text stringlengths 33 15.4k | label stringclasses 21
values |
|---|---|
प्रेमी पथिक
चंदा आधा सरग1 पर थै2 सर्कणी बादल्यूँ मा ,
काँसी की सी थकुलि3 रड़नी खत्खली4 खूल्यूँ मा ।
निन्यारे5 थे निजन बण का नौवत्या गीत गाणी ,
शर्दे रातै शरदि लगणी , शीतली पौन पाणी ।
बस्ती धोरा6 कखि मि थइ नी गैर भी जंगली थौ ,
डालौं7 परथौ बथौं8 लगणू होंद सुँस्याटसी थौ ।
धुधू धूधू धुरकि पुरको धुर्कणूसी जनू थौ ,
नेडू औणू ... | garhwali-gbm |
आल्हा ऊदल
निकलल पलटन लहरा के बाबू मेघ झरा झर लाग
झाड़ बरुदन के लड़वैया साढ़े साठ लाख असवार
चलल जे पलटन है लहरा के सिब मंदिर के लेल तकाय
बावन दुआरी के सिब मंदिर बावनों पर तोप देल धरवाय
रुदल रुदल घिराइल सिव मंदिर माँ
जरल करेजा है रुदल के घोड़ा पर फाँद भेल असवार
ताल जो मारे सिब मंदिर में बावनों मंदिर बिरल भहराय
बोलल राजा ... | bhojpuri-bho |
आल्हा ऊदल
जन जा रुदल नैना गढ़ में बबुआ कहना मान हमार
प्रतना बोली रुदल सुन गैल रुदल बर के भैल अँगार
हाथ जोड़ के रुदल बोलल भेया सुनी बात हमार
कादर भैया तूँ कदरैलव् तोहरो हरि गैल ग्यान तोहार
धिरिक तोहरा जिनगी के जग में डूब गैल तरवार
जेहि दिन जाइब नैना गढ़ में अम्बा जोर चली तरवार
टूबर देहिया तूँ मत देखव् झिलमिल गात हमार
जे... | bhojpuri-bho |
नीकल चले दो भाई रे बन को
नीकल चले दो भाई रे बन को
१ अभी म्हारा आगणा म राम हो रमता ,
रमताँ जोगी की लार
माता कोशल्याँ ढुढ़ण चली
अन खोज खबर नही आई रे . . .
बन को . . .
२ आगे आगे राम चलत है ,
पिछे लक्ष्मण भाई
जिनके बीच मे चले हो जानकी
अन शोभा वरनी न जाई रे . . .
बन को . . .
३ राम बिना म्हारो रामदल सुनो ,
लक्ष्मण बीना ठकूरा... | nimadi-noe |
भोला भोला का बात बनायो
भोला भोला का बात बनायो
भोला भोला का बात बनायो
भोला भोला का दारु पिलायो
ओर समदी काये रोजेना आयो
गल्ला नापियो पाइ से नापियो खोटी में रखियो
पैसा गिनाया ताली में गिनायो पेटी में रखियो
भोला भोला का बात बनायो
भोला का सगाई जुड़ायो
ओ समदी काये रासेना आयो
स्रोत व्यक्ति शांतिलाल कासडे , ग्राम छुरीखाल | korku-kfq |
चलूँ चलूँ डगरिन भवन मोर, हम राजा दसरथ हे
चलूँ चलूँ डगरिन भवन मोर , हम राजा दसरथ हे ।
डगरिन , मोर घर अयलन भगमान , भेलन1 नंदलाल2 मोरा हे ॥ 1 ॥
एतना बचन जब सुनलन , सुनहुँ न पयलन3 हे ।
राजा लेइ आहु डोलिया कहार , बुलइत4 नहीं जायम5 हे ॥ 2 ॥
एतना सुनइते राजा दसरथ , डोलिया फनावल6 हे ।
डगरिन चढ़ि चलूँ मोर महलिया , बालक नहबावहु7... | magahi-mag |
लेहऽ दुलरइता भइया कँधवा कोदरिया
लेहऽ1 दुलरइता भइया कँधवा2 कोदरिया3 ।
परबत से जड़ी ला देहु भइया ॥ 1 ॥
तोड़िए काटिए4 भइया बाँहलन मोटरिया ।
लऽ न दुलरइतिन बहिनी जोग के जड़िया ॥ 2 ॥
पिसिए कुटिए5 बहिनी भरल कटोरिया ।
पीअऽ न दुलरइता दुलहा जोग के जड़िया ॥ 3 ॥
हमें न पीबो सुघइ6 जोग के जड़िया ।
हम भागी जायबो बाबा के पासे ॥ 4 ॥ | magahi-mag |
सोन्ना रूपा का घड़ा घड़ीला
सोन्ना रूपा का घड़ा घड़ीला ,
रेशम लम्बी डोर हो , झालरियो । ।
रनुबाई गंगा भरिया , जमुना भरिया ,
जाय कवेरी झकोळ हों , झालरियो । ।
बेटी म्हारी , पहिलाज आणऽ ससराजी आया ,
काळो घोड़ो लाया हो , झालरियो । ।
पिताजी अबको आणो पछो फिरई देवो ,
हम खेली लेवां फूल नऽ पाती हो , झालरियो । ।
बेटी म्हारी , दूसरा... | nimadi-noe |
568
रांझा आखदा जाह की वेखनी ए बुरा मौत थीं इह विजोग है नी
पए धाड़वी लुट लै चले मैंनूं इह दुख की जानदा लोग है नी
मिली रांझे नूं हीर ते सवाह मैंनूं तेरे नाम दा असां नं रोग है नी
बुकल लेफ दी जफियां वहुटियां दियां एह रुत सयाल दा भोग है नी
शौकन रंन गवांढ कपतयां दा भले मरद दे बाब1 दा रोग है नी
खुशी किव होवन मरद फुल वांगूं घर... | panjabi-pan |
सोहर
साभार : सिद्धार्थ सिंह
चलो चली सखिया सहेलिया त हिलि मिलि सब चली हो
सखी जमुना का निर्मल नीर कलस भरि लाई हो
कोउ सखी हाथ मुख धोवें त कोउ सखी घैला बोरै हो
अरे जसुदा जी ठाढ़ी ओनावै कन्हैया कतौ रोवें हो
घैला त धरिन घिनूची पर गेडुरी तखत पर हो
जसुदा झपटि के चढ़ी महलिया कन्हैया कहाँ रोवै हो
चलो चली सखिया सहेलिया त हिलि मिल... | awadhi-awa |
अरे सायबा खेलणऽ गई गनागौर
अरे सायबा खेलणऽ गई गनागौर ,
अबोलो क्यों लियो जी महाराज । ।
अरे सायबा , अबोलो देवरजेठ ,
सायबजी सी ना , रहवा जी महाराज । ।
अरे सायबा , पड़ी गेई रेशम गांठ ,
टूटऽ रे पण ना छूटऽ जी महाराज । ।
अरे सायबा , खाटो दूा अरू दही ,
फाट्यो रे मन ना जुड़ जी महाराज । ।
अरे सायबा , खेलणऽ गई गनागौर ,
अबोलो क्यों... | nimadi-noe |
विवाह -गीत - घुमची बरन मै सुन्नर
घुमची बरन मै सुन्नर बाबा मुनरी बरन करिहांव
हमरे बरन बर ढुंढयो मेरे बाबा तब मोरा रचहू बियाह
इहड़ खोज्यो बेटी बीहड़ खोज्यो , खोज्यों मै देस सरिवार
तोहरे जोगे बेटी बर कतहूँ न पायों अब बेटी रह्हू कुवाँरि
इहड़ खोज्यो बाबा बीहड़ खोज्यो , खोज्यों तू देस सरिवार
चार परगिया पै नग्र अयोध्या दुइ बर... | awadhi-awa |
मैया के भुवन अरे हा अखण्डी ज्योति जरे
मैंया के भुवन अरे हां , अखण्डी ज्योति जरे ।
काहे के दीया काहे के बाती काहे के कलश धरे
अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . .
