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4HIN | मरम अल-मसरी की कविताएँ - इस ब्लॉग की पहली सालगिरह के मौके पर आज मिलते हैं एक और अरबी कवियत्री मरम अल-मसरी से, 1962 में सीरिया में जन्मी मसरी ने दमिश्क यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहि . |
4HIN | इसी हालात पर एकवागीश जी की कवितादिल्ली की अब यही कहानी :डॉ .वागीश मेहता खरपत राजा चरपत रानी ,दिल्ली की अब यही कहानी . |
4HIN | लेकिन मेरे लिए उनकी आवाज़ का फ़ख़्र मेरा सबसे बड़ा ईनाम है । |
4HIN | नया सालएक नई आशानई उम्मीद जगाता हुआकलेंडर के पन्नों परउतर आता हैऔर कुछ दिन तोअपने नयेपन के एहसास सेकुछ तो अलग रंग दिखाता है . |
4HIN | किन्तु वार्तालापों में भारत को बार बार उलझाकर उसने आज तक जो शक्ति अर्जित कर ली है , वह आज सबके सम्मुख है । |
4HIN | आपको वहां कार्टूनिस्ट इरफान की कूची से कॉमनवेल्थ गेम्स की गफ़लत, भ्रष्टाचार, सरकारी काहिली का हर रंग देखने को .बी.बी.सी. को यह क्या हो गया . |
3BHO | भइल इ ह की आजु बिहाने-बिहाने घनेसर सुकुल रमेसर काका की दुआरे पर आ के बइठि गइने हँ। |
2MAG | उहां बाज के बैइठा देलन कि एक्को बगुला कहीं भागे न पावे । |
2MAG | फिन राजा के बेटी बोललक - सुतल हऽ कि जागल ह भइया जी बढ़ैता-डोमवा के पुत्ता केंबाड़ी मोरा काटइत हेंअऽ । |
4HIN | आलू प्याज का तो पता नही कि यह नाम कैसे किसने रखे . |
2MAG | ओकरा में बाबन गली तिरपन बजार हल । |
1BRA | पढ़बे के दिनान में मैं साँस्कृतिक अरू साहित्यक कार्यक्रमन में भाग लैंतौ । |
4HIN | स्विस बैंकों में क़ैद करो मत, तुम भारत माता की अस्मत, उठ जायेगा एक सुनामी, भीगा गर माँ आँखों का कोर . |
1BRA | अरधस आरती स्तुति अरु लागुरिआ गाइ - गाइ भगत अपुने मनौभाव दरसायौ करे है । |
4HIN | मेरे बरसने का, वरना सैलाब तो क्या, यूँ हमने, . |
4HIN | इस ब्लॉग को हमने अपने जन्मदिन १९ सितम्बर २०१० को शुरू किया है । |
2MAG | ई सब सुन के राजा घोड़ा पर सवार हो के गभिया के खोजे निकललन । |
0AWA | सब सुख निरखत चले जांय । |
0AWA | जैसे कसाई बकरा केर । |
1BRA | घड़ान की तो सामत ही आय गई । |
3BHO | देश में मजहब बदलले लोगन के बहुतायतो बा. |
0AWA | भीखू सबके जानवर उनके घर मां करियाय के आपनि बकरी लै के घरेक रस्ता लिहिस । |
3BHO | हमरा ई ना बुझात रहे कि आज मेहरारूअन के अतना भीड़ काहे बा? |
0AWA | लड़का बच्चा ऐधर उधर मारे-मारे बौड़ियांय । |
2MAG | ऊ सब कुछ मत बक, जे तोर दिमाग में आवऽ हउ । |
1BRA | मुख को बताय पुनि पेट को बतावत है, ~ और झुकि रोवे योंहि जीवन गुमायी है । |
0AWA | वाला गाना चालू हुइगा रहै । |
2MAG | एने लाल के पेसाब लगल तो एनही रह गेलन । |
4HIN | राज फिल्म से ये गीत है . |
1BRA | भाषा पूरी तरियाँ मथुरा अंचर कीयैं । |
4HIN | इत्तेफाक़ इसलिए क्योंकि यहाँ आज भी ईसाई धर्मावलंबी काफ़ी सीमित सी तादाद म . |
2MAG | ” एतना कह के छोटका लइका परदेस चल गेल तब रानी रोज लइकन से गंगारप्ट मैंगावथ । |
4HIN | सावन की इस सुबह - सावन की इस सुबह चुपके से यादों में बोलो तुम क्यों आये ? |
0AWA | अइसी डाक्टर - बतायेसि - ‘ किस्मत अच्छी है चन्दावती की , साफ बचि गयीं । |
