गो
अभागिनीर मरणकाले आइ... | bengali-ben |
वनिक
मैं हूँ साहुकारा नाथ , कीजिए हमारा सौदा ,
छोटी बड़ी इलायची , छुहड़ा घर भरा है ।
लवंग ओ सुपारी , कत्था केवरा सुवास भरो ,
बांका है मुनक्का , जो डब्बे में रक्खा है ।
किसमिस बादाम , ओ चिरंजी तमाम रक्खी ,
गड़ी का है गोला साँचे का सा ढ़ला है ।
सोंठ जीरा जायफल डिब्बे में कपूर देखो ,
काली मीर्च पीपली चालान नयी आयी है ।
हर... | bhojpuri-bho |
वारे लाँगुरिया रुक मत जइयौ
वारे लाँगुरिया रुक मत जइयो कहूँ गैल में ॥ टेक
तोय दऊँ पहले ही बतलाय ॥ लाँगुरिया .
वारे लाँगुरिया जो रुकि गयौ कहुँ गैल में ,
फिर तौ लेगौ देर लगाय ॥ लाँगुरिया .
वारे लाँगरिया मोय आदत तेरी नहीं भावत है ,
तू तो सुन लै रे चितलाय ॥ लाँगुरिया .
वारे लाँगुरिया मैंने बोली जात करौली की ,
हम तौ दरस करें... | braj-bra |
जामुना रे जामुना आरे बेटा
जामुना रे जामुना आरे बेटा
नद्दी किनारे जामुना का जामुना चोरो रे
आरे बेटा जामुना चोरो रे
मिया किलो डूमूर भैया मिया किलो
जुगुनो दाना जोगी पिंजरा सिंगारे
जा जोगी ये जोगी ये जोगी
आमा पिंगी रुवेन जा कापरा लियेन
सालो आगीन केन जा बोले रे
स्रोत व्यक्ति माखन , ग्राम आमाखाल | korku-kfq |
देव खितरपाल घड़ी-घड़ी का विघ्न टाल
देव खितरपाल1 घड़ीघड़ी का विघ्न टाल
माता महाकाली का जाया2 चंड भैरों3 खितरपाल
प्रचंड भैरों खितरपाल , काल भैरों खितरपाल
माता महाकाली का जाया , बूढ़ा महारुद्र का जाया | garhwali-gbm |
छापक पेड़ छिउलिया,त पतवन धन बन हो
छापक पेड़ छिउलिया त पतवन धन बन हो
ताहि तर ठाढ़ हरिनवा त हरिनी से पूछेले हो
चरतहीं चरत हरिनवा त हरिनी से पूछेले हो
हरिनी की तोर चरहा झुरान कि पानी बिनु मुरझेलू हो
नाहीं मोर चरहा झुरान ना पानी बिनु मुरझींले हो
हरिना आजु राजा के छठिहार तोहे मारि डरिहें हो
मचियहीं बइठली कोसिला रानी , हरिनी... | bhojpuri-bho |
4
मदह1 पीर दी हुब्ब2 नाल कीचे जैंदे खादमा विच वी पीरिआं नी
बाझ ओस जनाब दे पार नाही लख ढूंढ़दे फिरन फकीरिआं नी
जिहड़े पीर दी मेहर मनजू़र होए घर तिनहां दे मीरिआं पीरिआं नी
रोजे़ हशर ने पीर दे तालबां नूं हथ सजड़े मिलणगिआं चीरिआं नी | panjabi-pan |
राजा जी जे थारै जन्मैगा पूत
राजा जी जे थारै जन्मैगा पूत मोहर हम पचास लेवां
हां जी हां ।
राजा जी जै थारे जन्मैगी घी ओढां हम चुंदड़िया
हां जी हां ।
राजा जी कौल बचन कर लो जी याद मोहर पचास हम लेवां
हां जी हां ।
दाइए पूत जन्मा हमारी नार , तेरा दाई क्या रे लेया
