Source: EURLEX
Language: es
Format: md

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| 29.6.2022 | ES | Diario Oficial de la Unión Europea | C 247/1 |

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COMUNICACIÓN DE LA COMISIÓN

«Guía azul» sobre la aplicación de la normativa europea relativa a los productos, de 2022

(Texto pertinente a efectos del EEE)

(2022/C 247/01)

ÍNDICE

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| 1. | REGULACIÓN DE LA LIBRE CIRCULACIÓN DE MERCANCÍAS | 5 |

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| 1.1. | Una perspectiva histórica | 5 |

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| 1.1.1. | El «antiguo enfoque» | 6 |

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| 1.1.2. | Reconocimiento mutuo y Reglamento (UE) 2019/515, relativo al reconocimiento mutuo de mercancías | 6 |

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| 1.1.3. | El «nuevo enfoque» y el «enfoque global» | 7 |

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| 1.2. | El «nuevo marco legislativo» | 9 |

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| 1.2.1. | La modernización de las disposiciones de vigilancia del mercado | 10 |

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| 1.2.2. | La naturaleza jurídica de los actos del nuevo marco legislativo y de la legislación de vigilancia del mercado, y su relación con otra legislación de la UE | 11 |

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| 1.2.3. | Cómo encaja el sistema | 12 |

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| 1.3. | La Directiva sobre la seguridad general de los productos | 12 |

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| 1.4. | La legislación sobre responsabilidad por los productos | 13 |

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| 1.5. | Ámbito de aplicación de la guía | 13 |

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| 2. | ¿CUÁNDO ES DE APLICACIÓN LA LEGISLACIÓN DE ARMONIZACIÓN SOBRE PRODUCTOS DE LA UNIÓN EUROPEA? | 15 |

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| 2.1. | Productos afectados | 15 |

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| 2.2. | Comercialización | 19 |

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| 2.3. | Introducción en el mercado | 19 |

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| 2.4. | Comercialización e introducción en el mercado en el caso de las ventas a distancia y en línea | 21 |

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| 2.5. | Productos importados desde países no pertenecientes a la UE | 22 |

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| 2.6. | Puesta en servicio o uso (e instalación) | 23 |

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| 2.7. | Aplicación simultánea de los actos de armonización de la Unión | 24 |

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| 2.8. | Uso razonablemente previsible, previsto e indebido | 25 |

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| 2.9. | Aplicación geográfica (Estados del EEE y la AELC, países y territorios de ultramar o PTU y Turquía) | 26 |

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| 2.9.1. | Estados miembros y países y territorios de ultramar | 26 |

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| 2.9.2. | Estados AELC del EEE | 27 |

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| 2.9.3. | Mónaco, San Marino y Andorra | 27 |

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| 2.9.4. | Turquía | 28 |

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| 2.9.5. | Retirada del Reino Unido de la UE | 29 |

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| 2.9.6. | Irlanda del Norte | 30 |

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| 2.10. | Períodos transitorios en el caso de normas de la UE nuevas o revisadas | 31 |

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| 2.11. | Disposiciones transitorias para la declaración UE de conformidad | 32 |

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| 2.12. | Ejemplos de resumen | 33 |

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| 3. | LOS AGENTES DE LA CADENA DE SUMINISTRO DE PRODUCTOS Y SUS OBLIGACIONES | 34 |

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| 3.1. | Fabricante | 34 |

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| 3.2. | Representante autorizado | 38 |

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| 3.3. | Importador | 39 |

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| 3.4. | Distribuidor | 41 |

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| 3.5. | Prestadores de servicios logísticos | 43 |

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| 3.6. | El operador económico a que se refiere el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 | 43 |

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| 3.7. | Otros intermediarios: Los prestadores de servicios intermediarios contemplados en la Directiva sobre el comercio electrónico | 45 |

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| 3.8. | Usuario final | 46 |

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| 4. | REQUISITOS APLICABLES A LOS PRODUCTOS | 47 |

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| 4.1. | Requisitos esenciales aplicables a los productos | 47 |

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| 4.1.1. | Definición de los requisitos esenciales | 47 |

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| 4.1.2. | Cumplimiento de los requisitos esenciales: normas armonizadas | 49 |

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| 4.1.3. | Cumplimiento de los requisitos esenciales: otras posibilidades | 55 |

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| 4.2. | Requisitos en materia de trazabilidad | 56 |

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| 4.2.1. | ¿Por qué es importante la trazabilidad? | 56 |

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| 4.2.2. | Disposiciones en materia de trazabilidad | 56 |

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| 4.3. | Documentación técnica | 61 |

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| 4.4. | Declaración UE de conformidad | 62 |

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| 4.5. | Requisitos en materia de marcado | 64 |

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| 4.5.1. | Marcado CE | 64 |

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| 4.5.2. | Otros marcados obligatorios | 69 |

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| 5. | EVALUACIÓN DE LA CONFORMIDAD | 70 |

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| 5.1. | Módulos de evaluación de la conformidad | 70 |

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| 5.1.1. | ¿Qué es la evaluación de la conformidad? | 70 |

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| 5.1.2. | La estructura modular de la evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión | 70 |

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| 5.1.3. | Agentes de la evaluación de la conformidad. Posicionamiento de la evaluación de la conformidad en la cadena de suministro | 71 |

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| 5.1.4. | Los módulos y sus variantes | 74 |

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| 5.1.5. | Procedimientos de uno y dos módulos. Procedimientos por tipo (examen UE de tipo) | 74 |

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| 5.1.6. | Módulos basados en el aseguramiento de la calidad | 75 |

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| 5.1.7. | Resumen de los módulos | 76 |

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| 5.1.8. | Resumen de los procedimientos | 78 |

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| 5.1.9. | Justificación para seleccionar los módulos apropiados | 80 |

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| 5.2. | Organismos de evaluación de la conformidad | 81 |

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| 5.2.1. | Organismos de evaluación de la conformidad y organismos notificados | 81 |

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| 5.2.2. | Funciones y responsabilidades | 81 |

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| 5.2.3. | Competencias de los organismos notificados | 84 |

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| 5.2.4. | Coordinación entre organismos notificados | 84 |

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| 5.2.5. | Subcontratación por parte de organismos notificados | 85 |

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| 5.2.6. | Organismos internos acreditados | 87 |

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| 5.3. | Notificación | 87 |

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| 5.3.1. | Autoridades notificantes | 87 |

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| 5.3.2. | Proceso de notificación | 88 |

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| 5.3.3. | Publicación por parte de la Comisión: sitio web del sistema NANDO | 92 |

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| 5.3.4. | Seguimiento de la competencia de los organismos notificados. Suspensión, retirada y recurso | 93 |

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| 6. | ACREDITACIÓN | 94 |

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| 6.1. | ¿Por qué la acreditación? | 94 |

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| 6.2. | ¿Qué es la acreditación? | 95 |

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| 6.3. | Alcance de la acreditación | 96 |

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| 6.4. | Acreditación en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008 | 96 |

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| 6.4.1. | Organismos nacionales de acreditación | 96 |

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| 6.4.2. | Carácter no competitivo y no comercial de los organismos nacionales de acreditación | 98 |

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| 6.5. | La infraestructura europea de acreditación | 99 |

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| 6.5.1. | Regímenes sectoriales de acreditación | 99 |

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| 6.5.2. | Evaluación por pares | 99 |

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| 6.5.3. | Presunción de conformidad para los organismos nacionales de acreditación | 100 |

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| 6.5.4. | La EA y sus funciones de apoyo y armonización de las prácticas de acreditación en Europa | 100 |

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| 6.6. | La acreditación transfronteriza | 100 |

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| 6.7. | Acreditación en el contexto internacional | 102 |

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| 6.7.1. | Cooperación entre organismos de acreditación | 102 |

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| 6.7.2. | La incidencia de las relaciones comerciales en el ámbito de la evaluación de la conformidad entre la UE y terceros países | 103 |

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| 7. | VIGILANCIA DEL MERCADO | 104 |

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| 7.1. | ¿Por qué es necesaria la vigilancia del mercado? | 104 |

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| 7.2. | Ámbito de aplicación del Reglamento (UE) 2019/1020 | 105 |

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| 7.3. | Organización de la vigilancia del mercado | 106 |

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| 7.3.1. | Infraestructuras nacionales | 107 |

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| 7.3.2. | Estrategias nacionales de vigilancia del mercado | 107 |

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| 7.3.3. | Información al público | 108 |

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| 7.3.4. | Sanciones | 108 |

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| 7.4. | Controles por parte de las autoridades de vigilancia del mercado | 109 |

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| 7.4.1. | Actividades de vigilancia del mercado | 109 |

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| 7.4.2. | Medidas de vigilancia del mercado | 111 |

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| 7.5. | Control de los productos de terceros países | 113 |

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| 7.5.1. | Papel de las autoridades fronterizas | 114 |

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| 7.5.2. | Principios de los controles fronterizos | 114 |

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| 7.5.3. | Procedimientos aplicables | 114 |

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| 7.6. | Cooperación entre los Estados miembros y con la Comisión Europea | 116 |

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| 7.6.1. | Medidas a escala de la UE en materia de incumplimiento | 116 |

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| 7.6.2. | La aplicación de la cláusula de salvaguardia | 117 |

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| 7.6.3. | Asistencia mutua, cooperación administrativa y Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos | 120 |

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| 7.6.4. | Sistema de Alerta Rápida para productos no alimentarios que plantean riesgos (RAPEX) | 122 |

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| 7.6.5. | ICSMS | 123 |

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| 7.6.6. | Productos sanitarios: sistema de vigilancia | 125 |

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| 8. | LIBRE CIRCULACIÓN DE PRODUCTOS DENTRO DE LA UE | 126 |

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| 8.1. | Cláusula de libre circulación | 126 |

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| 8.2. | Límites y restricciones | 126 |

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| 9. | ASPECTOS INTERNACIONALES DE LA LEGISLACIÓN DE LA UE SOBRE LOS PRODUCTOS | 127 |

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| 9.1. | Acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales (AECA) | 127 |

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| 9.2. | Acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) | 128 |

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| 9.2.1. | Características principales | 128 |

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| 9.2.2. | ARM entre la UE y Suiza | 129 |

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| 9.2.3. | Estados AELC del EEE: Acuerdos de reconocimiento mutuo y acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación | 130 |

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| 9.2.4. | Protocolo del CETA relativo a la evaluación de la conformidad | 130 |

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| 9.3. | El Acuerdo de Comercio y Cooperación con el Reino Unido | 131 |

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| ANEXOS | 132 |

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| Anexo 1. | Legislación de la UE mencionada en la guía (lista no exhaustiva) | 132 |

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| Anexo 2. | Documentos de orientación adicionales | 136 |

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| Anexo 3. | Direcciones web de utilidad | 138 |

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| Anexo 4. | Procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos de la Decisión n.o 768/2008/CE) | 139 |

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| Anexo 5. | Preguntas frecuentes sobre el marcado CE | 150 |

PREFACIO

La Guía sobre la aplicación de las Directivas basadas en el Nuevo Enfoque y el Enfoque Global (la «Guía azul») se publicó en el año 2000. Desde entonces, se ha convertido en uno de los principales documentos de referencia que explican cómo aplicar la legislación basada en el nuevo enfoque, ahora regulado por el nuevo marco legislativo (NML). La guía pretende explicar los diferentes elementos del NML, así como de la vigilancia del mercado.

La «Guía azul» se revisó en 2014 para abarcar nuevos avances y para garantizar una comprensión común lo más amplia posible de la aplicación del NML para la comercialización de productos. Volvió a revisarse y adaptarse en 2016.

Esta nueva versión de la guía se basa en las ediciones anteriores, pero también refleja cambios recientes en la legislación y, en particular, la adopción de un nuevo Reglamento relativo a la vigilancia del mercado [(1)](#ntr1-C_2022247ES.01000101-E0001).

AVISO IMPORTANTE

Esta guía pretende contribuir a una mejor comprensión de las normas relativas a los productos de la Unión Europea (UE) y a una aplicación más uniforme y coherente de estas en los diferentes sectores y en todo el mercado único. Va dirigida a los Estados miembros y a otros destinatarios que necesitan estar informados sobre las disposiciones diseñadas para garantizar la libre circulación de productos, así como un alto grado de protección en la Unión (por ejemplo, asociaciones comerciales y de consumidores, organismos de normalización, fabricantes, importadores, distribuidores, organismos de evaluación de la conformidad y sindicatos). Se basa en consultas entre todas las partes interesadas.

Está concebida como un mero documento de orientación; solamente el texto de los propios actos de armonización de la Unión tiene validez jurídica. En determinados casos, pueden registrarse diferencias entre las disposiciones de un acto de armonización de la Unión y el contenido de esta guía, en especial cuando en esta guía no es posible describir pormenorizadamente disposiciones ligeramente divergentes de un acto individual de armonización de la Unión. La interpretación vinculante de la legislación de la UE es competencia exclusiva del Tribunal de Justicia de la Unión Europea. Las opiniones expresadas en esta guía no pueden prejuzgar la postura que la Comisión podría adoptar ante el Tribunal de Justicia. Ni la Comisión Europea ni cualquier persona que actúe en su nombre serán responsables del uso que pudiera hacerse de esta información.

Esta guía es de aplicación a los Estados miembros de la UE, pero también a Islandia, Liechtenstein y Noruega como signatarios del Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo (EEE), así como a Suiza y Turquía en determinados casos. En consecuencia, las referencias a la Unión o al mercado único deben ser interpretadas como referidas al EEE, o al mercado del EEE.

Dado que esta guía refleja la legislación en el momento de ser redactada, la orientación que ofrece puede ser objeto de una modificación posterior.

1.   REGULACION DE LA LIBRE CIRCULACION DE MERCANCIAS

1.1.   Una perspectiva histórica

Los objetivos de las primeras Directivas de armonización se centraron en la supresión de barreras y en la libre circulación de mercancías en el mercado único. Estos objetivos están siendo completados por una política integral dirigida a garantizar que únicamente los productos seguros y por lo demás conformes puedan llegar al mercado, de tal manera que los operadores económicos honestos puedan beneficiarse de unas condiciones de competencia equitativas, lo que al mismo tiempo promoverá una protección eficaz de los consumidores y los usuarios profesionales de la UE, así como un mercado único europeo competitivo.

Las políticas y las técnicas legislativas han evolucionado a lo largo de los últimos cuarenta años de integración europea, especialmente en el ámbito de la libre circulación de mercancías, contribuyendo así al éxito del actual mercado único.

Históricamente, la legislación de la UE relativa a las mercancías ha progresado a través de cinco fases principales:

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| — | el enfoque tradicional o «antiguo enfoque», con textos detallados que contienen todos los requisitos técnicos y administrativos necesarios; |

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| — | el «nuevo enfoque» desarrollado en 1985, que limitaba el contenido de la legislación a los «requisitos esenciales», dejando los detalles técnicos a las normas europeas armonizadas; esto, a su vez, condujo al desarrollo de la política de normalización europea para respaldar esta legislación; |

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| — | el desarrollo de los instrumentos de evaluación de la conformidad, que se hicieron necesarios por la aplicación de los diversos actos de armonización de la Unión, tanto de nuevo enfoque como de antiguo enfoque; |

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| — | el «nuevo marco legislativo» [(2)](#ntr2-C_2022247ES.01000101-E0002) adoptado en julio de 2008, que se basaba en el nuevo enfoque y que completaba el marco legislativo general con todos los elementos necesarios para una evaluación de la conformidad, una acreditación y una vigilancia del mercado eficaces, incluido el control de los productos procedentes de fuera de la Unión; |

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| — | la adopción en 2019 de un nuevo Reglamento relativo a la vigilancia del mercado [(3)](#ntr3-C_2022247ES.01000101-E0003) y de un nuevo Reglamento relativo al reconocimiento mutuo de mercancías comercializadas legalmente en otro Estado miembro [(4)](#ntr4-C_2022247ES.01000101-E0004). |

1.1.1.   
El «antiguo enfoque»

El antiguo enfoque reflejaba el modo tradicional en que las autoridades nacionales elaboraban la legislación técnica de manera pormenorizada, lo que habitualmente se debía a la falta de confianza en el rigor de los operadores económicos acerca de cuestiones de salud y seguridad públicas. En determinados sectores (por ejemplo, la metrología legal), esto incluso llevó a que las autoridades públicas expidiesen certificados de conformidad por sí mismas. La unanimidad requerida en este ámbito hasta 1986 hizo que la adopción de esta legislación fuese muy compleja, y el recurso continuado a esta técnica en varios sectores a menudo se justificaba por razones de política pública (por ejemplo, legislación alimentaria) o por tradiciones o acuerdos internacionales que no podían ser modificados de manera unilateral (por ejemplo, la legislación en materia de automóviles, o nuevamente la relacionada con los alimentos).

El primer intento de superar esta situación llegó con la adopción, el 28 de marzo de 1983, de la Directiva 83/189/CEE [(5)](#ntr5-C_2022247ES.01000101-E0005), por la que se instauraba un procedimiento de información entre los Estados miembros y la Comisión para impedir la creación de nuevos obstáculos técnicos para la libre circulación de mercancías cuya corrección a través del proceso de armonización hubiera exigido mucho tiempo.

En virtud de esa Directiva, los Estados miembros estaban obligados a notificar los proyectos de reglamentaciones técnicas nacionales a otros Estados miembros y a la Comisión [y los organismos nacionales de normalización (ONN) estaban obligados a notificar los proyectos de normas nacionales [(6)](#ntr6-C_2022247ES.01000101-E0006) a la Comisión, a las organizaciones europeas de normalización (OEN) y a otros organismos nacionales de normalización]. Durante un período de statu quo, estas reglamentaciones técnicas no pueden ser adoptadas, lo que deja a Comisión y a los demás Estados miembros la posibilidad de reaccionar. En ausencia de reacciones dentro del período de statu quo inicial de tres meses, pueden ser adoptados los proyectos de reglamentaciones técnicas. Pero si se formulan objeciones, se impondrá un período de statu quo de otros tres meses.

El período de statu quo es de doce meses si en el ámbito afectado existe una propuesta de acto de armonización de la Unión. Sin embargo, el período de statu quo no es de aplicación cuando un Estado miembro está obligado a introducir reglamentaciones técnicas de manera urgente para proteger la salud o la seguridad pública, los animales o las plantas.

1.1.2.   
Reconocimiento mutuo y reglamento (ue) 2019/515, relativo al reconocimiento mutuo de mercancías

Junto a las iniciativas legislativas para impedir nuevos obstáculos y para promover la libre circulación de mercancías, también se busca la aplicación sistemática del principio de reconocimiento mutuo consagrado en el Derecho de la Unión. Las reglamentaciones técnicas nacionales están sujetas a las disposiciones de los artículos 34 a 36 del Tratado de Funcionamiento de la Unión Europea (TFUE) [(7)](#ntr7-C_2022247ES.01000101-E0007), que prohíben las restricciones cuantitativas o medidas con un efecto similar. La jurisprudencia del Tribunal de Justicia, especialmente el asunto 120/78 (el asunto Cassis de Dijon [(8)](#ntr8-C_2022247ES.01000101-E0008)), proporciona los elementos clave para el reconocimiento mutuo. El efecto de esta jurisprudencia es el siguiente.

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| — | Los productos comercializados legalmente en un Estado miembro en principio deben circular libremente por toda la Unión. |

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| — | En ausencia de legislación de armonización de la Unión, los Estados miembros tienen libertad para legislar en su territorio con arreglo a las normas del Tratado sobre libre circulación de mercancías (artículos 34 a 36 del TFUE). |

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| — | Los obstáculos para la libre circulación de mercancías que se deriven de las diferencias entre legislaciones nacionales solamente pueden ser aceptados si:   |  |  | | --- | --- | | 1) | la norma nacional del Estado miembro de destino persigue un objetivo legítimo de interés público, y |  |  |  | | --- | --- | | 2) | la medida que restringe o deniega el acceso es proporcionada, lo que quiere decir que es adecuada para alcanzar el objetivo perseguido, y necesaria (no excede de lo necesario para alcanzar el objetivo). | |

Para ayudar a aplicar estos principios, el Parlamento Europeo y el Consejo adoptaron el Reglamento (CE) n.o 764/2008, de 9 de julio de 2008, por el que se establecen procedimientos relativos a la aplicación de determinadas normas técnicas nacionales a los productos comercializados legalmente en otro Estado miembro y se deroga la Decisión n.o 3052/95/CE [(9)](#ntr9-C_2022247ES.01000101-E0009). Este Reglamento ha sido sustituido por el Reglamento (UE) 2019/515.

El Reglamento (UE) 2019/515, relativo al reconocimiento mutuo de mercancías comercializadas legalmente en otro Estado miembro, es de aplicación desde el 19 de abril de 2020. Introduce los siguientes puntos para facilitar la aplicación del principio de reconocimiento mutuo [(10)](#ntr10-C_2022247ES.01000101-E0010):

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| 1. | una «declaración de reconocimiento mutuo» voluntaria, que las empresas pueden utilizar para demostrar que sus productos se comercializan legalmente en otro Estado miembro; |

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| 2. | un procedimiento de resolución de problemas propicio para las empresas, basado en SOLVIT, que ayuda a las empresas en caso de que se deniegue el reconocimiento mutuo; |

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| 3. | una cooperación administrativa más estrecha para mejorar la aplicación del principio de reconocimiento mutuo; |

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| 4. | más información para las empresas a través de los «puntos de contacto de productos» y la «pasarela digital única». |

No obstante, pese a su gran contribución a la libre circulación de mercancías dentro del mercado único, el principio de reconocimiento mutuo no puede solucionar todos los problemas y sigue habiendo margen, incluso actualmente, para una mayor armonización.

1.1.3.   
El «nuevo enfoque» y el «enfoque global»

El asunto Cassis de Dijon es bien conocido por su importante papel en la promoción del principio de reconocimiento mutuo, pero también ha desempeñado una función destacada en la modificación del enfoque de la UE sobre la armonización técnica por tres motivos fundamentales:

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| — | Al establecer que los Estados miembros solamente podían justificar la prohibición o la restricción de la comercialización de productos de otros Estados miembros sobre la base del incumplimiento de los «requisitos esenciales», el Tribunal inició una reflexión sobre el contenido de la futura legislación de armonización: dado que el incumplimiento de los requisitos no esenciales no podía justificar la restricción de la comercialización de un producto, esos requisitos no esenciales ya no deben figurar en los textos de armonización de la UE. Esto abrió la puerta al nuevo enfoque y a la reflexión consiguiente sobre qué constituye un requisito esencial y cómo formularlo de tal manera que pueda demostrarse la conformidad. |

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| — | Al enunciar este principio, el Tribunal atribuyó claramente a las autoridades nacionales la responsabilidad de demostrar de qué forma los productos incumplieron los requisitos esenciales, pero también planteó la cuestión de los medios apropiados para demostrar la conformidad de manera proporcionada. |

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| — | Al señalar que los Estados miembros estaban obligados a aceptar productos de otros Estados miembros excepto en condiciones muy concretas, el Tribunal identificó un principio jurídico pero no ofreció los medios para generar la confianza en los productos que podría ayudar a las autoridades a aceptar productos que no podían avalar. Esto condujo a la necesidad de desarrollar una política sobre evaluación de la conformidad. |

La técnica legislativa del nuevo enfoque aprobada por el Consejo de Ministros de 7 de mayo de 1985 en su Resolución relativa a una nueva aproximación en materia de armonización y de normalización [(11)](#ntr11-C_2022247ES.01000101-E0011) fue la consecuencia legislativa lógica del asunto Cassis de Dijon. Esta técnica legislativa estableció los siguientes principios:

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| — | La armonización legislativa debe limitarse a los requisitos esenciales (preferiblemente requisitos de rendimiento o funcionales) que los productos introducidos en el mercado de la UE deben cumplir si pretenden circular libremente dentro de la Unión. |

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| — | Las especificaciones técnicas para productos que cumplen los requisitos esenciales recogidos en la legislación deben establecerse en normas armonizadas que pueden aplicarse junto a la legislación. |

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| — | Los productos fabricados de conformidad con normas armonizadas se benefician de una presunción de conformidad con los requisitos esenciales correspondientes de la legislación aplicable, y, en determinados casos, el fabricante puede beneficiarse de un procedimiento simplificado de evaluación de la conformidad (en muchos casos, la declaración de conformidad del fabricante, cuya aceptación resulta más fácil para las autoridades públicas debido a la existencia de la legislación sobre responsabilidad por los productos). |

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| — | La aplicación de normas armonizadas o de otras normas sigue siendo voluntaria, y el fabricante siempre puede aplicar otras especificaciones técnicas para cumplir los requisitos (si bien asumirá la responsabilidad de demostrar que esas especificaciones técnicas responden a las necesidades de los requisitos esenciales, la mayoría de las veces mediante un proceso que implica a un tercer organismo de evaluación de la conformidad). |

El funcionamiento de la legislación de armonización de la Unión en virtud del nuevo enfoque requiere que las normas armonizadas garanticen un nivel de protección en lo que respecta a los requisitos esenciales establecidos por la legislación. Esto constituye una de las principales preocupaciones de la Comisión en busca de su política para un proceso y una infraestructura de normalización europea más sólidos. El Reglamento (UE) n.o 1025/2012, sobre la normalización europea [(12)](#ntr12-C_2022247ES.01000101-E0012), ofrece a la Comisión la posibilidad de invitar, tras la consulta con los Estados miembros, a organizaciones europeas de normalización a elaborar normas armonizadas, y establece procedimientos para evaluar y para oponerse a las normas armonizadas.

Puesto que el nuevo enfoque pide que los requisitos esenciales comunes sean obligatorios por ley, este enfoque solamente resulta apropiado cuando es posible distinguir entre requisitos esenciales y especificaciones técnicas. Por otra parte, dado que el ámbito de esta legislación está relacionado con el riesgo, la amplia gama de productos abarcada debe ser lo suficientemente homogénea para que puedan aplicarse los requisitos esenciales comunes. El ámbito del producto o los peligros asociados también deben ser aptos para la normalización.

Los principios del nuevo enfoque establecen los cimientos para la normalización europea en respaldo de la legislación de armonización de la Unión. La función de las normas armonizadas y las responsabilidades de las organizaciones europeas de normalización se definen en el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 junto con la legislación de armonización de la Unión pertinente.

El principio de confianza en las normas en las reglamentaciones técnicas también ha sido adoptado por la Organización Mundial del Comercio (OMC), que en su Acuerdo sobre Obstáculos Técnicos al Comercio (OTC) fomenta el uso de las normas internacionales [(13)](#ntr13-C_2022247ES.01000101-E0013).

La negociación de los primeros textos de armonización de la Unión en virtud del nuevo enfoque destacó inmediatamente el hecho de que la determinación de requisitos esenciales y el desarrollo de normas armonizadas no eran suficientes para crear el grado necesario de confianza entre los Estados miembros y que debían desarrollarse instrumentos y una política de evaluación de la conformidad horizontales. Esto se hizo en paralelo a la adopción de las Directivas [(14)](#ntr14-C_2022247ES.01000101-E0014).

Por consiguiente, en 1989 y 1990 el Consejo adoptó una Resolución sobre el enfoque global y la Decisión 90/683/CEE (actualizada y sustituida por la Decisión 93/465/CEE) [(15)](#ntr15-C_2022247ES.01000101-E0015), por la que se establecen las directrices generales y los procedimientos detallados para la evaluación de la conformidad. Ambas han sido derogadas y actualizadas por la Decisión n.o 768/2008/CE, de 9 de julio de 2008, sobre un marco común para la comercialización de los productos [(16)](#ntr16-C_2022247ES.01000101-E0016).

La idea central de estos instrumentos políticos era desarrollar herramientas comunes para la evaluación de la conformidad a través de las fronteras (tanto en áreas reguladas como no reguladas).

La política acerca de las normas de producto fue desarrollada en primera instancia para garantizar que las normas establecían unas especificaciones técnicas con arreglo a las cuales se podía demostrar la conformidad. No obstante, a petición de la Comisión, el CEN y el Cenelec adoptaron la serie de normas EN 45000 para determinar la competencia de terceros implicados en la evaluación de la conformidad. Desde entonces, esta serie se ha convertido en la serie de normas armonizadas EN ISO/IEC 17000. En aplicación de la legislación de nuevo enfoque, se estableció un mecanismo por el que las autoridades nacionales notificaban a qué terceros nombraban para llevar a cabo evaluaciones de la conformidad basadas en el recurso a dichas normas.

Sobre la base de la documentación ISO/IEC, el Consejo desarrolló en sus Decisiones procedimientos consolidados de evaluación de la conformidad y las normas para su selección y su uso en las Directivas (los módulos). Los módulos están establecidos de manera que se favorezca su selección a partir del más ligero («control interno de la producción») para productos sencillos o productos que no plantean necesariamente riesgos graves, hasta los más integrales (garantía total de la calidad con certificado de examen UE de diseño), cuando los riesgos son más extremos o los productos / las tecnologías más complejos. Con el fin de hacer frente a los procesos de fabricación modernos, los módulos prevén tanto los procesos de evaluación de la conformidad del producto como la evaluación de la gestión de la calidad, dejando al legislador la decisión de si son los más apropiados en cada sector, ya que no es necesariamente eficaz ofrecer una certificación individual para cada producto fabricado de forma masiva, por ejemplo. Para consolidar la transparencia de los módulos y su efectividad, y a petición de la Comisión, la serie de normas ISO 9000 sobre garantía de la calidad fue armonizada a escala europea e integrada en los módulos. De esta manera, los operadores económicos que utilizan estas herramientas en sus políticas voluntarias de gestión de la calidad para consolidar su imagen de calidad en el mercado pueden beneficiarse del uso de las mismas herramientas en los sectores regulados.

Estas diferentes iniciativas pretendían consolidar directamente la evaluación de la conformidad de los productos antes de su comercialización. Junto a ellas, la Comisión, en cooperación estrecha con los Estados miembros y los organismos nacionales de acreditación, desarrollaron la cooperación europea en el campo de la acreditación con el fin de instaurar un último nivel de control y de consolidar la credibilidad de los terceros que llevan a cabo evaluaciones de la conformidad y de la garantía de la calidad de los productos. Pese a conservar su carácter de iniciativa política, más que legislativa, esta iniciativa resultó eficaz para crear la primera infraestructura europea en este ámbito y para situar a los agentes europeos a la vanguardia de ese campo a escala internacional.

Estos avances hicieron que se adoptaran veintisiete Directivas basadas en elementos del nuevo enfoque. Numéricamente hablando son menos que las Directivas tradicionales en el ámbito de los productos industriales (unas setecientas), pero su amplio ámbito de aplicación basado en los riesgos significa que sectores industriales en su conjunto se han beneficiado de la libre circulación a través de esta técnica legislativa.

1.2.   El «nuevo marco legislativo»

Hacia finales de la década de los 90, la Comisión comenzó a reflexionar sobre la aplicación efectiva del nuevo enfoque. En 2002 se puso en marcha un amplio proceso de consulta y el 7 de mayo de 2003 la Comisión adoptó una Comunicación al Consejo y al Parlamento Europeo que sugería una posible revisión de determinados elementos del nuevo enfoque. A su vez, esto dio pie a la Resolución del Consejo, de 10 de noviembre de 2003, sobre la Comunicación de la Comisión Europea titulada «Reforzar la aplicación de las Directivas de nuevo enfoque» [(17)](#ntr17-C_2022247ES.01000101-E0017).

El consenso sobre la necesidad de actualizar y revisar era claro y fuerte. También estaba claro cuáles eran los elementos principales que requerían atención: la coherencia y la consistencia generales, el proceso de notificación, la acreditación, los procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos), el marcado CE y la vigilancia del mercado (incluida la revisión de los procedimientos de la cláusula de salvaguardia).

El 9 de julio de 2008, el Parlamento Europeo y el Consejo adoptaron un Reglamento y una Decisión [(18)](#ntr18-C_2022247ES.01000101-E0018) que forman parte del «Paquete Ayral sobre mercancías» [(19)](#ntr19-C_2022247ES.01000101-E0019).

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE reunieron, en el nuevo marco legislativo (NML), todos los elementos requeridos para que un marco normativo integral funcionara de manera eficaz para la seguridad y la conformidad de los productos industriales con los requisitos adoptados para proteger diversos intereses públicos y para el funcionamiento adecuado del mercado único.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 estableció la base jurídica de la acreditación y la vigilancia del mercado y consolidó el significado del marcado CE, llenando así un vacío existente. La Decisión n.o 768/2008/CE estableció un modelo que debía utilizarse para preparar y revisar la legislación de armonización de la Unión con el fin de actualizar, armonizar y consolidar los diversos instrumentos técnicos ya utilizados en la legislación de armonización de la Unión existente (no solamente en las Directivas de nuevo enfoque): definiciones, criterios para el nombramiento y la notificación de organismos de evaluación de la conformidad, normas para el proceso de notificación, los procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos) y las normas para su uso, los mecanismos de salvaguardia, las responsabilidades de los operadores económicos y los requisitos en materia de trazabilidad.

El NML tiene en cuenta la existencia de todos los operadores económicos en la cadena de suministro (fabricantes, representantes autorizados, distribuidores e importadores) y de sus respectivas funciones en relación con el producto. Ahora el importador tiene unas obligaciones claras en relación con la conformidad de los productos, y cuando un distribuidor o un importador modifica un producto o lo comercializa bajo su propio nombre, se convierte en el equivalente del fabricante y debe asumir las responsabilidades de este en relación con el producto.

El NML también reconoce las diferentes facetas de las responsabilidades de las autoridades nacionales: las autoridades normativas, las autoridades encargadas de la notificación, las que supervisan al organismo nacional de acreditación, las autoridades de vigilancia del mercado, las autoridades responsables del control de los productos procedentes de terceros países, etc., destacando que las responsabilidades dependen de las actividades ejercidas.

El NML ha cambiado el énfasis de la legislación de la UE en relación con el acceso al mercado. Anteriormente el lenguaje de la legislación de armonización de la Unión se concentraba en la noción de «introducción en el mercado», que es un lenguaje típico de la libre circulación de mercancías; es decir, se centra en la primera comercialización de un producto en el mercado de la UE. El NML, que reconoce la existencia de un mercado interior único, hace hincapié en la comercialización del producto, por lo que concede más importancia a lo que sucede después de que el producto sea comercializado por primera vez. Esto también responde a la lógica de la instauración de las disposiciones de vigilancia del mercado de la UE. La introducción del concepto de comercialización facilita el rastreo de un producto no conforme hasta su fabricante. Es importante señalar que la conformidad es evaluada con respecto a los requisitos jurídicos aplicables en el momento de la primera comercialización.

El cambio más importante provocado por el NML en el entorno legislativo de la UE fue la introducción de una política integral sobre la vigilancia del mercado. Esto ha cambiado considerablemente el equilibrio de las disposiciones legislativas de la UE, de estar orientadas fundamentalmente al establecimiento de requisitos relacionados con el producto que deben cumplirse cuando los productos son introducidos en el mercado, a un énfasis igual en aspectos de observancia durante la totalidad del ciclo de vida de los productos. Las disposiciones de vigilancia del mercado del Reglamento (CE) n.o 765/2008 han sido sustituidas por el Reglamento (UE) 2019/1020, a fin de mejorar y modernizar la vigilancia del mercado.

1.2.1.   
La modernización de las disposiciones de vigilancia del mercado

El nuevo Reglamento (UE) 2019/1020, relativo a la vigilancia del mercado y la conformidad de los productos, mejora y moderniza la vigilancia del mercado. Se aplicará a setenta Reglamentos y Directivas (que figuran en su anexo I) que armonizan a escala de la UE los requisitos relativos a los productos no alimentarios para proteger a los consumidores, la salud y la seguridad, el medio ambiente y otros intereses públicos. El Reglamento (UE) 2019/1020 sustituye a las disposiciones de vigilancia del mercado del Reglamento (CE) n.o 765/2008 a partir del 16 de julio de 2021 [véase el artículo 44 del Reglamento (UE) 2019/1020] y las mejorará, en particular mediante:

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| — | la facilitación de información y la realización de actividades para promover el cumplimiento; |

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| — | el suministro de herramientas de garantía de cumplimiento más eficaces para abordar las ventas en línea; y |

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| — | la mejora de la cooperación: entre los Estados miembros, entre las autoridades aduaneras y de vigilancia del mercado y a través de la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos. |

El Reglamento (UE) 2019/1020 también establece un marco global para los controles de todos los productos (en ámbitos armonizados y no armonizados) que entran en el mercado de la UE. Dicho marco se aplica a los productos regulados por el Derecho de la Unión, en la medida en que no existan disposiciones específicas en el Derecho de la Unión relativas a la organización de controles sobre los productos que entran en el mercado de la Unión [véase el artículo 2, apartado 2, del Reglamento (UE) 2019/1020]. La presente guía aborda la vigilancia del mercado en relación con los productos sujetos a la legislación de armonización y, por lo tanto, se centra, para la dimensión exterior, en el control de los productos regulados por la legislación de armonización que entren en la UE.

1.2.2.   
La naturaleza jurídica de los actos del nuevo marco legislativo y de la legislación de vigilancia del mercado, y su relación con otra legislación de la ue

1.2.2.1.   Reglamento (CE) n.o 765/2008 y Reglamento (UE) 2019/1020

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 impone unas obligaciones claras a los Estados miembros, que no deben transponer sus disposiciones (aunque puede que muchos de ellos deban adoptar medidas nacionales para adaptar su marco jurídico nacional). Sus disposiciones son directamente aplicables a los Estados miembros, a todos los operadores económicos afectados (fabricantes, distribuidores e importadores) y a los organismos de evaluación de la conformidad y de acreditación. Ahora los operadores económicos no solamente tienen obligaciones, sino también derechos directos que pueden ejercer a través de los tribunales nacionales frente a autoridades y a otros operadores económicos por el incumplimiento de las disposiciones del Reglamento. Si bien las disposiciones sobre la acreditación y el marcado CE siguen siendo aplicables, las disposiciones sobre la vigilancia del mercado del Reglamento (CE) n.o 765/2008 han sido derogadas y sustituidas por el Reglamento (UE) 2019/1020.

En presencia de otra legislación de la UE, ambos Reglamentos se aplican prioritariamente: a) por ser aplicables directamente, es decir, las autoridades nacionales y los operadores económicos deben aplicar las disposiciones de estos Reglamentos como tales (en su mayor parte, el resto de la legislación está contenido en Directivas) y b) sobre la base de la norma de la lex specialis, esto es, siempre que un asunto es regulado por dos normas, se debe aplicar primero la más específica.

En ausencia de una legislación más específica acerca de las cuestiones reguladas por sus disposiciones, el Reglamento (CE) n.o 765/2008 será de aplicación al mismo tiempo que la legislación existente, junto a esta y como complemento de ella. Del mismo modo, el Reglamento (UE) 2019/1020 se basa en el principio de la lex specialis, en virtud del cual este Reglamento se aplica en la medida en que no existan en la legislación de armonización de la Unión disposiciones concretas con el mismo objetivo que regulen de manera más específica determinados aspectos de la vigilancia del mercado y la ejecución de las normas [artículo 2, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Cuando la legislación existente contiene disposiciones semejantes a las del Reglamento, las disposiciones correspondientes deberán ser examinadas de manera individual para determinar cuál es la más específica.

En términos generales, relativamente pocos textos legislativos de la UE contienen disposiciones relativas a la acreditación, por lo que se puede decir que el Reglamento (CE) n.o 765/2008 es de aplicación general en este ámbito. En el área de la vigilancia del mercado (incluido el control de productos procedentes de terceros países), la situación es más compleja, ya que parte de la legislación de armonización de la Unión incluye diversas disposiciones relativas a cuestiones reguladas por el Reglamento (UE) 2019/1020 (por ejemplo, la legislación acerca de productos sanitarios en general y productos sanitarios para diagnóstico in vitro, que incluye un procedimiento de información específico). En muchos casos, las disposiciones de vigilancia del mercado incluidas en la legislación de armonización de la Unión son complementarias y las disposiciones del Reglamento (UE) 2019/1020 siguen siendo aplicables.

1.2.2.2.   Decisión n.o 768/2008/CE

La Decisión n.o 768/2008/CE es lo que se conoce como una decisión sui generis, lo que significa que no tiene destinatarios concretos y que, por tanto, no es aplicable ni directa ni indirectamente. Constituye un compromiso político por parte de las tres instituciones de la UE: el Parlamento Europeo, el Consejo y la Comisión.

Esto significa que para que sus disposiciones sean de aplicación en el Derecho de la Unión, deben ser mencionadas expresamente (expressis verbis) en la futura legislación, o bien deben integrarse en ella.

Las tres instituciones se han comprometido efectivamente a adherirse a la Decisión y a recurrir tan sistemáticamente como resulte posible a sus disposiciones cuando elaboren legislación relacionada con productos. En consecuencia, las futuras propuestas pertinentes deben ser examinadas a la luz de la Decisión, y las desviaciones de su contenido deben ser debidamente motivadas.

1.2.3.   
Cómo encaja el sistema

La evolución de las técnicas legislativas de la UE en este ámbito ha sido progresiva, abordando una cuestión tras otra, si bien a veces en paralelo, culminando en la adopción del nuevo marco legislativo: requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos, normas aplicables a los productos, normas y reglas sobre la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, así como para la acreditación, normas para la gestión de la calidad, procedimientos de evaluación de la conformidad, marcado CE, política de acreditación y, recientemente, política de vigilancia del mercado, que incluye el control de productos de terceros países.

El nuevo marco legislativo constituye ahora un sistema completo que reúne todos los elementos diferentes que deben tratarse en la legislación sobre seguridad de los productos en un instrumento legislativo coherente e integral que puede ser usado de manera generalizada en todos los sectores industriales, e incluso más allá (las políticas ambientales y sanitarias también han recurrido a varios de estos elementos), siempre que sea necesaria la legislación de la UE.

En este sistema, la legislación debe establecer los grados de los objetivos de protección pública de los productos afectados, así como las características de seguridad básicas; debe establecer las obligaciones y los requisitos para los operadores económicos, así como, de ser necesario, el nivel de competencia de los organismos terceros de evaluación de la conformidad que evalúan productos o sistemas de gestión de la calidad, así como los mecanismos de control para esos organismos (notificación y acreditación); debe determinar cuáles son los procesos de evaluación de la conformidad apropiados (módulos que también incluyen la declaración de conformidad del fabricante) para su aplicación, y finalmente debe imponer los mecanismos de vigilancia del mercado adecuados (internos y externos) para garantizar que todos los instrumentos legislativos funcionan de manera eficaz y continua.

Todos estos elementos diferentes están interrelacionados, funcionan juntos y son complementarios, formando una cadena de calidad [(20)](#ntr20-C_2022247ES.01000101-E0020) de la UE. La calidad del producto depende de la calidad de fabricación, que en muchos casos se ve afectada por la calidad de los ensayos, internos o llevados a cabo por organismos externos, que depende de la calidad de los procesos de evaluación de la conformidad, que está influenciada por la calidad de los organismos, que a su vez depende de la calidad de sus controles, dependiente de la calidad de la notificación o la acreditación. El sistema en su conjunto depende de la calidad de la vigilancia del mercado y de los controles de los productos procedentes de terceros países.

Todos deben ser tratados de una u otra manera en algún texto legislativo sobre seguridad de los productos y vigilancia del mercado en la UE. Si un elemento se perdiera o mostrara debilidad, la solidez y la efectividad de toda la «cadena de calidad» quedarían en entredicho.

1.3.   La Directiva sobre la seguridad general de los productos

La Directiva 2001/95/CE, relativa a la seguridad general de los productos (DSGP) [(21)](#ntr21-C_2022247ES.01000101-E0021), pretende garantizar la seguridad de los productos en toda la UE para todos los productos de consumo no alimentarios en la medida en que no estén contemplados por la legislación de armonización de la Unión específica de un sector. La DSGP también complementa las disposiciones de la legislación sectorial en algunos aspectos. Por consiguiente, la DSGP prevé una red de seguridad que garantiza que todos los productos de consumo no alimentarios de la UE sean seguros. La disposición clave de la DSGP es que los productores están obligados a introducir en el mercado solamente productos seguros. La DSGP contiene asimismo disposiciones de vigilancia del mercado dirigidas a garantizar un elevado nivel de protección de la salud y la seguridad de los consumidores.

La DSGP ha creado el Sistema de Alerta Rápida de la UE, que se utiliza para intercambiar información rápidamente entre los Estados miembros y la Comisión sobre las medidas adoptadas contra los productos peligrosos no alimentarios (RAPEX). El Sistema de Alerta Rápida de la UE garantiza que los productos peligrosos detectados se retiren con rapidez de todo el mercado interior. A reserva de los acuerdos internacionales y en virtud de las disposiciones administrativas establecidas en estos acuerdos entre la Unión y terceros países, determinados datos de notificación RAPEX también pueden intercambiarse con países no pertenecientes a la UE.

En el caso de productos que presentan riesgos graves para la salud y la seguridad de los consumidores en varios Estados miembros, la DSGP contempla asimismo la posibilidad de que la Comisión adopte decisiones provisionales relativas a medidas para toda la Unión, las denominadas «medidas de emergencia». En determinadas circunstancias, la Comisión puede adoptar una Decisión formal (válida durante un año y renovable por un período idéntico) que exija a los Estados miembros limitar o impedir la comercialización de un producto que entrañe un riesgo grave para la salud y la seguridad de los consumidores.

El 30 de junio de 2021, la Comisión adoptó una propuesta de un nuevo Reglamento relativo la seguridad general de los productos [(22)](#ntr22-C_2022247ES.01000101-E0022), que sustituye a la DSGP.

1.4.   La legislación sobre responsabilidad por los productos

La Directiva 85/374/CEE [(23)](#ntr23-C_2022247ES.01000101-E0023), sobre la responsabilidad por los productos, establece un sistema de responsabilidad objetiva para los productores cuando un producto defectuoso causa daños físicos o materiales a una persona perjudicada. El productor es responsable de los daños causados por un defecto en su producto, siempre que la persona perjudicada demuestre el daño, el defecto y la relación causal entre el defecto y el daño. La Directiva tiene por objeto la reparación íntegra y adecuada del tipo de daños a que se refiere la Directiva para las personas perjudicadas por un producto defectuoso. La Directiva es un elemento importante del marco legislativo de la UE en materia de seguridad de los productos. Respalda la legislación en materia de seguridad de los productos al ofrecer a los productores incentivos para cumplirla, así como seguridad jurídica.

La Directiva sobre la responsabilidad por los productos no exige a los Estados miembros derogar otras legislaciones relativas a la responsabilidad. En este sentido, el régimen de la Directiva se suma a la normativa nacional sobre responsabilidad existente. Dependerá de la víctima escoger los motivos por los que presenta la demanda.

1.5.   Ámbito de aplicación de la guía

Esta guía versa sobre productos no alimentarios y no agrícolas denominados productos industriales o productos para uso por parte de consumidores o profesionales. La legislación relativa a los productos que se ocupa de estos productos será denominada a lo largo del texto como legislación de armonización de la Unión, legislación sectorial de armonización de la Unión o actos de armonización de la Unión.

El nuevo marco legislativo está formado por un conjunto de documentos jurídicos. En particular, la Decisión n.o 768/2008/CE recoge elementos que son aplicados parcial o totalmente en la legislación de armonización de la Unión relativa a los productos en lo que respecta a diversos aspectos de interés general. La guía ofrece orientación para la aplicación de las disposiciones y los conceptos establecidos en el nuevo marco legislativo [(24)](#ntr24-C_2022247ES.01000101-E0024), así como para la aplicación general de las disposiciones de vigilancia del mercado de conformidad con el Reglamento (UE) 2019/1020. Cuando existen disposiciones o divergencias específicas en relación con un producto, la guía se remite a guías sectoriales, existentes para casi toda la legislación sectorial de armonización de la Unión.

La presente guía pretende explicar detalladamente los diferentes elementos del nuevo marco legislativo, así como de la vigilancia del mercado, y contribuir a una mejor comprensión general del sistema, de manera que la legislación se aplique correctamente y, por tanto, resulte eficaz para la protección de los intereses públicos, como la salud y la seguridad, la protección de los consumidores, la protección del medio ambiente y la seguridad pública, así como el funcionamiento adecuado del mercado interior para los operadores económicos. Por otra parte, la guía promueve los objetivos de la política de mejora de la legislación de la Comisión al aclarar la legislación existente, contribuyendo así al desarrollo de una legislación más integral, coherente y proporcional.

Cada uno de los capítulos debe ser interpretado conjuntamente con las explicaciones recogidas anteriormente, en otras palabras, en un contexto general, y en combinación con los otros capítulos, ya que están interrelacionados y no deben ser considerados de manera aislada.

Esta guía se refiere principalmente a la legislación de la Unión sobre:

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| |  |  | | --- | --- | | — | Restricciones a la utilización de determinadas sustancias peligrosas en aparatos eléctricos y electrónicos (Directiva 2011/65/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aparatos que queman combustibles gaseosos [Reglamento (UE) 2016/426] |  |  |  | | --- | --- | | — | Requisitos de diseño ecológico aplicables a los productos relacionados con la energía (Directiva 2009/125/CE y todos los Reglamentos de Ejecución para grupos de productos específicos adoptados con arreglo a esta Directiva marco) |  |  |  | | --- | --- | | — | Recipientes a presión simples (Directiva 2014/29/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Seguridad de los juguetes (Directiva 2009/48/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Material eléctrico destinado a utilizarse con determinados límites de tensión (Directiva 2014/35/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Máquinas (Directiva 2006/42/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Compatibilidad electromagnética (Directiva 2014/30/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instrumentos de medida (Directiva 2014/32/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático (Directiva 2014/31/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Instalaciones de transporte por cable [Reglamento (UE) 2016/424] |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos radioeléctricos (Directiva 2014/53/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos sanitarios [Reglamento (UE) 2017/745, por el que se sustituyen las Directivas 90/385/CEE y 93/42/CEE a partir del 26 de mayo de 2021] |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos sanitarios para diagnóstico in vitro [Directiva 98/79/CE, que será sustituida por el Reglamento (UE) 2017/746 a partir del 26 de mayo de 2022] |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos a presión (Directiva 2014/68/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos a presión transportables (Directiva 2010/35/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Generadores aerosoles (Directiva 75/324/CEE en su versión modificada) |  |  |  | | --- | --- | | — | Ascensores (Directiva 2014/33/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Embarcaciones de recreo (Directiva 2013/53/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (Directiva 2014/34/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Explosivos con fines civiles (Directiva 2014/28/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Artículos pirotécnicos (Directiva 2013/29/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Etiquetado de los neumáticos [Reglamento (UE) 2020/740] |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos de protección individual [Reglamento (UE) 2016/425] |  |  |  | | --- | --- | | — | Equipos marinos (Directiva 2014/90/UE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Emisiones sonoras en el entorno debidas a las máquinas de uso al aire libre (Directiva 2000/14/CE) |  |  |  | | --- | --- | | — | Emisiones de las máquinas móviles no de carretera [Reglamento (UE) 2016/1628] |  |  |  | | --- | --- | | — | Etiquetado energético [Reglamento (UE) 2017/1369 y todos los Reglamentos Delegados para grupos de productos específicos adoptados con arreglo a este Reglamento marco y con arreglo a la Directiva 2010/30/UE, antecesora del Reglamento (UE) 2017/1369] |  |  |  | | --- | --- | | — | Productos fertilizantes [Reglamento (UE) 2019/1009] |  |  |  | | --- | --- | | — | Sistemas de aeronaves no tripuladas (drones) [Reglamento Delegado (UE) 2019/945 de la Comisión] | |

No obstante, los elementos de esta guía podrían resultar pertinentes para otros actos legislativos de armonización de la Unión que van más allá del ámbito de los productos antes mencionados. Esto resulta particularmente válido en el caso de las diversas definiciones de la guía, así como de los capítulos que inciden en la normalización, la evaluación de la conformidad, la acreditación y la vigilancia del mercado, cuando otros actos legislativos de armonización de la Unión se basen en los mismos conceptos o definiciones. En particular, el capítulo 7, sobre la vigilancia del mercado, será pertinente para la legislación incluida en el anexo I del Reglamento (UE) 2019/1020. En el anexo 1 figura una lista más amplia de la legislación en cuestión.

Esta guía no pretende abarcar:

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| — | la Directiva relativa a la seguridad general de los productos [(25)](#ntr25-C_2022247ES.01000101-E0025); en 2018 se adoptaron directrices para la gestión del Sistema de Intercambio Rápido de Información de la Unión Europea, «RAPEX» (Directrices RAPEX) [(26)](#ntr26-C_2022247ES.01000101-E0026); |

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| — | la legislación de la Unión sobre vehículos de motor, productos de construcción, REACH y otras sustancias químicas más allá de la legislación incluida en la lista anterior o de los aspectos generales mencionados anteriormente, incluida la vigilancia del mercado; |

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| — | la legislación alimentaria de la Unión, incluida la seguridad química de los materiales en contacto con alimentos. |

2.   ¿CUANDO ES DE APLICACION LA LEGISLACION DE ARMONIZACION SOBRE PRODUCTOS DE LA UNION EUROPEA?

2.1.   Productos afectados

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| |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica cuando el producto es introducido en el mercado de la Unión y en cualquier actividad posterior que constituya su comercialización hasta que llega al consumidor final. |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a todas las formas de venta. Un producto ofrecido en un catálogo o a través del comercio electrónico debe cumplir la legislación de armonización de la Unión cuando el catálogo o el sitio web dirijan su oferta al mercado de la Unión e incluyan un sistema de pedidos y de expediciones. |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos de fabricación reciente, pero también a productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país cuando son introducidos en el mercado de la Unión por primera vez. |  |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos acabados, tal como se definen en el ámbito de aplicación de cada legislación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto que ha sido objeto de cambios o de revisiones importantes para modificar sus prestaciones, sus fines o su tipo originales puede ser considerado un producto nuevo. La persona que lleva a cabo los cambios se convierte en el fabricante y debe asumir las obligaciones correspondientes. | |

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos que se tiene previsto introducir (o poner en servicio [(27)](#ntr27-C_2022247ES.01000101-E0027)) en el mercado [(28)](#ntr28-C_2022247ES.01000101-E0028). Asimismo, la legislación de armonización de la Unión se aplica cuando el producto es introducido en el mercado (o puesto en servicio) y en cualquier comercialización posterior hasta que el producto llegue al usuario final [(29)](#ntr29-C_2022247ES.01000101-E0029)
, [(30)](#ntr30-C_2022247ES.01000101-E0030). Un producto que se encuentra todavía en la cadena de distribución está sujeto a las obligaciones de la legislación de armonización de la Unión siempre que se trate de un producto nuevo [(31)](#ntr31-C_2022247ES.01000101-E0031). Una vez que llega al usuario final, ya no es considerado un producto nuevo y la legislación de armonización de la Unión deja de ser de aplicación. Esto se entiende sin perjuicio del nivel de seguridad o de cualquier otra protección del interés público que un producto debe ofrecer cuando se utilice según lo previsto en relación con la legislación de armonización de la Unión vigente en el momento en que es introducido en el mercado o de cualquier medida de vigilancia del mercado que pueda adoptarse en relación con productos que ya se hayan puesto a disposición de un usuario final y que presenten un riesgo (por ejemplo, las recuperaciones).

El usuario final no es uno de los operadores económicos que deben asumir responsabilidades en virtud de la legislación de armonización de la Unión; es decir, ninguna de las operaciones o transacciones relacionadas con el producto y realizadas por el usuario final está sujeta a la legislación de armonización de la Unión. Sin embargo, dicha operación o transacción podría estar incluida en otro régimen normativo, en particular a nivel nacional.

El producto debe cumplir los requisitos jurídicos vigentes en el momento de su introducción en el mercado (o su puesta en servicio).

La legislación de armonización de la Unión se aplica a todas las formas de suministro, como la venta a distancia y la venta por medios electrónicos. Así pues, con independencia de la técnica de venta, los productos elaborados para su comercialización en la Unión deben cumplir la legislación aplicable.

Un producto destinado a ser introducido en el mercado de la Unión, ofrecido en un catálogo o a través del comercio electrónico, debe cumplir la legislación de armonización de la Unión cuando el catálogo o el sitio web dirigen su oferta al mercado de la Unión e incluyen un sistema de pedidos y de expediciones [(32)](#ntr32-C_2022247ES.01000101-E0032). Los productos que se ofrecen a la venta en línea o mediante otros medios de venta a distancia se consideran comercializados si la oferta se dirige a usuarios finales en la Unión. Una oferta de venta se considera destinada a usuarios finales de la Unión si un operador económico dirige sus actividades, por cualquier medio, a un Estado miembro. Debe llevarse a cabo un análisis caso por caso para determinar si una oferta se dirige a usuarios finales de la Unión [(33)](#ntr33-C_2022247ES.01000101-E0033).

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos de fabricación reciente, pero también a productos usados y de segunda mano, incluidos los productos derivados de la preparación para la reutilización de residuos de aparatos eléctricos y electrónicos, importados desde un tercer país, cuando son introducidos en el mercado de la Unión por vez primera [(34)](#ntr34-C_2022247ES.01000101-E0034)
, [(35)](#ntr35-C_2022247ES.01000101-E0035). Esto es de aplicación incluso a los productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país que fueron fabricados antes de la entrada en vigor de la legislación.

Los productos usados y de segunda mano que se encuentran en el mercado de la Unión y que se suministran a los consumidores están regulados por la DSGP [artículo 2, letra a), de la DSGP] cuando se suministran o se comercializan, a título oneroso o gratuito, en el marco de una actividad comercial, a menos que los productos de segunda mano se ofrezcan como antigüedades o como productos para ser reparados o reacondicionados antes de su uso y el proveedor haya informado claramente a la persona a la que suministra el producto con ese fin. Con arreglo a la DSGP, los productores deben asegurarse de introducir en el mercado solo productos seguros.

Definición del producto en la legislación de armonización de la Unión

La legislación de armonización de la Unión se aplica a productos acabados, tal como se definen en el ámbito de aplicación de cada acto legislativo de armonización de la Unión específico. No obstante, el concepto de producto varía entre los diversos textos de la legislación de armonización de la Unión. Los objetos regulados por la legislación son mencionados, por ejemplo, como productos, equipos, aparatos, dispositivos, aparatos eléctricos, instrumentos, materiales, montajes, componentes o componentes de seguridad, unidades, conectores, accesorios, sistemas o máquinas parcialmente acabadas. Así pues, según los términos de un determinado acto de armonización de la Unión, los componentes, las piezas de recambio o los subconjuntos pueden ser considerados productos acabados y su uso final puede ser el montaje o la incorporación a un producto acabado. En tal caso, dichos productos deben cumplir la legislación aplicable en el momento de su introducción en el mercado de la Unión (o puesta en servicio), es decir, cuando se ofrecen por primera vez para su distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión. Cuando se introduzca en el mercado de la Unión un producto acabado que incorpore otro producto, el fabricante será responsable de la conformidad del producto acabado con la legislación aplicable. El fabricante de este producto acabado puede basarse en la evaluación de la conformidad del producto integrado para elaborar la declaración de conformidad, la evaluación de la conformidad y la documentación del producto.

A menos que existan disposiciones más específicas, la legislación de armonización de la Unión se aplica a los productos definidos en su ámbito de aplicación, independientemente de si se ofrecen listos para su uso o de si están destinados a ser instalados.

El fabricante tiene la responsabilidad de verificar si el producto está comprendido en el ámbito de aplicación de un determinado acto legislativo de armonización de la Unión [(36)](#ntr36-C_2022247ES.01000101-E0036)
, [(37)](#ntr37-C_2022247ES.01000101-E0037).

Una combinación de productos y de piezas que se ajustan individualmente a la legislación aplicable no siempre constituye un producto acabado que deba cumplir en su conjunto los requisitos de un determinado acto legislativo de armonización de la Unión. Sin embargo, en algunos casos, una combinación de productos y piezas diferentes diseñada o elaborada por la misma persona es considerada un producto acabado que debe cumplir la legislación como tal. En particular, el fabricante de la combinación es responsable de seleccionar productos adecuados para crear la combinación, de llevar a cabo la combinación de tal manera que se ajuste a las disposiciones de las leyes implicadas, y de cumplir todos los requisitos de la legislación relacionada con el montaje, con la declaración UE de conformidad y con el marcado CE. El hecho de que los componentes o las piezas lleven el marcado CE no garantiza automáticamente que el producto acabado también cumpla las normas. Los fabricantes deben elegir los componentes y las piezas de tal manera que el producto acabado cumpla dichas normas. El fabricante debe verificar caso por caso si una combinación de productos y piezas tiene que ser considerada un producto acabado en relación con el ámbito de la legislación pertinente.

Si se comercializan dos o más productos acabados en el mismo envase que no constituyan un único producto acabado, pero que estén destinados a funcionar juntos, el fabricante que comercialice la combinación debe abordar los riesgos de los productos incluidos en el envase cuando se utilicen conjuntamente.

Reparaciones y modificaciones de productos

Después de su introducción en el mercado, los productos pueden someterse a procesos de ampliación de la vida útil. Si bien algunos de estos procesos pretenden mantener o restaurar el producto a su estado original, otros implican la realización de modificaciones sustanciales del producto.

Un producto que ha sido objeto de cambios o revisiones importantes después de haber sido puesto en servicio debe ser considerado un producto nuevo si: i) se modifican sus prestaciones, su propósito o su tipo originales, sin que ello esté previsto en la evaluación inicial del riesgo; ii) la naturaleza del peligro ha cambiado o el nivel de riesgo ha aumentado en relación con la legislación de armonización de la Unión pertinente; y iii) el producto se comercializa (o se pone en servicio, si la legislación aplicable incluye también la puesta en servicio en su ámbito de aplicación). Este extremo debe ser evaluado de manera individual y, en especial, habida cuenta del objetivo de la legislación y del tipo de productos regulados por la legislación correspondiente.

Cuando un producto modificado [(38)](#ntr38-C_2022247ES.01000101-E0038) es considerado un producto nuevo, debe cumplir las disposiciones de la legislación aplicable cuando es comercializado o puesto en servicio. Esto debe verificarse mediante la aplicación del procedimiento de evaluación de la conformidad apropiado que establezca la legislación correspondiente. En especial, si la evaluación del riesgo lleva a la conclusión de que el producto modificado debe ser considerado como un producto nuevo, entonces la conformidad del producto modificado con los requisitos esenciales aplicables debe ser reevaluada y la persona que efectúe la modificación sustancial debe cumplir los mismos requisitos que un fabricante original, por ejemplo, la preparación de la documentación técnica, la redacción de una declaración UE de conformidad y la colocación del marcado CE en el producto.

En cualquier caso, un producto modificado vendido bajo el nombre o la marca comercial de una persona física o jurídica diferente del fabricante original debe considerarse un producto nuevo y ajustarse a la legislación de armonización de la Unión. La persona que efectúe cambios importantes en el producto tiene la responsabilidad de verificar si debe ser considerado o no un producto nuevo en relación con la legislación de armonización de la Unión pertinente. Si el producto va a ser considerado nuevo, esta persona se convierte en fabricante, con sus correspondientes obligaciones. Por otra parte, en el caso de que la conclusión sea que se trata de un producto nuevo, el producto debe someterse a una evaluación de la conformidad completa antes de ser comercializado, y el nombre y la dirección de contacto del fabricante deben indicarse en el producto. No obstante, la documentación técnica debe ser actualizada en la medida en que la modificación tenga incidencia en los requisitos de la legislación aplicable. No es necesario repetir los ensayos y elaborar nueva documentación relativa a los aspectos no afectados por la modificación. Corresponde a la persona física o jurídica que efectúa los cambios o que encarga los cambios en el producto demostrar que no es necesario actualizar todos los elementos de la documentación técnica. La persona física o jurídica que efectúa los cambios o que encarga los cambios en el producto será responsable de la conformidad del producto modificado y redactará una declaración de conformidad, incluso si utiliza los ensayos y la documentación técnica existentes.

Los productos que hayan sido reparados (por ejemplo, tras detectarse un defecto), sin que se consideren productos nuevos, no necesitan someterse de nuevo a una evaluación de la conformidad, tanto si el producto original fue introducido en el mercado antes de la entrada en vigor de la legislación como si lo fue después. Esto es de aplicación incluso si el producto ha sido exportado temporalmente a un tercer país para las operaciones de reparación. En el caso de determinados productos, los fabricantes están obligados a proporcionar piezas de recambio a otros terceros para realizar las reparaciones durante un cierto período de tiempo mínimo [(39)](#ntr39-C_2022247ES.01000101-E0039). Estas operaciones de reparación a menudo consisten en sustituir un artículo defectuoso o desgastado con una pieza de recambio que sea idéntica, o como mínimo similar, a la pieza original (por ejemplo, pueden haberse introducido modificaciones debido a los avances técnicos o al cese de la producción de la pieza antigua), cambiando placas, componentes o subconjuntos. En caso de que se modifiquen las prestaciones originales de un producto (dentro del uso previsto, la gama de prestaciones y mantenimiento concebidos originalmente en la fase de concepción) porque las piezas de recambio utilizadas en su reparación ofrecen mejores prestaciones debido a los avances técnicos, dicho producto no debe considerarse como nuevo de conformidad con la legislación de armonización de la Unión. Por tanto, las operaciones de mantenimiento están básicamente excluidas del ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión. No obstante, en la fase de diseño del producto se deben tener en cuenta el uso previsto y el mantenimiento [(40)](#ntr40-C_2022247ES.01000101-E0040).

Programas informáticos

En la actualidad, los programas informáticos son esenciales para el funcionamiento de los productos. Con arreglo a la legislación sobre productos sanitarios y productos sanitarios para diagnóstico in vitro, los programas informáticos que presentan determinadas características se consideran productos sanitarios o productos sanitarios para diagnóstico in vitro [(41)](#ntr41-C_2022247ES.01000101-E0041). Algunos textos de la legislación de armonización de la Unión hacen una referencia explícita a los programas informáticos integrados en el producto [(42)](#ntr42-C_2022247ES.01000101-E0042).

Como parte de la evaluación inicial del riesgo, el fabricante del producto final tiene la obligación de prever los riesgos de los programas informáticos integrados en ese producto en el momento de su introducción en el mercado. El concepto de seguridad de los productos abarca la protección contra todo tipo de riesgos derivados del producto, incluidos no solo los riesgos mecánicos, químicos y eléctricos, sino también los aspectos de seguridad de los riesgos cibernéticos y los riesgos relacionados con la pérdida de conexión de los productos.

Las actualizaciones de los programas informáticos o las reparaciones pueden ser incluidas entre las operaciones de mantenimiento siempre que no modifiquen un producto ya introducido en el mercado de tal manera que puedan afectar a su observancia de los requisitos vigentes. Al igual que en el caso de las reparaciones o modificaciones físicas, un producto debe considerarse sustancialmente modificado por un cambio en los programas informáticos cuando: i) la actualización de los programas informáticos modifica las funciones, el tipo o las prestaciones del producto previstos originalmente y esto no estaba previsto en la evaluación inicial del riesgo; ii) la naturaleza del peligro ha cambiado o el nivel de riesgo ha aumentado debido a la actualización de los programas informáticos; y iii) el producto se comercializa (o se pone en servicio, cuando esto esté regulado por la legislación de armonización de la Unión específica).