3BHO | मलकीनी नइखी का गांवे ? |
1BRA | जवलौं बूढी बाबू नहीं पुजै तब लौं काऊ की व्याह ज्यौनार सम्पन्न नहीं है सर्क । |
1BRA | साक्षात्कार श्री हीरालाल जी सौं आप नै ब्रजभाषा साहित्य में कब लिखिवी प्रारम्भ करी ? |
0AWA | हुंआ भूत प्रेत और चुड़ैले मड़रावा करती हैं । |
2MAG | गाछ-बिरीछ कब कट गेल, कहना मोसकिल हे । |
2MAG | ऊ बखत हम अपन अपराधपूर्ण शरारत के एतना कम महत्त्व दे हलिअइ कि गिरजाघर से गाड़ी में रवाना होला पर हमरा नीन आ गेलइ आउ दोसरा दिन सुबह में हमर नीन टुटलइ, जब हम तेसरा स्टेशन पहुँच चुकलिए हल । |
3BHO | तब उनकरा बुझाईल कि काहे कुछ दिन से बम्बई में उनकर मन घबरात रहे , जईसे उनकरा मालूम रहे केि किशोर ना आई। |
2MAG | पिताजी के झुर्री से भरल चेहरा पर अद्भुत साहस के सजीवता हलइ, आँख उज्जर भौंह के निच्चे से भयंकर रूप से चमक रहले हल । |
1BRA | पर वहां कोई नाहौं । |
2MAG | बेटा कहलक कि ‘बापजान, हम जरूर ला देम । |
0AWA | हम तौ बसि अइसै कहि दिहा । |
2MAG | हमन्हीं के पकड़ लेते जा सकऽ हइ, ऊ हमरा कहलकइ, हमन्हीं के जल्दी करे के चाही । |
3BHO | कब ले ई चान दोसरा के अंजोर से चमकी ? |
3BHO | जवन कुछ होला अंतर्राष्ट्रीय भा विश्व भर का पैमाना पर । |
2MAG | ” एगो राजा आठ एगो रानी हलन । |
4HIN | ऐसे में खबर है 1 जुलाई से पेट्रोल की कीमत 4 रुपये तक घट सकती है . |
0AWA | गुइयाँ मोरी . |
1BRA | तहाँ भगवान नै अडि २ के दान लियों है । |
0AWA | फूलमती दबी जबान ते सिवपरसाद का रोकै कि कोसिस कीन्हेसि लेकिन वह कोसिस बेकार रहै । |
1BRA | कोऊ अध्ययन निर्णायक रूप सौं ई नाँय बता सकै कै संसोधन ,परिवर्द्धन और परिवर्तन पै ठप्पा कौन से व्यक्ति कौ लगौ और कब लगौ । |
3BHO | ऊ केने रहे ? |
2MAG | से एगो नउवा राजा से कहलक कि किला लेना कउन मोसकिल हे ? |
3BHO | जेकर सराहना उनका साथे पढ़े वाले छात्र आ विद्यालय के अध्यापक करत रहले. |
1BRA | मुसलमान की पीर पूजा ते ऊ याकौ सन्बन्ध जीर्यो जाइ है । |
1BRA | बू ई जल , बू ई हवा , बे ई अन्न के दाने । |
1BRA | याही तरह 'बू' के स्थान पै 'वह' प्रयुक्त होयगौ । |
2MAG | कुछ दिन के बाद घड़िअलवा के मन में कपट घुस गेल आउ ऊ चाहलक कि सिअरवा के खा जाऊँ । |
2MAG | उहाँ ऊ देखऽ हथ कि उनकर मेहरारू के बगल में एगो जवान मरद सूतल हे । |
3BHO | भउजी बेसमय चलि गइली। . |
4HIN | मिचली ,उबकाई ,प्रकाश (रोशनियों से घबराहट और भय )भीति ,आवाज़ का न सुहाना कमतर हुआ है . |
1BRA | साँमई फौंदी बाल बखेरे , दुलहिन के साज सिंगार कूँ नौंचि फारि कें चंड़ी कौ रुप बनाय कें छति पै ठाड़ी है कैं चिल्लाय रही - थोरी देर पैलैं जो कुंदकली सी कमनीय , चंपक लता सी सुकुमारी , उरबसी अरु मैंनका कूँ मात देबै बारी सजी धजी रुपसी दुलहिन बनी मात्र तेरह बरस की अतुल सुन्दरी नयनाभिराम आनन्दमयी दृगन कूँ इमरत पिबाय रही हती - ... |
4HIN | पहले ही समायोजन के बाद इसका पोश्चर सुधरने लगा . |
3BHO | नूरजहाँ, शमशाद, बेगम, मो रफ़ी,किशोर कुमार, लतामंगेशकर, मन्ना डे, महेंद्र कपूर आदि से लेके सुदेश भोंसले, उदित नारायण, अलका याग्निक, सुखविंदर सिंह, सुनिधि चौहान, शाल्मली खोलगड़े आदि तक। |
1BRA | जो कछू दियौ सो राजी हैकें लै गयौ । |
