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प्रेमी पथिक चंदा आधा सरग1 पर थै2 सर्कणी बादल्यूँ मा , काँसी की सी थकुलि3 रड़नी खत्खली4 खूल्यूँ मा । निन्यारे5 थे निजन बण का नौवत्या गीत गाणी , शर्दे रातै शरदि लगणी , शीतली पौन पाणी । बस्ती धोरा6 कखि मि थइ नी गैर भी जंगली थौ , डालौं7 परथौ बथौं8 लगणू होंद सुँस्याटसी थौ । धुधू धूधू धुरकि पुरको धुर्कणूसी जनू थौ , नेडू औणू ...
garhwali-gbm
आल्हा ऊदल निकलल पलटन लहरा के बाबू मेघ झरा झर लाग झाड़ बरुदन के लड़वैया साढ़े साठ लाख असवार चलल जे पलटन है लहरा के सिब मंदिर के लेल तकाय बावन दुआरी के सिब मंदिर बावनों पर तोप देल धरवाय रुदल रुदल घिराइल सिव मंदिर माँ जरल करेजा है रुदल के घोड़ा पर फाँद भेल असवार ताल जो मारे सिब मंदिर में बावनों मंदिर बिरल भहराय बोलल राजा ...
bhojpuri-bho
आल्हा ऊदल जन जा रुदल नैना गढ़ में बबुआ कहना मान हमार प्रतना बोली रुदल सुन गैल रुदल बर के भैल अँगार हाथ जोड़ के रुदल बोलल भेया सुनी बात हमार कादर भैया तूँ कदरैलव् तोहरो हरि गैल ग्यान तोहार धिरिक तोहरा जिनगी के जग में डूब गैल तरवार जेहि दिन जाइब नैना गढ़ में अम्बा जोर चली तरवार टूबर देहिया तूँ मत देखव् झिलमिल गात हमार जे...
bhojpuri-bho
नीकल चले दो भाई रे बन को नीकल चले दो भाई रे बन को १ अभी म्हारा आगणा म राम हो रमता , रमताँ जोगी की लार माता कोशल्याँ ढुढ़ण चली अन खोज खबर नही आई रे . . . बन को . . . २ आगे आगे राम चलत है , पिछे लक्ष्मण भाई जिनके बीच मे चले हो जानकी अन शोभा वरनी न जाई रे . . . बन को . . . ३ राम बिना म्हारो रामदल सुनो , लक्ष्मण बीना ठकूरा...
nimadi-noe
भोला भोला का बात बनायो भोला भोला का बात बनायो भोला भोला का बात बनायो भोला भोला का दारु पिलायो ओर समदी काये रोजेना आयो गल्ला नापियो पाइ से नापियो खोटी में रखियो पैसा गिनाया ताली में गिनायो पेटी में रखियो भोला भोला का बात बनायो भोला का सगाई जुड़ायो ओ समदी काये रासेना आयो स्रोत व्यक्ति शांतिलाल कासडे , ग्राम छुरीखाल
korku-kfq
चलूँ चलूँ डगरिन भवन मोर, हम राजा दसरथ हे चलूँ चलूँ डगरिन भवन मोर , हम राजा दसरथ हे । डगरिन , मोर घर अयलन भगमान , भेलन1 नंदलाल2 मोरा हे ॥ 1 ॥ एतना बचन जब सुनलन , सुनहुँ न पयलन3 हे । राजा लेइ आहु डोलिया कहार , बुलइत4 नहीं जायम5 हे ॥ 2 ॥ एतना सुनइते राजा दसरथ , डोलिया फनावल6 हे । डगरिन चढ़ि चलूँ मोर महलिया , बालक नहबावहु7...
magahi-mag
लेहऽ दुलरइता भइया कँधवा कोदरिया लेहऽ1 दुलरइता भइया कँधवा2 कोदरिया3 । परबत से जड़ी ला देहु भइया ॥ 1 ॥ तोड़िए काटिए4 भइया बाँहलन मोटरिया । लऽ न दुलरइतिन बहिनी जोग के जड़िया ॥ 2 ॥ पिसिए कुटिए5 बहिनी भरल कटोरिया । पीअऽ न दुलरइता दुलहा जोग के जड़िया ॥ 3 ॥ हमें न पीबो सुघइ6 जोग के जड़िया । हम भागी जायबो बाबा के पासे ॥ 4 ॥
magahi-mag
सोन्ना रूपा का घड़ा घड़ीला सोन्ना रूपा का घड़ा घड़ीला , रेशम लम्बी डोर हो , झालरियो । । रनुबाई गंगा भरिया , जमुना भरिया , जाय कवेरी झकोळ हों , झालरियो । । बेटी म्हारी , पहिलाज आणऽ ससराजी आया , काळो घोड़ो लाया हो , झालरियो । । पिताजी अबको आणो पछो फिरई देवो , हम खेली लेवां फूल नऽ पाती हो , झालरियो । । बेटी म्हारी , दूसरा...
nimadi-noe
568 रांझा आखदा जाह की वेखनी ए बुरा मौत थीं इह विजोग है नी पए धाड़वी लुट लै चले मैंनूं इह दुख की जानदा लोग है नी मिली रांझे नूं हीर ते सवाह मैंनूं तेरे नाम दा असां नं रोग है नी बुकल लेफ दी जफियां वहुटियां दियां एह रुत सयाल दा भोग है नी शौकन रंन गवांढ कपतयां दा भले मरद दे बाब1 दा रोग है नी खुशी किव होवन मरद फुल वांगूं घर...
panjabi-pan
सोहर साभार : सिद्धार्थ सिंह चलो चली सखिया सहेलिया त हिलि मिलि सब चली हो सखी जमुना का निर्मल नीर कलस भरि लाई हो कोउ सखी हाथ मुख धोवें त कोउ सखी घैला बोरै हो अरे जसुदा जी ठाढ़ी ओनावै कन्हैया कतौ रोवें हो घैला त धरिन घिनूची पर गेडुरी तखत पर हो जसुदा झपटि के चढ़ी महलिया कन्हैया कहाँ रोवै हो चलो चली सखिया सहेलिया त हिलि मिल...
awadhi-awa
अरे सायबा खेलणऽ गई गनागौर अरे सायबा खेलणऽ गई गनागौर , अबोलो क्यों लियो जी महाराज । । अरे सायबा , अबोलो देवरजेठ , सायबजी सी ना , रहवा जी महाराज । । अरे सायबा , पड़ी गेई रेशम गांठ , टूटऽ रे पण ना छूटऽ जी महाराज । । अरे सायबा , खाटो दूा अरू दही , फाट्यो रे मन ना जुड़ जी महाराज । । अरे सायबा , खेलणऽ गई गनागौर , अबोलो क्यों...