2.2.   Comercialización

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| |  |  | | --- | --- | | — | Un producto se comercializa cuando se suministra para su distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión en el transcurso de una actividad comercial, ya sea a título oneroso o gratuito. |  |  |  | | --- | --- | | — | El concepto de comercialización se refiere a cada producto individual. | |

Un producto se comercializa cuando se suministra para su distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión en el transcurso de una actividad comercial, ya sea a título oneroso o gratuito [(43)](#ntr43-C_2022247ES.01000101-E0043). Este suministro incluye cualquier oferta de distribución, consumo o uso en el mercado de la Unión que pueda dar lugar a un suministro real en relación con productos ya fabricados (por ejemplo, una invitación para comprar, campañas publicitarias).

El suministro de un producto solamente se considera como comercialización en el mercado de la Unión cuando el producto está destinado a un uso final en el mercado de la Unión. El suministro de productos, ya sea para su posterior distribución, para su incorporación a un producto final o para su posterior transformación o refinamiento, con el objetivo de exportar el producto final fuera del mercado de la Unión no se considera como comercialización. Se entiende la actividad comercial como el suministro de mercancías en un contexto empresarial. Se puede considerar que las organizaciones sin ánimo de lucro ejercen actividades comerciales si operan en dicho contexto, aunque esto solo puede determinarse examinando caso por caso, teniendo en cuenta la regularidad de los suministros, las características del producto, las intenciones del proveedor, etc. En principio, no se considerará que los suministros ocasionales por parte de asociaciones de beneficencia o de aficionados se produzcan en un contexto empresarial.

El «uso» hace referencia al fin anunciado para el producto, definido por el fabricante en unas condiciones que puedan ser previstas de manera razonable. Habitualmente, este es el uso final del producto.

El papel fundamental que el concepto de comercialización juega en la legislación de armonización de la Unión está relacionado con el hecho de que todos los operadores económicos de la cadena de suministro tienen obligaciones en materia de trazabilidad y deben desempeñar una función activa a la hora de garantizar que en el mercado de la Unión solamente circulan productos conformes.

El concepto de comercialización se refiere a cada producto individual, no a un tipo de producto, y al hecho de si ha sido fabricado de manera individual o en serie.

La comercialización de un producto supone una oferta o un acuerdo (por escrito o verbal) entre dos o más personas jurídicas o físicas para la transferencia de la titularidad, la posesión o cualquier otro derecho [(44)](#ntr44-C_2022247ES.01000101-E0044) relacionado con el producto correspondiente una vez concluida la fase de fabricación. La transferencia no requiere necesariamente el traspaso físico del producto.

Esa transferencia puede producirse a título oneroso o gratuitamente, y puede basarse en cualquier tipo de instrumento jurídico. Por tanto, se considera que se produce la transferencia de un producto en caso de venta, préstamo, alquiler [(45)](#ntr45-C_2022247ES.01000101-E0045), arrendamiento u obsequio. La transferencia de la titularidad implica que el producto está destinado a ser puesto a disposición de otra persona jurídica o física.

2.3.   Introducción en el mercado

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| |  |  | | --- | --- | | — | Un producto es introducido en el mercado cuando se comercializa por primera vez en el mercado de la Unión. De conformidad con la legislación de armonización de la Unión, cada producto individual solamente puede introducirse una vez en el mercado de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los productos comercializados deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento de su introducción en el mercado. | |

A efectos de la legislación de armonización de la Unión, un producto es introducido en el mercado cuando se comercializa por primera vez en el mercado de la Unión. Esta actividad queda reservada para fabricantes o importadores [(46)](#ntr46-C_2022247ES.01000101-E0046). Cuando un fabricante o un importador suministra un producto a un distribuidor [(47)](#ntr47-C_2022247ES.01000101-E0047) o a un usuario final por primera vez, la operación siempre se califica en términos jurídicos como «introducción en el mercado». Cualquier actividad posterior, por ejemplo, de distribuidor a distribuidor, o de un distribuidor a un usuario final, se denomina «comercialización».

Al igual que sucede con la «comercialización», el concepto de «introducción en el mercado» se refiere a un producto individual y no a un tipo de producto, y al hecho de si el producto ha sido fabricado de manera individual o en serie. En consecuencia, la introducción en el mercado de la Unión solo puede producirse una vez por cada producto en toda la UE y no se produce en cada Estado miembro. Aunque un modelo o tipo de producto haya sido suministrado antes de la entrada en vigor de legislación de armonización de la Unión que establece nuevos requisitos obligatorios, las unidades individuales del mismo modelo o tipo que sean introducidas en el mercado con posterioridad a la entrada en vigor de los nuevos requisitos deben cumplir dichos requisitos.

La introducción de un producto en el mercado requiere una oferta o un acuerdo (por escrito o verbal) entre dos o más personas jurídicas o físicas para la transferencia de la titularidad, la posesión o cualquier otro derecho de propiedad relacionado con el producto correspondiente; esto requiere que la fase de fabricación se haya concluido. Esta transferencia puede producirse a título oneroso o de manera gratuita. No requiere necesariamente el traspaso físico del producto. A veces los productos se fabrican tras la realización de un pedido. Una oferta o un acuerdo concluidos antes de que finalice la fase de fabricación no se puede considerar como introducción en el mercado (por ejemplo, una oferta para fabricar un producto conforme a determinadas especificaciones acordadas por las partes en el contrato, si el producto solo se fabricará y entregará en una fase posterior).

Se considera que no se ha producido una introducción en el mercado cuando un producto:

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| — | ha sido fabricado para uso propio, a menos que la legislación de armonización de la Unión incluya los productos fabricados para uso propio en su ámbito de aplicación [(48)](#ntr48-C_2022247ES.01000101-E0048) , [(49)](#ntr49-C_2022247ES.01000101-E0049); |

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| — | ha sido adquirido por un consumidor en un tercer país mientras se encontraba presente físicamente en dicho país [(50)](#ntr50-C_2022247ES.01000101-E0050) e introducido en la UE por el consumidor para su consumo personal; |

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| — | ha sido transferido desde el fabricante en un tercer país a un representante autorizado en la Unión, que se ha comprometido a garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión [(51)](#ntr51-C_2022247ES.01000101-E0051); |

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| — | ha sido introducido desde un tercer país en el territorio aduanero de la UE, bajo un régimen de tránsito y almacenado en zonas francas, depósitos, almacenamiento temporal u otros procedimientos aduaneros especiales (importación temporal o perfeccionamiento activo) [(52)](#ntr52-C_2022247ES.01000101-E0052); |

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| — | ha sido fabricado en un Estado miembro con vistas a su exportación a un tercer país (esto incluye los componentes suministrados a un fabricante para su incorporación a un producto final que será exportado a un tercer país); |

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| — | ha sido transferido para ensayos o validación de unidades de preproducción consideradas todavía en la fase de fabricación; |

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| — | ha sido expuesto o utilizado en condiciones controladas [(53)](#ntr53-C_2022247ES.01000101-E0053) en ferias, exhibiciones o demostraciones comerciales [(54)](#ntr54-C_2022247ES.01000101-E0054); o |

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| — | todavía no ha sido comercializado, es decir, no se ha suministrado para su distribución, consumo o uso, a pesar de que el fabricante (o el representante autorizado establecido en la Unión) o el importador lo tengan en existencias, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga lo contrario. |

La introducción en el mercado es el momento más decisivo en lo tocante a la aplicación de la legislación de armonización de la Unión [(55)](#ntr55-C_2022247ES.01000101-E0055). Los productos comercializados en la Unión deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento de su introducción en el mercado. En consecuencia, los productos nuevos fabricados en la Unión y todos los productos importados desde terceros países [(56)](#ntr56-C_2022247ES.01000101-E0056) (tanto nuevos como usados) deben cumplir las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable cuando son introducidos en el mercado, es decir, cuando son comercializados por primera vez en el mercado de la Unión. Una vez introducidos en el mercado, los productos conformes se pueden comercializar posteriormente dentro de la cadena de suministro sin consideraciones adicionales, incluso en caso de revisiones de la legislación aplicable o de las normas armonizadas pertinentes, a menos que la legislación especifique lo contrario.

Los Estados miembros tienen la obligación, en el marco de la vigilancia del mercado, de garantizar que en este solo se ofrezcan productos seguros y conformes [(57)](#ntr57-C_2022247ES.01000101-E0057). Los productos usados que se comercializan en el mercado de la Unión están sujetos a la libre circulación de conformidad con los principios establecidos por los artículos 34 y 36 del TFUE. Cabe señalar que los productos usados puestos a disposición de los consumidores en el marco de una actividad comercial están sujetos a la DSGP, a menos que se ofrezcan como antigüedades o como productos para ser reparados o reacondicionados antes de su uso, siempre que el proveedor haya informado claramente a la persona a la que suministra el producto con ese fin.

2.4.   Comercialización e introducción en el mercado en el caso de las ventas a distancia y en línea

Los productos que se ofrecen a la venta en línea o mediante otros medios de venta a distancia se consideran comercializados en la Unión si la oferta se dirige a usuarios finales en la Unión [(58)](#ntr58-C_2022247ES.01000101-E0058). Esto significa que las autoridades de vigilancia del mercado están facultadas para controlar y adoptar las medidas necesarias en relación con dichos productos de conformidad con el Reglamento (UE) 2019/1020 (véase el capítulo 7 más adelante). Una oferta de venta se considera destinada a usuarios finales de la Unión si el operador económico correspondiente dirige sus actividades, por cualquier medio, a un Estado miembro. Para determinar si un sitio web que se encuentra dentro o fuera de la UE se dirige a usuarios finales de la UE, debe estudiarse cada caso, teniendo en cuenta todos los factores pertinentes, como las zonas geográficas a las que el envío es posible, las lenguas disponibles utilizadas para la oferta o para realizar el pedido, las posibilidades de pago, etc. Es insuficiente el hecho de que la página web de los operadores económicos o de los intermediarios sea accesible en el Estado miembro de establecimiento o domicilio del usuario final [(59)](#ntr59-C_2022247ES.01000101-E0059). Si una interfaz en línea prevé la entrega en la UE, acepta el pago de consumidores o usuarios finales de la UE y utiliza las lenguas de la UE, puede considerarse que el operador ha optado expresamente por suministrar productos a los consumidores u otros usuarios finales de la UE. La entrega física a usuarios finales de la UE de un producto pedido a un determinado vendedor en línea con sede fuera de la UE, incluso a través de prestadores de servicios logísticos, confirma de manera irrefutable la introducción del producto en el mercado de la UE.

La consecuencia jurídica es que, si la oferta está dirigida a usuarios finales de la Unión, los productos ofrecidos a la venta en línea o mediante otros medios de venta a distancia deben cumplir todas las normas aplicables de la UE y pueden ser objeto de controles realizados por las autoridades de vigilancia del mercado de conformidad con el Reglamento (UE) 2019/1020. El operador económico que ofrece el producto a la venta en línea o mediante otros medios de venta a distancia debe cooperar con las autoridades de vigilancia del mercado, a petición de estas, para facilitar información sobre el cumplimiento o para adoptar otras medidas [(60)](#ntr60-C_2022247ES.01000101-E0060). Si se venden productos a través de internet, resulta útil indicar en el sitio web en cuestión el marcado CE y todas las advertencias requeridas contempladas en la legislación aplicable y que estos sean visibles antes de que el usuario final realice la compra.

La venta en línea o a distancia puede ser una forma específica de comercializar productos, pero no necesariamente constituye la primera comercialización del producto en el mercado de la Unión (es decir, la introducción en el mercado). La introducción efectiva en el mercado de estos productos puede ser distinta para cada producto individual, en función de la cadena de distribución específica, por ejemplo:

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| — | La venta a distancia o la oferta en línea pueden referirse a productos que ya han sido introducidos en el mercado de la Unión. Este es el caso cuando el fabricante de la UE o un importador ya los ha introducido en el mercado de la Unión antes de ofrecerlos a la venta en línea o mediante otros medios de venta a distancia. |

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| — | Algunos productos ofrecidos en línea o mediante otros medios de venta a distancia a usuarios finales de la Unión se transfieren primero a prestadores de servicios logísticos establecidos en la UE para garantizar su rápida entrega a los usuarios finales de la UE. En consecuencia, se considera que los productos almacenados por estos prestadores de servicios logísticos y despachados a libre práctica se han suministrado para su distribución, consumo o uso en el mercado de la UE y, por tanto, se han introducido en dicho mercado. Cuando un operador en línea utiliza a un prestador de servicios logísticos de esta manera, los productos enviados a la empresa de tramitación a distancia en la UE se encuentran en la fase de distribución de la cadena de suministro [(61)](#ntr61-C_2022247ES.01000101-E0061). Estos productos se consideran introducidos en el mercado en el momento de su despacho a libre práctica. |

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| — | Los usuarios finales de la UE pueden comprar directamente algunos productos de terceros países en línea o mediante otros medios de venta a distancia. Aunque estos productos se consideran comercializados en la Unión antes de cualquier transacción a efectos de los controles realizados por las autoridades de vigilancia del mercado de conformidad con el Reglamento (UE) 2019/1020, se introducen en el mercado en el momento en que un usuario final realiza y confirma un pedido de un producto específico ya fabricado, objeto de la transacción y listo para ser enviado. |

2.5.   Productos importados desde países no pertenecientes a la UE

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| Con independencia de su origen, los productos deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable si se comercializan en el mercado de la UE.  Los productos procedentes de países no pertenecientes a la UE destinados a ser introducidos en el mercado de la Unión o al uso o consumo privados en el territorio aduanero de la Unión se declaran para su despacho a libre práctica y pueden ser controlados por las autoridades designadas para el control de los productos que entran en el mercado de la Unión. |

El principio básico de la legislación de armonización de la UE es que con independencia del origen de los productos, estos deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable cuando se comercializan (o ponen en servicio [(62)](#ntr62-C_2022247ES.01000101-E0062)) en el mercado de la UE. Los productos fabricados en la UE y los productos de países no pertenecientes a la Unión son tratados de igual manera.

La legislación de armonización de la Unión se aplica a los productos procedentes de terceros países cuando se comercializan por primera vez en el mercado de la Unión; no solo a los productos de fabricación reciente, sino también a los productos usados y de segunda mano, incluidos los productos derivados de la preparación para la reutilización de residuos de aparatos eléctricos y electrónicos, pero no a aquellos productos que ya se encuentran en el mercado de la UE. Esto es de aplicación incluso a los productos usados y de segunda mano importados desde un tercer país que fueron fabricados antes de la entrada en vigor de la legislación de armonización de la Unión.

Antes de llegar al usuario final en la UE, los productos procedentes de terceros países deben presentarse en aduana y declararse para el régimen de despacho a libre práctica. El objetivo del despacho a libre práctica es el cumplimiento de todas las formalidades de importación, de forma que las mercancías puedan comercializarse y circular libremente en el mercado de la UE como cualquier producto fabricado en la UE. Por tanto, cuando se presentan productos en aduanas y se declaran para el régimen de despacho a libre práctica, se puede considerar generalmente que las mercancías se introducen en el mercado de la UE; en consecuencia, los productos deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable. Sin embargo, en la práctica, el despacho a libre práctica y la introducción en el mercado pueden no ocurrir al mismo tiempo. La introducción en el mercado tiene lugar cuando se suministra el producto para su distribución, consumo o uso a efectos del cumplimiento de la legislación de armonización de la Unión. La introducción en el mercado puede tener lugar antes del despacho a libre práctica, por ejemplo, en el caso de las ventas por internet o a distancia de operadores económicos establecidos fuera de la UE, incluso si el control físico del cumplimiento de los productos se puede realizar, como muy pronto, cuando estos llegan a la aduana de la UE. La introducción en el mercado también puede tener lugar después del despacho a libre práctica.

Los productos que se introduzcan en el territorio de la Unión y requieran una transformación ulterior para ser conformes con la legislación de armonización de la Unión aplicable a ellos deben incluirse en el régimen aduanero apropiado que permita realizar dicha transformación [(63)](#ntr63-C_2022247ES.01000101-E0063). Solo podrán declararse para el despacho a libre práctica una vez que sean conformes.

Las autoridades designadas para el control de los productos que entran en el mercado de la Unión y las autoridades de vigilancia del mercado tienen la obligación y la potestad, sobre la base del análisis de riesgo, de controlar los productos procedentes de terceros países y, en su caso, intervenir antes de su despacho a libre práctica, independientemente de cuando se introducen de facto en el mercado de la Unión. Esto debe impedir el despacho a libre práctica, y, por tanto, la comercialización en el territorio de la UE de productos que no son conformes con la legislación de armonización de la Unión pertinente o que plantean riesgos graves para la salud, la seguridad, el medio ambiente u otros intereses públicos [(64)](#ntr64-C_2022247ES.01000101-E0064). Sin embargo, el despacho a libre práctica no debe considerarse prueba de conformidad con la legislación de armonización de la Unión, dado que dicho despacho no incluye necesariamente una comprobación completa de la conformidad. Por consiguiente, los productos importados desde países no pertenecientes a la UE pueden ser objeto de controles, solicitudes y decisiones posteriores por parte de las autoridades de vigilancia del mercado de conformidad con el Reglamento (UE) 2019/1020. Cuando las autoridades aduaneras del primer punto de entrada tengan motivos para creer que los productos procedentes de terceros países que se encuentran en almacenamiento temporal o están incluidos en un régimen aduanero distinto del «despacho a libre práctica» no cumplen la legislación de armonización de la Unión aplicable o presentan un riesgo, deben transmitir toda la información pertinente a la aduana de destino competente.

En cuanto a los productos importados desde países no pertenecientes a la UE, la legislación de armonización de la Unión contempla una función especial para el importador. Este asumirá determinadas obligaciones que en cierta medida reflejan las obligaciones de los fabricantes establecidos dentro de la UE [(65)](#ntr65-C_2022247ES.01000101-E0065).

En el caso de los productos importados desde países no pertenecientes a la UE, un representante autorizado puede realizar diversas tareas en nombre del fabricante [(66)](#ntr66-C_2022247ES.01000101-E0066). Si, no obstante, el representante autorizado de un fabricante de un tercer país suministra un producto a un distribuidor o a un consumidor dentro de la UE, ya no actuará como un mero representante autorizado, sino que se convertirá en importador y estará sujeto a las obligaciones de los importadores. Además, para introducir en el mercado de la Unión los productos incluidos en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020, es necesario que exista un operador económico establecido en la Unión que sea responsable de una serie de tareas relacionadas con dichos productos [(67)](#ntr67-C_2022247ES.01000101-E0067).

2.6.   Puesta en servicio o uso (e instalación)

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El momento de la puesta en servicio es pertinente para una parte de la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | La puesta en servicio se produce en el momento del primer uso dentro de la Unión por parte del usuario final para los fines para los que fue concebido. | |

La puesta en servicio se produce en el momento del primer uso dentro de la Unión por parte del usuario final para los fines para los que fue concebido [(68)](#ntr68-C_2022247ES.01000101-E0068)
, [(69)](#ntr69-C_2022247ES.01000101-E0069). Este concepto se utiliza, por ejemplo, en el ámbito de los ascensores, las máquinas, los equipos radioeléctricos, los instrumentos de medida, los productos sanitarios, los productos sanitarios para diagnóstico in vitro o los productos regulados por las Directiva sobre compatibilidad electromagnética o la Directiva ATEX, además de la introducción en el mercado, y se traduce en una ampliación del ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión más allá del momento de la comercialización de un producto.

Cuando el producto es puesto en servicio por parte de un empleador para que lo usen sus empleados, el primer uso es considerado la puesta en servicio.

Los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la puesta en servicio de productos que cumplan las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable [(70)](#ntr70-C_2022247ES.01000101-E0070). No obstante, los Estados miembros están autorizados a mantener y a adoptar, en cumplimiento del Tratado (en particular de los artículos 34 y 36 del TFUE), y de conformidad con la legislación de armonización de la Unión, disposiciones nacionales adicionales relativas a la puesta en servicio, la instalación o el uso de productos. Tales disposiciones nacionales no pueden exigir modificaciones de un producto fabricado de conformidad con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable ni impedir que los productos que cumplan la legislación de armonización de la Unión puedan comercializarse en ese Estado miembro.

Salvo disposición en contrario en la legislación de la Unión específica, cuando los productos se hayan introducido en el mercado de conformidad con la legislación de armonización de la Unión aplicable en ese momento, también podrán ponerse en servicio aunque dicha legislación haya sido modificada con posterioridad a la introducción de los productos en el mercado de la Unión y, por consiguiente, estos no cumplan plenamente la nueva legislación de la UE. La necesidad de demostrar la conformidad de los productos en el momento en que se ponen en servicio y, si procede, que son instalados, mantenidos y utilizados correctamente para el fin previsto, debe limitarse a los productos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | que no hayan sido introducidos en el mercado antes de ser puestos en servicio (por ejemplo, los productos fabricados para el uso propio cuando este entre en el ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión aplicable) o que solo pueden ser utilizados después de que se haya llevado a cabo un montaje, una instalación u otra manipulación; o |

|  |  |
| --- | --- |
| — | cuya conformidad pueda verse afectada por las condiciones de distribución (por ejemplo, el almacenamiento o el transporte). |

2.7.   Aplicación simultánea de los actos de armonización de la Unión

|  |  |  |  |  |  |  |
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| |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos esenciales y de otro tipo recogidos en la legislación de armonización de la Unión pueden solaparse o complementarse entre sí, dependiendo de los peligros abarcados por dichos requisitos relacionados con el producto correspondiente. |  |  |  | | --- | --- | | — | La comercialización o la puesta en servicio solamente puede tener lugar cuando el producto cumple las disposiciones de toda la legislación de armonización de la Unión aplicable en el momento en que es introducido en el mercado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando el mismo producto u objetivo de política es regulado por dos o más actos de armonización de la Unión, en ocasiones puede excluirse la aplicación de algunos de los actos siguiendo un enfoque que incluye un análisis del riesgo del producto para destinarlo al uso establecido por el fabricante. | |

La legislación de armonización de la Unión regula una amplia gama de productos, peligros e incidencias [(71)](#ntr71-C_2022247ES.01000101-E0071), que se solapan y se complementan entre sí. En consecuencia, la norma general es que, posiblemente, para un producto se deban tener en cuenta varios textos legislativos, ya que la comercialización o la puesta en servicio solamente puede producirse cuando el producto cumple todas las disposiciones aplicables y cuando se ha llevado a cabo una evaluación de la conformidad con arreglo a toda la legislación de armonización de la Unión aplicable.

Los peligros regulados por los requisitos de los diversos actos de armonización de la Unión se refieren habitualmente a diferentes aspectos que en muchos casos se complementan entre sí (por ejemplo, las Directivas sobre compatibilidad electromagnética y sobre equipos a presión incluyen fenómenos que no son regulados por las Directivas sobre los equipos de baja tensión o a las máquinas). Esto exige una aplicación simultánea de diversos actos legislativos. En consecuencia, el producto debe ser diseñado y fabricado de conformidad con toda la legislación de armonización de la Unión aplicable, así como someterse a los procedimientos de evaluación de la conformidad de acuerdo con toda la legislación aplicable, a menos que se disponga lo contrario.

Determinados actos de armonización de la Unión excluyen de su ámbito de aplicación los productos regulados por otros actos [(72)](#ntr72-C_2022247ES.01000101-E0072), o bien incorporan los requisitos esenciales de otros actos [(73)](#ntr73-C_2022247ES.01000101-E0073), lo que evita la aplicación simultánea de requisitos redundantes. En otros casos, esto no sucede y el principio general de aplicación simultánea sigue vigente cuando los requisitos de los actos de armonización de la Unión son complementarios entre sí.

Dos o más actos de armonización de la Unión pueden regular el mismo producto, peligro o incidencia. En tal caso, la cuestión de solapamiento podría resolverse dando preferencia al acto de armonización de la Unión más específico [(74)](#ntr74-C_2022247ES.01000101-E0074). Habitualmente, esto exige un análisis del riesgo del producto o, en ocasiones, un análisis del fin previsto para el producto, lo que determinará qué legislación se le aplica. Al especificar los peligros relacionados con un producto, el fabricante puede utilizar las normas armonizadas pertinentes aplicables al producto correspondiente.

2.8.   Uso razonablemente previsible, previsto e indebido

|  |
| --- |
| Los fabricantes deben alcanzar un nivel de protección que corresponda al uso recomendado del producto en unas condiciones de utilización que puedan ser previstas de manera razonable. |

La legislación de armonización de la Unión se aplica cuando los productos comercializados o puestos en servicio [(75)](#ntr75-C_2022247ES.01000101-E0075) en el mercado se utilizan para su uso previsto. El uso previsto es el uso para el que un producto está diseñado de conformidad con la información facilitada por el fabricante (o el importador) que lo introduce en el mercado, o bien el uso ordinario determinado por el diseño y la construcción del producto.

Habitualmente los productos están listos para su uso, o solamente requieren ajustes que pueden ser efectuados habida cuenta de su uso previsto. Los productos están «listos para su uso» si pueden ser utilizados según lo previsto sin necesidad de insertar piezas adicionales. Los productos también se consideran listos para su uso si todas las piezas a partir de las cuales van a ser montados son introducidas en el mercado por una sola persona, o si solamente deben ser montados o conectados, o si son introducidos en el mercado sin las piezas que habitualmente se obtienen por separado y se insertan para el uso previsto (por ejemplo, un cable de alimentación eléctrica).

Los fabricantes están obligados a alcanzar un grado de protección para los usuarios de los productos o de otros intereses públicos que corresponda al uso que el fabricante recomienda para el producto en la información sobre este. Esto resulta particularmente pertinente en los casos en que está en juego el uso indebido de un producto [(76)](#ntr76-C_2022247ES.01000101-E0076).

En cuanto a las actividades de vigilancia del mercado, se requiere que las autoridades encargadas de ello comprueben la conformidad de un producto:

|  |  |
| --- | --- |
| — | con respecto a su fin previsto (según lo haya definido el fabricante), y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en las condiciones de uso que puedan ser previstas de manera razonable [(77)](#ntr77-C_2022247ES.01000101-E0077), esto es, cuando ese uso pueda derivarse de un comportamiento humano lícito y fácilmente previsible. |

La consecuencia para los fabricantes es que tienen que prestar atención a las condiciones de uso que pueden ser previstas de manera razonable con anterioridad a la introducción de un producto en el mercado.

Los fabricantes deben mirar más allá de lo que ellos consideran el uso previsto de un producto y ponerse en el lugar del usuario medio de un producto particular, para así prever de manera razonable cuál será el uso del producto [(78)](#ntr78-C_2022247ES.01000101-E0078). En el caso de los productos destinados al uso al aire libre, también deben tener en cuenta la manera en que las proyecciones sobre el cambio climático en la UE afectarán a la seguridad y al rendimiento del producto durante su uso. Dado que el clima ya está cambiando, deben revisarse las hipótesis obsoletas basadas en observaciones y rendimientos históricos. Si la vida útil típica del producto se extiende más allá de cinco años, es posible que los fabricantes deseen prepararlo también para las condiciones más extremas previstas a medio plazo [(79)](#ntr79-C_2022247ES.01000101-E0079).

Asimismo es importante que las autoridades de vigilancia del mercado tengan en cuenta que el diseño del producto no puede evitar todos los riesgos. La supervisión y la ayuda de los usuarios previstos deben ser consideradas parte de las condiciones que pueden ser previstas razonablemente. Por ejemplo, algunas máquinas herramienta profesionales están diseñadas para su uso por parte de trabajadores con una experiencia y una formación medias bajo la supervisión de su empleador; y no se puede responsabilizar al fabricante si dichas máquinas herramienta son alquiladas por un distribuidor o un tercer proveedor de servicios para que las usen consumidores inexpertos y sin formación.

En cualquier caso, el fabricante no está obligado a prever que los usuarios no tengan en consideración las condiciones legales de uso de su producto.

2.9.   Aplicación geográfica (Estados del EEE y la AELC, países y territorios de ultramar o PTU y Turquía)

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La legislación de armonización de la Unión se aplica a los Estados miembros de la UE y a determinados territorios europeos en la medida necesaria para aplicar las disposiciones recogidas en el Tratado de Adhesión de los Estados miembros pertinentes. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo, celebrado entre la Unión Europea e Islandia, Liechtenstein y Noruega, amplía el mercado interior a estos tres Estados de la AELC, habitualmente conocidos como Estados AELC del EEE. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Acuerdo de Unión Aduanera entre la UE y Turquía pretende garantizar la libre circulación de productos entre la UE y Turquía, mediante la eliminación de los controles a la importación de estos productos en la frontera entre Turquía y la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Protocolo sobre Irlanda e Irlanda del Norte del Acuerdo sobre la retirada del Reino Unido de la UE también amplía la aplicación de determinada legislación de la Unión en materia de productos a Irlanda del Norte. | |

2.9.1.   
Estados miembros y países y territorios de ultramar

El propósito de la legislación de armonización de la Unión relativa a las mercancías adoptada en aplicación de los artículos 114 y 115 del TFUE es la creación y el funcionamiento del mercado interior de mercancías. Por consiguiente, la legislación de armonización de la Unión no puede separarse de las disposiciones del Tratado sobre la libre circulación de mercancías, y el ámbito de aplicación territorial de la legislación de armonización de la Unión debe coincidir con el ámbito de aplicación territorial de los artículos 30 y 34 a 36 del TFUE.

Con arreglo al artículo 355 del TFUE y en relación con el artículo 52 del Tratado de la Unión Europea (TUE), el Tratado y, en consecuencia, la legislación de armonización de la Unión se aplican a todos los Estados miembros de la Unión Europea. De conformidad con el artículo 355, apartado 1, del TFUE, también se aplican a Guadalupe, la Guayana francesa, Martinica, la Reunión, Mayotte, San Martín, las Azores, Madeira y las Islas Canarias. Asimismo, el Tratado y la legislación de armonización relativa a productos adoptada sobre la base de los artículos 114 y 115 del TFUE son de aplicación a determinados territorios europeos en la medida necesaria para dar efecto a las disposiciones establecidas en el Tratado de Adhesión correspondiente.

Sin embargo, no se aplica a las Islas Feroe, Groenlandia, Akrotiri ni Dhekelia. La legislación de armonización de la Unión no es de aplicación en los países y territorios de ultramar, en concreto en: Nueva Caledonia y sus dependencias, Polinesia Francesa, Territorios Australes y Antárticos Franceses, Islas Wallis y Futuna, San Pedro y Miquelón, San Bartolomé, Aruba, Curazao, San Martín, Caribe Neerlandés (Bonaire, Saba y San Eustaquio).

2.9.2.   
Estados aelc del eee

2.9.2.1.   Elementos básicos del Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo

El Acuerdo sobre el Espacio Económico Europeo, en vigor desde el 1 de enero de 1994, abarca toda la legislación de armonización de la Unión a la que se aplica esta guía. Así pues, la legislación de armonización de la Unión abarcada por esta guía también es de aplicación a los Estados AELC del EEE: Islandia, Liechtenstein y Noruega.

El objetivo del Acuerdo EEE es crear un Espacio Económico Europeo dinámico y homogéneo basado en unas normas comunes y unas condiciones de competencia justas.

De conformidad con el Acuerdo EEE y en virtud de su adecuación a la nueva legislación de la Unión mediante una decisión del Comité Mixto, se entiende que los derechos conferidos y las obligaciones impuestas a los Estados miembros, a sus entidades públicas, sus empresas o sus ciudadanos para relacionarse entre sí también son conferidos o impuestos de la misma manera a los Estados AELC del EEE. Esto garantiza que los Estados AELC del EEE y sus operadores económicos estén sujetos a los mismos derechos y obligaciones que sus homólogos en la Unión. Por ejemplo, las Directivas de nuevo enfoque y otra legislación de armonización de la Unión se ejecutan y aplican exactamente de la misma manera en los Estados AELC del EEE y en los Estados miembros, aunque se modifica la cláusula de salvaguardia. Por tanto, cualquier orientación aplicable a los Estados miembros de conformidad con esta guía también será aplicada a los Estados AELC del EEE.

El Acuerdo EEE es modificado continuamente mediante decisiones del Comité Mixto del EEE a raíz de la introducción de cambios en la legislación pertinente de la Unión. Para lograr y mantener una interpretación y una aplicación uniformes del Acuerdo, se han creado un Tribunal de la AELC y una Autoridad de vigilancia de la AELC.

El Acuerdo EEE garantiza una cooperación estrecha entre la Comisión y las administraciones de los Estados AELC del EEE. La Comisión solicita asesoramiento no oficial a expertos de esos Estados de la misma manera que pide consejo a expertos de los Estados miembros. En lo tocante a los comités que asisten a la Comisión en su trabajo, se ha instaurado una estrecha cooperación. El Consejo del EEE se reúne dos veces al año y el Comité Parlamentario Mixto del EEE y el Comité Consultivo del EEE lo hacen de manera regular.

2.9.2.2.   Procedimiento de cláusula de salvaguardia

La Autoridad de vigilancia de la AELC es responsable de analizar las notificaciones de la cláusula de salvaguardia procedentes de los Estados AELC del EEE. La Autoridad consulta a todas las partes implicadas e intercambia información con la Comisión sobre los procedimientos del caso. La Autoridad transmite su decisión a los Estados AELC del EEE y a la Comisión para acciones posteriores. Si un Estado AELC del EEE no respeta la decisión, la Autoridad de vigilancia puede incoar un procedimiento de infracción.

En aquellos casos en que un Estado miembro active una cláusula de salvaguardia, están previstas consultas entre la Comisión y la Autoridad de vigilancia. La Comisión comunicará su decisión a la Autoridad de vigilancia de la AELC, que la remitirá a los Estados AELC del EEE para acciones posteriores. Si un Estado AELC del EEE no respeta la decisión, la Autoridad de vigilancia puede incoar un procedimiento de infracción.

2.9.3.   
Mónaco, san marino y andorra

El comercio bilateral de productos entre la UE y Mónaco, San Marino y Andorra está facilitado por acuerdos de unión aduanera: Mónaco mantiene una unión aduanera con Francia y forma parte del territorio aduanero de la UE; mientras que tanto San Marino como Andorra tienen un acuerdo de unión aduanera con la UE.

No obstante, para poder ser comercializados en el mercado de la Unión, los productos de esos países deben ajustarse al acervo de la UE [(80)](#ntr80-C_2022247ES.01000101-E0080).

2.9.4.   
Turquía

Turquía y la UE establecieron su unión aduanera en 1995 (Decisión n.o 1/95 del Consejo de Asociación CE-Turquía, 96/142/CE). La Decisión sobre la Unión Aduanera abarca el comercio de productos manufacturados y productos agrícolas transformados entre Turquía y la UE, e implica la adaptación por parte de Turquía a toda la legislación de la Unión en materia de productos. Este Acuerdo pretende garantizar la libre circulación de productos manufacturados y productos agrícolas transformados entre la UE y Turquía mediante la eliminación de los controles a la importación de estos productos en la frontera entre Turquía y la Unión.

Los artículos 5 a 7 de la Decisión disponen la eliminación de medidas que tengan un efecto equivalente a los derechos de aduana entre la Unión Europea y Turquía, lo que refleja los artículos 34 a 36 del TFUE. En virtud del artículo 66 de la Decisión, y a efectos de su ejecución y aplicación a productos contemplados en la Decisión sobre la Unión Aduanera, sus artículos 5 a 7 deben ser interpretados de conformidad con la jurisprudencia pertinente del Tribunal de Justicia de la Unión Europea, en particular el asunto Cassis de Dijon sobre reconocimiento mutuo.

Como consecuencia, en aquellos sectores en los que Turquía ha adaptado su legislación a la de la UE, un producto fabricado o comercializado lícitamente en Turquía debe recibir el mismo trato que los productos fabricados o comercializados lícitamente en la UE y no debe ser objeto de controles a la importación. El mismo razonamiento se aplicará en los sectores no armonizados en los que Turquía haya alineado su legislación con los artículos 34 a 36 del TFUE.

La Decisión también exige que Turquía adopte la legislación de la Unión Europea sobre productos y sobre infraestructuras de calidad, especialmente sobre requisitos en materia de marcado CE, organismos notificados, vigilancia del mercado, acreditación, normalización, metrología y reconocimiento mutuo en el ámbito no armonizado.

Otra Decisión (la Decisión n.o 2/97 del Consejo de Asociación CE-Turquía), firmada en 1997, recoge la lista de instrumentos jurídicos de la Unión, incluida una parte del acervo sobre productos industriales relacionado con la eliminación de obstáculos técnicos para el comercio y las condiciones y disposiciones que rigen su ejecución por parte de Turquía. El anexo I de esa Decisión garantiza que cuando Turquía adopte la legislación recogida en el anexo II de la Decisión, en la UE y en Turquía serán de aplicación los mismos procedimientos y las mismas normas para los productos que estén comprendidos en el ámbito de aplicación de la legislación enumerada en el anexo II de la Decisión. Sin embargo, muchos de los instrumentos legislativos de la Unión presentados en el anexo II han sido sustituidos gradualmente por nuevos Reglamentos y Directivas de la Unión.

En 2019, el Consejo de Asociación UE-Turquía adoptó la lista relativa a los productos de la legislación técnica de la Unión que Turquía debe armonizar, tal como se decidió en las «Directrices de procedimiento sobre la aplicación de los artículos 8 y 9 de la Decisión n.o 1/95 del Consejo de Asociación CE-Turquía, de 22 de diciembre de 1995, relativa al establecimiento de la fase final de la unión aduanera» de 2014.

En 2006, el Consejo de Asociación UE-Turquía adoptó una Decisión (n.o 1/2006) que establece el nombramiento de organismos notificados turcos y el reconocimiento de los informes y los certificados de los ensayos expedidos por dichos organismos en Turquía. Las partes han firmado declaraciones que confirman que la legislación de Turquía es equivalente a la de la UE en varios Reglamentos y Directivas de nuevo enfoque.

En el ámbito no armonizado, los derechos y obligaciones de los operadores económicos que suministran productos al mercado de la UE desde Turquía quedan establecidos en la comunicación interpretativa de la Comisión titulada «Simplificación del acceso de productos al mercado de otro Estado miembro: aplicación práctica del reconocimiento mutuo» (2003/C 265/02).

El organismo de acreditación de Turquía (TURKAK) es miembro de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), con la que ha firmado varios acuerdos de reconocimiento mutuo. Los certificados expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad turcos acreditados por TURKAK deben ser considerados equivalentes a los expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad establecidos en la UE y acreditados por los organismos nacionales de acreditación de la Unión.

En el ámbito de la normalización, tanto el CEN como el Cenelec otorgaron la condición de miembro de pleno derecho al Instituto de Normas de Turquía el 1 de enero de 2012. Los miembros directos del ETSI proceden de sesenta y cinco países, entre ellos Turquía.

2.9.5.   
Retirada del reino unido de la ue
 [(81)](#ntr81-C_2022247ES.01000101-E0081)

Desde el 1 de febrero de 2020, el Reino Unido se ha retirado de la Unión Europea y ha pasado a ser un «tercer país». El Acuerdo de Retirada [(82)](#ntr82-C_2022247ES.01000101-E0082) estableció un período transitorio que finalizaba el 31 de diciembre de 2020. Se puede encontrar más información en la Comunicación de la Comisión a las partes interesadas sobre la retirada del Reino Unido y las normas de la UE en materia de productos industriales [(83)](#ntr83-C_2022247ES.01000101-E0083).

2.9.5.1.   Disposiciones de separación pertinentes

El Acuerdo de Retirada prevé determinadas disposiciones de separación pertinentes para los productos industriales. En particular, el artículo 41 del Acuerdo de Retirada establece que un bien existente e individualmente identificable introducido legalmente en el mercado de la Unión o del Reino Unido antes del final del período transitorio podrá seguir comercializándose en el mercado de la Unión o del Reino Unido y circular entre estos dos mercados hasta que llegue al usuario final. Ese bien también podrá ponerse en servicio en la Unión o el Reino Unido cuando así lo prevean las disposiciones aplicables del Derecho de la Unión.

2.9.5.2.   Situación jurídica a partir del final del período transitorio

A partir del 1 de enero de 2021, la legislación de armonización de la Unión ya no se aplica al Reino Unido. Ello tiene, en particular, las consecuencias que se exponen a continuación.

a)   Operadores económicos

Un fabricante o importador establecido en el Reino Unido ya no se considera un operador económico establecido en la Unión. Un operador económico establecido en la Unión que, antes del final del período transitorio, se consideraba distribuidor de la UE de productos recibidos del Reino Unido se ha convertido en importador a efectos de la legislación de la Unión en materia de productos en relación con los productos que introduce en el mercado de la Unión a partir del 1 de enero de 2021. Este operador debe cumplir las obligaciones más estrictas aplicables a los importadores, en particular en lo que respecta a la verificación de la conformidad de los productos y, cuando proceda, a la indicación de sus datos de contacto en el producto o en su etiqueta [(84)](#ntr84-C_2022247ES.01000101-E0084).

En algunos sectores de productos, la legislación de armonización de la Unión prevé determinados operadores económicos con tareas específicas que deben estar establecidos en la Unión, por ejemplo, los representantes autorizados, cuyo nombramiento por parte del fabricante suele ser voluntario, con excepción de los productos sanitarios [(85)](#ntr85-C_2022247ES.01000101-E0085) y los equipos marinos [(86)](#ntr86-C_2022247ES.01000101-E0086). Estos ya no pueden estar establecidos en el Reino Unido y deben estarlo en la Unión.

b)   Procedimientos de evaluación de la conformidad y organismos notificados [(87)](#ntr87-C_2022247ES.01000101-E0087)

Los antiguos organismos notificados del Reino Unido han perdido su condición de organismos notificados de la UE. Como tales, los organismos del Reino Unido ya no están en condiciones de realizar tareas de evaluación de la conformidad con arreglo a la legislación de la Unión en materia de productos.

Cuando el procedimiento de evaluación de la conformidad aplicable exija o prevea la posibilidad de intervención de terceros, es necesario un certificado expedido por un organismo notificado de la UE para los productos introducidos en el mercado de la Unión a partir del 1 de enero de 2021.

Los operadores económicos deben haber solicitado un nuevo certificado a un organismo notificado de la UE o haber organizado la transferencia del expediente y del certificado correspondiente del organismo notificado del Reino Unido a un organismo notificado de la UE, para que asuma la responsabilidad de dicho certificado antes del final del período transitorio, sobre la base de un acuerdo contractual entre el fabricante, el organismo notificado del Reino Unido y el organismo notificado de la UE.

Cuando se transfiera un certificado, tanto la declaración UE de conformidad (elaborada por el fabricante) como el certificado de organismo notificado deben actualizarse en consecuencia: estos documentos deben mencionar que el certificado se encuentra a partir de ese momento bajo la responsabilidad de un organismo notificado de la Unión e indicar los datos y el número de identificación tanto del antiguo organismo notificado del Reino Unido como del nuevo organismo notificado de la Unión.

Si la documentación del producto anteriormente mencionado está en regla, no es necesario cambiar el número del organismo notificado en el caso de los productos ya introducidos en el mercado de la Unión Europea o del Reino Unido, ni en el de los productos fabricados antes de la transferencia de certificado que no se hayan introducido aún en el mercado de la Unión Europea o del Reino Unido. Sin embargo, los productos fabricados después de la transferencia del certificado deben marcarse con el número del nuevo organismo notificado de la Unión, y no será posible seguir utilizando el número del organismo notificado del Reino Unido [(88)](#ntr88-C_2022247ES.01000101-E0088).

c)   Acreditación [(89)](#ntr89-C_2022247ES.01000101-E0089)

El servicio de acreditación del Reino Unido dejó de ser un organismo nacional de acreditación en el sentido del Reglamento n.o 765/2008 y a efectos de este a partir del final del período transitorio. En consecuencia, sus certificados de acreditación ya no se consideran «acreditación» en el sentido del Reglamento n.o 765/2008 y han dejado de ser válidos o reconocidos en la UE con arreglo a dicho Reglamento a partir del 1 de enero de 2021.

2.9.6.   
Irlanda del norte

A partir del 1 de enero de 2021, se aplica el Protocolo sobre Irlanda / Irlanda del Norte («Protocolo IE/NI») [(90)](#ntr90-C_2022247ES.01000101-E0090). El Protocolo IE/NI está sujeto al consentimiento periódico de la Asamblea Legislativa de Irlanda del Norte, y su período inicial de aplicación tiene una duración de cuatro años después del final del período transitorio [(91)](#ntr91-C_2022247ES.01000101-E0091).

El Protocolo IE/NI establece que determinadas disposiciones del Derecho de la Unión también son aplicables al Reino Unido y en él en lo que respecta a Irlanda del Norte.

El Protocolo IE/NI establece que toda la legislación de armonización de la Unión cubierta por esta guía se aplica al Reino Unido y en él en lo que respecta a Irlanda del Norte [(92)](#ntr92-C_2022247ES.01000101-E0092).

Esto significa que, en lo relativo al Derecho de la Unión aplicable al Reino Unido en lo que respecta a Irlanda del Norte en virtud del Protocolo IE/NI, debe entenderse que las referencias a la Unión incluyen a Irlanda del Norte, mientras que las referencias al Reino Unido deben entenderse como referencias hechas únicamente a Gran Bretaña [(93)](#ntr93-C_2022247ES.01000101-E0093).

Más concretamente, esto significa, entre otras cosas, lo siguiente:

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| — | Los productos introducidos en el mercado de Irlanda del Norte deben cumplir la legislación de armonización de la Unión aplicable. |

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| — | Un producto fabricado en Irlanda del Norte y enviado a la UE no es un producto importado a efectos de etiquetado e identificación de los operadores económicos o las personas responsables. |

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| — | Un producto enviado desde Gran Bretaña a Irlanda del Norte es un producto importado. |

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| — | Los importadores, los representantes autorizados y otros operadores económicos que deban estar establecidos en la Unión pueden estar establecidos en Irlanda del Norte. |

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| — | Los certificados expedidos por un organismo notificado de Gran Bretaña no son válidos en Irlanda del Norte. Sin embargo, un organismo notificado de Irlanda del Norte puede seguir certificando productos en determinadas circunstancias (véase más abajo). |

No obstante, el Protocolo IE/NI excluye la posibilidad de que el Reino Unido, con respecto a Irlanda del Norte:

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| — | participe en el proceso de elaboración y toma de decisiones de la Unión [(94)](#ntr94-C_2022247ES.01000101-E0094); |

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| — | incoe procedimientos de oposición, salvaguardia o arbitraje en la medida en que se refieran a reglamentaciones, normas, evaluaciones, registros, certificados, homologaciones y autorizaciones expedidos o llevados a cabo por Estados miembros de la UE [(95)](#ntr95-C_2022247ES.01000101-E0095); |

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| — | actúe como autoridad principal en las evaluaciones, exámenes y autorizaciones [(96)](#ntr96-C_2022247ES.01000101-E0096); |

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| — | invoque el principio del país de origen o el reconocimiento mutuo en relación con productos introducidos legalmente en el mercado de Irlanda del Norte, o con certificados expedidos por organismos establecidos en el Reino Unido [(97)](#ntr97-C_2022247ES.01000101-E0097). |

Más concretamente, este último punto significa, entre otras cosas, lo siguiente:

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| — | Los organismos establecidos en Irlanda del Norte pueden certificar productos, pero los certificados expedidos por los organismos notificados de Irlanda del Norte solo son válidos en Irlanda del Norte, y no en la Unión Europea [(98)](#ntr98-C_2022247ES.01000101-E0098). |

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| — | Cuando un producto haya sido certificado por un organismo notificado de Irlanda del Norte, debe colocarse la indicación «UK(NI)» junto al marcado CE o cualquier otro marcado de conformidad aplicable [(99)](#ntr99-C_2022247ES.01000101-E0099). Este marcado distintivo permite identificar los productos que pueden introducirse legalmente en el mercado de Irlanda del Norte, pero no de la Unión Europea. |

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| — | En un ámbito no armonizado o en el caso de los aspectos no armonizados, el principio de reconocimiento mutuo en un Estado miembro de mercancías comercializadas legalmente en otro Estado miembro con arreglo a los artículos 34 y 36 del Tratado de Funcionamiento de la Unión Europea no se aplicará a las mercancías comercializadas legalmente en Irlanda del Norte. Esto significa que la introducción legal de un producto en el mercado de Irlanda del Norte no puede invocarse cuando dicho producto se introduzca en el mercado de la Unión. No obstante, la comercialización legal de un producto en un Estado miembro puede invocarse cuando dicho producto se introduzca en el mercado de Irlanda del Norte. |

2.10.   Períodos transitorios en el caso de normas de la UE nuevas o revisadas

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| En el caso de la legislación nueva o revisada, los operadores económicos pueden recibir un plazo adicional para adaptarse a las nuevas normas, lo que se denomina un período transitorio y corresponde al lapso de tiempo entre la entrada en vigor de una nueva norma y el momento en que empieza a aplicarse. |

«Período transitorio» significa que las normas de producto existentes siguen siendo de aplicación aunque las nuevas normas ya hayan sido adoptadas. Un período transitorio puede ser iniciado por el legislador en el caso de que las normas de la UE relativas a los productos sean revisadas o sustituyan a las normas nacionales.

El objetivo del período transitorio es permitir a los fabricantes, a las autoridades nacionales y a los organismos notificados ajustarse gradualmente a los procedimientos de evaluación de la conformidad y a los requisitos jurídicos esenciales y de otro tipo establecidos por un texto legislativo nuevo o revisado y, en consecuencia, evitar el riesgo de bloquear la producción. Por otra parte, se debe conceder un tiempo a los fabricantes, los importadores y los distribuidores para ejercer los derechos que hayan adquirido en virtud de cualquier norma nacional o de la UE existente; por ejemplo, a vender sus existencias de productos fabricados en consonancia con las normas preexistentes. Finalmente, el período transitorio ofrece tiempo adicional para la revisión y adopción de las normas armonizadas, aunque esta no sea una condición previa para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión.

Cada acto legislativo de armonización de la Unión que dispone un período transitorio fija la fecha para bloquear el sistema vigente. Generalmente, se trata de la fecha de entrada en vigor de la legislación, si bien en ocasiones es la fecha en que se adopta la legislación.

Tras el período transitorio, los productos manufacturados antes de dicho período o durante él en consonancia con la legislación que será derogada ya no podrán introducirse en el mercado. Un producto que sea introducido en el mercado antes de la conclusión del período transitorio debe recibir autorización para ser comercializado o puesto en servicio [(100)](#ntr100-C_2022247ES.01000101-E0100). No obstante, la legislación de armonización de la Unión específica puede prohibir la comercialización de dichos productos si se considera necesario por motivos de seguridad u otros objetivos de la legislación.

Los productos que no fueron introducidos en el mercado antes del final del período de transposición solamente pueden ser introducidos en el mercado o puestos en servicio si cumplen íntegramente las disposiciones de la nueva legislación [(101)](#ntr101-C_2022247ES.01000101-E0101).

De conformidad con la norma general, el marcado CE es una indicación de que los productos que están sujetos a uno o varios textos legislativos de armonización de la Unión que contemplan su colocación cumplen las disposiciones de toda la legislación aplicable. No obstante, cuando uno o varios de esos textos legislativos autoricen al fabricante a elegir, durante un período transitorio, las disposiciones que aplicará, el marcado CE señalará únicamente la conformidad con los textos jurídicos aplicados por el fabricante. En consecuencia, durante un período transitorio, el marcado CE no indica necesariamente que el producto cumple todos los textos legislativos aplicables que contemplan su colocación. En ese caso, en la declaración UE de conformidad debe figurar la información concerniente a toda la legislación de armonización de la Unión aplicada por el fabricante [(102)](#ntr102-C_2022247ES.01000101-E0102).

2.11.   Disposiciones transitorias para la declaración UE de conformidad

La legislación de armonización de la UE no prevé necesariamente una solución transitoria para incluir en la declaración UE de conformidad información relativa al hecho de que se sustituye la legislación existente por otra nueva. Este es el caso de las Directivas sometidas a revisión con objeto de adaptarlas a las disposiciones de referencia de la Decisión n.o 768/2008/CE [(103)](#ntr103-C_2022247ES.01000101-E0103). Los requisitos esenciales de la mayor parte de estas Directivas no se modifican y no existe ningún período transitorio para hacer referencia a las viejas o a las nuevas Directivas. Además, en su caso, las Directivas adaptadas especifican que los certificados emitidos con arreglo a la antigua Directiva siguen siendo válidos en el marco de la nueva Directiva. En tales casos, los productos cumplirían tanto los requisitos de la antigua legislación como los de la nueva legislación. Desde su entrada en vigor, la declaración UE de conformidad debe incluir la referencia a las nuevas Directivas para que los productos introducidos en el mercado que se consideren conformes.

En la mayoría de casos, la legislación de armonización de la Unión solo especifica el contenido mínimo obligatorio de la declaración UE de conformidad, pero, en general, se acepta información adicional de utilidad. Los fabricantes pueden utilizar esta flexibilidad y empezar a usar el nuevo modelo de estructura establecido en los anexos de las Directivas adaptadas antes de su entrada en vigor. Si los productos cumplen los requisitos tanto de las antiguas como de las nuevas Directivas, los operadores económicos pueden hacer referencia a las dos Directivas en la declaración UE de conformidad (Directivas antigua y adaptada), indicando los correspondientes períodos de aplicación de cada una de las Directivas. Por ejemplo, para un producto perteneciente al ámbito de la Directiva 2014/30/UE, la declaración UE de conformidad podría incluir la siguiente declaración:

«El objeto de la declaración descrito anteriormente es conforme a la legislación de armonización de la Unión pertinente: la Directiva 2004/108/CE (hasta el 19 de abril de 2016) y la Directiva 2014/30/UE (a partir del 20 de abril de 2016)».

2.12.   Ejemplos de resumen

Los ejemplos que se mencionan a continuación son completamente hipotéticos y solo pretenden ilustrar las diferentes cuestiones explicadas en los puntos anteriores.

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| 1. | Una máquina de rayos X fabricada en los Estados Unidos que se ha vendido a un hospital de los Países Bajos el 15 de marzo de 2019, pero que solo llegará a la aduana neerlandesa el 5 de abril de 2019. El fabricante establecido fuera de la UE vende el producto directamente al cliente de la UE a través de ventas a distancia.  En este caso, la fecha de introducción de la máquina de rayos X en el mercado es el 15 de marzo de 2019. Esta es la fecha en la que un usuario final de la UE compró un producto ya fabricado a un fabricante establecido fuera de la UE, y se realizó y aceptó el pedido de un producto listo para ser enviado. (Véase el punto 2.4, Comercialización e introducción en el mercado en el caso de las ventas a distancia y en línea) |

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| 2. | Una impresora fabricada en China se envía a la UE a un importador español el 15 de febrero de 2019 para su posterior distribución en la Unión y se despacha a libre práctica en la UE el 15 de marzo de 2019. El producto es fabricado fuera de la UE e introducido en el mercado de la Unión por un importador. En este caso, la fecha de introducción en el mercado es el 15 de marzo de 2019, la fecha de despacho a libre práctica. (Véase el punto 2.5, Productos importados desde países no pertenecientes a la UE) |

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| 3. | Un juguete fabricado en la UE y enviado a la filial de distribución del fabricante el 20 de octubre de 2019. El producto es fabricado en la Unión e introducido en el mercado por el fabricante de la UE. Incluso si el distribuidor pertenece al fabricante, la fecha de introducción en el mercado es el 20 de octubre de 2019, la fecha en que el producto se suministra por primera vez para su distribución en el mercado de la Unión. (Véase el punto 2.3, Introducción en el mercado) |

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| 4. | Un taxímetro fabricado en la UE, vendido a un distribuidor el 10 de enero de 2019. Los nuevos requisitos legislativos son aplicables a partir del 1 de marzo de 2019. Se instala en un taxi el 20 de marzo de 2019. En este ejemplo, la fecha de introducción en el mercado es, siguiendo el mismo razonamiento que en el ejemplo anterior, el 10 de enero de 2019. Aún puede ponerse en servicio a pesar de que los nuevos requisitos entraron en vigor el 1 de marzo de 2019 (salvo disposición en contrario en la nueva legislación de armonización de la Unión). [Véase el punto 2.6, Puesta en servicio o uso (e instalación)] |

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| 5. | El 1 de abril de 2019, un usuario final de la UE pide una máquina terminada sobre la base de una oferta/modelo en un catálogo. La máquina se fabrica posteriormente en China y se envía al usuario final el 1 de junio de 2019. Llega a la aduana el 20 de junio de 2019. El fabricante establecido fuera de la UE vende el producto directamente al cliente de la UE a través de ventas a distancia. En este ejemplo, la fecha de introducción en el mercado es el 1 de junio de 2019. Esta es la fecha en la que el producto que compró un usuario final de la UE a un fabricante establecido fuera de la UE ya está fabricado y listo para ser enviado. (Véase el punto 2.4, Comercialización e introducción en el mercado en el caso de las ventas a distancia y en línea) |

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| 6. | Un fabricante de ordenadores personales de la UE suministra una serie de su propia producción de PC para el uso de sus empleados el 1 de febrero de 2019. Estos productos se suministran para su uso en el mercado de la Unión y, por tanto, se introducen en el mercado el 1 de febrero de 2019. (Véase el punto 2.3, Introducción en el mercado) |

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| 7. | Un fabricante de juguetes establecido fuera de la UE envía 100 juguetes del mismo modelo a un prestador de servicios logísticos el 15 de marzo de 2019 y se despachan a libre práctica el 20 de marzo de 2019. El fabricante comienza a vender estos productos en su sitio web a partir del 1 de abril de 2019. Los productos se fabrican fuera de la UE y se transfieren físicamente a un prestador de servicios logísticos para su distribución en el mercado de la Unión. En este ejemplo, la fecha de introducción en el mercado es el 20 de marzo de 2019, la fecha de despacho a libre práctica. (Véase el punto 2.4, Comercialización e introducción en el mercado en el caso de las ventas a distancia y en línea) |

3.   LOS AGENTES DE LA CADENA DE SUMINISTRO DE PRODUCTOS Y SUS OBLIGACIONES

La legislación de armonización de la Unión define al fabricante, al representante autorizado, al importador y al distribuidor como «agentes económicos» [(104)](#ntr104-C_2022247ES.01000101-E0104). Además, el Reglamento (UE) 2019/1020 también incluye en esta categoría al prestador de servicios logísticos o cualquier otra persona física o jurídica sujeta a obligaciones en relación con la fabricación de productos, su comercialización o su puesta en servicio de conformidad con la legislación de armonización de la Unión aplicable.

3.1.   Fabricante

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| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante es toda persona física o jurídica que fabrica un producto o que manda diseñar o fabricar ese producto y lo introduce en el mercado con su nombre o marca comercial. |  |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante es responsable de la evaluación de la conformidad del producto y está sujeto a una serie de obligaciones que incluyen requisitos en materia de trazabilidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando introduce un producto en el mercado de la Unión, las responsabilidades del fabricante son las mismas si está establecido fuera de la Unión Europea que si lo está en un Estado miembro. |  |  |  | | --- | --- | | — | En caso de que un producto entrañe un riesgo o no sea conforme, el fabricante debe cooperar con las autoridades nacionales competentes a cargo de la vigilancia del mercado. | |

El fabricante es toda persona física o jurídica responsable del diseño o la fabricación de un producto, que lo introduce en el mercado con su nombre o marca comercial [(105)](#ntr105-C_2022247ES.01000101-E0105). La definición incluye dos condiciones acumulativas: la persona debe fabricar (o encargar la fabricación) y comercializar el producto con su propio nombre o marca comercial. Por lo tanto, si el producto se comercializa con el nombre o la marca comercial de otra persona, se considerará que el fabricante es esa otra persona.

Las responsabilidades del fabricante son también de aplicación a cualquier persona física o jurídica que monte, embale, procese o etiquete productos prefabricados y los introduzca en el mercado con su propio nombre o marca comercial. Por otra parte, la responsabilidad del fabricante corresponderá a cualquier persona que cambie el uso previsto de un producto de tal manera que sean aplicables distintos requisitos esenciales o de otro tipo, o que modifique sustancialmente o rehaga un producto (creando así un producto nuevo), con vistas a introducirlo en el mercado o ponerlo en servicio en aquellos casos en los que el ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión aplicable al producto incluye la puesta en servicio [(106)](#ntr106-C_2022247ES.01000101-E0106).

El propio fabricante puede diseñar y fabricar el producto o, como alternativa, puede encargar su diseño, fabricación, montaje, embalaje, transformación o etiquetado con vistas a introducirlo en el mercado con su propio nombre o marca comercial y así presentarse a sí mismo como fabricante [(107)](#ntr107-C_2022247ES.01000101-E0107). Cuando se recurre a la subcontratación, el fabricante debe conservar el control general del producto y asegurarse de que recibe toda la información necesaria para cumplir sus responsabilidades de conformidad con el acto de armonización de la Unión pertinente. El fabricante que subcontrata alguna o todas sus actividades no puede, bajo ninguna circunstancia, liberarse de sus responsabilidades, por ejemplo, atribuyéndolas a un representante autorizado, un distribuidor, un usuario o un subcontratista.

El fabricante es el responsable último de la conformidad del producto con la legislación de armonización de la Unión aplicable, tanto si ha diseñado y fabricado el producto él mismo como si se le considera el fabricante porque el producto ha sido introducido en el mercado con su nombre o marca comercial.

Así, si un producto es transferido a un fabricante para la realización de nuevas acciones, como el montaje, el embalaje, la transformación o el etiquetado, cuando se introduce este producto en el mercado, tiene la responsabilidad exclusiva y última de garantizar la conformidad del producto con la legislación aplicable, y debe ser capaz de hacerlo.

El fabricante es responsable de diseñar y fabricar el producto de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos establecidos por la legislación de armonización de la Unión pertinente y de llevar a cabo la evaluación de la conformidad de acuerdo con el (o los) procedimiento(s) establecido(s) por dicha legislación [(108)](#ntr108-C_2022247ES.01000101-E0108).

El fabricante está obligado a comprender tanto el diseño como la construcción del producto para estar en condiciones de asumir la responsabilidad de que el producto cumple todas las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión pertinente. Esto se aplica tanto a las situaciones en las que el propio fabricante diseña, fabrica, embala y etiqueta el producto como a las situaciones en las que todas o algunas de estas actividades son desarrolladas por un subcontratista. El fabricante necesita disponer de la información pertinente para demostrar la conformidad del producto.

En este sentido, y a efectos de la legislación de armonización de la Unión, el operador económico que introduce el producto en el mercado con su nombre o marca comercial pasa a ser automáticamente el fabricante. Por tanto, asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto, incluso si estas fases las ha llevado a cabo otra persona. Además, ha de estar en posesión de toda la documentación (como la documentación técnica, incluidos los informes de los ensayos pertinentes) y todos los certificados necesarios para demostrar la conformidad del producto, aunque no es necesario que dichos documentos estén a su nombre. En tales casos, debe quedar claro que la documentación y los certificados demuestran la conformidad del producto específico introducido en el mercado.

La Directiva 2014/33/UE, sobre ascensores, define al instalador de un ascensor como «la persona física o jurídica que asume la responsabilidad del diseño, fabricación, instalación e introducción en el mercado del ascensor». Por tanto, el instalador es una persona que asume responsabilidades que, en el contexto de otra legislación de armonización de la Unión, corresponden generalmente al fabricante.

La legislación de armonización de la Unión no exige que el fabricante tenga su sede en la Unión Europea. Por tanto, cuando introduce un producto en el mercado de la Unión, las responsabilidades del fabricante son las mismas si está establecido fuera de la Unión Europea que si lo está en un Estado miembro.

Por norma general, cuando introduce un producto en el mercado, el fabricante debe adoptar todas las medidas necesarias para asegurarse de que el proceso de fabricación garantiza la conformidad de los productos [(109)](#ntr109-C_2022247ES.01000101-E0109) y, en particular, debe:

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| 1. | Llevar a cabo la evaluación de la conformidad aplicable o encargar que se lleve a cabo, de conformidad con el (los) procedimiento(s) establecido(s) por la legislación de armonización de la Unión pertinente. Dependiendo del acto de armonización de la Unión, se puede exigir al fabricante que presente el producto a un tercero (habitualmente, un organismo notificado) para que realice la evaluación de la conformidad, o que disponga de un sistema de calidad aprobado por un organismo notificado. En cualquier caso, el fabricante es plenamente responsable de la conformidad del producto. |

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| 2. | Redactar la documentación técnica requerida. |

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| 3. | Redactar la declaración UE de conformidad. |

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| 4. | Acompañar el producto con instrucciones e información de seguridad [(110)](#ntr110-C_2022247ES.01000101-E0110) , [(111)](#ntr111-C_2022247ES.01000101-E0111) según lo requiera la legislación de armonización de la Unión aplicable [(112)](#ntr112-C_2022247ES.01000101-E0112), en una lengua fácilmente comprensible para los consumidores y otros usuarios finales, según lo determine el Estado miembro implicado [(113)](#ntr113-C_2022247ES.01000101-E0113). Salvo que la legislación específica indique lo contrario, tanto si el producto está dirigido a los consumidores como a otros usuarios finales, es necesario suministrar instrucciones e información de seguridad [(114)](#ntr114-C_2022247ES.01000101-E0114). Esto debe incluir toda la información necesaria para el uso seguro del producto, a fin de permitir al consumidor montar, instalar, manejar, almacenar, mantener y deshacerse del producto. Las instrucciones de montaje o instalación deben incluir un inventario de las piezas e indicar las aptitudes o herramientas especiales necesarias. Las instrucciones de funcionamiento deben incluir información sobre las restricciones a la utilización, la necesidad de equipos de protección individual, el mantenimiento y la limpieza o la reparación. Corresponde al fabricante determinar la información pertinente que debe incluirse en las instrucciones y la información de seguridad de un producto concreto. Los fabricantes deben mirar más allá de lo que ellos consideran el uso previsto de un producto y ponerse en el lugar del usuario medio de un producto particular, para así prever de manera razonable cuál será el uso del producto. Por otra parte, una herramienta diseñada y destinada a ser usada solo por profesionales también podría ser utilizada por no profesionales; el diseño y las instrucciones que lo acompañan deben tener en cuenta esta posibilidad. Las instrucciones y la información de seguridad deben ser claras, comprensibles e inteligibles. |

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| 5. | Cumplir los siguientes requisitos en materia de trazabilidad:   |  |  | | --- | --- | | — | Conservar la documentación técnica y la declaración UE de conformidad durante diez años después de que el producto haya sido introducido en el mercado [(115)](#ntr115-C_2022247ES.01000101-E0115) o durante el período especificado en el acto de armonización de la Unión pertinente. |  |  |  | | --- | --- | | — | Asegurarse de que el producto presenta un número de tipo, lote o serie u otro elemento que permita su identificación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Indicar los elementos siguientes: 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) una dirección postal de contacto única en el producto [(116)](#ntr116-C_2022247ES.01000101-E0116) o, cuando no resulte posible debido al tamaño o a las características físicas de los productos [(117)](#ntr117-C_2022247ES.01000101-E0117), en el envase [(118)](#ntr118-C_2022247ES.01000101-E0118) o en la documentación adjunta [(119)](#ntr119-C_2022247ES.01000101-E0119) , [(120)](#ntr120-C_2022247ES.01000101-E0120) , [(121)](#ntr121-C_2022247ES.01000101-E0121). No es necesario que el punto de contacto único esté situado en el Estado miembro en el que se comercializa el producto. | |

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| 6. | Colocar el marcado de conformidad (el marcado CE y, si procede, otros marcados [(122)](#ntr122-C_2022247ES.01000101-E0122)) en el producto con arreglo a la legislación aplicable. |

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| 7. | Asegurarse de que existen procedimientos para que la producción en serie mantenga su conformidad. Deben tomarse debidamente consideración los cambios en el diseño o las características del producto y los cambios en las normas armonizadas u otras especificaciones técnicas con arreglo a las cuales se declara la conformidad de un producto. El tipo de acción que el fabricante debe adoptar depende de la naturaleza de los cambios en las normas armonizadas u otras especificaciones técnicas, en especial si esos cambios son importantes con respecto a la cobertura de los requisitos esenciales o de otros requisitos jurídicos o si afectan al producto correspondiente. Esto podría requerir, por ejemplo, actualizar la declaración UE de conformidad, cambiar el diseño del producto, ponerse en contacto con el organismo notificado [(123)](#ntr123-C_2022247ES.01000101-E0123), etc.; |

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| 8. | llegado el caso, certificar el producto o el sistema de calidad. |

En virtud de determinados actos de armonización de la Unión, se puede exigir al fabricante que lleve a cabo pruebas por muestreo al final de la cadena de producción o de los productos ya comercializados para ofrecer una protección adicional a los consumidores o a otros usuarios finales [(124)](#ntr124-C_2022247ES.01000101-E0124), [(125)](#ntr125-C_2022247ES.01000101-E0125).