1BRA | जैसे - ग्यासीराम - जग्य 16 . |
0AWA | पढ़ति-लिखति दिन खसकै लागि । |
4HIN | आख़िर राइटिंग और कुकिंग, दोनों में महारत हासिल करने में क्या बुराई है ? |
3BHO | अब कुछो मत पूछीं। |
2MAG | आ तुरते बाद हम सोचऽ हूँ, हमर खुद्दे कइसन हालत हके । |
4HIN | जवानी के साथ कुछ जातीय स्वछंदता भी देखी जा सकती है . |
3BHO | कहलन कि अदालत पालितिकली करेक्ट फैसला देबे के कोशिश मत करो। |
4HIN | पक्षपात पूर्ण है यह अवधारणा की लड़कियों का प्रदर्शन गणित में अच्छा नहीं होता . |
1BRA | जहां इनकौ भक्ति सौं परिपूरित हृदय भावन की गहराई में उतरबै लगै है , तौ बिनकौ सरूप भक्त कबीन ते कछु कम ना दीसै । |
4HIN | वे लगातार मेरा उत्साह -वर्द्धन करती रहती हैं . |
2MAG | हमरा इ बूझ बुझले न पार लग रहल हल । |
3BHO | बीरा देरी ले मुस्कियात रहुवन . |
4HIN | मूलतय: हम एक सदमा देखभाल केंद्र हैं . |
4HIN | कथा चक्रसाहित्य सागर का जून अंक - पत्रिका: साहित्य सागर, अंक: जून 2011, स्वरूप: मासिक, संपादक: कमलकांत सक्सेना, पृष्ठ: 52, मूल्य: 20रू (वार्षिक: 240 रू .), ई मेल: , ,वेबसाईट: उपलब्ध नहीं, फो . |
3BHO | मन में भए दूर करेला हम एग्यारह हाली हनुमान चालीसा के पाठ कईनि। |
2MAG | ई सुन के गुलम पीरसिंह के माय आउ नाना - नानी सब रोवे लगलन । |
0AWA | गाय तौ ममता केर साच्छात प्रतिभा है । |
4HIN | वे अपनी इस्लामिक उद्देश्य में जुट जाते है, अपना नाम राजू, टामी, कामी, बबलू इत्यादि रख लेते है हाथ में रक्षा सूत्र जैसा कुछ बाध लेते है जिससे पता ही नहीं चलता कि ये हिन्दू है या मुसलमान, चाहे केरल हो या कोई अन्य प्रदेश सभी जगह सामान तरीके से लव जेहाद चलाया जा रहा है प्रति वर्ष एक लाख हिन्दू लडकियों को फसाकर बिबाह के माध... |
1BRA | सच मानौ , बाजे वाजै कौ तौ परीन खून बढ़िगौ । |
2MAG | अजगर दुनों के ठहरे ला कहलक बाकि ओहनी न ठहर सकलन । |
0AWA | फगुई केरी तैयारी मनई करति रहैं । |
1BRA | डा. शर्मा की सबते बडी देन ब्रजबानी कूँ गद्य के छेत्र में एक सम्पन्न भाषा के रूप में स्थापित करबे की रहीं है । |
1BRA | 4. तुम आऔगे । |
4HIN | ” प्रिया का मन फिर काम में नहीं लगा । |
2MAG | ई से रोसादी ला अदमी जाइत हे । |
0AWA | का भाई तुलसीदास ? |
0AWA | अच्छा नन्ददास बेटा यू तौ बताओ कि तुमारि साथी ई तुलसीदास अत्ते जवानि जहानि औ सुदर्शन देंही दशा वाले हैं तौ इनका विवाह भवा कि नाई ? |
4HIN | फ़िर एक दिन विनी के दादा-दादी , बुआ , नाना-नानी , मामा , की मर्जी से विनी के पिता व माँ की शादी हो गईसब बहुत ही खुश थे ----परिवार , रिश्तेदार , समाज | |
1BRA | हमारी गारी प्रेम भरी’ बारौठी के समै पै बेटावारे की कछू न कछू कसरि निकारिबे की या गारी में कैसौ मीठी उरहानौ है - 'साजन की पौर । |
3BHO | सगे-संबंधी, घर-परिवार, गाँव-गड़ा, जवार-पथार के लोग इनके आजादे बाबू कहे अउर आजाद बाबू के पुकारि के, आजाद बाबू के इयाद क के अपना के धनि समझि ले, गर्व से आपन छतिया फुला ले। |
3BHO | नेता काका, ओ नेता के देखले रहने। |
3BHO | ई आयोजन सब अतना गलैमरस यानीदेखनउक आ शोभनउक भइल कि खूब मिडिया कवरेज मिलल । |
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