सोने की दीया कपूर की बाती , सोने के कलश धरे
अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . .
कौना मंदिर में जोत जरावे , कौना कलश धरे
अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . .
सीता सुहागन जोत ... | bundeli-bns |
आल्हा ऊदल
कौड़ी लागे फुलवारी के मोर कोड़ी दे चुकाय
तब ललकारे डेबा बोलल मुँगिया लौंड़ी के बलि जाओं
हम तो राजा लोहगाँ के दुनियाँ सिंघ नाम हमार
नेंवता ऐली समदेवा के उन्ह के नेंतवा पुरावन आय
एतनी बोली जब सुन गैले लौंड़ी के भैल अँगार
करे हिनाइ बघ रुदल के
सेरहा चाकर पर मालिक के रुदल रोटी बिरानी खाय
कत बड़ सोखी बघ रुदल के जे ... | bhojpuri-bho |
खोली देवा खोली देवा, ए दौड़ पड़दा
वरपक्ष की ओर से
खोली देवा खोली देवा , ए दौड़ पड़दा1
देखू मैं कन्या को रूप ।
कन्या पक्ष का उत्तर
हमारी कन्या छ गौरी स्वरूप , तुमारो बन्दड़ा श्याम स्वरूप ।
केन होय केन होय श्याम स्वरूप ,
बन्दड़ा पर लगे जेठ की धूप ।
वरपक्ष की ओर से
खोली देवा खोली देवा , ए दौड़ पड़दा ,
देखूँ मैं कन्या को र... | garhwali-gbm |
भेरूजी गोतन बाजूटिया रा सावला
भेरूजी गोतन बाजूटिया रा सावला
उनी सुतारण ले लाव ललकार
हातां री झालो देती आवे रे गुड़ री गूजरी
भेरू जी जो तम कलस्या रा सावला
उनी कुमारण से लाव ललकार
भेरूजी जो तम तेलसिंदूर सावला
उनी तेलण खे लाव ललकार
भेरूजी जो तम नायका रा सावला
उनी कंठालण ले लाव ललकार
भेरूजी जोतम मेवा रा सावला
उनी मालण खे ल... | malvi-mup |
बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई
बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई
बन्ना जी तेरे बाबा की ऊंची हवेली
बन्ना जी तेरे बाबल की ऊंची हवेली
बन्ना जी मैं तो चढ़ती चढ़ती आई
बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई
बन्ना जी तेरी दादी बड़ी लड़ाकी
तेरी अम्मा का तेज मिजाज
बन्ना जी मैं तो डरती डरती आई | haryanvi-bgc |
इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं
इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं
तूं किस कारण आए प्यारे बन्दड़े
इसी गर्मी मैं असी सर्दी मैं
तुम किस कारण आए प्यारे बन्दड़े
इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं
हम थारे कारण आए प्यारी बन्दड़ी
इसी गर्मी मैं इसी सर्दी मैं
हम थारे कारण आए बन्दड़ी
जनेती ले ब्याईयो म्हारे घर आईयो
पिरस्यां मैं आण बठाईयो... | haryanvi-bgc |
162
भाइयां भाबियां चा जवाब दिता मैंनूं वतनथीं चा त्राहयो जे
भूएं खोह के बाप दा लया विरसा मैंनूं अपने गलों चा लाहयो जे
मैंनूं मार के बोलियां भाबियां ने कोई सच दा कौल निभायो जे
मैंनूं दे जवाब चा कढयो जे हल जोड़ क्यारड़ा वाहयो जे
रत्न रन्न खसमां मैंनूं ठिठ कीता मेरे अरश दा किंगरा1 ढाहयो जे
नित बोलियां मारदियां जाह सयालों ... | panjabi-pan |
आँगन में बतासे लुटा दूँगी, आँगन में
आँगन में बतासे लुटा दूँगी , आँगन में ।
सासु जी अइहें , चरुआ1 चढ़इहें । 2
भला उनको चुनरिया पेन्हा दूँगी , आँगन में ॥ 1 ॥
चरुआ चढ़ावे में कसरमसर करिहें ।
भला उनसे चुनरिया छिना लूँगी , आँगन में ॥ 2 ॥
गोतिनी जे अइहें , पलँग बिछइहें ।
भला उनको तिलरिया3 पेन्हा दूँगी , आँगन में ॥ 3 ॥
पलँगा ... | magahi-mag |
कहमा ते बहैये मैया कमलेसरी हे
कहमा ते बहैये मैया कमलेसरी हे
हे कमला बहै छै बलान ।
कहमा मैया बहै कोसीधार । ।
अलापुर बहै मैया , मैया कमलेसरी हे
तिरहुत बहै छै मैया बलान
मैया धरमपुर बहै छै कोसीधार हे ।
किअ दय समदव मैया मैया कमलेसरी हे ,
मैया हे किय दय समदव बलान हे ।
पानफूल दयसमदव मैया मैया कमलेसरी हे
मैया हे परवा दय समदव ब... | angika-anp |
90
कैदो आखदा थी वयाह मलकी दोहाई रब्ब दी मन्न लै डायने नी
इके मारके वढ के करीं बेरे1 मुंह भन्न सु चुआयने नाल सायने नी
वेख वेख धीउ दा लाड की दंद कढें अंत झूरसैं रन्ने कसायने नी
इके बन्न के भोरे चा घतीं लिंब वांग भडोले दे आयने नी
गुस्से नाल मलकी तप लाल पई झब दौड़ तू मिठिये नायने नी
सद लया तूं हीर नूं ढूंढ़ के ते तैनूं मां... | panjabi-pan |
खिल रहा चान्द लटक रहे तारे
खिल रहा चान्द लटक रहे तारे चल चन्दरावल पाणी
कैसे भर लाऊं जमना जल झारी
सासड़ की जाई मेरी ननद हठीली रात ने खंदा दई पाणी
कैसे भर लाऊं जमना जल झारी
उरले घाट मेरा घड़ा न डूबे परले किसन मुरारी
कैसे भर लाऊं जमना जल झारी
क्यांहे की तिरी ईंढली गुजरिया प्यारी क्यांहे की जल झारी
कैसे भर लाऊं जमना जल झार... | haryanvi-bgc |
आरी के हेंठे-हेंठे लगि गेल फुलवारी
आरी1 के हेंठेहेंठे2 लगि गेल फुलवारी ।
कान्हर3 बछरू चरावल हे ॥ 1 ॥
फेरू फेरू4 अहो कान्हर , अपनी बछरुआ ।
चरि जएतन5 घनी फुलवारी हे ।
येली6 चरि जइहें , बेली7 चरि जइहें , चंपा ममोरले8 डाढ़ हे ॥ 2 ॥
काहे से9 गाँयब10 हो कान्हर फल के मउरिया11 ।
काहे से गाँथब हो कान्हर चंपाकली हरवा ।
दुलहा दुल... | magahi-mag |
224
गई उमर ते वकत फिर नहीं मुड़दे गए करम ते भाग न आवंदे ने
गई गल जबान थीं नहीं मुड़दी गए रूह कलबूत1 ना आंवदे ने
गई जान जहान थीं छड जुसा कई होर सयाने फरमांवदे ने
मुड़ एतने फेर जे आंवदे ने रांझे यार होरी मुड़ आंवदे ने
अगे वाहियों चा गवायो ने हुन इशक थीं चा गवांवदे ने
रांझे यार होरां एह थाप छडी किते जा के कन्न पड़वांवदे न... | panjabi-pan |
आरे ओ, ओरे सुजन नाइया (भाटियाली)
आरे ओ , ओरे सुजन नाइया
कोन वा देशे याओ रे तुमि , सोनार तरी बाइया । ।