Los fabricantes que consideren o tengan motivos para pensar que un producto que han introducido en el mercado no cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable deben adoptar inmediatamente las medidas correctoras necesarias para hacerlo conforme, retirarlo del mercado o recuperarlo, si procede. Por otra parte, cuando los fabricantes tengan motivos para pensar que el producto presenta un riesgo para la salud, la seguridad, el medio ambiente u otro interés público protegido por la legislación aplicable [(126)](#ntr126-C_2022247ES.01000101-E0126), deben informar inmediatamente de ello a las autoridades nacionales competentes de los Estados miembros en los que hayan comercializado el producto, dando detalles, en particular, sobre el incumplimiento y cualquier medida correctora adoptada. La Comisión proporciona una herramienta informática, el portal «Product Safety Business Alert Gateway», para facilitar los aspectos prácticos de esta obligación [(127)](#ntr127-C_2022247ES.01000101-E0127).

Tras una solicitud motivada [(128)](#ntr128-C_2022247ES.01000101-E0128), el fabricante debe facilitar a la autoridad nacional competente toda la información y la documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto en una lengua que dicha autoridad pueda comprender fácilmente. Esto incluye, por ejemplo, la declaración de conformidad, la parte pertinente de la documentación técnica o los certificados expedidos por los organismos notificados. Si se acuerda con las autoridades de vigilancia del mercado, esta información puede transmitirse por vía electrónica. Los fabricantes deben cooperar con la autoridad, a petición de esta, en cualquier medida destinada a eliminar o mitigar los riesgos que presenten los productos que han introducido en el mercado. A petición de las autoridades de vigilancia del mercado, los fabricantes deben identificar a cualquier operador económico al que hayan suministrado un producto. Deben estar en condiciones de facilitar esta información durante un período de diez años después de haber suministrado el producto.

La autoridad nacional podría aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua escogida está sujeta a negociación con la autoridad y podría ser una tercera lengua, si fuese aceptada por la autoridad.

En el caso de una solicitud motivada, es suficiente con que el fabricante facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento alegado, apropiada para demostrar si el fabricante se ha ocupado o no de este asunto. Por tanto, cualquier petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a esa parte de la documentación. La petición puede indicar un plazo para la recepción de la documentación, dependiendo de la legislación de armonización de la Unión a la que esté sujeto el producto. Puede establecerse un plazo menor si la autoridad nacional justifica la urgencia por la inminencia de un riesgo grave.

Si la legislación de armonización de la Unión regula la puesta en servicio, la persona física o jurídica que pone el producto en servicio tiene las mismas responsabilidades que un fabricante que introduce un producto en el mercado. Debe garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión y que se ha llevado a cabo un procedimiento de evaluación de la conformidad [(129)](#ntr129-C_2022247ES.01000101-E0129) adecuado.

Por otra parte, una persona que introduce en el mercado de la Unión productos de segunda mano procedentes de un tercer país, o cualquier producto no diseñado o fabricado para el mercado de la Unión, debe asumir el papel de fabricante.

Finalmente, si un importador o distribuidor modifica un producto en tal medida que podría afectar al cumplimiento de los requisitos aplicables, o lo suministra con su nombre o su marca comercial, será considerado como el fabricante y deberá asumir todas las obligaciones que incumben a este [(130)](#ntr130-C_2022247ES.01000101-E0130). Por consiguiente, debe garantizar que el producto cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable y que se ha llevado a cabo un procedimiento de evaluación de la conformidad [(131)](#ntr131-C_2022247ES.01000101-E0131) adecuado.

3.2.   Representante autorizado

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| Con independencia de si está establecido en la UE o no, el fabricante puede nombrar a un representante autorizado en la Unión para que actúe en su nombre ejecutando determinadas tareas. |

Tanto si está establecido en la UE como si no, el fabricante puede nombrar a un representante autorizado en la Unión para que actúe en su nombre ejecutando determinadas tareas requeridas por la legislación de armonización de la Unión aplicable [(132)](#ntr132-C_2022247ES.01000101-E0132). Un fabricante establecido fuera de la Unión Europea no está obligado a tener un representante autorizado [(133)](#ntr133-C_2022247ES.01000101-E0133).

A efectos de la legislación de armonización de la Unión, para poder actuar en nombre del fabricante, el representante autorizado debe estar establecido dentro de la Unión. Los representantes comerciales del fabricante (como los distribuidores o agentes autorizados) no deben ser confundidos con el representante autorizado en el sentido de la legislación de armonización de la Unión.

La delegación de tareas por parte del fabricante en el representante autorizado debe ser explícita y estar recogida por escrito, en particular para definir el contenido y los límites de las tareas del representante. Las tareas que pueden ser delegadas en el representante autorizado de conformidad con la legislación de armonización de la Unión son de naturaleza administrativa. Así pues, el fabricante no puede delegar las medidas necesarias para asegurarse de que el proceso de fabricación garantiza la conformidad de los productos, ni tampoco la elaboración de la documentación técnica, a menos que se disponga lo contrario. Por otra parte, un representante autorizado no puede modificar el producto por iniciativa propia para adaptarlo a la legislación de armonización de la Unión aplicable.

En los casos en que el fabricante designe un representante autorizado, el mandato le permitirá, por lo menos, llevar a cabo las siguientes tareas:

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| — | tener la declaración UE de conformidad y la documentación técnica a disposición de las autoridades nacionales de vigilancia y cooperar con ellas si lo solicitan; |

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| — | sobre la base de una solicitud motivada de una autoridad nacional competente, facilitar a dicha autoridad toda la información y documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto; |

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| — | cooperar con las autoridades nacionales competentes, a petición de estas, en cualquier medida destinada a eliminar los riesgos que planteen los productos sujetos a su mandato. |

En función del procedimiento de evaluación de la conformidad o del acto de armonización de la Unión correspondiente, el representante autorizado también puede, por ejemplo, ser nombrado para realizar tareas, especificadas en el mandato escrito, como:

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| — | colocar el marcado CE (y otros marcados, si procede) y el número del organismo notificado en el producto, |

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| — | redactar y firmar la declaración UE de conformidad, |

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| — | actuar como el operador económico al que se refiere el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 para llevar a cabo las tareas establecidas en el apartado 3 de dicho artículo. |

El representante autorizado que es nombrado por un fabricante puede ser un importador o un distribuidor en el sentido de la legislación de armonización de la UE, en cuyo caso también debe cumplir las obligaciones del importador o del distribuidor [(134)](#ntr134-C_2022247ES.01000101-E0134).

3.3.   Importador

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| |  |  | | --- | --- | | — | El importador es toda persona física o jurídica establecida en la Unión que introduce en el mercado de la Unión un producto de un tercer país. |  |  |  | | --- | --- | | — | Sus obligaciones se basan en las obligaciones del fabricante. | |

El importador es el operador económico establecido en la Unión que introduce en el mercado de la Unión un producto de un tercer país. Tiene unas responsabilidades importantes y claramente definidas en virtud de la legislación de armonización de la Unión [(135)](#ntr135-C_2022247ES.01000101-E0135)
, [(136)](#ntr136-C_2022247ES.01000101-E0136). En gran medida, se basan en el tipo de responsabilidades a las que está sujeto un fabricante establecido en la UE.

El importador debe asegurarse de que el fabricante ha cumplido correctamente sus obligaciones. El importador no es un mero revendedor de productos, sino que desempeña un papel clave a la hora de garantizar la conformidad de los productos importados.

El importador se define como cualquier persona física o jurídica que introduce en el mercado de la Unión un producto procedente de un tercer país. Por norma general, antes de introducir un producto en el mercado, el importador debe asegurarse de que:

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| 1. | El fabricante ha seguido un procedimiento de evaluación de la conformidad apropiado. Si alberga alguna duda sobre la conformidad del producto, debe abstenerse de introducirlo en el mercado. Si el producto ya ha sido introducido en el mercado, debe adoptar medidas correctoras [(137)](#ntr137-C_2022247ES.01000101-E0137). En ambos casos, podría ser necesario ponerse en contacto con el fabricante para aclarar cualquier duda acerca de la conformidad del producto. |

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| 2. | El fabricante ha redactado la documentación técnica, ha colocado el marcado de conformidad pertinente (por ejemplo, el marcado CE), ha cumplido sus obligaciones en materia de trazabilidad y, si procede, ha acompañado el producto con instrucciones e información de seguridad en una lengua fácilmente comprensible por parte de los consumidores y otros usuarios finales, según determinan los Estados miembros implicados [(138)](#ntr138-C_2022247ES.01000101-E0138). |

Estas obligaciones deben garantizar que los importadores sean conscientes de su responsabilidad de introducir en el mercado solamente productos conformes [(139)](#ntr139-C_2022247ES.01000101-E0139). No implican la necesidad de que los importadores recurran sistemáticamente a ensayos (por parte de terceros) o a procedimientos de control adicionales, ni tampoco les impiden hacerlo.

Asimismo, el importador debe:

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| — | Indicar los dos elementos siguientes: 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no resulte posible debido a su tamaño o características físicas o porque se tendría que abrir el envase, en el envase o [(140)](#ntr140-C_2022247ES.01000101-E0140) en la documentación adjunta [(141)](#ntr141-C_2022247ES.01000101-E0141). Al hacer esto, no debe impedir la visibilidad de cualquier información de seguridad impresa en el producto o en la documentación adjunta. |

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| — | Asegurarse de que, mientras sean responsables de un producto, las condiciones de almacenamiento o transporte no comprometan el cumplimiento de los requisitos establecidos en la legislación aplicable. |

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| — | Conservar una copia de la declaración UE de conformidad durante diez años después de que el producto haya sido introducido en el mercado [(142)](#ntr142-C_2022247ES.01000101-E0142) o durante el período especificado en el acto de armonización de la Unión pertinente. |

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| — | Garantizar que la documentación técnica pueda ponerse a disposición de la autoridad nacional competente a petición de esta [(143)](#ntr143-C_2022247ES.01000101-E0143). El importador debe cooperar con dicha autoridad y, tras una solicitud motivada [(144)](#ntr144-C_2022247ES.01000101-E0144), debe facilitar a la autoridad toda la información y la documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto en una lengua que dicha autoridad pueda comprender fácilmente. La autoridad nacional podría aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua escogida está sujeta a negociación con la autoridad y podría ser una tercera lengua, si fuese aceptada por la autoridad. |

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| — | En el caso de una solicitud motivada, es suficiente con que el importador facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento alegado y apropiada para demostrar si el fabricante se ha ocupado o no de este asunto. Por tanto, cualquier petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a esa parte de la documentación. |

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| --- | --- |
| — | identificar, previa petición de las autoridades de vigilancia del mercado, a cualquier operador económico que le haya suministrado y al que haya suministrado el producto. Debe estar en condiciones de presentar esta información durante un período de diez años después de habérsele suministrado el producto y durante un período de diez años después de que haya suministrado el producto. |

Por otra parte, en virtud de determinados actos de armonización de la Unión, se puede exigir al importador que, al igual que un fabricante, lleve a cabo o encargue pruebas por muestreo de los productos ya introducidos en el mercado [(145)](#ntr145-C_2022247ES.01000101-E0145).

De igual manera, los importadores que tengan motivos para pensar que un producto que han introducido en el mercado no es conforme con la legislación de armonización de la Unión aplicable deben adoptar inmediatamente las medidas correctoras necesarias para hacerlo conforme, retirarlo del mercado o recuperarlo, si procede. Asimismo, cuando el producto entrañe un riesgo, los importadores deben informar inmediatamente a las autoridades nacionales competentes.

El importador no necesita un mandato del fabricante ni una relación preferencial con el fabricante, como es el caso del representante autorizado. No obstante, el importador debe garantizar, para cumplir sus responsabilidades, que se puede establecer contacto con el fabricante (por ejemplo, para poner la documentación técnica a disposición de la autoridad que la solicite).

El importador puede realizar tareas administrativas en nombre del fabricante. En tal caso, debe ser nombrado explícitamente por el fabricante para convertirse en representante autorizado.

3.4.   Distribuidor

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| |  |  | | --- | --- | | — | El distribuidor es una persona física o jurídica de la cadena de suministro, distinta del fabricante o el importador, que comercializa un producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los distribuidores están sujetos a obligaciones específicas y tienen un papel clave en el contexto de la vigilancia del mercado. | |

Junto a los fabricantes y los importadores, los distribuidores son la tercera categoría de operadores económicos sujetos a obligaciones específicas. El distribuidor es una persona física o jurídica de la cadena de suministro, distinta del fabricante o el importador, que comercializa un producto.

No se exige que los minoristas, mayoristas y otros distribuidores de la cadena de suministro tengan una relación preferencial con el fabricante, como es el caso del representante autorizado. Un distribuidor adquiere productos para su posterior distribución a un fabricante, a un importador o bien a otro distribuidor.

Los distribuidores han de actuar con el debido cuidado [(146)](#ntr146-C_2022247ES.01000101-E0146) en relación con los requisitos aplicables [(147)](#ntr147-C_2022247ES.01000101-E0147). Deben saber, por ejemplo, en qué productos debe figurar el marcado CE, qué información debe acompañar al producto (por ejemplo, la declaración UE de conformidad), cuáles son los requisitos en materia de lenguas para el etiquetado, las instrucciones de uso u otra documentación adjunta, y qué es un indicio claro de que el producto no es conforme. Los distribuidores tienen la obligación de demostrar a la autoridad nacional de vigilancia del mercado que han actuado con el debido cuidado y deben garantizar que el fabricante, su representante autorizado o la persona que les suministra el producto ha adoptado las medidas requeridas por la legislación de armonización de la Unión aplicable indicadas en las obligaciones para los distribuidores.

La evaluación de la conformidad, la redacción y la conservación de la declaración UE de conformidad y la documentación técnica siguen siendo responsabilidad del fabricante o del importador en lo referente a conservar la declaración de conformidad en el caso de los productos procedentes de terceros países. Las obligaciones del distribuidor no incluyen comprobar si un producto ya introducido en el mercado sigue cumpliendo las obligaciones jurídicas actualmente aplicables en el caso de que estas hayan cambiado. Las obligaciones del distribuidor hacen referencia a la legislación vigente cuando el producto fue introducido en el mercado por parte del fabricante o del importador, a menos que la legislación específica disponga algo distinto.

El distribuidor debe ser capaz de identificar al fabricante, a su representante autorizado, al importador o a la persona que le ha suministrado el producto con el fin de ayudar a la autoridad de vigilancia del mercado en su intento de obtener la declaración UE de conformidad y las partes necesarias de la documentación técnica. Las autoridades de vigilancia del mercado tienen la posibilidad de dirigir su petición de documentación técnica directamente al distribuidor. Sin embargo, no se espera que este último disponga de la documentación pertinente.

Antes de comercializar un producto, el distribuidor debe verificar los siguientes requisitos formales [(148)](#ntr148-C_2022247ES.01000101-E0148):

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| — | que el producto está provisto del (de los) marcado(s) de conformidad requerido(s) (por ejemplo, el marcado CE); |

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| — | que el producto va acompañado de la documentación pertinente (por ejemplo, la declaración UE de conformidad [(149)](#ntr149-C_2022247ES.01000101-E0149)) y de instrucciones e información de seguridad [(150)](#ntr150-C_2022247ES.01000101-E0150) en una lengua que sea fácilmente comprensible por parte de los consumidores y otros usuarios finales si así lo exige la legislación aplicable; |

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| — | que el fabricante y el importador han indicado 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no resulte posible debido al tamaño o a las características físicas de los productos, en su envase o en la documentación adjunta [(151)](#ntr151-C_2022247ES.01000101-E0151), y que el producto presenta un número de tipo, lote o serie u otro elemento que permita su identificación. |

Los distribuidores no deben suministrar productos cuando sepan o supongan, debido a la información en su poder y como profesionales, que no son conformes a la legislación. Asimismo, deben cooperar con la autoridad competente en las medidas adoptadas para evitar o minimizar estos riesgos e informar al fabricante o al importador, así como a las autoridades nacionales competentes [(152)](#ntr152-C_2022247ES.01000101-E0152).

Los distribuidores están sujetos a obligaciones similares una vez el producto se comercializa. Si tienen motivos razonables para pensar que un producto no es conforme, deben velar por que el fabricante o el importador adopten las medidas correctoras para hacerlo conforme, y deben informar a las autoridades nacionales competentes. Los distribuidores deben ponerse en contacto con el importador o el fabricante para aclarar sus dudas sobre la conformidad del producto.

Además de controlar la conformidad del producto con los requisitos formales, el distribuidor debe:

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| 1. | adoptar medidas correctoras cuando exista sospecha de no conformidad [(153)](#ntr153-C_2022247ES.01000101-E0153); |

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| 2. | ayudar a las autoridades de vigilancia del mercado a identificar al fabricante o al importador responsable del producto; |

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| 3. | sobre la base de una solicitud motivada [(154)](#ntr154-C_2022247ES.01000101-E0154) de una autoridad competente, cooperar con dicha autoridad y facilitarle toda la información y la documentación necesarias para demostrar la conformidad de un producto [(155)](#ntr155-C_2022247ES.01000101-E0155); |

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| 4. | a petición de las autoridades de vigilancia del mercado, identificar a cualquier operador económico que le haya suministrado y al que haya suministrado el producto; debe estar en condiciones de presentar esta información durante un período de diez años después de habérsele suministrado el producto y durante un período de diez años tras haber suministrado el producto [(156)](#ntr156-C_2022247ES.01000101-E0156). |

Las condiciones de distribución (por ejemplo, el transporte o el almacenamiento) pueden incidir en el mantenimiento de la conformidad con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable. Así pues, la persona a cargo de las condiciones de distribución debe adoptar las medidas necesarias para proteger la conformidad del producto. Esto se hace para garantizar que el producto cumple los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos en el momento de su primer uso dentro de la Unión [(157)](#ntr157-C_2022247ES.01000101-E0157).

En ausencia de legislación de armonización de la Unión, las condiciones de distribución pueden estar reguladas, en cierta medida, a nivel nacional de conformidad con los artículos 34 y 36 del TFUE. La legislación nacional que reconoce a los miembros de una profesión específica el derecho exclusivo a distribuir determinados productos es susceptible, en la medida en que restringe las ventas a determinados canales, de afectar a las posibilidades de comercialización de productos importados. Por consiguiente, dicha legislación puede constituir una medida con un efecto equivalente a una restricción cuantitativa de las importaciones. Sin embargo, puede justificarse, entre otras cosas, por razones de protección de la salud pública, si la medida es apropiada para ese fin y si no va más allá de lo necesario para lograrlo [(158)](#ntr158-C_2022247ES.01000101-E0158).

3.5.   Prestadores de servicios logísticos

El Reglamento (UE) 2019/1020 incluye a los prestadores de servicios logísticos como otra categoría de operadores económicos. Los prestadores de servicios logísticos son toda persona física o jurídica que ofrezca, en el curso de su actividad comercial, al menos dos de los siguientes servicios: almacenar, embalar, dirigir y despachar, sin tener la propiedad de los productos en cuestión. Los servicios elegibles no incluyen los servicios postales [(159)](#ntr159-C_2022247ES.01000101-E0159), los servicios de paquetería [(160)](#ntr160-C_2022247ES.01000101-E0160) o cualquier otro servicio postal o de transporte de mercancías [(161)](#ntr161-C_2022247ES.01000101-E0161). Los prestadores de servicios logísticos establecidos en la UE suelen utilizarse para almacenar productos ofrecidos por operadores en línea para garantizar su rápida entrega a los consumidores de la UE. Estas entidades prestan un servicio a otros operadores económicos. Almacenan los productos y, previa recepción de los pedidos, los embalan y los envían (despachan) a los clientes. A veces, también se encargan de tramitar las devoluciones. Los servicios logísticos pueden ofrecerse con arreglo a un amplio abanico de posibles modalidades de funcionamiento. Algunos ofrecen todos los servicios mencionados anteriormente, mientras que otros solo los cubren parcialmente. También difieren en tamaño y ámbito operativo, desde operadores globales hasta microempresas. Las actividades de los prestadores de servicios logísticos van más allá de las realizadas por los prestadores de servicios de paquetería, que proporcionan servicios de despacho, clasificación, transporte y entrega de paquetes.

Los prestadores de servicios logísticos se consideran operadores económicos en virtud del Reglamento (UE) 2019/1020 y deben cooperar con las autoridades de vigilancia del mercado en relación con los productos que manipulan [(162)](#ntr162-C_2022247ES.01000101-E0162). Cuando el producto esté incluido en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020, el prestador de servicios logísticos establecido en la Unión se convierte en el operador económico con arreglo a dicho artículo 4 con respecto a los productos que manipula, cuando no exista ningún fabricante, importador o representante autorizado establecido en la Unión y responsable de dichos productos de conformidad con el artículo 4, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020.

Habida cuenta de la variedad de prestadores de servicios logísticos y de los servicios que proporcionan, el análisis del modelo económico de determinados operadores y del alcance de sus actividades puede llevar a concluir que también son distribuidores, importadores o representantes autorizados.

3.6.   El operador económico a que se refiere el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 [(163)](#ntr163-C_2022247ES.01000101-E0163)

Básicamente, el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 exige que, en relación con determinados productos introducidos en el mercado de la Unión, haya un operador económico en la Unión que facilite información a las autoridades o adopte determinadas medidas cuando así se le solicite. Esto es aplicable a partir del 16 de julio de 2021.

El operador económico a que se refiere el artículo 4 es necesario cuando un producto entra en el ámbito de aplicación de una o varias Directivas o Reglamentos mencionados en el artículo 4, apartado 5, del Reglamento (UE) 2019/1020 u otra legislación que haga referencia explícita al artículo 4 [(164)](#ntr164-C_2022247ES.01000101-E0164), a fin de introducir el producto en el mercado de la Unión.

Hay cuatro tipos de operadores económicos que pueden actuar como el operador económico contemplado en el artículo 4: i) un fabricante establecido en la Unión; ii) un importador (por definición, establecido en la Unión), cuando el fabricante no esté establecido en la Unión; iii) un representante autorizado (por definición, establecido en la Unión) con un mandato por escrito del fabricante que designe al representante autorizado para realizar en nombre del fabricante las tareas enumeradas en el artículo 4, apartado 3; o iv) un prestador de servicios logísticos establecido en la Unión, cuando no haya un fabricante, un importador ni un representante autorizado establecido en la Unión.

El 1) nombre, el nombre comercial registrado o la marca registrada y 2) los datos de contacto, incluida la dirección postal, del operador económico a que se refiere el artículo 4 deben indicarse en el producto o en su envase, en el paquete o en un documento adjunto [(165)](#ntr165-C_2022247ES.01000101-E0165). Si el operador económico a que se refiere el artículo 4 es un fabricante de la Unión o un importador, esta información ya se exige normalmente de conformidad con la legislación de armonización de la Unión (véanse los puntos 3.1 y 3.3) en el ámbito de aplicación del artículo 4 [(166)](#ntr166-C_2022247ES.01000101-E0166).

El nombre y los datos de contacto del operador económico contemplado en el artículo 4 deben estar presentes cuando el producto se despache a libre práctica en la aduana [tal como se confirma en el artículo 26, apartado 1, letra d), del Reglamento (UE) 2019/1020]. Por consiguiente, en caso de que el producto esté destinado al despacho a libre práctica en la UE y no se prevea una transformación ulterior del producto después de su envío [(167)](#ntr167-C_2022247ES.01000101-E0167), los operadores económicos establecidos fuera de la UE que ofrecen productos para la venta deben asegurarse de que la información requerida sobre el operador económico contemplado en el artículo 4 se indique de la forma descrita anteriormente y añadirla (o hacer que se añada) antes del envío, si es necesario. Es posible que se indiquen los nombres y datos de contacto de varios operadores económicos en el producto o con el producto. Aunque puede que no se exija de manera explícita que estos vayan precedidos de las expresiones «fabricado por», «importado por», «representado por» o «ejecutado por», la información no debe inducir a error a las autoridades de vigilancia del mercado.

El operador económico a que se refiere el artículo 4 tiene una serie de tareas que pueden ya estar cubiertas total o parcialmente por sus obligaciones en virtud de la legislación de armonización de la Unión en función del tipo de operador económico que sea.

En primer lugar, el operador económico a que se refiere el artículo 4 debe realizar varias tareas cuando asuma sus obligaciones o cuando se añada un nuevo producto a su cartera:

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| --- | --- |
| — | Verificar que la declaración UE de conformidad haya sido elaborada y conservarla durante diez años después de que el producto haya sido introducido en el mercado [(168)](#ntr168-C_2022247ES.01000101-E0168) o durante el período especificado en el acto de armonización de la Unión pertinente. |

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| --- | --- |
| — | Verificar que la documentación técnica haya sido elaborada y garantizar que pueda ponerse a disposición de las autoridades de vigilancia del mercado previa solicitud. Cuando el operador económico a que se refiere el artículo 4 no conserve la documentación por su cuenta, esto supone que debe comprobarse que la documentación existe y obtener las garantías del fabricante de que la compartirá previa solicitud, o bien con el operador económico a que se refiere el artículo 4, o bien con las autoridades de vigilancia del mercado directamente. |

En segundo lugar, cuando el operador económico a que se refiere el artículo 4 tenga un motivo para creer que un producto presenta un riesgo, debe:

|  |  |
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| — | Informar de ello a las autoridades de vigilancia del mercado pertinentes. Debe hacerlo en cada Estado miembro en el que se haya comercializado el producto; también es importante informarles de la medida correctora que se ha adoptado o se adoptará. |

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| --- | --- |
| — | Asegurarse de que se adopte de inmediato la medida correctora necesaria para remediar cualquier caso de incumplimiento o, si ello no fuera posible, para atenuar el riesgo. |

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| — | Finalmente, el operador económico a que se refiere el artículo 4 debe adoptar determinadas medidas cuando así se lo soliciten las autoridades de vigilancia del mercado:   |  |  | | --- | --- | | — | facilitar la declaración UE de conformidad a esa autoridad; |  |  |  | | --- | --- | | — | facilitar a la autoridad la documentación técnica o, cuando el operador económico contemplado en el artículo 4 no conserve dicha documentación, garantizar que se facilite la documentación técnica a la autoridad (en concreto por parte del fabricante); |  |  |  | | --- | --- | | — | facilitar otra información y documentación para demostrar la conformidad del producto (esto puede incluir, por ejemplo, certificados y decisiones de un organismo notificado) en una lengua que dicha autoridad pueda comprender fácilmente (deberá negociarse con la autoridad; podría ser una lengua distinta a la lengua o lenguas nacionales); |  |  |  | | --- | --- | | — | cooperar con la autoridad: la medida necesaria dependerá de la solicitud de la autoridad, que debe ser conforme al principio de proporcionalidad; y |  |  |  | | --- | --- | | — | asegurarse de que se adopte la medida correctora necesaria para remediar cualquier incumplimiento de la legislación de armonización de la Unión aplicable al producto en cuestión o, si eso no fuera posible, atenuar los riesgos que presenta el producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Esta medida podría incluir hacer que el producto sea conforme, retirarlo del mercado o recuperarlo, según proceda [(169)](#ntr169-C_2022247ES.01000101-E0169). El operador económico a que se refiere el artículo 4 no debe adoptar medidas correctoras ni mitigar el riesgo por su cuenta si ese operador económico no está obligado a hacerlo de conformidad con la legislación específica del sector, pero debe asegurarse de que se adopten medidas, por ejemplo, solicitando al fabricante que responda a la solicitud y verificando que lo haya hecho. | |

El fabricante sigue siendo responsable de la conformidad del producto con la legislación de armonización de la Unión y (al igual que otros agentes de la cadena de suministro) mantiene cualquier obligación legal relativa a los productos, las garantías, la responsabilidad por los productos defectuosos, etc. El artículo 4 no impone obligaciones legales adicionales con respecto a los consumidores u otros usuarios finales.

3.7.   Otros intermediarios: Los prestadores de servicios intermediarios contemplados en la Directiva sobre el comercio electrónico

La Directiva sobre el comercio electrónico [(170)](#ntr170-C_2022247ES.01000101-E0170) establece el marco jurídico para el comercio electrónico en la UE. Introduce normas armonizadas sobre aspectos como los requisitos de información y transparencia de los prestadores de servicios en línea, las comunicaciones comerciales o los contratos electrónicos.

La Directiva sobre el comercio electrónico no contempla las categorías de operadores económicos; más bien describe las diferentes categorías de actividades. Las categorías de actividades más pertinentes, desde la perspectiva de la seguridad y la conformidad del producto, son las actividades de alojamiento de datos [(171)](#ntr171-C_2022247ES.01000101-E0171). Son actividades de alojamiento de datos el almacenamiento de la información suministrada por el destinatario del servicio, como tiendas, mercados o plataformas en línea.

Los prestadores de servicios intermediarios que realizan las actividades descritas anteriormente se benefician de una exención de responsabilidad por perjuicios o sanciones penales que se deriven del contenido suministrado por terceros que utilicen sus redes. No obstante, la exención de responsabilidad no es absoluta. En el caso de las actividades de alojamiento de datos, que son las más pertinentes por lo que se refiere al ámbito de la seguridad y la conformidad de los productos, la exención solo se aplica si el prestador de servicios intermediarios 1) no tiene conocimiento efectivo del carácter ilícito de la información albergada, y 2) tan pronto tenga conocimiento efectivo del contenido ilícito, o sea consciente del mismo (por ejemplo, mediante una notificación «suficientemente precisa y debidamente fundamentada» [(172)](#ntr172-C_2022247ES.01000101-E0172)), actúe con prontitud para retirar la información que haya almacenado o para hacer que el acceso a ella sea imposible. Si no cumple estas condiciones, no puede acogerse a la exención y, por tanto, se le puede considerar responsable de los contenidos que alberga.

Conforme a lo dispuesto en el artículo 15 de la Directiva sobre el comercio electrónico, los Estados miembros no pueden imponer a estos prestadores de servicios ni una obligación general de supervisar los contenidos ni una obligación general de realizar búsquedas activas de hechos o circunstancias que indiquen actividades ilícitas. Esto significa que las autoridades nacionales no pueden establecer una obligación general para que los intermediarios supervisen activamente la totalidad del tráfico en internet buscando elementos que indiquen actividades ilícitas, como productos que no sean seguros.

No obstante, la prohibición de solicitar una supervisión general no impide a las autoridades públicas establecer requisitos de supervisión específicos, aunque estos acuerdos deben dirigirse a un ámbito preconcebido.

En la práctica, esto significa que las autoridades nacionales pueden contactar a los prestadores de servicios de alojamiento que, al notificárseles una actividad ilícita, si quieren beneficiarse de la exención de responsabilidad, deben retirar o deshabilitar el contenido, de forma que los clientes de la UE ya no puedan acceder a los productos inseguros o no conformes a través de sus servicios.

El Reglamento (UE) 2019/1020 aborda explícitamente a los proveedores de servicios de la sociedad de la información. Los proveedores de servicios de la sociedad de la información deben cooperar con las autoridades de vigilancia del mercado, a petición de estas y en casos específicos, para facilitar cualquier acción destinada a eliminar o, si no fuera posible, mitigar los riesgos que presente un producto que se ofrezca o se haya ofrecido a la venta en línea a través de sus servicios (artículo 7). Las autoridades de vigilancia del mercado tienen el poder, cuando no se disponga de otros medios eficaces para eliminar un riesgo grave presentado por un producto, para exigir la supresión del contenido relativo a los productos relacionados de una interfaz en línea, o para exigir que se muestre explícitamente una advertencia a los usuarios finales cuando accedan a una interfaz en línea [artículo 14, apartado 4, letra k), inciso i)]. Cuando no se atienda a un requerimiento, las autoridades de vigilancia del mercado tienen el poder para exigir a los proveedores de servicios de la sociedad de la información que restrinjan el acceso a la interfaz en línea, incluso pidiendo a un tercero pertinente que aplique dichas medidas [artículo 14, apartado 4, letra k), inciso ii)]. Las autoridades de vigilancia del mercado deben evaluar, caso por caso y con el debido respeto del principio de proporcionalidad, cuál es la acción más apropiada que deben tomar, habida cuenta del grado de riesgo, de si se puede identificar al operador económico, de la urgencia, de si se habían tomado medidas con anterioridad en relación con un producto determinado, entre otras [(173)](#ntr173-C_2022247ES.01000101-E0173).

3.8.   Usuario final

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El usuario final es toda persona física o jurídica residente o establecida en la Unión a cuya disposición se ha puesto un producto como consumidor, al margen de cualquier actividad comercial, empresarial, artesanal o profesional, o como usuario final profesional en el transcurso de sus actividades industriales o profesionales. |  |  |  | | --- | --- | | — | Muchos productos regulados por la legislación de armonización de la Unión son utilizados en el lugar de trabajo y, en consecuencia, también están sujetos a la legislación de la UE relativa a la seguridad en el lugar de trabajo. | |

El usuario final es toda persona física o jurídica residente o establecida en la Unión a cuya disposición se ha puesto un producto como consumidor, al margen de cualquier actividad comercial, empresarial, artesanal o profesional, o como usuario final profesional en el transcurso de sus actividades industriales o profesionales [(174)](#ntr174-C_2022247ES.01000101-E0174). La legislación de armonización de la Unión no establece obligaciones para los usuarios finales de los productos en su ámbito de aplicación [(175)](#ntr175-C_2022247ES.01000101-E0175). Este es el caso incluso cuando no hay operadores económicos responsables presentes en la UE, por ejemplo, en el contexto de los productos vendidos en línea y para los que no se requiere un operador económico con arreglo al artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 [(176)](#ntr176-C_2022247ES.01000101-E0176). Por lo tanto, el término abarca tanto a los usuarios profesionales como a los consumidores. El concepto de «uso final» por parte de un profesional o un consumidor está relacionado intrínsecamente con el concepto de «uso previsto» [(177)](#ntr177-C_2022247ES.01000101-E0177).

Muchos productos sujetos a la legislación de armonización de la Unión se usan en el lugar de trabajo. De conformidad con la legislación basada en el artículo 153 del TFUE, los empleadores tienen obligaciones en lo tocante a la utilización de los equipos de trabajo en el lugar de trabajo por parte de sus empleados. Se considera que un empleador es cualquier persona física o jurídica que tiene una relación laboral con un trabajador (cualquier persona empleada por un empleador) y que es responsable de su empresa o establecimiento.

De conformidad con la Directiva relativa a las disposiciones mínimas de seguridad y de salud para la utilización por los trabajadores en el trabajo de equipos de trabajo (2009/104/CE), el empleador debe adoptar todas las medidas necesarias para garantizar que los equipos de trabajo (por ejemplo, máquinas y aparatos) puestos a disposición de los trabajadores son aptos para el trabajo realizado, y que pueden ser utilizados por los trabajadores sin que perjudiquen a su seguridad o su salud. El empleador solamente puede obtener o usar equipos de trabajo que cumplan las disposiciones de la legislación aplicable en el momento de su primer uso, o bien, si no hay otra legislación aplicable o si únicamente es aplicable en parte, los requisitos mínimos establecidos en el anexo I de la Directiva 2009/104/CE. El empleador también debe adoptar las medidas necesarias para garantizar que los equipos de trabajo se mantienen en dicho nivel. Por otra parte, el empleador tiene la obligación de facilitar información y formación a los trabajadores en relación con la utilización de los equipos de trabajo.

De conformidad con la Directiva relativa a las disposiciones mínimas de seguridad y de salud para la utilización por los trabajadores en el trabajo de equipos de protección individual (89/656/CEE), dichos equipos deben cumplir las disposiciones pertinentes de la UE sobre diseño y fabricación en materia de seguridad y salud (es decir, el acto de armonización de la Unión relativo a los equipos de protección individual). Por otra parte, los equipos deben ser apropiados para el riesgo implicado, corresponder a las condiciones existentes en el lugar de trabajo, tener en cuenta los requisitos en materia de ergonomía y el estado de salud del trabajador, ajustarse correctamente al usuario y ser compatibles cuando se deba utilizar más de una pieza de equipo de manera simultánea. El empleador, antes de escoger los equipos de protección individual, debe evaluar el cumplimiento de los requisitos.

De conformidad con la Directiva referente a las disposiciones mínimas de seguridad y salud relativas al trabajo con equipos que incluyen pantallas de visualización (90/270/CEE), los empleadores están obligados a realizar un análisis de los puestos de trabajo para evaluar las condiciones de seguridad y salud, especialmente en relación con posibles riesgos para la vista, problemas físicos y problemas de cansancio mental. La Directiva también establece los requisitos mínimos para las pantallas de visualización y otros equipos.

De conformidad con la Directiva relativa a la aplicación de medidas para promover la mejora de la seguridad y de la salud de los trabajadores en el trabajo (89/391/CEE), los trabajadores tienen la responsabilidad general de velar, en la medida de lo posible, por su propia seguridad y salud y por la de otras personas afectadas por sus actos en el lugar de trabajo. De conformidad con la formación y las instrucciones recibidas del empleador, deben, por ejemplo, utilizar correctamente las máquinas, los aparatos y otros medios de producción, así como los equipos de protección individual.

Las Directivas 89/391/CEE, 2009/104/CE, 89/656/CEE y 90/270/CEE establecen requisitos mínimos. Por tanto, se permite que los Estados miembros adopten o mantengan unas disposiciones más rigurosas, siempre que resulten compatibles con el TFUE. Las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión deben ser respetadas y, en consecuencia, las disposiciones nacionales adicionales no pueden solicitar una modificación de un producto comprendido en el ámbito de aplicación de un acto de armonización de la Unión ni influir en las condiciones de comercialización de dichos productos.

4.   REQUISITOS APLICABLES A LOS PRODUCTOS

4.1.   Requisitos esenciales aplicables a los productos

4.1.1.   
Definición de los requisitos esenciales

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| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Gran parte de la legislación de armonización de la Unión limita la armonización legislativa a una serie de requisitos esenciales que son de interés público. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos esenciales definen los resultados que se pretende alcanzar, o los peligros a los que se hará frente, pero no especifican las soluciones técnicas para lograrlo. | |

Un rasgo fundamental de buena parte de la legislación de armonización de la Unión es que limita la armonización legislativa a los requisitos esenciales que son de interés público. Estos requisitos tratan sobre la protección de la salud y la seguridad de los usuarios (habitualmente, consumidores y trabajadores), pero también abarcan otros requisitos fundamentales (por ejemplo, la protección de la propiedad, la escasez de recursos o el medio ambiente).

Los requisitos esenciales han sido diseñados para ofrecer y garantizar un alto nivel de protección. Se derivan de determinados peligros asociados al producto (por ejemplo, la resistencia física y mecánica, la inflamabilidad, sus propiedades químicas, eléctricas o biológicas, la higiene, la radiactividad, la precisión), o bien hacen referencia al producto o a sus prestaciones (por ejemplo, disposiciones relativas a los materiales, el diseño, la construcción, el proceso de fabricación, las instrucciones redactadas por el fabricante), o bien establecen el principal objetivo de protección (por ejemplo, mediante una lista ilustrativa). Con frecuencia, son una combinación de ellos. Por consiguiente, a un determinado producto se le pueden aplicar al mismo tiempo varios actos de armonización de la Unión, ya que los requisitos esenciales de los distintos actos de armonización de la Unión necesitan ser aplicados de manera simultánea para regular todos los aspectos de interés general pertinentes.

Los requisitos esenciales deben ser aplicados como una función del peligro inherente a un producto dado. Así pues, los fabricantes deben llevar a cabo un análisis del riesgo para detectar primero todos los posibles riesgos que puede suponer el producto y determinar los requisitos esenciales pertinentes para dicho producto. Este análisis implica que el fabricante debe evaluar todos los distintos elementos de los productos y determinar qué legislación de armonización de la Unión se les aplica y qué requisitos esenciales específicos se establecen en ella. Este análisis debe ser documentado e incluirse en la documentación técnica [(178)](#ntr178-C_2022247ES.01000101-E0178). Además, el fabricante debe documentar la evaluación de cómo se abordan los riesgos detectados para garantizar que el producto cumpla los requisitos esenciales pertinentes (por ejemplo, por medio de la aplicación de normas armonizadas). Si solamente se aplica una parte de la norma armonizada o esta no abarca la totalidad de los requisitos esenciales pertinentes, debe documentarse el modo en que se tratan los requisitos esenciales no regulados [(179)](#ntr179-C_2022247ES.01000101-E0179).

Los requisitos esenciales definen los resultados que se pretende alcanzar, o los peligros a los que se hará frente, pero no especifican las soluciones técnicas para lograrlo. La solución técnica concreta puede ser facilitada por una norma o por otra especificación técnica o desarrollarse conforme a los conocimientos generales científicos o de ingeniería establecidos en la literatura científica y en materia de ingeniería, a discreción del fabricante. Esta flexibilidad permite a los fabricantes escoger la manera de cumplir los requisitos. También permite, por ejemplo, que los materiales y el diseño de los productos puedan adaptarse a los avances tecnológicos. En consecuencia, la legislación de armonización de la Unión basada en requisitos esenciales no precisa de una adaptación regular a los avances técnicos, puesto que la evaluación de si se cumplen o no los requisitos está basada en el estado de los conocimientos técnicos especializados en el momento en que el producto es introducido en el mercado.

Los requisitos esenciales se establecen en las secciones o anexos pertinentes de un determinado texto legislativo de armonización de la Unión. Aunque en los requisitos esenciales no se incluyen especificaciones de fabricación pormenorizadas, el grado de redacción detallada varía entre los diferentes actos de armonización de la Unión [(180)](#ntr180-C_2022247ES.01000101-E0180). Se pretende que la redacción sea lo suficientemente precisa para crear, al transponerlos a la legislación nacional, unas obligaciones jurídicamente vinculantes que puedan ser aplicadas, y para facilitar la puesta en marcha de peticiones de normalización por parte de la Comisión a las organizaciones europeas de normalización (OEN) con el fin de generar normas armonizadas. También son formuladas así para permitir la evaluación de la conformidad con estos requisitos, incluso en ausencia de normas armonizadas o en caso de que el fabricante opte por no aplicarlas.

4.1.2.   
Cumplimiento de los requisitos esenciales: normas armonizadas

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los términos «norma», «norma nacional», «norma europea», «norma armonizada» y «norma internacional» están sujetos a las definiciones concretas presentadas en el artículo 2 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las normas son especificaciones técnicas y, por tanto, son útiles y eficaces para promover y difundir buenas prácticas y soluciones técnicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las normas son, por sí solas, de aplicación voluntaria. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las normas armonizadas son normas europeas adoptadas a raíz de una petición de la Comisión para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Si las referencias de las normas armonizadas se han publicado en el Diario Oficial de la Unión Europea (DOUE), confieren una presunción de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos legislativos [(181)](#ntr181-C_2022247ES.01000101-E0181) que pretenden cubrir. | |

4.1.2.1.   Definición de una norma armonizada

El Reglamento (UE) n.o 1025/2012 [(182)](#ntr182-C_2022247ES.01000101-E0182) incluye definiciones de los términos «norma», «norma nacional», «norma europea», «norma armonizada» y «norma internacional».

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las «normas» se definen como especificaciones técnicas [(183)](#ntr183-C_2022247ES.01000101-E0183) adoptadas por un organismo de normalización reconocido, de aplicación repetida o continua, cuya observancia no es obligatoria, y pueden ser normas internacionales, europeas, armonizadas o nacionales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las «normas europeas» son «normas» adoptadas por las OEN enumeradas en el anexo I del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 [(184)](#ntr184-C_2022247ES.01000101-E0184). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las «normas armonizadas» son «normas europeas» adoptadas a raíz de una petición de la Comisión para la aplicación de la legislación de armonización de la Unión. |

La definición de «norma armonizada», en el contexto del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, no se limita a las normas armonizadas que respaldan la legislación armonizada sobre los productos, ya que el Reglamento integra el uso de normas armonizadas en la legislación de armonización relativa a los servicios de una manera similar a la de la legislación de armonización de la Unión sobre los productos.

4.1.2.2.   Función de las normas armonizadas

Las normas armonizadas son desarrolladas y publicadas, al igual que otras normas europeas, siguiendo la normativa interna de las OEN. De conformidad con esta normativa, todas las normas europeas deben ser transpuestas a nivel nacional por parte de los organismos nacionales de normalización. Esta transposición significa que las normas europeas correspondientes deben ser puestas a disposición como normas nacionales de manera idéntica, y que todas las normas nacionales incompatibles deben ser retiradas en un plazo razonable.

Las normas armonizadas son normas europeas a las que el Reglamento (UE) n.o 1025/2012 y la legislación sectorial de armonización de la Unión dotan de un significado especial. No obstante, es importante señalar que la definición de «norma armonizada» no contiene ninguna mención de la publicación de su referencia en el DOUE. Mientras no se publique la referencia de una norma armonizada en el DOUE, ni la norma armonizada ni partes de esta otorgan presunción de conformidad con los requisitos esenciales u otros requisitos que dicha norma pretende regular. Mediante una petición de normalización emitida por la Comisión, se pide formalmente a las OEN que elaboren normas armonizadas. En el «Vademécum de la normalización europea» [(185)](#ntr185-C_2022247ES.01000101-E0185) se describen con detalle el papel y los preparativos de la petición de normalización de la Comisión a las OEN.

Para otorgar la presunción de conformidad, una norma armonizada debe ajustarse a los requisitos esenciales o a otros requisitos jurídicos pertinentes del texto legislativo procedente, en consonancia con la petición de normalización correspondiente, y su referencia debe publicarse en el DOUE. Una norma armonizada puede contener especificaciones relativas no solamente a los requisitos esenciales, sino que traten otras cuestiones no reguladas. En tal caso, estas especificaciones deben distinguirse claramente de aquellas que regulan los requisitos esenciales. Una norma armonizada no debe regular necesariamente todos los requisitos esenciales, pero en todo momento debe dejar claro qué requisitos «está previsto que regule» [(186)](#ntr186-C_2022247ES.01000101-E0186), ya que de lo contrario un fabricante que cumpla una norma armonizada cuya referencia se haya publicado en el DOUE no sabrá con respecto a qué requisitos se aplicará una «presunción de conformidad», y las autoridades públicas y los organismos notificados no sabrán con respecto a qué requisitos esenciales deben aceptar una presunción de conformidad.

Los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos pertinentes que se tiene previsto regular habitualmente se indican en un anexo informativo [(187)](#ntr187-C_2022247ES.01000101-E0187) separado de la norma armonizada. En caso de que los requisitos esenciales solo queden cubiertos de manera parcial, la norma debe indicarlo claramente. En algunos casos, el ámbito de aplicación de una norma armonizada puede también indicar los requisitos pertinentes con suficiente nitidez (por ejemplo, cuando hay una referencia clara a los riesgos regulados relacionados con la seguridad). Esta información sobre la «regulación prevista de los requisitos esenciales y de otro tipo» facilitada en una norma armonizada determina el ámbito de aplicación y los límites de la denominada «presunción de conformidad con los requisitos jurídicos».

Es necesario establecer una distinción clara entre la «conformidad con una norma» y la «presunción de conformidad (cuando se aplica [(188)](#ntr188-C_2022247ES.01000101-E0188) una norma armonizada)». La «conformidad con una norma» suele hacer referencia a una situación en la que una norma es «aplicada íntegramente». Así sucede, por ejemplo, en el caso de la certificación voluntaria con respecto a una norma. A efectos de la «presunción de conformidad», basta con aplicar solamente aquellas disposiciones relativas a los requisitos esenciales o a otros requisitos jurídicos que se tiene previsto que dicha norma regule.

Las normas armonizadas nunca sustituyen los requisitos esenciales jurídicamente vinculantes. Una especificación técnica incluida en una norma armonizada no es una alternativa a un requisito esencial u otro requisito jurídico pertinente, sino únicamente un posible medio técnico para cumplir dicho requisito. En el caso de la legislación de armonización relacionada con los riesgos, esto significa, en particular, que un fabricante siempre, incluso cuando emplee normas armonizadas cuyas referencias se publiquen en el DOUE, es plenamente responsable de la evaluación de todos los riesgos de su producto para determinar qué requisitos esenciales (o de otro tipo) son pertinentes. Tras esta evaluación, el fabricante puede optar por aplicar las especificaciones técnicas incluidas en las normas armonizadas cuyas referencias se publiquen en el DOUE para introducir las «medidas de reducción del riesgo» [(189)](#ntr189-C_2022247ES.01000101-E0189) especificadas por las normas armonizadas. En la legislación de armonización relacionada con los riesgos, las normas armonizadas cuyas referencias se publiquen en el DOUE ofrecen principalmente determinados medios para reducir o eliminar los riesgos al tiempo que los fabricantes siguen siendo plenamente responsables de la evaluación del riesgo para detectar los riesgos pertinentes y los requisitos esenciales aplicables con el fin de seleccionar normas armonizadas adecuadas cuyas referencias se publiquen en el DOUE u otras especificaciones aptas.

Organigrama 1

La función de las normas armonizadas respecto del cumplimiento de los requisitos esenciales pertinentes determinados por un fabricante: una filosofía general para los casos en que el fabricante necesita determinar los requisitos esenciales pertinentes.

![Image 1](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2022.247.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2022247ES.01005101.tif.jpg)

Cuando las normas armonizadas no indican claramente los requisitos esenciales que se tiene previsto regular, dichas normas pueden resultar menos útiles para los fabricantes y las autoridades de vigilancia del mercado, ya que existe una menor seguridad jurídica sobre el verdadero «alcance de la presunción de conformidad». Una indicación poco clara o incorrecta de los requisitos esenciales que se tiene previsto regular también puede llevar, en algunos casos, a objeciones formales contra las normas armonizadas (véase el punto 4.1.2.5). Cuando una norma armonizada solamente regula parte de los requisitos esenciales considerados pertinentes por parte de los fabricantes, o determinados aspectos de estos, los fabricantes deben emplear adicionalmente otras especificaciones técnicas pertinentes o desarrollar soluciones de conformidad con los conocimientos generales científicos o de ingeniería establecidos en la literatura científica y en materia de ingeniería, con el fin de cumplir los requisitos esenciales de la legislación correspondiente. De una manera similar, si los fabricantes deciden no aplicar todas las disposiciones incluidas en una norma armonizada que normalmente otorgan la presunción de conformidad, deben, sobre la base de su propia evaluación del riesgo, indicar en su documentación técnica cómo se alcanza la conformidad, o bien que los requisitos esenciales pertinentes no son de aplicación para su producto.

En ocasiones, las normas pueden contener errores u ofrecer diferentes interpretaciones posibles. Si los fabricantes encuentran un error o una incertidumbre, en primer lugar deben ponerse en contacto con su organismo nacional de normalización para pedir una aclaración.

4.1.2.3.   La presunción de conformidad

La legislación de armonización de la Unión puede establecer que las normas armonizadas otorgan una presunción de conformidad con los requisitos esenciales que pretenden regular, si sus referencias se han publicado en el DOUE [(190)](#ntr190-C_2022247ES.01000101-E0190).

Las normas europeas, incluidas las normas armonizadas, pueden basarse total o parcialmente en normas internacionales ISO o IEC. No obstante, la presunción de conformidad solo es posible cuando se aplica la versión europea publicada con una referencia en el Diario Oficial, debido a las posibles modificaciones técnicas introducidas en ella para garantizar el cumplimiento adecuado de los requisitos legales. Además, las versiones ISO e IEC no contienen información sobre qué disposición de la norma es pertinente para qué requisito esencial, ya que esta información solo se incluye en la versión europea.

El objetivo de publicar la referencia en el DOUE es establecer la fecha a partir de la cual surte efecto la presunción de conformidad. La publicación de referencias de normas armonizadas se gestiona mediante Decisiones de Ejecución de la Comisión. La publicación en el DOUE es el objetivo último de una norma armonizada y la conclusión del proceso que dio comienzo cuando la Comisión emitió la petición de normalización correspondiente.

La publicación de referencias no es una acción automática, y la Comisión debe llevar a cabo una serie de controles y evaluaciones antes de que se produzca la publicación. Así, la Comisión puede negarse a publicar referencias o, cuando proceda, puede establecer determinadas restricciones que se publican junto con las referencias.

Si, cuando ya se ha iniciado un procedimiento formal de objeción antes de la publicación de una referencia en el DOUE, se plantea la duda de si una norma armonizada cumple íntegramente los requisitos que debe regular en el sentido del artículo 11, apartado 1 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión, debido a esa duda, no puede publicar la referencia de conformidad con el artículo 10, apartado 6, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012, y se debe adoptar una Decisión de Ejecución de la Comisión con arreglo al artículo 11, apartado 1.

El recurso a las normas armonizadas cuya referencia se ha publicado en el DOUE y que otorgan una presunción de conformidad sigue siendo voluntario [(191)](#ntr191-C_2022247ES.01000101-E0191). Los fabricantes pueden optar por aplicar o no dichas normas armonizadas o partes de estas. No obstante, si los fabricantes deciden no aplicar una norma armonizada, tienen la obligación de demostrar que sus productos cumplen los requisitos esenciales recurriendo a otros medios de su elección (por ejemplo, mediante cualquier especificación técnica existente, incluidas todas las demás normas disponibles). Si los fabricantes aplican solamente una parte de una norma armonizada o si la norma armonizada no regula totalmente todos los requisitos esenciales pertinentes, solo existirá presunción de conformidad en la medida en que la norma armonizada corresponda a los requisitos esenciales. Por esta razón, es necesario que cada norma armonizada contenga información clara y correcta sobre los requisitos jurídicos (esenciales) regulados.

El cumplimiento de las normas armonizadas es, de acuerdo con determinados actos de armonización de la Unión, una opción con efectos sobre el procedimiento de evaluación de la conformidad aplicable, que en ocasiones da pie a la posibilidad de una evaluación de la conformidad sin intervención de un tercero o a un abanico de procedimientos más amplio [(192)](#ntr192-C_2022247ES.01000101-E0192).

4.1.2.4.   Retirada, restricción o prevención de la presunción de conformidad

El artículo 11, apartado 1, del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 contiene una disposición relativa a un procedimiento de objeción formal según el cual los Estados miembros y el Parlamento Europeo pueden impugnar la publicación de referencias de normas armonizadas en el DOUE [(193)](#ntr193-C_2022247ES.01000101-E0193). Esta situación podría plantearse tanto con anterioridad a la publicación de la referencia de la norma armonizada en el DOUE como en el caso de una norma armonizada cuya referencia ya ha sido publicada en el DOUE.

En ambos casos, cuando un Estado miembro o el Parlamento Europeo [(194)](#ntr194-C_2022247ES.01000101-E0194) considera que una norma armonizada no cumple íntegramente los requisitos que tiene previsto regular y que están recogidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente, debe informar a la Comisión al respecto. Tras consultar a los Estados miembros [(195)](#ntr195-C_2022247ES.01000101-E0195), la Comisión adoptará una decisión:

|  |  |
| --- | --- |
| — | publicar, no publicar o publicar con restricciones la referencia de la norma armonizada en cuestión en el DOUE, o bien |

|  |  |
| --- | --- |
| — | mantener o mantener con restricciones la referencia de la norma armonizada en cuestión en el DOUE o suprimirla de este. |

Si un Estado miembro ha iniciado una acción en virtud de una cláusula de salvaguardia [(196)](#ntr196-C_2022247ES.01000101-E0196) contra un producto que cumple una norma armonizada y si dicha acción de salvaguardia se considera justificada, la Comisión tiene la responsabilidad de presentar una objeción contra la norma armonizada pertinente.

El procedimiento para impugnar una norma armonizada y su resultado no afecta a su existencia como norma armonizada o como norma europea, ya que solamente las OEN pueden adoptar decisiones sobre la revisión o la retirada de sus productos finales. Además de los controles de que dispone la Comisión, solo este procedimiento de objeción da al Parlamento Europeo y a los Estados miembros la posibilidad de controlar la presunción de conformidad, es decir, el efecto jurídico que emana de la publicación de la referencia en el DOUE. Siempre que la objeción formal esté justificada, solamente puede dar lugar a la retirada, la restricción o la prevención de dicha publicación en el DOUE. En los dos primeros casos, eso significa que la norma armonizada correspondiente ya no otorgará presunción de conformidad con los requisitos esenciales o que dicha presunción de conformidad es limitada. En el último caso (prevención), significa que la norma no otorga presunción de conformidad en absoluto.

Una norma armonizada puede ser impugnada como norma europea en cualquier momento tras su adopción por parte del CEN, el Cenelec o el ETSI.

Además, en determinados casos excepcionales, la Comisión puede retirar la referencia del DOUE sin aplicar procedimientos de objeción formal si la propia OEN ya no revisa ni actualiza la edición pertinente de una norma armonizada o si ya no la considera una norma. Entre estos casos se incluyen situaciones en que la norma armonizada en cuestión ha sido retirada por la OEN pertinente sin que tenga intención de adoptar una norma armonizada revisada. El concepto relativo a los requisitos esenciales se basa en el supuesto de que las normas armonizadas reflejan los avances técnicos generalmente reconocidos y que la OEN revisa las normas armonizadas periódicamente, de conformidad con la petición de normalización correspondiente. Cuando es evidente que la propia OEN pertinente ya no reconoce como norma una norma armonizada o cuando la norma ya no se revisa o no está disponible como norma nacional, dicho documento ya no puede utilizarse, por regla general, para otorgar la presunción de conformidad. El objetivo del artículo 11 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012 es establecer un procedimiento para impugnar únicamente normas armonizadas vigentes, no para retirar normas armonizadas ni para elaborar normas armonizadas que no puedan considerarse normas europeas adoptadas en el contexto de las definiciones establecidas en el artículo 2 del Reglamento (UE) n.o 1025/2012.

Otra situación específica en la que la Comisión puede tener que retirar las referencias del DOUE sin objeción formal está relacionada con los casos en que la publicación en el DOUE se produce por error o cuando se publica la referencia de un documento que no puede ser considerado como norma armonizada. El último caso puede incluir situaciones en las que la norma no está cubierta por ninguna petición de normalización o en las que la norma no regula ningún requisito esencial o no ha sido correctamente adoptada por la OEN correspondiente con arreglo a los principios de normalización reconocidos.

De conformidad con el Reglamento (UE) n.o 1025/2012, la Comisión está obligada a informar a las partes interesadas [(197)](#ntr197-C_2022247ES.01000101-E0197) de todas las objeciones formales pendientes contra normas armonizadas con anterioridad a la adopción de decisiones oficiales.

4.1.2.5.   Revisión de normas armonizadas

Las normas armonizadas convierten los requisitos esenciales u otros requisitos legislativos en especificaciones técnicas detalladas, en métodos de medición para evaluar o declarar la conformidad con los requisitos esenciales, y, en determinados casos, en valores numéricos para comprobar la conformidad con los requisitos esenciales. Al igual que la documentación técnica, están sujetas a cambios o, en otras palabras, a revisión.

La decisión oficial de revisar una norma armonizada es adoptada por las OEN. Esto se lleva a cabo directamente por iniciativa propia [(198)](#ntr198-C_2022247ES.01000101-E0198) o a raíz de una petición de normalización de la Comisión o, indirectamente, sobre la base de una decisión de la Comisión tras una objeción formal. La necesidad de una revisión puede derivarse de cambios en el ámbito de aplicación del acto de armonización de la Unión (como una ampliación del ámbito de aplicación a otros productos o una modificación de los requisitos esenciales), del hecho de que la Comisión o un Estado miembro impugne el contenido de la norma armonizada, porque ya no puede otorgar presunción de conformidad con los requisitos esenciales, de un determinado avance tecnológico o de la demanda del mercado.

Cuando se revisa una norma armonizada, la revisión debe estar sujeta a una petición de normalización para mantener la posibilidad de otorgar presunción de conformidad. A menos que pueda deducirse lo contrario, los términos y condiciones de la petición de normalización original son de aplicación también a la revisión de la norma armonizada. Esto no excluye la posibilidad de una petición de normalización nueva o revisada, en especial cuando la revisión está relacionada con carencias respecto de los requisitos esenciales.

Para otorgar presunción de conformidad, la norma armonizada revisada debe cumplir las condiciones generales de conformidad con la legislación de armonización de la Unión: la norma armonizada se basa en una petición de normalización, es presentada a la Comisión por la OEN pertinente y su referencia es publicada por la Comisión en el DOUE.

Es competencia exclusiva de la Comisión decidir las fechas en que se retiran del DOUE las referencias de las normas armonizadas sustituidas. En los casos más comunes, una fecha de retirada fijada por la Comisión y publicada en el DOUE permite un «período transitorio o de coexistencia» durante el cual tanto la norma armonizada retirada (sustituida) como la norma armonizada revisada (sustitutiva) otorgan una presunción de conformidad de manera simultánea. El «período transitorio o de coexistencia» indica el período comprendido entre la fecha de publicación de una referencia de una norma armonizada revisada en el DOUE y la fecha de retirada del DOUE de la referencia de las normas armonizadas sustituidas.

Es responsabilidad de la Comisión velar por que estos períodos transitorios sean lo suficientemente largos, pero que, al mismo tiempo, no lo sean de manera desproporcionada. Tras este período transitorio, solamente la norma armonizada revisada (sustitutiva) otorgará presunción de conformidad.

La Comisión puede considerar que, por motivos de seguridad o de otro tipo, la versión sustituida de la norma armonizada debe dejar de otorgar presunción de conformidad tras un período transitorio relativamente corto o incluso de manera inmediata. Si las circunstancias lo permiten, la Comisión puede consultar a los Estados miembros y las OEN antes de adoptar una decisión para reducir el período durante el cual ambas versiones de la norma otorgan presunción de conformidad. En caso necesario, la Comisión también podría prorrogar el período transitorio inicialmente establecido.

A menos que se decida lo contrario sobre la base de una propuesta de la Comisión, la retirada de la referencia de una norma armonizada del DOUE tras su revisión no invalida automáticamente los certificados existentes emitidos por los organismos notificados; solamente afecta a la conformidad que se confiere en las nuevas evaluaciones de la conformidad que siguen la nueva norma armonizada. Los productos elaborados de conformidad con el certificado antiguo pueden seguir beneficiándose de la continuidad de la conformidad con los requisitos esenciales y pueden seguir siendo introducidos en el mercado hasta que expire la validez de los certificados pertinentes expedidos por los organismos notificados. Sin embargo, los fabricantes deben mantenerse informados de los cambios en el estado actual de la técnica, evaluar el alcance de los cambios en la versión sustituida de la norma y, en caso necesario, adoptar las medidas oportunas. El tipo de medida que el fabricante debe adoptar depende de la naturaleza de los cambios en las normas armonizadas, en especial si esos cambios son importantes con respecto a la cobertura de los requisitos esenciales o si afectan al producto en cuestión. Además, el organismo notificado también debe mantenerse informado de los cambios en el estado actual de la técnica generalmente reconocido que indiquen que el tipo aprobado ya no puede cumplir los requisitos pertinentes, y debe determinar si tales cambios requieren más investigaciones. En ese caso, el organismo notificado debe informar al fabricante en consecuencia. La referencia de la norma armonizada revisada, la información relativa a la versión sustituida de la norma armonizada y la fecha en que cesa la presunción de conformidad de la versión sustituida de la norma se publican en el DOUE. Por su propio interés, los fabricantes deben comprobar cada publicación de la lista de normas armonizadas en el DOUE y verificar en ese contexto la validez de las normas armonizadas que han aplicado para evaluar la conformidad de su producto. Esto es especialmente importante en los casos en que los propios fabricantes declaran la conformidad (en caso de control de producción interno) y cuando los fabricantes quieren garantizar la continuidad de la presunción de conformidad para los productos introducidos en el mercado.

En el contexto de las directrices [(199)](#ntr199-C_2022247ES.01000101-E0199) acordadas entre la Comisión y las OEN, existe la expectativa de que todas las nomas armonizadas revisadas deben contener información específica que indique los cambios significativos introducidos en las normas armonizadas revisadas o modificadas, información que las OEN deben poner (gratuitamente) a disposición del público.

4.1.3.   
Cumplimiento de los requisitos esenciales: otras posibilidades

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La conformidad de un producto con los requisitos esenciales u otros requisitos legislativos puede demostrarse no solo mediante normas armonizadas cuyas referencias se publican en el DOUE, sino también mediante otras normas o especificaciones técnicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Esto es fundamental porque no todas las normas armonizadas deben abarcar todos los productos o requisitos esenciales posibles. | |

La aplicación de normas armonizadas no es el único medio para demostrar la conformidad de un producto.

Los fabricantes pueden decidir si aplican o no y si hacen referencia o no a las normas armonizadas. No obstante, si los fabricantes deciden no aplicar las normas armonizadas, tienen la obligación de demostrar que sus productos cumplen los requisitos esenciales recurriendo a otros medios de su elección que proporcionen el nivel de seguridad o de protección de otros intereses que requiere la legislación aplicable. Estos pueden ser otras normas, como las normas nacionales, las normas internacionales y las normas europeas cuyas referencias no se publican en el DOUE, u otras especificaciones técnicas, como los documentos europeos de normalización [(200)](#ntr200-C_2022247ES.01000101-E0200) (documentos distintos de las normas europeas elaboradas por las OEN) o las propias especificaciones del fabricante. En tales casos, los fabricantes no se benefician de la presunción de conformidad, sino que deben demostrar la conformidad por sí mismos. Esto implica que demuestren, en el expediente técnico de un producto pertinente y de manera más detallada, cómo las normas o especificaciones técnicas que utilizan establecen la conformidad con los requisitos esenciales [(201)](#ntr201-C_2022247ES.01000101-E0201), por ejemplo, realizando una evaluación más detallada del riesgo del producto, un análisis de las deficiencias, etc.