हां जी हां ।
राजा जी दोए बरस की सै बात दाई कै पैरां फेर पड़ो
हां... | haryanvi-bgc |
सेनुरा सेनुरा जनी करूँ, सेनुरा बेसाहम हे
सेनुरा सेनुरा जनी करूँ , सेनुरा बेसाहम1 हे ।
धनि2 लागि3 जयबइ4 सेनुरा के हाट , से सेनुरा ले आयम5
एतना कहिए दुलहा उठलन , चलि भेलन6 मोरँग7 हे ।
मोरँग देसे सेनुरा सहत8 भेलइ9 सेनुरा लेआबल हे ॥ 2 ॥
लेहु धनि सेनुरा से सेनुरा आउर टिकुली बेनुली10 हे ।
धनि साटि लेहु अपन लिलार , चलहु मोर ओ... | magahi-mag |
आल्हा ऊदल
जान छोड़ देल इंदरमन के जब सोनवा देल जवाब
केतना मनौलीं ए भैया के भैया कहा नव मनलव मोर
रात सपनवाँ सिब वाबा के
एतनी बोली सुनल इंदरमन राजा के के भैल अँगार
सोत खनाबों गंगा जी के सिब के चकर देब मँगवाय
फूल मँगाइब फुलवारी से घरहीं पूजा करु बनाय
तिरिया चरित्तर केऊ ना जाने बात देल दोहराय
करे हिनाइ बघ रुदल के
ऊ तो निकसु... | bhojpuri-bho |
आज दिन सोने का कीजो महाराज
आज दिन सोने का कीजो महाराज
सोने को सब दिन , रूपों की रात ,
मोती के कलसे भराऊँ महाराज ॥ आज दिन . . .
आज बहूरानी मेरे घर में है आई
नौबतनगाड़े , बजवाऊँ महाराज ॥ आज दिन . . .
हरेहरे गोबर अँगना लिपाऊँ
बंदनवारें बँधवाऊँ महाराज ॥ आज दिन . . .
सखीसहेलिन सबकू बुलवा के
मंगलगीत गवाऊँ महाराज ॥ आज दिन . .... | braj-bra |
नौ दुर्गा मेरे अंगना खड़ी
नौ दुर्गा मेरे अंगना खड़ी
नीहोर तोरे पैयाँ पड़े
कया देख मैया अंगना हो आई
कया देख मुसकाई
नीहोर तोरे पैयां पड़े
दूधां देख मैया अंगना हो आई
पूतां देख मुसकाई
नीहोर तोरे पैयां पड़े
पाँवां ने तेरे बिछिया सोवता
अनबट देख मुसकाई
नोहोर तोरे पैयां पड़े | malvi-mup |
मेरी बन खंड को कोयल बन खंड छोड़ कहां चली
मेरी बन खंड को कोयल बन खंड छोड़ कहां चली
मेरे ताऊ ने बोले हैं बोल बचन की मारी मैं चली
मेरी बन खंड की कोयल बन खंड छोड़ कहां चली
मेरे बाबुल ने बोले हैं बोल बचन की मारी मैं चाली | haryanvi-bgc |
ख़ाकी ख़ाक स्यों रल जाणा
ख़ाकी ख़ाक स्यों रल जाणा ।
कुछ नहीं ज़ोर घिङाणा1 ।
गए सो गए फेर नहीं आए ,
मेरी जानी मीत प्यारे ।
मैं बाज्झों पल रहिन्दे नाहीं ,
हुण क्यों असाँ विसारे ।
विच्च कबराँ दे खबर न काई ,
मार केहा झुलाणा ।
ख़ाकी ख़ाक स्यों रल जाणा ।
कुछ नहीं ज़ोर घिङाणा ।
चित्त पाया ना जाए असाथों ,
उभ्भे साह ना रहिन्दे ... | panjabi-pan |
ओ रघुबर न कोउ विपत्ति के साथी
ओ रघुबर न कोउ विपत्ति के साथी
एक विपत्ति राजा दशरथ पड़ गई
राम लखन वनवासी ओ रघुबर . . .