nimadi-noe
विवाह -गीत - घुमची बरन मै सुन्नर घुमची बरन मै सुन्नर बाबा मुनरी बरन करिहांव हमरे बरन बर ढुंढयो मेरे बाबा तब मोरा रचहू बियाह इहड़ खोज्यो बेटी बीहड़ खोज्यो , खोज्यों मै देस सरिवार तोहरे जोगे बेटी बर कतहूँ न पायों अब बेटी रह्हू कुवाँरि इहड़ खोज्यो बाबा बीहड़ खोज्यो , खोज्यों तू देस सरिवार चार परगिया पै नग्र अयोध्या दुइ बर...
awadhi-awa
मैया के भुवन अरे हा अखण्डी ज्योति जरे मैंया के भुवन अरे हां , अखण्डी ज्योति जरे । काहे के दीया काहे के बाती काहे के कलश धरे अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . . सोने की दीया कपूर की बाती , सोने के कलश धरे अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . . कौना मंदिर में जोत जरावे , कौना कलश धरे अखण्डी ज्योति जरे । मैंया . . . सीता सुहागन जोत ...
bundeli-bns
आल्हा ऊदल कौड़ी लागे फुलवारी के मोर कोड़ी दे चुकाय तब ललकारे डेबा बोलल मुँगिया लौंड़ी के बलि जाओं हम तो राजा लोहगाँ के दुनियाँ सिंघ नाम हमार नेंवता ऐली समदेवा के उन्ह के नेंतवा पुरावन आय एतनी बोली जब सुन गैले लौंड़ी के भैल अँगार करे हिनाइ बघ रुदल के सेरहा चाकर पर मालिक के रुदल रोटी बिरानी खाय कत बड़ सोखी बघ रुदल के जे ...
bhojpuri-bho
खोली देवा खोली देवा, ए दौड़ पड़दा वरपक्ष की ओर से खोली देवा खोली देवा , ए दौड़ पड़दा1 देखू मैं कन्या को रूप । कन्या पक्ष का उत्तर हमारी कन्या छ गौरी स्वरूप , तुमारो बन्दड़ा श्याम स्वरूप । केन होय केन होय श्याम स्वरूप , बन्दड़ा पर लगे जेठ की धूप । वरपक्ष की ओर से खोली देवा खोली देवा , ए दौड़ पड़दा , देखूँ मैं कन्या को र...
garhwali-gbm
भेरूजी गोतन बाजूटिया रा सावला भेरूजी गोतन बाजूटिया रा सावला उनी सुतारण ले लाव ललकार हातां री झालो देती आवे रे गुड़ री गूजरी भेरू जी जो तम कलस्या रा सावला उनी कुमारण से लाव ललकार भेरूजी जो तम तेलसिंदूर सावला उनी तेलण खे लाव ललकार भेरूजी जो तम नायका रा सावला उनी कंठालण ले लाव ललकार भेरूजी जोतम मेवा रा सावला उनी मालण खे ल...
malvi-mup
बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई बन्ना जी तेरे बाबा की ऊंची हवेली बन्ना जी तेरे बाबल की ऊंची हवेली बन्ना जी मैं तो चढ़ती चढ़ती आई बन्ना जी मैं तो राज घर सै आई बन्ना जी तेरी दादी बड़ी लड़ाकी तेरी अम्मा का तेज मिजाज बन्ना जी मैं तो डरती डरती आई
haryanvi-bgc
इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं तूं किस कारण आए प्यारे बन्दड़े इसी गर्मी मैं असी सर्दी मैं तुम किस कारण आए प्यारे बन्दड़े इसी थलियां मैं इसे टीब्यां मैं हम थारे कारण आए प्यारी बन्दड़ी इसी गर्मी मैं इसी सर्दी मैं हम थारे कारण आए बन्दड़ी जनेती ले ब्याईयो म्हारे घर आईयो पिरस्यां मैं आण बठाईयो...
haryanvi-bgc
162 भाइयां भाबियां चा जवाब दिता मैंनूं वतनथीं चा त्राहयो जे भूएं खोह के बाप दा लया विरसा मैंनूं अपने गलों चा लाहयो जे मैंनूं मार के बोलियां भाबियां ने कोई सच दा कौल निभायो जे मैंनूं दे जवाब चा कढयो जे हल जोड़ क्यारड़ा वाहयो जे रत्न रन्न खसमां मैंनूं ठिठ कीता मेरे अरश दा किंगरा1 ढाहयो जे नित बोलियां मारदियां जाह सयालों ...
panjabi-pan
आँगन में बतासे लुटा दूँगी, आँगन में आँगन में बतासे लुटा दूँगी , आँगन में । सासु जी अइहें , चरुआ1 चढ़इहें । 2 भला उनको चुनरिया पेन्हा दूँगी , आँगन में ॥ 1 ॥ चरुआ चढ़ावे में कसरमसर करिहें । भला उनसे चुनरिया छिना लूँगी , आँगन में ॥ 2 ॥ गोतिनी जे अइहें , पलँग बिछइहें । भला उनको तिलरिया3 पेन्हा दूँगी , आँगन में ॥ 3 ॥ पलँगा ...
magahi-mag
कहमा ते बहैये मैया कमलेसरी हे कहमा ते बहैये मैया कमलेसरी हे हे कमला बहै छै बलान । कहमा मैया बहै कोसीधार । । अलापुर बहै मैया , मैया कमलेसरी हे तिरहुत बहै छै मैया बलान मैया धरमपुर बहै छै कोसीधार हे । किअ दय समदव मैया मैया कमलेसरी हे , मैया हे किय दय समदव बलान हे । पानफूल दयसमदव मैया मैया कमलेसरी हे मैया हे परवा दय समदव ब...
angika-anp
90 कैदो आखदा थी वयाह मलकी दोहाई रब्ब दी मन्न लै डायने नी इके मारके वढ के करीं बेरे1 मुंह भन्न सु चुआयने नाल सायने नी वेख वेख धीउ दा लाड की दंद कढें अंत झूरसैं रन्ने कसायने नी इके बन्न के भोरे चा घतीं लिंब वांग भडोले दे आयने नी गुस्से नाल मलकी तप लाल पई झब दौड़ तू मिठिये नायने नी सद लया तूं हीर नूं ढूंढ़ के ते तैनूं मां...
panjabi-pan
खिल रहा चान्द लटक रहे तारे खिल रहा चान्द लटक रहे तारे चल चन्दरावल पाणी कैसे भर लाऊं जमना जल झारी सासड़ की जाई मेरी ननद हठीली रात ने खंदा दई पाणी कैसे भर लाऊं जमना जल झारी उरले घाट मेरा घड़ा न डूबे परले किसन मुरारी कैसे भर लाऊं जमना जल झारी क्यांहे की तिरी ईंढली गुजरिया प्यारी क्यांहे की जल झारी कैसे भर लाऊं जमना जल झार...