Es importante destacar que, como regla general, la legislación de armonización de la Unión sobre los productos no impone el uso de normas armonizadas. Solo los requisitos esenciales son jurídicamente vinculantes, y los fabricantes pueden aplicar cualquier norma y especificación técnica, pero solo las normas armonizadas cuyas referencias se publican en el DOUE otorgan presunción de conformidad.

Parte de la legislación de armonización de la Unión [(202)](#ntr202-C_2022247ES.01000101-E0202) que se basa en normas armonizadas prevé determinadas alternativas o medios complementarios a las normas armonizadas para demostrar la conformidad de un producto o un servicio. Algunas de estas alternativas son obligatorias [(203)](#ntr203-C_2022247ES.01000101-E0203), mientras que otras otorgan presunción de conformidad de manera similar a la de las normas armonizadas [(204)](#ntr204-C_2022247ES.01000101-E0204). Por regla general, estas alternativas se prevén como opción alternativa principalmente para situaciones en las que (aún) no existen normas armonizadas y las normas armonizadas siguen siendo la opción preferida.

4.2.   Requisitos en materia de trazabilidad

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos en materia de trazabilidad permiten rastrear el historial del producto y apoyar la vigilancia del mercado. Permiten a las autoridades de vigilancia del mercado localizar a los operadores económicos responsables y obtener pruebas de la conformidad del producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los requisitos en materia de trazabilidad incluyen el etiquetado del producto y la identificación de los operadores económicos de la cadena de distribución. | |

4.2.1.   
¿por qué es importante la trazabilidad?

La trazabilidad es la capacidad para rastrear el historial del producto.

Desde la perspectiva de un regulador, la trazabilidad es importante porque permite un cumplimiento efectivo a través de la vigilancia del mercado mediante medidas correctoras, como las retiradas y las recuperaciones. Hace posible el rastreo en la cadena de distribución de los productos no seguros o no conformes e identifica las funciones y las responsabilidades del operador económico a lo largo de dicha cadena. La trazabilidad permite a las autoridades de vigilancia del mercado rastrear los productos hasta la fábrica y desde ahí hasta el usuario final en determinados casos.

Desde la perspectiva del fabricante, la trazabilidad es importante porque permite un control eficaz del proceso de producción y de los proveedores antes de la comercialización de los productos, así como un control de su cadena de distribución tras la introducción del producto en el mercado. En caso de incumplimiento, los fabricantes pueden reducir la incidencia de las recuperaciones o las retiradas en función del grado de detalle de su sistema de trazabilidad.

4.2.2.   
Disposiciones en materia de trazabilidad

La legislación de armonización de la Unión es prescriptiva en lo tocante a los fines, pero no en cuanto a los medios para lograr dichos fines. Esto significa que la legislación de armonización de la Unión prevé requisitos para la trazabilidad de los productos comercializados, sin estipular cómo cumplir o aplicar dichos requisitos. La legislación de armonización de la Unión también es tecnológicamente neutra, lo que significa que no ordena que se empleen tecnologías como la impresión o el moldeado. Los fabricantes deben elegir el sistema de trazabilidad que consideren más apropiado en relación sus productos y su sistema de fabricación y de distribución.

La indicación del nombre y la dirección del fabricante (y también del importador en el caso de los productos importados) en el producto es un requisito básico de trazabilidad. Los productos incluidos en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 deben indicar el nombre y la dirección del operador económico establecido en la UE a que se refiere el artículo 4. En caso de ser necesario, permite a las autoridades de vigilancia del mercado ponerse rápidamente en contacto con el operador económico responsable de la introducción de un producto no seguro o no conforme en el mercado de la Unión.

No se estipula la obligación explícita de que las direcciones deban ir precedidas por las expresiones «Fabricado por», «Importado por», «Representado por» o «Ejecutado por». Sin embargo, esa información no debe inducir a error al usuario final ni a las autoridades de vigilancia del mercado sobre el lugar de fabricación y la dirección de cada operador económico [(205)](#ntr205-C_2022247ES.01000101-E0205). Si no se mencionan estas expresiones, las autoridades de vigilancia del mercado decidirán cuál es la función de cada operador económico. En tal caso, corresponderá al operador económico demostrar que desempeña una función diferente.

No existe ninguna obligación de traducir a todas las lenguas necesarias las expresiones inglesas «manufactured by» (fabricado por), «imported by» (importado por) o «represented by» (representado por). Estos términos ingleses se consideran fácilmente comprensibles en toda la Unión.

El Reglamento (UE) 2019/1020, relativo a la vigilancia del mercado y la conformidad de los productos, y la Decisión n.o 768/2008/CE, sobre un marco común para la comercialización de los productos, establecen las prácticas actuales en materia de trazabilidad exigiendo unas etiquetas específicas al respecto. Las disposiciones de referencia de la Decisión n.o 768/2008/CE reflejadas en la legislación de armonización de la Unión, así como el Reglamento (UE) 2019/1020, exigen:

|  |  |
| --- | --- |
| 1. | que los fabricantes indiquen los elementos siguientes: 1) su nombre, su nombre comercial registrado o marca comercial registrada [(206)](#ntr206-C_2022247ES.01000101-E0206) y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no sea posible, en su envase o en un documento que acompañe al producto; la dirección debe indicar un punto de contacto único con el fabricante [(207)](#ntr207-C_2022247ES.01000101-E0207); |

|  |  |
| --- | --- |
| 2. | que los importadores indiquen los elementos siguientes: 1) su nombre, su nombre comercial registrado o marca comercial registrada y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no sea posible, en su envase o en un documento que lo acompañe [(208)](#ntr208-C_2022247ES.01000101-E0208); |

|  |  |
| --- | --- |
| 3. | que los operadores económicos a que se refiere el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 indiquen 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) los datos de contacto, incluida la dirección postal, en el producto o en su envase, en el paquete o en un documento de acompañamiento [(209)](#ntr209-C_2022247ES.01000101-E0209), para los productos incluidos en el ámbito de aplicación del artículo 4 e introducidos en el mercado de la Unión; |

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| 4. | que los fabricantes se aseguren de que sus productos llevan un número de tipo, lote, serie o modelo o cualquier otro elemento que permita su identificación o, si el tamaño o la naturaleza del producto no lo permite, de que la información requerida figura en el envase o en un documento que acompañe al producto [(210)](#ntr210-C_2022247ES.01000101-E0210) y |

|  |  |
| --- | --- |
| 5. | que los operadores económicos identifiquen a cualquier operador económico que les haya suministrado un producto y a cualquier operador económico al que hayan suministrado un producto [(211)](#ntr211-C_2022247ES.01000101-E0211). |

Salvo disposición en contrario de la legislación de armonización de la Unión, no es necesario colocar de forma indeleble la información sobre el nombre y la dirección de los diferentes operadores económicos, a diferencia de otra información sobre el producto, como el marcado CE. Sin embargo, esta información debe ser visible en el producto, en el envase o en la documentación que lo acompañe.

4.2.2.1.   Requisito de indicar el nombre y la dirección de los fabricantes

Los fabricantes deben indicar los tres elementos siguientes: 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no sea posible, en su envase o en un documento que lo acompañe.

Por norma general, el nombre y la dirección deben ser colocados en el producto. No obstante, de manera excepcional se pueden retirar del producto si no es posible aplicar esta norma. Tal extremo estaría justificado cuando la colocación en el producto no fuera posible debido a condicionantes técnicos o económicos fundados, excluidas, sin embargo, las razones estéticas. Corresponde al fabricante realizar esta evaluación, que debe ser llevada a cabo con arreglo al tamaño o la naturaleza del producto [(212)](#ntr212-C_2022247ES.01000101-E0212). Algunos productos, como los audífonos, los sensores o similares son sencillamente demasiado pequeños para presentar esta información. En estos casos, el orden de prioridad es que, como primera alternativa, la información debe figurar en el envase; como segunda alternativa, en la documentación adjunta, como las instrucciones de uso, salvo en aquellos casos en que la legislación sectorial de armonización de la Unión exija que la información figure tanto en el envase como en la documentación adjunta.

El fabricante debe cumplir con esta obligación con independencia de su ubicación (dentro o fuera de la UE). Esta disposición implica que los productos vendidos sin envase o sin documentación adjunta deben llevar el nombre y la dirección del fabricante en el propio producto.

La dirección debe indicar un punto de contacto único con el fabricante, especialmente para las autoridades de vigilancia del mercado. El texto jurídico obliga al fabricante a indicar un punto de contacto único en el producto. Solo se permite un punto de contacto único en cada producto. Ese punto no debe corresponder necesariamente a la dirección donde el fabricante tiene su sede. Por ejemplo, esta dirección puede ser la de un representante autorizado o la de su servicio de atención al cliente.

No es necesario contar con un punto de contacto único en todos los Estados miembros en los que se comercializa el producto. No obstante, el fabricante puede colocar otras direcciones [(213)](#ntr213-C_2022247ES.01000101-E0213), siempre que deje claro cuál es el punto de contacto único. Este último debe indicarse en el producto o en la documentación como el «punto de contacto único». La dirección o el país no deben traducirse obligatoriamente a la lengua del Estado miembro en cuyo mercado se comercializa el producto, pero los caracteres de la lengua utilizada deben permitir la identificación del origen y el nombre de la empresa.

Puede indicarse la dirección de un sitio web además de la dirección postal, pero no en lugar de ella. Normalmente una dirección consta de una calle y un número, o de un buzón y un número, y el código postal y la ciudad, aunque algunos países podrían no ajustarse a este modelo. Asimismo, resulta útil incluir una dirección de correo electrónico o un número de teléfono para facilitar el contacto rápido con las autoridades pertinentes.

4.2.2.2.   Requisito de indicar el nombre y la dirección de los importadores

Los importadores también deben indicar los elementos siguientes: 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) su dirección de contacto en el producto o, cuando no sea posible, en su envase o en un documento que acompañe al producto. La disposición hace referencia a la dirección en la que es posible ponerse en contacto con ellos, especialmente por parte de las autoridades de vigilancia del mercado. Esta dirección no debe ser necesariamente la dirección donde el importador tiene su sede, sino que puede ser, por ejemplo, la de su servicio de atención al cliente.

Por norma general, la identificación y la dirección del importador deben indicarse en el producto. Solamente cuando esto no resulte posible, la identificación y la dirección del importador se pueden indicar en el envase o en un documento que acompañe al producto. Esto puede suceder cuando el importador tenga que abrir el envase para colocar su nombre y su dirección. La información adicional del importador no debe ocultar la información colocada en el producto por parte del fabricante.

Puede indicarse la dirección de un sitio web además de la dirección postal, pero no en lugar de ella. Normalmente una dirección consta de una calle y un número, o de un buzón y un número, y el código postal y la ciudad, aunque algunos países podrían no ajustarse a este modelo. Asimismo, resulta útil incluir una dirección de correo electrónico o un número de teléfono para facilitar el contacto rápido con las autoridades pertinentes.

4.2.2.3.   La obligación de indicar el nombre y la dirección del operador económico a que se refiere el artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020

Cuando el producto esté incluido en el ámbito de aplicación de la legislación mencionada en el artículo 4, apartado 5, del Reglamento (UE) 2019/1020 y se introduzca en el mercado de la Unión, los operadores económicos a que se refiere el artículo 4 deben indicar 1) su nombre, nombre comercial registrado o marca registrada y 2) sus datos de contacto, incluida una dirección postal, en el producto o en su envase, en el paquete o en un documento de acompañamiento.

Puede indicarse la dirección de un sitio web además de la dirección postal, pero no en lugar de ella. Normalmente una dirección consta de una calle y un número, o de un buzón y un número, y el código postal y la ciudad, aunque algunos países podrían no ajustarse a este modelo. Asimismo, resulta útil incluir una dirección de correo electrónico o un número de teléfono para facilitar el contacto rápido con las autoridades pertinentes.

4.2.2.4.   Situaciones posibles

El producto siempre debe presentar el nombre y la dirección del fabricante. Los productos importados también deben presentar el nombre y la dirección del importador. Los productos incluidos en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 introducidos en el mercado de la Unión deben presentar el nombre y la dirección del operador económico responsable establecido en la UE. Por tanto, en conclusión, un producto presenta habitualmente una o dos direcciones [(214)](#ntr214-C_2022247ES.01000101-E0214):

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| — | Si el fabricante tiene su sede dentro de la Unión Europea, el producto solamente llevará una dirección (la del fabricante), ya que no hay un importador implicado. |

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| — | Si el fabricante (que se declara como tal indicando su nombre y su dirección en el producto) está ubicado fuera de la UE y un importador introduce los productos en el mercado de la Unión, en el producto figurarán dos direcciones: la del fabricante y la del importador. |

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| — | Si el fabricante está ubicado fuera de la UE y el importador introduce el producto en el mercado con su nombre o marca comercial o modifica el producto ya introducido en el mercado (de una manera que afecte al cumplimiento de los requisitos aplicables), el importador será considerado como fabricante. En este caso, la única dirección que figurará en el producto (o en el envase o en la documentación adjunta) será la del importador, que será considerado como fabricante [(215)](#ntr215-C_2022247ES.01000101-E0215) , [(216)](#ntr216-C_2022247ES.01000101-E0216). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si el fabricante se encuentra dentro de la UE (una empresa ubicada en la UE que declara ser el fabricante colocando su nombre y dirección en el producto) aunque los productos sean fabricados fuera de la UE, esa empresa es considerada el fabricante que introduce el producto en el mercado de la Unión, incluso si en realidad la importación la lleva a cabo otra empresa. En este caso no existe ningún importador en el sentido de la definición y basta con que figure la dirección del fabricante. |

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| — | Cuando el producto esté incluido en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 y se introduzca en el mercado de la Unión, si el fabricante está situado fuera de la UE, no hay ningún importador del producto (porque se envía directamente o a través de un prestador de servicios logísticos al usuario final desde fuera de la Unión) y el fabricante ha designado a un representante autorizado para desempeñar en su nombre las tareas indicadas en el artículo 4, apartado 3, figurarán dos direcciones en el producto (o en el envase o en un documento de acompañamiento o, en el caso del operador económico a que se refiere el artículo 4, en el paquete): la del fabricante y la el representante autorizado como el operador económico a que se refiere el artículo 4. Este será también el caso si el fabricante está establecido dentro de la UE, pero ha designado a un representante autorizado para desempeñar en su nombre las tareas del artículo 4, apartado 3. |

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| — | Cuando el producto esté incluido en el ámbito de aplicación del artículo 4 del Reglamento (UE) 2019/1020 y se introduzca en el mercado de la Unión, si el fabricante está situado fuera de la UE, no hay ningún importador y el fabricante no ha designado un representante autorizado, pero el producto es manejado por un prestador de servicios logísticos establecido en la UE, deben figurar dos direcciones en el producto (o en el envase o en un documento de acompañamiento o, en el caso del operador económico mencionado en el artículo 4, en el paquete): la del fabricante y la del prestador de servicios logísticos como el operador económico a que se refiere el artículo 4. |

4.2.2.5.   Elemento de identificación

El producto debe llevar un número de tipo, lote, serie o modelo u otro elemento que permita su identificación. Por norma general, la identificación debe ir colocada en el producto. No obstante, de manera excepcional se puede retirar del producto si no es posible aplicar esta norma. Esto estaría justificado cuando el tamaño o la naturaleza del producto hicieran ilegible o técnicamente imposible dicha indicación [(217)](#ntr217-C_2022247ES.01000101-E0217). En estos casos, la identificación se debe colocar en el envase, si lo hay, o en la documentación que acompañe al producto. La identificación de un producto no puede ser omitida ni desplazada al envase o a la documentación adjunta por motivos exclusivamente estéticos o económicos. Corresponde al fabricante realizar esta evaluación.

Esta disposición implica que, si el producto no tiene envase o no incluye documentación adjunta, la identificación debe colocarse en el propio producto.

Este requisito da libertad a los fabricantes para elegir el elemento que desean utilizar como identificación del producto, siempre y cuando se garantice su trazabilidad. El elemento de identificación debe garantizar un vínculo claro con la documentación pertinente que demuestre la conformidad del tipo de producto específico, en particular la declaración UE de conformidad. El elemento de identificación del producto debe ser el mismo que en la declaración UE de conformidad. El elemento de identificación elegido por el fabricante también es importante en caso de retirada o recuperación, puesto que todos los productos que lleven el mismo elemento de identificación deben retirarse del mercado o recuperarse.

En algunos casos, por ejemplo, cuando un producto consta de varias piezas o es un montaje de varias piezas, su naturaleza no permite colocar el elemento de identificación. La identificación del producto en estos casos debe ser colocada en el envase (o en la documentación adjunta). Además del marcado con un elemento de identificación en el envase, puede colocarse un marcado adicional de productos, piezas o componentes individuales basado en las normas internas del fabricante y en sus pretensiones de minimizar la magnitud de una posible recuperación mediante un sistema avanzado para rastrear artículos individuales (por ejemplo, códigos de lote, fechas de producción, etc.).

Según algunos operadores económicos, una manera de hacer referencia a los productos es utilizar un número de artículo (denominado «SKU» o número de referencia) como identificación. Este número de artículo también puede ser utilizado como identificador en la declaración UE de conformidad junto a otros elementos que hacen posible la trazabilidad.

El producto consta de varias piezas o componentes

Cada producto está incluido en un envase, pero habitualmente otras piezas o componentes pueden venderse también en otro envase como piezas o componentes separados, o en otras combinaciones de piezas o componentes. Algunas piezas o componentes de estos envases pueden estar provistos de marcado, mientras que otros son demasiado pequeños o tienen una forma que no permite colocar el marcado en la pieza. Por estas razones, se permite asignar al conjunto o envase un número de artículo y utilizar el mismo número de artículo en la declaración UE de conformidad.

El objetivo principal del elemento de identificación es permitir a las autoridades de vigilancia del mercado identificar un producto individual y vincularlo a la declaración UE de conformidad. Si, cuando tiene lugar la vigilancia del mercado, el producto sigue en su envase, será fácil identificar el elemento y, por tanto, asegurar que la declaración UE de conformidad correspondiente se refiere al producto en cuestión. Sería más complicado tener que abrir el envase y localizar los elementos en los artículos individuales y seguidamente vincularlos a una determinada declaración UE de conformidad.

El producto consta de un solo artículo montado

También cuando un producto consta de un solo «artículo», no es infrecuente que este artículo haya sido montado por el fabricante utilizando varias piezas (pero no está destinado a ser desmontado por el consumidor). Las piezas que componen el artículo (producto) a menudo son usadas en más de un diseño de productos. Normalmente, algunas piezas no serán lo suficientemente grandes para que figure en ellas un elemento de identificación, mientras que otras piezas podrían no permitir el marcado con un elemento de identificación por razones técnicas (superficie desigual, superficie con forma esférica, etc.). También en este caso, está permitido colocar un número de artículo en el envase y utilizar el mismo número en la declaración UE de conformidad.

El producto consta de un artículo que no ha sido montado a partir de varias piezas

En este caso puede parecer sencillo marcar el producto con un elemento de identificación que es idéntico al de la declaración UE de conformidad (es decir, un número de artículo). Sin embargo, el mismo producto puede ser vendido en combinación con otros productos o artículos en un conjunto. Dado que en el punto de producción se ignora cuál de los artículos será vendido «en solitario» y cuáles formarán un conjunto con otros productos, resulta más sencillo marcar en el envase el número de artículo que corresponde a la declaración UE de conformidad. Esto también hará que las autoridades de vigilancia del mercado puedan vincular más fácilmente el producto a la declaración UE de conformidad.

4.2.2.6.   Identificación de los operadores económicos

Los operadores económicos están obligados a realizar un seguimiento de los operadores económicos a los que suministraron su producto o de los que adquirieron productos, durante un período de diez años u otro período previsto en la legislación de armonización de la Unión específica. El usuario final (consumidor) no está sujeto a este requisito, ya que no se le considera un operador económico.

La legislación de armonización de la Unión no impone la manera de cumplir este requisito por parte de los operadores económicos, pero hay que señalar que las autoridades de vigilancia del mercado pueden solicitar la documentación pertinente, como facturas, que permita rastrear el origen del producto. Por consiguiente, puede ser útil conservar las facturas durante un período más prolongado del previsto en la legislación contable para cumplir los requisitos en materia de trazabilidad.

4.3.   Documentación técnica

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante debe redactar la documentación técnica. |  |  |  | | --- | --- | | — | La documentación técnica está destinada a ofrecer información sobre el diseño, la fabricación y el funcionamiento del producto. | |

La legislación de armonización de la Unión obliga al fabricante a redactar documentación técnica que contenga información que demuestre la conformidad del producto con los requisitos aplicables. Esta documentación puede formar parte de la documentación sobre el sistema de calidad cuando la legislación contempla un procedimiento de evaluación de la conformidad basado en un sistema de calidad (módulos D, E, H y sus variantes). La documentación técnica debe estar disponible cuando el producto es introducido en el mercado, con independencia de su origen geográfico o su ubicación [(218)](#ntr218-C_2022247ES.01000101-E0218).

La documentación técnica debe conservarse durante diez años a partir de la fecha de introducción del producto en el mercado, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga expresamente otra duración [(219)](#ntr219-C_2022247ES.01000101-E0219). Esto es responsabilidad del fabricante o del representante autorizado establecido dentro de la Unión. Dado que el concepto de «introducción en el mercado» hace referencia a cada producto individual, el período de tiempo debe calcularse desde el momento en que el producto individual cubierto por la documentación técnica es introducido en el mercado.

El contenido de la documentación técnica se establece, en cada acto de armonización de la Unión, en función de los productos de que se trate. Por norma general, la documentación debe incluir una descripción del producto y de su uso previsto, y abarcar el diseño, la fabricación y el funcionamiento del producto. La información incluida en la documentación depende de la naturaleza del producto y de lo que se considere necesario, desde el punto de vista técnico, para demostrar la conformidad del producto con los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión pertinente o, si se han aplicado las normas armonizadas, su conformidad con estas especificándose los requisitos esenciales cubiertos por las normas. Los requisitos que figuran en el anexo II de la Decisión n.o 768/2008/CE hacen referencia al contenido de la documentación técnica que es pertinente para demostrar la conformidad del producto con la legislación de armonización aplicable. Por otra parte, el requisito de «un análisis y una evaluación del riesgo adecuados» obliga al fabricante a detectar primero todos los riesgos posibles del producto y determinar la legislación de armonización de la Unión específica y los requisitos esenciales aplicables. Este análisis debe ser documentado e incluido en la documentación técnica. Además, el fabricante debe documentar la evaluación de cómo aborda los riesgos detectados para garantizar que el producto cumpla los requisitos esenciales aplicables (por ejemplo, por medio de la aplicación de normas armonizadas). Si solamente se aplica una parte de la norma armonizada o esta no abarca la totalidad de los requisitos esenciales aplicables, también el modo en que se tratan los requisitos esenciales aplicables no regulados por ella debe documentarse en la documentación técnica.

En caso de que un producto haya sido objeto de rediseños y reevaluaciones de la conformidad, la documentación técnica debe reflejar todas las versiones del producto; indicar los cambios introducidos y cómo es posible identificar las distintas versiones del producto, e incluir información sobre las distintas evaluaciones de la conformidad. Esto permite evitar situaciones en las que, durante la vida útil del producto, la autoridad de vigilancia del mercado se enfrente a versiones anteriores del producto a las que no es aplicable la versión de la documentación técnica presentada.

Algunos actos de armonización de la Unión requieren que la documentación técnica se redacte en una lengua aceptada por el organismo notificado [(220)](#ntr220-C_2022247ES.01000101-E0220). Con el fin de llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad que requieren la correcta verificación por parte de un tercero, la documentación siempre debe elaborarse en una lengua comprendida por el organismo notificado, aunque no se haya mencionado explícitamente en la legislación de armonización de la Unión.

4.4.   Declaración UE de conformidad

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante o el representante autorizado establecido dentro de la Unión debe redactar y firmar una declaración UE de conformidad en el marco del procedimiento de evaluación de la conformidad dispuesto por la legislación de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | La declaración UE de conformidad debe contener toda la información pertinente para identificar la legislación de armonización de la Unión con arreglo a la cual se emite, así como al fabricante, el representante autorizado, en su caso el organismo notificado, el producto y, si procede, incluir también una referencia a las normas armonizadas o a otras especificaciones técnicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Siempre que un producto esté regulado por varios textos de legislación de armonización de la Unión que requieran una declaración UE de la conformidad, se requerirá una declaración de conformidad única. |  |  |  | | --- | --- | | — | La declaración de conformidad única puede estar formada por un expediente que contenga todas las declaraciones de conformidad individuales pertinentes. | |

La legislación de armonización de la Unión impone al fabricante la obligación de redactar y firmar una declaración UE de conformidad antes de introducir un producto en el mercado [(221)](#ntr221-C_2022247ES.01000101-E0221). El fabricante o su representante autorizado establecido dentro de la Unión debe redactar y firmar una declaración UE de conformidad en el marco del procedimiento de evaluación de la conformidad dispuesto por la legislación de armonización de la Unión. La declaración UE de conformidad es el documento que expresa que el producto cumple todos los requisitos pertinentes de la legislación aplicable.

Al redactar y firmar una declaración UE de conformidad, el fabricante asume la responsabilidad de la conformidad del producto.

Al igual que sucede con la documentación técnica [(222)](#ntr222-C_2022247ES.01000101-E0222), la declaración UE de conformidad debe ser conservada durante diez años a partir de la fecha de introducción del producto en el mercado, a menos que la legislación disponga otra duración [(223)](#ntr223-C_2022247ES.01000101-E0223). Esto es responsabilidad del fabricante o del representante autorizado establecido dentro de la Unión. En el caso de los productos importados, el importador debe asumir la responsabilidad de la declaración UE de conformidad [(224)](#ntr224-C_2022247ES.01000101-E0224).

La declaración UE de conformidad debe mantenerse actualizada [(225)](#ntr225-C_2022247ES.01000101-E0225). La declaración UE de conformidad es específica para cada producto individual, incluso si los productos se fabrican en serie. En la práctica, la misma versión de la declaración UE de conformidad puede ser aplicable a muchos productos individuales fabricados en serie. No obstante, tan pronto como cambie alguno de los elementos de la declaración UE de conformidad, la versión de dicha declaración deberá actualizarse para los productos introducidos en el mercado después de dicho cambio. Tales cambios pueden ser, por ejemplo, cambios en la legislación, cambios en las versiones de las normas armonizadas o cambios en los datos de contacto del fabricante o del representante autorizado.

El contenido de la declaración UE de conformidad hace referencia al modelo de declaración incluido en el anexo III de la Decisión n.o 768/2008/CE, o bien al modelo de declaración adjunto directamente a la legislación sectorial de armonización de la Unión correspondiente. La norma EN ISO/IEC 17050-1 ha sido redactada con el objetivo de proporcionar los criterios generales para la declaración de conformidad, y también puede ser usada como documento de orientación siempre que esté en consonancia con la legislación de armonización de la Unión aplicable. La declaración puede adoptar la forma de un documento, una etiqueta u otro elemento equivalente, y debe contener suficiente información para permitir el rastreo hasta la declaración de todos los productos que contempla.

El modelo de declaración de la Decisión n.o 768/2008/CE contiene:

|  |  |
| --- | --- |
| 1. | Un número que identifique al producto. Este número no debe ser único para cada producto, sino que puede hacer referencia a un producto, un lote, un tipo o una serie [(226)](#ntr226-C_2022247ES.01000101-E0226). Esto se deja al criterio del fabricante [(227)](#ntr227-C_2022247ES.01000101-E0227). |

|  |  |
| --- | --- |
| 2. | El nombre y la dirección del fabricante o del representante autorizado que realiza la declaración. |

|  |  |
| --- | --- |
| 3. | Una afirmación de que la declaración de conformidad se expide bajo la exclusiva responsabilidad del fabricante. |

|  |  |
| --- | --- |
| 4. | Una identificación del producto que permita la trazabilidad. Se trata básicamente de cualquier información pertinente complementaria del punto 1 que describa el producto y que permita su trazabilidad. Puede ser pertinente para identificar el producto que contenga una imagen, pero, a menos que se especifique como requisito en la legislación de armonización de la Unión, este aspecto se deja al criterio del fabricante. |

|  |  |
| --- | --- |
| 5. | Toda la legislación de armonización de la Unión pertinente que se cumple, las normas citadas u otras especificaciones técnicas (como las normas y las especificaciones técnicas nacionales) de una manera precisa, completa y claramente definida; esto implica especificar la versión o la fecha de la norma pertinente. |

|  |  |
| --- | --- |
| 6. | El nombre y el número de identificación del organismo u organismos notificados si han participado en el procedimiento de evaluación de la conformidad [(228)](#ntr228-C_2022247ES.01000101-E0228) , [(229)](#ntr229-C_2022247ES.01000101-E0229) y la referencia al certificado o los certificados pertinentes, en su caso. |

|  |  |
| --- | --- |
| 7. | Toda la información adicional que pueda ser requerida (por ejemplo, clase o categoría), si procede. |

|  |  |
| --- | --- |
| 8. | La fecha de publicación de la declaración; la firma y el cargo o un marcado equivalente de la persona autorizada [(230)](#ntr230-C_2022247ES.01000101-E0230) , [(231)](#ntr231-C_2022247ES.01000101-E0231); podría ser cualquier fecha posterior a la realización de la evaluación de la conformidad. |

Cuando a un producto se le aplican varios textos de la legislación de armonización de la UE, el fabricante o el representante autorizado debe presentar una declaración de conformidad única con respecto a todos esos actos de la Unión [(232)](#ntr232-C_2022247ES.01000101-E0232). A fin de reducir la carga administrativa de los operadores económicos y facilitar su adaptación a la modificación de uno de los actos de la Unión aplicables, la declaración única puede ser un expediente compuesto por las declaraciones de conformidad individuales pertinentes [(233)](#ntr233-C_2022247ES.01000101-E0233).

La declaración UE de conformidad debe ponerse a disposición de la autoridad de vigilancia previa solicitud. Por otra parte, la legislación de armonización de la Unión relativa a las máquinas, los equipos para uso en atmósferas potencialmente explosivas, los equipos radioeléctricos, los instrumentos de medida, las embarcaciones de recreo, los ascensores, los sistemas ferroviarios convencionales y de alta velocidad y los componentes de la red europea de gestión del tránsito aéreo exigen que los productos vayan acompañados por la declaración UE de conformidad.

La declaración UE de conformidad debe ser traducida a la lengua o las lenguas requeridas por el Estado miembro en cuyo mercado se introduce o comercializa el producto [(234)](#ntr234-C_2022247ES.01000101-E0234). La legislación de armonización de la Unión no especifica necesariamente quién tiene la obligación de traducirla. Por lógica, debería ser el fabricante u otro operador económico que comercialice el producto. La declaración UE de conformidad debe ir firmada por el fabricante o su representante autorizado. Si una traducción de la declaración UE de conformidad ha sido elaborada por otro operador económico y no está firmada por el fabricante, junto con la versión traducida debe suministrarse asimismo una copia de la declaración UE de conformidad original firmada por el fabricante.

4.5.   Requisitos en materia de marcado

4.5.1.   
Marcado ce

4.5.1.1.   Definición y función del marcado CE

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE indica la conformidad del producto con la legislación de la UE aplicable al producto que contempla el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE se coloca en productos que serán introducidos en el mercado del EEE y de Turquía, tanto si han sido fabricados en el EEE como en Turquía o en otro país. | |

El marcado CE es un indicador clave (pero no una prueba) de la conformidad de un producto con la legislación de la UE y permite la libre circulación de los productos dentro del mercado del EEE y de Turquía, tanto si han sido fabricados en el EEE como en Turquía o en otro país.

Los Estados miembros del Espacio Económico Europeo (EEE) [a saber, los Estados miembros de la UE y algunos países de la AELC (Islandia, Noruega y Liechtenstein)] no tienen permitido restringir la introducción en el mercado de los productos con marcado CE, a menos que dichas medidas estén justificadas por pruebas de la no conformidad de un producto. Esto también es de aplicación para los productos fabricados en terceros países que son vendidos en el EEE.

El marcado CE no indica que un producto ha sido elaborado en la Unión Europea. El marcado CE indica la conformidad con los requisitos establecidos por el (los) texto(s) correspondiente(s) de armonización de la Unión. Por tanto, debe ser considerado una información esencial para las autoridades de los Estados miembros, así como para otras partes pertinentes (por ejemplo, los distribuidores). El marcado CE no obedece a propósitos comerciales; es decir, no es una herramienta de comercialización.

El marcado CE es la consecuencia visible de todo un proceso que incluye la evaluación de la conformidad en un sentido amplio e indica que un producto es declarado por su fabricante como conforme con la legislación de armonización de la Unión.

4.5.1.2.   Relación con la legislación existente

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El Reglamento (CE) n.o 765/2008 establece los principios generales que rigen el marcado CE, mientras que la Decisión n.o 768/2008/CE contempla normas que rigen su colocación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los textos de armonización sectorial de la UE que contemplan el marcado CE se basan en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en la Decisión n.o 768/2008/CE. | |

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 establece la definición, el formato y los principios generales que rigen el marcado CE. La Decisión n.o 768/2008/CE contempla procedimientos de evaluación de la conformidad que llevan a su colocación.

La legislación sectorial de armonización de la Unión que contempla la colocación del marcado CE sigue principalmente los principios del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y de la Decisión n.o 768/2008/CE.

Por norma general [(235)](#ntr235-C_2022247ES.01000101-E0235), el marcado CE puede ser introducido en un acto legislativo de la UE como marcado de conformidad jurídica si:

|  |  |
| --- | --- |
| — | se utiliza el método de armonización total, que significa que se prohíben las normativas nacionales divergentes que regulan el mismo ámbito que el acto legislativo en cuestión: |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el acto de armonización de la Unión contiene procedimientos de evaluación de la conformidad con arreglo a la Decisión n.o 768/2008/CE. |

Sin embargo, existe una excepción a esta norma.

En aquellos casos debidamente justificados, un texto legislativo de armonización total conforme a la Decisión n.o 768/2008/CE puede contemplar un marcado diferente en lugar del marcado CE. Por ejemplo, la Directiva sobre equipos marinos no prevé el marcado CE, sino una marca de conformidad específica en forma de rueda de timón. El uso de la marca de la rueda de timón también está sujeto a los principios generales establecidos en el Reglamento (CE) n.o 765/2008 y en la Decisión n.o 768/2008/CE y cualquier referencia al marcado CE debe entenderse como referencia a la marca de la rueda de timón. De forma similar, para los equipos a presión transportables se requiere el marcado «Π» en vez del marcado CE.

4.5.1.3.   Quién debe (o no debe) colocar el marcado CE

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE es colocado por el fabricante (establecido dentro o fuera de la Unión) o por su representante autorizado establecido dentro de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Al colocar el marcado CE, el fabricante declara bajo su exclusiva responsabilidad que el producto cumple todos los requisitos legislativos de la UE aplicables y que se han llevado a cabo satisfactoriamente los procedimientos de evaluación de la conformidad pertinentes. | |

El fabricante, tanto si tiene su sede dentro como fuera de la Unión, es la entidad responsable en última instancia de la conformidad del producto con las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión y de la colocación del marcado CE. El fabricante puede conferir un mandato a un representante autorizado para que coloque el marcado CE en su nombre.

Al colocar el marcado CE en un producto, un fabricante declara, bajo su exclusiva responsabilidad (y con independencia de si un tercero ha participado en el proceso de evaluación de la conformidad), la conformidad con todos los requisitos jurídicos para obtener el marcado CE.

Si el importador, el distribuidor u otro operador introduce productos en el mercado con su propio nombre o marca comercial, o si los modifica, asumirá las responsabilidades del fabricante. Aquí se incluye la responsabilidad relativa a la conformidad del producto y la colocación del marcado CE. En este caso, debe tener información suficiente sobre el diseño y la fabricación del producto, puesto que asumirá la responsabilidad jurídica cuando coloque el marcado CE.

4.5.1.4.   Principios para la colocación del marcado CE

|  |
| --- |
| El marcado CE debe adoptar la forma que figura a continuación. Si el marcado CE es reducido o agrandado, se deben respetar las proporciones. |

![Image 2](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2022.247.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2022247ES.01006501.tif.jpg)
 El marcado CE debe colocarse de manera visible, legible e indeleble en el producto o en su placa de datos. No obstante, cuando no sea posible o no esté justificado debido a la naturaleza del producto, debe colocarse en el envase, en caso de que exista, o en la documentación adjunta. En principio, el marcado CE no se debe colocar hasta que se haya completado el procedimiento de evaluación de la conformidad para garantizar que el producto cumple todas las disposiciones de los actos de armonización de la UE pertinentes. Habitualmente esto tiene lugar cuando concluye la fase de producción. Esto no plantea ningún problema si, por ejemplo, el marcado CE figura en una placa de datos que no se coloca en el producto sino hasta después de la inspección final. No obstante, si (por ejemplo) el marcado CE se coloca mediante estampación o moldeo, puede ser colocado en cualquier otro momento de la fase de producción, siempre que se verifique la conformidad del producto en el marco del proceso de producción.

El requisito de visibilidad significa que el marcado CE debe ser fácilmente accesible para todas las partes. Por ejemplo, podría ser colocado en la parte posterior o inferior de un producto. El requisito de visibilidad no implica necesariamente que el marcado CE deba ser visible antes de abrir el envase de un producto, ya que solo es necesario colocar el marcado CE también en el envase en caso de que así lo requieran explícitamente los actos de la Unión pertinentes. En el caso de los productos que requieren un montaje, el marcado CE debe seguir siendo visible después del montaje, pero no necesita ser visible después de la instalación final ni durante el uso normal. Se exige una altura mínima de 5 mm, para garantizar que sea legible. Sin embargo, de conformidad con varios textos legislativos [(236)](#ntr236-C_2022247ES.01000101-E0236), se puede prescindir de las dimensiones mínimas del marcado CE en el caso de los aparatos o componentes pequeños.

El marcado CE puede adoptar distintas formas (por ejemplo, color, sólido/hueco) siempre que siga siendo visible y legible y se respeten sus proporciones. También debe ser indeleble, de manera que en circunstancias normales no se pueda eliminar sin dejar rastros perceptibles (por ejemplo, algunas normas sobre productos prevén un ensayo de frotado con agua y alcoholes de petróleo). Corresponde al fabricante garantizar que su solución tecnológica satisfaga los requisitos de visibilidad, legibilidad e indelebilidad [(237)](#ntr237-C_2022247ES.01000101-E0237). Sin embargo, esto no significa que el marcado CE deba formar parte integral del producto.

No obstante, en algunos casos la colocación del marcado CE en el producto es inviable (por ejemplo, en determinados tipos de explosivos) o no resulta posible en unas condiciones técnicas o económicas razonables. Por otra parte, pueden darse casos en los que no sea posible respetar las dimensiones mínimas para la colocación o en los que no se pueda garantizar que el marcado CE sea colocado de manera visible, legible e indeleble.

En tales casos, el marcado CE puede ser colocado en el envase, si existe, o en la documentación adjunta, en caso de que la legislación de armonización de la Unión en cuestión contemple la existencia de dicha documentación. El marcado CE en el producto no se debe omitir ni desplazar al envase o a la documentación adjunta por razones puramente estéticas.

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE establecen que el marcado CE debe tener las dimensiones, el formato y las proporciones definidos en el anexo II del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y estar colocado de manera legible y clara. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 y la Decisión n.o 768/2008/CE no prohíben ningún tipo de diseño (por ejemplo, el diseño «hueco»), siempre que se respeten las condiciones anteriores. Sin embargo, no está permitido utilizar únicamente el etiquetado electrónico.

Además, si se venden productos a través de internet, resulta útil indicar en el sitio web en cuestión el marcado CE y todas las advertencias requeridas contempladas en la legislación aplicable y que sean visibles antes de que el usuario final realice la compra.

4.5.1.5.   Colocación del marcado CE junto al número de identificación del organismo notificado

Cuando un organismo notificado participa en la fase de control de la producción de conformidad con la legislación de armonización de la Unión aplicable, su número de identificación debe figurar junto al marcado CE. El fabricante o el representante autorizado coloca el número de identificación si la legislación así lo exige, bajo la responsabilidad del organismo notificado.

Un organismo notificado puede participar en la fase de producción, dependiendo de los procedimientos de evaluación de la conformidad aplicados. El marcado CE debe ir seguido por el número de identificación del organismo notificado solamente si este ha intervenido en la fase de producción. Así, el número de identificación de un organismo notificado que haya participado en la evaluación de la conformidad en la fase de diseño con arreglo al módulo B no sigue al marcado CE. En ocasiones, varios organismos notificados participan en la fase de producción, algo posible cuando hay más de un texto de armonización de la UE aplicable. En estas situaciones, varios números de identificación siguen al marcado CE.

Por tanto, si el marcado CE aparece en productos sin un número de identificación, esto significa:

|  |  |
| --- | --- |
| — | que ningún organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño o de producción (módulo A); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | que, por decisión del fabricante, el organismo interno acreditado ha intervenido en la fase de producción (módulos A1 y A2); |

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| — | que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B), pero ningún organismo notificado ha intervenido en la fase de producción (módulo C que sigue el módulo B); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B) y, por decisión del fabricante, el organismo interno acreditado ha intervenido en la fase de producción (módulos C1 y C2 que siguen al módulo B). |

No obstante, si el marcado CE aparece en productos con un número de identificación [(238)](#ntr238-C_2022247ES.01000101-E0238), esto significa:

|  |  |
| --- | --- |
| — | que, por decisión del fabricante, un organismo notificado ha intervenido en la fase de producción (módulos A1 y A2); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B) y que, por decisión del fabricante, un organismo notificado (no necesariamente el mismo, sino otro cuyo número de identificación aparece) ha intervenido en la fase de producción (módulos C1 y C2 que siguen al módulo B); |

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| --- | --- |
| — | que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño (módulo B) y que un organismo notificado (no necesariamente el mismo, sino otro cuyo número de identificación aparece) ha intervenido en la fase de producción (módulos C1, C2, D, E y F que siguen al módulo B); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o bien que un organismo notificado ha intervenido en la fase de diseño y producción (módulos D1, E1, F1, G1, H y H1). |

El marcado CE y el número de identificación del organismo notificado no deben ser colocados necesariamente dentro de la Unión. Pueden ser colocados en un tercer país, por ejemplo, si el producto es fabricado allí y si el organismo notificado llevó a cabo la evaluación de la conformidad en dicho país en consonancia con la legislación de armonización de la Unión pertinente. El marcado CE y el número de identificación también pueden ser colocados por separado, siempre que sigan estando combinados.

4.5.1.6.   Qué productos deben (o no deben) presentar el marcado CE

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE debe colocarse antes de que cualquier producto sujeto a él sea introducido en el mercado, excepto cuando la legislación de armonización de la Unión específica disponga lo contrario. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando los productos estén sujetos a varios actos de armonización de la Unión que dispongan la colocación del marcado CE, dicho marcado indica que los productos son declarados conformes con las disposiciones de todos estos actos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto solamente puede llevar colocado el marcado CE si está regulado por la legislación de armonización de la Unión que contempla su colocación. | |

No todos los productos deben llevar el marcado CE [(239)](#ntr239-C_2022247ES.01000101-E0239). La obligación de colocar el marcado CE se extiende a todos los productos comprendidos en el ámbito de aplicación de los actos legislativos que contemplan su colocación y que están destinados al mercado de la Unión. Así, el marcado CE se debe colocar:

|  |  |
| --- | --- |
| — | en todos los productos de fabricación reciente que estén sujetos a la legislación que contempla el marcado CE, tanto si han sido fabricados en los Estados miembros como en terceros países; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en los productos usados y de segunda mano importados desde terceros países que estén sujetos a la legislación que contempla el marcado CE; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | en productos sustancialmente modificados que, al igual que los nuevos, están sujetos a la legislación que contempla el marcado CE y que han sido modificados de una manera que podría afectar a la seguridad o a la conformidad del producto con la legislación de armonización aplicable. |

En algunos casos, se considera que un producto es final a efectos de un determinado acto de armonización de la Unión y debe llevar colocado el marcado CE. Este mismo producto será entonces incorporado a otro producto final que, a su vez, está sujeto a otro acto de armonización de la Unión que también exige el marcado CE. Esto genera una situación en la que un producto puede llevar colocado más de un marcado CE [(240)](#ntr240-C_2022247ES.01000101-E0240).

La legislación de armonización de la Unión que contempla, en general, el marcado CE puede excluir la aplicación del marcado CE en determinados productos. Por norma general, estos productos gozan de libre circulación si:

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| a. | Van acompañados de:   |  |  | | --- | --- | | — | una declaración de incorporación en el caso de las cuasi máquinas, de conformidad con la Directiva relativa a las máquinas; |  |  |  | | --- | --- | | — | una declaración del fabricante o del importador en el caso de las embarcaciones semiacabadas contempladas en la Directiva relativa a las embarcaciones de recreo y a las motos acuáticas. | |

|  |  |
| --- | --- |
| b. | Van acompañados de una declaración de conformidad en el caso de los componentes, como los define la Directiva sobre aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX). |

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| c. | Van acompañados de una declaración en el caso de:   |  |  | | --- | --- | | — | los productos sanitarios a medida y los productos destinados a investigaciones clínicas contemplados en la legislación sobre los productos sanitarios; |  |  |  | | --- | --- | | — | los productos destinados a la evaluación de prestaciones contemplados en la legislación sobre los productos sanitarios para diagnóstico in vitro. | |

|  |  |
| --- | --- |
| d. | Van acompañados de un certificado de conformidad en el caso de los equipos contemplados en la Directiva sobre los aparatos de gas. |

|  |  |
| --- | --- |
| e. | El producto lleva el nombre del fabricante y una indicación de su capacidad máxima en el caso de los instrumentos no sujetos a una evaluación de la conformidad con arreglo a la Directiva sobre los instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático. |

|  |  |
| --- | --- |
| f. | El producto está fabricado de conformidad con prácticas de ingeniería sólidas en el caso de algunos recipientes contemplados en las Directivas sobre los recipientes a presión simples y los equipos a presión. |

Además, la Directiva sobre equipos a presión da derecho a los Estados miembros a autorizar, dentro de su territorio, la introducción en el mercado y la puesta en servicio por parte de usuarios de equipos a presión o conjuntos que no lleven colocado el marcado CE, pero que hayan sido objeto de una evaluación de la conformidad llevada a cabo por un organismo de inspección de los usuarios en lugar de un organismo notificado.

4.5.1.7.   Marcado CE y otros marcados

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El marcado CE es el único marcado de conformidad que indica que un producto cumple la legislación de armonización de la Unión aplicable y que contempla el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros deben abstenerse de introducir referencia alguna a otros marcados de conformidad en sus normativas nacionales que pudieran solaparse con el marcado CE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto puede llevar colocados marcados y marcas adicionales, siempre que desempeñen una función distinta a la del marcado CE, que no puedan generar confusión con este y que no reduzcan su legibilidad y su visibilidad. | |

El marcado CE sustituye a todos los marcados de conformidad obligatorios que tengan el mismo significado y que existían antes de que se produjera la armonización. Estos marcados de conformidad nacionales son incompatibles con el marcado CE y constituyen una infracción de la legislación europea aplicable correspondiente. Cuando se transpone la legislación de armonización de la Unión, los Estados miembros están obligados a incorporar el marcado CE en sus normativas nacionales y sus procedimientos administrativos. Asimismo, deben abstenerse de introducir en su legislación nacional cualquier otro marcado de conformidad que tenga el mismo significado que el marcado CE.

Sin embargo, es posible utilizar otros marcados siempre que contribuyan a la protección del interés público, que no estén regulados por la legislación de armonización de la Unión y que su colocación no perjudique a la visibilidad, la legibilidad y el significado del marcado CE. La colocación de marcados adicionales (como una marca comercial protegida de un fabricante u otros marcados privados o nacionales) se permite en la medida en que dichos marcados no generen confusión con el marcado CE. Esta confusión puede referirse al significado o a la forma del marcado CE.

A este respecto, los marcados adicionales al marcado CE deben desempeñar una función diferente de la del marcado CE. Así pues, deben aportar información sobre la conformidad con unos objetivos diferentes de aquellos a los que hace referencia el marcado CE (por ejemplo, aspectos ambientales no regulados por la legislación de armonización de la Unión aplicable).

Por otra parte, varios actos de armonización de la Unión prevén marcados adicionales que son complementarios y que no se solapan con el marcado CE (véase el punto 4.5.2).

4.5.1.8.   Sanciones

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros deben velar por la correcta aplicación del régimen que rige el marcado CE y adoptar las medidas adecuadas en caso de un uso incorrecto del marcado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros deben establecer asimismo las sanciones aplicables a las infracciones, que podrán incluir sanciones penales por infracciones graves. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un Estado miembro debe notificar a la Comisión y a los demás Estados miembros cuando decide restringir la libre circulación debido a una colocación incorrecta del marcado CE o cuando emprende acciones contra los responsables de un producto no conforme que lleva colocado el marcado CE. | |

El marcado CE ofrece la primera indicación de que se puede dar por supuesto que se han llevado a cabo los controles necesarios, antes de la introducción en el mercado del producto correspondiente, para garantizar su conformidad con los requisitos legislativos. Las autoridades de vigilancia del mercado tienen derecho a instaurar controles adicionales para la protección del interés público. La medida que deben adoptar las autoridades de vigilancia del mercado debe decidirse de manera individual con arreglo al principio de proporcionalidad.

Los Estados miembros deben contemplar en sus legislaciones nacionales medidas apropiadas tanto para impedir el abuso y el uso indebido del marcado CE como para subsanar la situación si se produce un abuso o un uso indebido. Estas medidas deben ser eficaces, proporcionadas a la gravedad de la infracción y disuasorias, y pueden ser más severas si el operador económico pertinente ya ha cometido previamente una infracción similar. En caso necesario, pueden incluir la retirada, la recuperación de productos, sanciones y sanciones penales (como multas y encarcelamiento).

Las medidas son impuestas sin perjuicio de otras medidas adoptadas cuando las autoridades de vigilancia del mercado consideren que un producto plantea un riesgo o no cumple la legislación aplicable. Por otra parte, los Estados miembros deben garantizar que se apliquen las medidas.

A este respecto, la colocación del marcado CE en un producto que no está regulado por ninguna legislación de armonización de la Unión que contemple su colocación se considera un engaño porque es probable los consumidores o los usuarios, por ejemplo, tengan la impresión de que el producto correspondiente cumple determinadas disposiciones de la legislación de armonización de la Unión. Por tanto, las autoridades competentes deben tener a su disposición instrumentos jurídicos que les permitan actuar contra el uso engañoso del marcado CE. También se debe actuar contra quienes son responsables de un producto no conforme en el que figura el marcado CE.

La colocación de marcados añadidos al marcado CE está sujeta a algunas restricciones [(241)](#ntr241-C_2022247ES.01000101-E0241). La autoridad de vigilancia debe adoptar las medidas necesarias para garantizar que estos principios son respetados y, si fuera necesario, intervenir de manera apropiada.

Un Estado miembro debe informar a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de su decisión de restringir la libre circulación debido a una colocación incorrecta del marcado CE, así como acerca de su intervención contra la persona responsable de la colocación del marcado CE en un producto no conforme. Seguidamente, los demás Estados miembros decidirán si una intervención similar es necesaria o no. En el caso de una colocación indebida del marcado CE en productos no sujetos al requisito del marcado CE, el Estado miembro debe informar a la Comisión y a los demás Estados miembros al respecto.

4.5.2.   
Otros marcados obligatorios

|  |
| --- |
| Varios textos de la legislación de armonización de la Unión prevén marcados adicionales que son complementarios y que no se solapan con el marcado CE. |

Los pictogramas u otros marcados que indican, por ejemplo, la categoría de uso son, de conformidad con parte de la legislación de armonización de la Unión, complementarios del marcado CE, pero no forman parte de este ni pueden sustituirlo. En general, estos marcados se rigen por los mismos principios que el marcado CE. Algunos ejemplos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | la etiqueta energética de la UE para productos relacionados con la energía; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el marcado específico de protección contra las explosiones requerido para los equipos y los sistemas de protección destinados a usarse en atmósferas potencialmente explosivas; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el marcado adicional de metrología requerido para los instrumentos de medida y para los instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático. |

5.   EVALUACION DE LA CONFORMIDAD

5.1.   Módulos de evaluación de la conformidad

5.1.1.   
¿qué es la evaluación de la conformidad?

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La evaluación de la conformidad es el proceso llevado a cabo por el fabricante para demostrar si se cumplen o no los requisitos específicos relativos a un producto. |  |  |  | | --- | --- | | — | Un producto está sujeto a una evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción. | |

Dos elementos importantes de todo acto legislativo relativo a los productos son:

|  |  |
| --- | --- |
| — | los requisitos legislativos que rigen las características de los productos regulados, |

|  |  |
| --- | --- |
| — | y los procedimientos de evaluación de la conformidad que el fabricante lleva a cabo para demostrar que un producto, antes de ser introducido en el mercado, cumple los requisitos legislativos. |

Esta guía trata la evaluación de conformidad según se establece en la Decisión n.o 768/2008/CE (en especial para la legislación de armonización de la Unión en el marco del «nuevo enfoque» y ahora el nuevo marco legislativo).

Un producto está sujeto a una evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción. La evaluación de la conformidad es una responsabilidad del fabricante. Aunque un fabricante subcontrate el diseño o la producción, seguirá siendo responsable de la evaluación de la conformidad en ambas fases.

La evaluación de la conformidad no debe ser confundida con la vigilancia del mercado, que consiste en controles por parte de las autoridades nacionales de vigilancia del mercado una vez el producto ha sido introducido en este. No obstante, ambas técnicas son complementarias e igualmente necesarias para garantizar la protección de los intereses públicos en juego y el buen funcionamiento del mercado interior.

El objetivo fundamental de un procedimiento de evaluación de la conformidad es demostrar que los productos introducidos en el mercado cumplen los requisitos expresados en las disposiciones de la legislación pertinente.

5.1.2.   
La estructura modular de la evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la unión

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | En la legislación de armonización de la Unión, los procedimientos de evaluación de la conformidad abarcan tanto la fase de diseño como la de producción. Están compuestos por uno o dos módulos. Algunos módulos abarcan ambas fases. En otros casos, en cada fase se utilizan módulos distintos. |  |  |  | | --- | --- | | — | La Decisión n.o 768/2008/CE establece el «menú horizontal» de módulos de evaluación de la conformidad y las maneras en que los procedimientos están compuestos por módulos. |  |  |  | | --- | --- | | — | El legislador selecciona, en el menú de módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad (recogido en la Decisión n.o 768/2008/CE), los más apropiados para el sector de que se trate. | |

En virtud de la legislación de armonización de la Unión, los procedimientos de evaluación de la conformidad están compuestos por uno o dos módulos de evaluación de la conformidad. Dado que los productos están sujetos a una evaluación de la conformidad tanto durante la fase de diseño como durante la de producción, el procedimiento de evaluación de la conformidad abarca ambas fases, mientras que un módulo puede abarcar:

|  |  |
| --- | --- |
| — | una de esas dos fases (en el caso de que un procedimiento de evaluación de la conformidad esté compuesto por dos módulos), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | o ambas (en este caso el procedimiento de evaluación de la conformidad está compuesto por un solo módulo). |

La Decisión n.o 768/2008/CE establece un «menú horizontal» de módulos de evaluación de la conformidad y las maneras en que los procedimientos están compuestos por módulos.

El legislador selecciona, en el menú de módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad (recogido en la Decisión n.o 768/2008/CE), el (los) más apropiado(s) para abordar las necesidades específicas del sector de que se trate [(242)](#ntr242-C_2022247ES.01000101-E0242). Se deben seleccionar los módulos menos arduos teniendo en cuenta el tipo de productos y de peligros implicados, la incidencia sobre la protección de los intereses públicos, la infraestructura económica del sector correspondiente, los métodos de producción, etc. Si resulta posible, se debe permitir la elección de los módulos de inspección, certificación o aseguramiento de la calidad.

Los procedimientos de evaluación de la conformidad son equivalentes desde un punto de vista jurídico, aunque no técnicamente idénticos en términos de métodos. Su aplicación en la legislación sectorial pretende ofrecer un alto grado de confianza con respecto a la conformidad de los productos con los requisitos esenciales pertinentes.

La intención de los módulos establecidos en la Decisión n.o 768/2008/CE es permitir un número limitado de procedimientos posibles.

No obstante, la opción ofrecida debe ser suficientemente variada para poder ser aplicable a la gama más amplia de productos.

La legislación de armonización de la Unión establece procedimientos de evaluación de la conformidad, bien sin dejar ninguna elección en manos del fabricante, o bien estableciendo un abanico de procedimientos entre los que el fabricante debe elegir. Dado que derivan de la Decisión n.o 768/2008/CE, los procedimientos de evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión se mantienen constantes y coherentes. Por tanto, la evaluación de la conformidad del producto gana en transparencia, especialmente en los casos en que al producto se le aplica más de un acto legislativo de armonización.

5.1.3.   
Agentes de la evaluación de la conformidad. Posicionamiento de la evaluación de la conformidad en la cadena de suministro

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La evaluación de la conformidad es responsabilidad del fabricante, tanto si la legislación contempla la participación de un organismo notificado o de un organismo interno de evaluación de la conformidad acreditado como si no. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los principales agentes de la evaluación de la conformidad son el legislador, el fabricante y (si la legislación lo contempla) el organismo notificado o el organismo interno de evaluación de la conformidad acreditado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los módulos usados para la fase de diseño y la de producción en su conjunto, o para estas fases por separado, pueden implicar o no a un organismo notificado. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos internos de evaluación de la conformidad acreditados deben demostrar el mismo nivel de competencia técnica y de imparcialidad que los organismos notificados. | |

La evaluación de la conformidad es una responsabilidad del fabricante. Sin embargo, si la legislación pertinente lo requiere, en el procedimiento de evaluación de la conformidad puede intervenir un tercero.

En total, existen tres posibilidades:

|  |  |
| --- | --- |
| — | No hay participación de terceros. Esto puede afectar a casos en los que, según el legislador, una declaración (acompañada por la documentación y los análisis técnicos pertinentes) del fabricante es suficiente para garantizar la conformidad del producto o productos en cuestión con respecto a los requisitos legislativos correspondientes. En este caso, el propio fabricante lleva a cabo todos los controles y las verificaciones requeridos, redacta la documentación técnica y garantiza la conformidad del proceso de producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | La evaluación de la conformidad es realizada con la participación de un organismo interno de evaluación de la conformidad acreditado que forma parte de la organización del fabricante. Sin embargo, este organismo interno no debe ejercer otras actividades aparte de las evaluaciones de la conformidad y debe ser independiente de cualquier entidad comercial, de diseño y de producción (para obtener más información, véase el artículo R21 del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). Debe demostrar la misma competencia técnica e imparcialidad que los organismos de evaluación de la conformidad externos, por medio de la acreditación. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando resulte apropiado para un sector concreto, el legislador puede reconocer el hecho de que los fabricantes utilizan instalaciones o laboratorios de ensayo muy bien equipados. Esto puede suceder con los productos complejos nuevos e innovadores, en relación con los cuales son los fabricantes quienes tienen los conocimientos técnicos especializados en materia de ensayo. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En otros casos, el legislador puede considerar necesaria la intervención de un tercero, es decir, de un organismo de evaluación de la conformidad externo. Este organismo debe ser imparcial y totalmente independiente de la organización o del producto que evalúa (véase también el artículo R17, apartado 3, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE), no puede participar en ninguna actividad que pudiera ser incompatible con su independencia [véase también el artículo R21, apartado 2, letra c), del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE] y, por tanto, no puede tener intereses como usuario o de otro tipo en el producto que va a evaluar. |

Los Estados miembros tienen la responsabilidad de notificar a los terceros organismos de evaluación de la conformidad incluidos en su jurisdicción que consideren técnicamente competentes para evaluar la conformidad de los productos con los requisitos de la legislación de armonización de la Unión aplicables en su caso. Los organismos internos no pueden ser notificados, pero deben demostrar la misma competencia técnica que los organismos externos, por medio de la acreditación. Los Estados miembros también deben garantizar que los organismos (internos o externos) mantienen permanentemente su competencia técnica.

Teniendo en cuenta lo anterior, las partes interesadas en un procedimiento de evaluación de la conformidad son las siguientes:

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| a) | El legislador, que:   |  |  | | --- | --- | | — | establece los requisitos jurídicos que deben cumplir los productos; |  |  |  | | --- | --- | | — | selecciona los módulos o procedimientos de evaluación de la conformidad en el menú establecido con arreglo la Decisión n.o 768/2008/CE. | |

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| b) | El fabricante, que:   |  |  | | --- | --- | | — | diseña, fabrica y somete a ensayo el producto, o que encarga su diseño, fabricación o ensayo; |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica del producto; |  |  |  | | --- | --- | | — | adopta todas las medidas necesarias para garantizar la conformidad de los productos; |  |  |  | | --- | --- | | — | tras una evaluación positiva de los productos, redacta la declaración UE de conformidad y coloca el marcado CE en los productos si la legislación así lo requiere; |  |  |  | | --- | --- | | — | tras la intervención de un organismo notificado, coloca el número de identificación del organismo notificado en el producto si la legislación así lo exige. |   Debe quedar claro que siempre es el fabricante quien asume la responsabilidad por la conformidad de sus productos con los requisitos legislativos pertinentes. En este sentido, y a efectos de la legislación de armonización de la Unión, el operador económico que introduce el producto en el mercado con su nombre o marca comercial pasa a ser automáticamente el fabricante. Por tanto, asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto, incluso si estas fases las ha llevado a cabo otra persona. Además, ha de estar en posesión de toda la documentación y, si procede, de todos los certificados necesarios para demostrar la conformidad del producto, aunque no es necesario que dichos documentos estén a su nombre. |

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| c) | El organismo (interno o externo) de evaluación de la conformidad, que:   |  |  | | --- | --- | | — | realiza controles y evaluaciones, si la legislación así lo dispone; |  |  |  | | --- | --- | | — | tras una evaluación positiva, emite el certificado o la acreditación de aprobación que requiere la legislación aplicable. | |

Un organismo de evaluación de la conformidad que desee llevar a cabo una evaluación de la conformidad para uno o varios módulos en virtud de un determinado texto legislativo de armonización de la UE debe ser evaluado con arreglo a todos los requisitos para los diferentes módulos en relación con los cuales desea ofrecer sus servicios (véase el punto 5.2.3). Un organismo que desee ofrecer servicios de evaluación de la conformidad en virtud de un acto de armonización de la Unión debe ofrecer servicios al menos para un módulo de los indicados en el acto de armonización de la Unión. Hay que señalar que el organismo no está obligado a ofrecer servicios para más de un módulo, pero debe asumir la responsabilidad de un módulo en su totalidad.

La posición exacta de la evaluación de la conformidad en la cadena de suministro se indica en el organigrama 2.

Organigrama 2

Evaluación de la conformidad

![Image 3](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2022.247.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2022247ES.01007301.tif.jpg)

5.1.4.   
Los módulos y sus variantes

|  |
| --- |
| Existen ocho módulos. Algunos de ellos tienen variantes. |

Existen ocho módulos (nombrados con las letras de la A a la H). Establecen las responsabilidades del fabricante (y de su representante autorizado) y el grado de implicación del organismo de evaluación de la conformidad notificado o interno acreditado. Son los componentes de los procedimientos de la evaluación de la conformidad recogidos en la Decisión n.o 768/2008/CE, el «menú horizontal».

Varios módulos presentan variantes. El motivo para ofrecer variantes dentro de los módulos (esto es de aplicación a todas las variantes de todos los módulos recogidos en la Decisión n.o 768/2008/CE) es garantizar el nivel de protección necesario para los productos que plantean un alto grado de riesgo y al mismo tiempo evitar la imposición de un módulo demasiado gravoso. La idea es minimizar, en la medida de lo posible, la carga para los fabricantes.

5.1.5.   
Procedimientos de uno y dos módulos. Procedimientos por tipo (examen ue de tipo)

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| En algunos casos, el procedimiento de evaluación de la conformidad se efectúa en dos etapas:   |  |  | | --- | --- | | — | primero se realiza un examen de la conformidad de un ejemplar de muestra o del diseño del producto afectado; |  |  |  | | --- | --- | | — | a continuación, se determina la conformidad de los productos fabricados con respecto al ejemplar de muestra aprobado. | |

En algunos casos, por ejemplo, la producción en serie basada en un tipo o ejemplar de muestra «representativo de la producción prevista», y cuando el producto en cuestión tiene un diseño complejo, la legislación de la UE puede disponer el procedimiento de evaluación de la conformidad en dos etapas:

|  |  |
| --- | --- |
| — | en primer lugar, se realiza el examen de la conformidad del tipo o ejemplar de muestra con respecto a los requisitos jurídicos pertinentes (el denominado «examen UE de tipo, módulo B»), |

|  |  |
| --- | --- |
| — | y, seguidamente, se determina la conformidad de los productos fabricados con respecto al tipo UE aprobado. |

En estos casos, los procedimientos de evaluación de la conformidad están compuestos por dos módulos; el primer módulo siempre es el módulo B.

Este método no solamente reduce la carga y los costes, sino que también es más eficiente en comparación con un examen tradicional que evalúa directamente la conformidad de los productos con respecto a los requisitos jurídicos. Una vez aprobado el tipo (algo que se hace solo una vez por cada ejemplar de muestra específico), únicamente se debe comprobar si los productos que van a ser introducidos en el mercado son conformes al tipo aprobado.

El organismo de evaluación de la conformidad implicado en el módulo B no es necesariamente el mismo que participa en el módulo que se utiliza junto con el módulo B. La fecha de expedición del certificado del módulo expedido junto con el módulo B debe ser siempre posterior a la fecha del certificado del módulo B. Ambos certificados deben estar disponibles antes de la primera introducción del producto en el mercado.

En aquellos casos en que no se realice un examen UE de tipo, los procedimientos de evaluación de la conformidad estarán compuestos por un módulo de dos fases (diseño y producción).

El fabricante que procede con el módulo [(243)](#ntr243-C_2022247ES.01000101-E0243) que se utiliza junto con el módulo B no necesita ser la misma persona que posee el certificado de examen UE de tipo en aplicación del módulo B. Sin embargo, ese fabricante que después introduce el producto en el mercado asume íntegramente la responsabilidad de la evaluación de la conformidad (diseño y producción) del producto. En consecuencia, ha de estar en posesión de ambos certificados, aunque no hace falta que el certificado de examen UE de tipo esté a su nombre, así como del historial completo del producto. En cualquier caso, debe garantizarse que el certificado pueda asignarse, sin duda alguna, al producto que se introduce en el mercado. Debe contar con toda la información y los datos administrativos y técnicos, así como la información sobre el ensayo de tipo realizado, gestionar la documentación técnica relacionada con el ensayo de tipo y haber efectuado ensayos por lotes. De hecho, el anterior razonamiento se aplica a todos los módulos y procedimientos, independientemente de si se trata de un procedimiento de evaluación de la conformidad de una o dos fases. En los casos en los que un fabricante depende de otro u otros fabricantes para el diseño y la producción del producto, tiene que haber pruebas de que se mantiene al fabricante totalmente informado de cualquier cambio en el diseño, la producción y la evaluación de la conformidad del producto.

