Source: EURLEX
Language: es
Format: md

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| 26.7.2016 | ES | Diario Oficial de la Unión Europea | C 272/1 |

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COMUNICACIÓN DE LA COMISIÓN

«Guía azul» sobre la aplicación de la normativa europea relativa a los productos

(Texto pertinente a efectos del EEE)

(2016/C 272/01)

ÍNDICE

PREFACIO

AVISO IMPORTANTE

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| 1. | REGULACIÓN DE LA LIBRE CIRCULACIÓN DE MERCANCÍAS | 5 |

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| 1.1. | Una perspectiva histórica | 5 |

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| 1.1.1. | «El Antiguo Enfoque» | 6 |

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| 1.1.2. | Reconocimiento mutuo | 7 |

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| 1.1.3. | «El Nuevo Enfoque» y «el Enfoque Global» | 7 |

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| 1.2. | «El Nuevo Marco Legislativo» | 9 |

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| 1.2.1. | El concepto | 9 |

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| 1.2.2. | La naturaleza jurídica de los actos del NML y su relación con otra legislación de la UE | 10 |

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| 1.2.3. | Cómo encaja el sistema | 11 |

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| 1.3. | La Directiva sobre la seguridad general de los productos | 12 |

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| 1.4. | La legislación sobre responsabilidad por los productos | 12 |

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| 1.5. | Ámbito de aplicación de la Guía | 13 |

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| 2. | ¿CUÁNDO ES DE APLICACIÓN LA LEGISLACIÓN DE ARMONIZACIÓN SOBRE PRODUCTOS DE LA UNIÓN EUROPEA? | 15 |

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| 2.1. | Productos afectados | 15 |

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| 2.2. | Comercialización | 17 |

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| 2.3. | Introducción en el mercado | 18 |

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| 2.4. | Productos importados desde países no pertenecientes a la UE | 20 |

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| 2.5. | Puesta en servicio o uso (e instalación) | 21 |

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| 2.6. | Aplicación simultánea de los actos de armonización de la Unión | 22 |

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| 2.7. | Uso previsto/uso indebido | 23 |

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| 2.8. | Aplicación geográfica (Estados del EEE y la AELC, países y territorios de ultramar o PTU y Turquía) | 24 |

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| 2.8.1. | Estados miembros y países y territorios de ultramar | 24 |

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| 2.8.2. | Estados del EEE y la AELC | 25 |

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| 2.8.3. | Mónaco, San Marino y Andorra | 25 |

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| 2.8.4. | Turquía | 26 |

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| 2.9. | Períodos transitorios en el caso de normas de la UE nuevas o revisadas | 27 |

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| 2.10. | Disposiciones transitorias para la Declaración UE de conformidad como resultado de la armonización con la Decisión n.o 768/2008/CE | 27 |

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| 3. | LOS AGENTES DE LA CADENA DE SUMINISTRO DE PRODUCTOS Y SUS OBLIGACIONES | 28 |

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| 3.1. | El fabricante | 28 |

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| 3.2. | El representante autorizado | 32 |

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| 3.3. | El importador | 33 |

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| 3.4. | El distribuidor | 34 |

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| 3.5. | Otros intermediarios: Los prestadores de servicios intermediarios contemplados en la Directiva sobre el comercio electrónico | 37 |

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| 3.6. | El usuario final | 38 |

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| 4. | REQUISITOS DEL PRODUCTO | 39 |

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| 4.1. | Requisitos esenciales del producto | 39 |

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| 4.1.1. | Definición de requisito esencial | 39 |

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| 4.1.2. | Cumplimiento de los requisitos esenciales: Normas armonizadas | 40 |

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| 4.1.3. | Cumplimiento de los requisitos esenciales: Otras posibilidades | 51 |

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| 4.2. | Requisitos en materia de trazabilidad | 51 |

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| 4.2.1. | ¿Por qué es importante la trazabilidad? | 52 |

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| 4.2.2. | Disposiciones sobre trazabilidad | 52 |

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| 4.3. | Documentación técnica | 56 |

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| 4.4. | Declaración UE de conformidad | 57 |

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| 4.5. | Requisitos en materia de marcado | 58 |

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| 4.5.1. | Marcado CE | 58 |

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| 4.5.2. | Otros marcados obligatorios | 64 |

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| 5. | EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD | 65 |

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| 5.1. | Módulos de evaluación de la conformidad | 65 |

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| 5.1.1. | ¿Qué es la evaluación de la conformidad? | 65 |

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| 5.1.2. | La estructura modular de la evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión | 65 |

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| 5.1.3. | Agentes de la evaluación de la conformidad. Posicionamiento de la evaluación de la conformidad en la cadena de suministro | 66 |

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| 5.1.4. | LOS Módulos y sus variantes | 69 |

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| 5.1.5. | Procedimientos de uno y dos módulos. Procedimientos por tipo (examen UE de tipo) | 69 |

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| 5.1.6. | Módulos basados en la garantía de la calidad | 70 |

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| 5.1.7. | Resumen de los módulos | 70 |

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| 5.1.8. | Resumen de los procedimientos | 73 |

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| 5.1.9. | Justificación para seleccionar los módulos apropiados | 74 |

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| 5.2. | Organismos de evaluación de la conformidad | 75 |

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| 5.2.1. | Organismos de evaluación de la conformidad y organismos notificados | 75 |

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| 5.2.2. | Funciones y responsabilidades | 76 |

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| 5.2.3. | Competencias de los organismos notificados | 78 |

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| 5.2.4. | Coordinación entre organismos notificados | 79 |

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| 5.2.5. | Subcontratación por parte de organismos notificados | 79 |

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| 5.2.6. | Organismos internos acreditados | 81 |

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| 5.3. | Notificación | 81 |

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| 5.3.1. | Autoridades de notificación | 81 |

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| 5.3.2. | Proceso de notificación | 82 |

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| 5.3.3. | Publicación por parte de la Comisión: sitio web del sistema NANDO | 85 |

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| 5.3.4. | Seguimiento de las competencias de los organismos modificados; suspensión, retirada y apelación | 86 |

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| 6. | ACREDITACIÓN | 87 |

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| 6.1. | ¿Por qué la acreditación? | 87 |

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| 6.2. | ¿Qué es la acreditación? | 88 |

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| 6.3. | Alcance de la acreditación | 89 |

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| 6.4. | Acreditación de la conformidad con el Reglamento (CE) n.o 765/2008 | 89 |

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| 6.4.1. | Organismos nacionales de acreditación | 90 |

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| 6.4.2. | Carácter no competitivo y no comercial de los organismos nacionales de acreditación | 91 |

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| 6.5. | La infraestructura europea de acreditación | 92 |

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| 6.5.1. | Planes sectoriales de acreditación | 92 |

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| 6.5.2. | Evaluación por pares | 92 |

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| 6.5.3. | Presunción de conformidad para los organismos nacionales de acreditación | 93 |

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| 6.5.4. | La EA (Cooperación Europea para la Acreditación) y sus funciones de apoyo y armonización de las prácticas de acreditación en Europa | 93 |

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| 6.6. | La acreditación transfronteriza | 93 |

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| 6.7. | Acreditación en el contexto internacional | 95 |

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| 6.7.1. | Cooperación entre organismos de acreditación | 95 |

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| 6.7.2. | La incidencia de las relaciones comerciales en el ámbito de la evaluación de la conformidad entre la UE y terceros países | 96 |

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| 7. | VIGILANCIA DEL MERCADO | 97 |

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| 7.1. | ¿Por qué es necesaria la vigilancia del mercado? | 98 |

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| 7.2. | Controles de las autoridades de vigilancia del mercado | 99 |

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| 7.3. | Control aduanero de los productos de terceros países | 101 |

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| 7.4. | Responsabilidades de los Estados miembros | 103 |

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| 7.4.1. | Infraestructuras nacionales | 103 |

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| 7.4.2. | Programas nacionales de vigilancia del mercado (PNVM) y revisión de las actividades | 104 |

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| 7.4.3. | Información a los ciudadanos | 105 |

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| 7.4.4. | Procedimientos de vigilancia del mercado | 105 |

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| 7.4.5. | Medidas correctoras: prohibiciones, retiradas, devoluciones | 107 |

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| 7.4.6. | Sanciones | 108 |

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| 7.5. | Cooperación entre los Estados miembros y la Comisión Europea | 108 |

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| 7.5.1. | Mecanismos de salvaguardia | 109 |

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| 7.5.2. | Aplicación paso a paso de los mecanismos de salvaguardia | 110 |

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| 7.5.3. | Asistencia mutua, cooperación administrativa e intercambio de información entre Estados miembros | 112 |

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| 7.5.4. | Sistema de Alerta Rápida para productos no alimentarios que plantean riesgos | 114 |

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| 7.5.5. | Sistema ICSMS | 115 |

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| 7.5.6. | Productos sanitarios: sistema de vigilancia | 117 |

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| 8. | LIBRE CIRCULACIÓN DE PRODUCTOS DENTRO DE LA UE | 117 |

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| 8.1. | Cláusula de libre circulación | 117 |

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| 8.2. | Límites y restricciones | 118 |

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| 9. | ASPECTOS INTERNACIONALES DE LA LEGISLACIÓN DE LA UE SOBRE LOS PRODUCTOS | 118 |

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| 9.1. | Acuerdos sobre Evaluación de la Conformidad y Aceptación de Productos Industriales (AECA) | 118 |

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| 9.2. | Acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) | 119 |

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| 9.2.1. | Características principales | 119 |

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| 9.2.2. | ARM entre la UE y Suiza | 120 |

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| 9.2.3. | Estados del EEE y la AELC: Acuerdos de reconocimiento mutuo y acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación | 121 |

ANEXOS

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| ANEXO I — | Legislación de la UE mencionada en la Guía (lista no exhaustiva) | 122 |

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| ANEXO II — | Documentos de orientación adicionales | 127 |

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| ANEXO III — | Direcciones web de utilidad | 129 |

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| ANEXO IV — | Procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos de la Decisión n.o 768/2008/CE) | 130 |

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| ANEXO V — | Relación entre la ISO 9001 y los módulos que requieren un sistema de garantía de la calidad | 140 |

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| ANEXO VI — | Uso de normas armonizadas para evaluar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad | 142 |

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| ANEXO VII — | Preguntas frecuentes sobre el marcado CE | 147 |

PREFACIO

La Guía sobre la aplicación de las directivas basadas en el Nuevo Enfoque y el Enfoque Global («la Guía azul») fue publicada en 2000. Desde entonces, se ha convertido en uno de los principales documentos de referencia que explican cómo aplicar la legislación basada en el nuevo enfoque, ahora regulado por el Nuevo Marco Legislativo (NML).

La edición de 2000 de la «Guía azul» sigue siendo válida en su mayor parte, pero debe ser actualizada para abarcar nuevos avances y para garantizar una comprensión común lo más amplia posible de la aplicación del NML para la comercialización de productos. Asimismo, es necesario tener en cuenta los cambios introducidos por el Tratado de Lisboa (vigente desde el 1 de diciembre de 2009) en lo que respecta a las referencias y la terminología jurídicas aplicables a los documentos, procedimientos, etc. relativos a la UE.

Por tanto, esta nueva versión de la guía se basará en la edición anterior, si bien incluirá capítulos nuevos, por ejemplo sobre las obligaciones de los agentes económicos o acerca de la acreditación, o bien capítulos totalmente revisados como los dedicados a la normalización o la vigilancia del mercado. La guía también ha recibido un título nuevo que refleja el hecho de que probablemente el NML será utilizado, al menos en parte, por todos los tipos de legislación de armonización de la Unión y no solamente por las denominadas directivas de «Nuevo Enfoque».

AVISO IMPORTANTE

Esta guía pretende contribuir a una mejor comprensión de las normas de producto de la UE y a una aplicación más uniforme y coherente de estas en los diferentes sectores y en todo el mercado único. Va dirigida a los Estados miembros y a otros destinatarios que necesitan estar informados sobre las disposiciones diseñadas para garantizar la libre circulación de productos, así como un alto grado de protección en la Unión (por ejemplo, asociaciones de comercio y de consumidores, organismos de normalización, fabricantes, importadores, distribuidores, organismos de evaluación de la conformidad y sindicatos).

Está concebida como un mero documento de orientación; solamente el texto de los propios actos de armonización de la Unión tiene validez jurídica. En determinados casos, pueden registrarse diferencias entre las disposiciones de un acto de armonización de la Unión y el contenido de esta guía, en especial cuando en esta guía no es posible describir pormenorizadamente disposiciones ligeramente divergentes de un acto individual de armonización de la Unión. La interpretación vinculante de la legislación de la UE es competencia exclusiva del Tribunal de Justicia de la Unión Europea. Las opiniones expresadas en esta guía no pueden prejuzgar la postura que la Comisión podría adoptar ante el Tribunal de Justicia. Ni la Comisión Europea ni cualquier persona que actúe en su nombre serán responsables del uso que pudiera hacerse de esta información.

Esta guía es de aplicación a los Estados miembros de la UE, pero también a Islandia, Liechtenstein y Noruega como signatarios del Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo (EEE), así como a Turquía en determinados casos. En consecuencia, las referencias a la Unión o al mercado único deben ser interpretadas como referidas al EEE, o al mercado del EEE.

Dado que esta guía refleja la situación en el momento de ser redactada, la orientación que ofrece puede ser objeto de una modificación posterior[(1)](#ntr1-C_2016272ES.01000101-E0001). En particular, existen reflexiones en curso en relación con varios aspectos del marco jurídico de la Unión aplicable a las ventas en línea y la presente guía se entiende sin perjuicio de interpretaciones y directrices específicas futuras que puedan adoptarse al respecto.

1.   REGULACIÓN DE LA LIBRE CIRCULACIÓN DE MERCANCÍAS

1.1.   UNA PERSPECTIVA HISTÓRICA

Los objetivos de las primeras directivas de armonización se centraron en la supresión de barreras y en la libre circulación de mercancías en el mercado único. Estos objetivos están siendo completados por una política integral dirigida a garantizar que únicamente los productos seguros y por lo demás conformes podrán llegar al mercado, de tal manera que los agentes económicos honestos puedan beneficiarse de unas condiciones de competencia equitativas, lo que al mismo tiempo promoverá una protección eficaz de los consumidores y los usuarios profesionales de la UE, así como un mercado único europeo competitivo.

Las políticas y las técnicas legislativas han evolucionado a lo largo de los últimos 40 años de integración europea, especialmente en el ámbito de la libre circulación de mercancías, contribuyendo así al éxito del actual Mercado Único.

Históricamente, la legislación de la UE relativa a las mercancías ha progresado a través de cuatro fases principales:

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| — | el enfoque tradicional o «Antiguo Enfoque» con textos detallados que contienen todos los requisitos técnicos y administrativos necesarios, |

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| — | «el Nuevo Enfoque» desarrollado en 1985 que limitaba el contenido de la legislación a «los requisitos esenciales», dejando los detalles técnicos a las normas europeas armonizadas. Por su parte, esto condujo al desarrollo de la política de normalización europea para respaldar esta legislación, |

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| — | el desarrollo de los instrumentos de evaluación de la conformidad que se hicieron necesarios por la aplicación de los diversos actos de armonización de la Unión, tanto de nuevo enfoque como de antiguo enfoque, |

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| — | «el Nuevo Marco Legislativo»[(2)](#ntr2-C_2016272ES.01000101-E0002) adoptado en julio de 2008, que se basaba en el nuevo enfoque y que completaba al marco legislativo general con todos los elementos necesarios para una evaluación de la conformidad, una acreditación y una vigilancia del mercado eficaces, incluido el control de los productos procedentes de fuera de la Unión. |

1.1.1.   
«EL ANTIGUO ENFOQUE»

El Antiguo Enfoque reflejaba el modo tradicional en que las autoridades nacionales elaboraban la legislación técnica de manera pormenorizada, lo que habitualmente se debía a la falta de confianza en el rigor de los agentes económicos acerca de cuestiones de salud y seguridad públicas. En determinados sectores (por ejemplo, la metrología legal) esto incluso llevó a que las autoridades públicas expidiesen certificados de conformidad por sí mismas. La unanimidad requerida en este ámbito hasta 1986 hizo que la adopción de esta legislación fuese muy compleja, y el recurso continuado a esta técnica en varios sectores a menudo se justificaba por razones de política pública (por ejemplo, legislación alimentaria) o por tradiciones y/o acuerdos internacionales que no podían ser modificados de manera unilateral (por ejemplo, la legislación en materia de automóviles, o nuevamente la relacionada con los alimentos).

El primer intento de superar esta situación llegó con la adopción, el 28 de marzo de 1983, de la Directiva 83/189/CEE[(3)](#ntr3-C_2016272ES.01000101-E0003) por la que se instauraba un procedimiento de información entre los Estados miembros y la Comisión para impedir la creación de nuevos obstáculos técnicos para la libre circulación de mercancías cuya corrección a través del proceso de armonización hubiera exigido mucho tiempo.

En virtud de esa Directiva, los Estados miembros estaban obligados a notificar los proyectos de normativas técnicas nacionales a otros Estados miembros y a la Comisión [y los organismos nacionales de normalización (ONN) estaban obligados a notificar los proyectos de normas nacionales[(4)](#ntr4-C_2016272ES.01000101-E0004) a la Comisión, a las organizaciones europeas de normalización (OEN) y a otros organismos nacionales de normalización]. Durante un período de mantenimiento del statu quo, estas normativas técnicas no pueden ser adoptadas, lo que deja a Comisión y a los demás Estados miembros la posibilidad de reaccionar. En ausencia de reacciones dentro del período de mantenimiento del statu quo inicial de tres meses, pueden ser adoptados los proyectos de normativas técnicas. Pero si se formulan objeciones, se impondrá un mantenimiento del statu quo de otros tres meses.

El período de mantenimiento del statu quo es de 12 meses si en el ámbito afectado existe una propuesta de acto de armonización de la Unión. Sin embargo, el período de mantenimiento del statu quo no es de aplicación cuando un Estado miembro está obligado a introducir normativas técnicas de manera urgente para proteger la salud o la seguridad pública, los animales o las plantas.

1.1.2.   
RECONOCIMIENTO MUTUO

Junto a las iniciativas legislativas para impedir nuevos obstáculos y para promover la libre circulación de mercancías, también se busca la aplicación sistemática del principio de reconocimiento mutuo consagrado en el Derecho de la UE. Las normativas técnicas nacionales están sujetas a las disposiciones de los artículos 34 a 36 del Tratado de Funcionamiento de la Unión Europea (TFUE), que prohíbe las restricciones o medidas cuantitativas con un efecto similar. La jurisprudencia del Tribunal de Justicia de la Unión Europea, especialmente el asunto 120/78 [el asunto «Cassis de Dijon»[(5)](#ntr5-C_2016272ES.01000101-E0005)], proporciona los elementos claves para el reconocimiento mutuo. El efecto de esta jurisprudencia es el siguiente.

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| — | Los productos fabricados o comercializados legalmente en un Estado miembro en principio deben circular libremente por toda la Unión cuando dichos productos cumplen niveles de protección equivalentes a los impuestos por el Estado miembro de destino. |

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| — | En ausencia de legislación de armonización de la Unión, los Estados miembros tienen libertad para legislar en su territorio con arreglo a las normas del Tratado sobre libre circulación de mercancías (artículos 34 a 36 del TFUE). |

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| — | Los obstáculos para la libre circulación que se deriven de las diferencias entre legislaciones nacionales solamente pueden ser aceptados si las medidas nacionales:   |  |  | | --- | --- | | — | son necesarias para cumplir los requisitos obligatorios (como la salud, la seguridad, la protección del consumidor y la protección del medio ambiente), |  |  |  | | --- | --- | | — | tienen un objetivo legítimo que justifica la anulación del principio de libre circulación de mercancías, y |  |  |  | | --- | --- | | — | pueden ser motivadas en relación con el propósito legítimo y son proporcionales a los objetivos. | |

Para ayudar a aplicar estos principios, el Parlamento Europeo y el Consejo adoptaron, en el paquete sobre mercancías de 2008, el Reglamento (CE) n.o 764/2008, de 9 de julio de 2008, por el que se establecen procedimientos relativos a la aplicación de determinadas normas técnicas nacionales a los productos comercializados legalmente en otro Estado miembro, y por el que se deroga la Decisión n.o 3052/95/CE[(6)](#ntr6-C_2016272ES.01000101-E0006).

No obstante, pese a su gran contribución a la libre circulación de mercancías dentro del mercado único, el principio de reconocimiento mutuo no puede solucionar todos los problemas y sigue habiendo margen, incluso actualmente según recalca el Informe Monti[(7)](#ntr7-C_2016272ES.01000101-E0007), para una mayor armonización.

1.1.3.   
«EL NUEVO ENFOQUE» Y «EL ENFOQUE GLOBAL»

El asunto relativo a Cassis de Dijon es bien conocido por su importante papel en la promoción del principio de reconocimiento mutuo, pero también ha desempeñado una función destacada en la modificación del enfoque de la EU sobre la armonización técnica, por tres motivos fundamentales:

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| — | Al establecer que los Estados miembros solamente podían justificar la prohibición o la restricción de la comercialización de productos de otros Estados miembros sobre la base del incumplimiento de los «requisitos esenciales», el Tribunal inició una reflexión sobre el contenido de la futura legislación de armonización: dado que el incumplimiento de los requisitos no esenciales no podía justificar la restricción de la comercialización de un producto, esos requisitos no esenciales ya no deben figurar en los textos de armonización de la UE. Esto abrió la puerta al nuevo enfoque y a la reflexión consiguiente sobre qué constituye un requisito esencial y cómo formularlo de tal manera que pueda demostrarse la conformidad. |

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| — | Al enunciar este principio, el Tribunal atribuyó claramente a las autoridades nacionales la responsabilidad de demostrar de qué forma los productos incumplieron los requisitos esenciales, pero también planteó la cuestión de los medios apropiados para demostrar la conformidad de manera proporcionada. |

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| — | Al señalar que los Estados miembros estaban obligados a aceptar productos de otros Estados miembros excepto en condiciones muy concretas, el Tribunal identificó un principio jurídico pero no ofreció los medios para generar la confianza en los productos que podría ayudar a las autoridades a aceptar productos que no podían avalar. Esto condujo a la necesidad de desarrollar una política sobre evaluación de la conformidad. |

El nuevo enfoque técnico legislativo aprobado por el Consejo de Ministros de 7 de mayo de 1985 en su Resolución relativa a un nuevo enfoque en materia de armonización técnica y de normalización[(8)](#ntr8-C_2016272ES.01000101-E0008) fue la consecuencia legislativa lógica del asunto Cassis de Dijon. Esta técnica legislativa estableció los siguientes principios:

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| — | La armonización legislativa debía limitarse a los requisitos esenciales (preferiblemente requisitos de rendimiento o funcionales) que los productos introducidos en el mercado de la UE deben cumplir si pretenden circular libremente dentro de la Unión. |

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| — | Las especificaciones técnicas para productos que cumplen los requisitos esenciales recogidos en la legislación deben establecerse en normas armonizadas que pueden aplicarse junto a la legislación. |

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| — | Los productos fabricados de conformidad con normas armonizadas se beneficiarán de una presunción de conformidad con los requisitos esenciales correspondientes de la legislación aplicable, y, en determinados casos, el fabricante podrá beneficiarse de un procedimiento simplificado de evaluación de la conformidad [en muchos casos la Declaración de Conformidad del fabricante, cuya aceptación resulta más fácil para las autoridades públicas debido a la existencia de la legislación sobre responsabilidad por los productos[(9)](#ntr9-C_2016272ES.01000101-E0009)]. |

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| — | La aplicación de normas armonizadas o de otras normas sigue siendo voluntaria, y el fabricante siempre puede aplicar otras especificaciones técnicas para cumplir los requisitos (si bien asumirá la responsabilidad de demostrar que esas especificaciones técnicas responden a las necesidades de los requisitos esenciales, la mayoría de las veces mediante un proceso que implica a un tercer organismo de evaluación de la conformidad). |

El funcionamiento de la legislación de armonización de la Unión en virtud del nuevo enfoque requiere que las normas armonizadas garanticen un nivel de protección en lo que respecta a los requisitos esenciales establecidos por la legislación. Esto constituye una de las principales preocupaciones de la Comisión en busca de su política para un proceso y una infraestructura de normalización europea más sólidos. El Reglamento (UE) n.o 1025/2012 relativo a la normalización europea[(10)](#ntr10-C_2016272ES.01000101-E0010) ofrece a la Comisión la posibilidad de invitar, tras la consulta con los Estados miembros, a organizaciones europeas de normalización a elaborar normas armonizadas, y establece procedimientos para evaluar y para oponerse a las normas armonizadas.

Puesto que el nuevo enfoque pide que los requisitos esenciales comunes sean obligatorios por ley, este enfoque solamente resulta apropiado cuando es posible distinguir entre requisitos esenciales y especificaciones técnicas. Por otra parte, dado que el ámbito de esta legislación está relacionado con el riesgo, la amplia gama de productos abarcada debe ser lo suficientemente homogénea para que puedan aplicarse los requisitos esenciales comunes. El ámbito del producto y los peligros asociados también deben ser aptos para la normalización.

Los principios del nuevo enfoque establecen los cimientos para la normalización europea en respaldo de la legislación de armonización de la Unión. La función de las normas armonizadas y las responsabilidades de las organizaciones europeas de normalización se definen en el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 junto con la legislación de normalización de la Unión pertinente.

El principio de confianza en las normativas técnicas también ha sido adoptado por la Organización Mundial del Comercio (OMC), que en su Acuerdo sobre obstáculos técnicos al comercio (OTC) fomenta el uso de las normas internacionales[(11)](#ntr11-C_2016272ES.01000101-E0011).

La negociación de los primeros textos de armonización de la Unión en virtud del nuevo enfoque destacó inmediatamente el hecho de que la determinación de requisitos esenciales y el desarrollo de normas armonizadas no eran suficientes para crear el grado necesario de confianza entre los Estados miembros y que debían desarrollarse instrumentos y una política de evaluación de la conformidad horizontales. Esto se hizo en paralelo a la adopción de las directivas[(12)](#ntr12-C_2016272ES.01000101-E0012).

Por consiguiente, en 1989 y 1990 el Consejo adoptó una Resolución sobre el enfoque global y la Decisión 90/683/CEE [actualizada y sustituida por la Decisión 93/465/CEE[(13)](#ntr13-C_2016272ES.01000101-E0013)] por la que se establecen las directrices generales y los procedimientos detallados para la evaluación de la conformidad. Ambas han sido derogadas y actualizadas por la Decisión n.o 768/2008/CE, de 9 de julio de 2008, sobre un marco común para la comercialización de los productos[(14)](#ntr14-C_2016272ES.01000101-E0014).

La idea central de estos instrumentos políticos era desarrollar herramientas comunes para la evaluación de la conformidad a través de las fronteras (tanto en áreas reguladas como no reguladas).

La política acerca de las normas de producto fue desarrollada en primera instancia para garantizar que las normas establecían unas especificaciones técnicas con arreglo a las cuales se debía demostrar la conformidad. No obstante, a petición de la Comisión, el CEN y el CENELEC adoptaron la serie de normas EN 45000 para determinar la competencia de terceros implicados en la evaluación de la conformidad. Desde entonces, esta serie se ha convertido en la serie de normas armonizadas EN ISO/IEC 17000. En aplicación de las directivas de nuevo enfoque, se estableció un mecanismo por el que las autoridades nacionales notificaban a qué terceros nombraban para llevar a cabo evaluaciones de la conformidad basadas en el recurso a dichas normas.

Sobre la base de la documentación ISO/IEC, el Consejo desarrolló en sus Decisiones procedimientos consolidados de evaluación de la conformidad y las normas para su selección y su uso en las directivas (los módulos). Los módulos están establecidos de manera que se favorezca su selección a partir del más ligero («control interno de la producción») para productos sencillos o productos que no plantean necesariamente riesgos graves, hasta los más integrales (garantía total de la calidad con certificado de examen UE de diseño), donde los riesgos son más extremos o los productos/las tecnologías más complejos. Con el fin de hacer frente a los procesos de fabricación modernos, los módulos prevén tanto los procesos de evaluación de la conformidad del producto como la evaluación de la gestión de la calidad, dejando al legislador la decisión de si son los más apropiados en cada sector, ya que no es necesariamente eficaz ofrecer una certificación individual para cada producto fabricado de forma masiva, por ejemplo. Para consolidar la transparencia de los módulos y su efectividad, y a petición de la Comisión, la serie de normas ISO 9001 sobre garantía de la calidad fue armonizada a escala europea e integrada en los módulos. De esta manera, los agentes económicos que utilizan estas herramientas en sus políticas voluntarias de gestión de la calidad para consolidar su imagen de calidad en el mercado, pueden beneficiarse del uso de las mismas herramientas en los sectores regulados.

Estas diferentes iniciativas pretendían consolidar directamente la evaluación de la conformidad de los productos antes de su comercialización. Junto a ellas, la Comisión, en cooperación estrecha con los Estados miembros y los organismos nacionales de acreditación, desarrollaron la cooperación europea en el campo de la acreditación con el fin de instaurar un último nivel de control y de consolidar la credibilidad de los terceros que llevan a cabo evaluaciones de la conformidad y de la garantía de la calidad de los productos. Pese a conservar su carácter de iniciativa política, más que legislativa, sin embargo resultó eficaz para crear la primera infraestructura europea en este ámbito, y para situar a los agentes europeos a la vanguardia de ese campo a escala internacional.

Estos avances hicieron que se adoptaran 27 directivas basadas en elementos de nuevo enfoque. Numéricamente hablando son menos que las directivas tradicionales en el ámbito de los productos industriales (unas 700), pero su amplio ámbito de aplicación basado en los riesgos significa que los sectores industriales se han beneficiado de la libre circulación a través de esta técnica legislativa.

1.2.   «EL NUEVO MARCO LEGISLATIVO»

1.2.1.   
EL CONCEPTO

Hacia finales de la década de los 90, la Comisión comenzó a reflexionar sobre la aplicación efectiva del nuevo enfoque. En 2002 se puso en marcha un amplio proceso de consulta y el 7 de mayo de 2003 la Comisión adoptó una Comunicación al Consejo y al Parlamento Europeo que sugería una posible revisión de determinados elementos del nuevo enfoque. A su vez esto dio pie a la Resolución del Consejo de 10 de noviembre de 2003 sobre la Comunicación de la Comisión Europea titulada «Reforzar la aplicación de las Directivas de nuevo enfoque»[(15)](#ntr15-C_2016272ES.01000101-E0015).

El consenso sobre la necesidad de actualizar y revisar era claro y fuerte. También estaba claro cuáles eran los elementos principales que requerían atención: la coherencia y la consistencia generales, el proceso de notificación, la acreditación, los procedimientos (módulos) de evaluación de la conformidad, el marcado CE y la vigilancia del mercado (incluida la revisión de los procedimientos de la cláusula de salvaguardia).

El 9 de julio de 2008, el Parlamento Europeo y el Consejo adoptaron un Reglamento y una Decisión[(16)](#ntr16-C_2016272ES.01000101-E0016) que forman parte del «Paquete Ayral sobre mercancías»[(17)](#ntr17-C_2016272ES.01000101-E0017).

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE reunieron, en el Nuevo Marco Legislativo (NML), todos los elementos requeridos para que un marco normativo integral funcionara de manera eficaz para la seguridad y la conformidad de los productos industriales con los requisitos adoptados para proteger diversos intereses públicos y para el funcionamiento adecuado del mercado único.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 estableció la base jurídica de la acreditación y la vigilancia del mercado, y consolidó el significado del marcado CE, llenando así un vacío existente. La Decisión n.o 768/2008/CE actualizó, armonizó y consolidó los diversos instrumentos técnicos ya utilizados en la legislación de armonización de la Unión existente (no solamente en las directivas de nuevo enfoque): definiciones, criterios para el nombramiento y la notificación de organismos de evaluación de la conformidad, normas para el proceso de notificación, los procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos) y las normas para su uso, los mecanismos de salvaguardia, las responsabilidades de los agentes económicos y los requisitos en materia de trazabilidad.

El NML tiene en cuenta la existencia de todos los agentes económicos en la cadena de suministro (fabricantes, representantes autorizados, distribuidores e importadores) y de sus respectivas funciones en relación con el producto. Ahora el importador tiene unas obligaciones claras en relación con la conformidad de los productos, y cuando un distribuidor o un importador modifica un producto o lo comercializa bajo su propio nombre, se convierte en el equivalente del fabricante y debe asumir las responsabilidades de este en relación con el producto.

El NML también reconoce las diferentes facetas de las responsabilidades de las autoridades nacionales: las autoridades normativas, las autoridades encargadas de la notificación, las que supervisan al organismo nacional de acreditación, las autoridades de vigilancia del mercado, las autoridades responsables del control de los productos procedentes de terceros países, etc., destacando que las responsabilidades dependen de las actividades ejercidas.

El NML ha cambiado el énfasis de la legislación de la UE en relación con el acceso al mercado. Anteriormente el lenguaje de la legislación de armonización de la Unión se concentraba en la noción de «introducción en el mercado», que es un lenguaje típico de la libre circulación de mercancías; es decir, se centra en la primera puesta a disposición de un producto en el mercado de la UE. El NML, que reconoce la existencia de un mercado interior único, hace hincapié en la comercialización del producto, por lo que concede más importancia a lo que sucede después de que el producto sea puesto a disposición por primera vez. Esto también responde a la lógica de la instauración de las disposiciones de vigilancia del mercado de la UE. La introducción del concepto de comercialización facilita el rastreo de un producto no conforme hasta su fabricante. Es importante señalar que la conformidad es evaluada con respecto a los requisitos jurídicos aplicables en el momento de la primera puesta a disposición.

El cambio más importante provocado por el NML en el entorno legislativo de la UE fue la introducción de una política integral sobre la vigilancia del mercado. Esto ha cambiado considerablemente el equilibrio de las disposiciones legislativas de la UE, de estar orientadas fundamentalmente al establecimiento de requisitos relacionados con el producto que deben cumplirse cuando los productos son introducidos en el mercado, a un énfasis igual en aspectos de observancia durante la totalidad del ciclo de vida de los productos.

1.2.2.   
LA NATURALEZA JURÍDICA DE LOS ACTOS DEL NML Y SU RELACIÓN CON OTRA LEGISLACIÓN DE LA UE

1.2.2.1.   Reglamento (CE) n.o 765/2008

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 impone unas obligaciones claras a los Estados miembros, que no deben transponer sus disposiciones (aunque puede que muchos de ellos deban adoptar medidas nacionales para adaptar su marco jurídico nacional). Sus disposiciones son directamente aplicables a los Estados miembros, a todos los agentes económicos afectados (fabricantes, distribuidores, importadores) y a los organismos de evaluación de la conformidad y los organismos de acreditación. Ahora los agentes económicos no solamente tienen obligaciones, sino derechos directos que pueden ejercer a través de los tribunales nacionales frente a autoridades y a otros agentes económicos por el incumplimiento de las disposiciones del Reglamento.

En presencia de otra legislación de la UE, el Reglamento se aplica prioritariamente: a) por ser aplicable directamente, es decir, las autoridades y los agentes económicos deben aplicar las disposiciones del Reglamento como tal (en su mayor parte, el resto de la legislación está contenido en directivas), y b) sobre la base de la norma de la lex specialis, esto es, siempre que un asunto es regulado por dos normas, se debe aplicar primero la más específica.

En ausencia de una legislación más específica acerca de las cuestiones reguladas por sus disposiciones, el Reglamento (CE) n.o 765/2008 será de aplicación al mismo tiempo, junto a, y como complemento de, la legislación existente. Cuando la legislación existente contiene disposiciones semejantes a las del Reglamento, las disposiciones correspondientes deberán ser examinadas de manera individual para determinar cuál es la más específica.

En términos generales, relativamente pocos textos legislativos de la UE contienen disposiciones relativas a la acreditación, por lo que se puede decir que el Reglamento (CE) n.o 765/2008 es de aplicación general en este ámbito. En el área de la vigilancia del mercado (incluido el control de productos procedentes de terceros países) la situación es más compleja, ya que parte de la legislación de armonización de la Unión incluye diversas disposiciones relativas a cuestiones reguladas por el Reglamento (por ejemplo, la legislación acerca de material farmacéutico y sanitario que incluye un procedimiento de información específico).

1.2.2.2.   Decisión n.o 768/2008/CE

La Decisión n.o 768/2008/CE es lo que se conoce como una decisión sui generis, lo que significa que no tiene destinatarios concretos y que por tanto no es aplicable ni directa ni indirectamente. Constituye un compromiso político por parte de las tres instituciones de la UE: el Parlamento Europeo, el Consejo y la Comisión.

Esto significa que para que sus disposiciones sean de aplicación en el Derecho de la Unión, deben ser mencionadas expresamente (expressis verbis) en la futura legislación, o bien deben integrarse en ella.

Las tres instituciones se han comprometido efectivamente a adherirse al Reglamento y a recurrir tan sistemáticamente como resulte posible a sus disposiciones cuando elaboren legislación relacionada con productos. En consecuencia, las futuras propuestas pertinentes serán examinadas a la luz de la Decisión, y las desviaciones de su contenido serán debidamente motivadas.

1.2.3.   
CÓMO ENCAJA EL SISTEMA

La evolución de las técnicas legislativas de la UE en este ámbito ha sido progresiva, abordando una cuestión tras otra, si bien a veces en paralelo, culminando en la adopción del Nuevo Marco Legislativo: requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos, normas del producto y reglas para la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, así como para la acreditación, normas para la gestión de la calidad, procedimientos de evaluación de la conformidad, marcado CE, política de acreditación, y recientemente política de vigilancia del mercado, que incluye el control de productos de terceros países.

El Nuevo Marco Legislativo constituye ahora un sistema completo que reúne todos los elementos diferentes con los que se debe tratar en la legislación sobre seguridad del producto en un instrumento legislativo coherente e integral que puede ser usado de manera generalizada en todos los sectores industriales, e incluso más allá (las políticas ambientales y sanitarias también han recurrido a varios de estos elementos), siempre que sea necesaria la legislación de la UE.

En este sistema, la legislación debe establecer los grados de los objetivos de protección pública de los productos afectados, así como las características de seguridad básicas, debe establecer las obligaciones y los requisitos para los agentes económicos, así como, de ser necesario, el nivel de competencia de los organismos de evaluación de la conformidad de terceros que evalúan productos o sistemas de gestión de la calidad, así como los mecanismos de control para esos organismos (notificación y acreditación), debe determinar cuáles son los procesos de evaluación de la conformidad apropiados (módulos que también incluyen la declaración de conformidad del fabricante) para su aplicación, y finalmente debe imponer los mecanismos de vigilancia del mercado adecuados (internos y externos) para garantizar que todos los instrumentos legislativos funcionan de manera eficaz y continua.

Todos estos elementos diferentes están interrelacionados, funcionan juntos y son complementarios, formando una cadena de calidad[(18)](#ntr18-C_2016272ES.01000101-E0018) de la UE. La calidad del producto depende de la calidad de fabricación, que en muchos casos se ve afectada por la calidad de los ensayos, internos o llevados a cabo por organismos externos, que depende de la calidad de los procesos de evaluación de la conformidad, que depende de la calidad de los organismos que a su vez depende de la calidad de sus controles, dependiente de la calidad de la notificación o la acreditación. El sistema en su conjunto depende de la calidad de la vigilancia del mercado y de los controles de los productos procedentes de terceros países.

Todos deben ser tratados de una u otra manera en algún texto legislativo sobre seguridad de los productos en la UE. Si un elemento se perdiera o mostrara debilidad, la solidez y la efectividad de toda la «cadena de calidad» quedarían en entredicho.

1.3.   LA DIRECTIVA SOBRE LA SEGURIDAD GENERAL DE LOS PRODUCTOS

La Directiva 2001/95/CE[(19)](#ntr19-C_2016272ES.01000101-E0019) relativa a la seguridad general de los productos (DSGP) pretende garantizar un alto nivel de seguridad de los productos en toda la UE para los productos de consumo que no están contemplados por la legislación de armonización de la Unión específica de cada sector. La DSGP también complementa las disposiciones de la legislación sectorial en algunos aspectos. La disposición clave de la DSGP es que los productores están obligados a introducir en el mercado solamente productos que sean seguros para los consumidores[(20)](#ntr20-C_2016272ES.01000101-E0020). La DSGP contiene asimismo disposiciones de vigilancia del mercado dirigidas a garantizar un elevado nivel de protección de la salud y la seguridad de los consumidores.

La DSGP ha introducido RAPEX, el Sistema de Alerta Rápida para productos peligrosos no alimentarios utilizado entre los Estados miembros y la Comisión. El Sistema de Alerta Rápida garantiza que las autoridades pertinentes reciben información rápidamente acerca de los productos peligrosos. En determinadas condiciones, las notificaciones del Sistema de Alerta Rápida también pueden intercambiarse con países no pertenecientes a la UE. En el caso de productos que presentan riesgos graves para la salud y la seguridad de los consumidores en varios Estados miembros, la DSGP contempla la posibilidad de que la Comisión adopte decisiones provisionales relativas a medidas para toda la Unión, las denominadas «medidas de emergencia». En determinadas circunstancias, la Comisión puede adoptar una Decisión formal (válida durante un año y renovable por un período igual) que exija a los Estados miembros limitar o impedir la comercialización de un producto que entrañe un riesgo grave para la salud y la seguridad de los consumidores. Posteriormente, el Reglamento (CE) n.o 765/2008 amplió el Sistema de Alerta Rápida a fin de que fuera aplicable a todos los productos industriales armonizados, independientemente del usuario final (es decir, productos de uso profesional) y a los productos que supusieran un riesgo para otros intereses protegidos distintos de la salud y la seguridad, por ejemplo, riesgos para el medio ambiente.

1.4.   LA LEGISLACIÓN SOBRE RESPONSABILIDAD POR LOS PRODUCTOS

El concepto de fabricante según la legislación de armonización de la Unión configurada por el Nuevo Marco Legislativo es diferente del existente en virtud de la Directiva 85/374/CEE[(21)](#ntr21-C_2016272ES.01000101-E0021) sobre responsabilidad por los daños causados por productos defectuosos. En este último caso, el concepto de «productor»[(22)](#ntr22-C_2016272ES.01000101-E0022) abarca a más personas diferentes que el concepto de «fabricante» en virtud del Nuevo Marco Legislativo.

Se pueden emprender acciones jurídicas o administrativas contra cualquier persona de la cadena de suministro o de distribución que pueda ser considerada responsable de producto no conforme. En especial, esto puede suceder cuando el productor está establecido fuera de la Unión. La Directiva relativa a la responsabilidad de los productos cubre todos los bienes muebles[(23)](#ntr23-C_2016272ES.01000101-E0023) y la electricidad, así como las materias primas y los componentes de los productos finales. Actualmente los servicios como tales están excluidos de su ámbito de aplicación. En segundo lugar, la Directiva es de aplicación únicamente a productos defectuosos; es decir, productos que no ofrecen la seguridad que una persona tiene derecho a esperar. No basta con el hecho de que un producto no sea apto para el uso esperado. La Directiva solamente es de aplicación si un producto carece de seguridad. El hecho de que posteriormente se elabore un producto mejor no convierte en defectuosos a los modelos anteriores.

La responsabilidad y la obligación de indemnizar por los daños corresponden al productor. Un productor es un fabricante de producto acabado o de un componente que forma parte de dicho producto, o un productor de cualquier materia prima o bien cualquier persona que se presente como fabricante (por ejemplo, colocando una marca comercial). Los importadores que introducen productos en el mercado de la Unión desde terceros países son considerados productores en virtud de la Directiva sobre la responsabilidad por los productos. Si el productor no puede ser identificado, cada proveedor del producto será responsable a menos que informe a la persona afectada en un plazo razonable sobre la identidad del productor, o de la persona que le suministra el producto. Cuando varias personas son responsables del mismo daño, su responsabilidad será conjunta y solidaria.

El productor debe compensar los daños causados por el producto defectuoso a las personas (fallecimiento, lesiones) y a la propiedad privada (bienes de uso privado). Sin embargo, la Directiva no contempla los daños a la propiedad inferiores a 500 EUR[(24)](#ntr24-C_2016272ES.01000101-E0024) por un solo incidente. El Derecho nacional puede regir los daños morales (como el dolor y el sufrimiento). La Directiva no regula la destrucción del producto defectuoso, por lo que no existe obligación de compensar por dicha destrucción en virtud de la Directiva sobre la responsabilidad por los productos. Esto es aplicable sin perjuicio del Derecho nacional.

La Directiva relativa a la responsabilidad por los productos permite a los Estados miembros fijar un tope financiero máximo para accidentes repetidos en un mínimo de 70 millones EUR[(25)](#ntr25-C_2016272ES.01000101-E0025). Sin embargo, la mayoría de los Estados miembros no han recurrido a esta posibilidad.

El productor no es automáticamente responsable de los daños ocasionados por el producto. La persona afectada, tanto si es o no el comprador o el usuario de un producto defectuoso, debe reivindicar sus derechos a obtener una compensación. Las víctimas recibirán una indemnización solamente si demuestran haber sufrido un daño, que el que producto era defectuoso y que dicho producto ocasionó el daño. Si la persona afectada contribuye al daño, la responsabilidad del productor puede reducirse o incluso descartarse. No obstante, las víctimas no necesitan demostrar que el productor cometió una negligencia porque la Directiva sobre la responsabilidad por los productos se basa en el principio de responsabilidad objetiva. Así, el productor no será exonerado aunque demuestre que no cometió ninguna negligencia, que un acto u omisión de un tercero contribuye al daño causado, que ha aplicado unas normas, o que su producto ha sido sometido a ensayos. El productor no deberá pagar si demuestra:

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| — | que no introdujo el producto en el mercado (por ejemplo, que el producto fue robado), |

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| — | que el producto no era defectuoso cuando lo introdujo en el mercado (si demuestra que el defecto se originó con posterioridad), |

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| — | que el producto no fue fabricado para ser vendido o distribuido con objetivos económicos, |

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| — | que el defecto se produjo debido a la observancia de las normativas imperativas dictadas por los poderes públicos (lo que excluye las normas nacionales, europeas e internacionales)[(26)](#ntr26-C_2016272ES.01000101-E0026), |

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| — | que el estado de los conocimientos científicos y técnicos en el momento en que se introdujo el producto en el mercado no permitía detectar la existencia del defecto (defensa basada en los riesgos de desarrollo)[(27)](#ntr27-C_2016272ES.01000101-E0027), o bien |

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| — | si es un subcontratista, que el defecto se debió bien al diseño del producto acabado, bien a instrucciones erróneas que le facilitó el productor del producto acabado. |

Diez años después de la introducción del producto en el mercado, el productor deja de ser responsable a menos que haya diligencias judiciales pendientes. Además, la víctima debe interponer una demanda en un plazo de tres años tras conocerse el daño, el defecto y la identidad del productor. No será posible acordar una exención de responsabilidad en relación con la persona afectada.

La Directiva sobre la responsabilidad por los productos no exige a los Estados miembros derogar otras legislaciones relativas a la responsabilidad. En este sentido, el régimen de la Directiva se suma a la normativa nacional sobre responsabilidad existente. Dependerá de la víctima escoger los motivos por los que presenta la demanda.

1.5.   ÁMBITO DE APLICACIÓN DE LA GUÍA

Esta guía versa sobre productos no alimentarios y no agrícolas denominados productos industriales o productos para uso por parte de consumidores o profesionales. La legislación relativa a los productos que se ocupa de estos productos será denominada a lo largo del texto como legislación de armonización de la Unión, legislación de armonización sectorial de la Unión o actos de armonización de la Unión.

El Nuevo Marco Legislativo está formado por un conjunto de documentos jurídicos. En particular, la Decisión n.o 768/2008/CE recoge elementos que son aplicados parcial o totalmente en la legislación de armonización de la Unión relativa a los productos que aborda diversos aspectos de interés general. La guía ofrece orientación para la aplicación de las disposiciones y los conceptos establecidos en el Nuevo Marco Legislativo[(28)](#ntr28-C_2016272ES.01000101-E0028). Cuando existen disposiciones o desviaciones específicas del producto, la guía se remite a guías sectoriales, existentes para casi toda la legislación de armonización de la Unión sectorial.

La presente guía pretende explicar detalladamente los diferentes elementos del Nuevo Marco Legislativo y contribuir a una mejor comprensión general del sistema, de manera que la legislación se aplique correctamente y por tanto resulte eficaz para la protección de los intereses públicos como la salud y la seguridad, los consumidores, el medio ambiente y la seguridad pública, así como el funcionamiento adecuado del mercado interior para los agentes económicos. Por otra parte, la guía promueve los objetivos de la política de mejora de la legislación de la Comisión, contribuyendo al desarrollo de una legislación más integral, coherente y proporcional.

Cada uno de los capítulos debe ser interpretado conjuntamente con las explicaciones recogidas anteriormente, en otras palabras en un contexto general, y en combinación con los otros capítulos, ya que están interrelacionados y no deben ser considerados de manera aislada.

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| Esta guía se refiere principalmente a la legislación de la Unión sobre:   |  |  | | --- | --- | | — | Restricciones a la utilización de determinadas sustancias peligrosas en aparatos eléctricos y electrónicos (Directiva 2011/65/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aparatos de gas (Directiva 2009/142/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Requisitos de diseño ecológico aplicables a los productos relacionados con la energía (Directiva 2009/125/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Recipientes a presión simples (Directiva 2009/105/CE y Directiva 2014/29/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Seguridad de los juguetes (Directiva 2009/48/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Material eléctrico destinado a utilizarse con determinados límites de tensión (Directiva 2006/95/CE y Directiva 2014/35/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Máquinas (Directiva 2006/42/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Compatibilidad electromagnética (Directiva 2004/108/CE y Directiva 2014/30/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instrumentos de medida (Directiva 2004/22/CE y Directiva 2014/32/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático (Directiva 2009/23/CE y Directiva 2014/31/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instalaciones de transporte de personas por cable (Directiva 2000/9/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos radioeléctricos y equipos terminales de telecomunicación (Directiva 1999/5/CE y Directiva 2014/53/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos sanitarios implantables activos (Directiva 90/385/CEE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos sanitarios (Directiva 93/42/CEE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos sanitarios para diagnóstico in vitro (Directiva 98/79/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos a presión (Directiva 97/23/CE y Directiva 2014/68/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos a presión transportables (Directiva 2010/35/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Generadores aerosoles (Directiva 75/324/CEE modificada) |  |  |  | | --- | --- | | — | Ascensores (Directiva 95/16/CE y Directiva 2014/33/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Embarcaciones de recreo (Directiva 94/25/CE y Directiva 2013/53/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (Directiva 94/9/CE y Directiva 2014/34/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Explosivos con fines civiles (Directiva 93/15/CE y Directiva 2014/28/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Artículos pirotécnicos (Directiva 2013/29/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Reglamento sobre el etiquetado de los neumáticos [Reglamento (CE) n.o 1222/2009] |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos de protección individual (Directiva 89/686/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos marinos (Directiva 96/98/CE y Directiva 2014/90/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Emisiones sonoras en el entorno debidas a las máquinas de uso al aire libre (Directiva 2000/14/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Emisiones de máquinas móviles no de carretera (Directiva 97/68/CE y sus modificaciones) |  |  |  | | --- | --- | | — | Etiquetado energético (Directiva 2010/30/CE) | |

No obstante, los elementos de esta guía podrían resultar pertinentes para otras legislaciones de armonización de la Unión que van más allá del ámbito de los productos industriales. Esto resulta particularmente válido en el caso de las diversas definiciones de la guía, así como de los capítulos que inciden en la normalización, la evaluación de la conformidad, la acreditación y la vigilancia del mercado. No obstante, no es correcto ni deseable elaborar una lista exhaustiva de actos legislativos pertinentes, ya que en el anexo I se recoge una amplia relación de la legislación afectada.

Esta guía no pretende abarcar:

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| — | la Directiva relativa a la seguridad general de los productos[(29)](#ntr29-C_2016272ES.01000101-E0029). Los servicios de la Comisión han elaborado una orientación específica sobre la aplicación práctica de la DSGP[(30)](#ntr30-C_2016272ES.01000101-E0030). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la legislación de la Unión sobre vehículos de motor, productos de construcción, el Reglamento REACH y los productos químicos. |

2.   ¿CUÁNDO ES DE APLICACIÓN LA LEGISLACIÓN DE ARMONIZACIÓN SOBRE PRODUCTOS DE LA UNIÓN EUROPEA?

2.1.   PRODUCTOS AFECTADOS

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| |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica cuando el producto es introducido en el mercado y en cualquier actividad posterior que constituya su comercialización hasta que llega al consumidor final. |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a todas las formas de venta. Un producto ofrecido en un catálogo o a través del comercio electrónico debe cumplir la legislación de armonización de la Unión cuando el catálogo o el sitio web dirijan su oferta al mercado de la Unión e incluyan un sistema de pedidos y de expediciones. |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos de fabricación reciente pero también a productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país cuando son introducidos en el mercado de la Unión por vez primera |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos acabados. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto que ha sido objeto de cambios o de revisiones para modificar sus prestaciones, sus fines o su tipo originales puede ser considerado un producto nuevo. La persona que lleva a cabo los cambios se convertirá en el fabricante y deberá asumir las obligaciones correspondientes. | |

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos que se tiene previsto introducir [o poner en servicio[(31)](#ntr31-C_2016272ES.01000101-E0031)] en el mercado[(32)](#ntr32-C_2016272ES.01000101-E0032). Asimismo, la legislación de armonización de la Unión se aplica cuando el producto es introducido en el mercado (o puesto en servicio) y en cualquier comercialización posterior hasta que el producto llegue al usuario final[(33)](#ntr33-C_2016272ES.01000101-E0033),[(34)](#ntr34-C_2016272ES.01000101-E0034),[(35)](#ntr35-C_2016272ES.01000101-E0035). Un producto que se encuentra todavía en la cadena de distribución se incluye entre las obligaciones de la legislación de armonización de la Unión siempre que se trate de un producto nuevo[(36)](#ntr36-C_2016272ES.01000101-E0036). Una vez que llega al usuario final ya no es considerado un producto nuevo y la legislación de armonización de la Unión deja de ser de aplicación[(37)](#ntr37-C_2016272ES.01000101-E0037). El usuario final no es uno de los agentes económicos que debe asumir responsabilidades en virtud de la legislación de armonización de la Unión; es decir, ninguna de las operaciones o transacciones relacionadas con el producto y realizadas por el usuario final está sujeta a la legislación de armonización de la Unión. Sin embargo, dicha operación o transacción podría estar incluida en otro régimen normativo, en particular a escala nacional.

El producto debe cumplir los requisitos jurídicos vigentes en el momento de su introducción en el mercado (o su puesta en servicio).

La legislación de armonización de la Unión se aplica a cualquier forma de suministro, como la venta a distancia y la venta por medios electrónicos. Así pues, con independencia de la técnica de venta, los productos elaborados para su comercialización de la Unión deben cumplir la legislación aplicable.

Un producto destinado a ser introducido en el mercado de la Unión, ofrecido en un catálogo o a través del comercio electrónico, debe cumplir la legislación de armonización de la Unión cuando el catálogo o el sitio web dirigen su oferta al mercado de la Unión e incluyen un sistema de pedidos y de expediciones[(38)](#ntr38-C_2016272ES.01000101-E0038). Cuando un producto no está destinado al mercado de la Unión o no cumple la legislación de la Unión aplicable, esto debe ser indicado con claridad (por ejemplo, mediante una advertencia visual).

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos de fabricación reciente pero también a productos usados y de segunda mano, incluidos los productos derivados de la preparación para la reutilización de residuos de aparatos eléctricos y electrónicos, importados desde un tercer país, cuando son introducidos en el mercado de la Unión por vez primera[(39)](#ntr39-C_2016272ES.01000101-E0039),[(40)](#ntr40-C_2016272ES.01000101-E0040). Esto es de aplicación incluso a los productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país que fueron fabricados antes de la entrada en vigor de la legislación[(41)](#ntr41-C_2016272ES.01000101-E0041).