haryanvi-bgc
आरी के हेंठे-हेंठे लगि गेल फुलवारी आरी1 के हेंठेहेंठे2 लगि गेल फुलवारी । कान्हर3 बछरू चरावल हे ॥ 1 ॥ फेरू फेरू4 अहो कान्हर , अपनी बछरुआ । चरि जएतन5 घनी फुलवारी हे । येली6 चरि जइहें , बेली7 चरि जइहें , चंपा ममोरले8 डाढ़ हे ॥ 2 ॥ काहे से9 गाँयब10 हो कान्हर फल के मउरिया11 । काहे से गाँथब हो कान्हर चंपाकली हरवा । दुलहा दुल...
magahi-mag
224 गई उमर ते वकत फिर नहीं मुड़दे गए करम ते भाग न आवंदे ने गई गल जबान थीं नहीं मुड़दी गए रूह कलबूत1 ना आंवदे ने गई जान जहान थीं छड जुसा कई होर सयाने फरमांवदे ने मुड़ एतने फेर जे आंवदे ने रांझे यार होरी मुड़ आंवदे ने अगे वाहियों चा गवायो ने हुन इशक थीं चा गवांवदे ने रांझे यार होरां एह थाप छडी किते जा के कन्न पड़वांवदे न...
panjabi-pan
आरे ओ, ओरे सुजन नाइया (भाटियाली) आरे ओ , ओरे सुजन नाइया कोन वा देशे याओ रे तुमि , सोनार तरी बाइया । । कोन वा देशे बाड़ी तोमार , कोन वा देशे याओ । । एइ घाटे लगाइया नाओ , आमार लइया याओ । । सोनार तरी , रंगेर बादाम , दिवाछ उड़ाइया । पुबाली बातासे बादाम उड़े रइया रइया । । रंग देखिया एइ अभागी कान्दे घाटे बइया । सोतेर टाने कल...
bengali-ben
सोने का सरोता, बताओ धनराणी सोने का सरोता , बताओ धनराणी सोने का सरोता , रूपा की डांडी कतरकतर बिड़ला , चाबो धनराणी पेलो मास जो लागियो , आल भोले मन जाए ।
malvi-mup
ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी आवे री ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी आवे री जब री सासू मेरी पीसन ने खन्दावे बाबुल की पनचक्की मोहे याद बड़ी आवे री जब री जेठाणी मोहे रोटी ने खन्दावे बाबुल की बाह्मनिया मोहे याद बड़ी आवे री जब री ननद मोहे पाणी ने खन्दावे बाबुल की झीमरिया मोहे याद बड़ी आवे री ठंडे से केले के नीचे नींद बड़ी ...
haryanvi-bgc
कान्हा बरसाने में आय जैयो कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी बुलाय गई राधा प्यारी , बुलाय गई राधा प्यारी . . . . . . . कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी कान्हा माखन मिश्री खाय जैयो , बुलाय गई राधा प्यारी कान्हा बरसाने में आए जैयो , बुलाय गई र...
braj-bra
जगमग राज रा भोजा जगमग राज रा भोजा जगमग राज री मेंदी जगमग राज री पेरण री चतराई हो ऐसा म्हारा राज जमई जी , सासरिया में सोवे जी सासरिया में सोपे जमई जी , सासू लाड़ लड़ावे जी जगमग राज रा जामा , ने जगमग राज री केसर जगमग राज री पेरण री चतराई जी जगमग राज राकड़ा , जगमग राज री पोंची जगमग राज री कंठी , जगमग राज री डोरा जगमग राज ...
malvi-mup
66 नाल नढियां घिन्न के चरखड़े नूं तुसां बैठणा विच भंडार हीरे असीं आणके रूलांगे विच वेहड़े साडी कोई न लएगा सार हीरे टिकी देके वेहड़ियों कढ छडें सानूं ठग के मूल न मार हीरे साडे नाल जे औड़ निबाहुणी ए सच्चा देह खा कौल इकरार हीरे
panjabi-pan
पहिलो फेरो फेरे लाड़ी, कन्या च कुमारी पहिलो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च कुमारी , दूजो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च माँ की दुलारी । तीजो फेरो फेरे लाड़ी , कन्या च भायों की लड्याली , चौथो फेरो फेरे लाड़ी , मैत1 छोड़याली । पाँचों फेरो फेरे लाड़ी , सैसर2 की च त्यारी , छठो फेरो फेरे लाड़ी , सासु की च ब्वारी3 , सातों फेरो फेरे ला...
garhwali-gbm
पिया लै दो हमें हरियल सारी पिया लै दो हमें हरियल सारी , पलका पै मचल रई हैं प्यारी सूत महीन , झीन ना हौवै , बड़ी मुलाम तरज बारी । छोरन मोर पपीरा राजें , जरद कोर की जरतारी । बीचन बीच बेल बूटन सें भरी होय कछु फुलवारी । कहत ईसुरी सुनलो प्यारी , भोर भगा है सुकमारी ।
bundeli-bns
आज भई मोरे मन की, सुनो सैंया आज भई मोरे मन की , सुनो सैंया सासो न आवे हमारो का बिगरे , चरुजा चढ़ाई बच जैहें , सुनो सैंया । आज . . . तुम उठके पिया चूल्हा जलइयो , हम चरुआ धर लैहें , सुनो सैंया । आज . . . जिठनी न आवे हमारो का बिगरे , लड्डू बंधाई बच जैहें , सुनो सैंया । आज . . . तुम उठ के पिया मेवा ले अइयो , हम लड्डू बांध ...
bundeli-bns
अरे रे काला भँवरवा, तू नेवति ला नैहर मोरा हे अरे रे काला भँवरवा1 तू नेवति ला2 नैहर मोरा हे ॥ 1 ॥ किये ले3 नेवतबइ नैहरवा , किये ले ससुर लोग हे । लौंग4 लेइ नेवतिहे नैहरवा , कसइली5 ले ससुर लोग हे ॥ 2 ॥ कहँवा से औतइ6 महरिआ7 कहाँ से बीरन भइया हे । पूरब से औतइ महरिआ , पछिम से बीरन भइया हे ॥ 3 ॥ कहँवा उतरबइ8 महरिआ , कहँवे बीर...
magahi-mag
चलो मन बँसरी बजावे चलो मन बँसरी बजावे जिहाँ मोहना रे , राधा रानी नाचे ठुमा–ठुम रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे , मृदँग बाजे धुमाधुम , मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमाधुम ॥ तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना जमुना के खड़ मे कदम के बिरखा , नाचथे मँजुरा अव फुदकथे मिरगा , खेतले कछार जिहाँ बोलथे पपीहरा रे , कलपथ...
chhattisgarhi-hne
144 कुड़ियां सद के पैचों ने पुछ कीती लंगा कासनूं ढाह के मारया जे बाझ ऐवें तकसीर1 गुनाह लुटया इके कोई गुनाह नितारया जे हाल हाल करदा परे विच बैठा एडा कहर ते खून गुजारया जे झुगी साड़ के मार के भन्न भांडे एस फकर नूं मार उजाड़या जे कहो कौन तकसीर फकीर अंदर फड़े चोर वांगूं ढांह मारया जे वारस शाह मियां पुछे छोहरियां नूं अग लाए...