Es necesario que el certificado demuestre que el módulo adecuado se ha llevado a cabo en su totalidad para el producto específico al que se refiere.

5.1.6.   
Módulos basados en el aseguramiento de la calidad

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El uso de sistemas de aseguramiento de la calidad con fines de evaluación de la conformidad en la legislación de armonización de la Unión se describe en los módulos D, E y H y sus variantes. |  |  |  | | --- | --- | | — | A efectos de cumplir la legislación aplicable, el fabricante debe asegurarse de que el sistema de calidad es implantado y aplicado de tal manera que garantiza la plena conformidad de los productos con los requisitos legislativos correspondientes. |  |  |  | | --- | --- | | — | La conformidad del fabricante con las normas EN ISO 9000 y EN ISO 9001 otorga una presunción de conformidad con los módulos de aseguramiento de la calidad correspondientes con respecto a las disposiciones legislativas recogidas en estas normas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Además, el sistema de calidad debe tomar en consideración las características específicas de los productos implicados. | |

Algunos módulos y sus variantes se basan en técnicas de aseguramiento de la calidad y se derivan de las normas EN ISO 9000 [(244)](#ntr244-C_2022247ES.01000101-E0244) y EN ISO 9001 [(245)](#ntr245-C_2022247ES.01000101-E0245). Los módulos basados en técnicas de aseguramiento de la calidad (módulos D, E, H y sus variantes) describen los elementos que un fabricante debe implantar en su organización para demostrar que el producto cumple los requisitos esenciales de la legislación aplicable.

Esto significa que un fabricante tiene la posibilidad de utilizar un sistema de calidad aprobado para demostrar la conformidad con los requisitos reglamentarios. El sistema de calidad es evaluado por el organismo notificado.

Un sistema de calidad implantado sobre la base de las normas EN ISO 9000 y EN ISO 9001 otorga una presunción de conformidad con los respectivos módulos en lo tocante a las disposiciones de los módulos recogidas en estas normas, siempre que el sistema de calidad tenga en consideración las características específicas de los productos implicados.

Sin embargo, para ajustarse a dichos módulos el fabricante es libre de aplicar otros modelos de sistema de calidad no basados en la norma EN ISO 9001.

En cualquier caso, el fabricante debe abordar específicamente todas las disposiciones reglamentarias al aplicar su sistema de calidad, en particular:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Los objetivos de calidad, la planificación de la calidad y el manual de calidad deben tener plenamente en cuenta el objetivo de entregar productos que cumplan los requisitos esenciales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | El fabricante debe determinar y documentar los requisitos esenciales que son pertinentes para el producto, así como las normas armonizadas u otras soluciones técnicas que garantizarán la conformidad con estos requisitos. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las normas u otras soluciones técnicas en cuestión deben ser usadas como aportación al diseño y como verificación de que la producción de diseño garantiza que se cumplirán los requisitos esenciales. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Las medidas adoptadas para controlar la fabricación deben garantizar que los productos cumplen los requisitos esenciales determinados. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Los registros de calidad, como los informes de inspección y los datos de ensayo, los datos de calibración y los informes de cualificación del personal afectado deben ser aptos para garantizar la observancia de los requisitos esenciales aplicables. |

5.1.7.   
Resumen de los módulos

|  |  |
| --- | --- |
| Módulos | Descripción |
| A  Control interno de la producción | Abarca tanto el diseño como la producción.  El propio fabricante garantiza la conformidad de los productos con los requisitos legislativos (sin examen UE de tipo). |
| A1  Control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos | Abarca tanto el diseño como la producción.  Módulo A + ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo interno acreditado o bajo la responsabilidad de un organismo notificado elegido por el fabricante. |
| A2  Control interno de la producción más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios | Abarca tanto el diseño como la producción.  Módulo A + control del producto a intervalos aleatorios, realizado por un organismo notificado o un organismo interno acreditado. |
| B  Examen UE de tipo | Abarca el diseño.  Siempre va seguido de otros módulos mediante los que se demuestra la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado.  Un organismo notificado examina el diseño técnico o el ejemplar de muestra de un tipo y verifica y certifica que cumple los requisitos del instrumento legislativo que se le aplica, expidiendo un certificado de examen UE de tipo. Existen tres formas de llevar a cabo un examen UE de tipo: 1) tipo de producción, 2) combinación del tipo de producción y el tipo de diseño, y 3) tipo de diseño. |
| C  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B. |
| C1  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B.  Módulo C + ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo interno acreditado o bajo la responsabilidad de un organismo notificado elegido por el fabricante[(\*1)](#ntr*1-C_2022247ES.01000101-E0246). |
| C2  Conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante debe controlar internamente su producción a fin de garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE aprobado en el módulo B.  Módulo C + control del producto a intervalos aleatorios, ensayos sobre aspectos específicos del producto realizados por un organismo notificado o un organismo interno acreditado. |
| D  Conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del proceso de producción | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante utiliza un sistema de aseguramiento de la calidad de la producción (fase de fabricación e inspección del producto acabado) para garantizar la conformidad con el tipo UE. El organismo notificado evalúa el sistema de calidad. |
| D1  Aseguramiento de la calidad del proceso de producción | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante utiliza un sistema de aseguramiento de la calidad de la producción (fase de fabricación e inspección del producto acabado) con el objetivo de garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE, se utiliza como el módulo D, pero sin el módulo B). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad de la producción (fase de fabricación e inspección del producto acabado). |
| E  Conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del producto | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante utiliza un sistema de aseguramiento de la calidad del producto (calidad de la producción sin la fase de fabricación) para una inspección y un ensayo del producto acabado que garanticen la conformidad con el tipo UE. Un organismo notificado evalúa el sistema de calidad.  La idea que subyace al módulo E es similar a la del módulo D: ambos se basan en un sistema de calidad y siguen al módulo B. Su diferencia es que el sistema de calidad en el módulo E pretende garantizar la calidad del producto acabado, mientras que en el módulo D (y también en el D1) su objetivo es garantizar la calidad de todo el proceso de producción (que incluye la fase de fabricación y el ensayo del producto acabado). Por tanto, el módulo E es similar al módulo D, sin las disposiciones relativas al proceso de fabricación. |
| E1  Aseguramiento de la calidad de la inspección  y el ensayo del producto acabado | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante utiliza un sistema de aseguramiento de la calidad del producto (calidad de la producción sin la fase de fabricación) para una inspección y un ensayo del producto acabado que garanticen la conformidad con los requisitos legislativos [sin módulo B (tipo UE), se utiliza como el módulo E, pero sin el módulo B]. El organismo notificado evalúa el sistema de calidad.  La idea que subyace al módulo E1 es similar a la del módulo D1: ambos se basan en un sistema de calidad. Su diferencia es que el sistema de calidad en el módulo E1 pretende garantizar la calidad del producto acabado, mientras que en el módulo D1 su objetivo es garantizar la calidad de todo el proceso de producción (que incluye la fase de fabricación y el ensayo del producto final). Por tanto, el módulo E1 es similar al módulo D1, sin las disposiciones relativas al proceso de fabricación. |
| F  Conformidad con el tipo UE basada en la verificación del producto | Abarca la producción y sigue al módulo B.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado. El organismo notificado lleva a cabo el examen de los productos (ensayo de cada producto o comprobación estadística) para controlar la conformidad del producto con el tipo UE.  El módulo F es como el C2, pero el organismo notificado lleva a cabo controles de productos más sistemáticos. |
| F1  Conformidad basada en la verificación de los productos | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos. El organismo notificado lleva a cabo el examen de los productos (ensayo de cada producto o comprobación estadística) para controlar la conformidad del producto con los requisitos legislativos (sin tipo UE, se utiliza como el módulo F, pero sin el módulo B).  El módulo F1 es como el A2, pero el organismo notificado lleva a cabo unos controles de productos más detallados. |
| G  Conformidad basada en la verificación por unidad | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos. El organismo notificado verifica cada producto individual para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). |
| H  Conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante utiliza un sistema de pleno aseguramiento de la calidad para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad. El legislador puede |
| H1  Conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad más el examen del diseño | Abarca tanto el diseño como la producción.  El fabricante utiliza un sistema de pleno aseguramiento de la calidad para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE). El organismo notificado evalúa el sistema de calidad y el diseño del producto y expide un certificado de examen UE de diseño.  Comparado con el módulo H, el módulo H1 dispone además que el organismo notificado lleve a cabo un examen más detallado del diseño del producto.  El certificado de examen UE de diseño no debe ser confundido con el certificado de examen UE de tipo del módulo B, que atestigua la conformidad de un ejemplar de muestra «representativo de la producción prevista», de manera que la conformidad de los productos puede ser comprobada con respecto a este ejemplar de muestra. En el marco del certificado de examen UE de diseño del módulo H1 no existe este ejemplar de muestra. El certificado de examen UE de diseño atestigua que la conformidad del diseño del producto ha sido comprobada y certificada por un organismo notificado. |

5.1.8.   
Resumen de los procedimientos

Son posibles los siguientes procedimientos:

|  |  |
| --- | --- |
| — | A: control interno de la producción |

|  |  |
| --- | --- |
| — | A1: control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos |

|  |  |
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| — | A2: control interno de la producción más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + C: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción (C) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + C1: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos (C1) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + C2: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en el control interno de la producción más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios (C2) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + D: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del proceso de producción (D) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | D1: aseguramiento de la calidad del proceso de producción |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + E: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del producto (E) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | E1: aseguramiento de la calidad de la inspección y el ensayo del producto acabado |

|  |  |
| --- | --- |
| — | B + F: examen UE de tipo (B) seguido por la conformidad con el tipo UE basada en la verificación del producto (F) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | F1: conformidad basada en la verificación de los productos |

|  |  |
| --- | --- |
| — | G: conformidad basada en la verificación por unidad |

|  |  |
| --- | --- |
| — | H: conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad |

|  |  |
| --- | --- |
| — | H1: conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad más el examen del diseño |

![Image 4](./../../../resource.html?uri=uriserv:OJ.C_.2022.247.01.0001.01.SPA.xhtml.C_2022247ES.01007901.tif.jpg)

5.1.9.   
Justificación para seleccionar los módulos apropiados

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El legislador debe evitar los módulos demasiado gravosos para los objetivos de la legislación de armonización de la Unión implicada, aunque sin comprometer la protección del interés público. |  |  |  | | --- | --- | | — | La complejidad de los módulos seleccionados debe ser proporcional al riesgo (incidencia en el interés público, la salud, la seguridad o el medio ambiente) del producto, la complejidad de su diseño, la naturaleza de su producción (grandes series frente a series reducidas, a medida, mecanismos de producción sencillos frente a mecanismos complejos, etc.). | |

Al seleccionar los módulos para su instrumento legislativo, el legislador debe seguir los siguientes principios:

|  |  |
| --- | --- |
| — | Por norma general, antes de ser introducidos en el mercado, los productos se someten a módulos tanto de diseño como de producción. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando resulte apropiado en términos de protección del interés público, se debe ofrecer al fabricante un abanico para la elección de módulos lo más amplio posible. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si es suficiente que el fabricante realice él mismo todos los controles para garantizar la conformidad de los productos, entonces el legislador puede seleccionar el módulo A. Esto puede suceder con productos de complejidad baja (con un mecanismo de diseño y producción sencillo), que plantean un riesgo bajo para el interés general. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de la producción en serie basada en un tipo o ejemplar de muestra, y cuando el producto en cuestión tiene un diseño complejo o, por ejemplo, plantea un riesgo de incumplimiento más elevado, la legislación de la UE puede establecer el procedimiento de evaluación de la conformidad en dos fases: en primer lugar, el examen de la conformidad del prototipo o ejemplar de muestra con respecto a los requisitos jurídicos (examen UE de tipo, módulo B) y después la determinación de la conformidad de los productos con respecto al tipo UE aprobado (módulos C y variantes, D, E y F). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando el legislador ha optado por demostrar la evaluación de la conformidad con respecto a un ejemplar de muestra (módulo B), debe examinar la posibilidad de si es o no suficiente que el fabricante pueda realizar por sí mismo todos los controles para garantizar la conformidad en la fase de producción. En este caso, el legislador puede seleccionar el módulo C. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En muchos casos, el legislador debe reconocer que, con frecuencia, los fabricantes utilizan laboratorios o instalaciones de ensayo muy bien equipados. Habitualmente, esto sucede en el caso de los productos complejos nuevos e innovadores, en relación con los cuales son los fabricantes quienes tienen los conocimientos técnicos especializados en materia de ensayo. En estos casos, el legislador puede plantearse seleccionar los módulos A1 o A2, o bien el C1 o C2 (estos dos últimos, si ha optado por demostrar la evaluación de la conformidad con respecto a un ejemplar de muestra, módulo B), que permiten el uso de un organismo interno acreditado. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si la demostración de la conformidad de los productos con respecto a un tipo UE aprobado no puede ser dejada en manos del fabricante, sino que requiere que los productos sean supervisados por un organismo notificado durante el proceso de producción, el legislador puede requerir al fabricante que aplique un sistema de calidad aprobado (módulos D y E), o bien que se verifique la conformidad de sus productos por medio de ensayos o controles (módulo F). A este respecto, si el mecanismo de producción es relativamente «sencillo», el legislador puede considerar que bastará con que el sistema de calidad del fabricante se centre solo en el ensayo del producto acabado, sin incluir la fase específica de fabricación. En este caso, el módulo E es el más adecuado. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los productos con diseño sencillo pero producción o fabricación complicada, el legislador puede plantearse seleccionar los módulos D1, E1 y F1 y aprovechar así las ventajas de los módulos D, E y F, respectivamente, sin necesidad de recurrir a un examen más formal de los ejemplares de muestra (según se dispone en el módulo B que precede a los módulos D, E y F). |

|  |  |
| --- | --- |
| — | En el caso de los productos fabricados en series reducidas, el legislador puede considerar la elección del módulo G. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Si el fabricante utiliza o debe utilizar un sistema de calidad total que abarque tanto la fase de diseño como la de producción, el legislador puede optar por el módulo H. |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Cuando el fabricante utiliza un sistema de aseguramiento de la calidad total, pero es necesario que un organismo notificado lleve a cabo la verificación de la conformidad del diseño y la expedición del certificado de examen UE de diseño, el legislador puede seleccionar el módulo H1. |

5.2.   Organismos de evaluación de la conformidad

5.2.1.   
Organismos de evaluación de la conformidad y organismos notificados

|  |
| --- |
| Los organismos notificados realizan las tareas concernientes a los procedimientos de evaluación de la conformidad mencionados en la legislación de armonización técnica aplicable cuando se requiere la participación de un tercero. |

Un organismo de evaluación de la conformidad es una entidad que lleva a cabo diferentes elementos de la evaluación de la conformidad, incluidas una o varias de estas actividades: calibración, ensayo, certificación e inspección. Los organismos notificados son organismos de evaluación de la conformidad que han sido designados y notificados oficialmente por sus autoridades nacionales para llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad en el sentido de la legislación de armonización de la Unión aplicable cuando se exige la intervención de un tercero. Son denominados «organismos notificados» en el marco de la legislación de la UE.

Los organismos notificados asumen responsabilidades en áreas de interés público y, por consiguiente, deben seguir siendo responsables ante las autoridades nacionales competentes. Para ser designado, un organismo debe ser una persona jurídica establecida en el territorio de un Estado miembro y, por tanto, estar incluido dentro de su competencia jurídica. Los Estados miembros tienen libertad para decidir si notificar o no a un organismo que cumple los requisitos establecidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente.

5.2.2.   
Funciones y responsabilidades

|  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados tienen libertad para ofrecer sus servicios de evaluación de la conformidad, en el marco de su ámbito de notificación, a cualquier operador económico establecido tanto dentro como fuera de la Unión. Pueden ejercer estas actividades también en el territorio de otros Estados miembros o de terceros países. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben facilitar información pertinente a su autoridad notificante, a las autoridades de vigilancia del mercado y a otros organismos notificados. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben actuar de manera competente, no discriminatoria, transparente, neutral, independiente e imparcial. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben disponer del personal necesario, que posea conocimientos y experiencia suficientes y pertinentes para llevar a cabo la evaluación de la conformidad con arreglo a la legislación de armonización de la Unión de que se trate. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben adoptar las disposiciones adecuadas para garantizar la confidencialidad de la información obtenida en el transcurso de la evaluación de la conformidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados deben estar adecuadamente asegurados para dar cobertura a sus actividades profesionales, a menos que dicha responsabilidad esté asegurada en virtud de la legislación nacional del Estado miembro notificante. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los organismos notificados pueden demostrar su competencia por medio de la acreditación, que es la manera preferida de evaluar su competencia técnica. | |

Aunque el organismo notificado debe tener su sede en el territorio del Estado miembro notificante, puede ejercer actividades o contar con personal fuera del Estado miembro, o incluso fuera de la Unión. No obstante, los certificados y otras declaraciones de evaluación de la conformidad siempre son emitidos por el organismo notificado y en su nombre [(246)](#ntr246-C_2022247ES.01000101-E0247). Dado que el organismo notificado siempre ha de llevar a cabo sus funciones de evaluación en el marco de la competencia jurídica del Estado miembro que lo designa, debe informar a la autoridad notificante, que debe ser capaz de garantizar el seguimiento del organismo en su conjunto, ya que debe asumir la responsabilidad por sus actuaciones. Si el seguimiento no se considera posible, la autoridad notificante debe retirar o limitar el alcance de la notificación según se considere necesario.

Los organismos notificados deben mantener informadas de sus actividades (por ejemplo, en lo tocante a la realización de evaluaciones de conformidad, disponibilidad de recursos, subcontrataciones o situaciones de conflicto de intereses) a sus autoridades nacionales notificantes, ya sea directamente o a través de un organismo autorizado (por ejemplo, el organismo nacional de acreditación). Asimismo, deben estar preparados para facilitar, a instancias de sus autoridades notificantes o de la Comisión, toda la información relativa a la correcta aplicación de las condiciones en virtud de las que fueron notificados.

Los organismos notificados están sujetos a la obligación general de informar a las autoridades notificantes de todos los certificados rechazados, restringidos, suspendidos o retirados debido a incumplimientos relacionados con la seguridad y, previa petición, de los certificados expedidos o de otras actividades de evaluación de la conformidad realizadas. Además, los organismos notificados deben facilitar a otros organismos notificados con arreglo a la misma legislación de armonización de la Unión y que lleven a cabo actividades similares de evaluación de la conformidad y cubran los mismos productos información pertinente sobre aspectos relacionados con resultados negativos y, previa petición, positivos de las evaluaciones de la conformidad. Habida cuenta de los requisitos de confidencialidad que deben respetar los organismos notificados al llevar a cabo sus tareas, la información que deben intercambiar con otros organismos notificados no puede ser información comercial confidencial del producto. Por tanto, la información pertinente que debe intercambiarse sobre aspectos relacionados con unos resultados negativos de las evaluaciones de la conformidad debe hacer referencia, en primer lugar, a la negativa a emitir una declaración de evaluación de la conformidad en la que se identifiquen el producto y el fabricante en cuestión.

Asimismo, deben proporcionar a la autoridad de vigilancia del mercado y, de conformidad con determinadas legislaciones de armonización de la Unión, también a las autoridades de vigilancia del mercado de otros Estados miembros información pertinente a efectos de la vigilancia del mercado. Los organismos notificados como tales no son responsables de proporcionar la declaración UE de conformidad ni la documentación técnica. Dicho esto, en consonancia con el procedimiento vigente de evaluación de la conformidad, es posible que deban conservar la documentación técnica como parte del expediente técnico y, previa solicitud, facilitarla a la Comisión o a los Estados miembros [(247)](#ntr247-C_2022247ES.01000101-E0248). Por otra parte, los organismos notificados deben facilitar, a petición del departamento de la Comisión responsable de administrar la cláusula de salvaguardia, la información necesaria relacionada con los productos o con la evaluación de la conformidad.

Los organismos notificados son y deben seguir siendo terceros independientes de sus clientes y de otras partes interesadas. La condición jurídica de los organismos que solicitan la notificación, tanto si son privados como de titularidad pública, no es pertinente siempre que estén garantizadas su independencia, su imparcialidad y su integridad, y que sean identificables como personas jurídicas con derechos y obligaciones.

El requisito de independencia abarca a la organización en su conjunto, incluido el consejo de administración, y también se aplica a los organismos pertenecientes a asociaciones comerciales o a las federaciones profesionales.

Con el fin de garantizar la imparcialidad, el organismo notificado y su personal deben estar libres de cualquier presión comercial, financiera o de otro tipo que pueda influir en su criterio. El organismo también debe implantar procedimientos para garantizar que su trabajo no recibe influencias externas. La estructura del organismo debe salvaguardar su imparcialidad, especialmente si el organismo ejerce otras actividades además de las propias de un organismo notificado.

Por otra parte, el organismo debe contar con políticas y procedimientos que distingan entre las tareas que realiza como organismo notificado y cualquier otra actividad en la que tome parte, y debe dejar clara esta distinción a sus clientes. En consecuencia, el material de promoción no debe dar la impresión de que la evaluación u otras actividades ejercidas por el organismo están vinculadas a las tareas descritas en la legislación de armonización de la Unión aplicable.

Cuando un organismo de evaluación de la conformidad publica un informe de ensayo, lo hace en su condición de organismo de evaluación de la conformidad; solamente como organismo notificado puede expedir certificados de examen UE de tipo, un certificado en el que figuran, en particular, el nombre y el número de identificación del organismo notificado. Este no debe, bajo ninguna circunstancia, publicar un informe de ensayo en el que figure su número de organismo notificado [(248)](#ntr248-C_2022247ES.01000101-E0249) en relación con ensayos que no se especifican en la legislación, tanto si dichos ensayos son realizados por el propio organismo o por un organismo distinto. Por otra parte, un organismo notificado solamente puede utilizar su número en relación con actividades de evaluación de la conformidad llevadas a cabo en virtud del módulo específico de evaluación de la conformidad que requiere la intervención de un organismo notificado, y para el cual ha sido notificado el organismo en cuestión.

Los organismos notificados acreditados deben actuar como tales y mencionar siempre en los certificados que expidan que están acreditados, cuando la actividad esté cubierta por el certificado de acreditación.

Un organismo notificado debe exigir al fabricante que adopte las medidas correctoras apropiadas y, en caso necesario, suspender o retirar un certificado que ha expedido, si en el transcurso del seguimiento de la conformidad posterior a la expedición del certificado comprueba que el producto ya no es conforme [(249)](#ntr249-C_2022247ES.01000101-E0250).

En su condición de organismos notificados, no deben ofrecer o prestar servicios adicionales a menos que tengan un valor añadido para la evaluación de la conformidad del producto. Sin embargo, los organismos notificados pueden ofrecer cualquier tipo de servicios y marcados de evaluación de la conformidad cuando los productos estén destinados a mercados de terceros países no pertenecientes a la Unión Europea; por ejemplo, en contexto de los acuerdos de reconocimiento mutuo [(250)](#ntr250-C_2022247ES.01000101-E0251). Estas actividades deben estar claramente separadas de las actividades del organismo como organismo notificado. Los organismos notificados también deben asegurarse de que sus actividades ajenas al ámbito de la legislación de armonización técnica no comprometen o reducen la confianza en su competencia, su objetividad, su imparcialidad o su integridad operativa como organismos notificados. Los organismos notificados no pueden utilizar su número de organismo notificado para ejercer esas actividades. Los organismos notificados deben abstenerse, en particular, de expedir certificados con su número de organismo notificado a efectos de actos legislativos de armonización de la Unión distintos de aquellos para los que están notificados y que también requieran la intervención de un organismo notificado.

Un organismo notificado no puede ser el fabricante, el representante autorizado, un proveedor ni su competidor comercial, ni ofrecer o prestar (o haber ofrecido o prestado) asesoramiento o consejo a ninguna de estas partes en lo tocante al diseño, la construcción, la comercialización o el mantenimiento de los productos en cuestión. Sin embargo, esto no excluye la posibilidad de intercambiar información y orientaciones de carácter técnico entre el fabricante, el representante autorizado, los proveedores y el organismo notificado.

Para proteger la imparcialidad y evitar conflictos de interés, es importante establecer una distinción clara entre la evaluación de la conformidad realizada por organismos notificados antes de introducir los productos en el mercado y llevar a cabo la vigilancia del mercado. Además, las autoridades de vigilancia del mercado deben llevar a cabo sus funciones de manera independiente, imparcial y objetiva. Así pues, se considerará inapropiado designar a las autoridades de vigilancia del mercado como organismos notificados y deben introducirse las garantías necesarias para asegurar la imparcialidad y la ausencia de conflicto de interés si ambas responsabilidades se delegan en una única entidad [(251)](#ntr251-C_2022247ES.01000101-E0252)
, [(252)](#ntr252-C_2022247ES.01000101-E0253). Los organismos notificados deben contar con procedimientos documentados para la identificación, la revisión y la resolución de todos los casos en los que se sospeche o se demuestre un conflicto de intereses. El organismo notificado también debe exigir a todo el personal que actúe en su nombre que declare cualquier posible conflicto de intereses.

Los organismos notificados deben disponer del personal necesario, que tenga unos conocimientos y una experiencia suficientes en relación con los productos y con el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente, y que tenga una formación apropiada. En particular, los conocimientos y la experiencia deben referirse a los requisitos reglamentarios y las políticas de ejecución pertinentes, a las actividades de normalización europeas e internacionales, a las tecnologías correspondientes, a los métodos de producción y los procedimientos de verificación, así como a las condiciones normales de uso del producto correspondiente. El organismo debe estar en condiciones de gestionar, controlar y hacerse responsable de las prestaciones de todos sus recursos, y de mantener unos registros integrales acerca de la idoneidad de todo el personal que emplea en ámbitos concretos, tanto si son empleados, trabajadores con contrato o suministrados por organismos externos. El organismo también debe tener acceso a unas instalaciones apropiadas y estar en condiciones de realizar ensayos o repeticiones de ensayos en la UE. En caso contrario, la autoridad notificante no podrá comprobar su competencia.

Los organismos notificados deben garantizar la confidencialidad de toda la información que obtienen en el transcurso de la evaluación de la conformidad. Deben adoptar las medidas adecuadas para garantizar que no se divulgan los resultados ni otra información a ninguna parte que no sea la autoridad competente correspondiente, el fabricante o el representante autorizado.

Los organismos notificados deben tener un seguro adecuado para cubrir sus actividades de evaluación de la conformidad. El alcance y el valor financiero general del seguro de responsabilidad deben corresponder al nivel de riesgo vinculado a las actividades del organismo notificado. No obstante, el fabricante conserva, en particular, la responsabilidad general de la conformidad del producto con todos los requisitos de la legislación aplicable, aunque determinadas fases de la evaluación de la conformidad sean llevadas a cabo bajo la responsabilidad de un organismo notificado.

Los organismos notificados están obligados a participar en las actividades de coordinación [(253)](#ntr253-C_2022247ES.01000101-E0254). Asimismo, deben tomar parte directamente o mediante representación en la normalización europea, o deben asegurarse de mantenerse al corriente de la situación de las normas pertinentes [(254)](#ntr254-C_2022247ES.01000101-E0255).

5.2.3.   
Competencias de los organismos notificados

La tarea fundamental de un organismo notificado es prestar servicios de evaluación de la conformidad con arreglo a las condiciones establecidas en la legislación de armonización de la Unión aplicable. Se trata de un servicio a los fabricantes en un área de interés público.

Los organismos notificados son designados para evaluar la conformidad con los requisitos esenciales y para garantizar una aplicación técnica coherente de dichos requisitos con arreglo a los procedimientos pertinentes de la legislación de armonización de la Unión aplicable. Los organismos notificados deben contar con unas instalaciones y un personal técnico apropiados que les permitan ejercer las tareas técnicas y administrativas relacionadas con la evaluación de la conformidad. Deben asimismo aplicar procedimientos de control de la calidad apropiados en relación con los servicios prestados. Los fabricantes tienen libertad para elegir cualquier organismo notificado que haya sido designado para llevar a cabo el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente con arreglo a la legislación de armonización de la Unión aplicable.

Algunos actos legislativos sectoriales prevén la aplicación de un módulo de evaluación de la conformidad que contempla la participación obligatoria de un organismo notificado (por ejemplo, el examen UE de tipo) en los casos en que no existan normas armonizadas o el fabricante no las aplique. Por consiguiente, a fin de garantizar una correcta aplicación de las normas sobre el mercado interior, los organismos notificados deben poder demostrar que disponen de las competencias necesarias para llevar a cabo la evaluación de la conformidad requerida y expedir la declaración necesaria para certificar que se han cumplido los requisitos reglamentarios, también en caso de ausencia (total) de normas armonizadas.

Un organismo notificado que desee ofrecer servicios con arreglo a varios procedimientos de evaluación de la conformidad debe cumplir los requisitos pertinentes para las tareas respectivas, y esto debe ser evaluado con arreglo a los requisitos para cada procedimiento en cuestión. No obstante, dado que el ámbito de aplicación de gran parte de la legislación de armonización técnica puede ser relativamente amplio y heterogéneo, un organismo notificado no necesita estar cualificado para abarcar todos los productos comprendidos dentro del ámbito de aplicación del texto legislativo, sino que puede ser notificado solamente para una determinada gama de productos.

Los organismos notificados deben tener estructuras y procedimientos apropiados para garantizar que la realización de la evaluación de la conformidad y la expedición de certificados están sujetas a un proceso de revisión. En particular, los procedimientos pertinentes deben abarcar las obligaciones y las responsabilidades en relación con la suspensión y la retirada de certificados, las solicitudes dirigidas al fabricante para adoptar medidas correctoras y la presentación de informes a la autoridad competente.

Además de asumir determinadas responsabilidades en campos de interés público, los organismos notificados deben considerar que prestan servicios al sector. Por tanto, deben suministrar información pertinente al fabricante y al representante autorizado acerca de la legislación correspondiente, aplicar el procedimiento de evaluación de la conformidad sin cargas innecesarias para los operadores económicos y abstenerse de proponer certificaciones o marcados adicionales sin valor añadido para la evaluación de la conformidad de los productos. Estas últimas actividades se deben separar claramente de las actividades del organismo como organismo notificado. Los organismos notificados no pueden utilizar su número de organismo notificado para ejercer esas actividades.

Para evitar cargas innecesarias para los operadores económicos y ayudar a garantizar la protección de datos confidenciales o derechos de propiedad intelectual, la documentación técnica facilitada a los organismos notificados debe estar limitada a la requerida exclusivamente con el fin de evaluar la conformidad con la legislación.

El fabricante puede presentar informes de ensayo u otros elementos de su documentación técnica. El organismo notificado puede tener en cuenta estos informes si asume plena responsabilidad con respecto de los resultados. El organismo notificado puede aceptar los resultados de los ensayos del fabricante para la evaluación de la conformidad siempre que justifique el motivo por el que tiene en cuenta estos ensayos. No obstante, la aceptación de los resultados de los ensayos del fabricante no es suficiente como tal para cumplir sus tareas como organismo notificado, y debe realizar ensayos adicionales con arreglo al módulo aplicable.

5.2.4.   
Coordinación entre organismos notificados

Los organismos notificados, en reconocimiento del hecho de que realizan tareas delegadas en ellos por las autoridades públicas, están obligados a participar en las actividades de coordinación organizadas por la Comisión. Esta última, junto con los Estados miembros, garantiza la coordinación entre los organismos notificados.

Para cada acto legislativo de armonización de la UE, o para varios actos relacionados, se crea un grupo de coordinación de organismos notificados cuyas tareas se limitan a los problemas técnicos relativos a la evaluación de la conformidad para garantizar una aplicación uniforme de las disposiciones técnicas de la legislación vigente. Con este fin, debe tener libertad para definir sus normas de trabajo y su constitución. Cada grupo de organismos notificados tiene una secretaría técnica y un presidente.

Generalmente, los grupos de organismos notificados están compuestos únicamente por representantes de organismos notificados. La Comisión puede prestar ayuda financiera a las secretarías, a fin de mitigar los costes y eliminar los obstáculos a la participación [(255)](#ntr255-C_2022247ES.01000101-E0256). Para alcanzar un mayor grado de eficiencia en su trabajo, los grupos pueden crear subgrupos con un número limitado de participantes para debatir cuestiones técnicas específicas. La Comisión está representada en estos grupos. Los expertos gubernamentales y los representantes de las autoridades directamente responsables de la aplicación efectiva de la legislación de armonización de la Unión pueden participar como observadores en estos grupos. Las organizaciones europeas de normalización (CEN, Cenelec y ETSI) están representadas en los grupos cuando surgen problemas relacionados con las normas. Cuando se debatan asuntos relacionados con las normas armonizadas, con importantes dudas sobre la presunción de conformidad otorgada por las normas, se espera que el grupo de organismos notificados informe a la Comisión y a los Estados miembros. Los grupos también pueden invitar a las federaciones europeas pertinentes y a otras partes interesadas. Si los grupos de organismos notificados deben abordar temas de naturaleza confidencial, la participación en las reuniones se limitará según se considere necesario. Las recomendaciones y decisiones administrativas adoptadas por los grupos de organismos notificados deben limitarse al entendimiento común de los aspectos técnicos de la evaluación de la conformidad, incluidas, en su caso, aclaraciones para un entendimiento común de partes específicas de las normas armonizadas aplicables, y no deben referirse a la interpretación de la legislación pertinente. Conviene que los grupos de organismos notificados publiquen sus decisiones administrativas y sus recomendaciones. Si un organismo se niega a cooperar, la notificación puede ser retirada. Sin embargo, los organismos notificados no están obligados a participar en reuniones a escala europea si se mantienen informados de las decisiones administrativas y los documentos producidos por su grupo y si aplican estas decisiones. Los documentos de trabajo, los informes de reuniones, las recomendaciones y las orientaciones pertinentes producidos por los grupos sectoriales e intersectoriales de organismos notificados o por sus subgrupos deben ponerse a disposición de todos los organismos notificados que formen parte de dichos grupos, tanto si han participado en las reuniones como si no. El intercambio de información y la comunicación pueden ser mejorados mediante el uso de una plataforma como CIRCABC, gestionada por la Comisión.

También se fomentan los grupos nacionales de coordinación, y, cuando estos existan, los organismos notificados de un determinado Estado miembro podrían tener que participar en sus actividades.

5.2.5.   
Subcontratación por parte de organismos notificados

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Un organismo notificado puede encargar parte de su trabajo a otro organismo, sea un subcontratista o una filial, sobre la base de una competencia establecida y supervisada con regularidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | La subcontratación debe basarse en un contrato, que hace posible garantizar la transparencia de las actividades del organismo notificado y la confianza en ellas. | |

Un organismo notificado solamente puede subcontratar una tarea en la que tiene competencia. Debe evitarse que un organismo notificado subcontrate parte del trabajo porque no tiene la competencia y los conocimientos requeridos. Un organismo notificado debe contar con el personal y el equipo adecuados y estar en condiciones de llevar a cabo él mismo todas las pruebas y evaluaciones necesarias de acuerdo con los requisitos de los módulos.

Los organismos que actúan como subcontratistas para los organismos notificados no deben ser notificados como tales. Sin embargo, el organismo notificado debe informar al Estado miembro de que se trate sobre su intención de subcontratar un determinado trabajo. La autoridad notificante debe evaluar adecuadamente la medida en que el organismo notificado pretende apoyarse en subcontratistas (incluso fuera de la UE) o tener acceso a personal o instalaciones fuera del Estado miembro de notificación. El Estado miembro puede decidir que no puede asumir la responsabilidad general de dicho acuerdo como autoridad notificante y retirar o limitar el alcance de la notificación. El organismo notificado debe mantener un registro de todas sus actividades de subcontratación y actualizarlo sistemáticamente. Las actividades de evaluación de la conformidad que no se subcontraten deben realizarse en las instalaciones del organismo notificado o en las del fabricante, tal como se indica en el módulo de evaluación de la conformidad aplicable.

El organismo subcontratado por el organismo notificado debe ser técnicamente competente y mostrar independencia y objetividad según los mismos criterios y en las mismas condiciones que el organismo notificado. El Estado miembro que ha notificado al organismo que subcontrata parte de su trabajo debe ser capaz de garantizar un seguimiento eficaz de la competencia del organismo subcontratado por el organismo notificado. Los auditores o los especialistas individuales externos deben cumplir las condiciones impuestas a los subcontratistas.

El organismo notificado debe garantizar que sus subcontratistas tienen la competencia necesaria y que conservan dicha competencia, por ejemplo, realizando evaluaciones periódicas y manteniéndose informado regularmente sobre aspectos relacionados con el desempeño de sus tareas. El organismo notificado también debe estar en condiciones de demostrar la conformidad de sus subcontratistas con los requisitos establecidos en la legislación de armonización de la Unión pertinente.

La información sobre las actividades subcontratadas y sobre la competencia de los subcontratistas o las filiales debe estar fácilmente disponible en cualquier momento, de manera que la autoridad notificante pueda adoptar las medidas necesarias, y comunicarla sin demora a la Comisión y a los demás Estados miembros a petición de estos. La conformidad con la serie de normas EN ISO/IEC 17000 comporta una presunción de conformidad del subcontratista con la mayoría de los requisitos, como sucede con el propio organismo notificado. Cuando la acreditación no se utilice para evaluar la competencia de los organismos notificados, la autoridad debe lleva a cabo controles sobre el terreno del subcontratista del mismo modo que se habrían dispuesto con arreglo a la acreditación.

Una condición adicional para subcontratar es que el procedimiento de evaluación de la conformidad pueda subdividirse en operaciones técnicas y operaciones de evaluación, y que la metodología empleada para efectuar las operaciones sea suficientemente precisa. Un organismo notificado puede subcontratar tareas técnicas estrictamente limitadas (como ensayos o exámenes), siempre que estas puedan ser definidas como partes sustanciales y coherentes de la operación técnica. No obstante, el organismo subcontratado por el organismo notificado debe llevar a cabo partes sustanciales y coherentes de dichas operaciones técnicas. El personal del organismo notificado debe estar cualificado técnicamente para ser capaz de evaluar los resultados de los ensayos de los subcontratistas. Los organismos notificados no deben limitar sus actividades a funciones puramente administrativas.

Los organismos notificados pueden, por ejemplo, subcontratar ensayos y seguir llevando a cabo la evaluación de sus resultados y, en particular, la validación del informe del ensayo para evaluar si se cumplen los requisitos de la legislación de armonización de la Unión. De igual manera, la subcontratación es posible en el ámbito de la certificación de los sistemas de calidad siempre que el organismo notificado realice la evaluación de los resultados de las auditorías. El organismo notificado no puede, bajo ninguna circunstancia, subcontratar todas sus actividades, ya que eso despojaría de sentido a la notificación.

En lo que respecta a las filiales y los subcontratistas de un organismo notificado, pueden surgir conflictos de intereses: un organismo notificado no puede llevar a cabo una evaluación de la conformidad de artículos cuando, por ejemplo, una empresa vinculada (al organismo notificado) (es decir, una filial o un subcontratista) haya trabajado con el fabricante prestando servicios de consultoría o haya participado directa o indirectamente en el diseño, la fabricación, la instalación, etc., del producto o el tipo de producto. Para evitar este conflicto de intereses, el organismo notificado debe determinar los riesgos derivados, por ejemplo, de los servicios prestados por las filiales o los subcontratistas a las empresas en relación con un producto específico. El organismo notificado debe facilitar esta información y declarar que, si estas empresas prestan servicios a un fabricante en relación con un producto específico, el organismo notificado no puede ofrecer a dicho fabricante una evaluación de la conformidad de los productos correspondientes.

El trabajo subcontratado debe ser ejecutado de conformidad con especificaciones técnicas prefijadas que establezcan un procedimiento detallado basado en criterios objetivos para garantizar una transparencia total. Siempre que el organismo subcontratado por el organismo notificado participe en la evaluación de la conformidad con las normas, dichas normas deben ser utilizadas si determinan los procedimientos. Si este organismo participa en la evaluación de la conformidad con los requisitos esenciales, debe usarse el procedimiento seguido por el propio organismo notificado o un procedimiento que el organismo notificado considere equivalente.

En todos los casos, el organismo notificado debe alcanzar un acuerdo vinculante con sus subcontratistas para garantizar que se cumplen sus responsabilidades generales [(256)](#ntr256-C_2022247ES.01000101-E0257). Los organismos notificados deben mantener a disposición de las autoridades notificantes los documentos pertinentes sobre la evaluación de las cualificaciones del subcontratista o de la filial, así como el trabajo que estos realicen con arreglo a la legislación de armonización de la Unión [(257)](#ntr257-C_2022247ES.01000101-E0258) pertinente.

Un organismo notificado que subcontrata sigue siendo responsable de todas las actividades sujetas a la notificación. La subcontratación no conlleva la delegación de poderes o de responsabilidades. Los certificados y otras declaraciones de conformidad siempre son expedidos a nombre del organismo notificado y bajo su responsabilidad. En consecuencia, el organismo notificado subcontratante debe ser competente para revisar todos los elementos del trabajo del subcontratista y debe adoptar la decisión final.

Las condiciones de la subcontratación se aplican a cualquier subcontratista, tenga o no su sede dentro de la Unión Europea. El organismo notificado sigue siendo el responsable exclusivo del trabajo realizado por el subcontratista.

El organismo notificado debe contar con unas instalaciones adecuadas y un personal capacitado para poder verificar los resultados de cualquier ensayo, inspección o cualquier otra tarea realizada por el subcontratista. Por otra parte, si la acreditación es la vía elegida para la notificación, debe abarcar a las empresas filiales de los organismos notificados a los que se ha recurrido. Los organismos de acreditación deben tener esto en cuenta, ya sea aplicando correctamente las orientaciones internacionales existentes sobre la acreditación transfronteriza o especificándola en los documentos de acreditación. Si la notificación no se basa en la acreditación, para garantizar la supervisión correcta y coherente de dichos subcontratistas y filiales, el contenido de la información que debe suministrarse a la autoridad notificante se especificará con más detalle armonizándolo con las prácticas de acreditación pertinentes.

5.2.6.   
Organismos internos acreditados
 [(258)](#ntr258-C_2022247ES.01000101-E0259)

Solamente en aquellos casos en que la legislación sectorial de armonización de la Unión lo contemple, un organismo interno acreditado podrá ejercer actividades de evaluación de la conformidad para la empresa de la cual forma parte en relación con la aplicación de los procedimientos de evaluación de la conformidad, módulos A1, A2, C1 o C2. Dicho organismo debe constituir una parte separada e identificable de la empresa y no debe participar en el diseño, la producción, el suministro, la instalación, el uso o el mantenimiento de los productos que evalúa.

Un organismo interno acreditado debe cumplir una serie de requisitos. Deber estar acreditado de conformidad con el Reglamento (CE) n.o 765/2008. El organismo y su personal deben ser identificables en la estructura de la organización y utilizar métodos de información dentro de la empresa de la que formen parte que garanticen su imparcialidad y la hagan patente frente al organismo nacional de acreditación pertinente. Ni el organismo ni su personal pueden ser responsables del diseño, la fabricación, el suministro, la instalación, el uso o el mantenimiento de los productos que evalúan, ni tampoco pueden participar en actividades que sean incompatibles con la independencia de su criterio o su integridad en relación con sus actividades de evaluación. Un organismo interno acreditado solamente puede prestar sus servicios a la empresa de la que forma parte.

Un organismo interno acreditado no puede ser notificado a los Estados miembros o a la Comisión, pero la empresa de la que forma parte o el organismo nacional de acreditación deben facilitar a la autoridad notificante, previa solicitud por parte de esta, la información relativa a su acreditación.

5.3.   Notificación

5.3.1.   
Autoridades notificantes

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| --- |
| Una autoridad notificante es el organismo gubernamental o público encargado de designar y notificar a los organismos de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación de armonización de la Unión. |

Una autoridad notificante es el organismo gubernamental o público encargado de designar y notificar a los organismos de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación de armonización de la Unión. Habitualmente se trata de la administración nacional responsable de la aplicación y la gestión del acto de armonización de la Unión en virtud del cual es notificado el organismo. Cada Estado miembro debe designar a una autoridad notificante que será responsable de la evaluación, la notificación y el seguimiento de los organismos de evaluación de la conformidad. La autoridad notificante asume la plena responsabilidad de la competencia de los organismos que notifica.

Cada Estado miembro debe crear sus autoridades notificantes de manera que no existan conflictos de interés con los organismos de evaluación de la conformidad. Deben organizarse y funcionar de forma adecuada para salvaguardar la objetividad y la imparcialidad de sus actividades. Las decisiones relacionadas con la notificación de un organismo de evaluación de la conformidad deben ser adoptadas por personas competentes, distintas de las que llevaron a cabo la evaluación.

Otros requisitos impuestos a una autoridad notificante son que no debe ofrecer o realizar actividades que sean ejercidas por organismos de evaluación de la conformidad, ni prestar servicios de consultoría con carácter comercial o competitivo. Debe salvaguardar la confidencialidad de la información que obtiene y debe contar con un número suficiente de personal competente a su disposición para el correcto desempeño de sus tareas.

Los Estados miembros deben informar a la Comisión de sus procedimientos para la evaluación y la notificación de los organismos de evaluación de la conformidad y para el seguimiento de los organismos notificados. La Comisión pone esta información a disposición del público en su sitio web.

5.3.2.   
Proceso de notificación

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| |  |  | | --- | --- | | — | La notificación es el acto de la autoridad notificante que informa a la Comisión y a los demás Estados miembros de que un organismo de evaluación de la conformidad ha sido designado para realizar la evaluación de la conformidad con arreglo a un acto de armonización de la Unión y que cumple los requisitos relativos a los organismos notificados recogidos en dicho acto de armonización de la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros asumen la responsabilidad final de la competencia de sus organismos notificados con respecto a otros Estados miembros y las instituciones de la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación es el modo preferido para evaluar la competencia técnica de los organismos notificados. |  |  |  | | --- | --- | | — | La notificación de un organismo notificado es enviada por la autoridad notificante a la Comisión y a los demás Estados miembros a través del sistema NANDO, la herramienta de notificación electrónica desarrollada y administrada por la Comisión en la que figura una lista con todos los organismos notificados. | |

5.3.2.1.   Principios de notificación

Los organismos de evaluación de la conformidad establecidos dentro de la Unión Europea pueden obtener la condición de organismo notificado. Los Estados miembros son responsables de la notificación de los organismos notificados, y tanto su elección como la responsabilidad por estos organismos corresponde a las autoridades nacionales. Estas pueden escoger los organismos a los que notifican entre los establecidos en su territorio que cumplan los requisitos de la legislación y que posean las competencias necesarias para ser notificados. La notificación es el acto de la autoridad notificante por el que esta comunica a la Comisión y a los demás Estados miembros que un organismo ha sido designado para realizar la evaluación de la conformidad con arreglo a un acto de armonización de la Unión y que este cumple los requisitos relativos a los organismos notificados recogidos en dicho acto de armonización de la Unión.

Aunque la designación se considera un acto propio de la autoridad de designación (que puede ser el mismo organismo que la autoridad notificante), solamente el acto de notificar a la Comisión y a los demás Estados miembros permite a un «organismo designado» convertirse en «organismo notificado».

Dado que la notificación está comprendida en el ámbito de decisión de los Estados miembros, estos no están obligados a notificar a todos los organismos que demuestren competencia técnica. Los Estados miembros tampoco tienen la obligación de notificar a los organismos en relación con cada procedimiento que vaya a ser aplicado de conformidad con un acto de armonización de la Unión específico.

Los Estados miembros son libres de notificar a un organismo en cualquier momento tras la adopción de un acto de armonización de la Unión. No obstante, deben hacer todo lo necesario para notificarlo antes de que el acto de armonización de la Unión empiece a ser aplicado [(259)](#ntr259-C_2022247ES.01000101-E0260) y garantizar unas competencias armonizadas entre todos los organismos notificados. Se podrá hacer un uso eficaz del período transitorio contemplado en el acto de armonización de la Unión, lo que permitirá que los organismos notificados ejerzan sus actividades y que se puedan conceder certificados a partir de la fecha de primera aplicación del acto de armonización de la Unión. En caso de que, sobre la base de nueva legislación, se requiera una nueva notificación de los organismos notificados, tan pronto como el Estado miembro haya incorporado las disposiciones necesarias en el ordenamiento jurídico nacional y haya designado a la autoridad notificante para un determinado acto de armonización de la Unión, dicha autoridad podrá introducir una notificación. Si bien durante el período transitorio un organismo notificado puede ser notificado con arreglo tanto a la legislación anterior como a la nueva, la notificación con arreglo a la legislación anterior vencerá automáticamente en la fecha de aplicación de la nueva legislación, salvo que disposiciones legislativas específicas dispongan otra cosa. Sin embargo, conviene señalar que en estos casos los organismos notificados, aunque pueden realizar trabajos preparatorios, no pueden emitir certificados antes de que empiece a aplicarse la legislación de armonización de la Unión, salvo que la legislación sectorial contenga otras disposiciones al respecto.

5.3.2.2.   Evaluación de los organismos de evaluación de la conformidad

En la evaluación de un organismo de evaluación de la conformidad que solicita la notificación se determina si es técnicamente competente y capaz de llevar a cabo los procedimientos de evaluación de la conformidad correspondientes y si puede demostrar el grado necesario de independencia, imparcialidad e integridad.

Los Estados miembros asumen la responsabilidad final de la competencia de sus organismos notificados con respecto a otros Estados miembros y las instituciones de la UE. Por tanto, deben verificar la competencia de los organismos que solicitan la notificación, sobre la base de los criterios establecidos en la legislación de armonización de la Unión aplicable conjuntamente con los requisitos esenciales y el (los) procedimiento(s) de evaluación de la conformidad correspondiente(s). En general, los criterios de competencia establecidos en los actos de armonización de la Unión abarcan:

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| — | la disponibilidad de personal y de equipos; |

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| — | la independencia e imparcialidad en relación con los agentes involucrados directa o indirectamente con el producto (como el diseñador, el fabricante, el representante autorizado del fabricante, el proveedor, el montador, el instalador o el usuario); |

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| — | la competencia técnica del personal que resulta pertinente para los productos y el procedimiento de evaluación de la conformidad correspondiente; |

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| — | el mantenimiento del secreto y la integridad profesionales; y |

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| — | la contratación de un seguro de responsabilidad civil, a menos que dicha responsabilidad esté cubierta por el Estado en virtud de la legislación nacional. |

Las autoridades notificantes o los organismos de acreditación deben realizar un seguimiento periódico para evaluar la continuidad de la competencia de los organismos notificados después de ser notificados.

Los organismos notificados pueden realizar actividades o contar con personal fuera del Estado miembro en el que estén legalmente establecidos, o incluso fuera de la Unión. No obstante, la autoridad notificante de dicho Estado miembro debe poder garantizar el seguimiento del organismo notificado en su conjunto (y no solo de la sede central). Tener todas las instalaciones de ensayo en otro Estado miembro o incluso fuera de la UE prácticamente imposibilitaría que la autoridad notificante realice un seguimiento de las operaciones del organismo notificado en su conjunto.

La supervisión de los organismos de evaluación de la conformidad con múltiples emplazamientos se realiza en el marco de la cooperación transfronteriza entre los organismos nacionales de acreditación y las autoridades notificantes; sin embargo, la responsabilidad sigue recayendo en la autoridad notificante del Estado miembro en que esté establecido el organismo de evaluación de la conformidad. El organismo de evaluación de la conformidad como entidad principal que será notificada debe contar con los medios y la competencia para llevar a cabo las tareas necesarias para la notificación. Si bien puede recurrir a filiales o subcontratistas, no debe depender de estos para todas las pruebas y evaluaciones [(260)](#ntr260-C_2022247ES.01000101-E0261).

El organismo notificado puede subcontratar tareas específicas relacionadas con la evaluación de la conformidad, debe velar por que el subcontratista cumpla los mismos requisitos aplicables al propio organismo notificado y puede subcontratar actividades específicas únicamente previo consentimiento del cliente. Por tanto, no pueden aceptarse estructuras en las que la sede central del organismo notificado candidato en el Estado miembro de notificación conste de muy poco personal que realice únicamente tareas comerciales, pero ninguna de las tareas de evaluación de la conformidad para las que el organismo está notificado (o vaya a estarlo) se lleve a cabo en dicho Estado miembro.

5.3.2.3.   Acreditación en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008

La acreditación, ejecutada de conformidad con la serie de normas EN ISO/IEC 17000 por parte de organismos de acreditación reconocidos a escala nacional que sean miembros de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), es una evaluación técnica de la competencia del organismo de evaluación de la conformidad que solicita la notificación. Aunque no constituye un requisito, sigue siendo un instrumento importante y apreciado para evaluar la competencia y la integridad de los organismos que van a ser notificados. Por este motivo, la acreditación debe ser considerada por las autoridades nacionales notificantes como la base técnica preferida para evaluar a los organismos de evaluación de la conformidad de manera que se reduzcan las diferencias en los criterios aplicados para la notificación.

Las normas armonizadas de la serie EN ISO/IEC 17000 que pueden utilizarse para demostrar la competencia del organismo notificado candidato pueden variar en función de las tareas específicas de evaluación de la conformidad (módulos) y de los diferentes productos incluidos en la legislación de armonización de la Unión. Con el fin de garantizar la armonización de la evaluación de la competencia de los organismos notificados candidatos, la Cooperación Europea para la Acreditación (EA) ha elaborado una recomendación sobre las normas de acreditación para cada legislación de armonización de la Unión pertinente y para cada módulo de evaluación de la conformidad [(261)](#ntr261-C_2022247ES.01000101-E0262). Se pretende que se aplique a todos los organismos nacionales de acreditación que evalúen y acrediten a organismos de evaluación de la conformidad a efectos de notificación, a menos que la autoridad notificante o reguladora, a su discreción, haya establecido y publicado oficialmente requisitos distintos.

La acreditación otorga una declaración oficial de la competencia, la integridad profesional y la imparcialidad de los organismos que será notificada a la Comisión y a los demás Estados miembros. Para que se considere que una notificación va acompañada de un certificado de acreditación, este debe indicar la competencia del candidato notificado en relación con la legislación de armonización de la Unión específica para la que se solicita la notificación. La acreditación también conlleva un seguimiento y una vigilancia regulares de los organismos acreditados. Cuando un organismo nacional de acreditación comprueba que el organismo de evaluación de la conformidad para el que ha expedido un certificado de acreditación ya no es competente o no cumple sus obligaciones, el certificado de acreditación debe ser retirado. En este caso, se anulará la notificación del organismo y ya no se le permitirá ejercer actividades de evaluación de la conformidad en virtud de la legislación pertinente.

La preferencia concedida a la acreditación se basa en el proceso de evaluación por pares que garantiza que el organismo de acreditación supervisa adecuadamente a los organismos de evaluación de la conformidad que acredita. No obstante, pueden surgir casos en los que un organismo nacional de acreditación haya obtenido resultados negativos en la evaluación por pares y, sin embargo, haya evaluado a organismos notificados [(262)](#ntr262-C_2022247ES.01000101-E0263). Si el organismo nacional de acreditación no ha sido objeto de una evaluación por pares en relación con la actividad de acreditación específica de que se trate, pero de todas formas evalúa la competencia de un organismo de evaluación de la conformidad respecto de dicha actividad, la notificación de este último organismo no se considerará acreditada a efectos de la legislación de armonización de la UE.

Si un organismo nacional de acreditación había recibido con anterioridad una evaluación por pares positiva en relación con una determinada actividad, pero luego ha obtenido resultados negativos en una evaluación por pares posterior, las notificaciones nuevas relativas a los organismos de evaluación de la conformidad evaluados por dicho organismo nacional de acreditación también se considerarán como no acreditadas. En principio, las autoridades nacionales deben seguir reconociendo los certificados de acreditación emitidos con anterioridad a los resultados negativos de la evaluación por pares del organismo nacional de acreditación.

Si los motivos subyacentes a la suspensión del organismo nacional de acreditación provocan serias dudas sobre la competencia de los organismos notificados, la autoridad notificante responsable debe informar a la Comisión y a los demás Estados miembros de la forma en que tiene intención de asegurar la competencia de los organismos notificados, así como de cualquier medida correctora que adopte, incluida la anulación de la notificación.

Aunque la acreditación es el instrumento preferido para la verificación de la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, los Estados miembros pueden llevar a cabo la evaluación ellos mismos. Tras la entrada en vigor el 1 de enero de 2010 del Reglamento (CE) n.o 765/2008, en tales casos se debe probar ante la Comisión y los demás Estados miembros que el organismo evaluado cumple los requisitos reglamentarios aplicables. Por otra parte, el organismo notificado debe estar sujeto a una vigilancia regular semejante a la práctica establecida por las organizaciones de acreditación.

5.3.2.4.   Artículo 5, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 765/2008

De conformidad con el artículo 5, apartado 2, del Reglamento (CE) n.o 765/2008, cuando un Estado miembro no base su notificación en la acreditación, «facilitará a la Comisión y a los otros Estados miembros todas las pruebas documentales necesarias para verificar la competencia del organismo de evaluación de la conformidad que seleccione para la aplicación de la legislación comunitaria de armonización correspondiente» [(263)](#ntr263-C_2022247ES.01000101-E0264).

Con el fin de garantizar el grado necesario de confianza en la imparcialidad y la competencia técnica de los organismos de evaluación de la conformidad y en los informes y certificados que expiden, las autoridades nacionales, al llevar a cabo la evaluación sin acreditación, deben facilitar información detallada y completa que describa cómo el organismo notificado candidato ha sido evaluado como cualificado para desempeñar las tareas para las que ha sido notificado y que muestre que este cumple los criterios aplicables relativos a los organismos notificados. Esta información, asociada a una determinada notificación, se pone a disposición de la Comisión y de los demás Estados miembros utilizando la herramienta de notificación electrónica NANDO.

El procedimiento de evaluación debe basarse, como mínimo, en los siguientes elementos:

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| — | un procedimiento de solicitud formal; |

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| — | una evaluación con respecto a los requisitos aplicables; |

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| — | la elaboración de un informe de evaluación; |

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| — | un proceso claro de toma de decisiones; |

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| — | la existencia de una vigilancia sistemática y de un mecanismo de sanciones asociado que ofrezcan una vigilancia periódica y que incluyan visitas sobre el terreno, con el fin de verificar el cumplimiento continuado de los requisitos por parte del organismo notificado; |

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| — | la demostración de la competencia técnica propia de la autoridad nacional para evaluar a los organismos de evaluación de la conformidad a efectos de la notificación en virtud de la legislación de armonización técnica; esta demostración debe proporcionar una garantía equivalente a la del sistema de evaluación por pares de la EA [(264)](#ntr264-C_2022247ES.01000101-E0265); |

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| — | los organismos notificados candidatos deben ser informados de las condiciones generales, de sus derechos y obligaciones y de los requisitos relativos a la evaluación efectuada con vistas a la notificación. |

La evaluación en sí debe constar de:

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| — | Una revisión de los documentos para verificar que están completos y son apropiados desde un punto de vista sustancial con respecto a la conformidad con los requisitos aplicables. |

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| — | Una auditoría sobre el terreno para comprobar los aspectos técnicos y procedimentales (como la disponibilidad y la idoneidad de las instalaciones y los equipos, la competencia técnica del personal o la existencia de un sistema de gestión apropiado) y para comprobar otros aspectos que demuestren que se ha implementado correctamente la conformidad con los requisitos. La evaluación debe incluir la asistencia a actividades técnicas. |

Al elegir un proceso de evaluación distinto de la acreditación formal, las autoridades notificantes deben indicar los motivos por los que no se ha escogido la acreditación para respaldar el proceso de notificación. Por otra parte, las autoridades notificantes no pueden externalizar en el organismo nacional de acreditación la evaluación de los organismos de evaluación de la conformidad no acreditados que aspiran a convertirse en organismos notificados, sin superar todo el proceso de acreditación, incluida la obtención del certificado de acreditación.

Cuando no se emplea la acreditación, las autoridades notificantes deben realizar verificaciones periódicas para asegurarse de la competencia continuada del organismo notificado, igual que lo hacen los organismos nacionales de acreditación.

5.3.2.5.   Etapas de la notificación de un organismo notificado

Para obtener la notificación, un organismo de evaluación de la conformidad presenta una solicitud de notificación a la autoridad notificante del Estado miembro en el que esté establecido. Esta solicitud debe ir acompañada de una descripción de las actividades de evaluación de la conformidad, de los procesos o módulos de evaluación de la conformidad y del producto o los productos para los que ese organismo afirma ser competente, así como un certificado de acreditación, cuando exista, expedido por el organismo nacional de acreditación que declare que el organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos en la legislación de armonización pertinente.

Cuando el organismo de evaluación de la conformidad correspondiente no pueda facilitar un certificado de acreditación, debe entregar a la autoridad notificante todas las pruebas documentales necesarias para verificar, reconocer y supervisar regularmente que cumple los requisitos establecidos en la legislación de armonización pertinente. Tras la verificación, el Estado miembro comunica los datos del organismo a la Comisión y a los demás Estados miembros.

La notificación de un organismo notificado es enviada por la autoridad notificante a la Comisión y a los demás Estados miembros a través del sistema NANDO (organismos notificados y designados de nuevo enfoque), que es una herramienta de notificación electrónica desarrollada y gestionada por la Comisión. La notificación debe incluir información detallada del organismo, de sus actividades de evaluación de la conformidad, de los procedimientos o los módulos de evaluación de la conformidad y del producto o los productos afectados, así como la correspondiente declaración de competencia. Debe incluir también la fecha de reevaluación del organismo notificado por el organismo nacional de acreditación o, en el caso de una notificación no acreditada, la fecha de la próxima revisión de seguimiento que realice la autoridad notificante.

Si la notificación no está basada en un certificado de acreditación, la autoridad notificante debe transmitir a la Comisión y a los demás Estados miembros las pruebas documentales que demuestren la competencia del organismo de evaluación de la conformidad y que muestren cómo ha sido evaluado y las disposiciones existentes para garantizar que el organismo será supervisado con regularidad y que seguirá cumpliendo los requisitos.

La notificación surte efecto tras el envío de un correo electrónico de notificación del sistema NANDO a la Comisión y a los demás Estados miembros, y tras su publicación en el sitio web del sistema NANDO. El organismo en cuestión podrá entonces ejercer las actividades de un organismo notificado. En virtud de la legislación conforme con la Decisión n.o 768/2008/CE, la notificación se publica tras un período habilitado para las objeciones de los demás Estados miembros o la Comisión (dos semanas cuando se usa la acreditación y dos meses cuando no se usa la acreditación) y solamente cuando no se han presentado objeciones.

La Comisión y los demás Estados miembros deben ser notificados de una manera semejante acerca de cualquier cambio posterior en la notificación que sea pertinente, como un cambio del alcance o del período de validez de la notificación o posibles cambios en los datos del propio organismo.

5.3.3.   
Publicación por parte de la comisión: sitio web del sistema nando

Con fines informativos, la Comisión elabora listas de organismos notificados (y de otras categorías de organismos de evaluación de la conformidad, como los organismos de inspección de los usuarios y organizaciones terceras reconocidas) disponibles públicamente en el sitio web del sistema NANDO en su servidor Europa. Las listas son actualizadas cuando las notificaciones son publicadas, y el sitio web es renovado diariamente para mantenerlo actualizado.

Con su notificación inicial, al organismo notificado se le asigna un número de identidad en el sistema NANDO. Este número es generado automáticamente por el sistema en el momento de la validación de la notificación en la base de datos del sistema NANDO. Una entidad jurídica solamente puede poseer un número de identidad de organismo notificado, con independencia del número de actos de armonización de la Unión para los que sea notificado. La asignación del número es un acto meramente administrativo diseñado para garantizar una gestión coherente de las listas de organismos notificados, y no confiere derechos ni compromete a la Comisión en modo alguno. El sistema de numeración en el sistema NANDO es secuencial y los números no son reutilizados cuando un organismo notificado es retirado de la lista. En casos de suspensión o de retirada de una notificación, los datos de la notificación permanecen en la base de datos y son trasladados a la sección «Notificaciones / organismos de notificación retirados/caducados» del sitio web [(265)](#ntr265-C_2022247ES.01000101-E0266).

Asimismo, las modificaciones (ampliaciones o reducciones) del alcance o del período de validez de la notificación o la cancelación de la notificación se notifican por correo electrónico a los Estados miembros y se publican en el sitio web del sistema NANDO. La búsqueda en este sitio web puede realizarse por acto de armonización de la Unión, por país, por número de organismo notificado, o bien por medio de palabras clave.

5.3.4.   
Seguimiento de la competencia de los organismos notificados. Suspensión, retirada y recurso

Resulta fundamental asegurar que los organismos notificados sigan siendo competentes a lo largo del tiempo y que esto sea transparente para los demás Estados miembros y para la Comisión. La legislación de la UE requiere claramente que las autoridades nacionales competentes realicen periódicamente un seguimiento y una evaluación de la competencia continuada de los organismos que han notificado y que figuran en el sistema NANDO. El sitio web del sistema NANDO debe ser transparente por lo que se refiere a estos procesos en curso que respaldan el sistema de notificación.

Todas las notificaciones de organismos notificados, estén o no acreditadas, que se introducen en la base de datos del sistema NANDO deben actualizarse en un plazo máximo de cinco años a partir de la fecha de notificación inicial, o de la última actualización, con información sobre el seguimiento continuo de la competencia del organismo notificado. Dichas actualizaciones deben incluir los nuevos datos pertinentes relativos a la acreditación o, en caso de que la notificación no esté acreditada, información relativa al seguimiento necesario del organismo por parte de la autoridad notificante, en particular, un informe sobre el proceso de evaluación, es decir, revisión de la documentación, evaluación sobre el terreno, descripción de la vigilancia sistemática que incluya las visitas sobre el terreno y una demostración de la competencia técnica de la autoridad para llevar a cabo la evaluación. Si la notificación no se actualiza en un plazo de cinco años, la Comisión considerará que existe un motivo para cuestionar la competencia continuada del organismo notificado [(266)](#ntr266-C_2022247ES.01000101-E0267) y pedirá al Estado miembro notificante que presente toda la información relacionada con el mantenimiento de la competencia del organismo en cuestión.

La Comisión y los Estados miembros tienen la responsabilidad de actuar cuando surgen dudas sobre la competencia de un organismo notificado, ya sea en el momento de la notificación o con posterioridad. Si la Comisión considera, por iniciativa propia o tras una reclamación, que un organismo notificado no satisface los requisitos o no cumple con sus responsabilidades, informará a la autoridad nacional notificante y pedirá las pruebas documentales apropiadas relativas al fundamento de la notificación y al mantenimiento de la competencia del organismo. Si un Estado miembro no facilita esta información, la Comisión puede poner el hecho en conocimiento de los demás Estados miembros para debatir o iniciar el procedimiento contra el Estado miembro notificante contemplado en el artículo 258 del TFUE.

