Source: EURLEX
Language: es
Format: md

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| 29.12.2021 | ES | Diario Oficial de la Unión Europea | C 525/1 |

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COMUNICACIÓN DE LA COMISIÓN

Directrices sobre la interpretación y la aplicación de la Directiva 2011/83/UE del Parlamento Europeo y del Consejo sobre los derechos de los consumidores

(Texto pertinente a efectos del EEE)

(2021/C 525/01)

ÍNDICE

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| INTRODUCCIÓN | 5 |

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| 1. | Ámbito de aplicación | 6 |

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| 1.1. | Los conceptos de «comerciante» y «consumidor» | 6 |

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| 1.2. | El concepto de «contrato» | 7 |

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| 1.3. | Contratos cubiertos | 8 |

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| 1.4. | Contratos mixtos | 9 |

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| 1.5. | Distinción entre servicios digitales y contenido digital en línea | 10 |

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| 1.6. | Contratos a cambio del pago de un precio y contratos en los que el consumidor facilita datos personales | 12 |

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| 1.6.1. | Contratos a cambio del pago de un precio | 12 |

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| 1.6.2. | Contratos en los que el consumidor facilita datos personales | 13 |

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| 1.7. | Contratos a los que no se aplica la Directiva | 14 |

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| 1.7.1. | Contratos de arrendamiento y contratos de construcción | 14 |

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| 1.7.2. | Viajes combinados | 15 |

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| 1.7.3. | Contratos establecidos por un funcionario público | 16 |

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| 1.7.4. | Contratos para bienes de consumo corriente | 16 |

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| 1.7.5. | Transporte de pasajeros | 16 |

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| 1.7.6. | Ventas automatizadas | 17 |

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| 1.7.7. | Determinados contratos relacionados con las comunicaciones electrónicas | 17 |

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| 1.8. | Posible exención para los contratos de bajo valor celebrados fuera del establecimiento | 18 |

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| 1.9. | Normas de las subastas públicas | 19 |

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| 2. | Contratos celebrados fuera del establecimiento | 19 |

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| 2.1. | Contratos celebrados fuera del establecimiento mercantil del comerciante | 19 |

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| 2.2. | Contratos celebrados después de que haya existido contacto con el consumidor fuera del establecimiento mercantil | 20 |

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| 2.3. | Contratos celebrados durante una excursión organizada por el comerciante | 21 |

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| 3. | Información a los consumidores | 22 |

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| 3.1. | Requisitos generales | 22 |

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| 3.1.1. | Introducción | 22 |

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| 3.1.2. | Claridad de la información y vínculo con la Directiva sobre las prácticas comerciales desleales | 22 |

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| 3.1.3. | Información que «resulta evidente por el contexto» | 23 |

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| 3.1.4. | Requisitos de información en otros actos legislativos de la UE | 23 |

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| 3.1.5. | Imposición de requisitos de información adicionales | 24 |

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| 3.1.6. | Exención de las transacciones cotidianas | 25 |

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| 3.1.7. | La naturaleza vinculante de la información precontractual | 25 |

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| 3.1.8. | Requisitos lingüísticos adicionales | 25 |

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| 3.1.9. | Carga de la prueba | 26 |

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| 3.2. | Requisitos comunes de los contratos celebrados en un establecimiento y contratos a distancia/celebrados fuera del establecimiento | 26 |

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| 3.2.1. | Características principales | 26 |

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| 3.2.2. | Identidad y datos de contacto del comerciante | 27 |

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| 3.2.3. | Precio | 30 |

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| 3.2.4. | Entrega y ejecución del contrato | 31 |

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| 3.2.5. | Procedimientos de pago | 32 |

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| 3.2.6. | Garantías y servicios posventa | 32 |

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| 3.2.7. | Duración y resolución del contrato | 34 |

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| 3.2.8. | Funcionalidad, compatibilidad e interoperatividad | 34 |

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| 3.3. | Requisitos adicionales para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia | 36 |

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| 3.3.1. | Precio personalizado | 36 |

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| 3.3.2. | Coste de utilizar medios de comunicación a distancia | 36 |

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| 3.3.3. | Depósitos y garantías financieras | 37 |

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| 3.3.4. | Mecanismos extrajudiciales de recurso | 37 |

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| 3.4. | Requisitos adicionales para los mercados en línea | 38 |

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| 3.4.1. | Criterios de clasificación | 38 |

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| 3.4.2. | Situación de la otra parte contratante | 40 |

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| 3.4.3. | Información sobre la inaplicabilidad del Derecho de la UE en materia de protección de los consumidores | 40 |

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| 3.4.4. | Reparto de las responsabilidades relacionadas con el contrato | 41 |

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| 3.4.5. | Posibilidad de imponer requisitos de información adicionales | 41 |

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| 4. | Requisitos especiales de los contratos a distancia | 42 |

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| 4.1. | Definición de un contrato a distancia | 42 |

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| 4.2. | Información precontractual | 43 |

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| 4.2.1. | Información que debe presentarse directamente antes de efectuar el pedido | 43 |

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| 4.2.2. | Botón de confirmación del pedido | 44 |

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| 4.2.3. | Información sobre las restricciones de entrega y las modalidades de pago | 44 |

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| 4.2.4. | Contratos celebrados mediante medios de comunicación a distancia con espacio o tiempo limitado | 45 |

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| 4.3. | Contratos celebrados por teléfono | 46 |

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| 4.4. | Confirmación del contrato | 47 |

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| 5. | El derecho de desistimiento | 49 |

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| 5.1. | Cálculo del plazo del derecho de desistimiento | 49 |

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| 5.1.1. | Introducción | 49 |

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| 5.1.2. | Inicio del plazo de desistimiento | 50 |

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| 5.2. | Información sobre el derecho de desistimiento | 51 |

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| 5.3. | Ejercicio del derecho de desistimiento | 52 |

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| 5.4. | Consecuencias del desistimiento en relación con los datos | 53 |

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| 5.5. | Derecho de desistimiento en relación con los bienes | 54 |

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| 5.5.1. | Bienes múltiples o defectuosos | 54 |

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| 5.5.2. | Devolución de los bienes | 54 |

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| 5.5.3. | Reembolso de los pagos recibidos del consumidor | 55 |

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| 5.5.4. | Responsabilidad del consumidor por la mala utilización de los bienes | 56 |

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| 5.5.5. | Riesgo durante la devolución de los bienes al comerciante | 58 |

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| 5.6. | Derecho de desistimiento de los contratos de servicios y servicios públicos | 58 |

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| 5.6.1. | Consentimiento del consumidor a la ejecución inmediata | 58 |

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| 5.6.2. | Obligación de compensación del consumidor | 60 |

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| 5.7. | Derecho de desistimiento de los contratos de contenido digital en línea | 61 |

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| 5.8. | Consecuencias de no informar sobre el derecho de desistimiento | 62 |

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| 5.8.1. | Consecuencias en relación con los bienes | 63 |

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| 5.8.2. | Consecuencias en relación con los servicios y los servicios públicos | 63 |

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| 5.8.3. | Consecuencias en relación con los contenidos digitales en línea | 64 |

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| 5.9. | Resolución del contrato tras el ejercicio del derecho de desistimiento | 64 |

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| 5.10. | Contratos complementarios | 65 |

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| 5.11. | Excepciones al derecho de desistimiento | 65 |

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| 5.11.1. | Bienes o servicios cuyo precio depende de fluctuaciones del mercado financiero | 65 |

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| 5.11.2. | Bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados | 66 |

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| 5.11.3. | Bienes que pueden deteriorarse o caducar con rapidez | 67 |

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| 5.11.4. | Bienes precintados por razones de protección de la salud o de higiene | 67 |

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| 5.11.5. | Bienes que se mezclan de forma indisociable con otros bienes | 68 |

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| 5.11.6. | Contratos con una fecha o un período de ejecución específicos | 68 |

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| 5.11.7. | Reparaciones solicitadas por el consumidor | 69 |

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| 5.12. | Opciones reglamentarias en caso de visitas no solicitadas o excursiones | 69 |

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| 5.12.1. | Introducción | 69 |

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| 5.12.2. | Ampliación del plazo de derecho de desistimiento | 70 |

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| 5.12.3. | Anulación de las excepciones del derecho de desistimiento | 71 |

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| 6. | Entrega | 71 |

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| 7. | Transmisión del riesgo | 72 |

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| 8. | Tasas por la utilización de medios de pago | 73 |

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| 8.1. | Introducción | 73 |

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| 8.2. | Definición de «tasas» | 73 |

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| 8.3. | Definición del «coste» asumido por el comerciante | 74 |

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| 8.3.1. | La tasa de descuento y otros costes directos | 74 |

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| 8.3.2. | Costes generales de gestionar un negocio | 74 |

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| 8.3.3. | Costes elegibles que justifican una tasa por la utilización de medios de pago | 74 |

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| 8.4. | Pagos en efectivo en moneda extranjera | 75 |

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| 9. | Comunicaciones telefónicas | 76 |

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| 10. | Pagos adicionales | 77 |

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| 11. | Cumplimiento | 77 |

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| 11.1. | Aplicación pública y aplicación privada | 77 |

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| 11.2. | Aplicación a comerciantes de terceros países | 78 |

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| 11.3. | Sanciones | 79 |

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| 11.3.1. | Criterios para la imposición de sanciones | 79 |

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| 11.3.2. | Sanciones en el contexto de las medidas de ejecución coordinadas en virtud del Reglamento CPC | 80 |

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| ANEXO | 82 |

INTRODUCCIÓN

La Directiva 2011/83/UE del Parlamento Europeo y del Consejo [(1)](#ntr1-C_2021525ES.01000101-E0001) sobre los derechos de los consumidores (en adelante, la «Directiva sobre los derechos de los consumidores» o la «Directiva») tiene por objeto lograr un nivel elevado de protección de los consumidores en la UE y contribuir al buen funcionamiento del mercado interior mediante la aproximación de determinados aspectos de las disposiciones legales, reglamentarias y administrativas de los Estados miembros sobre contratos celebrados entre consumidores y comerciantes [(2)](#ntr2-C_2021525ES.01000101-E0002).

El objetivo de este documento de orientación (en adelante, «la presente Comunicación») es facilitar la aplicación efectiva de la Directiva. También tiene por objeto aumentar el conocimiento de la Directiva entre todas las partes interesadas, como los consumidores, las empresas y las autoridades de los Estados miembros, incluidos los órganos jurisdiccionales nacionales y los profesionales de la Justicia, en toda la Unión. Abarca las modificaciones introducidas por la Directiva (UE) 2019/2161 del Parlamento Europeo y del Consejo [(3)](#ntr3-C_2021525ES.01000101-E0003) en lo que atañe a la mejora de la aplicación y la modernización de las normas de protección de los consumidores de la Unión que entran en vigor a partir del 28 de mayo de 2022. Por consiguiente, parte de estas directrices reflejan y examinan normas que aún no habrán comenzado a aplicarse en el momento de la publicación de la presente Comunicación. Se indican claramente las secciones y puntos pertinentes.

La presente Comunicación refleja la jurisprudencia del Tribunal de Justicia de la Unión Europea (en lo sucesivo, «TJUE» o «el Tribunal») sobre la Directiva desde su entrada en vigor el 13 de junio de 2014. A partir de su fecha de entrada en vigor, la Directiva sustituyó a la Directiva 85/577/CEE del Consejo [(4)](#ntr4-C_2021525ES.01000101-E0004) referente a la protección de los consumidores en el caso de contratos negociados fuera de los establecimientos comerciales y a la Directiva 97/7/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(5)](#ntr5-C_2021525ES.01000101-E0005) relativa a la protección de los consumidores en materia de contratos a distancia. La Directiva sobre los derechos de los consumidores mantuvo determinadas disposiciones de las anteriores Directivas 85/577/CEE y 97/7/CE. Por lo tanto, en el presente documento también se hace referencia a la jurisprudencia pertinente del Tribunal relativa a la interpretación de dichas Directivas, cuando proceda.

La presente Comunicación no analiza la aplicación de la Directiva en los distintos Estados miembros, lo que incluye las decisiones de los tribunales nacionales y otros organismos competentes. Además de las diferentes fuentes de información disponibles en los Estados miembros, la información sobre las disposiciones nacionales que transponen la Directiva y las interpretaciones jurisprudenciales y doctrinales está disponible en la Base de datos de legislación sobre el consumo, a la que se puede acceder a través del Portal Europeo de e-Justicia [(6)](#ntr6-C_2021525ES.01000101-E0006).

Los destinatarios de la presente Comunicación son los Estados miembros de la UE e Islandia, Liechtenstein y Noruega como signatarios del Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo [(7)](#ntr7-C_2021525ES.01000101-E0007) (EEE). En consecuencia, las referencias a la UE, a la Unión o al mercado único deben ser interpretadas como referencias al EEE o al mercado del EEE.

La presente Comunicación está concebida estrictamente como un documento de orientación; solamente el texto de la propia legislación de la UE tiene validez jurídica. Las interpretaciones fidedignas del Derecho deben derivarse del texto de la Directiva y directamente de las resoluciones del Tribunal. La presente Comunicación tiene en cuenta las resoluciones del Tribunal publicadas hasta octubre de 2021 y no predetermina la evolución de la jurisprudencia del Tribunal.

El parecer expresado en la presente Comunicación se entiende sin perjuicio de la postura que la Comisión Europea pudiera adoptar ante el Tribunal. La información contenida en la presente Comunicación es de carácter general y no se dirige específicamente a ninguna persona o entidad en particular. Ni la Comisión Europea ni ninguna persona que actúe en su nombre serán responsables de cualquier uso que pudiera hacerse de la siguiente información.

Puesto que la presente Comunicación refleja el estado de la situación en el momento de la redacción, las directrices ofrecidas podrían modificarse en una fecha posterior.

1.   Ámbito de aplicación

1.1.   
Los conceptos de «comerciante» y «consumidor»

Tal como se prevé en su artículo 1, la Directiva sobre los derechos de los consumidores se aplica a «contratos celebrados entre consumidores y comerciantes». Por lo tanto, para que un contrato esté comprendido en el ámbito de aplicación de la Directiva, es necesario establecer que una de las partes es un comerciante, tal como se define en el artículo 2, apartado 2, y la otra parte, un consumidor, tal como se define en el artículo 2, apartado 1.

De conformidad con el artículo 2, apartado 1, «consumidor» es toda persona física que, en los contratos regulados por la Directiva, actúe con un propósito ajeno a su actividad comercial, empresa, oficio o profesión. De esta disposición se desprende que para que una persona entre en el ámbito de aplicación de este concepto deben concurrir dos requisitos acumulativos, a saber: i) la persona es una persona física, y ii) la persona actúa con fines no profesionales.

Como se explica en el considerando 13, los Estados miembros podrán mantener o introducir normas de Derecho interno que correspondan a las disposiciones de la Directiva respecto de contratos que queden fuera del ámbito de aplicación de la Directiva, por ejemplo ampliando la aplicación de las normas nacionales también a las personas físicas que no sean consumidores en el sentido del artículo 2, apartado 1, o a las personas jurídicas, como organizaciones no gubernamentales, empresas de reciente creación o pequeñas y medianas empresas.

A este respecto, en el asunto C-329/19, Condominio di Milano [(8)](#ntr8-C_2021525ES.01000101-E0008), el Tribunal confirmó que la jurisprudencia nacional puede ampliar el concepto de «consumidor» de modo que sus normas de protección se apliquen también a un contrato entre un comerciante y un sujeto de Derecho, que no es una persona física, como el condominio (comunidad de propietarios) en Derecho italiano.

Además, el Tribunal declaró que el concepto de «consumidor» se refiere a un particular que no ejerce actividades empresariales o comerciales [(9)](#ntr9-C_2021525ES.01000101-E0009). Este segundo criterio debe interpretarse a la luz del considerando 17, que introduce la calificación de «uso predominante»: «[...] en el caso de los contratos con doble finalidad, si el contrato se celebra con un objeto en parte relacionado y en parte no relacionado con la actividad comercial de la persona y el objeto comercial es tan limitado que no predomina en el contexto general del contrato, dicha persona deberá ser considerada como consumidor».

Así pues, una persona física que, en los contratos regulados por la presente Directiva, actúe con fines primordialmente ajenos a su actividad comercial, empresarial, artesanal o profesional también entraría en la definición de «consumidor». Esta clasificación debe ser objeto de una evaluación caso por caso [(10)](#ntr10-C_2021525ES.01000101-E0010).

En el artículo 2, apartado 2, «comerciante» se define como una persona física o jurídica que actúe «con un propósito relacionado con su actividad comercial, empresa, oficio o profesión, o en nombre o por cuenta de un comerciante». No solo se puede calificar como comerciante a personas de titularidad privada, sino también de titularidad pública.

En el asunto C-105/17, Kamenova [(11)](#ntr11-C_2021525ES.01000101-E0011), el Tribunal señaló que el concepto de «comerciante» se define de manera casi idéntica tanto en la Directiva sobre los derechos de los consumidores como en la Directiva 2005/29/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(12)](#ntr12-C_2021525ES.01000101-E0012) sobre las prácticas comerciales desleales (en adelante, la «DPCD»), por lo que debe interpretarse de manera uniforme. Sobre la base de la jurisprudencia desarrollada en el marco de la DPCD, el Tribunal interpretó el concepto de «comerciante» en sentido amplio, considerando que debe determinarse en relación con el concepto de «consumidor», vinculado pero diametralmente opuesto. Con respecto a un comerciante, el consumidor se encuentra en una posición más débil y debe considerarse que está menos informado, es económicamente más débil y tiene menos experiencia jurídica que la otra parte contratante. La clasificación como «comerciante» requiere una evaluación caso por caso, teniendo en cuenta los siguientes criterios indicativos:

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| i) | si la venta se llevó a cabo de manera organizada; |

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| ii) | si dicha venta tenía fines lucrativos; |

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| iii) | si el vendedor disponía de información y competencias técnicas relativas a los productos que ofrecía a la venta de las que el consumidor no disponía necesariamente, de modo que el vendedor se encontraba en una posición más ventajosa que el consumidor; |

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| iv) | si el vendedor tenía un estatuto jurídico que le permitía realizar actos de comercio; |

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| v) | en qué medida la venta estaba vinculada a la actividad comercial o profesional del vendedor; |

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| vi) | si el vendedor estaba sujeto a IVA; |

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| vii) | si el vendedor, actuando en nombre de un comerciante determinado o por su cuenta o por medio de otra persona que actuara en su nombre y por su cuenta, recibió una retribución o un incentivo; |

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| viii) | si el vendedor compraba bienes nuevos o usados con intención de revenderlos, confiriendo de este modo a dicha actividad un carácter regular, una frecuencia o una simultaneidad con respecto a su actividad comercial o profesional habitual; |

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| ix) | si los productos en venta eran todos del mismo tipo o del mismo valor; y |

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| x) | si la oferta se concentraba en un número limitado de productos. |

El TJUE hizo hincapié en que estos criterios no son taxativos ni exclusivos, de manera que, en principio, el hecho de cumplir uno o varios de esos criterios no basta, por sí mismo, para calificar a esa persona como «comerciante». El mero hecho de que con la venta se persiga una finalidad lucrativa o de que una persona publique simultáneamente en una plataforma en línea una serie de anuncios en los que ofrece a la venta bienes nuevos y usados, no basta, por sí mismo, para calificar a dicha persona de «comerciante» [(13)](#ntr13-C_2021525ES.01000101-E0013).

En las situaciones en que intervenga un intermediario (como un mercado en línea) o un comerciante que represente a otro comerciante, estos distintos comerciantes deben dejar claro al consumidor qué comerciante es la parte contractual del consumidor y cuáles son las funciones y responsabilidades respectivas de cada comerciante. Esta cuestión se aborda con mayor detalle en la sección 3.2.2.1.

A este respecto, la Directiva (UE) 2019/2161 modificó la Directiva sobre los derechos de los consumidores e introdujo la obligación de que los proveedores de mercados en línea informaran al consumidor de si el tercero proveedor actuaba como «comerciante» o «no comerciante» (consumidor homólogo), con arreglo a una declaración del tercero proveedor al proveedor del mercado en línea. Los requisitos de información para los mercados en línea se abordan en la sección 3.4.2.

1.2.   
El concepto de «contrato»

El factor desencadenante para la aplicación de la Directiva es la oferta de celebrar un contrato entre un comerciante y un consumidor. La Directiva no define el concepto de «contrato» y no determina las circunstancias en las que se considera que se ha celebrado un contrato al que se aplica la Directiva. Corresponde a los órganos jurisdiccionales y a las autoridades de ejecución nacionales del Estado miembro de que se trate apreciar si una relación jurídica constituye un «contrato». Conforme a su artículo 3, apartado 5:

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| Artículo 3  5.   La presente Directiva no afectará a las disposiciones generales del Derecho contractual nacional, por ejemplo a las normas sobre validez, formalización o efectos de los contratos, en la medida en que esos aspectos generales del Derecho contractual no estén regulados en la presente Directiva. |

Por ejemplo, la Directiva se entiende sin perjuicio de las normas del Derecho contractual nacional sobre la transferencia de derechos y obligaciones contractuales de un consumidor a otro.

Cabe señalar que un único contrato puede abarcar múltiples elementos, tanto bienes como artículos de contenido digital. Por ejemplo, en función de sus condiciones, un único contrato de suscripción podrá cubrir el suministro de toda una variedad de contenido digital. Si está cubierto por un contrato de suscripción, cada suministro de contenido digital individual con arreglo al contrato no constituirá un nuevo contrato a los efectos de la Directiva.

En el asunto C-922/19, Stichting Waternet [(14)](#ntr14-C_2021525ES.01000101-E0014), el Tribunal abordó la cuestión de si el mantenimiento del suministro de agua a una vivienda cuando hay un cambio de ocupación sin la solicitud expresa del nuevo ocupante constituye un «suministro no solicitado» en el sentido del punto 29 del anexo I («Lista negra») de la DPCD, lo que daría lugar al derecho del consumidor a no pagar dicho suministro de conformidad con el artículo 27 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. El asunto exigía, entre otras cosas, determinar si un contrato puede considerarse celebrado entre una empresa de distribución de agua y un consumidor, a falta de consentimiento expreso de dicho consumidor.

El Tribunal reconoció que el suministro de agua no siempre exige la existencia de un contrato. También es posible que la relación jurídica entre el proveedor y el consumidor en cuestión se rija «íntegramente por la normativa nacional, en relación tanto con el abastecimiento de agua por [ese] comerciante como con los costes vinculados a ese abastecimiento que incumben al consumidor [(15)](#ntr15-C_2021525ES.01000101-E0015)».

Cuando no exista contrato, la Directiva no se aplicará a la relación entre el proveedor y el consumidor. En cualquier caso, sigue siendo decisivo si la respectiva relación se considera «contractual» con arreglo al Derecho nacional aplicable.

1.3.   
Contratos cubiertos

La Directiva regula determinados aspectos de los contratos celebrados entre un comerciante y un consumidor. En primer lugar, distingue entre distintos contratos en función de las circunstancias en que se celebran:

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| 1) | contratos celebrados fuera del establecimiento mercantil del comerciante (contratos celebrados fuera del establecimiento); |

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| 2) | contratos celebrados utilizando medios de comunicación a distancia —a través de internet, incluidos los mercados en línea, por teléfono, etc.— (contratos a distancia); y |

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| 3) | contratos distintos de los contratos a distancia o los contratos celebrados fuera del establecimiento (normalmente se trata de contratos celebrados en tiendas físicas tradicionales, en lo sucesivo denominados «contratos celebrados en un establecimiento»). |

Además, la Directiva distingue entre los siguientes tipos de contratos en función de su objeto:

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| 1) | contratos de venta; |

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| 2) | contratos de servicios, incluidos los contratos de servicios digitales; |

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| 3) | contratos para el suministro de contenido digital que no se suministre en un soporte material («contratos de contenido digital en línea»); y |

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| 4) | contratos para el suministro de agua, gas o electricidad —cuando no estén envasados para la venta en un volumen delimitado o en cantidades determinadas— o de calefacción mediante sistemas urbanos («contratos para el suministro de servicios públicos»). |

Los contratos de venta y de servicios están definidos en el artículo 2, apartados 5 y 6, de la Directiva. Los contratos de contenido digital en línea y para el suministro de servicios públicos no están definidos de forma expresa, pero el considerando 19 explica que, a los efectos de la Directiva, no se consideran contratos de venta ni contratos de servicios.

Si bien numerosas disposiciones de la Directiva se aplican de forma general a los cuatro tipos de contrato, hay normas que se aplican solamente a un tipo específico de contrato. En concreto, los diferentes contratos (véase el artículo 9) presentan distintas normas de calcular el plazo durante el cual se puede ejercer el derecho de desistimiento (véase también la sección 5 sobre el derecho de desistimiento).

Asimismo, el considerando 19 aclara que la Directiva considera «bienes» los contenidos digitales suministrados en un soporte material. Da el ejemplo de contenidos digitales suministrados en CD o DVD, pero el mismo enfoque se aplica también al contenido digital suministrado en otros soportes o en un dispositivo inteligente, como una consola de juego con juegos preinstalados. Independientemente del tipo de soporte material [(16)](#ntr16-C_2021525ES.01000101-E0016), el contrato relativo a dichos contenidos digitales está sujeto a las normas de la Directiva sobre los derechos de los consumidores relativas al derecho de desistimiento aplicables a los contratos de compraventa [(17)](#ntr17-C_2021525ES.01000101-E0017).

Habida cuenta de que la definición de contrato de venta (véase más abajo) hace referencia a la transferencia de la propiedad de bienes del comerciante al consumidor (es decir, contratos celebrados entre empresas y consumidores), la Directiva no se aplica a contratos con arreglo a los cuales es el consumidor el que transfiere los bienes al comerciante, por ejemplo, un vehículo de segunda mano o joyas.

1.4.   
Contratos mixtos

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| Artículo 2  5)   «contrato de venta»: todo contrato en virtud del cual el comerciante transfiera o se comprometa a transferir a un consumidor la propiedad de ciertos bienes, con inclusión de cualquier contrato cuyo objeto incluya a la vez bienes y servicios;  6)   «contrato de servicios»: todo contrato, con excepción de un contrato de venta, en virtud del cual el comerciante provee o se compromete a proveer un servicio, incluido un servicio digital, al consumidor. |

En la práctica, muchos contratos celebrados entre comerciantes y consumidores, a los que se aplica la Directiva, contienen elementos tanto de servicios como de bienes. En dichos casos, la última parte de la definición del artículo 2, apartado 5, es pertinente dado que define un contrato de venta también como «cualquier contrato cuyo objeto incluya a la vez bienes y servicios».

De conformidad con la definición recogida en el artículo 2, apartado 5, el criterio para clasificar un contrato como «contrato de venta» es la transferencia de la propiedad de bienes al consumidor. Así pues, si el principal fin de un contrato es la transferencia de la propiedad de determinados bienes, deberá clasificarse como contrato de venta aun cuando cubra también servicios relacionados ofrecidos por el vendedor, como la instalación, el mantenimiento u otro tratamiento, independientemente del valor relativo de los bienes y servicios.

Ejemplos de contratos cuyo objeto son tanto los bienes como los servicios y que deberán considerase contratos de venta teniendo en cuenta su principal objetivo:

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| — | la compra de un nuevo «set» de cocina, incluida su instalación en la vivienda del consumidor; |

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| — | la compra de elementos de construcción específicos, como ventanas y puertas, incluida su instalación en la vivienda del consumidor; |

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| — | la compra de un teléfono móvil inteligente asociado a una suscripción a un servicio de comunicaciones electrónicas. |

Por el contrario, si la transferencia de la propiedad de los bienes específicos no es el fin principal del contrato mixto, el contrato no deberá considerarse un contrato de venta.

Ejemplos de contratos cuyo objeto son tanto los bienes como los servicios y que deben considerase contratos de servicios teniendo en cuenta su principal objetivo:

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| — | un contrato para la reparación, la renovación y la construcción de un anexo a un edificio (véase el considerando 26); |

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| — | un contrato para asistir a una conferencia, incluida la entrega de bolígrafos y carpetas a los participantes; |

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| — | un contrato para un curso de formación, incluida la entrega de un libro de texto para cada participante. |

Esta interpretación está apoyada por la jurisprudencia reiterada del TJUE sobre la libre circulación de bienes y la libre prestación de servicios, que sigue siendo pertinente también en el contexto de esta Directiva.

Por ejemplo, en el asunto C-20/03, Marcel Burmanjer, el Tribunal afirmó que una actividad económica debía examinarse en el contexto o de la libre circulación de mercancías o de la libre prestación de servicios si una de estas libertades «es por completo secundaria con respecto a la otra y puede subordinarse a ella» [(18)](#ntr18-C_2021525ES.01000101-E0018).

Esto significa también que un contrato mixto deberá considerarse un contrato de venta si los hechos demuestran que su auténtico fin es la transferencia de la propiedad de bienes:

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| — | Por ejemplo, si la venta de un libro de texto ocupa un lugar prominente tanto en la oferta del comerciante de un curso de formación como en la comunicación entre las partes, y si el valor relativo de este libro de texto es significativo en comparación con el precio total del curso, el contrato puede clasificarse como un contrato de venta y no de servicios a los efectos de la Directiva. |

Por otra parte, incluso cuando un contrato mixto dé lugar a la producción de algo en forma material, debe considerarse un contrato de servicios siempre que el objeto del contrato sea un servicio intelectual o cualificado y la consiguiente entrega tenga solo una función complementaria [(19)](#ntr19-C_2021525ES.01000101-E0019):

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| — | Por ejemplo, el contrato con un arquitecto para diseñar una casa y el contrato con un abogado para preparar y presentar una demanda son contratos de servicios, aunque al final haya un resultado tangible (por ejemplo, planos de construcción, una demanda o una solicitud). Del mismo modo, los contratos con un artista para pintar un cuadro o con un fotógrafo para una sesión fotográfica de boda son contratos de servicios. |

En pocas palabras, cada contrato mixto deberá clasificarse dependiendo de su objetivo principal real. El hecho de que el contrato pueda incluir una opción de celebrar posteriores acuerdos no deberá afectar per se a sus características. Por ejemplo:

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| — | Si un contrato para el alquiler de bienes solo incluye una opción de transferencia de la propiedad, y no una obligación, deberá considerarse un contrato de servicios, a los efectos de la Directiva. |

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|  | Clasificar un contrato como de venta o de servicios determina el modo en que se calcula el plazo de desistimiento (artículo 9). En el caso de los contratos de servicios, el plazo de desistimiento de catorce días se cuenta desde el día en que se celebra el contrato. En el caso de los contratos de venta, el plazo de desistimiento empieza en el momento en que se reciben los bienes. Por otra parte, algunas de las disposiciones de la Directiva, como los artículos 18 y 20 relativos a la entrega y la transmisión del riesgo, solo se aplican a los contratos de venta. |

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|  | El mismo contrato de venta o de servicios también puede cubrir servicios que no están regulados por la Directiva. Por ejemplo, un contrato de venta o de servicios puede permitir pagar el precio a plazos a un determinado tipo de interés. Dicho contrato también estará sujeto a las normas específicas que regulan los servicios financieros destinados a los consumidores [(20)](#ntr20-C_2021525ES.01000101-E0020). Las normas sobre contratos complementarios recogidas en el artículo 15 de la Directiva se aplicarían por analogía (véase la sección 5.10). |

1.5.   
Distinción entre servicios digitales y contenido digital en línea

La Directiva (UE) 2019/2161 aclaró la definición de «contrato de servicios» recogida en la Directiva sobre los derechos de los consumidores para incluir también los contratos de «servicios digitales» (véase la definición en la sección anterior). Además, la Directiva (UE) 2019/2161 introdujo, en su artículo 2, punto 16, una definición de «servicio digital», que remite a su definición en el artículo 2, punto 2, de la Directiva (UE) 2019/770 del Parlamento Europeo y del Consejo [(21)](#ntr21-C_2021525ES.01000101-E0021) sobre contenidos digitales.

El artículo 2 de la Directiva sobre contenidos digitales dispone:

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| Artículo 2  1)   «contenido digital»: los datos producidos y suministrados en formato digital;  2)   «servicio digital»:   |  |  | | --- | --- | | a) | un servicio que permite al consumidor crear, tratar, almacenar o consultar datos en formato digital, o |  |  |  | | --- | --- | | b) | un servicio que permite compartir datos en formato digital cargados o creados por el consumidor u otros usuarios de ese servicio, o interactuar de cualquier otra forma con dichos datos. | |

El considerando 19 de la Directiva sobre contenidos digitales explica que «con el fin de cubrir los rápidos desarrollos tecnológicos y de que el concepto de contenidos o servicios digitales mantenga un carácter estable frente a futuras innovaciones, la presente Directiva debe aplicarse, entre otras cosas, a programas informáticos, aplicaciones, archivos de vídeo, archivos de audio, archivos de música, juegos digitales, libros electrónicos u otras publicaciones electrónicas, así como a servicios digitales [...], incluido el programa (software) como servicio, tales como el intercambio de vídeos y audio y otro tipo de alojamiento de archivos, el tratamiento de textos o los juegos que se ofrezcan en el entorno de computación en nube y las redes sociales». Cabe señalar que, aunque el segundo conjunto de ejemplos se asigna claramente a la categoría de servicios digitales, la clasificación del primer conjunto de ejemplos como contenido o servicios digitales dependerá del modo de transmisión o de acceso, así como de otras especificidades del modelo de negocio.

El considerando 30 de la Directiva (UE) 2019/2161 ofrece más orientaciones sobre la distinción entre los contratos de contenido digital en línea y los contratos de servicios digitales. En particular, «son ejemplos de servicios digitales los servicios para compartir vídeo y sonido y otro almacenamiento de archivos, el tratamiento de textos o los juegos que se ofrecen en nube, almacenamiento en nube, correo web, medios sociales y aplicaciones en nube». En cambio, «muchos de los contratos relativos al suministro de contenido digital [en línea] [...] se caracterizan por un único acto de suministro al consumidor de uno o varios elementos específicos de contenido digital, como archivos de música o de vídeo concretos».

Por consiguiente, los servicios digitales son, por ejemplo:

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| — | suscripciones al almacenamiento basado en Internet de fotografías creadas por el consumidor, a redes sociales o a videotelefonía o a telefonía de voz por Internet; |

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| — | suscripciones a servicios de tráfico o meteorología en línea; |

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| — | suscripciones a periódicos o boletines en línea [véase también la excepción del derecho de desistimiento con arreglo al artículo 16, párrafo primero, letra j), que se aplica al suministro de un periódico pero no a las suscripciones a periódicos]. |

El considerando 30 de la Directiva (UE) 2019/2161 reconoce que, no obstante, puede resultar difícil distinguir entre determinados tipos de contenidos digitales en línea y servicios digitales. Por lo tanto, «cuando exista una duda sobre si el contrato es un contrato de prestación de servicios o un contrato de suministro de contenido digital que no se preste en un soporte material, deben aplicarse las normas sobre el derecho de desistimiento para los servicios».

La distinción entre contratos de contenido digital en línea y contratos de servicios digitales es importante debido a los distintos regímenes de derecho de desistimiento que se les aplican. Las normas sobre el derecho de desistimiento de los contratos de servicios permiten efectivamente al consumidor probar el servicio y decidir, en el plazo de los catorce días siguientes a la celebración del contrato, si lo mantiene o no.

En cambio, en virtud del artículo 16, párrafo primero, letra m), no existe derecho de desistimiento en el caso del suministro de contenidos digitales en línea, siempre que se cumplan determinadas condiciones. De conformidad con las modificaciones introducidas por la Directiva (UE) 2019/2161, estas condiciones consisten en que la ejecución haya comenzado con el previo consentimiento expreso del consumidor y con el conocimiento por su parte de que, de este modo, pierde el derecho de desistimiento y en que el comerciante haya facilitado la confirmación del contrato celebrado (véase también la sección 5.7).

El Tribunal aclaró en el asunto C-641/19, PE Digital, que la excepción del derecho de desistimiento prevista en el artículo 16, letra m), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores aplicable a los contratos de contenido digital en línea debe interpretarse de manera estricta [(22)](#ntr22-C_2021525ES.01000101-E0022). El asunto se refería al desistimiento de un contrato de suscripción premium a un sitio de Internet dedicado a la búsqueda de pareja, pero solo después de que el consumidor hubiera realizado una prueba de personalidad que le ofrecía una selección de recomendaciones de pareja basadas en un algoritmo patentado.

El Tribunal declaró que el artículo 16, letra m), leído conjuntamente con el artículo 2, apartado 11, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, debe interpretarse en el sentido de que la elaboración de tal informe de evaluación de la personalidad no constituye el suministro de «contenidos digitales». Asimismo, el Tribunal señaló, de manera más general, que, a la luz del considerando 19 de la Directiva, un servicio prestado por un sitio de Internet que permite al consumidor crear, procesar o almacenar datos en formato digital, o acceder a ellos, y que permite compartir o interactuar de cualquier otro modo con datos en formato digital cargados o creados por el consumidor o por otros usuarios de ese servicio no puede considerarse, como tal, suministro de «contenido digital» en el sentido del artículo 16, letra m) [(23)](#ntr23-C_2021525ES.01000101-E0023).

Por ejemplo, la facilitación de videojuegos puede conllevar tanto contratos de contenido digital en línea como contratos de servicios digitales. Normalmente, los juegos descargables se considerarán contenidos digitales en línea cuando su uso no dependa de la participación continua del proveedor del juego. En cambio, los juegos en línea ofrecidos en un entorno en nube se considerarán servicios digitales.

Las microtransacciones dentro de esos juegos (compras desde aplicaciones móviles) que mejoran la experiencia de juego del respectivo usuario, como los artículos virtuales, suelen considerarse contratos de contenido digital en línea. También las compras desde aplicaciones móviles de contenidos que podrían utilizarse fuera del juego (por ejemplo, una grabación de la sesión de juego que puede descargarse o compartirse en una plataforma de intercambio de vídeos) suelen constituir un contrato de contenido digital en línea. En cambio, la adquisición de contenidos «premium» que amplíen el entorno de los juegos en línea representará un nuevo servicio digital que complementa al original.

1.6.   
Contratos a cambio del pago de un precio y contratos en los que el consumidor facilita datos personales

El artículo 3 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, que define su ámbito de aplicación, fue modificado por la Directiva (UE) 2019/2161. El apartado 1 modificado se refiere ahora al «pago de un precio» como condición para la aplicación de la Directiva.

Al mismo tiempo, se añadió un nuevo apartado 1 bis que amplía el ámbito de aplicación de la Directiva a los contratos de contenido digital en línea y a los contratos de servicios digitales en los que el consumidor facilita datos personales al comerciante (con algunas excepciones).

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| Artículo 3  1.   La presente Directiva se aplicará , en las condiciones y en la medida fijadas en sus disposiciones, a los contratos celebrados entre un comerciante y un consumidor cuando este último pague o se comprometa a pagar su precio . Se aplicará igualmente a los contratos de suministro de agua, gas, electricidad y calefacción mediante sistemas urbanos, incluso por parte de proveedores públicos, en la medida en que esos bienes básicos se suministren sobre una base contractual.  1 bis.   La presente Directiva se aplicará asimismo cuando el comerciante suministre o se comprometa a suministrar contenido digital que no se preste en un soporte material o un servicio digital al consumidor, y el consumidor facilite o se comprometa a facilitar datos personales al comerciante , salvo cuando los datos personales facilitados por el consumidor sean tratados exclusivamente por el comerciante para suministrar el contenido digital que no se preste en un soporte material o el servicio digital con arreglo a la presente Directiva o para que el comerciante cumpla los requisitos legales a los que está sujeto, y el comerciante no trate tales datos para ningún otro fin. |

1.6.1.   Contratos a cambio del pago de un precio

La Directiva (UE) 2019/2161 modificó las definiciones de contratos de compraventa y contratos de servicios establecidas en el artículo 2, apartados 5 y 6, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, que ya no hacen referencia a que el consumidor pague un «precio». No obstante, teniendo en cuenta las modificaciones introducidas en el artículo 3, estos contratos seguirán estando sujetos a la Directiva únicamente cuando el consumidor tenga que pagar un precio (a menos que el objeto del contrato de servicios sea un servicio digital —véase más adelante—).

El «pago de un precio» debe entenderse en sentido amplio, de manera que abarque también los instrumentos con un determinado valor convertible o monetario (aunque pueda variar en el tiempo), como bonos [(24)](#ntr24-C_2021525ES.01000101-E0024), tarjetas de regalo, puntos de fidelidad, así como la representación digital de valor [(25)](#ntr25-C_2021525ES.01000101-E0025), como vales electrónicos, cupones electrónicos y monedas virtuales.