panjabi-pan
आइये बहुअड़ इस घरां आइये बहुअड़ इस घरां तेरी सासड़ आई सुसर घरां आइये बहुअड़ इस घरां तेरी जिठाणी आई जेठ घरां
haryanvi-bgc
हरी हरी गोबर घोलती हरी हरी गोबर घोलती गज मोती चौक पुरावो कुम्भकलश अमृत भरियाजी जानूं मोरित आज आवो म्हारा रामचंद आवजो जाकी जोती थी वाट ऊँची अटारी रगमगी दिवलो जले रे उजास खेलामारूणी खेले सोगटा खोलो मनड़ा री बात आबो म्हारा रामचंद आवजो जेकी जोती थी वाट लीली दरियाई को घाघरों साड़ी रंग सुरंग अंगिया पहने कटावकी जी बंदा खोलो स...
malvi-mup
एकली घेरी बन में आन स्याम एकली घेरी बन में आन स्याम तेने या के ठानी रे स्याम मोहे बिन्दराबन जानो लौट के बरसाने आनो जे मोहे होवे अबेर लरैं देवरानी जेठानी रे एकली घेरी बन . . . दान दधि को देजा मेरो कंस के खसम लगे तेरो मारूं कंस मिटाऊं बंस ना छोडूँ निसानी रे एकली घेरी बन . . . दान मैं कभी न दूँगी रे कंस ते जाय कहूंगी रे आ...
haryanvi-bgc
वे इशका मारिआ ई रहु रहु वे इशका मारिआ ई । कहु किस नूँ पार उतारिआ ई । इशक हुराँ दे वधे अडम्बर । इशक ना छुड्डदा पीर पैगम्बर । इशक ना छुपदा बाहर अन्दर । इशक कमाया शरफ कलन्दर । बाराँ बरस पाणी विच्च ठारीआँ ई । रहु रहु वे इशका मारिआ ई । कहु किस नूँ पार उतारिआ ई । आदम कणकों मनाँ कराएओ । पिच्छे चा शैतान दौडाएओ । कल्ल बैहश्तों ...
panjabi-pan
हो बरसाणे वाली कदम्ब नीचे आइयो री हो बरसाणे वाली कदम्ब नीचे आइयो री सद नूणी मक्खन की लाइयो री तू अपने हाथ खिलाइयो री हो बरसाने वाली कदम्ब नीचे आइयो री जो तेरी द्यौरजिठाणी लड़ैगी एक की लाख सुणाइयो री जो तेरा बाला कन्थ लड़ैगा तू हम से परीत लगाइयो री चन्द्र सखी भज बाल किरसन छवि तू हर के चरण चित लाइयो री हो बरसाणे वाली कदम...
haryanvi-bgc
पुरबा जे बहै छै झलामलि हे कोसी पुरबा जे बहै छै झलामलि हे कोसी , पछिया बहै छै मधुर । अंगना में कुँइयाँ खनाय दियो कोसिका , बाँटि दियो रेशम के डोर । झटपट अंगिया मंगाय दियो कोसिका माय , भैरव भैया भुखलो न जाय । साठी धान कूटि के भतवा रान्हलियै , मुंगिया दड़रि के कैलो दालि । जीमय ले बैठलै भैरव छोटे भइया , कोसी बहिन बेनिया डोल...
angika-anp
क्या कहूं रानी! तुम्हारा भाग क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग तुम्हीं हमारा बंस बधाया जी धन्य बहूरानी जी जिन जाया . . . ज्ञानी जी धन्य धन्य हमारा भाग जी मिली तुम बहूरानी जी क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग . . . धन्य . . . बहूरानी जिन जाया हमारा लाल ज्ञानी जी क्या कहूं रानी तुम्हारा भाग . . .
haryanvi-bgc
हे हर जी ल्याए हैं झोली भर फूल हे हर जी ल्याए हैं झोली भर फूल राधा जोगे नां ल्याए भगवान हे जी बांटे हैं सब परवार राधा जोगे नां बचे भगवान हे जी राधा के मन मैं सै छोह टग टग महलें चढ़ गई भगवान हे राधा नै जा मूंदे अजड़ किवाड़ सांकल लोहे सार की भगवान । हे राधा रिमझिम बरसे है मैंह किरसन भीजें बाहरणै भगवान हे राधा खोलो नै अजड...
haryanvi-bgc
269 छड चोरियां यारियां दगा जआ बहुत औखियां एह फकीरियां ने जोग जालना सार दा तकला ए एस जोग विच बहुत जहीरियां ने जोगी नाल नसीहतां हो जांदे जिवें ऊठ दे नक नकीरियां ने तूंबा खपरी सिमरना नाद सिंगी चिमटा भन्ग नलयेर1 जंजीरियां ने छड त्रीमतां झाक हो जोगी फकर नाल जहान की सीरियां ने वारस शाह एह जट फकीर होया नहीं हांदियां गधे तों प...
panjabi-pan
बार ही बारे विनवूं, गरवे से बाबुल बार ही बारे विनवूं , गरवे से बाबुल कातिक लगिन लिखाव हो आलालीला बांस कटाव नागर बेल मंडवा छवाव सुलतान दूले , रामदूले आनि बाजिया वे हातीड़ा हठसाल बांदो , घोड़ी ला घुड़साल बांदो बराती खे देवो जनिवास , साजनसमधी सास सेरी जवाली अनपोय लाया , तिमन्यो अनपोय लाया नाड़ा को रंग बदरंग बाबुल उनखे बां...
malvi-mup
करन्ड कस्तूरी भरिया छाबा भरिया फूलड़ा जी करन्ड कस्तूरी भरिया , छाबा भरिया फूलड़ा जी । तुम भेजो हो धणियेर रनुबाई , जो हम करसां आरती जी थारी आरतड़ी ख आदर दीसाँ , देव दामोदर भेंटसा जी । । करन्डी कस्तूरी भरिया , छाबा भरिया फूलड़ा जी । ।
nimadi-noe
छोटे से मोरे मदन गोपाल (लोरी) छोटीछोटी गैयाँ छोटेछोटे ग्वाल छोटे से मोरे मदन गोपाल कहाँ गईं गैयाँ , कहाँ गए ग्वाल कहाँ गए मोरे मदन गोपाल । हारे गईं गैयाँ , पहाड़ गए ग्वाल खेलन गए मोरे मदन गोपाल का खाएँ गैयाँ ? का खाएँ ग्वाल का खाएँ मोरे मदन गोपाल ? घास खाएँ गैयाँ , दूध पिएँ ग्वाल माखन खाएँ मोरे मदन गोपाल । छोटीछोटी गैय...
