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1,450
छात्र राजनीति और जेएनयू के छात्र जीवन से वाकिफ दर्शकों के लिए ये घटनाएं अपेक्षाकृत सिनेमाई आजादी के सहारे गढ़ी गई है।
positive
1,451
आनंद राय का उद्देश्य छात्र राजनीति में गहरे उतरना भी नहीं था।
neutral
1,452
उन्होंने एक संदर्भ लिया है, लेकिन उसके विवरण और चित्रण में वे धारणाओं पर निर्भर रहे हैं।
neutral
1,454
कुंदन की भूमिका में धनुष का चुनाव आनंद राय की सबसे बड़ी कुशलता है।
positive
1,455
धनुष की निर्मल और स्वच्छ अभिनय कुंदन के किरदार को प्रिय और विश्वसनीय बना देता है।
positive
1,456
सोनम कपूर अपनी सीमाओं में बेहतरीन अभिनय कर पाई हैं।
positive
1,457
'रांझणा' के गीत-संगीत में बनारस की लय है।
neutral
1,458
इरशाद कामिल ने “ीतों में अमीर खुसरो की शैली में मुकरियों और पहेलियों का भावपूर्ण प्रयोग किया है।
positive
1,459
ध्यान से सुनें तो “ीतों के भाव मर्मस्पर्शी और अर्थपूर्ण हैं।
positive
1,460
ए आर रहमान ने अपनी धुनों और ध्वनियों में विषय के अनुकूल प्रयोग और आयोजन किया है।
positive
1,461
उन्होंने बनारस के रंग, तंज, तेजाबी प्रवृति और चरित्रों को दृश्यों ,शब्दों और संवादों में तीक्ष्णता से उतारा है।
positive
1,462
मनीष गुप्ता की 'रहस्य' हत्या की गुत्थियों को सुलझाती फिल्म है, जिसमें कुछ कलाकारों ने बेहतरीन परफॉर्मेंस की हैं।
positive
1,463
उन कलाकारों की अदाकारी और लंबे समय तक हत्या का रहस्य बनाए रखने में कामयाब निर्देशक की सूझ-बूझ से फिल्म में रोचकता बनी रहती है।
positive
1,464
अगर पटकथा और चुस्त रहती तो यह फिल्म 'किसने की होगी हत्या' जोनर की सफल फिल्म होती।
neutral
1,465
आयशा महाजन की हत्या हो जाती है।
negative
1,467
वे गिरफ्तार कर लिए जाते हैं।
negative
1,469
मनीष गुप्ता ने हत्या के रहस्य को अच्छी तरह उलझाया है।
positive
1,471
लंबे समय के बाद आशीष विद्यार्थी हिंदी सिनेमा के पर्दे पर आए हैं।
neutral
1,472
समर्थ अभिनेता अपनी मौजूदगी के लिए संवादों का मोहताज नहीं होता।
negative
1,474
सीबीआई अधिकारी की भूमिका में केके मेनन अपने विनोद और दृढ़ता से प्रभावित करते हैं।
positive
1,475
मां आरती महाजन की भूमिका के द्वंद्व को टिस्का चोपड़ा ने समझा और जाहिर किया है।
positive
1,476
अन्य कलाकारों में अश्विनी कालसेकर याद रह जाती हैं।
positive
1,477
अगर केतन केहता की 'रंग रसिया' समय से रिलीज हो गई होती तो बॉयोपिक के दौर की आरंभिक फिल्म होती।
neutral
1,479
इस फिल्म को लेकर विवाद भी रहे।
negative
1,480
कहा गया कि यह उनके जीवन का प्रामाणिक चित्रण नहीं है।
negative
1,481
हिंदी फिल्मों की यह बड़ी समस्या है।
negative
1,482
रिलीज के समय आपत्ति उठाने के लिए अनेक चेहरे और समूह सामने आ जाते हैं।
negative
1,483
यही कारण है कि फिल्मकार बॉयोपिक या सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्मों को अधिक प्रश्रय नहीं देते।
negative
1,484
केतन मेहता ने रंजीत देसाई के उपन्यास पर इसे आधारित किया है।
neutral
1,485
मुमकिन है इस फिल्म और उनके जीवन में पर्याप्त सामंजस्य नहीं हो,लेकिन केतन मेहता ने राजा रवि वर्मा के जीवन और कार्य को सामयिक संदर्भ दे दिया है।
neutral
1,486
यह फिल्म कुछ जरूरी सवाल उठाती है।
positive
1,487
राजा रवि वर्मा केरल के चित्रकार थे।
neutral
1,488
उन्होंने मुंबई आकर कला के क्षेत्र में काफी काम किया।
neutral
1,489
विदेशों की कलाकृतियों से प्रेरित होकर उन्होंने भारतीय मिथक के चरित्रों को चित्रांकित करने का प्रशंसनीय कार्य किया।
positive
1,490
रामायण और महाभारत समेत पौराणिक "गाथाओं और किंवदंतियों को उन्होंने चित्रों में आकार दिया।
neutral
1,491
सचमुच उनका काम कितना मुश्किल और कठिन रहा होगा?