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos acabados. No obstante, el concepto de producto varía entre los diversos textos de la legislación de armonización de la Unión. Los objetos regulados por la legislación son mencionados, por ejemplo, como productos, equipos, aparatos, dispositivos, aparatos eléctricos, instrumentos, materiales, montajes, componentes o componentes de seguridad, unidades, conectores, accesorios, sistemas o máquinas parcialmente acabadas. Así pues, según los términos de un determinado acto de armonización de la Unión, los componentes, las piezas de recambio o los subconjuntos pueden ser considerados productos acabados y su uso final puede ser el montaje o la incorporación a un producto acabado. El fabricante tiene la responsabilidad de verificar si el producto está comprendido en el ámbito de aplicación de un determinado acto legislativo de armonización de la Unión[(42)](#ntr42-C_2016272ES.01000101-E0042),[(43)](#ntr43-C_2016272ES.01000101-E0043).

Una combinación de productos y de piezas que se ajustan individualmente a la legislación aplicable no siempre constituye un producto acabado que deba cumplir en su conjunto los requisitos de una determinada legislación de armonización de la Unión. Sin embargo, en algunos casos, una combinación de productos y piezas diferentes diseñada o elaborada por la misma persona es considerada un producto acabado que debe cumplir la legislación como tal. En particular, el fabricante de la combinación es responsable de seleccionar productos adecuados para crear la combinación, de llevar a cabo la combinación de tal manera que se ajuste a las disposiciones de las leyes implicadas, y de cumplir todos los requisitos de la legislación relacionada con el montaje, con la declaración UE de conformidad y con el marcado CE. El hecho de que los componentes o las piezas lleven el marcado CE no garantiza automáticamente que el producto acabado también cumpla las normas. Los fabricantes deben elegir los componentes y las piezas de tal manera que el producto acabado cumpla dichas normas. El fabricante debe verificar caso por caso si una combinación de productos y piezas tiene que ser considerada un producto acabado en relación con el ámbito de la legislación pertinente.

Un producto que ha sido objeto de cambios o revisiones importantes dirigidos a modificar sus prestaciones, su propósito o su tipo originales después de haber sido puesto en servicio, con una incidencia significativa en su cumplimiento de la legislación de armonización de la Unión, debe ser considerado un producto nuevo. Este extremo debe ser evaluado de manera individual y, en especial, habida cuenta del objetivo de la legislación y del tipo de productos regulados por la legislación correspondiente. Cuando un producto rehecho[(44)](#ntr44-C_2016272ES.01000101-E0044) o modificado es considerado un producto nuevo, debe cumplir las disposiciones de la legislación aplicable cuando es puesto a disposición o puesto en servicio. Esto deberá ser verificado mediante la aplicación del procedimiento de evaluación de la conformidad apropiado que establezca la legislación correspondiente. En especial, si la evaluación del riesgo lleva a la conclusión de que la naturaleza del peligro ha cambiado o el grado de riesgo ha aumentado, entonces el producto modificado deberá ser considerado como un producto nuevo, es decir, la conformidad del producto modificado con los requisitos esenciales aplicables deberá ser reevaluada y la persona que efectúe la modificación deberá cumplir los mismos requisitos que un fabricante original, por ejemplo, la preparación de la documentación técnica, la redacción de una declaración UE de conformidad y la colocación del marcado CE en el producto.

En cualquier caso, un producto modificado vendido bajo el nombre o la marca comercial de una persona física o jurídica diferente del fabricante original será considerado un producto nuevo y deberá ajustarse a la legislación de armonización de la Unión. La persona que efectúe cambios importantes en el producto tiene la responsabilidad de verificar si debe ser considerado o no un producto nuevo en relación con la legislación de armonización de la Unión pertinente. Si el producto va a ser considerado nuevo, esta persona se convierte en fabricante con sus correspondientes obligaciones. Por otra parte, en el caso de que la conclusión sea que se trata de un producto nuevo, el producto deberá someterse a una evaluación de la conformidad completa antes de ser puesto a disposición en el mercado. No obstante, la documentación técnica debe ser actualizada en la medida en que la modificación tenga incidencia en los requisitos de la legislación aplicable. No es necesario repetir los ensayos y elaborar nueva documentación relativa a los aspectos no afectados por la modificación, siempre que el fabricante posea copias (o tenga acceso a ellas) de los informes sobre el ensayo original de los aspectos no modificados. Corresponde a la persona física o jurídica que efectúa los cambios o que encarga los cambios en el producto demostrar que no es necesario actualizar todos los elementos de la documentación técnica.

Los productos que hayan sido reparados o cambiados (por ejemplo, tras detectarse un defecto) sin que se hayan modificado sus prestaciones, su propósito o su tipo originales, no deben ser considerados productos nuevos de conformidad con la legislación de armonización de la Unión. Así pues, esos productos no deben someterse de nuevo a una evaluación de la conformidad, tanto si el producto original fue introducido en el mercado antes de la entrada en vigor de la legislación como si lo fue después. Esto es de aplicación incluso si el producto ha sido exportado temporalmente a un tercer país para las operaciones de reparación. Estas operaciones de reparación a menudo consisten en sustituir un artículo defectuoso o desgastado con una pieza de recambio que sea idéntica, o como mínimo similar, a la pieza original (por ejemplo, pueden haberse introducido modificaciones debido a los avances técnicos o al cese de la producción de la pieza antigua), cambiando placas, componentes, subconjuntos, o incluso unidades idénticas completas. En caso de que se modifiquen las prestaciones originales de un producto (dentro del uso previsto, la gama de prestaciones y mantenimiento concebidos originalmente en la fase de concepción) porque las piezas de recambio utilizadas en su reparación ofrecen mejores prestaciones debido a los avances técnicos, dicho producto no deberá considerarse como nuevo de conformidad con la legislación de armonización de la Unión. Por tanto, las operaciones de mantenimiento están básicamente excluidas del ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión. No obstante, en la fase de diseño del producto se deben tener en cuenta el uso previsto y el mantenimiento[(45)](#ntr45-C_2016272ES.01000101-E0045).

Las actualizaciones de software o las reparaciones pueden ser incluidas entre las operaciones de mantenimiento siempre que no modifiquen un producto ya introducido en el mercado de tal manera que puedan afectar a su observancia de los requisitos vigentes.

2.2.   COMERCIALIZACIÓN

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| |  |  | | --- | --- | | — | Un producto se comercializa cuando se suministra para su distribución, consumo o uso en el mercado de la UE en el transcurso de una actividad comercial, sea a título oneroso o gratuito. |  |  |  | | --- | --- | | — | El concepto de comercialización se refiere a cada producto individual. | |

Un producto se comercializa cuando se suministra para su distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión en el transcurso de una actividad comercial, sea a título oneroso o gratuito[(46)](#ntr46-C_2016272ES.01000101-E0046). Este suministro incluye cualquier oferta de distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión que pueda dar lugar a un suministro (por ejemplo, una invitación para comprar, campañas publicitarias).

El suministro de un producto solamente se considera como comercialización en el mercado de la Unión cuando el producto está destinado a un uso final en el mercado de la Unión. El suministro de productos, ya sea para su posterior distribución, para su incorporación a un producto final o para su posterior transformación o refinamiento, con el objetivo de exportar el producto final fuera del mercado de la Unión no se considera como comercialización. Se entiende la actividad comercial como el suministro de mercancías en un contexto empresarial. Se puede considerar que las organizaciones sin ánimo de lucro ejercen actividades comerciales si operan en dicho contexto. Esto solamente puede ser percibido de manera individual, teniendo en cuenta la regularidad de los suministros, las características de los productos, las intenciones del proveedor, etc. En principio, no se considerará que los suministros ocasionales por parte de asociaciones de beneficencia o de aficionados se produzcan en un contexto empresarial.

El «uso» hace referencia al fin anunciado para el producto, definido por el fabricante en unas condiciones que puedan ser previstas de manera razonable. Habitualmente, este es el uso final del producto.

El papel fundamental que el concepto de comercialización juega en la legislación de armonización de la Unión está relacionado con el hecho de que todos los agentes económicos de la cadena de suministro tienen obligaciones en materia de trazabilidad y deben desempeñar una función activa a la hora de garantizar que en el mercado de la Unión solamente circulan productos conformes.

El concepto de comercialización se refiere a cada producto individual, no a un tipo de producto, y al hecho de si ha sido fabricado de manera individual o en serie.

La comercialización de un producto supone una oferta o un acuerdo (por escrito o verbal) entre dos o más personas jurídicas o naturales para la transferencia de la titularidad, la posesión o cualquier otro derecho[(47)](#ntr47-C_2016272ES.01000101-E0047) relacionado con el producto correspondiente una vez concluida la fase de fabricación. La transferencia no requiere necesariamente el traspaso físico del producto.

Esa transferencia puede producirse a título oneroso o gratuitamente, y puede basarse en cualquier tipo de instrumento jurídico. Por tanto, se considera que se produce la transferencia de un producto en caso de venta, préstamo, alquiler[(48)](#ntr48-C_2016272ES.01000101-E0048), arrendamiento u obsequio. La transferencia de la titularidad implica que el producto está destinado a ser puesto a disposición de otra persona jurídica o física.

2.3.   INTRODUCCIÓN EN EL MERCADO

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| |  |  | | --- | --- | | — | Un producto es introducido en el mercado cuando es puesto a disposición por primera vez en el mercado de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los productos puestos a disposición en el mercado deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento de su introducción en el mercado | |

A efectos de la legislación de armonización de la Unión, un producto es introducido en el mercado cuando es puesto a disposición por primera vez en el mercado de la Unión. Esta actividad queda reservada para fabricantes o bien para importadores; es decir, el fabricante y el importador son los únicos agentes económicos que pueden introducir productos en el mercado[(49)](#ntr49-C_2016272ES.01000101-E0049). Cuando un fabricante o un importador suministra un producto a un distribuidor[(50)](#ntr50-C_2016272ES.01000101-E0050) o a un usuario final por primera vez, la operación siempre se califica en términos jurídicos como «introducción en el mercado». Cualquier actividad posterior, por ejemplo, de distribuidor a distribuidor, o de un distribuidor a un usuario final, se denomina comercialización.

Al igual que sucede con la «comercialización», el concepto de introducción en el mercado se refiere a un producto individual y no a un tipo de producto, y al hecho de si el producto ha sido fabricado de manera individual o en serie. En consecuencia, aunque un modelo o tipo de producto haya sido suministrado antes de la entrada en vigor de la legislación de armonización de la Unión que establece nuevos requisitos obligatorios, las unidades individuales del mismo modelo o tipo que sean introducidas en el mercado con posterioridad a los nuevos requisitos hayan entrado en vigor deberán cumplir dichos requisitos.

La introducción de un producto en el mercado requiere una oferta o un acuerdo (por escrito o verbal) entre dos o más personas jurídicas o naturales para la transferencia de la titularidad, la posesión o cualquier otro derecho de propiedad relacionado con el producto correspondiente una vez concluida la fase de fabricación[(51)](#ntr51-C_2016272ES.01000101-E0051). Esta transferencia puede producirse a título oneroso o de manera gratuita. No requiere necesariamente el traspaso físico del producto.

Se considera que no se ha producido una introducción en el mercado cuando un producto:

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| — | ha sido fabricado para autoconsumo. No obstante, determinada legislación de armonización de la Unión incluye en su ámbito de aplicación productos fabricados para autoconsumo[(52)](#ntr52-C_2016272ES.01000101-E0052),[(53)](#ntr53-C_2016272ES.01000101-E0053), |

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| — | ha sido adquirido por un consumidor en un tercer país mientras se encontraba presente físicamente en dicho país[(54)](#ntr54-C_2016272ES.01000101-E0054) e introducido en la UE por el consumidor para su consumo personal, |

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| — | ha sido transferido desde el fabricante en un tercer país a un representante autorizado en la Unión, que se ha comprometido a garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión[(55)](#ntr55-C_2016272ES.01000101-E0055), |

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| — | ha sido introducido desde un tercer país en el territorio aduanero de la UE, bajo un régimen de tránsito y almacenado en zonas francas, depósitos, almacenamiento temporal u otros procedimientos aduaneros especiales (importación temporal o perfeccionamiento activo)[(56)](#ntr56-C_2016272ES.01000101-E0056), |

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| — | ha sido fabricado en un Estado miembro con vistas a su exportación a un tercer país (esto incluye los componentes suministrados a un fabricante para su incorporación a un producto final que será exportado a un tercer país), |

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| — | ha sido transferido para ensayos o validación de unidades de preproducción consideradas todavía en la fase de fabricación, |

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| — | ha sido expuesto o utilizado en condiciones controladas[(57)](#ntr57-C_2016272ES.01000101-E0057) en ferias, exhibiciones o demostraciones comerciales[(58)](#ntr58-C_2016272ES.01000101-E0058), o |

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| — | cuando el producto todavía no ha sido comercializado, es decir, no se ha suministrado para su distribución, consumo o uso, a pesar de que el fabricante (o el representante autorizado establecido en la Unión) o el importador lo tengan en existencias, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga lo contrario. |

Se considera que los productos ofrecidos a la venta por operadores de internet[(59)](#ntr59-C_2016272ES.01000101-E0059),[(60)](#ntr60-C_2016272ES.01000101-E0060) establecidos en la UE han sido introducidos en el mercado de la Unión, independientemente de quién los haya comercializado (el operador de internet, el importador, etc.). Se considera que los productos ofrecidos a la venta a través de internet por vendedores establecidos fuera de la UE han sido introducidos en el mercado de la Unión si las ventas están específicamente dirigidas a los consumidores u otros usuarios finales de la UE. Para determinar si un sitio web que se encuentra dentro o fuera de la UE se dirige a los consumidores de la UE debe estudiarse cada caso, teniendo en cuenta todos los factores pertinentes, como las zonas geográficas a las que el envío es posible, las lenguas disponibles utilizadas para la oferta o para realizar el pedido, las posibilidades de pago, etc.[(61)](#ntr61-C_2016272ES.01000101-E0061). Si un operador de internet realiza entregas en la UE, acepta el pago por los consumidores o usuarios finales de la UE y utiliza las lenguas de la UE, puede considerarse que ha optado expresamente por suministrar productos a los consumidores u otros usuarios finales de la UE. Los operadores de internet pueden ofrecer, para su venta en línea, un tipo de producto o un producto determinado que ya haya sido fabricado. En caso de que la oferta haga referencia a un tipo de producto, la introducción en el mercado solo tendrá lugar una vez se haya completado la fase de fabricación.

Puesto que es probable que los consumidores o las empresas de la UE vayan a encargar (o ya hayan encargado) los productos ofrecidos a la venta por un operador de internet, estos productos se suministran en el marco de una actividad comercial mediante la venta en línea. Generalmente, se ofrecen productos para la venta por internet a cambio de pago. No obstante, el suministro gratuito de productos también puede considerarse una actividad comercial[(62)](#ntr62-C_2016272ES.01000101-E0062). Las ventas entre consumidores (C2C) no se consideran generalmente actividades comerciales. No obstante, para determinar si un producto C2C se suministra en el marco de una actividad comercial debe estudiarse cada caso, teniendo en cuenta todos los factores pertinentes, como la regularidad del suministro, la intención del proveedor, etc.[(63)](#ntr63-C_2016272ES.01000101-E0063).

La consecuencia jurídica es que los productos ofrecidos para la venta por operadores de internet deben cumplir todas las normas de la UE aplicables en el momento de su introducción en el mercado[(64)](#ntr64-C_2016272ES.01000101-E0064). Las autoridades responsables pueden verificar físicamente dicho cumplimiento cuando los productos lleguen a su jurisdicción, como muy pronto, en la aduana.

Además, los productos ofrecidos por los operadores de internet están generalmente almacenados en empresas de tramitación de pedidos a distancia establecidas en la UE a fin de garantizar su rápida entrega a los consumidores de la UE. Por tanto, se considera que los productos almacenados en estas empresas de tramitación a distancia se han suministrado para su distribución, consumo o uso en el mercado de la UE y, por tanto, se han introducido en dicho mercado. Cuando un operador de internet utiliza una empresa de tramitación a distancia, los productos enviados a la empresa de tramitación a distancia en la UE se encuentran en la fase de distribución de la cadena de suministro[(65)](#ntr65-C_2016272ES.01000101-E0065).

La introducción en el mercado es el momento más decisivo en lo tocante a la aplicación de la legislación de armonización de la Unión[(66)](#ntr66-C_2016272ES.01000101-E0066). Los productos comercializados deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento de su introducción en el mercado. En consecuencia, los productos nuevos fabricados en la Unión y todos los productos importados desde terceros países (tanto nuevos como usados) deben cumplir las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable cuando son introducidos en el mercado, es decir, cuando son puestos a disposición por primera vez en el mercado de la Unión. Una vez introducidos en el mercado, los productos conformes se pueden comercializar posteriormente dentro de la cadena de suministro sin consideraciones adicionales, tampoco en el caso de revisiones de la legislación aplicable o de las normas armonizadas pertinentes, a menos que la legislación especifique lo contrario.

Los Estados miembros tienen la obligación, en el marco de la vigilancia del mercado, de garantizar que en este solo se ofrezcan productos seguros y conformes[(67)](#ntr67-C_2016272ES.01000101-E0067). Los productos usados que se comercializan en el mercado de la Unión están sujetos a la libre circulación de conformidad con los principios establecidos por los artículos 34 y 36 del TFUE. Hay que señalar que los productos usados puestos a disposición de los consumidores en el transcurso de una actividad comercial están sujetos a la DSGP.

2.4.   PRODUCTOS IMPORTADOS DESDE PAÍSES NO PERTENECIENTES A LA UE

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| |  |  | | --- | --- | | — | Con independencia de su origen, los productos deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable al ser comercializados en el mercado de la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Antes de llegar al usuario final en la UE, los productos procedentes de terceros países se introducen en régimen de despacho a libre práctica y se someten al control de las autoridades responsables de los controles fronterizos. | |

La legislación de armonización de la Unión se aplica cuando el producto es comercializado (o puesto en servicio[(68)](#ntr68-C_2016272ES.01000101-E0068)) en el mercado de la Unión por vez primera. También es de aplicación a los productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país, incluidos los productos derivados de la preparación para la reutilización de residuos de aparatos eléctricos y electrónicos, cuando son introducidos en el mercado de la Unión por primera vez, pero no a los productos que ya se encuentran en el mercado. Esto es de aplicación incluso a los productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país que fueron fabricados antes de la entrada en vigor de la legislación de armonización de la Unión.

El principio básico de las normas de producto de la UE es que con independencia del origen de los productos, estos deben cumplir la legislación de armonización de la Unión cuando se comercializan en el mercado de la UE. Los productos fabricados en la UE y los productos de países no pertenecientes a la Unión son tratados de igual manera.

Antes de llegar al usuario final en la UE, los productos procedentes de terceros países deben presentarse en aduana en régimen de despacho a libre práctica. El objetivo del despacho a libre práctica es el cumplimiento de todas las formalidades de importación, de forma que las mercancías puedan comercializarse en el mercado de la UE como cualquier producto fabricado en la UE. Por tanto, cuando se presentan productos en aduanas bajo el régimen de despacho a libre práctica, se puede considerar generalmente que las mercancías se introducen en el mercado de la UE y, en consecuencia, deberán cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable. Sin embargo, también se puede dar el caso de que el despacho a libre práctica y la introducción en el mercado no ocurran al mismo tiempo. La introducción en el mercado tiene lugar cuando se suministra el producto para su distribución, consumo o uso a efectos del cumplimiento de la legislación de armonización de la Unión. La introducción en el mercado puede tener lugar antes del despacho a libre práctica, por ejemplo, en el caso de las ventas por internet de operadores económicos establecidos fuera de la UE, incluso si el control físico del cumplimiento de los productos se puede realizar, como muy pronto, cuando estos llegan a la aduana de la UE. La introducción en el mercado también puede tener lugar después del despacho a libre práctica.

Las autoridades de aduanas y las autoridades de vigilancia del mercado tienen la obligación y la potestad, sobre la base del análisis de riesgo, de controlar los productos procedentes de terceros países y, en su caso, intervenir antes de su despacho a libre práctica, independientemente de cuando vayan a introducirse en el mercado de la Unión. Esto debe impedir el despacho a libre práctica, y, por tanto, la comercialización en el territorio de la UE de productos que no son conformes con la legislación de armonización de la Unión pertinente[(69)](#ntr69-C_2016272ES.01000101-E0069).

En cuanto a los productos importados desde países no pertenecientes a la UE, la legislación de armonización de la Unión contempla una función especial para el importador. Este asumirá determinadas obligaciones que en cierta medida reflejan las obligaciones de los fabricantes establecidos dentro de la UE[(70)](#ntr70-C_2016272ES.01000101-E0070).

En el caso de los productos importados desde países no pertenecientes a la UE, un representante autorizado puede realizar diversas tareas en nombre del fabricante[(71)](#ntr71-C_2016272ES.01000101-E0071). Si, no obstante, el representante autorizado de un fabricante de un tercer país suministra un producto a un distribuidor o a un consumidor dentro de la UE, ya no actuará como un mero representante autorizado sino que se convertirá en importador y estará sujeto a las obligaciones de los importadores.

2.5.   PUESTA EN SERVICIO O USO (E INSTALACIÓN)

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El momento de la puesta en servicio es pertinente para una parte de la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | La puesta en servicio se produce en el momento del primer uso dentro de la Unión por parte del usuario final para los fines para los que fue concebido. | |

La puesta en servicio se produce en el momento del primer uso dentro de la Unión por parte del usuario final para los fines para los que fue concebido[(72)](#ntr72-C_2016272ES.01000101-E0072),[(73)](#ntr73-C_2016272ES.01000101-E0073). Este concepto se utiliza, por ejemplo, en el ámbito de los ascensores, la maquinaria, los equipos radioeléctricos, los instrumentos de medida, los productos sanitarios, los productos sanitarios para diagnóstico in vitro o los productos regulados por las directivas CEM o ATEX, además de la introducción en el mercado, y se traduce en una ampliación del ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión más allá del momento de la comercialización de un producto[(74)](#ntr74-C_2016272ES.01000101-E0074).

Cuando el producto es puesto en servicio por parte de un empleador para que lo usen sus empleados, este es considerado el usuario final.

Los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la puesta en servicio de productos que cumplan las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable[(75)](#ntr75-C_2016272ES.01000101-E0075). No obstante, los Estados miembros están autorizados a mantener y a adoptar, en cumplimiento del Tratado (en particular de los artículos 34 y 36 del TFUE), y de conformidad con la legislación de armonización de la Unión, disposiciones nacionales adicionales relativas a la puesta en servicio, la instalación o el uso de productos destinados a la protección de trabajadores o a otros usos, o bien de otros productos. Estas disposiciones nacionales no pueden exigir la modificación de un producto fabricado de conformidad con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable.

La necesidad de verificar la conformidad de los productos en el momento en que se ponen en servicio y, si procede, el momento en que son correctamente instalados, mantenidos y utilizados para el fin previsto, debe limitarse a los productos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | que no hayan sido introducidos en el mercado antes de ser puestos en servicio, o que solo pueden ser usados después de llevarse a cabo un montaje, una instalación u otra manipulación, o |

|  |  |
| --- | --- |
| — | cuya conformidad pueda verse afectada por las condiciones de distribución (por ejemplo, el almacenamiento o el transporte). |

2.6.   APLICACIÓN SIMULTÁNEA DE LOS ACTOS DE ARMONIZACIÓN DE LA UNIÓN

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos esenciales y de otro tipo recogidos en la legislación de armonización de la Unión pueden solaparse o complementarse entre sí, dependiendo de los peligros abarcados por dichos requisitos relacionados con el producto correspondiente. |  |  |  | | --- | --- | | — | La comercialización o la puesta en servicio solamente puede tener lugar cuando el producto cumple las disposiciones de toda la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento en que es introducido en el mercado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando el mismo producto u objetivo de política es regulado por dos o más actos de armonización de la Unión, en ocasiones puede excluirse la aplicación de algunos de los actos siguiendo un enfoque que incluye un análisis del riesgo del producto para destinarlo al uso establecido por el fabricante. | |

La legislación de armonización de la Unión regula una amplia gama de productos, peligros e incidencias[(76)](#ntr76-C_2016272ES.01000101-E0076), que se solapan y se complementan entre sí. En consecuencia, la norma general es que, posiblemente, para un producto se deban tener en cuenta varios textos legislativos, ya que la comercialización o la puesta en servicio solamente puede producirse cuando el producto cumple todas las disposiciones aplicables y cuando se ha llevado a cabo una evaluación de la conformidad con arreglo a toda la legislación de armonización de la Unión aplicable.

Los peligros regulados por los requisitos de los diversos actos de armonización de la Unión se refieren habitualmente a diferentes aspectos que en muchos casos se complementan entre sí (por ejemplo, las Directivas relativas a la compatibilidad electromagnética y los equipos a presión incluyen fenómenos que no son regulados por las Directivas relativas a los equipos de baja tensión o a las máquinas). Esto exige una aplicación simultánea de diversos actos legislativos. En consecuencia, el producto debe ser diseñado y fabricado de conformidad con toda la legislación de armonización de la Unión aplicable, así como someterse a los procedimientos de evaluación de la conformidad de acuerdo con toda la legislación aplicable, a menos que se disponga lo contrario.

Determinados actos de armonización de la Unión excluyen de su ámbito de aplicación los productos regulados por otros actos[(77)](#ntr77-C_2016272ES.01000101-E0077) o bien incorporan los requisitos esenciales de otros actos[(78)](#ntr78-C_2016272ES.01000101-E0078), lo que evita la aplicación simultánea de requisitos redundantes. En otros casos esto no sucede y el principio general de aplicación simultánea sigue vigente cuando los requisitos de los actos de armonización de la Unión son complementarios entre sí.

Dos o más actos de armonización de la Unión pueden regular el mismo producto, peligro o incidencia. En este supuesto, la cuestión de solapamiento podría resolverse dando preferencia al acto de armonización de la Unión más específico[(79)](#ntr79-C_2016272ES.01000101-E0079). Habitualmente esto exige un análisis del riesgo del producto, o en ocasiones un análisis del fin previsto para el producto, lo que determinará qué legislación se le aplica. Al especificar los peligros relacionados con un producto, el fabricante puede utilizar las normas armonizadas pertinentes aplicables al producto correspondiente.

2.7.   USO PREVISTO/USO INDEBIDO

|  |
| --- |
| Los fabricantes deben alcanzar un nivel de protección que corresponda al uso recomendado del producto en unas condiciones de utilización que puedan ser previstas de manera razonable. |

La legislación de armonización de la Unión se aplica cuando los productos comercializados o puestos en servicio[(80)](#ntr80-C_2016272ES.01000101-E0080) en el mercado se utilizan para su uso previsto. El uso previsto significa el uso para el que un producto está diseñado de conformidad con la información facilitada por la persona que lo introduce en el mercado, o bien el uso ordinario determinado por el diseño y la construcción del producto.

Habitualmente estos productos están listos para su uso, o solamente requieren ajustes que pueden ser efectuados habida cuenta de su uso previsto. Los productos están «listos para su uso» si pueden ser utilizados según lo previsto sin necesidad de insertar piezas adicionales. Los productos también se consideran listos para su uso si todas las piezas a partir de las cuales van a ser montados son introducidas en el mercado por una sola persona, o si solamente deben ser montados o conectados, o si son introducidos en el mercado sin las piezas que habitualmente se obtienen por separado y se insertan para el uso previsto (por ejemplo, un cable de alimentación eléctrica).

Se exige a los fabricantes que alcancen un grado de protección para los usuarios de los productos que corresponda al uso que el fabricante recomienda para el producto en la información sobre este. Esto resulta particularmente pertinente en los casos en que está en juego el uso indebido de un producto[(81)](#ntr81-C_2016272ES.01000101-E0081).

En cuanto a las actividades de vigilancia del mercado, se requiere a las autoridades encargadas de la misma que comprueben la conformidad de un producto:

|  |  |
| --- | --- |
| — | con respecto a su propósito previsto (según lo haya definido el fabricante), y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en las condiciones de uso que puedan ser previstas de manera razonable, esto es, cuando ese uso pueda derivarse de un comportamiento humano lícito y fácilmente previsible. |

La consecuencia para los fabricantes es que tienen que prestar atención a las condiciones de uso que pueden ser previstas de manera razonable con anterioridad a la introducción de un producto en el mercado.

Los fabricantes deben mirar más allá de lo que ellos consideran el uso previsto de un producto y ponerse en el lugar del usuario medio de un producto particular, para así prever de manera razonable cuál será el uso del mismo[(82)](#ntr82-C_2016272ES.01000101-E0082).

Asimismo es importante que las autoridades de vigilancia del mercado tengan en cuenta que el diseño del producto no puede evitar todos los riesgos. La supervisión y la ayuda de los usuarios previstos deben ser consideradas parte de las condiciones que pueden ser previstas razonablemente. Por ejemplo, algunas máquinas herramienta profesionales están diseñadas para su uso por parte de trabajadores con una experiencia y una formación medias bajo la supervisión de su empleador; y no se puede responsabilizar al fabricante si dichas máquinas herramienta son alquiladas por un distribuidor o un tercer proveedor de servicios para que las usen consumidores inexpertos y sin formación.

En cualquier caso, el fabricante no está obligado a esperar que los usuarios no tengan en consideración las condiciones legales de uso de su producto.

2.8.   APLICACIÓN GEOGRÁFICA (ESTADOS DEL EEE Y LA AELC, PAÍSES Y TERRITORIOS DE ULTRAMAR O PTU Y TURQUÍA)

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| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a los Estados miembros de la UE y a determinados territorios europeos en la medida necesaria para aplicar las disposiciones recogidas en el Tratado de Adhesión de los Estados miembros pertinentes. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo se ha celebrado entre la Unión Europea e Islandia, Liechtenstein y Noruega. El Acuerdo amplía el mercado interior a estos tres Estados de la AELC, habitualmente conocidos como Estados EEE AELC. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Acuerdo de Unión Aduanera entre la UE y Turquía pretende garantizar la libre circulación de productos entre la UE y Turquía, mediante la eliminación de los controles a la importación de estos productos en la frontera entre Turquía y la Unión. | |

2.8.1.   
ESTADOS MIEMBROS Y PAÍSES Y TERRITORIOS DE ULTRAMAR

El propósito de la legislación de armonización de la Unión relativa a las mercancías adoptada en aplicación de los artículos 114 y 115 del TFUE es la creación y el funcionamiento del mercado interior de mercancías. En consecuencia, la legislación de armonización de la Unión no puede separarse de las disposiciones del Tratado sobre la libre circulación de mercancías, y el ámbito de aplicación territorial de la legislación de armonización de la Unión deberá coincidir con el ámbito de aplicación territorial de los artículos 30 y 34 a 36 del TFUE.

En aplicación del artículo 355 del TFUE y en relación con el artículo 52 del Tratado de la Unión Europea (TEU), el Tratado y en consecuencia la legislación de armonización de la Unión se aplican a todos los Estados miembros de la Unión. En aplicación del artículo 355, apartado 1, del TFUE, también es de aplicación en Guadalupe, Guayana francesa, Martinica, Reunión, San Martín, las Azores, Madeira y las Islas Canarias. Asimismo, el Tratado y la legislación de armonización relativa a productos y adoptada sobre la base de los artículos 114 y 115 del TFUE son de aplicación a determinados territorios europeos en la medida necesaria para dar efecto a las disposiciones establecidas en el Tratado de Adhesión correspondiente[(83)](#ntr83-C_2016272ES.01000101-E0083).

No obstante, no es de aplicación a las Islas Feroe, Groenlandia, Akrotiri y Dhekelia, ni a los países y territorios de ultramar que mantienen relaciones especiales con el Reino Unido de Gran Bretaña e Irlanda del Norte, como Gibraltar. La legislación de armonización de la Unión no es de aplicación en los países y territorios de ultramar, en concreto en: Nueva Caledonia y sus dependencias, Polinesia Francesa, Territorios Australes y Antárticos Franceses, Islas Wallis y Futuna, San Pedro y Miquelón, San Bartolomé, Aruba, Curaçao, San Martín, Caribe holandés (Bonaire, Saba y San Eustaquio), Anguila, Islas Caimán, Islas Malvinas, Georgia del Sur e Islas Sandwich del Sur, Montserrat, Pitcairn, Santa Elena y sus dependencias, Territorio Antártico Británico, Territorio Británico del Océano Índico, Islas Turcas y Caicos, Islas Vírgenes Británicas, Bermudas.

2.8.2.   
ESTADOS DEL EEE Y LA AELC

2.8.2.1.   Elementos básicos del Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo

El Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo, en vigor desde el 1 de enero de 1994, abarca toda la legislación de armonización de la Unión a la que se aplica esta guía. Así pues, la legislación de armonización de la Unión abarcada por esta guía también es de aplicación a los Estados del EEE y la AELC: Islandia, Liechtenstein y Noruega.

El objetivo del Acuerdo sobre el EEE es crear un Espacio Económico Europeo dinámico y homogéneo basado en unas normas comunes y unas condiciones de competencia justas.

De conformidad con el Acuerdo sobre el EEE, se entiende que los derechos conferidos y las obligaciones impuestas a los Estados miembros, a sus entidades públicas, sus empresas o sus ciudadanos para relacionarse entre sí también son conferidos o impuestos de la misma manera a los Estados del EEE y la AELC. Esto garantiza que los Estados del EEE y la AELC, y sus agentes económicos, estén sujetos a los mismos derechos y obligaciones que sus homólogos en la Unión. Por ejemplo, las directivas de Nuevo Enfoque y la legislación de armonización de la Unión son implantadas y aplicadas exactamente de la misma manera en los Estados del EEE y la AELC, y en los Estados miembros, aunque se modifica la cláusula de salvaguardia. Por tanto, cualquier orientación aplicable a los Estados miembros de conformidad con esta guía también será aplicada a los Estados del EEE y de la AELC.

A efectos del Acuerdo sobre el EEE, se entiende que las referencias a la Comunidad (ahora Unión) o al mercado común en los actos de la UE o el EEE son referencias a los territorios de las partes contratantes. En consecuencia, un producto no solamente es introducido en el mercado de la Unión, sino en el mercado del EEE (es decir, los mercados nacionales de los Estados miembros y de Islandia, Liechtenstein y Noruega).

El Acuerdo sobre el EEE es modificado continuamente mediante decisiones del Comité Mixto del EEE a raíz de la introducción de cambios en la legislación pertinente de la Unión. Para llegar a y mantener una interpretación y una aplicación uniformes del acuerdo, se han creado un tribunal de la AELC y una autoridad de vigilancia de la AELC.

El Acuerdo sobre el EEE garantiza una cooperación estrecha entre la Comisión y las administraciones de los Estados del EEE y la AELC. La Comisión solicita asesoramiento no oficial a expertos de esos Estados de la misma manera que pide consejo a expertos de los Estados miembros. En lo tocante a los comités que asisten a la Comisión en su trabajo, se ha instaurado una estrecha cooperación. El Consejo del EEE se reúne dos veces al año y el Comité Parlamentario Mixto del EEE y el Comité Consultivo del EEE lo hacen de manera regular.

2.8.2.2.   Procedimiento de cláusula de salvaguardia

La Autoridad de vigilancia de la AELC es responsable de analizar las notificaciones de la cláusula de salvaguardia procedentes de Estados del EEE y la AELC. La Autoridad consulta a todas las partes implicadas e intercambia información con la Comisión sobre los procedimientos del caso. La Autoridad transmite su decisión a los Estados del EEE y la AELC, y a la Comisión para acciones posteriores. Si un Estado del EEE o de la AELC no observa la decisión, la Autoridad de Vigilancia puede emprender un procedimiento por incumplimiento.

En aquellos casos en que un Estado miembro active una cláusula de salvaguardia, están previstas consultas entre la Comisión y la Autoridad de Vigilancia. La Comisión comunicará su decisión a la Autoridad de Vigilancia de la AELC, que la remitirá a los Estados del EEE y la AELC para acciones posteriores. Si un Estado del EEE o de la AELC no observa la decisión, la Autoridad de Vigilancia puede emprender un procedimiento por incumplimiento.

2.8.3.   
MÓNACO, SAN MARINO Y ANDORRA

El comercio bilateral de productos entre la UE y Mónaco, San Marino y Andorra está facilitado por acuerdos de unión aduanera: Mónaco cuenta con unión aduanera con Francia y forma parte del territorio aduanero de la UE; mientras que tanto San Marino como Andorra tienen un Acuerdo de unión aduanera con la EU.

No obstante, para ser comercializados en el mercado de la Unión, los productos de esos países deben ajustarse al acervo de la UE[(84)](#ntr84-C_2016272ES.01000101-E0084).

2.8.4.   
TURQUÍA

Turquía y la UE establecieron su unión aduanera en 1995 (Decisión 1/95 del Consejo de Asociación UE-Turquía, 96/142/CE). La Decisión sobre la Unión Aduanera abarca el comercio de productos industriales y productos agrícolas transformados entre Turquía y la UE, y comporta la adaptación por parte de Turquía de toda la legislación sobre productos de la Unión. Este Acuerdo pretende garantizar la libre circulación de productos industriales y productos agrícolas transformados entre la UE y Turquía mediante la eliminación de los controles a la importación de estos productos en la frontera entre Turquía y la Unión.

Los artículos 5 a 7 de la Decisión disponen la eliminación de medidas que tengan un efecto equivalente a los derechos arancelarios entre la Unión Europea y Turquía, lo que refleja los artículos 34 a 36 del TFUE. En virtud del artículo 66 de la Decisión, y a efectos de su implantación y aplicación a productos cubiertos por la Decisión sobre la Unión Aduanera, sus artículos 5 a 7 deben ser interpretados de conformidad con la jurisprudencia pertinente del Tribunal de Justicia, en particular el asunto Cassis de Dijon sobre reconocimiento mutuo.

Como consecuencia, en aquellos sectores en los que Turquía ha adaptado su legislación a la de la UE, un producto fabricado y/o comercializado lícitamente en Turquía deberá recibir el mismo trato que los productos fabricados y/o comercializados lícitamente en la UE y no deberá ser objeto de controles a la importación. El mismo razonamiento se aplicará en los sectores no armonizados en los que Turquía haya alineado su legislación con los artículos 34, 35 y 36 del TFUE.

La Decisión también exige que Turquía adopte la legislación de la Unión Europea sobre productos y sobre infraestructuras de calidad, especialmente sobre requisitos en materia de marcado CE, organismos notificados, vigilancia del mercado, acreditación, normalización, metrología y reconocimiento mutuo en áreas no armonizadas.

Otra Decisión (la Decisión n.o 2/97 del Consejo de Asociación CE-Turquía), firmada en 1997, recoge la lista de instrumentos jurídicos de la Unión, incluido parte del acervo sobre productos industriales relacionado con la eliminación de obstáculos técnicos para el comercio y las condiciones y disposiciones que rigen su implantación por parte de Turquía. El anexo I de esta Decisión garantiza que cuando Turquía adopte la legislación recogida en el anexo II de la Decisión, en la UE y en Turquía serán de aplicación los mismos procedimientos y las mismas normas para los productos que estén comprendidos en el ámbito de aplicación de la legislación enumerada en el anexo II de la Decisión. Sin embargo, muchos de los instrumentos legislativos presentados en el anexo II han sido sustituidos gradualmente por nuevos reglamentos y directivas de la Unión.

En 2006, el Consejo de Asociación UE-Turquía adoptó una nueva Decisión (1/2006) que establece el nombramiento de organismos notificados turcos y el reconocimiento de los informes y los certificados de los ensayos expedidos por dichos organismos en Turquía. Las partes han firmado declaraciones que confirman que la legislación de Turquía es equivalente a la de la UE en varios reglamentos y directivas de Nuevo Enfoque.

En el ámbito no armonizado, los derechos y obligaciones de los agentes económicos que suministran productos al mercado de la UE desde Turquía quedan establecidos en la comunicación interpretativa de la Comisión relativa a «facilitar el acceso de productos a los mercados de otros Estados miembros: la aplicación práctica del reconocimiento mutuo»[(85)](#ntr85-C_2016272ES.01000101-E0085).

El Organismo de Acreditación de Turquía (TURKAK) es miembro de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), con la que ha firmado varios acuerdos de reconocimiento mutuo. Los certificados expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad turcos acreditados por TURKAK deben ser considerados equivalentes a los expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad establecidos en la UE y acreditados por los organismos nacionales de acreditación de la Unión.

En el área de la normalización, tanto el CEN como el CENELEC otorgaron la condición de miembro de pleno derecho al Instituto de Normas de Turquía el 1 de enero de 2012.

2.9.   PERÍODOS TRANSITORIOS EN EL CASO DE NORMAS DE LA UE NUEVAS O REVISADAS

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| --- |
| En el caso de la legislación nueva o revisada, los agentes económicos pueden recibir un plazo adicional para adaptarse a las nuevas normas, lo que se denomina un período transitorio y corresponde al lapso de tiempo entre la entrada en vigor de una nueva norma y el momento en que empieza a aplicarse. |

Período transitorio significa que las normas de producto existentes siguen siendo de aplicación aunque las nuevas normas ya hayan sido adoptadas. Un período transitorio puede ser iniciado por el legislador en el caso de que las normas de producto de la UE sean revisadas o sustituyan a las normas nacionales.

El objetivo del período transitorio es permitir a los fabricantes, a las autoridades nacionales y a los organismos notificados ajustarse gradualmente a los procedimientos de evaluación de la conformidad y a los requisitos jurídicos esenciales y de otro tipo establecidos por un texto legislativo nuevo o revisado y, en consecuencia, evitar el riesgo de bloquear la producción. Por otra parte, se debe conceder un tiempo a los fabricantes, los importadores y los distribuidores para ejercer los derechos que hayan adquirido en virtud de cualquier norma nacional o de la UE existente; por ejemplo, a vender sus existencias de productos fabricados en consonancia con las normas preexistentes. Finalmente, el período transitorio ofrece tiempo añadido para la revisión y adopción de las normas armonizadas, incluso aunque esta no sea una condición previa para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión.

Cada legislación de armonización de la Unión que disponga un período transitorio fijará la fecha para bloquear el sistema vigente. Generalmente, se trata de la fecha de entrada en vigor de la legislación, si bien en ocasiones es la fecha en que se adopta la legislación.

Tras el período transitorio, los productos manufacturados antes o durante dicho período, en consonancia con la legislación que será derogada, ya no pueden seguir en el mercado. Un producto que sea introducido en el mercado antes de la conclusión del período transitorio deberá recibir autorización para ser comercializado o puesto en servicio[(86)](#ntr86-C_2016272ES.01000101-E0086). No obstante, la legislación de armonización de la Unión específica puede prohibir la comercialización de dichos productos si ese extremo se considera necesario por motivos de seguridad u otros objetivos de la legislación.

Los productos que no fueron introducidos en el mercado antes del final del período de transposición solamente pueden ser introducidos en el mercado o puestos en servicio si cumplen íntegramente las disposiciones de la nueva legislación[(87)](#ntr87-C_2016272ES.01000101-E0087).

De conformidad con la norma general, el marcado CE es una indicación de que los productos, que están sujetos a uno o varios textos legislativos de armonización de la Unión que contemplan su colocación, cumplen las disposiciones de toda la legislación aplicable. No obstante, cuando uno o varios de esos textos legislativos autoricen al fabricante a elegir, durante un período transitorio, las disposiciones que aplicará, el marcado CE señalará únicamente la conformidad con los textos jurídicos aplicados por el fabricante. En consecuencia, durante un período transitorio el marcado CE no indica necesariamente que el producto cumple todos los textos legislativos aplicables que contemplan su colocación. En ese caso, en la declaración UE de conformidad debe figurar la información concerniente a toda la legislación de armonización de la Unión aplicada por el fabricante[(88)](#ntr88-C_2016272ES.01000101-E0088).

2.10.   DISPOSICIONES TRANSITORIAS PARA LA DECLARACIÓN UE DE CONFORMIDAD COMO RESULTADO DE LA ARMONIZACIÓN CON LA DECISIÓN N.o 768/2008/CE

La legislación de armonización de la UE no prevé necesariamente una solución transitoria para incluir en la declaración UE de conformidad información relativa al hecho de que se sustituye la legislación existente por otra nueva. Este es el caso de las Directivas sometidas a revisión con objeto de armonizarlas con las disposiciones de referencia de la Decisión n.o 768/2008/CE[(89)](#ntr89-C_2016272ES.01000101-E0089). Los requisitos esenciales de la mayor parte de estas Directivas no se modifican y no existe ningún periodo transitorio para hacer referencia a las viejas o a las nuevas Directivas. Además, en su caso, las Directivas armonizadas especifican que los certificados emitidos con arreglo a la antigua Directiva siguen siendo válidos en el marco de la nueva Directiva. Desde su entrada en vigor, la declaración UE de conformidad deberá incluir la referencia a las nuevas Directivas para los productos introducidos en el mercado que deban considerarse conformes.

En la mayoría de casos, la legislación de armonización de la Unión solo especifica el contenido mínimo obligatorio de la declaración UE de conformidad, pero, en general, se acepta información adicional de utilidad. Los fabricantes pueden utilizar esta flexibilidad y empezar a usar el nuevo modelo de estructura establecido en los anexos de las directivas adaptadas antes de su entrada en vigor. Si los productos cumplen los requisitos tanto de las viejas como de las nuevas Directivas, los agentes económicos pueden hacer referencia a las dos directivas en la declaración UE de conformidad (Directivas antigua y adaptada), indicando los correspondientes periodos de aplicación de cada una de las Directivas. Por ejemplo, para un producto perteneciente al ámbito de la Directiva 2014/30/UE, la declaración UE de conformidad podría incluir la siguiente declaración:

«El objeto de la declaración descrito anteriormente es conforme a la legislación de armonización pertinente: la Directiva 2004/108/CE (hasta el 19 de abril de 2016) y la Directiva 2014/30/UE (a partir del 20 de abril de 2016).»

3.   LOS AGENTES DE LA CADENA DE SUMINISTRO DE PRODUCTOS Y SUS OBLIGACIONES

La legislación de armonización de la Unión define al fabricante, al representante autorizado, al importador y al distribuidor como «agentes económicos»[(90)](#ntr90-C_2016272ES.01000101-E0090).

3.1.   EL FABRICANTE

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| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante es toda persona física o jurídica que manufactura un producto o que manda diseñar o fabricar ese producto y lo introduce en el mercado con su nombre o marca comercial. |  |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante es responsable de la evaluación de la conformidad del producto y está sujeto a una serie de obligaciones que incluyen requisitos en materia de trazabilidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando introduce un producto en el mercado de la Unión, las responsabilidades del fabricante son las mismas si está establecido fuera de Unión Europea que si lo está en un Estado miembro. |  |  |  | | --- | --- | | — | En caso de que un producto entrañe un riesgo o no sea conforme, el fabricante debe cooperar con las autoridades nacionales competentes a cargo de la vigilancia del mercado. | |

El fabricante es toda persona física o jurídica responsable del diseño o la fabricación de un producto, que lo introduce en el mercado con su nombre o marca comercial[(91)](#ntr91-C_2016272ES.01000101-E0091). La definición incluye dos condiciones acumulativas: la persona debe fabricar (o encargar la fabricación) y comercializar el producto con su propio nombre o marca comercial. Por lo tanto, si el producto se comercializa con el nombre o la marca comercial de otra persona, se considerará que el fabricante es esa otra persona.

Las responsabilidades del fabricante son también de aplicación a cualquier persona física o jurídica que monte, embale, procese o etiquete productos prefabricados y los introduzca en el mercado con su propio nombre o marca comercial. Por otra parte, la responsabilidad del fabricante corresponderá a cualquier persona que cambie el uso previsto de un producto de tal manera que sean aplicables distintos requisitos esenciales o de otro tipo, o que modifique sustancialmente o rehaga un producto (creando así un producto nuevo), con vistas a introducirlo en el mercado o ponerlo en servicio en aquellos casos en los que el ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión aplicable al producto incluye la puesta en servicio[(92)](#ntr92-C_2016272ES.01000101-E0092).

Puede diseñar y manufacturar el producto el propio fabricante o, como alternativa, este puede encargar su diseño, fabricación, embalaje, preparación o etiquetado con vistas a introducirlo en el mercado con su propio nombre o marca comercial, y así presentarse a sí mismo como fabricante[(93)](#ntr93-C_2016272ES.01000101-E0093). Cuando se recurre a la subcontratación, el fabricante debe conservar el control general del producto y asegurarse de que recibe toda la información necesaria para cumplir sus responsabilidades de conformidad con el acto de armonización de la Unión pertinente. El fabricante que subcontrata alguna o todas sus actividades no puede, bajo ninguna circunstancia, liberarse de sus responsabilidades, por ejemplo atribuyéndolas a un representante autorizado, un distribuidor, un usuario o un subcontratista.

El fabricante es el responsable último de la conformidad del producto con la legislación de armonización de la Unión aplicable, tanto si ha diseñado y manufacturado el producto él mismo como si se le considera el fabricante porque el producto ha sido introducido en el mercado con su nombre o marca comercial.

Así, si un producto es transferido a un fabricante para la consecución de nuevas acciones como montaje, embalaje, preparación o etiquetado, cuando se introduce este producto en el mercado tiene la responsabilidad exclusiva y última de garantizar la conformidad del producto a la legislación aplicable, y debe ser capaz de hacerlo.

El fabricante es responsable de diseñar y manufacturar el producto de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos establecidos por la legislación de armonización de la Unión pertinente, y de llevar a cabo la evaluación de la conformidad de conformidad con el (o los) procedimiento(s) establecido(s) por dicha legislación[(94)](#ntr94-C_2016272ES.01000101-E0094).

El fabricante está obligado a comprender tanto el diseño como la construcción del producto para estar en condiciones de asumir la responsabilidad de que el producto cumple todas las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión pertinente. Esto se aplica tanto a las situaciones en las que el propio fabricante diseña, manufactura, embala y etiqueta el producto, como a las situaciones en las que todas o algunas de estas actividades son desarrolladas por un subcontratista. El fabricante necesita disponer de la información pertinente para demostrar la conformidad del producto.

En este sentido, el agente económico que introduce el producto en el mercado bajo su nombre o marca comercial pasa a ser automáticamente el fabricante a efectos de la legislación de armonización de la Unión. Por tanto, asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto, incluso si estas actividades las ha llevado a cabo otra persona. Además, ha de estar en posesión de toda la documentación y todos los certificados necesarios para demostrar la conformidad del producto, aunque no es necesario que dichos documentos estén a su nombre.

La Directiva sobre ascensores 95/16/CE define al instalador de un ascensor como «la persona física o jurídica que asume la responsabilidad del diseño, la fabricación, la instalación y la introducción en el mercado del ascensor, que coloca el marcado CE y que prepara la declaración CE de conformidad». Por tanto, el instalador es una persona que asume responsabilidades que, en el contexto de otra legislación de armonización de la unión, corresponden generalmente al fabricante.

La legislación de armonización de la Unión no exige que el fabricante tenga su sede en la Unión Europea. Por tanto, cuando introduce un producto en el mercado de la Unión, las responsabilidades del fabricante son las mismas si está establecido fuera de Unión Europea que si lo está en un Estado miembro.

Por norma general, cuando introduce un producto en el mercado el fabricante debe adoptar todas las medidas necesarias para asegurarse de que el proceso de fabricación garantiza la conformidad de los productos[(95)](#ntr95-C_2016272ES.01000101-E0095) y en particular debe:

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| 1. | llevar a cabo la evaluación de la conformidad aplicable o encargar que se lleve a cabo, de conformidad con el/los procedimiento(s) establecido(s) por la legislación de armonización de la Unión pertinente; dependiendo del acto de armonización de la Unión, se puede exigir al fabricante que presente el producto a un tercero (habitualmente, un organismo notificado) para que realice la evaluación de la conformidad, o disponer de un sistema de calidad aprobado por un organismo notificado. En cualquier caso, el fabricante es plenamente responsable de la conformidad del producto, |

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| 2. | redactar la documentación técnica requerida, |

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| 3. | redactar la declaración UE de conformidad, |

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| 4. | acompañar el producto con instrucciones e información de seguridad[(96)](#ntr96-C_2016272ES.01000101-E0096),[(97)](#ntr97-C_2016272ES.01000101-E0097) según lo requiera la legislación de armonización de la Unión aplicable[(98)](#ntr98-C_2016272ES.01000101-E0098), en un lenguaje fácilmente comprensible para los consumidores y otros usuarios finales, según lo determine el Estado miembro implicado[(99)](#ntr99-C_2016272ES.01000101-E0099). Salvo que la legislación específica indique lo contrario, tanto si el producto está dirigido a los consumidores como a otros usuarios finales, es necesario suministrar instrucciones e información de seguridad[(100)](#ntr100-C_2016272ES.01000101-E0100). Esto debe incluir toda la información necesaria para el uso seguro del producto, a fin de permitir al consumidor montar, instalar, manejar, almacenar, mantener y deshacerse del producto. Las instrucciones de montaje o instalación deben incluir un inventario de las piezas e indicar las aptitudes o herramientas especiales necesarias. Las instrucciones de funcionamiento deben incluir información sobre las restricciones a la utilización, la necesidad de equipos de protección individual, el mantenimiento y la limpieza o la reparación. Corresponde al fabricante determinar la información pertinente que debe incluirse en las instrucciones y la información de seguridad de un producto concreto. Los fabricantes deben mirar más allá de lo que ellos consideran el uso previsto de un producto y ponerse en el lugar del usuario medio de un producto particular, para así prever de manera razonable cuál será el uso del mismo. Por otra parte, una herramienta diseñada y destinada a ser usada solo por profesionales también podría ser utilizada por no profesionales; el diseño y las instrucciones que lo acompañan deben tener en cuenta esta posibilidad. |

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| 5. | cumplir los siguientes requisitos en materia de trazabilidad:   |  |  | | --- | --- | | — | conservar la documentación técnica y la declaración UE de conformidad durante diez años después de que el producto haya sido introducido en el mercado[(101)](#ntr101-C_2016272ES.01000101-E0101) o durante el período especificado en el acto de armonización de la Unión pertinente, |  |  |  | | --- | --- | | — | asegurarse de que el producto presenta un número de tipo, lote, serie o modelo u otro elemento que permita su identificación, |  |  |  | | --- | --- | | — | indicar los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial registrado o marca comercial registrada, y 3) una dirección postal de contacto única en el producto[(102)](#ntr102-C_2016272ES.01000101-E0102) o, cuando no resulte posible debido al tamaño o a las características físicas de los productos[(103)](#ntr103-C_2016272ES.01000101-E0103), en el embalaje[(104)](#ntr104-C_2016272ES.01000101-E0104) y/o en la documentación adjunta[(105)](#ntr105-C_2016272ES.01000101-E0105),[(106)](#ntr106-C_2016272ES.01000101-E0106),[(107)](#ntr107-C_2016272ES.01000101-E0107). No es necesario que el punto de contacto único esté situado en el Estado miembro en el que se haya comercializado el producto, | |

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| 6. | colocar el marcado de conformidad (el marcado CE y, si procede, otros marcados[(108)](#ntr108-C_2016272ES.01000101-E0108)) en el producto de conformidad con la legislación aplicable, |

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| 7. | asegurarse de que existen procedimientos para que la producción en serie mantenga su conformidad. Deberán tomarse en adecuada consideración los cambios en el diseño o las características del producto y los cambios en las normas armonizadas u otras especificaciones técnicas con arreglo a las cuales se declara la conformidad de un producto. El tipo de acción que el fabricante debe adoptar depende de la naturaleza de los cambios en las normas armonizadas u otras especificaciones técnicas, en especial si esos cambios son importantes con respecto a la cobertura de los requisitos esenciales o de otros requisitos jurídicos, o si afectan al producto correspondiente. Esto podría requerir actualizar la declaración UE de conformidad, cambiar el diseño del producto, ponerse en contacto con el organismo notificado[(109)](#ntr109-C_2016272ES.01000101-E0109), etc., |

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| 8. | llegado el caso, certificar el producto y/o el sistema de calidad. |

En virtud de determinados actos de armonización de la Unión, se puede exigir al fabricante que lleve a cabo ensayos con muestras al final de la cadena de producción o de los productos ya comercializados para ofrecer una protección adicional a los consumidores o a otros usuarios finales[(110)](#ntr110-C_2016272ES.01000101-E0110),[(111)](#ntr111-C_2016272ES.01000101-E0111).