bundeli-bns
मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत कहूं सीधा तैं चालै आडा याहे बात कसूत मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत तेरै संग मैं पांच भूतणी कोन्या मानै रांड ऊतणी तैं पाक्का सै भूत मेरी तेरी कोन्या बणै रे मन ऊत पांच चोर सै तेरे रे साथी तेरी समझ में कोन्या रे आती चौड़े लोआ दे जूत
haryanvi-bgc
जमुना किनारे मेरौ गाँव जमुना किनारे मेरौ गाँव आ जइयो ॥ टेक ॥ जमुना किनारे मेरी ऊँची हवेली , मैं ब्रज की गोपिका नवेली । राधा रंगीली मेरौ नाम कि बंशी बजाय जइयो ॥ 1 ॥ मलमल कै स्नान कराऊँ , घिसघिस चन्दन खौर लगाऊँ । पूजा करूँ सुबह शाम कि माखन माख जइयो ॥ 2 ॥ खसखस कौ बंगला बनवाऊँ , चुनचुन कलियाँ सेज सजाऊँ । धीरेधीरे दाबूँ में...
braj-bra
सभवा बइठल तोहे बाबू साहेब, अउरी सिर साहेब हे सभवा1 बइठल तोहे बाबू साहेब , अउरी सिर साहेब हे । साहेब , मोर नइहर लोचन2 पठइती , तो बाबू जी अनन्द होइतन हे ॥ 1 ॥ बाबूजी होयथीं अनदंे मन , मइया हरखि जयतइ हे । बहिनी के जुड़ा जयतइ छतिया , भइया मोर हुलसि जायत हे ॥ 2 ॥ मोर पिछुअरवा3 नउआ4 भइया तोही मोर हित बसे हे । नउआ , चली जाहु ...
magahi-mag
पिया हो गये तबाह सट्टा हार के फिरन लगे हाथ झार के पिया हो गये तबाह सट्टा हार कें , फिरन लगे हाथ झार कें सबरी मिटा गृहस्थी डारी , घर में बचे न लोटा थारी , रोवे लड़कन की महतारी । गहना जेवर सब लै गए उतार कें फिरन लगे . . . रुपया पैसे सबरे हारे , लड़का बिटिया फिरें उघारे , अब तो फिरें हाथ पसारे । खाना खरचा खों बल पे उधार क...
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286 मार आशकां दी लज लाह सुटी यारी लाके घिंन लै जावनी सी अंत खेड़यां वयाह लै जावनी सी यारी उसदे नाल ना लावनी सी ऐडी धुम कियों मूरखा पावणी सी एह सूरत न गधे चड़ावनी सी वारस शाह जे मंग ले गए खेड़े दाढ़ी परे दे विच क्यों मुणावनी सी
panjabi-pan
बारात स्वागत का गीत आवोआवो वो याहयण रामरामी । मिलोमिलो वो याहयण रामरामी । बठोबठो वो याहयण रामरामी । पाणिपीवो वो याहयण रामरामी । आवोआवो वो याहयण रामरामी । समधन से गीत में कहा है समधन बैठने के लिये मंडप बना रखा है । आओ रामराम । समधन आओ मिल लेवें । बैठो पानी पिओ । जब माँडवे में वर पक्ष की महिलाएँ बैठ जाती हैं तब गाली गीत ...
bhili-bhb
बेबे हे करम्यां की गत न्यारी बेबे हे करम्यां की गत न्यारी मेरे तै कही नहीं जावै किसे के फिरते इधर उधर नै कोए कोए तरसै एक पुतर नै पर बन कुछ न पावै बेबे हे . . . कोए कोए ओढ़े सीड दुसाले उसके बस्तर घणे निराले किसै नै पाटै बी ना पावै बेबे हे . . . कोए कोए सोवै रंग महल मैं उस के नौकर रहें टहल मैं किसै के छान नहीं पावै बेबे ...
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दसमास रे बेटा बोझ मरी थी दसमास रे बेटा बोझ मरी थी मायड़ ने निरणा दे चढ़या अपणी मायड़ नै मैं बांदी री ल्यादूं बड़े ए साजन की धीअड़ी बारां मास रे बीरा गोद खिलाया बाहण का निरणा दे चल्या अपणी बाहण नै मैं अगड़ घड़ा दयूं ऊपर नौरंग चूंदड़ी
haryanvi-bgc
झूमर तो पिया! तुम गढ़वाओ झूमर तो पिया तुम गढ़वाओ बिन्दी लावै मेरे भातइये चल चुप रह नार देखे तेरे भातइये पांच का लावैं पच्चीस ले जाएं ब्याज मूल में तुझे ले जाएं देखे तेरे भातइये कांटे तो पिया तुम गढ़वाओ कड़े गजरे लावैं मेरे भातइये बून्दे अंगूठी लावैं मेरे भातइये पांच का लावैं पच्चीस ले जाएं दस पांच और ऊपर ले जाएं ब्याज ...
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गजराई नै टेर लगाई गज घंटा दिया बजाई गजराई नै टेर लगाई गज घंटा दिया बजाई बचा दिए उन के प्राण गरड़ चट्ढ आइयो जी भगवान द्रोपदा नैं टेर लगाई उन की साड़ी तुएं बढ़ाई मार्या दुसासन का मान गरड़ चड्ढ आइओ जी भगवान नरसी ने दान कर्या था सरसै मैं भात भर्या था कर दिया हुंडी का भुगतान गरड़ चड्ढ आइओ जी भगवान दास तेरा कहवाऊं कर दरसण खु...
haryanvi-bgc
क्यो रोये मोरी माई हो ममता क्यो रोये मोरी माई हो ममता क्यो रोये मोरी माई १ तो पाँच हाथ को कफन बुलायो , उपर दियो झपाई चार वेद चैरासी हो फेरा उपर लीयो उठाई . . . हो ममता . . . २ तो लाख करोड़ी माया हो जोड़ी , करकर कपट कमाई नही तुन खाई , नही तुन खरची रई गई धरी की धरी . . . हो ममता . . . ३ तो भाई बन्धू थारो कुटूम कबीलो , सब...
nimadi-noe
बरस एकादशी करिये बरस एकादशी करिये नणदळ न्हावा ने जईये राधा , रूकमणी और सतभामा ललता से कहिये कुवजा से कहिये बाईजी न्हावा ने जईये गंगा , जमना और सरसती तिरवेनी में न्हइये भवसागर तिरिये बाईजी न्हावा ने जईये न्हाई धोई सुमिरण करस्यां गऊ सेवा करिहें गऊ पूजा करिये नणदल न्हावा ने जईये सांवलिया नी संग जो रेस्यां सोयलड़ो चईये बाई...
malvi-mup
ऐसे कपटी श्याम ऐसे कपटी श्याम कुंजन बन छोड़ चले उधो ३ जो मैं होती जल की मछरिया श्याम करत स्नान चरण गह लेती मैं उधो ऐसे कपटी 2 जो मैं होती चन्दन का बिरला श्याम करत श्रृंगार मैथ बिच रहती मैं उधो ऐसे कपटी 2 जो मैं होती मोर की पांखी श्याम लगाते मुकुट मुकुट बिच रहती मैं उधो ऐसे क पटी 2 जोमें होती तुलसी का बिरला श्याम लगाते ...