positive
1,493
फिल्म के आरंभ में आज और अतीत की इस समानता को केतन मेहता ने कोलाज के जरिए दिखाया है।
neutral
1,496
फिल्म के मुताबिक राजा रवि वर्मा की आर्थिक मदद से ही फालके फिल्म निर्माण में सक्रिय हुए थे।
positive
1,497
केतन मेहता ने पीरियड फिल्म की जरूरत के मुताबिक परिवेश तैयार किया है।
neutral
1,498
सेट और लोकेशन से उन्नीसवीं सदी के माहौल को पर्दे पर उतारा है।
neutral
1,499
चित्रकार के जीवन पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने रंगों का आकर्षक संयोजन किया है।
positive
1,500
राजा रवि वर्मा और सुगंधा के अंतरंग पलों को रचने में उन्हें रंगों से बड़ी मदद मिली है।
positive
1,501
अतीत के ये चरित्र करवट ले रही सदी की आहट समेटे हुए हैं।
neutral
1,502
विदेशों में निश्चित ही अधिक प्रामाणिक बॉयोपिक बने होंगें, लेकिन इस आधार पर हम अपने फिल्मकारों की सीमा और सामर्थ्य में चल रही कोशिशों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
positive
1,503
निर्माण के छह साल के बाद 'रंग रसिया' का रिलीज हो पाना ही सच बयान कर देता है।
positive
1,504
केतन मेहता की यह फिल्म छह सालों के अंतराल के बावजूद पुरानी और बासी नहीं लगती।
positive
1,505
कई फिल्मों को देखते हुए स्पष्ट पता चलता है कि कुछ कलाकार अपने किरदारों को लेकर अधिक आश्वस्त नहीं रहते।
neutral
1,506
कुछ दिनों की शूटिंग के बाद उनकी संलग्नता बढ़ती है।
positive
1,507
इस फिल्म में रणदीप हुडा ऐसा ही एहसास देते हैं।
positive
1,510
नंदना सेन में यह संकोच नहीं है।
positive
1,511
इस फिल्म में गीत-संगीत की अधिक आवश्यकता नहीं थी।
neutral
1,512
फिल्म का संगीत कमजोर है।
negative
1,513
फोटोग्राफी नयनाभिरामी है।
positive
1,514
शीर्षक "गीत रंगरसिया का फीलर के तौर पर किया गया इस्तेमाल अखरता है।
negative
1,515
जैकी भगनानी की यह फिल्म उनकी पिछली कुछ फिल्मों से बेहतर है, क्योंकि उन्हें एक सामान्य भूमिका मिली है।
positive
1,517
'रंगरेज' पूरी तरह युवाओं की फिल्म है।
neutral
1,518
चार दोस्त जो एक-दूसरे के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।
neutral
1,519
इन्हीं में से एक हैं ऋषि देशपांडे (जैकी भगनानी) जो अपने दो दोस्तों पकया (विजय वर्मा) और वीनू (अमितोष नागपाल) के साथ मिलकर तीसरे दोस्त के अंतर्जातीय विवाह की योजना बनाते हैं।
neutral
1,520
उनको अच्छे से पता है कि उनके दोस्त की प्रेमिका किसी नेता की बेटी है, ऐसे में उनकी जान पर जोखिम हो सकता है लेकिन फिर भी वे ऐसा करते हैं।
neutral
1,521
फिल्म का संदेश साफ है कि दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता है, जिसको निभाने के लिए लोग कुछ भी कर गुजरते हैं।
positive
1,522
फिल्म में थिएटर बैकग्राउंड से जुड़े अभिनेताओं ने अच्छा अभिनय किया है।
positive
1,523
जिसमें फिल्म इंस्टीट्यूट पुणे के विजय वर्मा और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के अमितोष नागपाल प्रमुख हैं।
positive
1,524
राजपाल का अभिनय अब किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं।
negative
1,525
पंकज त्रिपाठी ने राजनेता के किरदार में अपनी सधी हुई बोली से संवादों में जान फूंक दी हैं।
positive
1,526