Los fabricantes que consideren o tengan motivos para pensar que un producto que han introducido en el mercado no cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable adoptarán inmediatamente las medidas correctoras necesarias para dotarlo de conformidad, retirarlo del mercado, o pedir su recuperación, si procede. Por otra parte, en caso de que los fabricantes tengan motivos para pensar que el producto presenta un riesgo para la salud, la seguridad, el medioambiente u otro interés público protegido por la legislación aplicable[(112)](#ntr112-C_2016272ES.01000101-E0112), deben informar inmediatamente a las autoridades nacionales competentes de los Estados miembros en los que pusieron a disposición el producto en ese sentido, ofreciendo datos en particular del incumplimiento y de cualquier medida correctora adoptada. La Comisión proporciona una herramienta de TI, la «Aplicación DSGP — Empresas», para facilitar los aspectos prácticos de esta obligación[(113)](#ntr113-C_2016272ES.01000101-E0113).

Tras una petición motivada[(114)](#ntr114-C_2016272ES.01000101-E0114), el fabricante debe facilitar a la autoridad nacional competente toda la información y la documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto en un lenguaje que pueda ser comprendido fácilmente por dicha autoridad. Los fabricantes deben cooperar con la autoridad, a petición de esta, en cualquier iniciativa destinada a eliminar los riesgos planteados por productos que hayan introducido en el mercado. A petición de las autoridades de vigilancia del mercado, los fabricantes deben identificar a cualquier agente económico al que hayan suministrado un producto. Deben estar en condiciones de facilitar esta información durante un período de 10 años después de haber suministrado el producto.

La autoridad nacional podría aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua escogida está sujeta a negociación con la autoridad y podría ser una tercera lengua, si fuese aceptada por la autoridad.

En el caso de una petición motivada, es suficiente con que el fabricante facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento denunciado y apropiada para demostrar que el fabricante se ha ocupado de este asunto. Por tanto, cualquier petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a esa parte de la documentación. La petición puede indicar un plazo para la recepción de la documentación, dependiendo de la legislación de armonización de la Unión a la que esté sujeto el producto. Puede establecerse un plazo menor si la autoridad nacional justifica la urgencia por la inminencia de un riesgo grave.

Si la legislación de armonización de la Unión regula la puesta en servicio, la persona física o jurídica que pone el producto en servicio tiene las mismas responsabilidades que un fabricante que introduce un producto en el mercado. Debe garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión, y que se ha llevado a cabo un procedimiento de evaluación de la conformidad[(115)](#ntr115-C_2016272ES.01000101-E0115) adecuado.

Por otra parte, una persona que introduce en el mercado de la Unión productos de segunda mano procedentes de un tercer país, o cualquier producto no diseñado o fabricado para el mercado de la Unión, debe asumir el papel de fabricante.

Finalmente, si un importador o distribuidor modifica un producto en tal medida que podría afectar al cumplimiento de los requisitos aplicables, o lo suministra con su nombre o su marca comercial, será considerado como el fabricante y deberá asumir todas las obligaciones que incumben a este[(116)](#ntr116-C_2016272ES.01000101-E0116). En consecuencia, debe garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable, y que se ha llevado a cabo un procedimiento de evaluación de la conformidad[(117)](#ntr117-C_2016272ES.01000101-E0117) adecuado.

3.2.   EL REPRESENTANTE AUTORIZADO

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| Con independencia de si está establecido en la UE o no, el fabricante puede nombrar a un representante autorizado en la Unión para que actúe en su nombre ejecutando determinadas tareas. |

Tanto si está establecido en la UE como si no, el fabricante puede nombrar a un representante autorizado en la Unión para que actúe en su nombre ejecutando determinadas tareas requeridas por la legislación de armonización de la Unión aplicable[(118)](#ntr118-C_2016272ES.01000101-E0118). Un fabricante establecido fuera de la Unión Europea no está obligado a tener un representante autorizado[(119)](#ntr119-C_2016272ES.01000101-E0119).

A efectos de la legislación de armonización de la Unión, para poder actuar en nombre del fabricante el representante autorizado debe estar establecido dentro de la Unión. Los representantes comerciales del fabricante (como los distribuidores o agentes autorizados) no deben ser confundidos con el representante autorizado en el sentido de la legislación de armonización de la Unión.

La delegación de tareas por parte del fabricante en el representante autorizado debe ser explicita y recogida por escrito, en particular para definir el contenido y los límites de las tareas del representante. Las tareas que pueden ser delegadas al representante autorizado de conformidad con la legislación de armonización de la Unión son de naturaleza administrativa. Así pues, el fabricante no puede delegar las medidas necesarias para asegurarse de que el proceso de fabricación garantiza la conformidad de los productos, ni tampoco la elaboración de la documentación técnica, a menos que se disponga lo contrario. Por otra parte, un representante autorizado no puede modificar el producto por iniciativa propia para adaptarlo a la legislación de armonización de la Unión aplicable.

En los casos en que el fabricante designe un representante autorizado, la petición le permitirá, por lo menos, llevar a cabo las siguientes tareas:

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| — | tener la declaración UE de conformidad y la documentación técnica a disposición de la autoridades nacionales de vigilancia y cooperar con ellas si lo solicitan, |

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| — | sobre la base de una petición motivada de una autoridad nacional competente, facilitar a dicha autoridad toda la información y documentación necesarias para demostrar la conformidad del producto, |

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| — | cooperar con las autoridades nacionales competentes, a petición de estas, en cualquier iniciativa destinada a eliminar los riesgos planteados por productos sujetos a su mandato. |

Dependiendo del procedimiento de evaluación de la conformidad y del acto de armonización de la Unión correspondiente, el representante autorizado también puede, por ejemplo, ser nombrado para realizar tareas como:

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| — | colocar el marcado CE (y otros marcados, si procede) y el número del organismo notificado en el producto, |

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| — | redactar y firmar la declaración UE de conformidad. |

El representante autorizado que es nombrado por un fabricante puede ser un importador o un distribuidor en el significado de la legislación de armonización de la UE, en cuyo caso también deberá cumplir las obligaciones del importador o del distribuidor[(120)](#ntr120-C_2016272ES.01000101-E0120).

3.3.   EL IMPORTADOR

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| |  |  | | --- | --- | | — | El importador es toda persona física o jurídica establecida en la Unión que introduce en el mercado de la Unión un producto de un tercer país. |  |  |  | | --- | --- | | — | Sus obligaciones se basan en las obligaciones del fabricante. | |

El importador es el agente económico establecido en la Unión que introduce en el mercado de la Unión un producto de un tercer país. Tiene unas responsabilidades importantes y claramente definidas en virtud de la legislación de armonización de la Unión[(121)](#ntr121-C_2016272ES.01000101-E0121),[(122)](#ntr122-C_2016272ES.01000101-E0122). En gran medida se basan en el tipo de responsabilidades a las que está sujeto un fabricante establecido en la UE.

El importador debe asegurarse de que el fabricante ha cumplido correctamente sus obligaciones. El importador no es un mero revendedor de productos, sino que desempeña un papel clave a la hora de garantizar la conformidad de los productos importados.

El importador es definido como cualquier persona física o jurídica que introduce en el mercado de la Unión un producto procedente de un tercer país. Por norma general, antes de introducir un producto en el mercado el importador debe asegurarse de que:

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| 1. | el fabricante ha seguido un procedimiento de evaluación de la conformidad apropiado. Si alberga alguna duda sobre la conformidad del producto, debe abstenerse de introducirlo en el mercado. Si el producto ya ha sido introducido en el mercado, debe adoptar medidas correctoras[(123)](#ntr123-C_2016272ES.01000101-E0123). En ambos casos, será necesario ponerse en contacto con el fabricante para aclarar cualquier duda acerca de la conformidad del producto. |

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| 2. | el fabricante ha redactado la documentación técnica, ha colocado el marcado de conformidad pertinente (por ejemplo, el marcado CE), ha cumplido sus obligaciones en materia de trazabilidad y ha acompañado, si procede, el producto con instrucciones e información de seguridad en un lenguaje fácilmente comprensible por parte de los consumidores y otros usuarios finales, según determinan los Estados miembros implicados[(124)](#ntr124-C_2016272ES.01000101-E0124). |

Estas obligaciones deben garantizar que los importadores son conscientes de su responsabilidad de introducir en el mercado solamente productos conformes[(125)](#ntr125-C_2016272ES.01000101-E0125). No implican la necesidad de que los importadores recurran sistemáticamente a procedimientos de control o a ensayos (por parte de terceros) adicionales, ni tampoco les impiden hacerlo.

Asimismo, el importador debe:

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| — | Indicar los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial o marca comercial registrados, y 3) la dirección de contacto en el producto o, cuando no resulte posible debido al tamaño o a las características físicas del mismo o porque se debería abrir el embalaje[(126)](#ntr126-C_2016272ES.01000101-E0126), en el embalaje y/o en la documentación adjunta[(127)](#ntr127-C_2016272ES.01000101-E0127). Al hacer esto, no debe impedir la visibilidad de cualquier información de seguridad impresa en el producto o en la documentación adjunta. |

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| — | Asegurarse de que, mientras un producto está bajo su responsabilidad, las condiciones de almacenamiento o transporte no comprometen el cumplimiento de los requisitos establecidos en la legislación aplicable. |

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| — | Conservar una copia de la declaración UE de conformidad durante diez años después de que el producto haya sido introducido en el mercado[(128)](#ntr128-C_2016272ES.01000101-E0128), o durante el período especificado en el acto de armonización de la Unión pertinente. |

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| — | Garantizar que la documentación técnica puede ser comercialización de la autoridad nacional competente a petición de esta[(129)](#ntr129-C_2016272ES.01000101-E0129). El importador debe cooperar con dicha autoridad y, tras una petición motivada[(130)](#ntr130-C_2016272ES.01000101-E0130), debe facilitar a la autoridad toda la información y la documentación necesaria para demostrar la conformidad de un producto en un lenguaje que pueda ser comprendido fácilmente por dicha autoridad. La autoridad nacional podría aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua escogida está sujeta a negociación con la autoridad y podría ser una tercera lengua, si fuese aceptada por la autoridad. |

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| — | En el caso de una petición motivada, es suficiente con que el importador facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento denunciado y apropiada para demostrar que el fabricante se ha ocupado o no de este asunto. Por tanto, cualquier petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a esa parte de la documentación. |

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| — | Previa petición de las autoridades de vigilancia del mercado, el importador debe identificar a cualquier agente económico que le haya suministrado y al que haya suministrado el producto. Debe estar en condiciones de presentar esta información durante un período de diez años después de habérsele suministrado el producto o durante un período de diez años después de que haya suministrado el producto. |

Por otra parte, en virtud de determinados actos de armonización de la Unión, se puede exigir al importador que, al igual que un fabricante, lleve a cabo o encargue ensayos con muestras de productos ya introducidos en el mercado[(131)](#ntr131-C_2016272ES.01000101-E0131).

De igual manera, los importadores que tengan motivos para pensar que un producto que han introducido en el mercado no es conforme con la legislación de armonización de la Unión aplicable adoptarán inmediatamente las medidas correctoras necesarias para dotarlo de conformidad o para retirarlo y, si procede, pedir su recuperación. Asimismo, cuando el producto entrañe un riesgo, los importadores informarán inmediatamente a las autoridades nacionales competentes.

El importador no necesita una petición del fabricante ni una relación preferencial con el fabricante, como el representante autorizado. No obstante, el importador debe garantizar, para cumplir sus responsabilidades, que se puede establecer contacto con el fabricante (por ejemplo, para poner la documentación técnica a disposición de la autoridad que la solicite).

El importador puede realizar tareas administrativas en nombre del fabricante. En tal caso deberá ser nombrado explícitamente por el fabricante para convertirse en representante autorizado.

3.4.   EL DISTRIBUIDOR

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| |  |  | | --- | --- | | — | El distribuidor es una persona física o jurídica de la cadena de suministro, distinta del fabricante o el importador, que comercializa un producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los distribuidores están sujetos a obligaciones específicas y tienen un papel clave en el contexto de la vigilancia del mercado. | |

Junto a los fabricantes y los importadores, los distribuidores son la tercera categoría de agentes económicos sujetos a obligaciones específicas. El distribuidor es una persona física o jurídica de la cadena de suministro, distinta del fabricante o el importador, que comercializa un producto.

No se exigirá que minoristas, mayoristas y otros distribuidores de la cadena de suministro tengan una relación preferencial con el fabricante, como el representante autorizado. Un distribuidor adquiere productos para su posterior distribución a un fabricante, a un importador o bien a otro distribuidor.

Los distribuidores han de actuar con la debida atención[(132)](#ntr132-C_2016272ES.01000101-E0132) en lo tocante a los requisitos vigentes[(133)](#ntr133-C_2016272ES.01000101-E0133). Deben saber, por ejemplo, en qué productos debe figurar el marcado CE, qué información debe acompañar al producto (por ejemplo, la declaración UE de conformidad), cuáles son los requisitos en materia de lenguas para el etiquetado, las instrucciones de uso u otra documentación adjunta, y qué es un indicio claro de que el producto no es conforme. Los distribuidores tienen la obligación de demostrar a la autoridad nacional de vigilancia del mercado que han actuado con la debida atención y garantizar que el fabricante, o su representante autorizado, o la persona que les suministra el producto ha adoptado las medidas requeridas por la legislación de armonización de la Unión indicadas en las obligaciones para los distribuidores.

La evaluación de la conformidad, la redacción y la conservación de la declaración UE de conformidad y la documentación técnica siguen siendo responsabilidad del fabricante y/o del importador en el caso de los productos procedentes de terceros países. Las obligaciones del distribuidor no incluyen comprobar si un producto ya introducido en el mercado sigue cumpliendo las obligaciones jurídicas actualmente aplicables en el caso de que estas hayan cambiado. Las obligaciones del distribuidor hacen referencia a la legislación vigente cuando el producto fue introducido en el mercado por parte del fabricante o del importador, a menos que la legislación específica disponga algo distinto.

El distribuidor debe ser capaz de identificar al fabricante, a su representante autorizado, al importador o a la persona que le ha suministrado el producto con el fin de ayudar a la autoridad de vigilancia del mercado en su intento de obtener la declaración UE de conformidad y las partes necesarias de la documentación técnica. Las autoridades de vigilancia del mercado tienen la posibilidad de dirigir su petición de documentación técnica directamente al distribuidor. Sin embargo, no se espera que este último disponga de la documentación pertinente.

Antes de comercializar un producto, el distribuidor debe verificar los siguientes requisitos formales[(134)](#ntr134-C_2016272ES.01000101-E0134):

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| — | que el producto está provisto del/ de los marcado(s) de conformidad requerido(s) (por ejemplo, el marcado CE), |

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| — | que el producto va acompañado por la documentación pertinente [por ejemplo, la declaración UE de conformidad[(135)](#ntr135-C_2016272ES.01000101-E0135)] y por instrucciones e información de seguridad[(136)](#ntr136-C_2016272ES.01000101-E0136) en un lenguaje que sea fácilmente comprensible por parte de los consumidores y otros usuarios finales si así lo exige la legislación aplicable, |

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| — | que el fabricante y el importador han indicado 1) su nombre, 2) la marca o nombre comercial registrado, y 3) la dirección de contacto, en el producto o, cuando no resulte posible debido al tamaño o a las características físicas de los productos, en su embalaje y/o en la documentación adjunta[(137)](#ntr137-C_2016272ES.01000101-E0137), y que el producto presenta un número de tipo, lote o serie u otro elemento que permita su identificación. |

El distribuidor no debe suministrar productos cuando sepa o suponga, debido a la información en su poder y como profesional, que no son conformes a la legislación. Asimismo, deben cooperar con la autoridad competente en las acciones emprendidas para evitar o minimizar estos riesgos, e informar al fabricante o al importador así como a las autoridades nacionales competentes[(138)](#ntr138-C_2016272ES.01000101-E0138).

Los distribuidores están sujetos obligaciones semejantes una vez el producto se ha comercializado. Si tienen motivos razonables para creer que un producto no es conforme, deben asegurarse de que el fabricante o el importador adoptan medidas correctoras para dotar al producto de conformidad, y deben informar a las autoridades nacionales competentes. Los distribuidores deben ponerse en contacto con el importador o el fabricante para aclarar sus dudas sobre la conformidad del producto.

Además de controlar la conformidad del producto con los requisitos formales, el distribuidor debe:

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| 1. | adoptar medidas correctoras cuando sospechen que existe un incumplimiento[(139)](#ntr139-C_2016272ES.01000101-E0139); |

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| 2. | ayudar a las autoridades de vigilancia del mercado a identificar al fabricante o al importador responsable del producto que pone un producto a disposición en el mercado; |

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| 3. | sobre la base de una petición motivada[(140)](#ntr140-C_2016272ES.01000101-E0140) de una autoridad competente, cooperar con dicha autoridad y facilitarle toda la información y la documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto[(141)](#ntr141-C_2016272ES.01000101-E0141); |

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| 4. | a petición de las autoridades de vigilancia del mercado, identificar a cualquier agente económico que les haya suministrado y al que hayan suministrado el producto. Deben estar en condiciones de presentar esta información durante un período de 10 años después de habérseles suministrado el producto y durante un período de 10 años tras haber suministrado el producto[(142)](#ntr142-C_2016272ES.01000101-E0142). |

Las condiciones de distribución (por ejemplo, el transporte o el almacenamiento) pueden incidir en el mantenimiento de la conformidad con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable. Así pues, la persona a cargo de las condiciones de distribución deberá adoptar las medidas necesarias para proteger la conformidad del producto. Esto se hace para garantizar que el producto cumple los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos en el momento de su primer uso dentro de la Unión[(143)](#ntr143-C_2016272ES.01000101-E0143).

En ausencia de legislación de armonización de la Unión, las condiciones de distribución pueden estar reguladas en cierta medida a escala nacional de conformidad con los artículos 34 y 36 del TFUE. La legislación nacional que reconoce a los miembros de una profesión específica el derecho a distribuir determinados productos es susceptible, en la medida en que restringe las ventas a determinados canales, de afectar a las posibilidades de comercialización de productos importados. En consecuencia, dicha legislación puede constituir una medida con un efecto equivalente a una restricción cuantitativa de las importaciones. Sin embargo, puede justificarse, entre otras cosas, por razones de protección de la salud pública, si la medida es apropiada para ese fin y si no va más allá de lo necesario para lograrlo[(144)](#ntr144-C_2016272ES.01000101-E0144).

Prestadores de servicios de tramitación de pedidos a distancia

Los centros de tramitación de pedidos a distancia[(145)](#ntr145-C_2016272ES.01000101-E0145) representan un nuevo modelo empresarial derivado del comercio electrónico. Los productos que ofrecen los operadores de internet están generalmente almacenados en centros de tramitación de pedidos a distancia establecidos en la UE a fin de garantizar su rápida entrega a los consumidores de la UE. Estas entidades dan un servicio a otros operadores económicos. Almacenan los productos y, previa recepción de los pedidos, los embalan y los envían a los clientes. A veces, también se encargan de tramitar las devoluciones. Los servicios logísticos pueden ofrecerse con arreglo a un amplio abanico de posibles modalidades de funcionamiento. Algunos centros logísticos ofrecen todos los servicios enumerados anteriormente, mientras que otros solo los cubren parcialmente. También difieren en tamaño y ámbito operativo, desde operadores globales a microempresas.

Las actividades de los prestadores de servicios de tramitación de pedidos a distancia descritas anteriormente van más allá de las suministradas por los prestadores de servicios de paquetería, que proporcionan servicios de tramitación, clasificación, transporte y entrega de paquetes. La complejidad del modelo empresarial que ofrecen hace de los prestadores de servicios de tramitación de pedidos a distancia un elemento necesario en la cadena de suministro y, por tanto, puede considerarse que forman parte del suministro de un producto y, por consiguiente, participan en la introducción en el mercado del mismo. Así, puesto que los prestadores de servicios de tramitación de pedidos a distancia suministran los servicios descritos anteriormente, que van más allá de los suministrados por los prestadores de servicios de paquetería, deben considerarse distribuidores y cumplir las responsabilidades jurídicas correspondientes.

Habida cuenta de la variedad de centros logísticos de tramitación de pedidos a distancia y de los servicios que dichos centros proporcionan, del análisis del modelo económico de determinados operadores se deriva que son importadores o representantes autorizados.

3.5.   OTROS INTERMEDIARIOS: LOS PRESTADORES DE SERVICIOS INTERMEDIARIOS CONTEMPLADOS EN LA DIRECTIVA SOBRE EL COMERCIO ELECTRÓNICO

La Directiva sobre el comercio electrónico[(146)](#ntr146-C_2016272ES.01000101-E0146) establece el marco jurídico para el comercio electrónico en la UE. Introduce normas armonizadas sobre aspectos como los requisitos de información y la transparencia de los prestadores de servicios en internet, las comunicaciones comerciales o los contratos electrónicos.

La Directiva sobre el comercio electrónico no contempla las categorías de agentes económicos; más bien describe las diferentes categorías de actividades. Las categorías de actividades más pertinentes, desde la perspectiva de la seguridad y la conformidad del producto, son las actividades de alojamiento de datos[(147)](#ntr147-C_2016272ES.01000101-E0147). Son actividades de alojamiento de datos el almacenamiento de la información suministrada por el destinatario del servicio, como tiendas, mercados o plataformas de internet.

Los prestadores de servicios intermediarios que realizan las actividades descritas anteriormente se benefician de una exención de responsabilidad por perjuicios o sanciones penales que deriven del contenido suministrado por terceros que utilicen sus redes. No obstante, la exención de responsabilidad no es absoluta. En el caso de las actividades de alojamiento de datos, que son las más pertinentes por lo que se refiere al ámbito de la seguridad y la conformidad de los productos, la exención solo se aplica si el prestador de servicios intermediarios 1) no tiene conocimiento efectivo del carácter ilícito de la información albergada, y 2) tan pronto tenga conocimiento efectivo del contenido ilícito, o sea consciente del mismo [por ejemplo, mediante una notificación «suficientemente precisa y debidamente fundamentada»[(148)](#ntr148-C_2016272ES.01000101-E0148)], actúe con prontitud para retirar la información que haya almacenado o para hacer que sea imposible acceder a estos datos. Si no reúne estos requisitos, no puede acogerse a la exención y, por tanto, se le puede considerar responsable de los contenidos que alberga.

Conforme a lo dispuesto en el artículo 15 de la Directiva sobre el comercio electrónico, los Estados miembros no pueden imponer a estos prestadores de servicios ni una obligación general de supervisar los contenidos, ni una obligación general de realizar búsquedas activas de hechos o circunstancias que indiquen actividades ilícitas. Esto significa que las autoridades nacionales no pueden establecer una obligación general para que los intermediarios supervisen activamente la totalidad del tráfico en internet buscando elementos que indiquen actividades ilícitas, como productos que no sean seguros.

No obstante, la prohibición de solicitar una supervisión general no impide a las autoridades públicas establecer requisitos de supervisión específicos, aunque estos acuerdos deben dirigirse a un ámbito preconcebido. Como ejemplo de un ámbito de actuación distinto, si bien con determinadas similitudes, un tribunal puede ordenar a los prestadores de servicios que se aseguren de que determinados sitios en internet, que contienen exclusivamente contenidos que infringen los derechos de autor o productos falsificados, estén bloqueados para los usuarios del Estado miembro en cuestión.

En la práctica, esto significa que las autoridades nacionales pueden contactar a los prestadores de servicios de alojamiento que, al notificárseles una actividad ilícita, si quieren beneficiarse de la exención de responsabilidad deben retirar o deshabilitar el contenido, de forma que los clientes de la UE ya no puedan acceder a los productos inseguros o no conformes a través de sus servicios. No obstante, las autoridades de vigilancia del mercado deben basar sus actividades en las disposiciones aplicables del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en la legislación de armonización de la UE pertinente y, por tanto, deben dirigirse, en primer lugar, al agente económico responsable. Las autoridades de vigilancia del mercado deben evaluar, caso por caso y con el debido respeto del principio de proporcionalidad, cuál es la acción más apropiada que deben tomar, habida cuenta del grado de riesgo, de si se puede identificar al agente económico, de la urgencia, de si con anterioridad se habían tomado medidas en relación con un producto determinado, etc.

El término «contenido» hace referencia a una oferta de un producto en la red (por ejemplo, su foto, descripción, etc.). El término «actividad ilícita» hace referencia a las actividades abordadas tanto por el derecho penal como por el derecho administrativo. La exención de responsabilidad hace referencia a la responsabilidad civil, administrativa o penal de todo tipo de actividades ilícitas iniciadas por terceros en la red, como la piratería lesiva del derecho de autor y la piratería de marcas, las prácticas comerciales desleales, etc. La Directiva busca crear un equilibrio justo entre todos los intereses en juego. La base jurídica para notificar y solicitar a los prestadores de servicios de alojamiento que retiren o inhabiliten el acceso a los contenidos ilícitos se encuentra en las transposiciones nacionales de la Directiva sobre el comercio electrónico. Además, la mayoría de intermediarios de internet han elaborado sus propios mecanismos de notificación.

3.6.   EL USUARIO FINAL

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | A diferencia de los agentes económicos, los usuarios finales no están definidos en la legislación de armonización de la Unión ni están sujetos a obligaciones. |  |  |  | | --- | --- | | — | Muchos productos regulados por la legislación de armonización de la Unión son utilizados en el lugar de trabajo y en consecuencia también están sujetos a la legislación de la UE relativa a la seguridad en el lugar de trabajo. | |

La legislación de armonización de la Unión no establece obligaciones para los usuarios finales de los productos en su ámbito de aplicación[(149)](#ntr149-C_2016272ES.01000101-E0149). Este es el caso incluso en ausencia de agentes económicos responsables presentes en la UE (por ejemplo, en el contexto de los productos vendidos a través de internet). En consecuencia, el término no aparece definido en esa legislación. Sin embargo, es innegable que el término abarca tanto a los usuarios profesionales como a los consumidores. El concepto de «uso final» por parte de un profesional o un consumidor está relacionado intrínsecamente con el concepto de «uso previsto»[(150)](#ntr150-C_2016272ES.01000101-E0150).

Muchos productos sujetos a la legislación de armonización de la Unión se usan en el lugar de trabajo. De conformidad con la legislación basada en el artículo 153 del TFUE, los empleadores tienen obligaciones en lo tocante a la utilización de los equipos de trabajo en el lugar de trabajo por parte de sus empleados. Se considera que un empleador es cualquier persona física o jurídica que tiene una relación laboral con un trabajador (cualquier persona empleada por un empleador) y que es responsable de su empresa o establecimiento.

De conformidad con la Directiva relativa a las disposiciones mínimas de seguridad y de salud para la utilización por los trabajadores en el trabajo de equipos de trabajo (2009/104/CE), el empleador debe adoptar todas las medidas necesarias para garantizar que los equipos de trabajo (por ejemplo, máquinas y aparatos) puestos a disposición de los trabajadores son aptos para el trabajo realizado, y que pueden ser utilizados por los trabajadores sin que perjudiquen a su seguridad o su salud. El empleador solamente puede obtener o usar equipos de trabajo que cumplan las disposiciones de la legislación aplicable en el momento de su primer uso, o bien, si no hay otra legislación aplicable o si únicamente es aplicable en parte, los requisitos mínimos establecidos en el anexo I de la Directiva 2009/104/CE. El empleador también debe adoptar las medidas necesarias para garantizar que los equipos de trabajo se mantienen en dicho nivel. Por otra parte, el empleador tiene la obligación de facilitar información y formación a los trabajadores en relación con la utilización de los equipos de trabajo.

De conformidad con la Directiva relativa a las disposiciones mínimas de salud y de seguridad para la utilización por los trabajadores en el trabajo de equipos de protección individual (89/656/CEE), dichos equipos deben cumplir las disposiciones pertinentes de la UE sobre diseño y fabricación en materia de seguridad y salud (este es el acto de armonización de la Unión relativo a los equipos de protección individual). Por otra parte, los equipos deben ser apropiados para el riesgo implicado, corresponder a las condiciones existentes en el lugar de trabajo, tener en cuenta los requisitos en materia de ergonomía y el estado de salud del trabajador, ajustarse correctamente al usuario y ser compatibles cuando se deba utilizar más de una pieza de equipo de manera simultánea. El empleador, antes de escoger los equipos de protección individual, debe evaluar el cumplimiento de los requisitos.

De conformidad con la Directiva sobre las disposiciones mínimas de seguridad y salud relativas al trabajo con equipos que incluyen pantallas de visualización (90/270/CEE), los empleadores están obligados a realizar un análisis de los puestos de trabajo para evaluar las condiciones de seguridad y salud, especialmente en relación con posibles riesgos para la vista, problemas físicos y problemas de estrés mental. La Directiva también establece los requisitos mínimos para las pantallas de visualización y otros equipos.

De conformidad con la Directiva relativa a la aplicación de medidas para promover la mejora de la seguridad y de la salud de los trabajadores en el trabajo (89/391/CEE), los trabajadores tienen la responsabilidad general de velar, en la medida de lo posible, por su propia seguridad y salud y por la de otras personas afectadas por sus actos en el lugar de trabajo. De conformidad con la formación y las instrucciones recibidas por parte del empleador, deben, por ejemplo, utilizar correctamente las máquinas, los aparatos y otros medios de producción, así como los equipos de protección individual.

Las Directivas 89/391/CEE, 2009/104/CE, 89/656/CEE y 90/270/CEE establecen requisitos mínimos. Por tanto, se permite que los Estados miembros adopten o mantengan unas disposiciones más rigurosas, siempre que resulten compatibles con el TFUE. Las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión deben ser respetadas y, en consecuencia, las disposiciones nacionales adicionales no pueden solicitar una modificación de un producto comprendido en el ámbito de aplicación de un acto de armonización de la Unión, ni influir en las condiciones de comercialización de dichos productos.

4.   REQUISITOS DEL PRODUCTO

4.1.   REQUISITOS ESENCIALES DEL PRODUCTO

4.1.1.   
DEFINICIÓN DE REQUISITO ESENCIAL

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Gran parte de la legislación de armonización de la Unión limita la armonización legislativa a una serie de requisitos esenciales que son de interés público. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos esenciales definen los resultados que se pretende alcanzar, o los peligros a los que se hará frente, pero no especifican las soluciones técnicas para lograrlo. | |

Un rasgo fundamental de buena parte de la legislación de armonización de la Unión es que limita la armonización legislativa a los requisitos esenciales que son de interés público. Estos requisitos tratan sobre la protección de la salud y la seguridad de los usuarios (habitualmente, consumidores y trabajadores) pero también abarcan otros requisitos fundamentales (por ejemplo, la protección de la propiedad, la escasez de recursos o el medio ambiente).

Los requisitos esenciales han sido diseñados para ofrecer y garantizar un alto nivel de protección. Se derivan de determinados peligros asociados al producto (por ejemplo, la resistencia física y mecánica, la inflamabilidad, sus propiedades químicas, eléctricas o biológicas; la higiene, la radiactividad, la precisión), o bien hacen referencia al producto o a sus prestaciones (por ejemplo, disposiciones relativas a los materiales, el diseño, la construcción, el proceso de fabricación, las instrucciones redactadas por el fabricante), o establecen el principal objetivo de protección (por ejemplo, mediante una lista ilustrativa). Con frecuencia son una combinación de ambos. Por consiguiente, a un determinado producto se le pueden aplicar al mismo tiempo varios actos de armonización de la Unión, ya que los requisitos esenciales de los distintos actos de armonización de la Unión necesitan ser aplicados de manera simultánea para regular todos los aspectos de interés general pertinentes.

Los requisitos esenciales deben ser aplicados como una función del peligro inherente a un producto dado. Así pues, los fabricantes deben llevar a cabo un análisis del riesgo a fin de identificar primero todos los posibles riesgos que puede suponer el producto y determinar los requisitos esenciales aplicables al mismo. Este análisis deberá ser documentado e incluido en la documentación técnica[(151)](#ntr151-C_2016272ES.01000101-E0151). Además, el fabricante debe documentar la evaluación de cómo aborda los riesgos identificados a fin de garantizar que el producto cumple los requisitos esenciales aplicables (por ejemplo, aplica normas armonizadas). Si solamente se aplica una parte de la norma armonizada, o esta no abarca la totalidad de los requisitos esenciales aplicables, debe documentarse el modo en que se tratan los requisitos esenciales no regulados[(152)](#ntr152-C_2016272ES.01000101-E0152).

Los requisitos esenciales definen los resultados que se pretende alcanzar, o los peligros a los que se hará frente, pero no especifican las soluciones técnicas para lograrlo. La solución técnica concreta puede ser facilitada por una norma o por otra especificación técnica, o ser diseñada conforme a los conocimientos generales científicos o de ingeniería establecidos en la literatura científica y en materia de ingeniería, con arreglo al criterio del fabricante. Esta flexibilidad permite a los fabricantes escoger la manera de cumplir los requisitos. También permite, por ejemplo, que los materiales y el diseño de los productos puedan adaptarse a los avances tecnológicos. En consecuencia, la legislación de armonización de la Unión basada en requisitos esenciales no precisa de una adaptación regular a los avances técnicos, puesto que la evaluación de si se cumplen o no los requisitos está basada en el estado de los conocimientos técnicos especializados en el momento en que el producto es introducido en el mercado.

Los requisitos esenciales se establecen en las secciones o anexos pertinentes de un determinado texto de legislación de armonización de la Unión. Aunque en los requisitos esenciales no se incluyen especificaciones de fabricación pormenorizadas, el grado de redacción detallada varía entre los diferentes actos de armonización de la Unión[(153)](#ntr153-C_2016272ES.01000101-E0153). Se pretende que la redacción sea suficientemente precisa para crear, al transponerlos a la legislación nacional, unas obligaciones jurídicamente vinculantes que puedan ser aplicadas, y para facilitar la puesta en marcha de peticiones de normalización por parte de la Comisión a las organizaciones europeas de normalización con el fin de generar normas armonizadas. También son formuladas así para permitir la evaluación de la conformidad con estos requisitos, incluso en ausencia de normas armonizadas o en el caso de que el fabricante opte por no aplicarlas.

4.1.2.   
CUMPLIMIENTO DE LOS REQUISITOS ESENCIALES: NORMAS ARMONIZADAS

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los términos «norma», «norma nacional», «norma europea», «norma armonizada» y «norma internacional» están sujetos a definiciones concretas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las normas son de aplicación voluntaria. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las «normas armonizadas» son «normas europeas» adoptadas a petición de la Comisión para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las normas armonizadas otorgan una presunción de conformidad con los requisitos esenciales que deben regular. | |

4.1.2.1.   Definición de una norma armonizada

El Reglamento (UE) n.o 1025/2012[(154)](#ntr154-C_2016272ES.01000101-E0154) incluye definiciones de los términos «norma», «norma nacional», «norma europea», «norma armonizada» y «norma internacional».

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las «normas» se definen como especificaciones técnicas adoptadas por un organismo de normalización reconocido, para su aplicación continua o repetida, cuya observancia no es obligatoria. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las «normas europeas» son «normas» adoptadas por las organizaciones europeas de normalización (OEN) enumeradas en el anexo I del Reglamento (UE) n.o 1025/2012[(155)](#ntr155-C_2016272ES.01000101-E0155). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Teniendo en cuenta las primeras dos definiciones mencionadas anteriormente, las «normas armonizadas» son «normas europeas» adoptadas a petición de la Comisión para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión. La aplicación de las normas armonizadas conserva su carácter voluntario. |

La definición de «norma armonizada», en el contexto del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, no se limita a las normas armonizadas que respaldan la legislación armonizada sobre los producto, ya que el Reglamento integra el uso de normas armonizadas en la legislación de armonización relativa a los servicios de una manera similar a la de la legislación de armonización de la Unión sobre los productos.

4.1.2.2.   Función de las normas armonizadas

Las normas armonizadas son desarrolladas y publicadas como otras normas europeas que siguen la normativa interna de las organizaciones europeas de normalización. De conformidad con esta normativa, todas las normas europeas deben ser transpuestas a escala nacional por parte de los organismos nacionales de normalización. Esta transposición significa que las normas europeas correspondientes deben ser puestas a disposición como normas nacionales de manera idéntica, y que todas las normas nacionales incompatibles deben ser retiradas en un plazo razonable.

Las normas armonizadas son normas europeas a las que el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 y la legislación sectorial de armonización de la Unión dotan de un significado especial[(156)](#ntr156-C_2016272ES.01000101-E0156). Las normas armonizadas conservan su naturaleza de aplicación voluntaria[(157)](#ntr157-C_2016272ES.01000101-E0157). No obstante, es importante señalar que la definición de una norma armonizada no contiene referencia alguna a la publicación de su título en el Diario Oficial. Mientras no se publique el título de una norma armonizada en el Diario Oficial, ni la norma armonizada ni partes de la misma otorgan presunción de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos que dicha norma pretende regular. La Comisión solicitará oficialmente a las organizaciones europeas de normalización que presenten normas armonizadas emitiendo una petición de normalización (mandato). En el Vademécum de normas armonizadas sobre la normalización europea se describen con detalle el papel y los preparativos de la petición de normalización de la Comisión a las organizaciones europeas de normalización[(158)](#ntr158-C_2016272ES.01000101-E0158). Previamente, la Comisión consulta a los Estados miembros[(159)](#ntr159-C_2016272ES.01000101-E0159). Obtener normas basadas en un consenso en el sentido del Reglamento (UE) n.o 1025/2012[(160)](#ntr160-C_2016272ES.01000101-E0160) implica una consulta más amplia de las autoridades sectoriales a escala nacional. Por tanto, la petición ofrece una prueba clara de las expectativas de las autoridades públicas.

Las organizaciones europeas de normalización adoptarán una postura oficial sobre una petición de la Comisión de conformidad con su normativa interna. La aceptación de la petición y el posterior trabajo de normalización dan inicio al período de mantenimiento del statu quo para los organismos nacionales de normalización, tal como se dispone en sus normativas internas y, en el caso de las normas armonizadas, también en el Reglamento (UE) n.o 1025/2012.

La elaboración y la adopción de normas armonizadas se basan en el Reglamento (UE) n.o 1025/2012[(161)](#ntr161-C_2016272ES.01000101-E0161) y en las directrices generales para la cooperación entre las organizaciones europeas de normalización y la Comisión y la AELC de 28 de marzo de 2003[(162)](#ntr162-C_2016272ES.01000101-E0162). Existen varios requisitos, principios y compromisos concernientes a la normalización, como la participación de todas las partes interesadas (por ejemplo, fabricantes, incluidas las pyme, asociaciones de consumidores, partes interesadas medioambientales y sindicatos), la función de las autoridades públicas, la calidad de las normas y una transposición uniforme de normas europeas en toda la Unión por parte de los organismos nacionales de normalización.

Las organizaciones europeas de normalización son responsables de identificar, en consonancia con las peticiones pertinentes, y de elaborar, normas armonizadas en el sentido de la legislación sobre el mercado interior pertinente, y de presentar a la Comisión una lista de normas armonizadas adoptadas. El contenido técnico de esas normas armonizadas es responsabilidad exclusiva de las organizaciones europeas de normalización. Una vez las autoridades públicas han llegado a un acuerdo sobre una petición, la búsqueda de soluciones técnicas en principio debe dejarse a las partes interesadas. En determinadas áreas, como el medio ambiente y la salud y la seguridad, la participación de autoridades públicas a nivel técnico es importante para el proceso de normalización. Sin embargo, la legislación de armonización de la UE sobre los productos no prevé un procedimiento en virtud del cual las autoridades públicas verifiquen o aprueben sistemáticamente, a escala nacional o de la Unión, el contenido de las normas armonizadas que hayan sido adoptadas por las organizaciones europeas de normalización[(163)](#ntr163-C_2016272ES.01000101-E0163). El diálogo entre los organismos de normalización y las autoridades públicas y, cuando proceda, su participación en el proceso de normalización debe no obstante contribuir a garantizar que los términos de la petición son comprendidos correctamente y que el proceso tiene debidamente en cuenta los intereses públicos.

Las organizaciones europeas de normalización definen el programa de trabajo relativo a las normas de armonización con arreglo a la petición pertinente. Asimismo, tras su examen y posible revisión, pueden identificar las normas existentes que, en su opinión, cumplen los términos de la petición, o bien modificar normas existentes para que cumplan dichos términos. De la misma manera, pueden identificar normas internacionales o nacionales y adoptarlas como normas europeas, y presentarlas a la Comisión como normas armonizadas. También es posible que en ocasiones solamente algunas partes o cláusulas de una norma armonizada respalden el requisito esencial, por lo que solamente estas partes o cláusulas otorgan una presunción de conformidad tras la publicación de las referencias en el Diario Oficial.

Una norma armonizada debe ajustarse a los requisitos esenciales o a otros requisitos jurídicos pertinentes del texto legislativo procedente, en consonancia con la petición correspondiente. Una norma armonizada puede contener especificaciones relativas no solamente a los requisitos esenciales, sino que traten otras cuestiones no reguladas. En tal caso, estas especificaciones se distinguirán claramente de aquellas que regulan los requisitos esenciales. Una norma armonizada no debe regular necesariamente todos los requisitos esenciales, pero en todo momento debe dejar claro qué requisito «está previsto que regule»[(164)](#ntr164-C_2016272ES.01000101-E0164), ya que de lo contrario un fabricante que cumpla una norma armonizada citada en el Diario Oficial no sabrá con respecto a qué requisitos se aplicará una «presunción de conformidad», y las autoridades públicas no sabrán con respecto a qué requisitos esenciales deben aceptar una presunción de conformidad.

Los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos pertinentes que se tiene previsto regular habitualmente se indican en un anexo[(165)](#ntr165-C_2016272ES.01000101-E0165) informativo separado de la norma armonizada. En caso de que los requisitos esenciales solo queden cubiertos parcialmente, la norma debe indicarlo claramente. En algunos casos el ámbito de aplicación de una norma armonizada puede también indicar los requisitos pertinentes con suficiente nitidez (por ejemplo, cuando hay una referencia clara a los riesgos relacionados con la seguridad regulados). Esta información sobre la «regulación prevista de los requisitos esenciales y de otro tipo» facilitada en una norma armonizada determina el ámbito de aplicación de la «presunción de conformidad con los requisitos jurídicos».

Es necesario establecer una distinción clara entre «conformidad con una norma» y «presunción de conformidad (cuando se aplica una norma armonizada)». La «conformidad con una norma» habitualmente hace referencia a una situación en la que una norma es «aplicada íntegramente». Así sucede, por ejemplo, en el caso de la certificación voluntaria con respecto a una norma. A efectos de la «presunción de conformidad», basta con aplicar solamente aquellas disposiciones relativas a los requisitos esenciales o a otros requisitos jurídicos que se tiene previsto que dicha norma regule.

Las normas armonizadas nunca sustituyen los requisitos jurídicamente vinculantes. Una especificación incluida en una norma armonizada no es una alternativa a un requisito esencial u otro requisito jurídico pertinente, sino únicamente un posible medio técnico para cumplir dicho requisito. En el caso de la legislación de armonización relacionada con los riesgos, esto significa en particular que un fabricante siempre, incluso cuando emplee normas armonizadas, será plenamente responsable de la evaluación de todos los riesgos de su producto para determinar qué requisitos esenciales (o de otro tipo) son de aplicación. Tras esta evaluación, el fabricante puede optar por aplicar las especificaciones incluidas en las normas armonizadas para introducir las «medidas de reducción del riesgo»[(166)](#ntr166-C_2016272ES.01000101-E0166) especificadas por las normas armonizadas. En la legislación de armonización relacionada con los riesgos las normas ofrecen principalmente determinados medios para reducir o eliminar los riesgos al tiempo que los fabricantes siguen siendo plenamente responsables de la evaluación del riesgo para identificar riesgos pertinentes y para identificar requisitos esenciales aplicables con el fin de seleccionar normas armonizadas u otras especificaciones aptas.

La función de las normas armonizadas respecto del cumplimiento de los requisitos esenciales aplicables identificados por un fabricante: una filosofía general para los casos en que el fabricante necesita identificar los requisitos esenciales aplicables.

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Cuando las normas armonizadas no indican claramente los requisitos esenciales que se tiene previsto regular, dichas normas pueden resultar menos útiles para los fabricantes, ya que existe una menor seguridad jurídica sobre el verdadero «alcance de la presunción de conformidad». Una indicación poco clara o incorrecta de los requisitos esenciales que se tiene previsto regular también puede llevar, en algunos casos, a objeciones formales contra las normas armonizadas (véase el punto 4.1.2.5). Cuando una norma armonizada solamente regula parte de los requisitos esenciales identificados como aplicables por parte de un fabricante, o determinados aspectos de los mismos, el fabricante debe emplear adicionalmente otras especificaciones técnicas pertinentes, o desarrollar soluciones de conformidad con los conocimientos generales científicos o de ingeniería establecidos en la literatura científica y en materia de ingeniería, con el fin de cumplir los requisitos esenciales de la legislación correspondiente. De una manera similar, si un fabricante decide no aplicar todas las disposiciones incluidas en una norma armonizada que normalmente otorgan la presunción de conformidad, debe, sobre la base de su propia evaluación del riesgo, indicar en su documentación técnica cómo se alcanza la conformidad, o bien que los requisitos esenciales pertinentes no son de aplicación para su producto.

En ocasiones, las normas pueden contener errores u ofrecer diferentes interpretaciones posibles. Si un fabricante encuentra un error o una incertidumbre, en primer lugar debe ponerse en contacto con su organismo nacional de normalización para pedir una aclaración.

4.1.2.3.   Proceso hacia normas armonizadas que otorgan la presunción de conformidad

El procedimiento general que conduce a una norma armonizada que otorga una presunción de conformidad se describe en el diagrama 1.

Antes de que comience la preparación de una petición de normalización que pida desarrollar normas armonizadas, debe existir [o debe estar en preparación[(167)](#ntr167-C_2016272ES.01000101-E0167)] una legislación de armonización de la Unión que prevea el uso de normas armonizadas como medio para cumplir los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos; es decir, el legislador ya ha dado el visto bueno político a las normas armonizadas que serán desarrolladas y publicadas en el marco jurídico contemplado por el Reglamento (UE) n.o 1025/2012.

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| 1. | Planificación de la petición de normalización de la Comisión: la Comisión publica sus planes sobre peticiones de futura normalización en el Programa anual de trabajo de la Unión sobre normalización europea, de conformidad con el artículo 8 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. Este programa de trabajo también identifica las necesidades en materia de normalización en virtud de la futura legislación de armonización. |

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| 2. | Preparación de una petición de normalización: de conformidad con el artículo 10, apartado 1, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión prepara un proyecto de petición mediante consultas a las organizaciones europeas de normalización, a los expertos sectoriales de los Estados miembros y a las partes interesadas pertinentes a escala de la Unión, de conformidad con el artículo 10, apartado 2, y el artículo 12 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. |

|  |  |
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| 3. | Adopción y notificación de una petición de normalización: la Comisión adopta una petición en forma de Decisión de Ejecución de la Comisión dirigida a las OEN previo dictamen positivo de los Estados miembros, de conformidad con el procedimiento establecido en el artículo 22, apartado 3, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. A continuación, la petición se notifica a las organizaciones europeas de normalización pertinentes. |

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| 4. | Aceptación de una petición de normalización: la organización europea de normalización pertinente indica su aceptación de la petición [(168)](#ntr168-C_2016272ES.01000101-E0168) en el plazo estipulado por el artículo 10, apartado 3, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. Los organismos nacionales de normalización están obligados a respetar los requisitos de mantenimiento del statu quo de conformidad con el artículo 3, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. La organización europea de normalización pertinente puede solicitar financiación de la UE (una subvención para actividades) sobre la base del capítulo V del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. La Comisión informará a la organización europea de normalización pertinente dentro del plazo establecido en el artículo 10, apartado 4, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 acerca de la concesión de la subvención. |

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| 5. | Planificación y acuerdo sobre un programa de trabajo: la(s) organización(es) europea(s) de normalización pertinente(s) elabora(n) un programa de trabajo (conjunto) en consonancia con la petición correspondiente y lo presenta(n) a la Comisión. |

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| 6. | Labor de redacción: el comité técnico responsable de una organización europea de normalización[(169)](#ntr169-C_2016272ES.01000101-E0169) elabora un proyecto de norma europea. Las organizaciones europeas de normalización siguen los principios reconocidos por la Organización Mundial del Comercio (OMC) en el ámbito de la normalización (coherencia, transparencia, apertura, consenso, aplicación voluntaria y eficacia). Además, el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 dispone requisitos directamente aplicables sobre la participación de las partes interesadas y la transparencia de los programas de trabajo y los proyectos de normas en sus artículos 3 a 5. La petición aceptada es uno de los documentos de referencia que el comité técnico responsable debe seguir durante la labor de redacción. De conformidad con el artículo 10, apartado 5, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la organización europea de normalización pertinente informará a la Comisión sobre las actividades emprendidas y, junto con la Comisión, aplicará medios aptos[(170)](#ntr170-C_2016272ES.01000101-E0170) para evaluar la conformidad de las normas redactadas con la petición inicial. |

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| 7. | Encuesta pública: las organizaciones europeas de normalización, junto con los organismos nacionales de normalización, ponen en marcha una encuesta pública que permite a todas las partes interesadas presentar sus comentarios a través de los organismos nacionales de normalización. El artículo 4, apartado 3, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 prevé un procedimiento en caso de que un organismo nacional de normalización reciba comentarios que indican una posible incidencia negativa sobre el mercado interior. |

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| 8. | Integración de los comentarios recibidos: el comité técnico responsable analiza los comentarios recibidos durante la encuesta pública y prepara el proyecto definitivo de norma europea. |

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| 9. | Votación oficial: los organismos nacionales de normalización votan sobre el proyecto final en una votación oficial en la que dichos organismos tienen voto ponderado. La versión final se adoptará si obtiene el respaldo de una mayoría simple de votos y un 71 % o más de los votos ponderados emitidos (sin contar las abstenciones). |

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| 10. | Ratificación y publicación de una norma europea (EN): cuando el resultado de la votación es positivo, la organización europea de normalización pertinente ratifica y publica la norma europea (EN). Puesto que en este caso la EN en cuestión respalda la legislación de armonización de la Unión y ha sido elaborada sobre la base de una petición de la Comisión, esta EN es una norma armonizada en el sentido del artículo 2, apartado 1, letra c), del Reglamento (UE) n.o 1025/2012; no obstante, todavía no implica una presunción de conformidad. |

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| 11. | Envío de referencias a la Comisión: la organización europea de normalización correspondiente transmite automáticamente las referencias de una norma armonizada pertinente a la Comisión. Esta información incluye en particular el número de referencia y el título en todas las lenguas oficiales de la UE. |

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| 12. | Verificación de las condiciones de publicación en el Diario Oficial: de conformidad con el artículo 10, apartado 5, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión debe verificar si la norma armonizada pertinente cumple la petición inicial. Durante esta verificación, la Comisión comprueba en particular que la norma armonizada esté regulada por la petición pertinente y que indique claramente y regule los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos «que está previsto que regule». Durante esta verificación no es necesario un análisis del contenido técnico, ya que en general la Comisión no acepta el contenido técnico ni se responsabiliza del mismo. No obstante, ya durante esta fase la Comisión también puede evaluar la adecuación de las especificaciones técnicas incluidas en una norma armonizada con los requisitos esenciales correspondientes, y esta evaluación puede llevar a no publicar las referencias en el Diario Oficial. |

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| 13. | Publicación de referencias en el Diario Oficial: de conformidad con el artículo 10, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión publica las referencias de una norma armonizada en el Diario Oficial. Esta publicación inicia finalmente una presunción de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos regulados por la norma armonizada pertinente. Una presunción de conformidad es habitualmente válida a partir de la fecha de su publicación en el Diario Oficial y, en los casos más comunes (véase asimismo el punto 4.1.2.5), puede ser suprimida por una objeción formal o cuando en el Diario Oficial se hace referencia a una versión revisada de la norma armonizada. |

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| 14. | Transposición nacional: los organismos nacionales de normalización tienen la obligación de transponer la norma europea pertinente[(171)](#ntr171-C_2016272ES.01000101-E0171) como una norma nacional idéntica basada en las normas internas de las organizaciones europeas de normalización. De conformidad con el artículo 3, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, también están obligados a retirar cualquier norma nacional que resulte contradictoria con una norma armonizada. |

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| 15. | Objeción formal: de conformidad con el artículo 11 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, un Estado miembro o el Parlamento Europeo pueden oponerse a la publicación de las referencias de una norma armonizada en el Diario Oficial[(172)](#ntr172-C_2016272ES.01000101-E0172). Por medio de este proceso, un Estado miembro o el Parlamento Europeo pueden solicitar a la Comisión que redacte una Decisión de la Comisión para impedir o retirar la presunción de conformidad. Se puede interponer una objeción formal en cuanto la norma haya sido adoptada y ratificada (en el caso de CEN y Cenelec) o adoptada (en el caso de ETSI) con arreglo a las normas de la organización pertinente. |

Diagrama 1

Proceso hacia unas normas armonizadas y la presunción de conformidad

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4.1.2.4.   La presunción de conformidad

Las normas armonizadas otorgan una presunción de conformidad con los requisitos esenciales que deben regular si sus referencias han sido publicadas en el Diario Oficial de la Unión Europea. Las referencias de las normas armonizadas se publican como Comunicaciones de la Comisión en la serie C del Diario Oficial[(173)](#ntr173-C_2016272ES.01000101-E0173).

Con frecuencia, las normas europeas, y también las normas armonizadas, se basan total o parcialmente en normas internacionales ISO o IEC. Sin embargo, en ocasiones, la presunción de conformidad solamente es posible cuando se aplica la versión europea debido a las modificaciones introducidas en ella.

El objetivo de publicar la referencia en el Diario Oficial es establecer la fecha a partir de la cual surte efecto la presunción de conformidad. La publicación de referencias de normas armonizadas es una labor administrativa para la Comisión que se realiza sin consultas adicionales a los Estados miembros o a los comités sectoriales pertinentes. Se trata del objetivo último para una norma armonizada y la conclusión del proceso que dio comienzo cuando la Comisión emitió la petición correspondiente. No obstante, antes de publicar las referencias la Comisión, de conformidad con el artículo 10, apartado 5, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, debe evaluar junto con las organizaciones europeas de normalización, que se cumplen todos los términos de la petición pertinente y que, efectivamente, la norma armonizada regula los requisitos esenciales o de otro tipo que afirma regular[(174)](#ntr174-C_2016272ES.01000101-E0174).

La publicación de referencias no es una acción automática, y la Comisión debe llevar a cabo una serie de controles y evaluaciones antes de que se produzca la publicación. Así, la Comisión puede negarse a publicar referencias o, en algunos casos, puede establecer determinadas limitaciones que se publican junto a las referencias.

Si, cuando ya se ha iniciado un procedimiento formal de objeción, se plantea la duda de si una norma armonizada cumple íntegramente los requisitos que debe regular en el sentido del artículo 11, apartado 1 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión, debido a esa duda, no puede publicar la referencia de conformidad con el artículo 10, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, y se debe adoptar una Decisión de Ejecución de la Comisión en el sentido del artículo 11, apartado 1.

Existen otras situaciones en las que las referencias podrían no ser publicadas. La evaluación de conformidad con el artículo 10, apartado 5, puede revelar que los términos de la petición pertinente no se cumplen de manera adecuada o que la norma contiene errores obvios. En tales casos, las condiciones para iniciar el procedimiento de objeción con arreglo al artículo 11[(175)](#ntr175-C_2016272ES.01000101-E0175) del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 habitualmente no se cumplen.

Otros ejemplos de razones para no publicar referencias son: la norma no está regulada por la petición de normalización pertinente; los productos regulados por la norma no están comprendidos en el ámbito de aplicación de la legislación de normalización de la Unión pertinente; la norma no indica qué requisitos jurídicos (esenciales) se regulan[(176)](#ntr176-C_2016272ES.01000101-E0176); la norma no regula los requisitos jurídicos (esenciales) que afirma regular; la norma contiene especificaciones que no respaldan los requisitos esenciales y no las separa claramente de las especificaciones que respaldan los requisitos esenciales; la norma afirma respaldar oros requisitos jurídicos distintos de los indicados en la petición; la norma contiene referencias normativas a otras especificaciones que no son aceptables debido a su origen, o a la ausencia de un proceso apropiado de generación de consenso durante su adopción, o las referencias normativas no son aún accesibles; otras razones derivadas de la no aplicación de normas internas de las organizaciones europeas de normalización o del hecho de que se ignore el requisito incluido en el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 durante la preparación de una norma armonizada pertinente.