कोन वा देशे बाड़ी तोमार , कोन वा देशे याओ । ।
एइ घाटे लगाइया नाओ , आमार लइया याओ । ।
सोनार तरी , रंगेर बादाम , दिवाछ उड़ाइया ।
पुबाली बातासे बादाम उड़े रइया रइया । ।
रंग देखिया एइ अभागी कान्दे घाटे बइया ।
सोतेर टाने कल... | bengali-ben |
सोने का सरोता, बताओ धनराणी
सोने का सरोता , बताओ धनराणी
सोने का सरोता , रूपा की डांडी
कतरकतर बिड़ला , चाबो धनराणी
पेलो मास जो लागियो , आल भोले मन जाए । | malvi-mup |
ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी आवे री
ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी आवे री
जब री सासू मेरी पीसन ने खन्दावे
बाबुल की पनचक्की मोहे याद बड़ी आवे री
जब री जेठाणी मोहे रोटी ने खन्दावे
बाबुल की बाह्मनिया मोहे याद बड़ी आवे री
जब री ननद मोहे पाणी ने खन्दावे
बाबुल की झीमरिया मोहे याद बड़ी आवे री
ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी ... | haryanvi-bgc |
कान्हा बरसाने में आय जैयो
कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी
कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी
बुलाय गई राधा प्यारी , बुलाय गई राधा प्यारी . . . . . . .
कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी
कान्हा माखन मिश्री खाय जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी
कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई र... | braj-bra |
जगमग राज रा भोजा
जगमग राज रा भोजा
जगमग राज री मेंदी
जगमग राज री पेरण री चतराई हो
ऐसा म्हारा राज जमई जी , सासरिया में सोवे जी
सासरिया में सोपे जमई जी , सासू लाड़ लड़ावे जी
जगमग राज रा जामा , ने जगमग राज री केसर
जगमग राज री पेरण री चतराई जी
जगमग राज राकड़ा , जगमग राज री पोंची
जगमग राज री कंठी , जगमग राज री डोरा
जगमग राज ... | malvi-mup |
66
नाल नढियां घिन्न के चरखड़े नूं तुसां बैठणा विच भंडार हीरे
असीं आणके रूलांगे विच वेहड़े साडी कोई न लएगा सार हीरे
टिकी देके वेहड़ियों कढ छडें सानूं ठग के मूल न मार हीरे
साडे नाल जे औड़ निबाहुणी ए सच्चा देह खा कौल इकरार हीरे | panjabi-pan |
पहिलो फेरो फेरे लाड़ी, कन्या च कुमारी
पहिलो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च कुमारी ,
दूजो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च माँ की दुलारी ।
तीजो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च भायों की लड्याली ,
चौथो फेरो फेरे लाड़ी , मैत1 छोड़याली ।
पाँचों फेरो फेरे लाड़ी , सैसर2 की च त्यारी ,
छठो फेरो फेरे लाड़ी , सासु की च ब्वारी3 ,
सातों फेरो फेरे ला... | garhwali-gbm |
पिया लै दो हमें हरियल सारी
पिया लै दो हमें हरियल सारी ,
पलका पै मचल रई हैं प्यारी
सूत महीन , झीन ना हौवै ,
बड़ी मुलाम तरज बारी ।
छोरन मोर पपीरा राजें ,
जरद कोर की जरतारी ।
बीचन बीच बेल बूटन सें
भरी होय कछु फुलवारी ।
कहत ईसुरी सुनलो प्यारी ,
भोर भगा है सुकमारी । | bundeli-bns |
आज भई मोरे मन की, सुनो सैंया
आज भई मोरे मन की , सुनो सैंया
सासो न आवे हमारो का बिगरे ,
चरुजा चढ़ाई बच जैहें , सुनो सैंया । आज . . .
तुम उठके पिया चूल्हा जलइयो ,
हम चरुआ धर लैहें , सुनो सैंया । आज . . .
जिठनी न आवे हमारो का बिगरे ,
लड्डू बंधाई बच जैहें , सुनो सैंया । आज . . .
तुम उठ के पिया मेवा ले अइयो ,
हम लड्डू बांध ... | bundeli-bns |
अरे रे काला भँवरवा, तू नेवति ला नैहर मोरा हे
अरे रे काला भँवरवा1 तू नेवति ला2 नैहर मोरा हे ॥ 1 ॥
किये ले3 नेवतबइ नैहरवा , किये ले ससुर लोग हे ।
लौंग4 लेइ नेवतिहे नैहरवा , कसइली5 ले ससुर लोग हे ॥ 2 ॥
कहँवा से औतइ6 महरिआ7 कहाँ से बीरन भइया हे ।
पूरब से औतइ महरिआ , पछिम से बीरन भइया हे ॥ 3 ॥
कहँवा उतरबइ8 महरिआ , कहँवे बीर... | magahi-mag |
चलो मन बँसरी बजावे
चलो मन बँसरी बजावे जिहाँ मोहना रे , राधा रानी नाचे ठुमा–ठुम
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे , मृदँग बाजे धुमाधुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमाधुम ॥
तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना
जमुना के खड़ मे कदम के बिरखा , नाचथे मँजुरा अव फुदकथे मिरगा ,
खेतले कछार जिहाँ बोलथे पपीहरा रे , कलपथ... | chhattisgarhi-hne |
144
कुड़ियां सद के पैचों ने पुछ कीती लंगा कासनूं ढाह के मारया जे
बाझ ऐवें तकसीर1 गुनाह लुटया इके कोई गुनाह नितारया जे
हाल हाल करदा परे विच बैठा एडा कहर ते खून गुजारया जे
झुगी साड़ के मार के भन्न भांडे एस फकर नूं मार उजाड़या जे
कहो कौन तकसीर फकीर अंदर फड़े चोर वांगूं ढांह मारया जे
वारस शाह मियां पुछे छोहरियां नूं अग लाए... | panjabi-pan |
आइये बहुअड़ इस घरां
आइये बहुअड़ इस घरां तेरी सासड़ आई सुसर घरां
आइये बहुअड़ इस घरां तेरी जिठाणी आई जेठ घरां | haryanvi-bgc |
हरी हरी गोबर घोलती
हरी हरी गोबर घोलती
गज मोती चौक पुरावो
कुम्भकलश अमृत भरियाजी
जानूं मोरित आज
आवो म्हारा रामचंद आवजो
जाकी जोती थी वाट
ऊँची अटारी रगमगी
दिवलो जले रे उजास
खेलामारूणी खेले सोगटा खोलो मनड़ा री बात
आबो म्हारा रामचंद आवजो
जेकी जोती थी वाट
लीली दरियाई को घाघरों
साड़ी रंग सुरंग
अंगिया पहने कटावकी जी
बंदा खोलो स... | malvi-mup |
एकली घेरी बन में आन स्याम
एकली घेरी बन में आन स्याम तेने या के ठानी रे
स्याम मोहे बिन्दराबन जानो लौट के बरसाने आनो
जे मोहे होवे अबेर लरैं देवरानी जेठानी रे
एकली घेरी बन . . .