दूसरी विपत्ति श्री राम पे पड़ गई
वनवन फिरत उदासी । रघुबर . . .
तीसरी विपत्ति रावण पे पड़ गई
लंका जली दिन राती । रघुबर . . .
चौथी विपत्ति रावण पे पड़ गई
थाहि लगी जन घाती । रघुबर . . . | bundeli-bns |
अणा कोलाला ना बीरा गऊँड़ा हांगणा
अणा कोलाला ना बीरा गऊँड़ा हांगणा
बरोठा नी पाकी मसूर
कमला बई नी सेरी बीरा हांकड़ी
यो थो मदनलालजी नो भोको परवार
रे सौदागर बीरा धणी रे घुमर से बीरा आविया
आंवा कटाडूं रे बीरा आमळी
लम्बी बंदाडूं पटसाल | malvi-mup |
168
तुसीं एसदे खयाल ना पवो अड़ियो नहीं खटी कुझ एस सपार उतों
नी मैं जीउंदी एस बिन रहां कीकूं घोल घोल घती रांझे यार उतों
झलां बेलयां विच एह फिर भौंदा सिर वेचदा मैं गुनाहगार उतों
मेरे वासते कार कमांवदा ए मेरी जिंद घाती एहदी कार उतों
तदों भाबियां साक ना बणदियां सन जदों सुटया पकड़ पहाड़ उतों
घरों भाइयां चा जवाब दिता एहना भू... | panjabi-pan |
आल्हा ऊदल
जिब ना बाँचल मोर देवी के सोनवा जान बचाई मोर
नाम रुदल के सुन के सोनवा बड़ मगन होय जाय
लौंड़ी लोंड़ी के ललकारे मुँगिया लौंड़ी बात मनाव
रात सपनवाँ में सिब बाबा के सिब पूजन चलि बनाय
जौन झँपोला मोर गहना के कपड़ा के लावव् उठाय
जौन झँपोला है गहना के कपड़ा के ले आवव् उठाय
खुलल पेठारा कपड़ा के जिन्ह के रास देल लगवाय
प... | bhojpuri-bho |
534
खेड़े निशा1 दिती अगे जोगीड़े दे सानूं कसम है पीर फकीर दी जी
मरां होए के एस जहान कोहड़ा कदे सूरत जे डिठी है हीर दी जी
सानूं हीर जटी धौली धार दिसे कोह2 काफ3 ते धार कशमीर दी जी
लंका कोट पहाड़ दा परा दिसे फरहाद नूंनहर जो शीर4 दी जी
दूरों वेखके फातिहा आख छडां गुरु पीर पंजाब दे पीर दी जी
सानूं कहिकहा5 कंध दे वांग दिसे ढु... | panjabi-pan |
कान्हा के होली
रंग बगरे हे बिरिज धाम मा
कान्हा खेले रे होली
वृन्दावन ले आये हवे
गोली ग्वाल के टोली
कनिहा में खोचे बंसी
मोर मुकुट लगाये
यही यशोदा मैया के
किशन कन्हैया आए
आघू आघू कान्हा रेंगे
पाछु ग्वाल गोपाल
हाथ में धरे पिचकारी
फेके रंग गुलाल
रंग बगरे हे . . .