La Directiva se aplica independientemente del valor de la transacción, por lo que también están cubiertos los servicios de suscripción de escasa cuantía (por ejemplo, 5 EUR al mes o al año para obtener acceso a bienes u ofertas exclusivos). La Directiva también se aplica a contratos de servicios, incluidos los contratos de servicios digitales, que incluyan un período de prueba gratuito y se transformen automáticamente en contratos de pago una vez que el período de prueba finaliza (a no ser que el consumidor rescinda el contrato antes de que finalice el período de prueba).

Cuando una versión (limitada) del servicio digital esté disponible gratuitamente, tras lo cual el consumidor podrá optar por el servicio (completo) pagado, se celebrarán dos contratos separados sucesivos. La Directiva se aplicará en este caso al contrato pagado, mientras que su aplicabilidad al primer contrato para la versión (limitada) gratuita del servicio digital dependerá de si el consumidor facilita datos personales en las condiciones previstas en el artículo 3, apartado 1 bis.

La Directiva no se aplica a los obsequios ni a los servicios proporcionados por el comerciante sin que medie el pago de un precio, es decir, «gratuitos» [(26)](#ntr26-C_2021525ES.01000101-E0026).

1.6.2.   Contratos en los que el consumidor facilita datos personales

La Directiva se aplica a los contratos de contenido digital en línea y a los contratos de servicios digitales en virtud de los cuales el consumidor facilita datos personales al comerciante [(27)](#ntr27-C_2021525ES.01000101-E0027). A este respecto, la Directiva sobre los derechos de los consumidores sigue el mismo enfoque que la Directiva sobre contenidos digitales.

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| — | Por ejemplo, la Directiva sobre los derechos de los consumidores se aplicará a los contratos que ofrezcan acceso gratuito a contenidos digitales en línea o servicios digitales y en los que el consumidor consienta el tratamiento de datos personales también con fines de comercialización. |

Sin embargo, al igual que la Directiva sobre contenidos digitales, la Directiva sobre los derechos de los consumidores no cubre los contratos de contenido digital en línea ni los contratos de servicios digitales en los que los datos personales solo se traten a efectos de la ejecución del contrato y del cumplimiento de los requisitos legales. El considerando 34 de la Directiva (UE) 2019/2161 aclara que tales requisitos legales pueden incluir, por ejemplo, el registro del consumidor por motivos de seguridad e identificación cuando así lo establezca específicamente la legislación aplicable.

Además, como se explica en el considerando 35 de la Directiva (UE) 2019/2161, la Directiva no se aplica a situaciones en las que el consumidor, sin haber celebrado un contrato con el comerciante, se expone a recibir publicidad con el fin exclusivo de obtener acceso a contenidos o servicios digitales [(28)](#ntr28-C_2021525ES.01000101-E0028).

También aclara que la Directiva no se aplica a las situaciones en las que el comerciante recaba únicamente metadatos, tales como información sobre el dispositivo o navegador del consumidor («registro de la huella digital del dispositivo» o «registro de la huella digital del navegador») o el historial de navegación, excepto cuando esta situación se considere un contrato con arreglo al Derecho nacional [(29)](#ntr29-C_2021525ES.01000101-E0029).

Cuando el contrato implique el tratamiento de datos personales, el comerciante debe cumplir sus obligaciones en virtud de la legislación en materia de protección de los consumidores y, en su calidad de responsable del tratamiento, también las obligaciones derivadas del Reglamento General de Protección de Datos (UE) 2016/679 del Parlamento Europeo y del Consejo («RGPD») [(30)](#ntr30-C_2021525ES.01000101-E0030). Ambos marcos jurídicos se aplican a la relación entre empresas y consumidores de forma simultánea y complementaria.

En todos los contratos en los que el consumidor facilite datos personales, independientemente de si tiene que mediar un pago o no, el comerciante debe informar al consumidor de los fines del tratamiento en el momento en que se obtienen los datos personales. Además, el responsable del tratamiento tiene que demostrar que el tratamiento de los datos personales puede basarse en uno de los fundamentos jurídicos establecidos en el artículo 6, apartado 1, del RGPD. Un «contrato» [artículo 6, apartado 1, letra b), del RGPD] es uno de los fundamentos jurídicos autorizados a ese respecto. Sin embargo, solo es válido para el tratamiento «necesario para la ejecución de un contrato», lo cual debe interpretarse en sentido estricto [(31)](#ntr31-C_2021525ES.01000101-E0031).

En consecuencia, en el caso de las operaciones de tratamiento que no sean necesarias para la ejecución del contrato, el comerciante debe basarse además en otra base jurídica autorizada para el tratamiento con arreglo al RGPD, por ejemplo, el consentimiento libre e informado del consumidor [artículo 6, apartado 1, letra a)] [(32)](#ntr32-C_2021525ES.01000101-E0032). De conformidad con el RGPD, el consentimiento de los consumidores solo es válido si se da de forma libre, específica, informada e inequívoca. En el contexto de una relación contractual, el consentimiento solo puede darse libremente si no está supeditado a la ejecución del contrato (artículo 7, apartado 4, del RGPD). Por tanto, la capacidad de retirar el consentimiento sin sufrir perjuicio alguno es un requisito esencial para la validez del consentimiento (considerando 42 del RGPD). Una vez retirado el consentimiento, el comerciante ya no puede tratar lícitamente los datos personales cuyo tratamiento se basaba en dicho consentimiento.

En consecuencia, en el caso de las operaciones de tratamiento que no sean necesarias para la ejecución del contrato, el comerciante-responsable del tratamiento debe garantizar que exista otro fundamento jurídico para el tratamiento con arreglo al RGPD. En cambio, el «contrato» en el sentido de la Directiva sobre los derechos de los consumidores abarca todos los derechos y obligaciones de las partes, independientemente de la distinción en el fundamento jurídico para el tratamiento de datos personales con arreglo al RGPD.

Identificar las actividades de tratamiento en el contexto de los contratos con consumidores y el fundamento jurídico correcto con arreglo al RGPD puede ayudar al comerciante a comprender si el «contrato» que celebra con el consumidor está sujeto a la Directiva sobre los derechos de los consumidores. En la práctica, cuando el comerciante deba basarse en un consentimiento separado del consumidor u otro fundamento jurídico con arreglo al RGPD (excepto la obligación jurídica) para el tratamiento de datos personales de los consumidores, el contrato en cuyo contexto se lleve a cabo dicho tratamiento estará sujeto a los requisitos de la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

1.7.   
Contratos a los que no se aplica la Directiva

Como se ha explicado en la sección anterior, en virtud de la modificación introducida por la Directiva (UE) 2019/2161 en el artículo 3 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, la Directiva no se aplica a los contratos en los que el consumidor no pague un precio o, en el caso de los contratos relativos a contenidos digitales en línea o servicios digitales, cuando el consumidor no pague un precio ni facilite datos personales al comerciante.

Además, el artículo 3, apartado 3, enumera categorías específicas de contratos excluidos del ámbito de aplicación de la Directiva. Por ejemplo, la Directiva no se aplica a los contratos de servicios financieros, incluidos los de seguros y de inversión. Los servicios sociales y de asistencia sanitaria, las actividades de juego por dinero, el aprovechamiento por turno de bienes de uso turístico y los servicios vacacionales relacionados también se han excluido. Los servicios de transporte de pasajeros y los contratos sobre viajes combinados [(33)](#ntr33-C_2021525ES.01000101-E0033) quedan, en principio, excluidos, aunque siguen siendo aplicables disposiciones específicas.

Se ofrecerán explicaciones adicionales más adelante. Por regla general, todas las excepciones deberán interpretarse de forma estricta [(34)](#ntr34-C_2021525ES.01000101-E0034).

1.7.1.   Contratos de arrendamiento y contratos de construcción

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| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | e) | de creación, adquisición o transferencia de bienes inmuebles o de derechos sobre los mismos; |  |  |  | | --- | --- | | f) | para la construcción de edificios nuevos, la transformación sustancial de edificios existentes y el alquiler de alojamientos para su uso como vivienda. | |

La excepción contemplada en la letra e) corresponde a la categoría general de los bienes inmuebles, incluidos los terrenos, mientras que la letra f) se refiere a edificios.

Si bien el alquiler de alojamientos para su uso como vivienda está excluido del ámbito de aplicación de la Directiva, el alquiler de locales que no vayan a ser utilizados como vivienda sí está contemplado. Esto se explica también en el considerando 26: «[…] Los contratos de servicios relativos, en particular, a la construcción de anexos de edificios (por ejemplo, un garaje o una veranda) y los relativos a la reparación y renovación de edificios distintas de la transformación sustancial deben estar incluidos en el ámbito de aplicación de la presente Directiva, al igual que los contratos relativos a los servicios de un agente inmobiliario y los contratos de alquiler de locales que no vayan a ser utilizados como vivienda».

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| — | Por ejemplo, el alquiler de una plaza de garaje o de un local para celebrar fiestas es objeto de la Directiva. |

Debe hacerse una distinción entre los contratos de construcción y los contratos de servicios relacionados con la construcción. En el asunto C-208/19, NK, el Tribunal observó que la excepción prevista en el artículo 3, apartado 3, letra f), no se aplicaría a un contrato entre un arquitecto y un consumidor, en virtud del cual el primero se compromete a realizar el proyecto para la construcción de un edificio nuevo. Aunque el proyecto precede a las obras de construcción, se trata de un proceso separado y, de hecho, no hay certeza de que el edificio vaya efectivamente a construirse [(35)](#ntr35-C_2021525ES.01000101-E0035).

Además, sobre la base del artículo 2, apartados 3 y 4, y del artículo 16, párrafo primero, letra c), este tipo de contrato no puede considerarse un suministro de bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados, en el sentido de esta última disposición. Aunque los planos puedan facilitarse de forma tangible, como documentos en papel o en forma de archivos digitales, el objeto del contrato es una prestación intelectual —un proyecto arquitectónico—, y la entrega resultante solo tiene una función secundaria [(36)](#ntr36-C_2021525ES.01000101-E0036).

Siguiendo la lógica anterior, la Directiva sobre los derechos de los consumidores debe aplicarse a los contratos de servicios que puedan estar relacionados con la construcción pero constituyan un proceso separado con un resultado independiente, como los contratos celebrados con geómetras, los contratos de diseño de interiores, planificación paisajística, etc.

1.7.2.   Viajes combinados

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| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | g) | sobre viajes combinados tal y como se definen en el artículo 3, punto 2, de la Directiva (UE) 2015/2302 del Parlamento Europeo y del Consejo. |   El artículo 6, apartado 7, el artículo 8, apartados 2 y 6, y los artículos 19, 21 y 22 de la presente Directiva se aplicarán, mutatis mutandis, a los viajes combinados tal y como se definen en el artículo 3, punto 2, de la Directiva (UE) 2015/2302 en relación con los viajeros en el sentido del artículo 3, punto 6, de dicha Directiva; |

Determinadas disposiciones de la Directiva se aplican a los contratos de viaje combinado, tal como se definen en la Directiva (UE) 2015/2302 del Parlamento Europeo y del Consejo [(37)](#ntr37-C_2021525ES.01000101-E0037), relativa a los viajes combinados, a saber, la opción reglamentaria de los Estados miembros de establecer requisitos de carácter lingüístico en relación con la información contractual (artículo 6, apartado 7); la información que los comerciantes deben facilitar directamente a los consumidores antes de celebrar un contrato por medios electrónicos, también sobre la obligación de pago del consumidor (artículo 8, apartado 2); la opción reglamentaria de los Estados miembros en relación con la confirmación de la oferta en el caso de los contratos a distancia celebrados por teléfono (artículo 8, apartado 6); la prohibición de tasas por la utilización de medios de pago (artículo 19); la prohibición de utilizar números de teléfono facturados a una tarifa superior a la tarifa básica (artículo 21), y el requisito de buscar el consentimiento expreso del consumidor para todo pago adicional (artículo 22).

Procede señalar que la Directiva relativa a los viajes combinados también regula los denominados «servicios de viaje vinculados» [(38)](#ntr38-C_2021525ES.01000101-E0038), que comprenden al menos tipos diferentes de servicios de viaje contratados para el mismo viaje o vacación, pero que no constituyen un viaje combinado (en el sentido de dicha Directiva) y resultan de la celebración de contratos distintos con cada uno de los prestadores de servicios de viaje. La Directiva sobre los derechos de los consumidores establece los requisitos de información precontractual y se aplica a los contratos de servicios individuales que incluyen un servicio de viaje vinculado, dentro de las limitaciones previstas en su artículo 3, apartado 3, y artículo 16, primer párrafo, letra l). Por ejemplo, en el caso de los contratos de servicios de transporte de pasajeros solo se aplicarán los requisitos del artículo 8, apartado 2, y de los artículos 19, 21 y 22 (véase la sección 1.7.5 de más abajo para obtener más información).

1.7.3.   Contratos establecidos por un funcionario público

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | i) | que, con arreglo a la legislación de los Estados miembros, sean celebrados ante un funcionario público obligado por ley a ser independiente e imparcial y a garantizar, mediante el suministro de una información jurídica comprensible, que el consumidor celebra el contrato únicamente previa reflexión suficiente y con pleno conocimiento de su alcance jurídico; | |

La Directiva no identifica a los funcionarios públicos a los que se refiere esta disposición. No obstante, establece los criterios que han de cumplir para que el contrato no recaiga en el ámbito de aplicación de la Directiva. Esta excepción solo se aplica a los contratos establecidos por un funcionario público (como un notario público) que esté sujeto, con arreglo a la legislación nacional, a todas las condiciones recogidas en el artículo 3, apartado 3, letra i):

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, la excepción no se aplicaría a un contrato para el cual un funcionario público, obligado por ley a ser independiente e imparcial, simplemente haya certificado la identidad de las partes. |

Para que esta excepción se pueda aplicar, no parece necesario que la legislación nacional exija que el contrato en cuestión se celebre mediante los servicios de un funcionario público. La excepción también debe aplicarse si una o las dos partes del contrato exigen voluntariamente que un funcionario público celebre el contrato [(39)](#ntr39-C_2021525ES.01000101-E0039).

1.7.4.   Contratos para bienes de consumo corriente

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | j) | para el suministro de productos alimenticios, bebidas u otros bienes de consumo corriente en el hogar, suministrados físicamente por un comerciante mediante entregas frecuentes y regulares en el hogar o lugar de residencia o de trabajo del consumidor; | |

Esta excepción exige el cumplimiento de las dos condiciones siguientes:

|  |  |
| --- | --- |
| a) | que el comerciante realice «entregas frecuentes y regulares» y |

|  |  |
| --- | --- |
| b) | que se trate de bienes para «consumo corriente en el hogar». |

La referencia explícita a la entrega en el «lugar de trabajo» del consumidor que se recoge en esta disposición sugiere que no es necesario que el consumo real de los bienes se produzca en el hogar.

1.7.5.   Transporte de pasajeros

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| --- | --- | --- |
| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | k) | de servicios de transporte de pasajeros, a excepción del artículo 8, apartado 2, y de los artículos 19, 21 y 22; | |

La Directiva (UE) 2019/2161 modificó esta excepción e hizo que el artículo 21 sobre el requisito de «tarifa básica» para las comunicaciones telefónicas postcontractuales se aplicara también al transporte de pasajeros (véase la sección 9 para obtener más información).

En el asunto C-583/18, DB Vertrieb, el Tribunal dictaminó que esta excepción no se aplica a la venta de tarjetas de descuento de transporte, que, por lo tanto, se halla comprendida en el ámbito de aplicación de la Directiva.

El Tribunal calificó esto último como un tipo de «contrato de servicios» con un objeto especial que, en sí mismo, no se refiere directamente al hecho de facilitar el transporte de pasajeros. Por el contrario, el contrato que tiene por objeto que el consumidor obtenga un descuento en el precio al celebrar posteriormente contratos de transporte de pasajeros y un contrato de adquisición de un título de transporte de pasajeros constituyen dos contratos jurídicamente distintos uno del otro, de modo que el primero no puede considerarse un contrato indisolublemente vinculado al segundo. La adquisición de una tarjeta que permite a su titular obtener descuentos en el precio al comprar títulos de transporte no implica necesariamente la celebración posterior de un contrato que tenga por objeto el transporte de pasajeros como tal [(40)](#ntr40-C_2021525ES.01000101-E0040).

1.7.6.   Ventas automatizadas

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| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | l) | celebrados mediante distribuidores automáticos o instalaciones comerciales automatizadas; | |

Esta excepción se aplica a los contratos celebrados con la presencia física del consumidor y en el lugar en el que el bien o servicio se vende o presta por medios automatizados, como distribuidores automáticos, estaciones de servicio o plazas de estacionamiento automatizadas.

1.7.7.   Determinados contratos relacionados con las comunicaciones electrónicas

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| --- | --- | --- |
| Artículo 3  3.   La presente Directiva no se aplicará a los contratos:   |  |  | | --- | --- | | m) | celebrados con operadores de telecomunicaciones a través de teléfonos públicos para la utilización de esos teléfonos, o celebrados para el establecimiento de una única conexión de teléfono, Internet o fax por parte de un consumidor. | |

Con arreglo a esta disposición se excluyen dos tipos de contratos del ámbito de aplicación de la Directiva.

El primer tipo mencionado en la Directiva sobre los derechos de los consumidores son los contratos celebrados con proveedores de servicios de comunicaciones electrónicas a través de teléfonos públicos de pago para su utilización. El término «teléfono público de pago» se refiere a un teléfono accesible al público en general y para cuya utilización pueden emplearse como medios de pago monedas, tarjetas de crédito/débito o tarjetas de prepago, incluidas las tarjetas que utilizan códigos de marcación [(41)](#ntr41-C_2021525ES.01000101-E0041).

|  |  |
| --- | --- |
| — | Dado que esta excepción se aplica a los contratos celebrados «a través de» teléfonos públicos de pago, debe abarcar los casos en los que el contrato se celebre, por ejemplo, insertando monedas o pasando una tarjeta de crédito por el teléfono público de pago, con el fin de realizar una llamada vocal o de acceder a una guía telefónica u otro servicio de referencia ofrecido por el mismo operador. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | La excepción no deberá aplicarse a los contratos celebrados con operadores de teléfonos públicos de pago a través de, por ejemplo, la previa adquisición de una tarjeta de teléfono de prepago. |

El ámbito de aplicación de la segunda parte del artículo 3, apartado 3, letra m), relativa a los contratos celebrados para el establecimiento de una única conexión por parte del consumidor es más amplio. A diferencia de los contratos para la utilización de teléfonos públicos de pago, para este tipo de contrato no se especifica ninguna parte, lo que sugiere que no solo están cubiertos los contratos con proveedores de servicios de comunicaciones electrónicas. Por otra parte, tampoco se especifica nada en relación con la finalidad o el contenido de este tipo de contratos.

Por lo tanto, esta excepción cubrirá, por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Un contrato para el uso de un punto de acceso inalámbrico (WAP) para una única sesión en Internet. |

Sin embargo, la excepción no deberá aplicarse a contratos de servicios de comunicaciones electrónicas [(42)](#ntr42-C_2021525ES.01000101-E0042) que cubran un determinado período o volumen de utilización, por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Contratos celebrados mediante la previa adquisición de una tarjeta telefónica de prepago para servicios móviles o de un código de acceso para servicios de acceso a wifi a largo plazo o de usos múltiples. |

Esta excepción se aplica también a contratos celebrados con los proveedores de servicios de tarifa superior, es decir, servicios abonados a través de la factura de teléfono del consumidor [(43)](#ntr43-C_2021525ES.01000101-E0043) en casos en que el contrato se celebre y se ejecute en su totalidad simultáneamente a través de una única llamada realizada o de un SMS enviado por el consumidor al número del servicio de tarifa superior, por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Una llamada realizada a un servicio de información general sobre números de abonados o una votación por teléfono en un programa. |

Por el contrario, la Directiva sobre los derechos de los consumidores se aplica a contratos en los que la llamada vocal o SMS dirigidos a un número de un servicio de tarifa superior constituyen un medio para celebrar y pagar un contrato, que se ejecuta posteriormente:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, los contratos celebrados a través de un SMS enviado a un proveedor de servicios de estacionamiento. |

En estos casos, el comerciante debe informar al consumidor sobre el coste de la llamada vocal o del SMS dirigidos al número de servicio de tarifa superior, ya que este coste constituirá el «precio» del contrato de que se trate, en el sentido del artículo 6, apartado 1, letra e). Además, el artículo 6, apartado 1, letra f), de la Directiva exige informar sobre el coste de la utilización de la técnica de comunicación a distancia para la celebración del contrato, en caso de que se calcule sobre una base diferente de la «tarifa básica». La interpretación del concepto de «tarifa básica» se analiza con más detalle en la sección 8.

El hecho de que la Directiva no se aplique a determinados contratos relativos a servicios de tarifa superior con arreglo al artículo 3, apartado 3, letra m), no significa que no estén sujetos a las normas de protección de los consumidores. El marco normativo de la UE para las comunicaciones electrónicas, en concreto el Código Europeo de las Comunicaciones Electrónicas [Directiva (UE) 2018/1972 del Parlamento Europeo y del Consejo [(44)](#ntr44-C_2021525ES.01000101-E0044)], permite a los Estados miembros y a las autoridades nacionales competentes en materia de reglamentación adoptar medidas específicas para proteger a los consumidores en relación con los servicios de tarifa superior. Por consiguiente, una serie de Estados miembros han aplicado salvaguardas adicionales en este ámbito, entre otras cosas, el establecimiento de límites de consumo, la obligación de indicar el precio al principio de la llamada, etc.

1.8.   
Posible exención para los contratos de bajo valor celebrados fuera del establecimiento

De conformidad con el artículo 3, apartado 4, los Estados miembros podrán optar por no aplicar la Directiva a los contratos celebrados fuera del establecimiento para los que el pago que deba efectuar el consumidor no supere los 50 EUR. Los Estados miembros podrán definir un valor inferior en su legislación nacional. Si un Estado miembro decide recurrir a esta opción reglamentaria, existe el riesgo de que la Directiva sea eludida por los comerciantes que decidan dividir de forma artificial un único contrato que supere el umbral fijado en varios contratos. Tal y como se explica en el considerando 28: «[...] Cuando se celebren simultáneamente con el consumidor varios contratos con objetos similares, el coste total de los mismos debe tenerse en cuenta para la aplicación del umbral monetario». Este principio se aplicaría a los casos siguientes:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, la venta de cada uno de los libros de una trilogía en tres contratos independientes o la venta de un par de pendientes en dos contratos separados al mismo tiempo. |

|  |  |
| --- | --- |
|  | En el caso de los contratos a largo plazo (suscripciones), el importe pertinente para la aplicación de esta excepción es el importe total que el consumidor se comprometa a pagar al celebrar el contrato, esto es, el importe total de las cuotas o gastos mensuales durante el período contractual acordado, incluidos los períodos «gratuitos». |

1.9.   
Normas de las subastas públicas

La Directiva se aplica a subastas, sujetas a normas específicas en relación con la «subasta pública», que se define con arreglo al artículo 2, apartado 13, como «el método de venta en el que el comerciante ofrece bienes o servicios a los consumidores que asisten o pueden asistir a la subasta en persona, mediante un procedimiento transparente y competitivo de licitación dirigido por un subastador y en el que el adjudicatario está obligado a comprar los bienes o servicios».

En cuanto a las subastas públicas, el artículo 6, apartado 3, recoge la posibilidad de que la identidad, los datos de contacto y la dirección geográfica del establecimiento y sede del comerciante que vende los bienes o servicios sean sustituidos por los del subastador. Además, los contratos celebrados mediante subastas públicas no incluirán el derecho de desistimiento, con arreglo a la excepción contemplada en el artículo 16, párrafo primero, letra k).

Las subastas públicas deben contemplar la posibilidad de que los consumidores asistan en persona, aun cuando sea posible hacer ofertas en línea o por teléfono. Sin embargo, las subastas en línea en las que no exista la posibilidad de asistir en persona no deben considerarse subastas públicas.

El considerando 24 especifica lo siguiente: «[...] El uso para las subastas de plataformas en línea a las que pueden acceder consumidores y comerciantes no debe considerarse subasta pública a efectos de la presente Directiva». De este modo, las subastas en línea deben estar sujetas en su totalidad a la Directiva en relación con, por ejemplo, la información precontractual que se ha de facilitar antes de que el consumidor quede obligado por el contrato (la oferta) y el derecho de desistimiento.

|  |  |
| --- | --- |
| — | Un ejemplo de los límites de la excepción anteriormente mencionada es una plataforma en línea que ofrece a los consumidores diversos artículos, como piezas de vehículos, máquinas pequeñas, herramientas, electrónica y mobiliario. Aunque las operaciones pueden realizarse en forma de una subasta en la que el precio de venta de los bienes se determina sobre la base de ofertas presentadas a partir de un precio de partida, esto no se consideraría una «subasta pública». Así pues, los consumidores conservarían el derecho a desistir de una oferta una vez presentada en las condiciones establecidas por la Directiva de los derechos de los consumidores. |

2.   Contratos celebrados fuera del establecimiento

2.1.   
Contratos celebrados fuera del establecimiento mercantil del comerciante

Los contratos celebrados fuera del establecimiento se definen en el artículo 2, apartado 8, según se indica:

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 2  8)   «contrato celebrado fuera del establecimiento»: todo contrato entre un comerciante y un consumidor:   |  |  | | --- | --- | | a) | celebrado con la presencia física simultánea del comerciante y del consumidor, en un lugar distinto del establecimiento mercantil del comerciante; |  |  |  | | --- | --- | | b) | en el que el consumidor ha realizado una oferta en las mismas circunstancias que las que se contemplan en la letra a); […] | |

El establecimiento mercantil se define en el artículo 2, apartado 9, de la siguiente manera:

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 2  9)   «establecimiento mercantil»:   |  |  | | --- | --- | | a) | toda instalación inmueble de venta al por menor en la que el comerciante ejerce su actividad de forma permanente, o |  |  |  | | --- | --- | | b) | toda instalación móvil de venta al por menor en la que el comerciante ejerce su actividad de forma habitual; | |

En el considerando 22 se exponen varios ejemplos de lo que debe considerarse como «establecimiento mercantil». Por un lado, el concepto abarcaría «tiendas, puestos o camiones, así como los puestos de mercados y stands de ferias, cuando sirvan al comerciante como local de negocios permanente o habitual».

Del mismo modo, la instalación de venta al por menor en la que el comerciante ejerce su actividad de forma estacional, por ejemplo, durante la temporada turística en una estación de esquí o en una zona de playa, debe considerarse como un establecimiento mercantil, puesto que el comerciante ejerce allí su actividad de forma habitual.

Por otro lado, los espacios accesibles al público, como calles, centros comerciales, playas, instalaciones deportivas y transportes públicos, que el comerciante utilice de forma excepcional para su actividad empresarial no son establecimientos mercantiles. Los domicilios particulares o los lugares de trabajo (de los consumidores) tampoco deben considerarse establecimientos mercantiles.

Los contratos celebrados durante la visita del comerciante al domicilio o lugar de trabajo del consumidor son contratos celebrados fuera del establecimiento independientemente de si la visita ha sido solicitada por el consumidor o no. Este tipo de contrato celebrado fuera del establecimiento puede ir precedido de pasos preparatorios:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, una visita del representante del comerciante (técnico) a la residencia del consumidor para vender e instalar al mismo tiempo un equipo o dispositivo será un contrato de servicios celebrado fuera del establecimiento, independientemente de que el consumidor haya solicitado (reservado) previamente dicha visita tras una visita personal a la tienda del comerciante. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En cambio, si el contrato se celebró efectivamente durante la visita del cliente a la tienda o a través de medios de comunicación a distancia, la posterior visita del técnico para instalar el equipo necesario en la residencia del consumidor no cambiaría la calificación del contrato como contrato celebrado fuera del establecimiento. |

En el asunto C-485/17, Verbraucherzentrale Berlin [(45)](#ntr45-C_2021525ES.01000101-E0045), el Tribunal confirmó que debe entenderse que la expresión «de forma habitual», en el sentido del artículo 2, apartado 9, letra b), se remite al «carácter normal» que reviste, en la instalación de que se trate, el ejercicio de la actividad en cuestión. La aplicación de este concepto requiere una evaluación caso por caso, teniendo en cuenta, en particular, el tipo de bienes o servicios vendidos y la práctica comercial del comerciante concreto.

Más concretamente, el Tribunal abordó la situación de un stand explotado por un comerciante en una feria comercial, en el que ejerce su actividad durante unos días al año. Resolvió que este stand
constituye un «establecimiento mercantil» siempre que, habida cuenta de todas las circunstancias de hecho que rodean a esa actividad y, en particular, de la apariencia del stand y de la información proporcionada en los propios locales de la feria, un consumidor normalmente informado y razonablemente atento y perspicaz pueda contar razonablemente con que el comerciante ejerce sus actividades en ese stand y con que el comerciante le proponga celebrar un contrato [(46)](#ntr46-C_2021525ES.01000101-E0046).

Además, el Tribunal reconoció que seguían siendo pertinentes sus conclusiones anteriores en el asunto C-423/97, Travel-Vac, S.L., sobre la interpretación de la antigua Directiva 85/577/CEE del Consejo. En esa sentencia, el Tribunal declaró expresamente lo siguiente:

«Por lo que se refiere a la cuestión de si el contrato se celebró fuera de los establecimientos comerciales del comerciante, debe señalarse que este concepto se refiere a los establecimientos en los que el comerciante ejerce habitualmente sus actividades y que están identificados claramente como locales de venta al público» [(47)](#ntr47-C_2021525ES.01000101-E0047).

Por consiguiente, si el comerciante utiliza locales para vender bienes y servicios que no son «utilizados habitualmente» para tal fin y que no están claramente identificados como establecimientos de venta al público, es probable que los contratos celebrados con los consumidores sean contratos celebrados fuera del establecimiento.

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, es probable que la venta de bienes durante eventos (convenciones, seminarios, fiestas, etc.) organizados en restaurantes, cafeterías u hoteles alquilados para celebrar el evento en cuestión constituya un contrato celebrado fuera del establecimiento. |

La clasificación de un contrato como contrato celebrado fuera del establecimiento depende de las circunstancias de su celebración. Un comerciante deberá conocer la naturaleza de su actividad y actuar de conformidad con las normas relativas bien a contratos celebrados fuera del establecimiento, bien a contratos celebrados en un establecimiento. Cualquier litigio debido a la cuestión de si el derecho de desistimiento era aplicable porque el contrato debía haberse considerado fuera del establecimiento tendrá que ser analizado caso por caso.

2.2.   
Contratos celebrados después de que haya existido contacto con el consumidor fuera del establecimiento mercantil

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 2  8)   «contrato celebrado fuera del establecimiento»: todo contrato entre un comerciante y un consumidor: […]   |  |  | | --- | --- | | c) | celebrado en el establecimiento mercantil del comerciante o mediante el uso de cualquier medio de comunicación a distancia inmediatamente después de que haya existido contacto personal e individual con el consumidor en un lugar que no sea el establecimiento mercantil del comerciante, con la presencia física simultánea del comerciante y el consumidor, o […] | |

La letra c) del artículo 2, apartado 8, ofrece otro ejemplo de contratos celebrados fuera del establecimiento. Los términos «contacto personal e individual con el consumidor» en esta disposición deben aplicarse a ofertas y a comunicaciones comerciales similares (independientemente de su clasificación jurídica) que se formalicen inmediatamente después mediante un contrato celebrado en el establecimiento mercantil del comerciante o mediante otros medios de comunicación a distancia.

Para que se aplique esta disposición, el comerciante deberá haber dirigido su oferta a un consumidor concreto, por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | El representante del comerciante establece contacto con el consumidor concreto en la calle con una oferta de suscripción a una revista mensual y el contrato se firma de forma inmediata en el establecimiento mercantil del comerciante, que está próximo. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Sin embargo, la mera distribución de folletos publicitarios en la calle próxima al establecimiento del comerciante sin dirigirse individualmente a los consumidores no se consideraría un contacto «personal e individual» con el consumidor a los efectos de esta disposición. |

Además, para que se aplique esta disposición, el contrato debe celebrarse de forma inmediata. El contrato no se celebraría de forma inmediata si el consumidor abandonase el establecimiento del comerciante después de haber sido invitado a entrar, y volviese a entrar en un momento posterior por propia iniciativa, por ejemplo, al día siguiente, después de haber considerado la oferta.

En el asunto C-465/19, B & L Elektrogeräte GmbH, el Tribunal resolvió que el pasillo común compartido por los distintos stands presentes en el pabellón ferial en el que se encontraba el stand del comerciante (que en sí mismo sí reconoció como «establecimiento mercantil»), no puede considerarse un «establecimiento mercantil», puesto que dicho pasillo permitía acceder a todos los stands de los comerciantes presentes en el referido pabellón. Por lo tanto, cuando un comerciante se dirige a un cliente en este tipo de espacio común de la feria, como consecuencia de lo cual se celebra un contrato en un stand organizado por el comerciante inmediatamente después, se trata de un «contrato celebrado fuera del establecimiento» en el sentido del artículo 2, punto 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores [(48)](#ntr48-C_2021525ES.01000101-E0048).

2.3.   
Contratos celebrados durante una excursión organizada por el comerciante

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 2  8)   «contrato celebrado fuera del establecimiento»: todo contrato entre un comerciante y un consumidor: […]   |  |  | | --- | --- | | d) | celebrado durante una excursión organizada por el comerciante con el fin de promocionar y vender productos o servicios al consumidor; | |

La letra d) del artículo 2, apartado 8, de la Directiva define los contratos celebrados fuera del establecimiento como contratos celebrados durante una excursión organizada por el comerciante independientemente de si estos contratos se celebran fuera del establecimiento mercantil del comerciante o en este.

Por otra parte, la Directiva especifica que cubre las excursiones tanto con el «fin» como con el «efecto» de promocionar y vender productos al consumidor, es decir, no deberá importar si el consumidor es informado de antemano sobre la pretendida venta de productos durante la excursión.

El concepto de «excursión» abarca viajes turísticos u otro tipo de actividades relacionadas con el ocio, así como viajes a lugares como restaurantes, cafeterías u hoteles en los que se organice un acto de venta fuera del establecimiento. Al aplicar este concepto, no debe importar si el comerciante que vende los productos durante una excursión es la persona que organiza el transporte o si lo ha encargado a una empresa de transporte:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, si un comerciante ha encargado el viaje al organizador de la excursión para asegurarse de que, durante la excursión, los turistas también visitan su tienda, los contratos celebrados en la tienda probablemente sean contratos celebrados fuera del establecimiento, a pesar de que la tienda en cuestión sea el establecimiento mercantil del comerciante. |

|  |  |
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| — | Sin embargo, un servicio de lanzadera organizado por un centro comercial con el único propósito de llevar a posibles clientes al centro comercial es meramente un complemento al objetivo principal de la actividad (es decir, vender los bienes y los servicios) y no debe considerarse una «excursión» a los efectos del artículo 2, apartado 8. |

3.   Información a los consumidores

3.1.   
Requisitos generales

3.1.1.   Introducción

Los requisitos de la información precontractual se establecen en los artículos 5 a 8 de la Directiva. Se definen, por un lado, para los contratos celebrados en un establecimiento en el artículo 5, apartado 1, y por otro, para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia en el artículo 6, apartado 1. Los requisitos de los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia son más amplios y se basan en los de los contratos celebrados en un establecimiento. Los requisitos de información específicos adicionales para contratos celebrados en mercados en línea se establecen en el artículo 6 bis, que la Directiva (UE) 2019/2161 añadió a la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

Los requisitos de información relativos al derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letras h) a k) también se analizan aparte en la sección 5.

3.1.2.   Claridad de la información y vínculo con la Directiva sobre las prácticas comerciales desleales

El artículo 7 de la DPCD prohíbe las omisiones engañosas, es decir, las prácticas comerciales que omiten o proporcionan de manera poco clara, ininteligible, ambigua o en un momento que no sea el adecuado «información sustancial que necesite el consumidor medio [...] para tomar una decisión sobre una transacción con el debido conocimiento de causa» cuando dicha práctica haga que el consumidor medio tome una decisión sobre una transacción que de otro modo no hubiera tomado. El artículo 7, apartado 4, establece requisitos de información para la «invitación a comprar», que es una comunicación comercial que incluye información sobre las características y el precio del producto, por lo que abarca también la fase precontractual de la transacción.

La Directiva sobre los derechos de los consumidores regula la fase precontractual con más detalle que la DPCD. Los artículos 5 y 6 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores cubren todos los requisitos de información establecidos en el artículo 7, apartado 4, de la DPCD [(49)](#ntr49-C_2021525ES.01000101-E0049). Por lo tanto, al facilitar información precontractual de conformidad con la Directiva sobre los derechos de los consumidores, un comerciante también cumplirá los requisitos de información específicos de la invitación a comprar con arreglo al artículo 7, apartado 4, de la DPCD. Esto se entiende sin perjuicio de la aplicación de otros requisitos de transparencia y equidad en el marco de la DPCD.

Tanto el artículo 5, apartado 1, como el artículo 6, apartado 1, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores requieren que la información se facilite «de forma clara y comprensible». El considerando 34 especifica que, al facilitar la información precontractual, «[...] el comerciante debe tener en cuenta las necesidades especiales de los consumidores que sean particularmente vulnerables debido a su enfermedad mental, física o psicológica, edad o credulidad de una forma que el comerciante pueda razonablemente prever. No obstante, la toma en consideración de estas necesidades específicas no debe conducir a niveles diferentes de protección de los consumidores».

Además, con arreglo a las normas generales del artículo 7, apartado 2, de la DPCD, los comerciantes deben garantizar que la información sea inteligible y oportuna, es decir, el método y el momento en que se facilite la información precontractual pertinente deben permitir al consumidor medio tomar una decisión sobre una transacción con conocimiento de causa.

En el caso de los contratos celebrados fuera del establecimiento, con arreglo al artículo 7, apartado 1, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, la información precontractual también «deberá ser legible y estar redactada en términos claros y comprensibles»; mientras que en el caso de los contratos a distancia, el artículo 8, apartado 1, de esta Directiva exige que la información se ponga a disposición del consumidor «de forma acorde con las técnicas de comunicación a distancia utilizadas, en términos claros y comprensibles. Siempre que dicha información se facilite en un soporte duradero deberá ser legible».

No basta con facilitar la información precontractual obligatoria únicamente como parte de las condiciones generales que el consumidor puede tener que aceptar para avanzar en el proceso de transacción [(50)](#ntr50-C_2021525ES.01000101-E0050). El requisito de facilitar información «de forma clara y comprensible» significa que deben ponerse en conocimiento del consumidor los elementos individuales de la información obligatoria.

En el contexto en línea, los comerciantes deben hacer que la información obligatoria sea fácilmente accesible y bien visible para los consumidores. Debido a su volumen, podría no ser posible facilitar la información obligatoria al consumidor de manera «clara y comprensible» en una sola página. Deben evitarse las páginas excesivamente largas, en las que los consumidores tengan que desplazarse muy hacia abajo para leer todo el contenido.

En lugar de eso, los distintos elementos de la información precontractual deben facilitarse en el momento en que sean más pertinentes durante el proceso de celebración del contrato, a medida que el consumidor vaya pasando de una página a otra de la interfaz en línea. Cuando sea necesario, la información sobre temas concretos deberá estratificarse, con un indicador destacado en la página principal que conduzca a la página enlazada en la que se ofrezcan todos los detalles sobre el asunto en cuestión [(51)](#ntr51-C_2021525ES.01000101-E0051).

Los requisitos de información adicionales para los contratos a distancia celebrados por medios electrónicos se establecen en el artículo 8, apartado 2, de la Directiva, como se explica en la sección 4.2.4.

3.1.3.   Información que «resulta evidente por el contexto»

Para los contratos celebrados en un establecimiento, el artículo 5 permite a los comerciantes no facilitar la información «que resulte evidente por el contexto».

El concepto de información «que resulte evidente por el contexto» también se utiliza en el artículo 7, apartado 2, de la DPCD [(52)](#ntr52-C_2021525ES.01000101-E0052). Por ejemplo, la dirección geográfica y la identidad del comerciante podrían considerarse «obvias o evidentes por el contexto», ya que los consumidores normalmente conocen la dirección de la tienda o del restaurante en los que se encuentran.