दान दधि को देजा मेरो कंस के खसम लगे तेरो
मारूं कंस मिटाऊं बंस ना छोडूँ निसानी रे
एकली घेरी बन . . .
दान मैं कभी न दूँगी रे कंस ते जाय कहूंगी रे
आ... | haryanvi-bgc |
वे इशका मारिआ ई
रहु रहु वे इशका मारिआ ई ।
कहु किस नूँ पार उतारिआ ई ।
इशक हुराँ दे वधे अडम्बर ।
इशक ना छुड्डदा पीर पैगम्बर ।
इशक ना छुपदा बाहर अन्दर ।
इशक कमाया शरफ कलन्दर ।
बाराँ बरस पाणी विच्च ठारीआँ ई ।
रहु रहु वे इशका मारिआ ई ।
कहु किस नूँ पार उतारिआ ई ।
आदम कणकों मनाँ कराएओ ।
पिच्छे चा शैतान दौडाएओ ।
कल्ल बैहश्तों ... | panjabi-pan |
हो बरसाणे वाली कदम्ब नीचे आइयो री
हो बरसाणे वाली कदम्ब नीचे आइयो री
सद नूणी मक्खन की लाइयो री
तू अपने हाथ खिलाइयो री
हो बरसाने वाली कदम्ब नीचे आइयो री
जो तेरी द्यौरजिठाणी लड़ैगी
एक की लाख सुणाइयो री
जो तेरा बाला कन्थ लड़ैगा
तू हम से परीत लगाइयो री
चन्द्र सखी भज बाल किरसन छवि
तू हर के चरण चित लाइयो री
हो बरसाणे वाली कदम... | haryanvi-bgc |
पुरबा जे बहै छै झलामलि हे कोसी
पुरबा जे बहै छै झलामलि हे कोसी ,
पछिया बहै छै मधुर ।
अंगना में कुँइयाँ खनाय दियो कोसिका ,
बाँटि दियो रेशम के डोर ।
झटपट अंगिया मंगाय दियो कोसिका माय ,
भैरव भैया भुखलो न जाय ।
साठी धान कूटि के भतवा रान्हलियै ,
मुंगिया दड़रि के कैलो दालि ।
जीमय ले बैठलै भैरव छोटे भइया ,
कोसी बहिन बेनिया डोल... | angika-anp |
क्या कहूं रानी! तुम्हारा भाग
क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग तुम्हीं हमारा बंस बधाया जी
धन्य बहूरानी जी जिन जाया . . . ज्ञानी जी
धन्य धन्य हमारा भाग जी मिली तुम बहूरानी जी
क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग . . .
धन्य . . . बहूरानी जिन जाया हमारा लाल ज्ञानी जी
क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग . . . | haryanvi-bgc |
हे हर जी ल्याए हैं झोली भर फूल
हे हर जी ल्याए हैं झोली भर फूल राधा जोगे नां ल्याए भगवान
हे जी बांटे हैं सब परवार राधा जोगे नां बचे भगवान
हे जी राधा के मन मैं सै छोह टग टग महलें चढ़ गई भगवान
हे राधा नै जा मूंदे अजड़ किवाड़ सांकल लोहे सार की भगवान ।
हे राधा रिमझिम बरसे है मैंह किरसन भीजें बाहरणै भगवान
हे राधा खोलो नै अजड... | haryanvi-bgc |
269
छड चोरियां यारियां दगा जआ बहुत औखियां एह फकीरियां ने
जोग जालना सार दा तकला ए एस जोग विच बहुत जहीरियां ने
जोगी नाल नसीहतां हो जांदे जिवें ऊठ दे नक नकीरियां ने
तूंबा खपरी सिमरना नाद सिंगी चिमटा भन्ग नलयेर1 जंजीरियां ने
छड त्रीमतां झाक हो जोगी फकर नाल जहान की सीरियां ने
वारस शाह एह जट फकीर होया नहीं हांदियां गधे तों प... | panjabi-pan |
बार ही बारे विनवूं, गरवे से बाबुल
बार ही बारे विनवूं , गरवे से बाबुल
कातिक लगिन लिखाव हो
आलालीला बांस कटाव
नागर बेल मंडवा छवाव
सुलतान दूले , रामदूले आनि बाजिया वे
हातीड़ा हठसाल बांदो , घोड़ी ला घुड़साल बांदो
बराती खे देवो जनिवास , साजनसमधी सास सेरी
जवाली अनपोय लाया , तिमन्यो अनपोय लाया
नाड़ा को रंग बदरंग
बाबुल उनखे बां... | malvi-mup |
करन्ड कस्तूरी भरिया छाबा भरिया फूलड़ा जी
करन्ड कस्तूरी भरिया , छाबा भरिया फूलड़ा जी ।
तुम भेजो हो धणियेर रनुबाई , जो हम करसां आरती जी
थारी आरतड़ी ख आदर दीसाँ ,
देव दामोदर भेंटसा जी । ।
करन्डी कस्तूरी भरिया , छाबा भरिया फूलड़ा जी । । | nimadi-noe |
छोटे से मोरे मदन गोपाल (लोरी)
छोटीछोटी गैयाँ
छोटेछोटे ग्वाल
छोटे से मोरे मदन गोपाल
कहाँ गईं गैयाँ , कहाँ गए ग्वाल
कहाँ गए मोरे मदन गोपाल ।
हारे गईं गैयाँ , पहाड़ गए ग्वाल
खेलन गए मोरे मदन गोपाल
का खाएँ गैयाँ ? का खाएँ ग्वाल
का खाएँ मोरे मदन गोपाल ?