दूध दही के मटकी मा
घोरे रहे भांग
बिरिया पान सजाये के
खोचे रह... | chhattisgarhi-hne |
माँग लाड़ो टीका सोभे, मोतिये की बहार
माँग लाड़ो टीका सोभे , मोतिये की बहार ।
लाड़ो हवले1 चलि आओ ।
ए बोलवे दिलवर जान , लाड़ो हवले चलि आओ ॥ 1 ॥
नाक लाड़ो बेसर सोभे , चुनिये2 की बहार ।
हवले चलि आओ , देखे दिलबर जान ॥ 2 ॥
कान लाड़ो बाली सोभे , झुमके की बहार ।
हवले चलि आओ लाड़ो , देखे आशिक जार ॥ 3 ॥
गले लाड़ो माला सोभे , सिक... | magahi-mag |
ये बिगाड़ो लाँगुरिया
नईनई फैशन की जोगिन ने ये बिगाड़ौ लाँगुरिया ॥ टेक ॥
बिगाड़ौ लाँगुरिया , रे बिगाड़ौ लाँगुरिया ॥ नयीनयी .
पानी भरन को मैं चलूँ तो पीछे चल दे लाँगुरिया ,
मेरे मन में ऐसीऐसी आवै कुआ ढकेलू लाँगुरिया ॥
नयीनयी फैशन की .
गोबर थापन मैं चलूँ तो पीछे चलदे लाँगुरिया ,
मेरे मन में ऐसीऐसी आबै गोबर में थापूँ लाँगु... | braj-bra |
सासड़ नै भेजी हे मां मेरी चुंदड़ी जी
सासड़ नै भेजी हे मां मेरी चुंदड़ी जी ,
ए जी कोई दे भेजी मेरी सास , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई जी
अलां तो पलां हे मां मेरी छेकले जी ,
ए जी कोई बी सासड़ के बोल , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई जी
ओढूँ तो दीखै हे मां मेरी छेकले जी ,
ए जी कोई रड़कै सासड़ के बोल , इन्द राजा नै झड़ी ए लगा दई ... | haryanvi-bgc |
ऐ गा मोटरवाला
ऐ गा मोटरवाला
काय बता ना बाई
ऐ गा मोटरवाला
काय बता ना बाई
के पैसा लेबे तें जाबो दुरूग अउ भिलाई
ऐ गा मोटरवाला
काय बता ना बाई
ऐ गा मोटरवाला
काय बता ना बाई हीहीई
एक झन जाबे ते , पांच रुपया लगथे
दुनिया ले बाहिर , ऐ हा काबर हमला ठगथे
एको घांव गेहस , ते आज पहली जावथस
लगथे तें अभी अभी , मोटर ला चलावत हस
साड़े चा... | chhattisgarhi-hne |
346
जेही नियत है तेही मुराद मिलीया घरो घरी छाई सिर पावना एं
फिरे भौंकदा मंगदा खवारहुंदा लख दगे पखंड कमावना एं
सानूं रब्ब ने दुध ते दहीं दिता असां खावना ते हंडावना एं
सोना रूपड़ा1 पहन के असीं बहिए वारस शाह क्यों जीभ रमावना एं
गधा उदरका2 नाल ना होय घोड़ी शाह परी ना होए यरोपीए नी
गोरे रंग दे नाल तूं जग मुठा विचों गुनाह दे... | panjabi-pan |
बाजूबंद री लूम
टूटे बाजूडा री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
कोई पंचरंगी लहेरिया रो पल्लो लहेराए
धीरे चालो नी बायरिया हौळे हालो नी बयारिया
झालो सहयो नही जाए
टूटे बाजूडा री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
कोई पंचरंगी लहेरिया रो पल्लो लहेराए
धीरे चालो नी बायरिया हौ... | rajasthani-raj |
71
बाप हम के पुछदा कौन हुंदा एह मुंडड़ा किस सरदार दा ए
हथ लाया पिंड ते दाग पैंदा एह महीं दे नहीं दरकार दा ए