3.1.4.   Requisitos de información en otros actos legislativos de la UE

La Directiva tiene un carácter transversal. Complementa las normas de protección de los consumidores que regulan sectores y productos específicos, en particular por lo que respecta a los requisitos de información.

De conformidad con su artículo 3,apartado 2 [(53)](#ntr53-C_2021525ES.01000101-E0053), la Directiva sobre los derechos de los consumidores no afecta a la aplicación de los requisitos de información en virtud de otros actos legislativos de la UE que regulen sectores específicos. Esto incluye el Reglamento (UE) 2016/679 General de Protección de Datos y la Directiva 2002/58/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(54)](#ntr54-C_2021525ES.01000101-E0054)sobre la privacidad y las comunicaciones electrónicas, que son especialmente pertinentes para las ventas en línea en cuestiones como la información sobre el tratamiento de datos y el consentimiento de los interesados para el tratamiento de sus datos personales, cuando sea necesario.

Además, se establecen requisitos de información adicionales para los servicios de comunicaciones electrónicas en el Código Europeo de las Comunicaciones Electrónicas [«CECE», Directiva (UE) 2018/1972] y en el Reglamento de Ejecución (UE) 2019/2243 [(55)](#ntr55-C_2021525ES.01000101-E0055) de la Comisión relativo a un modelo de resumen del contrato.

El artículo 102, apartado 1, del CECE precisa la información, con referencia a los artículos 5 y 6 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y al anexo VIII del CECE, que los proveedores de servicios de comunicaciones electrónicas disponibles al público deben facilitar antes de que un consumidor quede vinculado por un contrato o cualquier oferta correspondiente. Los proveedores de comunicaciones electrónicas disponibles al público también están obligados a facilitar a los consumidores un resumen del contrato conciso y de fácil lectura [artículo 102, apartado 3, del CECE y Reglamento de Ejecución (UE) 2019/2243]. Sin embargo, la mera presentación del resumen del contrato no cumple plenamente todas las obligaciones de información precontractual previstas en el artículo 102, apartado 1, y en el anexo VIII del CECE.

Asimismo, se establecen requisitos de información adicionales en la Directiva 2010/13/UE del Parlamento Europeo y del Consejo [(56)](#ntr56-C_2021525ES.01000101-E0056) de servicios de comunicación audiovisual, la Directiva 2009/72/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(57)](#ntr57-C_2021525ES.01000101-E0057) sobre normas comunes para el mercado interior de la electricidad, la Directiva 2009/73/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(58)](#ntr58-C_2021525ES.01000101-E0058) sobre normas comunes para el mercado interior del gas natural, etc. [(59)](#ntr59-C_2021525ES.01000101-E0059).

El artículo 6, apartado 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores aborda específicamente la relación entre los requisitos de información establecidos en esta Directiva y los que figuran en la Directiva 2006/123/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(60)](#ntr60-C_2021525ES.01000101-E0060)
de servicios y en la Directiva 2000/31/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(61)](#ntr61-C_2021525ES.01000101-E0061)
sobre el comercio electrónico. En primer lugar, especifica que los requisitos de información de estos tres instrumentos son complementarios. En segundo lugar, aclara que si una disposición de estas dos Directivas en relación con el «contenido o el modo en que debe proporcionarse la información» entrara en conflicto con alguna disposición de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, prevalecerá esta última [(62)](#ntr62-C_2021525ES.01000101-E0062).

3.1.5.   Imposición de requisitos de información adicionales

El artículo 4 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores dispone: «Los Estados miembros no mantendrán o introducirán, en su legislación nacional, disposiciones contrarias a las fijadas en la presente Directiva, en particular disposiciones más o menos estrictas para garantizar un diferente nivel de protección de los consumidores, salvo disposición en contrario de la presente Directiva».

Una de las excepciones de este enfoque de armonización plena es el artículo 5, apartado 4, que permite a los Estados miembros adoptar o mantener requisitos relativos a la información precontractual adicionales para los contratos celebrados en un establecimiento.

Si bien los requisitos de información para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia son, en principio, exhaustivos, al mismo tiempo, de conformidad con el artículo 6, apartado 8, y el considerando 12 de la Directiva, los Estados miembros pueden imponer requisitos adicionales de información de conformidad con la Directiva 2006/123/CE de servicios y la Directiva 2000/31/CE sobre el comercio electrónico.

La disposición pertinente de la Directiva sobre el comercio electrónico a este respecto es el artículo 5, que obliga a los Estados miembros a velar por que el prestador de servicios permita a los destinatarios del servicio y a las autoridades competentes acceder con facilidad y de forma directa y permanente como mínimo a la información estipulada en dicho artículo. El artículo 10 de la Directiva sobre el comercio electrónico establece requisitos de información adicionales en relación con el procedimiento de celebración del contrato.

Por lo que se refiere a la Directiva de servicios, su artículo 22, apartados 1 a 4, establece requisitos específicos sobre la información que los prestadores deben poner a disposición de los destinatarios de los servicios, así como la obligación de comunicar de forma clara e inequívoca y con la debida antelación dicha información. Asimismo, el artículo 22, apartado 5, establece que no impide que «los Estados miembros prevean requisitos de información suplementarios aplicables a los prestadores que tengan su establecimiento en el territorio nacional».

Imponer requisitos de información adicionales de conformidad con el artículo 6, apartado 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores es una de las opciones reglamentarias sobre las que los Estados miembros deben informar a la Comisión, con arreglo al artículo 29. La Comisión publica esta información en línea [(63)](#ntr63-C_2021525ES.01000101-E0063).

3.1.6.   Exención de las transacciones cotidianas

El artículo 5, apartado 3, permite a los Estados miembros no aplicar los requisitos relativos a la información precontractual que figuran en el artículo 5, apartado 1, a los contratos celebrados en un establecimiento «que conlleven transacciones cotidianas y que sean ejecutados inmediatamente en el momento de su celebración».

Por su naturaleza, probablemente estas transacciones se refieran a artículos de bajo valor. Un claro ejemplo sería la compra de alimentos y bebidas para el consumo inmediato (por ejemplo, aperitivos, comidas para llevar, etc.).

El artículo 5, apartado 3, también puede aplicarse a determinados servicios y no solo a bienes. En este sentido, el segundo criterio mencionado en el artículo 5, apartado 3, es decir, el requisito de que el contrato se ejecute de inmediato en el momento de su celebración, reviste especial importancia.

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| — | Cabe mencionar los siguientes ejemplos de posibles servicios cotidianos: servicios de limpieza de zapatos prestados en la calle y servicios de cine en el lugar donde se compran las entradas (es decir, donde se celebra el contrato) inmediatamente antes de ver la película. |

3.1.7.   La naturaleza vinculante de la información precontractual

El artículo 6, apartado 5, establece lo siguiente en relación con el carácter vinculante de la información precontractual que debe facilitarse con arreglo al artículo 6, apartado 1: «5. La información a que se refiere el apartado 1 formará parte integrante del contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento y no se alterará a menos que las partes dispongan expresamente lo contrario».

En consecuencia, la información facilitada en el sitio web del comerciante debe ser vinculante para las partes y, si el comerciante desea modificar alguno de sus elementos, debe obtener el consentimiento expreso del consumidor:

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| — | Por ejemplo, las partes podrían acordar expresamente, mediante el intercambio de correos electrónicos, un momento de entrega de los bienes distinto del especificado en el sitio web del comerciante. |

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| — | Sin embargo, una disposición de las condiciones generales según la cual el comerciante pueda establecer excepciones a la información facilitada en el sitio web no cumpliría el requisito de consentimiento expreso de las partes. |

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|  | El artículo 6, apartado 5, no se aplicará a las modificaciones de las condiciones del contrato tras su celebración. Cuando tales cambios se basen en las condiciones del contrato, será pertinente la Directiva sobre cláusulas abusivas [(64)](#ntr64-C_2021525ES.01000101-E0064). |

3.1.8.   Requisitos lingüísticos adicionales

Con arreglo al artículo 6, apartado 7, los Estados miembros pueden introducir requisitos de carácter lingüístico en relación con la información contractual relativa a contratos fuera del establecimiento y contratos a distancia [(65)](#ntr65-C_2021525ES.01000101-E0065).

Si se ha ejercido esta opción reglamentaria, los requisitos pertinentes, por ejemplo, facilitar la información en el idioma oficial del Estado miembro correspondiente, se aplicarían a los comerciantes transfronterizos, sujetos a las disposiciones del Reglamento (CE) n.o 593/2008 del Parlamento Europeo y del Consejo [(66)](#ntr66-C_2021525ES.01000101-E0066) sobre la ley aplicable a las obligaciones contractuales (Reglamento Roma I). Su artículo 6 dispone que, si el comerciante realiza sus actividades en el país de residencia habitual del consumidor o si dirige estas actividades a ese país o a varios países, incluido ese país, el contrato se regirá por la ley del país en que el consumidor tenga su residencia habitual.

Si las partes han elegido una ley diferente, dicha elección no podrá acarrear, para el consumidor, la pérdida de la protección que le proporcionen las disposiciones imperativas de su país de residencia. Por lo tanto, también en esta situación, si el comerciante dirige su actividad a consumidores de un Estado miembro que ha impuesto requisitos lingüísticos con arreglo al artículo 6, apartado 7, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, el comerciante debe facilitar a los consumidores la información contractual en el idioma exigido por dicho Estado miembro, si dicha obligación lingüística se considera una «obligación contractual» obligatoria de conformidad con la legislación nacional.

El concepto de «dirigir» las actividades comerciales o profesionales al país del consumidor fue abordado por el TJUE en los asuntos acumulados C-585/08 y C-144/09, Peter Pammer y Hotel Alpenhof GmbH. Esta sentencia establece una serie de criterios para determinar si un sitio web está «dirigido» a un Estado miembro determinado, como el uso de diferentes lenguas o monedas en el sitio web [(67)](#ntr67-C_2021525ES.01000101-E0067).

Cabe señalar que esta opción reglamentaria en virtud de la Directiva sobre los derechos de los consumidores complementa la legislación de la Unión que regula sectores y productos específicos, lo que permite a los Estados miembros establecer requisitos lingüísticos relativos a las advertencias o instrucciones relativas, por ejemplo, a juguetes [(68)](#ntr68-C_2021525ES.01000101-E0068) o equipos radioeléctricos [(69)](#ntr69-C_2021525ES.01000101-E0069). Además, la Directiva (UE) 2019/771 del Parlamento Europeo y del Consejo [(70)](#ntr70-C_2021525ES.01000101-E0070), permite establecer requisitos lingüísticos relativos a las garantías comerciales de los bienes.

3.1.9.   Carga de la prueba

Teniendo en cuenta que si el comerciante no facilita la información específica exigida por la Directiva se aplican varias sanciones previstas por la Directiva (además de las sanciones que pueden aplicarse con arreglo a las legislaciones nacionales), el artículo 6, apartado 9, contiene una disposición muy importante, que estipula que, por lo que respecta a los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento, «[l]a carga de la prueba en relación con el cumplimiento de los requisitos de información establecidos en el presente capítulo incumbirá al comerciante».

Sin excluir la posibilidad de probar los hechos por otros medios, la posición del comerciante se debilitaría claramente si no se incluyese la información requerida en la confirmación del contrato en un soporte duradero que, con arreglo al artículo 7, apartados 1 y 2, o al artículo 8, apartado 7 (analizado en la sección 4.4), siempre tiene que incluir la información establecida en virtud del artículo 6, apartado 1, a no ser que ya hubiese sido facilitada en un soporte duradero.

3.2.   
Requisitos comunes de los contratos celebrados en un establecimiento y contratos a distancia/celebrados fuera del establecimiento

3.2.1.   Características principales

|  |
| --- |
| Artículo 5, apartado 1, letra a), y artículo 6, apartado 1, letra a)  «las características principales de los bienes o servicios, en la medida adecuada al soporte utilizado y a los bienes o servicios» |

Si bien este requisito de información se refiere expresamente a «bienes y servicios», con arreglo al artículo 5, apartado 2, y al artículo 6, apartado 2, también se aplica a los servicios públicos y al contenido digital en línea.

La misma obligación viene impuesta por el artículo 7, apartado 4, de la DPCD, que establece los requisitos de información para la «invitación a comprar». En consecuencia, para elegir las características principales que deben comunicarse al consumidor, los comerciantes deben aplicar el mismo enfoque que a efectos de la DPCD, es decir, informar sobre las características que los consumidores necesitan conocer para tomar decisiones de compra con el debido conocimiento de causa. La información sobre las características principales de los bienes puede facilitarse en su envase o etiquetado, que el consumidor puede consultar. En el caso de productos más complejos, puede ser necesario comunicar información adicional para establecer sus características principales.

En particular, deben comunicarse a los consumidores todas las características y condiciones restrictivas del producto que el consumidor medio normalmente no espere de la categoría o tipo de bien o servicio en cuestión, ya que estas son especialmente susceptibles de influir en sus decisiones sobre una transacción [(71)](#ntr71-C_2021525ES.01000101-E0071).

En todos los contratos en los que el consumidor facilite datos personales, independientemente de si tiene que mediar un pago o no, el comerciante debe informar al consumidor de los fines del tratamiento en el momento en que se obtienen los datos personales.

3.2.2.   Identidad y datos de contacto del comerciante

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| Artículo 5, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | b) | la identidad del comerciante, por ejemplo su nombre comercial, la dirección geográfica en la que esté establecido y su número de teléfono; |   Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | b) | la identidad del comerciante, como su nombre comercial; |  |  |  | | --- | --- | | c) | la dirección geográfica del establecimiento del comerciante y su número de teléfono y dirección de correo electrónico. Asimismo, cuando el comerciante facilite otros medios de comunicación en línea que garanticen que el consumidor puede mantener cualquier tipo de correspondencia escrita, incluida la fecha y el horario de dicha correspondencia, con el comerciante en un soporte duradero, la información también incluirá detalles sobre esos otros medios. Todos estos medios de comunicación facilitados por el comerciante permitirán al consumidor ponerse en contacto y comunicarse con el comerciante de forma rápida y eficaz. Cuando proceda, el comerciante facilitará también la dirección geográfica y la identidad del comerciante por cuya cuenta actúa; |  |  |  | | --- | --- | | d) | si es diferente de la dirección facilitada de conformidad con la letra c), la dirección geográfica de la sede del comerciante y, cuando proceda, la del comerciante por cuya cuenta actúa, a la que el consumidor puede dirigir sus reclamaciones; | |

3.2.2.1.   Identidad del comerciante

Además de las disposiciones de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, el artículo 7, apartado 4, letra b), de la DPCD establece que la información sobre la dirección geográfica y la identidad del comerciante se considerará información sustancial en el caso de una invitación a comprar. En cuanto a los contratos celebrados en un establecimiento, esta información puede desprenderse claramente del contexto (véase también la sección 3.1.3).

En los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia, la Directiva sobre los derechos de los consumidores exige que el comerciante, que actúa en representación de otro comerciante, indique la identidad y la dirección geográfica de este último comerciante. Asimismo, los mercados en línea, aun cuando sean meros intermediarios y no «actúen en representación» de otro comerciante, deben adoptar medidas para garantizar que el consumidor esté debidamente informado sobre la identidad del comerciante real que ofrece los bienes o servicios en cuestión, sobre la base de la información facilitada por el propio comerciante. De hecho, si el mercado no informa sobre la identidad del comerciante real y se crea la impresión de que el mercado es el comerciante real, esto puede derivar en que el mercado tenga que asumir la responsabilidad por las obligaciones del comerciante.

En el asunto C-149/15, Wathelet [(72)](#ntr72-C_2021525ES.01000101-E0072), el Tribunal se ocupó de la responsabilidad de un intermediario físico (un taller) en cuanto a la conformidad de los bienes vendidos a los consumidores con arreglo a la anterior Directiva 1999/44/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(73)](#ntr73-C_2021525ES.01000101-E0073), sobre la venta de bienes de consumo. El Tribunal declaró que, si bien la Directiva 1999/44/CE no aborda la cuestión de la responsabilidad de los intermediarios frente a los consumidores, «no excluye por sí sola que pueda interpretarse el concepto de “vendedor”, conforme al artículo 1, apartado 2, letra c), de la Directiva 1999/44/CE, en el sentido de que engloba al profesional que actúa por cuenta de un particular cuando se muestra, desde el punto de vista del consumidor, como vendedor de un bien de consumo mediante contrato en el marco de su actividad profesional. De hecho, el profesional podría confundir al consumidor al dar la impresión errónea de que actúa en calidad de vendedor titular del bien» [(74)](#ntr74-C_2021525ES.01000101-E0074).

Asimismo, el Tribunal declaró que «pueden ser pertinentes a este respecto, para determinar si el consumidor podía entender que el intermediario actuaba por cuenta de un particular, aspectos como el grado de participación y la intensidad de los esfuerzos empleados por el intermediario en la compraventa, las circunstancias en las que el bien se mostró al consumidor o el comportamiento de este último» [(75)](#ntr75-C_2021525ES.01000101-E0075).

Las conclusiones del Tribunal relativas a la responsabilidad del intermediario físico por la conformidad de los bienes también podrían ser pertinentes para otros intermediarios y otras obligaciones de los comerciantes en virtud de la legislación de la UE, también en un contexto en línea. En particular, los mercados en línea podrían ser declarados responsables de las obligaciones del comerciante en lo que respecta a la información precontractual o a la ejecución contractual con arreglo a la Directiva sobre los derechos de los consumidores cuando se muestren, desde el punto de vista del consumidor, como comerciantes en virtud del contrato (propuesto).

En el asunto C-149/15, Wathelet, el Tribunal subrayó que «el conocimiento por parte del consumidor de la identidad del vendedor y, en especial, de su condición de particular o de profesional es imprescindible para que este último pueda disfrutar de la protección que la Directiva le confiere» [(76)](#ntr76-C_2021525ES.01000101-E0076). Sin embargo, aun cuando el verdadero proveedor sea también un comerciante y el consumidor no quedase privado de sus derechos, puede que dicho consumidor no hubiera celebrado el contrato en caso de haber conocido la identidad del comerciante real. En particular, el consumidor podría tener dudas sobre, por ejemplo, la fiabilidad de dicho comerciante y la posibilidad de hacer valer sus derechos como consumidor con respecto a él.

El hecho de no facilitar información sobre la identidad del comerciante, o el suministro de datos incorrectos, constituirían un incumplimiento de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Esto también podría constituir una práctica engañosa en el marco de la DPCD, en la medida en que afecta a la decisión del consumidor sobre una transacción. También existen disposiciones sectoriales en el Derecho de la UE que refuerzan este requisito. Por ejemplo, en el caso de la venta en línea de medicamentos [(77)](#ntr77-C_2021525ES.01000101-E0077), está estrictamente prohibido difuminar las diferencias entre mercado y minorista. Un mercado que ofrezca medicamentos en el mercado de la UE debe garantizar que los consumidores puedan comprobar que el comerciante dispone de las autorizaciones pertinentes y que opera de acuerdo con la legislación [(78)](#ntr78-C_2021525ES.01000101-E0078).

El modo de ejecución del contrato en el que interviene un tercero comerciante no afecta a los derechos y obligaciones en relación con el contrato derivados de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Por ejemplo, en el modelo de negocio conocido como «dropshipping» (envío directo del distribuidor al cliente), el comerciante no tiene en sus existencias algunos de los productos que vende, sino que, cuando recibe un pedido de un consumidor, los compra a un tercero y encarga que se le envíen directamente al cliente.

Sin embargo, si el comerciante solo tramita el pedido como intermediario y luego lo transmite a otro comerciante para que este segundo comerciante lo finalice en nombre propio, según las conclusiones del asunto Wathelet, el primer comerciante podrá ser considerado responsable ante el consumidor cuando, desde el punto de vista del consumidor, se presente como el vendedor de los bienes de consumo en virtud del contrato. A fin de evitar dicha responsabilidad, el comerciante debe informar claramente al consumidor de que actúa como intermediario y facilitar información sobre la identidad del vendedor real de una manera destacada [(79)](#ntr79-C_2021525ES.01000101-E0079).

A este respecto, cabe señalar que el artículo 6 bis, letra b), introducido por la Directiva (UE) 2019/2161, contiene un requisito adicional específico que exige a los proveedores de mercados en línea informar a los consumidores sobre la situación del tercero que ofrece los bienes, servicios o contenidos digitales sobre la base de la información facilitada por dicho tercero (véase la sección 3.4.2).

3.2.2.2.   Medios de comunicación

Por lo que respecta a los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento, el artículo 6, apartado 1, letra c), en su versión modificada por la Directiva (UE) 2019/2161, exige que el comerciante facilite al consumidor información sobre los siguientes medios de comunicación como parte de la información precontractual:

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| --- | --- |
| — | la dirección geográfica, el número de teléfono y la dirección de correo electrónico del comerciante, y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | cuando se disponga de ellos, otros medios de comunicación escrita en línea, que garanticen que el contenido y la fecha y la hora de la correspondencia puedan mantenerse en un soporte duradero. |

En el artículo 2, apartado 10, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores «soporte duradero» se define como «todo instrumento que permita al consumidor o al comerciante almacenar información que se le transmita personalmente de forma que en el futuro pueda recuperarla fácilmente durante un período de tiempo acorde con los fines de dicha información y que permita la reproducción de la información almacenada sin cambios» (véase también la sección 4.4).

Por ejemplo, en lo que respecta a las aplicaciones de mensajería, algunas de ellas permiten al remitente —el comerciante en el contexto «empresa a cliente» (B2C)— suprimir, también del dispositivo del destinatario, por defecto o manualmente, los mensajes que ha enviado en un (breve) plazo de tiempo determinado tras su entrega. Por consiguiente, estos medios de comunicación no permiten al consumidor almacenar el mensaje recibido en la práctica. El destinatario podría guardar o realizar una copia de seguridad de sus mensajes, pero esto requeriría competencias y conocimientos técnicos adicionales que no cabe esperar del consumidor medio. En consecuencia, será necesaria una evaluación individual de cada aplicación de mensajería para determinar si cumple los criterios establecidos, teniendo también en cuenta el constante desarrollo de estas aplicaciones.

El Tribunal señaló específicamente en el asunto C-649/17, Amazon EU, que la posibilidad de que el consumidor se ponga en contacto y se comunique con el comerciante de forma rápida y eficaz reviste una importancia fundamental a efectos de la salvaguarda y la efectiva aplicación de los derechos del consumidor [(80)](#ntr80-C_2021525ES.01000101-E0080). Por consiguiente, cualquier medio de comunicación utilizado por el comerciante debe poder cumplir los criterios de comunicación directa y efectiva.

En dicha sentencia, el Tribunal confirmó que el artículo 6, apartado 1, letra c), no prohíbe al comerciante emplear otros medios de comunicación que garanticen una comunicación rápida y eficaz, aparte de los mencionados en dicha disposición [(81)](#ntr81-C_2021525ES.01000101-E0081).

Esta interpretación sigue siendo pertinente después de las modificaciones introducidas por la Directiva (UE) 2019/2161. Si bien el comerciante debe informar al consumidor, antes de la celebración del contrato, de los medios de comunicación mencionados y que cumplen los criterios establecidos en el artículo 6, apartado 1, letra c), no se le impide poner a disposición otros medios de comunicación alternativos. Estos pueden ser, por ejemplo, asistentes de voz automatizados o medios de comunicación escrita en línea (robots conversacionales) que no tengan las características especificadas en el artículo 6, apartado 1, letra c). A estos medios adicionales se les aplicarán las normas generales de la DPCD. En particular, los comerciantes deben informar de forma clara y oportuna a los consumidores de si estos medios alternativos les permiten hacer un seguimiento de la correspondencia escrita, incluidas la fecha y la hora.

El comerciante también debe garantizar que cualquier medio de comunicación en línea del que haya sido informado el consumidor antes de la celebración del contrato (y en la confirmación del contrato) de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra c), sea fácilmente accesible en la interfaz del comerciante. No debe presentarse ni promoverse ningún medio de comunicación adicional de una manera que dificulte a los consumidores el acceso y la utilización de los medios de comunicación facilitados de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra c).

El objetivo de facilitar medios de comunicación es permitir al consumidor ponerse en contacto con el comerciante de forma rápida y eficaz. Esto implica que se tomen las medidas necesarias para garantizar, por ejemplo, que se conteste a las llamadas de teléfono durante el horario de oficina y que las comunicaciones por correo electrónico se respondan con rapidez.

3.2.2.3.   Lugar de establecimiento

El concepto de «establecimiento» en este requisito de información es el mismo que el utilizado, por ejemplo, en la Directiva 2006/123/CE sobre servicios donde se define (artículo 4) como «el ejercicio efectivo de una actividad económica a que se hace referencia en el artículo 43 del Tratado por una duración indeterminada y por medio de una infraestructura estable a partir de la cual se lleva a cabo efectivamente la prestación de servicios». En el considerando 37 de esa Directiva se recoge lo siguiente: «[…] Si un prestador tiene varios lugares de establecimiento, es importante determinar desde qué lugar de establecimiento se presta el servicio efectivo en cuestión […]».

El mismo enfoque puede utilizarse para determinar el lugar cuya dirección geográfica haya de facilitarse con arreglo a esta Directiva. Habida cuenta de que se exige la información relativa a la dirección «geográfica», debe hacer referencia a un lugar físico:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, no basta con facilitar simplemente el apartado de correos como dirección del comerciante. |

3.2.2.4.   Lugar de actividad

Por «lugar de actividad» debe entenderse el lugar en el que se adoptan las decisiones esenciales relativas a la gestión general del comerciante y donde se desempeñan las funciones de su administración central. Esta conclusión se deriva, por ejemplo, de la sentencia del Tribunal en el asunto C-73/06, Planzer:

«La determinación del lugar de la sede de la actividad económica de una sociedad supone tomar en consideración un haz de factores, entre los que destacan el domicilio social, el lugar de la administración central, el lugar de reunión de los directivos de la sociedad y aquel, habitualmente idéntico, donde se decide la política general de dicha sociedad. Asimismo, pueden tenerse en cuenta otros elementos, como el domicilio de los directivos principales, el lugar de reunión de las Juntas de accionistas, el de llevanza de los documentos administrativos y contables, y el de principal desenvolvimiento de las actividades financieras, en especial las bancarias» [(82)](#ntr82-C_2021525ES.01000101-E0082).

3.2.3.   Precio

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 5, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | c) | el precio total de los bienes o servicios, incluidos los impuestos, o, si el precio no puede calcularse razonablemente de antemano por la naturaleza de los bienes o servicios, la forma en que se determina el precio así como, cuando proceda, todos los gastos adicionales de transporte, entrega o postales o, si dichos gastos no pueden ser calculados razonablemente de antemano, el hecho de que puede ser necesario abonar dichos gastos adicionales; |   Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | e) | el precio total de los bienes o servicios, incluidos los impuestos, o, si el precio no puede calcularse razonablemente de antemano por la naturaleza de los bienes o de los servicios, la forma en que se determina el precio, así como, cuando proceda, todos los gastos adicionales de transporte, entrega o postales y cualquier otro gasto o, si dichos gastos no pueden ser calculados razonablemente de antemano, el hecho de que puede ser necesario abonar dichos gastos adicionales. En el caso de un contrato de duración indeterminada o de un contrato que incluya una suscripción, el precio incluirá el total de los costes por período de facturación. Cuando dichos contratos se cobren con arreglo a una tarifa fija, el precio total también significará el total de los costes mensuales. Cuando no sea posible calcular razonablemente de antemano el coste total, se indicará la forma en que se determina el precio. | |

Las partes subrayadas del artículo 6, apartado 1, letra e), representan los requisitos adicionales de información sobre precios aplicables únicamente a los contratos a distancia/celebrados fuera del establecimiento, en comparación con los del artículo 5, apartado 1, letra c), relativos a los contratos celebrados en un establecimiento. En particular, en el caso de los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento, se requiere información específica sobre las suscripciones y los contratos de duración indeterminada.

Si el producto (o uno de los productos) suministrado(s) en virtud de un contrato de duración indeterminada o de suscripción se cobra con arreglo a una tarifa fija, debe facilitarse información sobre el coste total por período de facturación y sobre los costes mensuales totales.

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, las suscripciones a Internet o a servicios de medios audiovisuales se facturan normalmente a un precio fijo mensual, bimestral o trimestral, independientemente del uso. Por lo tanto, el coste mensual y, si el período de facturación es diferente, los costes por período de facturación deberían facilitarse al consumidor que desee celebrar una suscripción en línea o fuera del establecimiento. |

Si un contrato cubre o incluye un producto cuyo coste total no puede calcularse de antemano, el comerciante debe informar al consumidor del modo en que se calculan estos costes variables:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, en el caso de los servicios de telefonía vocal cuyo coste depende del uso real, el comerciante debe remitir al consumidor a una lista detallada de precios de las llamadas telefónicas [(83)](#ntr83-C_2021525ES.01000101-E0083). |

Con arreglo al artículo 6, apartado 6, en el caso de los contratos a distancia y los celebrados fuera del establecimiento, los consumidores no tienen que pagar ningún cargo o coste adicional del que no hayan sido informados por el comerciante. Esto refleja la obligación del comerciante de informar al consumidor del precio total, incluidos todos los impuestos, derechos y cargos adicionales aplicables, en particular el IVA a la importación, los derechos de aduana, el despacho de aduana, etc., aplicables a las compras a comerciantes no pertenecientes a la UE [(84)](#ntr84-C_2021525ES.01000101-E0084).

Si el contenido o el servicio digital incluye compras integradas adicionales y optativas, el consumidor será debidamente informado de la posibilidad de que se le ofrezcan dichas opciones de compra adicionales antes de adquirir el producto digital. Este requisito podría aplicarse, por ejemplo, a:

|  |  |
| --- | --- |
| — | aplicaciones que incluyan compras dentro de aplicaciones, como complementos o niveles extra en un videojuego, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | suscripciones a servicios de contenido audiovisual que incluyan contenido de pago (películas) optativo ofrecido a cambio de un pago adicional. |

3.2.4.   Entrega y ejecución del contrato

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 5, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | d) | cuando proceda, los procedimientos de pago, entrega y funcionamiento, la fecha en que el comerciante se compromete a entregar los bienes o a ejecutar la prestación del servicio, así como el sistema de tratamiento de las reclamaciones del comerciante; |   Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | g) | los procedimientos de pago, entrega y funcionamiento, la fecha en que el comerciante se compromete a entregar los bienes o a ejecutar la prestación del servicio, así como, cuando proceda, el sistema de tratamiento de las reclamaciones del comerciante; | |

Este requisito de información es similar al que figura en los contratos a distancia y celebrados fuera del establecimiento con la excepción de que, para los contratos celebrados en un establecimiento, toda la información pertinente deberá facilitarse solo «cuando proceda», mientras que para los contratos a distancia y los celebrados fuera del establecimiento deberá facilitarse en todos los casos, a excepción de la información relativa a la política de gestión de las reclamaciones del comerciante, que solo se requiere «cuando proceda».

Este requisito de información es similar al que figura en el artículo 7, apartado 4, letra d), de la Directiva sobre prácticas comerciales desleales. Sin embargo, con arreglo a la DPCD, la información sobre las condiciones de pago, entrega y funcionamiento solo debe facilitarse en la invitación a comprar cuando ello vaya en detrimento del consumidor en comparación con prácticas de mercado diligentes.

El comerciante también cumplirá los requisitos que figuran en el artículo 5, apartado 1, letra d), o el artículo 6, apartado 1, letra g), en relación con el plazo de entrega o ejecución si indica un plazo (por ejemplo, «diez días» o «dos semanas») desde la celebración del contrato (realización del pedido por parte del consumidor). El comerciante no tiene que indicar necesariamente una fecha específica, ya que no siempre va a ser factible.

Para los contratos celebrados en un establecimiento, la obligación de informar sobre el plazo en que el comerciante se compromete a entregar los bienes o a ejecutar la prestación de los servicios no se aplica si la entrega de los bienes o la prestación del servicio se realizan de forma inmediata.

En el caso de los contratos de venta celebrados en un establecimiento, el requisito de indicar el plazo de entrega «cuando proceda» deberá interpretarse también con arreglo al artículo 18. Concretamente, el comerciante no tendrá la obligación de haber informado al consumidor sobre el plazo de entrega de los bienes si tiene previsto entregarlos en el plazo máximo de treinta días indicado en el artículo 18. Por supuesto, esto no excluye la posibilidad de que el comerciante indique al consumidor un plazo distinto para la entrega o que el comerciante y el consumidor acuerden otra fecha distinta. El plazo que hayan determinado constituirá el plazo de entrega «acordado», tal y como se indica en el artículo 18 (véase también la sección 6 relativa a la entrega).

El artículo 7 del Reglamento (UE) 2018/644 del Parlamento Europeo y del Consejo [(85)](#ntr85-C_2021525ES.01000101-E0085) sobre los servicios de paquetería transfronterizos exige a todos los comerciantes que celebren contratos de venta con usuarios en los que se incluya el envío transfronterizo de paquetes que pongan a disposición de estos, siempre que sea posible y aplicable, información sobre las opciones de envío transfronterizo en relación con los contratos de venta específicos y sobre los precios para los consumidores por los servicios de paquetería transfronterizos, así como, cuando sea aplicable, sobre sus propias políticas de tramitación de reclamaciones.

Por lo que se refiere a los contenidos y servicios digitales en línea, cabe señalar que, de conformidad con el artículo 5, apartado 1, de la Directiva sobre contenidos digitales, el comerciante debe suministrarlos al consumidor sin demora indebida tras la celebración del contrato, a menos que se acuerde de otro modo. No obstante, de conformidad con el artículo 7, apartado 3, y el artículo 8, apartado 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores en relación con los contratos de servicios (digitales) (véase la sección 5.6) y el artículo 16, párrafo primero, letra m), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores en relación con los contratos de contenido digital en línea (véase la sección 5.7), el proveedor debe recibir una solicitud expresa previa u obtener un consentimiento expreso previo del consumidor para suministrar un servicio digital o contenidos digitales en línea antes de que finalice el plazo de derecho de desistimiento. De lo contrario, el consumidor todavía podría desistir de los respectivos contratos y tendría derecho a no pagar (o a exigir un reembolso) por el servicio digital o los contenidos digitales en línea recibidos de conformidad con el artículo 14, apartado 4, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores (véase la sección 5.8).

Asimismo, el artículo 5, apartado 2, de la Directiva sobre contenidos digitales aclara que el comerciante habrá cumplido su obligación de suministro cuando:

|  |  |
| --- | --- |
| a) | el contenido digital o cualquier medio adecuado para acceder al contenido digital o descargarlo sea puesto a disposición del consumidor o sea accesible para él, o para la instalación física o virtual elegida por el consumidor para ese fin; |

|  |  |
| --- | --- |
| b) | el servicio digital sea accesible para el consumidor o para la instalación física o virtual elegida por el consumidor a tal fin. |

3.2.5.   Procedimientos de pago

Entre los ejemplos de procedimientos de pago que deberán explicarse claramente al consumidor cabe mencionar:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Pago mediante la factura de teléfono del consumidor; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En los contratos por suscripción, tales como videojuegos en línea, el procedimiento por el cual el comerciante utiliza la información sobre los medios de pago (como los datos de la tarjeta de crédito) facilitada por el consumidor en el momento de la suscripción inicial también para facturar las posteriores compras sin necesidad de que el consumidor vuelva a introducir estos datos. |

Los pagos están sujetos a la Directiva (UE) 2015/2366 del Parlamento Europeo y del Consejo [(86)](#ntr86-C_2021525ES.01000101-E0086) sobre servicios de pago (véase también la sección 8 relativa al artículo 19 sobre las tasas por la utilización de medios de pago). Su artículo 64, apartado 1, establece que «Los Estados miembros velarán por que las operaciones de pago se consideren autorizadas únicamente cuando el ordenante haya dado su consentimiento a que se ejecute la operación de pago. El ordenante de una operación de pago podrá autorizar dicha operación con anterioridad a su ejecución, o bien, si así lo hubiera convenido con el proveedor de servicios de pago, con posterioridad a su ejecución».

Asimismo, los consumidores deben ser informados, de forma clara, directa y destacada, sobre los procedimientos de pago para estas compras adicionales antes de suscribirse al principal producto digital en el que se ofrecen.

La configuración por defecto de los pagos no deberá permitir hacer las compras adicionales sin el consentimiento explícito del consumidor (por ejemplo, mediante una contraseña u otros medios adecuados). En relación con la compras realizadas desde aplicaciones móviles, cuando el sistema establece determinados intervalos de tiempo para la validación de la autenticación (por ejemplo, un intervalo de quince minutos), los comerciantes no deberán aplicar automáticamente configuraciones por defecto, sino solicitar el consentimiento explícito del consumidor también en relación con la duración aplicable de la validez [(87)](#ntr87-C_2021525ES.01000101-E0087).

3.2.6.   Garantías y servicios posventa

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 5, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | e) | además del recordatorio de la existencia de la garantía jurídica de conformidad para los bienes, el contenido digital y los servicios digitales, la existencia y las condiciones de servicios posventa y las garantías comerciales, cuando proceda; |   Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | l) | un recordatorio de la existencia de una garantía jurídica de conformidad para los bienes, contenido digital y servicios digitales; |  |  |  | | --- | --- | | m) | cuando proceda, la existencia de asistencia posventa al consumidor, servicios posventa y garantías comerciales, así como sus condiciones; | |

Si bien sus presentaciones son ligeramente diferentes, los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento están sujetos a requisitos prácticamente idénticos en lo que respecta a la información sobre la garantía jurídica y los posibles servicios de posventa.

Las normas sustantivas sobre la garantía jurídica se establecen en el artículo 10 de la Directiva sobre la compraventa de bienes y en el artículo 11 de la Directiva sobre contenidos digitales. Estas normas regulan:

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los bienes, la responsabilidad del vendedor por la falta de conformidad (defecto) existente en el momento de la entrega y que se manifieste en el plazo de dos años a partir de la entrega (o un período de responsabilidad más largo, según proceda con arreglo a la legislación nacional pertinente); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los contenidos o servicios digitales, la responsabilidad del proveedor por la falta de conformidad existente en el momento del suministro y que se manifieste en el plazo de dos años a partir del suministro (o un período de responsabilidad más largo, según proceda con arreglo a la legislación nacional pertinente) cuando estos contenidos o servicios se suministren en un único acto de suministro, o dentro del período de suministro contractual en el caso de los contenidos o servicios digitales que se suministren de forma continua. |

El artículo 6, apartado 1, letra l), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores utiliza el término «recordatorio de la existencia», por lo que no es necesario facilitar información detallada sobre la garantía jurídica. No obstante, para cumplir los requisitos de información, el comerciante debe, como mínimo, informar a los consumidores de que existe una garantía jurídica e indicar su duración.

En principio, la Directiva sobre la compraventa de bienes y la Directiva sobre contenidos digitales armonizan plenamente las normas que entran en su ámbito de aplicación. Solo en algunos aspectos, los Estados miembros pueden contemplar una mayor protección de los consumidores, en particular, plazos de responsabilidad más largos [(88)](#ntr88-C_2021525ES.01000101-E0088).

Los comerciantes, en particular los comerciantes transfronterizos en línea, pueden dirigirse con sus ofertas a los mercados de varios Estados miembros sin personalizar la información para cada mercado objetivo. Por lo tanto, para cubrir las posibles diferencias en los requisitos jurídicos nacionales, estos comerciantes también deben reconocer las posibles normas más estrictas que puedan existir en los distintos Estados miembros a los que se dirigen. En concreto, deben hacer referencia al hecho de que la duración mínima de la garantía jurídica es de dos años y de que el Derecho nacional del país de residencia del consumidor puede establecer mayores derechos para los consumidores.

Además del recordatorio de la garantía jurídica, el comerciante que suministra los bienes o servicios también debe facilitar información sobre cualquier prestación posventa que ofrezca voluntariamente el proveedor de los bienes o servicios u otros comerciantes interesados, como el fabricante de los bienes.

Solo debe proporcionarse información sobre la existencia y las condiciones de la asistencia posventa al cliente, los servicios posventa o las garantías comerciales si realmente se ofrecen tales prestaciones adicionales.

La garantía comercial se define de manera general en el artículo 2, apartado 14, de la Directiva como el compromiso de reembolsar el precio pagado o de sustituir o reparar el bien si no es conforme o no cumple otros requisitos. No existen definiciones de las demás formas de prestaciones. En la práctica, los distintos comerciantes podrían comercializar el mismo tipo de prestación con diferentes nombres.