घास खाएँ गैयाँ , दूध पिएँ ग्वाल
माखन खाएँ मोरे मदन गोपाल ।
छोटीछोटी गैय... | bundeli-bns |
मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत
मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत
कहूं सीधा तैं चालै आडा याहे बात कसूत
मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत
तेरै संग मैं पांच भूतणी
कोन्या मानै रांड ऊतणी
तैं पाक्का सै भूत
मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत
पांच चोर सै तेरे रे साथी
तेरी समझ में कोन्या रे आती
चौड़े लोआ दे जूत | haryanvi-bgc |
जमुना किनारे मेरौ गाँव
जमुना किनारे मेरौ गाँव आ जइयो ॥ टेक ॥
जमुना किनारे मेरी ऊँची हवेली ,
मैं ब्रज की गोपिका नवेली ।
राधा रंगीली मेरौ नाम कि बंशी बजाय जइयो ॥ 1 ॥
मलमल कै स्नान कराऊँ ,
घिसघिस चन्दन खौर लगाऊँ ।
पूजा करूँ सुबह शाम कि माखन माख जइयो ॥ 2 ॥
खसखस कौ बंगला बनवाऊँ ,
चुनचुन कलियाँ सेज सजाऊँ ।
धीरेधीरे दाबूँ में... | braj-bra |
सभवा बइठल तोहे बाबू साहेब, अउरी सिर साहेब हे
सभवा1 बइठल तोहे बाबू साहेब , अउरी सिर साहेब हे ।
साहेब , मोर नइहर लोचन2 पठइती , तो बाबू जी अनन्द होइतन हे ॥ 1 ॥
बाबूजी होयथीं अनदंे मन , मइया हरखि जयतइ हे ।
बहिनी के जुड़ा जयतइ छतिया , भइया मोर हुलसि जायत हे ॥ 2 ॥
मोर पिछुअरवा3 नउआ4 भइया तोही मोर हित बसे हे ।
नउआ , चली जाहु ... | magahi-mag |
पिया हो गये तबाह सट्टा हार के फिरन लगे हाथ झार के
पिया हो गये तबाह सट्टा हार कें , फिरन लगे हाथ झार कें
सबरी मिटा गृहस्थी डारी ,
घर में बचे न लोटा थारी , रोवे लड़कन की महतारी ।
गहना जेवर सब लै गए उतार कें फिरन लगे . . .
रुपया पैसे सबरे हारे , लड़का बिटिया फिरें उघारे ,
अब तो फिरें हाथ पसारे ।
खाना खरचा खों बल पे उधार क... | bundeli-bns |
286
मार आशकां दी लज लाह सुटी यारी लाके घिंन लै जावनी सी
अंत खेड़यां वयाह लै जावनी सी यारी उसदे नाल ना लावनी सी
ऐडी धुम कियों मूरखा पावणी सी एह सूरत न गधे चड़ावनी सी
वारस शाह जे मंग ले गए खेड़े दाढ़ी परे दे विच क्यों मुणावनी सी | panjabi-pan |
बारात स्वागत का गीत
आवोआवो वो याहयण रामरामी ।
मिलोमिलो वो याहयण रामरामी ।
बठोबठो वो याहयण रामरामी ।
पाणिपीवो वो याहयण रामरामी ।
आवोआवो वो याहयण रामरामी ।
समधन से गीत में कहा है समधन बैठने के लिये मंडप बना रखा है । आओ
रामराम । समधन आओ मिल लेवें । बैठो पानी पिओ । जब माँडवे में वर पक्ष की महिलाएँ बैठ जाती हैं तब गाली गीत ... | bhili-bhb |
बेबे हे करम्यां की गत न्यारी
बेबे हे करम्यां की गत न्यारी
मेरे तै कही नहीं जावै
किसे के फिरते इधर उधर नै
कोए कोए तरसै एक पुतर नै
पर बन कुछ न पावै
बेबे हे . . .
कोए कोए ओढ़े सीड दुसाले
उसके बस्तर घणे निराले
किसै नै पाटै बी ना पावै
बेबे हे . . .
कोए कोए सोवै रंग महल मैं
उस के नौकर रहें टहल मैं
किसै के छान नहीं पावै
बेबे ... | haryanvi-bgc |
दसमास रे बेटा बोझ मरी थी
दसमास रे बेटा बोझ मरी थी
मायड़ ने निरणा दे चढ़या
अपणी मायड़ नै मैं बांदी री ल्यादूं
बड़े ए साजन की धीअड़ी
बारां मास रे बीरा गोद खिलाया
बाहण का निरणा दे चल्या
अपणी बाहण नै मैं अगड़ घड़ा दयूं
ऊपर नौरंग चूंदड़ी | haryanvi-bgc |
झूमर तो पिया! तुम गढ़वाओ
झूमर तो पिया तुम गढ़वाओ
बिन्दी लावै मेरे भातइये
चल चुप रह नार देखे तेरे भातइये
पांच का लावैं पच्चीस ले जाएं
ब्याज मूल में तुझे ले जाएं
देखे तेरे भातइये
कांटे तो पिया तुम गढ़वाओ
कड़े गजरे लावैं मेरे भातइये
बून्दे अंगूठी लावैं मेरे भातइये
पांच का लावैं पच्चीस ले जाएं
दस पांच और ऊपर ले जाएं
ब्याज ... | haryanvi-bgc |
गजराई नै टेर लगाई गज घंटा दिया बजाई
गजराई नै टेर लगाई गज घंटा दिया बजाई
बचा दिए उन के प्राण गरड़ चट्ढ आइयो जी भगवान
द्रोपदा नैं टेर लगाई उन की साड़ी तुएं बढ़ाई
मार्या दुसासन का मान गरड़ चड्ढ आइओ जी भगवान
नरसी ने दान कर्या था सरसै मैं भात भर्या था
कर दिया हुंडी का भुगतान गरड़ चड्ढ आइओ जी भगवान
दास तेरा कहवाऊं कर दरसण खु... | haryanvi-bgc |
क्यो रोये मोरी माई हो ममता
क्यो रोये मोरी माई हो ममता
क्यो रोये मोरी माई
१ तो पाँच हाथ को कफन बुलायो ,
उपर दियो झपाई
चार वेद चैरासी हो फेरा
उपर लीयो उठाई . . .
हो ममता . . .
२ तो लाख करोड़ी माया हो जोड़ी ,
करकर कपट कमाई
नही तुन खाई , नही तुन खरची
रई गई धरी की धरी . . .
हो ममता . . .