braj-bra
166 नी मैं घोल घती एहदे मुखड़े तों पाओ दुध चूरी एहदा कूत है नी इललिल दीयां जलियां पौंदा ए जिकर हयू ते लायभूत1 है नी नहीं भाबियां ते करतूत काई सभे लड़न नूं होई मजबूत है नी जदों तुसां ते सी गाली देंदियां साओ एहतां ऊतनी2 दा कोई ऊत है नी भारया तुसां दे मेहनयां गालियां दा एह तां सुक के होया तबूत3 है नी सौंप पीरां नूं झल विच...
panjabi-pan
जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी जच्चा तै म्हारी कुछ नां जाणै जी जच्चा तै म्हारी कीड़ी तै डरपै जी सांप मार सिराणै दीन्यां बीच्दू मार बगल मैं दीन्यां जच्चा तै म्हारी कीड़ी तै डरपै जी जच्चा तै म्हारी याणी भोली जी जच्चा तै म्हारी कुछ नहीं खाती जी चार कनस्तर घी के खागी नौ बोरी तै खांड जी जच्चा तै म...
haryanvi-bgc
मैया तेरे लाला को लागी नजरिया मैया तेरे लाला को लागी नजरिया माथे पे चंदा इनके बना दो , मोहन माला गले पहना दो डालो गले में पुतरिया , इन्हें लागी नजरिया । मैया . . . रेशम का धागा कमर पहिरा दो मोरो के पंखों की झालर लगा दो जाने न दो इन्हें कोऊ की बाखरिया । मैया . . . सोने की थाली में दीपक उजारो मेवा सुपाड़ी नारियल धारो सून...
bundeli-bns
रजमतिया के चिट्टी छोटकी गोतिनिया के तनवा के बतिया , पतिया रोईरोई ना , लिखावे रजमतिया । सोस्ती श्री चिट्टी रउरा भेजनी तेमे लिखल , सोरे पचे अस्सी रोपेया , भेजनी तवन मिलल ओतना से नाही कटी , भारी बा बिपतिया । पतिया . . . छोटकी के झूला फाटल , जेठकी के नाहीं , बिटिया सेयान भइल , ओकरो लूगा चाही , अबगे धरत बाटे कोंहड़ा में बति...
bhojpuri-bho
माझे माझे दियरा परिये गेल माझे माझे दियरा परिये गेल लागी गेल कमला फूल । नान्ही नान्ही डलिया बुनाबिहे छौड़ी मलनिया , तोड़ली हे कमला फूल । कोन फूल ओढ़न कोन फूल पहिरन कोन फूल हे सिंगार । एली फूल ओढ़न बेली फूल परिहन , चमेली फूल कोसिका के हे सिंगार ।
angika-anp
मोटी मोटी बून्दां झले पै आई मोटी मोटी बून्दां झले पै आई तो गाबरू नै चाद्दर ताणी , हो मन्ने तेरी सोंह जद वोह् चाद्दर भीजण लागी तो गाबरू नै छतरी ताणी , हो मन्ने तेरी सोंह जद वोह् छतरी भीजण लागी तो गाबरू नै बैल जुड़ाई , हो मन्ने तेरी सोंह बाजणी सी बैल बिदकणे से नारे तो गाबरू नै बांह तुड़ाई , हो मन्ने तेरी सोंह
haryanvi-bgc
सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन सागुन सागुन डो डोंगरा सागुन डोंगरा सागुन केन न्यूता कूले डोंगरा सागुन केन न्यूता कूले चोखा चावली डो पीला हल्दी चोखा चावली डो पीला हल्दी पीला हल्दी डो न्यूता कूले पीला हल्दी डो न्यूता कूले जामुन जामुन डो गाडा जामुन जामुन जामुन डो गाडा जामुन गाडा जामुन केन न्यूता कू...
korku-kfq
आयो आयो चौमासा त्वैक जागी रयो आयो आयो चौमासा त्वैक जागी रयो । मैं पापणीं सदा मन भरी रयो । मेरा स्वामी को मन निठुर होयो । घर बार छोड़ीक विदेश रयो । हाई मेरा स्वामी जी मैंने क्या खायो । तुमरी प्रीति से न्यारी होयो ।
garhwali-gbm
बुल्ले शाह की सीहरफी - 2 अलफ आपणे आप नूँ समझ पहले , किस वास्ते है तेरा रूप प्यारे । बाझ आपणे आप दे सही कीते , रहेओं विच्च दसौरी दे दुःख भारे । होर लक्ख उपाओ ना सुक्ख होवे , पुच्छ सिआणे ने जग्ग सारे । सुक्ख रूप अखंड चेतन हैं तूँ , बुल्ले शाह पुकारदे वेद चारे । बे बन्ह अक्खीं अते कन्न दोवें , गोशे1 बैठ के बात विचारीए जी ...
panjabi-pan
480 तुसी मेहर करो असीं घरी जाईए नाल सहती दे डाल बनाईए जी बहर1 इशक दा खुशक गम नाल होया नाल अकल दे मीह वरसाईए जी किवें करां मैं कोशशां अकल दियां तेरे इशक दियां पूरीया पाईए जी जां तयारियां टुरन दियां झब करिए असीं सजनों हुकम कराईए जी हजरत सूरत इखलास2 लिख दयो मैंनूं कुर्रा3 फाल4 नजूम दा पाईए जी खोल फालनामा ते दीवान हाफज वार...
panjabi-pan
ऐसी हो प्रीत निभावजो ऐसी हो प्रीत निभावजो , आरे जग मे होय नी हाँसी १ बैठ्या बामण चन्दन घसे , आरे थाड़ी कुबजा हो दासी फुल फुल्यो रे गुलाब को माला गुथो हो खासी . . . ऐसी हो प्रीत . . . २ राम नाम संकट भयो , आरे दिल फिरे हो उदासी तुम हो देवन का हो देवता राखो लाज हमारी . . . ऐसी हो प्रीत . . . ३ जल डुबता बर्तन तिरिया , आरे ...
nimadi-noe
ऐसी बोलो कौनऊँ बानी ऐसी बोलो कौनऊँ बानी । ना काऊ की जानीं । सगुन मैं होय , ना निर्गुन में । नाहिं बेदन में धानी । ना आकासैं नंपातालैं , नई देवतन जानी । ना भूतन में ना प्रेतन में , ना जल जीब बखानी कयें ईसुरी जोड़ मिला दो । जब जानैं हम ज्ञानीं ।
bundeli-bns
गणेश वन्दना परतम सुमरो राम आओ म्हारा गणपति देवता । परतम सुमरो राम आओ म्हारा गणपति देवता । सुपड़ा दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता । सुपड़ा दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता । दिवला दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता । दिवला दाळा तुम्हारा कान , आओ म्हारा गणपति देवता । धारण ढाळा तुम्हारा पांय , आओ...
