Unnamed: 0
int64
1
9.08k
text
stringlengths
10
426
pol
stringclasses
3 values
1,919
सैम की संगत में डरपोक पृथ्वी के जमीर की अग्निपरीक्षा प्रारंभ हो जाती है।
neutral
1,920
उसमें लव, पर्सनल और पेशेवर तीनों जिंदगियों के तार उलझ कर रह जाते हैं।
negative
1,921
साथ ही आज की तारीख में दोस्ती और प्यार के बनते-बिगड़ते मायनों की पड़ताल भी।
negative
1,922
पृथ्वी खुराना के रोल को जाएद खान को जीवंत बनाया है।
positive
1,923
उन्होंने एक सरल, सहज और डरपोक पृथ्वी की भूमिका को जस्टिफाई किया है।
positive
1,924
उस पर अपनी शारीरिक कद-काठी हावी नहीं होने दी।
positive
1,925
स्वच्छंद, बेपरवाह और दिलफेंक सैम के तौर पर रणविजय सिंह जंचे हैं।
positive
1,926
मेघा की अपने प्रेमी के प्रति असुरक्षा लेकिन समय पडऩे पर साथ देने की उसकी समझदारी को टीना देसाई ने बखूबी पोट्रे किया है।
neutral
1,928
गाने भी उन्होंने जरूरत भर रखे हैं।
positive
1,929
फिल्म की खोज विदेशी कलाकार टालिया बेंस्टन हैं।
neutral
1,930
सुसी गणेश ने अपनी तमिल फिल्म 'थिरूट्टु पायले' को हिंदी में 'शॉर्टकट रोमिया' टायटल के साथ पेश किया है।
neutral
1,931
बताया जा रहा है कि उन्होंने फिल्म में कुछ नए दृश्य जोड़े हैं और इसका स्केल बढ़ा दिया है।
positive
1,932
फिल्म की कहानी केन्या जाती है और वहां के वन्यजीवों का भी दर्शन कराती है।
neutral
1,935
फिल्म के नायक सूरज के मामा के अलावा किसी में भी अच्छाई नजर नहीं आती।
negative
1,936
सभी किसी न किसी प्रपंच में लगे हुए हैं।
neutral
1,937
शांतचित्त दिखने वाला किरदार तक अंत मे खूंखार नजर आता है।
negative
1,938
जल्दी से अमीर बनने की ख्वाहिश के साथ सूरज ब्लैकमेलिंग की दुनिया में घुस जाता है।
negative
1,939
सूरज (नील नितिन मुकेश) और मोनिका (अमीषा पटेल) के बीच एक-दूसरे को मात देने की चालें चली जाती हैं।
negative
1,941
वह प्रेम और रिश्तों में यकीन नहीं करता।
negative
1,942
अपनी चालबाजी के दौरान ही उसकी मुलाकात शेरी उर्फ राधिका से हो जाती है।
neutral
1,943
राधिका का एक चुंबन उसे सच्चे प्रेम का एहसास दिला देता है।
neutral
1,944
राधिका की शर्त पर वह सब कुछ छोड़ कर सामान्य जिंदगी में प्रवेश करना चाहता है, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती।
neutral
1,945
हिंदी फिल्मों ने हमें बताया है कि बुरे काम का बुरा नतीजा होता है।
negative
1,946
हम सूरज को ऐसे ही बुरे नतीजे का शिकार होते देखते हैं।
negative
1,947
फिल्म में दृश्यों और एक्शन के दोहराव हैं।
negative
1,948
फिल्म ऊब पैदा करने तक दृश्यों को बढ़ाती चलती है।
negative
1,950
नील नितिन मुकेश फिल्म के केंद्र में हैं।
neutral
1,951
उन्हें पर्याप्त दृश्य मिले हैं एक्शन और इमोशन के..जिन्हें वे स्टायल की बलि चढ़ा देते हैं।
negative
1,952
कुछ अभिनेता स्टायल को ही एक्टिंग समझने की गलती कर बैठते हैं।
negative
1,953
पर अभिनेता से अधिक दोषी लेखक और निर्देशक है, जो शूटिंग के समय उन्हें सचेत नहीं करते।
negative
1,954