३ तो भाई बन्धू थारो कुटूम कबीलो ,
सब... | nimadi-noe |
बरस एकादशी करिये
बरस एकादशी करिये
नणदळ न्हावा ने जईये
राधा , रूकमणी और सतभामा
ललता से कहिये
कुवजा से कहिये
बाईजी न्हावा ने जईये
गंगा , जमना और सरसती
तिरवेनी में न्हइये
भवसागर तिरिये
बाईजी न्हावा ने जईये
न्हाई धोई सुमिरण करस्यां
गऊ सेवा करिहें
गऊ पूजा करिये
नणदल न्हावा ने जईये
सांवलिया नी संग जो रेस्यां
सोयलड़ो चईये
बाई... | malvi-mup |
ऐसे कपटी श्याम
ऐसे कपटी श्याम कुंजन बन छोड़ चले उधो ३
जो मैं होती जल की मछरिया
श्याम करत स्नान चरण गह लेती मैं उधो ऐसे कपटी 2
जो मैं होती चन्दन का बिरला
श्याम करत श्रृंगार मैथ बिच रहती मैं उधो ऐसे कपटी 2
जो मैं होती मोर की पांखी
श्याम लगाते मुकुट मुकुट बिच रहती मैं उधो ऐसे क पटी 2
जोमें होती तुलसी का बिरला
श्याम लगाते ... | braj-bra |
166
नी मैं घोल घती एहदे मुखड़े तों पाओ दुध चूरी एहदा कूत है नी
इललिल दीयां जलियां पौंदा ए जिकर हयू ते लायभूत1 है नी
नहीं भाबियां ते करतूत काई सभे लड़न नूं होई मजबूत है नी
जदों तुसां ते सी गाली देंदियां साओ एहतां ऊतनी2 दा कोई ऊत है नी
भारया तुसां दे मेहनयां गालियां दा एह तां सुक के होया तबूत3 है नी
सौंप पीरां नूं झल विच... | panjabi-pan |
जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी
जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी
जच्चा तै म्हारी कुछ नां जाणै जी
जच्चा तै म्हारी कीड़ी तै डरपै जी
सांप मार सिराणै दीन्यां बीच्दू मार बगल मैं दीन्यां
जच्चा तै म्हारी कीड़ी तै डरपै जी
जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी
जच्चा तै म्हारी कुछ नहीं खाती जी
चार कनस्तर घी के खागी नौ बोरी तै खांड जी
जच्चा तै म... | haryanvi-bgc |
मैया तेरे लाला को लागी नजरिया
मैया तेरे लाला को लागी नजरिया
माथे पे चंदा इनके बना दो ,
मोहन माला गले पहना दो
डालो गले में पुतरिया , इन्हें लागी नजरिया । मैया . . .
रेशम का धागा कमर पहिरा दो
मोरो के पंखों की झालर लगा दो
जाने न दो इन्हें कोऊ की बाखरिया । मैया . . .
सोने की थाली में दीपक उजारो
मेवा सुपाड़ी नारियल धारो
सून... | bundeli-bns |
रजमतिया के चिट्टी
छोटकी गोतिनिया के तनवा के बतिया ,
पतिया रोईरोई ना , लिखावे रजमतिया ।
सोस्ती श्री चिट्टी रउरा भेजनी तेमे लिखल ,
सोरे पचे अस्सी रोपेया , भेजनी तवन मिलल
ओतना से नाही कटी , भारी बा बिपतिया । पतिया . . .
छोटकी के झूला फाटल , जेठकी के नाहीं ,
बिटिया सेयान भइल , ओकरो लूगा चाही ,
अबगे धरत बाटे कोंहड़ा में बति... | bhojpuri-bho |
माझे माझे दियरा परिये गेल
माझे माझे दियरा परिये गेल
लागी गेल कमला फूल ।
नान्ही नान्ही डलिया बुनाबिहे छौड़ी मलनिया ,
तोड़ली हे कमला फूल ।
कोन फूल ओढ़न कोन फूल पहिरन
कोन फूल हे सिंगार ।
एली फूल ओढ़न बेली फूल परिहन ,
चमेली फूल कोसिका के हे सिंगार । | angika-anp |
मोटी मोटी बून्दां झले पै आई
मोटी मोटी बून्दां झले पै आई
तो गाबरू नै चाद्दर ताणी , हो मन्ने तेरी सोंह
जद वोह् चाद्दर भीजण लागी
तो गाबरू नै छतरी ताणी , हो मन्ने तेरी सोंह
जद वोह् छतरी भीजण लागी
तो गाबरू नै बैल जुड़ाई , हो मन्ने तेरी सोंह
बाजणी सी बैल बिदकणे से नारे
तो गाबरू नै बांह तुड़ाई , हो मन्ने तेरी सोंह | haryanvi-bgc |
सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन
सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन
सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन
डोंगरा सागुन केन न्यूता कूले
डोंगरा सागुन केन न्यूता कूले
चोखा चावली डो पीला हल्दी
चोखा चावली डो पीला हल्दी
पीला हल्दी डो न्यूता कूले
पीला हल्दी डो न्यूता कूले
जामुन जामुन डो गाडा जामुन
जामुन जामुन डो गाडा जामुन
गाडा जामुन केन न्यूता कू... | korku-kfq |
आयो आयो चौमासा त्वैक जागी रयो
आयो आयो चौमासा त्वैक जागी रयो ।
मैं पापणीं सदा मन भरी रयो ।
मेरा स्वामी को मन निठुर होयो ।
घर बार छोड़ीक विदेश रयो ।
हाई मेरा स्वामी जी मैंने क्या खायो ।
तुमरी प्रीति से न्यारी होयो । | garhwali-gbm |
बुल्ले शाह की सीहरफी - 2
अलफ आपणे आप नूँ समझ पहले ,
किस वास्ते है तेरा रूप प्यारे ।
बाझ आपणे आप दे सही कीते ,
रहेओं विच्च दसौरी दे दुःख भारे ।
होर लक्ख उपाओ ना सुक्ख होवे ,
पुच्छ सिआणे ने जग्ग सारे ।
सुक्ख रूप अखंड चेतन हैं तूँ ,
बुल्ले शाह पुकारदे वेद चारे ।
बे बन्ह अक्खीं अते कन्न दोवें ,
गोशे1 बैठ के बात विचारीए जी ... | panjabi-pan |
480
तुसी मेहर करो असीं घरी जाईए नाल सहती दे डाल बनाईए जी
बहर1 इशक दा खुशक गम नाल होया नाल अकल दे मीह वरसाईए जी
किवें करां मैं कोशशां अकल दियां तेरे इशक दियां पूरीया पाईए जी
जां तयारियां टुरन दियां झब करिए असीं सजनों हुकम कराईए जी
हजरत सूरत इखलास2 लिख दयो मैंनूं कुर्रा3 फाल4 नजूम दा पाईए जी
खोल फालनामा ते दीवान हाफज वार... | panjabi-pan |
ऐसी हो प्रीत निभावजो
ऐसी हो प्रीत निभावजो ,
आरे जग मे होय नी हाँसी
१ बैठ्या बामण चन्दन घसे ,
आरे थाड़ी कुबजा हो दासी
फुल फुल्यो रे गुलाब को
माला गुथो हो खासी . . .
ऐसी हो प्रीत . . .
२ राम नाम संकट भयो ,
आरे दिल फिरे हो उदासी
तुम हो देवन का हो देवता
राखो लाज हमारी . . .
ऐसी हो प्रीत . . .