सुघड़ चतर ते अकल दा कोट नढा महीं बहुत सम्भाल के चारदा ए
हिके नाल पयार दे हूंग दे के सोटा सिंग ते मूल ना मारदा ए
माल आपणा जान के सांभ लयावे कोई कम्म ना करे विगार दा ए
वसे नूर अल्लाह दा मुखड़े ते मुंहों रब्ब ही रब्... | panjabi-pan |
297
रसम जग दी करो अतीत साईं साडियां सूरतां वल ध्यान कीजो
अजू मेहर दे वेहड़े नूं करो फेरा सहती सोहणी ते नजर आन कीजो
वेहड़ा महर दा चलो विखा लयाईये जरा हीर दी तरफ ध्यान कीजो
वारस वेखीए घरां सरदारी ढयां नूं अजे साहिबो नहीं गुमान कीजो | panjabi-pan |
हार लगल बेनियाँ, सोहाग लगल बेनियाँ
हार लगल1 बेनियाँ , सोहाग लगल बेनियाँ ।
मोती लगल हे , सोभइ सुगही2 के सेजिया ॥ 1 ॥
अँगना में हकइ3 चलन केरा4 हे गछिया5 ।
बिछ गेलइ6 हे धनि , सुगही के सेजिया ॥ 2 ॥
से चले लगलइ हे उहाँ7 हार लागल बेनियाँ ।
ओने से8 आवल पुरबा9 आयल सुख नीनियाँ ॥ 3 ॥
भुला गेलइ हे मोरा हार लगल बेनियाँ ।
भुला गेलइ... | magahi-mag |
नागरजा
हे बिष्णु तब दूदी पेण लैगे ,
हे देव जी विष तेरा घिचा पर
अमृत त बणीगे ।
पूतना हेरदी रै यशोदा को बालीक ,
अभी मरदो तभी छ मरदो ।
निराशे गए वा जब दूद्यौं दूँद नी रयो
तब बोलदेहे दीदी यशोदा ,
अपणा बालक तू फुँडो1 गाडीयाल2 ।
तब विष्णु भगवान वीं की छाती पर चिपटीन
पूतना को सारो खून चूसयाले
तब पूतना बणैयाले आम जनी गुठली ,
ब... | garhwali-gbm |
बइण का आँगणा म पिपळई रे वीरा चूनर लावजे
बइण का आँगणा म पिपळई रे वीरा चूनर लावजे । ।
लाव तो सब सारू लावजे रे वीरा ,
नई तो रहेजे अपणा देश ।
माड़ी जाया , चूनर लावजे । ।
संपत थोड़ी , विपत घणी हो बइण ,
कसी पत आऊँ थारा द्वार । ।
माड़ी जाई , कसी पत आऊँ थारा द्वार । ।
भावज रो कंकण गयणा मेलजे रे वीरा ,
चूनर लावजे ।
असी पत आवजे ... | nimadi-noe |
बगिया में ठाढ़ा भेल कवन बेटी
बगिया1 में ठाढ़ा भेल कवन बेटी , बगिया सोभित लगे हे ।
बाँहि2 पसार मलिनिया कि आजु फुलवा लोर्हब3 हे ॥ 1 ॥
धीर धरु अगे मालिन धीर धरु , अवरो4 गँभीर बनु हे ।
जब दुलहा होइहें कचनार5 तबे फुलवा लोर्हब हे ॥ 2 ॥
मँड़वाहिं ढाढ़ा भेल कवन बेटी , मड़वा सोभित लगे हे ।
बाँहि पसार कवन दुलहा , आजु धनि हमर6 हे... | magahi-mag |
379
सहती आखया एह मिल गए दोवें लई घत फकीर बलाइयां1 नी
एह वेख फकीर निहाल होई जड़ियां एस नूं घत पिवाइयां नी
आखे हीर नूं मगज खपा नाहीं नी मैं तेरियां लवां बलाइयां नी
एस जोगड़े नाल तूं खोज नाही अनी भाबीए घोल घुमाइयां नी
मता घत जादू मते करे कमली गलां एसदे नाल की लाइयां नी
एह न खैन ना भिछया लवे दाने किथों कढीए दुध मलाइयां नी
... | panjabi-pan |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.