La Directiva sobre la compraventa de bienes da a la garantía comercial, que puede ser facilitada por el vendedor u otra parte, como el fabricante, un valor jurídico vinculante para el garante. No obstante, los derechos de los consumidores en virtud de la garantía comercial se establecen contractualmente y, por tanto, variarán de un comerciante a otro o incluso con respecto a productos diferentes ofrecidos por el mismo comerciante [(89)](#ntr89-C_2021525ES.01000101-E0089). Cuando, de conformidad con el artículo 17 de la Directiva sobre la compraventa de bienes, el productor expida una «garantía comercial de durabilidad» por un período de tiempo determinado, el consumidor tendrá derecho a la reparación y la sustitución de los bienes según se establece en la Directiva sobre la compraventa de bienes.

La información sobre estas prestaciones posventa debe explicar, en particular, dónde se prestará el servicio correspondiente y quién asume el coste del transporte (si procede). Una información falsa o engañosa sobre las prestaciones posventa puede constituir una práctica engañosa en virtud de la DPCD. La DPCD prohíbe «presentar los derechos que otorga la legislación a los consumidores como si fueran una característica distintiva de la oferta del comerciante» (véanse el artículo 6, apartado 1, letra g), y el punto 10 del anexo I) [(90)](#ntr90-C_2021525ES.01000101-E0090).

3.2.7.   Duración y resolución del contrato

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 5, apartado 1, letra f) y artículo 6, apartado 1, letra o)  la duración del contrato, cuando proceda, o, si el contrato es de duración indeterminada o se prolonga de forma automática, las condiciones de resolución;  Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | p) | cuando proceda, la duración mínima de las obligaciones del consumidor derivadas del contrato; | |

La información sobre las condiciones para resolver un contrato de duración indeterminada o un contrato que se prolonga de forma automática (exigido tanto para los contratos celebrados en un establecimiento como para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia) debe incluir, en particular, información sobre:

|  |  |
| --- | --- |
| — | los gastos aplicables, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | los procedimientos de resolución, en particular, el plazo de notificación previa y los medios por los que se deberá notificar la resolución (por ejemplo, por correo electrónico o dirección postal). |

Para contratos a distancia y contratos celebrados fuera del establecimiento, el artículo 6, apartado 1, letra p), requiere además información sobre la duración mínima de las obligaciones del consumidor, es decir, el período mínimo en el cual el consumidor debe efectuar el pago de acuerdo con las condiciones ofrecidas por el comerciante:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, un contrato de telefonía móvil de veinticuatro meses puede incluir una duración mínima de seis meses que deberá pagarse en caso de que el contrato se rescinda de forma anticipada [(91)](#ntr91-C_2021525ES.01000101-E0091). |

Este período mínimo durante el cual no está permitido resolver el contrato, también debe tratarse como una de las principales condiciones de resolución de un contrato de duración indeterminada o de un contrato prolongado automáticamente en el sentido del artículo 5, apartado 1, letra f). Así pues, la información sobre la duración mínima deberá facilitarse también para los contratos de duración indeterminada y los contratos que se prolonguen de forma automática celebrados en un establecimiento y que estén sujetos al artículo 5, apartado 1, letra f).

La Directiva solo establece requisitos de información en relación con la resolución y la prolongación de los contratos. La evaluación del carácter abusivo o no de las respectivas cláusulas contractuales está sujeta a lo dispuesto en la Directiva 93/13/CEE sobre las cláusulas abusivas en los contratos [(92)](#ntr92-C_2021525ES.01000101-E0092). En la legislación sectorial pertinente de la UE, pueden establecerse normas específicas sobre la duración, la prolongación y la resolución de los contratos [(93)](#ntr93-C_2021525ES.01000101-E0093).

3.2.8.   Funcionalidad, compatibilidad e interoperatividad

De conformidad con las modificaciones introducidas por la Directiva (UE) 2019/2161, los comerciantes que ofrezcan bienes con elementos digitales (dispositivos «inteligentes»), contenido digital y servicios digitales también deben informar al consumidor sobre su funcionalidad, compatibilidad e interoperatividad. Los respectivos requisitos se establecen en términos idénticos en el artículo 6, apartado 1, letras r) y s), para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia, y en el artículo 5, apartado 1, letras g) y h), para los contratos celebrados en un establecimiento.

|  |
| --- |
| Artículo 5, apartado 1, letra g), y artículo 6, apartado 1, letra r)  cuando proceda, la funcionalidad, incluidas las medidas técnicas de protección aplicables, de los bienes con elementos digitales, el contenido digital y los servicios digitales;  Artículo 5, apartado 1, letra h), y artículo 6, apartado 1, letra s)  cuando proceda, toda compatibilidad e interoperatividad pertinente de los bienes con elementos digitales, el contenido digital y los servicios digitales conocidos por el comerciante o que quepa esperar razonablemente que este pueda conocer; |

Los conceptos de funcionalidad, compatibilidad e interoperatividad se definen en el artículo 2 de la Directiva sobre contenidos digitales.

Los «bienes con elementos digitales» (es decir, dispositivos «inteligentes») son una subcategoría de la definición actualizada de «bienes» conforme a la Directiva sobre la compraventa de bienes, que también se aplica en el contexto de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. El considerando 14 de la Directiva sobre la compraventa de bienes explica que los «bienes con elementos digitales» tienen incorporados contenidos o servicios digitales o se interconectan con ellos de tal modo que la ausencia de dicho contenido o servicio digital impediría que los bienes cumpliesen sus funciones. Los contenidos digitales que se incorporan a un bien o se interconectan con él pueden consistir en cualesquiera datos que se produzcan y suministren en formato digital, como por ejemplo los sistemas operativos, las aplicaciones y cualquier otro programa informático. Los contenidos digitales pueden estar preinstalados en el momento de la celebración del contrato de compraventa o, cuando así lo estipule el contrato, instalarse posteriormente. Los servicios digitales interconectados con un bien pueden ser servicios que permiten la creación, el tratamiento, la consulta o el almacenamiento de datos en formato digital, incluidos los programas (software) como servicio que se ofrezcan en un entorno de computación en nube, el suministro continuo de datos de tráfico en un sistema de navegación, o el suministro continuo de planes de entrenamiento adaptados de forma individual en el caso de un reloj inteligente.

El comerciante debe valorar la necesidad de facilitar información sobre las características de los bienes con elementos digitales, el contenido digital o los servicios digitales en función de sus características particulares. La siguiente lista indicativa y no exhaustiva de elementos, que abarca también aspectos de funcionalidad, compatibilidad e interoperatividad, puede utilizarse como lista de comprobación a la hora de decidir qué información debe facilitarse sobre un bien con elementos digitales, un contenido digital o un servicio digital concreto (véase también la sección 3.2.1 relativa a la información sobre las características principales):

|  |  |
| --- | --- |
| 1) | el idioma o idiomas de la interfaz de los bienes con elementos digitales, los contenidos digitales o los servicios digitales y, si fuera(n) diferente(s), el idioma o idiomas de las instrucciones de uso para su funcionamiento; |

|  |  |
| --- | --- |
| 2) | el método de suministro del contenido o servicio digital: por ejemplo, descarga en tiempo real, en línea, descarga de pago único, acceso a la descarga durante un intervalo de tiempo determinado; |

|  |  |
| --- | --- |
| 3) | para archivos de audio o vídeo: la duración del contenido; |

|  |  |
| --- | --- |
| 4) | para archivos descargables: el tamaño y el tipo de archivo; |

|  |  |
| --- | --- |
| 5) | si existe o no un compromiso por parte del comerciante o de un tercero de mantener o actualizar los bienes con elementos digitales, el contenido o los servicios digitales; |

|  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| 6) | condiciones no directamente relacionadas con la interoperabilidad, como:   |  |  | | --- | --- | | a) | seguimiento o personalización; |  |  |  | | --- | --- | | b) | la necesidad de una conexión de Internet y sus requisitos técnicos (como la velocidad mínima de carga y descarga); |  |  |  | | --- | --- | | c) | la necesidad de que otros usuarios tengan un software específico instalado (por ejemplo, para software de comunicación); | |

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| 7) | limitaciones al uso, como:   |  |  | | --- | --- | | a) | límite del número de veces o del intervalo de tiempo durante el que se puede ver, leer o utilizar un contenido o servicio digital; |  |  |  | | --- | --- | | b) | límites a la reutilización para fines como realizar copias privadas; |  |  |  | | --- | --- | | c) | restricciones basadas en la ubicación del dispositivo del consumidor; |  |  |  | | --- | --- | | d) | cualquier funcionalidad que esté condicionada a una compra adicional, como contenido de pago, suscripciones a grupos o hardware o software adicional; | |

|  |  |
| --- | --- |
| 8) | los dispositivos con los que puede utilizarse el contenido o el servicio digital y, cuando proceda, el sistema operativo y el software adicional necesarios, incluido el número de versión, y el hardware, como la velocidad del procesador y las características de la tarjeta gráfica; |

|  |  |
| --- | --- |
| 9) | cualquier dato específico relacionado con las funcionalidades de «internet de las cosas» de los bienes con elementos digitales. |

3.3.   
Requisitos adicionales para los contratos celebrados fuera del establecimiento y los contratos a distancia

3.3.1.   Precio personalizado

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | e bis) | cuando corresponda, que el precio ha sido personalizado basándose en la toma de decisiones automatizada; | |

Este requisito de información introducido por la Directiva (UE) 2019/2161 se aplica a los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento. En la práctica, solo será pertinente para los contratos celebrados en línea que permitan el uso de la toma de decisiones automatizada y la elaboración de perfiles del comportamiento de los consumidores de cara a personalizar el precio para determinados consumidores o categorías específicas de consumidores.

Cuando estas técnicas se utilicen para personalizar el precio, los consumidores deben estar informados de manera clara y destacada, de modo que puedan tener en cuenta los riesgos potenciales en su decisión de compra.

Tal como se explica en el considerando 45 de la Directiva (UE) 2019/2161, «este requisito de información no debe aplicarse a técnicas como la fijación de precios “dinámica” o “en tiempo real” que impliquen cambiar el precio de manera muy flexible y rápida en respuesta a las demandas del mercado cuando dichas técnicas no impliquen personalización basada en la toma de decisiones automatizada».

La fijación de precios dinámica se refiere a cambios en los precios debidos a variables que no están relacionadas con el cliente, como la hora del día, la oferta disponible o los precios de los competidores. Cuando la fijación de precios dinámica se utilice sin personalizar los precios, distintos consumidores o grupos de consumidores deberán ver el mismo precio si compran el mismo producto al mismo tiempo, independientemente de su perfil y sus características individuales.

Las diferencias de precios debidas a variaciones en los impuestos o en los gastos aplicables (por ejemplo, diferencias en los tipos del IVA entre los Estados miembros) tampoco representan una fijación de precios personalizados. Del mismo modo, las reducciones de precio que se aplican de manera general y no se dirigen a un individuo o un grupo específico seleccionado mediante la elaboración automatizada de perfiles tampoco entran en la categoría de precios personalizados.

La fijación de precios personalizados trata de la individualización. Los comerciantes recopilan datos sobre consumidores individuales utilizando la toma de decisiones automatizada para elaborar perfiles del comportamiento de los consumidores. Los datos sobre el historial de búsqueda o el dispositivo informático son elementos que podrían utilizarse para determinar el perfil del consumidor.

Por ejemplo, un comerciante en línea podría aumentar el precio si observa un aumento del tráfico del sitio web a modo de fijación de precios dinámica. Sin embargo, el algoritmo también puede utilizar el «número de clics» del consumidor en una página web concreta para elaborar un perfil de comportamiento del consumidor y personalizar el precio para ese consumidor.

El requisito de la Directiva sobre los derechos de los consumidores se limita a la información sobre el hecho de la personalización. Se trata de un requisito de información adicional que debe cumplirse en el momento de ofrecer un precio personalizado. Esto se entiende «sin perjuicio del Reglamento (UE) 2016/679, que prevé, entre otros, el derecho del individuo a no ser objeto de decisiones individuales automatizadas, incluida la elaboración de perfiles» [considerando 45 de la Directiva (UE) 2019/2161]. La fijación de precios personalizados puede estar sujeta a las normas específicas sobre decisiones automatizadas del artículo 22 del RGPD [(94)](#ntr94-C_2021525ES.01000101-E0094). Otros requisitos del RGPD pertinentes en este contexto son el requisito de que haya un fundamento jurídico en virtud del artículo 6, así como las obligaciones de información en virtud de los artículos 12 a 14.

El suministro de información sobre la toma de decisiones automatizada en la política de privacidad del comerciante no será suficiente para cumplir los requisitos de información precontractual sobre la personalización de los precios con arreglo a la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Antes de cada transacción, debe facilitarse información sobre la personalización de los precios, y no simplemente como parte de la información general sobre el tratamiento de datos personales facilitada por el comerciante.

3.3.2.   Coste de utilizar medios de comunicación a distancia

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | f) | el coste de la utilización de la técnica de comunicación a distancia para la celebración del contrato, en caso de que dicho coste se calcule sobre una base diferente de la tarifa básica; | |

Este requisito de información se aplicará, en particular, a casos en los que el comerciante publicita un número de un servicio de tarifa superior al que el consumidor tiene que llamar para celebrar el contrato de los bienes o servicios ofrecidos.

3.3.3.   Depósitos y garantías financieras

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | q) | cuando proceda, la existencia y las condiciones de los depósitos u otras garantías financieras que el consumidor tenga que pagar o aportar a solicitud del comerciante; | |

Los depósitos y las garantías financieras son habituales en contratos de arrendamiento que implican poner un objeto de valor a disposición del consumidor, como el alquiler de un vehículo. Tal y como se explica en el considerando 33: «Debe obligarse al comerciante a informar por anticipado al consumidor de toda disposición que le imponga pagar un depósito al comerciante, incluso las disposiciones por las que se bloquee un importe en la tarjeta de crédito o débito del consumidor».

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, la información sobre las condiciones de la garantía deberá incluir, en particular, si la cantidad en cuestión se bloqueará o se cargará en la cuenta del consumidor y cuándo y en qué condiciones se desbloqueará o se reembolsará al consumidor. |

3.3.4.   Mecanismos extrajudiciales de recurso

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | t) | cuando proceda, la posibilidad de recurrir a un mecanismo no judicial de reclamación y recurso al que esté sujeto el comerciante y los métodos para tener acceso al mismo. | |

El requisito de información anterior se refiere a cualquier mecanismo no judicial de reclamación y recurso al que esté sujeto el comerciante, en particular los mecanismos que entran en el ámbito de aplicación de la Directiva 2013/11/UE del Parlamento Europeo y del Consejo [(95)](#ntr95-C_2021525ES.01000101-E0095) relativa a la resolución alternativa de litigios en materia de consumo («Directiva sobre RAL en materia de consumo»).

La Directiva sobre RAL en materia de consumo garantiza que los residentes en la UE tengan acceso a mecanismos extrajudiciales de resolución de litigios para resolver sus litigios con comerciantes establecidos en la UE. Establece requisitos de calidad específicos para las entidades y los procedimientos de resolución alternativa de litigios. Solo los organismos de resolución alternativa de litigios que han sido evaluados por los Estados miembros con arreglo a estos requisitos y han sido comunicados a la Comisión están reconocidos como «entidades de RAL» con arreglo a la Directiva sobre RAL en materia de consumo.

La Directiva sobre RAL en materia de consumo se aplica a los litigios nacionales y transfronterizos relativos a obligaciones contractuales derivadas de contratos de compraventa o de servicios, independientemente del producto o servicio que el consumidor haya adquirido (solo se excluyen los litigios relativos a la salud y la enseñanza superior [(96)](#ntr96-C_2021525ES.01000101-E0096)), de si el producto o servicio se ha adquirido en línea o fuera de línea, y de si el comerciante está establecido en el Estado miembro del consumidor o en otro Estado miembro.

Por consiguiente, cuando el mecanismo extrajudicial sobre el que el comerciante informa al consumidor con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra t), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores sea una «entidad de RAL» según se define en el artículo 4, apartado 1, letra h), de la Directiva sobre RAL en materia de consumo, el comerciante también debe cumplir los requisitos establecidos en el artículo 13 de dicha Directiva. Exige a los comerciantes que informen sobre la entidad o entidades de RAL que les amparan cuando se comprometan o estén obligados a recurrir a la resolución alternativa de litigios para resolver litigios con los consumidores. Dicha información debe incluir la dirección de los sitios web de las entidades de RAL pertinentes. De conformidad con el artículo 13, apartado 2, de la Directiva sobre RAL en materia de consumo, la información se facilitará de manera clara, comprensible y fácilmente accesible en el sitio web del comerciante, si lo hubiere, y, si procede, en las condiciones generales aplicables a los contratos de compraventa o de servicios entre el comerciante y el consumidor.

El Tribunal explicó a este respecto que, con arreglo al artículo 13, apartado 2, de la Directiva sobre RAL en materia de consumo y al artículo 6, apartado 1, letra t), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, no basta con que el consumidor reciba la información sobre la resolución alternativa de litigios simplemente en el momento de la celebración del contrato con el comerciante, ya sea en las condiciones generales del contrato o en un documento separado a dichas condiciones generales. Por el contrario, el consumidor debe recibir esta información con la debida antelación antes de la celebración del contrato y no simplemente en la fase de celebración del contrato [(97)](#ntr97-C_2021525ES.01000101-E0097).

Además, el artículo 14, apartado 1, del Reglamento (UE) n.o 524/2013 del Parlamento Europeo y del Consejo [(98)](#ntr98-C_2021525ES.01000101-E0098) sobre resolución de litigios en línea en materia de consumo (Reglamento sobre RLL en materia de consumo) exige que los comerciantes establecidos en la Unión que celebren contratos de compraventa o de prestación de servicios en línea, así como los mercados en línea establecidos en la Unión, faciliten en sus sitios de internet un enlace electrónico a la plataforma de resolución de litigios en línea [(99)](#ntr99-C_2021525ES.01000101-E0099)..

3.4.   
Requisitos adicionales para los mercados en línea

La Directiva (UE) 2019/2161 modifica tanto la Directiva sobre los derechos de los consumidores como la DPCD mediante la introducción de obligaciones de información para los «mercados en línea». Los mercados en línea se definen en el artículo 2, apartado 17, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores [(100)](#ntr100-C_2021525ES.01000101-E0100).

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| Artículo 2  17)   «mercado en línea»: un servicio que emplea programas («software»), incluidos un sitio web, parte de un sitio web o una aplicación, operado por el comerciante o por cuenta de este, que permite a los consumidores celebrar contratos a distancia con otros comerciantes o consumidores; |

La Directiva (UE) 2019/2161 ha añadido a la Directiva sobre los derechos de los consumidores un nuevo artículo 6 bis«Requisitos de información específicos adicionales para contratos celebrados en mercados en línea».

El artículo 6 bis comienza con una cláusula general que establece requisitos relativos a la accesibilidad de la información que debe facilitar el mercado en línea; estos requisitos formales se corresponden con los ya establecidos en el artículo 6, apartado 1, y en el artículo 8, apartado 1, para todos los contratos a distancia:

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| Artículo 6 bis  1.   Antes de que un consumidor quede obligado por un contrato a distancia, o cualquier oferta correspondiente, en un mercado en línea, el proveedor del mercado en línea le facilitará, sin perjuicio de lo dispuesto en la Directiva 2005/29/CE, la siguiente información de forma clara, comprensible y adecuada a las técnicas de comunicación a distancia: |

Las obligaciones específicas de información se establecen en el artículo 6 bis, apartado 1. La letra a) exige transparencia en cuanto a los parámetros de clasificación, mientras que las obligaciones de las letras b), c) y d) requieren información sobre la situación de la otra parte contratante, la aplicabilidad de los derechos de los consumidores y quién es responsable de la ejecución del contrato.

3.4.1.   Criterios de clasificación

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| Artículo 6 bis, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | a) | información general, facilitada en una sección específica de la interfaz en línea que sea fácil y directamente accesible desde la página en la que se presenten las ofertas, relativa a los principales parámetros que determinan la clasificación, tal como se define en el artículo 2, apartado 1, letra m), de la Directiva 2005/29/CE, de las ofertas presentadas al consumidor como resultado de la búsqueda y la importancia relativa de dichos parámetros frente a otros parámetros; | |

La Directiva (UE) 2019/2161 añadió una obligación de información similar también a la DPCD, como un nuevo apartado 4 bis del artículo 7 sobre omisiones engañosas. También añadió un nuevo punto 11 bis al anexo I («Lista negra») de la DPCD, que prohíbe la publicidad no divulgada y la promoción remunerada en los resultados de las búsquedas.

La obligación de la Directiva sobre los derechos de los consumidores se aplica a los mercados en línea que permiten la celebración directa de contratos de consumo con terceros (tanto entre empresas y consumidores como entre consumidores). En cambio, no se aplica a las herramientas de comparación de precios ni a los motores de búsqueda en línea, cuando no actúan como mercados en línea; estos intermediarios solo están sujetos a los requisitos de la DPCD.

La clasificación se define en el artículo 2, letra m), de la DPCD como «la preeminencia relativa atribuida a los productos, en su presentación, organización o comunicación por parte del comerciante, independientemente de los medios tecnológicos empleados para dicha presentación, organización o comunicación». Se aplica la misma definición en el contexto de la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

El considerando 19 de la Directiva (UE) 2019/2161 explica además que resulta, «entre otros, del empleo de mecanismos de secuenciación algorítmica, calificación o valoración, énfasis visual u otras herramientas de resalte o combinaciones de las mismas».

La obligación de informar sobre los parámetros de clasificación surge cuando el mercado proporciona, tras una consulta formulada por un consumidor, resultados de búsqueda relativos a productos ofrecidos por diferentes comerciantes o consumidores alojados en el mercado. En cambio, no se aplica a la organización predeterminada de la interfaz en línea que se muestra al consumidor y que no es el resultado de una consulta específica en esa interfaz en línea.

Por lo que se refiere al contenido de la información, el mercado debe proporcionar información «general» sobre los parámetros principales que determinan la clasificación de los productos y sobre la «importancia relativa» de dichos parámetros con respecto a otros.

Según el considerando 22 de la Directiva (UE) 2019/2161, «por parámetros que determinan la clasificación se entienden los criterios generales, procesos, señales específicas incorporadas en los algoritmos u otros mecanismos de ajuste o degradación que se utilicen en la clasificación».

La información sobre la clasificación se entiende sin perjuicio de lo dispuesto en la Directiva (UE) 2016/943 del Parlamento Europeo y del Consejo [(101)](#ntr101-C_2021525ES.01000101-E0101) sobre secretos comerciales. Como se explica en la obligación paralela de transparencia de la clasificación para todas las plataformas en línea y los motores de búsqueda en línea establecida en el artículo 5 del Reglamento (UE) 2019/1150 del Parlamento Europeo y del Consejo [(102)](#ntr102-C_2021525ES.01000101-E0102) sobre las relaciones entre plataformas y empresas (el denominado «Reglamento P2B»), esto significa que la consideración de los intereses comerciales de los proveedores pertinentes nunca debe dar lugar a la negativa a revelar los parámetros principales que determinan la clasificación. Al mismo tiempo, ni la Directiva (UE) 2016/943 ni el Reglamento P2B exigen la divulgación del funcionamiento detallado de los mecanismos de clasificación de los proveedores pertinentes, también de sus algoritmos [(103)](#ntr103-C_2021525ES.01000101-E0103). El mismo enfoque se aplica al requisito de información en virtud de la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

La descripción de los parámetros de clasificación por defecto puede mantenerse en un nivel general y no es necesario que se presente de un modo personalizado para cada una de las consultas concretas efectuadas [(104)](#ntr104-C_2021525ES.01000101-E0104). Además de los requisitos generales relativos a su accesibilidad, la información sobre los parámetros de clasificación debe estar disponible en una sección específica de la interfaz en línea que sea directa y fácilmente accesible desde la página en la que se presenten las ofertas [(105)](#ntr105-C_2021525ES.01000101-E0105).

La obligación de información también se aplica cuando un comerciante permite realizar búsquedas en una interfaz en línea mediante comandos por voz (a través de «asistentes digitales»), en lugar de tecleando. También en este caso, la información debe estar disponible para su consulta en el sitio web o la aplicación del comerciante «en una sección específica de la interfaz en línea».

Las normas sobre la clasificación de la transparencia hacia los consumidores (en la Directiva sobre los derechos de los consumidores y la DPCD) definen la «clasificación» en términos sustancialmente similares a los del Reglamento P2B. Dicho Reglamento obliga a las plataformas a informar a los usuarios profesionales a través de la información contenida en las condiciones de las relaciones entre empresas de la plataforma, o a facilitar la información en la fase precontractual.

Aunque los requisitos de información respectivos son similares, sus «públicos» son diferentes. Por este motivo, la Directiva sobre los derechos de los consumidores (y la DPCD) solo requieren información «general» sobre los principales parámetros de clasificación y su importancia relativa. Esta diferencia con respecto al Reglamento P2B refleja las necesidades de información de los consumidores que necesitan información concisa y fácil de comprender. Por la misma razón, las normas de la Directiva sobre los derechos de los consumidores (y la DPCD) tampoco requieren una explicación de las «razones» de la importancia relativa de los principales parámetros de clasificación que exige el Reglamento P2B.

En términos prácticos, los proveedores de servicios de intermediación en línea podrán utilizar la información más detallada que proporcionan a sus usuarios profesionales en virtud del Reglamento P2B como base para diseñar una explicación orientada al consumidor de los parámetros de clasificación. La Comisión ha publicado directrices sobre la clasificación de la transparencia de conformidad con dicho Reglamento [(106)](#ntr106-C_2021525ES.01000101-E0106). Estas directrices abordan varias cuestiones que también son indirectamente pertinentes en la aplicación de las normas de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y la DPCD relativas a la clasificación de la transparencia, como el concepto de «parámetros principales», «preeminencia relativa» y «remuneración directa e indirecta».

3.4.2.   Situación de la otra parte contratante

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| Artículo 6 bis, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | b) | si el tercero que ofrece los bienes, servicios o contenido digital es un comerciante o no, con arreglo a la declaración de dicho tercero al proveedor del mercado en línea; | |

En el nuevo artículo 7, apartado 4, letra f), de la DPCD, relativo a la invitación a comprar, se establece un requisito similar en relación con la condición del tercero proveedor.

El objetivo de este requisito de información específico para los mercados en línea es garantizar que los consumidores siempre sepan a quién están comprando un bien o un servicio en el mercado en línea: a un comerciante o a otro consumidor. Una suposición errónea de que el tercero proveedor es un comerciante puede causar problemas al consumidor si algo sale mal con la compra en línea (por ejemplo, la no conformidad de los bienes) y si resulta que las normas de protección del consumidor, como el derecho de desistimiento en el plazo de catorce días o la garantía jurídica, no se aplican realmente al contrato.

Ambas disposiciones de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y de la DPCD especifican que la información sobre la situación del tercero proveedor debe basarse en una declaración de dicho proveedor que el mercado en línea transmite posteriormente al consumidor. Por lo tanto, el mercado en línea puede basarse principalmente en la declaración facilitada por el tercero proveedor. Este enfoque está en consonancia con la prohibición de imponer obligaciones generales de seguimiento a los intermediarios en línea en virtud de la Directiva sobre el comercio electrónico [(107)](#ntr107-C_2021525ES.01000101-E0107), en la medida en que las disposiciones pertinentes de dicha Directiva se apliquen al mercado en línea. Al mismo tiempo, se entiende sin perjuicio de las obligaciones del mercado en relación con los contenidos ilícitos, tales como actuar sobre la base de un aviso que informa a la plataforma sobre ofertas fraudulentas específicas de los comerciantes [(108)](#ntr108-C_2021525ES.01000101-E0108).

Cabe destacar que el artículo 6 bis, apartado 1, letra b), establece un requisito de información cuyo objetivo es promover la claridad para los consumidores que compran en mercados en línea. La autodeclaración es un buen indicador de la situación jurídica del proveedor, pero no sustituye a la definición de «comerciante» que queda por aplicar de conformidad con los criterios especificados. A este respecto, debe hacerse referencia al punto 22 del anexo I («Lista negra») de la DPCD, que prohíbe a los comerciantes fingir que son no comerciantes. Esta prohibición se aplica a toda declaración incorrecta o inexacta de ser no comerciante con arreglo a esta nueva norma de información.

3.4.3.   Información sobre la inaplicabilidad del Derecho de la UE en materia de protección de los consumidores

El artículo 6 bis, apartado 1, letra c), tiene por objeto animar a los comerciantes a declarar correctamente su situación. Exige que el proveedor del mercado en línea advierta a los consumidores de que no se benefician de los derechos de los consumidores cuando el tercero proveedor haya declarado su condición de no comerciante.

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| Artículo 6 bis, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | c) | cuando el tercero que ofrece los bienes, servicios o contenido digital no sea un comerciante, que los derechos de los consumidores derivados de la legislación de la Unión en materia de protección de los consumidores no son de aplicación al contrato; | |

La información de que los derechos de los consumidores de la UE no se aplican al contrato debe acompañar, de forma concisa y lo más destacada posible, a la información de que el tercero proveedor ha declarado su condición de no comerciante. El principal objetivo de esta notificación es advertir a los consumidores de que no pueden contar con la protección jurídica que normalmente podrían esperar, como el derecho de desistimiento o la garantía jurídica, de manera que celebren el contrato con pleno conocimiento de estas limitaciones.

3.4.4.   Reparto de las responsabilidades relacionadas con el contrato

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| Artículo 6 bis, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | d) | cuando proceda, cómo se reparten las obligaciones relacionadas con el contrato entre el tercero que ofrece los bienes, servicios o contenido digital y el proveedor del mercado en línea, entendiéndose esta información sin perjuicio de cualquier responsabilidad que el proveedor del mercado en línea o el tercero comerciante tenga en relación con el contrato en virtud de otra normativa de la Unión o nacional. | |

Los consumidores que utilizan un mercado en línea celebran contratos o bien con el proveedor del mercado o bien con el tercero proveedor para el suministro de productos específicos ofrecidos en ese mercado. Además, el consumidor también tiene un contrato (marco) con el proveedor del mercado en línea y este último tiene contratos con los proveedores que hay en ese mercado. Estos contratos regulan las condiciones de uso del servicio del mercado para los usuarios, lo que incluye los servicios que el mercado ofrece al consumidor en relación con sus contratos con los proveedores en relación con productos concretos.

El artículo 6 bis, apartado 1, letra d), pretende aclarar a los consumidores «cómo se reparten las obligaciones relacionadas con el contrato» entre el tercero proveedor y el proveedor del mercado cuando se celebran contratos con terceros proveedores de ese mercado. Exige que el mercado recuerde al consumidor cualquier responsabilidad que el mercado pueda haber asumido para con el consumidor en relación con tales contratos.

Esta información sobre el reparto de responsabilidades entre el proveedor del mercado en línea y el tercero proveedor debe facilitarse «cuando proceda». En concreto, este requisito solo se aplica cuando existe una responsabilidad compartida con respecto a los consumidores entre el mercado en línea y el tercero proveedor. Por ejemplo, el mercado en línea podría asumir la responsabilidad de la entrega de los bienes, mientras que el tercero proveedor seguirá siendo responsable de la conformidad de los bienes.

La Directiva sobre los derechos de los consumidores no regula cómo deben repartirse las responsabilidades entre las partes. Corresponde al mercado en línea y al tercero comerciante acordar sus respectivas responsabilidades en relación con los contratos celebrados en el mercado, con sujeción a la legislación nacional aplicable, y el mercado debe informar a los consumidores en consecuencia.

El considerando 27 de la Directiva (UE) 2019/2161 ofrece un ejemplo de cómo el mercado en línea podría aplicar esta nueva obligación de información: «El proveedor del mercado en línea podría indicar que el tercero comerciante es el único responsable de garantizar los derechos de los consumidores, o describir sus responsabilidades específicas cuando asuma la responsabilidad relativa a determinados aspectos del contrato, por ejemplo, la entrega o el ejercicio del derecho de desistimiento». El considerando 27 también menciona que la información debe facilitarse de manera clara y comprensible y no solo en las condiciones generales o en documentos contractuales similares.

3.4.5.   Posibilidad de imponer requisitos de información adicionales

El artículo 6 bis, apartado 2, permite a los Estados miembros imponer requisitos de información adicionales a los mercados en línea, teniendo en cuenta las normas de la Directiva 2000/31/CE sobre el comercio electrónico.

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| Artículo 6 bis  2.   Sin perjuicio de la Directiva 2000/31/CE, el presente artículo no impide a los Estados miembros que impongan requisitos de información adicionales a los proveedores de mercados en línea. Tales disposiciones serán proporcionadas y no discriminatorias, y estarán justificadas por razones de protección de los consumidores. |

Por consiguiente, esta opción reglamentaria es similar a la opción más general recogida en el artículo 6, apartado 8, que permite a los Estados miembros imponer requisitos de información adicionales (como se ha explicado en la sección 3.1.5 anterior).

4.   Requisitos especiales de los contratos a distancia

4.1.   
Definición de un contrato a distancia

El artículo 2 define los contratos a distancia como sigue: «7) “contrato a distancia”: todo contrato celebrado entre un comerciante y un consumidor en el marco de un sistema organizado de venta o prestación de servicios a distancia, sin la presencia física simultánea del comerciante y del consumidor, y en el que se han utilizado exclusivamente una o más técnicas de comunicación a distancia hasta el momento en que se celebra el contrato y en la propia celebración del mismo».

En el considerando 20 se recogen más explicaciones sobre este concepto, incluidos ejemplos de medios de comunicación a distancia: «La definición de contrato a distancia debe abarcar todos los casos en que los contratos se celebran entre el comerciante y el consumidor en el marco de un sistema organizado de venta o prestación de servicios a distancia, exclusivamente mediante el uso de uno o varios medios de telecomunicación (venta por correo, Internet, teléfono o fax), hasta el momento en que se celebra el contrato, con inclusión de ese momento. Dicha definición debe cubrir también las situaciones en las que el consumidor únicamente visita el establecimiento mercantil de la empresa con el propósito de recabar información sobre los bienes o los servicios y la negociación y celebración subsiguiente del contrato tienen lugar a distancia. Por otra parte, un contrato que se negocie en el establecimiento mercantil del comerciante y acabe celebrándose a través de un medio de telecomunicación no debe considerarse un contrato a distancia. Tampoco debe considerarse un contrato a distancia el contrato que se inicie utilizando un medio de comunicación a distancia pero acabe celebrándose en el establecimiento mercantil del comerciante. Asimismo, el concepto de contrato a distancia no debe incluir las reservas que el consumidor pueda realizar a través de una técnica de comunicación a distancia para solicitar a un profesional la prestación de un servicio, como puede ser el caso de un consumidor que llame por teléfono para pedir una cita en una peluquería. […]».

Al celebrar un contrato a distancia, las partes también pueden utilizar una combinación de diversos medios de comunicación a distancia (por ejemplo, un sitio web, una aplicación móvil o una llamada telefónica). El hecho de que las partes se reúnan una vez celebrado el contrato a distancia, normalmente en el momento de la entrega o del pago, no debe modificar la clasificación de un contrato como contrato a distancia. Si el consumidor simplemente ha visitado el establecimiento mercantil para recabar información sobre los bienes o servicios, el contrato que posteriormente negociará y celebrará con el comerciante a distancia deberá considerarse un contrato a distancia. Si bien concertar una cita con el comerciante no se considera un contrato a distancia, una reserva vinculante realizada, por ejemplo, por teléfono, de bienes que se han de recoger o servicios que se han de recibir en un momento determinado, probablemente constituya un contrato a distancia a los efectos de la Directiva.

La Directiva solo se aplica a contratos a distancia celebrados con arreglo a un sistema organizado de prestación de servicios o de venta a distancia. Por ejemplo, si un comerciante de forma excepcional celebra un contrato con un consumidor por teléfono o por correo electrónico, tras ser contactado por el consumidor, dicho contrato no se considerará contrato a distancia con arreglo a la Directiva. Sin embargo, no es necesario que el comerciante establezca una organización compleja, como una interfaz en línea, para las ventas a distancia. Unas disposiciones más sencillas, como promover el uso del correo electrónico o del teléfono para la celebración de contratos con los consumidores, también conllevarían la aplicación de los requisitos de la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

El comerciante puede emplear un mercado en línea para la celebración de contratos sujetos a la Directiva. Tal y como se explica en el considerando 20: «[...] El concepto de sistema organizado de prestación de servicios o de venta a distancia debe incluir los sistemas ofrecidos por un tercero distinto del comerciante pero utilizado por este, como una plataforma en línea. No obstante, no debe cubrir los casos en los que las páginas web ofrecen información solamente sobre el comerciante, sus bienes o servicios y sus datos de contacto».

La aplicación de la Directiva sobre los derechos de los consumidores no depende de la tecnología utilizada por el comerciante. Es irrelevante si un consumidor celebra un contrato a distancia «normal» por Internet o utiliza tecnología de cadena de bloques [(109)](#ntr109-C_2021525ES.01000101-E0109).

4.2.   
Información precontractual

4.2.1.   Información que debe presentarse directamente antes de efectuar el pedido

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| Artículo 8  2.   Si un contrato a distancia que ha de ser celebrado por medios electrónicos obliga al consumidor a pagar, el comerciante pondrá en conocimiento del consumidor de una manera clara y destacada, y justo antes de que el consumidor efectúe el pedido, la información establecida en el artículo 6, apartado 1, letras a), e), o) y p). |

El artículo 8, apartado 2, se refiere a la información que debe facilitarse directamente al consumidor antes de celebrar contratos por medios electrónicos que impliquen el pago de un precio.

La Directiva no define «medios electrónicos» pero, a la vista de la explicación ofrecida en el considerando 39, este término debería interpretarse como referido a contratos celebrados a través de sitios web y otras interfaces en línea: «Es importante asegurar que, en los contratos a distancia celebrados a través de sitios web, el consumidor está en condiciones de leer y de comprender los elementos más importantes del contrato debidamente antes de efectuar el pedido. A tal efecto, la presente Directiva debe establecer que esos elementos aparezcan junto al lugar donde se solicita la confirmación requerida para efectuar el pedido [...]». Además, habida cuenta de la definición de «por vía electrónica» en la Directiva (UE) 2015/1535 del Parlamento Europeo y del Consejo [(110)](#ntr110-C_2021525ES.01000101-E0110), el artículo 8, apartado 2, también puede aplicarse a otras tecnologías, como los contenidos digitales suministrados a través de los descodificadores de televisión.

El artículo 8, apartado 2, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores deberá considerase en el contexto de las normas nacionales que transponen las disposiciones de la Directiva 2000/31/CE sobre el comercio electrónico en relación con la celebración de contratos, que se aplican si el contrato entra en el ámbito de la definición de un «servicio de la sociedad de la información», es decir, cualquier servicio prestado normalmente a cambio de una remuneración, a distancia, por vía electrónica y a petición individual de un destinatario de servicios.

El artículo 8, apartado 9, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores confirma expresamente que se aplica sin perjuicio de las disposiciones establecidas en los artículos 9 y 11 de la Directiva 2000/31/CE, por las que se obliga al comerciante a permitir que el consumidor verifique el pedido electrónico antes de realizarlo.

En consecuencia, el artículo 8, apartado 2, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores se aplicará en la práctica en el momento en el que se solicite al consumidor que verifique el pedido de conformidad con la Directiva sobre el comercio electrónico, es decir, que revise el contenido de la cesta de compra antes de hacer clic en el botón «comprar» [(111)](#ntr111-C_2021525ES.01000101-E0111).

El término «justo antes» recogido en el artículo 8, apartado 2, deberá hacer referencia, en primer lugar, al aspecto temporal e interpretarse en el sentido de «inmediatamente antes». Por otra parte, los términos «manera destacada» del artículo 8, apartado 2 y «junto al lugar» del considerando 39 hacen referencia a requisitos más exigentes en relación con la presentación de la información en comparación con los requisitos generales recogidos en el artículo 6, apartado 1, y el artículo 8, apartado 1. La información deberá presentarse de forma que el consumidor pueda verla y leerla antes de realizar el pedido sin verse obligado a salir de la página utilizada para realizar el pedido.