३ जल डुबता बर्तन तिरिया ,
आरे ... | nimadi-noe |
ऐसी बोलो कौनऊँ बानी
ऐसी बोलो कौनऊँ बानी ।
ना काऊ की जानीं ।
सगुन मैं होय , ना निर्गुन में ।
नाहिं बेदन में धानी ।
ना आकासैं नंपातालैं ,
नई देवतन जानी ।
ना भूतन में ना प्रेतन में ,
ना जल जीब बखानी
कयें ईसुरी जोड़ मिला दो ।
जब जानैं हम ज्ञानीं । | bundeli-bns |
गणेश वन्दना
परतम सुमरो राम आओ म्हारा गणपति देवता ।
परतम सुमरो राम आओ म्हारा गणपति देवता ।
सुपड़ा दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता ।
सुपड़ा दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता ।
दिवला दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता ।
दिवला दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता ।
धारण ढाळा तुम्हारा पांय , आओ... | bhili-bhb |
गोबर से लिपलूँ अँगना, हरबोबिन लाल
गोबर से लिपलूँ1 अँगना , हरबोबिन लाल ।
बिछवा2 रेंगल3 जाय हे , हरगोबिन लाल ॥ 1 ॥
ओने से4 अयलन दुलरइतिन छिनरो हे , हरगोबिन लाल ।
काट लेलक5 छिनरो के बिछवा हे , हरगोबिन लाल ॥ 2 ॥
कउन बइदा6 के बोलाऊँ हे , हरगोबिन लाल ।
कउन ओझा के गुनाऊँ हे , हरगोबिन लाल ॥ 3 ॥
ओने से अयलन कवन रसिया हे , हरगोब... | magahi-mag |
सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री
सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री
हे री नेवरी पै नान्ही नान्ही बूंद
नेवरी में बाज्जा घला दे री
बहू तन्ने बाज्जा भावै ए
हे री मेरा लाल लड़ाइआं बीच
बहू मेरा के जीवणा सै री
सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री | haryanvi-bgc |
148
कैदो बाहुड़ी ते फरयाद कूके धीयां वालयो करो नयां मियां
मेरा हट पसारी दा लुटया ई कोल वेखदा पिंड गिरां मियां
मेरे भंग अफीम ते पोसत लुड़िया होर नयामतां दा क्या नां मियां
मेरी तुसंा दे नाल ना सांझ कोई पिंन टुकड़े पिंड दे खां मियां
तोते बाग उजाड़दे मेवयां दे अते फाह लयांवदे कां मियां | panjabi-pan |
घड़ी एक घोड़ीलो थोबजे रे सायब बनड़ा
घड़ी एक घोड़ीलो थोबजे रे सायब बनड़ा
दाऊजी से मिलवा दो रे हठीला बनड़ा
दाऊजी से मिलकर काई करो वो सायब बनड़ी
दो न पालकड़े पाँव
चालो घर आपणा | malvi-mup |
झूठ तै मैं बोलूं कोन्या झूठ की म्हारै आण
झूठ तै मैं बोलूं कोन्या झूठ की म्हारै आण
पानीपत के टेसण ऊपर मींडक बांटै बाण
एक अचंभा मन्नै सुण्या यो कुत्ता कपडणे धोवै
ओबरै में म्हैस जुगालै ऊंट पिलंग पै सोवै
झूठ तै मैं बोलूं कोन्या . . .
कीड़ी मरी पहाड़ पै खींचण चले चमार
दो सै जोड़ी जूती बणगी सांटै कई हजार
झूठ तै मैं बोलूं कोन... | haryanvi-bgc |
आज लाड़ो केरा अजबी बहार रे बना
आज लाड़ो1 केरा अजबी बहार रे बना ।
बाना2 सुरती3 गजबी सोहार4 रे बना ॥ 1 ॥
बाना , अपन अपन नयनमा5 सम्हार रे6 बना ।
बाना , लगी जयतउ नजरी के बान रे बना ॥ 2 ॥
बाना , दुलहा हइ दुलहिन के जोग रे बना ॥ 3 ॥ | magahi-mag |
होली गीत
टेक हो साँवरा मती मारो पिचकारी
चौक1 मति मारो रे मोहे जात में रयणा , में पर घर की हूँ नारी ।
हमको रे लजा तुम कोरे ऐसा ।
तो मुख से देऊँगी गाली , फजीता होयगा तुम्हारा ,
साँवरा मति मारो पिचकारी ।
चौक2 ऐसी रे होस होत हइयाँ में , फिर परणों तुम नारी ।
जाय कहूँगी जसोदा माय को ,
हजुवन में हुँ कुँवारी ढूढो तो वर माता हम... | bhili-bhb |
हम धनी जी खिचड़ी की साध
हम धनी जी खिचड़ी की साध
खिचड़ी हाल मंगा द्यो जी ।
खिचड़ी हे गोरी मायड़ भावज पै मांग
हम पै मेवा मीसरी जी ।
हम धनी जी पीला की साध
पीला हाल मंगा द्यो जी ।
पीला ए गोरी मायड़ भावज पै मांग
हम पै नौरंग चूंदड़ी जी ।
हम धनी जी खिचड़ी की साध
खिचड़ी हाल मंगा द्यो जी । | haryanvi-bgc |
वाह वाह छिन्ज पई दरबार।
वाह वाह छिन्ज पई दरबार ।
खलक तमाशे आई यार ।
असाँ अज्ज की कीता ते कल्ल की करना ,
भट्ठ असाडा आया ।
ऐसी वाह क्यारी बीजी ,
जो चिड़िआँ खेत वन्जाया ।
मगर पीआ दे जेहड़े लग्गे ,
उठ चल पहुता तार ।
वाह वाह छिन्ज पई दरबार ।
इक्क अलाम्भा सइआँ दा ,
दूजा है संसार ।
नंग नामूस एत्थों दे एत्थे ,
लाह पगड़ी भूएं म... | panjabi-pan |
विवाह निमंत्रण गीत - अरे अरे करा भवरवा
अरे अरे करा भवरवा करिया तोहरी जतिया
भवरा आजु मेरे काज परोजन नेवत दई आओ
अरगन नेवत्यो परगन नेवत्यो अउर नानियाउर
एक नहीं नेवत्यो बीरन भईया जेन्से बैर भये
सास भेटै आपन भईया नन्दा बीरन भईया अरे बाजरा कै
फाटै हमरी छतिया कही उठी भेटू अपने बीरन बिनु
अरे अरे करा भवरवा करिया तोहरी जतिया
भौर... | awadhi-awa |
235
अगे चूड़ियां1 नाल हंडाइयों नी जुलफां कुंडलदार हुन देख मियां
घत कुंडलां नाग सयाह पलमण2 वेखे ओह झला जिस लेख मियां
मल वटना लोड़ ददासड़े दा नयन खूनियां दे भरन भेख मियां
आ हुसन दी दीद कर देख जुलफां खूनी नयनां दे भेख नू वेख मियां | panjabi-pan |
हालत एक गरीब किसान की
हालत एक गरीब किसान की कवि नरसिंह
कात्तिक बदी अमावस थी और दिन था खास दीवाळी का
आंख्यां कै म्हां आंसू आगे घर देख्या जिब हाळी का ।
कितै बणैं थी खीर , कितै हलवे की खुशबू ऊठ रही
हाळी की बहू एक कूण मैं खड़ी बाजरा कूट रही ।
हाळी नै ली खाट बिछा , वा पैत्यां कानी तैं टूट रही
भर कै हुक्का बैठ गया वो , चिलम ... | haryanvi-bgc |
भरथरी लोक-गाथा - भाग 5
बड़ अक्कल वाली ये रानी ये
देख तो भगवान