'शॉर्टकट रोमियो' एक ऊबाऊ फिल्म है।
negative
1,955
आखिरकार हम ठगे महसूस करते हैं।
negative
1,956
'दिल' और 'बेटा' जैसी फिल्में दे चुके इंद्र कुमार पुराने स्कूल के माहिर निर्देशक के तौर पर जाने जाते हैं।
positive
1,957
हाल के बरसों में वे 'ग्रैंड मस्ती' जैसी सफल एडल्ट कॉमेडी भी दे चुके हैं।
neutral
1,958
'सुपर नानी' कमजोर फिल्म है।
negative
1,959
भारती भाटिया रईस बिजनेसमैन आरके भाटिया की पत्नी है।
neutral
1,960
परिवार की बेहतरी के लिए उसने अपनी महत्वाकांक्षाओं की तिलांजलि दे दी।
neutral
1,961
अपनी जिंदगी के चालीस साल उसने किचन को दे दिए।
neutral
1,962
उसके पति और बहू-बेटे को भारती के महान त्याग का एहसास नहीं है।
negative
1,963
कदम-कदम पर उसे लूजर और बेवकूफ कहा जाता है।
negative
1,965
ऐसे में उसके तारणहार के तौर पर उसका नाती मन अमेरिका से आता है।
neutral
1,966
वह भारती भाटिया के भीतर का स्वाभिमान जगाता है।
positive
1,969
फिल्म पूरी तरह उनके कंधों पर टिकी है।
neutral
1,970
उन्होंने अपनी भूमिका के साथ न्याय भी किया है।
positive
1,971
रिया के किरदार में श्वेता कुमार हैं, जो इंद्र कुमार की बेटी हैं।
neutral
1,972
उन्हें नाममात्र का स्पेस मिला है।
neutral
1,973
वह ध्यान खींच पाने में नाकाम रही हैं।
negative
1,974
अनुपम खेर विज्ञापन बनाने वाले शख्स के तौर पर असर नहीं छोड़ सके हैं।
negative
1,975
श्रेया नारायण फिल्म में बहू की भूमिका में हैं।
neutral
1,976
ग्रे शेड को उन्होंने ठीक ठाक निभाया है।
positive
1,977
हर्षित सक्सेना और संजीव-दर्शन की संगीत प्रभावहीन है।
negative
1,978
समीर और संजीव चतुर्वेदी के गीत औसत हैं।
neutral
1,979
लड़के का नाम घनश्याम और लड़की का नाम राधिका हो और दोनों ब्रजभूमि में रहते हों तो उनमें प्रेम होना लाजिमी है।
neutral
1,980
अमित शर्मा की फिल्म 'तेवर' 2003 में तेलुगू में बनी 'ओक्काड़ु' की रीमेक है।
neutral
1,981
वे शांतनु श्रीवास्तव की मदद से मूल कहानी को उत्तर भारत में रोपते हैं।
neutral
1,982
उन्हें अपनी कहानी के लिए आगरा-मथुरा की पूष्ठभूमि समीचीन लगती है।
neutral
1,983
एक बाहुबली है।
neutral
1,984
उसके दिल यानी रोज के गार्डन में एक लड़की प्रवेश कर जाती है।
neutral
1,985
वह प्रोपोज करता है।
neutral
1,986
लड़की मना कर देती है।
negative
1,987
और ड्रामा चालू हो जाता है।
neutral
1,988
मथुरा के गुंडा बाहुबली की जोर-जबरदस्ती के बीच में आगरे का लौंडा पिंटू शुक्ला उर्फ घनश्याम आ जाता है।
neutral
1,989
फिर शुरू होती है भागदौड़, मारपीट,गोलीबारी और चाकू व तलवारबाजी।
negative
1,990
अपने तेवर के साथ प्यार का इजहार करना है।
neutral
1,991
फिल्में में कथ्य और विषय-वस्तु के तौर पर कोई नयापन नहीं है।
negative
1,992
फिर भी निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा की प्रस्तुति रोचक है।
positive
1,993
नए कलाकारों की वजह से उत्सुकता बनी रहती है।
positive
1,995
माना जाता है कि किसी हीरो को अगर दर्शक इन अदाओं में पसंद कर लेते हैं तो वह पॉपुलर हो जाता है।