Los requisitos relativos a la información precontractual específica mencionados en el artículo 8, apartado 2, son los siguientes:

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| 1) | las características principales [artículo 6, apartado 1, letra a)]; |

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| 2) | el precio total [artículo 6, apartado 1, letra e)]; |

|  |  |
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| 3) | la duración del contrato y las condiciones de resolución [artículo 6, apartado 1, letra o)]; |

|  |  |
| --- | --- |
| 4) | cuando proceda, la duración mínima de las obligaciones del consumidor derivadas del contrato [artículo 6, apartado 1, letra p)]. |

4.2.2.   Botón de confirmación del pedido

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| --- |
| Artículo 8  2.   […]  El comerciante deberá velar por que el consumidor, al efectuar el pedido, confirme expresamente que es consciente de que este implica una obligación de pago. Si la realización de un pedido se hace activando un botón o una función similar, el botón o la función similar deberán etiquetarse de manera que sea fácilmente legible únicamente con la expresión «pedido con obligación de pago» o una formulación correspondiente no ambigua que indique que la realización del pedido implica la obligación de pagar al comerciante. En caso contrario, el consumidor no quedará obligado por el contrato o pedido. |

El artículo 8, apartado 2, exige que el botón utilizado para realizar el pedido en el sitio web esté claramente etiquetado. La indicación correspondiente (etiqueta) debe figurar en el botón propiamente dicho o inmediatamente al lado. Esta etiqueta puede estar diseñada de diferentes formas siempre y cuando transmita claramente el mensaje sobre la obligación de pagar [(112)](#ntr112-C_2021525ES.01000101-E0112):

|  |  |
| --- | --- |
| — | por ejemplo, términos como «comprar ahora», «pagar ahora» o «confirmar compra» transmitirían el mensaje exigido por esta disposición; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | sin embargo, es más difícil que frases como «registrar», «confirmar» o «realizar pedido ahora», así como frases innecesariamente largas que puedan ocultar el mensaje sobre la obligación de pagar, cumplan este requisito. |

Este requisito también se aplica si el comerciante ha diseñado la presentación de la información precontractual al consumidor de conformidad con el artículo 8, apartado 4.

4.2.3.   Información sobre las restricciones de entrega y las modalidades de pago

|  |
| --- |
| Artículo 8  3.   Los sitios web de comercio deberán indicar de modo claro y legible, a más tardar al inicio del procedimiento de compra, si se aplica alguna restricción de entrega y cuáles son las modalidades de pago aceptadas. |

De conformidad con el artículo 8, apartado 3, los sitios web de comercio deben informar a los consumidores de las restricciones de entrega, incluidas las geográficas, ofreciendo información fácil de comprender de una manera claramente visible. Por ejemplo, esta información no debe mencionarse únicamente en las condiciones generales del comerciante o solo en páginas web separadas que no estén claramente etiquetadas y a las que, por tanto, no es probable que los consumidores accedan durante su sesión de compra.

La información sobre las «restricciones de entrega» facilitada en virtud del artículo 8, apartado 3, debe corresponderse con la información sobre los procedimientos de entrega facilitada de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra g), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores.

Las restricciones de entrega y pago están sujetas al Reglamento (UE) 2018/302 del Parlamento Europeo y del Consejo [(113)](#ntr113-C_2021525ES.01000101-E0113) sobre bloqueo geográfico. En particular, la modificación automática de la información sobre las restricciones de entrega sobre la base de la geolocalización del usuario podría suponer una infracción del artículo 4 del Reglamento sobre bloqueo geográfico, en particular cuando impide el acceso a los bienes en una zona normalmente atendida por el comerciante.

|  |  |
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| — | Por ejemplo, un comerciante que ofrezca entregas en un Estado miembro determinado conforme a las condiciones generales aplicables en su sitio web internacional «.com» no debe excluir automáticamente esta opción de entrega cuando detecte a un consumidor que se conecta desde ese Estado miembro y que también tiene acceso a un sitio web nacional específico. |

Por lo que se refiere a las modalidades de pago, el artículo 5 del Reglamento sobre bloqueo geográfico prohíbe a los comerciantes limitar su aceptación por motivos relacionados con la nacionalidad, el lugar de residencia o el lugar de establecimiento de un cliente en la UE, como el lugar de emisión de la tarjeta bancaria.

4.2.4.   Contratos celebrados mediante medios de comunicación a distancia con espacio o tiempo limitado

El artículo 8, apartado 4, aborda los medios de comunicación a distancia que presentan un tiempo o espacio limitado para mostrar la información:

|  |
| --- |
| Artículo 8  4.   Si el contrato se celebra a través de una técnica de comunicación a distancia en la que el espacio o el tiempo para facilitar la información son limitados, el comerciante facilitará en ese soporte específico o a través de él, antes de la celebración de dicho contrato, como mínimo la información precontractual sobre las características principales de los bienes o servicios, la identidad del comerciante, el precio total, el derecho de desistimiento, la duración del contrato y, en el caso de contratos de duración indefinida, las condiciones de resolución a que se hace referencia, respectivamente, en el artículo 6, apartado 1, letras a), b), e), h) y o), excepto el modelo de formulario de desistimiento que figura en el anexo I, letra B, a que se refiere la letra h). El comerciante facilitará al consumidor las demás informaciones que figuran en el artículo 6, apartado 1, incluido el modelo de formulario de desistimiento, de una manera apropiada con arreglo al apartado 1 del presente artículo. |

Asimismo, el artículo 8, apartado 4, incluye los mismos requisitos de información que el artículo 8, apartado 2, a los que añade información relativa a los siguientes aspectos:

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| 1) | la identidad del comerciante a que se refiere el artículo 6, apartado 1, letra b); |

|  |  |
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| 2) | el derecho de desistimiento tal y como se recoge en el artículo 6, apartado 1, letra h), esto es, la información sobre las condiciones, el plazo y los procedimientos para ejercer ese derecho. |

El artículo 8, apartado 4, no incluye el requisito conforme al artículo 6, apartado 1, letra p), de facilitar información sobre «la duración mínima de las obligaciones del consumidor derivadas del contrato». No obstante, tal y como se señala anteriormente en la sección 3.2.7, cualquier plazo mínimo de estas características es también una de las principales condiciones de resolución de un contrato de duración indeterminada o de un contrato prolongado automáticamente en el sentido del artículo 6, apartado 1, letra o). Así pues, en la práctica, este elemento de información debería estar cubierto también por el artículo 8, apartado 4.

El artículo 8, apartado 4, se aplica a los contratos celebrados mediante tecnologías como el teléfono, los asistentes de compra de voz, los SMS u otros medios de comunicación a distancia que impongan límites técnicos a la cantidad de información que puede presentarse al consumidor [(114)](#ntr114-C_2021525ES.01000101-E0114). En tales situaciones, la Directiva permite al comerciante facilitar al consumidor un conjunto más limitado de elementos de información antes de la celebración del contrato a distancia, mientras que las demás informaciones exigidas con arreglo al artículo 6, apartado 1, deberán facilitarse a través de otro medio en términos claros y comprensibles. (Véase también el considerando 36, que hace referencia a facilitar «un número de teléfono gratuito o un enlace a una página web»).

La Directiva (UE) 2019/2161 modificó el artículo 8, apartado 4, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y excluyó de las obligaciones de información la obligación de facilitar el modelo de formulario de desistimiento que figura en el anexo I, letra B. Por lo tanto, bastará con comunicar dicho formulario a través de otro medio en términos claros y comprensibles [(115)](#ntr115-C_2021525ES.01000101-E0115). Una vez celebrado el contrato, se incluirá información completa en la confirmación del contrato facilitada en un soporte duradero de conformidad con el artículo 8, apartado 7.

El Tribunal abordó la aplicación del artículo 8, apartado 4, en el asuntoC-430/17, Walbusch Walter Busch, relativo a ventas a distancia por correspondencia (cupón de pedido distribuido a través de periódicos y revistas).

El Tribunal resolvió que «[l]a apreciación de si, en un caso concreto, en una técnica de comunicación el espacio o el tiempo para facilitar la información son limitados, en el sentido del artículo 8, apartado 4, debe realizarse teniendo en cuenta todas las características técnicas de la comunicación comercial del comerciante. A este respecto, debe comprobarse si, teniendo en cuenta el espacio y el tiempo ocupado por la comunicación y el tamaño mínimo del carácter tipográfico que sería adecuado para un consumidor medio destinatario de dicha comunicación, toda la información mencionada en el artículo 6, apartado 1, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores podría presentarse objetivamente en el marco de la citada comunicación.

En cambio, «la elección realizada por el comerciante en cuestión, en cuanto a la articulación y el uso del espacio y del tiempo del que dispone en virtud de la técnica de comunicación que ha decidido utilizar no son pertinentes a efectos de esta apreciación» [(116)](#ntr116-C_2021525ES.01000101-E0116).

En la práctica, las «técnicas de comunicación a distancia en las que el espacio o el tiempo para facilitar la información son limitados» a las que se refiere el artículo 8, apartado 4, son aquellas que no permiten el suministro de información estratificada (por ejemplo, mediante encabezados ampliables o enlaces que dirijan a los consumidores a una presentación más detallada de la información pertinente); véase a este respecto la sección 3.1.1 relativa al suministro de la información al consumidor de manera clara y comprensible.

Los teléfonos inteligentes no se consideran una «técnica de comunicación a distancia en la que el espacio o el tiempo para facilitar la información son limitados», ya que siempre puede facilitarse información adicional a los usuarios de estas pantallas mediante la ampliación de árboles de contenido o páginas adicionales. Cuando el comerciante haya personalizado el contenido y la presentación de la interfaz en línea para adaptarlos a estos dispositivos, puede utilizar el artículo 8, apartado 4, y la jurisprudencia conexa como directrices para seleccionar la información que debe facilitarse de forma más destacada. En estos casos, el comerciante puede centrarse en los elementos de información exigidos en el artículo 8, apartado 4, con un formato ampliable [(117)](#ntr117-C_2021525ES.01000101-E0117), cuando proceda, y facilitar el resto de la información obligatoria a través de páginas adicionales.

4.3.   
Contratos celebrados por teléfono

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| Artículo 8  5.   Sin perjuicio de lo dispuesto en el apartado 4, si el comerciante llama por teléfono al consumidor para celebrar un contrato a distancia, deberá revelar, al inicio de la conversación con el consumidor, su identidad y, si procede, la identidad de la persona por cuenta de la cual efectúa la llamada, así como indicar el objetivo comercial de la misma. |

El artículo 8, apartado 5, incluye una norma especial para contratos celebrados por teléfono según la cual la identidad del comerciante y el objetivo comercial de la llamada deben quedar claros al inicio de la conversación. Habida cuenta de que esta norma es «[s]in perjuicio de lo dispuesto en el apartado 4», los comerciantes pueden limitar la información facilitada durante la llamada telefónica de conformidad con el artículo 8, apartado 4.

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| Artículo 8  6.   En caso de que un contrato a distancia vaya a celebrarse por teléfono, los Estados miembros podrán establecer que el comerciante ha de confirmar la oferta al consumidor, que solo quedará vinculado una vez que haya firmado la oferta o enviado su acuerdo por escrito. Los Estados miembros podrán establecer asimismo que dichas confirmaciones han de realizarse en un soporte duradero. |

El artículo 8, apartado 6, contiene otra opción reglamentaria disponible para los Estados miembros. Algunos Estados miembros han utilizado esta opción reglamentaria de forma más limitada, es decir, han aplicado los respectivos requisitos adicionales solo a contratos celebrados mediante llamada telefónica iniciada por el comerciante.

«Soporte duradero», con arreglo a esta disposición, se refiere al papel y a otro soporte duradero, según se explica en el considerando 23: «El soporte duradero debe permitir al consumidor guardar la información durante el tiempo necesario para proteger sus intereses derivados de su relación con el comerciante. Dichos soportes deben incluir, en particular, el papel, las memorias USB, los CD-ROM, los DVD, las tarjetas de memoria o los discos duros de ordenador así como los correos electrónicos.». Así pues, los Estados miembros pueden exigir que tanto la confirmación de la oferta por parte del comerciante como el consentimiento del consumidor se faciliten en un soporte duradero, que no tiene que ser necesariamente papel y que puede ser, por ejemplo, un intercambio de correos electrónicos.

4.4.   
Confirmación del contrato

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| Artículo 8  7.   El comerciante deberá facilitar al consumidor la confirmación del contrato celebrado en un soporte duradero y en un plazo razonable después de la celebración del contrato a distancia, a más tardar en el momento de entrega de los bienes o antes del inicio de la ejecución del servicio. Tal confirmación incluirá:   |  |  | | --- | --- | | a) | toda la información que figura en el artículo 6, apartado 1, salvo si el comerciante ya ha facilitado la información al consumidor en un soporte duradero antes de la celebración del contrato a distancia, y |  |  |  | | --- | --- | | b) | cuando proceda, la confirmación del previo consentimiento expreso del consumidor y del conocimiento por su parte de la pérdida del derecho de desistimiento de conformidad con el artículo 16, letra m). | |

El comerciante facilitará al consumidor una confirmación del contrato que incluya toda la información exigida en virtud del artículo 6, apartado 1, a no ser que ya haya sido facilitada en un soporte duradero, como en un catálogo de venta por correo, un SMS o un correo electrónico, antes de celebrar el contrato.

La definición de «soporte duradero» fue examinada por el Tribunal en el asunto C-49/11, Content Services, relativo a la Directiva 97/7/CE sobre contratos a distancia, que también exige la confirmación de un contrato a distancia en un soporte duradero en su artículo 5, apartado 1. De acuerdo con la sentencia del Tribunal, la información meramente facilitada en un sitio web no constituye un soporte duradero: «[E]l artículo 5, apartado 1, de la Directiva 97/7/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 20 de mayo de 1997, relativa a la protección de los consumidores en materia de contratos a distancia debe interpretarse en el sentido de que una práctica comercial que consiste en dar acceso a la información prevista en esta disposición solo mediante un hipervínculo a un sitio de Internet de la empresa en cuestión no cumple lo exigido por dicha disposición, ya que tal información no es ni “facilitada” por esa empresa ni “recibida” por el consumidor, en el sentido de esta misma disposición, y un sitio de Internet como del que se trata en el litigio principal no puede considerarse un “soporte duradero” a efectos de dicho artículo 5, apartado 1» [(118)](#ntr118-C_2021525ES.01000101-E0118).

Al mismo tiempo, el Tribunal no excluyó la posibilidad de que determinados sitios web fuesen considerados soportes duraderos si cumplían los requisitos: «Ahora bien, de los autos no se deduce que el sitio de Internet del vendedor, al que remite el vínculo indicado al consumidor, permita a este último almacenar la información dirigida personalmente a él, de manera que pueda acceder a ella y reproducirla de modo idéntico durante un período adecuado, excluyendo cualquier posibilidad de modificación unilateral de su contenido por el vendedor» [(119)](#ntr119-C_2021525ES.01000101-E0119).

El concepto de «soporte duradero» se analizó con más detalle en el asunto C-375/15, BAWAG, en relación con la Directiva 2007/64/CE del Parlamento Europeo y del Consejo [(120)](#ntr120-C_2021525ES.01000101-E0120) sobre servicios de pago, que contenía una definición similar de «soporte duradero». El Tribunal declaró que determinados sitios web pueden clasificarse como «soportes duraderos», siempre que se cumplan unos requisitos específicos:

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| — | ese sitio de Internet permite al consumidor almacenar la información que se le envía personalmente de manera que pueda acceder a ella y reproducirla sin cambios, durante un período de tiempo adecuado, sin que sea posible ninguna modificación unilateral de su contenido por el proveedor de servicios o por cualquier otro profesional, y |

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| — | si el consumidor está obligado a consultar ese sitio de Internet para tener conocimiento de dicha información, la transmisión de esta información se ve acompañada de un comportamiento activo del proveedor destinado a poner en conocimiento del consumidor la existencia y disponibilidad de la información en ese sitio de Internet [(121)](#ntr121-C_2021525ES.01000101-E0121). |

Así pues, una cuenta privada en línea de un cliente con el comerciante en la que este carga la información dirigida al consumidor que no puede eliminar ni modificar de forma unilateral podría considerarse un soporte duradero a los efectos de la Directiva. Si dicha cuenta es el único modo que tiene el comerciante de facilitar la confirmación del contrato, deberá estar garantizada su accesibilidad permanente al consumidor durante un período adecuado incluso una vez rescindido el contrato del consumidor con el comerciante.

Por lo que se refiere a qué constituye un «comportamiento activo» para llamar la atención sobre la nueva comunicación, el TJUE confirmó en el asunto BAWAG que el envío de un correo electrónico al buzón personal del consumidor puede ser suficiente, siempre que: i) el consumidor utilice habitualmente el correspondiente buzón de correo electrónico para comunicarse con otras personas y ii) las partes hayan acordado utilizarlo en el respectivo contrato de servicios celebrado entre el comerciante y el consumidor. No obstante, la dirección así elegida no puede ser la correspondiente a ese consumidor en el sitio web gestionado por el comerciante [(122)](#ntr122-C_2021525ES.01000101-E0122).

El comerciante quedará sujeto a la obligación con arreglo al artículo 8, apartado 7, de facilitar la confirmación del contrato en un soporte duradero incluso si se facilitó información precontractual al consumidor con arreglo al artículo 8, apartado 4. Esta obligación puede considerarse debidamente cumplida, entre otras cosas, cuando, con el consentimiento del consumidor, el comerciante envíe una confirmación del contrato por correo electrónico.

En lo que se refiere al momento de la confirmación, el artículo 8, apartado 7, exige que se envíe «en un plazo razonable después de la celebración del contrato a distancia». Por otro lado, la confirmación deberá facilitarse, a más tardar, en el momento de entrega de los bienes o antes del inicio de la ejecución del servicio.

En el caso de los servicios, no se exige facilitar la confirmación antes de que finalice el plazo de desistimiento (si la ejecución del contrato empieza después de que finalice este plazo). No obstante, el requisito de que se envíe la confirmación en un «plazo razonable» implica que deberá enviarse con el tiempo suficiente como para permitir al consumidor ejercer el derecho de desistimiento. El hecho de que una confirmación tardía haya de ser considerada como no razonable en el sentido del artículo 8, apartado 7, deberá decidirse según el caso concreto.

No se explicita ningún plazo absoluto para la confirmación de contratos para el suministro de servicios públicos y contratos de contenido digital en línea. Por analogía, las normas relativas a los contratos de servicios se aplicarán a estos contratos, es decir, la confirmación deberá facilitarse, a más tardar, antes del inicio de la ejecución del contrato. Esta analogía parece reforzarse con las normas comunes en virtud de la Directiva relativa al cálculo del plazo del derecho de desistimiento para estos contratos de conformidad con el artículo 9, apartado 2, letras a) y c).

Los contratos de contenido digital en línea se ejecutan, por norma general, de forma inmediata, es decir, antes de que expire el plazo de derecho de desistimiento, y el modo más habitual de confirmación es mediante correo electrónico. En este contexto, una pregunta pertinente es si los comerciantes afectados tienen que garantizar que el consumidor realmente recibe la confirmación por correo electrónico antes de iniciar la descarga o la emisión del contenido digital o si resulta suficiente con que el comerciante envíe un correo electrónico antes de iniciar la ejecución del contrato.

Cabe mencionar que el artículo 8, apartado 7, no hace mención a la «recepción» de la confirmación por parte del consumidor, sino que exige al comerciante que la «facilite». El significado de los términos «facilitar» y «recibir» en el contexto de la Directiva 97/7/CE sobre contratos a distancia fue considerado por el TJUE en el asunto C-49/11, Content Services. El artículo 5, apartado 1, de la Directiva sobre contratos a distancia establecía que el consumidor debe recibir confirmación por escrito o mediante cualquier otro soporte duradero disponible que sea accesible para él a su debido tiempo, a menos que la información ya le haya sido facilitada antes de la celebración del contrato, bien sea por escrito o en cualquier otro soporte duradero.

En su sentencia, el Tribunal señaló que los conceptos de «facilitada» y «recibida» son diferentes al término «disponer», que se utiliza en otras disposiciones de la Directiva y que el Tribunal consideró una formulación «neutra»: «Cabe añadir a este respecto que mientras que en el artículo 4 de la Directiva 97/7/CE el legislador de la Unión optó, en la mayor parte de versiones lingüísticas, por una formulación neutra, según la cual el consumidor debe “disponer” de la información pertinente, en el artículo 5, apartado 1, de esta Directiva eligió en cambio un término más coercitivo para el profesional, según el cual el consumidor debe “recibir” la confirmación de dicha información. […]» [(123)](#ntr123-C_2021525ES.01000101-E0123).

Cabe mencionar que el comerciante no controla el proceso de transmisión de los correos electrónicos de confirmación. Así pues, los requisitos del artículo 8, apartado 7, se cumplen siempre que el correo electrónico de confirmación se envíe justo antes de que se suministre el contenido digital, es decir, antes de que se inicie la emisión o la descarga.

5.   El derecho de desistimiento

5.1.   
Cálculo del plazo del derecho de desistimiento

5.1.1.   Introducción

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| Artículo 9  1.   Salvo en caso de aplicación de las excepciones establecidas en el artículo 16, el consumidor dispondrá de un período de 14 días para desistir de un contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento, sin indicar el motivo y sin incurrir en ningún coste distinto de los previstos en el artículo 13, apartado 2, y en el artículo 14.  1 bis.   Los Estados miembros podrán adoptar normas con arreglo a las cuales el plazo de desistimiento de catorce días a que se refiere el apartado 1 se amplíe a treinta días en el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas efectuadas por comerciantes al domicilio de los consumidores o de excursiones organizadas por comerciantes con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores […]. |

Con arreglo al artículo 9, el consumidor dispondrá de un período de catorce días para desistir de un contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento sin indicar el motivo. En el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas de un comerciante al domicilio de un consumidor o de excursiones organizadas por un comerciante con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores, los Estados miembros podrán ampliar el plazo de desistimiento de catorce a treinta días. La aplicación de las opciones reglamentarias en caso de visitas no solicitadas o excursiones se analiza en la sección 5.9.

El considerando 41 precisa que «[...] todos los plazos previstos en la presente Directiva deben entenderse como días naturales. Cuando un plazo expresado en días deba contarse a partir del momento en que ocurra un suceso o se realice un acto, el día en que se produzca dicho suceso o se realice dicho acto no debe computarse en el plazo».

Así pues, la mención «catorce días»/«treinta días» en esta disposición significará catorce o, respectivamente, treinta días naturales a partir del día siguiente al que se produzca el suceso pertinente (esto es, la celebración del contrato o la entrega de los bienes):

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| — | Por ejemplo, si la entrega de los bienes o la celebración del contrato de servicios tiene lugar el 1 de marzo, el último día para ejercer el derecho de desistimiento debería ser el 15 de marzo o, en los casos indicados en el apartado 1 bis, el 31 de marzo. |

El considerando 41 señala que el Reglamento (CEE, Euratom) n.o 1182/71 del Consejo [(124)](#ntr124-C_2021525ES.01000101-E0124) se aplica a la Directiva. De conformidad con este Reglamento (artículo 3, apartado 3): «Los plazos comprenderán los días feriados, los domingos y los sábados, salvo si estos quedan expresamente excluidos o si los plazos se expresan en días hábiles».

Así pues, los festivos, los sábados y los domingos se incluyen en los catorce/treinta días.

No obstante, si el plazo de desistimiento finaliza uno de esos días, deberá prorrogarse al siguiente día hábil, habida cuenta de lo que establece el artículo 3, apartado 4, del Reglamento n.o 1182/71: «Si el último día de un plazo expresado de cualquier otro modo, menos en horas, es un día feriado, un domingo o un sábado, el plazo concluirá al finalizar la última hora del día hábil siguiente».

Las listas de días festivos acordados por los Estados miembros a los efectos del Reglamento n.o 1182/71 se publican en el DO [(125)](#ntr125-C_2021525ES.01000101-E0125).

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| — | Por ejemplo, si el plazo de desistimiento de catorce días para un contrato celebrado con un consumidor rumano finaliza el 25 de diciembre de 2021, deberá ampliarse hasta el 27 de diciembre, ya que los días 25 y 26 de diciembre son festivos en Rumanía en 2021. |

Si bien los comerciantes deberán aceptar el derecho del consumidor de desistir del contrato durante el plazo de desistimiento ampliado, no tienen obligación expresa de informar al consumidor de que dicha ampliación es posible (véase también el «Modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento», que figura en anexo a la Directiva).

5.1.2.   Inicio del plazo de desistimiento

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| Artículo 9  2.   Sin perjuicio de lo dispuesto en el artículo 10, el plazo de desistimiento a que se refiere el apartado 1 del presente artículo expirará a los catorce días o, en caso de que los Estados miembros hayan adoptado normas con arreglo al apartado 1 bis del presente artículo, treinta días contados a partir del:   |  |  | | --- | --- | | a) | en el caso de los contratos de servicios, el día de la celebración del contrato; |  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | b) | en el caso de los contratos de venta, el día que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera la posesión material de los bienes solicitados, o bien:   |  |  | | --- | --- | | i) | en caso de entrega de múltiples bienes encargados por el consumidor en el mismo pedido y entregados por separado, el día que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera la posesión material del último de los bienes, |  |  |  | | --- | --- | | ii) | en caso de entrega de un bien compuesto por múltiples componentes o piezas, el día que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera la posesión material del último componente o pieza, |  |  |  | | --- | --- | | iii) | en el caso de contratos para la entrega periódica de bienes durante un plazo determinado, el día que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera la posesión material del primero de esos bienes; | |  |  |  | | --- | --- | | c) | en el caso de los contratos para el suministro de agua, gas o electricidad —cuando no estén envasados para la venta en un volumen delimitado o en cantidades determinadas—, o de calefacción mediante sistemas urbanos o de contenido digital que no se preste en un soporte material, el día en que se celebre el contrato. | |

El día a partir del cual se calcula el plazo de desistimiento de catorce/treinta días depende de si el contrato es un contrato de venta, un contrato de servicios, un contrato de contenido digital en línea o un contrato para el suministro de servicios públicos. La Directiva contempla dos momentos de inicio:

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| --- | --- |
| — | el día de la celebración del contrato en el caso de los contratos de servicios, los contratos para el suministro de servicios públicos y los contratos de contenido digital en línea; |

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| --- | --- |
| — | el día que se adquiere la posesión material de los bienes (entrega) en el caso de los contratos de venta, pero conforme a varias normas especiales en los siguientes casos: 1) entrega de múltiples bienes encargados en el mismo pedido y entregados por separado; 2) bienes compuestos por múltiples componentes o piezas y entregados por separado; y 3) contratos para la entrega periódica de bienes durante un plazo determinado. |

Para los bienes suministrados, el plazo de desistimiento empieza el día después de que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera su posesión material [artículo 9, apartado 2, letra b)]. Esto difiere del artículo 20, que establece que el riesgo se transmitirá al consumidor con la entrega de los bienes al transportista, en caso de que el consumidor encargara al transportista el transporte de los bienes o el transportista elegido no estuviera entre los propuestos por el comerciante.

En caso de que haya más de una entrega, el plazo de desistimiento empezará el día siguiente a la entrega del último de los bienes encargados en el mismo pedido y entregados por separado [artículo 9, apartado 2, letra b), inciso i)]. Esta norma se justifica por el interés legítimo del consumidor en recibir todas las piezas de un único pedido antes de decidir si desistir del contrato, por ejemplo, en el caso de:

|  |  |
| --- | --- |
| — | un bien principal y accesorios, como una cámara y lentes, o |

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| --- | --- |
| — | prendas de vestir como una chaqueta y unos pantalones, que se han encargado en el mismo pedido y se pretenden utilizar juntos. |

En dichos casos, se aplicará un único plazo de desistimiento a partir del día siguiente a la entrega del último de los artículos.

Tal y como recoge el considerando 40: «[...] el consumidor debe poder ejercer el derecho de desistimiento antes de entrar en posesión material de los bienes». Además, nada impide que el consumidor se niegue a tomar posesión de los bienes en este caso:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, después de pedir un artículo al comerciante X, el consumidor encuentra una oferta mejor para el mismo artículo en el comerciante Y; el consumidor informa al comerciante X del ejercicio del derecho de desistimiento y no recoge el artículo en la oficina de correos. |

5.2.   
Información sobre el derecho de desistimiento

De conformidad con el artículo 6, apartado 1, los comerciantes están obligados a facilitar determinada información sobre el derecho de desistimiento de los contratos a distancia y los celebrados fuera del establecimiento.

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
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| Artículo 6, apartado 1   |  |  | | --- | --- | | h) | cuando exista un derecho de desistimiento, las condiciones, el plazo y los procedimientos para ejercer ese derecho de conformidad con el artículo 11, apartado 1, así como el modelo de formulario de desistimiento reproducido en el anexo I, letra B; |  |  |  | | --- | --- | | i) | cuando proceda, la indicación de que el consumidor tendrá que asumir el coste de la devolución de los bienes en caso de desistimiento y, para los contratos a distancia, cuando los bienes, por su naturaleza, no puedan devolverse normalmente por correo, el coste de la devolución de los mismos; |  |  |  | | --- | --- | | j) | el hecho de que en caso de que el consumidor ejercite el derecho de desistimiento tras la presentación de una solicitud con arreglo al artículo 7, apartado 3, o al artículo 8, apartado 8, el consumidor deberá abonar al comerciante unos gastos razonables de conformidad con el artículo 14, apartado 3; |  |  |  | | --- | --- | | k) | cuando no se haya previsto un derecho de desistimiento con arreglo al artículo 16, la indicación de que al consumidor no le asiste un derecho de desistimiento o, cuando proceda, las circunstancias en las que el consumidor pierde el derecho de desistimiento; […] | |

Con arreglo al artículo 6, apartado 1, la información deberá ser clara y comprensible. De conformidad con el artículo 6, apartado 4, el comerciante puede utilizar el modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento que figura en el anexo I, letra A, de la Directiva para facilitar la información indicada en las letras h), i) y j). Si la información se rellena correctamente y se facilita al consumidor, el comerciante habrá cumplido estos requisitos de información.

No obstante, este modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento del anexo I, letra A, no es imperativo y el comerciante puede ajustar su redacción, por ejemplo, utilizando los términos «yo/me» en lugar de «nosotros/nos», si el comerciante es un empresario individual, o mostrando su identidad y datos de contacto en el encabezamiento del formulario y posteriormente haciendo referencia a dichos datos en el texto.

En cambio, si se aplica el derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h), el comerciante deberá facilitar siempre el modelo de formulario de desistimiento establecido en el anexo I, letra B, aun cuando el comerciante también ofrezca al consumidor la opción de cumplimentar y enviar un formulario sobre el derecho de desistimiento a través de su sitio web, de acuerdo con el artículo 11, apartado 3. Cuando los contratos se celebran a través de una técnica de comunicación a distancia en la que el espacio o el tiempo son limitados, se aplican normas distintas en lo que respecta a la facilitación del modelo de formulario de desistimiento, de conformidad con el artículo 8, apartado 4 (véase la sección 4.2.4).

El formulario de desistimiento adicional que el comerciante puede optar por facilitar en su sitio web, de conformidad con el artículo 11, apartado 3, podrá ser diferente del modelo de formulario de desistimiento que figura en el anexo I, parte B, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. No obstante, si el comerciante desea utilizar este formulario en línea para recabar más información del consumidor, como los motivos del desistimiento, cualquier otra pregunta de esta índole deberá presentarse por separado y será posible enviar el formulario sin necesidad de responderla.

Cuando se facilita información sobre los plazos con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h), para el desistimiento de contratos de venta con arreglo al artículo 9 (excepto en el caso de contratos para la entrega periódica de bienes), si el modo exacto de entrega (única o múltiple) no se conoce de antemano, el comerciante puede informar al consumidor de que el plazo de desistimiento expirará transcurridos catorce/treinta días a partir del día en que el consumidor o un tercero por él indicado, distinto del transportista, adquiera la posesión material del último de los bienes o componentes del pedido.

Siempre y cuando sea de aplicación una de las excepciones del derecho de desistimiento establecidas en el artículo 16, el consumidor será informado de dicha excepción con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra k).

Siempre y cuando sea de aplicación una de las excepciones incondicionales, se facilitará al consumidor solo la información requerida con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra k), y no la información relativa al derecho de desistimiento de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letras h) e i):

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| — | Por ejemplo, para productos como las flores, contemplados con arreglo a la excepción del artículo 16, párrafo primero, letra d), solo será pertinente la información exigida de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra k), es decir, el comerciante deberá informar al consumidor de que no dispone de derecho de desistimiento del contrato ya que estos bienes pueden deteriorarse o caducar con rapidez. |

Sin embargo, en el caso de las excepciones que solo son de aplicación en determinadas circunstancias, la información exigida con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra k), debe facilitarse de forma adicional a la información exigida con arreglo al artículo 6, apartado 1, letras h) y j):

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| — | Por ejemplo, cuando se ofrezcan lentes de contacto o cepillos de dientes, cuyo envase constituye un «precinto» en el sentido del artículo 16, párrafo primero, letra e), el comerciante deberá informar al consumidor de las condiciones, plazos, etc. para el desistimiento, tal como se establece en el artículo 6, apartado 1, letra h). El comerciante deberá informar además al consumidor de que, por razones de protección de la salud y de higiene, el consumidor perderá el derecho de desistimiento si se ha abierto el envase de los productos. |

El artículo 6, apartado 1, inciso i), exige al comerciante indicar el coste de la devolución de los bienes que normalmente no pueden devolverse por correo:

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| — | Por ejemplo, esto se aplica a artículos voluminosos, como muebles y equipos de gran tamaño (neveras, lavavajillas, etc.), que normalmente se entregan en el domicilio y no a través de una oficina de correos. |

El considerando 36 explica que este requisito de información se cumple, por ejemplo, si el comerciante indica un transportista (por ejemplo, el transportista asignado para el suministro de los bienes) y un precio para la devolución de los bienes.

El considerando 36 también dispone que «cuando el comerciante no pueda realizar por adelantado un cálculo razonable del coste de devolución, por ejemplo por no ser él mismo quien se ocupe de la devolución, deberá facilitar una declaración indicando que dicho coste será exigido y puede ser elevado, acompañada de una estimación razonable del coste máximo que podrá basarse en el coste de suministro al consumidor».

Cuando el comerciante ofrezca diferentes modos de entrega, el coste de la devolución puede calcularse sobre la base del coste de la forma de entrega específica elegida por el consumidor:

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| — | Por ejemplo, si los bienes se entregan en la dirección postal del consumidor, el coste de la devolución se basará también en el coste de la recogida de los bienes en esa misma dirección. |

La obligación de indicar el coste de la devolución o de facilitar un cálculo no implicará que el comerciante deba facilitar esta información para diferentes situaciones posibles de devolución (como devolver montados muebles que se entregaron desmontados en un paquete).

5.3.   
Ejercicio del derecho de desistimiento

El artículo 11 de la Directiva establece que el consumidor podrá desistir del contrato utilizando el modelo de formulario de desistimiento o realizando otro tipo de declaración inequívoca. El considerando 44 pertinente hace mención a la «devolución de los bienes acompañada de una declaración clara»: «[...] No obstante, el consumidor debe seguir siendo libre de desistir del contrato empleando sus propios términos, siempre que su declaración de que quiere desistir del contrato dirigida al comerciante sea inequívoca. Una carta, una llamada telefónica o la devolución de los bienes acompañadas de una declaración clara podría satisfacer este requisito, si bien la carga de la prueba de haber desistido en los plazos establecidos por la Directiva debe recaer sobre el consumidor. Así pues, no deberá ser posible desistir del contrato devolviendo simplemente los bienes sin realizar una declaración explícita a estos efectos».

Por consiguiente, no podrá desistirse del contrato simplemente devolviendo los bienes sin una declaración explícita a tal efecto. El mero hecho de rechazar la entrega o no recoger los bienes en la oficina de correos no puede considerarse como expresión válida de desistimiento. De este modo, la Directiva garantiza que el comerciante no considere erróneamente que la devolución de un paquete constituye un desistimiento, cuando no se haya entregado al cliente por alguna razón técnica.

Por otro lado, la declaración utilizada por el consumidor para desistir del contrato no tiene que referirse necesariamente al «derecho de desistimiento» en términos jurídicos:

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| — | Por ejemplo, una declaración de «finalización» o «retractación» del contrato o el uso de una redacción similar se considerarán también suficientemente «inequívocos» siempre y cuando el consumidor y el contrato en cuestión sean identificables. |

Habida cuenta de que el consumidor asume la carga de la prueba en relación con el ejercicio del derecho de desistimiento, el considerando 44 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores pone de relieve los beneficios de utilizar un soporte duradero en caso de litigio. Además, la prueba de haber enviado la notificación facilitaría obviamente una salvaguarda adicional al consumidor para acreditar los hechos:

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| — | Por ejemplo, el consumidor podría guardar una copia del mensaje electrónico enviado o el resguardo del envío por correo certificado. |

5.4.   
Consecuencias del desistimiento en relación con los datos

El artículo 13 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores establece las obligaciones del comerciante en caso de desistimiento. La Directiva (UE) 2019/2161 modificó dicho artículo introduciendo disposiciones sobre las consecuencias del derecho de desistimiento en relación con el tratamiento de datos.

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| Artículo 13  4.   En lo que respecta a los datos personales del consumidor, el comerciante cumplirá las obligaciones aplicables con arreglo al Reglamento (UE) 2016/679.  5.   El comerciante se abstendrá de utilizar cualquier contenido distinto de los datos personales proporcionado o creado por el consumidor al utilizar el contenido digital o el servicio digital suministrado por el comerciante, excepto cuando dicho contenido:   |  |  | | --- | --- | | a) | no tenga utilidad fuera del contexto del contenido digital o el servicio digital suministrado por el comerciante; |  |  |  | | --- | --- | | b) | solo tenga relación con la actividad del consumidor al utilizar el contenido digital o el servicio digital suministrado por el comerciante; |  |  |  | | --- | --- | | c) | haya sido mezclado con otros datos del comerciante y no pueda desglosarse o solo se consiga haciendo un esfuerzo desproporcionado; o |  |  |  | | --- | --- | | d) | haya sido generado conjuntamente por el consumidor y otros, y otros consumidores puedan seguir utilizando el contenido. |  6.   Salvo en las situaciones a que se refiere el apartado 5, letras a), b) o c), el comerciante facilitará al consumidor, a petición de este, cualquier contenido distinto de los datos personales que haya facilitado o creado el consumidor al utilizar el contenido digital o el servicio digital suministrado por el comerciante.  7.   El consumidor tendrá derecho a recuperar dichos contenidos digitales sin cargo alguno, sin impedimentos por parte del comerciante, en un plazo de tiempo razonable y en un formato utilizado habitualmente y legible electrónicamente.[…] |

Estas disposiciones son idénticas a las del artículo 16, apartados 2 a 4, de la Directiva sobre contenidos digitales. Ambas abordan las consecuencias de la resolución del contrato: la Directiva sobre los derechos de los consumidores trata la resolución del contrato en virtud del derecho de desistimiento, mientras que la Directiva sobre contenidos digitales trata la resolución del contrato debido a la falta de conformidad.

El Reglamento general de protección de datos (RGPD) regula las consecuencias de la resolución del contrato en lo que respecta a los datos personales. Las nuevas disposiciones del artículo 13 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores (y del artículo 16 de la Directiva sobre contenidos digitales) se refieren a los datos que el consumidor ha cargado o generado mediante el uso del servicio digital y que no son datos personales.

En particular, de conformidad con el artículo 13, apartado 6, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, si así lo solicita el consumidor, el comerciante tiene la obligación de facilitar los datos en un formato legible electrónicamente que se utilice habitualmente en el momento de la resolución del contrato tras haberse ejercido el derecho de desistimiento.

Si los consumidores ejercen su derecho de desistimiento en virtud de la Directiva sobre los derechos de los consumidores (o se acogen a la medida de resolver el contrato en virtud de la Directiva sobre contenidos digitales), corresponde al RGPD evaluar si el desistimiento del contrato también constituye el desistimiento del fundamento jurídico para el tratamiento de datos personales. En muchas situaciones, es muy probable que la declaración por parte del consumidor de su intención de ejercer el derecho de desistimiento y resolver el contrato se interprete también como un desistimiento del fundamento jurídico, incluida la retirada del consentimiento a otro tratamiento de datos personales que no fuera necesario para la ejecución del contrato en el sentido del RGPD. En esta situación, el comerciante/responsable del tratamiento tiene que evaluar si sigue existiendo un fundamento jurídico válido para ese otro tratamiento de esos datos personales, como, por ejemplo, el cumplimiento de una obligación legal. A falta de un fundamento jurídico válido, el tratamiento deberá interrumpirse.