साते मँ कैसे आ बइठे हे
मनेमन मँ भरथरी हर , मोर गुनत हे ओ
बिना आगी पानी के बनावत हे
सबे सइना के न
मोर सोहाग ओ
चल बनाई के न
मोर सुन्दर कलेवा खवावय ओ , ये खवावय ओ , भाई ये दे जी ।
सबे के पूर्ति ल करिके
मोर सुनिले न ओ
कइसे विधि कइना बइठे हे
भरभरी ह न
जब सोचे गिं... | chhattisgarhi-hne |
कन्यादान गीत
ठाटी म ठण को वाज्यो , हिवड़ो सवायो जी ।
बनी पुई आवें ती , अड़ी जाजी वो ।
बनी डूबी आपे ते , छोड़ देजी वो ।
बनी बइण आवे ते , अड़ी जाजी वो ।
बनी बुकड़ी आपे ते छोड़ि देजी वो ।
बनी भाई आवे ते अड़ी जाजी वो
बनी गाय आपे ते छोड़ि देजी वो ।
यह गीत बारात रवाना होने से पूर्व जब दुल्हन को भेंट ओपी दी जाती है , उस समय ग... | bhili-bhb |
छिंगुनिया के छल्ला
छिंगुनिया के छल्ला पे तोहि का नचइबे ,
नथुनियाँ , न झुलनी , न मुँदरी जुड़ी ,
आयो लै के कनैठी अंगुरिया को छल्ला
इहै छोट छल्ला पे ढपली बजइबे
कितै दिन नचइबे , गबइबे , खिजइबे
कसर सब निकार लेई , फिन मोर लल्ला
कबहुँ गोरिया तोर पल्ला न छोड़ब ,
चिपक रहिबे बनिके तोरा पुछल्ला
करइ ले अपुन मनमानी कुछू दिन
उहै छोट... | bhojpuri-bho |
266
साबत हुंदी लंगोटी जे सुनीं नाथा काहे झगड़ा चा उजाड़दा मैं
जीभ इशक थीं चुप जे रहे मेरी ऐडे पाड़ने कास नूं पाड़दा मैं
इस जिऊ नूं नढी ने मोह लया नित फकर दा नाम चितार दार मैं
जिऊ मार के रहन जे होवे मेरा ऐडे मामले कासनूं धारदा मैं
जे मैं मसत उजाड़ विच जा बैंहदा महीं सयाल दियां कासनूं चारदा मैं
सिर रोड करा क्यों कन्न पाट... | panjabi-pan |
मान उतारने का गीत
सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या ,
कि मानवाला केतरिक दूर ।
सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या ,
कि मानवाला केतरिक दूर ।
आई वा आवाड़ माता आइ रहया ,
बोकड़ा की करूं वो सेमान ।
सेली माता नी साकड़ी सयरी ते ,
डोलता आवे ससवार ।
काई वाटे ली वो राजल बेटी अवगढ़ मान ,
बेटा सारू ली वो माय अवगढ़ मान ।
भूल्याचुक्या... | bhili-bhb |
भजन
खेती खेड़ो हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥
पाप ना पालवा कटावजो , धरमी हळे अपार ॥
एची खेचिन बायरा लावजो , खेती कंचन थाय ॥
खेती खेड़ो रे हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥
ओमसोम दोउ वाळ दिया , हाँरे सुरता रास लगाय ॥
रास पिराणा धरिन हातमा ,
हाँ रे सूरा दिया ललकार , खेती खेड़ो रे हरि नाम की ,
तेमा मिलसे रे लाभ ॥
सत कारे... | bhili-bhb |
कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग
कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग
१ ना कोई तुमरा पिता कहावे ,
ना कोई जननी माता
खंब फोड़ प्रगट भये हारी
अजरज तेरी माया . . .
रे नरसींग . . .
२ आधा रुप धरे प्रभू नर का ,
आधा रे सिंह सुहाये
हिरणाकुष का शिश पकड़ के
नख से फाड़ गीरायो . . .
रे नरसींग . . .
३ गर्जना सुन के देव लोग से ,
बृम्हा दिख सब आये
हाथ ... | nimadi-noe |
नणद ते भाबी रल बैठीआं (2)
नणद ते भाबी रल बैठीआं , जीआ कीते सू कौल करार
जे घर जम्मेगा गीगड़ा1 नी , बीबा देवांगी फुलचिड़िआं2
अध्धी अध्धी रात , पिछला ई पहर , भाबो ने गीगड़ा जी जम्मेआ
लै दे नी भाबो फुलचिड़िआं , अड़ीऐ पूरा होया नी करार
ना तेरे बाप घड़ाईआं नी बीबी , ना तेरे वडड़े वीर
फुलचिड़िआं बादशाहां दे वेहड़े , बीबा साडे... | panjabi-pan |
नैना ना मारौ लग जै हैं
नैना ना मारौ लग जै हैं ।
मरम पार हो जै हैं ।
बख्तर जुलम कहा कर लै हैं ।
ढाल फार कढ़ जै हैं ।
नैनाँ मार चली ससुर खाँ ,
डरे कलारत रै हैं ।
ओखद मूर , एक ना लग है ।
वैद गुनी का कै है ?
कात ‘ईसुरी’ सुन लो प्यारी ,
दरस दवाई दै हैं ? | bundeli-bns |
382
बुरियां खौफ फकीर दे नाल पाइयां अठखेल बुरयार उटकिया ने
रातब खायके बीचरन1 विच तिले मारन लत अराकियां2 बकियां न
इक भौंकदी दूसरी करे टिचकरां एह ननाण भाबी दोवे सकियां ने
एथे कई फकीर जहीर3 होए खैर देंदियां देंदियां अकियां ने
जिन्हां डबियां पायके सिरी चाइयां रन्नां तिन्हां दियां उसकियां ने
नाले ढिड खुरकन नाले दुध रिड़कन अत... | panjabi-pan |
जनी जनिहा मनइया
जनी जनिहा मनइया जगीर मांगात
ई कलिजुगहा मजूर पूरी शीर मांगात
बीड़ीपान मांगात
सिगरेट मांगात
कॉफीचाय मांगात
कपप्लेट मांगात
नमकीन मांगात
आमलेट मांगात
कि पसिनवा के बाबू आपन रेट मांगात । | awadhi-awa |
चाँद चड्यो गिगनार
यहाँ नारी को रात होने से पहले घर पहुँचने जाना चाहिए , नहीं तो बड़ेबूढ़े नाराज़ होंगे . . .
चाँद चड्यो गिगनार
फिरत्या ढल रहिया जी
अब बाई घराँ पधार
भाऊजी मारेला
बाबूसा देला गहल बडोरा
बीर बरजेला
मत दयो बाई ने गाल
भाई म्हारी चिड़ी कली
आज उड़े पर मान
तडके उड़ जासी जी | rajasthani-raj |
उरइँयाँ
साँकर बजी दुआरें देखौ टेरन लगीं उरइँयाँ ;
गई अँदेरी रैन सगुनसीं बोलन लगीं चिरइँयाँ ।
कुकरा की सुन बाँग उल्लुअन की धकधक भई छाती ,
अँखियाँ हो गई चार चकई कीं पिया संग इठलाती ।
धुँधरी हो गई जोत दिया में तेल बचौ न बाती ;
गलियारिन में गूँज रई अब साँईं की परभाती ।
छिन में चोर सरीखीं दुक गई अनगिन सरग तरइँयाँ ।
गई अँदेर... | bundeli-bns |
Subsets and Splits
No community queries yet
The top public SQL queries from the community will appear here once available.