Cuando una autoridad notificante ha comprobado, o se le ha comunicado, que un organismo notificado ya no satisface los requisitos establecidos en la legislación pertinente o que no cumple sus obligaciones, la autoridad notificante debe (en función de la gravedad de la falta) suspender o retirar la notificación tras ponerse inmediatamente en contacto con el organismo correspondiente. Debe informar inmediatamente a la Comisión y a los demás Estados miembros al respecto. El Estado miembro también debe publicar esta información y comunicarla a la Comisión y a los demás Estados miembros mediante un procedimiento similar al de la notificación. El organismo correspondiente debe tener la posibilidad de interponer un recurso contra dicha decisión. Si el recurso pospone o no la anulación de la notificación dependerá de la legislación nacional.

La retirada de la notificación se produce cuando el organismo notificado deja de cumplir los requisitos o sus obligaciones. Puede hacerse a instancias del Estado miembro notificante, si este ha recibido pruebas relativas al hecho de que el organismo notificado no ha conseguido cumplir los requisitos durante la vigilancia periódica (realizada por el organismo de acreditación o la autoridad notificante), o ha recibido reclamaciones relativas a la competencia o el comportamiento del organismo notificado. También puede ser el resultado de una intervención de la Comisión, si esta tiene motivos para dudar de que un organismo notificado cumpla o mantenga la conformidad con los requisitos para su notificación. En esos casos, la Comisión informa al Estado miembro notificante al respecto y le solicita que adopte las medidas correctoras necesarias, incluida la anulación de la notificación en caso de ser necesaria. La autoridad notificante debe adoptar las medidas apropiadas. Otro motivo para la retirada de una notificación puede ser la petición del propio organismo notificado, por ejemplo, debido a cambios planificados en su política, organización o titularidad. La retirada de una notificación puede ser también el resultado final de un procedimiento de infracción.

La retirada es responsabilidad del Estado miembro notificante. Solamente la autoridad nacional tiene derecho a retirar una notificación. La Comisión puede retirar un organismo notificado de la lista del sistema NANDO solo si, al final de un procedimiento de infracción con arreglo al artículo 258 del TFUE, el Tribunal de Justicia de la Unión Europea declara que el Estado miembro infringe un determinado acto de armonización de la Unión y, por tanto, declara inválida la notificación. En todos esos casos, la Comisión garantizará que cualquier información sensible obtenida en el transcurso de sus investigaciones sea tratada de manera confidencial.

Sin perjuicio de las características sectoriales específicas, la suspensión o la retirada de una notificación no afecta a los certificados expedidos anteriormente por el organismo notificado, hasta que se demuestre que los certificados deben ser retirados. Con el fin de garantizar la continuidad en caso de suspensión o retirada de una notificación, o si el organismo notificado ha cesado su actividad, el Estado miembro notificante debe asegurarse de que los expedientes de dicho organismo son tramitados por otro organismo notificado o que se mantienen a disposición de las autoridades notificantes y de vigilancia del mercado responsables, si estas los solicitan.

6.   ACREDITACION

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 ofrece un marco legislativo de acreditación a nivel nacional y de la UE y pone en práctica una política general con normas, procedimientos e infraestructuras. La consolidación de la acreditación como medio para respaldar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad y, por tanto, la credibilidad y la aceptación de certificados y de otras declaraciones, necesaria para garantizar la libre circulación de mercancías, ha sido una preocupación de la Comisión desde finales de los años setenta del siglo pasado. En los años noventa del siglo pasado, se registró una tendencia hacia la acreditación como actividad comercial y competitiva, reduciéndose así su credibilidad como último nivel de control. No obstante, el nuevo marco legislativo confirmó que en la UE la acreditación es una actividad pública de carácter no comercial y no competitivo, de la que son responsables tanto las autoridades nacionales como las europeas.

El sistema de acreditación de la UE reforzado que se instauró va en consonancia con las normas, las reglas y las prácticas de las organizaciones internacionales en este ámbito. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 pretende garantizar que la acreditación sirva al interés público. La Cooperación Europea para la Acreditación (EA), la organización europea de organismos nacionales de acreditación, es reconocida por el Reglamento, por las directrices firmadas con los Estados miembros (incluida la AELC) y la Comisión el 1 de abril de 2009 y se beneficia de una relación privilegiada con la Comisión por medio de la firma de un acuerdo marco de asociación. En este marco, la función primordial de la EA es contribuir a la armonización de los servicios europeos de acreditación para apoyar el reconocimiento y la aceptación mutuos de los certificados de acreditación en toda la Unión, así como para aplicar un riguroso sistema de evaluación por pares que controle la competencia de los organismos nacionales de acreditación y la equivalencia de sus servicios.

En el campo de la acreditación, el Reglamento (CE) n.o 765/2008 ha establecido un sistema europeo único que abarca tanto los ámbitos regulados en que la acreditación se exige por ley como los no regulados. En el último caso, cuando un organismo desea voluntariamente ser acreditado, solamente puede acudir a los organismos de acreditación que ejercen su actividad en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008, impidiendo así la existencia de sistemas rivales, sean cuales sean los principios en los que se basan. Por consiguiente, las explicaciones que figuran a continuación en relación con la acreditación abarcan también la acreditación concedida en el ámbito voluntario.

6.1.   ¿Por qué la acreditación?

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| La acreditación constituye el último nivel de control público en una cadena de calidad que sustenta la libre circulación de mercancías en la Unión. |

El Reglamento (CE) n.o 765/2008 introdujo por primera vez un marco jurídico para la acreditación. La acreditación de los organismos de evaluación de la conformidad había sido utilizada previamente tanto en el ámbito regulado como en el no regulado, pero no se regía por un marco jurídico a escala europea.

La idea de regular la acreditación a nivel europeo es doble. Por una parte, un marco europeo integral para la acreditación constituye el último nivel de control público en la cadena europea de evaluación de la conformidad y, por tanto, es un elemento importante para garantizar la conformidad de los productos; por otro lado, consolida la libre circulación de productos y servicios en la UE apuntalando la confianza en su seguridad y conformidad con otras cuestiones de protección del interés público.

Con anterioridad a la entrada en vigor del Reglamento, la ausencia de normas de acreditación comunes en los Estados miembros suponía que la acreditación se usaba de manera muy diferente, por lo que los certificados de acreditación no eran reconocidos necesariamente por las distintas autoridades nacionales y los operadores del mercado, lo que conducía a una acreditación múltiple y, en consecuencia, a mayores costes para las empresas y los organismos de evaluación de la conformidad, sin que se produjeran los beneficios antes descritos.

La introducción del marco jurídico de acreditación redujo las cargas administrativas en el mercado único y mejoró el control público de la acreditación, a fin de que pudiera ser una herramienta esencial para el funcionamiento del mercado interior.

El marco de acreditación establecido por el Reglamento se aplica explícitamente tanto a los ámbitos regulados como a los voluntarios. Esto es así porque la distinción entre ambos puede difuminarse a medida que los organismos de evaluación de la conformidad ejercen su actividad y los productos son utilizados, en ambos ámbitos. Por tanto, una diferenciación supondría unas cargas innecesarias para las autoridades públicas y los agentes del mercado, así como contradicciones entre los ámbitos voluntarios y regulados.

6.2.   ¿Qué es la acreditación?

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| La acreditación es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación y sobre la base de normas armonizadas, de que un organismo de evaluación de la conformidad posee la competencia técnica para ejercer una actividad específica de evaluación de la conformidad. |

La acreditación es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación, de que un organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos por las normas armonizadas y, cuando proceda, otros requisitos adicionales, como los establecidos en los regímenes sectoriales pertinentes, para ejercer una actividad específica de evaluación de la conformidad.

Una amplia gama de productos están sujetos a evaluaciones de la conformidad por parte de terceros. Esto incluye productos no regulados, así como productos regulados a nivel nacional o de la UE. En el caso de los productos regulados a nivel de la UE, por ejemplo, en el ámbito armonizado, esto significa habitualmente que los organismos de evaluación de la conformidad designados a nivel nacional (organismos notificados) someten el producto a ensayos y emiten una declaración de conformidad antes de que el producto se pueda introducir en el mercado.

Más concretamente, para que se produzca la acreditación, debe haber un organismo de evaluación de la conformidad acreditable (con independencia de su personalidad jurídica) que realice una actividad específica de evaluación de la conformidad.

La acreditación es la actividad basada en normas que garantiza y declara que los organismos de evaluación de la conformidad poseen la competencia técnica para cumplir sus obligaciones tal y como lo exigen las reglamentaciones y las normas pertinentes. Evalúa la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad para cumplir sus obligaciones en campos específicos, ya que la acreditación siempre está vinculada a un determinado ámbito de actividad del organismo de evaluación de la conformidad. Aplicada en interés público, la acreditación evalúa la competencia técnica, la fiabilidad y la integridad de los organismos de evaluación de la conformidad. Lo hace a través de un proceso de evaluación transparente e imparcial con arreglo a normas reconocidas internacionalmente y a otros requisitos. El Reglamento (CE) n.o 765/2008 obliga a los organismos nacionales de acreditación a verificar que las evaluaciones de la conformidad son efectuadas de una manera apropiada y que se tienen en cuenta el tamaño y la estructura de las empresas y el grado de complejidad de la tecnología del producto correspondiente, así como la naturaleza del proceso de producción.

La acreditación se basa en normas internacionales relativas a los organismos de evaluación de la conformidad que han sido armonizadas en el nuevo marco legislativo y cuyas referencias han sido publicadas en el Diario Oficial de la Unión Europea. Es la declaración, por parte de un organismo nacional de acreditación, de que un organismo de evaluación de la conformidad cumple los requisitos establecidos por las normas armonizadas y, cuando proceda, otros requisitos adicionales, como los establecidos en los regímenes sectoriales pertinentes. Con arreglo al Reglamento n.o 765/2008, solamente los organismos nacionales de acreditación están autorizados a acreditar a los organismos de evaluación de la conformidad.

El apoyo en normas armonizadas, basadas en las normas internacionales correspondientes, pretende crear el grado necesario de transparencia y confianza en la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad y garantizar que el sistema europeo de acreditación establecido por el Reglamento (CE) n.o 765/2008 es compatible con el sistema internacional de acreditación, facilitándose así el comercio internacional.

Dado el destacado papel en el sistema de evaluación de la conformidad que otorga el Reglamento a los organismos nacionales de acreditación, al evaluar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad, los organismos de acreditación deben aplicar escrupulosamente las disposiciones del Reglamento. El legislador ha decido limitar claramente las actividades que puede realizar un organismo de acreditación, manteniendo un estricto control sobre sus competencias mediante una referencia directa a las normas armonizadas. Esto también significa que las autoridades nacionales, por tanto, no pueden exigir a sus organismos de acreditación prestar servicios de evaluación fuera del procedimiento de acreditación completo ni aplicar normas de evaluación de la conformidad que no estén armonizadas, y deben impedir activamente que lo hagan.

6.3.   Alcance de la acreditación

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| La acreditación siempre se solicita y se concede para un ámbito determinado; es decir, para actividades de evaluación de la conformidad específicas. |

La acreditación es el método basado en normas para evaluar y declarar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad. La política de la Unión ha utilizado la acreditación como un instrumento diseñado para generar condiciones de confianza mutua debido a que se basa en normas consensuadas. La confianza mutua solamente puede alcanzarse si se utilizan criterios que puedan ser verificados de manera objetiva, permitiendo así la transparencia y la posibilidad de comparación de las evaluaciones de la conformidad. Las normas pertinentes relativas a los organismos de evaluación de la conformidad fueron creadas con la intención de apoyar la introducción de los procedimientos de evaluación de la conformidad establecidos en la legislación de armonización de la Unión [(267)](#ntr267-C_2022247ES.01000101-E0268). Estas normas han sido concebidas para regular los requisitos generales de competencia de los organismos que efectúan evaluaciones de la conformidad con arreglo a requisitos específicos, independientemente de si estos están contemplados en reglamentaciones, normas u otras especificaciones técnicas o de si dichas especificaciones se basan en resultados o son específicas de los productos. Este concepto apoya la función de la acreditación como herramienta para facilitar la libre circulación de mercancías en el mercado interior y ha sido adoptado por las normas ISO/IEC 17000 a escala internacional.

Tal como se indica en las cláusulas respectivas que cubren su ámbito de aplicación, las normas especifican criterios para los organismos con independencia del sector implicado. No obstante, siempre se solicita y se otorga acreditación para un ámbito de aplicación definido, es decir, para una actividad de evaluación de la conformidad específica y, si procede, para los tipos de ensayos realizados y los métodos empleados (por ejemplo, «El organismo X es competente para efectuar inspecciones como organismo de tipo A en el ámbito de categorías de equipos a presión de la Directiva 2014/68/UE») y jamás se restringe a una mera conformidad con las normas generales ISO/IEC 17000. Por tanto, la acreditación basada en la conformidad con las normas ISO/IEC 17000 implica siempre la necesidad de que estos criterios generales sean complementados y concretados más detalladamente por todas las especificaciones técnicas pertinentes del ámbito técnico específico para el que el organismo de evaluación de la conformidad solicita la acreditación. Así pues, la acreditación implica la verificación de la competencia respecto del estado actual de la técnica e incluye la evaluación sobre la base de las normas relativas a los organismos de evaluación de la conformidad y de todos los reglamentos, normas y otras especificaciones relacionadas con los productos o con la tecnología.

6.4.   Acreditación en virtud del Reglamento (CE) n.o 765/2008

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| |  |  | | --- | --- | | — | Cada Estado miembro puede designar a un único organismo nacional de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación debe operarse como una actividad de las autoridades públicas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las responsabilidades y tareas del organismo nacional de acreditación deben diferenciarse claramente de las de otras autoridades nacionales. |  |  |  | | --- | --- | | — | La acreditación debe proporcionarse sin fines lucrativos. |  |  |  | | --- | --- | | — | Dentro de la UE, los organismos de acreditación no están autorizados a competir con otros organismos de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Dentro de la UE, los organismos de acreditación solamente podrán ejercer su actividad en el territorio de su propio Estado miembro. | |

6.4.1.   
Organismos nacionales de acreditación

El Reglamento prevé que cada Estado miembro puede designar a un único organismo nacional de acreditación. Solamente los organismos nacionales de acreditación están autorizados a acreditar organismos de evaluación de la conformidad. Ningún otro organismo puede afirmar que presta estos servicios, ni con arreglo a normas armonizadas ni con arreglo a normas no armonizadas. Esta disposición resulta esencial para el funcionamiento de la acreditación en la UE y para el marco de acreditación establecido por el Reglamento. Los Estados miembros no están obligados a crear su propio organismo nacional de acreditación, si consideran que no es viable económicamente hacerlo o si no consideran útil ofrecer acreditación para todas las actividades. Esto significa que en ningún momento pueden actuar varios organismos de acreditación para una actividad determinada en el territorio de un Estado miembro. Por tanto, para garantizar la transparencia, los Estados miembros están obligados a informar a la Comisión y a los demás Estados miembros a qué organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro recurren.

Una lista de organismos nacionales de acreditación está disponible en línea [(268)](#ntr268-C_2022247ES.01000101-E0269). Los organismos nacionales de acreditación deben poner a disposición del público las actividades para las que realizan acreditaciones.

El Reglamento no prescribe la forma jurídica que debe adoptar un organismo nacional de acreditación. Esto significa que el organismo nacional de acreditación puede actuar desde el seno de un ministerio, ser un organismo gubernamental o estar organizado como una empresa privada. Sin embargo, el Reglamento deja claro que la acreditación debe ser gestionada como una actividad de una autoridad pública y, a tal efecto, debe ser reconocida oficialmente por el Estado miembro.

Por otra parte, las tareas y las responsabilidades del organismo nacional de acreditación deben diferenciarse claramente de las de otras autoridades nacionales. Esta disposición pretende mejorar la independencia del organismo nacional de acreditación, así como la imparcialidad y la objetividad de sus actividades. Si el organismo nacional de acreditación forma parte de una estructura pública más amplia, como un ministerio, los otros departamentos no estarán autorizados a influir en las decisiones sobre la acreditación. El proceso de acreditación debe mantenerse separado de otras funciones. Resulta absolutamente fundamental evitar un conflicto de intereses del organismo nacional de acreditación. Esto también se aplica a determinadas tareas que el organismo nacional de acreditación puede asumir. Si bien la Decisión n.o 768/2008/CE prevé que el organismo nacional de acreditación puede funcionar como autoridad notificante [(269)](#ntr269-C_2022247ES.01000101-E0270), la delegación de poderes debe estar claramente documentada, y se deben garantizar las condiciones de imparcialidad, en concreto, la separación de tareas en el seno del organismo de acreditación.

No obstante, y aunque se deleguen las tareas de notificación en el organismo nacional de acreditación, las obligaciones del organismo derivadas del Reglamento siguen siendo de aplicación. Esto significa que su tarea sigue siendo la evaluación de la competencia técnica de los organismos de evaluación de la conformidad con arreglo al proceso de acreditación completo; una vez establecida la competencia técnica del organismo de evaluación de la conformidad, debe emitirse un certificado de acreditación. El organismo nacional de acreditación no puede realizar ninguna otra evaluación que no cumpla estos requisitos o que cumpla unos requisitos menos estrictos que no garanticen la emisión del certificado de acreditación.

En otras palabras, si va delegarse la tarea de notificación en un organismo nacional de acreditación, solo será posible la notificación de organismos de evaluación de la conformidad acreditados. La notificación de los organismos de evaluación de la conformidad cuya competencia no haya sido evaluada respecto de todos los criterios de acreditación no será posible en los casos en que haya tenido lugar una delegación de este tipo. Esto significa asimismo que el organismo nacional de acreditación no podrá ejercer ninguna facultad discrecional en cuanto a la notificación de un organismo; el certificado de acreditación pertinente daría lugar a una notificación automática [(270)](#ntr270-C_2022247ES.01000101-E0271).

Por otra parte, al otorgar la acreditación, el organismo nacional de acreditación debe cumplir una serie de condiciones en términos de representación de las partes interesadas, su gestión interna y los controles internos. Las decisiones en materia de evaluación deben ser adoptadas por una persona diferente de la que realizó la evaluación del organismo de evaluación de la conformidad. El organismo de acreditación debe disponer de suficiente personal competente para garantizar que puede llevar a cabo sus tareas. Deben existir procedimientos que garanticen que el personal actúa de manera adecuada y es competente para realizar sus tareas. Asimismo, se deben adoptar las medidas adecuadas para garantizar la confidencialidad de la información obtenida de los organismos de evaluación de la conformidad, y el organismo de acreditación está obligado a no imponer cargas innecesarias a sus clientes. Los organismos de acreditación también han de disponer de un mecanismo para tramitar reclamaciones.

Asimismo, el Reglamento indica que el organismo nacional de acreditación debe contar con recursos suficientes para cumplir sus tareas; esto incluye, por una parte, un número suficiente de personal competente, pero también tareas especiales como actividades en el ámbito de la cooperación europea e internacional en materia de acreditación y actividades requeridas en apoyo de políticas públicas y que no se autofinancian. En este sentido, la adecuada participación en la EA, en sus comités y en el proceso de evaluación por pares adquiere una importancia primordial. Los Estados miembros deben facilitar la participación de sus organismos nacionales de acreditación en este tipo de actividades.

En este sentido, los organismos nacionales de acreditación también están obligados a publicar sus cuentas anuales auditadas. Las intenciones de esta disposición van más allá de demostrar una gestión financiera sólida a efectos de la evaluación por pares. Por consiguiente, los organismos nacionales de acreditación deben demostrar claramente que se respetan los principios rectores relativos al carácter no comercial y a la presencia de unos recursos suficientes para garantizar su competencia en todas las actividades. Teniendo presente el objetivo general del Reglamento, es decir, establecer la acreditación como el último nivel de control dentro del sistema de evaluación de la conformidad, en aquellos casos en los que el organismo de acreditación forme parte de una estructura más amplia, este requisito debe entenderse como una herramienta para demostrar la conformidad con dichos principios, y no debe utilizarse para generar cargas burocráticas innecesarias para los Estados miembros. Por tanto, los organismos de acreditación ubicados en los departamentos ministeriales deben ser capaces de presentar, por lo menos, unas cifras financieras y presupuestarias globales que cubran los recursos y gastos de funcionamiento generales, junto con todas las políticas financieras que les sean aplicables a fin de demostrar que cuentan con suficientes recursos para llevar a cabo sus tareas de forma adecuada, manteniendo al mismo tiempo el principio de carácter no comercial.

Los Estados miembros tienen la responsabilidad de garantizar que sus organismos nacionales de acreditación cumplen de manera permanente los requisitos previstos por el Reglamento, y de adoptar medidas correctoras en caso de no ser así. Por ese motivo, deben tener muy en cuenta los resultados de la evaluación por pares organizada por la infraestructura europea de acreditación.

6.4.2.   
Carácter no competitivo y no comercial de los organismos nacionales de acreditación

El objetivo del Reglamento de crear un marco coherente para la acreditación que establezca la acreditación como el último nivel de control está sustentado por los principios relativos al carácter no comercial y no competitivo.

Por esta razón, aunque se supone que la acreditación es una actividad autónoma, debe proporcionarse sin fines lucrativos. Esto significa que los organismos nacionales de acreditación no tienen el objetivo de maximizar sus ganancias ni repartir beneficios. Pueden prestar sus servicios a cambio de pagos o registrar ingresos, pero cualquier excedente de estos será invertido en el ejercicio futuro de sus actividades de acreditación, siempre que estas se correspondan con las tareas generales de los organismos de acreditación. El objetivo primordial de la acreditación sigue siendo desempeñar una tarea de interés público, no producir una ganancia.

Un excedente de ingresos periódico podría indicar que hay margen para reducir las tasas cobradas por la acreditación e instar a los organismos de evaluación de la conformidad más pequeños a solicitar la acreditación. Puesto que el Reglamento otorga máxima importancia al carácter no lucrativo de la acreditación, su considerando 14 aclara que la acreditación no debe generar ganancias ni para sus propietarios ni para sus miembros. En caso de que, pese a todo, se produzcan ganancias, se puede corregir la situación mediante la reducción de las tasas o la reutilización de los ingresos en un mayor desarrollo de la acreditación, a fin de impedir todo conflicto con el principio relativo a los fines no lucrativos contemplado en el Reglamento. Sería razonable esperar que cualquier excedente de ingresos generado por un organismo de acreditación se pudiera utilizar también para apoyar la participación del organismo de acreditación en las actividades de acreditación en el ámbito europeo, internacional o público.

Por lo tanto, independientemente de la estructura jurídica del organismo nacional de acreditación, no debe haber transferencias periódicas de excedentes a los propietarios ni a los miembros del organismo nacional de acreditación, tanto si son públicos como si son privados. Por consiguiente, utilizar la acreditación como otra fuente de ingresos para el Estado suscitaría serias dudas sobre el cumplimiento de las intenciones del Reglamento por lo que respecta al carácter no lucrativo de la acreditación.

Siguiendo esta misma lógica, la acreditación debe establecerse como una actividad claramente diferenciada de cualquier actividad de evaluación de la conformidad. Así pues, un organismo nacional de acreditación no está autorizado a ofrecer ni a prestar actividades o servicios ofrecidos o prestados por un organismo de evaluación de la conformidad. Tampoco puede prestar servicios de consultoría, poseer acciones de un organismo de evaluación de la conformidad, o bien tener un interés financiero en él, ni competir con organismos de evaluación de la conformidad, para así evitar cualquier tipo de conflicto de interés.

Por otra parte, para salvaguardar el principio de carácter no comercial, el Reglamento también prevé que no se permita a los organismos de acreditación competir con otros organismos de acreditación. Dentro de la UE, estos organismos solamente podrán ejercer su actividad en el territorio del Estado miembro en el que están establecidos. La acreditación transfronteriza únicamente se contempla en casos excepcionales, especificados en el artículo 7, apartado 1, del Reglamento (CE) n.o 765/2008. Salvo que se cumplan estas condiciones, los organismos de evaluación de la conformidad deben solicitar la acreditación ante el organismo nacional de acreditación del Estado miembro en el que estén establecidos. Esto es aplicable a todas las actividades de evaluación de la conformidad que tengan lugar en Europa y que se refieran a productos o servicios que vayan a introducirse en el mercado [(271)](#ntr271-C_2022247ES.01000101-E0272).

6.5.   La infraestructura europea de acreditación

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| |  |  | | --- | --- | | — | La Cooperación Europea para la Acreditación (EA) es la organización de organismos nacionales de acreditación europeos. |  |  |  | | --- | --- | | — | La EA es fundamental para la aplicación del Reglamento (CE) n.o 765/2008 y una de sus tareas más destacadas es la organización del sistema de evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las tareas de la EA también pueden incluir el desarrollo o el reconocimiento de regímenes sectoriales. | |

El Reglamento contempla el reconocimiento de una infraestructura europea de acreditación. De momento, esta estructura es la Cooperación Europea para la Acreditación (EA), la organización regional de organismos nacionales de acreditación europeos. La EA es fundamental para la aplicación del Reglamento y, gracias al sistema de evaluación por pares, es el organismo que detenta la visión global más completa del funcionamiento práctico de la acreditación en Europa. La Comisión y la EA han firmado un acuerdo marco de asociación con arreglo al cual la EA lleva a cabo sus tareas. Una de las tareas primordiales de la EA es efectuar una evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, en consonancia con normas y prácticas internacionales, pero también contribuye a un desarrollo, un mantenimiento y una aplicación más amplios de la acreditación en la UE.

6.5.1.   
Regímenes sectoriales de acreditación

A petición de la Comisión, las tareas de la EA también pueden incluir el desarrollo de regímenes sectoriales de acreditación o la aceptación de regímenes existentes. Un régimen sectorial es un régimen basado en una norma pertinente para un producto, proceso, servicio, etc., específicos, así como en cualquier requisito adicional específico para el sector pertinente o la legislación específica. La acreditación se puede solicitar para evaluar la competencia de los organismos de evaluación de la conformidad para llevar a cabo evaluaciones con respecto a dichos regímenes.

La EA puede contribuir al desarrollo de regímenes sectoriales y sus correspondientes criterios de evaluación y procedimientos de evaluación por pares. La EA también puede reconocer regímenes ya existentes que establezcan sus propios criterios de evaluación y procedimientos de evaluación por pares.

En el caso de los regímenes sectoriales vinculados a la legislación de la UE, la Comisión debe asegurarse de que el régimen propuesto cumple los requisitos necesarios de la legislación correspondiente en términos del interés público que expresa esta legislación específica.

6.5.2.   
Evaluación por pares

Una de las tareas más importantes de la EA es la organización del sistema de evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, que es la piedra angular del sistema europeo de acreditación.

Los organismos nacionales de acreditación se someten a evaluaciones por pares de sus sistemas, procedimientos y estructuras con un intervalo máximo de cuatro años. El objetivo del sistema de evaluación por pares es garantizar la coherencia y la equivalencia de las prácticas de acreditación en toda Europa, de manera que todos los agentes de un mercado más amplio, incluidas las autoridades públicas nacionales [(272)](#ntr272-C_2022247ES.01000101-E0273), reconozcan mutuamente los servicios prestados por aquellos organismos que han superado con éxito la evaluación por pares, y, por tanto, acepten los certificados de acreditación y las declaraciones que emiten los organismos de evaluación de la conformidad acreditados por dichas autoridades. La EA aporta un sistema de formación apropiado para garantizar la coherencia de las actividades de evaluación por pares y sus resultados en toda Europa. Una evaluación por pares con resultados positivos permite a un organismo nacional de acreditación firmar el acuerdo multilateral de la EA o mantener su condición de signatario de este. En virtud del acuerdo multilateral de la EA, todos los signatarios están obligados a reconocer la equivalencia de los sistemas de acreditación de cada uno de ellos, así como una fiabilidad idéntica de las declaraciones emitidas por los organismos de evaluación de la conformidad acreditados por ellos.

El sistema de evaluación por pares se aplica en varios niveles. En primer lugar, todos los organismos nacionales de acreditación deben cumplir los requisitos de la norma armonizada EN ISO/IEC 17011 «Evaluación de la conformidad. Requisitos generales para los organismos de acreditación que realizan la acreditación de organismos de evaluación de la conformidad» y los requisitos del Reglamento que no están contemplados en la norma internacional relativa a los organismos de acreditación, que, concretamente, son los principios de un organismo nacional de acreditación que actúa como autoridad pública, así como los principios relativos al carácter no comercial y no competitivo.

Los organismos de acreditación deben demostrar que son capaces y competentes para llevar a cabo la acreditación en los diferentes campos de la evaluación de la conformidad en que prestan servicio. Estas actividades están determinadas por varias normas armonizadas (como la EN ISO/IEC 17025 para laboratorios de ensayo y calibración, la EN ISO/IEC 17020 para organismos de inspección o la EN ISO/IEC 17065 para organismos que certifican productos, servicios y procesos). Por otra parte, los evaluadores por pares deben asegurarse de que el organismo de acreditación tiene en cuenta en sus evaluaciones otros posibles requisitos pertinentes para las actividades de evaluación de la conformidad específicas que serán llevadas a cabo por los organismos a los que acreditan. Pueden ser requisitos específicos que figuran en regímenes de evaluación de la conformidad, incluidos los regímenes europeos o nacionales.

6.5.3.   
Presunción de conformidad para los organismos nacionales de acreditación

Si un organismo nacional de acreditación puede demostrar, tras un proceso de evaluación por pares, que cumple los requisitos de la norma armonizada correspondiente [(273)](#ntr273-C_2022247ES.01000101-E0274), se supondrá que cumple los requisitos aplicables a los organismos nacionales de acreditación que se describen en el artículo 8 del Reglamento.

Más importante aún (y esto tiene importancia específica en el ámbito reglamentario), si un organismo nacional de acreditación ha superado con éxito la evaluación por pares para una actividad específica de evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales están obligadas a aceptar los certificados de acreditación expedidos por este organismo, así como cualquier declaración (por ejemplo, informes de ensayos o de inspección y certificados) emitida por los organismos de evaluación de la conformidad acreditados por este organismo de acreditación.

6.5.4.   
La ea y sus funciones de apoyo y armonización de las prácticas de acreditación en europa

Sobre la base de la función de la EA como la organización a cargo de la evaluación por pares de los organismos nacionales de acreditación, es necesario llegar a un enfoque coherente y equivalente de la acreditación que justifique el reconocimiento y la aceptación mutuos de las declaraciones de evaluación de la conformidad. Esto significa que la EA debe facilitar un enfoque común de las prácticas de acreditación, dirigido a las normas armonizadas y a los requisitos que puedan estar incluidos en cualquier régimen sectorial. Por tanto, con la participación de todas las partes afectadas, como los interesados y las autoridades nacionales, la EA debe desarrollar una orientación transparente que sus miembros tendrán que respetar cuando realicen la acreditación.

6.6.   La acreditación transfronteriza

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| La posibilidad de que un organismo de evaluación de la conformidad solicite la acreditación ante un organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro solamente se permite en un número limitado de casos. |

De conformidad con el artículo 7, apartado 1, del Reglamento (CE) n.o 765/2008, se exige a los organismos de evaluación de la conformidad, tanto si son terceros como propios o internos, que cuando soliciten la acreditación lo hagan ante el organismo nacional de acreditación del Estado miembro en el que están establecidos. Esta norma general permite excepciones; un organismo de evaluación de la conformidad puede solicitar la acreditación a un organismo nacional de acreditación de otro Estado miembro solo en caso de que:

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| — | en el Estado miembro en el que está establecido no haya ningún organismo nacional de acreditación y ni se haya recurrido a otro [artículo 7, apartado 1, letra a)]; |

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| — | el organismo nacional de acreditación no ofrezca el servicio de acreditación solicitado [artículo 7, apartado 1, letra b)]; |

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| — | el organismo nacional de acreditación no se haya sometido con éxito a la evaluación por pares en lo que respecta a las actividades de evaluación de la conformidad para las que se solicita la acreditación, es decir, cuando el organismo nacional de acreditación no sea signatario del acuerdo multilateral de la EA para la acreditación de la actividad de evaluación de la conformidad en cuestión [artículo 7, apartado 1, letra c)]. |

El artículo 7, apartado 1, del Reglamento está estrechamente vinculado al principio relativo al carácter no competitivo y es consecuencia lógica de este.

La disposición transfronteriza recogida en el artículo 7 es percibida como muy estricta e innecesariamente gravosa para los organismos de evaluación de la conformidad con actividad multinacional que tienen su sede central en un Estado miembro y que disponen de entidades o sedes locales en otros Estados miembros que trabajan bajo la supervisión de la sede central y aplican el mismo sistema de calidad y la misma gestión de la calidad, ya que esto implica duplicidades costosas de las evaluaciones. Se teme al riesgo de sufrir una desventaja competitiva en comparación con organizaciones de terceros países. En caso de una interpretación jurídica estricta del artículo 7, y debido a sus estructuras, los organismos de evaluación de la conformidad multinacionales no pueden beneficiarse de la ventaja que supone un solo certificado de acreditación para el conjunto del territorio de la UE, si bien uno de los objetivos del Reglamento es evitar las acreditaciones múltiples.

Debe evitarse la duplicidad de evaluaciones y cargas innecesarias para los organismos de evaluación de la conformidad multinacionales al tiempo que se garantiza un control adecuado de las entidades locales de los organismos de evaluación de la conformidad. Debe producirse un intercambio de información y una cooperación eficaz entre los organismos nacionales de acreditación para la evaluación, la reevaluación y la vigilancia de las sedes locales de los organismos de evaluación de la conformidad multinacionales siempre que sea necesario. Sobre la base del reconocimiento mutuo de todas las evaluaciones realizadas por los miembros de la EA, cualquier duplicidad de evaluaciones de aspectos o requisitos organizativos debe evitarse de manera estricta.

De ser necesario y previa solicitud motivada, el organismo nacional de acreditación local debe facilitar a las autoridades nacionales del otro Estado miembro la información pertinente sobre la realización de la acreditación con respecto a los requisitos legislativos nacionales de otro Estado miembro o a los requisitos establecidos en los regímenes sectoriales nacionales pertinentes. Se debe mantener informadas al respecto a las autoridades nacionales de los Estados miembros en los que está establecido el organismo nacional de acreditación local.

Los organismos de evaluación de la conformidad con sedes locales (independientemente de su personalidad jurídica), siempre que estas actúen en el marco del mismo sistema y la misma gestión de la calidad globales y su sede central tenga los medios para influir y controlar sustancialmente sus actividades, pueden ser considerados como una sola organización con respecto a la actividad de evaluación de la conformidad que ejercen. Por tanto, dicho organismo de evaluación de la conformidad está autorizado a solicitar la acreditación ante el organismo nacional de acreditación de la sede central cuyo ámbito de aplicación también puede abarcar las actividades ejercidas por la sede local, incluidas las ubicadas en otro Estado miembro.

En los casos de acreditación para la notificación, la supervisión de los organismos acreditados con múltiples emplazamientos se realiza en el marco de la cooperación transfronteriza entre los organismos nacionales de acreditación; sin embargo, la responsabilidad sigue recayendo en el organismo nacional de acreditación del Estado miembro en que esté establecido el organismo de evaluación de la conformidad. El organismo de evaluación de la conformidad como entidad principal que será acreditada y notificada debe contar con los medios y la competencia para llevar a cabo las tareas necesarias para la acreditación. Si bien puede recurrir a filiales o subcontratistas, no debe depender de estos para todas las pruebas y evaluaciones.

El organismo de evaluación de la conformidad acreditado notificado puede subcontratar tareas específicas relacionadas con la evaluación de la conformidad, debe velar por que el subcontratista cumpla los mismos requisitos aplicables al propio organismo acreditado notificado y puede subcontratar actividades específicas únicamente previo consentimiento del cliente [(274)](#ntr274-C_2022247ES.01000101-E0275). Por tanto, no pueden aceptarse estructuras en las que la sede central del organismo acreditado candidato en el Estado miembro de notificación conste de muy poco personal que realice únicamente tareas comerciales, pero ninguna de las tareas de evaluación de la conformidad para las que el organismo está notificado (o vaya a estarlo) se lleve a cabo en dicho Estado miembro. No obstante, la acreditación múltiple solamente se permite en el marco del Reglamento si el organismo de evaluación de la conformidad acreditado conserva la responsabilidad final respecto de las actividades ejercidas por las sedes locales incluidas en el ámbito de aplicación de la acreditación múltiple. El certificado de acreditación expedido por el organismo nacional de acreditación del Estado donde se encuentra la sede central nombra una entidad jurídica (la sede central) y esta entidad jurídica ostenta la acreditación y es responsable de las actividades acreditadas del organismo de evaluación de la conformidad, lo que incluye cualquier actividad realizada por la sede local que forme parte del ámbito de aplicación de la acreditación. Cuando estas sedes locales ejerzan actividades clave, el certificado de acreditación (en sus anexos) debe indicar claramente la dirección de dichas sedes.

La sede local tiene derecho a ofrecer declaraciones de la conformidad en virtud de la acreditación múltiple directamente al mercado local, pero solo en nombre del organismo de evaluación de la conformidad acreditado. Así pues, estos certificados e informes acreditados son expedidos con la acreditación, el nombre y la dirección de la sede central y sin el logotipo de la sede local. Sin embargo, esto no impide mencionar los datos de contacto de la sede local que expide el certificado o el informe correspondiente en el certificado de evaluación de la conformidad.

La acreditación múltiple está destinada a ser usada solamente por empresas dentro de la misma organización y siempre que la sede central conserve la responsabilidad por las actividades ejercidas y por los certificados o informes expedidos por las sedes locales. La responsabilidad debe demostrarse sobre la base de las relaciones contractuales, u otras relaciones jurídicas equivalentes, entre la sede central y la entidad local, y de la normativa interna que especifica más detalladamente estas relaciones en términos de gestión y de responsabilidades.

La solución de la acreditación múltiple puede ser aplicada a todo tipo de entidades locales (filiales, sucursales, agencias, oficinas, etc.), con independencia de su personalidad jurídica, y en principio es válida para todo tipo de organismos de evaluación de la conformidad, como laboratorios y organismos de inspección y de certificación, siempre que ejerzan actividades claramente identificadas y pertinentes para el fin de la acreditación.

La solución de la acreditación múltiple queda excluida cuando no se cumplen las condiciones mencionadas anteriormente, esto es, cuando el organismo de evaluación de la conformidad no puede ser considerado una misma organización con respecto a la evaluación de la conformidad y la sede central no conserva la responsabilidad última por las actividades de las entidades locales. En este caso, las sedes locales son entidades jurídicas separadas y deben solicitar su propia acreditación ante el organismo nacional de acreditación local. En consecuencia, se puede considerar que la entidad local lleva a cabo el servicio de evaluación de la conformidad de manera completamente independiente de la sede central.

En el caso de una acreditación múltiple, la evaluación inicial y las reevaluaciones deben llevarse a cabo en estrecha cooperación entre los respectivos organismos nacionales de acreditación locales y el organismo nacional de acreditación de la sede central que adopta la decisión de acreditación, aunque la vigilancia debe ser efectuada por el organismo nacional de acreditación local o en cooperación con este. El organismo de evaluación de la conformidad multinacional debe cooperar plenamente con los organismos nacionales de acreditación implicados. Las entidades locales no pueden rechazar la participación del organismo nacional de acreditación local en la evaluación, las reevaluaciones y el proceso de vigilancia. Las normas armonizadas de cooperación entre organismos nacionales de acreditación existen en forma de política transfronteriza de la EA. La acreditación múltiple debe ser gestionada en el marco de la política transfronteriza de la EA a fin de garantizar la participación del organismo nacional de acreditación local.

La acreditación múltiple no sustituye a la subcontratación, que sigue siendo una solución viable en el caso de que un organismo de evaluación de la conformidad desee subcontratar parte de sus actividades a entidades jurídicas que están ubicadas y que actúan en otros Estados miembros, o en el mismo, y que, sin embargo, no pertenecen a la misma organización; es decir, no forman parte de un organismo de evaluación de la conformidad multinacional. En ese caso, el subcontratista no está cubierto por la acreditación del organismo de evaluación de la conformidad. Un organismo de evaluación de la conformidad acreditado puede subcontratar partes específicas de sus actividades de evaluación de la conformidad a distintas entidades jurídicas de conformidad con la norma aplicable sobre organismos de evaluación de la conformidad con arreglo a la que está acreditado y solamente en la medida en que dicha norma lo permita. El organismo de evaluación de la conformidad debe ser capaz de demostrar al organismo nacional de acreditación que las actividades subcontratadas se realizan de manera competente, fiable y coherente con los requisitos aplicables para las actividades correspondientes. La declaración de evaluación de la conformidad acreditada debe ser emitida exclusivamente con el nombre y bajo la responsabilidad del organismo de evaluación de la conformidad acreditado, es decir, la entidad jurídica que ostenta la acreditación. La relación contractual con el cliente se mantiene con el organismo de evaluación de la conformidad acreditado.

6.7.   Acreditación en el contexto internacional

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| A escala internacional, la cooperación entre organismos de acreditación tiene lugar en el marco del Foro Internacional de Acreditación (IAF) y de la Cooperación Internacional de Acreditación de Laboratorios (ILAC). |

6.7.1.   
Cooperación entre organismos de acreditación

La acreditación, en tanto que modo imparcial de evaluar y expresar la demostración formal de la competencia técnica, la imparcialidad y la integridad profesional de los organismos de evaluación de la conformidad, es una herramienta de infraestructura de calidad eficaz, utilizada en todo el mundo.

A escala internacional, la cooperación entre organismos de acreditación se produce en el seno de dos organizaciones: en concreto, dentro del Foro Internacional de Acreditación (IAF) entre organismos de acreditación que acreditan a organismos de certificación (productos y sistemas de gestión), y dentro de la Cooperación Internacional de Acreditación de Laboratorios (ILAC) entre organismos de acreditación que acreditan a laboratorios y organismos de inspección. Ambas organizaciones contemplan acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo entre sus organismos de acreditación miembros. El IAF gestiona un acuerdo multilateral de reconocimiento (AMR), mientras que la ILAC aplica un acuerdo de reconocimiento mutuo (ARM). Estos acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo o acuerdos de competencia a nivel técnico entre organismos de acreditación tienen como fin último permitir que los productos y los servicios acompañados por declaraciones de conformidad acreditadas accedan a los mercados extranjeros sin que resulte necesario llevar a cabo de nuevo ensayos o certificaciones en el país importador. Por tanto, el objetivo de estos acuerdos de reconocimiento entre organismos de acreditación es contribuir a consolidar la aceptación de los resultados de la evaluación de la conformidad.

A escala regional, hasta la fecha [(275)](#ntr275-C_2022247ES.01000101-E0276), se han creado organizaciones de cooperación entre organismos de acreditación en:

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| — | Europa: Cooperación Europea para la Acreditación (EA) |

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| — | América: Cooperación Interamericana de Acreditación (IAAC) |

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| — | Asia-Pacífico: Cooperación de Acreditación de Laboratorios de Asia-Pacífico (APLAC) y Cooperación de Acreditación del Pacífico (PAC) |

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| — | África: Acreditación de la Comunidad para el Desarrollo del África Meridional (SADCA) |

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| — | África: Cooperación Africana para la Acreditación (AFRAC) |

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| — | Oriente Medio: Cooperación Árabe para la Acreditación (ARAC) |

A excepción de la SADCA, la AFRAC y la ARAC, que actualmente están desarrollando sus acuerdos de reconocimiento mutuo regional, las organizaciones de cooperación indicadas anteriormente cuentan en su región con acuerdos o disposiciones vigentes en los que se basan los acuerdos de la ILAC y el IAF. Al otorgar un reconocimiento especial, el IAF acepta los acuerdos de reconocimiento mutuo establecidos dentro de la EA, la IAAC y la PAC: los organismos de acreditación que son miembros del IAF y los firmantes del acuerdo multilateral de la EA (AMR de la EA) o del acuerdo multilateral de reconocimiento de la PAC (AMR de la PAC) son aceptados automáticamente en el AMR del IAF. La ILAC acepta los acuerdos de reconocimiento mutuo y los procedimientos de evaluación subyacentes de la EA, la APLAC y la IAAC. Los organismos de acreditación que no están afiliados a ninguna entidad regional de cooperación reconocida pueden solicitar directamente a la ILAC o al IAF su evaluación y reconocimiento.

Los requisitos fijados por el Reglamento para los organismos de acreditación están en consonancia con los requisitos aceptados a escala mundial contemplados en las normas internacionales pertinentes, si bien algunos de ellos pueden ser percibidos como más rigurosos. En particular:

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| — | La acreditación es realizada por un único organismo nacional de acreditación designado por su Estado miembro (artículo 4, apartado 1). |

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| — | La acreditación es ejercida como una actividad de una autoridad pública (artículo 4, apartado 5). |

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| — | Los organismos nacionales de acreditación actúan sin motivaciones comerciales (artículo 8, apartado 1) y sin fines lucrativos (artículo 4, apartado 7). |

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| — | Los organismos nacionales de acreditación no compiten con los organismos de evaluación de la conformidad (artículo 6, apartado 1) ni con otros organismos nacionales de acreditación (artículo 6, apartado 2). |

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| — | Acreditación transfronteriza, artículo 7 (dentro de la UE y el EEE). |

6.7.2.   
La incidencia de las relaciones comerciales en el ámbito de la evaluación de la conformidad entre la ue y terceros países

La aceptación última de las declaraciones de evaluación de la conformidad es decidida por las autoridades públicas en la esfera reglamentaria y, desde un punto de vista económico, por los usuarios y consumidores del sector. Los acuerdos multilaterales de reconocimiento mutuo voluntarios entre organismos de acreditación que se adoptan a nivel técnico apoyan y potencian el desarrollo y la mejora de los acuerdos comerciales.

Los requisitos recogidos anteriormente afectan a la aceptación de los certificados y los resultados de ensayos no europeos acreditados por organismos de acreditación no europeos que no cumplen los requisitos de la Unión pero que han firmado acuerdos multilaterales o de reconocimiento mutuo de la ILAC o el IAF de la siguiente manera:

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| — | Evaluación de la conformidad realizada en el ámbito voluntario  Corresponde al organismo de evaluación de la conformidad no europeo que opera en el mercado europeo decidir si quiere ser acreditado y dónde. Con el fin de impulsar la aceptación por parte del mercado europeo (la industria en tanto que compradores de servicios de evaluación de la conformidad y, en última instancia, consumidores) de sus declaraciones de evaluación de la conformidad, los organismos de evaluación de la conformidad no europeos que optan a la acreditación pueden elegir si recurrir al servicio de un organismo de acreditación de un tercer país no necesariamente conforme con los nuevos requisitos europeos, pero que haya firmado un acuerdo multilateral o de reconocimiento mutuo de la ILAC o el IAF, o decantarse por un organismo de acreditación establecido en la Unión. Las declaraciones de evaluación de la conformidad no europeas expedidas bajo acreditación por parte de organismos de acreditación no europeos que no cumplan los requisitos europeos pueden seguir siendo utilizadas en el mercado europeo, pero solamente en el ámbito voluntario. |

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| — | Evaluación de la conformidad realizada en el ámbito obligatorio  Cuando las normativas exigen la evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales de los Estados miembros de la UE pueden negarse a acepar declaraciones de conformidad expedidas bajo acreditación por parte de organismos de acreditación no europeos que no cumplen los requisitos de la Unión, aunque sean signatarios de acuerdos multilaterales o de reconocimiento mutuo de la ILAC o el IAF. |

Sin embargo, cuando existan acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) intergubernamentales entre la Unión y un tercer país en relación con la evaluación de la conformidad, las autoridades nacionales de los Estados miembros de la UE deben aceptar los informes de ensayos y los certificados expedidos por organismos designados por la parte extranjera en virtud del ARM para evaluar la conformidad en las categorías de productos o sectores sujetas al ARM. Los productos acompañados por dichas declaraciones de la conformidad pueden ser exportados e introducidos en el mercado del otro país sin someterse a procedimientos adicionales de evaluación de la conformidad. Todas las partes importadoras acuerdan, de conformidad con los términos del ARM, reconocer las declaraciones de evaluación de la conformidad emitidas por organismos de evaluación de la conformidad homologados de la parte exportadora, con independencia de si la acreditación ha sido utilizada para respaldar el proceso de designación de los organismos de evaluación de la conformidad en el marco del ARM o no, e independientemente (en caso de que la acreditación sea utilizada por la parte no europea) de que el organismo de acreditación tercero cumpla o no los requisitos de la Unión.

7.   VIGILANCIA DEL MERCADO

En virtud del Reglamento (UE) 2019/1020, las autoridades nacionales de vigilancia del mercado tienen obligaciones claras de controlar los productos regulados por la legislación de armonización de la Unión comercializados en la UE, de organizarse entre sí y de garantizar la coordinación entre sí a escala nacional, así como de cooperar a escala de la UE [(276)](#ntr276-C_2022247ES.01000101-E0277). Los operadores económicos tienen la clara obligación de cooperar con las autoridades nacionales de vigilancia del mercado y de adoptar medidas correctoras cuando sea necesario. Las autoridades nacionales de vigilancia del mercado están facultadas para adoptar las sanciones adecuadas en caso de incumplimiento de los requisitos legislativos.

El Reglamento (UE) 2019/1020 incluye disposiciones sobre el control de los productos procedentes de terceros países que entran en el mercado de la Unión. Obliga a las autoridades nacionales de vigilancia del mercado y a las autoridades aduaneras a cooperar para garantizar un sistema eficaz. Tales controles deben llevarse a cabo de manera no discriminatoria y sobre la base de un análisis del riesgo.

La Comisión Europea tiene la tarea de facilitar la cooperación y el intercambio de información entre las autoridades de toda la UE. Su objetivo es garantizar que la vigilancia del mercado sea efectiva a escala de la UE y que los Estados miembros puedan aunar sus medios, en particular a través de la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos (véase el punto 7.6.3.3).

7.1.   ¿Por qué es necesaria la vigilancia del mercado?

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| Los Estados miembros deben adoptar las medidas apropiadas para evitar la comercialización y el uso [(277)](#ntr277-C_2022247ES.01000101-E0278) de productos no conformes. |

La vigilancia del mercado tiene por objeto garantizar que los productos cumplan los requisitos aplicables que proporcionan un alto nivel de protección de los intereses públicos, como la salud y la seguridad en general, la salud y la seguridad en el lugar de trabajo, la protección de los consumidores, del medio ambiente y de la seguridad pública, así como cualquier otro interés público protegido por la legislación de la UE. Este objetivo debe perseguirse al tiempo que se garantiza que la libre circulación de los productos no se vea limitada en un grado mayor que el permitido en virtud de la legislación de armonización de la Unión o de cualquier otra norma de la Unión pertinente. La vigilancia del mercado da derecho a los ciudadanos a un grado de protección equivalente en todo el mercado único, independientemente del origen del producto. Por otra parte, la vigilancia del mercado es importante para los intereses de los operadores económicos, ya que ayuda a eliminar la competencia desleal.

Las actividades de vigilancia del mercado no van dirigidas exclusivamente a la protección de la salud y la seguridad: también tienen por objeto hacer cumplir la legislación de la Unión destinada a salvaguardar otros intereses públicos, por ejemplo mediante la regulación de la exactitud de las mediciones, la compatibilidad electromagnética, el uso eficaz y eficiente del espectro radioeléctrico, la eficiencia energética, y la protección de los consumidores y del medio ambiente, en consonancia con el principio de un «nivel de protección elevado» establecido en el artículo 114, apartado 3, del TFUE.

Los Estados miembros deben garantizar la vigilancia efectiva de sus mercados. Están obligados a organizar y llevar a cabo el seguimiento de los productos comercializados en sus mercados o importados a través de los canales de venta y distribución en línea y fuera de línea. El objetivo es garantizar que los productos se han diseñado y fabricado de conformidad con los requisitos establecidos en la legislación de armonización de la Unión, que se han respetado los requisitos de marcado y documentación y que han sido sometidos a los procedimientos necesarios.

Cuando los Estados miembros consideren que este no es el caso, deben exigir a los operadores económicos pertinentes que adopten medidas correctoras adecuadas y proporcionadas para garantizar el cumplimiento de los requisitos aplicables. Cuando los operadores económicos no adopten medidas correctoras, las autoridades de vigilancia del mercado deben adoptar medidas adecuadas y proporcionadas para garantizar que los productos que no sean seguros, o que por otras razones no sean conformes a los requisitos aplicables establecidos en la legislación de armonización de la Unión, se mantengan fuera o se retiren del mercado y se penalice a los operadores poco escrupulosos o que cometan un delito. Los Estados miembros deben permitir sanciones proporcionales a cualquier infracción. Estas también deben tener un efecto disuasorio, especialmente en caso de infracciones graves o reiteradas.

7.2.   Ámbito de aplicación del Reglamento (UE) 2019/1020

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| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | El Reglamento (UE) 2019/1020 se aplica a los productos no alimentarios sujetos a una amplia gama de actos legislativos de armonización de la Unión. |  |  |  | | --- | --- | | — | Cuando la legislación de armonización de la Unión incluya normas específicas sobre la vigilancia del mercado, prevalecerán dichas normas. |  |  |  | | --- | --- | | — | Con respecto a los controles en las fronteras exteriores, la definición de producto del Reglamento es más amplia. | |

El ámbito de aplicación del Reglamento (UE) 2019/1020 se define en su artículo 2. El Reglamento (UE) 2019/1020 regula la vigilancia del mercado para la mayor parte de la legislación de armonización de la Unión y establece requisitos específicos en cuanto al diseño, la composición y el etiquetado de los productos no alimentarios, en la medida en que no existan disposiciones específicas con el mismo objetivo en la legislación de armonización de la Unión. Algunas categorías de productos, como los medicamentos o los equipos ferroviarios, no están incluidos porque cuentan con su propio marco de ejecución. El anexo I del Reglamento (UE) 2019/1020 contiene una lista de la legislación para la que es pertinente el Reglamento. No obstante, otra legislación adicional también se ve afectada por el Reglamento (UE) 2019/1020, ya sea mediante la modificación del anexo I o mediante referencias en dicha legislación, por ejemplo:

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| — | una referencia específica al Reglamento (UE) 2019/1020, como en la Directiva (UE) 2020/2184, sobre el agua potable [(278)](#ntr278-C_2022247ES.01000101-E0279); |

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| --- | --- |
| — | la inclusión de la legislación anterior en el anexo I del Reglamento (UE) 2019/1020 y una disposición según la cual las referencias a la legislación derogada deben interpretarse como referencias a la nueva legislación, como en el Reglamento (UE) 2019/1009, sobre los productos fertilizantes UE [(279)](#ntr279-C_2022247ES.01000101-E0280); |

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| --- | --- |
| — | las dos opciones anteriores, como en el Reglamento (UE) 2020/740, relativo al etiquetado de los neumáticos en relación con la eficiencia en términos de consumo de carburante y otros parámetros [(280)](#ntr280-C_2022247ES.01000101-E0281). |

Un acto se refiere explícitamente a las disposiciones de vigilancia del mercado del Reglamento (CE) n.o 765/2008 [sin referencia al Reglamento (UE) 2019/1020]: el Acta Europea de Accesibilidad [(281)](#ntr281-C_2022247ES.01000101-E0282). Una serie de disposiciones del Reglamento (UE) 2019/1020 se aplican a este acto mediante su artículo 39, apartado 2, y la tabla de correspondencias que figura en el anexo III del Reglamento (UE) 2019/1020.

La Directiva (UE) 2019/904, sobre los plásticos de un solo uso [(282)](#ntr282-C_2022247ES.01000101-E0283), no contiene disposiciones específicas ni referencias para la garantía de cumplimiento. Dado que su definición de producto se solapa de manera significativa con la Directiva relativa a los envases y residuos de envases [incluida en el anexo I del Reglamento (UE) 2019/1020], es posible que los Estados miembros deseen aplicar a escala nacional las disposiciones de vigilancia del mercado del Reglamento (UE) 2019/1020.

También están incluidos los actos delegados y de ejecución adoptados en virtud de la legislación para la que es pertinente el Reglamento (UE) 2019/1020. Parte de la legislación para la que es pertinente el Reglamento (UE) 2019/1020 contiene asimismo disposiciones que no afectan al diseño, la composición o el etiquetado de los productos, como los objetivos de valorización y reciclado establecidos en el artículo 6 de la Directiva 94/62/CE, relativa a los envases y residuos de envases. El Reglamento (UE) 2019/1020 no es pertinente para tales disposiciones.

La legislación de armonización de la Unión para la que es pertinente el Reglamento (UE) 2019/1020 también puede contener normas sobre la vigilancia del mercado [(283)](#ntr283-C_2022247ES.01000101-E0284). Las disposiciones del Reglamento (UE) 2019/1020 sobre la vigilancia del mercado se aplican a los productos sujetos a dicha legislación de armonización de la Unión en la medida en que no existan disposiciones específicas con el mismo objetivo en la legislación de armonización de la Unión que regulen de manera más específica aspectos concretos de la vigilancia del mercado y la garantía de cumplimiento (la disposición relativa a la lex specialis que figura en el artículo 1, apartado 1). Esto se aplica, por ejemplo, con respecto al uso de la base de datos europea sobre dispositivos médicos (Eudamed) [(284)](#ntr284-C_2022247ES.01000101-E0285) en lugar del sistema de información y comunicación a que se refiere el artículo 34 del Reglamento (UE) 2019/1020 [(285)](#ntr285-C_2022247ES.01000101-E0286). No obstante, en muchos casos, las disposiciones de vigilancia del mercado incluidas en la legislación de armonización de la Unión son complementarias y no hacen inaplicables las disposiciones del Reglamento (UE) 2019/1020.

En el artículo 4 («Tareas de los operadores económicos relativas a los productos sujetos a determinada legislación de armonización de la Unión») se define su propio ámbito de aplicación específico. La Comisión ha publicado orientaciones específicas sobre el artículo 4 [(286)](#ntr286-C_2022247ES.01000101-E0287).

Las disposiciones relativas a los controles de los productos que entran en la Unión (capítulo VII, es decir, los artículos 25 a 28) tienen una definición de producto más amplia que la legislación de armonización de la Unión que figura en el anexo I. Estas disposiciones se aplican a los productos regulados por el Derecho de la Unión en la medida en que no existan disposiciones específicas relativas a la organización de los controles de los productos que entran en el mercado de la Unión. Esto incluye, por ejemplo, la Directiva 2001/95/CE, relativa a la seguridad general de los productos.

7.3.   Organización de la vigilancia del mercado

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| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La vigilancia del mercado se organiza a nivel nacional y las oficinas de enlace únicas facilitan la coordinación. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los Estados miembros deben garantizar que sus autoridades dispongan de los recursos y las competencias suficientes. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las estrategias nacionales de vigilancia del mercado determinan las prioridades. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las autoridades de vigilancia del mercado deben informar al público sobre los riesgos. |  |  |  | | --- | --- | | — | El nivel de las sanciones se determina a nivel nacional. | |

La vigilancia del mercado se organiza a nivel nacional sobre la base del marco común establecido en el Reglamento (UE) 2019/1020. Los Estados miembros deben designar una o varias autoridades de vigilancia del mercado, autoridades encargadas del control de los productos que entran a través de las fronteras exteriores de la UE y una oficina de enlace única.

7.3.1.   
Infraestructuras nacionales

La vigilancia del mercado es responsabilidad de las autoridades públicas nacionales [artículo 10, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Esto es así, en particular, para garantizar la imparcialidad de las actividades de vigilancia del mercado. Cada Estado miembro puede decidir sobre la infraestructura de vigilancia del mercado. Por ejemplo, no existen requisitos a escala de la Unión sobre la asignación de responsabilidades entre las autoridades, ya sea sobre una base funcional o geográfica, siempre que la vigilancia sea eficaz y abarque todo el territorio.

Los Estados miembros organizan y llevan a cabo la vigilancia mediante la creación de autoridades de vigilancia del mercado [(287)](#ntr287-C_2022247ES.01000101-E0288) [artículo 10, apartado 2, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades de vigilancia del mercado son las autoridades de un Estado miembro responsables de efectuar la vigilancia del mercado en su territorio [artículo 3, punto 4, del Reglamento (UE) 2019/1020]. La vigilancia del mercado por parte de las autoridades públicas es un elemento fundamental para la correcta aplicación de la legislación de armonización de la Unión.

Cada Estado miembro debe designar una oficina de enlace única que lleve a cabo determinadas tareas de coordinación entre las autoridades de vigilancia del mercado, así como entre dichas autoridades y las encargadas del control de los productos que entran en la Unión. Las oficinas de enlace únicas coordinan, en particular, la posición de las autoridades nacionales en las actividades de cooperación emprendidas a escala de la UE [artículo 10, apartado 4, del Reglamento (UE) 2019/1020].

Los Estados miembros deben otorgar a las autoridades de vigilancia del mercado los poderes, recursos y conocimientos necesarios para que ejerzan correctamente sus funciones [entre otros, el artículo 14, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020]. El Reglamento (UE) 2019/1020 incluye un conjunto mínimo de poderes de investigación y ejecución que los Estados miembros deben conferir a sus autoridades. Los Estados miembros pueden exigir que determinados poderes se ejerzan recurriendo a otras autoridades públicas o mediante resoluciones judiciales [artículo 14, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Los Estados miembros pueden conferir poderes adicionales a los recogidos en el Reglamento. Las autoridades de vigilancia del mercado deben ejercer sus poderes de conformidad con el principio de proporcionalidad [artículo 14, apartado 2, del Reglamento (UE) 2019/1020].

En lo que respecta a los recursos de personal, las autoridades deben contar con un número suficiente de personal con la cualificación y la experiencia adecuadas, así como con la integridad profesional necesaria, o tener acceso a este. Esto debe incluir las capacidades necesarias para abordar los productos comercializados en línea y fuera de línea con la misma eficacia [artículo 10, apartado 5, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Podría incluir la designación de estructuras y personal específicos para el seguimiento y el rastreo de productos peligrosos y no conformes vendidos en línea [(288)](#ntr288-C_2022247ES.01000101-E0289). Las autoridades de vigilancia del mercado deben ejercer sus poderes y desempeñar sus funciones de manera independiente, imparcial y objetiva [artículo 11, apartado 2, del Reglamento (UE) 2019/1020]. En el desempeño de sus actividades, pueden utilizar sus propias instalaciones de ensayo o cualquier otro recurso. También pueden subcontratar tareas técnicas (como ensayos o inspecciones) a otro organismo, siempre que sigan siendo responsables de sus decisiones. Si las tareas técnicas se subcontratan a un organismo que lleva a cabo actividades de evaluación de la conformidad para los operadores económicos, no debe haber conflicto de intereses entre dichas actividades de evaluación de la conformidad y la evaluación de la conformidad para la autoridad de vigilancia del mercado. A la hora de subcontratar, la autoridad de vigilancia del mercado debe actuar con suma prudencia para garantizar que la imparcialidad del asesoramiento que recibe es irreprochable. La responsabilidad de cualquier decisión adoptada sobre la base de dicho asesoramiento debe corresponder a la autoridad de vigilancia del mercado.

7.3.2.   
Estrategias nacionales de vigilancia del mercado

El artículo 13 del Reglamento (UE) 2019/1020 exige a los Estados miembros que diseñen una estrategia nacional de vigilancia del mercado, como mínimo, cada cuatro años. Esta estrategia debe ser general, teniendo en cuenta todos los sectores regulados por la legislación de armonización de la Unión y todos los canales de venta y las fases de las cadenas de suministro. Sobre la base de una evaluación de la conformidad, las tendencias del mercado y los nuevos avances tecnológicos, debe determinar las prioridades en cuanto a la garantía de cumplimiento.

El objetivo de las estrategias es promover un enfoque inteligente y basado en datos para el cumplimiento de la legislación, concentrar los recursos en las prioridades y determinar el desarrollo de capacidades necesario para afrontar nuevos retos. Permiten detectar las necesidades de una mayor cooperación entre las autoridades de vigilancia del mercado, así como con las autoridades encargadas del control de los productos que se introducen en el mercado de la Unión.

Las estrategias también deben permitir a otros Estados miembros comprender cómo y en qué ámbitos se llevará a cabo la vigilancia del mercado. La Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos intercambiará conocimientos técnicos y mejores prácticas en relación con la aplicación de las estrategias nacionales de vigilancia del mercado. También evaluará las estrategias, lo que permitirá detectar solapamientos, sinergias y lagunas, sobre todo a escala de la Unión.

Para permitir que las estrategias tengan en cuenta e incluyan información sensible, solo se comparten entre las autoridades de los Estados miembros y la Comisión. Esto también se aplica a los resultados de la revisión y la evaluación de la estrategia de vigilancia del mercado que deben realizar los Estados miembros. Estos últimos deben publicar un resumen de la estrategia de vigilancia del mercado para informar al público de sus actividades.

7.3.3.   Información al público

Teniendo en cuenta que el objetivo de la vigilancia del mercado es ofrecer un alto nivel de protección de determinados intereses públicos, informar al público es un elemento esencial de dicha vigilancia. Por lo tanto, los Estados miembros deben garantizar la apertura al público y a las partes interesadas. Deben poner a disposición del público toda la información que consideren pertinente con el fin de proteger los intereses de los usuarios finales en la Unión [artículo 17 del Reglamento (UE) 2019/1020]. Esto garantiza una mayor información y sensibilización tanto para los consumidores como para los operadores económicos. De conformidad con el principio de transparencia, el público debe, en principio, tener acceso a la información de que dispongan las autoridades de los Estados miembros o la Comisión con relación a los riesgos que los productos entrañen para la salud y la seguridad u otros intereses públicos protegidos con arreglo a la legislación de armonización de la UE. Esto se entiende sin perjuicio de las restricciones necesarias para proteger los derechos de propiedad intelectual y la información comercial confidencial, para conservar los datos personales y para las actividades de control, investigación y enjuiciamiento [(289)](#ntr289-C_2022247ES.01000101-E0290).

Una de las obligaciones de las autoridades de vigilancia del mercado es garantizar que los usuarios ubicados en sus territorios sean alertados en un plazo adecuado de los peligros y riesgos que hayan detectado en relación con cualquier producto. Con ello se pretende reducir el riesgo de lesiones u otros daños, en particular cuando el operador económico responsable no lo haga [artículo 16, apartados 3 y 5, del Reglamento (UE) 2019/1020].

Las autoridades de vigilancia del mercado también deben velar por que los consumidores y otras partes interesadas tengan la oportunidad de presentar reclamaciones ante las autoridades competentes y de que estas reclamaciones sean objeto del seguimiento oportuno [artículo 11, apartado 7, letra a), del Reglamento (UE) 2019/1020].

7.3.4.   
Sanciones

El Reglamento (UE) 2019/1020 exige a los Estados miembros que adopten las medidas adecuadas cuando los operadores económicos no cumplan las obligaciones aplicables. El Reglamento establece que las autoridades de vigilancia del mercado deben tener el poder para imponer sanciones [artículo 14, apartado 4, letra i), del Reglamento (UE) 2019/1020]. Los Estados miembros deben establecer las normas para dichas sanciones [artículo 41 del Reglamento (UE) 2019/1020], de conformidad con los requisitos incluidos en la legislación de armonización de la Unión [(290)](#ntr290-C_2022247ES.01000101-E0291) o en el Reglamento (UE) 2019/1020. Dichas sanciones deben ser efectivas, proporcionadas y disuasorias. Pueden ser aplicadas directamente por las autoridades de vigilancia del mercado o mediante procedimientos que impliquen a los tribunales, en función del sistema jurídico de cada Estado miembro. Además, el Reglamento (UE) 2019/1020 permite a los Estados miembros conferir a sus autoridades de vigilancia del mercado el poder para reclamar al operador económico pertinente, si así lo desean, los costes de las actividades de vigilancia del mercado emprendidas en relación con un producto considerado no conforme [artículo 15, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Dado que el Reglamento se refiere a la totalidad de los costes de las actividades de las autoridades de vigilancia del mercado con respecto a casos de incumplimiento, el tipo de costes que pueden reclamarse es amplio y no se limita a los ejemplos mencionados en el artículo 15, apartado 2. Al mismo tiempo, al igual que para todos los demás poderes, las autoridades de vigilancia del mercado deben ejercer este poder de conformidad con el principio de proporcionalidad, por ejemplo, avisar y hacer un seguimiento de un incumplimiento formal, como un marcado CE que no se haya colocado de forma indeleble, normalmente no costará mucho.