En esos casos, por medio de la no publicación, la Comisión garantiza una aplicación correcta de la legislación de armonización de la Unión pertinente, así como un funcionamiento coherente y correcto del Mercado Único. Aquí la Comisión solamente puede pedir a las organizaciones europeas de normalización que corrijan las normas pertinentes haciendo referencia a los requisitos acordados incluidos en la petición pertinente y a otros principios reconocidos y acordados en virtud de los cuales deben trabajar dichas organizaciones. En algunos casos la Comisión puede contemplar la publicación de referencias con una limitación, teniendo presente no obstante que esas limitaciones no pueden solaparse con las razones para iniciar un procedimiento de objeción adecuado. La justificación de la no publicación procede de la propia petición pertinente, pero la Comisión también puede rechazar la publicación para proteger el funcionamiento correcto del Mercado Único.

El recurso a las normas armonizadas citadas en el Diario Oficial y que otorgan una presunción de conformidad sigue siendo voluntario[(177)](#ntr177-C_2016272ES.01000101-E0177). El fabricante puede decidir si hace referencia o no a estas normas armonizadas. No obstante, si el fabricante decide no seguir una norma armonizada, tiene la obligación de demostrar que sus productos cumplen los requisitos esenciales recurriendo a otros medios de su elección (por ejemplo, mediante cualquier especificación técnica existente, incluidas todas las demás normas disponibles). Si el fabricante aplica solamente una parte de la norma armonizada o si la norma armonizada aplicable no regula totalmente todos los requisitos esenciales aplicables, únicamente existirá presunción de conformidad en la medida en que la norma armonizada corresponda a los requisitos esenciales. Por esta razón es necesario que cada norma armonizada contenga información clara y correcta sobre los requisitos jurídicos (esenciales) regulados.

El cumplimiento de las normas armonizadas es, de acuerdo con determinados actos de armonización de la Unión, una opción con efectos sobre el procedimiento de evaluación de la conformidad aplicable, que en ocasiones da pie a la posibilidad de una evaluación de la conformidad sin intervención de un tercero o a un abanico de procedimientos más amplio[(178)](#ntr178-C_2016272ES.01000101-E0178).

4.1.2.5.   Retirada, restricción o prevención de la presunción de conformidad

El Reglamento sobre normalización (UE) n.o 1025/2012 contiene una disposición con arreglo a la cual es posible impugnar la publicación de títulos de normas armonizadas en el DO[(179)](#ntr179-C_2016272ES.01000101-E0179). Esta situación podría plantearse tanto con anterioridad a la publicación de la referencia de la norma armonizada en el Diario Oficial de la Unión Europea, como en el caso de una norma armonizada cuya referencia ya ha sido publicada en el DO.

En ambos casos, cuando un Estado miembro o el Parlamento Europeo[(180)](#ntr180-C_2016272ES.01000101-E0180) considera que una norma armonizada no cumple íntegramente los requisitos que tiene previsto regular y que están recogidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente, deberá informar a la Comisión sobre este particular. Tras consultar a los Estados miembros[(181)](#ntr181-C_2016272ES.01000101-E0181), la Comisión puede adoptar una Decisión de Ejecución para:

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| — | publicar, no publicar o publicar con restricciones la referencia a la norma armonizada en cuestión en el DO, o bien |

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| — | mantener, mantener con restricciones o retirar del DO las referencias a la norma armonizada en cuestión. |

En todos los casos, la Comisión debe publicar en su sitio web[(182)](#ntr182-C_2016272ES.01000101-E0182) información sobre las normas armonizadas que han sido objeto de dichas Decisiones de Ejecución.

En el marco de sus responsabilidades y obligaciones de conformidad con el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 y con la legislación sectorial pertinente, la Comisión también puede redactar y proponer una Decisión de Ejecución para objetar normas armonizadas por iniciativa propia. Si un Estado miembro ha iniciado una acción en virtud de una cláusula de salvaguardia[(183)](#ntr183-C_2016272ES.01000101-E0183) contra un producto que cumple una norma armonizada y si dicha acción de salvaguardia se considera justificada, la Comisión también tiene la responsabilidad de presentar una objeción contra la norma armonizada pertinente.

El procedimiento para impugnar una norma armonizada y su resultado no afecta a su existencia como norma armonizada o como norma europea, ya que solamente las organizaciones europeas de normalización pueden adoptar decisiones sobre la revisión o la retirada de sus productos finales. Este procedimiento de objeción da al legislador la posibilidad de controlar la presunción de conformidad, es decir, el efecto jurídico que emana de la publicación de la referencia en el DO. Solamente puede llevar a la retirada, la restricción o la prevención de dicha publicación en el DO. En los dos primeros casos, eso significa que la norma correspondiente ya no otorgará presunción de conformidad con los requisitos esenciales, o que dicha presunción de conformidad es limitada. En el último caso (prevención), significa que la norma nunca se convertirá en una norma armonizada que otorga presunción de conformidad.

Una norma armonizada puede ser impugnada como norma europea en cualquier momento tras su adopción por CEN, Cenelec o ETSI.

Además, en determinados casos excepcionales, la Comisión puede retirar la referencia del DO sin aplicar procedimientos de objeción formal si la propia OEN ya no revisa ni actualiza la edición pertinente de una norma armonizada o si ya no la considera una norma. Es el caso si la norma armonizada en cuestión ha sido retirada por la OEN pertinente sin que tenga intención de adoptar una norma armonizada revisada o si las normas nacionales que transponen la norma armonizada no están disponibles o ya no están vigentes como normas nacionales. El concepto relativo a los requisitos esenciales se basa en el supuesto de que, en general, las normas armonizadas reflejan el reconocimiento de los últimos avances técnicos y que la OEN revisa las normas regularmente. Cuando es evidente que la propia OEN pertinente ya no reconoce como norma una norma armonizada, o cuando la norma ya no se revisa o no está disponible como norma nacional, dicho documento ya no puede utilizarse por lo general para proporcionar la presunción de conformidad. El objetivo del artículo 11 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 es establecer un procedimiento para impugnar normas armonizadas vigentes únicamente, no para retirar normas armonizadas ni para elaborar normas armonizadas que no puedan considerarse normas europeas adoptadas en el contexto de las definiciones establecidas en el artículo 2 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012.

Otra situación específica en la que la Comisión puede tener que retirar las referencias del DO sin objeción formal está relacionada con los casos en que la publicación en el DO se produce por error o cuando se publica la referencia de un documento que no puede ser considerado como norma armonizada. El último caso puede incluir situaciones en las que la norma no está cubierta por ninguna petición de normalización o en las que la norma no cubre ningún requisito esencial o no ha sido correctamente adoptada por la OEN correspondiente con arreglo a principios de normalización reconocidos.

De conformidad con el Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión está obligada a informar a las partes interesadas[(184)](#ntr184-C_2016272ES.01000101-E0184) de todas las objeciones formales pendientes contra normas armonizadas con anterioridad a la adopción de decisiones oficiales.

4.1.2.6.   Revisión de normas armonizadas

Las normas armonizadas convierten los requisitos esenciales en especificaciones técnicas detalladas, en métodos de medición para evaluar y/o declarar la conformidad con los requisitos esenciales, y, en determinados casos, en valores numéricos para reconocer la conformidad con los requisitos esenciales. Al igual que la documentación técnica, están sujetas a cambios o, en otras palabras, a revisión.

En principio, la decisión oficial de revisar una norma armonizada es adoptada por las organizaciones europeas de normalización. Esto se lleva a cabo directamente por iniciativa propia[(185)](#ntr185-C_2016272ES.01000101-E0185) o siguiendo una petición de normalización de la Comisión, o indirectamente sobre la base de una decisión de la Comisión tras una objeción formal. La necesidad de una revisión puede derivarse de los cambios en el ámbito de aplicación del acto de armonización de la Unión (como una ampliación del alcance a otros productos o una modificación de los requisitos esenciales), del hecho de que la Comisión o un Estado miembro impugne el contenido de la norma armonizada, porque ya no puede otorgar presunción de conformidad con los requisitos esenciales, o de un determinado avance tecnológico.

Cuando se revisa una norma armonizada, la revisión debe estar sujeta a una petición de normalización para mantener la posibilidad de otorgar presunción de conformidad. A menos que pueda deducirse lo contrario, los términos y condiciones de la petición original son de aplicación también a la revisión de la norma armonizada. Esto no excluye la posibilidad de una nueva petición, en especial cuando la revisión está relacionada con carencias respecto de los requisitos esenciales.

Para otorgar presunción de conformidad, la norma revisada debe cumplir las condiciones generales de conformidad con la legislación de armonización de la Unión: la norma se basa en una petición de normalización, es presentada a la Comisión por la organización europea de normalización pertinente y su referencia es publicada por la Comisión en el Diario Oficial.

Siguiendo sus normas internas, la organización europea de normalización pertinente establece, para los organismos nacionales de normalización, la fecha límite de retirada de la edición sustituida de la norma nacional; en este caso, de las normas nacionales que transponen la edición anterior de la norma armonizada. La Comisión establece el período transitorio durante el cual tanto la norma armonizada derogada como la norma armonizada revisada pueden otorgar presunción de conformidad y lo publica en el Diario Oficial. Normalmente, se trata del período de tiempo que transcurre entre la fecha de publicación de la referencia de la nueva edición de la norma en el Diario Oficial y la fecha de retirada de las normas nacionales contradictorias, es decir, las normas nacionales que transponen la edición anterior de las normas armonizadas. Es responsabilidad de la Comisión velar por que estos períodos transitorios sean lo suficientemente largos y estén establecidos de forma coherente para todas las normas armonizadas. Tras este período transitorio, solamente la norma armonizada revisada otorgará presunción de conformidad.

La Comisión puede considerar que, por motivos de seguridad o de otro tipo, la versión sustituida de la norma armonizada debe dejar de otorgar presunción de conformidad antes de su fecha de retirada, establecida por la organización europea de normalización correspondiente, o en una fecha posterior. En tales casos, la Comisión fija una fecha anterior o posterior tras la cual la norma armonizada retirada ya no otorgará una presunción de conformidad, y publica esta información en el Diario Oficial. Si las circunstancias lo permiten, la Comisión puede consultar a los Estados miembros antes de adoptar una decisión para reducir o ampliar el período durante el cual ambas versiones de la norma otorgan presunción de conformidad.

A menos que se decida lo contrario sobre la base de una propuesta de la Comisión, la retirada de la referencia de una norma armonizada del Diario Oficial tras su revisión no invalida automáticamente los certificados existentes emitidos por los organismos notificados; solamente afecta a la conformidad que se confiere en las nuevas evaluaciones que siguen la nueva norma armonizada. Los productos elaborados de conformidad con el certificado antiguo siguen beneficiándose de la continuidad de la conformidad con los requisitos esenciales y pueden seguir siendo introducidos en el mercado hasta que expire la validez de los certificados pertinentes expedidos por los organismos notificados. Sin embargo, los fabricantes deben evaluar la importancia de los cambios en la versión anulada de la norma. El tipo de acción que el fabricante debe adoptar depende de la naturaleza de los cambios en las normas armonizadas, en especial si esos cambios son importantes con respecto a la cobertura de los requisitos esenciales, o si afectan al producto en cuestión. Además, el organismo notificado se mantendrá informado de los cambios en el estado actual de la técnica generalmente reconocido que indiquen que el tipo aprobado ya no puede cumplir los requisitos aplicables del instrumento legislativo, y determinará si tales cambios requieren más investigaciones. En caso afirmativo, el organismo notificado informará al fabricante en consecuencia. La referencia de la norma armonizada revisada, junto con información relativa a la versión anulada de la norma armonizada y la fecha en que cesa la presunción de conformidad de la versión anulada de la norma se publican de manera conjunta en el Diario Oficial. Por su propio interés, el fabricante debe comprobar cada publicación de la lista de normas armonizadas y verificar en ese contexto la validez de las normas armonizadas que ha aplicado con el fin de evaluar la conformidad de su producto. Esto es especialmente importante en los casos en que el propio fabricante declara la conformidad (en caso de control de producción interno) y en que el fabricante quiere asegurar la continuidad de la presunción de conformidad para los productos comercializados.

En el contexto de las directrices[(186)](#ntr186-C_2016272ES.01000101-E0186) acordadas entre la Comisión y las organizaciones europeas de normalización existe la expectativa de que todas las nomas armonizadas revisadas deberían contener información específica que indique los cambios significativos introducidos en las normas armonizadas revisadas o modificadas, información que las organizaciones de normalización deberían poner (gratuitamente) a disposición del público.

Una norma armonizada puede contener referencias normativas a otras normas. Por medio de estas referencias, las otras normas o partes de ellas se convierten en indispensables para la aplicación de una determinada norma armonizada. Las normas internas de las organizaciones europeas de normalización son aplicables cuando hacen referencia normativa a otras normas. Debido a la naturaleza de las normas armonizadas, normalmente no se usarán referencias a otras normas sin fechar, cuando las cláusulas pertinentes tengan previsto respaldar requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos. Las referencias sin fechar pueden provocar situaciones en las que los cambios en las especificaciones comprendidas por las normas armonizadas que otorgan la presunción de conformidad no estén controlados y no sean transparentes; los cambios en las referencias normativas no pueden ser controlados en el sentido del artículo 10, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, aunque debido a esos cambios una norma armonizada (o una parte de esta) será, de hecho, revisada.

4.1.3.   
CUMPLIMIENTO DE LOS REQUISITOS ESENCIALES: OTRAS POSIBILIDADES

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La conformidad de un producto puede ser demostrada no solamente por normas armonizadas, sino también gracias a otras especificaciones técnicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Sin embargo, otras especificaciones técnicas no se benefician de la presunción de conformidad. | |

La aplicación de normas armonizadas no es el único medio para demostrar la conformidad de un producto; sin embargo, solamente las normas armonizadas[(187)](#ntr187-C_2016272ES.01000101-E0187), tras la publicación de referencias en el DOUE, pueden otorgar una presunción de conformidad automática con respecto a los requisitos esenciales regulados por dichas normas.

De conformidad con algunos actos de armonización de la Unión, las normas nacionales pueden otorgar una presunción de conformidad (como medida transitoria) en tanto que no exista una norma armonizada que regule ese mismo ámbito[(188)](#ntr188-C_2016272ES.01000101-E0188). Los Estados miembros pueden comunicar a la Comisión el texto de estas normas nacionales, que consideran conformes a los requisitos esenciales. Tras consultar a los Estados miembros[(189)](#ntr189-C_2016272ES.01000101-E0189), la Comisión les notificará si la norma nacional disfruta o no de presunción de conformidad. Si la opinión es positiva, se exigirá a los Estados miembros que publiquen las referencias de dichas normas. La referencia también se publica en el DO. Este procedimiento no ha sido utilizado hasta la fecha con el fin de conceder máxima prioridad al desarrollo de normas europeas.

El fabricante puede decidir si aplica o no y si hace referencia o no a las normas armonizadas. No obstante, si el fabricante decide no seguir las normas armonizadas, tiene la obligación de demostrar que sus productos cumplen los requisitos esenciales recurriendo a otros medios de su elección que proporciones el nivel de seguridad o de protección de otros intereses que requiere la legislación aplicable. Estas pueden ser especificaciones técnicas, como normas nacionales, normas europeas o internacionales que no están armonizadas es decir, que no han sido publicadas en el DO; o bien las especificaciones propias del fabricante. En tales casos, el fabricante no se beneficia de la presunción de conformidad, sino que debe demostrar la conformidad por sí mismo. Esto implica que debe demostrar, en el expediente técnico del producto correspondiente y de una manera más detallada, cómo las especificaciones técnicas que utiliza otorgan conformidad con los requisitos esenciales[(190)](#ntr190-C_2016272ES.01000101-E0190).

Es importante destacar que, como regla general, la legislación de armonización de la Unión para los productos no impone el uso de normas armonizadas. Solamente los requisitos esenciales son jurídicamente vinculantes, y los fabricantes pueden aplicar cualquier norma y especificación técnica, pero solo las normas armonizadas otorgan presunción de conformidad.

Por otra parte, aunque el fabricante no haya usado normas armonizadas, un cambio en la norma armonizada pertinente podría significar un cambio en el estado de la técnica que implicara que ese producto ya no es conforme.

4.2.   REQUISITOS EN MATERIA DE TRAZABILIDAD

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos en materia de trazabilidad permiten rastrear el historial del producto y apoyar la vigilancia del mercado. Permiten a las autoridades de vigilancia del mercado localizar a agentes económicos fiables y obtener pruebas de la conformidad del producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos en materia de trazabilidad incluyen el etiquetado del producto y la identificación de los agentes económicos de la cadena de distribución. | |

4.2.1.   
¿POR QUÉ ES IMPORTANTE LA TRAZABILIDAD?

La trazabilidad es la capacidad para rastrear el historial del producto.

Desde la perspectiva de un regulador, la trazabilidad es importante porque permite un control eficaz a través de la vigilancia del mercado mediante medidas correctoras como las retiradas y las devoluciones. Hace posible el rastreo en la cadena de distribución de los productos no seguros o no conformes, e identifica las funciones y las responsabilidades del agente económico a lo largo de dicha cadena. La trazabilidad permite a las autoridades de vigilancia del mercado rastrear los productos hasta la fábrica y desde ahí hasta el usuario final en determinados casos.

Desde la perspectiva del fabricante, la trazabilidad es importante porque permite un control eficaz del proceso de producción y de los proveedores antes de la comercialización de los productos, y un control de su cadena de distribución tras la introducción del producto en el mercado. En caso de incumplimiento, los fabricantes pueden reducir la incidencia de las retiradas y las devoluciones dependiendo de lo detallado del sistema de trazabilidad.

4.2.2.   
DISPOSICIONES SOBRE TRAZABILIDAD

La legislación de armonización de la Unión es prescriptiva en lo tocante a los fines, pero no en cuanto a los medios para lograr dichos fines. Esto significa que la legislación de armonización de la Unión prevé requisitos para la trazabilidad de los productos comercializados, sin estipular cómo alcanzar o aplicar dichos requisitos. La legislación de armonización de la Unión también es tecnológicamente neutra, lo que significa que no ordena que se empleen tecnologías como la impresión o el moldeado. Los fabricantes deberán elegir el sistema de trazabilidad que consideren más apropiado en relación sus productos y su sistema de fabricación y de distribución.

La indicación del nombre y la dirección del fabricante (y también del importador en el caso de los productos importados) en el producto es un requisito básico de trazabilidad. En caso de ser necesario, permite a las autoridades de vigilancia del marcado ponerse rápidamente en contacto con el agente económico responsable de la introducción de un producto no seguro o no conforme en el mercado de la Unión.

No se estipula la obligación explícita de que las direcciones deban ir precedidas por las expresiones «Fabricado por», «Importado por» o «Representado por». Sin embargo, esa información no debe inducir a error al usuario final ni a las autoridades de vigilancia del mercado sobre el lugar de fabricación y la dirección de cada agente económico[(191)](#ntr191-C_2016272ES.01000101-E0191). Si estas expresiones no se mencionan, las autoridades de vigilancia del mercado decidirán cuál es la función de cada agente económico. En tal caso, corresponderá al agente económico demostrar que desempeña una función diferente.

No existe obligación de traducir a todas las lenguas necesarias las expresiones «fabricado por», «importado por» o «representado por». Se considera que estas palabras son de fácil comprensión en todas las lenguas oficiales de la UE.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 por el que se establecen los requisitos de acreditación y de vigilancia del mercado relacionados con la comercialización de productos y la Decisión n.o 768/2008/CE relativa a un marco común para la comercialización de productos establecen las prácticas actuales sobre trazabilidad exigiendo unas etiquetas específicas al respecto. Las disposiciones de referencia de la Decisión n.o 768/2008/CE reflejadas en la legislación de armonización de la Unión exigen:

|  |  |
| --- | --- |
| 1. | que los fabricantes indiquen los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial registrado o la marca comercial registrada[(192)](#ntr192-C_2016272ES.01000101-E0192) y 3) la dirección de contacto, en el producto o, si esto no es posible, en su embalaje o en la documentación adjunta al producto. La dirección deberá indicar un punto de contacto único con el fabricante[(193)](#ntr193-C_2016272ES.01000101-E0193); |

|  |  |
| --- | --- |
| 2. | que los importadores indiquen los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial registrado o la marca comercial registrada, y 3) su dirección de contacto en el producto o, cuando no sea posible, en su embalaje o en la documentación que acompaña al producto[(194)](#ntr194-C_2016272ES.01000101-E0194); |

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| --- | --- |
| 3. | que los fabricantes se aseguren de que sus productos llevan un número de tipo, lote, serie o modelo u otro elemento que permita su identificación, o, si el tamaño o la naturaleza del producto no lo permite, de que la información requerida figura en el embalaje o en la documentación que acompaña al producto[(195)](#ntr195-C_2016272ES.01000101-E0195), y |

|  |  |
| --- | --- |
| 4. | que los agentes económicos identifiquen a cualquier agente económico que les haya suministrado un producto y a cualquier agente económico al que hayan suministrado un producto[(196)](#ntr196-C_2016272ES.01000101-E0196). |

4.2.2.1.   Requisito de indicar el nombre y la dirección para los fabricante

Los fabricantes deberán indicar los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial registrado o la marca comercial registrada, y 3) la dirección de contacto, en el producto o, cuando no sea posible, en su embalaje o en la documentación adjunta.

Por norma general, el nombre y la dirección deben ser colocados en el producto. No obstante, de manera excepcional se podrán retirar del producto si no es posible aplicar esta norma. Tal extremo estaría justificado cuando la colocación en el producto no fuera posible debido a condicionantes técnicos o económicos fundados, excluidas sin embargo las razones estéticas. Corresponde al fabricante realizar esta evaluación. Su evaluación debe ser llevada a cabo con arreglo al tamaño o la naturaleza del producto[(197)](#ntr197-C_2016272ES.01000101-E0197). Algunos productos, como los audífonos, los sensores auditivos o similares son sencillamente demasiado pequeños para presentar esta información. En estos casos, el orden de prioridad es que como primera alternativa la información debe figurar en el embalaje, como segunda alternativa en la documentación adjunta, salvo en aquellos casos en que la legislación de armonización de la Unión sectorial exija que la información figure tanto en el embalaje como en la documentación adjunta.

El fabricante debe cumplir con esta obligación con independencia de su ubicación (dentro o fuera de la UE). Esta disposición implica que los productos vendidos sin embalaje o sin documentación adjunta deben llevar el nombre y la dirección del fabricante en el propio producto.

La dirección deberá indicar un punto de contacto único con el fabricante, especialmente para las autoridades de vigilancia del mercado. El texto jurídico obliga al fabricante a indicar un punto único de contacto en el producto. Solo se permite un punto de contacto único en cada producto. Ese punto no corresponderá necesariamente a la dirección donde el fabricante tiene su sede. Por ejemplo, esta dirección puede ser la de un representante autorizado o la de su servicio de atención al cliente.

No es necesario contar con un punto de contacto único en todos los Estados miembros en los que el producto se comercializa. No obstante, el fabricante puede colocar otras direcciones[(198)](#ntr198-C_2016272ES.01000101-E0198), siempre que deje claro cuál es el punto de contacto único. Este último deberá ser indicado en el producto o en la documentación como el «punto de contacto único». La dirección o el país no deben ser traducidos obligatoriamente a la lengua del Estado miembro en cuyo mercado el producto es puesto a disposición, pero los caracteres de la lengua utilizada deben permitir la identificación del origen y el nombre de la empresa.

Un sitio web proporciona información adicional, pero no basta como dirección. Normalmente una dirección consta de una calle y un número o un apartado de correos y el código postal y la ciudad, aunque algunos países podrían no ajustarse a este modelo.

4.2.2.2.   Requisito de indicar el nombre y la dirección de los importadores

Los importadores también deben indicar los tres elementos siguientes: 1) su nombre, 2) el nombre comercial registrado o la marca comercial registrada, y 3) la dirección de contacto, en el producto o, cuando no sea posible, en su embalaje o en la documentación que lo acompañe. La disposición hace referencia a la dirección en la que, especialmente las autoridades de vigilancia del mercado, les pueden contactar; esta dirección que no será necesariamente la dirección donde el importador tiene su sede; puede ser, por ejemplo, la dirección de algún servicio al cliente.

Por norma general, la identificación y la dirección del importador deberán indicarse en el producto. Solamente cuando esto no resulte posible, la identificación y la dirección del importador se indicarán en el embalaje y/o en la documentación que acompañe al producto. Esto puede suceder cuando el importador tenga que abrir el embalaje para colocar su nombre y su dirección en el producto. La información adicional del importador no debe ocultar la información colocada en el producto por parte del fabricante.

Un sitio web proporciona información adicional, pero no basta como dirección. Normalmente una dirección consta de una calle y un número o un buzón y el código postal y la ciudad, aunque algunos países podrían no ajustarse a este modelo.

El producto siempre debe presentar el nombre y la dirección del fabricante. Los productos importados también deben presentar el nombre y la dirección del importador. Por tanto, en conclusión, un producto presenta habitualmente una o dos direcciones[(199)](#ntr199-C_2016272ES.01000101-E0199):

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| — | Si el fabricante tiene su sede dentro de la Unión Europea, el producto solamente llevará una dirección (la del fabricante), ya que no hay un importador implicado. |

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| --- | --- |
| — | Si el fabricante (que se declara como tal indicando su nombre y su dirección en el producto) se ubica fuera de la UE y un importador introduce los productos en el mercado de la UE, en el producto figurarán dos direcciones: la del fabricante y la del importador. |

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| --- | --- |
| — | Si el fabricante está ubicado fuera de la UE y el importador introduce el juguete en el mercado con su nombre o marca comercial o modifica el producto ya introducido en el mercado (de una manera que afecte al cumplimiento de los requisitos vigentes), el importador será considerado fabricante. En este caso, la única dirección que figurará en el producto (o en el embalaje o en la documentación adjunta al producto) debe ser la del importador, que será considerado fabricante[(200)](#ntr200-C_2016272ES.01000101-E0200),[(201)](#ntr201-C_2016272ES.01000101-E0201). |

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| — | Si el fabricante se encuentra dentro de la UE (una empresa ubicada en la UE que declara ser el fabricante colocando su nombre y dirección en el producto) aunque los productos sean fabricados fuera de la UE, esa empresa es considerada el fabricante que introduce el producto en el mercado de la Unión, aunque en realidad otra empresa importe sus productos. En este caso no existe importador en el sentido de la definición y basta con que figure la dirección del fabricante. |

4.2.2.3.   Elemento de identificación

El producto debe llevar un número de tipo, lote, serie o modelo u otro elemento que permita su identificación. Por norma general, la identificación deberá ir colocada en el producto. No obstante, de manera excepcional se podrán retirar del producto si no es posible aplicar esta norma. Esto estaría justificado cuando el tamaño y/o la naturaleza del producto hiciera ilegible o técnicamente imposible dicha indicación[(202)](#ntr202-C_2016272ES.01000101-E0202). En estos casos, la identificación se debe colocar en el embalaje, si lo hay, o en la documentación que acompañe al producto. La identificación de producto no puede ser omitida ni desplazada al embalaje o a la documentación adjunta por motivos exclusivamente estéticos o económicos. Corresponde al fabricante realizar esta evaluación.

Esta disposición implica que, si el producto no tiene embalaje o no incluye documentación adjunta, la identificación debe colocarse en el propio producto.

Este requisito da libertad a los fabricantes para elegir la documentación que desean utilizar como identificación del producto, siempre y cuando se garantice su trazabilidad. El elemento de identificación debe garantizar un vínculo claro con la documentación pertinente que demuestre la conformidad del tipo de producto específico, en particular la declaración UE de conformidad. El elemento de identificación del producto debe ser el mismo que en la declaración UE de conformidad. El elemento de identificación elegido por el fabricante también es importante en caso de retirada o recuperación, puesto que todos los productos que lleven el mismo elemento de identificación deben retirarse del mercado o recuperarse.

En algunos casos, por ejemplo, cuando un producto consta de varias partes o es un montaje de varias partes, su naturaleza no permite colocar el elemento de identificación. La identificación del producto en estos casos debe ser colocada en el embalaje (o en la documentación adjunta). Además del marcado con un elemento de identificación en el embalaje, puede colocarse un marcado adicional de productos, partes o componentes individuales basado en las normas internas del fabricante y en sus pretensiones de minimizar la magnitud de una potencial retirada disponiendo de un sistema avanzado para rastrear artículos individuales (por ejemplo, códigos de lote, fechas de producción, etc.).

Según algunos agentes económicos, una manera de hacer referencia a los productos es utilizar un número de artículo (denominado «SKU», o unidad de almacenamiento de existencias) como identificación. Este número de artículo también puede ser utilizado como identificador en la declaración UE de conformidad junto a otros elementos que hacen posible la trazabilidad.

El producto consta de varias piezas o componentes

Cada producto está incluido en un embalaje pero habitualmente otras piezas o componentes pueden venderse también en otro embalaje como piezas o componentes separados, o en otras combinaciones de piezas o componentes. Algunas piezas o componentes de estos embalajes pueden estar provistos de marcado, mientras que otros son demasiado pequeños o tienen una forma que no permite colocar el marcado en la pieza. Por estas razones, se permite asignar al conjunto o embalaje un número de artículo y utilizar el mismo número de artículo en la declaración UE de conformidad.

El objetivo principal del elemento de identificación es permitir a las autoridades de vigilancia del mercado identificar un producto individual y vincularlo a la declaración UE de conformidad. Si, cuando tiene lugar la vigilancia del mercado, el producto sigue en su embalaje, será fácil identificar el elemento y por tanto asegurar que la correspondiente declaración UE de conformidad juzga la unidad de producto correspondiente. Sería más complicado tener que abrir el embalaje y localizar los artículos en los artículos individuales y seguidamente vincularlos a una determinada declaración UE de conformidad.

El producto consta de un solo artículo montado

También cuando un producto consta de un solo «artículo», no es infrecuente que este artículo haya sido montado por el fabricante utilizando varias piezas (pero no está destinado a ser desmontado por el consumidor). Las piezas que componen el artículo (producto) a menudo son usadas en más de un diseño de productos. Normalmente, algunas piezas no serán lo suficientemente grandes para que figure en ellas un elemento de identificación, mientras que otras piezas podrían no permitir el marcado con un elemento de identificación por razones técnicas (superficie desigual, superficie con forma esférica, etc.). También en este caso, está permitido colocar un número de artículo en el embalaje y utilizar el mismo número en la declaración UE de conformidad.

El producto consta de un artículo de varias piezas que no ha sido montado

En este caso puede parecer sencillo marcar el producto con un elemento de identificación que es idéntico al de la declaración UE de conformidad (es decir, un número de artículo). Sin embargo, el mismo producto puede ser vendido en combinación con otros productos o artículos en un conjunto. Dado que en el punto de producción se ignora cuál de los artículos será vendido «en solitario» y cuáles formarán un conjunto con otros productos, resulta más sencillo marcar en el embalaje el número de artículo que corresponde a la declaración UE de conformidad. Esto también hará que las autoridades de vigilancia del mercado puedan vincular más fácilmente el producto a la declaración UE de conformidad.

4.2.2.4.   Identificación de los agentes económicos

Los agentes económicos están obligados a realizar un seguimiento de los agentes económicos a los que suministraron su producto o a los que adquirieron productos, durante un período de diez años. Tenga presente que el usuario final (consumidor) no está sujeto a este requisito, ya que no se le considera un agente económico.

La legislación de armonización de la Unión no impone la manera de cumplir este requisito por parte de los agentes económicos, pero hay que señalar que las autoridades de vigilancia del mercado pueden solicitar documentación pertinente, como facturas, que permita rastrear el origen del producto. En consecuencia, puede ser útil conservar las facturas durante un período más prolongado del previsto en la legislación contable para cumplir los requisitos en materia de trazabilidad.

4.3.   DOCUMENTACIÓN TÉCNICA

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante debe redactar la documentación técnica. |  |  |  | | --- | --- | | — | La documentación técnica está destinada a ofrecer información sobre el diseño, la fabricación y el funcionamiento del producto. | |

La legislación de armonización de la Unión obliga al fabricante a redactar documentación técnica que contenga información que demuestre la conformidad del producto con los requisitos aplicables. Esta documentación puede formar parte de la documentación sobre el sistema de calidad cuando la legislación contempla un procedimiento de evaluación de la conformidad basado en un sistema de calidad (módulos D, E, H y sus variantes). La documentación técnica debe estar disponible cuando el producto es introducido en el mercado, con independencia de su origen o su ubicación[(203)](#ntr203-C_2016272ES.01000101-E0203).

La documentación técnica debe ser conservada durante diez años a partir de la fecha de introducción del producto en el mercado, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga expresamente otra duración[(204)](#ntr204-C_2016272ES.01000101-E0204). Esto es responsabilidad del fabricante o del representante autorizado establecido dentro de la Unión. Dado que el concepto de «introducción en el mercado» hace referencia a cada producto individual, el período de tiempo debe calcularse desde el momento en que el producto individual regulado por la documentación técnica es introducido en el mercado.

El contenido de la documentación técnica se recoge en cada acto de armonización de la Unión, con arreglo a los productos afectados. Por norma general, la documentación deberá incluir una descripción del producto y de su uso previsto, y abarcar el diseño, la fabricación y el funcionamiento del producto. La información incluida dependerá de la naturaleza del producto y de lo que se considere necesario desde el punto de vista técnico para demostrar la conformidad de dicho producto con los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión pertinente, o, si se han aplicado las normas armonizadas, su conformidad con estas especificándose los requisitos esenciales sujetos a las normas. Los requisitos que figuran en el anexo II de la Decisión n.o 768/2008/CE hacen referencia al contenido de la documentación técnica que es pertinente para demostrar la conformidad del producto con la legislación de armonización vigente. Por otra parte, el requisito de «un análisis y una evaluación del riesgo adecuados» obliga al fabricante a identificar primero todos los riesgos posibles del producto y determinar los requisitos esenciales aplicables. Este análisis deberá ser documentado e incluido en la documentación técnica. Además, el fabricante debe documentar la evaluación de cómo aborda los riesgos identificados a fin de garantizar que el producto cumple los requisitos esenciales aplicables (por ejemplo, por medio de la aplicación de normas armonizadas). Si solamente se aplica una parte de la norma armonizada, o esta no abarca la totalidad de los requisitos esenciales aplicables, también el modo en que se tratan los requisitos esenciales no regulados debe documentarse en la documentación técnica.

En el caso de que un producto haya sido objeto de rediseños y reevaluaciones de la conformidad, la documentación técnica deberá reflejar todas las versiones del producto; indicar los cambios introducidos y cómo es posible identificar las distintas versiones del producto, e incluir información sobre las distintas evaluaciones de la conformidad. Esto permite evitar situaciones en las que, durante la vida útil del producto, la autoridad de vigilancia del mercado se enfrente a versiones anteriores del producto a las que no es aplicable la versión de la documentación técnica presentada.

Algunos actos de armonización de la Unión requieren que la documentación técnica se redacte en una lengua aceptada por el organismo notificado[(205)](#ntr205-C_2016272ES.01000101-E0205). Con el fin de llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad que requieren la correcta verificación por parte de un tercero, la documentación siempre debe elaborarse en una lengua comprendida por el organismo notificado, aunque no se haya mencionado explícitamente en la legislación de armonización de la Unión.

4.4.   DECLARACIÓN UE DE CONFORMIDAD

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante o el representante autorizado establecido dentro de la Unión debe redactar y firmar una declaración UE de conformidad en el marco del procedimiento de evaluación de la conformidad dispuesto por la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | La declaración UE de conformidad debe contener toda la información pertinente para identificar la legislación de armonización de la Unión con arreglo a la cual se emite, así como al fabricante, el representante autorizado, en su caso el organismo notificado, el producto y, si procede, incluir también una referencia a las normas armonizadas o a otras especificaciones técnicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Siempre que un producto esté regulado por varios textos de legislación de armonización de la Unión que requieran una declaración UE de la conformidad, se requerirá una declaración de conformidad única. |  |  |  | | --- | --- | | — | La declaración de conformidad única puede estar formada por un expediente que contenga todas las declaraciones de conformidad individuales pertinentes. | |

La legislación de armonización de la Unión impone al fabricante la obligación de redactar y firmar una declaración UE de conformidad antes de introducir un producto en el mercado[(206)](#ntr206-C_2016272ES.01000101-E0206). El fabricante o su representante autorizado establecido dentro de la Unión debe redactar y firmar una declaración UE de conformidad en el marco del procedimiento de evaluación de la conformidad dispuesto por la legislación de armonización de la Unión. La declaración UE de conformidad es el documento que expresa que el producto cumple todos los requisitos esenciales pertinentes de la legislación vigente.

Al redactar y firmar una declaración UE de conformidad, el fabricante asume la responsabilidad de la conformidad del producto.

Al igual que sucede con la documentación técnica[(207)](#ntr207-C_2016272ES.01000101-E0207), la declaración UE de conformidad debe ser conservada durante diez años a partir de la fecha de introducción del producto en el mercado, a menos que la legislación disponga otra duración[(208)](#ntr208-C_2016272ES.01000101-E0208). Esto es responsabilidad del fabricante o del representante autorizado establecido dentro de la Unión. En el caso de los productos importados, el importador deberá asumir la responsabilidad de la declaración UE de conformidad[(209)](#ntr209-C_2016272ES.01000101-E0209).

El contenido de la declaración UE de conformidad hace referencia al modelo de declaración incluido en el anexo III de la Decisión n.o 768/2008/CE, o bien al modelo de declaración adjunto directamente a la legislación de armonización de la Unión correspondiente. La norma EN ISO/IEC 17050-1 ha sido redactada con el objetivo de proporcionar los criterios generales para la declaración de conformidad, y también puede ser usada como documento de orientación siempre que esté en consonancia con la legislación de armonización de la Unión aplicable. La declaración puede adoptar la forma de un documento, una etiqueta u otro elemento equivalente, y debe contener suficiente información para permitir el rastreo hasta la declaración de todos los productos que contempla.

El modelo de declaración de la Decisión n.o 768/2008/CE contiene:

|  |  |
| --- | --- |
| 1. | Un número que identifique al producto. Este número no debe ser único para cada producto. Puede hacer referencia a un producto, un lote, un tipo o una serie[(210)](#ntr210-C_2016272ES.01000101-E0210). Esto se deja al criterio del fabricante[(211)](#ntr211-C_2016272ES.01000101-E0211). |

|  |  |
| --- | --- |
| 2. | El nombre y la dirección del fabricante o del representante autorizado que realizan la declaración. |

|  |  |
| --- | --- |
| 3. | Una afirmación de que la declaración de conformidad se expide bajo la exclusiva responsabilidad del fabricante. |

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| 4. | Una identificación del producto que permita la trazabilidad. Se trata básicamente de cualquier información pertinente complementaria del punto 1 que describa el producto y que permita su trazabilidad. Para identificar el producto puede ser pertinente que contenga una imagen, pero a menos que se especifique como requisito en la legislación de armonización de la Unión, este aspecto se deja al criterio del fabricante. |

|  |  |
| --- | --- |
| 5. | Toda la legislación de armonización de la Unión pertinente que se cumple; las normas citadas u otras especificaciones técnicas (como las normas y las especificaciones técnicas nacionales) de una manera precisa, completa y claramente definida; esto implica especificar la versión y/o la fecha de la norma pertinente. |

|  |  |
| --- | --- |
| 6. | El nombre y el número de identificación del organismo notificado cuando ha participado en el procedimiento de evaluación de la conformidad[(212)](#ntr212-C_2016272ES.01000101-E0212),[(213)](#ntr213-C_2016272ES.01000101-E0213) y la referencia al certificado pertinente, en su caso. |

|  |  |
| --- | --- |
| 7. | Toda la información adicional que pueda ser requerida (por ejemplo, clase, categoría), si procede. |

|  |  |
| --- | --- |
| 8. | La fecha de publicación de la declaración; la firma y el cargo o un marcado equivalente de la persona autorizada[(214)](#ntr214-C_2016272ES.01000101-E0214),[(215)](#ntr215-C_2016272ES.01000101-E0215); podría ser cualquier fecha posterior a la realización de la evaluación de la conformidad. |

Cuando a un producto se le aplican varios textos de la legislación de armonización de la UE, el fabricante o el representante autorizado debe presentar una declaración de conformidad única con respecto a todos esos actos de la Unión[(216)](#ntr216-C_2016272ES.01000101-E0216). A fin de reducir la carga administrativa para los agentes económicos y facilitar su adaptación a la modificación de uno de los actos de la Unión aplicables, la declaración única puede ser un expediente compuesto por las declaraciones de conformidad individuales pertinentes[(217)](#ntr217-C_2016272ES.01000101-E0217).

La declaración UE de conformidad debe ser comercialización de la autoridad de vigilancia previa solicitud. Por otra parte, la legislación de armonización de la Unión relativa a máquinas, equipos para uso en atmósferas potencialmente explosivas, equipos radioeléctricos y terminales de telecomunicaciones, equipos de medida, embarcaciones de recreo, ascensores, sistemas ferroviarios convencionales y de alta velocidad, y componentes de la red europea de gestión del tráfico aéreo exigen que los productos vayan acompañados por la declaración UE de conformidad.

La declaración UE de conformidad debe ser traducida a la lengua o las lenguas requeridas por el Estado miembro en cuyo mercado es introducido o puesto a disposición el producto[(218)](#ntr218-C_2016272ES.01000101-E0218). La legislación de armonización de la Unión no especifica necesariamente quién tiene la obligación de traducirla. Por lógica, debería ser el fabricante u otro agente económico que ponga a disposición el producto. La declaración UE de conformidad debe ir firmada por el fabricante o su representante autorizado. Si una traducción de la declaración UE de conformidad ha sido elaborada por otro agente económico y no está firmada por el fabricante, junto con la versión traducida debe suministrarse asimismo una copia de la declaración UE de conformidad original firmada por el fabricante.

4.5.   REQUISITOS EN MATERIA DE MARCADO

4.5.1.   
MARCADO CE

4.5.1.1.   Definición y función del marcado CE

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE indica la conformidad del producto con la legislación de la UE aplicable al producto que contempla el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE se coloca en productos que serán introducidos en el mercado del EEE y de Turquía, tanto si han sido fabricados en el EEE, en Turquía o en otro país. | |

El marcado CE es un indicador clave (pero no una prueba) de la conformidad de un producto con la legislación de la UE, y permite la libre circulación de productos dentro del mercado europeo tanto si han sido fabricados en el EEE como en Turquía o en otro país.

Los Estados miembros del Espacio Económico Europeo (EEE) [a saber, los Estados miembros de la UE y algunos países de la AELC (Islandia, Noruega y Liechtenstein)] no tienen permitido restringir la introducción en el mercado de productos con marcado CE, a menos que dichas medidas estén justificadas por pruebas sobre la no-conformidad de un producto. Esto también es de aplicación para los productos fabricados en terceros países que son vendidos en el EEE.

El marcado CE no indica que un producto ha sido elaborado en la Unión Europea. El marcado CE indica la conformidad con los requisitos establecidos por el/los texto(s) correspondiente(s) de armonización de la Unión. Por tanto, debe ser considerado una información esencial para las autoridades de los Estados miembros, así como para otras partes pertinentes (por ejemplo, los distribuidores). El marcado CE no obedece a propósitos comerciales; es decir, no es una herramienta de márketing.

El marcado CE es la consecuencia visible de todo un proceso que incluye la evaluación de la conformidad en un sentido amplio e indica que un producto es declarado por su fabricante como conforme con la legislación de armonización de la Unión.

4.5.1.2.   Relación con la legislación existente

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El Reglamento (CE) n.o 765/2008 establece los principios generales que rigen el marcado CE, mientras que la Decisión n.o 768/2008/CE contempla normas que rigen su colocación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los textos legislativos de armonización sectorial de la UE que contemplan el marcado CE se basan en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en la Decisión n.o 768/2008/CE. | |

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 establece la definición, el formato y los principios generales que rigen el marcado CE. La Decisión n.o 768/2008/EC contempla procedimientos de evaluación de la conformidad que llevan a su colocación.

La legislación sectorial de armonización de la Unión que contempla la colocación del marcado CE sigue principalmente los principios del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y de la Decisión n.o 768/2008/CE.

Por norma general[(219)](#ntr219-C_2016272ES.01000101-E0219), el marcado CE puede ser introducido en un acto legislativo de la UE como marcado de conformidad jurídica si:

|  |  |
| --- | --- |
| — | se utiliza el método de armonización total, que significa que se prohíben las normativas nacionales no conformes que regulan el mismo ámbito que el acto legislativo en cuestión, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el acto de armonización de la Unión contiene procedimientos de evaluación de la conformidad con arreglo a la Decisión n.o 768/2008/CE. |

Sin embargo, existe una excepción a esta norma.

En aquellos casos debidamente justificados, un texto legislativo de armonización total conforme a la Decisión n.o 768/2008/CE puede contemplar un marcado diferente en lugar del marcado CE. Por ejemplo, la Directiva sobre equipos marinos no prevé el marcado CE, sino una marca de conformidad específica en forma de rueda de timón. El uso de la marca de la rueda de timón también está sujeto a los principios generales establecidos en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en la Decisión n.o 768/208/CE y cualquier referencia al marcado CE debe entenderse como referencia a la marca de la rueda de timón. De forma similar, para los equipos a presión transportables se requiere el marcado «Π» en vez del marcado CE.

4.5.1.3.   Quién debe (o no debe) colocar el marcado CE

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE es colocado por el fabricante (establecido dentro o fuera de la Unión) o por su representante autorizado establecido dentro de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Al colocar el marcado CE, el fabricante declara bajo su exclusiva responsabilidad que el producto cumple todos los requisitos legislativos de la UE aplicables, y que se han llevado a cabo satisfactoriamente los procedimientos de evaluación de la conformidad pertinentes. | |

El fabricante, tanto si tiene su sede dentro como fuera de la Unión, es la entidad responsable en última instancia de la conformidad del producto con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión y de la colocación del marcado CE. El fabricante puede designar a un representante autorizado para colocar el marcado CE en su nombre.

Al colocar el marcado CE en un producto, un fabricante declara, bajo su exclusiva responsabilidad (y con independencia de si un tercero ha participado en el proceso de evaluación de la conformidad), la conformidad con todos los requisitos jurídicos para obtener el marcado CE.

Si el importador o el distribuidor u otro agente introduce productos en el mercado con su propio nombre o marca comercial, o si los modifica, asumirá las responsabilidades del fabricante. Aquí se incluye la responsabilidad relativa a la conformidad del producto y la colocación del marcado CE. En este caso, debe tener información suficiente sobre el diseño y la fabricación del producto, puesto que asumirá la responsabilidad jurídica cuando coloque el marcado CE.

4.5.1.4.   Principios para la colocación del marcado CE

|  |
| --- |
| El marcado CE debe adoptar la forma que figura a continuación. Si el marcado CE es reducido o agrandado, se deben respetar las proporciones. |

![Image](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2016.272.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2016272ES.01006001.tif.jpg)

El marcado CE se colocará de manera visible, legible e indeleble en los productos o en su placa descriptiva. No obstante, cuando no sea posible o no esté justificado debido a la naturaleza del producto, deberá colocarse en el embalaje, en caso de que exista, y en la documentación adjunta. En principio, el marcado CE no se debe colocar hasta que se haya completado el procedimiento de evaluación de la conformidad para garantizar que el producto cumple todas las disposiciones de los actos de armonización de la UE pertinentes. Habitualmente esto tiene lugar cuando concluye la fase de producción. Esto plantea problemas si, por ejemplo, el marcado CE figura en una placa descriptiva que no se coloca en el producto hasta después de la inspección final. No obstante, si (por ejemplo) el marcado CE se coloca mediante estampación o moldeo, podrá ser colocado en cualquier otro momento de la fase de producción, siempre que se verifique la conformidad del producto en el marco del proceso de producción.

El requisito de visibilidad significa que el marcado CE debe ser fácilmente accesible para todas las partes. Por ejemplo, podría ser colocado en la parte posterior o inferior de un producto. El requisito de visibilidad no implica necesariamente que el marcado CE deba ser visible antes de abrir el embalaje de un producto, ya que solo es necesario colocar el marcado CE también en el embalaje en caso de que así lo requieran explícitamente los actos de la Unión pertinentes. Se exige una altura mínima de 5 mm, para garantizar que es legible. Sin embargo, de conformidad con varios textos legislativos[(220)](#ntr220-C_2016272ES.01000101-E0220), se pueden conceder las dimensiones mínimas de marcado CE para pequeños aparatos o componentes.

El marcado CE puede adoptar distintas formas (por ejemplo, color, sólido/hueco) siempre que esté colocado de manera visible, legible y respetando sus proporciones. También deberá ser indeleble, de manera que en circunstancias normales no se pueda eliminar sin dejar restos perceptibles (por ejemplo, algunas normas de producto recurren a un ensayo de frotado con agua y alcoholes de petróleo). Sin embargo, esto no significa que el marcado CE deba formar parte integral del producto.

No obstante, en algunos casos la colocación del marcado CE en el producto es inviable (por ejemplo, en determinados tipos de explosivos) o no resulta posible en unas condiciones técnicas o económicas razonables. Por otra parte, pueden darse casos en los que no sea posible respetar las dimensiones mínimas para la colocación, o en los que no se pueda garantizar que el marcado CE es colocado de manera visible, legible e indeleble.

En tales casos, el marcado CE puede ser colocado en el embalaje, si existe, y/o en la documentación adjunta, en caso de que la legislación de armonización de la Unión en cuestión contemple la existencia de dicha documentación. El marcado CE en el producto no se deberá omitir o desplazar al embalaje o a la documentación adjunta por razones puramente estéticas.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE establecen que el marcado CE debe tener las dimensiones, el formato y las proporciones definidos en el anexo II del Reglamento (CE) n.o 765/2008, y estar colocado de manera legible y clara. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE no prohíben ningún tipo de diseño (por ejemplo, el diseño «hueco»), siempre que se respeten las condiciones anteriores. Sin embargo, no está permitido utilizar únicamente el etiquetado electrónico.

4.5.1.5.   Colocación del marcado CE junto al número de identificación del organismo notificado

Cuando un organismo notificado participa en la fase de control de la producción de conformidad con la legislación de armonización de la Unión aplicable, su número de identificación debe figurar junto al marcado CE. El fabricante o el representante autorizado coloca el número de identificación si la legislación así lo exige, bajo la responsabilidad del organismo notificado.

Un organismo notificado puede participar en la fase de producción, dependiendo de los procedimientos de evaluación de la conformidad aplicados. El marcado CE debe ir seguido por el número de identificación del organismo notificado solamente si este ha intervenido en la fase de producción. Así, el número de identificación de un organismo notificado que haya participado en la evaluación de la conformidad en la fase de diseño con arreglo al módulo B no se ajusta al marcado CE. En ocasiones varios organismos notificados participan en la fase de producción, algo posible cuando hay más de un texto de armonización aplicable de la UE. En estas situaciones, varios números de identificación se ajustan al el marcado CE.

Por tanto, si el marcado CE aparece en productos sin número de identificación, esto significa que:

|  |  |
| --- | --- |
| — | ningún organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño o de producción (módulo A), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | que, por decisión del fabricante, participó en la fase de producción (módulos A1, A2)el organismo interno acreditado, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B) pero ningún organismo notificado ha intervenido en la fase de producción, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | (módulo C que sigue al módulo B), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B) y, por decisión del fabricante, el organismo interno acreditado intervino en la fase de producción (módulos C1 y C2 que siguen al módulo B); |

Si, no obstante, el marcado CE aparece en productos con un número de identificación[(221)](#ntr221-C_2016272ES.01000101-E0221), esto significa que:

|  |  |
| --- | --- |
| — | por decisión del fabricante un organismo notificado intervino en la fase de producción (módulos A1, A2); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o que un organismo notificado participó en la fase de diseño (módulo B) y que, por decisión del fabricante, un organismo notificado (no necesariamente el mismo, sino otro cuyo número de identificación aparece) intervino en la fase de producción (módulos C1, C2 que siguen al módulo B); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o que un organismo notificado participó en la fase de diseño (módulo B) y que un organismo notificado (no necesariamente el mismo, sino otro cuyo número de identificación aparece) intervino en la fase de producción (módulos C1, C2, D, E, F que siguen al módulo B); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o bien que un organismo notificado intervino en la fase de diseño y producción (módulos D1, E1, F1, G1, H, H1). |

El marcado CE y el número de identificación del organismo notificado no deben ser colocados necesariamente dentro de la Unión. Pueden ser colocados en un tercer país, por ejemplo si el producto es fabricado allí y si el organismo notificado llevó a cabo la evaluación de la conformidad en dicho país en consonancia con la legislación de armonización de la Unión pertinente. El marcado CE y el número de identificación también pueden ser colocados por separado, siempre que sigan estando combinados.

4.5.1.6.   Qué productos deben (o no deben) presentar el marcado CE

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE debe colocarse antes de que cualquier producto sujeto a él sea introducido en el mercado, excepto cuando la legislación de armonización de la Unión específica disponga lo contrario. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando los productos estén sujetos a varios actos de armonización de la Unión que dispongan la colocación del marcado CE, dicho marcado indica que los productos son declarados conformes con las disposiciones de todos estos actos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto solamente puede llevar colocado el marcado CE si está regulado por la legislación de armonización de la Unión que contempla su colocación. | |

No todos los productos deben recibir el marcado CE[(222)](#ntr222-C_2016272ES.01000101-E0222). La obligación de colocar el marcado CE se extiende a todos los productos comprendidos en el ámbito de aplicación de los actos legislativos que contemplan su colocación, y que están destinados al mercado de la Unión. Así, el marcado CE se debe colocar:

|  |  |
| --- | --- |
| — | en todos los productos de fabricación reciente que estén sujetos a la legislación que contempla el marcado CE, tanto si han sido fabricados en Estados miembros como en terceros países, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en los productos usados y de segunda mano importados desde terceros países que estén sujetos a la legislación que contempla el marcado CE, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en productos modificados que, al igual que los nuevos, están sujetos a la legislación que contempla el marcado CE y que han sido modificados de una manera que podría afectar a la seguridad o a la conformidad del producto con la legislación de armonización aplicable. |

En algunos casos, se considera que un producto es definitivo a los fines de un determinado acto de armonización de la Unión y debe llevar colocado el marcado CE. Este mismo producto será entonces incorporado a otro producto final que a su vez está sujeto a otro acto de armonización de la Unión que también exige el marcado CE. Esto genera una situación en la que un producto puede llevar colocado más de un marcado CE[(223)](#ntr223-C_2016272ES.01000101-E0223).

La legislación de armonización de la Unión que contempla en general el marcado CE puede excluir la aplicación del marcado CE en determinados productos. Por norma general, estos productos gozan de libre circulación si:

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| a) | van acompañados por:   |  |  | | --- | --- | | — | una declaración de incorporación para las máquinas parcialmente acabadas, de conformidad con la Directiva sobre máquinas, |  |  |  | | --- | --- | | — | una declaración de conformidad en el caso de los barcos parcialmente acabados contemplada en la Directiva sobre embarcaciones de recreo. | |

|  |  |
| --- | --- |
| b) | van acompañados por una declaración de conformidad en el caso de los componentes, como los define la Directiva sobre aparatos y sistemas para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX). |

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| c) | van acompañados por una declaración en el caso de:   |  |  | | --- | --- | | — | productos sanitarios a medida y los productos destinados a investigaciones clínicas contemplados en las Directivas sobre productos sanitarios implantables activos y productos sanitarios, |  |  |  | | --- | --- | | — | productos destinados a la evaluación de prestaciones contemplados en la Directiva sobre productos sanitarios para diagnóstico in vitro. | |

|  |  |
| --- | --- |
| d) | van acompañados por un certificado de conformidad en el caso de los accesorios contemplados en la Directiva sobre aparatos de gas. |

|  |  |
| --- | --- |
| e) | el producto está provisto del nombre del fabricante y una indicación de su capacidad máxima en el caso de los instrumentos no sujetos a una evaluación de conformidad con arreglo a la Directiva sobre instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático. |

|  |  |
| --- | --- |
| f) | el producto está fabricado de conformidad con prácticas de ingeniería sólidas en el caso de algunos artículos contemplados en las Directivas sobre recipientes a presión simples y equipos a presión. |

Además, la Directiva sobre equipos a presión da derecho a los Estados miembros a autorizar, dentro de su territorio, la introducción en el mercado y la puesta en servicio por parte de usuarios, de ensamblajes de equipos a presión que no lleven colocado el marcado CE, pero que hayan estado sujetos a una evaluación de la conformidad llevada a cabo por un organismo de inspección de los usuarios en lugar de un organismo notificado.