bhili-bhb
गोबर से लिपलूँ अँगना, हरबोबिन लाल गोबर से लिपलूँ1 अँगना , हरबोबिन लाल । बिछवा2 रेंगल3 जाय हे , हरगोबिन लाल ॥ 1 ॥ ओने से4 अयलन दुलरइतिन छिनरो हे , हरगोबिन लाल । काट लेलक5 छिनरो के बिछवा हे , हरगोबिन लाल ॥ 2 ॥ कउन बइदा6 के बोलाऊँ हे , हरगोबिन लाल । कउन ओझा के गुनाऊँ हे , हरगोबिन लाल ॥ 3 ॥ ओने से अयलन कवन रसिया हे , हरगोब...
magahi-mag
सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री हे री नेवरी पै नान्ही नान्ही बूंद नेवरी में बाज्जा घला दे री बहू तन्ने बाज्जा भावै ए हे री मेरा लाल लड़ाइआं बीच बहू मेरा के जीवणा सै री सास मन्ने नेवरी घड़ा दे री
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148 कैदो बाहुड़ी ते फरयाद कूके धीयां वालयो करो नयां मियां मेरा हट पसारी दा लुटया ई कोल वेखदा पिंड गिरां मियां मेरे भंग अफीम ते पोसत लुड़िया होर नयामतां दा क्या नां मियां मेरी तुसंा दे नाल ना सांझ कोई पिंन टुकड़े पिंड दे खां मियां तोते बाग उजाड़दे मेवयां दे अते फाह लयांवदे कां मियां
panjabi-pan
घड़ी एक घोड़ीलो थोबजे रे सायब बनड़ा घड़ी एक घोड़ीलो थोबजे रे सायब बनड़ा दाऊजी से मिलवा दो रे हठीला बनड़ा दाऊजी से मिलकर काई करो वो सायब बनड़ी दो न पालकड़े पाँव चालो घर आपणा
malvi-mup
झूठ तै मैं बोलूं कोन्या झूठ की म्हारै आण झूठ तै मैं बोलूं कोन्या झूठ की म्हारै आण पानीपत के टेसण ऊपर मींडक बांटै बाण एक अचंभा मन्नै सुण्या यो कुत्ता कपडणे धोवै ओबरै में म्हैस जुगालै ऊंट पिलंग पै सोवै झूठ तै मैं बोलूं कोन्या . . . कीड़ी मरी पहाड़ पै खींचण चले चमार दो सै जोड़ी जूती बणगी सांटै कई हजार झूठ तै मैं बोलूं कोन...
haryanvi-bgc
आज लाड़ो केरा अजबी बहार रे बना आज लाड़ो1 केरा अजबी बहार रे बना । बाना2 सुरती3 गजबी सोहार4 रे बना ॥ 1 ॥ बाना , अपन अपन नयनमा5 सम्हार रे6 बना । बाना , लगी जयतउ नजरी के बान रे बना ॥ 2 ॥ बाना , दुलहा हइ दुलहिन के जोग रे बना ॥ 3 ॥
magahi-mag
होली गीत टेक हो साँवरा मती मारो पिचकारी चौक1 मति मारो रे मोहे जात में रयणा , में पर घर की हूँ नारी । हमको रे लजा तुम कोरे ऐसा । तो मुख से देऊँगी गाली , फजीता होयगा तुम्हारा , साँवरा मति मारो पिचकारी । चौक2 ऐसी रे होस होत हइयाँ में , फिर परणों तुम नारी । जाय कहूँगी जसोदा माय को , हजुवन में हुँ कुँवारी ढूढो तो वर माता हम...
bhili-bhb
हम धनी जी खिचड़ी की साध हम धनी जी खिचड़ी की साध खिचड़ी हाल मंगा द्यो जी । खिचड़ी हे गोरी मायड़ भावज पै मांग हम पै मेवा मीसरी जी । हम धनी जी पीला की साध पीला हाल मंगा द्यो जी । पीला ए गोरी मायड़ भावज पै मांग हम पै नौरंग चूंदड़ी जी । हम धनी जी खिचड़ी की साध खिचड़ी हाल मंगा द्यो जी ।
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वाह वाह छिन्ज पई दरबार। वाह वाह छिन्ज पई दरबार । खलक तमाशे आई यार । असाँ अज्ज की कीता ते कल्ल की करना , भट्ठ असाडा आया । ऐसी वाह क्यारी बीजी , जो चिड़िआँ खेत वन्जाया । मगर पीआ दे जेहड़े लग्गे , उठ चल पहुता तार । वाह वाह छिन्ज पई दरबार । इक्क अलाम्भा सइआँ दा , दूजा है संसार । नंग नामूस एत्थों दे एत्थे , लाह पगड़ी भूएं म...
panjabi-pan
विवाह निमंत्रण गीत - अरे अरे करा भवरवा अरे अरे करा भवरवा करिया तोहरी जतिया भवरा आजु मेरे काज परोजन नेवत दई आओ अरगन नेवत्यो परगन नेवत्यो अउर नानियाउर एक नहीं नेवत्यो बीरन भईया जेन्से बैर भये सास भेटै आपन भईया नन्दा बीरन भईया अरे बाजरा कै फाटै हमरी छतिया कही उठी भेटू अपने बीरन बिनु अरे अरे करा भवरवा करिया तोहरी जतिया भौर...
awadhi-awa
235 अगे चूड़ियां1 नाल हंडाइयों नी जुलफां कुंडलदार हुन देख मियां घत कुंडलां नाग सयाह पलमण2 वेखे ओह झला जिस लेख मियां मल वटना लोड़ ददासड़े दा नयन खूनियां दे भरन भेख मियां आ हुसन दी दीद कर देख जुलफां खूनी नयनां दे भेख नू वेख मियां
panjabi-pan
हालत एक गरीब किसान की हालत एक गरीब किसान की कवि नरसिंह कात्तिक बदी अमावस थी और दिन था खास दीवाळी का आंख्यां कै म्हां आंसू आगे घर देख्या जिब हाळी का । कितै बणैं थी खीर , कितै हलवे की खुशबू ऊठ रही हाळी की बहू एक कूण मैं खड़ी बाजरा कूट रही । हाळी नै ली खाट बिछा , वा पैत्यां कानी तैं टूट रही भर कै हुक्का बैठ गया वो , चिलम ...
haryanvi-bgc
भरथरी लोक-गाथा - भाग 5 बड़ अक्कल वाली ये रानी ये देख तो भगवान साते मँ कैसे आ बइठे हे मनेमन मँ भरथरी हर , मोर गुनत हे ओ बिना आगी पानी के बनावत हे सबे सइना के न मोर सोहाग ओ चल बनाई के न मोर सुन्दर कलेवा खवावय ओ , ये खवावय ओ , भाई ये दे जी । सबे के पूर्ति ल करिके मोर सुनिले न ओ कइसे विधि कइना बइठे हे भरभरी ह न जब सोचे गिं...