positive
1,996
'तेवर' का ध्येय है अर्जुन कपूर को ऐसे पॉपुलर हीरो के तौर पर स्थापित करना।
positive
1,997
जाहिर सी बात है कि इसके लिए एक दमदार विलेन भी चाहिए था।
neutral
1,998
कुल मिला कर 'तेवर' शुद्ध मसाला फिल्मों के मानदंड पर खरी उतरती है।
positive
1,999
यह दर्शकों को भरपूर आनंद देगी।
positive
2,000
'तेवर' में निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा ने अर्जुन कपूर और सोनाक्षी सिन्हा को पारंपरिक मसाला फिल्म के ढांचे में ही कुछ नया कर दिखाने के अवसर दिए हैं।
positive
2,001
सच कहें तो मनोज बाजपेयी की मौजूदगी ने फिल्म को नया आयाम दे दिया है।
positive
2,002
खल भूमिकाओं के लिए आवश्यक नहीं है कि आप ऊंची आवाज में चिल्लाएं या अपनी कद-काठी से आतंकित करें।
neutral
2,004
'तेवर' में देसी टच है।
positive
2,005
पिछले दिनों साउथ की रीमेक के तौर पर बनी अन्य फिल्मों से यह इसी कारण भिन्न प्रभाव डालती है।
positive
2,006
कहानी उत्तर भारत की लगती है।
neutral
2,007
'तेवर' में सुब्रत दत्ता पर नजर टिकती है।
positive
2,008
वे दी गई भूमिका में प्रभावित करते हैं।
positive
2,009
इस बार तो वे अपनी जमीन के किरदार में थे।
positive
2,011
गौर करें तो इन प्रतिभाओं ने एक्टिंग की प्रचलित शैली को प्रभावित किया है।
positive
2,012
लेखन और निर्देशन में भी नई धाराएं खोली हैं।
positive
2,013
'द शौकीन्स' एनएसडी की प्रतिभाओं का नया जमावड़ा और कार्य है।
positive
2,014
वैसे पिछली फिल्म में भी उत्पल दत्त और एके हंगल थिएटर की पृष्ठभूमि के थे।
neutral
2,015
इस बार तीनों ही थिएटर से आए प्रशिक्षित अभिनेता हैं।
positive
2,016
अनुपम खेर, अन्नू कपूर और पीयूष मिश्रा में अन्नू कपूर का प्रदर्शन कमजोर रहा।
negative
2,017
वे कम फिल्में करते हैं, लेकिन जबरदस्त दोहराव के शिकार हैं।
positive
2,018
यह उनकी सीमा है या निर्देशक उनकी छवि या शैली दोहरा कर संतुष्ट हो जाते हैं।
positive
2,020
उन्होंने दृश्यों को अश्लील और फूहड़ नहीं होने दिया है।
positive
2,021
दोनों ने अपनी भूमिकाओं को शालीन रखा है।
positive
2,022
इसका श्रेय लेख-निर्देशक को भी मिलना चाहिए कि उन्होंने इस एडल्ट कॉमेडी को द्विअर्थी संवादों से बचाया है।
positive
2,023
बहुत आसानी से यह प्रचलित तरीके से अश्लील और भोंडी हो सकती थी।
negative
2,024
औरत को ऑब्जेक्ट के रूप में प्रस्तुत करना ही फिल्म का विषय है।
neutral
2,025
इस संदर्भ में धूलिया और शर्मा का संयम दिखता है।
neutral
2,026
पिछली फिल्म में तीनों बूढ़े गोवा गए थे।
neutral
2,027
ग्लोबल समय में आर्थिक समृद्धि और अच्छे दिनों के दौर में तीनों मॉरीशस जाते हैं।
neutral
2,028
मॉरीशस की लोकेशन से फिल्म में खूबसूरती आ गई है।
positive
2,029
सदियों पहले भारत से मॉरीशस गए बिहारी मजदूरों की वंशज है आहना।
neutral
2,030
नए जमाने की बेफिक्र लड़की, जिसकी जिंदगी में इमोशनल उतार-चढ़ाव फेसबुक के लाइक और कमेंट से प्रभावित होता है।
neutral