4.5.1.7.   Marcado CE y otros marcados

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE es el único marcado de conformidad que indica que un producto cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable y que contempla el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros deben abstenerse de introducir referencia alguna a otros marcados de conformidad en sus normativas nacionales, que pudieran solaparse con el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto puede llevar colocados marcados y marcas adicionales, siempre que desempeñen una función distinta a la del marcado CE, que no puedan generar confusión con este y que no reduzcan su legibilidad y su visibilidad. | |

El marcado CE sustituye a todos los marcados de conformidad obligatorios que tengan el mismo significado y que existían antes de que se produjera la armonización. Estos marcados de conformidad nacionales son incompatibles con el marcado CE y constituyen una infracción de la legislación europea aplicable correspondiente. Cuando se transpone la legislación de armonización de la Unión, los Estados miembros están obligados a incorporar el marcado CE en sus normativas nacionales y sus procedimientos administrativos. Asimismo, deben abstenerse de introducir en su legislación nacional cualquier otro marcado de conformidad que tenga el mismo significado que el marcado CE.

Sin embargo, es posible utilizar otros marcados siempre que contribuyan a la protección del interés público, que no estén regulados por la legislación de armonización de la Unión y que su colocación no perjudique a la visibilidad, la legibilidad y el significado del marcado CE. La colocación de marcados adicionales (como una marca comercial protegida de un fabricante u otros marcados privados o nacionales) se permite en la medida en que dichos marcados no generen confusión con el marcado CE. Esta confusión puede referirse al significado o a la forma del marcado CE.

A este respecto, los marcados adicionales al marcado CE deberán desempeñar una función diferente de la del marcado CE. Así pues, deben aportar información sobre la conformidad con unos objetivos diferentes de aquellos a los que hace referencia el marcado CE (por ejemplo, aspectos ambientales no regulados por la legislación de armonización de la Unión).

Por otra parte, varios actos de armonización de la Unión prevén marcados adicionales que son complementarios y que no se solapan con el marcado CE (véase en 4.5.2).

4.5.1.8.   Sanciones

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros se asegurarán de la correcta aplicación del régimen que rige el marcado CE e intervendrán de manera apropiada en caso de uso incorrecto del marcado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros establecerán asimismo las correspondientes sanciones, que podrán incluir sanciones penales por infracciones graves. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un Estado miembro debe notificar a la Comisión y a los demás Estados miembros que ha decidido restringir la libre circulación debido a una colocación incorrecta del marcado CE, o cuando emprende acciones contra los responsables de un producto no conforme que lleva colocado el marcado CE. | |

El marcado CE ofrece la primera indicación de que se puede dar por supuesto que se han llevado a cabo los controles necesarios, antes de la introducción en el mercado del producto correspondiente, para garantizar su conformidad con los requisitos legislativos. Las autoridades de vigilancia del mercado tienen derecho a instaurar controles adicionales para la protección de los aspectos de interés general. La medida que deben adoptar las autoridades de vigilancia del mercado debe ser decidida de manera individual con arreglo al principio de proporcionalidad.

Los Estados miembros deben contemplar en sus legislaciones nacionales medidas apropiadas tanto para impedir el abuso y el uso indebido del marcado CE, como para subsanar la situación si se produce un abuso o un uso indebido. Estas medidas deben ser eficaces, proporcionadas a la gravedad de la infracción y disuasorias, y pueden ser más severas si el agente económico pertinente ya ha cometido previamente una vulneración semejante. En caso necesario, pueden incluir la retirada, la recuperación de productos, castigos y sanciones penales (como multas y encarcelamiento).

Las medidas son impuestas sin perjuicio de otras medidas adoptadas cuando las autoridades de vigilancia del mercado consideren que un producto plantea un riesgo o no cumple la legislación vigente. Por otra parte, los Estados miembros deben garantizar que se aplican las medidas.

A este respecto, la colocación del marcado CE en un producto que no está regulado por ninguna legislación de armonización de la Unión que contemple su colocación se considera un engaño porque probablemente los consumidores o los usuarios, por ejemplo, tienen la impresión de que el producto correspondiente cumple determinadas disposiciones de armonización de la legislación de la Unión. Por tanto, las autoridades competentes deben tener a su disposición instrumentos jurídicos que les permitan actuar contra el uso engañoso del marcado CE. También se debe actuar contra quienes son responsables de un producto no conforme en el que figura el marcado CE.

La colocación de marcados añadidos al marcado CE está sujeta a algunas restricciones[(224)](#ntr224-C_2016272ES.01000101-E0224). La autoridad de vigilancia debe adoptar las medidas necesarias para garantizar que estos principios son respetados y, si fuera necesario, intervenir de manera apropiada.

Un Estado miembro debe informar a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de su decisión de restringir la libre circulación debido a una colocación incorrecta del marcado CE, y acerca de su intervención contra la persona responsable de la colocación del marcado CE en un producto no conforme. Seguidamente los demás Estados miembros decidirán si una intervención similar es necesaria o no. En el caso de una colocación indebida del marcado CE en productos no sujetos al requisito del marcado CE, el Estado miembro informará a la Comisión y a los demás Estados miembros sobre el particular.

4.5.2.   
OTROS MARCADOS OBLIGATORIOS

|  |
| --- |
| Varios textos de legislación de armonización de la Unión prevén marcados adicionales que son complementarios y que no se solapan con el marcado CE. |

Los pictogramas u otros marcados que indican, por ejemplo, la categoría de uso son, de conformidad con la legislación de armonización de la Unión, complementarios del marcado CE pero no forman parte de este ni pueden sustituirlo. En general, estos marcados se rigen por los mismos principios que el marcado CE. Algunos ejemplos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | el etiquetado energético de la UE para productos relacionados con la energía, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el marcado específico de protección contra las explosiones requerido para los equipos y los sistemas de protección destinados a usarse en atmósferas potencialmente explosivas, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el identificador de la categoría del equipo requerido para los equipos de radio (clase 2), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el marcado adicional de metrología requerido para los instrumentos de medida y para los instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático. |

5.   EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD

5.1.   MÓDULOS DE EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD

5.1.1.   
¿QUÉ ES LA EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD?

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La evaluación de la conformidad es el proceso llevado a cabo por el fabricante para demostrar si se cumplen o no los requisitos específicos relativos a un producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto está sujeto a evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción. | |

Dos elementos importantes de los actos legislativos (tanto de Nuevo Enfoque como de Antiguo Enfoque) que regulan productos son:

|  |  |
| --- | --- |
| — | los requisitos legislativos que rigen las características de los productos regulados, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | y los procedimientos de evaluación de la conformidad que el fabricante lleva a cabo para demostrar que un producto, antes de ser introducido en el mercado, cumple los requisitos legislativos. |

Esta guía trata la evaluación de conformidad según se establece en virtud de la Decisión n.o 768/2008/CE (en especial para la legislación de armonización de la Unión en el marco del Nuevo Enfoque y ahora del Nuevo Marco Legislativo).

Un producto está sujeto a evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción. La evaluación de la conformidad es una responsabilidad del fabricante. Aunque un fabricante subcontrate el diseño o la producción, seguirá siendo responsable de la evaluación de la conformidad en ambas fases.

La evaluación de la conformidad no debe ser confundida con la vigilancia del mercado, que consiste en controles por parte de las autoridades nacionales de vigilancia del mercado una vez el producto ha sido introducido en este. No obstante, ambas técnicas son complementarias e igualmente necesarias para garantizar la protección del interés público en juego y el funcionamiento fluido del mercado interior.

El objetivo fundamental de un procedimiento de evaluación de la conformidad es demostrar que los productos introducidos en el mercado cumplen los requisitos expresados en las disposiciones de la legislación pertinente.

5.1.2.   
LA ESTRUCTURA MODULAR DE LA EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD EN LA LEGISLACIÓN DE ARMONIZACIÓN DE LA UNIÓN

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | En la legislación de armonización de la Unión, los procedimientos de evaluación de la conformidad abarcan tanto la fase de diseño como la de producción. Están compuestos por uno o dos módulos. Algunos módulos abarcan ambas fases. En otros casos, en cada fase se utilizan módulos distintos. |  |  |  | | --- | --- | | — | La Decisión n.o 768/2008/CE establece el «menú horizontal» de módulos de evaluación de la conformidad y las maneras en que los procedimientos están compuestos por módulos. |  |  |  | | --- | --- | | — | El legislador selecciona, en el menú de módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad (recogido en la Decisión n.o 768/2008/CE), los más apropiados para el sector afectado. | |

En virtud de la legislación de armonización de la Unión, los procedimientos de evaluación de la conformidad están compuestos por uno o dos módulos de evaluación de la conformidad. Dado que los productos están sujetos a una evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción, el procedimiento de evaluación de la conformidad abarca ambas fases; mientras que un módulo puede abarcar:

|  |  |
| --- | --- |
| — | una de esas dos fases (en el caso de que un procedimiento de evaluación de la conformidad esté compuestos por dos módulos), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | ambas (en este caso el procedimiento de evaluación de la conformidad está compuesto por un solo módulo). |

La Decisión n.o 768/2008/CE establece un «menú horizontal» de módulos de evaluación de la conformidad y las maneras en que los procedimientos están compuestos por módulos.

El legislador selecciona, en el menú de módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad (recogido en la Decisión n.o 768/2008/CE), el/los más apropiado(s) para abordar las necesidades específicas del sector afectado[(225)](#ntr225-C_2016272ES.01000101-E0225). Se seleccionarán los módulos menos arduos teniendo en cuenta el tipo de productos y de peligros implicados, la incidencia sobre la protección de aspectos de interés general, la infraestructura económica del sector correspondiente, los métodos de producción, etc., y si resulta posible se dispondrá la elección de los módulos de inspección, certificación y/o control de la calidad.

Los procedimientos de evaluación de la conformidad son equivalentes desde un punto de vista jurídico, aunque no técnicamente idénticos en términos de métodos. Su aplicación en la legislación sectorial pretende ofrecer un alto grado de confianza con respecto a la conformidad de los productos con los requisitos esenciales pertinentes.

La intención de los módulos establecidos en la Decisión n.o 768/2008/CE es permitir un número limitado de procedimientos posibles.

No obstante, la opción ofrecida debe ser suficientemente variada para poder ser aplicable a la gama más amplia de productos afectados.

La legislación de armonización de la Unión establece procedimientos de evaluación de la conformidad, bien no dejando otra opción al fabricante o bien estableciendo un abanico de procedimientos entre los que el fabricante debe elegir. Dado que derivan de la Decisión n.o 768/2008/CE, los procedimientos de evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión se mantienen consistentes y coherentes. Por tanto, la evaluación de la conformidad del producto gana en transparencia, especialmente en los casos en que al producto se le aplica más de un acto legislativo de armonización.

5.1.3.   
AGENTES DE LA EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD. POSICIONAMIENTO DE LA EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD EN LA CADENA DE SUMINISTRO

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La evaluación de la conformidad es responsabilidad del fabricante, tanto si la legislación contempla la participación de un organismo notificado o interno de evaluación de la conformidad como si no. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los principales actores en la evaluación de la conformidad son el legislador, el fabricante y (si la legislación lo contempla) el organismo notificado o interno de evaluación de la conformidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los módulos usados tanto para la fase de diseño como para la de producción, o para estas fases por separado, pueden implicar o no a un organismo notificado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos de evaluación de la conformidad internos acreditados deben demostrar el mismo nivel de capacidad técnica y de imparcialidad que los organismos notificados. | |

La evaluación de la conformidad es una responsabilidad del fabricante. Sin embargo, si la legislación pertinente lo requiere, en el procedimiento de evaluación de la conformidad puede intervenir un tercero.

En total existen tres posibilidades:

|  |  |
| --- | --- |
| — | No hay participación de terceros. Esto puede afectar a casos en los que, según el legislador, una declaración (acompañada por la documentación y los análisis técnicos pertinentes) del fabricante es suficiente para garantizar la conformidad del producto o productos en cuestión con respecto a los requisitos legislativos correspondientes. En este caso el propio fabricante lleva a cabo todos los controles y las verificaciones requeridos, redacta la documentación técnica y garantiza la conformidad del proceso de producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | La evaluación de la conformidad es realizada con la participación de un organismo de evaluación de la conformidad interno acreditado que forma parte de la organización del fabricante. Sin embargo, este organismo interno no debe ejercer otras actividades aparte de evaluaciones de la conformidad y debe ser independiente de cualquier entidad comercial, de diseño y de producción (para obtener más información, véase el artículo R21 del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). Deberá demostrar la misma capacidad técnica e imparcialidad que los organismos de evaluación de la conformidad externos, por medio de la acreditación.  Cuando resulte apropiado para un sector concreto, el legislador puede reconocer el hecho de que los fabricantes utilizan instalaciones o laboratorios de ensayo muy bien equipados. Esto puede suceder con los productos complejos nuevos e innovadores, en relación con los cuales el fabricante sigue teniendo los conocimientos técnicos especializados en materia de ensayo. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Sin embargo, en otros casos el legislador puede considerar necesaria la intervención de un tercero, es decir, de un organismo de evaluación de la conformidad externo. Este organismo debe ser imparcial y totalmente independiente de la organización o del producto que evalúa (véase también el artículo R17, apartado 3, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE), no puede tomar parte en actividades que entren en conflicto con su independencia [véase también el artículo R21, apartado 2, letra c), del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE] y, por tanto, no puede tener intereses como usuario o de otro tipo en el producto que va a evaluar. |

Los Estados miembros tienen la responsabilidad de notificar a los terceros organismos de evaluación de la conformidad incluidos en su jurisdicción que consideren técnicamente competentes para evaluar la conformidad de los productos con los requisitos de la legislación de armonización de la Unión aplicables en su caso. Los organismos internos no pueden ser notificados, pero deben demostrar la misma competencia técnica que los organismos externos, por medio de la acreditación. Los Estados miembros también deben garantizar que los organismos (internos o externos) mantienen permanentemente su competencia técnica.

Teniendo en cuenta lo anterior, las partes interesadas en un procedimiento de evaluación de la conformidad son las siguientes:

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| a) | El legislador, que:   |  |  | | --- | --- | | — | establece los requisitos jurídicos que deben cumplir los productos, |  |  |  | | --- | --- | | — | selecciona los módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad en el menú establecido con arreglo la Decisión n.o 768/2008/CE. | |

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| b) | El fabricante, que:   |  |  | | --- | --- | | — | diseña, fabrica y ensaya el producto, o que encarga su diseño, fabricación o ensayo, |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica del producto, |  |  |  | | --- | --- | | — | adopta todas las medidas necesarias para garantizar la conformidad de los productos, |  |  |  | | --- | --- | | — | tras una evaluación positiva de los productos, redacta la declaración UE de conformidad y coloca el marcado CE en los productos si la legislación así lo requiere, |  |  |  | | --- | --- | | — | tras la intervención de un organismo notificado, coloca el número de identificación del organismo notificado en el producto si la legislación así lo exige. |   Debe quedar claro que siempre es el fabricante quien asume la responsabilidad por la conformidad de sus productos con los requisitos legislativos pertinentes. En este sentido, y a efectos de la legislación de armonización de la Unión, el agente económico que introduce el producto en el mercado bajo su nombre o marca comercial pasa a ser automáticamente el fabricante. Por tanto, asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto, incluso si estas fases las ha llevado a cabo otra persona. Además, ha de estar en posesión de toda la documentación y todos los certificados necesarios para demostrar la conformidad del producto, aunque no es necesario que dichos documentos estén a su nombre. |

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| c) | El organismo (interno o externo) de evaluación de la conformidad, que:   |  |  | | --- | --- | | — | realiza controles y evaluaciones, si la legislación así lo dispone, |  |  |  | | --- | --- | | — | tras una evaluación positiva, emite el certificado o la acreditación de aprobación que requiere la legislación aplicable. | |

Un organismo de evaluación de la conformidad que desee llevar a cabo una evaluación de la conformidad para uno o varios módulos en virtud de un determinado texto legislativo de armonización de la UE deberá ser evaluado con arreglo a todos los requisitos para los diferentes módulos en relación con los cuales desea ofrecer sus servicios (véase el artículo 5.2.3). Un organismo que desea ofrecer servicios de evaluación de la conformidad en virtud de un texto de armonización de la UE debe ofrecer servicios al menos para un módulo de los indicados en el acto de armonización de la Unión. Hay que señalar que el organismo no está obligado a ofrecer servicios para más de un módulo, pero debe asumir la responsabilidad del módulo en su totalidad.

La posición exacta de la evaluación de la conformidad en la cadena de suministro se indica en el diagrama 2.

Diagrama 2

Evaluación de la conformidad

![Image](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2016.272.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2016272ES.01006801.tif.jpg)

5.1.4.   
LOS MÓDULOS Y SUS VARIANTES

|  |
| --- |
| Existen ocho módulos. Algunos de ellos tienen variantes. |

Existen ocho módulos (nombrados con las letras de la A a la H). Establecen las responsabilidades del fabricante (y de su representante autorizado) y el grado de implicación del organismo de evaluación de la conformidad notificado o interno acreditado. Son los componentes de los procedimientos de la evaluación de la conformidad recogidos en la Decisión n.o 768/2008/CE, el «menú horizontal».

Varios módulos presentan variantes. El motivo para ofrecer variantes dentro de los módulos (esto es de aplicación a todas las variantes de todos los módulos recogidos en la Decisión n.o 768/2008/CE) es garantizar el nivel de protección necesario para los productos que plantean un alto grado de riesgo y al mismo tiempo evitar la imposición de un módulo demasiado gravoso. La idea es minimizar en la medida de lo posible la carga para los fabricantes.

5.1.5.   
PROCEDIMIENTOS DE UNO Y DOS MÓDULOS. PROCEDIMIENTOS POR TIPO (EXAMEN UE DE TIPO)

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| En algunos casos, el procedimiento de evaluación de la conformidad se efectúa en dos etapas:   |  |  | | --- | --- | | — | Primero, se realiza un examen de la conformidad de un ejemplar de muestra o del diseño del producto afectado; |  |  |  | | --- | --- | | — | a continuación, se determina la conformidad de los productos fabricados con respecto al ejemplar de muestra aprobado. | |

En algunos casos (por ejemplo, la producción en serie basada en un tipo o ejemplar de muestra «representativo de la producción prevista») y cuando el producto en cuestión tiene un diseño complejo, la legislación de la UE puede disponer el procedimiento de evaluación de la conformidad en dos etapas:

|  |  |
| --- | --- |
| — | en primer lugar, se realiza el examen de la conformidad del tipo o ejemplar de muestra con respecto a los requisitos jurídicos pertinentes (el denominado examen UE de tipo, módulo B), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | y, seguidamente, se determina la conformidad de los productos fabricados con respecto al tipo UE aprobado. |

En estos casos los procedimientos de evaluación de la conformidad están compuestos por dos módulos: el primer módulo siempre es el módulo B.

Este método no solamente reduce la carga y los costes; también es más eficiente comparado con un examen tradicional que evalúa directamente la conformidad de los productos con respecto a los requisitos jurídicos. Una vez aprobado el tipo (algo que se hace solamente una vez por cada ejemplar de muestra específico), únicamente se debe comprobar si los productos que van a ser introducidos en el mercado son conformes al tipo aprobado.

El organismo de evaluación de la conformidad implicado en el marco del módulo B no es necesariamente el mismo que el que interviene en el módulo que se utiliza junto al módulo B.

En aquellos casos en que no haya examen UE de tipo, los procedimientos de evaluación de la conformidad estarán compuestos por un módulo de dos fases (diseño y producción).

El fabricante que procede con los módulos[(226)](#ntr226-C_2016272ES.01000101-E0226) que se utilizan junto con el módulo B no necesita ser la misma persona que posee el certificado de examen UE de tipo en aplicación del módulo B. Sin embargo, ese fabricante que después introduce los productos en el mercado asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto. En consecuencia, ha de estar en posesión de ambos certificados, aunque no hace falta que el certificado de examen UE de tipo esté a su nombre, así como del historial completo del producto. Debe contar con toda la información y los datos administrativos y técnicos, haber realizado el ensayo de tipo, gestionar la documentación técnica relacionada con el ensayo de tipo y haber efectuado ensayos por lotes. De hecho, el anterior razonamiento se aplica a todos los módulos y procedimientos, independientemente de si se trata de un procedimiento de evaluación de la conformidad de una fase o de dos fases. En los casos en los que un fabricante depende de otro u otros fabricantes para el diseño y la producción del producto, tiene que haber pruebas de que se mantiene al fabricante totalmente informado de cualquier cambio en el diseño, la producción y la evaluación de la conformidad del producto.

5.1.6.   
MÓDULOS BASADOS EN LA GARANTÍA DE LA CALIDAD

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El uso de sistemas de garantía de la calidad a los fines de una evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión se describe en los módulos D, E y H y en sus variantes. |  |  |  | | --- | --- | | — | A efectos de cumplir la legislación aplicable, el fabricante debe asegurarse de que el sistema de calidad es implantado y aplicado de tal manera que garantiza la plena conformidad de los productos con los requisitos legislativos correspondientes. |  |  |  | | --- | --- | | — | La conformidad del fabricante con las normas EN ISO 9000 y EN ISO 9001 otorga una presunción de conformidad con los módulos de garantía de la calidad correspondientes con respecto a las disposiciones legislativas sujetas a estas normas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Además, el sistema de calidad debe tomar en consideración las características específicas de los productos implicados. | |

Algunos módulos y sus variantes se basan en técnicas de garantía de la calidad y se derivan de las normas EN ISO 9000[(227)](#ntr227-C_2016272ES.01000101-E0227) y EN ISO 9001[(228)](#ntr228-C_2016272ES.01000101-E0228). Los módulos basados en técnicas de garantía de la calidad (módulos D, E, H y sus variantes) describen los elementos que un fabricante debe implantar en su organización para demostrar que el producto cumple los requisitos esenciales de la legislación aplicable.

Esto significa que un fabricante tiene la posibilidad de utilizar un sistema de calidad aprobado para demostrar la conformidad con los requisitos reglamentarios. El sistema de calidad es evaluado por el organismo notificado.

Un sistema de calidad implantado sobre la base de las normas EN ISO 9000 y EN ISO 9001 otorga una presunción de conformidad con los respectivos módulos en lo tocante a las disposiciones de los módulos sujetas a estas normas, siempre que el sistema de calidad tenga en consideración las características específicas de los productos implicados.

Sin embargo, para ajustarse a dichos módulos el fabricante es libre de aplicar otros modelos de sistema de calidad no basados en la norma EN ISO 9001.

En cualquier caso, el fabricante debe abordar específicamente todas las disposiciones reglamentarias al implantar su sistema de calidad, en particular:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Los objetivos de calidad, la planificación de la calidad y el manual de calidad deben tener plenamente en cuenta el objetivo de entregar productos que cumplan los requisitos esenciales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | El fabricante debe identificar y documentar los requisitos esenciales que son pertinentes para el producto, así como las normas armonizadas u otras soluciones técnicas que garantizarán la conformidad con estos requisitos. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las normas identificadas u otras soluciones técnicas deben ser usadas como aportación al diseño y como verificación de que la producción de diseño garantiza que se cumplirán los requisitos esenciales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las medidas adoptadas para controlar la fabricación deben garantizar que los productos cumplen los requisitos esenciales identificados. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Los registros de calidad, como los informes de inspección y los datos de ensayo, los datos de calibración y los informes de cualificación del personal afectado deben ser aptos para garantizar la observancia de los requisitos esenciales vigentes. |

5.1.7.   
RESUMEN DE LOS MÓDULOS

|  |  |
| --- | --- |
| Módulos | Descripción |
| A  Control interno de la producción | Abarca tanto el diseño como la producción.  El propio fabricante garantiza la conformidad de los productos con los requisitos legislativos (sin examen UE de tipo). |
| A1  Control interno de la fabricación más ensayo supervisado de los productos | Abarca tanto el diseño como la producción.  Módulo A + ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo interno acreditado o bajo la responsabilidad de un organismo notificado elegido por el fabricante. |
| A2  control interno de la fabricación más comprobación supervisada de los productos con una periodicidad aleatoria) | Abarca tanto el diseño como la producción.  Módulo A + controles de producto con una periodicidad aleatoria, realizados por un organismo notificado o un organismo interno acreditado. |
| B  Examen UE de tipo | Abarca el diseño.  Siempre va seguido de otros módulos mediante los que se demuestra la conformidad de los productos con el certificado de examen UE de tipo aprobado.  Un organismo notificado examina el diseño técnico y o el ejemplar de muestra de un tipo y verifica y certifica que cumple los requisitos del instrumento legislativo que se le aplica, expidiendo un certificado de examen UE de tipo. Existen tres formas de llevar a cabo un examen UE de tipo: 1) tipo de producción, 2) combinación del tipo de producción y el tipo de diseño, y 3) tipo de diseño. |
| C  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B. |
| C1  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la fabricación más ensayo supervisado de los productos | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B.  Módulo C + ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo interno acreditado o bajo la responsabilidad de un organismo notificado elegido por el fabricante[(\*)](#ntr*-C_2016272ES.01000101-E0229). |
| C2  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la fabricación más ensayo supervisado de los productos con una periodicidad aleatoria | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B.  Módulo C + controles de producto con una periodicidad aleatoria, ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo notificado o un organismo interno acreditado. |
| D  Conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del proceso de producción | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante utiliza un sistema de garantía de la calidad de la producción (fase de fabricación e inspección del producto final) para garantizar la conformidad con el tipo UE. El organismo notificado evalúa el sistema de calidad. |
| D1  Garantía de la calidad del proceso de producción | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante utiliza un sistema de garantía de la calidad de la producción (fase de fabricación e inspección del producto final) con el objetivo de garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE, se utiliza como el módulo D sin el modelo B). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad de la producción (parte de fabricación e inspección del producto final). |
| E  Conformidad con el tipo UE basada en la garantía de la calidad del producto | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante aplica un sistema de garantía de la calidad del producto (calidad de la producción sin la fase de fabricación) para una inspección y un ensayo del producto final que garanticen la conformidad con el tipo EU. Un organismo notificado evalúa el sistema de calidad.  La idea que subyace al módulo E es semejante a la del módulo D: ambos se basan en un sistema de calidad y siguen al módulo B. Su diferencia es que el sistema de calidad en el módulo E pretende garantizar la calidad del producto final, mientras que en el módulo D (y también en el D1) su objetivo es garantizar la calidad de todo el proceso de producción (que incluye la fase de fabricación y el ensayo del producto final). Por tanto, el módulo E es semejante al módulo D sin las disposiciones relativas al proceso de fabricación. |
| E1  Garantía de la calidad de la inspección y el ensayo de productos finales | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante aplica un sistema de garantía de la calidad del producto (calidad de la producción sin la fase de fabricación) para una inspección y un ensayo del producto final que garanticen la conformidad con los requisitos legislativos [sin módulo B (tipo UE), se utiliza como el módulo E sin el módulo B]. El organismo notificado evalúa el sistema de calidad.  La idea que subyace al módulo E1 es semejante a la del módulo D1: ambas se basan en un sistema de calidad. Su diferencia es que el sistema de calidad en el módulo E1 pretende garantizar la calidad del producto final, mientras que en el módulo D1 su objetivo es garantizar la calidad de todo el proceso de producción (que incluye la fase de fabricación y el ensayo del producto final). Por tanto, el módulo E1 es semejante al módulo D1 sin las disposiciones relativas al proceso de fabricación. |
| F  Conformidad con el tipo UE basada en la verificación del producto | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado. El organismo notificado lleva a cabo el examen de los productos (ensayo de cada producto o comprobación estadística) para controlar la conformidad del producto con el tipo UE.  El módulo F es como el C2, pero el organismo notificado lleva a cabo controles de productos más detallados. |
| F1  Conformidad basada en la verificación de los productos | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos. El organismo notificado realiza análisis de los productos (ensayos de cada producto o comprobaciones estadísticas) para controlar la conformidad del producto con los requisitos legislativos (sin tipo UE, se utiliza como el módulo F sin el módulo B).  El módulo F1 es como el A2, pero el organismo notificado lleva a cabo unos controles de productos más detallados. |
| G  Conformidad basada en la verificación por unidad | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos. El organismo notificado verifica cada producto individual para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). |
| H  Conformidad basada en la garantía total de la calidad | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante aplica un sistema de garantía total de la calidad para asegurar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad. |
| H1  Conformidad basada en la garantía total de la calidad más el examen del diseño | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante aplica un sistema de garantía total de la calidad para asegurar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad y el diseño del producto y expide un certificado UE de examen del diseño.  Comparado con el módulo H, el módulo H1 dispone además que el organismo notificado lleve a cabo un examen más detallado del diseño del producto.  El certificado de examen UE del diseño no debe ser confundido con el certificado de examen UE de tipo del módulo B, que atestigua la conformidad de un ejemplar de muestra «representativo de la producción prevista», de manera que la conformidad de los productos puede ser comprobada con respecto a este ejemplar de muestra. En el marco del certificado de examen UE de diseño del módulo H1 no existe este ejemplar de muestra. El certificado de examen UE de diseño atestigua que la conformidad del diseño del producto ha sido comprobada y certificada por un organismo notificado. |

5.1.8.   
RESUMEN DE LOS PROCEDIMIENTOS

Existen los siguientes procedimientos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | A: control interno de la producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | A1: control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | A2: control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos con una periodicidad aleatoria. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + C: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE sobre la base del control interno de la producción (C). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B+C1: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE sobre la base del control interno de la producción más ensayo supervisado del producto (C1). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B+C2: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE sobre la base del control interno de la producción más comprobaciones supervisadas del producto con periodicidad aleatoria (C2). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + D: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE sobre la base de la garantía de la calidad del proceso de producción (D). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | D1: garantía de la calidad del proceso de producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + E: examen UE de tipo (B) seguido la conformidad con el tipo UE sobre la base de la garantía de la calidad del producto (E). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | E1: garantía de la calidad de la inspección y el ensayo de los productos finales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + F: examen UE de tipo (B) seguido de la conformidad con el tipo UE sobre la base de la verificación del producto (F). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | F1: conformidad basada en la verificación de los productos. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | G: conformidad basada en la verificación de las unidades. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | H: conformidad basada en la garantía de calidad total. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | H1: conformidad basada en la garantía de calidad total más el examen del diseño. |

![Image](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2016.272.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2016272ES.01007401.tif.jpg)

5.1.9.   
JUSTIFICACIÓN PARA SELECCIONAR LOS MÓDULOS APROPIADOS

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El legislador evitará los módulos demasiado gravosos para los objetivos de la legislación de armonización de la Unión implicada, aunque sin comprometer la protección de los aspectos de interés público. |  |  |  | | --- | --- | | — | La complejidad de los módulos seleccionados será proporcional al riesgo (incidencia en los aspectos de interés público, la salud, la seguridad o el medio ambiente) del producto, la complejidad de su diseño, la naturaleza de su producción (grandes series frente a series reducidas, a medida, mecanismos de producción sencillos frente a mecanismos complejos, etc.). | |

Al seleccionar los módulos para su instrumento legislativo, el legislador deberá seguir los siguientes principios:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por norma general, antes de ser introducidos en el mercado los productos se someten a módulos tanto de diseño como de producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando resulte apropiado en términos de protección del interés público, se debe ofrecer al fabricante un abanico para la elección de módulos lo más amplio posible. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si es suficiente que el fabricante realice él mismo todos los controles para garantizar la conformidad de los productos, el legislador puede seleccionar el módulo A. Esto puede suceder con productos de complejidad baja (un mecanismo de diseño y producción sencillo), que plantean un riesgo bajo para los aspectos de interés público. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de la producción en serie basada en un tipo o ejemplar de muestra, y cuando el producto en cuestión tiene un diseño complejo o, por ejemplo, plantea un riesgo de incumplimiento más elevado, la legislación de la UE puede establecer el procedimiento de evaluación de la conformidad en dos fases: en primer lugar el examen de la conformidad del prototipo o ejemplar de muestra con respecto a los requisitos jurídicos (examen UE de tipo, módulo B) y después la determinación de la conformidad de los productos con respecto al tipo UE aprobado (módulos C y variantes, D, E y F). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando el legislador ha optado por demostrar la evaluación de la conformidad con respecto a un ejemplar de muestra (módulo B), debe examinar la posibilidad de si es o no suficiente para que el fabricante pueda realizar por sí mismo todos los controles para garantizar la conformidad en la fase de producción. En este caso, el legislador puede seleccionar el módulo C. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En muchos casos, el legislador debe reconocer que, con frecuencia, los fabricantes utilizan laboratorios o instalaciones de ensayo muy bien equipados. Habitualmente, esto sucede en el caso de los nuevos productos complejos e innovadores, en que los necesarios conocimientos técnicos especializados sobre ensayos siguen en poder de los fabricantes. En estos casos, el legislador puede plantearse seleccionar los módulos A1 o A2, o bien el C1 o C2 (estos dos últimos, si ha optado por demostrar la evaluación de la conformidad con respecto a un ejemplar de muestra, módulo B), que permiten el uso de un organismo interno acreditado. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si la demostración de la conformidad de los productos con respecto a un tipo UE aprobado no puede ser dejada en manos del fabricante sino que requiere que los productos sean supervisados por un organismo notificado durante el proceso de producción, el legislador puede requerir al fabricante que aplique un sistema de calidad aprobado (módulos D, E) o bien que se verifique la conformidad de sus productos por medio de ensayos o verificaciones (módulo F). A este respecto, si el mecanismo de producción es relativamente «sencillo», el legislador puede considerar que bastará con que el sistema de calidad del fabricante se centre solamente en el ensayo del producto final, sin incluir la fase específica de fabricación. En este caso, el módulo E resulta el más adecuado. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los productos con diseño sencillo pero producción o fabricación complicada, el legislador puede plantearse seleccionar los módulos D1, E1, F1 y utilizar así las ventajas de los módulos D, E, y F respectivamente, sin necesidad de recurrir a un examen más formal de los ejemplares de muestra (según se dispone en el módulo B que precede a los módulos D, E, F). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los productos fabricados en series reducidas, el legislador puede considerar la elección del módulo G. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En los casos complejos y cuando resulte necesario que el fabricante aplique un sistema de calidad total que abarque tanto la fase de diseño como la de producción, el legislador puede optar por el módulo H. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando el fabricante aplica un sistema de garantía de la calidad total, pero es necesario llevar a cabo la verificación de la conformidad del diseño y la expedición del certificado de examen UE de diseño, el legislador puede seleccionar el módulo H1. |

5.2.   ORGANISMOS DE EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD

5.2.1.   
ORGANISMOS DE EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD Y ORGANISMOS NOTIFICADOS

|  |
| --- |
| Los organismos notificados realizan las tareas concernientes a los procedimientos de evaluación de la conformidad mencionados en la legislación técnica de armonización vigente cuando se requiere la participación de un tercero. |

Un organismo de evaluación de la conformidad es una entidad que lleva a cabo diferentes elementos de la evaluación de la conformidad, incluidas una o varias de estas actividades: calibración, ensayo, certificación e inspección. Los organismos notificados son organismos de evaluación de la conformidad que han sido designados oficialmente por sus autoridades nacionales para llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad en el sentido de la legislación de armonización de la Unión aplicable cuando se exige la intervención de un tercero. Son denominados «organismos notificados» en el marco de la legislación de la UE.

Los organismos notificados asumen responsabilidades en áreas de interés público y, en consecuencia, deben seguir siendo responsables ante las autoridades nacionales competentes. Para ser designado, un organismo debe ser una persona jurídica establecida en el territorio de un Estado miembro y, por tanto, estar incluido dentro de su competencia jurídica. De lo contrario, los Estados miembros tienen libertad para decidir si notificar o no a un organismo que cumple los requisitos establecidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente.

5.2.2.   
FUNCIONES Y RESPONSABILIDADES

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados tienen libertad para ofrecer sus servicios de evaluación de la conformidad, en el marco de su ámbito de notificación, a cualquier agente económico establecido tanto dentro como fuera de la Unión. Pueden ejercer estas actividades también en el territorio de otros Estados miembros o de terceros países. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben facilitar información pertinente a su autoridad de notificación, a las autoridades de vigilancia del mercado y a otros organismos notificados. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben actuar de manera competente, no discriminatoria, transparente, neutral, independiente e imparcial. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben disponer del personal necesario, que posea conocimientos y experiencia suficientes y pertinentes para llevar a cabo la evaluación de la conformidad con arreglo a la legislación de armonización de la Unión de que se trate. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben adoptar las disposiciones adecuadas para garantizar la confidencialidad de la información obtenida en el transcurso de la evaluación de la conformidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben estar adecuadamente asegurados para dar cobertura a sus actividades profesionales, a menos que dicha responsabilidad esté asegurada en virtud de la legislación nacional del Estado miembro de notificación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados pueden demostrar su competencia por medio de la acreditación, que es la manera preferida de evaluar su capacidad técnica. | |

Aunque el organismo notificado debe tener su sede en el territorio del Estado miembro de notificación, puede ejercer actividades o contar con personal fuera del Estado miembro, o incluso fuera de la Unión. No obstante, los certificados y otras declaraciones de evaluación de la conformidad siempre son emitidas por y en nombre del organismo notificado[(229)](#ntr229-C_2016272ES.01000101-E0230). Dado que el organismo notificado siempre ha de llevar a cabo sus funciones de evaluación en el marco de la competencia jurídica del Estado miembro que lo designa, deberá informar a la autoridad de notificación, que debe ser capaz de garantizar el seguimiento del organismo en su conjunto, ya que debe asumir la responsabilidad por sus actuaciones. Si el seguimiento no se considera posible, la autoridad de notificación debe retirar o limitar el alcance de la notificación según se considere necesario.

Los organismos notificados deben mantener informadas de sus actividades (por ejemplo, en lo tocante a la realización de evaluaciones de conformidad, disponibilidad de recursos, subcontrataciones, situaciones de conflicto de intereses) a sus autoridades de notificación nacionales, directamente o bien a través de un organismo autorizado (por ejemplo, el organismo nacional de acreditación). Asimismo, deben estar preparados para facilitar, a instancias de sus autoridades de notificación o de la Comisión, toda la información relativa a la correcta aplicación de las condiciones en virtud de las que fueron notificados.

Los organismos notificados están sujetos a la obligación general de informar a las autoridades de notificación de todos los certificados rechazados, restringidos, suspendidos o retirados debido a incumplimientos relacionados con la seguridad y, previa petición, de los certificados expedidos o de otras actividades de evaluación de la conformidad realizadas. Además, los organismos notificados deben facilitar a otros organismos notificados con arreglo a la misma legislación de armonización de la Unión que lleven a cabo actividades similares de evaluación de la conformidad y cubran los mismos productos, información pertinente sobre aspectos relacionados con evaluaciones de conformidad negativas y, previa petición, con evaluaciones de conformidad positivas. Habida cuenta de los requisitos de confidencialidad que deben respetar los organismos notificados al llevar a cabo sus tareas, la información que deben intercambiar con otros organismos notificados no puede ser información comercial confidencial del producto. Por tanto, la información pertinente que debe intercambiarse sobre aspectos relacionados con unos resultados negativos de las evaluaciones de la conformidad deberían hacer referencia, en primer lugar, a la negativa a emitir declaraciones de evaluación de la conformidad en las que se identifique el producto y al fabricante en cuestión.

Asimismo deben proporcionar a la autoridad de vigilancia del mercado y, de conformidad con determinadas legislaciones de armonización de la UE, también a las autoridades de vigilancia del mercado de otros Estados miembros, información pertinente a efectos de la vigilancia del mercado. Los organismos notificados como tales no son responsables de proporcionar la declaración UE de conformidad ni la documentación técnica. Dicho esto, en consonancia con el procedimiento vigente de evaluación de la conformidad, es posible que deban conservar la documentación técnica como pare del expediente técnico y, previa solicitud, facilitarla a la Comisión o a los Estados miembros[(230)](#ntr230-C_2016272ES.01000101-E0231). Por otra parte, los organismos notificados deben facilitar, a petición del departamento de la Comisión responsable de administrar la cláusula de salvaguardia, la información necesaria relacionada con los productos o con la evaluación de la conformidad.

Los organismos notificados son y deben seguir siendo terceros independientes de sus clientes y de otras partes interesadas. La condición jurídica de los organismos que solicitan la notificación, tanto si son privados como de titularidad pública, no es pertinente siempre que estén garantizadas su independencia, su imparcialidad y su integridad, y que sean identificables como personas jurídicas con derechos y obligaciones.

El requisito de independencia abarca a la organización en su conjunto, incluido el Consejo de Administración, y también se aplica a los organismos pertenecientes a asociaciones comerciales o a las federaciones profesionales.

Con el fin de garantizar la imparcialidad, el organismo notificado y su personal deben estar libres de cualquier presión comercial, financiera o de otro tipo que pueda influir en su criterio. El organismo también debe implantar procedimientos para garantizar que su trabajo no recibe influencias externas. La estructura del organismo debe salvaguardar su imparcialidad, especialmente si el organismo ejerce otras actividades además de las propias de un organismo notificado.

Por otra parte, el organismo debe contar con políticas y procedimientos que distingan entre las tareas que realiza como organismo notificado y cualquier otra actividad en la que tome parte, y debe dejar clara esta distinción a sus clientes. En consecuencia, el material de promoción no debe dar la impresión de que la evaluación u otras actividades ejercidas por el organismo están vinculadas a las tareas descritas en la legislación de armonización de la Unión aplicable.

Cuando un organismo de evaluación de la conformidad publica un informe de ensayo, lo hace en su condición de organismo de evaluación de la conformidad; pero solamente como organismo notificado puede expedir certificados de examen UE de tipo, un certificado en el que figuran en particular el nombre y el número de identificación del organismo notificado. Este no debe, bajo ninguna circunstancia, publicar un informe de ensayo en el que figure su número de organismo notificado[(231)](#ntr231-C_2016272ES.01000101-E0232) en relación con ensayos que no se especifican en la legislación, tanto si dichos ensayos son realizados por el propio organismo o por un organismo distinto. Por otra parte, un organismo notificado solamente podrá utilizar su número en relación con actividades de evaluación de la conformidad llevadas a cabo en virtud del módulo específico de evaluación de la conformidad que requiere la intervención de un organismo notificado, y para el cual ha sido notificado el organismo en cuestión.

Un organismo notificado debe exigir al fabricante que adopte las medidas correctoras apropiadas y, en caso necesario, suspender o retirar un certificado que ha expedido, si en el transcurso del seguimiento de la conformidad posterior a la expedición del certificado comprueba que el producto ya no es conforme[(232)](#ntr232-C_2016272ES.01000101-E0233).

En su condición de organismos notificados, no deben ofrecer o prestar servicios adicionales a menos que tengan un valor añadido para la evaluación de la conformidad del producto. Sin embargo, los organismos notificados pueden ofrecer cualquier tipo de servicios y marcados de evaluación de la conformidad cuando los productos estén destinados a mercados de terceros países no pertenecientes a la Unión Europea; por ejemplo, en contexto de los Acuerdos de Reconocimiento Mutuo[(233)](#ntr233-C_2016272ES.01000101-E0234). Estas actividades deben estar claramente separadas de las actividades del organismo como organismo notificado. Los organismos notificados también deben asegurarse de que sus actividades ajenas al ámbito de la legislación de armonización técnica no comprometen o reducen la confianza en su competencia, su objetividad, su imparcialidad o su integridad operativa como organismos notificados. Los organismos notificados no pueden utilizar su nombre y número de organismo notificado para ejercer esas actividades.

Un organismo notificado no puede ser el fabricante, el representante autorizado, un proveedor ni su competidor comercial, ni ofrecer o prestar (o haber ofrecido o prestado) asesoramiento o consejo a ninguna de estas partes en lo tocante al diseño, la construcción, la comercialización o el mantenimiento de los productos en cuestión. Sin embargo, esto excluye la posibilidad de intercambiar información y orientaciones de carácter técnico entre el fabricante, el representante autorizado, los proveedores y el organismo notificado.

Para proteger la imparcialidad y evitar conflictos de interés, es importante establecer una distinción clara entre la evaluación de la conformidad realizada por organismos notificados antes de comercializar los productos y la vigilancia del mercado. Además, las autoridades de vigilancia del mercado deben llevar a cabo sus funciones de manera independiente, imparcial y objetiva. Así pues, se considerará inapropiado designar a las autoridades de vigilancia del mercado como organismos notificados y deberán introducirse las garantías necesarias para asegurar la imparcialidad y la ausencia de conflicto de interés si ambas responsabilidades se delegan en una única entidad[(234)](#ntr234-C_2016272ES.01000101-E0235),[(235)](#ntr235-C_2016272ES.01000101-E0236). Los organismos notificados deben contar con procedimientos documentados para la identificación, la revisión y la resolución de todos los casos en los que se sospeche o se demuestre un conflicto de intereses. El organismo notificado también deberá exigir a todo el personal que actúe en su nombre que declare cualquier posible conflicto de intereses.

Los organismos notificados deben disponer del personal necesario, que tenga unos conocimientos y una experiencia suficientes en relación con los productos y con el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente, y que tenga una formación apropiada. En particular, los conocimientos y la experiencia deben referirse a los requisitos reglamentarios y las políticas de ejecución pertinentes, a las actividades de normalización europeas e internacionales, a las tecnologías correspondientes, a los métodos de producción y los procedimientos de verificación, así como a las condiciones normales de uso del producto correspondiente. El organismo debe estar en condiciones de gestionar, controlar y hacerse responsable de las prestaciones de todos sus recursos, y de mantener unos registros integrales acerca de la idoneidad de todo el personal que emplea en ámbitos concretos, tanto si son empleados, trabajadores con contrato o suministrados por organismos externos. El organismo también debe tener acceso a unas instalaciones apropiadas y estar en condiciones de realizar ensayos o repeticiones de ensayos en la UE. En caso contrario, la autoridad de notificación no podrá comprobar su competencia.

Los organismos notificados deben garantizar la confidencialidad de toda la información que obtienen en el transcurso de la evaluación de la conformidad. Deberán adoptar las medidas adecuadas para garantizar que no se divulgarán los resultados ni otra información a ninguna parte que no sea la autoridad competente correspondiente o el fabricante o representante autorizado.

Los organismos notificados deben tener un seguro adecuado para cubrir sus actividades de evaluación de la conformidad. El alcance y el valor financiero general del seguro de responsabilidad deben corresponder al nivel de riesgo vinculado a las actividades del organismo notificado. No obstante, el fabricante conservará, en particular, la responsabilidad general de la conformidad del producto con todos los requisitos de la legislación aplicable, incluso aunque determinadas fases de la evaluación de la conformidad sean llevadas a cabo bajo la responsabilidad de un organismo notificado.

Los organismos notificados están obligados a participar en las actividades de coordinación[(236)](#ntr236-C_2016272ES.01000101-E0237). Asimismo tomarán parte directamente o mediante representación en la normalización europea, o se asegurarán de mantenerse al corriente de la situación de las normas pertinentes[(237)](#ntr237-C_2016272ES.01000101-E0238).

5.2.3.   
COMPETENCIAS DE LOS ORGANISMOS NOTIFICADOS

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| --- |
| La tarea fundamental de un organismo notificado es prestar servicios de evaluación de la conformidad con arreglo a las condiciones establecidas en la legislación de armonización vigente de la UE. Se trata de un servicio a los fabricantes en un área de interés público. |

Los organismos notificados son designados para evaluar la conformidad con los requisitos esenciales, y para garantizar una aplicación técnica coherente de dichos requisitos con arreglo a los procedimientos pertinentes en la legislación de armonización de la Unión vigente. Los organismos notificados deben contar con unas instalaciones y un personal técnico apropiados que les permita ejercer las tareas técnicas y administrativas relacionadas con la evaluación de la conformidad. Deben asimismo aplicar procedimientos de control de la calidad apropiados en relación con los servicios prestados. Los fabricantes tienen libertad para elegir cualquier organismo notificado que haya sido designado para llevar a cabo el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente con arreglo a la legislación de armonización de la Unión vigente.

Un organismo notificado que desee ofrecer servicios con arreglo a varios procedimientos de evaluación de la conformidad debe cumplir los requisitos pertinentes para las tareas respectivas, y esto debe ser evaluado con arreglo a los requisitos para cada procedimiento en cuestión. No obstante, dado que el ámbito de aplicación de gran parte de la legislación de armonización técnica puede ser relativamente amplio y heterogéneo, un organismo notificado no necesita estar cualificado para abarcar todos los productos comprendidos dentro del ámbito de aplicación de la legislación, sino que puede ser notificado solamente para una determinada gama de productos.

Los organismos notificados deben tener estructuras y procedimientos apropiados para garantizar que la realización de la evaluación de la conformidad y la expedición de certificados están sujetas a un proceso de revisión. En particular, los procedimientos pertinentes deben abarcar las obligaciones y las responsabilidades en relación con la suspensión y la retirada de certificados, las solicitudes dirigidas al fabricante para adoptar medidas correctoras y la presentación de informes a la autoridad competente.

Además de asumir determinadas responsabilidades en aspectos de interés general, los organismos notificados deben considerar que prestan servicios al sector. Por tanto, deben suministrar información pertinente al fabricante y al representante autorizado acerca de la legislación correspondiente, aplicar el procedimiento de evaluación de la conformidad sin cargas innecesarias para los agentes económicos, y abstenerse de proponer certificaciones o marcados adicionales sin valor añadido para la evaluación de la conformidad de los productos. Estas últimas actividades se deben separar claramente de las actividades del organismo como organismo notificado. Los organismos notificados no pueden utilizar su nombre y número de organismo notificado para ejercer esas actividades.

Para evitar cargas innecesarias para los agentes económicos y ayudar a garantizar la protección de datos confidenciales o derechos de propiedad intelectual, la documentación técnica facilitada a los organismos notificados deberá estar limitada a la requerida exclusivamente con el fin de evaluar la conformidad con la legislación.

5.2.4.   
COORDINACIÓN ENTRE ORGANISMOS NOTIFICADOS

Los organismos notificados, en reconocimiento del hecho de que realizan tareas delegadas en ellos por las autoridades públicas, están obligados a participar en las actividades de coordinación organizadas por la Comisión. Esta última, junto con los Estados miembros, garantiza la coordinación entre los organismos notificados.

Para cada acto legislativo de armonización de la UE, o para varios actos relacionados, se creará un grupo de coordinación de organismos notificados cuyas tareas se limitarán a los problemas técnicos relativos a la evaluación de la conformidad para garantizar una aplicación uniforme de las disposiciones técnicas de la legislación vigente. Con este fin, deberá tener libertad para definir sus normas de trabajo y su constitución. Cada grupo de organismos notificados tiene una secretaría técnica y un presidente.

Generalmente, los grupos de organismos notificados están compuestos por representantes de organismos notificados. Para alcanzar un mayor grado de eficiencia en su trabajo, los grupos pueden crear subgrupos con un número limitado de participantes para debatir cuestiones técnicas específicas. La Comisión está representada en estos grupos. Los expertos gubernamentales y los representantes de las autoridades directamente responsables de la aplicación efectiva de la legislación de armonización de la Unión pueden participar como observadores en estos grupos. Las organizaciones europeas de normalización (CEN, CENELEC y ETSI) están representadas en los grupos cuando surgen problemas relacionados con las normas. Los grupos también pueden invitar a las federaciones europeas pertinentes y a otras partes interesadas. Si los grupos de organismos notificados deben abordar temas de naturaleza confidencial, la participación en las reuniones se limitará según se considere necesario.

Si un organismo se niega a cooperar, la notificación puede ser retirada. Sin embargo, los organismos notificados no están obligados a participar en reuniones a escala europea si se mantienen informados de las decisiones administrativas y los documentos producidos por su grupo y si aplican estas decisiones. Los documentos de trabajo, los informes de reuniones, las recomendaciones y las orientaciones pertinentes producidos por los grupos sectoriales e intersectoriales de organismos notificados o por sus subgrupos deben ponerse a disposición de todos los organismos notificados que formen parte de dichos grupos, tanto si han participado en las reuniones como si no. El intercambio de información y la comunicación pueden ser mejorados mediante el uso de una plataforma como CIRCABC, gestionada por la Comisión.

También se fomentan los grupos nacionales de coordinación, y, cuando estos existen, los organismos notificados de un determinado Estado miembro podrían ser requeridos a participar en sus actividades.

5.2.5.   
SUBCONTRATACIÓN POR PARTE DE ORGANISMOS NOTIFICADOS

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| |  |  | | --- | --- | | — | Un organismo notificado puede encargar parte de su trabajo a otro organismo, sea un subcontratista o una filial, sobre la base de una competencia establecida y supervisada con regularidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | La subcontratación debe basarse en un contrato, que hace posible garantizar la transparencia de las actividades del organismo notificado y la confianza en las mismas. | |

Un organismo notificado solamente puede subcontratar una tarea en la que tiene competencia. Debe evitarse que un organismo notificado subcontrate parte del trabajo porque no tiene la competencia y los conocimientos requeridos.

Los organismos que actúan como subcontratistas para los organismos notificados no deben ser notificados como tales. Sin embargo, el organismo notificado debe informar al Estado miembro afectado sobre su intención de subcontratar un determinado trabajo. En consecuencia, el Estado miembro puede decidir que no puede asumir la responsabilidad general en tanto que autoridad de notificación por dicha disposición, y retirar o limitar el alcance de la notificación. El organismo notificado debe mantener un registro de todas sus actividades de subcontratación, y actualizarlo sistemáticamente.

El organismo subcontratado por el organismo notificado debe ser técnicamente competente y mostrar independencia y objetividad según los mismos criterios y en las mismas condiciones que el organismo notificado. El Estado miembro que ha notificado al organismo que subcontrata parte de su trabajo debe ser capaz de garantizar un seguimiento eficaz de la competencia del organismo subcontratado por el organismo notificado. Los auditores o los especialistas individuales externos deben cumplir las condiciones del subcontratista.

El organismo notificado debe garantizar que sus subcontratistas tienen la capacidad necesaria y que conservan dicha capacidad, por ejemplo realizando evaluaciones periódicas y manteniéndose informado regularmente sobre aspectos relacionados con el desempeño de sus tareas. El organismo notificado también debe estar en condiciones de demostrar la conformidad de sus subcontratistas con los requisitos establecidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente.

La información sobre las actividades subcontratadas y sobre la capacidad de los subcontratistas y/o las filiales debe estar plenamente disponible en cualquier momento, de manera que la autoridad de notificación pueda adoptar las medidas necesarias y comunicarla sin demora a la Comisión y a los demás Estados miembros a petición de estos. La conformidad con la serie de normas EN ISO/IEC 17000 comporta una presunción de conformidad del subcontratista con la mayoría de los requisitos, como sucede con el propio organismo notificado. Cuando la acreditación no se utilice para evaluar la competencia de organismos notificados, la autoridad llevará a cabo controles sobre el terreno del subcontratista del mismo modo que se habrían dispuesto con arreglo a la acreditación.

Una condición adicional para subcontratar es que el procedimiento de evaluación de la conformidad pueda subdividirse en operaciones técnicas y operaciones de evaluación, y que la metodología empleada para efectuar las operaciones sea suficientemente precisa. Un organismo notificado puede subcontratar tareas técnicas estrictamente limitadas (como ensayos o análisis), siempre que estas puedan ser definidas como partes sustanciales y coherentes de la operación técnica y el organismo subcontratado por el organismo notificado debe llevar a cabo las partes sustanciales y coherentes de dichas operaciones técnicas. El personal del organismo notificado debe estar cualificado técnicamente para ser capaz de evaluar los resultados de los ensayos de los subcontratistas. Los organismos notificados no deben limitar sus actividades a funciones puramente administrativas.

Los organismos notificados pueden, por ejemplo, subcontratar ensayos y seguir llevando a cabo la evaluación de sus resultados y, en particular, la validación del informe del ensayo para evaluar si se cumplen los requisitos de la legislación de armonización de la Unión. De igual manera, la subcontratación es posible en el campo de la certificación de los sistemas de calidad siempre que el organismo notificado realice la evaluación de los resultados de las auditorías. El organismo notificado no puede, bajo ninguna circunstancia, subcontratar todas sus actividades, ya que eso despojaría de sentido a la notificación.