Además, la Directiva (UE) 2019/2161 añadió a la Directiva sobre los derechos de los consumidores normas específicas sobre los derechos del comerciante y las obligaciones del consumidor en caso de desistimiento. Estas disposiciones del artículo 13, apartado 8, y del artículo 14, apartado 2 bis, son idénticas a las del artículo 16, apartado 5, y del artículo 17, apartado 1, de la Directiva sobre contenidos digitales.

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| Artículo 13  8.   En caso de desistimiento del contrato, el comerciante podrá impedir al consumidor cualquier otro uso de los contenidos o servicios digitales, en particular haciendo que los contenidos o servicios digitales no sean accesibles para el consumidor o inhabilitando la cuenta de usuario del consumidor, sin perjuicio del apartado 6.  Artículo 14  2 bis.   En caso de desistimiento del contrato, el consumidor se abstendrá de utilizar el contenido digital o el servicio digital y de ponerlo a disposición de terceros. |

5.5.   
Derecho de desistimiento en relación con los bienes

5.5.1.   Bienes múltiples o defectuosos

Un consumidor puede querer desistir parcialmente de un contrato de bienes múltiples si desea cancelar la adquisición de solo uno o varios.

Si bien la Directiva no contempla expresamente ese derecho, tampoco impide que el comerciante y el consumidor se pongan de acuerdo sobre un desistimiento parcial del contrato mediante la devolución de un bien individual o de varios bienes vendidos en el marco de un único pedido. En tal situación, si los bienes suministrados con arreglo al mismo contrato incluyen artículos promocionales, el comerciante no estará obligado a aceptar la devolución únicamente de los artículos vendidos a su precio íntegro.

La situación sería diferente si el consumidor no hubiese aceptado recibir un regalo que el comerciante le hubiera entregado de todas formas. Dicho regalo podrá considerarse como un suministro de bienes no solicitado y, por tanto, se regulará de acuerdo con las normas relativas a los suministros no solicitados. El artículo 27 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y el punto 29 del anexo I de la Directiva 2005/29/CE sobre las prácticas comerciales desleales prohíben «exigir el pago inmediato o aplazado, la devolución o la custodia de productos suministrados por el comerciante, pero que no hayan sido solicitados por el consumidor [...]».

Si se ha suministrado un bien defectuoso al consumidor que no cumple las condiciones del contrato de conformidad con la Directiva sobre la compraventa de bienes, el consumidor deberá tener la opción, durante el plazo de derecho de desistimiento, de recurrir a las medidas correctoras establecidas con arreglo a dicha Directiva o a desistir del contrato.

5.5.2.   Devolución de los bienes

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| Artículo 14  1.   Salvo si el propio comerciante se ofrece a recoger los bienes, el consumidor deberá devolver o entregar los bienes al comerciante, o a una persona autorizada por el comerciante a recibirlos, sin ninguna demora indebida y, en cualquier caso, a más tardar en el plazo de 14 días a partir de la fecha en que comunique su decisión de desistimiento del contrato al comerciante de conformidad con el artículo 11. Se considerará cumplido el plazo si el consumidor efectúa la devolución de los bienes antes de que haya concluido el plazo de 14 días.  El consumidor solo soportará los costes directos de devolución de los bienes, salvo si el comerciante ha aceptado asumirlos o no ha informado al consumidor de que le corresponde asumir esos costes.  En el caso de contratos celebrados fuera del establecimiento en los que los bienes se hayan entregado ya en el domicilio del consumidor en el momento de celebrarse el contrato, el comerciante recogerá a su propio cargo los bienes cuando, por la naturaleza de los mismos, no puedan devolverse por correo. |

El artículo 14, apartado 1, exige al consumidor devolver los bienes al comerciante enviándolos de vuelta en el plazo de catorce días a partir del día siguiente a que el consumidor haya notificado al comerciante el desistimiento del contrato. No obstante, habida cuenta de que el consumidor es responsable de manipular los bienes y de la disminución de su valor durante el plazo de desistimiento (véase también la sección 5.5.4), será de interés natural del consumidor devolverlos con la mayor celeridad posible y no esperar a que el plazo finalice.

Existe una excepción para los contratos celebrados fuera del establecimiento. En caso de que los bienes se hayan entregado ya en el domicilio del consumidor en el momento de celebrarse el contrato, el comerciante recogerá a su propio cargo los bienes cuando, por su naturaleza, «no puedan devolverse normalmente por correo».

Este requisito es, por tanto, una excepción a la norma general recogida en el artículo 6, apartado 1, letra i), que exige a los comerciantes que informen al consumidor sobre el coste de devolver los bienes que «no puedan devolverse normalmente por correo» (véase la sección 5.2).

El consumidor soportará los costes directos de la devolución de los bienes, salvo si el comerciante ha aceptado asumirlos o no ha informado al consumidor de que le corresponde asumir esos costes con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra i). Estas dos informaciones también se incluyen en el modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento del anexo I, letra A, que los comerciantes pueden utilizar para cumplir con su obligación de informar al consumidor. El concepto de «coste directo» excluirá los gastos administrativos, de gestión o de «reposición» asumidos por el comerciante en relación con la devolución de los bienes.

La oferta del comerciante de «recoger él mismo los bienes» será vinculante para el consumidor solo si el comerciante también se ha ofrecido a hacerse cargo de los costes. En caso contrario y si el consumidor encuentra un modo más rentable, y aun así fiable, ofrecido por un proveedor de servicios reconocido para efectuar la devolución, el consumidor no estará obligado con arreglo a la Directiva a aceptar la oferta del comerciante de recoger los bienes.

5.5.3.   Reembolso de los pagos recibidos del consumidor

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| Artículo 13  1.   El comerciante reembolsará todo pago recibido del consumidor, incluidos, en su caso, los costes de entrega, sin demoras indebidas y, en cualquier caso, antes de que hayan transcurrido 14 días desde la fecha en que haya sido informado de la decisión de desistimiento del contrato del consumidor de conformidad con el artículo 11.  El comerciante deberá efectuar el reembolso a que se refiere el primer párrafo utilizando el mismo medio de pago empleado por el consumidor para la transacción inicial, a no ser que el consumidor haya dispuesto expresamente lo contrario y siempre y cuando el consumidor no incurra en ningún gasto como consecuencia del reembolso.  2.   No obstante lo dispuesto en el apartado 1, en caso de que el consumidor haya seleccionado expresamente una modalidad de entrega diferente a la modalidad menos costosa de entrega ordinaria, el comerciante no estará obligado a reembolsar los costes adicionales que de ello se deriven.  3.   Salvo en caso de que el comerciante se haya ofrecido a recoger él mismo los bienes, en los contratos de venta, el comerciante podrá retener el reembolso hasta haber recibido los bienes, o hasta que el consumidor haya presentado una prueba de la devolución de los bienes, según qué condición se cumpla primero. |

De conformidad con el artículo 13, apartado 1, el comerciante deberá realizar el reembolso sin demoras indebidas, antes de que hayan transcurrido catorce días desde la fecha en que el consumidor haya informado al comerciante de la decisión de desistir del contrato.

En el caso de los contratos de venta, de conformidad con el artículo 13, apartado 3, el comerciante solo podrá retener el reembolso una vez transcurrido dicho plazo hasta haber recibido los bienes, o al menos hasta que el consumidor haya presentado una prueba de que se han devuelto los bienes.

Si los bienes o las pruebas se reciben una vez haya expirado el plazo de catorce días, el comerciante debe reembolsar al consumidor sin demoras indebidas. Deberá evaluarse caso por caso qué se entiende por «demoras indebidas»; no obstante, en circunstancias normales, no debería tardarse más de unos pocos días laborables en tramitar el reembolso.

El concepto de «prueba de la devolución de los bienes» es importante para la aplicación del artículo 13, apartado 3. En principio, estas «pruebas» deben entenderse como una declaración escrita de un proveedor de servicios postales o de transporte establecido en la que se especifiquen el remitente y el destinatario.

En principio, estas pruebas no deben implicar necesariamente garantías de terceros de que los bienes en cuestión han sido inspeccionados y verificados. Estos servicios adicionales podrían ser caros y desanimar al consumidor de ejercer el derecho de desistimiento, algo que descarta específicamente la Directiva (véase el considerando 47: «[...] Las obligaciones del consumidor en caso de desistimiento no deben desanimar al consumidor de ejercer su derecho de desistimiento»).

Si bien el artículo 14, apartado 2, da derecho al comerciante a responsabilizar al consumidor de la disminución del valor de los bienes causada por una mala utilización durante el plazo de derecho de desistimiento, con arreglo al artículo 13, apartado 3, el comerciante deberá efectuar el reembolso al consumidor una vez recibidas las pruebas de que los bienes han sido devueltos.

Si el consumidor acepta la oferta del comerciante de recoger los bienes o el comerciante se ha ofrecido a recogerlos a su propio cargo, el comerciante no podrá acogerse al derecho de retener el reembolso, con arreglo al artículo 13, apartado 3. Esto supondrá un incentivo adicional para que el comerciante organice la devolución de los bienes a la mayor brevedad posible.

El artículo 13, apartado 1, exige específicamente al comerciante que, para efectuar el reembolso, utilice los mismos medios de pago que ha utilizado el consumidor para realizar la transacción inicial. En concreto, el comerciante reembolsará la cantidad completa pagada por el consumidor en la moneda del pago:

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| — | Por ejemplo, si el consumidor realizó una transferencia de 50 EUR a la cuenta bancaria del comerciante en concepto de pago, este deberá realizar el reembolso al consumidor transfiriéndole la misma cantidad y cargará asimismo con los gastos que genere la transferencia realizada al banco del consumidor. |

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| — | No obstante, el comerciante no abonará ninguna tasa pagada por el consumidor por el pago inicial. |

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| — | Si la moneda de la cuenta bancaria del consumidor es diferente de la del pago y reembolso, el comerciante no será responsable de las pérdidas debidas al cambio de divisa realizado por el banco del consumidor para el reembolso. |

De conformidad con el artículo 13, apartado 1, el comerciante y el consumidor pueden acordar expresamente un método diferente, como el reembolso mediante cheque bancario en lugar de transferencia o en una moneda diferente de la moneda del pago, siempre y cuando el consumidor no incurra en gastos como resultado de utilizar un método diferente:

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| — | Por ejemplo, si el comerciante obtiene el visto bueno del consumidor para aceptar un reembolso por cheque bancario en lugar de transferencia bancaria, el comerciante correrá con cualquier gasto adicional generado para el consumidor (por ejemplo, cambio de divisa o gastos del banco) derivado del uso de un método de pago diferente por parte del comerciante. |

El considerando 46 señala, en relación con el uso de bonos: «El reembolso no debe efectuarse mediante un bono, a menos que el consumidor haya utilizado bonos para la transacción inicial o los haya aceptado expresamente».

5.5.4.   Responsabilidad del consumidor por la mala utilización de los bienes

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| Artículo 14  2.   El consumidor solo será responsable de la disminución de valor de los bienes resultante de una manipulación de los mismos distinta a la necesaria para establecer la naturaleza, las características o el funcionamiento de los bienes. El consumidor no será en ningún caso responsable de la disminución de valor de los bienes si el comerciante no le ha informado de su derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h). […]  5.   Con excepción de lo dispuesto en el artículo 13, apartado 2, y en el presente artículo, el consumidor no incurrirá en ninguna responsabilidad como consecuencia del ejercicio del derecho de desistimiento. |

Tal y como se indica en el considerando 47, los consumidores pueden desistir del contrato independientemente del uso que hayan hecho de los bienes durante el período de desistimiento: «Algunos consumidores ejercen su derecho de desistimiento después de haber utilizado los bienes más de lo que sería necesario para determinar su naturaleza, sus características o su funcionamiento. En este caso, el consumidor no debe perder el derecho de desistimiento pero debe ser responsable de cualquier depreciación de los bienes. […]».

No obstante, en estos casos, el artículo 14, apartado 2, responsabiliza al consumidor «de la disminución de valor de los bienes resultante de una manipulación de los mismos distinta a la necesaria para establecer la naturaleza, las características o el funcionamiento de los bienes». En el considerando 47 se explica más detalladamente esta obligación: «[…]. Para determinar la naturaleza, las características y el funcionamiento de los bienes, el consumidor solo debe realizar las mismas manipulaciones e inspecciones de los bienes que las que se admitirían en un establecimiento mercantil. Por ejemplo, el consumidor podría probarse una prenda, pero no estaría autorizado a llevarla puesta. Por consiguiente, durante el período de prueba el consumidor debe manipular e inspeccionar los bienes con el debido cuidado».

La disminución del valor de los bienes puede consistir, en particular, en los costes de limpieza y reparación y, si los bienes ya no se pueden vender como nuevos, en la pérdida de ingresos objetivamente justificada para el comerciante al disponer de los bienes devueltos como bienes de segunda mano.

En caso de litigio, con el fin de conocer si el consumidor utilizó los bienes más de lo que sería necesario para determinar su naturaleza, sus características o su funcionamiento, deberá realizarse una evaluación caso por caso. La comparación con lo que el consumidor puede hacer normalmente en una tienda tradicional es un buen punto de referencia, por ejemplo:

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| — | Antes de comprar un equipo de audio/vídeo y grabación, el consumidor normalmente puede probar la calidad de la imagen o del sonido. |

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| — | Para probarse una prenda en una tienda no es necesario quitar las etiquetas del fabricante. |

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| — | El consumidor no suele poder probar de manera práctica los electrodomésticos, como los equipos de cocina, cuyo uso real inevitablemente deja rastros. |

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| — | El consumidor no puede configurar programas informáticos en un ordenador; por lo tanto, los costes razonables de cualquier reinicialización del equipo también constituirían una disminución del valor. |

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| — | El consumidor podría probar perfumes y productos cosméticos similares, que normalmente pueden probarse en las tiendas, si el comerciante incluyera un probador gratuito con el producto. De este modo, los consumidores no tendrían que abrir el envase del producto para ejercer su derecho de determinar su naturaleza y sus características (determinados productos cosméticos pueden estar precintados por razones de protección de la salud o de higiene —véase la sección 5.11.4—). |

Cabe recordar que «determinar el funcionamiento» de los bienes en este contexto es diferente de comprobar que no presenten defectos en ningún sentido. Si, en un uso posterior, resulta que los bienes están defectuosos, el consumidor estará protegido por la Directiva (UE) 2019/771 sobre la compraventa de bienes.

En principio, el consumidor deberá poder abrir el envase para acceder al contenido que hay dentro si otros productos similares se suelen exponer en las tiendas sin el embalaje. Así pues, los daños causados al envase simplemente por abrirlo no son motivo de compensación. No obstante, cualquier película protectora aplicada al artículo solo deberá retirarse cuando sea estrictamente necesario para probarlo.

La devolución de los bienes sin el embalaje original [(126)](#ntr126-C_2021525ES.01000101-E0126) (por ejemplo, la caja de un dispositivo electrónico), o con un deterioro anormal del embalaje, podría considerarse una disminución del valor de los bienes.

En el asunto C-681/17, slewo, el TJUE resolvió que los colchones cubiertos por una película protectora no entran en el ámbito de aplicación de la excepción al derecho de desistimiento prevista en el artículo 16, letra e), en relación con los bienes que han sido precintados por razones de protección de la salud o de higiene y han sido desprecintados por el consumidor. El Tribunal consideró que los colchones pueden equipararse a prendas de vestir; y el derecho a probarse las prendas está expresamente autorizado. Por lo tanto, los colchones con su película protectora retirada y posiblemente utilizados por el consumidor se consideraron aptos para ser vendidos de nuevo y utilizados por un nuevo comprador en la medida en que el comerciante pueda hacer que los colchones (o las prendas) estén en condiciones de ser nuevamente utilizados por un tercero, sin perjuicio de los requisitos de protección de la salud o de higiene, mediante un tratamiento de limpieza o desinfección [(127)](#ntr127-C_2021525ES.01000101-E0127).

Al mismo tiempo, el Tribunal se refirió específicamente a la existencia de un mercado de colchones de segunda mano [(128)](#ntr128-C_2021525ES.01000101-E0128). Lo que es aún más importante, el Tribunal se refirió asimismo a la responsabilidad del consumidor por la disminución de valor de los bienes resultante de una manipulación distinta de la necesaria para determinar su naturaleza, sus características y su funcionamiento de conformidad con el artículo 14, apartado 2.

A la luz de estas consideraciones, esta responsabilidad puede surgir si, en aras de la protección de la salud o de la higiene, es necesario limpiar el colchón (o la prenda o bien análogo) para revenderlo a un nuevo comprador. También puede surgir cuando, tras haberse limpiado, estos productos no puedan venderse como nuevos, sino únicamente como productos de segunda mano a un precio (considerablemente) inferior. A este respecto, el comerciante no debe inducir a error al nuevo comprador de los productos limpiados en cuanto a sus especificaciones (nuevos o «utilizados»), ya que se trata de una parte importante de las características de los productos, también en el contexto de la DPCD.

En relación con el derecho de rescisión con arreglo a la anterior Directiva 97/7/CE sobre contratos a distancia, el Tribunal dictaminó en el asunto C-489/07, Pia Messner [(129)](#ntr129-C_2021525ES.01000101-E0129), que una normativa nacional que imponga al consumidor la carga de la prueba de que no ha utilizado el bien durante el período de rescisión de un modo que vaya más allá de lo necesario para permitirle ejercer útilmente su derecho de rescisión menoscabaría la eficacia y la efectividad del derecho de rescisión.

De conformidad con lo dispuesto en el artículo 14, apartado 5, el consumidor no incurre en ninguna responsabilidad como consecuencia del ejercicio del derecho de desistimiento, sin perjuicio de lo dispuesto en la Directiva. En este sentido, la sentencia del asunto Messner también confirmó que un vendedor no puede reclamar una indemnización por el valor equivalente de las ventajas derivadas del uso de los bienes por el consumidor en el período de rescisión previo a su devolución al comerciante [(130)](#ntr130-C_2021525ES.01000101-E0130).

La Directiva sobre los derechos de los consumidores no regula la exigencia de la responsabilidad del consumidor por la disminución de valor de los bienes. En particular, no indica si esta responsabilidad implica simplemente que el comerciante puede emprender acciones judiciales contra el consumidor o que el comerciante puede cobrar unilateralmente al consumidor los gastos o reducir la cantidad de reembolso debido al consumidor con el fin de compensar la supuesta depreciación de los bienes.

Así pues, estos asuntos están sujetos a la legislación general procesal y contractual de los Estados miembros, tal y como se indica en el artículo 3, apartado 5. Por ejemplo, los Estados miembros pueden permitir a los comerciantes reducir la suma reembolsada para los bienes devueltos con el fin de cubrir su depreciación como consecuencia de la mala utilización durante el plazo de derecho de desistimiento.

Con arreglo al artículo 14, apartado 2, «[e]l consumidor no será en ningún caso responsable de la disminución de valor de los bienes si el comerciante no le ha informado de su derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h)».

Otra consecuencia de no facilitar esta información, con arreglo al artículo 10 de la Directiva, es que el período de desistimiento se amplía hasta doce meses. Esto significa que un consumidor puede desistir del contrato transcurrido un plazo considerable, durante el cual ha estado utilizado efectivamente los bienes sin asumir la responsabilidad del desgaste resultante (véase también la sección 5.3 sobre las consecuencias de no informar a los consumidores sobre el derecho de desistimiento).

El artículo 6, apartado 1, letra h), no contiene ningún requisito específico de informar al consumidor sobre la responsabilidad por la disminución de valor de los bienes en el momento de ejercer el derecho de devolución. No obstante, el modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento que figura en el anexo I, letra A, contiene información sobre la disminución de valor de los bienes. Facilitar esta información podría ser útil tanto para los consumidores como para los comerciantes aun cuando el comerciante no siga este modelo de documento.

5.5.5.   Riesgo durante la devolución de los bienes al comerciante

La Directiva no regula quién asume el riesgo en caso de pérdida o daño accidental durante la devolución de los bienes cuando el consumidor desiste del contrato. Así pues, esta cuestión está también sujeta a leyes nacionales que pueden, por ejemplo, determinar que el riesgo durante la devolución de los bienes recae en el consumidor una vez que le ha sido transmitido con la entrega, de conformidad con el artículo 20.

En principio, al devolver los bienes, el consumidor deberá tener un cuidado razonable, por ejemplo, eligiendo un proveedor establecido de servicios postales o de transporte, con el fin de garantizar que los bienes llegan al comerciante y no se dañan durante el tránsito.

Si el consumidor no ha tomado nunca posesión material de los bienes, por ejemplo, al rechazar su recogida, o bien mediante una declaración explícita, o bien mediante una declaración al comerciante sobre el desistimiento del contrato, el comerciante seguirá asumiendo el riesgo del daño o la pérdida ya que no se habrá producido la transmisión del riesgo al consumidor, de conformidad con el artículo 20.

5.6.   
Derecho de desistimiento de los contratos de servicios y servicios públicos

5.6.1.   Consentimiento del consumidor a la ejecución inmediata

El artículo 7, apartado 3, y el artículo 8, apartado 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores establecen requisitos formales aplicables cuando los consumidores deseen iniciar la ejecución de contratos de servicios o de servicios públicos celebrados fuera del establecimiento y a distancia antes de que haya expirado el plazo del derecho de desistimiento. Las dos disposiciones se presentan en términos idénticos, salvo en que el artículo 7, apartado 3, exige que el comerciante obtenga la solicitud de ejecución inmediata del consumidor en un soporte duradero:

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| Artículo 7, apartado 3, y artículo 8, apartado 8  En caso de que un consumidor desee que la prestación de servicios o el suministro de agua, gas, electricidad —cuando no estén envasados para la venta en un volumen delimitado o en cantidades determinadas—, o calefacción mediante sistemas urbanos, dé comienzo durante el plazo de desistimiento previsto en el artículo 9, apartado 2, y el contrato imponga al consumidor una obligación de pago, el comerciante exigirá que el consumidor presente una solicitud expresa [en un soporte duradero] [(\*1)](#ntr*1-C_2021525ES.01000101-E0131) y pedirá al consumidor el conocimiento por su parte de que, una vez que el comerciante haya ejecutado íntegramente el contrato, habrá perdido su derecho de desistimiento. |

Estas disposiciones se aplicarán, por lo tanto, si el consumidor quiere que el servicio o los servicios públicos comiencen durante el período de desistimiento. No obstante, dichas normas no deben evitar que el comerciante proponga activamente que el consumidor realice dicha solicitud. Al mismo tiempo, el comerciante no estará obligado ni a ofrecer esta opción ni a aceptar la solicitud del consumidor.

De acuerdo con el artículo 14, apartado 3, el consumidor podrá desistir de la prestación de servicios o de servicios públicos incluso después de haber realizado una solicitud expresa. Esto también se confirma en el considerando 50: «el consumidor debe poder disfrutar del derecho de desistimiento aun cuando haya solicitado la prestación de los servicios antes de que finalice el período de desistimiento».

No obstante, en relación con los contratos de servicios, en virtud del artículo 16, párrafo primero, letra a), el consumidor perderá el derecho de desistimiento cuando el servicio se ejecute íntegramente, siempre que se cumplan determinadas condiciones:

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| Artículo 16  Los Estados miembros no incluirán el derecho de desistimiento contemplado en los artículos 9 a 15 en los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento que se refieran a:   |  |  | | --- | --- | | a) | contratos de prestación de servicios una vez que el servicio haya sido completamente ejecutado y, si el contrato impone al consumidor una obligación de pago, cuando la ejecución haya comenzado, con previo consentimiento expreso del consumidor y con el conocimiento por su parte de que , una vez que el comerciante haya ejecutado íntegramente el contrato, habrá perdido su derecho de desistimiento; | |

Los artículos 7, apartado 3, y 8, apartado 8, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores fueron modificados por la Directiva (UE) 2019/2161. Esta modificación garantizó la coherencia con el artículo 16, párrafo primero, letra a). A saber, el artículo 7, apartado 3, y el artículo 8, apartado 8, contienen ahora los mismos dos requisitos que el artículo 16, párrafo primero, letra a): 1) solicitud del consumidor de ejecución inmediata, y 2) conocimiento por parte del consumidor de que, una vez que el comerciante haya ejecutado íntegramente el contrato, el consumidor ya no tendrá derecho de desistimiento.

Las modificaciones también aclararon que estos requisitos solo se aplican a los servicios que conllevan una obligación de pago. Esto era necesario en el contexto de la ampliación del ámbito de aplicación de la Directiva sobre los derechos de los consumidores en el ámbito de los servicios digitales con arreglo al artículo 3, apartado 1 bis [(131)](#ntr131-C_2021525ES.01000101-E0132).

El incumplimiento por parte del comerciante de la obligación de obtener la solicitud de ejecución inmediata del consumidor conlleva las consecuencias previstas en el artículo 14, apartado 4, letra a), es decir, el derecho del consumidor a no soportar el coste del servicio o de los servicios públicos (véase más adelante la sección 5.8).

El «consentimiento expreso» del consumidor a que hace referencia el artículo 16, párrafo primero, letra a), debe interpretarse como la «solicitud expresa» exigida en virtud de los artículos 7, apartado 3, y 8, apartado 8.

Por analogía con las normas relativas a los pagos adicionales con arreglo al artículo 22, deberá interpretarse que los términos «consentimiento expreso/solicitud expresa» en este contexto implican que el consumidor realice una acción positiva, como marcar una casilla en el sitio web. El uso de una casilla marcada por defecto o de una cláusula en las condiciones generales a tal efecto no cumpliría estos requisitos [(132)](#ntr132-C_2021525ES.01000101-E0133).

El consentimiento expreso y el conocimiento del consumidor pueden obtenerse antes, durante o después de la celebración del contrato, siempre que esto ocurra antes del comienzo de la ejecución. La solicitud del consumidor y el conocimiento por su parte pueden expresarse de una sola vez. Los requisitos del artículo 7, apartado 3, del artículo 8, apartado 8, y del artículo 16, párrafo primero, letra a), pueden cumplirse, por ejemplo, utilizando la siguiente fórmula:

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| — | [...] Por la presente solicito [la ejecución inmediata o la ejecución en/a partir de una fecha específica durante el período de desistimiento] del contrato de servicios y acepto que perderé mi derecho de desistimiento del contrato una vez que el contrato haya sido ejecutado íntegramente. |

En el caso de los contratos celebrados fuera del establecimiento con arreglo al artículo 7, apartado 3, el requisito relativo al «soporte duradero» se cumplirá cuando la solicitud y la aceptación del consumidor se plasmen en un instrumento que permita a las partes almacenar la información de forma accesible para consultas posteriores y que permita la reproducción sin cambios (véase la sección 4.4 para obtener más información). En general, basta con que el consumidor marque una casilla en el documento de pedido si la solicitud y la aceptación (conocimiento) se reproducen adecuadamente en la copia facilitada al consumidor.

5.6.2.   Obligación de compensación del consumidor

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| Artículo 14  3.   Cuando un consumidor ejerza el derecho de desistimiento tras haber realizado una solicitud de conformidad con lo dispuesto en el artículo 7, apartado 3, o en el artículo 8, apartado 8, el consumidor abonará al comerciante un importe proporcional a la parte ya prestada del servicio en el momento en que el consumidor haya informado al comerciante del ejercicio del derecho de desistimiento, en relación con el objeto total del contrato. El importe proporcional que habrá de abonar el consumidor al comerciante se calculará sobre la base del precio total acordado en el contrato. En caso de que el precio total sea excesivo, el importe proporcional se calculará sobre la base del valor de mercado de la parte ya prestada del servicio. |

Si el consumidor desiste del contrato durante el plazo de derecho de desistimiento después de solicitar su ejecución inmediata, el artículo 14, apartado 3, exige al consumidor que abone al comerciante un importe proporcional a la parte prestada del servicio sobre la base del precio total acordado:

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| — | Por ejemplo, un consumidor que desiste de un contrato de servicios de telefonía móvil después de utilizar el servicio durante diez días tendría que pagar al comerciante un tercio de la suscripción mensual [(133)](#ntr133-C_2021525ES.01000101-E0134) más el precio de los servicios adicionales recibidos durante ese período. |

Cuando, con el fin de que puedan estar disponibles para el consumidor, la prestación de servicios implique costes excepcionales para el comerciante, este podrá incluirlos en el cálculo de la compensación:

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| — | Por ejemplo, el comerciante puede incluir el coste de los trabajos de instalación en el lugar de residencia del consumidor efectuados como parte de un contrato de servicios de comunicación electrónica de telefonía fija antes de que el consumidor desista del contrato. |

No obstante, en caso de que el precio total sea excesivo, la compensación se calculará sobre la base del valor de mercado de la parte ya prestada del servicio. En el considerando 50 se ofrecen explicaciones útiles sobre cómo determinar el valor de mercado: «[...] El cálculo del importe proporcionado debe basarse en el precio acordado en el contrato, a menos que el consumidor demuestre que el precio total es ya de por sí desproporcionado, en cuyo caso el importe a pagar se calculará sobre la base del valor de mercado del servicio prestado. El valor de mercado se debe establecer comparando el precio de un servicio equivalente prestado por otros comerciantes en el momento de la celebración del contrato […]».

El considerando 14 se refiere a la aplicación de las normas de los Estados miembros «sobre precios excesivos o exorbitantes», que pueden ser pertinentes para la aplicación del artículo 14, apartado 3.

En el asunto C-641/19, PE Digital, el TJUE aclaró que, al aplicar el artículo 14, apartado 3, para determinar el importe proporcional que el consumidor debe abonar al comerciante, cuando dicho consumidor haya solicitado expresamente que la ejecución del contrato dé comienzo durante el plazo de desistimiento y después desista del contrato, procede, en principio, tomar en consideración el precio acordado en dicho contrato para su objeto total y calcular el importe adeudado
pro rata temporis.

Solo cuando el contrato prevea expresamente que: i) una o varias prestaciones se llevarán a cabo íntegramente desde el inicio de la ejecución del contrato ii) a un precio que deberá abonarse separadamente, habrá de tenerse en cuenta el precio total previsto para esa prestación a la hora de calcular el importe que ha de abonarse al comerciante en virtud del artículo 14, apartado 3 [(134)](#ntr134-C_2021525ES.01000101-E0135).

El Tribunal aclaró además en el asunto PE Digital que el carácter excesivo de la compensación solicitada por el comerciante se ha de valorar en función del valor de mercado. De conformidad con el artículo 14, apartado 3, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, leído a la luz de su considerando 50, en este análisis procede tener en cuenta el precio del servicio ofrecido por el comerciante a otros consumidores en las mismas condiciones y el de los servicios equivalentes prestados por otros comerciantes en el momento de la celebración del contrato [(135)](#ntr135-C_2021525ES.01000101-E0136).

En el caso de servicios que se prestan con arreglo a un contrato de venta, el considerando 50 establece lo siguiente: «[…] En el caso de contratos que tengan por objeto bienes y servicios, las normas previstas en la presente Directiva sobre la devolución de bienes deben aplicarse a los elementos relativos a los bienes y el régimen de compensación se aplicará a los elementos relativos a los servicios».

El régimen de compensación por los servicios prestados durante el plazo de derecho de desistimiento se establece en el artículo 14, apartados 3 y 4, letra a) —véase también la sección 5.8.2—. De este modo, en situaciones en las que el servicio se preste durante el plazo de derecho de desistimiento del contrato de venta (por ejemplo, se presta un servicio de instalación inmediatamente después de la entrega de un bien), el comerciante deberá obtener asimismo la solicitud expresa del consumidor para la ejecución del servicio durante el plazo de derecho de desistimiento si desea ser compensado por dicho servicio en el caso de que el consumidor desista del contrato de venta:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, un contrato de venta a distancia o celebrado fuera del establecimiento puede prever la entrega y la instalación de un electrodoméstico. Si el consumidor solicita expresamente al comerciante que instale el aparato inmediatamente después de su entrega, pero decide desistir del contrato dentro del plazo de derecho de desistimiento (catorce días a partir de la entrega), el comerciante tendrá derecho a una compensación por los costes de instalación (además de cualquier compensación por la disminución de valor del aparato, cuando proceda). |

La obligación del comerciante de solicitar al consumidor que exprese su conocimiento de que, una vez que el comerciante haya ejecutado íntegramente el contrato, perderá su derecho de desistimiento, añadida por la Directiva (UE) 2019/2161 al artículo 7, apartado 3, y al artículo 8, apartado 8, no es pertinente en el caso de los servicios prestados en el marco de contratos de venta. Esta obligación se refiere únicamente a los contratos de servicios, ya que solo los contratos de servicios están sujetos a la excepción al derecho de desistimiento prevista en el artículo 16, párrafo primero, letra a).

5.7.   
Derecho de desistimiento de los contratos de contenido digital en línea

El derecho de desistimiento de los contratos de servicios digitales se analiza en la sección 5.6 anterior, que trata de los contratos de servicios en general.

Las restricciones específicas al derecho de desistimiento de los contratos de contenido digital en línea se establecen en el artículo 16, párrafo primero, letra m).

La Directiva (UE) 2019/2161 modificó esta disposición añadiendo una tercera condición que el comerciante debe cumplir para que los consumidores pierdan el derecho de desistimiento del contrato. Esto está en consonancia con las condiciones del artículo 14, apartado 4, letra b), que aborda las consecuencias del incumplimiento de los requisitos de información/formales.

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 16  Los Estados miembros no incluirán el derecho de desistimiento contemplado en los artículos 9 a 15 en los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento que se refieran a:   |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | |  | […] m) contratos para el suministro de contenido digital que no se preste en un soporte material cuando la ejecución haya comenzado y, si el contrato impone al consumidor una obligación de pago, cuando:   |  |  | | --- | --- | | i) | el consumidor haya otorgado expresamente su consentimiento previo para iniciar la ejecución durante el plazo del derecho de desistimiento; |  |  |  | | --- | --- | | ii) | el consumidor haya expresado su conocimiento de que, en consecuencia, pierde su derecho de desistimiento, y |  |  |  | | --- | --- | | iii) | el comerciante haya proporcionado una confirmación con arreglo al artículo 7, apartado 2, o al artículo 8, apartado 7. | | |

El artículo 16, párrafo primero, letra m), persigue un objetivo similar al mencionado en el artículo 16, párrafo primero, letra i), por el que se excluyen los soportes de datos tangibles precintados (CD, DVD, etc.) del derecho de desistimiento si el consumidor los desprecinta. Esto significa que, en ambos casos, a diferencia del desistimiento de la prestación de servicios (véase la sección 5.6), el consumidor no tiene derecho a «probar» el contenido digital durante el plazo de derecho de desistimiento.

De este modo, el consumidor perderá el derecho de desistimiento tan pronto como se inicie la ejecución del contrato con su consentimiento y su conocimiento de la pérdida de este derecho, si el comerciante ha facilitado la confirmación del contrato. Tal como se establece en el artículo 7, apartado 2, relativo a los contratos celebrados fuera del establecimiento y en el artículo 8, apartado 7, relativo a los contratos a distancia, dicha confirmación debe incluir también la confirmación del previo consentimiento expreso y del conocimiento del consumidor (véase también la sección 4.4 sobre la confirmación del contrato).

La ejecución comienza con la descarga o la emisión de un vídeo o un archivo de audio. Si el comerciante facilita un enlace web para iniciar la descarga o la emisión, el consumidor solo perderá el derecho de desistimiento tras activar el enlace.

El consentimiento expreso y el conocimiento del consumidor pueden obtenerse antes, durante o después de la celebración del contrato, siempre que esto ocurra antes del comienzo de la ejecución. El artículo 7, apartado 2, y el artículo 8, apartado 7, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores exigen expresamente que la confirmación del contrato incluya la confirmación del previo consentimiento expreso y del conocimiento del consumidor de conformidad con el artículo 16, párrafo primero, letra m). Por consiguiente, cuando el consumidor dé su consentimiento para la ejecución inmediata, y exprese su conocimiento, después de que el comerciante ya haya enviado la confirmación del contrato, el comerciante deberá proporcionar al consumidor una confirmación adicional separada de dicho consentimiento y conocimiento antes de que comience la ejecución.

El consentimiento «expreso» del consumidor y el conocimiento por su parte, a los efectos del artículo 16, párrafo primero, letra m), deberán interpretarse por analogía a las normas sobre el consentimiento expreso establecidas con arreglo al artículo 22 sobre pagos adicionales para servicios adicionales. Esto implica que el consumidor tiene que realizar una acción positiva, como marcar una casilla en el sitio web del comerciante. La expresión del consentimiento y del conocimiento mediante el uso de una casilla previamente marcada o la aceptación de las condiciones generales no cumplirá los requisitos establecidos en virtud del artículo 16, párrafo primero, letra m).

El consentimiento expreso del consumidor y el conocimiento por su parte pueden manifestarse en una única declaración, en la que también se transmita información sobre la excepción al derecho de desistimiento prevista en el artículo 6, apartado 1, letra k), por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | [...] Por la presente doy mi consentimiento a la ejecución inmediata del contrato y reconozco que perderé mi derecho de desistimiento del contrato una vez que la descarga o la emisión del contenido digital haya comenzado. |

El comerciante debe cumplir las obligaciones de información sobre el derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h). Únicamente en el caso de los contratos de contenido digital en línea que se ejecuten inmediatamente cuando el consumidor dé su consentimiento y exprese su conocimiento, lo que dará lugar al inicio de la ejecución del contrato, el comerciante no tendrá que facilitar la información prevista en el artículo 6, apartado 1, letra h), incluido el modelo de formulario de desistimiento que figura en el anexo I, letra B.

5.8.   
Consecuencias de no informar sobre el derecho de desistimiento

Con arreglo al artículo 6, apartado 1, el comerciante debe facilitar al consumidor información precontractual de forma clara y comprensible. En particular, cuando exista un derecho de desistimiento, el artículo 6, apartado 1, letra h), exige que el comerciante ponga en conocimiento del consumidor las condiciones, el plazo y los procedimientos para ejercer ese derecho, así como el modelo de formulario de desistimiento que figura en el anexo I, letra B [(136)](#ntr136-C_2021525ES.01000101-E0137). El incumplimiento de estas obligaciones conlleva las consecuencias establecidas en el artículo 10, apartado 1, que prevé una ampliación del plazo de desistimiento para todos los contratos. Si el comerciante no facilita esta información, el plazo de desistimiento se ampliará en doce meses.

|  |
| --- |
| Artículo 10  1.   Si el comerciante no ha facilitado al consumidor la información sobre el derecho de desistimiento, tal como se establece en el artículo 6, apartado 1, letra h), el período de desistimiento expirará 12 meses después de la fecha de expiración del período de desistimiento inicial, determinada de conformidad con el artículo 9, apartado 2. |

El artículo 10, apartado 2, aborda la situación en la que el comerciante facilita la información requerida en el artículo 6, apartado 1, letra h), con un retraso de doce meses a partir del final del período de desistimiento inicial calculado con arreglo al artículo 9, apartado 2. En este caso, el plazo de desistimiento expirará catorce días después del día en que el consumidor reciba dicha información.

|  |
| --- |
| Artículo 10  2.   Si el comerciante ha facilitado al consumidor la información contemplada en el apartado 1 del presente artículo en el plazo de doce meses a partir de la fecha contemplada en el artículo 9, apartado 2, el plazo de desistimiento expirará a los catorce días o, en caso de que los Estados miembros hayan adoptado normas con arreglo al artículo 9, apartado 1 bis, treinta días de la fecha en que el consumidor reciba la información. |

5.8.1.   Consecuencias en relación con los bienes

Además de la mencionada ampliación del plazo de desistimiento, en el caso de los bienes, el artículo 14, apartado 2, establece que los consumidores no serán responsables de la disminución de valor de los bienes si el comerciante no les ha informado de su derecho de desistimiento de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra h).

|  |
| --- |
| Artículo 14  2.   El consumidor solo será responsable de la disminución de valor de los bienes resultante de una manipulación de los mismos distinta a la necesaria para establecer la naturaleza, las características o el funcionamiento de los bienes. El consumidor no será en ningún caso responsable de la disminución de valor de los bienes si el comerciante no le ha informado de su derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letra h). |

Por lo que respecta a los bienes personalizados o los bienes perecederos (véanse las secciones 5.11.2 y 5.11.3) que están incondicionalmente exentos del derecho de desistimiento con arreglo al artículo 16, párrafo primero, letras c) y d), la Directiva sobre los derechos de los consumidores no establece las consecuencias del incumplimiento por parte del comerciante del requisito de indicar al consumidor que no le asiste un derecho de desistimiento de conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra k). Sin embargo, el hecho de no indicar al consumidor que no le asiste un derecho de desistimiento en tal situación podría constituir una práctica comercial desleal (omisión engañosa) prohibida por la Directiva 2005/29/CE sobre las prácticas comerciales desleales si lleva al consumidor a tomar una decisión sobre una transacción que de otro modo no hubiera tomado.