पंकज की प्रतिद्वंद्वी नेता के किरदार में लुशीन दुबे ने अंग्रेजी मिश्रित भोजपुरी बोलकर परेशानी बढ़ाई है, लेकिन पंकज के आगे उनकी भंगिमाओं पर नजर नहीं टिकती।
neutral
1,530
संतोष का हुनर यहां अपने चरम पर है।
positive
1,531
आलाप नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों की कहानी है।
neutral
1,532
इस इलाके के निम्न तबके का एक प्रतिभाशाली युवक पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ खास और अलग करना चाहता था।
positive
1,533
उसे स्थानीय डीएम से ऐसा करने का प्रोत्साहन भी मिलता है।
positive
1,534
वह तीन दूसरे युवकों के साथ मिल कर अपनी मंडली बनाता है।
neutral
1,535
वे गीत-संगीत के जरिए समाज में प्रेम और सौहार्द्र फैलाने का काम करते हैं।
positive
1,536
उनका इलाका नक्सल प्रभावित है।
negative
1,537
नक्सल और पुलिस की मुठभेड़ में आए दिन निर्दोषों की हत्याएं होती रहती हैं।
negative
1,538
वे अपने गीतों से मानवता का पाठ पढ़ाते हुए नक्सलियों को भी प्रभावित करना चाहते हैं।
positive
1,539
इसी उद्देश्य से वे उनके सक्रिय इलाके में प्रवेश करते हैं।
neutral
1,540
चारों अपने बलिदान से नक्सली नेता का हृदय परिव‌र्त्तन करने में सफल रहते हैं।
positive
1,542
इस जटिल समस्या का फिल्म के कुछ किरदारों में सरलीकरण कर लेखक-निर्देशक ने हल खोज लिया है।
neutral
1,543
आलाप की कोशिश अच्छी है।
positive
1,544
अगर यह स्थानीय रंग में लिपटी रहती तो बेहतरीन फिल्म होती।
neutral
1,546
फिल्म के प्रमुख किरदारों का चरित्र निर्वाह मामूली है।
negative
1,547
नक्सली नेता और पुलिस अधिकारी के चरित्र को भी अच्छी तरह विकसित नहीं किया गया है।
negative
1,548
हालांकि अभिमन्यु सिंह और मुरली शर्मा ने स्क्रिप्ट की सीमाओं से उठने की कोशिा की है।
positive
1,549
रघुवीर यादव, ओमकार दास माणिकपुरी और विजय राज जैसे अभिनेताओं का भी सही इस्तेमाल नहीं हुआ है।
negative
1,550
आलाप एक अनगढ़ फिल्म बनकर रह गई है।
negative
1,551
फिल्म का गीत-संगीत प्रभावशाली है।
positive
1,552
पंछी जालौनवी और अग्नि बैंड ने फिल्म की थीम को समझा और उन्हें उपयुक्त शब्द, स्वर और धुनें दी हैं।
positive
1,554
होमी अदजानिया निर्देशित कॉकटेल की कहानी इम्तियाज अली ने लिखी है।
neutral
1,558
इम्तियाज अली ने इस बार बैकड्रॉप में लंदन रखा है।
neutral
1,559
थोड़ी देर के लिए हम केपटाउन भी जाते हैं।
neutral
1,560
कहानी दिल्ली से शुरू होकर दिल्ली में खत्म होती है।
neutral
1,561
गौतम कपूर आशिक मिजाज लड़का है।
neutral
1,563
वह हथेली में दिल लेकर चलता है।
neutral
1,564
लंदन उड़ान में ही हमें गौतम और मीरा के स्वभाव का पता चल जाता है।
neutral
1,565
लंदन में रह रही वेरोनिका आधुनिक बिंदास लड़की है।
positive
1,566
सारे रिश्ते तोड़कर मौज-मस्ती में गुजर-बसर कर रही वेरोनिका के लिए आरंभ में हर संबंध की मियाद चंद दिनों के लिए होती है।
neutral
1,567
एनआरआई शादी के फरेब में फंसी मीरा पति से मिलने लंदन पहुंचती है।
neutral
1,568
पहली ही मुलाकात में उसका स्वार्थी पति उसे दुत्कार देता है।
negative
1,570
लंदन में कितनी आसानी से सबकुछ हो जाता है।
positive
1,571
वेरोनिका और मीरा साथ रहने लगते हैं।
neutral
1,572
अपनी भिन्नता की वजह से दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
positive