El trabajo subcontratado debe ser ejecutado de conformidad con las especificaciones técnicas prefijadas que establecen un procedimiento detallado basado en criterios objetivos para garantizar una transparencia total. Siempre que el organismo subcontratado por el organismo notificado participe en la evaluación de la conformidad con las normas, dichas normas deben ser utilizadas si determinan los procedimientos. Si este organismo participa en la evaluación de la conformidad con los requisitos esenciales, deberá usarse el procedimiento seguido por el propio organismo notificado o un procedimiento que el organismo notificado considere equivalente.

En todos los casos, el organismo notificado debe alcanzar un acuerdo vinculante con sus subcontratistas para garantizar que se cumplen sus responsabilidades generales[(238)](#ntr238-C_2016272ES.01000101-E0239). Los organismos notificados mantendrán a disposición de las autoridades de notificación los documentos pertinentes sobre la evaluación de las cualificaciones del subcontratista o de la filial, así como el trabajo que estos realicen en virtud de la legislación de armonización de la Unión[(239)](#ntr239-C_2016272ES.01000101-E0240) pertinente.

Un organismo notificado que subcontrata sigue siendo responsable de todas las actividades sujetas a la notificación. La subcontratación no conlleva la delegación de poderes o de responsabilidades. Los certificados y otras declaraciones de conformidad siempre son expedidos en nombre del organismo notificado y bajo su responsabilidad. En consecuencia, el organismo notificado subcontratante debe ser competente para revisar todos los elementos del trabajo del subcontratista y debe adoptar la decisión final.

Las condiciones de la subcontratación se aplican a cualquier subcontratista, tenga o no su sede dentro de la Unión Europea. El organismo notificado sigue siendo el responsable exclusivo del trabajo realizado por el subcontratista.

El organismo notificado debe contar con unas instalaciones adecuadas y un personal capacitado para poder verificar los resultados de cualquier ensayo o inspección, o de cualquier otra tarea realizada por el subcontratista. Por otra parte, si la acreditación es la vía elegida para la notificación, debe abarcar a las empresas filiales de los organismos notificados a los que se ha recurrido. Los organismos de acreditación deben tener esto en cuenta, sea aplicando correctamente la orientación internacional existente sobre acreditación transfronteriza, sea especificándola en los documentos de acreditación. Si la notificación no se basa en la acreditación, para garantizar la supervisión correcta y coherente de dichos subcontratistas y filiales, el contenido de la información que se suministrará a la autoridad de notificación se especificará con más detalle armonizándolo con las prácticas de acreditación pertinentes.

El fabricante puede presentar informes de ensayo u otros elementos de su documentación técnica. El organismo notificado puede tener en cuenta estos informes si asume plena responsabilidad con respecto de los resultados. El organismo notificado puede aceptar los resultados del ensayo del fabricante para la evaluación de la conformidad siempre que justifique el motivo por el que tiene en cuenta estos ensayos.

5.2.6.   
ORGANISMOS INTERNOS ACREDITADOS
[(240)](#ntr240-C_2016272ES.01000101-E0241)

Solamente en aquellos casos en que la legislación sectorial de armonización de la Unión lo contemple, un organismo interno acreditado podrá ejercer actividades de evaluación de la conformidad para la empresa de la cual forma parte en relación con la aplicación de los procedimientos de evaluación de la conformidad, módulos A1, A2, C1 o C2. Dicho organismo constituirá una parte separada e identificable de la empresa y no participará en el diseño, la producción, el suministro, la instalación, el uso o el mantenimiento de los productos que evalúa.

Un organismo interno acreditado debe cumplir una serie de requisitos. Deberá estar acreditado de conformidad con el Reglamento (CE) n.o 765/2008[(241)](#ntr241-C_2016272ES.01000101-E0242). El organismo y su personal deben ser identificables en la estructura de la organización y utilizarán métodos de información dentro de la empresa de la que formen parte que garanticen su imparcialidad y la hagan patente frente al organismo nacional de acreditación pertinente. Ni el organismo ni su personal pueden ser responsables del diseño, la fabricación, el suministro, la instalación, el uso o el mantenimiento de los productos que evalúan, ni tampoco pueden participar en actividades que sean incompatibles con la independencia de su criterio o su integridad en relación con sus actividades de evaluación. Un organismo interno acreditado solamente puede prestar sus servicios a la empresa de la que forma parte.

Un organismo interno acreditado no puede ser notificado a los Estados miembros o a la Comisión, pero la empresa de la que forma parte, o el organismo nacional de acreditación deben facilitar a la autoridad de notificación, previa solicitud por parte de esta, la información relativa a su acreditación.

5.3.   NOTIFICACIÓN

5.3.1.   
AUTORIDADES DE NOTIFICACIÓN

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| Una autoridad de notificación es el organismo gubernamental o público encargado de designar y notificar a los organismos de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación de armonización de la Unión. |

Una autoridad de notificación es el organismo gubernamental o público encargado de designar y notificar a los organismos de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación de armonización de la Unión. Habitualmente se trata de la administración nacional responsable de la aplicación y la gestión del acto de armonización de la Unión en virtud del cual es notificado el organismo. Cada Estado miembro debe designar una autoridad de notificación que será responsable de la evaluación, la notificación y el seguimiento de los organismos de evaluación de la conformidad. La autoridad de notificación asume la responsabilidad plena de la competencia de los organismos que notifica.

Cada Estado miembro debe crear sus autoridades de notificación de manera que no existan conflictos de interés con los organismos de evaluación de la conformidad. Deben organizarse y funcionar de forma adecuada para salvaguardar la objetividad y la imparcialidad de sus actividades. Las decisiones relacionadas con la notificación de un organismo de evaluación de la conformidad deben ser adoptada por personas competentes, distintas de las que llevaron a cabo la evaluación.

Otros requisitos adicionales para una autoridad de notificación son que no debe ofrecer o realizar actividades que sean ejercidas por organismos de evaluación de la conformidad, ni prestar servicios de consultoría con carácter comercial o competitivo. Debe salvaguardar la confidencialidad de la información que obtiene, y debe contar con un número suficiente de personal competente a su disposición para el correcto desempeño de sus tareas.

Los Estados miembros deben informar a la Comisión de sus procedimientos para evaluar y notificar a los organismos de evaluación de la conformidad y para el seguimiento de los organismos notificados. La Comisión pone esta información a disposición del público en su página web.

5.3.2.   
PROCESO DE NOTIFICACIÓN

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| |  |  | | --- | --- | | — | La notificación es el acto de la autoridad de notificación que informa a la Comisión y a los demás Estados miembros de que un organismo de evaluación de la conformidad ha sido designado para realizar la evaluación de la conformidad con arreglo a un acto de armonización de la Unión, y que cumple los requisitos relativos a los organismos notificados recogidos en dicho acto de armonización de la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros asumen la responsabilidad final de la competencia de los organismos notificados con respecto a otros Estados miembros y a las instituciones de la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación es el modo preferido para evaluar la competencia técnica de los organismos notificados. |  |  |  | | --- | --- | | — | La notificación de un organismo notificado es enviada por la autoridad de notificación a la Comisión y a los demás Estados miembros a través del sistema NANDO, la herramienta de notificación electrónica desarrollada y administrada por la Comisión en la que figura una lista con todos los organismos notificados. | |

5.3.2.1.   Principios de notificación

Los organismos de evaluación de la conformidad establecidos dentro de la Unión Europea pueden obtener la condición de organismo notificado. Los Estados miembros son responsables de la notificación de los organismos notificados, y tanto la elección de los mismos como la responsabilidad por estos organismos corresponde a las autoridades nacionales. Estas pueden escoger los organismos a los que notifican entre los establecidos en su territorio que cumplan los requisitos de la legislación y que posean las capacidades necesarias para ser notificados. La notificación es el acto de la autoridad de notificación por el que esta comunica a la Comisión y a los demás Estados miembros que ha sido designado un organismo para realizar la evaluación de la conformidad con arreglo a un acto de armonización de la Unión, y que este cumple los requisitos relativos a los organismos notificados recogidos en dicho acto de la UE.

Aunque la designación se considera un acto propio de la autoridad de designación (que puede ser el mismo organismo que la autoridad de notificación) solamente el acto de notificar a la Comisión y a los demás Estados miembros permite a un «organismo designado» convertirse en «organismo notificado».

Dado que la notificación está comprendida en el ámbito de decisión de los Estados miembros, estos no están obligados a notificar a todos los organismos que demuestren capacidad técnica. Los Estados miembros tampoco tienen la obligación de notificar organismos en relación con cada procedimiento que vaya a ser aplicado de conformidad con un acto de armonización de la Unión específico.

Los Estados miembros son libres para notificar a un organismo en cualquier momento tras la adopción de un acto de armonización de la Unión. No obstante, deberán hacer todo lo necesario para notificarlo antes de que el acto de armonización de la Unión empiece a ser aplicado[(242)](#ntr242-C_2016272ES.01000101-E0243). Se podrá hacer un uso eficaz del período transitorio contemplado en el acto de armonización de la Unión, lo que permitirá conceder certificados a partir de la fecha de primera aplicación del acto de armonización de la Unión. En caso de que, sobre la base de nueva legislación, se requiera la renotificación de los organismos notificados, tan pronto como el Estado miembro haya incorporado las disposiciones necesarias en el ordenamiento jurídico nacional y haya designado a la autoridad de notificación para un determinado acto de armonización de la Unión, dicha autoridad podrá introducir una notificación. Si bien durante el periodo transitorio un determinado organismo notificado puede estar notificado con arreglo tanto a la legislación anterior como a la nueva, la notificación con arreglo a la legislación anterior vencerá automáticamente en la fecha de aplicación de la nueva legislación, salvo que disposiciones legislativas específicas dispongan otra cosa. Sin embargo, conviene señalar que en estos casos los organismos notificados, aunque pueden realizar trabajos preparatorios, no pueden emitir certificados antes de que empiece a aplicarse la legislación de armonización de la Unión, salvo que la legislación sectorial contenga otras disposiciones al respecto.

5.3.2.2.   Evaluación de los organismos de evaluación de la conformidad

En la evaluación de un organismo de evaluación de la conformidad que solicita la notificación se determina si es técnicamente competente y capaz de llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad correspondientes, y si puede demostrar el grado necesario de independencia, imparcialidad e integridad.

Los Estados miembros asumen la responsabilidad final por la competencia de sus organismos notificados con respecto a otros Estados miembros y las instituciones de la UE. Por tanto, deben verificar la competencia de los organismos que solicitan la notificación, sobre la base de los criterios establecidos en la legislación de armonización de la Unión aplicable conjuntamente con los requisitos esenciales y el/los procedimiento(s) de evaluación de la conformidad correspondiente(s). En general, los criterios de competencia establecidos en los actos de armonización de la Unión abarcan:

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| — | la disponibilidad de personal y de equipos, |

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| — | la independencia e imparcialidad en relación con los agentes involucrados directa o indirectamente con el producto (como el diseñador, el fabricante, el representante autorizado del fabricante, el proveedor, el montador, el instalador o el usuario), |

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| — | la capacidad técnica del personal que resulta pertinente para los productos y el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente, |

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| — | el mantenimiento del secreto y la integridad profesionales, y |

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| — | la contratación de un seguro de responsabilidad civil, a menos que dicha responsabilidad esté cubierta por el Estado en virtud de la legislación nacional. |

Las autoridades de notificación o los organismos de acreditación deben realizar un seguimiento periódico para evaluar la continuidad de la competencia de los organismos notificados después de ser notificados.

5.3.2.3.   Acreditación en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008

La acreditación, ejecutada de conformidad con la serie de normas EN ISO/IEC 17000 por parte de organismos de acreditación reconocidos a escala nacional que sean miembros de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), es una evaluación técnica de la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad que solicitan la notificación. Aunque no constituye un requisito, sigue siendo un instrumento importante y apreciado para evaluar la capacidad y la integridad de los organismos que van a ser notificados. Por este motivo, la acreditación debe ser considerada por las autoridades de notificación nacionales como la base técnica preferida para evaluar a los organismos de evaluación de la conformidad de manera que se reduzcan las diferencias en los criterios aplicados para la notificación.

La acreditación otorga una declaración auténtica de la competencia, la integridad profesional y la imparcialidad de los organismos que será notificada a la Comisión y a los demás Estados miembros. También conlleva una supervisión y una vigilancia regulares de los organismos acreditados. Cuando un organismo nacional de acreditación comprueba que el organismo de evaluación de la conformidad para el que ha expedido un certificado de acreditación ya no es competente o no cumple sus obligaciones, el certificado de acreditación puede ser retirado. En este caso, el organismo será desnotificado y ya no se le permitirá ejercer actividades de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación pertinente.

La preferencia concedida a la acreditación se basa en el proceso de evaluación por pares que garantiza que el organismo de acreditación supervisa adecuadamente los organismos de evaluación de la conformidad que acredita. No obstante, pueden surgir casos en los que un organismo nacional de acreditación haya obtenido resultados negativos en la evaluación por pares y, sin embargo, haya evaluado organismos notificados[(243)](#ntr243-C_2016272ES.01000101-E0244). Si el organismo nacional de acreditación no ha sido objeto de una evaluación por pares en relación con la actividad de acreditación específica de que se trate, pero de todas formas evalúa la competencia de un organismo de evaluación de la conformidad respecto de dicha actividad, la notificación de este último organismo no se considerará acreditada a efectos de la legislación de armonización de la UE.

Si un organismo nacional de acreditación había recibido con anterioridad una evaluación por pares positiva en relación con una determinada actividad, pero luego ha obtenido resultados negativos en una evaluación por pares posterior, las notificaciones nuevas relativas a los organismos de evaluación de la conformidad evaluados por dicho organismo nacional de acreditación se considerarán como no acreditadas. En principio, las autoridades nacionales deben seguir reconociendo los certificados de acreditación emitidos con anterioridad a los resultados negativos de la evaluación por pares del organismo nacional de acreditación.

Si los motivos subyacentes a la suspensión del organismo nacional de acreditación provocan serias dudas sobre la competencia de los organismos notificados, la autoridad de notificación responsable informará a la Comisión y a los demás Estados miembros de la forma en que tiene intención de asegurar la competencia de los organismos notificados, así como de cualquier medida correctora que adopte, incluida la desnotificación.

Aunque la acreditación es el instrumento preferido para la verificación de la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, los Estados miembros pueden llevar a cabo la evaluación ellos mismos. Tras la entrada en vigor el 1 de enero de 2010 del Reglamento (CE) n.o 765/2008, en tales casos se deberá probar ante la Comisión y los demás Estados miembros que el organismo evaluado cumple los requisitos reglamentarios aplicables. Por otra parte, el organismo notificado debe estar sujeto a una vigilancia regular semejante a la práctica establecida por las organizaciones de acreditación.

5.3.2.4.   Artículo 5, apartado 2, del Reglamento (CE) no 765/2008.

De conformidad con el artículo 5, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 756/2008, cuando un Estado miembro no base su notificación en la acreditación, «facilitará a la Comisión y a los demás Estados miembros todas las pruebas documentales necesarias para verificar la competencia del organismo de evaluación de la conformidad que seleccione para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión correspondiente»[(244)](#ntr244-C_2016272ES.01000101-E0245).

Con el fin de garantizar el grado necesario de confianza en la imparcialidad y la capacidad técnica de los organismos de evaluación de la conformidad y en los informes y certificados que expiden, las autoridades nacionales, al llevar a cabo la evaluación sin acreditación, facilitarán información detallada y completa que describa cómo el organismo notificado candidato ha sido evaluado como cualificado para desempeñar las tareas para las que ha sido notificado, y que muestre que este cumple los criterios relativos a los organismos notificados aplicables. Esta información, asociada a una determinada notificación, se pone a disposición de la Comisión de los demás Estados miembros utilizando la herramienta de notificación electrónica NANDO.

El procedimiento de evaluación debe basarse al menos en los siguientes elementos:

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| — | un procedimiento de aplicación formal, |

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| — | una evaluación con respecto a los requisitos aplicables, |

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| — | la elaboración de un informe de evaluación, |

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| — | un proceso de adopción de decisiones claro, |

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| — | la existencia de una vigilancia sistemática y de un mecanismo de sanciones asociado que ofrezcan una vigilancia periódica y que incluyan |

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| — | visitas sobre el terreno, con el fin de verificar el cumplimiento continuado de los requisitos por parte del organismo notificado, |

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| — | la demostración de la capacidad técnica propia de la autoridad nacional para evaluar a los organismos de evaluación de la conformidad a efectos de la notificación en virtud de la legislación de armonización técnica. Esta demostración debe proporcionar una garantía equivalente a la del sistema de evaluación por pares de la EA[(245)](#ntr245-C_2016272ES.01000101-E0246), |

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| — | los organismos notificados candidatos deberán ser conocedores de las condiciones generales, de sus derechos y obligaciones, y de los requisitos relativos a la evaluación efectuada con vistas a la notificación. |

La evaluación en sí debe constar de:

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| — | una revisión de los documentos para verificar que están completos y son apropiados desde un punto de vista sustancial con respecto a la conformidad con los requisitos vigentes, |

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| — | una auditoría sobre el terreno para comprobar los aspectos técnicos y procedimentales, como la disponibilidad y la idoneidad de las instalaciones y los equipos, la capacidad técnica del personal o la existencia de un sistema de gestión apropiado; y para comprobar otros aspectos que demuestren que se ha implementado correctamente la conformidad con los requisitos. La evaluación debe incluir la asistencia a actividades técnicas. |

Al elegir un proceso de evaluación distinto de la acreditación formal, las autoridades de notificación deben indicar los motivos por los que no se ha escogido la acreditación para respaldar el proceso de notificación. Por otra parte, las autoridades de notificación no pueden externalizar en los organismos nacionales de acreditación la evaluación de los organismos de evaluación de la conformidad no acreditados que aspiran a convertirse en organismos notificados, sin superar todo el proceso de acreditación, incluida la obtención del certificado de acreditación.

Cuando no se emplea la acreditación, las autoridades de notificación deben realizar verificaciones periódicas para asegurarse de la competencia continuada del organismo notificado, igual que la hacen los organismos nacionales de acreditación.

5.3.2.5.   Etapas en la notificación de un organismo notificado

Para obtener la notificación, un organismo de evaluación de la conformidad presentará una solicitud de notificación a la autoridad de notificación del Estado miembro donde tenga su sede. Esta solicitud irá acompañada por una descripción de las actividades de evaluación de la conformidad, de los procesos o módulos de evaluación de la conformidad y del producto o los productos para los que ese organismo afirma ser competente, así como un certificado de acreditación, cuando exista, expedido por el organismo nacional de acreditación que declare que el organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos en la legislación de armonización pertinente.

Cuando el organismo de evaluación de la conformidad correspondiente no pueda facilitar un certificado de acreditación, entregará a la autoridad de notificación todas las pruebas documentales necesarias para la verificación, el reconocimiento y el seguimiento regular del cumplimiento por su parte de los requisitos establecidos en la legislación de armonización pertinente. Tras la verificación, el Estado miembro comunica los datos del organismo a la Comisión y a los demás Estados miembros.

La notificación de un organismo notificado es enviada por la autoridad de notificación a la Comisión y a los demás Estados miembros a través del sistema NANDO (organismos notificados y designados de nuevo enfoque), que es la herramienta de notificación electrónica desarrollada y gestionada por la Comisión. La notificación incluirá información detallada del organismo, de sus actividades de evaluación de la conformidad, de los procedimientos o los módulos de evaluación de la conformidad y del producto o los productos afectados, así como la correspondiente declaración de competencia. Debe incluir también la fecha de reevaluación del organismo notificado por el organismo nacional de acreditación o, en el caso de una notificación no acreditada, la fecha de la próxima inspección de seguimiento que realice la autoridad de notificación.

Si la notificación no está basada en un certificado de acreditación, la autoridad de notificación transmitirá a la Comisión y a los demás Estados miembros las pruebas documentales que demuestren la competencia del organismo de evaluación de la conformidad, muestren cómo ha sido evaluado y las disposiciones existentes para garantizar que el organismo será supervisado con regularidad y que seguirá cumpliendo los requisitos.

La notificación entra en vigor tras el envío de un correo electrónico de notificación del sistema NANDO a la Comisión y a los demás Estados miembros, y tras su publicación en el sitio web del sistema NANDO. El organismo implicado podrá entonces ejercer las actividades de un organismo notificado. En virtud de la legislación conforme con la Decisión n.o 768/2008/CE, la notificación se publica tras un período habilitado para las objeciones de los demás Estados miembros o la Comisión (dos semanas cuando se usa la acreditación y dos meses cuando no se usa la acreditación), y solamente cuando no se han presentado objeciones.

La Comisión y los demás Estados miembros deben ser notificados de una manera semejante acerca de cualquier cambio posterior en la notificación que sea pertinente, como un cambio del alcance o del período de validez de la notificación, o posibles cambios en los datos del propio organismo.

5.3.3.   
PUBLICACIÓN POR PARTE DE LA COMISIÓN: SITIO WEB DEL SISTEMA NANDO

Con fines informativos, la Comisión elabora listas de organismos notificados (y de otras categorías de organismos de evaluación de la conformidad, como los organismos de inspección de los usuarios y terceras organizaciones reconocidas) disponibles públicamente en el sitio web del sistema NANDO en su servidor Europa. Las listas son actualizadas cuando las notificaciones son publicadas, y el sitio web es renovado diariamente para mantenerlo actualizado.

Con su notificación inicial, al organismo notificado se le asigna un número de identidad en el sistema NANDO. Este número es generado automáticamente por el sistema en el momento de la validación de la notificación en la base de datos del sistema NANDO. Una entidad jurídica solamente puede poseer un número de identidad de organismo notificado, con independencia del número de actos de armonización de la Unión para los que sea notificado. La asignación del número es un acto meramente administrativo diseñado para garantizar una gestión coherente de las listas de organismos notificados, y no confiere derechos ni compromete a la Comisión en modo alguno. El sistema de numeración en el sistema NANDO es secuencial y los números no son reutilizados cuando un organismo notificado es retirado de la lista. En casos de suspensión o de retirada de una notificación, los datos de la notificación permanecen en la base de datos, y son trasladados a la sección «Notificaciones retiradas/expiradas/parte dedicada los organismos de notificación» del sitio web[(246)](#ntr246-C_2016272ES.01000101-E0247).

Asimismo, las rectificaciones (ampliaciones o reducciones) del alcance, las modificaciones relativas al periodo de validez de la notificación o la cancelación de la notificación se notifican por correo electrónico a los Estados miembros y se publican en el sitio web del sistema NANDO. La búsqueda en este sitio web puede realizarse por acto de armonización de la Unión, por país, por número de organismo notificado, o bien por medio de palabras clave.

5.3.4.   
SEGUIMIENTO DE LAS COMPETENCIAS DE LOS ORGANISMOS MODIFICADOS; SUSPENSIÓN, RETIRADA Y APELACIÓN

Resulta fundamental asegurar la competencia a través del tiempo de los organismos notificados de forma transparente para los demás Estados miembros y para la Comisión. La legislación a escala de la UE requiere claramente que las autoridades nacionales competentes realicen periódicamente un seguimiento y una evaluación de la continuidad de las competencias de los organismos que han notificado y están enumerados en el sistema NANDO. El sitio web del sistema NANDO debería ser transparente por lo que se refiere a estos procesos en curso que respaldan el sistema de notificación.

Todas las notificaciones de organismos notificados, estén o no acreditadas, que se introducen en la base de datos del sistema NANDO deben actualizarse en un plazo máximo de cinco años a partir de la fecha de notificación inicial, o de la última actualización, con información sobre el seguimiento continuo de las competencias del organismo notificado. Dichas actualizaciones deben incluir los nuevos datos relativos a la acreditación pertinentes o, en caso de que la notificación no esté acreditada, información relativa al seguimiento necesario del organismo por parte de la autoridad de notificación, en particular, un informe sobre el proceso de evaluación, es decir, revisión de la documentación, evaluación in-situ, descripción de la vigilancia sistemática que incluya las visitas sobre el terreno y una demostración de las competencias técnicas de la autoridad para llevar a cabo la evaluación. Si la notificación no se actualiza en un plazo de cinco años, la Comisión considerará que existe un motivo para cuestionar la continuación de la competencia del organismo notificado[(247)](#ntr247-C_2016272ES.01000101-E0248) y pedirá al Estado miembro de notificación que presente toda la información relacionada con el mantenimiento de las competencias del organismo en cuestión.

La Comisión y los Estados miembros tienen la responsabilidad de actuar cuando surgen dudas sobre la competencia de un organismo notificado, en el momento de la notificación o bien con posterioridad. Si la Comisión considera, por iniciativa propia o tras una reclamación, que un organismo notificado no satisface los requisitos o que no cumple con sus responsabilidades, informará a la autoridad nacional de notificación y pedirá las pruebas documentales apropiadas relativas al fundamento de la notificación y al mantenimiento de la competencia del organismo. Si un Estado miembro no facilita esta información, la Comisión puede poner el hecho en conocimiento de los demás Estados miembros para debatir o iniciar el procedimiento contra el Estado miembro de notificación contemplado en el artículo 258 del TFUE.

Cuando una autoridad de notificación ha comprobado, o se le ha comunicado, que un organismo notificado ya no satisface los requisitos establecidos en la legislación pertinente, o que no cumple sus obligaciones, la autoridad de notificación debe (en función de la gravedad de la falta) suspender o retirar la notificación tras ponerse inmediatamente en contacto con el organismo correspondiente. Informará inmediatamente a la Comisión y a los demás Estados miembros al respecto. El Estado miembro también debe publicar esta información, y comunicarla a la Comisión y a los demás Estados miembros mediante un procedimiento similar al de la notificación. El organismo correspondiente tendrá la posibilidad de recurrir contra dicha decisión. Si el recurso pospone o no la desnotificación dependerá de la legislación nacional.

La retirada de la notificación se produce cuando el organismo notificado deja de cumplir los requisitos o sus obligaciones. Puede hacerse a instancias del Estado miembro de notificación, si este ha recibido pruebas relativas al hecho de que el organismo notificado no ha conseguido cumplir los requisitos durante la vigilancia periódica (realizada por el organismo de acreditación o la autoridad de notificación), o ha recibido denuncias relativas a las competencias o el comportamiento del organismo notificado. También puede ser el resultado de una intervención de la Comisión, si esta tiene motivos para dudar de que un organismo notificado cumpla o mantenga la conformidad con los requisitos para su notificación. En esos casos, la Comisión informa al Estado miembro de notificación al respecto y le solicita que adopte las medidas correctoras necesarias, incluida la desnotificación en caso de ser necesaria. La autoridad de notificación debe adoptar las medidas apropiadas. Otro motivo para la retirada de una notificación puede ser la petición del propio organismo notificado, por ejemplo debido a cambios planificados en su política, organización o titularidad. La retirada de una notificación puede derivarse también del resultado final de un procedimiento de infracción.

La retirada es responsabilidad del Estado miembro de notificación. Solamente la autoridad nacional tiene derecho a retirar una notificación. La Comisión puede retirar un organismo notificado de la lista del sistema NANDO solo si, al final de un procedimiento de infracción con arreglo al artículo 258 del TFUE, el Tribunal de Justicia declara que el Estado miembro viola un determinado acto de armonización de la Unión y, por tanto, declara inválida la notificación. En todos esos casos la Comisión garantizará que cualquier información sensible obtenida en el transcurso de sus investigaciones sea tratada de manera confidencial.

Sin perjuicio de las características sectoriales específicas, la suspensión o la retirada de una notificación no afecta a los certificados expedidos anteriormente por el organismo notificado, hasta que se demuestre que los certificados deben ser retirados. Con el fin de garantizar la continuidad en caso de suspensión o retirada de una notificación, o si el organismo notificado ha cesado su actividad, el Estado miembro de notificación debe asegurarse de que los expedientes de dicho organismo son tramitados por otro organismo notificado o que se mantienen a disposición de las autoridades de notificación y de vigilancia responsables por si estas los solicitan.

6.   ACREDITACIÓN

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 dispone un marco legislativo de acreditación a escala nacional y de la UE, y pone en práctica una política general con normas, procedimientos e infraestructuras. La consolidación de la acreditación como medio de respaldar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad y, por tanto, la credibilidad y la aceptación de certificados y de otras declaraciones, necesaria para garantizar la libre circulación de mercancías, ha sido una preocupación de la Comisión desde finales de la década de los setenta. En los años 90 se registró una tendencia hacia la acreditación como actividad comercial y competitiva, reduciéndose así su credibilidad como último nivel de control. No obstante, el NML confirmó que en la UE la acreditación es una actividad pública de carácter no comercial y no competitivo, de la que son responsables tanto las autoridades nacionales como las europeas.

El sistema de acreditación de la UE reforzado que se instauró va en consonancia con las normas, las reglas y las prácticas de las organizaciones internacionales en este ámbito. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 pretende garantizar que la acreditación sirva al interés público. La Cooperación Europea para la Acreditación (EA), la organización europea de organismos nacionales de acreditación, es reconocida por el Reglamento, por las directrices firmadas con los Estados miembros (incluida la AELC) y la Comisión el 1 de abril de 2009 y se beneficia de una relación privilegiada con la Comisión por medio de la firma de un acuerdo marco de asociación. En este marco, la función primordial de la EA es contribuir a la armonización de los servicios europeos de acreditación para apoyar el reconocimiento y la aceptación mutuos de los certificados de acreditación en toda la Unión, así como para aplicar un riguroso sistema de evaluación por pares que controle la competencia de los organismos nacionales de acreditación y la equivalencia de sus servicios.

En el campo de la acreditación, el Reglamento (CE) n.o 765/2008 ha establecido un sistema europeo único que abarca tanto los ámbitos regulados en el que la acreditación se exige por ley, como los no regulados. En el último caso, cuando un organismo desea voluntariamente ser acreditado, solamente puede acudir a los organismos de acreditación que ejercen su actividad en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008, impidiendo así la existencia de sistemas rivales, sean cuales sean los principios en los que se basan.

6.1.   ¿POR QUÉ LA ACREDITACIÓN?

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| La acreditación constituye el último nivel de control público en una cadena de calidad que sustenta la libre circulación de mercancías en la Unión. |

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 introdujo por primera vez un marco jurídico para la acreditación. La acreditación de los organismos de evaluación de la conformidad ha sido utilizada previamente tanto en el ámbito regulado como en el no regulado, pero no se regía por un marco jurídico a escala europea.

La idea de regular la acreditación a escala europea es doble. Por una parte, un marco europeo integral para la acreditación constituye el último nivel de control público en la cadena europea de evaluación de la conformidad y por tanto es un elemento importante para garantizar la conformidad de los productos; por otro lado, consolida la libre circulación de productos y servicios en la UE apuntalando la confianza en su seguridad y conformidad con otras cuestiones de protección del interés público.

Con anterioridad a la entrada en vigor del Reglamento, la ausencia de normas de acreditación comunes en los Estados miembros suponía que la acreditación se usaba de manera muy diferente, por lo que los certificados de acreditación no eran reconocidos necesariamente por las distintas autoridades nacionales y los agentes del mercado. Esto se traducía en una acreditación múltiple y en consecuencia en unos costes mayores para empresas y organismos de evaluación de la conformidad, sin que se produjeran los beneficios antes descritos.

La introducción del marco jurídico de acreditación redujo las cargas administrativas en el mercado único y mejoró el control público de la acreditación, a fin de que pudiera ser una herramienta esencial para el funcionamiento del mercado interior.

El marco de acreditación creado por el Reglamento se aplica explícitamente tanto a los ámbitos regulados como a los voluntarios. Esto es así porque la distinción entre ambos puede difuminarse debido a que los organismos de evaluación de la conformidad ejercen su actividad, y a que los productos son utilizados, en ambos ámbitos. Por tanto, una diferenciación supondría unas cargas innecesarias para las autoridades públicas y los agentes del mercado, así como contradicciones entre los ámbitos voluntarios y regulados.

6.2.   ¿QUÉ ES LA ACREDITACIÓN?

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| La acreditación es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación y sobre la base de normas armonizadas, de que un organismo de evaluación de la conformidad posee la capacidad técnica para ejercer una actividad específica de evaluación de la conformidad. |

La acreditación es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación, de que un organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos por las normas armonizadas y, cuando proceda, otros requisitos adicionales como los establecidos en los planes sectoriales pertinentes, para ejercer una actividad específica de evaluación de la conformidad.

Una amplia gama de productos están sujetos a evaluaciones de la conformidad por parte de terceros. Esto incluye productos no regulados así como productos regulados a escala nacional o de la Unión. En el caso de los productos regulados a escala de la UE, por ejemplo, en el ámbito armonizado esto significa habitualmente que los organismos de evaluación de la conformidad designados a escala nacional (organismos notificados) someten el producto a ensayos y emiten una declaración de conformidad antes de que el producto se pueda introducir en el mercado.

Más concretamente, para que se produzca la acreditación debe haber un organismo de evaluación de la conformidad acreditable (independientemente de su personalidad jurídica) que realice una actividad específica de evaluación de la conformidad.

La acreditación es la actividad basada en normas que garantiza y declara que los organismos de evaluación de la conformidad poseen la capacidad técnica para cumplir sus obligaciones tal y como lo exigen los reglamentos y las normas pertinentes. Evalúa la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad para cumplir sus obligaciones en campos específicos, ya que la acreditación siempre está vinculada a un determinado ámbito de actividad del organismo de evaluación de la conformidad. Aplicada en interés público, la acreditación evalúa la capacidad técnica, la fiabilidad y la integridad de los organismos de evaluación de la conformidad. Lo hace a través de un proceso de evaluación transparente e imparcial con arreglo a normas reconocidas internacionalmente y a otros requisitos. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 obliga a los organismos nacionales de acreditación a verificar que las evaluaciones de la conformidad son efectuadas de una manera apropiada y que se tienen en cuenta el tamaño y la estructura de las empresas y el grado de complejidad de la tecnología del producto correspondiente, así como la naturaleza del proceso de producción.

La acreditación se basa en normas internacionales para organismos de evaluación de la conformidad que han sido armonizadas en el Nuevo Marco Legislativo y cuyas referencias han sido publicadas en el Diario Oficial de la UE. La acreditación es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación, de que un organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos por las normas armonizadas y, cuando proceda, otros requisitos adicionales como los establecidos en los planes sectoriales pertinentes. Con arreglo al Reglamento n.o 765/2008, solamente los organismos nacionales de acreditación están autorizados a acreditar a los organismos de evaluación de la conformidad.

El apoyo en normas armonizadas, basadas en normas internacionales correspondientes, pretende crear el grado necesario de transparencia y confianza en la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, y garantizar que el sistema europeo de acreditación establecido por el Reglamento (CE) n.o 765/2008 es compatible con el sistema internacional de acreditación, facilitándose así el comercio internacional.

Dado el destacado papel en el sistema de evaluación de la conformidad que otorga el Reglamento a los organismos nacionales de acreditación, al evaluar las competencias de los organismos de evaluación de la conformidad, los organismos de acreditación deben aplicar escrupulosamente las disposiciones del Reglamento. El legislador ha decido limitar claramente las actividades que puede realizar un organismo de acreditación, manteniendo un estricto control sobre sus competencias mediante una referencia directa a las normas armonizadas. Esto también significa que las autoridades nacionales, por tanto, no pueden exigir a sus organismos de acreditación prestar servicios de acreditación fuera del procedimiento de acreditación completo ni aplicar normas de evaluación de la conformidad que no estén armonizadas, y deben impedir activamente que lo hagan.

6.3.   ALCANCE DE LA ACREDITACIÓN

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| La acreditación siempre se solicita y se concede para un ámbito determinado; es decir, para actividades de evaluación de la conformidad específicas. |

La acreditación es el método normativo para evaluar y declarar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad. La política de la Unión utilizado la acreditación como un instrumento diseñado para generar condiciones de confianza mutua debido a que se basa en normas de consenso. La confianza mutua solamente puede alcanzarse si se utilizan criterios que puedan ser verificados de manera objetiva, permitiendo así la transparencia y la posibilidad de comparación de las evaluaciones de la conformidad. Las normas pertinentes para organismos de evaluación de la conformidad[(248)](#ntr248-C_2016272ES.01000101-E0249) fueron creadas con la intención de apoyar la introducción de los procedimientos de evaluación de la conformidad establecidos en la legislación de armonización de la Unión[(249)](#ntr249-C_2016272ES.01000101-E0250). Estas normas han sido concebidas para regular los requisitos generales de competencia de los organismos que efectúan evaluaciones de la conformidad con arreglo a requisitos específicos, independientemente de si estos están contemplados en reglamentos, normas u otras especificaciones técnicas, o de si dichas especificaciones se basan en resultados o son específicas de los productos. Este concepto apoya la función de la acreditación como herramienta para facilitar la libre circulación de mercancías en el mercado interior, y ha sido adoptado por las normas ISO/IEC 17000 a escala internacional.

Tal como se indica en las cláusulas respectivas del ámbito de aplicación, las normas especifican criterios para los organismos con independencia del sector implicado. No obstante, siempre se solicita y se otorga acreditación para un ámbito de aplicación definido, es decir, para una actividad de evaluación de la conformidad específica y, si procede, para los tipos de ensayos realizados y los métodos empleados (por ejemplo, «El organismo X es competente para efectuar inspecciones como organismo de tipo A en el ámbito de categorías de equipos a presión de la Directiva 97/23») y jamás se restringe a una mera conformidad con las normas generales EN 17000. Por tanto, la acreditación basada en la conformidad con las normas EN 17000 implica siempre la necesidad de que estos criterios generales sean complementados y concretados más detalladamente por todas las especificaciones técnicas pertinentes del ámbito técnico específico para el que el organismo de evaluación de la conformidad solicita la acreditación. Así pues, la acreditación implica la verificación de la competencia respecto del estado actual de la técnica, e incluye la evaluación sobre la base de las normas para los organismos de evaluación de la conformidad y de todos los reglamentos, normas y otras especificaciones relacionadas con los productos y/o con la tecnología.

6.4.   ACREDITACIÓN DE LA CONFORMIDAD CON EL REGLAMENTO (CE) N.o 765/2008

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| |  |  | | --- | --- | | — | Cada Estado miembro designará a un único organismo nacional de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación es operada como una actividad de las autoridades públicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las responsabilidades y tareas del organismo nacional de acreditación se diferenciarán claramente de las de otras autoridades nacionales. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación se proporcionará sin fines lucrativos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Dentro de la UE, los organismos de acreditación no están autorizados a competir con otros organismos de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Dentro de la UE, los organismos de acreditación solamente podrán ejercer su actividad en el territorio de su propio Estado miembro. | |

6.4.1.   
ORGANISMOS NACIONALES DE ACREDITACIÓN

Cada Estado miembro puede designar a un único organismo nacional de acreditación. Solamente los organismos nacionales de acreditación están autorizados a acreditar organismos de evaluación de la conformidad. Ningún otro organismo puede suministrar estos servicios, ni con arreglo a normas armonizadas, ni con arreglo a normas no armonizadas. Esta disposición resulta esencial para el funcionamiento de la acreditación en la UE y para el marco de acreditación establecido por el Reglamento. Los Estados miembros no están obligados a crear su propio organismo nacional de acreditación, si consideran que no es viable económicamente hacerlo o si no consideran útil ofrecer acreditación para todas las actividades. Esto significa que, en el territorio de un Estado miembro, pueden actuar en cualquier momento varios organismos de acreditación para una actividad determinada. Para garantizar la transparencia, por tanto, los Estados miembros están obligados a informar a la Comisión y a los demás Estados miembros a qué organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro se ha recurrido.

Hay disponible en línea una lista de organismos nacionales de acreditación[(250)](#ntr250-C_2016272ES.01000101-E0251). Los organismos nacionales de acreditación deben poner en conocimiento del público las actividades para las que conceden acreditación.

El Reglamento no impone la forma jurídica que debe adoptar un organismo nacional de acreditación. Esto significa que el organismo nacional de acreditación puede actuar desde el seno de un ministerio, ser un organismo gubernamental o estar organizado como una empresa privada. Sin embargo, el Reglamento deja claro que la acreditación debe ser gestionada como actividad de una autoridad pública y, a tal efecto, debe ser reconocida oficialmente por el Estado miembro.

Por otra parte, las tareas y las responsabilidades del organismo nacional de acreditación deberán estar claramente diferenciadas de las de otras autoridades nacionales. Esta disposición pretende mejorar la independencia del organismo nacional de acreditación, así como la imparcialidad y la objetividad de sus actividades. Si el organismo nacional de acreditación forma parte de una estructura pública más amplia, como un ministerio, los otros departamentos no estarán autorizados a influir en las decisiones sobre la acreditación. El proceso de acreditación debe mantenerse separado de otras funciones. Resulta absolutamente fundamental evitar un conflicto de intereses del organismo nacional de acreditación. Esto también se aplica a determinadas tareas que puede asumir el organismo nacional de acreditación. Pese a que la Decisión n.o 768/2008/CE prevé que el organismo nacional de acreditación puede funcionar como una autoridad de notificación[(251)](#ntr251-C_2016272ES.01000101-E0252), la delegación de poderes debe estar documentada claramente, y se deben garantizar las condiciones de imparcialidad, en concreto la separación de tareas en el seno del organismo de acreditación.

No obstante, y aunque se deleguen las tareas de notificación en el organismo nacional de acreditación, las obligaciones del organismo derivadas del Reglamento siguen siendo de aplicación. Esto significa que su tarea sigue siendo la evaluación de la competencia técnica de los organismos de evaluación de la conformidad con arreglo al proceso de acreditación completo; una vez establecida la competencia técnica del organismo de evaluación de la conformidad, debe emitirse un certificado de acreditación. El organismo nacional de acreditación no puede realizar ninguna otra evaluación que no cumpla estos requisitos o que cumpla unos requisitos menos estrictos que no garanticen la emisión del certificado de acreditación.

En otras palabras, si va delegarse la tarea de notificación en un organismo nacional de acreditación, solo será posible la notificación de organismos de evaluación de la conformidad acreditados. La notificación de los organismos de evaluación de la conformidad cuyas competencias no hayan sido evaluadas respecto de todos los criterios de acreditación no será posible en los casos en que haya tenido lugar una delegación de este tipo. Esto significa asimismo que el organismo nacional de acreditación dispondrá de margen discrecional en la notificación de un organismo; el certificado de acreditación pertinente dará lugar a una notificación automática[(252)](#ntr252-C_2016272ES.01000101-E0253).

Por otra parte, al otorgar la acreditación el organismo nacional de acreditación debe cumplir una serie de condiciones en términos de representación de las partes interesadas, su gestión interna y los controles internos. Las decisiones en materia de evaluación deben ser adoptadas por una persona diferente de la que realizó la evaluación del organismo de evaluación de la conformidad. El organismo de acreditación debe disponer de suficiente personal competente para garantizar que puede llevar a cabo sus tareas. Deben existir procedimientos que garanticen que el personal actúa de manera adecuada y es competente para realizar sus tareas. Asimismo, se deben adoptar las medidas adecuadas para garantizar la confidencialidad de la información obtenida de los organismos de evaluación de la conformidad, y el organismo de acreditación está obligado a no imponer cargas innecesarias a sus clientes. Los organismos de acreditación también han de disponer de un mecanismo para tramitar reclamaciones.

Asimismo, el Reglamento indica que el organismo nacional de acreditación debe contar con recursos suficientes para cumplir sus tareas; esto incluye por una parte un número suficiente de personal competente, pero también tareas especiales como actividades de cooperación europea e internacional para la acreditación, y actividades requeridas en apoyo de políticas públicas y que no son autofinanciadas. En este sentido, la adecuada participación en la EA, en sus comités y en el proceso de evaluación por pares adquiere una importancia primordial. Los Estados miembros deben facilitar la participación de sus organismos nacionales de acreditación en este tipo de actividades.

De esta manera, los organismos nacionales de acreditación también están obligados a publicar sus cuentas anuales auditadas. Las intenciones de esta disposición van más allá de demostrar una gestión financiera sólida a efectos de la evaluación por pares. En consecuencia, los organismos nacionales de acreditación deben demostrar claramente que se respetan los principios rectores relativos al carácter no comercial y con unos recursos suficientes para garantizar su competencia en todas las actividades. Teniendo presente el objetivo general del Reglamento, es decir, establecer la acreditación como el último nivel de control dentro del sistema de evaluación de la conformidad, en aquellos casos en los que el organismo de acreditación forme parte de una estructura más amplia, este requisito se entenderá como una herramienta para demostrar la conformidad con dichos principios, y no se utilizará para generar cargas burocráticas innecesarias para los Estados miembros. Por tanto, los organismos de acreditación ubicados en los departamentos ministeriales deben ser capaces de presentar, por lo menos, unas cifras financieras y presupuestarias globales que cubran los recursos y gastos de funcionamiento generales, junto con todas las políticas financieras que les sean aplicables a fin de demostrar que cuentan con suficientes recursos para llevar a cabo sus tareas de forma adecuada manteniendo al mismo tiempo el principio de carácter no comercial.

Los Estados miembros tienen la responsabilidad de garantizar que sus organismos nacionales de acreditación cumplen de manera permanente los requisitos previstos por el Reglamento, y de adoptar medidas correctoras en caso de no ser así. Por ese motivo, deben tener muy en cuenta los resultados de la evaluación por pares organizada por la infraestructura europea de acreditación.

6.4.2.   
CARÁCTER NO COMPETITIVO Y NO COMERCIAL DE LOS ORGANISMOS NACIONALES DE ACREDITACIÓN

El objetivo del Reglamento, crear un marco coherente para la acreditación que establece la acreditación como el último nivel de control, está sustentado por los principios relativos al carácter no comercial y no competitivo.

Por esta razón, aunque se supone que la acreditación es una actividad autónoma, debe proporcionarse sin fines lucrativos. Esto significa que los organismos nacionales de acreditación no tienen el objetivo de maximizar sus ganancias ni repartir beneficios. Pueden prestar sus servicios a cambio de pagos o registrar ingresos, pero cualquier excedente de estos será invertido en el ejercicio futuro de sus actividades de acreditación, siempre que estas se correspondan con las tareas generales de los organismos de acreditación. El objetivo primordial de la acreditación sigue siendo desempeñar una tarea de interés público, no producir una ganancia.

Un excedente de ingresos periódico podría indicar que hay margen para reducir las tasas cobradas por la acreditación e instar a los organismos de evaluación de la conformidad más pequeños a solicitar la acreditación. Puesto que el Reglamento otorga máxima importancia al carácter no lucrativo de la acreditación, su considerando 14 aclara que la acreditación no debe generar ganancias ni para sus propietarios ni para sus miembros. En caso de que, pese a todo, se produzcan ganancias, se puede corregir la situación mediante la reducción de las tasas o la reutilización de los ingresos en un mayor desarrollo de la acreditación, a fin de impedir todo conflicto con el principio relativo a los fines no lucrativos contemplado en el Reglamento. Sería razonable esperar que cualquier excedente de ingresos generado por un organismo de acreditación se pudiera utilizar también para apoyar la participación del organismo de acreditación en las actividades de acreditación a escala europea, internacional o pública.

Por lo tanto, independientemente de la estructura jurídica del organismo nacional de acreditación, no debería haber transferencias periódicas de excedentes a los propietarios ni a los miembros del organismo nacional de acreditación, tanto si es público como si es privado. Por tanto, utilizar la acreditación como otra fuente de ingresos para el Estado suscitaría serias dudas sobre el cumplimiento de las intenciones del Reglamento por lo que respecta al carácter no lucrativo de la acreditación.

Siguiendo esta misma lógica, la acreditación se establecerá como una actividad claramente diferenciada de cualquier actividad de evaluación de la conformidad. Así pues, un organismo nacional de acreditación no está autorizado a ofrecer ni a prestar actividades o servicios ofrecidos o prestados por un organismo de evaluación de la conformidad. Tampoco puede prestar servicios de consultoría, poseer acciones de un organismo de evaluación de la conformidad, o bien tener un interés financiero en el mismo, ni competir con organismos de evaluación de la conformidad, para así evitar cualquier tipo de conflicto de interés.

Por otra parte, para salvaguardar el principio de carácter no comercial, el Reglamento también prevé que no se permita a los organismos de acreditación competir con otros organismos de acreditación. Dentro de la UE, estos organismos solamente podrán ejercer su actividad en el territorio del Estado miembro en el que están establecidos. La acreditación transfronteriza únicamente se contempla en casos excepcionales, especificados en el artículo 7, apartado 1, del Reglamento (CE) n.o 765/2008. A menos que se cumplan estas condiciones, los organismos de evaluación de la conformidad deben solicitar la acreditación al organismo nacional de acreditación del Estado miembro en el que tienen su sede. Esto es de aplicación para todas las actividades de evaluación de la conformidad que se llevan a cabo en Europa y que afectan a productos o a servicios que van a ser introducidos en el mercado[(253)](#ntr253-C_2016272ES.01000101-E0254).

6.5.   LA INFRAESTRUCTURA EUROPEA DE ACREDITACIÓN

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| |  |  | | --- | --- | | — | La Cooperación Europea para la Acreditación (EA) es la organización de organismos nacionales de acreditación europeos. |  |  |  | | --- | --- | | — | La EA es fundamental para la aplicación del Reglamento (CE) n.o 765/2008, y una de sus tareas más destacadas es la organización de un sistema de evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las tareas de la EA también pueden incluir el desarrollo o el reconocimiento de planes sectoriales. |   El Reglamento contempla el reconocimiento de una infraestructura europea de acreditación. De momento esta estructura es la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), la organización regional de organismos nacionales de acreditación europeos. La EA es fundamental para la aplicación del Reglamento y gracias al sistema de evaluación por pares es el organismo que detenta la visión global más completa del funcionamiento de la acreditación en Europa. La Comisión y la EA han firmado un acuerdo marco de asociación con arreglo al cual la EA lleva a cabo sus tareas. Una de las tareas primordiales de la EA es efectuar una evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, en consonancia con normas y prácticas internacionales, pero también contribuye a un desarrollo, un mantenimiento y una aplicación más amplios de la acreditación en la UE. |

6.5.1.   
PLANES SECTORIALES DE ACREDITACIÓN

A petición de la Comisión, las tareas de la EA también pueden incluir el desarrollo de planes de acreditación sectoriales o la aceptación de planes existentes. Un plan sectorial es un plan basado en una norma pertinente para un producto, proceso, servicio, etc. específicos, así como en cualquier requisito adicional específico para el sector pertinente o la legislación específica. La acreditación se puede solicitar para evaluar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad en lo que se refiere a llevar a cabo evaluaciones con respecto a dichos planes.

La EA puede contribuir al desarrollo de planes sectoriales y sus correspondientes criterios de evaluación y procedimientos de evaluación por pares. La EA también puede reconocer planes ya existentes que establecen sus propios criterios de evaluación y procedimientos de evaluación por pares.

En el caso de los planes sectoriales vinculados a la legislación de la UE, la Comisión debe asegurarse de que el plan propuesto cumple los requisitos necesarios de la legislación correspondiente en términos del interés público que expresa esta legislación específica.

6.5.2.   
EVALUACIÓN POR PARES

Una de las tareas más importantes de la EA es la organización del sistema de evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, que es la piedra angular del sistema europeo de acreditación.

Los organismos nacionales de acreditación se someten a evaluaciones por pares de sus sistemas, procedimientos y estructuras con un intervalo máximo de cuatro años. El objetivo del sistema de evaluación por pares es garantizar la coherencia y la equivalencia de las prácticas de acreditación en toda Europa, de manera que todos los agentes de un mercado más amplio, incluidas las autoridades públicas nacionales[(254)](#ntr254-C_2016272ES.01000101-E0255), reconozcan mutuamente los servicios prestados por aquellos organismos que han superado con éxito la evaluación por pares, y, por tanto, acepten los certificados de acreditación y las declaraciones que emiten los organismos de evaluación de la conformidad acreditados por dichas autoridades. La EA aporta un sistema de formación apropiado para garantizar la coherencia de las actividades de evaluación por pares y sus resultados en toda Europa. Una evaluación por pares con resultados positivos permite a un organismo nacional de acreditación firmar el Acuerdo Multilateral de la EA o mantener su condición de signatario de este. En virtud del acuerdo multilateral de la EA, todos los signatarios están obligados a reconocer la equivalencia de los diferentes sistemas de acreditación, así como una fiabilidad idéntica de las declaraciones emitidas por los organismos de evaluación de la credibilidad acreditados por ellos.

El sistema de evaluación por pares se aplica en varios niveles. En primer lugar, todos los organismos nacionales de acreditación deben cumplir los requisitos de la norma armonizada EN ISO/IEC 17011 «Evaluación de la conformidad. Requisitos generales para los organismos de acreditación que realizan la acreditación de organismos de evaluación de la conformidad» y los requisitos del Reglamento que no están contemplados en la norma relativa a los organismos internacionales de acreditación, que, concretamente son los principios de un organismo nacional de acreditación que actúa como autoridad pública, así como los principios relativos al carácter no comercial y no competitivo.

Los organismos de acreditación deberán demostrar que son capaces y competentes para llevar a cabo la acreditación en los diferentes campos de la evaluación de la conformidad en que prestan servicio. Estas actividades están determinadas por varias normas armonizadas (como la EN ISO/IEC 17025 para laboratorios de ensayo y calibración, la EN ISO/IEC 17020 para organismos de inspección o la EN ISO/IEC 17065 para organismos que certifican productos, servicios y procesos). Por otra parte, los evaluadores por pares deben asegurarse de que el organismo de acreditación tiene en cuenta en sus evaluaciones otros posibles requisitos, que son pertinentes para las actividades de evaluación de la conformidad específicas que serán llevadas a cabo por los organismos a los que acreditan. Pueden ser requisitos específicos incluidos en planes de evaluación de la conformidad, incluidos los planes europeos o nacionales.

6.5.3.   
PRESUNCIÓN DE CONFORMIDAD PARA LOS ORGANISMOS NACIONALES DE ACREDITACIÓN

Si un organismo nacional de acreditación puede demostrar, tras un proceso de evaluación por pares, que cumple los requisitos de la norma armonizada correspondiente[(255)](#ntr255-C_2016272ES.01000101-E0256), se supondrá que cumple los requisitos relativos a los organismos nacionales de acreditación que se describen en el artículo 8 del Reglamento.

Más aún (y esto tiene importancia específica en el ámbito reglamentario), si un organismo nacional de acreditación ha superado con éxito la evaluación por pares para una actividad específica de evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales están obligadas a aceptar los certificados de acreditación expedidos por este organismo, así como cualquier declaración (por ejemplo, informes de ensayos o de inspección, o certificados) emitida por los organismos de evaluación de la conformidad acreditados por este organismo de acreditación.

6.5.4.   
LA EA (COOPERACIÓN EUROPEA PARA LA ACREDITACIÓN) Y SUS FUNCIONES DE APOYO Y ARMONIZACIÓN DE LAS PRÁCTICAS DE ACREDITACIÓN EN EUROPA

Sobre la base de la función de la EA como la organización a cargo de la evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, es necesario llegar a un enfoque coherente y equivalente de la acreditación que justifique el reconocimiento y la aceptación mutuos de las declaraciones de evaluación de la conformidad. Esto significa que la EA debe facilitar un enfoque común de la práctica de la acreditación, dirigido a las normas armonizadas y a los requisitos que puedan estar incluidos en cualquier plan sectorial. Por tanto, con la participación de todas las partes afectadas, como los interesados y las autoridades nacionales, la EA debe desarrollar una orientación transparente que sus miembros tendrán que respetar cuando realicen la acreditación.

6.6.   LA ACREDITACIÓN TRANSFRONTERIZA

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| La posibilidad de que un organismo de evaluación de la conformidad solicite la acreditación ante un organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro solamente se permite en unos pocos casos. |

De conformidad con el artículo 7, apartado 1, del Reglamento (CE) n.o 765/2008, se exige a los organismos de evaluación de la conformidad, tanto si son terceros como propios o internos, que cuando soliciten la acreditación lo hagan ante el organismo nacional de acreditación del Estado miembro en el que tienen su sede. La norma general permite excepciones: un organismo de evaluación de la conformidad puede solicitar la acreditación a un organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro solo en caso de que:

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| — | en el Estado miembro en el que está establecido no haya ningún organismo nacional de acreditación y no haya recurrido a otro [artículo 7, apartado 1, letra a)], |

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| — | el organismo nacional de acreditación no ofrezca el servicio de acreditación solicitado [artículo 7, apartado 1, letra b)], |

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| — | el organismo nacional de acreditación no se haya sometido con éxito a la evaluación por pares en lo que respecta a las actividades de evaluación de la conformidad para las que se solicita la acreditación, es decir, cuando el organismo nacional de acreditación no ha firmado el Acuerdo Multilateral de la EA para la acreditación de la actividad de evaluación de la conformidad afectada [artículo 7, apartado 1, letra c)]. |

El artículo 7, apartado 1, del Reglamento está estrechamente vinculado al principio de no competencia y es consecuencia lógica del mismo.