7.4.   Controles por parte de las autoridades de vigilancia del mercado

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| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La vigilancia del mercado se produce en la fase de comercialización de los productos. |  |  |  | | --- | --- | | — | La vigilancia del mercado prioriza los recursos y las medidas a través de un enfoque basado en el riesgo. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las actividades de vigilancia del mercado pueden estar organizadas de manera diferente en función de la naturaleza del producto y de los requisitos legales, y pueden ir desde el control de los requisitos formales hasta minuciosos exámenes de laboratorio. |  |  |  | | --- | --- | | — | Los productos no conformes están sujetos a medidas correctoras, prohibiciones de las ventas, retiradas o recuperaciones. |  |  |  | | --- | --- | | — | Todos los operadores económicos tienen una función y obligaciones en la vigilancia del mercado. | |

Las autoridades de vigilancia del mercado deben comprobar la conformidad del producto con los requisitos jurídicos aplicables en el momento de la introducción en el mercado o, si procede, de la puesta en servicio. Los controles realizados en el marco de la vigilancia del mercado pueden efectuarse en diferentes fases de la distribución de un producto tras su introducción en el mercado o la puesta en funcionamiento. Por lo tanto, puede ejercerse en varias ubicaciones.

7.4.1.   
Actividades de vigilancia del mercado

Las autoridades de vigilancia del mercado deben efectuar las comprobaciones apropiadas, en una escala adecuada, de los productos comercializados en línea y fuera de línea [artículo 11, apartado 1, letra a), y apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Para que la vigilancia del mercado sea eficaz, debe seguirse un enfoque basado en el riesgo [artículo 11, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Los recursos deben concentrarse donde es probable que los riesgos sean mayores o que el incumplimiento sea más frecuente. El enfoque basado en el riesgo debe tener en cuenta distintos aspectos de los productos (nivel de posibles peligros, incumplimientos y riesgos asociados; frecuencia en el mercado), los operadores económicos (actividades y operaciones, historial de incumplimientos) e información sobre ambos recibida de otros agentes (como las autoridades de control fronterizo, las reclamaciones de los consumidores y los medios de comunicación), así como otras fuentes que puedan indicar incumplimientos, como incidentes y accidentes.

Las autoridades de vigilancia del mercado no comprueban necesariamente todos los requisitos posibles o todas las propiedades de un producto. Por lo general, solo algunos de estos requisitos y propiedades se seleccionan para la inspección.

Las comprobaciones efectuadas por las autoridades de vigilancia del mercado pueden incluir, entre otras cosas:

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| --- | --- |
| — | realizar inspecciones en línea; |

|  |  |
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| — | visitar instalaciones comerciales, industriales y de almacenamiento; |

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| — | visitar, si procede, lugares de trabajo y otras instalaciones donde los productos son puestos en servicio [(291)](#ntr291-C_2022247ES.01000101-E0292); solicitar la información necesaria; y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | tomar muestras de productos y someterlas a exámenes y ensayos. |

El primer nivel de control incluye comprobaciones documentales y visuales, por ejemplo en relación con el marcado CE y su colocación, la disponibilidad de la declaración UE de conformidad, la información adjunta al producto y la elección correcta de procedimientos de evaluación de la conformidad. En el caso de las comprobaciones en línea, el primer nivel de control es comprobar la información disponible en el sitio web donde el producto se ofrece a la venta, posiblemente seguido por una solicitud de la documentación de conformidad o la adquisición del producto para su posterior inspección.

Sin embargo, pueden ser necesarias unas comprobaciones más profundas para verificar la conformidad del producto, por ejemplo, en lo tocante a la correcta aplicación del procedimiento de evaluación de la conformidad, la conformidad con los requisitos esenciales aplicables y el contenido de la declaración UE de conformidad. Especialmente cuando existen motivos suficientes para pensar que un producto plantea un riesgo, las autoridades de vigilancia del mercado llevan a cabo una evaluación relacionada con el producto en cuestión atendiendo a los requisitos de la legislación de armonización de la Unión pertinente [(292)](#ntr292-C_2022247ES.01000101-E0293).

En caso de que los operadores económicos presenten informes de ensayo o certificados de evaluación de la conformidad expedidos por un organismo de evaluación de la conformidad acreditado, las autoridades de vigilancia del mercado deben tener debidamente en cuenta dichos informes o certificados [artículo 11, apartado 5, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las iniciativas voluntarias, como la certificación del producto o la aplicación de un sistema de gestión de la calidad, no pueden situarse en el mismo nivel que las actividades de vigilancia del mercado ejercidas por una autoridad. Aun así, pueden contribuir a eliminar riesgos e incumplimientos. No obstante, las autoridades de vigilancia del mercado deben ser imparciales con respecto a todas las marcas, etiquetas y disposiciones voluntarias: estas solo pueden tenerse en cuenta, de manera transparente y no discriminatoria, para la evaluación del riesgo y del cumplimiento. Por consiguiente, los productos no deben ser excluidos de las operaciones de vigilancia del mercado aunque hayan sido objeto de una certificación voluntaria o de otras iniciativas voluntarias.

7.4.1.1.   Solicitud de documentación de conformidad

La legislación de armonización de la Unión contempla dos herramientas diferentes que permiten a las autoridades de vigilancia del mercado recibir información acerca del producto: la declaración UE de conformidad y la documentación técnica. Estas herramientas deben ser puestas a disposición por el fabricante, el representante autorizado establecido dentro de la Unión o, en determinadas circunstancias, por el importador o el prestador de servicios logísticos establecido dentro de la Unión [(293)](#ntr293-C_2022247ES.01000101-E0294).

En principio, otras personas físicas o jurídicas, como los distribuidores, no están obligadas a poner dichas herramientas a disposición [(294)](#ntr294-C_2022247ES.01000101-E0295). Sin embargo, se espera que ayuden a la autoridad de vigilancia del mercado a obtenerlas. Por otra parte, la autoridad de vigilancia del mercado puede solicitar al organismo notificado que facilite información sobre la realización de la evaluación de la conformidad del producto correspondiente.

La declaración UE de conformidad debe ponerse a disposición de la autoridad de vigilancia del mercado sin demora previa solicitud [(295)](#ntr295-C_2022247ES.01000101-E0296). Debe acompañar al producto cuando así lo exija la legislación de armonización de la Unión específica.

La documentación técnica debe ponerse a disposición de la autoridad de vigilancia del mercado en un plazo razonable, en respuesta a una solicitud motivada (artículo R2, apartado 9, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). La autoridad no puede solicitarla de manera sistemática. En general, puede solicitarse durante las comprobaciones efectuadas con fines de vigilancia del mercado, o cuando existen motivos de preocupación sobre si un producto no ofrece el grado de protección necesario en todos los aspectos.

Sin embargo, en aquellos casos en que existan dudas sobre la conformidad del producto con la legislación de armonización de la Unión aplicable, se puede solicitar información más detallada (por ejemplo, certificados y decisiones del organismo notificado) (artículo R2, apartado 9, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). La documentación técnica completa solo debe solicitarse cuando resulte claramente necesario y no, por ejemplo, cuando solo se deba comprobar un detalle.

Esta solicitud debe ser evaluada de conformidad con el principio de proporcionalidad y, por tanto, teniendo en cuenta la necesidad de garantizar la salud y la seguridad de las personas u otros intereses públicos previstos en la legislación de armonización de la Unión aplicable, y, asimismo, debe proteger a los operadores económicos frente a cargas innecesarias. Además, la no presentación de la documentación en respuesta a una solicitud motivada por parte de una autoridad nacional de vigilancia del mercado en un plazo aceptable constituye un incumplimiento y puede constituir un motivo suficiente para poner en duda la conformidad del producto con los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión aplicable.

En el caso de una solicitud motivada, es suficiente con que el fabricante facilite la parte de la documentación técnica relacionada con el incumplimiento alegado y apropiada para demostrar si el fabricante se ha ocupado o no de este asunto. Por tanto, cualquier petición para traducir la documentación técnica debe limitarse a esa parte de la documentación. Si la autoridad de vigilancia del mercado considera necesaria una traducción, debe definir claramente la parte de la documentación que debe ser traducida y conceder un plazo razonable para que se realice la traducción. No se pueden imponer condiciones adicionales a una traducción, como el requisito de un traductor acreditado o reconocido por las autoridades públicas.

Una autoridad nacional puede aceptar una lengua que comprenda y que sea diferente de la(s) lengua(s) nacional(es). La lengua elegida puede ser una tercera lengua, si es aceptada por dicha autoridad.

Debe ser posible poner la documentación técnica a disposición en la Unión. Sin embargo, no es necesario conservarla dentro de la Unión, a menos que la legislación de armonización de la Unión aplicable disponga lo contrario. El requisito de ponerla a disposición no significa que el operador económico que asume esta responsabilidad deba guardar él mismo la documentación [(296)](#ntr296-C_2022247ES.01000101-E0297), siempre que sea capaz de presentarla a petición de la autoridad nacional. Asimismo, la documentación técnica puede ser conservada y enviada a las autoridades de vigilancia del mercado en formato impreso o electrónico, lo que permite ponerla a disposición en un plazo proporcional al riesgo o el incumplimiento correspondientes. Los Estados miembros deben asegurarse de que quienes reciban información sobre el contenido de la documentación técnica durante las actividades de vigilancia del mercado tengan una obligación de confidencialidad según los principios recogidos en la legislación nacional.

7.4.2.   
Medidas de vigilancia del mercado

Cuando, tras haber realizado una evaluación, una autoridad de vigilancia del mercado compruebe que un producto no es conforme o que sí lo es, pero presenta un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos de la protección del interés público [(297)](#ntr297-C_2022247ES.01000101-E0298), debe seguir una serie de procedimientos destinados a garantizar que se adopten medidas adecuadas y proporcionadas en toda la UE. Estos procedimientos se establecen en los artículos 16, 18, 19 y 20 del Reglamento (UE) 2019/1020 y, en gran medida, de forma más detallada en la legislación de armonización de la Unión, en consonancia con los procedimientos de salvaguardia establecidos en los artículos R31 y R32 del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE [(298)](#ntr298-C_2022247ES.01000101-E0299).

7.4.2.1.   Proceso

En primer lugar, las autoridades de vigilancia del mercado deben ponerse en contacto con el operador económico pertinente, informarlo de las conclusiones y darle la oportunidad de presentar su punto de vista en un plazo no inferior a diez días hábiles [(299)](#ntr299-C_2022247ES.01000101-E0300). Este paso se omite en caso de urgencia por motivos de salud, seguridad u otros aspectos de interés público. En tal caso, se le dará después esa oportunidad al operador económico tan pronto como sea posible.

El siguiente paso [(300)](#ntr300-C_2022247ES.01000101-E0301) consiste en exigir al operador económico pertinente que adopte medidas correctoras adecuadas y proporcionadas para poner fin al incumplimiento o eliminar el riesgo. Las autoridades de vigilancia del mercado también deben informar al organismo notificado pertinente (de haberlo) en caso de que así lo especifique un procedimiento de salvaguardia aplicable incluido en la legislación de armonización de la Unión de que se trate [(301)](#ntr301-C_2022247ES.01000101-E0302).

Si hay un fabricante, un representante autorizado o un importador en la UE, la autoridad de vigilancia del mercado debe dirigirse directamente a ellos, a menos que el asunto se refiera específicamente a un distribuidor o a otro operador económico [(302)](#ntr302-C_2022247ES.01000101-E0303). Si no hay ninguno de estos operadores económicos en la UE, entonces, para determinadas categorías de productos, la autoridad de vigilancia del mercado tiene la opción de ponerse en contacto con el prestador de servicios logísticos en la UE, si lo hay. De lo contrario, la autoridad de vigilancia del mercado debe intentar ponerse en contacto con el fabricante establecido en el tercer país.

Existe una serie de medidas posibles, incluidas, entre otras, las mencionadas en el artículo 16, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020. Estas van desde la rectificación de un incumplimiento formal hasta la retirada o la recuperación de los productos. La medida debe ser acorde con el grado de riesgo o incumplimiento, y el impacto en la libre circulación de los productos no puede ir más allá de lo necesario para alcanzar los objetivos de la vigilancia del mercado (véase el punto 7.4.2.2.). En caso de riesgo grave, puede aplicarse un enfoque diferente. Las autoridades de vigilancia del mercado llevan a cabo evaluaciones del riesgo para verificar si los productos plantean un riesgo grave. De conformidad con el artículo 19, apartado 2, del Reglamento (UE) 2019/1020, una evaluación adecuada del riesgo tiene en cuenta «la naturaleza del peligro y la probabilidad de que ocurra». En caso de que el riesgo se considere «grave», las autoridades de vigilancia del mercado deben intervenir de manera rápida siguiendo las disposiciones específicas de los artículos 19 y 20 del Reglamento (UE) 2019/1020. Los tipos de medidas en este caso consisten en retirar o recuperar los productos, excepto cuando exista otra forma eficaz de eliminar el riesgo grave. En estos casos urgentes, las autoridades de vigilancia del mercado pueden adoptar medidas restrictivas sin esperar a que el operador económico adopte medidas correctoras. En tal caso, debe ofrecerse al operador económico la oportunidad de presentar su punto de vista tan pronto como sea posible tras la adopción de una decisión, orden o medida, que será revisada sin demora por la autoridad de vigilancia del mercado [artículo 18, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020].

Los operadores económicos deben asegurarse de que la medida correctora se adopte en toda la UE. Si el incumplimiento o el riesgo se refieren únicamente a parte de una serie de productos fabricados que pueda identificarse de forma fiable, solo es necesario abordar esa parte. En caso de duda acerca de que el riesgo se limite a una parte determinada o acerca de la identificación fiable de dicha parte, la medida correctora debe abarcar todos los productos o toda la serie. En caso de un error aislado, limitado al territorio del Estado miembro que ha descubierto el incumplimiento, no es necesario adoptar medidas en toda la UE.

Las autoridades de vigilancia del mercado deben verificar que se han adoptado medidas correctoras. Si un operador económico no adopta las medidas correctoras adecuadas en el plazo indicado por una autoridad de vigilancia del mercado, las autoridades de vigilancia del mercado deben adoptar las medidas adecuadas para prohibir o restringir la comercialización del producto en el mercado nacional, para retirarlo del mercado o para recuperarlo. Estas medidas deben comunicarse sin demora al operador económico pertinente.

Las autoridades de vigilancia del mercado deben informar a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de los resultados de la evaluación de la conformidad y sobre las medidas exigidas al operador económico o las medidas adoptadas. En caso de riesgo grave, las autoridades de vigilancia del mercado deben notificar a la Comisión, a través del sistema RAPEX, cualquier medida voluntaria u obligatoria de conformidad con el procedimiento establecido en el artículo 20 del Reglamento (UE) 2019/1020 o en el artículo 12 de la Directiva 2001/95/CE, relativa a la seguridad general de los productos. En el caso de los productos que no planteen un riesgo grave, se debe informar a la Comisión y a los demás Estados miembros a través del sistema de apoyo a la información contemplado en el artículo 34 del Reglamento (UE) 2019/1020 y, si procede, en el artículo 11 de la Directiva 2001/95/CE, relativa a la seguridad general de los productos.

Las autoridades de vigilancia del mercado de los demás Estados miembros normalmente tendrán que hacer un seguimiento de la notificación verificando si el mismo producto se ha comercializado en sus territorios y adoptando las medidas adecuadas. En los puntos 7.5.1 y 7.5.2, así como en las directrices RAPEX, se facilita información adicional al respecto.

Toda medida, decisión u orden adoptada o dictada por las autoridades nacionales de vigilancia del mercado debe indicar los motivos exactos sobre los que se basa. Debe notificarse al operador económico pertinente. Asimismo, deben ser informados sobre las medidas correctoras disponibles en virtud de la legislación nacional vigente en el Estado miembro correspondiente y sobre los plazos para dichas medidas.

7.4.2.2.   Diferentes tipos de incumplimientos y medidas

Los requisitos contemplados en la legislación de armonización de la Unión incluyen tanto los requisitos esenciales como varios requisitos administrativos y formales. En caso de que detecten que un producto no cumple las disposiciones de la legislación de armonización de la Unión aplicable, las autoridades nacionales competentes deben adoptar medidas para asegurarse de que dicho producto se haga conforme, se retire del mercado o se recupere.

La medida correctora depende del riesgo o del incumplimiento y, por tanto, debe ajustarse al principio de proporcionalidad. Por lo general, el incumplimiento de los requisitos esenciales debe ser considerado un incumplimiento sustancial, ya que puede hacer que el producto plantee un riesgo potencial o real para la salud y la seguridad de las personas o para otros aspectos de interés público.

Si un producto sujeto a la legislación de armonización de la Unión no presenta el marcado CE, eso es indicativo de que el producto no cumple los requisitos esenciales o de que no se ha aplicado el procedimiento de evaluación de la conformidad y, en consecuencia, el producto puede poner en peligro la salud y la seguridad de las personas o dañar otros intereses públicos protegidos por la citada legislación. Únicamente si, tras una investigación más detallada, se demuestra que el producto se ajusta a los requisitos esenciales, se considerará que la ausencia del marcado CE es un incumplimiento formal (es decir, que el producto no plantea riesgos).

A menos que haya motivos para pensar que el producto plantea un riesgo, hay casos en que los incumplimientos de varios requisitos administrativos o formales se definen como incumplimientos formales en determinada legislación de armonización de la Unión. La colocación incorrecta del marcado CE en lo referente a, por ejemplo, el diseño, el tamaño, la visibilidad, el carácter indeleble o la legibilidad, habitualmente puede ser considerada un incumplimiento formal. Otros ejemplos incluyen las situaciones en las que otros marcados de conformidad contemplados en la legislación de armonización de la Unión son colocados de manera incorrecta, o cuando no se puede facilitar de inmediato la declaración UE de conformidad o esta no acompaña al producto cuando es obligatorio que lo haga, o si se cumple de forma insuficiente el requisito de adjuntar otra información contemplada en la legislación sectorial de armonización de la Unión, o, si procede, cuando el número de identificación del organismo notificado no se coloca junto al marcado CE.

Las «Directrices para que las empresas gestionen las recuperaciones de productos y otras medidas correctoras» de la red Prosafe [(303)](#ntr303-C_2022247ES.01000101-E0304) han sido diseñadas para ayudar a las empresas a garantizar, en caso necesario, unas medidas correctoras y un seguimiento apropiados una vez que un producto ya ha sido comercializado en el mercado de la UE o si dicho producto procede de terceros países.

Las medidas para prohibir o restringir la introducción en el mercado pueden ser primero temporales para permitir que la autoridad de vigilancia del mercado obtenga suficientes pruebas sobre el riesgo u otros incumplimientos sustanciales del producto.

7.5.   Control de los productos de terceros países

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| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La realización de controles durante el proceso de importación es una forma eficaz de evitar la entrada de productos no seguros o no conformes en la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las autoridades designadas para el control de los productos que entran en el mercado de la Unión y las autoridades de vigilancia del mercado deben cooperar estrechamente. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Reglamento (UE) 2019/1020 contiene procedimientos para tratar los productos que las autoridades fronterizas sospechan que no son conformes. |  |  |  | | --- | --- | | — | El despacho a libre práctica no se debe considerar prueba de conformidad con el Derecho de la Unión. | |

Todos los productos comercializados en la Unión deben cumplir la legislación de la UE aplicable, independientemente de su origen. El enfoque más eficaz para evitar la entrada en la UE de productos no conformes o que presenten un riesgo es llevar a cabo controles durante el proceso de importación, antes de que los productos sean despachados a libre práctica y puedan circular posteriormente en la Unión Europea. Así pues, las autoridades encargadas del control de los productos que entran en el mercado de la Unión (muchas veces, aunque no siempre, aduanas y, por tanto, en lo sucesivo denominadas «autoridades fronterizas») desempeñan un papel fundamental en la realización de controles de primera línea sobre la conformidad y la ausencia de riesgos en relación con los productos originarios de terceros países (en lo sucesivo, «controles fronterizos»).

En este punto solo se aborda el control de los productos que entran en la UE y que están sujetos a la legislación de armonización de la Unión, como se explica en el punto 1.2.1.

7.5.1.   
Papel de las autoridades fronterizas

Las autoridades fronterizas pueden ser las autoridades aduaneras de un Estado miembro, las autoridades de vigilancia del mercado u otras entidades en función de la estructura organizativa nacional [artículo 25, apartado 1, del Reglamento (UE) 2019/1020]. En la mayoría de los países, los controles fronterizos son realizados por las autoridades aduaneras. Sin embargo, los funcionarios de aduanas no suelen disponer de los conocimientos técnicos necesarios para decidir sobre el cumplimiento de la legislación de la UE aplicable en materia de productos: para ello, deben remitir los casos sospechosos detectados en sus controles a las autoridades de vigilancia del mercado competentes. Por consiguiente, los controles fronterizos requieren una estrecha cooperación entre las autoridades aduaneras y las autoridades de vigilancia del mercado para ser eficaces. Cuando la autoridad fronteriza es una autoridad de vigilancia del mercado, puede desempeñar sus funciones de manera autónoma en sus ámbitos de competencia y no tiene que interactuar con otra autoridad para extraer conclusiones.

7.5.2.   
Principios de los controles fronterizos

Las autoridades fronterizas realizan controles de los productos importados independientemente de su medio de transporte (mar, aire, carretera, ferrocarril, aguas interiores) o envío (contenedores, paquetes pequeños y cualquier otra forma). Efectúan dichos controles basándose en análisis de riesgos de conformidad con el código aduanero de la Unión [(304)](#ntr304-C_2022247ES.01000101-E0305). Si procede, también deben tener en cuenta el enfoque basado en el riesgo exigido a las autoridades de vigilancia del mercado en virtud del artículo 11, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020 [artículo 25, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades fronterizas y las autoridades de vigilancia del mercado deben intercambiar periódicamente información sobre riesgos, a fin de aumentar la eficacia de sus análisis de riesgos y del enfoque basado en el riesgo. En particular, las autoridades de vigilancia del mercado están obligadas a facilitar a las autoridades fronterizas información sobre las categorías de productos y operadores económicos que se consideran no conformes con mayor frecuencia [artículo 25, apartado 5, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Esta información debe actualizarse periódicamente.

Las autoridades fronterizas pueden efectuar comprobaciones documentales o físicas, así como comprobaciones de laboratorio. Siempre pueden ponerse en contacto con el declarante u otro operador económico pertinente para solicitar documentos o información adicional. Las condiciones para los controles detallados, como las comprobaciones de laboratorio, pueden acordarse entre las autoridades aduaneras y las autoridades de vigilancia del mercado, teniendo en cuenta el método de trabajo que consideren más eficiente. En cualquier caso, las autoridades aduaneras y de vigilancia del mercado deben trabajar en estrecha cooperación.

El despacho a libre práctica no se debe considerar una prueba de conformidad con el Derecho de la Unión [artículo 27 del Reglamento (UE) 2019/1020], dado que dicho despacho no incluye necesariamente una comprobación completa de la conformidad. Por lo tanto, incluso si los productos se despachan a libre práctica, las autoridades de vigilancia del mercado pueden comprobarlos posteriormente y considerarlos no conformes.

7.5.3.   
Procedimientos aplicables

7.5.3.1.   Suspensión por parte de las autoridades fronterizas de productos de los que se sospecha que no son conformes o que presentan un riesgo grave y notificación a las autoridades de vigilancia del mercado

Cuando un producto importado de un tercer país haya sido seleccionado para su control y las autoridades fronterizas tengan motivos para pensar que no es conforme (por ejemplo, en relación con los requisitos esenciales o la documentación de acompañamiento, el marcado, el etiquetado u otra información exigidos) o que presenta un riesgo grave, deben suspender el despacho a libre práctica y notificar de ello a la autoridad de vigilancia del mercado pertinente [artículo 26, apartados 1 y 2, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades fronterizas deben compartir esta información de la forma acordada, facilitando a la autoridad de vigilancia del mercado la información necesaria para evaluar la conformidad del producto. El Reglamento (UE) 2019/1020 ha encomendado a la Comisión que desarrolle una solución informática que vincule los sistemas aduaneros nacionales existentes y el ICSMS, que, en última instancia, debe facilitar la comunicación y la tramitación de tales casos.

Las autoridades de vigilancia del mercado también deben, por iniciativa propia, solicitar a las autoridades fronterizas que suspendan el despacho a libre práctica si tienen motivos razonables para pensar que un producto que llega a la aduana no es conforme o presenta un riesgo grave [artículo 26, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020].

7.5.3.2.   Decisión de las autoridades de vigilancia del mercado

Las autoridades de vigilancia del mercado disponen de cuatro días hábiles para reaccionar ante la notificación de una suspensión. Si no reaccionan en este plazo, las autoridades fronterizas tendrán que despachar el producto a libre práctica, siempre que se hayan cumplido otros requisitos y formalidades relativos a dicho despacho [artículo 27 del Reglamento (UE) 2019/1020]. Esto no significa que todo el procedimiento desde la suspensión hasta la decisión sobre el despacho a libre práctica deba completarse en un plazo de cuatro días hábiles. Debe tramitarse sin demora para evitar la creación de obstáculos al comercio legítimo, pero la suspensión del despacho puede mantenerse durante el tiempo requerido por la autoridad de vigilancia del mercado para llevar a cabo las verificaciones adecuadas de los productos y permitirle adoptar la decisión final sobre la conformidad. Las autoridades de vigilancia del mercado deben velar por que la libre circulación de productos no se vea limitada en un grado mayor que el necesario o el permitido en virtud de la legislación de la UE pertinente. Con este fin, las autoridades de vigilancia del mercado deben ejercer sus actividades relacionadas con los productos originarios de terceros países (como la interacción con los operadores económicos pertinentes) con la misma metodología y celeridad que en el caso de los productos originarios de la UE.

Si la autoridad de vigilancia del mercado no puede adoptar una decisión final sobre la conformidad en el plazo de cuatro días hábiles, debe notificar a las autoridades fronterizas en este plazo que su decisión final sobre el producto está pendiente y solicitar que se mantenga la suspensión del despacho a libre práctica. En este caso, el despacho a libre práctica permanece suspendido hasta que la autoridad de vigilancia del mercado haya adoptado una decisión final. Los productos permanecerán bajo vigilancia aduanera, aunque se permita almacenarlos en otro lugar aprobado por las autoridades aduaneras.

7.5.3.3.   Seguimiento por parte de las autoridades fronterizas

Cuando las autoridades de vigilancia del mercado informen a las autoridades fronterizas de que consideran que el producto puede despacharse a libre práctica, las autoridades fronterizas deben proceder a ello, siempre que se hayan cumplido otros requisitos y formalidades relativos a dicho despacho [artículo 27 del Reglamento (UE) 2019/1020]. Si se considera necesario adoptar medidas correctoras adicionales, la autoridad de vigilancia del mercado debe hacer un seguimiento de ello.

Cuando las autoridades de vigilancia del mercado comprueben que el producto no es conforme o que presenta un riesgo grave, deben exigir a las autoridades fronterizas que no lo despachen a libre práctica [artículo 28, apartados 1 y 2, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Deben indicar si ello se debe a que el producto presenta un riesgo grave o si incumple de otra forma el Derecho de la Unión. Las autoridades fronterizas deben introducir esta información en el sistema aduanero de tratamiento de datos y, en su caso, en la documentación física que acompañe al producto, como una factura, de la siguiente manera:

|  |  |
| --- | --- |
| — | «Producto peligroso. Despacho a libre práctica no autorizado. Reglamento (UE) 2019/1020» o |

|  |  |
| --- | --- |
| — | «Producto no conforme. Despacho a libre práctica no autorizado. Reglamento (UE) 2019/1020». |

Las autoridades de vigilancia del mercado están obligadas a introducir el asunto en el ICSMS, incluida la información de que el asunto proviene de los controles fronterizos y la naturaleza del incumplimiento (riesgo grave u otro incumplimiento). Si el asunto pone de manifiesto un riesgo grave, también deben introducir la notificación adecuada en RAPEX [artículo 20 del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades de vigilancia del mercado deben adoptar medidas adicionales para prohibir la introducción del producto en el mercado, a fin de evitar que otros envíos del producto entren en el mercado de la UE.

Las autoridades fronterizas pueden decidir destruir los productos no conformes a expensas del declarante cuando presenten un riesgo para la salud y la seguridad de los usuarios finales [artículo 28, apartado 4, del Reglamento (UE) 2019/1020]. En función de la estructura organizativa, pueden hacerlo a petición de las autoridades de vigilancia del mercado.

Las autoridades fronterizas también pueden permitir la introducción del producto en un régimen aduanero distinto del despacho a libre práctica, si las autoridades de vigilancia del mercado no se oponen a ello. En tal caso, la notificación antes mencionada «Producto peligroso...» o «Producto no conforme...» debe incluirse en los documentos utilizados en relación con dicho régimen [artículo 28, apartado 3, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades fronterizas pueden permitir que se adopten medidas para garantizar que el producto se modifique, con arreglo a los procedimientos aduaneros pertinentes y de manera adecuada, permitiendo así su posterior despacho a libre práctica.

En algunos casos, el lugar en el que el producto se despacha a libre práctica puede ser diferente del punto de entrada del producto. Esto no impide que las autoridades competentes lleven a cabo los controles adecuados en el punto de entrada. Si lo hacen, deben facilitar a las autoridades aduaneras del lugar de despacho información adecuada sobre sus controles y resultados.

El cumplimiento de las normas de la UE relativas a los productos no se aplica a los productos de fuera de la UE que no se despachan a libre práctica, como los que se encuentran en tránsito y se introducen en zonas y depósitos francos. No obstante, puede disponerse de información de que estos productos no cumplen las normas pertinentes de la UE o presentan un riesgo grave. Dicha información debe comunicarse a las autoridades pertinentes para evitar que esos productos puedan introducirse posteriormente en el mercado de la UE.

7.6.   Cooperación entre los Estados miembros y con la Comisión Europea

Para resultar eficaz, el trabajo de vigilancia del mercado debe ser uniforme en toda la Unión. Esto cobra mayor importancia si se considera que cada punto de la frontera exterior de la Unión constituye un punto de acceso para una gran cantidad de productos procedentes de terceros países. Si la vigilancia del mercado es «menos intensa» en algunas zonas de la Unión que en otras, se crean puntos débiles que amenazan el interés público y se generan condiciones comerciales desleales. En consecuencia, debe existir una vigilancia del mercado eficaz en de todas las fronteras exteriores de la Unión.

La cooperación y la coordinación de las acciones entre las autoridades nacionales son indispensables para conseguir una vigilancia eficaz y coherente del mercado interior. El marco jurídico de la UE proporciona una serie de herramientas para conseguir este objetivo. Las medidas contra los productos considerados no conformes deben emprenderse generalmente en toda la UE, con procedimientos detallados en el caso de determinada legislación de armonización de la Unión que incluya una cláusula de salvaguardia. La asistencia mutua basada en el Reglamento (UE) 2019/1020 permite a las autoridades satisfacer las solicitudes de información de cara a los operadores económicos establecidos en otro Estado miembro y, en casos especiales, también aplicar medidas de ejecución. La Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos, los grupos de cooperación administrativa (ADCO), la base de datos del ICSMS, RAPEX y las actividades coordinadas relacionadas con la seguridad y la conformidad de los productos constituyen herramientas esenciales para intercambiar información y optimizar el reparto de trabajo entre las autoridades.

La cooperación entre las autoridades nacionales responsables de los controles fronterizos también es fundamental para garantizar la igualdad de protección de las fronteras de la UE. Estas autoridades están obligadas a compartir información sobre riesgos a través del sistema aduanero de gestión de riesgos (CRMS) para garantizar que cualquier riesgo o irregularidad detectados en un punto de la frontera se comuniquen instantáneamente a cualquier otro punto de la frontera, garantizando así una protección eficaz de las fronteras contra las mercancías no conformes o no seguras mediante una intensa cooperación de conformidad con el artículo 46, apartado 5, y el artículo 47, apartado 2, del código aduanero de la Unión.

7.6.1.   
Medidas a escala de la ue en materia de incumplimiento

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | En general, se presume que los productos considerados no conformes en un Estado miembro no son conformes en toda la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Las medidas contra los productos considerados no conformes deben emprenderse generalmente en toda la UE. |  |  |  | | --- | --- | | — | Existen mecanismos en caso de desacuerdo entre las autoridades de vigilancia del mercado sobre la conformidad. | |

Cuando una autoridad de vigilancia del mercado determina que un producto no es conforme, se considera generalmente no conforme en toda la UE, a menos que una autoridad de vigilancia del mercado pertinente de otro Estado miembro concluya lo contrario sobre la base de su propia investigación o que el procedimiento de salvaguardia (véase el punto 7.6.2) de la legislación de armonización de la Unión aplicable especifique lo contrario [artículo 11, apartado 9, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Las autoridades de vigilancia del mercado de los demás Estados miembros normalmente no tendrán que adoptar medidas, ya que el operador económico afectado debe adoptar medidas correctoras en toda la UE (artículo R31, apartado 3, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). Una excepción a esto es cuando se adoptan medidas contra productos peligrosos, en cuyo caso todas las autoridades de vigilancia del mercado pertinentes de toda la UE tienen la obligación de garantizar la eliminación del riesgo grave (artículo R31, apartado 8, del anexo I de la Decisión n.o 768/2008/CE). Las autoridades de vigilancia del mercado son informadas de estos casos a través de RAPEX (véase el punto 7.6.4). Otra excepción es cuando el operador económico afectado no adopta medidas correctoras en el plazo indicado por la autoridad de vigilancia del mercado que le haya exigido hacerlo. Las autoridades de vigilancia del mercado pueden obtener dicha información del ICSMS, mediante las notificaciones de cláusula de salvaguardia (véase el punto 7.6.2) y, cuando la legislación no contenga dicha cláusula de salvaguardia, mediante el seguimiento de las investigaciones de asuntos relacionados con su sector de productos.

Las autoridades de vigilancia del mercado pueden basarse en información de otras autoridades de vigilancia del mercado [artículo 11, apartado 6, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Sin embargo, las autoridades de vigilancia del mercado están facultadas en todos los casos para llevar a cabo su propia investigación, teniendo en cuenta cualquier información recibida de los operadores económicos si la consideran pertinente. Si llegan a una conclusión diferente, es decir, no consideran que el producto no es conforme, entonces pueden oponerse en la notificación de salvaguardia relativa a la legislación que incluye dicho procedimiento. Para tales casos, véase el punto 7.6.2. En el caso de otra legislación o cuando la cláusula de salvaguardia no sea de aplicación, las autoridades de vigilancia del mercado no tendrán que adoptar medidas si no consideran que el producto no es conforme sobre la base de su propia investigación.

7.6.2.   
La aplicación de la cláusula de salvaguardia

|  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | Gran parte de la legislación de armonización de la Unión incluye un procedimiento detallado que se aplica en toda la UE cuando los Estados miembros adoptan medidas restrictivas obligatorias. |  |  |  | | --- | --- | | — | El mecanismo permite a los demás Estados miembros y a la Comisión formular objeciones. Además, permite a la Comisión adoptar una posición sobre las medidas nacionales que restringen la libre circulación de los productos a fin de garantizar el funcionamiento del mercado interior. | |

El procedimiento de cláusula de salvaguardia, basado en el artículo 114, apartado 10, del TFUE e incluido en una gran parte de la legislación sectorial de armonización de la Unión, exige que los Estados miembros adopten medidas provisionales en relación con los productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público, y los obliga a notificar dichas medidas a la Comisión y a los demás Estados miembros. El procedimiento de cláusula de salvaguardia tiene por objeto proporcionar un medio para notificar a todas las autoridades nacionales de vigilancia del mercado y a la Comisión las medidas adoptadas en relación con los productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público, incluidos los motivos de la decisión, y, en consecuencia, ampliar las restricciones necesarias a todos los Estados miembros, a fin de garantizar un nivel de protección equivalente en toda la UE. Además, permite a los demás Estados miembros y a la Comisión adoptar una posición sobre las medidas nacionales que restringen la libre circulación de los productos a fin de garantizar el funcionamiento del mercado interior.

Cabe señalar que el procedimiento de salvaguardia es distinto del procedimiento de notificación RAPEX porque tiene criterios de notificación y métodos de aplicación diferentes. Los procedimientos de cláusula de salvaguardia en virtud de la legislación de armonización de la Unión se aplican con independencia de RAPEX. En consecuencia, RAPEX no debe intervenir necesariamente antes de que se aplique el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Sin embargo, cuando un Estado miembro adopta una decisión para prohibir o restringir la libre circulación de productos regulados por la legislación de armonización de la Unión basándose en un peligro o en otro riesgo grave planteado por el producto, se debe aplicar el procedimiento de cláusula de salvaguardia además de RAPEX.

7.6.2.1.   Medida restrictiva obligatoria adoptada

La aplicación de la cláusula de salvaguardia requiere que la autoridad nacional de vigilancia del mercado adopte una o varias medidas obligatorias para restringir o prohibir la comercialización y, posiblemente, la puesta en servicio del producto, o para retirarlo del mercado si el operador económico pertinente no adopta las medidas correctoras adecuadas. El contenido de la decisión hará referencia a todos los productos pertenecientes al mismo tipo, modelo, lote o serie. También debe tener un efecto jurídico vinculante: si no se respeta, irá seguida de sanciones, y puede ser objeto de un procedimiento de recurso. Las decisiones judiciales que restringen la libre circulación de productos con marcado CE dentro del ámbito de aplicación de la legislación de armonización de la Unión pertinente no invocan la cláusula de salvaguardia. Sin embargo, cuando, de conformidad con el Derecho nacional, los procedimientos administrativos iniciados por la autoridad de vigilancia deban ser confirmados por un tribunal, dichas decisiones del tribunal no quedarán excluidas del procedimiento de cláusula de salvaguardia.

Las constataciones que justifican la medida nacional son establecidas bien por iniciativa propia de la autoridad de vigilancia del mercado, o bien sobre la base de información facilitada por un tercero (como consumidores, competidores, organizaciones de consumidores o inspecciones de trabajo). Por otra parte, la medida nacional debe basarse en datos (por ejemplo, ensayos o exámenes) que constituyan una prueba suficiente de los errores de diseño o de fabricación del producto que indique un previsible peligro potencial o real u otro incumplimiento sustancial, incluso cuando los productos sean construidos, instalados, mantenidos y usados correctamente de conformidad con su finalidad prevista o de una manera razonablemente previsible. Existe una zona gris entre el mantenimiento y el uso correctos e incorrectos, y puede considerarse que, hasta cierto punto, los productos deben ser seguros, aunque se mantengan y usen para su fin previsto de una manera incorrecta que pueda ser esperada razonablemente. Al evaluar este aspecto, se debe prestar atención a la información facilitada por el fabricante en la etiqueta, en las instrucciones, en el manual de usuario o en los materiales promocionales.

La razón para adoptar medidas restrictivas puede derivarse, por ejemplo, de las diferencias o los fallos en la aplicación de los requisitos esenciales, la aplicación incorrecta de las normas armonizadas o las carencias presentes en estas. La autoridad de vigilancia puede añadir o especificar otros motivos (por ejemplo, el incumplimiento de las buenas prácticas de ingeniería) al invocar la cláusula de salvaguardia, siempre que estén relacionados directamente con estas tres razones.

Cuando se demuestre un incumplimiento de las normas armonizadas que otorgarían una presunción de conformidad, se debe exigir al fabricante o al representante autorizado que presenten pruebas del cumplimiento de los requisitos esenciales. La decisión de la autoridad de vigilancia del mercado de adoptar medidas correctoras siempre debe basarse en un incumplimiento demostrado de los requisitos esenciales.

Las medidas adoptadas por las autoridades deben ser proporcionales a la gravedad del riesgo y al incumplimiento del producto, y deben ser notificadas a la Comisión.

7.6.2.2.   Notificación a la Comisión y a los demás Estados miembros

Tan pronto como una autoridad de vigilancia del mercado restringe o prohíbe la libre circulación de un producto de tal manera que se aplique la cláusula de salvaguardia, el Estado miembro debe notificar [(305)](#ntr305-C_2022247ES.01000101-E0306) inmediatamente a la Comisión y a los demás Estados miembros las medidas provisionales, indicando las razones y la justificación de esa decisión.

La información debe incluir todos los datos disponibles, en particular:

|  |  |
| --- | --- |
| — | el nombre y la dirección del fabricante, el representante autorizado y, además, si es necesario, el nombre y la dirección del importador o de cualquier otra persona responsable de la comercialización del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la información necesaria para identificar el producto afectado, así como el origen del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la naturaleza del supuesto incumplimiento y del riesgo asociado; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la naturaleza y la duración de las medidas nacionales adoptadas; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una referencia a la legislación de armonización de la Unión y, en particular, a los requisitos esenciales con respecto a los cuales se ha determinado el incumplimiento; |

|  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| — | una indicación de si el incumplimiento se debe a uno de los aspectos siguientes:   |  |  | | --- | --- | | a) | el producto no cumple los requisitos relacionados con la salud o la seguridad de las personas o con otros aspectos de protección del interés público, o |  |  |  | | --- | --- | | b) | fallos en las normas armonizadas que otorgan una presunción de conformidad; | |

|  |  |
| --- | --- |
| — | los argumentos presentados por el operador económico correspondiente; y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una copia de la decisión adoptada por las autoridades del Estado miembro. |

Si es posible, la notificación también debe incluir:

|  |  |
| --- | --- |
| — | información sobre la cadena de suministro del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una evaluación exhaustiva y pruebas que justifiquen la medida (por ejemplo, normas armonizadas u otras especificaciones técnicas usadas por la autoridad, los informes de ensayo y la identificación del laboratorio de ensayo); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una copia de la declaración de conformidad; y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el nombre y el número de cualquier organismo notificado que haya intervenido en el procedimiento de evaluación de la conformidad, si procede. |

7.6.2.3.   Gestión de los procedimientos de salvaguardia por parte de la Comisión

Cuando se formulen objeciones contra una medida adoptada por un Estado miembro [(306)](#ntr306-C_2022247ES.01000101-E0307) o cuando la Comisión considere que una medida nacional es contraria a la legislación de armonización de la Unión, la Comisión debe consultar sin demora a los Estados miembros y al operador o los operadores económicos pertinentes y debe evaluar la medida nacional. Basándose en los resultados de dicha evaluación, la Comisión decidirá si la medida nacional está o no justificada.

La Comisión comunicará inmediatamente su decisión a todos los Estados miembros y al operador o los operadores económicos pertinentes.

Si se considera justificada la medida nacional, todos los Estados miembros deben adoptar las medidas necesarias para garantizar la retirada de su mercado del producto no conforme e informan a la Comisión en este sentido. Si la medida nacional se considera injustificada, el Estado miembro afectado debe retirar la medida.

Los Estados miembros distintos del que inició el procedimiento deben informar sin demora a la Comisión y a los demás Estados miembros acerca de cualquier medida que adopten y de cualquier información adicional de que dispongan en relación con el incumplimiento del producto implicado y, en caso de desacuerdo con la medida nacional notificada, deben presentar sus objeciones al respecto. Los Estados miembros deben velar por que se adopten sin demora las medidas restrictivas adecuadas respecto del producto en cuestión, tales como la retirada del producto del mercado.

Cuando, en el plazo tras la recepción de la información especificado en la legislación de armonización de la Unión, ningún Estado miembro ni la Comisión formulen objeciones con respecto a una medida provisional adoptada por un Estado miembro, la medida se considerará justificada.

Tanto si la medida adoptada por el Estado miembro se considera justificada como si no, la Comisión mantendrá a los Estados miembros informados acerca del desarrollo y los resultados del procedimiento.

Una vez que la Comisión adopta su decisión, esta puede ser impugnada jurídicamente por los Estados miembros sobre la base del artículo 263 del TFUE. El operador económico directamente afectado por la decisión también puede impugnarla sobre la base de dicho artículo.

Si el Estado miembro que inició la medida no la retira en caso de que se considere injustificada, la Comisión estudiará la puesta en marcha del procedimiento de infracción contemplado por el artículo 258 del TFUE.

7.6.2.4.   Productos conformes que presentan un riesgo

Además de los procedimientos de cláusula de salvaguardia que permiten que las medidas de vigilancia del mercado contra los productos no conformes se apliquen de manera coherente en toda la Unión, la legislación de armonización de la Unión prevé, en general, la posibilidad de que existan productos que cumplan los requisitos esenciales pero que todavía presentan un riesgo, y exige que se adopten medidas contra ellos.

En particular, cuando las autoridades de vigilancia del mercado comprueben que un producto, aun cumpliendo la legislación de armonización de la Unión aplicable, plantea un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público, deben adoptar medidas para exigir al operador económico que garantice que el producto ya no presenta ese riesgo, que lo recupere o que lo retire, en función del riesgo. Tan pronto como una autoridad de vigilancia del mercado restringe o prohíbe la libre circulación de un producto de tal manera, el Estado miembro debe notificar [(307)](#ntr307-C_2022247ES.01000101-E0308) inmediatamente a la Comisión y a los demás Estados miembros las medidas provisionales, indicando las razones y la justificación de esa decisión.

La información debe incluir todos los datos disponibles, en particular:

|  |  |
| --- | --- |
| — | el nombre y la dirección del fabricante, el representante autorizado y, además, si es necesario, el nombre y la dirección del importador o de cualquier otra persona responsable de la comercialización del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la información necesaria para identificar el producto afectado, así como el origen del producto; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la naturaleza del riesgo implicado; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | la naturaleza y la duración de las medidas nacionales adoptadas; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una referencia a la legislación de armonización de la Unión; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | los argumentos presentados por el operador económico correspondiente; |

|  |  |
| --- | --- |
| — | información sobre la cadena de suministro del producto; y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una copia de la decisión adoptada por las autoridades del Estado miembro. |

Si es posible, la notificación también debe incluir:

|  |  |
| --- | --- |
| — | una evaluación exhaustiva y pruebas que justifiquen la medida (por ejemplo, los informes de ensayo y la identificación del laboratorio de ensayo); |

|  |  |
| --- | --- |
| — | una copia de la declaración de conformidad; y |

|  |  |
| --- | --- |
| — | el nombre y el número de cualquier organismo notificado que haya intervenido en el procedimiento de evaluación de la conformidad, si procede. |

Cuando una autoridad de vigilancia del mercado adopte tales medidas contra productos que planteen un riesgo, la Comisión debe consultar sin demora a los Estados miembros y al operador o los operadores económicos pertinentes y debe evaluar la medida nacional. Basándose en los resultados de dicha evaluación, la Comisión decidirá si la medida nacional está o no justificada.

La Comisión comunicará inmediatamente su decisión a todos los Estados miembros y al operador o los operadores económicos pertinentes. Si la medida se considera justificada, la Comisión también puede considerar la adopción de propuestas para revisar la legislación.

7.6.3.   
Asistencia mutua, cooperación administrativa y red de la unión sobre conformidad de los productos

|  |  |  |  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- |
| |  |  | | --- | --- | | — | La cooperación entre las autoridades nacionales de vigilancia del mercado es indispensable para el éxito de la política de vigilancia del mercado de la Unión en su conjunto. |  |  |  | | --- | --- | | — | La asistencia mutua, los grupos de cooperación administrativa (ADCO) y la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos constituyen herramientas esenciales. |  |  |  | | --- | --- | | — | El uso de plataformas informáticas específicas para el intercambio de información facilita la cooperación entre los Estados miembros. | |

La armonización técnica ha creado un mercado único, en el que los productos circulan a través de las fronteras nacionales, mientras que la vigilancia del mercado se realiza a escala nacional. Esto requiere una cooperación fluida para garantizar la aplicación uniforme y eficiente de la legislación de la Unión en todos los Estados miembros. La obligación de cooperar está en consonancia con el artículo 20 del Tratado de la Unión Europea (TUE), que indica que los Estados miembros deben adoptar todas las medidas apropiadas para cumplir sus obligaciones. En el Reglamento (UE) 2019/1020 se incluyen disposiciones detalladas sobre la cooperación, en particular sobre la asistencia mutua bilateral, la cooperación administrativa sectorial multilateral y mediante el establecimiento de una Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos que facilita la cooperación intersectorial a escala de la UE, a fin de abordar los retos comunes y difundir buenas prácticas y técnicas de vigilancia en toda la Unión.

La cooperación administrativa exige confianza mutua y transparencia entre las autoridades nacionales de vigilancia. Los Estados miembros y la Comisión deben ser informados sobre las autoridades nacionales encargadas de la vigilancia del mercado en los diferentes sectores de productos y sobre las comprobaciones de la conformidad que llevan a cabo. Dicha información se comparte a través del sistema de información y comunicación para la vigilancia del mercado (ICSMS) [(308)](#ntr308-C_2022247ES.01000101-E0309).

La información intercambiada entre las autoridades nacionales de vigilancia debe tratarse con arreglo a los principios de confidencialidad y del secreto profesional y comercial. Además, los datos personales deben protegerse de conformidad con el Derecho nacional y de la UE. Cuando un Estado miembro cuente con normas que permitan el libre acceso de las personas a la información de que dispongan las autoridades de vigilancia, este hecho debe revelarse en el momento de la solicitud ante otra autoridad de vigilancia, o durante el intercambio de información si no se produce dicha solicitud. Si la autoridad remitente indica que la información afecta a asuntos cubiertos por el secreto profesional o comercial, la autoridad destinataria debe asegurarse de que esto pueda ser contemplado. De lo contrario, la autoridad remitente tiene derecho a retener la información.

7.6.3.1.   Asistencia mutua

La asistencia mutua transfronteriza ayuda a completar las medidas de investigación y de ejecución en los casos en que un operador económico ubicado en un Estado miembro distinto de la autoridad de investigación no coopere. Los artículos 22 a 24 del Reglamento (UE) 2019/1020 especifican cómo se solicita dicha asistencia mutua y cómo se le debe dar seguimiento. Se hace una distinción entre las solicitudes de información y las solicitudes de medidas de ejecución. Todas las solicitudes de asistencia se realizan a través del ICSMS.

Las solicitudes de información se refieren a casos en los que se ha iniciado una investigación sobre si un producto es conforme o no y en los que la autoridad de vigilancia del mercado necesita documentación de conformidad de un operador económico para esta investigación. La autoridad de vigilancia del mercado en cuestión debe, en primer lugar, solicitar la documentación al operador económico del otro Estado miembro. Solo cuando dicho operador económico no facilite la documentación solicitada, podrá presentarse una solicitud de asistencia mutua a una autoridad de ese Estado miembro (la «autoridad requerida»). La autoridad que inició la investigación («la autoridad solicitante») sigue siendo responsable de dicha investigación, a menos que las autoridades acuerden lo contrario. La autoridad solicitante debe especificar claramente qué documentación de conformidad necesita y de qué operador económico. La autoridad requerida debe ponerse inmediatamente en contacto con el operador económico para obtener la información, que debe transmitirse a la autoridad solicitante tan pronto como sea posible, y, en cualquier caso, en un plazo de treinta días naturales.

Las solicitudes de medidas de ejecución están destinadas solo a casos excepcionales. Cuando una autoridad de vigilancia del mercado determine un incumplimiento, debe solicitar al operador económico pertinente que adopte medidas correctoras y, cuando dicho operador económico no lo haga, la autoridad debe adoptar medidas e informar a los demás Estados miembros para que también adopten medidas si el producto está presente en su mercado (véanse los puntos 7.6.1 y 7.6.2). Las solicitudes de medidas de ejecución presentadas por una autoridad de otro Estado miembro están destinadas únicamente a los casos en que estos procedimientos no resuelvan un incumplimiento. Por ejemplo, en el caso de que un operador económico del otro Estado miembro no coopere y siga ofreciendo el producto a los usuarios finales, pero no en el Estado miembro en el que está establecido y, por tanto, las autoridades de dicho Estado miembro normalmente no adoptarían medidas (ya que el producto no se encuentra en su mercado).

Las solicitudes de medidas de ejecución deben incluir una justificación de por qué son necesarias las medidas. La autoridad requerida puede decidir sobre las medidas más adecuadas para poner fin al incumplimiento. Esto puede incluir multas. La autoridad requerida puede hacer uso de poderes que requieran recurrir a otras autoridades públicas o presentar una solicitud a los tribunales competentes. Los Estados miembros deben asegurarse de que no existan obstáculos jurídicos nacionales que les impidan adoptar las medidas adecuadas para cumplir lo dispuesto en el artículo 23 del Reglamento (UE) 2019/1020. La autoridad requerida debe tomar medidas sin demora e informar a la autoridad solicitante de las medidas adoptadas o previstas.

Las solicitudes de asistencia mutua de información y de ejecución pueden denegarse en determinadas circunstancias, que se especifican en los artículos 22 y 23 del Reglamento (UE) 2019/1020. Una solicitud de información puede denegarse si la autoridad solicitante no ha dejado claro por qué es necesaria la información. Una solicitud de medidas de ejecución puede denegarse si la autoridad solicitante no ha facilitado información suficiente para darle seguimiento. Asimismo, una solicitud de medidas de ejecución puede denegarse si la autoridad requerida no está de acuerdo con que exista un incumplimiento. Además, ambos tipos de solicitudes pueden denegarse si sobrecargan las propias actividades de la autoridad requerida. No obstante, las autoridades deben actuar de buena fe y, como principio general, aceptar las solicitudes de asistencia mutua, en particular aquellas relacionadas con la obtención de la declaración UE de conformidad, la declaración de prestaciones y la documentación técnica. Las denegaciones de solicitudes deben estar justificadas. La Comisión supervisará el funcionamiento del mecanismo de asistencia mutua y determinará los ámbitos en los que las denegaciones no estaban justificadas.

7.6.3.2.   Grupos de cooperación administrativa

La cooperación entre las autoridades de vigilancia del mercado de los Estados miembros en relación con los productos regulados por la legislación de armonización de la Unión se lleva a cabo en grupos de cooperación administrativa (ADCO) establecidos para los sectores de dicha legislación. Muchos de los grupos abarcan un texto legislativo de armonización de la Unión y otros abarcan algunos textos estrechamente relacionados de la legislación de armonización de la Unión. En el artículo 32 del Reglamento (UE) 2019/1020 se especifican sus tareas. Facilitan la aplicación uniforme de la legislación de armonización de la Unión, por ejemplo, debatiendo y resolviendo la aplicación divergente de dicha legislación. Además, llevan a cabo una serie de otras actividades de cooperación, entre ellas, en muchos casos, la planificación y la realización de acciones conjuntas. También contribuyen a la cooperación en la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos (véase el punto siguiente).

Algunos grupos utilizan un nombre distinto a ADCO, en ocasiones con su propia base jurídica en la legislación de armonización de la Unión y con las tareas que esta les atribuye. Funcionan sobre la base de dicha legislación, al tiempo que también cooperan en la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos de la misma manera que los ADCO.

7.6.3.3.   Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos

El artículo 29 del Reglamento (UE) 2019/1020 creó la Red de la Unión sobre Conformidad de los Productos para la cooperación en materia de vigilancia del mercado en toda la UE y en los diferentes sectores de productos. La Red está compuesta por representantes de los Estados miembros, incluidos, en particular, sus oficinas de enlace únicas, los presidentes de los ADCO y representantes de la Comisión. La Red es una plataforma para la coordinación y cooperación estructuradas en materia de vigilancia del mercado, en particular para establecer prioridades y abordar los aspectos horizontales intersectoriales de la vigilancia del mercado. Funciona sobre la base de un programa de trabajo, que puede adaptarse periódicamente para hacer frente a los nuevos retos de la vigilancia del mercado. La Red coopera estrechamente con la Red de Seguridad de los Consumidores establecida en el artículo 10 de la Directiva 2001/95/CE sobre temas relacionados con la seguridad de los productos.

7.6.4.   
Sistema de alerta rápida para productos no alimentarios que plantean riesgos (rapex)

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| El Sistema de Alerta Rápida utilizado para productos no alimentarios permite a treinta países participantes (todos los países del EEE) y a la Comisión Europea intercambiar información sobre los productos que plantean un riesgo para la salud y la seguridad u otro interés público protegido y sobre las medidas adoptadas por estos países para eliminar dicho riesgo. |

El artículo 12 de la DSGP proporciona la base jurídica de un sistema general y horizontal para el intercambio rápido de información sobre riesgos graves derivados del uso de los productos (RAPEX).

El Sistema de Alerta Rápida abarca los productos de consumo y de uso profesional [(309)](#ntr309-C_2022247ES.01000101-E0310). Es aplicable por igual a los productos no armonizados y a los productos sujetos a la legislación de armonización de la Unión [(310)](#ntr310-C_2022247ES.01000101-E0311).

El Sistema de Alerta Rápida funciona de conformidad con los procedimientos detallados recogidos en el anexo II de la DSGP y en las directrices del Sistema de Alerta Rápida [(311)](#ntr311-C_2022247ES.01000101-E0312).

El alcance del Sistema de Alerta Rápida incluye riesgos distintos de aquellos que afectan a la salud y la seguridad (es decir, riesgos para el medio ambiente y en el lugar de trabajo, riesgos de protección) y también productos destinados al uso profesional (frente a los que se destinan al consumo). Los Estados miembros deben garantizar que se adopten medidas correctoras contra los productos peligrosos, como su retirada o, cuando no se disponga de otros medios eficaces para eliminar el riesgo, su recuperación o que se prohíba su comercialización, y que se informe sin demora a la Comisión de las medidas correctoras, tanto voluntarias (adoptadas por los operadores económicos) como obligatorias (ordenadas por las autoridades), a través del Sistema de Alerta Rápida contemplado en el artículo 20 del Reglamento (UE) 2019/1020.

El procedimiento del Sistema de Alerta Rápida es el siguiente:

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| — | Cuando un producto (por ejemplo, un juguete, un artículo de puericultura o un aparato doméstico) sea considerado como peligroso, la autoridad nacional de vigilancia del mercado competente adopta las medidas apropiadas para eliminar el riesgo. Puede retirar el producto del mercado, recuperarlo de los consumidores o publicar advertencias. Los operadores económicos también pueden adoptar estas medidas de manera voluntaria, y las autoridades competentes deben informar asimismo de ello. Seguidamente, el punto de contacto nacional notifica a la Comisión Europea (a través de la aplicación informática del sistema) sobre el producto, los riesgos que plantea y las medidas adoptadas por la autoridad o los operadores económicos para prevenir riesgos y accidentes. |

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| — | La Comisión comprueba que la notificación cumple los criterios establecidos en las directrices del Sistema de Alerta Rápida y, en tal caso, difunde la notificación recibida a los puntos de contacto nacionales de todos los demás países de la UE y del EEE. Publica compendios semanales en el sitio web del Sistema de Alerta Rápida de la Comisión que incluyen un resumen de las medidas adoptadas contra los productos que plantean un riesgo [(312)](#ntr312-C_2022247ES.01000101-E0313). |

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| — | Los puntos de contacto nacionales de cada país de la UE y del EEE coordinan el trabajo de las autoridades de vigilancia del mercado a nivel nacional, que deben garantizar un seguimiento rápido de las medidas notificadas recientemente y aplicar medidas para mitigar los riesgos detectados, como exigir que el producto se retire del mercado, recuperándolo de los consumidores o publicando advertencias. |

Además del Sistema de Alerta Rápida, se aplican los procedimientos de cláusula de salvaguardia en virtud de la legislación de armonización de la Unión. En consecuencia, el Sistema de Alerta Rápida no debe intervenir necesariamente antes de que se aplique el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Sin embargo, cuando un Estado miembro adopta una decisión para prohibir o restringir permanentemente la libre circulación de productos con marcado CE basándose en un peligro o en otro riesgo grave planteado por el producto, se debe aplicar el procedimiento de cláusula de salvaguardia, además del Sistema de Alerta Rápida.

7.6.5.   
Icsms

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| |  |  | | --- | --- | | — | El ICSMS (sistema de información y comunicación para la vigilancia del mercado) es una herramienta informática que proporciona una plataforma integral de comunicación entre todas las autoridades de vigilancia del mercado. |  |  |  | | --- | --- | | — | El ICSMS consta de una zona interna (accesible solamente para las autoridades de vigilancia del mercado) y otra pública. |  |  |  | | --- | --- | | — | El Reglamento (UE) 2019/1020, relativo a la vigilancia del mercado, y el Reglamento (UE) 2019/515, relativo al reconocimiento mutuo, regulan el uso del ICSMS. | |

7.6.5.1.   Función

Si bien el ICSMS fue un aspecto importante en la aplicación del Reglamento (CE) n.o 765/2008, en el marco del Reglamento (UE) 2019/1020, relativo a la vigilancia del mercado, y del Reglamento (UE) 2019/515, relativo al reconocimiento mutuo, esto es aún más cierto: el ICSMS se convierte en la columna vertebral digital de estos Reglamentos.

Ambos Reglamentos establecen la obligación de las autoridades de utilizar el ICSMS. Además, el Reglamento (UE) 2019/1020, relativo a la vigilancia del mercado, establece las normas para su uso.

El ICSMS ofrece medios de comunicación rápidos y eficientes para que las autoridades de vigilancia del mercado intercambien información en poco tiempo. El ICSMS permite a las autoridades almacenar y compartir, de manera rápida y eficiente, información sobre productos (situación de conformidad, resultados de ensayos, datos de identificación del producto, fotografías, información sobre los operadores económicos, evaluaciones del riesgo, información sobre accidentes, información acerca de medidas adoptadas por las autoridades de vigilancia, etc.) que han sido investigados por una autoridad de vigilancia del mercado.

El objetivo es no solo evitar aquellos casos en que un producto no conforme se retira del mercado en un país para ser puesto a la venta durante mucho tiempo en otro país, sino principalmente disponer de una herramienta de política de vigilancia del mercado que permita establecer un mecanismo de cooperación entre las autoridades.

Aun siendo conscientes de que el mero intercambio de información fiable resulta crucial para la vigilancia del mercado, hay que reconocer que el valor añadido del ICSMS emana de su capacidad de ser una plataforma para la aplicación de la política europea de vigilancia del mercado.

En este sentido, siempre que una autoridad nacional desee intercambiar información sobre un producto bajo investigación con otras autoridades a fin de compartir recursos (por ejemplo, para los controles de los productos), llevar a cabo acciones comunes o consultar a otras autoridades, debe introducir en el ICSMS la información correspondiente. Esto debe hacerse lo antes posible y, desde luego, mucho antes de la decisión de adoptar medidas en relación con los productos que plantean riesgos. Por ejemplo, si una autoridad nacional no puede determinar el nivel de riesgo planteado por un cierto producto y lleva a cabo investigaciones, debe utilizar el ICSMS para comunicarse con las autoridades competentes de los demás Estados miembros.

El ICSMS no solo abarca productos no conformes, sino que también proporciona información relativa a otros productos controlados por las autoridades, aunque el resultado de los controles sea que no se han detectado incumplimientos. Esto ayuda a las autoridades a evitar la duplicidad (o multiplicidad) de los controles de productos. Como mínimo, las autoridades de vigilancia del mercado deben introducir en el ICSMS información sobre todos los productos para los que se haya realizado una comprobación en profundidad [artículo 34, apartado 4, del Reglamento (UE) 2019/1020]. Esto abarca no solo los productos para los que se realizan comprobaciones de laboratorio, sino también aquellos para los que se realizan comprobaciones más simples, aunque no es necesario incluir aquellos para los que solo se hayan realizado comprobaciones visuales breves. A título orientativo, las comprobaciones que se documenten individualmente también deben introducirse en el ICSMS [(313)](#ntr313-C_2022247ES.01000101-E0314). No obstante, también pueden introducirse otras comprobaciones en el ICSMS.

Por tanto, la función última del ICSMS es ayudar a la Unión Europea a alcanzar uno de sus principales objetivos políticos (esto es, garantizar la fiabilidad y la coherencia en la aplicación y el cumplimiento de la legislación europea) con el fin de que los operadores económicos y los ciudadanos se beneficien de la intención original de un acceso pleno al mercado interior.

En particular, el ICSMS ayuda a las autoridades de vigilancia del mercado a:

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| — | efectuar intercambios rápidos y oportunos de información sobre medidas de vigilancia del mercado; |

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| — | coordinar sus actividades e inspecciones de manera más eficaz, centrándose especialmente en productos que todavía no han sido inspeccionados o sometidos a ensayo; |

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| — | compartir recursos y, por tanto, disponer de más tiempo para concentrarse en otros productos que todavía deben ser sometidos a ensayo; |

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| — | compartir experiencias sobre casos complejos de evaluación de la conformidad de los productos; |

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| — | llevar a cabo intervenciones en el mercado a gran escala cuando están implicados productos de naturaleza dudosa utilizando la información más reciente, y así evitar inspecciones duplicadas y múltiples; |

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| — | generar datos estadísticos; |

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| — | poner en marcha las notificaciones de la cláusula de salvaguardia (para algunas Directivas o algunos Reglamentos); |

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| — | enviar los datos pertinentes a RAPEX para que los puntos de contacto RAPEX inicien el proceso para poner en marcha las notificaciones RAPEX [(314)](#ntr314-C_2022247ES.01000101-E0315); |

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| — | elaborar prácticas óptimas; |

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| — | garantizar que la vigilancia del mercado sea eficiente y que presente el mismo rigor en todos los Estados miembros, evitando así la distorsión de la competencia; |

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| — | crear una enciclopedia de información estratégica sobre la vigilancia del mercado de la UE; y |

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| — | solicitar asistencia a las autoridades de otros Estados miembros. |

7.6.5.2.   Estructura

La zona interna está destinada a las autoridades de vigilancia del mercado, las oficinas de enlace únicas, las autoridades aduaneras y la Comisión. Contiene toda la información disponible (descripción del producto, resultados de ensayos, medidas adoptadas, etc.). Solamente los titulares de una cuenta del ICSMS pueden acceder a esta zona.

La zona pública está destinada a los consumidores, usuarios y fabricantes. La información que figura en la zona pública consiste únicamente en datos de referencia del producto y de su incumplimiento, pero no contiene documentos internos (es decir, información intercambiada entre la autoridad y el fabricante o el importador).

El ICSMS permite realizar búsquedas específicas de productos no conformes. Los aspectos de confidencialidad están protegidos por un sistema de autorizaciones de acceso.

Cada autoridad de vigilancia del mercado puede introducir en la base de datos información sobre productos investigados que esta todavía no contenga, y añadir información (por ejemplo, resultados de ensayos adicionales o medidas adoptadas) a un expediente existente de información sobre el producto.

La Comisión garantiza el funcionamiento correcto del ICSMS. El uso del ICSMS es gratuito.