chhattisgarhi-hne
कन्यादान गीत ठाटी म ठण को वाज्यो , हिवड़ो सवायो जी । बनी पुई आवें ती , अड़ी जाजी वो । बनी डूबी आपे ते , छोड़ देजी वो । बनी बइण आवे ते , अड़ी जाजी वो । बनी बुकड़ी आपे ते छोड़ि देजी वो । बनी भाई आवे ते अड़ी जाजी वो बनी गाय आपे ते छोड़ि देजी वो । यह गीत बारात रवाना होने से पूर्व जब दुल्हन को भेंट ओपी दी जाती है , उस समय ग...
bhili-bhb
छिंगुनिया के छल्ला छिंगुनिया के छल्ला पे तोहि का नचइबे , नथुनियाँ , न झुलनी , न मुँदरी जुड़ी , आयो लै के कनैठी अंगुरिया को छल्ला इहै छोट छल्ला पे ढपली बजइबे कितै दिन नचइबे , गबइबे , खिजइबे कसर सब निकार लेई , फिन मोर लल्ला कबहुँ गोरिया तोर पल्ला न छोड़ब , चिपक रहिबे बनिके तोरा पुछल्ला करइ ले अपुन मनमानी कुछू दिन उहै छोट...
bhojpuri-bho
266 साबत हुंदी लंगोटी जे सुनीं नाथा काहे झगड़ा चा उजाड़दा मैं जीभ इशक थीं चुप जे रहे मेरी ऐडे पाड़ने कास नूं पाड़दा मैं इस जिऊ नूं नढी ने मोह लया नित फकर दा नाम चितार दार मैं जिऊ मार के रहन जे होवे मेरा ऐडे मामले कासनूं धारदा मैं जे मैं मसत उजाड़ विच जा बैंहदा महीं सयाल दियां कासनूं चारदा मैं सिर रोड करा क्यों कन्न पाट...
panjabi-pan
मान उतारने का गीत सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या , कि मानवाला केतरिक दूर । सेली माता ने कोरा कागद देय भेज्या , कि मानवाला केतरिक दूर । आई वा आवाड़ माता आइ रहया , बोकड़ा की करूं वो सेमान । सेली माता नी साकड़ी सयरी ते , डोलता आवे ससवार । काई वाटे ली वो राजल बेटी अवगढ़ मान , बेटा सारू ली वो माय अवगढ़ मान । भूल्याचुक्या...
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भजन खेती खेड़ो हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥ पाप ना पालवा कटावजो , धरमी हळे अपार ॥ एची खेचिन बायरा लावजो , खेती कंचन थाय ॥ खेती खेड़ो रे हरि नाम की , तेमा मिलसे से लाभ ॥ ओमसोम दोउ वाळ दिया , हाँरे सुरता रास लगाय ॥ रास पिराणा धरिन हातमा , हाँ रे सूरा दिया ललकार , खेती खेड़ो रे हरि नाम की , तेमा मिलसे रे लाभ ॥ सत कारे...
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कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग कैसे रुप बड़ायो रे नरसींग १ ना कोई तुमरा पिता कहावे , ना कोई जननी माता खंब फोड़ प्रगट भये हारी अजरज तेरी माया . . . रे नरसींग . . . २ आधा रुप धरे प्रभू नर का , आधा रे सिंह सुहाये हिरणाकुष का शिश पकड़ के नख से फाड़ गीरायो . . . रे नरसींग . . . ३ गर्जना सुन के देव लोग से , बृम्हा दिख सब आये हाथ ...
nimadi-noe
नणद ते भाबी रल बैठीआं (2) नणद ते भाबी रल बैठीआं , जीआ कीते सू कौल करार जे घर जम्मेगा गीगड़ा1 नी , बीबा देवांगी फुलचिड़िआं2 अध्धी अध्धी रात , पिछला ई पहर , भाबो ने गीगड़ा जी जम्मेआ लै दे नी भाबो फुलचिड़िआं , अड़ीऐ पूरा होया नी करार ना तेरे बाप घड़ाईआं नी बीबी , ना तेरे वडड़े वीर फुलचिड़िआं बादशाहां दे वेहड़े , बीबा साडे...
panjabi-pan
नैना ना मारौ लग जै हैं नैना ना मारौ लग जै हैं । मरम पार हो जै हैं । बख्तर जुलम कहा कर लै हैं । ढाल फार कढ़ जै हैं । नैनाँ मार चली ससुर खाँ , डरे कलारत रै हैं । ओखद मूर , एक ना लग है । वैद गुनी का कै है ? कात ‘ईसुरी’ सुन लो प्यारी , दरस दवाई दै हैं ?
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382 बुरियां खौफ फकीर दे नाल पाइयां अठखेल बुरयार उटकिया ने रातब खायके बीचरन1 विच तिले मारन लत अराकियां2 बकियां न इक भौंकदी दूसरी करे टिचकरां एह ननाण भाबी दोवे सकियां ने एथे कई फकीर जहीर3 होए खैर देंदियां देंदियां अकियां ने जिन्हां डबियां पायके सिरी चाइयां रन्नां तिन्हां दियां उसकियां ने नाले ढिड खुरकन नाले दुध रिड़कन अत...
panjabi-pan
जनी जनिहा मनइया जनी जनिहा मनइया जगीर मांगात ई कलिजुगहा मजूर पूरी शीर मांगात बीड़ीपान मांगात सिगरेट मांगात कॉफीचाय मांगात कपप्लेट मांगात नमकीन मांगात आमलेट मांगात कि पसिनवा के बाबू आपन रेट मांगात ।
awadhi-awa
चाँद चड्यो गिगनार यहाँ नारी को रात होने से पहले घर पहुँचने जाना चाहिए , नहीं तो बड़ेबूढ़े नाराज़ होंगे . . . चाँद चड्यो गिगनार फिरत्या ढल रहिया जी अब बाई घराँ पधार भाऊजी मारेला बाबूसा देला गहल बडोरा बीर बरजेला मत दयो बाई ने गाल भाई म्हारी चिड़ी कली आज उड़े पर मान तडके उड़ जासी जी
rajasthani-raj
उरइँयाँ साँकर बजी दुआरें देखौ टेरन लगीं उरइँयाँ ; गई अँदेरी रैन सगुनसीं बोलन लगीं चिरइँयाँ । कुकरा की सुन बाँग उल्लुअन की धकधक भई छाती , अँखियाँ हो गई चार चकई कीं पिया संग इठलाती । धुँधरी हो गई जोत दिया में तेल बचौ न बाती ; गलियारिन में गूँज रई अब साँईं की परभाती । छिन में चोर सरीखीं दुक गई अनगिन सरग तरइँयाँ । गई अँदेर...
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