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3BHO | स्वास्थ आ शरीर सबसे बड़का धन ह । |
1BRA | नए भावन सौं युगानुरूप नई रचना लिखनी चइए । |
1BRA | मार कर मार किया कृष्ण का कुमार फेर, राजी शुचि सुहाग प्रभा रती के भाल पै । |
1BRA | भाषा में उन शब्दन कूँ छेड़छाड़ करिकैं कुरूप करिबे की कुप्रवृत्ति त्यागनी चइए । |
1BRA | ब्रज भाषा कौ कविता कौ छैत्र तो निस्चितई इतेक सम्पन्न अरु वैभवसाली है कै बामें कछु नयौ मौलिक जोडबे की इतके गुंजायस नाय । |
3BHO | का नाही हो सकत बाबू साहब। |
2MAG | एक दिन बिजैपाल रकसिनियाँ से चुप्पे-चुप्पे किअउरी लेके चंपत भे गेल । |
2MAG | नयँ जी, अपने के साथ हमरा रहना ठीक नयँ हइ, अस्ताफ़ी इवानिच । |
3BHO | आईं सभे भगवान राम से जुड़ल रामनम्मी के गुनगान क लेहल जाव। |
3BHO | 'खर्चा के चिन्ता मत करीहऽ। |
4HIN | आज हमारी इस ब्लाग पर यह पहली पोस्ट है । |
2MAG | रानी तुरत तइयार हो गेलन आउ दउड़ के मरदाना के कुआँ में ढकेल देलन । |
1BRA | बिश्व भर को ध्यान लगावत, यदि भ्रमर गुजार करि हैं । |
4HIN | मुंबई के शशि सिंह जी ने भी भोजपुरिया ब्लॉग नामक एक ब्लॉग बनाया था , पर उसमें अंतिम पोसट 2006 में ही डाली गयी है । |
2MAG | मन बेस हवऽ न माए । |
2MAG | हलाँकि हम ओकरा से बिलकुल सहमत नयँ हलिअइ, लेकिन हम अनुभव करऽ हलिअइ कि कर्तव्यनिष्ठा साम्राज्ञी के सेना में हमर उपस्थिति के माँग करऽ हइ । |
1BRA | तहाँ एक समै एक सिह को वहुला गाय सों मिलाप व्है । |
0AWA | अब तक उनहूँ घर से लम्बा लटठु लैकै दौरि आये, फिरि का ? |
1BRA | दीन दुखी रोगी सब भाता । |
4HIN | वैसे ये असली चेहरा भी जाने क्या बला है ? |
3BHO | थोरकी देर ले सोचत रहले। |
1BRA | धन जन वल सब लेई व्रत वे सबको अन्धा, रात दिवस ये करें ग्रनोखे वे नूतन धन्धा । |
3BHO | ठीके बा चलीं। |
0AWA | हमरे परोसेन तौ छपरी धरे इनहूँ रहति रहैं । |
2MAG | हम ओकरा पर तलवार के प्रहार कइलिअइ, आउ ऊ गिर पड़लइ जेकरा से प्रवेश बाधित हो गेलइ । |
1BRA | अफीम चना भर मिर्च चार । |
1BRA | म्हों सूख गयौ , धरती घूमबे लगी , आकास हिलबे लगौ । |
1BRA | यामें ब्रजभाषा के चौदह रेडियो रूपक इकठौरे करे गये ऐ । |
0AWA | वाकई सूर्य अस्त होति सूर्यदेव केरि छाया गंगा जी की जलधारा मैंहा परति बड़ी मनोहारी लागति है । |
3BHO | हम सभी के घरों जल्द छठ पर्व मनाने वालें है और बिहार कृपा छठी माई की म्यूजिक ऎल्बम रिलीज़ । |
1BRA | चारों ओर हपट्टा नांय भरे । |
3BHO | भीखा साहब विक्रमी संवत 1820 में दुनिया छोड़ि के परम धाम चलि गईलें। |
2MAG | बेटवा कहलक कि तऽ हम ससुरारी जायम । |
4HIN | तंत्रिका आपूर्ति में आई लेशमात्र बाधा भी गर्भवती -गर्भस्थ शिशु तंत्र के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है . |
1BRA | बे बाद में आए । |
2MAG | चोरावे ला हई तो चोरावइ, हमरा गरज न हे ! |
3BHO | बर्मा जी हेड क्लर्क रहले। |
2MAG | सिपाही जा के राजा से कहलक तब राजा घरे आन के बक्सा खोललन तो देख के बड़ा अचरज भेल । |