La disposición transfronteriza recogida en el artículo 7 es percibida como muy estricta e innecesariamente gravosa para los organismos de evaluación de la conformidad con actividad multinacional que tienen su sede central en un Estado miembro, y que disponen de entidades o sedes locales en otros Estados miembros que trabajan bajo la supervisión de la sede central y aplican el mismo sistema de calidad y la misma gestión de la calidad, toda vez que esto implica duplicidades costosas de las evaluaciones. Se teme al riesgo de sufrir una desventaja competitiva en comparación con organizaciones de terceros países. En un caso de interpretación jurídica estricta del artículo 7, y debido a sus estructuras, los organismos de evaluación de la conformidad multinacionales no pueden beneficiarse de la ventaja que supone un solo certificado de acreditación para el conjunto del territorio de la UE, si bien uno de los objetivos del Reglamento es evitar las acreditaciones múltiples.

Debe evitarse la duplicidad de evaluaciones y cargas innecesarias para los organismos de evaluación de la conformidad al tiempo que se garantiza un control adecuado de las entidades locales de los organismos de evaluación de la conformidad. Debe producirse un intercambio de información y una cooperación eficaz entre organismos nacionales de acreditación para la evaluación, la reevaluación y la vigilancia de las sedes locales de los organismos de evaluación de la conformidad multinacionales siempre que sea necesario. Sobre la base del reconocimiento mutuo de todas las evaluaciones realizadas por miembros de la EA, cualquier duplicidad de evaluaciones de aspectos o requisitos organizativos deberá evitarse.

De ser necesario y previa solicitud motivada, el organismo nacional de acreditación local facilitará a las autoridades nacionales del otro Estado miembro información pertinente sobre la realización de la acreditación con respecto a requisitos legislativos nacionales de otro Estado miembro y/o a los requisitos establecidos en los planes sectoriales nacionales pertinentes. Se deberá mantener informadas al respecto a las autoridades nacionales de los Estados miembros en los que tiene su sede el organismo local o nacional de acreditación.

Los organismos de evaluación de la conformidad con sedes locales (independientemente de su personalidad jurídica), siempre que estas actúen en el marco del mismo sistema y la misma gestión de la calidad globales, y su sede central tenga los medios para influir y controlar sustancialmente sus actividades, pueden ser considerados como una sola organización con respecto a la actividad de evaluación de la conformidad que ejercen. Por tanto, dicho organismo de evaluación de la conformidad está autorizado a solicitar la acreditación ante el organismo nacional de acreditación de la sede central cuyo ámbito de aplicación también puede abarcar las actividades ejercidas por la sede local, incluidas las ubicadas en otro Estado miembro.

No obstante, la acreditación múltiple solamente se permite en el marco del Reglamento si el organismo de evaluación de la conformidad acreditado conserva la responsabilidad final respecto de las actividades ejercidas por las sedes locales incluidas en el ámbito de aplicación de la acreditación múltiple. El certificado de acreditación expedido por el organismo nacional de acreditación del Estado donde se encuentra la sede central nombra una entidad jurídica (la sede central) y esta entidad jurídica ostenta la acreditación y es responsable de las actividades acreditadas del organismo de evaluación de la conformidad, lo que incluye cualquier actividad realizada por la sede local que forme parte del ámbito de aplicación de la acreditación. Cuando estas sedes locales ejerzan actividades clave (según se enumeran en la norma EN ISO/IEC 17011), el certificado de acreditación (en sus anexos) deberá identificar claramente la dirección de dichas sedes.

La sede local tiene derecho a ofrecer evaluaciones de la conformidad en virtud de la acreditación múltiple directamente al mercado local, pero solamente en nombre del organismo de evaluación de la conformidad acreditado. Así pues, estos certificados e informes acreditados son expedidos con la acreditación, el nombre y la dirección de la sede central y sin el logotipo de la sede local. Sin embargo, esto no impide mencionar la sede local que expide el certificado o el informe correspondiente en el certificado de evaluación de la conformidad, ni comunicar sus datos de contacto.

La acreditación múltiple está destinada a ser usada solamente por empresas dentro de la misma organización y siempre que la sede central conserve la responsabilidad por las actividades ejercidas y por los certificados o informes expedidos por las sedes locales. La responsabilidad debe ser demostrada con arreglo a las relaciones contractuales, u otras relaciones jurídicas equivalentes, entre la sede central y la entidad local, y la normativa interna que especifica más detalladamente estas relaciones en términos de gestión y de responsabilidades.

La solución de la acreditación múltiple puede ser aplicada a todo tipo de entidades locales (filiales, sucursales, agencias, oficinas, etc.), con independencia de su personalidad jurídica, y en principio es válida para todo tipo de organismos de evaluación de la conformidad, como laboratorios y organismos de inspección y de certificación, siempre que ejerzan actividades claramente identificadas y pertinentes para el fin de la acreditación.

La solución de la acreditación múltiple queda excluida cuando no se cumplen las condiciones mencionadas anteriormente, esto es, cuando el organismo de evaluación de la conformidad no puede ser considerado una misma organización con respecto a la evaluación de la conformidad y la sede central no conserva la responsabilidad última por las actividades de las entidades locales. En este caso, las sedes locales son entidades jurídicas separadas y deben solicitar su propia acreditación ante el organismo nacional de acreditación local. En consecuencia, se puede considerar que la entidad local lleva a cabo el servicio de evaluación de la conformidad de manera completamente independiente de la sede central.

En el caso de una acreditación múltiple, la evaluación inicial y las reevaluaciones deben llevarse a cabo en estrecha cooperación entre los respectivos organismos nacionales de acreditación locales y el organismo nacional de acreditación de la sede central que adopta la decisión de acreditación, aunque la vigilancia debe efectuarse en cooperación con el organismo nacional de acreditación local, o junto a este. El organismo de evaluación de la conformidad multinacional debe cooperar plenamente con los organismos nacionales de acreditación implicados. Las entidades locales no pueden rechazar la participación del organismo nacional de acreditación local en la evaluación, las reevaluaciones y el proceso de vigilancia. Las normas armonizadas de cooperación entre organismos nacionales de acreditación existen en forma de política transfronteriza de la EA. La acreditación múltiple debe ser gestionada en el marco de la política transfronteriza de la EA a fin de garantizar la participación del organismo nacional de acreditación local.

La acreditación múltiple no sustituye a la subcontratación, que sigue siendo una solución viable en el caso de que un organismo de evaluación de la conformidad desee subcontratar parte de sus actividades a entidades jurídicas que están ubicadas y que actúan en otros Estados miembros, o en el mismo, y que, sin embargo, no pertenecen a la misma organización; es decir, no forman parte de un organismo de evaluación de la conformidad multinacional. En ese caso, el subcontratista no está sujeto a la acreditación del organismo de evaluación de la conformidad. Un organismo de evaluación de la conformidad acreditado puede subcontratar partes específicas de sus actividades de evaluación de la conformidad con distintas entidades jurídicas de conformidad con la norma sobre organismos de evaluación de la conformidad con arreglo a la que está acreditado, y solamente en la medida en que dicha norma lo permita. El organismo de evaluación de la conformidad debe ser capaz de demostrar al organismo nacional de acreditación que las actividades subcontratadas se realizan de manera competente y fiable, coherente con los requisitos aplicables para las actividades correspondientes. La declaración de evaluación de la conformidad acreditada debe ser emitida exclusivamente con el nombre y bajo la responsabilidad del organismo de evaluación de la conformidad acreditado, es decir, la entidad jurídica que ostenta la acreditación. La relación contractual con el cliente se mantiene con el organismo de evaluación de la conformidad acreditado.

6.7.   ACREDITACIÓN EN EL CONTEXTO INTERNACIONAL

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| A escala internacional, la cooperación entre organismos de acreditación tiene lugar en el marco del Foro Internacional de Acreditación (FIA/IAF) y de la Cooperación Internacional de Acreditación de Laboratorios (ILAC). |

6.7.1.   
COOPERACIÓN ENTRE ORGANISMOS DE ACREDITACIÓN

La acreditación, en tanto que modo imparcial de evaluar y expresar la demostración formal de la competencia técnica, la imparcialidad y la integridad profesional de los organismos de evaluación de la conformidad, es una herramienta de infraestructura de calidad eficaz, utilizada en todo el mundo.

A escala internacional, la cooperación entre organismos de acreditación se produce en el seno de dos organizaciones: en concreto, dentro del Foro Internacional de Acreditación (IAF) entre organismos de acreditación que acreditan organismos de certificación (productos y sistemas de gestión), y dentro de la Cooperación Internacional de Acreditación de Laboratorios (ILAC) entre organismos de acreditación que acreditan laboratorios y organismos de inspección. Ambas organizaciones contemplan acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo entre sus organismos de acreditación miembros. El IAF gestiona un acuerdo multilateral de reconocimiento (AMR), mientras que la ILAC aplica un acuerdo de reconocimiento mutuo (ARM). Estos acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo o acuerdos de competencia a nivel técnico entre organismos de acreditación tienen como fin último permitir que los productos y los servicios acompañados por declaraciones de conformidad acreditadas accedan a los mercados extranjeros sin que resulte necesario llevar a cabo de nuevo ensayos o certificaciones en el país importador. Por tanto, el objetivo de estos acuerdos de reconocimiento entre organismos de acreditación es contribuir a consolidar la aceptación de los resultados de la evaluación de la conformidad.

A escala regional, y hasta la fecha[(256)](#ntr256-C_2016272ES.01000101-E0257), se han creado organizaciones de cooperación entre organismos de acreditación en:

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| — | Europa: Cooperación Europea para la Acreditación (EA) |

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| — | América: Cooperación Interamericana de Acreditación (IAAC) |

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| — | Asia-Pacífico: Cooperación de Acreditación de Laboratorios de Asia-Pacífico (APLAC) y Cooperación de Acreditación del Pacífico (PAC) |

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| — | África: Acreditación de la Comunidad del África Meridional para el Desarrollo (SADCA) |

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| — | África: Cooperación Africana para la Acreditación (AFRAC) |

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| — | Oriente Medio: Cooperación Árabe para la Acreditación (ARAC) |

Excepto SADCA, AFRAC y ARAC, que actualmente están desarrollando su acuerdo de reconocimiento mutuo regional, las organizaciones de cooperación enumeradas anteriormente cuentan en su región con acuerdos o disposiciones vigentes en los que se basan los acuerdos de la ILAC y el IAF. Al otorgar un reconocimiento especial, el IAF acepta los acuerdos de reconocimiento mutuo establecidos dentro de la EA, la IAAC y la PAC: los organismos de acreditación que son miembros del IAF y los firmantes del acuerdo multilateral de la EA (EA AMR) o del acuerdo multilateral de reconocimiento de la PAC (PAC AMR) son aceptados automáticamente en el AMR del IAF. La ILAC acepta los acuerdos de reconocimiento mutuo y los procedimientos de evaluación subyacentes de la EA, la APLAC y la IAAC. Los organismos de acreditación que no están afiliados a ninguna entidad regional de cooperación reconocida pueden solicitar directamente a la ILAC y/o al IAF su evaluación y reconocimiento.

Los requisitos fijados por el Reglamento para los organismos de acreditación están en consonancia con los requisitos aceptados globalmente contemplados en las normas internacionales pertinentes, si bien algunos de ellos pueden ser percibidos como más rigurosos. En particular:

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| — | La acreditación es realizada por un único organismo nacional de acreditación designado por su Estado miembro (artículo 4, apartado 1). |

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| — | La acreditación es ejercida como actividad de una autoridad pública (artículo 4, apartado 5). |

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| — | Los organismos nacionales de acreditación actúan sin presiones comerciales (artículo 8, apartado 1) y sin fines lucrativos (artículo 4, apartado 7). |

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| — | Los organismos nacionales de acreditación no competirán con los organismos de evaluación de la conformidad (artículo 6, apartado 1) o con otros organismos nacionales de acreditación (artículo 6, apartado 2). |

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| — | Acreditación transfronteriza, artículo 7 (dentro de la UE y el EEE). |

6.7.2.   
LA INCIDENCIA DE LAS RELACIONES COMERCIALES EN EL ÁMBITO DE LA EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD ENTRE LA UE Y TERCEROS PAÍSES

La aceptación última de las declaraciones de evaluación de la conformidad es decidida por las autoridades públicas en la esfera reglamentaria y, desde un punto de vista económico, por los usuarios y consumidores del sector. Los acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo voluntarios entre organismos de acreditación que se adoptan a nivel técnico apoyan y potencian el desarrollo y la mejora de los acuerdos comerciales intergubernamentales.

Los requisitos recogidos anteriormente afectan a la aceptación de los certificados y los resultados de ensayos no europeos acreditados por organismos de acreditación no europeos que no cumplen los requisitos de la Unión pero que han firmado acuerdos multilaterales o de reconocimiento mutuo de la ILAC o el IAF.

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| — | Evaluación de la conformidad realizada en el ámbito voluntario  Corresponde al organismo de evaluación de la conformidad no europeo que opera en el mercado europeo decidir si quiere ser acreditado y dónde. Con el fin de impulsar la aceptación por parte del mercado europeo (la industria en tanto que compradores de servicios de evaluación de la conformidad y, en última instancia, consumidores) de sus declaraciones de evaluación de la conformidad, los organismos de evaluación de la conformidad no europeos que optan a la acreditación pueden elegir si recurrir al servicio de un organismo de acreditación de un tercer país no necesariamente conforme con los nuevos requisitos europeos, pero que haya firmado un acuerdo multilateral o de reconocimiento mutuo de la ILAC o el IAF, o decantarse por un organismo de acreditación establecido en la Unión. Las declaraciones de evaluación de la conformidad no europeas expedidas bajo acreditación por parte de organismos europeos de acreditación que no cumplan los requisitos europeos pueden seguir siendo utilizadas en el mercado europeo, pero solamente de forma voluntaria. |

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| — | Evaluación de la conformidad realizada en el ámbito obligatorio  Cuando las normativas exigen la evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales de los Estados miembros de la UE pueden negarse a acepar declaraciones de conformidad expedidas bajo acreditación por organismos de acreditación no europeos que no cumplen los requisitos de la Unión, aunque sean signatarios de los acuerdos de la ILAC y el IAF. Sin embargo, esta negativa no puede basarse en el mero argumento del incumplimiento de los requisitos de la Unión por parte del organismo de acreditación del tercer país. La conformidad con los requisitos de la UE por parte del organismo de acreditación del tercer país no es una condición para la aceptación de los resultados de la evaluación de la conformidad, pero ese incumplimiento podría alimentar las dudas sobre la calidad y el valor de la acreditación y, por tanto, sobre la calidad y el valor de los certificados o los informes acreditados. |

Sin embargo, cuando estén vigentes acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) intergubernamentales entre la Unión y un tercer país en relación con la evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales de los Estados miembros de la UE aceptarán los informes de ensayos y los certificados expedidos por organismos designados por la parte extranjera en virtud del ARM para evaluar la conformidad en las categorías de productos o sectores sujetas al ARM. Los productos acompañados por dichas declaraciones de la conformidad pueden ser exportados e introducidos en el mercado de otros países sin someterse a procedimientos de evaluación de la conformidad adicionales. Todas las partes importadoras acuerdan, de conformidad con los términos del ARM, reconocer las declaraciones de evaluación de la conformidad emitidas por organismos de evaluación de la conformidad homologados de la parte exportadora, con independencia de si la acreditación ha sido utilizada para respaldar el proceso de designación de los organismos de evaluación de la conformidad en el marco del ARM o no, e independientemente (en caso de que la acreditación sea utilizada por la parte no europea) de que el organismo de acreditación tercero cumpla o no los requisitos de la Unión.

7.   VIGILANCIA DEL MERCADO

En virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008, las autoridades nacionales de vigilancia del mercado tienen obligaciones claras de controlar proactivamente los productos comercializados, de organizarse entre sí y de garantizar la coordinación entre sí a escala nacional, y de cooperar a escala de la UE[(257)](#ntr257-C_2016272ES.01000101-E0258). Los agentes económicos tienen la obligación clara de cooperar con las autoridades nacionales de vigilancia del mercado y de adoptar medidas correctoras si fuera necesario. Las autoridades nacionales de vigilancia del mercado tienen la autoridad para imponer sanciones que pueden incluir la destrucción de productos.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 integra las disposiciones del Reglamento (CEE) n.o 339/93 relativo a los controles de conformidad de productos importados de terceros países. Estos controles ahora forman parte integrante de las actividades de vigilancia del mercado y el Reglamento (CE) n.o 765/2008 obliga a las autoridades nacionales aduaneras y de vigilancia del mercado a cooperar con el fin de garantizar un sistema eficiente. Esos controles deben ser llevados a cabo de forma no discriminatoria, en consonancia con las normas de la OMC y bajo las mismas normas y condiciones fijadas para los controles de vigilancia del mercado interior.

La Comisión Europea tiene la responsabilidad de facilitar el intercambio de información entre autoridades nacionales (en relación con sus programas de vigilancia del mercado, sus metodologías de evaluación del riesgo, etc.), para garantizar que la vigilancia del mercado tiene lugar efectivamente en toda la UE y que los Estados miembros pueden unir sus medios.

7.1.   ¿POR QUÉ ES NECESARIA LA VIGILANCIA DEL MERCADO?

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| Los Estados miembros deben adoptar medidas apropiadas para evitar la comercialización y el uso [(258)](#ntr258-C_2016272ES.01000101-E0259) de productos no conformes |

La vigilancia del mercado tiene como fin garantizar que los productos cumplen los requisitos aplicables que proporcionan un elevado nivel de protección de los aspectos de interés público como la salud y la seguridad en general, la salud y la seguridad en el lugar de trabajo, la protección de los consumidores, la protección del medio ambiente y la seguridad, al tiempo que garantizan que no se restringe la libre circulación de productos más de lo permitido por la legislación de armonización de la Unión o cualquier otra norma pertinente de la UE. La vigilancia del mercado da derecho a los ciudadanos a un grado de protección equivalente en todo el mercado único, independientemente del origen del producto. Por otra parte, la vigilancia del mercado es importante para los intereses de los agentes económicos, ya que ayuda a eliminar la competencia desleal.

Las actividades de vigilancia del mercado no van dirigidas exclusivamente a la protección de la salud y la seguridad, sino que se también se acometen con el objetivo de salvaguardar otros intereses públicos, por ejemplo mediante la regulación de la precisión de la medida, la compatibilidad electromagnética, la eficiencia energética o la protección de los consumidores o el medio ambiente, siguiendo el principio de «alto nivel de protección» según se recoge en el artículo 114, apartado 3, del TFUE.

Los Estados miembros deben garantizar la vigilancia efectiva de sus mercados. Se les exige organizar y llevar a cabo el seguimiento de los productos comercializados o importados. Los Estados miembros deberán adoptar las medidas apropiadas para garantizar que las disposiciones del Reglamento (CE) n.o 765/2008, de la Directiva 2001/95/CE y demás legislación de armonización de la Unión, así como de las legislaciones nacionales no armonizadas vigentes, sean respetadas en la UE y, en particular, para impedir la comercialización y el uso de productos no conformes y/o que no son seguros.

La vigilancia del mercado permitirá identificar los productos no seguros o los productos que no cumplen otros requisitos vigentes establecidos por la legislación de armonización de la Unión, y mantenerlos fuera del mercado o retirarlos de este, así como castigar a los agentes poco escrupulosos o que cometan un delito. También debe actuar como un potente factor disuasorio[(259)](#ntr259-C_2016272ES.01000101-E0260). Con este fin, los Estados miembros deben:

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| — | aplicar correctamente las disposiciones de la legislación pertinente y permitir sanciones proporcionales a cualquier infracción, |

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| — | vigilar los productos (sea cual sea su origen) introducidos en su mercado con el fin de asegurarse de que han sido sometidos a los procedimientos necesarios, que cumplen los requisitos en materia de marcado y de documentación, y que han sido diseñados y fabricados de conformidad con los requisitos de la legislación de armonización de la Unión. |

Para resultar eficaz, el trabajo de vigilancia del mercado debe ser uniforme en toda la Unión. Esto cobra mayor importancia si consideramos que cada punto de la frontera exterior de la Unión constituye un punto de acceso para gran cantidad de productos procedentes de terceros países. Si la vigilancia del mercado es «menos intensa» en algunas zonas de la Unión que en otras se crearán puntos débiles que amenazarán el interés público y generarán condiciones comerciales desleales. En consecuencia, debe existir una vigilancia del mercado eficaz en de todas las fronteras exteriores de la Unión.

Con el fin de garantizar la objetividad y la imparcialidad necesarias, la vigilancia del mercado debe ser realizada por las autoridades de los Estados miembros. Determinados controles (por ejemplo, ensayos o inspecciones) pueden ser delegados en otros organismos, pero las autoridades oficiales deben conservar la plena responsabilidad por las decisiones adoptadas tras dichos controles. Los controles realizados en el marco de la vigilancia del mercado pueden efectuarse en diferentes momentos durante el ciclo de vida del producto tras su introducción en el mercado, como la distribución, la puesta en funcionamiento o el uso final. Por tanto, la vigilancia del mercado puede ser ejercida en distintas ubicaciones; por ejemplo, establecimientos importadores, distribuidores mayoristas o minoristas, empresas de alquiler, usuarios, etc.

7.2.   CONTROLES DE LAS AUTORIDADES DE VIGILANCIA DEL MERCADO

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| |  |  | | --- | --- | | — | La vigilancia del mercado se produce en la fase de comercialización de los productos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las actividades de vigilancia del mercado pueden estar organizadas de manera diferente dependiendo de la naturaleza del producto y de los requisitos legales, y pueden ir desde el control de los requisitos formales hasta minuciosos análisis de laboratorio. |  |  |  | | --- | --- | | — | Todos los agentes económicos tienen una función y obligaciones en la vigilancia del mercado. | |

Las autoridades de vigilancia del mercado comprobarán la conformidad del producto con los requisitos jurídicos aplicables en el momento de la introducción en el mercado o, si procede, de la puesta en servicio.

Así, la vigilancia del mercado no tiene lugar formalmente durante las fases de diseño y producción, antes de que el fabricante asuma la responsabilidad oficial por la conformidad de los productos, generalmente por medio de la fijación del marcado CE. Sin embargo, nada impide a las autoridades de vigilancia del mercado y a los agentes económicos colaborar durante la fase de diseño o de producción. Esta colaboración puede ayudar a poner en marcha medidas preventivas y a detectar lo antes posibles problemas de seguridad y de conformidad[(260)](#ntr260-C_2016272ES.01000101-E0261).

Otras excepciones al principio de que la vigilancia del mercado solamente puede producirse después de que el fabricante haya asumido la responsabilidad oficial por los productos son las ferias las exhibiciones y las demostraciones comerciales. La mayor parte de la legislación de armonización de la Unión permite exhibir y presentar productos sin marcado CE en ferias, exhibiciones y demostraciones comerciales, siempre que un signo visible indique claramente que los productos no pueden ser comercializados o puestos en servicio hasta que sean conformes, y que durante las demostraciones, si procede, se adoptan medidas adecuadas para garantizar la protección del interés público. Las autoridades de vigilancia del mercado deben velar por que se respete esta obligación.

Para que la vigilancia del mercado resulte eficaz, los recursos deben concentrarse allí donde es probable que los riesgos sean mayores o el incumplimiento más frecuente, o donde se detecte un interés concreto. Con ese propósito pueden utilizarse estadísticas y procedimientos de evaluación del riesgo. Para poder supervisar los productos introducidos en el mercado, las autoridades de vigilancia deben tener el poder, la competencia y los recursos para:

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| — | visitar con regularidad instalaciones comerciales, industriales y de almacenamiento, |

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| — | visitar con regularidad, si procede, lugares de trabajo y otras instalaciones donde los productos son puestos en servicio[(261)](#ntr261-C_2016272ES.01000101-E0262), |

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| — | organizar controles aleatorios y sobre el terreno, |

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| — | tomar muestras de productos y someterlas a análisis y ensayos, y |

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| — | requerir, mediante una solicitud motivada, toda la información necesaria. |

El primer nivel de control son las verificaciones documentales y visuales, por ejemplo en relación con el marcado CE y su colocación, la disponibilidad de la declaración UE de conformidad, la información adjunta al producto y la elección correcta de procedimientos de evaluación de la conformidad. Sin embargo, serán necesarios unos controles más profundos para verificar la conformidad del producto, por ejemplo, en lo tocante a la correcta aplicación del procedimiento de evaluación de la conformidad, la conformidad con los requisitos esenciales aplicables y el contenido de la declaración UE de conformidad.

En la práctica, las actividades de vigilancia del mercado individuales pueden centrarse en determinados aspectos de los requisitos. Además de las actividades de vigilancia del mercado dirigidas explícitamente a la verificación de productos introducidos en el mercado, existen otros mecanismos públicos que, si bien no han sido diseñados directamente para ese fin, pueden tener como consecuencia la revelación de un incumplimiento[(262)](#ntr262-C_2016272ES.01000101-E0263). Las inspecciones de trabajo que comprueban la seguridad en el lugar de trabajo, por ejemplo, pueden descubrir que el diseño o la construcción de una máquina, o que un equipo de protección individual que presenta el marcado CE, no cumplen los requisitos aplicables[(263)](#ntr263-C_2016272ES.01000101-E0264).

La información sobre la conformidad de un producto en el momento en que fue introducido en el mercado también puede ser obtenida durante las inspecciones del uso, o analizando los factores que provocaron un accidente. Las reclamaciones de los consumidores o de otros usuarios sobre el producto, o de los fabricantes o distribuidores acerca de la competencia desleal también pueden proporcionar información a efectos de la vigilancia del mercado.

El seguimiento de los productos comercializados puede dividirse entre varias autoridades a escala nacional, por ejemplo según un criterio funcional o geográfico. Cuando los mismos productos están sujetos a control por parte de más de una autoridad (por ejemplo, autoridades aduaneras y una autoridad sectorial, o autoridades locales), es necesaria la coordinación entre servicios dentro de un Estado miembro.

Las iniciativas voluntarias, como la certificación del producto o la aplicación de un sistema de gestión de la calidad, no pueden situarse en el mismo nivel que las actividades de vigilancia del mercado ejercidas por una autoridad. Aun así, pueden contribuir a eliminar riesgos e incumplimientos. Sin embargo, las autoridades de vigilancia del mercado deben ser imparciales en lo relativo a los marcados, las etiquetas y las disposiciones de carácter voluntario, que solamente se pueden considerar, de manera transparente y no discriminatoria, para la evaluación del riesgo y la conformidad. En consecuencia, los productos no serán excluidos de las operaciones de vigilancia del mercado aunque hayan sido objeto de una certificación voluntaria o de otras iniciativas voluntarias.

La legislación de armonización de la Unión contempla dos herramientas diferentes que permiten a las autoridades de vigilancia del mercado recibir información acerca del producto: la declaración UE de conformidad y la documentación técnica. Estas herramientas deben ser puestas a disposición por el fabricante, el representante autorizado establecido dentro de la Unión o, en determinadas circunstancias, por el importador[(264)](#ntr264-C_2016272ES.01000101-E0265).

No se puede obligar a otras personas físicas o jurídicas, como los distribuidores, a poner dichas herramientas a disposición[(265)](#ntr265-C_2016272ES.01000101-E0266). Sin embargo, se espera que ayuden a la autoridad de vigilancia del mercado a obtenerlas. Por otra parte, la autoridad de vigilancia del mercado puede solicitar al organismo notificado que facilite información sobre la realización de la evaluación de la conformidad del producto correspondiente.

La declaración UE de conformidad debe ser comercialización de la autoridad de vigilancia sin demora previa solicitud motivada[(266)](#ntr266-C_2016272ES.01000101-E0267). Acompañará al producto cuando así lo exija la legislación de armonización de la Unión específica. Puede ser comercialización por motivos de vigilancia en cada uno de los Estados miembros; por ejemplo, a través de la cooperación administrativa.

La documentación técnica debe ser comercialización de la autoridad de vigilancia del mercado en un plazo de tiempo razonable, en respuesta a una solicitud motivada. La autoridad no puede exigirla de manera sistemática. En general, puede ser solicitada durante los controles aleatorios efectuados con fines de vigilancia del mercado, o cuando existen motivos de preocupación sobre si un producto no ofrece el grado de protección exigido en todos los aspectos.

Sin embargo, en aquellos casos en que existan dudas profundas sobre la conformidad del producto con la legislación de armonización de la Unión aplicable, se puede solicitar información más detallada (por ejemplo, certificados y decisiones del organismo notificado). La documentación técnica íntegra será solicitada únicamente cuando resulte claramente necesario y no, por ejemplo, cuando se deba verificar solamente un detalle.

Esta solicitud debe ser evaluada de conformidad con el principio de proporcionalidad y, por tanto, teniendo en cuenta la necesidad de garantizar la salud y la seguridad de las personas u otros intereses públicos previstos en la legislación de armonización de la Unión aplicable, y asimismo debe proteger a los agentes económicos frente a cargas innecesarias. Más aún, la no presentación de la documentación en respuesta a una solicitud motivada por parte de una autoridad nacional de vigilancia del mercado en un plazo aceptable puede constituir un motivo suficiente para poner en duda la conformidad del producto con los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión aplicable.

En el caso de una petición motivada, es suficiente con que el fabricante facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento denunciado, apropiada para demostrar si el fabricante se ha ocupado o no de este asunto. Por tanto, la petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a estas partes de la documentación. Si la autoridad de vigilancia del mercado considera necesaria una traducción, debe definir claramente la parte de la documentación que será traducida y habilitar un plazo de tiempo razonable para que se realice la traducción. No se podrán imponer condiciones adicionales a una traducción, como el requisito de un traductor acreditado o reconocido por las autoridades públicas.

La autoridad nacional puede aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua elegida puede ser una tercera lengua, si es aceptada por dicha autoridad.

Debe ser posible poner la documentación técnica a disposición en la Unión. Sin embargo, no es necesario conservarla dentro de la Unión, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga lo contrario. El requisito de comercialización no significa que la persona que asume esta responsabilidad deba guardar la documentación[(267)](#ntr267-C_2016272ES.01000101-E0268), siempre que sea capaz de presentarla a petición de la autoridad nacional. El nombre y la dirección de la persona que conserva la documentación no deben ser mencionados expresamente en el producto o en su embalaje, a menos que se especifique lo contrario. Asimismo, la documentación técnica puede ser conservada y enviada a las autoridades de vigilancia del mercado en formato impreso o electrónico, lo que permite que sea comercialización en un plazo de tiempo proporcional al riesgo o el incumplimiento correspondientes. Los Estados miembros deben asegurarse de que quienes reciban información sobre el contenido de la documentación técnica durante las actividades de vigilancia del mercado tendrán una obligación de confidencialidad según los principios recogidos en la legislación nacional.

En las secciones 7.4.4 a 7.4.6 encontrará información sobre los procedimientos seguidos por las autoridades de vigilancia del mercado, así como medidas correctoras y sanciones.

7.3.   CONTROL ADUANERO DE LOS PRODUCTOS DE TERCEROS PAÍSES

Los puntos de entrada en la UE son importantes para detener productos no conformes y no seguros que proceden de terceros países. Al ser el lugar por donde deben pasar todos los productos procedentes de terceros países, son ideales para detener productos no seguros y no conformes antes de su despacho a libre práctica y, posteriormente, de que circulen libremente dentro de la Unión Europea. Así, las autoridades aduaneras desempeñan una importante función de apoyo a las autoridades de vigilancia del mercado, con sus controles de conformidad y de seguridad de los productos en las fronteras exteriores.

La manera más eficaz de evitar la introducción en el mercado de la Unión de importaciones no conformes o no seguras de terceros países es realizar las comprobaciones adecuadas durante el proceso de control a la importación. Esto requiere la implicación de las autoridades aduaneras y la cooperación entre autoridades aduaneras y de vigilancia del mercado.

Las autoridades a cargo del control de los productos que son introducidos en el mercado de la Unión, las autoridades aduaneras o las autoridades de vigilancia del mercado en función de la estructura organizativa nacional están bien situadas para realizar los controles iniciales, en el primer punto de entrada, de la seguridad y la conformidad de los productos importados. Existen directrices específicas para controles a la importación en el ámbito de la seguridad y la conformidad de los productos[(268)](#ntr268-C_2016272ES.01000101-E0269). Para garantizar estos controles, las autoridades a cargo de la vigilancia de los productos en las fronteras exteriores necesitan un apoyo técnico apropiado para realizar las comprobaciones de las características de los productos a una escala adecuada. Pueden llevar a cabo controles documentales, físicos o de laboratorio. También necesitan unos recursos humanos y financieros apropiados.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008, relativo a los controles de conformidad con la legislación de armonización de la Unión en el caso de productos importados de terceros países, exige que las autoridades aduaneras se impliquen en las actividades de vigilancia del mercado y en los sistemas de información contemplados por las normativas nacionales y de la UE. El artículo 27, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 765/2008 impone a los funcionarios de aduanas y a los agentes de vigilancia del mercado la obligación de cooperar entre sí. Las obligaciones de cooperación también se incluyen en el artículo 13 del Código Aduanero Comunitario, que establece que los controles realizados entre las autoridades aduaneras y otras autoridades se efectuarán en estrecha cooperación mutua. Por otra parte, los principios de cooperación entre los Estados miembros y la Comisión recogidos en el artículo 24 del Reglamento se harán extensivos a las autoridades encargadas de los controles externos, cuando sea pertinente (artículo 27, apartado 5).

La cooperación a escala nacional deberá permitir un enfoque común adoptado por las autoridades aduaneras y las autoridades de vigilancia del mercado durante el proceso de control. El hecho de que varios ministerios y autoridades puedan ser responsables de la aplicación del Reglamento (CE) n.o 765/2008 no debe suponer un obstáculo para ello.

Las autoridades aduaneras tienen las siguientes responsabilidades en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008:

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| — | suspender el despacho a práctica de productos cuando existen sospechas de que los productos plantean un riesgo grave para la salud, la seguridad, el medio ambiente u otro interés público y/o de que no cumplen los requisitos de documentación y de marcado y/o de que el marcado CE ha sido colocado de una manera falsa o engañosa (artículo 27, apartado 3), |

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| — | no autorizar el despacho a libre práctica por los motivos mencionados en el artículo 29, |

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| — | autorizar el despacho a libre práctica de cualquier producto que cumpla la legislación de armonización de la Unión pertinente y/o no entrañe riesgos para ningún interés público, |

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| — | en caso de que se suspenda el despacho a libre práctica, las autoridades aduaneras tendrán que notificarlo inmediatamente a la autoridad nacional de vigilancia del mercado competente, que dispondrá de tres días laborables para efectuar una investigación preliminar sobre los productos y decidir:   |  |  | | --- | --- | | — | si estos pueden ser despachados porque no plantean un riesgo grave para la salud y la seguridad, o porque no puede considerarse que vulneren la legislación de armonización de la Unión, |  |  |  | | --- | --- | | — | si deben ser inmovilizados porque es necesario efectuar más controles a fin de evaluar su seguridad y conformidad. | |

Las autoridades aduaneras deben notificar sus decisiones de suspender el despacho de un producto a las autoridades de vigilancia del mercado, que por su parte deben estar en condiciones de adoptar las medidas apropiadas. A partir del momento de la notificación, podemos distinguir cuatro hipótesis.

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| 1. | Los productos en cuestión presentan un riesgo grave.  Si la autoridad de vigilancia del mercado comprueba que los productos plantean un riesgo grave, debe prohibir su introducción en el mercado de la UE. Las autoridades de vigilancia del mercado deben solicitar a las autoridades aduaneras que marquen las facturas comerciales que acompañan al producto, así como cualquier otro documento adjunto pertinente, con las palabras «Producto peligroso. Despacho a libre práctica no autorizado. Reglamento (CE) n.o 765/2008»[(269)](#ntr269-C_2016272ES.01000101-E0270). Las autoridades de los Estados miembros también podrán decidir que los productos sean destruidos o bien inutilizados, en caso de que lo consideren necesario y proporcionado. En esos casos, las autoridades de vigilancia del mercado deben utilizar el sistema de intercambio rápido de información (RAPEX)[(270)](#ntr270-C_2016272ES.01000101-E0271). Como consecuencia, las autoridades de vigilancia del mercado de todos los Estados miembros son informadas, y a su vez pueden informar a las autoridades aduaneras nacionales sobre productos importados desde terceros países que presentan características que plantean serias dudas sobre la existencia de un riesgo grave. Esta información resulta de especial importancia para las autoridades aduaneras cuando implica medidas para prohibir o retirar del mercado productos importados desde terceros países.  La reacción de las autoridades de vigilancia del mercado respecto de si se considera que las mercancías no son seguras o incumplen la normativa es crucial para los procesos de gestión del riesgo y control de aduanas. Garantiza que los controles pueden centrarse en las partidas de riesgo, permitiendo así la facilitación del comercio legítimo.  Además, si se encuentran productos no seguros o que no cumplen la normativa en el mercado interior, es con frecuencia extremadamente difícil identificar como han entrado en la UE. La cooperación entre los servicios de aduanas y las autoridades de vigilancia del mercado se estimula a fin de mejorar los mecanismos de seguimiento en estos casos. |

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| 2. | Los productos en cuestión no son conformes a la legislación de armonización de la Unión.  En este caso, las autoridades de vigilancia del mercado deben adoptar las medidas apropiadas, y si es necesario prohibir la introducción en el mercado en aplicación de las normas correspondientes. En los casos en que esté prohibida la introducción en el mercado, las autoridades de vigilancia del mercado deben pedir a las autoridades aduaneras que marquen la factura comercial que acompaña a las facturas, así como cualquier otro documento adjunto pertinente, con las palabras «Producto no conforme. Despacho a libre práctica no autorizado. Reglamento (CE) n.o 765/2008»[(271)](#ntr271-C_2016272ES.01000101-E0272). |

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| 3. | Los productos afectados no presentan un riesgo grave y no pueden considerarse no conformes a la legislación de armonización de la Unión. En este caso, los productos deben ser despachados a libre práctica, siempre que cumplan todas las demás condiciones y formalidades relativas al despacho a libre práctica. |

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| 4. | Las autoridades aduaneras no han recibido notificación acerca de ninguna medida adoptada por las autoridades de vigilancia del mercado.  Si, en el plazo de tres días laborables desde la fecha de suspensión del despacho a libre práctica, la autoridad de vigilancia del mercado no ha notificado a las autoridades aduaneras ninguna medida tomada por ella, el producto será despachado a libre práctica siempre que se respeten todos los demás requisitos y formalidades en relación con dicho despacho. |

Todo el procedimiento, desde el momento de la suspensión hasta el despacho a libre práctica, o la prohibición de los productos por las autoridades aduaneras, debe completarse sin demora a fin de evitar la creación de obstáculos para el comercio legítimo, pero no es necesario que se complete en el plazo de tres días laborables. La suspensión del despacho puede mantener su validez durante el tiempo requerido por la autoridad de vigilancia del mercado para realizar los controles apropiados a los productos y permitirle adoptar la decisión final. Las autoridades de vigilancia del mercado deben velar por que la libre circulación de productos no se vea limitada en un grado mayor que el permitido en virtud de la legislación de armonización de la Unión o de cualquier otra legislación de la UE pertinente. Con este fin, las autoridades de vigilancia del mercado ejercen sus actividades relacionadas con productos originarios de terceros países (como la interacción con los agentes económicos pertinentes) con la misma diligencia y metodología que en el caso de productos originarios de la UE.

En este caso, la autoridad de vigilancia del mercado comunica a los clientes durante estos tres días laborables que su decisión definitiva sobre las mercancías está pendiente de adopción. El despacho a libre práctica quedará en suspenso hasta que la autoridad de vigilancia del mercado haya adoptado una decisión definitiva. Esa notificación habilita a las autoridades aduaneras para ampliar el periodo de suspensión inicial. Los productos permanecerán bajo vigilancia aduanera, incluso aunque se permita almacenarlos en otro lugar aprobado por las autoridades aduaneras.

7.4.   RESPONSABILIDADES DE LOS ESTADOS MIEMBROS

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| |  |  | | --- | --- | | — | La vigilancia del mercado está organizada a escala nacional y los Estados miembros son los actores principales de esta actividad. En consecuencia, se les exige que garanticen un conjunto de infraestructuras apropiado para ese fin y que preparen programas nacionales de vigilancia del mercado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Una tarea primordial de las autoridades de vigilancia del mercado es mantener informado al público acerca de riesgos potenciales. |  |  |  | | --- | --- | | — | El proceso de vigilancia del mercado está sujeto a procedimientos estrictos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los productos no conformes están sujetos a medidas correctoras, prohibiciones, retiradas o devoluciones. |  |  |  | | --- | --- | | — | El nivel de las sanciones se determina a escala nacional. | |

7.4.1.   
INFRAESTRUCTURAS NACIONALES

La vigilancia del mercado es responsabilidad de las autoridades públicas. Esto es así, en particular, para garantizar la imparcialidad de las actividades de vigilancia del mercado. Cada Estado miembro puede decidir acerca de la infraestructura de vigilancia del mercado; por ejemplo, no existe limitación para asignar responsabilidades entre las autoridades con un criterio funcional o geográfico, siempre que la vigilancia resulte eficaz y abarque el territorio en su conjunto. Los Estados miembros organizan y llevan a cabo la vigilancia mediante la creación de autoridades de vigilancia del mercado[(272)](#ntr272-C_2016272ES.01000101-E0273). Las autoridades de vigilancia del mercado son las autoridades de un Estado miembro responsables de ejercer la vigilancia del mercado en su territorio. La vigilancia del mercado por parte de las autoridades públicas es un elemento fundamental para la correcta aplicación de la legislación de armonización de la Unión.

Los Estados miembros se asegurarán de que el público conoce la existencia, las responsabilidades y la identidad de las autoridades nacionales de vigilancia del mercado, así como la forma de ponerse en contacto con dichas autoridades. También velarán por que los consumidores y otras partes interesadas tengan la oportunidad de presentar reclamaciones ante las autoridades competentes, y de que estas reclamaciones sean objeto del seguimiento oportuno.

Los Estados miembros conferirán a las autoridades de vigilancia del mercado los poderes, los recursos y los conocimientos necesarios para que ejerzan correctamente sus funciones, es decir, que puedan supervisar los productos comercializados y, en el caso de que los productos presenten un riesgo u otra forma de incumplimiento, adoptar medidas apropiadas para eliminar el riesgo y hacer respetar la conformidad. En lo que respecta a los recursos de personal, la autoridad debe contar con un número suficiente de personal con la cualificación y la experiencia idóneas, así como con la integridad profesional necesaria, o tener acceso a este. La autoridad de vigilancia del mercado también será independiente, y ejercerá sus actividades de manera imparcial y no discriminatoria. Es más, la autoridad de vigilancia del mercado ejecutará dicha vigilancia respetando el principio de proporcionalidad, por ejemplo, la intervención debe ajustarse al grado de riesgo o de incumplimiento, y la incidencia en la libre circulación de productos no puede ser mayor de lo necesario para alcanzar los objetivos de la vigilancia del mercado.

La autoridad de vigilancia del mercado puede subcontratar las tareas técnicas (como ensayos e inspecciones) an otro organismo, siempre que conserve la responsabilidad por sus decisiones, y siempre que no exista un conflicto de intereses entre las actividades de evaluación de la conformidad que el otro organismo lleva a cabo en nombre de los agentes económicos y sus tareas de vigilancia. Al hacerlo, la autoridad de vigilancia del mercado actuará con suma prudencia para garantizar que la imparcialidad del asesoramiento que recibe es irreprochable. La responsabilidad por cualquier decisión que se deba adoptar sobre la base de dicho consejo corresponderá a la autoridad de vigilancia del mercado.

7.4.2.   
PROGRAMAS NACIONALES DE VIGILANCIA DEL MERCADO (PNVM) Y REVISIÓN DE LAS ACTIVIDADES

En aplicación del artículo 18, apartado 5, del Reglamento (CE) n.o 765/2008, las autoridades nacionales tienen la obligación de establecer, aplicar y actualizar y comunicar periódicamente sus PNVM[(273)](#ntr273-C_2016272ES.01000101-E0274). Los programas pueden ser generales y/o sectoriales. Deben asegurarse de que se respeta el marco general de vigilancia del mercado de la UE. Los Estados miembros también deben comunicar los programas a los demás Estados miembros y a la Comisión, y ponerlos a disposición del público a través de internet, sin información que pueda obstaculizar la eficacia del programa si se hace público. El objetivo de estos programas es permitir que las autoridades de los demás países, así como los ciudadanos en general, comprendan cómo, dónde, cuándo y en qué ámbitos se lleva a cabo la vigilancia del mercado. Los programas nacionales contienen pues información sobre las actividades planificadas para mejorar la organización general de la vigilancia del mercado a escala nacional (por ejemplo, mecanismos de coordinación entre las diferentes autoridades, los recursos asignados a ellas, los métodos de trabajo, etc.) e iniciativas en ámbitos de intervención específicos (por ejemplo, categorías de productos, categorías de riesgo, tipos de usuarios, etc.)[(274)](#ntr274-C_2016272ES.01000101-E0275). Son necesarios ambos tipos de información.

Para ayudar a los Estados miembros, la Comisión propuso modelos comunes para elaborar sus programas. Se recomienda utilizar todos los modelos pertinentes a fin de asegurarse de que se proporciona toda la información requerida. Esto facilita asimismo la comparabilidad de los programas nacionales de vigilancia del mercado en ámbitos específicos relativos a productos o a legislación y hace posible que las autoridades de vigilancia del mercado planifiquen la cooperación transfronteriza en ámbitos de interés común.

Al instaurar programas nacionales de vigilancia del mercado, las autoridades de vigilancia del mercado tendrán en cuenta las necesidades de las autoridades aduaneras. Los programas deben prestar atención al equilibrio entre las actividades de control a priori y a posteriori, así como a cualquier otro factor que pueda influir en las prioridades de la aplicación de la normativa. A este respecto, deberá garantizarse la disponibilidad de recursos en las fronteras.

De conformidad con el artículo 18, apartado 6, del Reglamento (CE) n.o 765/2008, los Estados miembros deben revisar y evaluar periódicamente, y, como mínimo cada cuatro años, el funcionamiento de sus actividades de vigilancia del mercado. Los resultados de esta evaluación se comunicarán a los demás Estados miembros y a la Comisión y se pondrán a disposición del público[(275)](#ntr275-C_2016272ES.01000101-E0276).

7.4.3.   
INFORMACIÓN A LOS CIUDADANOS

Teniendo en cuenta que el objetivo de la vigilancia del mercado es ofrecer un alto nivel de protección de determinados intereses públicos, la información a los ciudadanos es un elemento esencial de dicha vigilancia. Por tanto, los Estados miembros garantizarán la apertura al público y a las partes interesadas, y garantizarán a las autoridades en materia de conformidad de los productos el acceso público a la información disponible. De conformidad con el principio de transparencia, la información disponible para las autoridades de los Estados miembros o para la Comisión relativa a los riesgos para la salud y la seguridad o a otros intereses públicos protegidos por la legislación de armonización de la UE planteados por los productos estará generalmente disponible para el público, sin perjuicio de las restricciones exigidas para proteger las patentes y otra información empresarial confidencial, así como para proteger los datos de carácter personal y debido a las actividades de seguimiento y de investigación y enjuiciamiento[(276)](#ntr276-C_2016272ES.01000101-E0277).

El público deberá conocer la existencia, las responsabilidades y la identidad de las autoridades nacionales de vigilancia del mercado, así como la forma de ponerse en contacto con dichas autoridades. Los programas de vigilancia del mercado y revisión de las actividades realizados también deben ponerse a disposición del público a través de medios electrónicos y, en su caso, otros medios.

Entre las medidas que las autoridades de vigilancia del mercado deben adoptar figura la obligación de alertar a los usuarios dentro de sus territorios, en un plazo de tiempo adecuado, acerca de los peligros que han detectado en relación con un determinado producto, para así reducir el riesgo de lesión u otro daño, especialmente cuando el agente económico responsable no alerta al respecto.

7.4.4.   
PROCEDIMIENTOS DE VIGILANCIA DEL MERCADO

La vigilancia del mercado se lleva a cabo a través de la aplicación de una secuencia de procedimientos cuya finalidad es garantizar el establecimiento en toda la UE de un sistema de vigilancia del mercado eficaz y coherente. Las autoridades de vigilancia del mercado siguen estos procedimientos cuando tratan con productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad de las personas u otros aspectos relacionados con la protección del interés público, de conformidad con el artículo 16, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en consonancia con los artículos R31 y R32 del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE, y con productos que plantean un riesgo grave que exige una intervención rápida, de conformidad con los artículos 20 y 22 del Reglamento (CE) n.o 765/2008.

Un suceso inicial que sugiere a las autoridades de vigilancia del mercado que un producto plantea un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos de interés público puede desencadenar la necesidad de un examen más minucioso del producto. Puede ser un accidente, la recepción de reclamaciones, iniciativas ex oficio por parte de las autoridades de vigilancia del mercado (incluido el control de productos que entran en la UE por parte de las autoridades aduaneras), así como información de los agentes económicos acerca de productos que plantean un riesgo. Cuando existen motivos suficientes para creer que un producto plantea un riesgo, las autoridades de vigilancia del mercado llevan a cabo una evaluación de la conformidad con los requisitos de la legislación de armonización de la Unión pertinente. Deben realizar comprobaciones apropiadas (tanto documentales como físicas o de laboratorio, según convenga) de las características de los productos, teniendo debidamente en cuenta los informes y los certificados de evaluación de la conformidad emitidos por un organismo de evaluación de la conformidad acreditado y facilitados por los agentes económicos.

Las autoridades de vigilancia del mercado llevan a cabo evaluaciones del riesgo para verificar si los productos plantean un riesgo grave. De conformidad con el artículo 20, apartado 2, del Reglamento, una evaluación del riesgo adecuada «tiene en cuenta la índole del peligro y la probabilidad de que ocurra»[(277)](#ntr277-C_2016272ES.01000101-E0278).

Si un producto plantea un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos de interés público, las autoridades de vigilancia del mercado deben solicitar sin demora a los agentes económicos que:

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| a) | adopten las medidas necesarias para hacer que los productos cumplan los requisitos aplicables recogidos en la legislación de armonización de la Unión) y/o; |

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| b) | retiren el producto y/o; |

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| c) | recuperen el producto y/o; |

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| d) | interrumpan o limiten el suministro del producto en un plazo razonable. |

En caso de que el riesgo se considere «grave», las autoridades de vigilancia del mercado intervendrán de manera rápida siguiendo las disposiciones específicas de los artículos 20 y 22 del Reglamento.

Los agentes económicos deben asegurarse de que la medida correctora se adopta en toda la UE. Las autoridades de vigilancia del mercado deben informar asimismo al organismo notificado pertinente (si lo hubiere) acerca de la decisión adoptada. En caso de riesgo grave que requiera una intervención rápida, la autoridad de vigilancia del mercado puede adoptar medidas restrictivas sin esperar a que el agente económico adopte medidas correctoras para ajustar el producto a los requisitos legislativos. De conformidad con el artículo 21 del Reglamento, las medidas adoptadas por las autoridades de vigilancia del mercado deben ser proporcionadas y deben comunicarse a los agentes económicos pertinentes sin demora. Las autoridades de vigilancia del mercado también deben consultar al agente económico antes de adoptar las medidas y, si esta consulta no es posible debido a la urgencia de las medidas que se han de adoptar, el agente tendrá la oportunidad de ser escuchado lo antes posible. Las autoridades de vigilancia del mercado deben retirar o modificar las medidas adoptadas si el agente económico demuestra que ya ha tomado medidas.

Cuando el incumplimiento no se limita al territorio nacional, las autoridades de vigilancia del mercado deben informar a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de los resultados de la evaluación de la conformidad y sobre las acciones requeridas al agente económico o las medidas adoptadas. En caso de riesgo grave, las autoridades de vigilancia del mercado notificarán a la Comisión, a través del sistema RAPEX, cualquier medida voluntaria u obligatoria de conformidad con el procedimiento establecido en el artículo 22 del Reglamento y/o el artículo 12 de la DSGP. En el caso de los productos que no planteen un riesgo grave, se informará a la Comisión y a los demás Estados miembros serán informados a través del sistema de apoyo a la información indicado en el artículo 23 del Reglamento y/o en el artículo 11 de la DSGP. Las autoridades de vigilancia del mercado deben verificar que se han adoptado las medidas correctoras adecuadas. De lo contrario, adoptarán las medidas provisionales apropiadas, informando a la Comisión y a los demás Estados miembros mediante los procedimientos detallados anteriormente.

Con el fin de ampliar la efectividad de las actividades de vigilancia del mercado emprendidas por el Estado miembro de notificación, se pide a los demás Estados miembros que hagan un seguimiento de la notificación verificando si el mismo producto ha sido puesto a disposición en sus territorios y adoptando las medidas apropiadas. Informarán a la Comisión y a los demás Estados miembros de conformidad con los procedimientos de la notificación inicial.

Conforme a la legislación de armonización de la Unión en consonancia con la Decisión n.o 768/2008/CE, si la Comisión y los demás Estados miembros no presentan objeciones en un plazo determinado, las medidas restrictivas se considerarán justificadas y deberán ser adoptadas sin demora por los Estados miembros. En el caso de incumplimiento debido a carencias de las normas armonizadas, la Comisión informará a los organismos de normalización correspondientes y planteará el asunto ante el comité creado en aplicación del artículo 22 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. En función de la opinión del comité, la Comisión puede decidir: a) mantener la referencia a las normas armonizadas en el DO; b) mantener con restricciones la referencia a las normas armonizadas en el DO; c) retirar la referencia a las normas armonizadas del DO. La Comisión también informará a la organización europea de normalización pertinente y, en caso de ser necesario, solicitará la revisión de las normas armonizadas afectadas.

Si se formulan objeciones, se aplicará el mecanismo de salvaguardia.

En las secciones 7.5.1 y 7.5.2 encontrará información complementaria en relación con el procedimiento que permite a los Estados miembros intercambiar información sobre las medidas adoptadas contra los productos que plantean un riesgo y, en su caso, sobre la evaluación de los mismos realizada por la Comisión Europea.

7.4.5.   
MEDIDAS CORRECTORAS: PROHIBICIONES, RETIRADAS, DEVOLUCIONES

De conformidad con la legislación de armonización de la Unión, los Estados miembros deben asegurarse de que los productos solo se comercialicen si cumplen los requisitos aplicables; estos incluyen tanto los requisitos esenciales como varios requisitos administrativos y formales. En caso de que detecten que un producto no cumple las disposiciones aplicables de la legislación de armonización de la Unión, las autoridades nacionales competentes deben tomar medidas para asegurarse de que dicho producto sea conforme o se retire del mercado.

La medida correctora depende del riesgo o del incumplimiento y, por tanto, debe ajustarse al principio de proporcionalidad. El incumplimiento de los requisitos esenciales debe ser considerado un incumplimiento sustancial, ya que puede hacer que el producto plantee un riesgo potencial o real para la salud y la seguridad de las personas o para otros aspectos de interés público. En caso de riesgo grave, el artículo 20 del Reglamento (CE) n.o 765/2008 establece la necesidad de prohibir que los productos se comercialicen o sean recuperados o retirados.

Si un producto sujeto a la legislación de armonización de la Unión no presenta el marcado CE, eso es indicativo de que el producto no cumple los requisitos esenciales o de que no se ha aplicado el procedimiento de evaluación de la conformidad y, en consecuencia, el producto puede poner en peligro la salud y la seguridad de las personas o dañar otros intereses públicos protegidos por la citada legislación. Únicamente si, tras una investigación más detallada, se demuestra que el producto se ajusta a los requisitos de seguridad esenciales, se considerará que la ausencia del marcado CE es un incumplimiento formal (es decir, que el producto no plantea riesgos).