7.6.6.   
Productos sanitarios: sistema de vigilancia

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| En el caso de los productos sanitarios se aplica un sistema de vigilancia específico. |

Los riesgos planteados por los productos sanitarios precisan de un sistema de seguimiento global a través del cual se informe de todos los incidentes graves relacionados con los productos [(315)](#ntr315-C_2022247ES.01000101-E0316). El sistema de vigilancia de los productos sanitarios se aplica a todos los incidentes [(316)](#ntr316-C_2022247ES.01000101-E0317) que hayan podido provocar, directa o indirectamente, la muerte o un deterioro grave temporal o permanente del estado de salud de un paciente, un usuario u otra persona o una amenaza grave para la salud pública, y que hayan sido resultado de:

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| — | cualquier mal funcionamiento o deterioro de las características o las prestaciones de un producto comercializado, incluidos los errores de uso debidos a características ergonómicas; |

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| — | cualquier deficiencia en el etiquetado o las instrucciones de uso; o |

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| — | cualquier motivo técnico o sanitario en relación con las características o las prestaciones de un producto, y que lleva al fabricante a recuperar sistemáticamente todos los productos del mismo tipo. |

El fabricante es responsable de activar el sistema de vigilancia y, en consecuencia, debe informar a la autoridad de vigilancia acerca de los incidentes que llevan a invocarlo. Tras la notificación, el fabricante está obligado a realizar investigaciones, enviar un informe a la autoridad de vigilancia y estudiar, en colaboración con la autoridad, qué medida debe adoptarse.

La notificación del fabricante va seguida por una evaluación realizada por la autoridad de vigilancia, si es posible, conjuntamente con el fabricante. Después de la evaluación, la autoridad debe informar inmediatamente a la Comisión y a los demás Estados miembros sobre los incidentes en relación con los cuales se han adoptado medidas o se contempla la adopción de medidas. La Comisión podrá entonces dar los pasos necesarios para coordinar, facilitar y apoyar las medidas adoptadas por las autoridades nacionales de vigilancia cuando tratan el mismo tipo de incidentes, o, si es necesario, adoptar medidas a escala de la UE (por ejemplo, que prevean la reclasificación del producto). La Comisión gestiona una base de datos que contiene, entre otra información, datos obtenidos de conformidad con el sistema de vigilancia, y a la que tienen acceso las autoridades competentes. El sistema de vigilancia es diferente del procedimiento de cláusula de salvaguardia, ya que requiere una notificación aunque el fabricante adopte las medidas necesarias de manera voluntaria. No obstante, cuando se aplica el sistema de vigilancia, la autoridad de vigilancia también está obligada a adoptar una medida restrictiva frente a los productos no conformes con marcado CE si se dan las condiciones para invocar la cláusula de salvaguardia, y, en consecuencia, a notificar esta medida siguiendo el procedimiento de cláusula de salvaguardia. Sin embargo, el sistema de vigilancia no debe intervenir necesariamente antes de que se aplique el procedimiento de cláusula de salvaguardia.

8.   LIBRE CIRCULACION DE PRODUCTOS DENTRO DE LA UE [(317)](#ntr317-C_2022247ES.01000101-E0318)

8.1.   Cláusula de libre circulación

El objetivo de eliminar las barreras comerciales entre los Estados miembros y de consolidar la libre circulación de productos está establecido en una cláusula de libre circulación incluida en la legislación de armonización de la Unión y que garantiza la libre circulación de los productos que cumplan la legislación. Las cláusulas de libre circulación son disposiciones que se insertan en los actos legislativos de la UE y que impiden expresamente a los Estados miembros adoptar medidas más restrictivas sobre un asunto, si este asunto cumple los requisitos del acto legislativo en cuestión. Por tanto, los Estados miembros no pueden impedir la comercialización de un producto que cumple todas las disposiciones de la legislación sectorial de armonización.

La conformidad con todas las obligaciones que incumben a los fabricantes en virtud de la legislación de armonización de la Unión está simbolizada por el marcado CE. Los Estados miembros deben suponer que los productos que llevan colocado el marcado CE cumplen todas las disposiciones de la legislación aplicable que contempla dicha colocación. En consecuencia, los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la comercialización en su territorio de productos que presenten el marcado CE, a menos que las disposiciones relativas al marcado CE hayan sido aplicadas de manera incorrecta.

8.2.   Límites y restricciones

La legislación de armonización de la Unión ha sido diseñada para garantizar la libre circulación de productos que cumplen el alto nivel de protección establecido en la legislación aplicable. Por consiguiente, los Estados miembros no pueden prohibir, restringir o impedir la comercialización de dichos productos en relación con los aspectos cubiertos por la legislación de armonización de la Unión aplicable. No obstante, los Estados miembros están autorizados a mantener y a adoptar, en cumplimiento del Tratado (en particular de los artículos 34 y 36 del TFUE), disposiciones nacionales adicionales relativas al uso de determinados productos destinados a la protección de trabajadores, de otros usuarios o del medio ambiente. Estas disposiciones nacionales no pueden requerir la modificación de un producto fabricado de conformidad con las disposiciones de la legislación aplicable ni influir en las condiciones para su comercialización.

Podría imponerse una limitación de la libre circulación del producto en caso de no conformidad de un producto con los requisitos esenciales u otros requisitos jurídicos. Además, podría suceder que los productos que cumplen los requisitos de la legislación armonizada planteen, no obstante, un riesgo para la salud o la seguridad de las personas o para otros aspectos relacionados con la protección del interés público. En este caso, los Estados miembros deben solicitar al operador económico pertinente que adopte medidas correctoras. Por tanto, es posible limitar la libre circulación de un producto no solamente en caso de no conformidad del producto con los requisitos fijados por la legislación correspondiente, sino también en caso de conformidad cuando los requisitos esenciales u otros requisitos no contemplan enteramente todos los riesgos relacionados con el producto [(318)](#ntr318-C_2022247ES.01000101-E0319).

9.   ASPECTOS INTERNACIONALES DE LA LEGISLACION DE LA UE SOBRE LOS PRODUCTOS

En sus relaciones con terceros países, la UE, entre otras cosas, procura fomentar el comercio internacional de productos regulados. Las condiciones del comercio abierto incluyen la compatibilidad del enfoque, la coherencia de las reglamentaciones y las normas, la transparencia de las reglas, unos niveles y medios de regulación apropiados, la imparcialidad de la certificación, la compatibilidad de las medidas de vigilancia del mercado y las prácticas de supervisión, así como un nivel apropiado de infraestructuras técnicas y administrativas.

En consecuencia, en función del estado de las condiciones anteriores, es posible aplicar una amplia variedad de medidas para facilitar el comercio. La expansión del mercado único de productos se busca por medio de varios instrumentos jurídicos internacionales que habilitan la consecución de unos niveles apropiados de cooperación, convergencia o armonización de la legislación y que, por tanto, facilitan la libre circulación de mercancías. Entre esos instrumentos destacan:

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| — | la plena integración de los países AELC del EEE en el mercado interior en virtud del Acuerdo EEE [(319)](#ntr319-C_2022247ES.01000101-E0320); |

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| — | la adaptación de los sistemas legislativos y las infraestructuras de calidad horizontales de los países candidatos a los de la UE; los países candidatos y los países candidatos potenciales también tienen la posibilidad de adherirse a los organismos de infraestructuras de calidad de la UE, como las organizaciones europeas de normalización pertinentes; |

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| — | una adaptación similar por parte de países vecinos orientales y mediterráneos mediante la celebración de acuerdos bilaterales sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales (AECA); |

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| — | la celebración de acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) bilaterales (intergubernamentales) de evaluación de la conformidad, certificados y marcado, destinados a reducir los costes de los ensayos y la certificación en otros mercados; |

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| — | celebración de un protocolo específico relativo a la evaluación de la conformidad en el marco de un acuerdo de libre comercio (ALC) negociado con un tercer país; |

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| — | el apoyo en el Acuerdo de la OMC sobre Obstáculos Técnicos al Comercio [(320)](#ntr320-C_2022247ES.01000101-E0321); y |

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| — | por último, la armonización de las normas entre el CEN y la ISO (Organización Internacional de Normalización) a través del Acuerdo de Viena y entre el Cenelec y la IEC (Comisión Electrotécnica Internacional) a través del Acuerdo de Fráncfort. |

9.1.   Acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales (AECA)

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| Los acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales se establecen entre la Unión y los países vecinos de la UE. |

La Unión Europea siempre ha estado a la vanguardia del apoyo a la cooperación internacional en lo relativo a los ámbitos de reglamentaciones técnicas, normas, evaluación de la conformidad, vigilancia del mercado y eliminación de barreras técnicas para el comercio de productos. En el marco de la ampliación y la política europea de vecindad, la Comisión Europea ha dejado clara su intención de intensificar la cooperación con los vecinos orientales y meridionales de la UE en las áreas del comercio, el acceso al mercado y las estructuras reglamentarias.

El uso del sistema de normalización de la UE y de la evaluación de la conformidad por parte de terceros países se ha diseñado para facilitar el comercio y el acceso al mercado en ambas direcciones.

Está previsto que se celebren acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales entre la Unión y los países vecinos de la UE (mediterráneos: Argelia, Autoridad Palestina, Egipto, Israel, Jordania, Líbano, Marruecos y Túnez; y orientales: Armenia, Azerbaiyán, Bielorrusia, Georgia, Moldavia y Ucrania). También están a disposición de los países interesados que soliciten la adhesión a la UE.

Este reconocimiento mutuo de la equivalencia de la reglamentación técnica, la normalización y la evaluación de la conformidad sobre el que se basan estos acuerdos opera sobre la base del acervo de la UE que ha sido transpuesto por el país asociado, de la misma manera que se aplicaría a los productos introducidos en el mercado de un Estado miembro. Permite que los productos industriales cubiertos por los acuerdos y certificados como conformes con los procedimientos de la Unión Europea se introduzcan en el mercado del país asociado sin tener que someterlos a más procedimientos de aprobación, y viceversa.

Un acuerdo sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales (AECA) requiere una armonización total previa del marco jurídico del país asociado con la legislación y las normas de la UE, así como la mejora de su infraestructura horizontal de aplicación, en consonancia con el modelo del sistema de la UE, en relación con la normalización, la acreditación, la evaluación de la conformidad, la metrología y la vigilancia del mercado.

Por lo general, cada AECA consiste en un acuerdo marco y uno o más anexos en los que se recogen los productos regulados y los medios adoptados para ampliar las ventajas del comercio en ese sector. El acuerdo marco contempla dos mecanismos: a) el reconocimiento de la equivalencia de la reglamentación técnica, la normalización, la evaluación de la conformidad y la vigilancia del mercado para los productos industriales sujetos a una reglamentación equivalente en el Derecho de la Unión y el Derecho nacional del país asociado, y b) la aceptación mutua de productos industriales que cumplen los requisitos para ser introducidos legalmente en el mercado de una de las partes cuando no existe una legislación técnica europea aplicable a los productos en cuestión. Pueden añadirse más anexos sectoriales con posterioridad.

En febrero de 2004 se firmó un primer AECA con Malta [(321)](#ntr321-C_2022247ES.01000101-E0322), antes de su adhesión formal a la UE en mayo de 2004. Con Israel, un primer AECA sobre productos farmacéuticos entró en vigor en enero de 2013. En el momento de redactar esta guía, otros socios mediterráneos y orientales estaban finalizando sus preparativos para iniciar las negociaciones en algunos sectores de nuevo enfoque (productos eléctricos, materiales de construcción, juguetes, aparatos de gas, equipos a presión, etc.).

9.2.   Acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM)

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| |  |  | | --- | --- | | — | Los acuerdos de reconocimiento mutuo se establecen entre la Unión y los terceros países que poseen un nivel comparable de desarrollo técnico y un enfoque compatible en lo concerniente a la evaluación de la conformidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | Estos acuerdos se basan en la aceptación mutua de certificados, marcas de conformidad e informes de ensayos emitidos por los organismos de evaluación de la conformidad de cualquiera de las partes de conformidad con la legislación de la otra parte. | |

9.2.1.   
Características principales

Uno de los instrumentos para fomentar el comercio internacional de productos regulados es la celebración de acuerdos de reconocimiento mutuo (ARM) sobre la base del artículo 207 del TFUE. Los ARM son acuerdos establecidos entre la Unión y terceros países a efectos del reconocimiento mutuo de evaluaciones de la conformidad de productos regulados.

Los ARM están diseñados de manera que cada parte acepta los informes, los certificados y los marcados emitidos en el país asociado de conformidad con su propia legislación. Estos instrumentos son elaborados y emitidos por organismos que la otra parte ha designado en virtud del ARM para evaluar la conformidad en el campo o los campos sujetos al ARM. Esto es así porque los ARM incluyen todos los requisitos de evaluación de la conformidad de las partes necesarios para obtener un acceso total al mercado y porque los productos son evaluados en el país de fabricación con arreglo a los requisitos reglamentarios de la otra parte. Estos acuerdos habitualmente son denominados «ARM tradicionales».

Los ARM abarcan todo el territorio de las partes con el fin de garantizar la libre circulación plena de productos certificados como conformes, en especial en los Estados con una estructura federal.

Los ARM se aplican a una o más categorías de productos o sectores que entran en el ámbito regulado (es decir, que están sujetos a la legislación de armonización de la Unión vigente) y, en determinados casos, a los que están contemplados en legislación nacional no armonizada. En principio, los ARM deben abarcar todos los productos industriales para los que las reglamentaciones de al menos una de las partes exigen una evaluación de la conformidad por parte de un tercero.

Los ARM constan de un acuerdo marco y de anexos sectoriales. El acuerdo marco establece los principios esenciales de un acuerdo tradicional. Los anexos sectoriales especifican, en particular, el alcance y la cobertura, los requisitos reglamentarios, la lista de organismos de evaluación de la conformidad designados, los procedimientos y las autoridades responsables del nombramiento de esos organismos y, si procede, los períodos transitorios. Pueden añadirse más anexos sectoriales con posterioridad.

Los ARM no se basan en la necesidad de aceptar mutuamente las normas o las reglamentaciones técnicas de la otra parte ni de considerar equivalente la legislación de ambas partes. Solo incluyen la aceptación mutua de los informes, los certificados y los marcados emitidos en el país asociado de conformidad con su propia legislación. Sin embargo, los ARM pueden allanar el camino hacia un sistema armonizado de normalización y certificación de las partes. No obstante, por regla general, se considera que las dos legislaciones garantizan un nivel comparable en lo tocante a la protección de la salud, la seguridad, el medio ambiente y otros intereses públicos. Por otra parte, los ARM incrementan la transparencia de los sistemas reglamentarios. Una vez establecido, el ARM se debe mantener, por ejemplo mediante listas de organismos de certificación reconocidos y de las normas o reglas con arreglo a las cuales estos deben realizar las certificaciones.

Las ventajas del ARM se derivan de la eliminación de inspecciones o certificaciones duplicadas. En caso de que un producto destinado a dos mercados deba ser evaluado dos veces (cuando las normas o los requisitos técnicos son diferentes), la evaluación será menos costosa si es realizada por el mismo organismo. El plazo de comercialización se acorta, ya que los contactos entre el fabricante y un único organismo de evaluación de la conformidad, así como una evaluación única, aceleran el proceso. Incluso si las reglamentaciones subyacentes están armonizadas, por ejemplo porque se basan en una norma internacional, se mantiene la necesidad de reconocimiento de los certificados, y, en tales casos, la ventaja es clara: el producto es evaluado una vez con arreglo a la norma comúnmente aceptada, en lugar de evaluarse dos veces.

Actualmente hay ARM vigentes con Australia, Nueva Zelanda, los Estados Unidos, Japón y Suiza. El ARM con Canadá [(322)](#ntr322-C_2022247ES.01000101-E0323) ha sido sustituido por el Protocolo del CETA relativo a la aceptación mutua de los resultados de la evaluación de la conformidad (véase el punto 9.2.4).

Se han celebrado acuerdos de este tipo en varios sectores específicos que pueden variar entre países. En la siguiente dirección hay disponible más información sobre los acuerdos: https://ec.europa.eu/growth/single-market/goods/international-aspects-single-market/mutual-recognition-agreements\_en. Los organismos designados en virtud de los ARM figuran en una parte específica del sistema NANDO.

9.2.2.   
Arm entre la ue y suiza

El ARM celebrado con Suiza, que entró en vigor el 1 de junio de 2002 ([DO L114 de 30.4.2002](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2002:114:TOC)), es un acuerdo basado en la equivalencia de la legislación de la UE y de Suiza mencionada específicamente en los anexos de dicho acuerdo [(323)](#ntr323-C_2022247ES.01000101-E0324). Abarca el reconocimiento de las evaluaciones de la conformidad con independencia del origen de los productos. Este tipo de ARM habitualmente es denominado «ARM mejorado». No obstante, el caso de Suiza sigue siendo bastante específico.

Las disposiciones del Acuerdo y la armonización de las reglamentaciones técnicas de Suiza con las de la UE contribuyen a facilitar el acceso al mercado suizo para los productos de la UE, y viceversa para los productos suizos al mercado de la UE y el EEE. Sin embargo, no existe unión aduanera entre la UE y Suiza.

Según el acuerdo, el Servicio de Acreditación Suizo (SAS) es miembro de pleno derecho de la Cooperación Europea para la Acreditación (EA) y es signatario de todos los acuerdos de reconocimiento mutuo con la EA. En el ámbito de la normalización, Suiza es miembro de pleno derecho del CEN, el Cenelec y el ETSI, y participa activamente en las labores de normalización europea.

Por otra parte, se autoriza a los organismos europeos de evaluación de la conformidad a expedir certificados en la UE de conformidad con la legislación de la UE, que se consideran equivalentes a los de Suiza. Lo mismo sucede a la inversa con los organismos de evaluación de la conformidad suizos. Así pues, los certificados expedidos por los organismos suizos de evaluación de la conformidad acreditados por el SAS para los productos abarcados por el ARM se consideran equivalentes a los expedidos por los organismos de evaluación de la conformidad de la UE en el ámbito de aplicación del ARM y, en particular, de la legislación de la UE contemplada en el ARM.

Esto solo ha sido posible porque Suiza ha decidido armonizar su legislación en los sectores contemplados en el acuerdo con la de la Unión.

El denominado «ARM mejorado» con Suiza abarca actualmente veinte sectores de productos: máquinas, equipos de protección individual (EPI), seguridad de los juguetes, parcialmente los productos sanitarios, aparatos y calderas de gas, equipos a presión, equipos terminales de telecomunicación, aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX), seguridad eléctrica y compatibilidad electromagnética (CEM), equipos y maquinaria de construcción, instrumentos de medida y envases previos, vehículos de motor, tractores agrícolas y forestales, buenas prácticas de laboratorio (BPL), buenas prácticas de fabricación (BPF), inspección y certificación por lotes, productos de construcción, ascensores, biocidas, instalaciones de transporte por cable y explosivos con fines civiles.

Se ha celebrado un ARM paralelo que abarca exactamente los mismos ámbitos entre los Estados AELC del EEE y Suiza (anexo I del Convenio AELC de Vaduz, que entró en vigor el 1 de junio de 2002).

9.2.3.   
Estados aelc del eee: acuerdos de reconocimiento mutuo y acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación

Los acuerdos de reconocimiento mutuo celebrados con terceros países relativos a la evaluación de la conformidad de los productos para los cuales la legislación de la UE establezca el uso de una marca se negociarán por iniciativa de la UE. Por lo tanto, tal como se establece en el Protocolo 12 del Acuerdo EEE, la UE negociará sobre la base de que los terceros países interesados también celebrarán con los Estados AELC del EEE acuerdos paralelos de reconocimiento mutuo y acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación equivalentes a los que deben celebrarse con la UE. Los Estados del EEE deben cooperar de conformidad con los procedimientos generales de información y de consulta que se establecen en el Acuerdo EEE. En caso de que surjan diferencias en las relaciones con terceros países, estas se abordarán con arreglo a las disposiciones pertinentes del Acuerdo EEE. El sistema de acuerdos paralelos otorga formalmente al tercer país implicado el mismo acceso al mercado en todo el Espacio Económico Europeo para productos regulados por los acuerdos de reconocimiento mutuo o por los acuerdos sobre evaluación de la conformidad y aceptación de productos industriales. En cuanto a la aplicación práctica de estos acuerdos, se organizarán sesiones comunes de las reuniones del Comité Mixto con el tercer país implicado.

9.2.4.   
Protocolo del ceta relativo a la evaluación de la conformidad

El Acuerdo Económico y Comercial Global («CETA») establece un Protocolo relativo a la aceptación mutua de los resultados de la evaluación de la conformidad, cuyo objetivo es facilitar a la UE y Canadá la exportación de mercancías al mercado de la otra parte mediante el reconocimiento mutuo de los certificados de evaluación de la conformidad.

El Protocolo del CETA sustituye a un acuerdo de reconocimiento mutuo anterior entre la UE y Canadá sobre evaluación de la conformidad [(324)](#ntr324-C_2022247ES.01000101-E0325). El Protocolo del CETA simplifica el funcionamiento del antiguo ARM basándose en la acreditación y en una cooperación más estrecha entre los organismos de acreditación de la UE y de Canadá. A este respecto, el Protocolo del CETA introduce una novedad importante al incluir la posibilidad de que los organismos de evaluación de la conformidad sean acreditados para realizar ensayos y certificar los productos con arreglo a los requisitos de la otra parte por su propio organismo nacional de acreditación. Por lo tanto, el Protocolo introduce dos vías para facilitar el reconocimiento mutuo de los organismos de evaluación de la conformidad y los certificados. La primera manera, y la preferida, prevé que los organismos de evaluación de la conformidad interesados soliciten la acreditación directamente al organismo de acreditación establecido en su territorio, siempre que la otra parte haya reconocido previamente al organismo nacional de acreditación como competente. En segundo lugar, en caso de que no se disponga de la primera opción, los organismos de evaluación de la conformidad interesados pueden solicitar la acreditación pertinente al organismo de acreditación de la otra parte. Para reconocer a un organismo de evaluación de la conformidad como competente para realizar ensayos y certificar productos, la otra parte deberá designar previamente al organismo de evaluación de la conformidad acreditado y facilitar la información necesaria. Las partes también pueden formular objeciones, impugnar y dejar de reconocer a los organismos de evaluación de la conformidad de la otra parte. El Protocolo del CETA establece el derecho de Canadá a acceder y utilizar el sistema electrónico de notificación de la Unión Europea (NANDO) a efectos de designación.

El Protocolo del CETA amplía también el ámbito de la cooperación del ARM anterior a los sectores mencionados en su anexo 1. El Protocolo permite a las partes ampliar aún más su ámbito de aplicación para incluir categorías adicionales de mercancías, según lo indicado en su anexo 2, tras la entrada en vigor del CETA.

El 1 de septiembre de 2021, la Comisión publicó la «Guía de aplicación del Protocolo del Acuerdo Económico y Comercial Global entre Canadá, la Unión Europea y sus Estados miembros relativo a la aceptación mutua de los resultados de las evaluaciones de la conformidad» (2021/C 351/01) [(325)](#ntr325-C_2022247ES.01000101-E0326). Dicha guía se centra en los pasos que deben seguir la UE y sus Estados miembros cuando los organismos de evaluación de la conformidad interesados soliciten el reconocimiento para realizar evaluaciones de la conformidad con arreglo a los requisitos legislativos canadienses y de la UE para el mercado de ambos territorios. La guía también incluye información sobre la vigilancia del mercado y las salvaguardias.

9.3.   El Acuerdo de Comercio y Cooperación con el Reino Unido

El 24 de diciembre de 2020 se celebró un Acuerdo de Comercio y Cooperación («ACC») entre la UE y el Reino Unido. Es aplicable de forma provisional desde el 1 de enero de 2021.

El ACC cuenta con un capítulo específico sobre los obstáculos técnicos al comercio (OTC) (capítulo 4). Por lo que se refiere a la evaluación de la conformidad, tanto la UE como el Reino Unido acordaron aceptar la declaración de conformidad del proveedor como prueba del cumplimiento de sus reglamentaciones técnicas en aquellos ámbitos de productos en los que su respectiva legislación, en la fecha de entrada en vigor del ACC, prevea el uso de una evaluación de la conformidad por organismos propios. Cuando una parte exija una evaluación de la conformidad por parte de un tercero como garantía positiva de que un producto es conforme a un reglamento técnico, debe usar la acreditación, si procede, para habilitar a los organismos de evaluación de la conformidad, a fin de demostrar su competencia técnica (capítulo sobre OTC, artículo 93, del ACC). A este respecto, la UE y el Reino Unido reconocen el valioso papel que la acreditación operada con autoridad derivada del gobierno y con carácter no comercial puede desempeñar en la cualificación de los organismos de evaluación de la conformidad. El ACC también insta a ambas partes a que utilicen las normas internacionales pertinentes para la acreditación y la evaluación de la conformidad, y que también las utilicen como base para las normas que elaboran.

El ACC también contiene un artículo sobre marcado y etiquetado (capítulo sobre OTC, artículo 95, del ACC), que tiene por objeto abordar los aspectos del etiquetado que pueden dificultar el acceso al mercado, por ejemplo, previendo la posibilidad de aceptar que el etiquetado, incluido un etiquetado complementario o correcciones del etiquetado, tenga lugar en depósitos aduaneros u otras zonas designadas en el país de importación como alternativa al etiquetado en el país de origen. La disposición relativa a la cooperación en materia de vigilancia del mercado y seguridad y conformidad de los productos no alimenticios (capítulo sobre OTC, artículo 96, del ACC) prevé la cooperación y el intercambio de información en el ámbito de la seguridad y la conformidad de los productos no alimenticios. También contiene las bases para: i) un mecanismo para el intercambio periódico de información relativa a la seguridad de los productos no alimenticios; y ii) un mecanismo para el intercambio periódico de información sobre las medidas adoptadas en relación con los productos no alimenticios no conformes que no estén contempladas en el mecanismo relativo a la seguridad de los productos no alimenticios.

Además, el artículo 97 del capítulo sobre OTC del ACC prevé debates técnicos sobre proyectos o propuestas de reglamentos técnicos o procedimientos de evaluación de la conformidad. El artículo 98 del capítulo sobre OTC del ACC establece que las partes deben cooperar en el ámbito de los reglamentos técnicos, las normas y los procedimientos de evaluación de la conformidad, cuando sirva al interés mutuo y sin perjuicio de la autonomía de sus propias facultades legales y de toma de decisiones respectivas.

Sin embargo, el ACC no es un acuerdo de reconocimiento mutuo para la evaluación de la conformidad del tipo descrito en el punto 9.2 y no prevé el reconocimiento mutuo de los resultados de los organismos de evaluación de la conformidad en los mercados de la UE y del Reino Unido.

El ACC proporciona una buena base para una dilatada asociación entre la UE y el Reino Unido fuera del mercado único de la UE.

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ANEXO 1

Legislación de la ue mencionada en la guía (lista no exhaustiva)

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| Acto de armonización horizontal de la UE | Número  (modificación) | Referencia del DOUE |
| Reglamento (CE) n.o 765/2008 del Parlamento Europeo y el Consejo, de 9 de julio de 2008, por el que se establecen los requisitos de acreditación y por el que se deroga el Reglamento (CEE) n.o 339/93 | 765/2008 | [DO L 218 de 13.8.2008](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2008:218:TOC) |
| Reglamento (UE) 2019/1020 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 20 de junio de 2019, relativo a la vigilancia del mercado y la conformidad de los productos y por el que se modifican la Directiva 2004/42/CE y los Reglamentos (CE) n.o 765/2008 y (UE) n.o 305/2011 | 2019/1020 | [DO L 169 de 25.6.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:169:TOC) |
| Decisión n.o 768/2008/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 9 de julio de 2008, sobre un marco común para la comercialización de los productos | 768/2008/CE | [DO L 218 de 13.8.2008](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2008:218:TOC) |
| Reglamento (UE) 2019/515 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 19 de marzo de 2019, relativo al reconocimiento mutuo de mercancías comercializadas legalmente en otro Estado miembro y por el que se deroga el Reglamento (CE) n.o 764/2008 | 2019/515 | [DO L 91 de 29.3.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:091:TOC) |
| Directiva 85/374/CEE del Consejo, de 25 de julio de 1985, relativa a la aproximación de las disposiciones legales, reglamentarias y administrativas de los Estados Miembros en materia de responsabilidad por los daños causados por productos defectuosos | 85/374/CEE (1999/34/CE) | [DO L 210 de 7.8.1985](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1985:210:TOC)  ([L 141 de 4.6.1999](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1999:141:TOC)) |
| Directiva 2001/95/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 3 de diciembre de 2001, relativa a la seguridad general de los productos | 2001/95/CE | [DO L 11 de 15.1.2002](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2002:011:TOC) |
| Reglamento (UE) n.o 1025/2012 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 25 de octubre de 2012, sobre la normalización europea | 1025/2012 | [DO L 316 de 14.11.2012](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2012:316:TOC) |

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| Acto de armonización sectorial de la UE | Número (modificación) | Referencia del DOUE |
| Directiva 2014/35/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización de material eléctrico destinado a utilizarse con determinados límites de tensión (refundición) | 2014/35/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2009/48/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 18 de junio de 2009, sobre la seguridad de los juguetes | 2009/48/CE | [DO L 170 de 30.6.2009](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2009:170:TOC) |
| Directiva 2014/30/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de compatibilidad electromagnética (refundición) | 2014/30/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2006/42/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 17 de mayo de 2006, relativa a las máquinas y por la que se modifica la Directiva 95/16/CE (refundición) | 2006/42 | [DO L 157 de 9.6.2006](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2006:157:TOC) |
| Reglamento (UE) 2016/425 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 9 de marzo de 2016, relativo a los equipos de protección individual y por el que se deroga la Directiva 89/686/CEE del Consejo | 2016/425 | [DO L 81 de 31.3.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:081:TOC) |
| Directiva 2014/31/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización de instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático (refundición) | 2014/31/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2014/32/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización de instrumentos de medida (refundición) | 2014/32/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 98/79/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 27 de octubre de 1998, sobre productos sanitarios para diagnóstico in vitro | 98/79/CE  (1882/2003)  (596/2009)  (2011/100/UE)  (1998/79)  (1998/79) | [DO L 331 de 7.12.1998](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1998:331:TOC)  ([DO L 284 de 31.10.2003](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2003:284:TOC))  ([DO L 188 de 18.7.2009](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2009:188:TOC))  ([DO L 341 de 22.12.2011](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2011:341:TOC))  ([DO L 22 de 29.1.1999](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1999:022:TOC))  ([DO L 6 de 10.1.2002](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2002:006:TOC)) |
| Reglamento (UE) 2017/745 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 5 de abril de 2017, sobre los productos sanitarios, por el que se modifican la Directiva 2001/83/CE, el Reglamento (CE) n.o 178/2002 y el Reglamento (CE) n.o 1223/2009 y por el que se derogan las Directivas 90/385/CEE y 93/42/CEE del Consejo | 2017/745  (2020/561)  (2017/745)  (2017/745) | [DO L 117 de 5.5.2017](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2017:117:TOC)  ([DO L 130 de 24.4.2020](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2020:130:TOC))  ([DO L 117 de 3.5.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:117:TOC))  ([DO L 334 de 27.12.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:334:TOC)) |
| Reglamento (UE) 2017/746 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 5 de abril de 2017, sobre los productos sanitarios para diagnóstico in vitro y por el que se derogan la Directiva 98/79/CE y la Decisión 2010/227/UE de la Comisión | 2017/746  (2017/746)  (2017/746) | [DO L 117 de 5.5.2017](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2017:117:TOC)  ([DO L 117 de 3.5.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:117:TOC))  ([DO L 334 de 27.12.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:334:TOC)) |
| Reglamento (UE) 2016/426 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 9 de marzo de 2016, sobre los aparatos que queman combustibles gaseosos y por el que se deroga la Directiva 2009/142/CE | 2016/426 | [DO L 81 de 31.3.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:081:TOC) |
| Directiva 2014/28/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, relativa a la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización y control de explosivos con fines civiles (refundición) | 2014/28/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2013/29/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 12 de junio de 2013, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización de artículos pirotécnicos (versión refundida) | 2013/29/UE | [DO L 178 de 28.6.2013](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2013:178:TOC) |
| Directiva 2014/34/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (refundición) | 2014/34/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2013/53/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 20 de noviembre de 2013, relativa a las embarcaciones de recreo y a las motos acuáticas, y por la que se deroga la Directiva 94/25/CE | 2013/53/UE | [DO L 354 de 28.12.2013](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2013:354:TOC) |
| Directiva 2014/33/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de ascensores y componentes de seguridad para ascensores (refundición) | 2014/33/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Reglamento (UE) 2016/424 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 9 de marzo de 2016, relativo a las instalaciones de transporte por cable y por el que se deroga la Directiva 2000/9/CE | 2016/424 | [DO L 81 de 31.3.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:081:TOC) |
| Directiva 2014/68/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 15 de mayo de 2014, relativa a la armonización de las legislaciones de los Estados miembros sobre la comercialización de equipos a presión (refundición) | 2014/68/UE | [DO L 189 de 27.6.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:189:TOC) |
| Directiva 2014/29/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 26 de febrero de 2014, sobre la armonización de las legislaciones de los Estados miembros en materia de comercialización de los recipientes a presión simples (refundición) | 2014/29/UE | [DO L 96 de 29.3.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:096:TOC) |
| Directiva 2010/35/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 16 de junio de 2010, sobre equipos a presión transportables | 2010/35/UE | [DO L 165 de 30.6.2010](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2010:165:TOC) |
| Directiva 75/324/CEE del Consejo, de 20 de mayo de 1975, relativa a la aproximación de las legislaciones de los Estados Miembros sobre los generadores aerosoles | 75/324/CEE  94/1/CE  2008/47/CE  2013/10/UE  2016/2037/UE | [DO L 147 de 9.6.1975](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1975:147:TOC);  [DO L 23 de 28.1.1994](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:1994:023:TOC);  [DO L 96 de 9.4.2008](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2008:096:TOC)  [DO L 77 de 20.3.2013](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2013:077:TOC);  [DO L 314 de 22.11.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:314:TOC) |
| Directiva 2014/53/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 16 de abril de 2014, relativa a la armonización de las legislaciones de los Estados miembros sobre la comercialización de equipos radioeléctricos, y por la que se deroga la Directiva 1999/5/CE | 2014/53/UE | [DO L 153 de 22.5.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:153:TOC) |
| Directiva 2009/125/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 21 de octubre de 2009, por la que se instaura un marco para el establecimiento de requisitos de diseño ecológico aplicables a los productos relacionados con la energía | 2009/125/CE | [DO L 285 de 31.10.2009](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2009:285:TOC) |
| Reglamento (UE) 2016/1628 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 14 de septiembre de 2016, sobre los requisitos relativos a los límites de emisiones de gases y partículas contaminantes y a la homologación de tipo para los motores de combustión interna que se instalen en las máquinas móviles no de carretera, por el que se modifican los Reglamentos (UE) n.o 1024/2012 y (UE) n.o 167/2013, y por el que se modifica y deroga la Directiva 97/68/CE | (UE) 2016/1628  Corrección de errores  (UE) 2020/1040 | [DO L 252 de 16.9.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:252:TOC)  [DO L 231 de 6.9.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:231:TOC)  [DO L 231 de 17.7.2020](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2020:231:TOC) |
| Directiva 2000/14/CE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 8 de mayo de 2000, relativa a la aproximación de las legislaciones de los Estados miembros sobre emisiones sonoras en el entorno debidas a las máquinas de uso al aire libre | 2000/14/CE  2005/88/CE  219/2009 | [DO L 162 de 3.7.2000](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2000:162:TOC),  [DO L 344 de 27.12.2005](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2005:344:TOC),  [DO L 87 de 31.3.2009](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2009:087:TOC) |
| Directiva 2011/65/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 8 de junio de 2011, sobre restricciones a la utilización de determinadas sustancias peligrosas en aparatos eléctricos y electrónicos (RUSP) | 2011/65/UE | [DO L 174 de 1.7.2011](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2011:174:TOC) |
| Directiva 2014/90/UE del Parlamento Europeo y del Consejo, de 23 de julio de 2014, sobre equipos marinos, y por la que se deroga la Directiva 96/98/CE del Consejo | 2014/90/UE | [DO L 257 de 28.8.2014](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2014:257:TOC) |
| Directiva (UE) 2016/797 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 11 de mayo de 2016, sobre la interoperabilidad del sistema ferroviario dentro de la Unión Europea (versión refundida) | 2016/797 | [DO L 138 de 26.5.2016](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2016:138:TOC) |
| Directiva (UE) 2018/852 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 30 de mayo de 2018, por la que se modifica la Directiva 94/62/CE, de 20 de diciembre de 1994, relativa a los envases y residuos de envases | 2018/852 | [DO L 150 de 14.6.2018](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2018:150:TOC) |
| Reglamento (CE) n.o 552/2004 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 10 de marzo de 2004, relativo a la interoperabilidad de la red europea de gestión del tránsito aéreo | 552/2004  1070/2009 | [DO L 96 de 31.3.2004](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2004:096:TOC)  [DO L 300 de 14.11.2009](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2009:300:TOC) |
| Reglamento (UE) 2017/1369 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 4 de julio de 2017, por el que se establece un marco para el etiquetado energético y se deroga la Directiva 2010/30/UE | 2017/1369 | [DO L 198 de 28.7.2017](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2017:198:TOC) |
| Reglamento (UE) 2020/740 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 25 de mayo de 2020, relativo al etiquetado de los neumáticos en relación con la eficiencia en términos de consumo de carburante y otros parámetros, por el que se modifica el Reglamento (UE) 2017/1369 y se deroga el Reglamento (CE) n.o 1222/2009 | 2020/740 | [DO L 177 de 5.6.2020](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2020:177:TOC) |
| Reglamento (UE) 2019/1009 del Parlamento Europeo y del Consejo, de 5 de junio de 2019, por el que se establecen disposiciones relativas a la puesta a disposición en el mercado de los productos fertilizantes UE y se modifican los Reglamentos (CE) n.o 1069/2009 y (CE) n.o 1107/2009 y se deroga el Reglamento (CE) n.o 2003/2003 | 2019/1009 | [DO L 170 de 25.6.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:170:TOC) |
| Reglamento Delegado (UE) 2019/945 de la Comisión, de 12 de marzo de 2019, sobre los sistemas de aeronaves no tripuladas y los operadores de terceros países de sistemas de aeronaves no tripuladas | 2019/945 | [DO L 152 de 11.6.2019](./../../../legal-content/ES/AUTO/?uri=OJ:L:2019:152:TOC) |

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ANEXO 2

Documentos de orientación adicionales

|  |  |
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| — | Documentos de orientación del Grupo de Expertos sobre la Seguridad de los Juguetes:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/toys/safety/guidance\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Instrumentos de medida e instrumentos de pesaje de funcionamiento no automático:  https://ec.europa.eu/growth/single-market/goods/building-blocks/legal-metrology/measuring-instruments/measuring-instruments-guidance-documents\_en |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Sustancias químicas:  https://echa.europa.eu/es/support/guidance |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre equipos de baja tensión. Directrices sobre su aplicación y recomendaciones:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/electrical-engineering/lvd-directive\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre compatibilidad electromagnética (CEM). Orientación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/electrical-engineering/emc-directive\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre equipos radioeléctricos. Orientación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/electrical-engineering/red-directive\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Productos sanitarios. Documentos de orientación, publicaciones y fichas informativas:  https://ec.europa.eu/health/sites/default/files/md\_sector/docs/md\_guidance\_meddevs.pdf (antiguas Directivas)  https://ec.europa.eu/health/medical-devices-new-regulations/guidance\_en  https://ec.europa.eu/health/medical-devices-new-regulations/publications\_en (nuevos Reglamentos) |

|  |  |
| --- | --- |
| — | RUSP 2. Preguntas frecuentes:  http://ec.europa.eu/environment/waste/rohs\_eee/events\_rohs3\_en.htm |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre equipos a presión. Directrices:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/pressure-gas/pressure-equipment/directive\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva relativa a las máquinas. Documentos de orientación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/machinery\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Reglamento sobre el transporte por cable. Guía de aplicación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/cableways\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre ascensores. Guía de aplicación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/lifts\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Reglamento relativo a los equipos de protección individual. Guía de aplicación:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/personal-protective-equipment\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre emisiones sonoras en el entorno debidas a las máquinas de uso al aire libre. Guía de aplicación, publicaciones y estudios:  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/noise-emissions\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directiva sobre aparatos y sistemas de protección para uso en atmósferas potencialmente explosivas (ATEX). Directrices sobre la aplicación (tercera edición, de mayo de 2020):  https://ec.europa.eu/growth/sectors/mechanical-engineering/atex\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Guía para la aplicación práctica de la Directiva sobre la seguridad general de los productos:  https://ec.europa.eu/info/departments/justice-and-consumers\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Directrices del Sistema de Alerta Rápida RAPEX:  https://eur-lex.europa.eu/legal-content/es/ALL/?uri=CELEX:32019D0417 |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Normas europeas. Marco general:  https://ec.europa.eu/growth/single-market/european-standards\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Vademécum de la normalización europea en apoyo de la legislación y las políticas de la Unión [SWD(2015) 205 final, 27.10.2015)]:  https://ec.europa.eu/growth/single-market/european-standards/vademecum-european-standardisation\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Comunicación a las partes interesadas. Retirada del Reino Unido y normas de la Unión en materia de productos industriales:  https://ec.europa.eu/info/sites/info/files/file\_import/industrial-products\_es.pdf |

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ANEXO 3

Direcciones web de utilidad

|  |  |
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| — | Mercado único de bienes  https://ec.europa.eu/growth/single-market/goods\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Normas europeas  https://ec.europa.eu/growth/single-market/european-standards\_es |

|  |  |
| --- | --- |
| — | Sistema de Alerta Rápida para productos no alimentarios que plantean riesgos (RAPEX)  https://ec.europa.eu/safety-gate/#/screen/home |

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ANEXO 4

Procedimientos de evaluación de la conformidad (módulos de la decisión N.o 768/2008/CE)

|  |  |  |  |
| --- | --- | --- | --- |
| Módulos | Fabricante | Fabricante o representante autorizado | Organismo de evaluación de la conformidad |
| A (control interno de la producción)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante lleva a cabo él mismo todos los controles para garantizar la conformidad de los productos con los requisitos legislativos (sin tipo UE) | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica y cualquier otra información pertinente | | El organismo de evaluación de la conformidad no interviene. El fabricante realiza él mismo todos los controles que efectuaría un organismo notificado. |
| A1 (control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Módulo A + ensayos sobre aspectos específicos del producto | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | realiza ensayos o encarga que se realicen en su nombre sobre uno o más aspectos específicos del producto; a este respecto y a su elección, los ensayos son realizados por un organismo interno acreditado o bien bajo la responsabilidad de un organismo notificado escogido por el fabricante |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de que los ensayos sean realizados bajo la responsabilidad de un organismo notificado, el fabricante, bajo la responsabilidad del organismo notificado, debe colocar el número de identificación del organismo notificado durante el proceso de fabricación | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, la decisión del organismo (notificado o interno acreditado) y cualquier otra información pertinente | | El organismo notificado o el organismo interno acreditado (elección del fabricante)[(\*1)](#ntr*1-C_2022247ES.01013901-E0001):   |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | A) | El organismo interno acreditado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo ensayos sobre uno o más aspectos específicos del producto |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | B) | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | supervisa y asume la responsabilidad de los ensayos realizados por el fabricante o en su nombre sobre uno o más aspectos específicos del producto |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | | |
| A2 (control interno de la fabricación más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | A + control de los productos a intervalos aleatorios | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de control de los productos ante un único organismo de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de que los ensayos sean realizados por un organismo notificado, el fabricante, bajo la responsabilidad del organismo notificado, debe colocar el número de identificación del organismo notificado durante el proceso de fabricación | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, la decisión del organismo (notificado o interno acreditado) y cualquier otra información pertinente | | El organismo notificado o el organismo interno acreditado (elección del fabricante)[(\*1)](#ntr*1-C_2022247ES.01013901-E0001):   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo los controles del producto a intervalos aleatorios determinados por el organismo |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |
| B (examen CE de tipo)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad del ejemplar o los ejemplares de muestra con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | Observación: dado que el módulo B abarca únicamente la fase de diseño, el fabricante no redacta ninguna declaración de conformidad y no puede colocar el número de identificación del organismo notificado en el producto | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de examen UE de tipo ante un único organismo notificado de su elección; mantiene a disposición de las autoridades nacionales la documentación técnica, el certificado de examen UE de tipo y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa al organismo notificado acerca de todas las modificaciones del tipo aprobado | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | examina la documentación técnica y las pruebas justificativas |  |  |  | | --- | --- | | — | verifica que el ejemplar o los ejemplares de muestra hayan sido fabricados de conformidad con los requisitos legislativos |   A este respecto, el legislador establece cuál de las siguientes vías debe usarse:   |  |  | | --- | --- | | — | examen de un ejemplar de muestra (tipo de producción) |  |  |  | | --- | --- | | — | examen de la documentación técnica y del ejemplar de muestra (combinación de tipo de producción y tipo de diseño) o |  |  |  | | --- | --- | | — | examen de la documentación técnica, sin examen del ejemplar de muestra (tipo de diseño); |  |  |  | | --- | --- | | — | realiza los exámenes y los ensayos apropiados |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta un informe de evaluación que solamente puede ser publicado previo acuerdo con el fabricante |  |  |  | | --- | --- | | — | expide un certificado de examen UE de tipo, |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes UE de tipo que ha realizado |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente | |
| C (conformidad de tipo basada en el control interno de la producción)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | El fabricante lleva a cabo él mismo todos los controles para garantizar la conformidad de los productos con el tipo UE. | | |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: la referencia al «control interno de la producción» en el título del módulo apunta a la obligación del fabricante de controlar su producción internamente a fin de garantizar la conformidad del producto con el tipo UE aprobado con arreglo al módulo B | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecido con arreglo al módulo B) y otra información pertinente | | |  |  | | --- | --- | | — | No hay participación del organismo de evaluación de la conformidad. El fabricante realiza él mismo todos los controles que efectuaría un organismo notificado | |
| C1 (conformidad con el tipo basada en el control interno de la producción más ensayo supervisado de los productos)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | C + ensayos sobre aspectos específicos del producto | | |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: la referencia al «control interno de la producción» en el título del módulo apunta a la obligación del fabricante de controlar su producción internamente a fin de garantizar la conformidad del producto con el tipo UE aprobado con arreglo al módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | realiza ensayos o encarga que se realicen en su nombre sobre uno o más aspectos específicos del producto; a este respecto y a su elección, los ensayos son |  |  |  | | --- | --- | | — | realizados por un organismo interno acreditado o bajo la responsabilidad de un organismo notificado escogido por el fabricante |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de que los ensayos sean realizados bajo la responsabilidad de un organismo notificado, el fabricante, bajo la responsabilidad del organismo notificado, debe colocar el número de identificación del organismo notificado durante el proceso de fabricación | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecida con arreglo al módulo B), la decisión del organismo (notificado o interno acreditado) y cualquier otra información pertinente | | El organismo notificado o el organismo interno acreditado (elección del fabricante)[(\*1)](#ntr*1-C_2022247ES.01013901-E0001):   |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | A) | El organismo interno acreditado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo ensayos sobre uno o más aspectos específicos del producto |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: el organismo interno acreditado tiene en cuenta la documentación técnica, pero no la examina, puesto que ya ha sido examinada en el marco del módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  |  | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | B) | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | supervisa y asume la responsabilidad de los ensayos realizados por el fabricante o en su nombre sobre uno o más aspectos específicos del producto |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: el organismo notificado tiene en cuenta la documentación técnica, pero no la examina, puesto que ya ha sido examinada en el marco del módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | | |
| C2 (conformidad con el tipo basada en el control interno de la producción más control supervisado de los productos a intervalos aleatorios)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | C + control de los productos a intervalos aleatorios | | |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: la referencia al «control interno de la producción» en el título del módulo apunta a la obligación del fabricante de controlar su producción internamente a fin de garantizar la conformidad del producto con el tipo UE aprobado con arreglo al módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de control de los productos ante un único organismo de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de que los ensayos sean realizados por un organismo notificado, el fabricante, bajo la responsabilidad del organismo notificado, debe colocar el número de identificación del organismo notificado durante el proceso de fabricación | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecida con arreglo al módulo B), la decisión del organismo (notificado o interno acreditado) y cualquier otra información pertinente | | El organismo notificado o el organismo interno acreditado (elección del fabricante)[(\*1)](#ntr*1-C_2022247ES.01013901-E0001):   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo los controles del producto a intervalos aleatorios determinados por el organismo |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: el organismo interno acreditado o el organismo notificado tiene en cuenta la documentación técnica, pero no la examina, puesto que ya ha sido examinada en el marco del módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a las autoridades y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |
| D (conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del proceso de producción)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aseguramiento de la calidad para la fabricación y la inspección del producto acabado | | |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la producción, la inspección del producto acabado y el ensayo de los productos con el objetivo de garantizar la conformidad de los productos fabricados con el tipo CE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |   El sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, técnicas de fabricación y de control de la calidad, ensayos (realizados antes, durante y después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento   |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación del sistema de calidad ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene informado al organismo notificado sobre cualquier cambio del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecido en virtud del módulo B), la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |   Las auditorías incluyen: revisión de la documentación técnica, control del sistema de calidad, inspecciones y ensayos de los productos   |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes del sistema de calidad que ha realizado | |
| D1 (aseguramiento de la calidad del proceso de producción)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Aseguramiento de la calidad para la fabricación y la inspección del producto acabado |  |  |  | | --- | --- | | — | Se usa como el módulo D sin el módulo B (sin tipo UE) | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la producción, la inspección de los productos acabados y el ensayo de los productos con el objetivo de garantizar la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos |   El sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, técnicas de fabricación y de control de la calidad, ensayos (realizados antes, durante y después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento   |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación del sistema de calidad ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene al organismo notificado informado acerca de cualquier cambio en el sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |   Las auditorías incluyen: revisión de la documentación técnica, control del sistema de calidad, inspecciones y ensayos de los productos   |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes del sistema de calidad que ha realizado | |
| E (conformidad con el tipo UE basada en el aseguramiento de la calidad del producto)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | Aseguramiento de la calidad del producto acabado (producción sin la fase de fabricación) |  |  |  | | --- | --- | | — | Como el módulo D, pero sin la fase del sistema de calidad que se centra en el proceso de fabricación | | |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la inspección y el ensayo de los productos acabados con el fin de garantizar la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (en virtud del módulo B) y los requisitos legislativos |   El sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, ensayos (realizados después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento   |  |  | | --- | --- | | — | observación: los ensayos realizados antes de la fabricación o durante esta y las técnicas de fabricación no forman parte del sistema de calidad en virtud del módulo E (como sucede en el marco de los módulos D y D1) porque el módulo E se centra en la calidad del producto acabado y no en la calidad del proceso de producción en su conjunto (como sucede en los módulos D y D1) |  |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación del sistema de calidad ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene informado al organismo notificado sobre cualquier cambio del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecido en virtud del módulo B), la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |   Las auditorías incluyen: control del sistema de calidad, inspecciones, ensayos de los productos. Observación: el organismo notificado tiene en cuenta la documentación técnica, pero no la examina, puesto que ya ha sido examinada en el marco del módulo B   |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes del sistema de calidad que ha realizado | |
| E1 (aseguramiento de la calidad de la inspección y el ensayo del producto acabado)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Aseguramiento de la calidad del producto acabado (producción sin la fase de fabricación) |  |  |  | | --- | --- | | — | Como el módulo D1, pero sin la fase del sistema de calidad que se centra en el proceso de fabricación |  |  |  | | --- | --- | | — | Se usa como el módulo E, pero sin el módulo B (sin tipo UE) | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la inspección y el ensayo de los productos acabados con el fin de garantizar la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos |   El sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, ensayos (realizados después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento   |  |  | | --- | --- | | — | observación: los ensayos realizados antes de la fabricación o durante esta y las técnicas de fabricación no forman parte del sistema de calidad en virtud del módulo E1 (como sucede con los módulos D y D1) porque el módulo E1 (al igual que el módulo E) tiene como objetivo la calidad del producto acabado y no la calidad del proceso de producción en su conjunto (como sucede con los módulos D y D1) |  |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación del sistema de calidad ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene informado al organismo notificado sobre cualquier cambio del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |   Las auditorías incluyen: revisión de la documentación técnica, control del sistema de calidad, inspecciones y ensayos de los productos   |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes del sistema de calidad que ha realizado | |
| F (conformidad con el tipo UE basada en la verificación del producto)   |  |  | | --- | --- | | — | Producción (sigue al módulo B) |  |  |  | | --- | --- | | — | Examen del producto (ensayo de cada producto o comprobaciones estadísticas) para garantizar la conformidad con el tipo UE |  |  |  | | --- | --- | | — | Como el módulo C2, pero el organismo notificado realiza controles más detallados de los productos. | | |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de llevarse a cabo una verificación estadística, adopta todas las medidas necesarias para que el proceso de fabricación y su seguimiento garanticen la homogeneidad de cada lote producido, y presenta sus productos para verificación en forma de lotes homogéneos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de control de los productos ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica del tipo aprobado (establecido en virtud del módulo B), el certificado de conformidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | con el permiso del organismo notificado, coloca su número de identificación | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo los exámenes y los ensayos apropiados (ensayo de cada producto o comprobaciones estadísticas) |  |  |  | | --- | --- | | — | en el supuesto de que se realice una verificación estadística y se rechace un lote, el organismo notificado debe adoptar las medidas apropiadas para impedir que dicho lote sea introducido en el mercado; en caso de rechazo frecuente de lotes, el organismo notificado puede suspender la verificación estadística y adoptar las medidas apropiadas |  |  |  | | --- | --- | | — | observación: el organismo notificado tiene en cuenta la documentación técnica, pero no la examina, puesto que ya ha sido examinada en el marco del módulo B |  |  |  | | --- | --- | | — | expide un certificado de conformidad |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca su número de identificación o delega en el fabricante la colocación de dicho número |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |
| F1 (conformidad basada en la verificación de los productos)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Examen del producto (ensayo de cada producto o comprobaciones estadísticas) para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | Se usa como el módulo F, pero sin el módulo B (sin tipo UE) | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el tipo UE aprobado (con arreglo al módulo B) y los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | en caso de llevarse a cabo una verificación estadística, adopta todas las medidas necesarias para que el proceso de fabricación y su seguimiento garanticen la homogeneidad de cada lote producido, y presenta sus productos para verificación en forma de lotes homogéneos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de control de los productos ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, el certificado de conformidad y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | con el permiso del organismo notificado, coloca su número de identificación | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo los exámenes y los ensayos apropiados (ensayo de cada producto o comprobaciones estadísticas) |  |  |  | | --- | --- | | — | en el supuesto de que se realice una verificación estadística y se rechace un lote, el organismo notificado debe adoptar las medidas apropiadas para impedir que dicho lote sea introducido en el mercado; en caso de rechazo frecuente de lotes, el organismo notificado puede suspender la verificación estadística y adoptar las medidas apropiadas |  |  |  | | --- | --- | | — | expide un certificado de conformidad |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca su número de identificación o delega en el fabricante la colocación de dicho número |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |
| G (conformidad basada en la verificación por unidad)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Verificación de cada producto individual para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos (sin tipo UE) | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de control de los productos ante un único organismo notificado de su elección | | |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, el certificado de conformidad y otra información pertinente | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | realiza los exámenes apropiados |  |  |  | | --- | --- | | — | expide un certificado de conformidad |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes que ha realizado | |
| H (conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Pleno aseguramiento de la calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | Sin tipo UE | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la producción, la inspección del producto acabado y el ensayo de los productos |  |  |  | | --- | --- | | — | el sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, técnicas de fabricación y de control de la calidad, técnicas de verificación para el diseño de productos, ensayos (realizados antes, durante y después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento |  |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación del sistema de calidad ante un único organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene al organismo notificado informado acerca de cualquier cambio en el sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | las auditorías incluyen: revisión de la documentación técnica, control del sistema de calidad, inspecciones y ensayos de los productos |  |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca de los exámenes del sistema de calidad que ha realizado | |
| H1 (conformidad basada en el pleno aseguramiento de la calidad más el examen del diseño)   |  |  | | --- | --- | | — | Diseño + producción |  |  |  | | --- | --- | | — | Pleno aseguramiento de la calidad más examen del diseño para garantizar la conformidad con los requisitos legislativos |  |  |  | | --- | --- | | — | Sin tipo UE, pero incluye el certificado de examen CE de diseño |  |  |  | | --- | --- | | — | Como el módulo H, más la expedición de un certificado de examen CE de diseño | | |  |  | | --- | --- | | — | redacta la documentación técnica |  |  |  | | --- | --- | | — | aplica un sistema de calidad aprobado para la producción, la inspección del producto acabado y el ensayo de los productos |  |  |  | | --- | --- | | — | el sistema de calidad ha de incluir los siguientes elementos y debe estar documentado: objetivos de calidad, estructura organizativa, técnicas de fabricación y de control de la calidad, técnicas de verificación para el diseño de productos, ensayos (realizados antes, durante y después de la fabricación), registros de calidad y métodos de seguimiento |  |  |  | | --- | --- | | — | cumple las obligaciones que se derivan del sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | garantiza la conformidad de los productos fabricados con el diseño CE aprobado y los requisitos legislativos | | |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud de examen CE de diseño ante el mismo organismo notificado que evaluará el sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | presenta una solicitud para la evaluación de su sistema de calidad ante el organismo notificado de su elección |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene al organismo notificado informado acerca de cualquier modificación del diseño aprobado y sobre cualquier cambio en el sistema de calidad. |  |  |  | | --- | --- | | — | redacta una declaración de conformidad y la mantiene a disposición de las autoridades nacionales junto con la documentación técnica, el certificado de examen CE de diseño, la aprobación del sistema de calidad y cualquier otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca el marcado CE |  |  |  | | --- | --- | | — | coloca, bajo la responsabilidad del organismo notificado, el número de identificación de este | | El organismo notificado   |  |  | | --- | --- | | — | examina el diseño del producto |  |  |  | | --- | --- | | — | expide un certificado de examen CE de diseño |  |  |  | | --- | --- | | — | lleva a cabo auditorías periódicas para evaluar y supervisar el sistema de calidad |  |  |  | | --- | --- | | — | las auditorías incluyen: revisión de la documentación técnica, control del sistema de calidad, inspecciones y ensayos de los productos |  |  |  | | --- | --- | | — | notifica su decisión sobre el sistema de aseguramiento de la calidad al fabricante (la notificación debe incluir las conclusiones de la auditoría y la decisión de evaluación motivada) |  |  |  | | --- | --- | | — | mantiene un registro de sus decisiones y otra información pertinente |  |  |  | | --- | --- | | — | informa a sus autoridades notificantes y a los otros organismos acerca del sistema de calidad y de los exámenes CE de diseño que ha realizado | |

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[(\*1)](#ntc*1-C_2022247ES.01013901-E0001)  El legislador puede limitar las opciones del fabricante.

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ANEXO 5

Preguntas frecuentes sobre el marcado ce

¿Qué indica el marcado CE en un producto?

Al colocar el marcado CE en un producto, el fabricante declara bajo su responsabilidad exclusiva que el producto cumple los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión aplicable que contempla su colocación, y que se han completado los procedimientos de evaluación de la conformidad pertinentes. Se considera que los productos en los que figura el marcado CE cumplen la legislación de armonización de la Unión aplicable y, por consiguiente, se benefician de la libre circulación en el mercado europeo.

Un producto que lleva el marcado CE, ¿siempre está producido en la UE?

No. El marcado CE solamente indica que se cumplieron todos los requisitos esenciales cuando el producto fue fabricado. El marcado CE no es una marca de origen, ya que no indica que el producto haya sido fabricado en la Unión Europea. En consecuencia, un producto en el que figura el marcado CE puede haber sido fabricado en cualquier lugar del mundo.

¿Han sido todos los productos con el marcado CE sometidos a pruebas y aprobados por las autoridades?

No. De hecho, la evaluación de la conformidad de los productos con los requisitos legislativos que les sean aplicables es una responsabilidad exclusiva del fabricante. El fabricante coloca el marcado CE y redacta la declaración UE de conformidad. Solamente los productos que se considere que plantean riesgos elevados para el interés público (por ejemplo, los recipientes a presión, los ascensores y determinadas máquinas herramienta) requieren una evaluación de la conformidad por parte de un tercero; es decir, un organismo notificado.

Como fabricante, ¿puedo colocar yo mismo el marcado CE a mis productos?

Sí, el marcado CE siempre lo coloca el propio fabricante o su representante autorizado, tras llevarse a cabo el procedimiento de evaluación de la conformidad necesario. Esto significa que, antes de serle colocado el marcado CE y de ser introducido en el mercado, el producto debe ser objeto de un procedimiento de evaluación de la conformidad recogido en uno o en varios actos de armonización de la Unión aplicables. Estos actos establecen si la evaluación de la conformidad puede ser efectuada por el propio fabricante o si es necesaria la intervención de un tercero (el organismo notificado).

¿Dónde debe colocarse el marcado CE?

El marcado debe ser colocado en el producto o en la placa de datos del producto. Cuando esto no sea posible debido a la naturaleza del producto, el marcado CE debe colocarse en el embalaje o en la documentación adjunta.

¿Qué es una declaración de conformidad de un fabricante?

La declaración UE de conformidad es un documento en el que el fabricante, o su representante autorizado dentro del Espacio Económico Europeo (EEE), indica que el producto cumple todos los requisitos necesarios de la legislación de armonización de la Unión aplicable a ese producto específico. La declaración UE de conformidad también debe incluir el nombre y la dirección del fabricante, junto con información sobre el producto, como la marca y el número de serie. La declaración UE de conformidad debe ser firmada por una persona que trabaje para el fabricante o su representante autorizado, y también se debe indicar en ella la función del empleado.

El fabricante debe redactar y firmar la declaración UE de conformidad, tanto si ha intervenido un organismo notificado como si no.

¿Es el marcado CE obligatorio y, en caso de ser así, para qué productos?

Sí, el marcado CE es obligatorio. No obstante, solamente los productos que se encuentran en el ámbito de aplicación de uno o varios actos de armonización de la Unión que contemplen el marcado CE deben estar provistos de este para ser introducidos en el mercado de la Unión. Algunos ejemplos de productos que están regulados por actos de armonización de la Unión que contemplan el marcado CE son los juguetes, los productos eléctricos, las máquinas, los equipos de protección individual y los ascensores. Los productos que no están regulados por la legislación sobre el marcado CE no deben llevar dicho marcado.

Encontrará información sobre los productos en los que figura el marcado CE y sobre la legislación de armonización de la Unión que contempla el marcado CE en la siguiente dirección:

https://ec.europa.eu/growth/single-market/ce-marking\_es.

¿Cuál es la diferencia entre el marcado CE y otros marcados, y es posible colocar otros marcados en el producto si este ya lleva un marcado CE?

El marcado CE es el único marcado que indica la conformidad con todos los requisitos esenciales de la legislación de armonización de la Unión que dispone su colocación. En un producto se pueden colocar marcados adicionales siempre que no tengan el mismo significado que el marcado CE, que no generen confusión con el marcado CE y que no reduzcan la legibilidad y la visibilidad del marcado CE. En este sentido, solamente es posible utilizar otros marcados si contribuyen a la mejora de la protección del consumidor y si no están sujetos a la legislación de armonización de la Unión Europea.

¿Quién supervisa el uso correcto del marcado CE?

Con el fin de garantizar la imparcialidad de las operaciones de vigilancia del mercado, la supervisión del marcado CE es responsabilidad de las autoridades públicas de los Estados miembros, en cooperación con la Comisión Europea.

¿Cuáles son las sanciones por falsificar el marcado CE?

Los procedimientos, medidas y sanciones que se aplican por falsificar el marcado CE se recogen en el Derecho administrativo y penal nacional de los Estados miembros. Según la gravedad del delito, los operadores económicos pueden recibir una multa y, en algunas circunstancias, enfrentarse a penas de prisión. Sin embargo, si no se considera que el producto plantea un riesgo inminente para la seguridad, el fabricante puede recibir una segunda oportunidad para asegurarse de que el producto cumple con la legislación aplicable antes de verse obligado a retirar el producto del mercado.

¿Qué implicaciones puede tener la colocación del marcado CE para el fabricante, el importador o el distribuidor?

Aunque los fabricantes son responsables de garantizar la conformidad del producto y de colocar el marcado CE, los importadores y los distribuidores también desempeñan un papel importante a la hora de asegurar que solamente los productos que cumplen la legislación y que portan el marcado CE se introducen en el mercado. Esto no solo ayuda a consolidar los requisitos de la UE en materia de protección de la salud, la seguridad y el medio ambiente, sino que también apoya la competencia leal, puesto que todos los agentes se rigen por las mismas normas.

Cuando los productos son fabricados en terceros países y el fabricante no está representado en el EEE, los importadores deben asegurarse de que los productos que introducen en el mercado cumplen todos los requisitos aplicables y que no plantean un riesgo para el público europeo. El importador debe verificar que el fabricante establecido fuera de la UE ha adoptado las medidas necesarias y que la documentación está disponible si se solicita.

Por tanto, los importadores deben tener un conocimiento general de los respectivos actos de armonización de la Unión y están obligados a apoyar a las autoridades nacionales en caso de surgir problemas. Los importadores deben contar con una garantía por escrito del fabricante de que tendrán acceso a la documentación necesaria (como la declaración UE de conformidad y la documentación técnica) y que podrán facilitarla a las autoridades nacionales, si la solicitan. Los importadores también deben asegurarse de que siempre será posible ponerse en contacto con el fabricante.

Más adelante en la cadena de suministro, los distribuidores desempeñan un papel importante a la hora de garantizar que solamente se introduzcan en el mercado productos conformes, y deben actuar con la debida atención para garantizar que su manipulación de los productos no afecte de manera adversa a su conformidad. El distribuidor también debe tener un conocimiento básico de los requisitos jurídicos (como qué productos deben presentar el marcado CE y la documentación adjunta) y debe poder detectar los productos que claramente no son conformes.

Los distribuidores deben estar en condiciones de demostrar a las autoridades nacionales que han actuado con la debida atención y que cuentan con la declaración del fabricante o del importador de que se han adoptado las medidas necesarias. Por otra parte, un distribuidor debe estar en condiciones de ayudar a la autoridad nacional en sus esfuerzos por recibir la documentación requerida.

Si el importador o el distribuidor comercializa los productos con su propio nombre, entonces asume las responsabilidades del fabricante. En este caso, debe tener información suficiente sobre el diseño y la producción del producto, puesto que asumirá la responsabilidad jurídica cuando coloque el marcado CE.

¿Dónde puedo encontrar más información?

Puede consultar la información sobre el marcado CE, los productos que llevan el marcado CE, la legislación de armonización de la Unión que contempla el marcado CE y los pasos a seguir en

https://ec.europa.eu/growth/single-market/ce-marking\_es.

Los operadores económicos pueden ponerse en contacto con la Red Europea para las Empresas en

https://een.ec.europa.eu/.

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