0AWA | हाँ ठीक कहति हौ पवनसुत । |
3BHO | अब का करीं ? |
1BRA | रेखान कौ महत्व घट गयौ है । |
1BRA | गोपालप्रसाद कूँ गोपाल परसाद और किशनलाल कूँ कृष्णलाल लिखवौ सही नाँय । |
4HIN | मैं लगातार साथ चलने के लिए आपको बधाई देता हूँ और आगे के रास्ते के लिए खुद को हौसला भी देता हूँ . |
1BRA | कहे सुने की लगत ना, करत वही मन मान । |
4HIN | उफ ये क्या लिख डाला आप तीनों ने मिलकर । |
1BRA | तहां ठाकुर जी ने नाना प्रकार की लीला करी है । |
0AWA | अबहीं याकै घरी सोय पाये रहैं कि हड़बड़ाय कैहा उठि बैठि तुलसी, हे भगवान, ई कीका हमरे लगे पठै दिहेउ । |
2MAG | लिज़ावेता इवानोव्ना कुच्छो उत्तर नयँ देलकइ, लेकिन ओकर हाथ-गोड़ बरफ नियन ठंढा पड़ गेलइ . |
4HIN | उत्तर शल्य देखभाल का पूरा इंतजाम होता है . |
0AWA | तुम खुब समझदार औ सरियारिक होइ जाव, यहै तौ हमारि इच्छा है बेटवा । |
4HIN | खूब मिल रहा है कच्चा माल ! |
4HIN | शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी . |
3BHO | महफ़िल ऊ स्थान रहे जहाँ प्रस्तुति करके एगो कलाकार-हृदय का संतोष मिलत रहे काहे कि हर श्रोता दोसरा के देखा-देखी आह -वाह ना करत रहे बल्कि संगीत समझ के दाद देत रहे जवना चलते कलाकार हमेशा सतर्क रहत रहे लोग, अपना कला के मांजत रहे लोग। |
1BRA | या लियें अतीत मोह में फँसबौ कल्याणकारी नाँय होयगौ । |
1BRA | अरे भैयाऔ । नीम निमाने , धरम ठिकाने । |
0AWA | काम सब दादी करिन और आराम करै का हमका कहती हैं । |
4HIN | जनकवि कोदूराम दलित जय -जय गणेश महाराजा मुसवा में चढ़ के आजा जय गणपति फरसाधारी कर दूर हमर बेकारी मैं तोला चढ़ाहूँ पानी तैं मोला बना दे ज्ञानी . |
4HIN | तेरे से जुदा होकर भी तेरे खयालो में जीते रहे हम . |
1BRA | अब समैऊ भौत है गयौ । |
3BHO | एहसे ऊ अपना परिवार के जीविका खातिर एगो ठिकेदार का लगे मजदुरी करत रहले । |
4HIN | बिलकुल भी ज़रूरी नहीं है कि उसकी मौत की वजह ये टीके ही बने हों . |
3BHO | नाक चढ़ल रहे। |
4HIN | माँ श्री नहा के जब निकलतीं हैं पूरे कपडे पहनके निकलतीं हैं फिर भी अपने को व्यवस्थित करने के लिए वह दूसरे कमरे में चली जातीं हैं . |
4HIN | मधुमेह से ठीक पहले की स्थिति (प्रीडायबेतिक )होने का मतलब ? |
1BRA | राधाकृष्ण के विषय में कविता बूई कवि लिख सकै जिनकौ भक्त हृदय होय और बिनकी नीलान कौ ज्ञान होय । |
1BRA | पद्मपुराण, हरिवंश पुराण, वृहद बाराह पुराण, अग्नि पुराण, ब्रह्म वैवर्त पुराण, श्री मद्भागवत महापुराण, श्री कृष्णोपानिषद, गोपाल तापनी उपनिषद और गर्ग संहिता आदि में गोकुल की बड़ी महिमा मिले है । |
4HIN | इसीलिए अब जांच, आप नियमित करवाएं | |
4HIN | कामनाओं के सूर्य व्याकुल हो उठे हैं . |
2MAG | ओकरा अप्पन महल में लवलन आउ सादी करे ला चाहलन तो रानी कहलक कि हम बारह बरस सदावर्त बाँट लेम तब हम सादी करम । |
4HIN | उसमें इतनी अकल ही नहीं है . |
4HIN | इस के लिये एक ब्लागर महोदय मुझे तीन दिन से लटकाये हुये थे, आखिर अंतिम दिन आगया, उन्होंने अंत समय में हाथ खडॆ कर दिये और कह दिया कि इसमे बहुत समय चाहिये और मेरे पास समय नही है . |