5.8.2.   Consecuencias en relación con los servicios y los servicios públicos

Por lo que respecta a los servicios (incluidos los servicios digitales) y los servicios públicos, el artículo 14, apartado 4, letra a), dispone que el consumidor no asumirá ningún coste, es decir, tendrá derecho o bien a un reembolso de la cantidad abonada o bien a no realizar ningún pago, si el comerciante no ha facilitado la información exigida en relación con el derecho de desistimiento con arreglo al artículo 6, apartado 1, letras h) o j), o si el consumidor no ha solicitado expresamente que el servicio dé comienzo durante el plazo de desistimiento de conformidad con el artículo 7, apartado 3, o el artículo 8, apartado 8.

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 14  4.   El consumidor no asumirá ningún coste por:   |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | a) | la prestación de los servicios o el suministro de agua, gas o electricidad —cuando no estén envasados para la venta en un volumen delimitado o en cantidades determinadas— o de calefacción mediante sistemas urbanos, de forma total o parcial, durante el período de desistimiento, cuando:   |  |  | | --- | --- | | i) | el comerciante no haya facilitado información con arreglo al artículo 6, apartado 1, letras h) o j), o bien |  |  |  | | --- | --- | | ii) | el consumidor no haya solicitado expresamente que la prestación del servicio empiece durante el plazo de desistimiento con arreglo al artículo 7, apartado 3, y al artículo 8, apartado 8; […] | | |

Por consiguiente, en estos casos, el consumidor podrá desistir de un contrato de servicios o un contrato de servicios públicos cuya ejecución haya empezado y aún esté en curso durante el plazo ampliado de doce meses a partir de la fecha de expiración del período de desistimiento inicial, determinada de conformidad con el artículo 9, apartado 2, y no asumirá ningún coste por los servicios prestados.

Si el comerciante informa al consumidor sobre el derecho de desistimiento en un plazo de doce meses a partir de la fecha de expiración del período de desistimiento inicial, determinada de conformidad con el artículo 9, apartado 2, el consumidor podrá desistir en un plazo de catorce días a partir del día en que haya recibido la información, sin tener que asumir ningún coste por los servicios prestados hasta el momento en que se le haya informado sobre el derecho de desistimiento.

El consumidor tampoco asumirá ningún coste por la parte del servicio que se haya prestado cuando la prestación de los servicios o servicios públicos haya finalizado (se haya ejecutado íntegramente) antes del ejercicio del derecho de desistimiento, también durante el período ampliado con arreglo al artículo 10, excepto cuando el comerciante haya cumplido los requisitos formales del artículo 7, apartado 3, o del artículo 8, apartado 8, lo que conllevará la pérdida del derecho de desistimiento del consumidor de conformidad con el artículo 16, párrafo primero, letra a) (véase la sección 5.6.1 para obtener más información).

5.8.3.   Consecuencias en relación con los contenidos digitales en línea

Por lo que se refiere a los contratos de contenido digital en línea, si no se cumple alguna de las tres condiciones previstas en el artículo 16, párrafo primero, letra m) (véase la sección 5.7), y el consumidor ejerce el derecho de desistimiento, se aplicará el artículo 14, apartado 4, letra b), y dará derecho al consumidor o bien a no pagar por el contenido recibido o bien a recibir un reembolso por las cantidades abonadas:

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 14  4.   El consumidor no asumirá ningún coste por:   |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | |  | […]  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | b) | el suministro, en su totalidad o en parte, de contenido digital que no se preste en un soporte material, cuando:   |  |  | | --- | --- | | i) | el consumidor no haya dado expresamente su consentimiento previo a la ejecución antes de que finalice el período de 14 días contemplado en el artículo 9, |  |  |  | | --- | --- | | ii) | el consumidor no es consciente de que renuncia a su derecho de desistimiento al dar su consentimiento, o bien |  |  |  | | --- | --- | | iii) | el comerciante no haya dado la confirmación con arreglo al artículo 7, apartado 2, o al artículo 8, apartado 7. | | | |

5.9.   
Resolución del contrato tras el ejercicio del derecho de desistimiento

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| Artículo 12 El ejercicio del derecho de desistimiento extinguirá las obligaciones de las partes de:  |  |  | | --- | --- | | a) | ejecutar el contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento, o |  |  |  | | --- | --- | | b) | celebrar el contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento, cuando el consumidor haya realizado una oferta. | |

El artículo 12 establece que el ejercicio del derecho de desistimiento pone fin a las obligaciones de las partes de ejecutar el contrato, en particular, la obligación del consumidor de pagar o resolver el contrato si el consumidor ha realizado la oferta.

No obstante, con arreglo al artículo 3, apartado 2, esta norma no afecta a otras normas sectoriales de la UE relativas a la resolución de contratos.

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, la Directiva (UE) 2019/944 del Parlamento Europeo y del Consejo [(137)](#ntr137-C_2021525ES.01000101-E0138) relativa al mercado interior de la electricidad y la Directiva 2009/73/CE relativa al mercado interior del gas [(138)](#ntr138-C_2021525ES.01000101-E0139) disponen que, en caso de que un cliente, en el respeto de las condiciones contractuales, desee cambiar de proveedor, el gestor o gestores de que se trate efectuará(n) el cambio en un plazo de tres semanas. |

De este modo, si un consumidor decide desistir de un contrato de electricidad o gas y cambiar a un nuevo proveedor, el suministrador anterior y el consumidor podrán continuar vinculados por su contrato durante un máximo de tres semanas, no obstante lo dispuesto en el artículo 14, apartado 3, sobre la compensación por la parte que ha sido prestada hasta el desistimiento.

5.10.   
Contratos complementarios

|  |
| --- |
| Artículo 15  1.   Sin perjuicio de lo dispuesto en el artículo 15 de la Directiva 2008/48/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 23 de abril de 2008, relativa a los contratos de crédito al consumo, el ejercicio, por parte del consumidor, de su derecho de desistimiento en relación con un contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento conforme a los artículos 9 a 14 de la presente Directiva, tendrá por efecto la resolución automática y sin gastos para el consumidor, excepto los contemplados en el artículo 13, apartado 2, y en el artículo 14 de la presente Directiva, de todo contrato complementario.  2.   Los Estados miembros establecerán normas detalladas sobre la resolución de tales contratos. |

En el artículo 2, apartado 15, se define «contrato complementario» como «un contrato por el cual el consumidor adquiere bienes o servicios relacionados con un contrato a distancia o celebrado fuera del establecimiento y dichos bienes o servicios son proporcionados por el comerciante o un tercero sobre la base de un acuerdo entre dicho tercero y el comerciante», por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | un contrato de instalación, mantenimiento o entrega, |

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| --- | --- |
| — | un contrato de seguro y crédito para financiar la compra, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una garantía comercial adicional. |

Si bien, por lo general, suelen excluirse del ámbito de aplicación de la Directiva en virtud del artículo 3, apartado 3, letra d), los contratos complementarios de seguro y de crédito se resolverían de conformidad con el artículo 15.

En los contratos vinculados separados, deberá evaluarse su relación para determinar cuál es el contrato principal y cuál es el complementario:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por ejemplo, si mediante contratos separados con el mismo comerciante, un consumidor adquiere servicios de telefonía móvil y un teléfono inteligente a pagar a plazos, que se factura mensualmente junto con el precio de la suscripción principal, el contrato de servicios se considerará el contrato principal. Esto no evitará que el consumidor desista solamente del contrato de venta complementario al tiempo que mantiene el contrato de servicios. |

En caso de que el contrato complementario esté sujeto a la Directiva (por ejemplo, un contrato de entrega o de instalación), el consumidor deberá compensar al comerciante por el coste del servicio prestado de conformidad con los artículos 13, apartado 2, y 14.

Por otro lado, si el contrato complementario queda, por lo general, fuera del ámbito de la Directiva (como un contrato de seguro o de crédito), las consecuencias de la resolución estarán sujetas a las normas establecidas en virtud de la legislación contractual general o sectorial de los Estados miembros.

Las normas detalladas sobre la resolución de los contratos complementarios deberán ser establecidas por los Estados miembros. Entre estas pueden figurar, por ejemplo, la obligación del comerciante de informar a cualquier otro comerciante pertinente cuando un consumidor le informe de su decisión de desistir del contrato principal.

5.11.   
Excepciones al derecho de desistimiento

En el artículo 16, párrafo primero, se enumeran trece situaciones/contratos en los que el consumidor no tiene derecho de desistimiento o lo pierde en determinadas condiciones.

Además, la Directiva (UE) 2019/2161 introdujo dos opciones reglamentarias para los Estados miembros en el caso de contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas al domicilio de un consumidor organizadas por un comerciante o de excursiones y en el caso de reparaciones específicamente solicitadas por el consumidor.

Las siguientes situaciones o contratos merecen especial atención a este respecto. Las excepciones relativas a los contratos de servicios íntegramente ejecutados y a los contratos de contenido digital en línea se abordan por separado en las secciones 5.6 y 5.7, respectivamente.

5.11.1.   Bienes o servicios cuyo precio depende de fluctuaciones del mercado financiero

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| --- | --- | --- |
| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | b) | el suministro de bienes o la prestación de servicios cuyo precio dependa de fluctuaciones del mercado financiero que el comerciante no pueda controlar y que puedan producirse durante el período de desistimiento; | |

El considerando 43 de la Directiva (UE) 2019/2161 aclaró que los contratos para el suministro puntual de energía que no sea de red deben quedar exentos del derecho de desistimiento con arreglo al artículo 16, párrafo primero, letra b), ya que el «precio depende de fluctuaciones de los mercados de materias primas o de la energía que el comerciante no puede controlar y que pueden producirse durante el plazo de desistimiento».

5.11.2.   Bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | c) | el suministro de bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados; | |

Los «bienes elaborados conforme a las especificaciones del consumidor» se definen en el artículo 2 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores como «todo bien no prefabricado para cuya elaboración sea determinante una elección o decisión individual por parte del consumidor». El considerando 49 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores menciona las «cortinas hechas a medida» como ejemplo de bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados.

Habida cuenta de que esta regla es una excepción de la norma más general de la Directiva sobre los derechos de los consumidores por la que se confiere a los consumidores el derecho de desistimiento de contratos a distancia o contratos celebrados fuera del establecimiento, deberá interpretarse de forma estricta.

En este sentido, esta excepción cubrirá, por ejemplo:

|  |  |
| --- | --- |
| — | bienes para los que el consumidor ha indicado especificaciones, como las medidas de un mueble o el tamaño de una tela; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | bienes para los que el consumidor ha solicitado características personalizadas específicas, como un diseño concreto para un vehículo a medida o un componente específico para un ordenador, que ha de adquirirse individualmente para ese pedido particular y que no formaba parte de la oferta del comerciante al público general; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | etiquetas de dirección con los datos de contacto del consumidor. |

La especificación/personalización en este contexto deberá interpretarse en el sentido de que los bienes son, en principio, únicos y producidos de conformidad con los requisitos y deseos individuales declarados por el consumidor y acordados con el comerciante.

Por el contrario, si el consumidor simplemente prepara los bienes realizando una selección de entre las opciones estándar (preestablecidas) ofrecidas por el comerciante, no se podrá hablar ni de «especificación» ni de «personalización» en el sentido estricto de esta disposición. Así pues, la excepción no se aplicaría en los siguientes ejemplos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | elegir muebles de un color o una textura específicos del catálogo del fabricante, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | coche con equipo adicional, seleccionado del catálogo del fabricante, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | un conjunto de muebles escogido sobre la base de elementos estándar. |

Además, la excepción no se aplica a los contratos de servicios que den lugar a resultados tangibles. En el asunto C-208/19, NK (Proyecto de vivienda individual), el Tribunal consideró que un contrato celebrado entre un arquitecto y un consumidor, en virtud del cual el primero se compromete a elaborar los planos para la construcción de una nueva vivienda, no puede considerarse comprendido en el ámbito de aplicación del artículo 16, letra c), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Aunque los planos puedan facilitarse de forma tangible (en papel o en forma de archivos digitales), el objeto del contrato es una prestación intelectual —un proyecto arquitectónico—, y la entrega resultante solo tiene una función secundaria [(139)](#ntr139-C_2021525ES.01000101-E0140).

Este razonamiento del TJUE pone de relieve la importancia del proceso creativo para que se produzca el resultado tangible como factor decisivo para la clasificación del contrato. Podría aplicarse un razonamiento similar a otros servicios intelectuales (por ejemplo, prestación de asesoramiento contable o jurídico, o fotografía en acontecimientos familiares), cuyos resultados podrían presentarse de forma tangible.

En cambio, cuando se aplica la excepción, la restricción al derecho de desistimiento de los contratos de suministro de bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados es absoluta y no depende de si el comerciante ha empezado o no a trabajar en el pedido. Así se confirmó en el asunto C-529/19, Möbel Kraft, en el que el Tribunal observó que esta es la única interpretación del artículo 16, letra c), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores que puede garantizar la seguridad jurídica, que es uno de los objetivos de la Directiva, como se señala en sus considerandos 7 y 40 [(140)](#ntr140-C_2021525ES.01000101-E0141). La existencia del derecho de desistimiento del consumidor se cuestionaría si dependiera del estado de desarrollo de la ejecución del contrato por parte del comerciante, un estado del cual, por regla general, el consumidor no está informado y sobre el que, a fortiori, no tiene ningún control. Además, tal interpretación no sería compatible con la obligación del comerciante de proporcionar información precontractual clara.

5.11.3.   Bienes que pueden deteriorarse o caducar con rapidez

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | d) | el suministro de bienes que puedan deteriorarse o caducar con rapidez; | |

«Puedan deteriorarse o caducar con rapidez» es una característica objetiva del bien de que se trate. Los siguientes son ejemplos claros de bienes que pueden deteriorarse o caducar con rapidez con arreglo a la letra d):

|  |  |
| --- | --- |
| — | comidas y bebidas con plazos cortos de caducidad, especialmente aquellas que deban mantenerse refrigeradas, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | reparto de comida para llevar, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | flores frescas. |

No obstante, en el caso de los contratos de suscripción a entregas periódicas de comida para llevar, si bien no existe un derecho de desistimiento de la entrega en sí, el consumidor puede anular la suscripción con arreglo a las normas sobre el derecho de desistimiento para la «entrega periódica de bienes» de conformidad con el artículo 9, apartado 2, letra b), inciso iii), es decir, en los catorce días posteriores a la recepción de la primera entrega.

Por su naturaleza, las plantas tienen una vida útil limitada durante la cual pueden conservarse sus características. En principio, el requisito de intervención activa por parte de alguien (por ejemplo, empresa de reparto, consumidor) para preservar sus características hace que estas plantas sean objetivamente diferentes de otros bienes (productos textiles, equipos electrónicos, etc.). Estos otros bienes no «pueden deteriorarse o caducar con rapidez» si se almacenan en condiciones adecuadas y al consumidor únicamente se le pide que se abstenga de exponerlos a condiciones anormales antes de devolverlos, a fin de evitar la responsabilidad a que se refiere el artículo 14, apartado 2.

Por lo tanto, será necesaria una evaluación caso por caso en la que se tengan en cuenta los cuidados necesarios para que las plantas conserven sus características durante un período más largo, también en caso de que el consumidor las devuelva. Por consiguiente, el derecho de desistimiento solo se aplicará cuando las respectivas plantas no «puedan deteriorarse o caducar con rapidez».

5.11.4.   Bienes precintados por razones de protección de la salud o de higiene

|  |  |  |
| --- | --- | --- |
| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | e) | el suministro de bienes precintados que no sean aptos para ser devueltos por razones de protección de la salud o de higiene y que hayan sido desprecintados tras la entrega; | |

Para que un artículo quede exento del derecho de desistimiento en virtud de la letra e), el uso de un precinto, que puede consistir en envoltorios o películas de protección, debe responder a razones reales de protección de la salud o de higiene. Esta excepción podría aplicarse, por ejemplo, a los siguientes bienes si el consumidor los desprecinta tras la entrega:

|  |  |
| --- | --- |
| — | productos cosméticos como pintalabios, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | cepillos de dientes, máquinas de afeitar y artículos similares de higiene personal. |

El Tribunal dictaminó en el asunto C-681/17, slewo, que esta excepción no se aplica a los colchones. El Tribunal precisó, en particular, que es la naturaleza de un bien la que puede justificar el precintado de su embalaje por razones de protección de la salud o de higiene y que, por tanto, el desprecintado del embalaje priva al bien que contiene de la garantía en términos de protección de la salud o de higiene [(141)](#ntr141-C_2021525ES.01000101-E0142).

Por consiguiente, la excepción al derecho de desistimiento prevista en el artículo 16, párrafo primero, letra e), solo es aplicable cuando, tras haber sido retirado el precinto del embalaje, el bien que contiene deja definitivamente de estar en condiciones de ser comercializado por razones de protección de la salud o de higiene, puesto que la propia naturaleza de este bien hace imposible o excesivamente difícil que el comerciante adopte medidas que le permitan ponerlo de nuevo a la venta sin contravenir alguno de estos imperativos [(142)](#ntr142-C_2021525ES.01000101-E0143).

5.11.5.   Bienes que se mezclan de forma indisociable con otros bienes

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| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | f) | el suministro de bienes que después de su entrega y teniendo en cuenta su naturaleza se hayan mezclado de forma indisociable con otros bienes; | |

El considerando 49 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores se refiere al suministro de «combustible» como un ejemplo de bienes mezclados de manera inseparable con otros bienes.

5.11.6.   Contratos con una fecha o un período de ejecución específicos

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| --- | --- | --- |
| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | l) | el suministro de servicios de alojamiento para fines distintos del de servir de vivienda, transporte de bienes, alquiler de vehículos, comida o servicios relacionados con actividades de esparcimiento, si los contratos prevén una fecha o un período de ejecución específicos; | |

Para que esta excepción sea aplicable, el contrato deberá estipular «una fecha o un período de ejecución específicos». Una vez más, dado que se trata de una excepción, deberá interpretarse en sentido estricto [(143)](#ntr143-C_2021525ES.01000101-E0144). Así pues, deberá aplicarse teniendo en cuenta las razones señaladas en el considerando 49: «[...] El reconocimiento del derecho de desistimiento también podría ser inadecuado en el caso de determinados servicios en los que la celebración del contrato implica reservas que el comerciante puede tener dificultad para cubrir si se ejerce el derecho de desistimiento. Tal sería el caso, por ejemplo, de las reservas hoteleras y de casas de vacaciones o de las reservas para espectáculos culturales o deportivos». Por lo tanto, la restricción al derecho de desistimiento con arreglo al artículo 16, párrafo primero, letra l), no se aplicará a contratos de actividades de esparcimiento que no tengan límites de capacidad.

El considerando 49 ofrece los siguientes ejemplos a los que se aplicaría la excepción prevista en el artículo 16, párrafo primero, letra l):

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| — | reservas hoteleras y de casas de vacaciones, |

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| — | espectáculos culturales o deportivos, así como representaciones teatrales en una fecha determinada, |

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| — | restauración en una fiesta de cumpleaños o un banquete de boda en una fecha concreta. |

Del mismo modo, la expresión «transporte de bienes» debe interpretarse en sentido amplio. En el asunto C-336/03, easyCar, relativo a la Directiva 97/7/CE sobre contratos a distancia, el TJUE determinó que «transporte» también incluye la puesta a disposición del consumidor de un medio de transporte [(144)](#ntr144-C_2021525ES.01000101-E0145). De conformidad con esa interpretación, el alquiler de camiones para el transporte de bienes en una fecha específica podría entrar dentro del ámbito de la excepción contemplada en el artículo 16, párrafo primero, letra l), para el «transporte de bienes».

Finalmente, si bien el artículo 16, párrafo primero, letra l), cubre contratos para el transporte de bienes, no se aplicará a servicios de almacenamiento, aun cuando se presten en fechas concretas.

5.11.7.   Reparaciones solicitadas por el consumidor

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| Artículo 16   |  |  | | --- | --- | | h) | los contratos en los que el consumidor haya solicitado específicamente al comerciante que le visite para efectuar operaciones de reparación o mantenimiento urgente; si, en esa visita, el comerciante presta servicios adicionales a los solicitados específicamente por el consumidor o suministra bienes distintos de las piezas de recambio utilizadas necesariamente para efectuar las operaciones de mantenimiento o reparación, el derecho de desistimiento deberá aplicarse a dichos servicios o bienes adicionales; | |

La excepción al derecho de desistimiento prevista en el artículo 16, párrafo primero, letra h), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores cubre las operaciones de reparación o mantenimiento urgente.

En el caso de todas las demás reparaciones de carácter no «urgente», los consumidores tienen derecho de desistimiento y los comerciantes deberán informarles, entre otras cosas, de este derecho. Si los comerciantes no han facilitado a los consumidores la información sobre el derecho de desistimiento o no la han facilitado a tiempo, se aplicarán el artículo 10 y el artículo 14, apartado 4, letra a). Los consumidores pueden ejercer su derecho de desistimiento en el plazo de catorce días a partir de la celebración del contrato. No obstante, de conformidad con el apartado 16, párrafo primero, letra a), el consumidor perderá el derecho de desistimiento cuando el servicio (de reparación) se ejecute íntegramente. Para que se aplique esta limitación, el comerciante debe obtener: 1) el previo consentimiento expreso del consumidor y 2) el conocimiento por parte del consumidor de que perderá el derecho de desistimiento una vez que el servicio se haya ejecutado íntegramente. Estas dos condiciones para iniciar la ejecución del servicio antes de que expire el plazo de desistimiento se establecen en el artículo 7, apartado 3, para los contratos celebrados fuera del establecimiento y en el artículo 8, apartado 8, para los contratos a distancia.

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| Artículo 16  En el caso de que el consumidor haya solicitado específicamente una visita del comerciante para que efectúe operaciones de reparación, los Estados miembros podrán disponer que el consumidor pierda el derecho de desistimiento una vez que el servicio haya sido ejecutado íntegramente y siempre que la ejecución haya comenzado con previo consentimiento expreso del consumidor. |

Esta opción reglamentaria del artículo 16, párrafo tercero, introducida por la Directiva (UE) 2019/2161 [(145)](#ntr145-C_2021525ES.01000101-E0146) ofrece a los Estados miembros la posibilidad de establecer excepciones a las condiciones de pérdida del derecho de desistimiento previstas en el artículo 16, párrafo primero, letra a), facultándoles para que dispongan que, en el caso de las operaciones de reparación contempladas en el artículo 16, párrafo tercero, bastará con que el comerciante obtenga el previo consentimiento expreso del consumidor para comenzar la ejecución. Por consiguiente, en este caso, el comerciante no está obligado a obtener también el conocimiento por parte del consumidor de la pérdida del derecho de desistimiento con arreglo al artículo 7, apartado 3, o al artículo 8, apartado 8.

5.12.   
Opciones reglamentarias en caso de visitas no solicitadas o excursiones

5.12.1.   Introducción

La Directiva (UE) 2019/2161 modificó tanto la DPCD como la Directiva sobre los derechos de los consumidores al permitir a los Estados miembros adoptar disposiciones para proteger los intereses legítimos de los consumidores en relación con prácticas de comercialización o venta agresivas y engañosas en el contexto de visitas no solicitadas de un comerciante al domicilio de un consumidor o excursiones organizadas por un comerciante con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores, cuando dichas disposiciones sean proporcionadas, no discriminatorias y estén justificadas por razones de protección de los consumidores. El fundamento de las disposiciones se explica en los considerandos 54 a 57 de la Directiva (UE) 2019/2161, donde se destaca el principio de subsidiariedad y el objetivo de facilitar su aplicación.

La DPCD contiene una disposición general que permite a los Estados miembros adoptar disposiciones nacionales proporcionadas, no discriminatorias y justificadas para proteger a los consumidores frente a visitas no solicitadas o excursiones organizadas por un comerciante agresivas o engañosas (para obtener más detalles, véase la sección 1.1 de la Guía sobre la DPCD).

Además de la disposición general de la DPCD, la Directiva sobre los derechos de los consumidores modificada permite a los Estados miembros adoptar disposiciones nacionales que prevean normas más favorables en relación con el derecho de desistimiento. A tal fin, en el contexto del artículo 9, apartado 1 bis, del artículo 10, apartado 2, del artículo 14, apartado 4, y del artículo 16 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, los Estados miembros podrán establecer un plazo de derecho de desistimiento más largo, de treinta días en lugar de catorce, o apartarse de varias de las excepciones existentes al derecho de desistimiento en caso de visitas no solicitadas o excursiones.

El artículo 29, apartado 1, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores obliga a los Estados miembros a comunicar a la Comisión, a más tardar el 28 de noviembre de 2021, las medidas nacionales por las que se establezca una excepción al derecho de desistimiento y toda modificación posterior, a saber, mediante una notificación específica en la que se expliquen las disposiciones nacionales exactas de que se trate y no solo como parte de la notificación general de las medidas de transposición.

5.12.2.   Ampliación del plazo de derecho de desistimiento

El artículo 9, apartado 1 bis, dispone que los Estados miembros podrán ampliar el plazo de desistimiento de catorce a treinta días en el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas efectuadas por comerciantes al domicilio de los consumidores o de excursiones organizadas por comerciantes con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores.

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| Artículo 9  1 bis.   Los Estados miembros podrán adoptar normas con arreglo a las cuales el plazo de desistimiento de catorce días a que se refiere el apartado 1 se amplíe a treinta días en el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas efectuadas por comerciantes al domicilio de los consumidores o de excursiones organizadas por comerciantes con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores para proteger los intereses legítimos de los consumidores en lo que atañe a ciertas prácticas de comercialización o venta agresivas o engañosas. Tales normas serán proporcionadas y no discriminatorias, y estarán justificadas por razones de protección de los consumidores. |

El artículo 6, apartado 4, el artículo 9, apartado 2, el artículo 10, apartado 2, y el artículo 14, apartado 4, que se refieren al plazo de derecho de desistimiento también fueron modificados por la Directiva (UE) 2019/2161 con el fin de reflejar la posible ampliación de dicho plazo a treinta días.

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| Artículo 6, apartado 4  4.   La información contemplada en el apartado 1, letras h), i) y j), del presente artículo podrá proporcionase a través del Modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento establecido en el anexo I, letra A. El comerciante habrá cumplido los requisitos de información contemplados en el apartado 1, letras h), i) y j), del presente artículo cuando haya proporcionado dicha información correctamente cumplimentada.  Las referencias al plazo de desistimiento de catorce días del Modelo de documento de información al consumidor sobre el desistimiento establecido en el anexo I, letra A, se sustituirán por referencias a un plazo de desistimiento de treinta días cuando los Estados miembros hayan adoptado normas de conformidad con el artículo 9, apartado 1 bis.  Artículo 9, apartado 2  2.   Sin perjuicio de lo dispuesto en el artículo 10, el plazo de desistimiento a que se refiere el apartado 1 del presente artículo expirará a los catorce días  o, en caso de que los Estados miembros hayan adoptado normas con arreglo al apartado 1 bis del presente artículo, treinta días contados a partir del:  Artículo 10, apartado 2  2.   Si el comerciante ha facilitado al consumidor la información contemplada en el apartado 1 del presente artículo en el plazo de doce meses a partir de la fecha contemplada en el artículo 9, apartado 2, el plazo de desistimiento expirará a los catorce días  o, en caso de que los Estados miembros hayan adoptado normas con arreglo al artículo 9, apartado 1 bis, treinta días de la fecha en que el consumidor reciba la información.  Artículo 14, apartado 4  4.   El consumidor no asumirá ningún coste por:   |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | | b) | el suministro, en su totalidad o en parte, de contenido digital que no se preste en un soporte material, cuando:   |  |  | | --- | --- | | i) | el consumidor no haya otorgado expresamente su consentimiento previo al inicio de la ejecución antes de que finalice el plazo de catorce días o treinta días contemplado en el artículo 9. | | |

5.12.3.   Anulación de las excepciones del derecho de desistimiento

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| Artículo 16  Los Estados miembros podrán apartarse de las excepciones del derecho de desistimiento contempladas en el párrafo primero, letras a), b), c) y e), en el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas efectuadas a cabo por comerciantes al domicilio de los consumidores o de excursiones organizadas por comerciantes con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores para proteger los intereses legítimos de los consumidores en lo que atañe a ciertas prácticas de comercialización o venta agresivas o engañosas. Tales disposiciones serán proporcionadas y no discriminatorias, y estarán justificadas por razones de protección de los consumidores. |

En el caso de los contratos celebrados en el contexto de visitas no solicitadas de un comerciante al domicilio de un consumidor o de excursiones organizadas por un comerciante con el objetivo o el efecto de promocionar o vender productos a los consumidores, los Estados miembros podrán apartarse de las siguientes excepciones del derecho de desistimiento:

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| — | contratos de prestación de servicios una vez que el servicio haya sido completamente ejecutado [artículo 16, párrafo primero, letra a)]; |

|  |  |
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| — | el suministro de bienes o la prestación de servicios cuyo precio dependa de fluctuaciones del mercado financiero que el comerciante no pueda controlar y que puedan producirse durante el período de desistimiento [artículo 16, párrafo primero, letra b)]; |

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| — | el suministro de bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados [artículo 16, párrafo primero, letra c)]; |

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| --- | --- |
| — | el suministro de bienes precintados que no sean aptos para ser devueltos por razones de protección de la salud o de higiene y que hayan sido desprecintados tras la entrega [artículo 16, párrafo primero, letra e)]. |

La anulación no implica necesariamente la no aplicación total de la excepción al derecho de desistimiento. También puede consistir en una modificación de la excepción existente para hacerla más favorable para el consumidor, garantizando al mismo tiempo que sea proporcionada (también con respecto a los intereses legítimos de los comerciantes), no discriminatoria y justificada por razones de protección de los consumidores.

6.   Entrega

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| Artículo 18  1.   Salvo acuerdo en contrario de las partes sobre el plazo de entrega, el comerciante entregará los bienes mediante la transmisión de su posesión material o control al consumidor sin ninguna demora indebida y en un plazo máximo de 30 días a partir de la celebración del contrato.  2.   Si el comerciante no cumple su obligación de entrega de los bienes en el plazo acordado con el consumidor o en el plazo fijado en el apartado 1, el consumidor lo emplazará a proceder a dicha entrega en un plazo adicional adecuado a las circunstancias. Si el comerciante no hace entrega de los bienes en dicho plazo adicional, el consumidor tendrá derecho a resolver el contrato.  El primer párrafo no será aplicable a los contratos de venta cuando el comerciante haya rechazado entregar los bienes o el plazo de entrega sea esencial a la vista de todas las circunstancias que concurran en su celebración o cuando el consumidor informe al comerciante, antes de la celebración del contrato, de que es esencial la entrega antes de una fecha determinada o en una fecha determinada. En tales casos, si el comerciante no cumple su obligación de entrega de los bienes en el plazo acordado con el consumidor, o en el plazo fijado en el apartado 1, el consumidor tendrá derecho a resolver el contrato de inmediato.  3.   Cuando se haya resuelto el contrato, el comerciante deberá reembolsar sin ninguna demora indebida todas las cantidades abonadas en virtud del mismo.  4.   Además de resolver el contrato con arreglo al apartado 2, el consumidor podrá recurrir a otras soluciones contempladas en la legislación nacional. |

El artículo 18 solo se aplica a contratos de venta, tal y como se indica expresamente en el artículo 17, apartado 1. Las disposiciones recogidas en el artículo 18 en relación con el plazo de entrega están relacionadas con el requisito establecido en el artículo 5, apartado 1, letra d) y el artículo 6, apartado 1, letra g), con respecto a la indicación del plazo para la entrega de los bienes.

De conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra g), en relación con los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento, el comerciante deberá informar al consumidor de «la fecha en que el comerciante se compromete a entregar los bienes». Para los contratos celebrados en un establecimiento, con arreglo al artículo 5, apartado 1, letra d), esta información deberá facilitarse «cuando proceda».

Así pues, en los contratos celebrados en un establecimiento, no es necesario facilitar esta información si los bienes se entregan o los servicios se prestan de forma inmediata. En el caso de los contratos de venta celebrados en un establecimiento, tampoco es necesario facilitar esta información si el vendedor tiene previsto entregar los bienes en el plazo de treinta días fijado con arreglo al artículo 18, apartado 1 (véase también la sección 3 sobre los requisitos de información precontractual).

Cabe señalar que la Directiva no contiene normas específicas en relación con los contratos de servicios en los que el comerciante no indica el plazo para la ejecución de los servicios. Las consecuencias de dicha omisión podrán regularse con arreglo a la legislación nacional.

De conformidad con el artículo 18, apartado 2, si el comerciante no realiza la entrega dentro de este plazo o del plazo indicado al consumidor, este tendrá que acordar con el comerciante un plazo adicional. Si el comerciante no hace entrega de los bienes en dicho plazo adicional, el consumidor tendrá derecho a resolver el contrato.

No obstante, si el plazo de entrega indicado o el plazo máximo de treinta días es esencial (por ejemplo, la entrega de un vestido de novia: véase el considerando 52) y el comerciante no hace entrega de los bienes a tiempo, el consumidor debe tener la facultad de resolver el contrato en cuanto expire el plazo de entrega acordado inicialmente.

Las leyes nacionales pueden regular el modo en que el consumidor debe notificar al comerciante la resolución del contrato (véase el considerando 52).

Con arreglo al artículo 18, apartado 4, la legislación nacional podrá facilitar al consumidor otras soluciones (en el considerando 53 se ofrecen ejemplos): «Además del derecho a resolver el contrato cuando el comerciante incumpla su obligación de realizar la entrega conforme a lo dispuesto en la presente Directiva, el consumidor podrá recurrir, de conformidad con la legislación nacional aplicable, a otras soluciones, como, por ejemplo, conceder al comerciante un plazo adicional para la entrega, imponer el cumplimiento del contrato, retener el pago y pedir daños y perjuicios».

Con arreglo al artículo 18, apartado 3, si el contrato se resuelve, el comerciante deberá reembolsar todas las cantidades abonadas sin demoras indebidas. La Directiva no especifica un plazo para efectuar el reembolso. Si se produce un litigio entre el consumidor y el comerciante sobre el plazo para efectuar el reembolso, los órganos nacionales competentes y los tribunales deberán realizar una valoración caso por caso. En principio, unos pocos días laborables deberían bastar para tramitar el reembolso.

7.   Transmisión del riesgo

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| Artículo 20  En los contratos en que el comerciante envíe los bienes al consumidor, el riesgo de pérdida o deterioro de los bienes se transmitirá al consumidor cuando él o un tercero por él indicado, distinto del transportista, haya adquirido la posesión material de los bienes. No obstante, el riesgo se transmitirá al consumidor con la entrega al transportista, en caso de que el consumidor encargara al transportista el transporte de los bienes o el transportista elegido no estuviera entre los propuestos por el comerciante, sin perjuicio de los derechos del consumidor con respecto al transportista. |

Con arreglo al artículo 20, el riesgo se transmite también al consumidor con la entrega de los bienes al transportista, en caso de que el consumidor elija al transportista y este no se encuentre entre los propuestos por el comerciante.

La entrega normal de los bienes pedidos a través de comercio electrónico, correo electrónico, etc. suele tener lugar sin inspección inmediata por parte del consumidor de los bienes entregados. Con arreglo a la Directiva, el riesgo se transmite al consumidor al tomar posesión material de los bienes independientemente de si se han inspeccionado para detectar posibles defectos. No obstante, la Directiva (UE) 2019/771 sobre la compraventa de bienes exige entregas sin defectos. El artículo 11 de dicha Directiva establece las normas relativas a la carga de la prueba en relación con cualquier falta de conformidad.

8.   Tasas por la utilización de medios de pago

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| Artículo 19  Los Estados miembros prohibirán a los comerciantes cargar a los consumidores, por el uso de determinados medios de pago, tasas que superen el coste asumido por el comerciante por el uso de tales medios. |

8.1.   
Introducción

El artículo 19 se aplica al uso de «medios de pago». Habida cuenta de que estos términos no se definen de ningún modo, el artículo 19 debe aplicarse a cualquier medio de pago, incluido el pago en efectivo.

Cabe señalar que los «servicios de pago» como tales pertenecen a la categoría de «servicios financieros» y estos están excluidos del ámbito de aplicación de la Directiva sobre los derechos de los consumidores de conformidad con su artículo 3, apartado 3, letra d). En consecuencia, los proveedores de servicios de pago no están sujetos a los requisitos de la Directiva. La obligación prevista en el artículo 19 no está dirigida a los proveedores de servicios de pago, sino a otros comerciantes que celebren contratos con consumidores cubiertos por la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Esta disposición prohíbe a dichos comerciantes cargar a los consumidores, por el uso de determinados medios de pago, tasas que superen el coste normalmente asumido por el uso de tales medios.

El ámbito de aplicación del artículo 19 se ha reducido considerablemente a raíz de la revisión de la Directiva sobre servicios de pago (la «Segunda Directiva sobre servicios de pago»), aplicable a partir del 13 de enero de 2018. El artículo 62, apartado 4, de la DSP 2 prohíbe específicamente los recargos por:

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| — | la utilización de instrumentos de pago cuyas correspondientes tasas de intercambio [(146)](#ntr146-C_2021525ES.01000101-E0147) estén reguladas en virtud del Reglamento (UE) 2015/751 del Parlamento Europeo y del Consejo [(147)](#ntr147-C_2021525ES.01000101-E0148) sobre las tasas de intercambio aplicadas a las operaciones de pago con tarjeta. esta prohibición afecta a los pagos con tarjetas de débito y de crédito de particulares utilizadas en más del 95 % de las operaciones en el mercado de los pagos con tarjeta de la UE; |

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| — | los servicios de pago sujetos al Reglamento (UE) n.o 260/2012 del Parlamento Europeo y del Consejo [(148)](#ntr148-C_2021525ES.01000101-E0149) SEPA, es decir, las transferencias y los adeudos domiciliados en euros. |

En consecuencia, el artículo 19 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores sigue siendo pertinente únicamente para las tarjetas «sin límite máximo», es decir, las tarjetas comerciales (como las tarjetas de empresa) y las tarjetas emitidas por los denominados sistemas tripartitos, en los cuales las tarjetas son expedidas por el propio sistema, que a su vez podría considerarse un banco, y para los pagos en efectivo.

No obstante, cabe señalar que el artículo 62, apartado 5, de la DSP 2 ofrece a los Estados miembros la opción de prohibir o limitar los recargos por los instrumentos de pago específicos que no estén cubiertos por el Reglamento sobre las tasas de intercambio aplicadas a las operaciones de pago con tarjeta, como las tarjetas comerciales y las tarjetas emitidas por sistemas tripartitos anteriormente mencionadas.

8.2.   
Definición de «tasas»

El artículo 19 se aplicará a todo tipo de tasas ligadas a un medio de pago, independientemente de cómo se presenten a los consumidores.

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| — | Por ejemplo, las tasas denominadas de administración, reserva o gestión deben quedar cubiertas por el artículo 19 si pueden evitarse utilizando un medio de pago determinado. |

Los descuentos concedidos a los consumidores por el uso de determinados medios de pago, sobre todo los adeudos domiciliados, no deberán considerarse automáticamente «tasas» cobradas por la utilización de otros medios de pago disponibles en el sentido del artículo 19. Esto se debe a que el «descuento» puede deberse más al interés legítimo del comerciante de fomentar el uso de ciertos medios de pago que son más eficientes en relación con su estructura empresarial [(149)](#ntr149-C_2021525ES.01000101-E0150).

No obstante, no puede descartarse que la aplicación de recargos, en el sentido del artículo 19, se podría lograr ofreciendo descuentos idénticos o distintos a varios medios de pago mientras que, por ejemplo, se dejan solo una o dos modalidades de pago fuera del sistema de descuento. Cada sistema de descuento tendría que evaluarse, en relación con su compatibilidad con el artículo 19, para cada caso.

El artículo 19 regula las «tasas» cobradas por la utilización de un medio de pago determinado. Este artículo no impide que los comerciantes cobren diferentes precios por el mismo bien o servicio cuando la venta se realiza a través de distintos canales de venta.

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| — | Por ejemplo, podría aplicarse un precio más alto a una entrada de un concierto emitida directamente en la sala y un precio más bajo si se adquiere en otro local de ventas. |

8.3.   
Definición del «coste» asumido por el comerciante

8.3.1.   La tasa de descuento y otros costes directos

La Directiva no define ni detalla el concepto de «coste asumido por el comerciante» mencionado en el artículo 19.