A menos que haya motivos para pensar que el producto plantea un riesgo, hay casos en que los incumplimientos de varios requisitos administrativos o formales se definen como incumplimientos formales en la legislación de armonización de la Unión. Es el caso de la colocación incorrecta del marcado CE en lo referente a, por ejemplo, el diseño, el tamaño, la visibilidad, el carácter indeleble o la legibilidad, que habitualmente puede ser considerada un incumplimiento formal. Ejemplos de incumplimientos formales habituales pueden ser también las situaciones en las que otros marcados de conformidad contemplados en la legislación de armonización de la Unión son colocados de manera incorrecta, o cuando no se puede facilitar de inmediato la declaración UE de conformidad o esta no acompaña al producto cuando es obligatorio que lo haga; o si se cumple de forma insuficiente el requisito de adjuntar otra información contemplada en la legislación sectorial de armonización de la Unión, o, si procede, cuando el número de identificación del organismo notificado no se coloca junto al marcado CE.

La observancia de la conformidad puede lograrse obligando al fabricante, al representante autorizado o a otras personas responsables (importadores o distribuidores) a adoptar las medidas requeridas. También pueden llevarse a cabo acciones correctoras aunque se hayan adoptado las medidas necesarias (por ejemplo, el producto es modificado o retirado del mercado), ya sea como resultado de las consultas celebradas por la autoridad de vigilancia del mercado o como consecuencia de advertencias formales o informales. En todos los casos, la autoridad de vigilancia del mercado debe establecer unas medidas de acompañamiento para garantizar que se observa la conformidad. Las «Directrices para que las empresas gestionen las recuperaciones de productos y otras medidas correctoras»[(278)](#ntr278-C_2016272ES.01000101-E0279) de la red PROSAFE han sido diseñadas para ayudar a las empresas a garantizar, si fueran necesarias, unas medidas correctoras y un seguimiento apropiados una vez un producto ya ha sido comercializado en el mercado de la UE o si dicho producto procede de terceros países.

Las acciones dirigidas a prohibir o restringir la introducción en el mercado pueden ser primero temporales para permitir que la autoridad de vigilancia del mercado obtenga suficientes pruebas sobre el riesgo u otros incumplimientos sustanciales del producto.

En caso de que haya únicamente incumplimiento formal (es decir, sin riesgos), la autoridad de vigilancia del mercado debe obligar primero al fabricante, o al representante autorizado, a hacer que el producto que pretende introducir en el mercado y, en su caso, el producto que ya está en el mercado, cumpla las disposiciones, poniendo así remedio a la infracción en un plazo razonable. Si no es posible obtener resultados, la autoridad de vigilancia del mercado debe, en última instancia, adoptar una medida adicional para limitar o prohibir la introducción del producto en el mercado y, en su caso, para garantizar que también sea retirado del mercado o devuelto.

Cualquier decisión adoptada por las autoridades nacionales de vigilancia del mercado para restringir o prohibir la introducción en el mercado o la puesta en servicio, o para retirar o recuperar los productos del mercado, debe indicar los motivos exactos en que se basa. Se deberá notificar a la parte afectada, en particular al fabricante o al representante autorizado establecido en la Unión. Asimismo, deben ser informados sobre las medidas correctoras disponibles en virtud de la legislación nacional vigente en el Estado miembro correspondiente, y sobre los plazos de tiempo a los que están sujetas dichas medidas[(279)](#ntr279-C_2016272ES.01000101-E0280).

A menos que el asunto sea urgente (por ejemplo, el producto plantea un riesgo grave), el fabricante, o el representante autorizado establecido en la Unión, tendrá la oportunidad de ser consultado por anticipado, antes de que la autoridad competente intervenga para restringir la libre circulación de productos. En la práctica, se considerará suficiente que se haya ofrecido al fabricante o al representante autorizado una oportunidad para reaccionar[(280)](#ntr280-C_2016272ES.01000101-E0281). Sin embargo, los procedimientos no deben demorarse si el fabricante o el representante autorizado permanecen pasivos.

Generalmente, la decisión de restringir la libre circulación de un producto con marcado CE en caso de incumplimiento de los requisitos esenciales invoca el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Este procedimiento tiene como objetivo habilitar a la Comisión para mantener una visión de conjunto de dichas medidas, para considerar si están justificadas o no y para garantizar que todos los Estados miembros adoptan medidas semejantes en relación con los mismos productos. Un fabricante, el representante autorizado u otro agente económico puede considerar que ha sufrido una pérdida debido a una medida nacional inapropiada que limitó la libre circulación de un producto. En tal caso, si la medida nacional se considera injustificada, al final de un procedimiento de cláusula de salvaguardia puede reclamar daños y perjuicios bajo la jurisdicción del Estado miembro que inició el procedimiento y, en consecuencia, de la Comisión. Esto puede plantear la cuestión de si podría considerarse como un caso de responsabilidad por la aplicación incorrecta del Derecho de la UE.

7.4.6.   
SANCIONES

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 exige que los Estados miembros garanticen la correcta aplicación de sus disposiciones y que intervengan de manera apropiada en caso de infracción. El Reglamento estipula que las sanciones deberán ser proporcionales a la gravedad de la infracción y constituir un elemento eficaz de disuasión contra los abusos.

Corresponde a los Estados miembros establecer y aplicar el mecanismo para ejecutar las disposiciones del Reglamento en sus territorios. De conformidad con el artículo 41 del Reglamento, «estas sanciones deben ser eficaces, proporcionadas y disuasorias y podrán aumentar si el operador económico responsable ya ha cometido infracciones similares con anterioridad».

Además, la legislación de armonización de la Unión en consonancia con la Decisión n.o 768/2008/CE también incluye una disposición que requiere que los Estados miembros establezcan sanciones aplicables a las infracciones a esta legislación específica cometidas por los agentes económicos.

Las sanciones se imponen por medio de multas, cuyos importes varían de un Estado miembro a otro. También pueden incluir sanciones penales aplicables a infracciones graves.

Los instrumentos jurídicos más comunes que contemplan sanciones son los actos sobre la seguridad general de los productos y/o las legislaciones sectoriales específicas. No obstante, en algunos Estados miembros se contemplan sanciones en actos sobre marcado CE, en códigos aduaneros o en actos sobre el sistema de evaluación de la conformidad.

7.5.   COOPERACIÓN ENTRE LOS ESTADOS MIEMBROS Y LA COMISIÓN EUROPEA

La cooperación y la coordinación de las acciones entre las autoridades nacionales es indispensable para conseguir una vigilancia eficaz y coherente del mercado único. El marco jurídico de la UE proporciona una serie de herramientas para conseguir este objetivo. El mecanismo de salvaguardia incluido en la legislación de armonización de la Unión obliga a compartir información sobre las medidas restrictivas adoptadas por las autoridades nacionales de forma que, en su caso, las demás autoridades puedan adoptar medidas de seguimiento. La asistencia mutua basada en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 permite a las autoridades aplicar las solicitudes de información de cara a los agentes económicos establecidos en otro Estado miembro. Los grupos de cooperación administrativa (los ADCO), la base de datos del ICSMS y el Sistema de Alerta Rápida RAPEX son herramientas esenciales para intercambiar información y optimizar el reparto de tareas entre autoridades.

7.5.1.   
MECANISMOS DE SALVAGUARDIA

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Por un lado, la cláusula de salvaguardia autoriza a los Estados miembros a adoptar medidas restrictivas en relación con los productos que planteen un riesgo para la salud y la seguridad o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público. Por otra parte, garantiza que todas las autoridades nacionales de vigilancia del mercado estén informadas sobre los productos que planteen un riesgo y que, en consecuencia, se amplíen las restricciones necesarias a todos los Estados miembros. |  |  |  | | --- | --- | | — | Además, el mecanismo permite a la Comisión adoptar una posición sobre las medidas nacionales que restringen la libre circulación de los productos a fin de garantizar el funcionamiento del mercado interior. | |

El procedimiento de cláusula de salvaguardia, basado en el artículo 114, apartado 10, del TFUE e incluido en la mayor parte de la legislación sectorial de armonización de la UE, autoriza a los Estados miembros a adoptar medidas restrictivas en relación con los productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público, y les obliga a notificar dichas medidas a la Comisión y a los demás Estados miembros. El procedimiento de cláusula de salvaguardia tiene como objetivo facilitar un medio para informar a todas las autoridades nacionales de vigilancia del mercado sobre los productos peligrosos y, por tanto, que las restricciones necesarias se amplíen a todos los Estados miembros para garantizar un nivel de protección equivalente en toda la UE. Además, permite a la Comisión adoptar una posición sobre las medidas nacionales que restringen la libre circulación de los productos a fin de garantizar el funcionamiento del mercado interior.

Hay que señalar que el procedimiento de salvaguardia es distinto del procedimiento del Sistema de Alerta Rápida RAPEX, porque tienen criterios de notificación diferentes y métodos de aplicación distintos[(281)](#ntr281-C_2016272ES.01000101-E0282).

Si, tras realizar una evaluación, un Estado miembro considera que un producto no es conforme o que un producto es conforme pero plantea un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público, debe exigir al agente económico pertinente que adopte todas las medidas apropiadas para garantizar que, cuando sea comercializado, el producto afectado ya no plantee dicho riesgo; o que retire el producto del mercado o lo recupere en un plazo razonable, proporcional a la naturaleza del riesgo y que dicho Estado determine.

Este procedimiento será aplicable, a menos que se establezca que el riesgo no afecta a toda una serie de productos fabricados, por limitada que sea la serie, o que el riesgo no se debe al producto en sí, sino al uso erróneo del mismo, es decir, cuando este no se utiliza conforme al fin previsto o en condiciones que razonablemente cabe prever y con una instalación y un mantenimiento adecuados. En el caso de un error aislado, limitado al territorio del Estado miembro que ha descubierto el incumplimiento, no es necesario invocar la cláusula de salvaguardia, puesto que no es preciso intervenir a escala de la UE. Además, la causa del riesgo debe estar en el producto mismo y no en una mala utilización de este.

La conformidad puede ser observada si la autoridad nacional solicita al fabricante o al representante autorizado que adopte las medidas necesarias, o si el producto se modifica o retira voluntariamente del mercado. En estos casos no se invocará el procedimiento de cláusula de salvaguardia, a menos que se adopte una decisión formal para prohibir o restringir la comercialización del producto o para retirarlo del mercado. Si no hay medida obligatoria, no es necesario invocar la cláusula de salvaguardia[(282)](#ntr282-C_2016272ES.01000101-E0283).

No obstante, si un agente económico no adopta las medidas correctoras adecuadas en el plazo de tiempo indicado por una autoridad de vigilancia del mercado, las autoridades de vigilancia del mercado adoptarán todas la medidas provisionales adecuadas para prohibir o restringir la comercialización del producto en el mercado nacional, para retirarlo del mercado o para recuperarlo.

7.5.2.   
APLICACIÓN PASO A PASO DE LOS MECANISMOS DE SALVAGUARDIA

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La cláusula de salvaguardia se aplica cuando los Estados miembros adoptan medidas restrictivas obligatorias porque el agente económico pertinente no adopta medidas correctoras adecuadas y las notifica a la Comisión Europea. |  |  |  | | --- | --- | | — | Si se considera que las medidas correctoras notificadas están justificadas, los demás Estados miembros velarán por que se adopten sin demora las medidas de seguimiento adecuadas en relación con el producto afectado, como la retirada del producto de sus mercados. | |

7.5.2.1.   Medida restrictiva obligatoria adoptada

La aplicación de la cláusula de salvaguardia requiere que las autoridades nacionales competentes adopten una medida obligatoria para restringir o prohibir la comercialización y, posiblemente, la puesta en servicio, del producto, o para retirarlo del mercado si el agente económico pertinente no adopta medidas correctoras adecuadas. El contenido de la decisión hará referencia a todos los productos pertenecientes al mismo tipo, lote o serie. También debe tener efecto jurídico vinculante: si no se respeta, irá seguida de sanciones, y puede ser objeto de un procedimiento de recurso. Las decisiones judiciales que restringen la libre circulación de productos con marcado CE dentro del ámbito de aplicación de la legislación pertinente de armonización de la UE, no invocan la cláusula de salvaguardia. Sin embargo cuando, de conformidad con el Derecho nacional, os procedimientos administrativos iniciados por la autoridad de vigilancia deban ser, confirmados por un tribunal, dichas decisiones del tribunal no quedarán excluidas del procedimiento de cláusula de salvaguardia.

Las constataciones que justifican la medida nacional son establecidas bien por iniciativa propia de la autoridad de vigilancia del mercado o bien sobre la base de información facilitada por un tercero (consumidores, competidores, organizaciones de consumidores, inspecciones de trabajo, etc.). Por otra parte, la medida nacional debe basarse en evidencias (por ejemplo, ensayos o análisis) que constituyan prueba suficiente de los errores de diseño o de fabricación del producto que indique un previsible peligro potencial o real, u otro incumplimiento, incluso aunque cuando los productos sean construidos, instalados, mantenidos y usados correctamente de conformidad con su finalidad prevista o de una manera razonablemente previsible. Existe una zona gris entre el mantenimiento y el uso correctos e incorrectos, y puede considerarse que, hasta cierto punto, los productos serán seguros, aunque se mantengan y usen para su fin previsto de una manera incorrecta que pueda ser esperada razonablemente. Al evaluar este aspecto, se debe prestar atención a la información facilitada por el fabricante en la etiqueta, en las instrucciones, en el manual de usuario o en los materiales promocionales.

La razón para adoptar medidas restrictivas puede derivarse, por ejemplo, de las diferencias o los fallos en la aplicación de los requisitos esenciales, la aplicación incorrecta de las normas armonizadas o las carencias presentes en estas. La autoridad de vigilancia puede añadir o especificar otros motivos (por ejemplo, el incumplimiento de las buenas prácticas de ingeniería) al invocar la cláusula de salvaguardia, siempre que estén relacionados directamente con estas tres razones.

Cuando se demuestre un incumplimiento de las normas armonizadas que otorgan presunción de conformidad, se debe exigir al fabricante, o al representante autorizado, que presente pruebas del cumplimiento de los requisitos esenciales. La decisión de la autoridad competente de adoptar medida correctoras siempre debe basarse en un incumplimiento demostrado de los requisitos esenciales.

Las medidas adoptadas por las autoridades deben ser proporcionales a la gravedad del riesgo y al incumplimiento del producto, y serán notificadas a la Comisión.

7.5.2.2.   Notificación a la Comisión

Tan pronto como una autoridad nacional competente restringe o prohíbe la libre circulación de un producto de tal manera que se invoca la cláusula de salvaguardia, el Estado miembro debe notificarlo inmediatamente[(283)](#ntr283-C_2016272ES.01000101-E0284) a la Comisión, indicando las razones y la justificación de esa decisión.

La notificación debe incluir toda la información disponible, y en particular:

|  |  |
| --- | --- |
| — | el nombre y la dirección del fabricante, el representante autorizado y, además, si es necesario, el nombre y la dirección del importador o de cualquier otra persona responsable de la comercialización del producto en el mercado, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la información necesaria para identificar el producto afectado, el origen y la cadena de suministro del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la naturaleza del riesgo implicado y de las medidas nacionales adoptadas, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una referencia a la legislación de armonización de la Unión, y a los requisitos esenciales en particular, con respecto a los cuales se ha determinado el incumplimiento, |

|  |  |  |  |  |  |
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| — | una evaluación exhaustiva y pruebas que justifiquen la medida (por ejemplo, normas armonizadas u otras especificaciones técnicas usadas por la autoridad, los informes de ensayo y la identificación del laboratorio de ensayo); en particular, las autoridades de vigilancia del mercado deben indicar si el incumplimiento se debe:   |  |  | | --- | --- | | a) | a que el producto no cumple los requisitos relacionados con la salud o la seguridad de las personas o con otros aspectos de protección del interés público, o |  |  |  | | --- | --- | | b) | o bien a fallos en las normas armonizadas que otorgan la presunción de conformidad; | |

|  |  |
| --- | --- |
| — | los argumentos presentados por el agente económico correspondiente. |

Si es posible, la notificación también debe incluir:

|  |  |
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| — | una copia de la declaración de conformidad, |

|  |  |
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| — | el nombre y el número del organismo notificado que intervino en el procedimiento de evaluación de la conformidad, si procede, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una copia de la decisión adoptada por las autoridades del Estado miembro. |

7.5.2.3.   Gestión del proceso de salvaguardia por parte de la Comisión

Cuando se formulen objeciones contra una medida adoptada por un Estado miembro[(284)](#ntr284-C_2016272ES.01000101-E0285), o cuando la Comisión considere que una medida nacional es contraria a la legislación de armonización de la Unión, la Comisión debe consultar sin demora a los Estados miembros y al agente o agentes económicos pertinentes, y debe evaluar la medida nacional. Basándose en los resultados de dicha evaluación, la Comisión decidirá si la medida nacional está o no justificada.

La Comisión comunicará inmediatamente su decisión a todos los Estados miembros y al agente o los agentes económicos pertinentes.

Si se considera justificada la medida nacional, todos los Estados miembros adoptarán las medidas necesarias para garantizar la retirada de su mercado del producto no conforme, e informarán a la Comisión en este sentido. Si la medida nacional se considera injustificada, el Estado miembro afectado debe retirar la medida.

Cuando se considere que la medida nacional está justificada y el incumplimiento del producto se atribuya a carencias de las normas armonizadas, la Comisión aplicará el procedimiento contemplado en el artículo 11 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 relativo a la objeción formal a las normas armonizadas.

Los Estados miembros distintos del que inició el procedimiento informarán sin demora a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de cualquier medida que adopten y de cualquier información adicional sobre el incumplimiento del producto implicado, y, en caso de desacuerdo con la medida nacional notificada, presentarán sus objeciones al respecto. Los Estados miembros velarán por que se adopten sin demora las medidas restrictivas adecuadas respecto del producto en cuestión, tales como la retirada del producto del mercado.

Cuando, transcurrido un determinado período tras la recepción de la información, no se formulan objeciones por parte del Estado miembro ni de la Comisión con respecto a una medida provisional adoptada por un Estado miembro, la medida se considerará justificada.

En cambio, si la Comisión no encuentra justificación para la decisión nacional que invocó la cláusula de salvaguardia, pedirá al Estado miembro que retire dicha medida y que adopte de inmediato las medidas apropiadas para restablecer la libre circulación de los productos correspondientes en su territorio.

Tanto si la acción del Estado miembro se considera justificada como si no, la Comisión mantendrá a los Estados miembros informados acerca del desarrollo y los resultados del procedimiento.

Una vez la Comisión adopta su decisión, esta puede ser impugnada jurídicamente por los Estados miembros sobre la base del artículo 263 del TFUE. El agente económico directamente afectado por la decisión también puede impugnarla sobre la base de dicho artículo.

Si el Estado miembro que inició la medida no la retira en caso de que se considere injustificada, la Comisión estudiará la puesta en marcha del procedimiento de infracción contemplado por el artículo 258 del TFUE.

7.5.3.   
ASISTENCIA MUTUA, COOPERACIÓN ADMINISTRATIVA E INTERCAMBIO DE INFORMACIÓN ENTRE ESTADOS MIEMBROS

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La cooperación entre autoridades nacionales de vigilancia del mercado es indispensable para el éxito de la política de vigilancia del mercado en el conjunto de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | La asistencia mutua, compartir los informes de ensayo y los grupos de cooperación administrativa (los ADCO) son herramientas esenciales. |  |  |  | | --- | --- | | — | El uso de plataformas de TI específicas para el intercambio de información facilita la cooperación entre los Estados miembros. | |

La aplicación correcta del Derecho de la UE depende de una cooperación administrativa fluida para garantizar la aplicación uniforme y eficiente de la legislación de la Unión en todos sus Estados miembros. La obligación de cooperar está en consonancia con el artículo 20 del Tratado de la Unión Europea (TUE) que indica que los Estados miembros adoptarán todas las medidas apropiadas para cumplir sus obligaciones[(285)](#ntr285-C_2016272ES.01000101-E0286), y con el artículo 24 del Reglamento (CE) n.o 765/2008. Aunque la armonización técnica ha creado un mercado único, en el que los productos cruzan fronteras nacionales, la vigilancia del mercado se realiza a escala nacional. Por tanto, es necesario desarrollar los mecanismos de cooperación administrativa entre autoridades nacionales de vigilancia, para aumentar la eficiencia de la vigilancia, para minimizar el efecto de las diferentes prácticas de vigilancia y para reducir el solapamiento de las operaciones nacionales de vigilancia. La cooperación entre autoridades de vigilancia del mercado también puede propagar en la Unión técnicas y prácticas de vigilancia positivas, ya que permite a las autoridades nacionales comparar sus métodos con los de otras autoridades, por ejemplo, en el marco de encuestas conjuntas o de visitas de estudio. Por otra parte, la cooperación puede resultar útil para intercambiar opiniones y solucionar problemas prácticos.

La cooperación administrativa exige confianza mutua y transparencia entre las autoridades nacionales de vigilancia. Los Estados miembros y la Comisión deben ser informados sobre el modo en que se organiza la aplicación de la legislación de armonización de la Unión, y en concreto la vigilancia del mercado de los productos. Esto incluye información sobre las autoridades nacionales a cargo de la vigilancia del mercado para los diferentes sectores de productos, y acerca de los mecanismos nacionales de vigilancia del mercado para aclarar cómo tiene lugar la supervisión de productos comercializados y qué medidas correctoras y otras actividades tiene derecho a utilizar la autoridad de vigilancia.

La transparencia también es necesaria en lo tocante a las normas nacionales sobre confidencialidad. Para lograr una vigilancia del mercado eficaz en la Unión, es importante que las autoridades nacionales de vigilancia se ayuden mutuamente. Previa petición, una autoridad nacional facilitará información y prestará ayuda de otro tipo. Aunque no exista dicha petición, una autoridad nacional puede estudiar el envío, a las demás autoridades nacionales, de información pertinente relativa a operaciones que constituyen, o que podrían constituir, una violación de la legislación de armonización de la Unión y que pueden tener una incidencia en el territorio de los demás Estados miembros. Además, las autoridades nacionales comunicarán a la Comisión cualquier información que consideren pertinente, de manera espontánea o en respuesta a una petición motivada por parte de la Comisión. La Comisión puede comunicar esa información a las demás autoridades nacionales cuando lo considere necesario.

La cooperación y la asistencia mutua con arreglo al artículo 24, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 765/2008 son, en particular, necesarias para garantizar que se puedan adoptar medidas contra los responsables de la comercialización de un producto no conforme. En algunos casos es necesario establecer contacto con la autoridad del Estado miembro donde tiene su sede el fabricante, el representante autorizado u otra persona responsable. Esto es para obligar a que se atiendan las solicitudes de información presentadas a estos agentes económicos, por ejemplo, para solicitar la declaración UE de conformidad o determinados datos especificados de la documentación técnica, o para pedir información relativa a la cadena de distribución, que no han recibido seguimiento por su parte. Asimismo, será necesario ponerse en contacto con el Estado miembro bajo cuya jurisdicción actúa el organismo notificado (si procede). Cuando una autoridad nacional actúa porque ha recibido una notificación de otro organismo nacional, informará a dicha autoridad sobre los resultados de su actuación.

Por otra parte, la vigilancia del mercado será más eficiente, a escala de la Unión, si las autoridades nacionales de vigilancia pueden ponerse de acuerdo sobre cómo asignar sus recursos de manera que en cada sector se pueda abarcar el número máximo de tipos de producto diferentes. Para evitar la duplicidad de los ensayos con productos, o de otras investigaciones con fines de vigilancia del mercado, las autoridades nacionales intercambiarán informes resumidos sobre estos ensayos. Esto pueden hacerlo utilizando el Sistema de información y comunicación para la vigilancia del mercado (ICSMS)[(286)](#ntr286-C_2016272ES.01000101-E0287). Las autoridades de vigilancia del mercado también estudiarán si existe la necesidad especial de realizar análisis técnicos o ensayos en laboratorio cuando otra autoridad de vigilancia ya los haya llevado a cabo, y los resultados estarán disponibles para dichas autoridades, o pueden ser puestos a su disposición previa petición[(287)](#ntr287-C_2016272ES.01000101-E0288). Asimismo podría resultar útil intercambiar resultados de inspecciones periódicas sobre equipos en servicio, en la medida en que proporcionan información acerca de la conformidad de los productos cuando fueron situados en el mercado.

La información intercambiada entre autoridades nacionales de vigilancia debe acogerse a la confidencialidad profesional, de conformidad con los principios del sistema jurídico nacional correspondiente, y debe gozar de la protección concedida a la información de ese tipo en el Derecho nacional. Cuando un Estado miembro cuenta con normas que permiten el libre acceso de personas a información que está en poder de las autoridades de vigilancia, este hecho debe ser revelado en el momento de la solicitud ante otra autoridad de vigilancia, o durante el intercambio de información si no se produce dicha solicitud. Si la autoridad remitente indica que la información afecta a asuntos de confidencial profesional o comercial, la autoridad destinataria se asegurará de que esto puede ser contemplado. De lo contrario, la autoridad remitente tiene derecho a retener la información. La coordinación y el intercambio de información entre autoridades nacionales de vigilancia debe ser acordada por las partes implicadas y teniendo en cuenta las necesidades del sector afectado. Si procede, se deberá prestar atención a los siguientes principios:

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| — | designar un punto de comunicación o corresponsal para cada sector, que coordinará internamente según proceda, |

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| — | acordar los tipos de casos en los que la comunicación de información de vigilancia será de utilidad, |

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| — | desarrollar un enfoque común para cuestiones como la clasificación de riesgos y peligros y su codificación, |

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| — | determinar los datos que serán comunicados en cada caso, como la solicitud de información adicional, |

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| — | aceptar la obligación de responder a las encuestas en un determinado plazo[(288)](#ntr288-C_2016272ES.01000101-E0289), |

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| — | transmitir información (solicitudes y respuestas) de la manera más sencilla posible, por correo electrónico o a través de un sistema telemático gestionado por la Comisión (ICSMS) o por un organismo externo, y utilizando formularios normalizados multilingües, |

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| — | aprovechar las técnicas actualizadas de registro de datos para facilitar la realización de encuestas, y |

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| — | manejar la información recibida de manera totalmente confidencial. |

La cooperación entre administraciones nacionales se produce en grupos de trabajo creados en virtud de la legislación de armonización de la Unión. Los debates se centran principalmente en cuestiones de interpretación, pero también se tratan asuntos relacionados con la vigilancia del mercado y la cooperación administrativa. Existe una cooperación administrativa entre autoridades nacionales que realizan la vigilancia del mercado en los siguientes sectores: instrumentos de medida e instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático (WELMEC), equipos de baja tensión (LVD ADCO), diseño ecológico (Grupo ADCO), compatibilidad electromagnética (cooperación administrativa en materia de CEM), máquinas, productos sanitarios (Grupo de trabajo en materia de vigilancia y COEN, Grupo de cumplimiento y aplicación), PEMSAC (Plataforma de autoridades europeas de vigilancia del mercado de los productos cosméticos), Grupo de cooperación administrativa de juguetes (Toy-ADCO), equipos terminales de telecomunicaciones (TCAM), embarcaciones de recreo, equipos de protección individual, equipos para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX), equipos terminales de radio y telecomunicaciones (RTTE), transporte por cable (CABLE), etiquetado energético (ENERLAB), aparatos de gas (GAD), ascensores (LIFTS), equipos marinos (MED), emisiones sonoras, sector de los equipos a presión (PED/SVPD), productos pirotécnicos (PYROTEC), sustancias y preparados químicos (REACH), restricciones a la utilización de determinadas sustancias peligrosas (ROHS), equipos a presión transportables (TPED) y etiquetado de los neumáticos. Asimismo, existen grupos que tratan cuestiones más horizontales como Prosafe (el foro europeo sobre seguridad de los productos), el Grupo de expertos sobre el mercado interior de productos (IMP-MSG), un comité horizontal en el que, por ejemplo, se debaten cuestiones generales relacionadas con la aplicación y el cumplimiento de la legislación de armonización de la Unión, como los aspectos horizontales de la vigilancia del mercado. Los comités de emergencia, creados en virtud de la Directiva sobre la seguridad general de los productos, debaten con regularidad cuestiones de cooperación administrativa de interés general.

7.5.4.   
SISTEMA DE ALERTA RÁPIDA PARA PRODUCTOS NO ALIMENTARIOS QUE PLANTEAN RIESGOS

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| El Sistema de Alerta Rápida utilizado para productos no alimentarios permite a treinta y un países participantes (todos los países del EEE) y a la Comisión Europea intercambiar información sobre los productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad u otro interés público protegido y sobre las medidas adoptadas por estos países para eliminar dicho riesgo. |

El artículo 12 de la Directiva sobre la seguridad general de los productos proporciona la base jurídica de un sistema general y horizontal para el intercambio rápido de información en situaciones de riesgo grave derivado del uso de los productos (RAPEX, Sistema de Alerta Rápida).

El Sistema de Alerta Rápida abarca los productos de consumo y de uso profesional[(289)](#ntr289-C_2016272ES.01000101-E0290). Es aplicable por igual a productos no armonizados y a productos sujetos a la legislación de armonización de la Unión[(290)](#ntr290-C_2016272ES.01000101-E0291).

El sistema de Alerta Rápida funciona de conformidad con los procedimientos detallados recogidos en el anexo II de la Directiva sobre la seguridad general de los productos y en las directrices del sistema de Alerta Rápida[(291)](#ntr291-C_2016272ES.01000101-E0292).

Con la entrada en vigor del Reglamento (CE) n.o 765/2008, el alcance del Sistema de Alerta Rápida se amplió a riesgos distintos de aquellos que afectan a la salud y la seguridad (es decir, riesgos para el medio ambiente y en el lugar de trabajo, riesgos de protección) y también a productos destinados a uso profesional (frente a los que se destinan al consumo). Los Estados miembros garantizarán que los productos que entrañen un riesgo grave que requiera una intervención rápida, incluidos los riesgos graves cuyos efectos no sean inmediatos, son recuperados o retirados, o que se prohíbe su comercialización, y que se informa sin demora a la Comisión a través del Sistema de Alerta Rápida en aplicación del artículo 22 del Reglamento (CE) n.o 765/2008.

El 16 de diciembre de 2009, la Comisión adoptó la Decisión 2010/15/UE[(292)](#ntr292-C_2016272ES.01000101-E0293) por la que se establecen las nuevas directrices para la gestión del Sistema de Alerta Rápida. Puesto que las directrices se elaboraron antes del 1 de enero de 2010, se refieren explícitamente solo a las notificaciones basadas en la DSGP. Sin embargo, son la principal referencia también para notificaciones basadas en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 (véase su artículo 22, apartado 4), productos profesionales y riesgos distintos de los relativos a la salud y la seguridad.

El procedimiento del Sistema de Alerta Rápida es el siguiente:

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| — | Cuando un producto (por ejemplo, un juguete, un artículo de puericultura o un aparato doméstico) es considerado como peligroso, la autoridad nacional competente adopta las medidas apropiadas para eliminar el riesgo. Puede retirar el producto del mercado, recuperarlo de los consumidores o publicar advertencias. Los agentes económicos pueden adoptar estas medidas, también de forma voluntaria, y las autoridades competentes deben informar asimismo de ello. Seguidamente, el punto de contacto nacional informa a la Comisión Europea [a través del sistema de TI GRAS — Sistema de Alerta Rápida[(293)](#ntr293-C_2016272ES.01000101-E0294)] sobre el producto, los riesgos que planeta y las medidas adoptadas por la autoridad o los agentes económicos para prevenir riesgos y accidentes. |

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| — | La Comisión comunica la información que recibe a los puntos de contacto nacionales de todos los demás países de la UE y del EEE. Publica semanalmente en el sitio internet del Sistema de Alerta Rápida compendios de productos que plantean un riesgo y las medidas adoptadas para eliminar los riesgos[(294)](#ntr294-C_2016272ES.01000101-E0295). |

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| — | Los puntos de contacto nacionales de cada país de la UE y el EEE se aseguran de que las autoridades responsables verifican si el nuevo producto notificado está presente en el mercado. De ser así, las autoridades adoptan medidas para eliminar el riesgo, exigiendo que el producto sea retirado del mercado, recuperándolo de los consumidores o bien publicando advertencias. |

Los procedimientos de la cláusula de salvaguardia en virtud de la legislación de armonización de la Unión se aplican con independencia del Sistema de Alerta Rápida. En consecuencia, el Sistema de Alerta Rápida no debe intervenir necesariamente antes de que se aplique el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Sin embargo, cuando un Estado miembro adopta una decisión para prohibir o restringir permanentemente la libre circulación de productos armonizados basándose en un peligro o en otro riesgo grave planteado por este, se debe aplicar el procedimiento de cláusula de salvaguardia, además del Sistema de Alerta Rápida.

7.5.5.   
SISTEMA ICSMS

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| |  |  | | --- | --- | | — | El ICSMS (Sistema de información y comunicación para la vigilancia del mercado) es una herramienta de TI que proporciona una plataforma integral de comunicación entre todas las autoridades de vigilancia del mercado. |  |  |  | | --- | --- | | — | El ICSMS consta de una zona interna (accesible solamente para las autoridades de vigilancia del mercado) y otra pública. | |

7.5.5.1.   Función

El ICSMS ofrece medios de comunicación rápidos y eficientes para que las autoridades de vigilancia del mercado intercambien información en poco tiempo. El ICSMS permite a las autoridades compartir, de manera rápida y eficiente, información sobre productos no conformes (resultados de ensayos, datos de identificación del producto, fotografías, información de un agente económico, evaluaciones del riesgo, información sobre accidentes, información acerca de medidas adoptadas por autoridades de vigilancia, etc.).

El objetivo es no solamente evitar aquellos casos en que un producto no seguro se retira del mercado en un país para ser puesto a la venta durante un largo tiempo en otro país, sino principalmente disponer de una herramienta de política de vigilancia del mercado que permita establecer un mecanismo de cooperación entre las autoridades.

Aunque el hecho de ser conscientes de que el mero intercambio de información fiable resulta crucial para la vigilancia del mercado, hay que reconocer que el valor añadido del ICSMS emana de su capacidad para ser una plataforma de la aplicación de la política europea de vigilancia de los mercados.

En este sentido, siempre que una autoridad nacional desea intercambiar información sobre un producto bajo investigación con otras autoridades a fin de compartir recursos (por ejemplo, para los controles de los productos), llevar a cabo acciones comunes o consultar a otras autoridades, debe introducir en el ICSMS la información correspondiente. Esto debe hacerse lo antes posible y desde luego antes de la decisión de adoptar medidas en relación con unos productos que plantean riesgos. Por ejemplo, si una autoridad nacional no puede determinar el nivel de riesgo planteado por un producto determinado y lleva a cabo investigaciones, deberá utilizar el ICSMS para comunicarse con las autoridades competentes de los demás Estados miembros.

El ICSMS no solo abarca productos no conformes sino que también proporciona información relativa a todos los productos controlados por las autoridades, incluso en el caso de que del resultado de los controles se derive que no se han encontrado incumplimientos. Esto ayuda a las autoridades a evitar la duplicidad (o multiplicidad) de los controles de productos.

Por tanto, la función última del ICSMS es ayudar a la Unión Europea a alcanzar uno de sus principales objetivos políticos (esto es, garantizar la fiabilidad y la coherencia en la aplicación y la ejecución de la legislación europea) con el fin de que los agentes económicos y los ciudadanos se beneficien de la intención original de un acceso pleno al mercado interior.

En particular, el ICSMS ayuda a las autoridades de vigilancia del mercado a:

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| — | efectuar intercambios rápidos y oportunos de información sobre medidas de vigilancia del mercado, |

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| — | coordinar sus actividades e inspecciones de manera más eficaz, centrándose especialmente en productos que todavía no han sido inspeccionados o sometidos a ensayo, |

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| — | compartir recursos y por tanto disponer de más tiempo para concentrarse en otros productos que todavía deben ser sometidos a ensayo, |

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| — | llevar a cabo intervenciones en el mercado cuando están implicados productos de naturaleza dudosa utilizando las informaciones más recientes, y así evitar inspecciones duplicadas y múltiples, |

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| — | elaborar prácticas óptimas, |

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| — | garantizar que la vigilancia del mercado es eficiente y que presenta el mismo rigor en todos los Estados miembros, y por tanto evitar la distorsión de la competencia, |

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| — | crear una enciclopedia de inteligencia sobre la vigilancia del mercado de la UE. |

7.5.5.2.   Estructura

La zona interna está destinada a las autoridades de vigilancia del mercado, las autoridades aduaneras y la UE. Contiene toda la información disponible (descripción del producto, resultados de ensayos, medidas realizadas, etc.). Solamente los titulares de una cuenta del ICSMS pueden acceder a esta zona.

La zona pública es para consumidores, usuarios y fabricantes. La información que figura en la zona pública consiste únicamente en datos de referencia del producto y de su incumplimiento, pero no contiene documentos internos (es decir, documentos que se han intercambiado la autoridad y el fabricante/importador, etc.).

El ICSMS permite búsquedas específicas de productos no conformes. La confidencialidad está protegida por un sistema de autorizaciones de acceso.

Cada autoridad de vigilancia del mercado puede introducir en la base de datos información sobre productos investigados que esta todavía no contenga, y añadir información (por ejemplo, resultados de ensayos adicionales o medidas adoptadas) a un expediente del producto existente.

La Comisión garantiza el funcionamiento correcto del ICSMS. El uso del ICSMS es gratuito.

7.5.6.   
PRODUCTOS SANITARIOS: SISTEMA DE VIGILANCIA

|  |
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| En el caso de los productos sanitarios se aplica un sistema de vigilancia específico. |

Los riesgos planteados por los productos sanitarios precisan de un completo sistema de seguimiento a través del cual se de parte de todos los incidentes graves con productos[(295)](#ntr295-C_2016272ES.01000101-E0296). El sistema de vigilancia de los productos sanitarios se aplica a todos los incidentes que podrían llevar, o podrían haber llevado, a la muerte de un paciente o de un usuario, o a un deterioro grave de su estado de salud, y que se derivan de:

|  |  |
| --- | --- |
| — | cualquier funcionamiento defectuoso o deterioro de las características o de las prestaciones de un dispositivo, |

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| — | cualquier anomalía en el etiquetado o las instrucciones de uso, o |

|  |  |
| --- | --- |
| — | cualquier motivo técnico o sanitario en relación con las características o las prestaciones de un dispositivo, y que lleva al fabricante a recuperar sistemáticamente todos los dispositivos del mismo tipo. |

El fabricante es responsable de activar el sistema de vigilancia y, en consecuencia, debe informar a la autoridad de vigilancia acerca de los incidentes que le hacen invocarlo. Tras la notificación, el fabricante está obligado a realizar investigaciones, enviar un informe a la autoridad de vigilancia y estudiar, en colaboración con la autoridad, qué medida debería adoptarse.

La notificación del fabricante va seguida por una evaluación realizada por la autoridad de vigilancia, si es posible conjuntamente con el fabricante. Después de la evaluación, la autoridad debe informar inmediatamente a la Comisión, y a los demás Estados miembros, sobre los incidentes en relación con los cuales se han adoptado medidas o se contempla la adopción de medidas. La Comisión podrá entonces dar los pasos necesarios para coordinar, facilitar y apoyar las medidas adoptadas por las autoridades nacionales de vigilancia cuando tratan el mismo tipo de incidentes, o, si es necesario, adoptar medidas a escala de la UE (por ejemplo, que prevean la reclasificación del dispositivo). Se creará un banco de datos que contendrá, entre otras informaciones, datos obtenidos de conformidad con el sistema de vigilancia, y al que tendrán acceso las autoridades competentes. El sistema de vigilancia es diferente del procedimiento de cláusula de salvaguardia, ya que requiere una notificación aunque el fabricante adopte las medidas necesarias de manera voluntaria. No obstante, cuando aplica el sistema de vigilancia la autoridad de vigilancia también está obligada a adoptar una medida restrictiva frente a los productos no conformes con marcado CE si se dan las condiciones para invocar la cláusula de salvaguardia, y, en consecuencia, a notificar esta medida siguiendo el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Sin embargo, el sistema de vigilancia no debe intervenir necesariamente antes de que se aplique el procedimiento de cláusula de salvaguardia.

8.   LIBRE CIRCULACIÓN DE PRODUCTOS DENTRO DE LA UE
[(296)](#ntr296-C_2016272ES.01000101-E0297)

8.1.   CLÁUSULA DE LIBRE CIRCULACIÓN

El objetivo de eliminar las barreras comerciales entre Estados miembros y de consolidar la libre circulación de productos está establecido en una cláusula de libre circulación incluida en la legislación de armonización de la Unión y que garantiza la libre circulación de productos que cumplan la legislación. Las cláusulas de libre circulación son disposiciones que se insertan en los actos legislativos de la UE que impiden expresamente a los Estados miembros adoptar medidas más restrictivas sobre un asunto, si este asunto cumple los requisitos de la ley correspondiente. Por tanto, los Estados miembros no pueden impedir la comercialización de un producto que cumple todas las disposiciones de la legislación sectorial de armonización.

La conformidad con todas las obligaciones que incumben a los fabricantes en virtud de la legislación de armonización de la Unión está simbolizada por el marcado CE. Los Estados miembros deben suponer que los productos que llevan colocado el marcado CE cumplen todas las disposiciones de la legislación vigente que contempla dicha colocación. En consecuencia, los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la comercialización en su territorio de productos que presenten el marcado CE, a menos que las disposiciones relativas al marcado CE hayan sido aplicadas de manera incorrecta.

8.2.   LÍMITES Y RESTRICCIONES

La legislación de armonización de la Unión ha sido diseñada para garantizar la libre circulación de productos que cumplen el alto nivel de protección establecido en la legislación aplicable. Así pues, los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la comercialización de dichos productos. No obstante, los Estados miembros están autorizados a mantener y a adoptar, en cumplimiento del Tratado (en particular de los artículos 34 y 36 del TFUE), disposiciones nacionales adicionales relativas al uso de determinados productos destinados a la protección de trabajadores o de otros usuarios, o del medio ambiente. Estas disposiciones nacionales pueden no requerir la modificación de un producto fabricado de conformidad con las disposiciones de la legislación aplicable, ni influir en las condiciones para su comercialización.

Podría imponerse una limitación de la libre circulación del producto en caso de no conformidad de un producto con los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos. Además, podría suceder que los productos que cumplen los requisitos de la legislación armonizada planteen, no obstante, un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos de la protección de intereses generales. En este caso, los Estados miembros deben solicitar al agente económico pertinente que adopte medidas correctoras. Por tanto, es posible limitar la libre circulación de un producto no solamente en caso de no conformidad del producto con los requisitos fijados por la legislación correspondiente, sino también en el caso de conformidad cuando los requisitos esenciales u otro tipo de requisitos no contemplan enteramente todos los riesgos relacionados con el producto[(297)](#ntr297-C_2016272ES.01000101-E0298).

9.   ASPECTOS INTERNACIONALES DE LA LEGISLACIÓN DE LA UE SOBRE LOS PRODUCTOS

En sus relaciones con terceros países, la UE, entre otras cosas, procura fomentar el comercio internacional de productos regulados. Las condiciones del comercio abierto incluyen la compatibilidad del enfoque, la coherencia de los reglamentos y las normas, la transparencia de las reglas, unos niveles y medios de regulación apropiados, la imparcialidad de la certificación, la compatibilidad de las medidas de vigilancia del mercado y las prácticas de supervisión, así como un nivel apropiado de infraestructuras técnicas y administrativas.

En consecuencia, dependiendo del estado de las condiciones anteriores, será posible aplicar una amplia variedad de medidas para facilitar el comercio. La expansión del mercado único de productos se busca por medio de varios instrumentos jurídicos internacionales que habilitan la consecución de unos niveles apropiados de cooperación, convergencia o armonización de la legislación, y que por tanto facilitan la libre circulación de mercancías. Entre esos instrumentos destacan:

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| — | la plena integración de los países del EEE y la AELC en el mercado interior en virtud del Acuerdo del EEE[(298)](#ntr298-C_2016272ES.01000101-E0299), |

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| — | la adaptación de los sistemas legislativos y las infraestructuras relacionadas de los países candidatos a los de la UE, |

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| — | una adaptación semejante por parte de países vecinos mediante la celebración de acuerdos bilaterales sobre evaluación de la conformidad y la aceptación de productos industriales (AECA), |

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| — | la celebración de acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) bilaterales (intergubernamentales) de evaluación de la conformidad, certificados y marcado, destinados a reducir los costes de los ensayos y la certificación en otros mercados, |

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| — | y finalmente, el apoyo en el Acuerdo de la OMC sobre obstáculos técnicos al comercio[(299)](#ntr299-C_2016272ES.01000101-E0300). |

9.1.   ACUERDOS SOBRE EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD Y ACEPTACIÓN DE PRODUCTOS INDUSTRIALES (AECA)

|  |
| --- |
| Los Acuerdos sobre Evaluación de la Conformidad y Aceptación se establecen entre la Unión y los países vecinos de la UE. |

La Unión Europea siempre se ha situado en vanguardia del apoyo a la cooperación internacional en lo relativo a los ámbitos de reglamentos técnicos, normas, evaluación de la conformidad y eliminación de barreras técnicas para el comercio de productos. En el marco de la Política Europea de Vecindad, la Comisión Europea ha dejado clara su intención de intensificar la cooperación con los vecinos orientales y meridionales de la EU en las áreas de comercio, acceso al mercado y estructuras reglamentarias.

El uso del sistema de normalización de la UE y de la evaluación de la conformidad por parte de terceros países se ha diseñado para facilitar el comercio y el acceso al mercado en ambas direcciones.

Está previsto que se celebren acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales entre la Unión y los países vecinos de la UE (mediterráneos: Argelia, Egipto, Israel, Jordania, Líbano, Marruecos, Autoridad Palestina y Túnez; y orientales: Armenia, Azerbaiyán, Bielorrusia, Georgia, Moldavia y Ucrania).

Este reconocimiento mutuo de la equivalencia de la reglamentación técnica, la normalización y la evaluación de la conformidad sobre el que se basan estos acuerdos opera sobre la base del acervo de la UE que ha sido transpuesto por el país socio, de la misma manera que se aplicaría a los productos introducidos en el mercado de un Estado miembro. Permite que los productos industriales cubiertos por los acuerdos y certificados conformes con los procedimientos de la Unión Europea se introduzcan en el mercado del país asociado sin tener que someterlos a más procedimientos de aprobación, y viceversa.

Un AECA requiere una armonización total previa del marco jurídico del país socio con la legislación y las normas de la UE, así como la mejora de su infraestructura de aplicación, en consonancia con modelo del sistema de la UE, en relación con la normalización, la acreditación, la evaluación de la conformidad, la metrología y la vigilancia del mercado.

Cada AECA consiste en un acuerdo marco y uno o más anexos en los que se recogen los productos regulados y los medios adoptados para ampliar las ventajas del comercio en ese sector. El acuerdo marco contempla dos mecanismos: a) el reconocimiento de equivalencia de la reglamentación técnica, la normalización y la evaluación de la conformidad para los productos industriales sujetos a una reglamentación equivalente en el Derecho de la UE y el Derecho nacional del país socio; y b) la aceptación mutua de productos que cumplen los requisitos para ser introducidos legalmente en el mercado de una de las partes cuando no existe una legislación técnica europea aplicable a los productos en cuestión. Con posterioridad podrán añadirse más anexos sectoriales.

En enero de 2013 entro en vigor un primer AECA con Israel sobre productos farmacéuticos. En el momento de redactar estas líneas, otros socios mediterráneos están finalizando sus trabajos de preparación para iniciar las negociaciones en algunos sectores de Nuevo Enfoque (productos eléctricos, materiales de construcción, juguetes, aparatos de gas y equipos a presión).

9.2.   ACUERDOS DE RECONOCIMIENTO MUTUO (ARM)

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los acuerdos de reconocimiento mutuo se establecen entre la Unión y los terceros países que poseen un nivel comparable de desarrollo técnico y un enfoque compatible en lo concerniente a la evaluación de la conformidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Estos acuerdos se basan en la aceptación mutua de certificados, marcas de conformidad e informes de ensayos emitidos por los organismos de evaluación de la conformidad o por cualquier parte en conformidad con la legislación de la otra parte. | |

9.2.1.   
CARACTERÍSTICAS PRINCIPALES

Uno de los instrumentos para fomentar el comercio internacional de productos regulados es la firma de acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) sobre la base de los artículos 207 y 208 del TFUE. Los ARM son acuerdos establecidos entre la Unión y terceros países a efectos del mutuo reconocimiento de evaluaciones de la conformidad de productos regulados.

Los ARM están diseñados de manera que cada parte acepta los informes, lo certificados y los marcados emitidos en el país socio de conformidad con su propia legislación. Estos instrumentos son elaborados y emitidos por organismos que la otra parte ha designado en virtud del ARM para evaluar la conformidad en el campo o campos sujetos al ARM. Esto es así porque los ARM incluyen todos los requisitos de evaluación de la conformidad de las partes necesarios para obtener un acceso total al mercado, y porque los productos son evaluados en el país de fabricación con arreglo a los requisitos reglamentarios de la otra parte. Estos acuerdos habitualmente son denominados «ARM tradicionales».

Los ARM abarcan todo el territorio de las partes con el fin de garantizar la libre circulación plena de productos certificados como conformes, en especial en los Estados con estructura federal. Por norma general, los ARM se limitan a productos que tienen su origen en el territorio de una de las dos partes.

Los ARM se aplican a una o más categorías de productos o sectores que entran en el ámbito regulado (están sujetos a la legislación de armonización de la Unión vigente, y, en determinados casos, por la legislación nacional no armonizada). En principio, los ARM abarcarán todos los productos industriales para los que los reglamentos de al menos una de las partes exigen una evaluación de la conformidad por parte de un tercero.

Los ARM constan de un acuerdo marco y de anexos sectoriales. El acuerdo marco establece los principios esenciales de un acuerdo tradicional. Los anexos sectoriales especifican, en particular, el alcance y la cobertura, los requisitos reglamentarios, la lista de organismos de evaluación de la conformidad designados, los procedimientos y las autoridades responsables del nombramiento de esos organismos, y también, si procede, los períodos transitorios. Con posterioridad podrán añadirse más anexos sectoriales.

Los ARM no se basan en la necesidad de aceptar mutuamente las normas o los reglamentos técnicos de la otra parte, o de considerar equivalente la legislación de ambas partes. Solo incluyen la aceptación mutua de los informes, los certificados y los marcados emitidos en el país socio de conformidad con su propia legislación. Sin embargo, los ARM pueden allanar el camino hacia un sistema armonizado de normalización y certificaciones de las partes. No obstante, se considera por norma que las dos legislaciones garantizan un nivel comparable en lo tocante a la protección de la salud, la seguridad, el medio ambiente y otros asuntos de interés público. Por otra parte, los ARM incrementan la transparencia de los sistemas reglamentarios. Una vez establecido, el ARM se debe mantener, por ejemplo mediante listas de organismos de certificación reconocidos, y las normas o reglas con arreglo a las que estos se deben certificar.

Las ventajas del ARM se derivan de la eliminación de inspecciones o certificaciones duplicadas. En caso de que un producto destinado a dos mercados deba ser evaluado dos veces (cuando las normas o los requisitos técnicos son diferentes), la evaluación será menos costosa si es realizada por el mismo organismo. El plazo de comercialización se acorta, ya que los contactos entre el fabricante y un único órgano de evaluación de la conformidad, así como una evaluación única, aceleran el proceso. Incluso si las reglamentaciones subyacentes están armonizadas, por ejemplo porque se basan en una norma internacional, se mantiene la necesidad de reconocimiento de los certificados, y en tales casos la ventaja es clara: el producto es evaluado una vez con arreglo a la norma comúnmente aceptada, en lugar de evaluarse dos veces.

Actualmente hay ARM vigentes con Australia, Nueva Zelanda, los Estados Unidos, Canadá, Japón y Suiza.

Se han celebrado acuerdos de este tipo en varios sectores específicos que pueden variar entre países. En la siguiente dirección hay disponible más información sobre los acuerdos: http://ec.europa.eu/growth/single-market/goods/international-aspects/mutual-recognition-agreements/index\_en.htm. Los organismos designados en virtud de los ARM figuran en una parte específica del sistema NANDO.

9.2.2.   
ARM ENTRE LA UE Y SUIZA

El ARM firmado con Suiza, que entró en vigor con fecha 1 de junio de 2002 ([DO L 114 de 30.4.2002](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2002:114:TOC)), es un acuerdo integral basado en la equivalencia de la legislación de la UE y de Suiza[(300)](#ntr300-C_2016272ES.01000101-E0301). Abarca el reconocimiento de las evaluaciones de la conformidad con independencia del origen de los productos, excepto por lo que se refiere al capítulo 15, «Inspección de los medicamentos con arreglo a las prácticas correctas de fabricación y certificación de los lotes». Este tipo de acuerdo ARM habitualmente es denominado «ARM mejorado». No obstante, el caso de Suiza es bastante singular.

Las disposiciones del Acuerdo y la armonización de la reglamentación técnica de Suiza con la de la UE garantizan un acceso continuo al mercado para los productos de la UE en el mercado suizo, y viceversa para los productos suizos en el mercado de la UE y el EEE. Sin embargo, a pesar del ARM, no existe unión aduanera entre la UE y Suiza.

Según el acuerdo, el Servicio de Acreditación Suizo (SAS) es miembro de pleno derecho de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA) y es signatario de todos los acuerdos de reconocimiento mutuo con la EA. En el ámbito de la normalización, Suiza es miembro de pleno derecho del CEN, el CENELEC y el ETSI, y participa activamente en los trabajos de normalización europea.

Por otra parte, se autoriza a los organismos europeos de evaluación de la conformidad a expedir certificados en la UE de conformidad con la legislación de la UE, que se consideran equivalentes a los de Suiza. Lo mismo sucede a la inversa con los organismos de evaluación de la conformidad suizos. Por tanto, los certificados expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad suizos acreditados por el SAS para productos sujetos al ARM serán considerados equivalentes a los emitidos por organismos de evaluación de la conformidad establecidos en la UE.

Esto solamente es posible porque, por un lado, Suiza ya cuenta con una infraestructura técnica (por ejemplo, las instituciones públicas o privadas que se ocupan de las normas, la acreditación, la evaluación de la conformidad, la vigilancia del mercado y la protección de los consumidores) igualmente desarrollada y que se considera equivalente a la existente en la UE. Por otra parte, Suiza ha decidido modificar su legislación en los sectores contemplados en el acuerdo, con el fin de armonizarla con la de la Unión. Más aún, se ha comprometido a mantener su legislación armonizada cuando la Unión introduzca modificaciones en el marco jurídico de la UE aplicable.

El denominado «ARM mejorado» con Suiza abarca actualmente veinte sectores de productos: máquinas, equipos de protección individual (PPE), seguridad de los juguetes, productos sanitarios, aparatos y calderas de gas, equipos a presión, equipos terminales de telecomunicaciones, aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX), seguridad eléctrica y compatibilidad electromagnética (CEM), equipos y maquinaria de construcción, instrumentos de medida y envases previos, vehículos de motor, tractores agrícolas o forestales, buenas prácticas de laboratorio (BPL), buenas prácticas de fabricación (BPF), inspección y certificación por lotes, productos de construcción, ascensores, biocidas, instalaciones de transporte por cable y explosivos con fines civiles.

Recientemente se ha firmado entre los Estados del EEE y la AELC y Suiza un ARM paralelo que abarca exactamente los mismos ámbitos (anexo I al Convenio AELC de Vaduz, que entró en vigor con fecha 1 de junio de 2002) y que garantiza un acceso homogéneo al mercado en todo el mercado interior de la UE, el EEE y Suiza.

9.2.3.   
ESTADOS DEL EEE Y LA AELC: ACUERDOS DE RECONOCIMIENTO MUTUO Y ACUERDOS SOBRE EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD Y ACEPTACIÓN

El mandato del Consejo a la Comisión para negociar acuerdos de reconocimiento mutuo y acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales estableció como objetivo que los terceros países implicados celebraran acuerdos paralelos con los países del EEE y la AELC equivalentes a los firmados con la Unión, y que, posiblemente tendrán la misma fecha de entrada en vigor.

El sistema de acuerdos paralelos otorga formalmente al tercer país implicado el mismo acceso al mercado en todo el Espacio Económico Europeo para productos regulados por los acuerdos de reconocimiento mutuo o por los acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales. Se fijarán sesiones comunes de las reuniones del Comité Mixto con el tercer país implicado para tratar la aplicación práctica de estos acuerdos.

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