1BRA | पटैल के गिरतेई कर्राट सी बीती और बू जोर सौ बिल्लाय उठयौ । |
2MAG | एकरा पर लड़का बोलल कि हमरा से ना छुट सकऽ हे ? |
2MAG | जउन बेरा अनाज देलिवऽ हल, मसुरी पत मन अठारह रुपइआ बिक्कऽ हल, इ घड़ी बारह हे, डेओढ़िआ देबऽ तइओ हमरा डाँड़े लगित हे, बाकि हरवाहा गुने कम्मे लेइत हिवऽ । |
4HIN | हमने क्षमा भी मांग ली कि भाई आप लोग इन्तजार तो बारातियों का कर रही हो लेकिन अब सर्दी में आप भी अकेली बैठी हो तो हम ही आपका साथ निभा देते हैं । |
2MAG | एक पइसा के बूँट दुनिया लुट एगो गांव में धनिकलाल नाम के एगो बनिया हलई । |
0AWA | तुलसी कथा औ उनके ज्ञान प्रकाश से वशीभूत अपार जनसमूह हमरे शेखपुर से लैके त्रिलोकपुर औ देवा शरीफ, कोटता धाम से लैकै महादेवा तक आलोकित होथ लाग । |
4HIN | इसीलिए इसे अब कुदरती सुपर फ़ूड माना जाने लगा है . |
3BHO | हम संकट में नइखीं बाकि हम ई कब्बो ना कहब कि हमरा पर संकट बा, हमरा पर हमला हो रहल बा। |
3BHO | पर तोहरी घर के अनुसासन, आपस के नेह-दुलार देखि के हमरा रोवाई आवता की एतना नीमन परिवार अब तहस-नहस हो जाई। |
1BRA | कारन जी औ कै नदीन ते विन के सग कारज पूरे होंते । |
1BRA | भरि डायी भण्डार, कहूं पै धेनु चराबै । |
3BHO | सांवर होखे में रहस्य छोटी छबीली रसीली बड़ी हो,तुम सब अबहि कुमारी बा। |
0AWA | आप के मुंह की प्राभा कहां हेराय गै है ? |
1BRA | आखिर में निवेदन करनी चाहूं हूं के समस्यापूर्तिन के कवि अरु कविता, आज के माहोल में कछू अटपटी सी लगे है । |
4HIN | सलमान जी खुर्शीद साहब जब आदमी का अन्दर का सिस्टम गड़बड़ा जाता है ,तब वह झूठा शपथ पत्र और तस्वीरें लेकर तो खड़ा हो जाता है लेकिन बैनर में यह भी नहीं देख पाता इनमें तारीख कौन सी पड़ी है . |
1BRA | एक दफै बे चलेऊ गये । |
1BRA | ऐसे निःसाधन जीवन कू भगवान कृष्ण गोकुल में प्रकट भये । |
4HIN | गुलाल का रंग है फीका फीका, औ ढोल गुमसुम अलग पड़ी है, मनेगा फागुन, जो आ के हमदम, भी फाग गाये मेरी गली में । |
0AWA | अब कसूर सरकार केरा है कि आजादी केरे साठ बरस बाद भी ऊ धौलपुर गांव मां पांचवे से आगे पढ़ै केरी व्यवस्था नाय कै पाइस । |
2MAG | उहा देखलन कि एगो बड़का गो मकान हेअऽ । |
3BHO | तब सवाल उठता केि इ कब से शुरु भईल। |
4HIN | कोरबा जमींदार दीवान कहे जाते थे । |
3BHO | बाकि हमरा इ पूछे के हवे कि जो ना हम रोपेया कमाई त तोहरा कवनो तरह के तकलीफ होई कि नाही। |
0AWA | महतिमा कैंहा ब्याना झलिनि, पानी पियाइनि तो उइ चेतन्य भे । |
1BRA | सन् 1978 में ब्रज भाषा साहित्यकार पुरस्कार मिलौ । |
0AWA | बड़ी सुन्दर बोली बानी औ गायन शैली है उनकी तौ आश्रम मैंहा भजन संध्या कैकै उनके भजन सुनि लीन जांय । |
1BRA | झूमि कें चलती तौ धरती मचका खाती । |
0AWA | लरिका स्वभाव धीरे-धीरे जाय उनहू वहे जगा अटि गे । |
2MAG | साम्राज्ञी ओकरा प्राणदंड से बचावऽ हथिन ! |
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