Para la mayor parte de los comerciantes, la tasa de descuento es el principal componente individual del coste de aceptar pagos mediante tarjeta. La tasa de descuento incluye, por lo general:

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| 1) | la tasa de intercambio pagada por el banco del comerciante (el banco adquirente) al emisor de la tarjeta [(150)](#ntr150-C_2021525ES.01000101-E0151); |

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| 2) | las tasas pagadas por el banco del comerciante al sistema (por ejemplo, Visa o MasterCard); y |

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| 3) | el margen retenido por el banco del comerciante para cubrir costes y beneficios. |

Para las transacciones realizadas mediante tarjeta de crédito, la tasa de descuento suele fijarse en un porcentaje del valor de la transacción, mientras que para las transacciones con tarjeta de débito es más habitual, aunque no universal, una tarifa fija. La tasa de descuento varía considerablemente dependiendo del volumen de negocios, del sector empresarial y de otras características del comerciante.

Además, puede haber tasas de transacción o de gastos generales pagadas por el comerciante al banco adquirente o al intermediario de servicios de pago.

Los intermediarios de servicios de pago ayudan a algunos minoristas a aceptar pagos seguros y pueden cobrar por facilitar funcionalidades de pago, servicios de detección y gestión del fraude o servicios facilitados normalmente por bancos adquirentes [(151)](#ntr151-C_2021525ES.01000101-E0152).

8.3.2.   Costes generales de gestionar un negocio

Los comerciantes suelen asumir otros gastos empresariales que pueden estar indirectamente relacionados con la aceptación o la tramitación de pagos en función de los medios utilizados. Se trata fundamentalmente de costes administrativos, tarifas de instalación de equipos y de establecimiento, así como de costes derivados de la gestión de los riesgos y los fraudes.

8.3.3.   Costes elegibles que justifican una tasa por la utilización de medios de pago

Solo las tasas cargadas directamente al comerciante por el uso de un determinado medio de pago deberán considerarse «costes» de este medio de pago en el sentido del artículo 19.

Los costes asumidos por el comerciante que podrán tenerse legítimamente en cuenta para justificar las tasas cobradas a los consumidores son la tasa de descuento y las tasas de transacción o de gastos generales pagadas a los intermediarios por algunos o todos los servicios prestados normalmente por los bancos adquirentes. En estos casos, el intermediario normalmente negocia con el banco adquirente y actúa como punto de contacto para minoristas, cargando un sobreprecio a las tasas del adquirente por los pertinentes servicios.

El comerciante deberá decidir si subcontratar, por ejemplo, la prestación de los siguientes servicios:

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| — | adquisición y mantenimiento de equipos de los puntos de venta como dispositivos de circuito integrado o chip y código secreto o PIN, |

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| — | control del fraude y cumplimiento de los estándares de protección de los datos del sector de las tarjetas de pago para ayudar a evitar el fraude, según exigen todas las principales redes de tarjetas, |

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| — | desarrollo y funcionamiento de la infraestructura para gestionar los pagos con tarjeta, como la funcionalidad de pago para sitios web o centros de llamadas, y |

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| — | formación del personal. |

Los costes de los dispositivos de pago y de los servicios de detección y gestión del fraude (o similares) deben considerarse, en su lugar, costes generales de gestionar un negocio, independientemente de si los ha realizado directamente el comerciante o se externalizan. Si se contratan externamente, por norma general se cargan independientemente de la tasa de gastos generales o la tasa de descuento.

La tramitación de los pagos y del efectivo implica gastos de personal que resultan difíciles de cuantificar ya que normalmente están incluidos en los gastos administrativos generales. Los gastos derivados de la gestión de los riesgos y del fraude varían considerablemente entre sectores y comerciantes, pero por norma general se constata una disminución gracias a la introducción de nuevas tecnologías de pago electrónicas. Dado que estos costes son inherentes a la respectiva actividad empresarial (incluso cuando se contraen para garantizar el cumplimiento de la normativa), también deben quedar excluidos del concepto de «coste por el uso de determinados medios de pago» con arreglo al artículo 19 y deben considerarse, en su lugar, parte del coste general de gestionar un negocio.

Este argumento es especialmente válido para las empresas que venden bienes o prestan servicios en línea únicamente y que solo aceptan medios de pago electrónicos. En estos casos, los gastos de personal necesarios para la tramitación de los pagos electrónicos y los costes derivados de la gestión de los riesgos y del fraude son elementos fundamentales de su modelo de negocio.

Además, desde un punto de vista más práctico, incluir en la noción de «coste» todos los elementos posibles que puedan asociarse, incluso indirectamente, a un medio de pago, dificultaría el cumplimiento del artículo 19 e imposibilitaría que tuviese un efecto práctico («effet utile»). Esto es especialmente cierto dado que, por ejemplo, hay muy poca información pública disponible sobre los gastos administrativos, y el coste exacto del equipamiento o la instalación solo se puede calcular dividiendo el importe entre un número desconocido de operaciones. Por consiguiente, los comerciantes deben recuperar dichos costes a través del precio de sus bienes o servicios, en lugar de cobrar a los consumidores tasas adicionales por la utilización de un medio de pago.

8.4.   
Pagos en efectivo en moneda extranjera

Los pagos en efectivo realizados en una moneda extranjera suponen también un «medio de pago» en el sentido del artículo 19. Así pues, un comerciante no empleará la conversión de moneda como método para imponer recargos a los pagos al consumidor si no se justifican por los gastos reales derivados de ofrecer la opción de pagar en moneda extranjera (en concreto, los costes soportados por el comerciante para convertir el efectivo recibido).

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| — | Por ejemplo, cuando un comerciante que explota un restaurante en una zona remota acepta excepcionalmente un pago en efectivo de un turista en una moneda extranjera, el tipo de cambio aplicado puede ser ligeramente superior al real, para cubrir el gasto extraordinario del trayecto del comerciante al banco más cercano y las tasas aplicadas por el banco por el cambio. |

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| — | Sin embargo, la aplicación de un tipo de cambio excesivo en el supuesto anterior infringiría el artículo 19, ya que los ingresos procedentes de dicha transacción serían sustancialmente superiores a los gastos extraordinarios. |

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| — | Sin embargo, si la aceptación de moneda extranjera como medio de pago es una práctica comercial habitual del comerciante, solo las tasas de cambio de divisa aplicables se considerarán costes elegibles. Este sería el caso, por ejemplo, de un restaurante situado en una zona de complejos turísticos que suele prestar servicio a turistas que pagan en moneda extranjera. |

9.   Comunicaciones telefónicas

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| Artículo 21  Los Estados miembros velarán por que, en caso de que el comerciante opere una línea telefónica a efectos de comunicarse con él en relación con el contrato celebrado, el consumidor —cuando se comunique con el comerciante— no esté obligado a pagar más de la tarifa básica.  Lo dispuesto en el primer párrafo se entenderá sin perjuicio del derecho de los proveedores de servicios de telecomunicaciones de cobrar por este tipo de llamadas. |

El objetivo de esta disposición es proteger a los consumidores frente a cargas adicionales si tienen que llamar al comerciante con el que han celebrado un contrato, por ejemplo, para presentar una reclamación. Dichas llamadas telefónicas no podrán exigir al consumidor pagar más de la «tarifa básica». La Directiva (UE) 2019/2161 modificó el artículo 3, apartado 3, letra k), de la Directiva sobre los derechos de los consumidores y amplió el ámbito de aplicación del artículo 21 para incluir también los servicios de transporte de pasajeros.

Si bien la Directiva sobre los derechos de los consumidores no ofrece una definición explícita de la tarifa básica, su lógica viene dada por la obligación de los comerciantes de garantizar que los consumidores no paguen más del coste puro del servicio de comunicaciones electrónicas para llamadas sujetas al artículo 21. Así lo confirmó el Tribunal en el asunto C-568/15, en el que señaló que la «tarifa básica» es el coste estándar de una comunicación ordinaria que el consumidor puede esperar y del que no se exige que el comerciante informe a este [(152)](#ntr152-C_2021525ES.01000101-E0153). En otras palabras, las tarifas de llamada no deben superar el coste de una llamada a un número de teléfono fijo (geográfico) o móvil estándar.

Los números no geográficos que los proveedores de servicios de comunicaciones electrónicas incluyen normalmente en sus ofertas de «paquetes» de minutos con una tarifa plana mensual y los números que aplican una tarifa no superior a la de las llamadas a los números geográficos serían también ejemplos de números a los que se aplica la tarifa básica.

En cambio, es probable que las series de numeración que normalmente están sujetas a un régimen de tarifas especial no cumplan el requisito de «tarifa básica». Normalmente, los denominados números de servicio de tarifa superior permiten a sus usuarios (comerciantes) financiar o contribuir a sufragar los gastos de los centros de llamadas u obtener ingresos adicionales de esas llamadas telefónicas mediante el reparto de los ingresos con los operadores de telecomunicaciones. En la práctica, es muy improbable que las llamadas a los números de teléfono de servicios de tarifa superior se cobren a la «tarifa básica». Al mismo tiempo, el Tribunal también aclaró en el asunto C-568/15 que, siempre que se respete la norma de la «tarifa básica», será irrelevante si el comerciante obtiene beneficios a través de esas comunicaciones [(153)](#ntr153-C_2021525ES.01000101-E0154).

Aunque el artículo 21 limita el coste de las llamadas telefónicas, el precio real de las llamadas al comerciante a los efectos del artículo 21 seguirá variando para los diferentes consumidores en función del proveedor de servicios de comunicaciones electrónicas elegido para efectuar la llamada.

La noción de «tarifa básica» a los efectos de la Directiva sobre los derechos de los consumidores no debe entenderse en el sentido de obligar a los comerciantes a utilizar números de teléfono gratuitos, que suelen resultar gratis para la persona que efectúa la llamada. Tampoco deberá interpretarse en el sentido de obligar al comerciante a elegir un proveedor de servicios telefónicos concreto o a cambiar de telefonía móvil a fija o viceversa.

El artículo 21 no afectará a las diferencias existentes entre las tarifas de las llamadas itinerantes nacionales, internacionales y móviles aplicadas por los proveedores de los servicios de comunicaciones electrónicas. De este modo, un consumidor que efectúe una llamada a un vendedor establecido en otro Estado miembro podrá pagar más por dicha llamada que los clientes nacionales del comerciante.

La sentencia del Tribunal en el asunto C-332/17, Starman [(154)](#ntr154-C_2021525ES.01000101-E0155), se ocupó de una situación en la que el comerciante pone a disposición de sus consumidores, para los fines contemplados en el artículo 21, tanto un número facturado a la tarifa básica como un número abreviado al que se le aplica una tarifa superior a la tarifa básica cuando se llama desde teléfonos móviles. El Tribunal sostuvo que, también en tal situación, el artículo 21 se opone a que un comerciante aplique a un consumidor una tarifa superior a la tarifa básica. Esto es válido con independencia de que el comerciante haya informado al consumidor, de forma comprensible y fácilmente accesible, de la existencia de un número de teléfono alternativo sujeto a la tarifa básica y, no obstante, el consumidor haya decidido voluntariamente utilizar otro número para los fines del artículo 21:

«El artículo 21, párrafo primero, de la Directiva 2011/83/UE debe interpretarse en el sentido de que se opone a que, si un comerciante ha ofrecido a todos sus clientes uno o varios números de contacto abreviados a un precio superior a la tarifa básica, los consumidores que ya han concluido un contrato con dicho comerciante paguen un precio superior a la tarifa básica cuando se pongan en contacto con este por teléfono para consultas relacionadas con su contrato» [(155)](#ntr155-C_2021525ES.01000101-E0156).

Por consiguiente, aun cuando el consumidor haya utilizado (erróneamente) el número de teléfono alternativo más caro en lugar del número facturado a la «tarifa básica», dicho consumidor seguirá teniendo derecho a pagar únicamente la «tarifa básica» por la llamada en cuestión. Con el fin de garantizar el ejercicio del derecho previsto en el artículo 21 para estos casos, el consumidor debe tener acceso, con arreglo a la legislación nacional del Estado miembro de que se trate, a las medidas correctoras adecuadas, es decir, la posibilidad de reclamar una compensación por el precio pagado por encima de la tarifa básica.

La sentencia del Tribunal no prohíbe per se a los comerciantes utilizar diferentes tipos de números para fines distintos de los contemplados en el artículo 21, por ejemplo, para realizar reservas. No obstante, al hacerlo, dichos comerciantes deben prestar especial atención para asegurarse de que los consumidores utilicen el número adecuado, es decir, el número facturado a la tarifa básica cuando realicen llamadas para los fines contemplados en el artículo 21.

10.   Pagos adicionales

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| Artículo 22  Antes de que el consumidor quede vinculado por un contrato u oferta, el comerciante deberá buscar el consentimiento expreso del consumidor para todo pago adicional a la remuneración acordada para la obligación contractual principal del comerciante. Si el comerciante no ha obtenido el consentimiento expreso del consumidor, pero lo ha deducido utilizando opciones por defecto que el consumidor debe rechazar para evitar el pago adicional, el consumidor tendrá derecho al reembolso de dicho pago. |

Con arreglo al artículo 3, apartado 3, letra k), la prohibición del artículo 22 en relación con el uso de casillas premarcadas para el suministro y el cobro de bienes y servicios adicionales también se aplica a los servicios de transporte de pasajeros. Además, se aplica independientemente de si el propio servicio adicional está sujeto, por norma general, a la Directiva. Las casillas previamente marcadas prohibidas en virtud del artículo 22 podrían referirse, por ejemplo, a:

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| — | una opción de entrega urgente o contrato de mantenimiento al comprar equipamiento de TI, |

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| — | un contrato de seguros al comprar un billete de avión. |

11.   Cumplimiento

11.1.   
Aplicación pública y aplicación privada

De conformidad con el artículo 23, los Estados miembros deben velar por que existan medios adecuados y eficaces para garantizar el cumplimiento de las disposiciones de la Directiva.

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| Artículo 23  1.   Los Estados miembros garantizarán la existencia de medios adecuados y eficaces para asegurar el cumplimiento de las disposiciones de la presente Directiva.  2.   Los medios contemplados en el apartado 1 incluirán disposiciones en virtud de las cuales uno o más de los organismos siguientes, de conformidad con la legislación nacional, podrá llevar a cabo las actuaciones necesarias, ante los órganos jurisdiccionales o ante los organismos administrativos, para que se apliquen las disposiciones nacionales de transposición de la presente Directiva:   |  |  | | --- | --- | | a) | organismos públicos o sus representantes; |  |  |  | | --- | --- | | b) | organizaciones de consumidores que tengan un interés legítimo en la protección de los consumidores; |  |  |  | | --- | --- | | c) | organizaciones profesionales que posean un interés legítimo para actuar. | |

Varias disposiciones de la Directiva sobre los derechos de los consumidores prevén soluciones directas en caso de que el comerciante no cumpla las respectivas obligaciones. En concreto, el artículo 6, apartado 6, el artículo 10, el artículo 18, apartado 2, y el artículo 22 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores prevén soluciones específicas para los consumidores, mientras que el artículo 21 prohíbe al comerciante pedir al consumidor que pague más de la «tarifa básica» por las consultas telefónicas posteriores a la celebración del contrato y el artículo 27 exime al consumidor de la obligación de entregar cualquier contraprestación en caso de suministro no solicitado. Como se especifica en su considerando 14, la Directiva sobre los derechos de los consumidores no debe afectar a la legislación nacional en el ámbito del Derecho contractual respecto a aquellos aspectos del mismo que la Directiva no regula, incluida la legislación nacional relativa a las vías de recurso generales en materia contractual. En consecuencia, los Estados miembros pueden prever en su Derecho nacional vías de recurso en materia contractual adicionales.

Los consumidores pueden recurrir a este tipo de soluciones mediante actuaciones individuales. Asimismo, la Directiva (UE) 2020/1828 del Parlamento Europeo y del Consejo [(156)](#ntr156-C_2021525ES.01000101-E0157) relativa a las acciones de representación para la protección de los intereses colectivos de los consumidores introdujo en todos los Estados miembros la posibilidad de aplicar también la Directiva sobre los derechos de los consumidores mediante acciones de representación. Tales acciones podrían ser ejercidas por las entidades habilitadas para solicitar tanto medidas cautelares como medidas de recurso en nombre de los consumidores afectados [(157)](#ntr157-C_2021525ES.01000101-E0158).

11.2.   
Aplicación a comerciantes de terceros países

La aplicación de la Directiva sobre los derechos de los consumidores a los comerciantes no pertenecientes a la UE está sujeta al Reglamento (CE) n.o 864/2007 del Parlamento Europeo y del Consejo [(158)](#ntr158-C_2021525ES.01000101-E0159) relativo a la ley aplicable a las obligaciones extracontractuales («Roma II») y al Reglamento (CE) n.o 593/2008 sobre la ley aplicable a las obligaciones contractuales (Roma I). Los Reglamentos Roma I y Roma II son aplicables tanto en litigios civiles como mercantiles. La Directiva sobre los derechos de los consumidores establece tanto obligaciones extracontractuales (en particular, requisitos de información precontractual, prohibición de casillas marcadas por defecto, etc.) como obligaciones contractuales (en particular, el derecho de desistimiento, las normas sobre la entrega de los bienes y la confirmación del contrato).

En el caso de las obligaciones extracontractuales, en particular los requisitos de información precontractual en virtud de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, la ley aplicable determinada con arreglo al Reglamento Roma II sería la ley que se le aplicaría al correspondiente contrato si este se hubiera celebrado [(159)](#ntr159-C_2021525ES.01000101-E0160). Por lo tanto, se utiliza el mismo conjunto de criterios para determinar la ley aplicable a las obligaciones extracontractuales que a las obligaciones contractuales en materia civil y mercantil con arreglo al Reglamento Roma I. Esto significa que la ley aplicable tanto a las obligaciones contractuales como a las extracontractuales sería idéntica, salvo acuerdo en contrario entre las partes del contrato. No obstante, los acuerdos sobre la elección de la ley aplicable están sujetos a las limitaciones establecidas en los Reglamentos Roma I y Roma II.

De conformidad con el artículo 6, apartado 1, letra b), del Reglamento Roma I, cuando un consumidor celebra un contrato con un comerciante de otro país que, por cualquier medio, dirige sus actividades comerciales al país de residencia del consumidor, el contrato suele regirse por la ley del país en que el consumidor tenga su residencia habitual. El concepto de «dirigir» las actividades comerciales o profesionales al país del consumidor se explica con más detalle en la sección 3.1.8 de las presentes directrices.

Con arreglo al artículo 6, apartado 2, del Reglamento Roma I, si las partes contratantes optan por una ley diferente, dicha elección no podrá acarrear, para el consumidor, la pérdida de la protección que le proporcionen las disposiciones legales de su país de residencia habitual, que las partes no podrán excluir de su contrato.

Los derechos y obligaciones previstos en la Directiva sobre los derechos de los consumidores constituyen tales «disposiciones imperativas», ya que el artículo 25 establece que los consumidores no pueden renunciar a los derechos que les confieran las disposiciones nacionales de transposición de esta Directiva. En consecuencia, siempre que un comerciante de un tercer país se dirija a consumidores de uno o varios Estados miembros de la UE, dicho comerciante deberá cumplir los requisitos de la Directiva sobre los derechos de los consumidores, en particular los relativos a la información precontractual y al derecho a desistir del contrato.

11.3.   
Sanciones

El artículo 24 de la Directiva sobre los derechos de los consumidores aborda las sanciones aplicables a las infracciones de las disposiciones nacionales que transponen la Directiva. El apartado 1 exige a los Estados miembros que establezcan el régimen de sanciones aplicables a cualquier infracción de las disposiciones nacionales adoptadas al amparo de la Directiva sobre los derechos de los consumidores. Corresponde a los Estados miembros decidir el tipo de sanciones disponibles y determinar los procedimientos para su imposición, siempre que sean efectivas, proporcionadas y disuasorias.

El régimen de sanciones es distinto y complementario de las normas antes mencionadas relativas a las vías de recurso contractuales individuales para los distintos consumidores afectados.

La Directiva (UE) 2019/2161 añadió requisitos adicionales al artículo 24. En primer lugar, proporciona una lista criterios no exhaustivos e indicativos para la aplicación de las sanciones (apartado 2). En segundo lugar, establece normas más específicas (apartados 3 y 4) acerca de las multas por infracciones transfronterizas graves que son objeto de medidas de ejecución coordinadas en virtud del Reglamento (UE) 2017/2394 del Parlamento Europeo y del Consejo [(160)](#ntr160-C_2021525ES.01000101-E0161) sobre la cooperación en materia de protección de los consumidores («Reglamento CPC»).

El considerando 15 de la Directiva (UE) 2019/2161 anima a los Estados miembros a «considerar reforzar la salvaguardia del interés general de los consumidores, así como de otros intereses públicos protegidos» a la hora de asignar los ingresos derivados de las multas.

El artículo 24, apartado 5, obliga a los Estados miembros a comunicar a la Comisión el régimen de sanciones establecido y toda modificación posterior, a saber, mediante una notificación específica en la que se expliquen las disposiciones nacionales exactas de que se trate y no solo como parte de la notificación general de las medidas de transposición.

11.3.1.   Criterios para la imposición de sanciones

El artículo 24, apartado 2, establece una lista de seis criterios no exhaustivos e indicativos que las autoridades y los órganos jurisdiccionales competentes de los Estados miembros deben tener en cuenta a la hora de imponer las sanciones. Se aplican «cuando proceda» a todas las infracciones, tanto a escala nacional como en situaciones de carácter transfronterizo.

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| Artículo 24  2.   Los Estados miembros velarán por que se tengan debidamente en cuenta los siguientes criterios no exhaustivos e indicativos para la imposición de sanciones, cuando proceda:   |  |  | | --- | --- | | a) | la naturaleza, gravedad, escala y duración de la infracción; |  |  |  | | --- | --- | | b) | las acciones emprendidas por el comerciante para mitigar o corregir los daños y perjuicios sufridos por los consumidores; |  |  |  | | --- | --- | | c) | toda infracción anterior del comerciante; |  |  |  | | --- | --- | | d) | los beneficios económicos obtenidos o las pérdidas evitadas por el comerciante debido a la infracción, si los datos pertinentes están disponibles; |  |  |  | | --- | --- | | e) | las sanciones impuestas al comerciante por la misma infracción en otros Estados miembros en casos transfronterizos cuando la información sobre tales sanciones esté disponible a través del mecanismo establecido por el Reglamento (UE) 2017/2394 del Parlamento Europeo y del Consejo; |  |  |  | | --- | --- | | f) | cualquier otro factor agravante o atenuante aplicable a las circunstancias del caso. | |

En el considerando 7 de la Directiva (UE) 2019/2161 se explican algunos de los criterios. El considerando 8 aclara que «podrían no ser relevantes para decidir sobre las sanciones en relación con todas las infracciones, y en particular en relación con las infracciones menos graves». Además, «[l]os Estados miembros deben tener en cuenta asimismo otros principios generales del Derecho aplicables a la imposición de sanciones, como el de non bis in idem».

El carácter intencionado de la infracción es pertinente para la aplicación de los criterios establecidos en las letras a) y f). Sin embargo, la intención no constituye una condición necesaria para la imposición de sanciones en caso de infracción.

El criterio establecido en la letra c) abarca las infracciones pertinentes de la Directiva sobre los derechos de los consumidores cometidas anteriormente por el comerciante, ya sean reiteradas o diferentes.

El criterio previsto en la letra e) se refiere a los casos en que se ha cometido la misma infracción en varios Estados miembros. Solo se aplica cuando la información sobre las sanciones impuestas por la misma infracción en otros Estados miembros esté disponible a través del mecanismo de cooperación establecido por el Reglamento CPC.

En función de las circunstancias de cada caso, la sanción o sanciones impuestas al mismo comerciante por la misma infracción en otro u otros Estados miembros podrían ser un indicio de una mayor escala y gravedad en virtud de la letra a) o considerarse una «infracción anterior» con arreglo a la letra c). Por consiguiente, las sanciones impuestas por la misma infracción en otros Estados miembros podrían constituir un factor agravante. A la hora de imponer sanciones por la misma infracción en otros Estados miembros también podrían tenerse en cuenta otras circunstancias «agravantes» contempladas por los demás criterios previstos en la letra f), que alude en términos generales a «cualquier otro» factor agravante o atenuante. No obstante, la imposición de una sanción al mismo comerciante por la misma infracción en otro Estado miembro puede asimismo resultar pertinente para la aplicación del principio non bis in idem de conformidad con el Derecho nacional y con el artículo 10, apartado 2, del Reglamento CPC [(161)](#ntr161-C_2021525ES.01000101-E0162).

11.3.2.   Sanciones en el contexto de las medidas de ejecución coordinadas en virtud del Reglamento CPC

El artículo 24, apartados 3 y 4, establece normas adicionales más prescriptivas (en comparación con la norma general dispuesta en el apartado 1) relativas a las sanciones que la legislación nacional debe prever para las infracciones que sean objeto de acciones coordinadas en virtud del Reglamento CPC.

El artículo 21 del Reglamento CPC exige a las autoridades competentes de los Estados miembros afectadas por la acción coordinada que tomen medidas de ejecución, incluida la imposición de sanciones, de un modo efectivo, eficiente y coordinado contra el comerciante responsable de la infracción generalizada o la infracción generalizada con dimensión en la Unión. Las «infracciones generalizadas» y las «infracciones generalizadas con dimensión en la Unión» son infracciones transfronterizas que se definen en el artículo 3, apartados 3 y 4, del Reglamento CPC [(162)](#ntr162-C_2021525ES.01000101-E0163).

Con respecto a esta categoría de infracciones, el artículo 24, apartado 3, de la Directiva sobre los derechos de los consumidores exige a los Estados miembros que prevean la posibilidad de imponer multas cuyo importe máximo equivalga al menos al 4 % del volumen de negocio anual del comerciante. En consecuencia, los Estados miembros pueden fijar asimismo el umbral de la multa máxima por encima del 4 % del volumen de negocio anual del comerciante. También pueden optar por basar la multa en un volumen de negocio de referencia más elevado, como el volumen de negocio mundial del comerciante. Del mismo modo, pueden ampliar a otros tipos de infracciones, como las nacionales, las sanciones aplicables a las acciones coordinadas en virtud del Reglamento CPC.

En aquellos supuestos en que no se disponga de información sobre el volumen de negocio anual del comerciante, por ejemplo, en el caso de las empresas de reciente creación, el artículo 24, apartado 4, exige a los Estados miembros que introduzcan la posibilidad de imponer multas cuyo importe máximo equivalga al menos a dos millones EUR. De nuevo, los Estados miembros pueden fijar el umbral de la multa máxima también por encima de dos millones EUR.

Esta armonización de las normas nacionales relativas a las multas tiene por objeto garantizar la viabilidad y la coherencia de las medidas de ejecución en todos los Estados miembros que participen en una acción de ejecución coordinada en virtud del Reglamento CPC.

La imposición de multas de conformidad con el artículo 24, apartados 3 y 4, está sujeta a los criterios comunes establecidos en el artículo 24, apartado 2, que incluyen, en particular, «la naturaleza, gravedad y duración o los efectos temporales de la infracción». La multa efectiva impuesta por la autoridad o el órgano jurisdiccional competente en un caso concreto puede ser inferior a los importes máximos antes descritos, en función de la naturaleza, la gravedad y otras características pertinentes de la infracción.

Sin perjuicio de las obligaciones de coordinación previstas en el Reglamento CPC, la autoridad o el órgano jurisdiccional competentes pueden decidir imponer multas coercitivas (como multas diarias) hasta que el comerciante ponga fin a la infracción. También podrían decidir imponer la multa de forma condicional si el comerciante no pone fin a la infracción dentro del plazo establecido a pesar del requerimiento cursado a tal efecto.

El volumen de negocio pertinente que debe tenerse en cuenta a efectos del cálculo de la multa es el generado en el Estado miembro que la imponga. Sin embargo, el artículo 24, apartado 3, también permite determinar la multa sobre la base del volumen de negocio generado por el comerciante en todos los Estados miembros afectados por la acción coordinada si la coordinación en virtud del Reglamento CPC da lugar a la imposición de la multa por un único Estado miembro en nombre de los Estados miembros participantes.

El considerando 10 de la Directiva (UE) 2019/2161 aclara que «[e]n determinados casos, el comerciante también puede ser un grupo de empresas». Por consiguiente, cuando el comerciante responsable de la infracción sea un grupo de empresas, a efectos del cálculo de la multa se tendrá en cuenta el volumen de negocio combinado del grupo en los Estados miembros pertinentes.

Dado que la Directiva no especifica el año de referencia para la definición del volumen de negocio anual, a la hora de establecer la multa, las autoridades nacionales pueden utilizar, por ejemplo, los últimos datos disponibles sobre el volumen de negocio anual en el momento de adoptar la decisión sobre la sanción (es decir, el ejercicio económico anterior).

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ANEXO

Lista de asuntos del Tribunal mencionados en la presente Comunicación

(ordenada por año de sentencia)

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| Número y denominación del asunto | Cuestión(es) | Sección(es) en la Comunicación |
| 1999 | | |
| C-423/97, Travel-Vac | Directiva 85/577/CEE – Ámbito de aplicación – Contrato de multipropiedad – Derecho de renuncia | |  |  | | --- | --- | | 2.1. | Contratos celebrados fuera del establecimiento mercantil del comerciante | |
| 2005 | | |
| C-20/03, Burmanjer | Venta ambulante – Celebración de contratos de suscripción a revistas – Autorización previa | |  |  | | --- | --- | | 1.4. | Contratos mixtos | |
| 2009 | | |
| C-489/07, Messner | Directiva 97/7/CE – Protección de los consumidores – Contratos a distancia – Ejercicio del derecho de rescisión por el consumidor – Indemnización por uso que debe abonarse al vendedor | |  |  | | --- | --- | | 5.5.4. | Responsabilidad del consumidor por la mala utilización de los bienes | |
| 2012 | | |
| C-49/11, Content Services | Directiva 97/7/CE – Contratos a distancia – Información al consumidor – Información facilitada o recibida – Soporte duradero – Concepto – Hipervínculo al sitio de Internet del proveedor – Derecho de resolución | |  |  | | --- | --- | | 4.4. | Confirmación del contrato | |
| 2016 | | |
| C-149/15, Wathelet | Directiva 1999/44/CE – Venta y garantías de los bienes de consumo – Ámbito de aplicación – Concepto de «vendedor» – Intermediario – Circunstancias excepcionales | |  |  | | --- | --- | | 3.2.2. | Identidad y datos de contacto del comerciante | |
| 2017 | | |
| C-375/15, BAWAG | Directiva 2007/64/CE – Servicios de pago en el mercado interior – Contratos marco – Información general previa – Obligación de facilitar esta información en papel o en otro soporte duradero – Información transmitida mediante un buzón de correo electrónico integrado en un sitio de Internet de banca electrónica | |  |  | | --- | --- | | 4.4. | Confirmación del contrato | |
| C-586/15, Zentrale zur Bekämpfung unlauteren Wettbewerbs Frankfurt am Main | Directiva 2011/83/UE – Artículo 21 – Comunicaciones telefónicas – Explotación de una línea telefónica por el comerciante con objeto de permitir que el consumidor se comunique con él en relación con un contrato celebrado – Prohibición de aplicar una tarifa superior a la tarifa básica – Concepto de «tarifa básica» | |  |  | | --- | --- | | 9. | Comunicaciones telefónicas | |
| 2018 | | |
| C-105/17, Kamenova | Directiva 2005/29/CE – Artículo 2, letras b) y d) – Directiva 2011/83/UE – Artículo 2, punto 2 – Conceptos de «comerciante» y de «prácticas comerciales» | |  |  | | --- | --- | | 1.1. | Las definiciones de «comerciante» y «consumidor» |  |  |  | | --- | --- | | 3.4.2. | Situación de la parte contratante | |
| C-332/17, Starman | Directiva 2011/83/UE – Artículo 21 – Contratos celebrados con los consumidores – Comunicaciones telefónicas – Práctica de un proveedor de servicios de telecomunicaciones consistente en ofrecer a los clientes con los que ya ha celebrado un contrato un número de atención abreviado por un precio superior a la tarifa básica | |  |  | | --- | --- | | 9. | Comunicaciones telefónicas | |
| C-485/17, Verbraucherzentrale Berlin | Directiva 2011/83/UE – Artículo 2, punto 9 – Concepto de «establecimiento mercantil» – Criterios – Contrato de compraventa celebrado en el stand de un comerciante durante una feria comercial | |  |  | | --- | --- | | 2.1. | Contratos celebrados fuera del establecimiento mercantil del comerciante | |
| 2019 | | |
| C-430/17, Walbusch Walter Busch | Directiva 2011/83/UE – Contratos a distancia – Artículo 6, apartado 1, letra h) – Obligación de informar sobre el derecho de desistimiento – Artículo 8, apartado 4 – Contrato celebrado a través de una técnica de comunicación a distancia en la que el espacio o el tiempo para facilitar la información son limitados – Concepto de limitaciones de espacio o tiempo para facilitar información – Folleto incluido en un periódico – Tarjeta postal de pedido que contiene un hipervínculo que lleva a la información sobre el derecho de desistimiento | |  |  | | --- | --- | | 4.2.2. | Requisitos relativos al botón de confirmación del pedido |  |  |  | | --- | --- | | 5.2. | Información sobre el derecho de desistimiento | |
| C-649/17, Amazon EU | Directiva 2011/83/UE – Artículo 6, apartado 1, letra c) – Requisitos de información de los contratos a distancia y los contratos celebrados fuera del establecimiento – Obligación del comerciante de indicar su número de teléfono y su número de fax «cuando proceda» | |  |  | | --- | --- | | 3.1.2. | Claridad de la información y vínculo con la Directiva sobre las prácticas comerciales desleales |  |  |  | | --- | --- | | 3.2.2. | Identidad y datos de contacto del comerciante |  |  |  | | --- | --- | | 5.2. | Información sobre el derecho de desistimiento | |
| C-681/17, slewo | Directiva 2011/83/UE – Artículos 6, apartado 1, letra k), y 16, letra e) – Contrato celebrado a distancia – Derecho de desistimiento – Excepciones – Concepto de «bienes precintados que no sean aptos para ser devueltos por razones de protección de la salud o de higiene y que hayan sido desprecintados tras la entrega» – Colchón cuya protección ha sido retirada por el consumidor después de su entrega | |  |  | | --- | --- | | 5.4.4. | Responsabilidad del consumidor por la mala utilización de los bienes | |
| C–465/19, B & L Elektrogeräte | Directiva 2011/83/UE – Artículo 2, puntos 8, letra c), y 9 – Contrato celebrado fuera del establecimiento – Concepto de «establecimiento mercantil» – Contrato celebrado en un stand de una feria comercial inmediatamente después de que el consumidor, que se hallaba en un espacio común de la feria, fuese contactado por el comerciante | |  |  | | --- | --- | | 2.2. | Contratos celebrados después de que haya existido contacto con el consumidor fuera del establecimiento mercantil | |
| C-673/17, Planet49 | Directiva 95/46/CE – Directiva 2002/58/CE – Reglamento (UE) 2016/679 – Tratamiento de datos personales y protección de la intimidad en el sector de las comunicaciones electrónicas – Cookies – Concepto de consentimiento del interesado – Declaración de consentimiento mediante una casilla marcada por defecto | |  |  | | --- | --- | | 5.6.1. | Consentimiento del consumidor a la ejecución inmediata | |
| 2020 | | |
| C-583/18, DB Vertrieb GmbH | Directiva 2011/83/UE – Ámbito de aplicación – Contrato de servicios – Artículo 2, punto 6 – Contrato de servicios de transporte de pasajeros – Artículo 3, apartado 3, letra k) – Tarjetas que confieren el derecho a obtener descuentos en el precio al celebrar posteriormente contratos de transporte de pasajeros – Venta en línea de esas tarjetas sin informar al consumidor sobre el derecho de desistimiento | |  |  | | --- | --- | | 1.7.5. | Transporte de pasajeros | |
| C-208/19, NK (Proyecto de vivienda individual) | Directiva 2011/83/UE – Ámbito de aplicación – Artículo 3, apartado 3, letra f) – Concepto de «contratos para la construcción de edificios nuevos» – Artículo 16, letra c) – Concepto de «bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados» – Contrato entre un arquitecto y un consumidor relativo a la elaboración de un plano de una vivienda unifamiliar nueva | |  |  | | --- | --- | | 1.7.1. | Contratos de arrendamiento y contratos de construcción |  |  |  | | --- | --- | | 5.11.2. | Bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados | |
| C-266/19, EIS | Directiva 2011/83/UE – Artículo 6, apartados 1, letras c) y h), y 4 – Anexo I, letra A – Derecho de desistimiento – Información que debe facilitar el comerciante en cuanto a las condiciones, el plazo y los procedimientos para ejercer el derecho de desistimiento – Obligación del comerciante de indicar su número de teléfono «si dispone de él» – Alcance | |  |  | | --- | --- | | 5.2. | Información sobre el derecho de desistimiento | |
| C-329/19, Condominio di Milano, via Meda | Directiva 93/13/CEE – Cláusulas abusivas en los contratos celebrados con los consumidores – Artículo 1, apartado 1 – Artículo 2, letra b) – Concepto de «consumidor» – Copropiedad de un inmueble | |  |  | | --- | --- | | 1.1. | Las definiciones de «comerciante» y «consumidor» | |
| C-380/19, Deutsche Apotheker | Directiva 2011/83/UE – Resolución alternativa de litigios – Artículo 13, apartados 1 y 2 – Información obligatoria – Accesibilidad de la información | |  |  | | --- | --- | | 3.3.4. | Mecanismos extrajudiciales de recurso | |
| C-529/19, Möbel Kraft | Directiva 2011/83/UE – Artículo 16, letra c) – Derecho de desistimiento – Excepciones – Bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados – Bienes cuya producción ya ha comenzado el comerciante | |  |  | | --- | --- | | 5.11.2. | Bienes confeccionados conforme a las especificaciones del consumidor o claramente personalizados | |
| C-641/19, PE Digital | Directiva 2011/83/UE – Artículos 2, punto 11, y 14, apartado 3, y 16, letra m) – Contrato a distancia – Suministro de contenidos y servicios digitales – Derecho de desistimiento – Obligaciones del consumidor en caso de desistimiento – Determinación del importe que el consumidor ha de abonar por los servicios prestados antes del ejercicio del derecho de desistimiento – Excepción al derecho de desistimiento en caso de suministro de contenido digital | |  |  | | --- | --- | | 1.5. | Distinción entre servicios digitales y contenido digital en línea |  |  |  | | --- | --- | | 5.6.2. | Obligación de compensación del consumidor | |
| 2021 | | |
| C-922/19, Stichting Waternet | Directiva 97/7/CE – Artículo 9 – Directiva 2011/83/UE – Artículo 27 – Directiva 2005/29/CE – Artículo 5, apartado 5 – Anexo I, punto 29 – Prácticas comerciales desleales – Concepto de «suministro no solicitado» – Distribución de agua potable | |  |  | | --- | --- | | 1.2. | El concepto de «contrato» | |
| C-536/20, Tiketa | Directiva 2011/83/UE – Artículo 2, punto 2 – El concepto de comerciante – Artículo 8, apartado 1 – Requisitos de información | |  |  | | --- | --- | | 3.1.2. | Claridad de la información y vínculo con la Directiva sobre las prácticas comerciales desleales |  |  |  | | --- | --- | | 3.2.2. | Identidad y datos de contacto del comerciante | |
| C-96/21, CTS Eventim | Directiva 2011/83/UE – Artículo 16, letra l) – Derecho de desistimiento relacionado con un espectáculo cultural – Intermediario en línea | |  |  | | --- | --- | | 5.11.6. | Contratos con una fecha o un período de ejecución específicos | |
| C-179/21, Victorinox | Directiva 2011/83/UE – Artículo 6, apartado 1, letra m) – Información sobre la garantía comercial | |  |  | | --- | --- | | 3.2.6. | Garantías y servicios posventa | |
| C-249/21, Fuhrmann-2 | Directiva 2011/83/UE – Artículo 8, apartado 2, párrafo segundo – «Etiquetado» del botón de confirmación del pedido o función similar | |  |  | | --- | --- | | 4.2.1. | Información que debe presentarse directamente antes de efectuar el pedido | |

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